okf.kT; ,oa m|ksx foHkkx
ea=ky;] egkunh Hkou] uok jk;iqj vVy uxj
uok jk;iqj vVy uxj] fnukad 20 tqykbZ 2025
vf/klwpuk
Øekad PROJ/395/2025-O/O DS (C&I)-& pwafd jkT; ds O;kid yksdfgr ds fy, ykWftfLVDl lsDVj dks
izksRlkfgr fd;k tkuk vko';d gS]
vr,o] jkT; 'kklu] ,rn~}kjk] layXu vuqlkj NRrhlx<+ jkT; ykWftfLVDl uhfr&2025 vf/klwfpr djrk gSA
NRrhlx<+ ds jkT;iky ds uke ls rFkk vkns'kkuqlkj]
jtr dqekj] lfpo-
छत्तीसगढ़ राज्य लॉजजस्टिक्स नीति-2025
1. दृति एवं उद्देश्य :-
”अमृतकाल: छत्तीसगढ़ विज़न @2047” की पररकल्पना को साकार करने के ललए,
राज्य को देश के एक प्रमुख लॉलजस्टिक हब के रूप में विकलसत करने एिं राज्य के
समग्र विकास के दृविकोण से इस नीवत के प्रािधान वकए जा रहे हैं। विशेषतः इस नीवत
के वनम्नललस्टखत उद्देश्य वनधााररत वकये गए हैं, -
(1) GSDP के प्रतिशि के रूप में लॉजजस्टिक्स लागि को कम करना: इस नीवत का
एक प्रमुख उद्देश्य यह है वक लॉलजस्टिक्स संचालन को अवधक लागत
-
कुशल शर
प्रवतिधप्र बनाया जाए, तावक राज्य के सकल राज्य घरेलू उत्पाद (GSDP) में
लॉलजस्टिक्स लागत को घटाया जा सके। उच्च लॉलजस्टिक्स लागत व्यापार, वनिेश
शर आवथाक विकास में बाधक हो सकती है।
(2) अत्याधुतनक लॉजजस्टिक्स और मल्टीमोडल अवसंरचना का तवकास:- इस नीवत
का दूसरा प्रमुख उद्देश्य विकलसत शर अत्याधुवनक लॉलजस्टिक्स अिसंरचना का
वनमााण करना है, जो एक आधुवनक शर तीव्र गवत से विकलसत होती अथाव्यिस्था की
आिश्यकताओं को पूरा करे। इसके तहत विवभन्न प्रकार की लॉलजस्टिक्स सुविधाओं
का विकास वकया जाएगा, जो राज्य की लॉलजस्टिक्स क्षमता को मजबूत करेंगी शर
व्यापार के संचालन को सुगम बनाएंगी।
(3) भण्डारण सुतवधा में वृजि - राज्य को लॉलजस्टिक एिं िेयर हाउलसंग के िृहद क्षेत्रीय
हब के रूप में विकलसत करना तथा राज्य की भंडारण क्षमता में िृलि करना।
विद्यमान उद्योगों, व्यापाररयों, वकसानों शर बड़ी संख्या में कृषकों को सस्ती
भण्डारण सुविधा उपलब्ध कराकर लाभ पहंचाना।
(4) तनवेश में वृजि - राज्य की भौगोललक स्टस्थवत का लाभ लेते हए राज्य में लॉलजस्टिक
सेक्टर तथा ई-कॉमसा की रािरीय एिं बहरािरीय कम्पवनयों द्वारा प्रमुख हब की स्थापना
के ललए वनिेश हेतु आकवषात करना । अवधक से अवधक घरेलू एिं विदेशी वनिेश को
आकवषात करना।
(5) तनयााि को प्रोत्साहन - राज्य से वनयाात प्रोत्सावहत करने की दृवि से डराइ पोटा/
इन्लैन्ड कन्टैनर वडपो की स्थापना प्रोत्सावहत करना। MSMEs शर स्थानीय
उत्पादकों को वनयाात बाजारों तक पहंच प्रदान करना। राज्य में उपलब्ध िन
आधाररत संसाधन, िनोपज एिं िनौषवध उत्पादों के वनयाात हेतु इको लसिम तैयार
करना।
(6) रोजगार के अवसर में वृजि - राज्य के युिाओं को रोजगार के नये अिसरों उपलब्ध
कराना।
2. पररभाषाएं :-
(1) जब तक सन्दभा से अन्यथा अवभप्रेत हो, इस नीवत में, -
i.
लॉजजस्टिक्स - लॉलजस्टिक्स का आशय उत्पादन शर उपभोग वबन्दुओं के बीच माल
के पररिहन, हैण्डललंग, भण्डारण, मूल्य संिधान एिं अन्य सम्बध्द सेिाओं से है।
लॉलजस्टिक्स के घटक अंतगात सामान एिं िस्तुओं के पररिहन की व्यिस्था, िेयर
हाउस/कोल्ड िोरेज द्वारा भण्डारण, ललफवटंग, मटेररयल हैण्डललंग, िेविज, ग्रेवडंग,
छंटाई, पैकेलजंग तथा िाहनों के पावकिंग की व्यिस्था सस्टिललत है।
ii.
वेयरहाउस (गोदाम) - िेयरहाउस (गोदाम) से आशय राज्य की कृवष ि िन्य
सम्पदा के सुरवक्षत संग्रहण, राज्य एिं राज्य के बाहर की शद्योवगक/व्यािसावयक
सामवग्रयां
यथा
वनमााण
सामग्री,
हाउसहोल्ड
गुड्ज़,
उपभोक्ता
सामग्री,
आटोमोबाईल्स, मेडीलसन, केवमकल्स, टेक्सटाईल्स, फनप्रचर, गैस, आयल इत्यावद एिं
विदेश व्यापार प्रक्षेत्र में वनवमात सामग्री हेतु िेयर हाउस/गोदाम। इस शीषा में शो-रूम
सस्टिललत नहीं वकये जायेंगे।
iii.
कोल्ड िोरेज - कोल्ड िोरेज से आशय है ऐसे सामान तथा िस्तुओं के संग्रहण से
लजन्हे प्रशीतन की आश्यकता होती है इस हेतु प्रशीतन मशीनों का प्रयोग वकया जाता
हो। प्रशीतन के अलािा इकाई रेविजरेटेड रीफर िाहन सेिा का प्रयोग कर सकती
है।
iv.
लॉजजस्टिक हब - लॉलजस्टिक हब से आशय है िेयर हाउलसंग/गोदाम/कोल्ड िोरेज
के साथ साथ रेल/िायु/सड़क पररिहन से संबंवधत विकलसत की गई निीन
अधोसंरचना को सस्टिललत करते हए वनवमात लॉलजस्टिक हब।
v.
मल्टीमोडल लॉजजस्टिक पाका से आशय है ऐसी अधोसंरचना लजसमे पररिहन के
एक से अवधक माध्यम (सड़क/रेल/िायु) की व्यिस्था हो तथा माल को एकीकृत
करने, छटाई करने, संग्रहण करने तथा पुनविातरण (redistribute) करने हेतु
1110 (1)
आिश्यक व्यिस्थाएं हों। मल्टीमोडल लॉलजस्टिक पाका के आिश्यक घटक हैं,
सड़क एिं रेल/िायु अधोसंरचना, िेयरहाउस, कोल्ड िोरेज (आिश्यकता अनुसार),
छटाई, ग्रेवडंग एिं पैकेलजंग की व्यिस्था, पावकिंग स्थल, लोवडंग अनलोवडंग हेतु
आिश्यक अधोसंरचना, फ्यूललंग िेशन, इलेस्टक्टरक िेवहकल चालजिंग िेशन इत्यावद।
vi.
डराइ पोर्ा/ इन्लैन्ड कन्टैनर तडपो से आशय है वनयाात/आयात होने िाली िस्तुओं के
प्रबंधन हेतु आिश्यक अधोसंरचना। इसके आिश्यक घटक हैं कन्टैनर हैंडललंग,
अल्पकाललक भंडारण एिं उनके लोवडंग अनलोवडंग हेतु आिश्यक अधोसंरचना,
पररिहन हेतु सड़क, रेल अधोसंरचना, किम स्टियरेन्स की सुविधा इत्यावद हैं।
vii.
एयर फ्रेर् िेशन/ एयर कागो कॉम्पलेस: भारत सरकार, नागर विमानन मंत्रालय
द्वारा जारी पररभाषा के अनुसार।
viii.
र्रांसपोर्ा हब/फ्रेर् िेशन से आशय है नगरीय क्षेत्र अथिा नगरीय क्षेत्र के बाहर टरक
के पावकिंग, डॉवकंग एिं माल के लोवडंग, अनलोवडंग, पुनविातरण एिं अल्पकाललक
भंडारण की व्यिस्था हेतु अधोसंरचना।
(2) अन्य प्रयुक्त शब्ों का आशय शद्योवगक विकास नीवत 2024-30 के पररलशि -1 के
अनुसार होगा ।
3. समयावतध एवं समीक्षा :-
(1) यह नीवत राजपत्र में इसके प्रकाशन की वतवथ से शद्योवगक विकास नीवत 2024-30 के
प्रिृत्त रहने की वतवथ तक प्रभािशील रहेगी।
(2) राज्य सरकार को यह अवधकार होगा वक िह छत्तीसगढ़ राज्य लॉलजस्टिक्स नीवत-2025
के प्रािधानों को संशोवधत कर सकेगी।
4. कायायोजना (Action Plan) :-
(1)
शद्योवगक विकास नीवत 2024-30 की कंवडका 12.8 में िलणात प्रािधान के
अनुसरण में एिं पररलशि 6(1) के अंतगात मान्य लॉलजस्टिक सेक्टर की सेिा गवतविवधयों के
समग्र विकास की दृवि से यह नीवत तैयार की गई है।
(2) राज्य में प्रभािी, सक्षम एिं आधुवनक लॉलजस्टिक सुविधा के विकास के ललए मुख्य
सवचि की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय लॉजजस्टिक समन्वय सतमति का गठन वकया
1110 (2)
गया है। इसी तरह लजला स्तर पर कलेक्टर की अध्यक्षता में जजला स्तरीय
लॉजजस्टिक समन्वय सतमति का गठन वकया जाएगा, लजसमें नगरीय वनकाय, नगर
एिं ग्राम वनिेश, लजला व्यापार एिं उद्योग केंद्र तथा छत्तीसगढ़ पयाािरण संरक्षण
मण्डल के कायाालय प्रमुख सदस्य होंगे। लजला स्तरीय लॉलजस्टिक समन्वय सवमवत
का मुख्य काया नगरीय / क्षेत्रीय लॉलजस्टिक प्लान (City Logistic Plan/
Regional Logistic Plan) का वनमााण कर राज्य स्तरीय सवमवत को प्रेवषत करना
होगा तथा प्लान का वियान्वयन करना होगा।
(3) City Logistic Plan/ Regional Logistic Plan के अंतगात लॉलजस्टिक
पाका/हब, टरांसपोटा हब हेतु स्थल का चयन वकया जाएगा तथा वनजी वनिेशकों/PPP
के माध्यम से चयवनत स्थल पर अधोसंरचना का वनमााण वकया जाएगा। राज्य से
गुजरने िाले प्रमुख राजमागों/ एक्स्प्रेसिे एिं िेट रेल्वे लाइन के समीप उपयुक्त
स्थलों का चयन कर उन्हें वनजी वनिेशकों/PPP के माध्यम से डराइ पोटा/मल्टी-मोडल
लॉलजस्टिक पाका/हब के रूप में विकलसत वकया जाएगा।
(4) राज्य स्तर पर State Logistic Action Plan का वनमााण वकया जाएगा।
लॉलजस्टिक प्लान तैयार करने हेतु PM Gati-Shakti िेट मािर प्लान का उपयोग
वकया जाएगा। प्रस्तावित िेट कैवपटल रीजन (State Capital Region) हेतु विशेष
लॉलजस्टिक प्लान प्लान तैयार वकया जाएगा ।
(5) राज्य में ग्रीन लॉलजस्टिक को प्रोत्सावहत करने हेतु विशेष प्रािधान वकए जाएंगे।
(6) वनजी वनिेशकों को िेयरहाउस, कोल्ड िोरेज, अन्य लॉलजस्टिक सेिा संबंधी उद्यम,
डराइ पोटा/लॉलजस्टिक पाका/हब, टरांसपोटा हब वनवमात करने पर इस नीवत में
उल्लेस्टखत वनिेश प्रोत्साहन प्रदान वकए जाएंगे।
(7) दूरस्थ ग्रामीण अंचलों में िस्तुओं की आपूवता, रेल अद्योसंरचना का विकास के ललए
भारत सरकार के सािाजवनक उपिमों के साथ नई रेल नेटिकों का विकास सुवनवित
वकया जािेगा।
(8) राज्य में उपलब्ध मानि संसाधन के रोजगार-परक उपयोग सुवनवित करने के ललए
व्यािसावयक लशक्षण संस्थानों के साथ राज्य के लॉलजस्टिक्स की आिश्यकतानुसार
श्रम बल उपलब्ध कराने हेतु पाठ्यिमों हेतु समन्वय सुवनवित वकया जािेगा।
1110 (3)
(9) लॉलजस्टिक सेिाओं को सुगम, दक्ष बनाने एिं लॉलजस्टिक लागत कम करने की दृवि
से राज्य में Unified Logistic Interface Program (ULIP) अपनाया जाएगा।
(10) राज्य से वनयाात को प्रोत्सावहत करने की दृवि से राज्य में डराइ पोटा/कागो टवमानल
की स्थापना हेतु वनजी वनिेशकों को प्रोत्साहन प्रदान वकए जाएंगे। बस्तर एिं सरगुजा
संभागों से वनयाात की अपार संभािनाओं को ध्यान में रखते हए बस्तर एिं सरगुजा
संभाग में डराइ पोटा/कागो टवमानल की स्थापना हेतु 10% अवतररक्त वनिेश प्रोत्साहन
प्रदान वकए जाएंगे।
5. लॉजजस्टिक सेवाओं के मापदंड :-
(1) िेयर हाउलसंग (गोदाम) की संग्रहण क्षमता न्यूनतम 1000 मे. टन होना चावहए।
िेयर हाउस की संग्रहण क्षमता 2 टन प्रवत िगा मीटर की दर से पररकललत की
जाएगी।
(2) सभी िेयरहाउसों को रािरीय शर राज्य वनमााण कोड के अनुरूप बनाना होगा, लजनमें
संरचनात्मक मजबूती, अवि सुरक्षा के प्रािधान शावमल हैं। आिश्यक अधोसंरचना
सुविधाओं में लोवडंग-अनलोवडंग बे, टरक डॉवकंग िेशन, आंतररक सकुालेशन मागा,
शर प्रभािी अविशमन प्रणाली सस्टिललत होंगी। पयाािरणीय स्टस्थरता को बढ़ािा देने
के ललए रेनिाटर हािेस्टिंग, रूफटॉप सोलर पैनल, शर इको
-
िेंडली वनमााण सामग्री
का उपयोग वकया
जाना अपेवक्षत होगा।
(3) स्माटा िेयरहाउस, लजसमें एकीकृत िेयरहाउस मैनेजमेंट लसिम (WMS), इंटरनेट
ऑफ वथंग्स (IoT) उपकरण, शर इन्वेंटरी शर आपूवता श्रृंखला प्रबंधन के ललए RFID
टैवगंग शावमल हो, का वनमााण वकया जाना अपेवक्षत है। यह अवनिाया घटक नहीं है।
(4) कोल्ड िोरेज जो फल, सस्टियााँ, डेयरी शर अन्य कृवष उत्पादों का भंडारण करती
हैं, िहााँ प्री-कूललंग चैंबसा, इंसुलेटेड िोरेज यूवनट्स, स्वचाललत तापमान शर आद्राता
वनयंत्रण प्रणाली, शर ऊजाा दक्ष रेविजरेशन लसिम होना अवनिाया होगा। िस्तुओं
की गुणित्ता बनाए रखने हेतु वनरंतर विद्युत बैकअप की व्यिस्था भी अवनिाया है।
(5) िेयर हाउलसंग (गोदाम)/कोल्ड िोरेज/लॉलजस्टिक हब से संबंवधत पररसर इस प्रकार
स्टस्थत हो वक िहां पर आसान पहाँच मागा हो, टरांसपोवटिंग तथा लोवडंग-अनलोवडंग की
पयााप्त सुविधा हो।
1110 (4)
(6) िेयर हाउलसंग (गोदाम)/ लॉलजस्टिक हब से सबंवधत पररसर में एक बोडा अंवकत
होना चावहए लजसमें िेयर हाउलसंग (गोदाम) की क्षमता, स्वीकृवत प्राप्त शासकीय
विभागों के नाम, स्टियरेंस ि वदये गये एिं रोजगार की जानकारी भी अंवकत हो।
6. तनजी तनवेशकों हेिु तनवेश प्रोत्साहन हेिु पात्रिा और शिें :-
(1) नीवत की कालािवध में स्थावपत होने िाले लॉलजस्टिक सेिा उद्यम, जो शद्योवगक
विकास नीवत 2024-30 के पररलशि- 6 के वबन्दु (अ) के अंतगात मान्य हैं, की
स्थापना/ विस्तार/शिलीकरण पर तथा लॉलजस्टिक पाका/हब की स्थापना/विस्तार पर
वनिेश प्रोत्साहन प्रदान वकए जाएंगे।
(2) वनिेश प्रोत्साहन प्राप्त करने हेतु इकाइयों को राज्य के मूल वनिालसयों को स्थाई
वनयोजन में अकुशल कमाचाररयों/श्रवमक के मामले में 100 प्रवतशत, कुशल
कमाचाररयों के मामले में न्यूनतम 70 प्रवतशत, तथा प्रशासकीय/ प्रबंधकीय
कमाचाररयों के मामले में न्यूनतम 40 प्रवतशत, रोजगार उपलब्ध कराना अवनिाया
होगा।
7. वेयरहाउस हेिु तनवेश प्रोत्साहन :-
(1) नेर् राज्य वस्तु एवं सेवा कर (नेट एस.जी.एस.टी.) प्रतिपूतिा -
विकासखण्ड की श्रेणीिार नेट राज्य िस्तु एिं सेिा कर (नेट एस.जी.एस.टी.) प्रवतपूवता
की सीमा वनम्नानुसार होगी -
i.
समूह-1 हेतु िालणस्टज्यक उत्पादन करने के वदनांक से 5 िषा तक भुगतान वकये
गये नेट राज्य िस्तु एिं सेिा कर की प्रवतपूवता, अवधकतम स्थायी पूंजी वनिेश के 75
प्रवतशत तक,
ii.
समूह-2 हेतु िालणस्टज्यक उत्पादन करने के वदनांक से 7 िषा तक भुगतान वकये
गये नेट राज्य िस्तु एिं सेिा कर की प्रवतपूवता, अवधकतम स्थायी पूंजी वनिेश के 75
प्रवतशत तक,
iii.
समूह-3 हेतु िालणस्टज्यक उत्पादन करने के वदनांक से 9 िषा तक भुगतान वकये
गये नेट राज्य िस्तु एिं सेिा कर की प्रवतपूवता, अवधकतम स्थायी पूंजी वनिेश के 75
प्रवतशत तक।
1110 (5)
अथवा
स्थायी पूंजी तनवेश अनुदान -
न्यूनतम वनमााण क्षेत्र 10,000 िगाफुट होने की शता पर, विकासखण्ड की श्रेणीिार स्थायी पूंजी
वनिेश की मात्रा एिं अवधकतम सीमा वनम्नानुसार होगी -
i.
समूह-1 हेतु मान्य स्थायी पूंजी वनिेश का 35 %, अवधकतम रु 18 करोड़।
ii.
समूह-2 हेतु मान्य स्थायी पूंजी वनिेश का 40 %, अवधकतम रु 20 करोड़।
iii.
समूह-3 हेतु मान्य स्थायी पूंजी वनिेश का 45 %, अवधकतम रु 22 करोड़।
र्ीप-
1. स्माटा िेयरहाउस (कंवडका 5 (3) के अनुसार) के वनमााण पर 5% अवतररक्त अनुदान
प्रदान वकया जाएगा एिं अवधकतम सीमा भी 5% अवतररक्त होगी।
2. मान्य स्थायी पूंजी वनिेश की गणना हेतु भूवम मद में कुल स्थायी पूंजी वनिेश का
अवधकतम 30% मान्य वकया जाएगा। िेयरहाउस के वनमााण पर लागत का वनधाारण चाटाड
इंजीवनयर एिं चाटाड अकाउंटेन्ट के प्रमाण पत्र के आधार पर वकया जाएगा। शेड/ भिन
वनमााण का अवधकतम मान्य वनिेश रु 1000/िगाफुट होगा।
3. रु 10 करोड़ तक के स्थायी पूंजी वनिेश िाले िेयरहाउस को स्थाई पूंजी वनिेश अनुदान
का वितरण 3 समान वकश्ों में वकया जाएगा। रु 10 करोड़ से अवधक स्थायी पूंजी वनिेश
िाले िेयरहाउस को स्थाई पूंजी वनिेश अनुदान का वितरण 5 समान वकश्ों में वकया
जाएगा।
4. उपरोक्त दलशात नेट राज्य िस्तु एिं सेिा कर (नेट एसजीएसटी) प्रवतपूवता अथिा स्थायी
पूंजी वनिेश अनुदान में से कोई एक सुविधा विकल्प चयन के आधार पर ली जा सकेगी। इस
हेतु एक बार ललया गया विकल्प अपररितानीय होगा। विकल्प चयन करने हेतु वनिेशक को
विभाग द्वारा वनधााररत प्रारूप में विकल्प पत्र शपथ पत्र के साथ प्रस्तुत वकया जाना आिश्यक
होगा।
5. स्थायी पूंजी अनुदान की प्रथम वकश् का भुगतान उत्पादन प्रारंभ करने के पिात प्रस्तुत
आिेदन पर वनधााररत स्वीकृवत के पिात वकया जा सकेगा।
(2) ब्याज अनुदान -
1110 (6)
निीन/विद्यमान उद्यम में विस्तार/शिलीकरण करने िाले सूक्ष्म, लघु एिं मध्यम िेयरहाउस
के ललए भारतीय ररजिा बैंक से अनुज्ञा प्राप्त वित्तीय संस्थाओं से प्राप्त वकये गये सािवध ऋण
पर वनम्नललस्टखत अनुसार ब्याज अनुदान प्रदान वकया जा सकेगाः –
ि.
विकासखण्ड
की श्रेणी
स्थायी पूंजी वनिेश रू 1 करोड़ से
रू 5 करोड़ तक
स्थायी पूंजी वनिेश रू 5 करोड़ से
अवधक
दर
(प्रवतशत)
अवधकतम
सीमा
(रू
लाख में)
अिवध
(िषों
में)
दर
(प्रवतशत)
अवधकतम
सीमा
(रू
लाख में)
अिवध
(िषों
में)
1 समूह-1
50
35
06
50
45
09
2 समूह-2
55
40
07
55
50
10
3 समूह-3
60
45
08
60
55
11
(3) तवद्युि शुल्क से छूर् -
इस नीवत के अंतागत निीन लॉलजस्टिक्स उद्यम के प्रकरणों में विकासखंड की श्रेणीिार विद्युत
शुल्क भुगतान से छूट की अिवध एिं मात्रा वनम्नानुसार हो सकेगी:-
i. समूह-1 हेतु िालणस्टज्यक गवतविवध प्रारंभ करने के वदनांक से 06 िषा तक पूणा छूट।
ii. समूह-2 हेतु िालणस्टज्यक गवतविवध प्रारंभ करने के वदनांक से 08 िषा तक पूणा छूट।
iii. समूह-3 हेतु िालणस्टज्यक गवतविवध प्रारंभ करने के वदनांक से 10 िषा तक पूणा छूट।
(4) िाम्प शुल्क से छूर् :-
निीन लॉलजस्टिक्स उद्यम/विद्यमान उद्यम में विस्तार/शिलीकरण के प्रकरणों में वनम्नांवकत
अनुसार िाम्प शुल्क से पूणा छूट दी जा सकेगी:-
(1)
(अ) भूवम, शेड तथा भिनों के िय/पट्टे के वनष्पावदत विलेखों पर संबंवधत भूवम लीज
के विलेखों पर (माइवनंग लीज की भूवम को छोड़कर)।
(ब) ऋण-अवग्रम से संबंवधत विलेखों के वनष्पादन पर बैंक वित्तीय संस्थाओं द्वारा ऋण
स्वीकृवत वदनांक से तीन िषा तक।
)
2
(
भारत सरकार/राज्य शासन द्वारा स्वीकृत/अनुमोवदत वनजी क्षेत्र में स्थावपत होने िाले
शद्योवगक लॉलजस्टिक पाका की स्थापना हेतु िय/पट्टे पर ली जाने िाली भूवम पर एिं
इनमें स्थावपत होने िाले उद्योग।
)
3
(
शद्योवगक विकास नीवत
-
2024
-
30 के अंतागत घोवषत बंद/बीमार उद्योग के िय पर
िय-वििय से सम्बंवधत विलेखों पर।
1110 (7)
8. कोल्ड िोरेज हेिु तनवेश प्रोत्साहन :-
(1)
नेर् राज्य वस्तु एवं सेवा कर (नेट एस.जी.एस.टी.) प्रतिपूतिा -
विकासखण्ड की श्रेणीिार नेट राज्य िस्तु एिं सेिा कर (नेट एस.जी.एस.टी.) प्रवतपूवता की सीमा
वनम्नानुसार होगी -
i.
समूह-1 हेतु िालणस्टज्यक उत्पादन करने के वदनांक से 5 िषा तक भुगतान वकये गये नेट
राज्य िस्तु एिं सेिा कर की प्रवतपूवता, अवधकतम स्थायी पूंजी वनिेश के 75 प्रवतशत तक,
ii.
समूह-2 हेतु िालणस्टज्यक उत्पादन करने के वदनांक से 7 िषा तक भुगतान वकये गये नेट
राज्य िस्तु एिं सेिा कर की प्रवतपूवता, अवधकतम स्थायी पूंजी वनिेश के 75 प्रवतशत तक,
iii.
समूह-3 हेतु िालणस्टज्यक उत्पादन करने के वदनांक से 9 िषा तक भुगतान वकये गये नेट
राज्य िस्तु एिं सेिा कर की प्रवतपूवता, अवधकतम स्थायी पूंजी वनिेश के 75 प्रवतशत
तक।
अथवा
स्थायी पूंजी तनवेश अनुदान -
विकासखण्ड की श्रेणीिार स्थायी पूंजी वनिेश की मात्रा एिं अवधकतम सीमा वनम्नानुसार होगी -
i.
समूह-1 हेतु मान्य स्थायी पूंजी वनिेश का 40% , अवधकतम रु 20 करोड़।
ii.
समूह-2 हेतु मान्य स्थायी पूंजी वनिेश का 45% ,अवधकतम रु 22 करोड़।
iii.
समूह-3 हेतु मान्य स्थायी पूंजी वनिेश का 50% , अवधकतम रु 25 करोड़।
र्ीप-
1. रु 10 करोड़ तक के स्थायी पूंजी वनिेश िाले कोल्ड िोरेज को स्थाई पूंजी वनिेश
अनुदान का वितरण 3 समान वकश्ों में वकया जाएगा। रु 10 करोड़ से अवधक स्थायी
पूंजी वनिेश िाले कोल्ड िोरेज को स्थाई पूंजी वनिेश अनुदान का वितरण 5 समान
वकश्ों में वकया जाएगा।
2. मान्य स्थायी पूंजी वनिेश की गणना हेतु भूवम मद में कुल स्थायी पूंजी वनिेश का
अवधकतम 30% मान्य वकया जाएगा।
3. उपरोक्त दलशात नेट राज्य िस्तु एिं सेिा कर (नेट एसजीएसटी) प्रवतपूवता अथिा स्थायी
पूंजी वनिेश अनुदान में से कोई एक सुविधा विकल्प चयन के आधार पर ली जा सकेगी।
इस हेतु एक बार ललया गया विकल्प अपररितानीय होगा। विकल्प चयन करने हेतु
1110 (8)
वनिेशक को विभाग द्वारा वनधााररत प्रारूप में विकल्प पत्र शपथ पत्र के साथ प्रस्तुत वकया
जाना आिश्यक होगा।
4. स्थायी पूंजी अनुदान की प्रथम वकश् का भुगतान उत्पादन प्रारंभ करने के पिात प्रस्तुत
आिेदन पर वनधााररत स्वीकृवत के पिात वकया जा सकेगा।
(2)
ब्याज अनुदान-
:
निीन/विद्यमान उद्यम में विस्तार/शिलीकरण करने िाले सूक्ष्म, लघु एिं मध्यम कोल्ड
िोरेज के ललए भारतीय ररजिा बैंक से अनुज्ञा प्राप्त वित्तीय संस्थाओं से प्राप्त वकये गये
सािवध ऋण पर वनम्नललस्टखत अनुसार ब्याज अनुदान प्रदान वकया जा सकेगाः –
ि.
विकासखण्ड
की श्रेणी
स्थायी पूंजी वनिेश रू 1.5 करोड़
से रू 7 करोड़ तक
स्थायी पूंजी वनिेश रू 7 करोड़ से
अवधक
दर
(प्रवतशत)
अवधकतम
सीमा
(रू
लाख में)
अिवध
(िषों
में)
दर
(प्रवतशत)
अवधकतम
सीमा
(रू
लाख में)
अिवध
(िषों
में)
1 समूह-1
50
40
06
50
50
09
2 समूह-2
55
45
07
55
55
10
3 समूह-3
60
50
08
60
60
11
(3)
तवद्युि शुल्क से छूर्:-
निीन लॉलजस्टिक्स उद्यम के प्रकरणों में विकासखंड की श्रेणीिार विद्युत शुल्क भुगतान से छूट
की अिवध एिं मात्रा वनम्नानुसार हो सकेगी:-
i.
समूह-1 हेतु िालणस्टज्यक गवतविवध प्रारंभ करने के वदनांक से 06 िषा तक पूणा छूट।
ii.
समूह-2 हेतु िालणस्टज्यक गवतविवध प्रारंभ करने के वदनांक से 08 िषा तक पूणा छूट।
iii.
समूह-3 हेतु िालणस्टज्यक गवतविवध प्रारंभ करने के वदनांक से 10 िषा तक पूणा छूट।
(4)
िाम्प शुल्क से छूर् :-
निीन लॉलजस्टिक्स उद्यम/विद्यमान उद्यम में विस्तार/शिलीकरण के प्रकरणों में वनम्नांवकत
अनुसार िाम्प शुल्क से पूणा छूट दी जा सकेगी:-
(1)
(अ) भूवम, शेड तथा भिनों के िय/पट्टे के वनष्पावदत विलेखों पर संबंवधत भूवम लीज के
विलेखों पर (माइवनंग लीज की भूवम को छोड़कर)।
(ब) ऋण-अवग्रम से संबंवधत विलेखों के वनष्पादन पर बैंक वित्तीय संस्थाओं द्वारा ऋण
स्वीकृवत वदनांक से तीन िषा तक।
1110 (9)
)
2
(
भारत सरकार/राज्य शासन द्वारा स्वीकृत/अनुमोवदत वनजी क्षेत्र में स्थावपत होने िाले
शद्योवगक लॉलजस्टिक पाका की स्थापना हेतु िय/पट्टे पर ली जाने िाली भूवम पर एिं
इनमें स्थावपत होने िाले उद्योग।
9. लॉजजस्टिक पाका/हब हेिु तनवेश प्रोत्साहन :-
(1) राज्य में वनजी लॉलजस्टिक पाका की स्थापना को प्रोत्सावहत करने हेतु न्यूनतम 15 एकड़
भूवम में लॉलजस्टिक पाका/हब, स्थावपत करने पर आंतररक अधोसंरचना लागत (भूवम को
छोड़कर) का 40 प्रवतशत अथिा रु 25 लाख प्रवत एकड़ जो न्यूनतम हो प्रदाय होगा।
बाह्य अधोसंरचना (एप्रोच सड़क, विद्युत लाइन, पानी हेतु पाइप) पर वकये गए व्यय की
प्रवतपूवता 50% की दर से अवधकतम रु 5 करोड़ तक देय होगी। इसके अवतररक्त िाम्प
शुल्क से पूणा छूट, भूवम के पंजीयन शुल्क में 50 प्रवतशत की प्रवतपूवता एिं भू-पुनवनाधारण
कर (डायिसान शुल्क) में 100 प्रवतशत की छूट दी जािेगी। इन वनजी लॉलजस्टिक
पाका/हब के विकासकताा स्वयं के द्वारा वनधााररत वनयम एिं शतों के अनुसार उद्यमों को
भूवम का आबंटन कर सकेंगे, अथिा स्वयं लॉलजस्टिक सेिाओं का संचालन कर सकेंगे,
वकंतु इन क्षेत्रों की स्थापना/विकास के ललए उन्हें समस्त शासकीय वनयम ि शतों का
पालन करना होगा। वनजी लॉलजस्टिक पाका में स्थावपत होने िाले उद्यमों को 10%
अवतररक्त वनिेश प्रोत्साहन की पात्रता होगी, अवधकतम सीमा 10% अवधक होगी, छूट
के प्रकरणों में छूट की अिवध 1 िषा अवधक होगी।
(2) वनजी वनिेशकों द्वारा न्यूनतम 5 एकड़ भूवम पर विकलसत लॉलजस्टिक हब हेतु
अधोसंरचना लागत (भूवम को छोड़कर सड़क/रेल/िायु से संबंवधत अधोसंरचना वबजली,
िेयरहाउस, कोल्ड िोरेज) का 40%, अवधकतम रु 140 करोड़ अनुदान देय होगा।
इसके अवतररक्त िाम्प शुल्क से पूणा छूट, भूवम के पंजीयन शुल्क में 50 प्रवतशत की
प्रवतपूवता एिं भू-पुनवनाधारण कर (डायिसान शुल्क) में 100 प्रवतशत की छूट दी जािेगी।
(3) बस्तर एिं सरगुजा संभाग में लॉलजस्टिक पाका/हब की स्थापना पर 10% अवतररक्त
अनुदान प्रदान वकया जाएगा एिं अवधकतम सीमा भी 10% अवधक होगी ।
1110 (10)
10. डराइ पोर्ा/इन्लैन्ड कन्टेनर तडपो /एयर कागो र्तमानल/ गति-शस्टि कागो र्तमानल
हेिु तनवेश प्रोत्साहन :-
(1) राज्य में वनजी वनिेशकों द्वारा मल्टी-मोडल लॉलजस्टिक पाका/ डराइ पोटा/ इन्लैन्ड कन्टैनर
वडपो की स्थापना हेतु वकए गए स्थाई पूंजी वनिेश (भूवम की कीमत को छोड़कर) का
40%, अवधकतम रु 140 करोड़ अधोसंरचना विकास अनुदान प्रदान वकया जाएगा।
(2) बाह्य अधोसंरचना (एप्रोच सड़क, विद्युत लाइन, पानी हेतु पाइप) पर वकये गए व्यय की
प्रवतपूवता 50% की दर से अवधकतम रु 5 करोड़ तक देय होगी।
(3) उपरोक्त के अवतररक्त िाम्प शुल्क से पूणा छूट, भूवम के पंजीयन शुल्क में 50 प्रवतशत
की प्रवतपूवता एिं भू-पुनवनाधारण कर (डायिसान शुल्क) में 100 प्रवतशत की छूट दी
जािेगी।
(4) बस्तर एिं सरगुजा संभाग में डराइ पोटा/ कन्टैनर िेशन/ टवमानल की स्थापना पर 10%
अवतररक्त अनुदान प्रदान वकया जाएगा एिं अवधकतम सीमा भी 10% अवधक होगी।
11. र्रांसपोर्ा हब/फ्रेर् िेशन हेिु तनवेश प्रोत्साहन :-
(1) नगरों के बाहर, भारी िाहनों के पाका करने ि समान की लोवडंग अनलोवडंग करने के
ललए न्यूनतम 5 एकड़ की भूवम पर टरांसपोटा हब की स्थापना करने करने पर
अधोसंरचना लागत (भूवम को छोड़कर) का 35% प्रवतशत, अवधकतम सीमा रु 5
करोड़, प्रदान वकया जाएगा।
(2) उपरोक्त के अवतररक्त िाम्प शुल्क से पूणा छूट, भूवम के पंजीयन शुल्क में 50 प्रवतशत
की प्रवतपूवता एिं भू-पुनवनाधारण कर (डायिसान शुल्क) में 100 प्रवतशत की छूट दी
जािेगी।
12. फ्रेर्/कूररयर सेवा हेिु तनवेश प्रोत्साहन :-
(1) पररवहन वाहन अनुदान :-
न्यूनतम रु 5 करोड़ के वनिेश से स्थावपत कोल्ड िोरेज हेतु िय वकये जाने िाले
रेविजरेटेड िाहन (न्यूनतम क्षमता 9 वमवटरक टन) पर 50 प्रवतशत अवधकतम 35 लाख
रूपये प्रवत िाहन तथा लॉलजस्टिक हब हेतु िय वकये जाने िाले िाहन (न्यूनतम क्षमता 9
वमवटरक टन) को 50 प्रवतशत अवधकतम 25 लाख रू. प्रवत िाहन का अनुदान प्रदान
1110 (11)
वकया जायेगा। इलेस्टक्टरक िाहन हेतु 10% अवतररक्त अनुदान प्रदान वकया जाएगा एिं
अवधकतम सीमा भी 10% अवधक होगी।
(2) वाहन पंजीयन शुल्क एवं नेशनल परतमर् शुल्क प्रतिपूतिा :-
(i) ऐसे िाहन लजनकी क्षमता 30 वमवटरक टन से कम है. को पंजीयन शुल्क में 100
प्रवतशत तथा नेशनल परवमट शुल्क में 100 प्रवतशत का अनुदान वदया जायेगा।
(ii) ऐसे िाहन लजनकी क्षमता 30 वमवटरक टन से अवधक है, को पंजीयन शुल्क में 50
प्रवतशत तथा नेशनल परवमट शुल्क में 50 प्रवतशत का अनुदान वदया जायेगा।
र्ीप- रेविजरेटेड िाहन के प्रकरण में िाहन की अवधकतम सीमा 2 िाहन प्रवत कोल्ड
िोरेज एिं नॉन-रेविजरेटेड िाहनों के प्रकरण में अवधकतम मान्य वनिेश लॉलजस्टिक
हब में वकए गए वनिेश का अवधकतम 30% होगा। िाहनों का िय एिं पंजीयन
छत्तीसगढ़ में वकया जाना अवनिाया होगा।
13. ग्रीन लॉजजस्टिक हेिु अतिररि अनुदान :-
वनम्नानुसार व्यिस्थाएं उद्यम में स्थावपत वकये जाने पर नीवत में प्रािधावनत अनुदान से 5
प्रवतशत अवतररक्त अनुदान प्रदान की जािेगी -
(1) लॉलजस्टिक्स में वडजीवटलाईजेशन को प्रोत्सावहत करने हेतु लसक्योडा लॉलजस्टिक
डाक्यूमेंट एक्सचेंज प्लेटफामा की व्यिस्था वकये जाने पर।
(2) अपलशि के समुवचत प्रबंधन हेतु पृथक से व्यिस्था वकये जाने पर।
(3) विद्युत की व्यिस्था निीन निकरणीय स्त्रोत से वकये जाने पर।
14. पैकेजजंग सेवा :-
राज्य से वनयाात को प्रोत्सावहत करने हेतु वनयाात से संबंवधत उत्पादों के पैकेलजंग केन्द्र को
कोल्ड िोरेज हेतु प्रािधावनत अनुदान/छूट/ररयायत प्रदान वकया जािेगा। इस हेतु
पैकेलजंग केन्द्र को वनयाात से संबंवधत माल के ललए न्यूनतम 70 प्रवतशत पैकेलजंग वकया
जाना अवनिाया होगा।
15. गैर-तवत्तीय प्रोत्साहन :-
(1) रािरीय भिन संवहता के प्रािधानों के अनुसार अवि सुरक्षा को ध्यान में रखते हए
ऊंचाई प्रवतबंधों में छूट दी जायेगी, भिन की ऊंचाई 24 मीटर तक स्वीकाया होगी।
1110 (12)
(2) वित्तीय प्रोत्साहन, ग्रेवडंग प्रणाली, रेवटंग शर उत्कृिता प्रमाणीकरण के आधार पर
उत्कृि लॉलजस्टिक्स सेिा प्रदान करने िाले उद्यमों को पुरस्कार प्रदान वकया जािेगा।
(3) 24/7 िेयरहाउस संचालन हेतु आिश्यक विवधक एिं प्रशासवनक सुधार वकए
जाएंगे।
16. तवशेष/अतिररि औद्योतगक तनवेश प्रोत्साहन :-
राज्य में 500 करोड़ से अवधक वनिेश करने िाले अथिा राज्य में 1000 से अवधक
रोजगार प्रदान करने िाले लॉलजस्टिक इकाइयों की स्थापना हेतु इस नीवत में घोवषत
आवथाक वनिेश प्रोत्साहन के अवतररक्त प्रोत्साहन वदये जाने के प्रस्तािों पर शद्योवगक
विकास नीवत 2024-30 की कंवडका (12.29) के अंतगात गवठत मंवत्रमंडलीय उप
सवमवत विचार कर सकेगी।
1110 (13)