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क्रम ांक GENCOR-35/942/2025-C&I. च ांकक, र ज्य सरक र क यह सम ध न हो गय है कक र ज्य के औद्योगगक

गिक स नीगि 2024-30 के प्र िध नों के अनुस र औद्योगगक स्थ पन को प्रोत्स गहि करने के गिए प्र िध नों को सांशोगधि करन

िोकगहि में आिश्यक है,

अिएि् र ज्य श सन, एिद् द्व र , छत्तीसगढ़ औद्योगगक भ गम एिां भिन प्रबांधन गनयम, 2015 में, इन गनयमों के गनयम

3.15 की शगियों क प्रयोग करिे हुये, गनम्न नुस र अग्रिर सांशोधन करिी है, अथ ाि्:-

सांशोधन

उि गनयमों में,

1. गनयम 2.1.1 में खांड (iii) के पश्च ि, गनम्न नुस र खांड जोड़ ज ए, अथ ाि-

“(iv) र ज्य श सन की प्रचगिि औद्योगगक गिक स नीगि के अांिगाि पररभ गिि सेि क्षेत्र की इक इय ाँ (Service

Sector Enterprises), गजनकी स्थ पन सांबांगधि भ गम उपयोग अनुस र स्िीकृि हो।“

2. गनयम 2.1 अांिगाि म गादशी प्र िध न के खांड (अ) में गनम्न नुस र परन्िुक जोड़ ज ए, अथ ाि -

“परन्िु यह प्र िध न, िैंड बैंक िथ कांगडक 2.7.4 (1) में उल्िेगखि भ गम पर ि ग नहीं होग ।“

3. गनयम 2.3.2 के खांड (ब) के स्थ न पर, गनम्न नुस र खांड प्रगिस्थ गपि ककय ज ए, अथ ाि-

“(ब) स म न्यिः आिांटन की ज ने ि िी भ गम की अगधकिम म त्र उद्यम की श्रेणी अनुस र गनम्न नुस र होगी-

(1) स क्ष्म उद्यम- 1,000 िगामीटर िक।

(2) िघु उद्यम- भ गम की आिश्यकि 1,000 िगामीटर से अगधक होने पर यांत्र-सांयांत्र मद में प्रत्येक रुपये 25

ि ख के गनिेश के स्िैब के गिये 500 िगामीटर अगिररि भ गम, अगधकिम भ गम 1 (एक) हेक्टेयर िक।

(3) मध्यम उद्यम- भ गम की आिश्यकि 1(एक) हेक्टेयर से अगधक होने पर यांत्र-सांयांत्र मद में प्रत्येक रुपये 1

करोड़ के गनिेश के स्िैब के गिये 0.2 हेक्टेयर अगिररि भ गम, अगधकिम 5 (प ांच) हेक्टेयर भ गम िक।

(4) िृहद उद्यम- भ गम की आिश्यकि प ांच हेक्टेयर से अगधक होने पर यांत्र-सांयांत्र मद में प्रत्येक प ांच करोड़ रुपये

के गनिेश के स्िैब के गिये 0.4 हेक्टेयर अगिररि भ गम, अगधकिम भ गम 25 (पच्चीस) हेक्टेयर िक।

(5) 100 करोड़ रूपये से अगधक गनिेश ि िे िृहद उद्यम- भ गम की आिश्यकि पच्चीस हेक्टेयर से अगधक होने

पर यांत्र-सांयांत्र मद में प्रत्येक प ांच करोड़ रुपये के गनिेश के स्िैब के गिये 0.4 हेक्टेयर अगिररि भ गम।“

4. गनयम 2.3.7 के खांड (ब) के पश्च ि, निीन खांड गनम्न नुस र जोड़ ज ए, अथ ाि-

“(स) जह ाँ िैंड बैंक (औद्योगगक प्रयोजन) से आबांरटि भ -खण्ड अथि गनजी औद्योगगक/ व्यिस गयक भ गम को

स िाजगनक म गा से सीध सांपका उपिब्ध नहीं हो, िह ाँ आबांटन प्र गधक री न्य निम आिश्यक क्षेत्रफि की भ गम को

एप्रोच रोड हेिु पृथक पट्टे पर आबांरटि कर सकेग ।“

5. सांशोधन अगधस चन कदन ांक 31.10.2019 के द्व र अांिःस्थ गपि गनयम 2.5.13 को, गनयम 2.5.14 के रूप में

पुनक्राम ांककि ककय ज ए।

6. गनयम 3.1.2.2 के स्थ न पर, गनम्न नुस र गनयम प्रगिस्थ गपि ककय ज ए , अथ ाि-

“3.1.2.2 यकद इक ई द्व र उपरोिनुस र अिगध में भ गम क प णा उपयोग नहीं ककय ज ि है, िो प्रचगिि प्रीगमयम

क दस (10) प्रगिशि िेकर आबांटन प्र गधक री छह म ह की अगिररि समय िगध प्रद न कर सकेंगे।

इसके उपर ांि भी भ गम क प णा उपयोग न ककये ज ने की गस्थगि में गनर्माि क्षेत्र के आध र पर कुि भ गम की

प त्रि क आांकिन ककय ज एग िथ अगिशेि भ गम समर्पाि की ज एगी; अन्यथ आबांटनकि ा ऐसी अगिशेि भ गम

क एकपक्षीय कब्ज प्र प्त कर सकेंगे।

परांिु यह कक —

(i) यकद अगिशेि भ गम पृथक औद्योगगक इक ई की स्थ पन हेिु आबांटन योग्य हो िथ पृथक म गा उपिब्ध हो, िो

सक्षम अनुमोदन प्र प्त कर म ि आबांटी द्व र आांगशक समपाण ककय ज सकेग ।

(ii) आांगशक समपाण केिि च ि (Operational) इक ई को ही अनुमगि होगी िथ िैध उत्प दन प्रम ण-पत्र प्रस्िुि

करन अगनि या होग ।

(iii) सांबांगधि आबांटी (म ि) द्व र उसे आबांरटि भ गम क आांगशक समपाण ककये ज ने पर, आांगशक समर्पाि भ गम निीन

इक ई की स्थ पन हेिु सांबांगधि आबांटी द्व र प्रस्ि गिि नये गनिेशक के पक्ष में गिभ ग के आबांटन प्र गधक री के समक्ष

आांगशक समपाण के पश्च ि निीन आबांटी द्व र प्रश्न धीन आांगशक भ खांड हेिु आबांटन आिेदन प्रस्िुि करने की कदन ांक पर

सांबांगधि क्षेत्र हेिु गनध ाररि/प्रचगिि प्रब्य जी की 100 प्रगिशि की दर पर आबांरटि की ज सकेगी।

(iv) ऐसे प्रत्येक समपाण के प्रकरण में म ि आबांटी से म ि आबांरटि सांप णा भ -खण्ड के प्रचगिि प्रब्य जी म ल्य के 20

प्रगिशि के समिुल्य अगिररि गिगनय मक प्रभ र देय होग , च हे समपाण आांगशक क्षेत्र क ही क्यों न हो।

(v) उप-गिभ जन एक समय में केिि एक ही भ ग में ककय ज सकेग ; ककसी भी अिस्थ में म ि य उप-गिभ गजि भ -

खण्ड को एक स थ एक से अगधक भ गों में गिभ गजि ककये ज ने की अनुमगि नहीं होगी।

(vi) िथ गप, यकद उप-गिभ जन पश्च ि शेि अथि निीन सृगजि भ -खण्ड क प णा उपयोग न हो िथ इक ई च ि

अिस्थ में हो, िो सक्षम अनुमोदन प्र प्त कर पुनः उप-गिभ जन ककय ज सकेग , बशिे कक प्रत्येक ब र उप-गिभ जन

स्िीकृि म स्टर िे-आउट, सड़क, खुिी भ गम एिां भ गम उपयोग में कोई पररििान न करे।

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– (i) एकीकरण से औद्योजगक क्षेत्र की स्वीकृत सड़क, खुली भूजम, सावपिजनक उर्योग क्षेत्र

अथवा भूजम उर्योग श्रेणी में कोई र्टरवतपन नहीं होगा।

(ii) संयुक्त भू-खण्ड का उर्योग मूल स्वीकृत प्रयोिन के अनुरूर् रहेगा।

(iii) एकीकरण से र्ूवप समस्त देय प्रीजमयम, भू-भाटक एवं संिारण शुल्क का र्ूणप भुगतान अजनवायप होगा।

(iv) एकीकृत भू-खण्ड हेतु संशोजित अजभलेख एवं नक्शा अजभप्रमाजणत ककया िाएगा।“

8. जनयम 3.2.2 के स्थान र्र जनम्नानुसार जनयम प्रजतस्थाजर्त ककया िाए, अथापत-

“3.2.2 भारतीय टरज़वप बैंक से अनुज्ञा प्राप्त अनुसूजित बैंकों तथा भारतीय टरज़वप बैंक में जवजिवत र्ंिीकृत गैर-बैंककंग

जवत्तीय कंर्जनयों (Non-Banking Financial Companies– NBFCs) एवं कंर्नी अजिजनयम, 2013 के अंतगपत

घोजित लोक जहत जवत्त संस्थाओं अथवा राज्य जवत्त अजिजनयम, 1951 के अंतगपत गटित जवत्त जनगम, खादी एवं

ग्रामोद्योग आयोग, छत्तीसगढ़ खादी एवं ग्रामोद्योग बोडप, अनुसूजित िाजत/िनिाजत जवत्त एवं जवकास जनगम, जर्छड़ा

वगप तथा अल्र्संख्यक जवत्त एवं जवकास जनगम के र्क्ष में, िैसी भी जस्थजत हो, र्ट्टाग्रजहता को उसे प्रदत्त र्ट्टाजिकारों को

संबंजित जवत्तीय संस्था के र्क्ष में अजभहस्तांकन करने की अनुमजत संबंजित आबंटन प्राजिकारी द्वारा आवेदन करने र्र

दी िा सकेगी।“

9. जनयम 3.4.1.1 के खंड (अ) के र्रंतुक के स्थान र्र, जनम्नानुसार र्रंतुक प्रजतस्थाजर्त ककया िाए, अथापत-

“र्रन्तु, एकल स्वाजमत्व से भागीदारी या कम्र्नी, भागीदारी से कम्र्नी, भागीदारी से एकल स्वाजमत्व, कम्र्नी से

एकल स्वाजमत्व/ भागीदारी, बनाने में संगिन/ गिन के स्वरुर् में ककया गया र्टरवतपन को अंतरण की श्रेणी में नहीं

माना िाएगा, यकद मूल आबंटी/ मूल आबंटटयों का जहस्सा/ अंश संगिन में एकल या संयुक्त रूर् से 51 प्रजतशत या

अजिक बना रहता है।“

10. जनयम 3.4.1.1 के खंड (ब) के स्थान र्र, जनम्नानुसार खंड प्रजतस्थाजर्त ककया िाए, अथापत-

“(ब) आबंटन के समय एकल स्वाजमत्व के प्रकरणों में एक व्यजक्त, साझेदारी के प्रकरणों में कोई एक साझेदार अथवा एक

से अजिक साझेदार तथा कम्र्नी के प्रकरणों में कोई एक अंशिारी अथवा एक से अजिक अंशिारी हो सकते हैं एवं ये ही

मूल आबंटटती (र्ट्टाग्रजहता/ र्ट्टेदार) कहलाएंगे ।

स्र्ष्टीकरण– सावपिजनक सीजमत कंर्नी (Public Limited Company) के मामले में, शेयरिाटरता में र्टरवतपन मात्र

से मूल आबंटटती की जस्थजत प्रभाजवत नहीं होगी, िब तक कक कंर्नी का र्ूणप अजिग्रहण अथवा जनयंत्रण र्टरवतपन न

हो।”

11. जनयम 3.4.1.3 के खंड (अ) के स्थान र्र, जनम्नानुसार खण्ड प्रजतस्थाजर्त ककया िाए, अथापत-

“(अ) कंर्जनयों के मामले में हस्तांतरण से वही तात्र्यप मान्य ककया िाएगा, िो लागू कंर्नी अजिजनयम के प्राविानों में

जनजहत है।

र्रंतु यह कक —

(i) जनिी सीजमत कंर्जनयों (Private Limited Companies) के प्रकरण में मूल प्रवतपकों (Promoters) की

अंशिाटरता 51 प्रजतशत से कम होने र्र हस्तांतरण माना िाएगा।

(ii) सावपिजनक सीजमत कंर्जनयों (Public Limited Companies) के प्रकरण में शेयरिाटरता में र्टरवतपन को मात्र

इस आिार र्र हस्तांतरण नहीं माना िाएगा।

(iii) सावपिजनक सीजमत कंर्नी का र्ूणप अजिग्रहण (Complete Takeover), जवलय (Merger) अथवा ऐसी जस्थजत

जिसमें जनयंत्रण ककसी अन्य कंर्नी/संस्था को स्थानांतटरत हो िाए, हस्तांतरण माना िाएगा।”

12. जनयम 3.4.2.7 के र्रंतुक में शब्द “3 माह की अवजि तक” के र्श्चात, शब्द “अथापत कदनांक 28.11.2025 तक प्राप्त

आवेदनों र्र,” िोड़ा िाए।

13. जनयम 3.4.2.11 के स्थान र्र, जनम्नानुसार जनयम प्रजतस्थाजर्त ककया िाए, अथापत-

“3.4.2.11 जसक्योटरटाइिेशन एण्ड टरकन्स्रक्शन ऑफ फाइनेंजशयल एसेट्स एण्ड एनफोसपमेंट ऑफ जसक्योटरटी

इंटरेस्ट एक्ट (सफेसी एक्ट), कदवाला एवं शोिन अक्षमता संजहता, 2016 (Insolvency and Bankruptcy Code,

2016), राष्ट्रीय कंर्नी जवजि अजिकरण (NCLT), ऋण वसूली अजिकरण (DRT) अथवा ककसी अन्य सक्षम

न्यायालय/प्राजिकरण के अंतगपत बैंक/जवत्तीय संस्था द्वारा जवत्त र्ोजित स्थाजर्त उद्योग/आंजशक रूर् से स्थाजर्त

र्टरयोिना/जनमापणािीन र्टरयोिना की नीलामी अथवा जवक्रय की िाने की जस्थजत में, नवीन आबंटी को तद्समय

प्रिजलत प्रीजमयम का 10 प्रजतशत (दस प्रजतशत) हस्तांतरण शुल्क अदा करने र्र भू-हस्तांतरण की अनुमजत प्रदान की

िाएगी।“

14. जनयम 3.5.2 के र्श्चात, जनम्नानुसार जनयम िोड़ा िाए, अथापत-

“3.5.3 राज्य शासन द्वारा अनुमोकदत सावपिजनक-जनिी भागीदारी (Public Private Partnership– PPP)

र्टरयोिनाओं के अंतगपत जवकजसत औद्योजगक क्षेत्र/ र्टरयोिना/ लैंड बैंक में भूजम, भवन, शेड अथवा प्रकोष्ठ के आबंटन,

उर्र्ट्टा, प्रबंिन, संिालन तथा संबंजित शतों के जनिापरण हेतु छत्तीसगढ़ स्टेट इंडजस्रयल डेवलर्मेंट कॉर्ोरेशन

जलजमटेड (सी.एस.आई.डी.सी.) के संिालक मंडल को, राज्य शासन के र्ूवापनुमोदन से, समय-समय र्र, र्ृथक जनयम/

कदशा-जनदेश/ मानक संिालन प्रकक्रया जनिापटरत करने का अजिकार होगा।

ऐसे प्रकरणों में सी.एस.आई.डी.सी. के संिालक मंडल द्वारा अनुमोकदत प्राविान प्रभावी एवं बाध्यकारी

होंगे, तथा आवश्यकतानुसार ऐसी र्टरयोिनाओं हेतु र्ृथक कदशा-जनदेश शासन की र्ूवप स्वीकृजत से जनिापटरत ककए िा

सकेंगे।“

15. जनयम 3.10.2 के स्थान र्र, जनम्नानुसार जनयम प्रजतस्थाजर्त ककया िाए, अथापत-

“3.10.2 उर्रोक्त जनयम 3.10.1 से जभि प्रकरणों में र्ट्टा जनरस्तीकरण के मामलों में भूजम, भवन/शेड की र्ुनस्थापर्ना

के प्रत्येक प्रकरण में गुण-दोि के आिार र्र इकाई की अद्यतन जस्थजत, रोिगार, र्ूंिी जनवेश, उजल्लजखत प्राविानों की

र्ूर्तप एवं उद्योग स्थार्ना/नये प्रस्तावों को दृजष्टगत रखते हुए र्ुनस्थापर्ना की अनुमजत प्रदान की िा सकेगी।

ऐसा करते समय आबंटन प्राजिकारी द्वारा प्रिजलत प्रीजमयम कदनांक 07 मािप, 2015 के र्ूवप के मूलतः भूजम

आबंटन के मामलों में र्ुनस्थापर्ना कदनांक र्र लागू प्रीजमयम का 45 प्रजतशत तथा 07 मािप, 2015 के र्श्चात मूलतः

भूजम आबंटन के मामलों में र्ुनस्थापर्ना कदनांक र्र लागू प्रीजमयम का 25 प्रजतशत राजश र्ुनस्थापर्ना शुल्क एवं अन्य

देय राजश के बराबर का एकमुश्त भुगतान प्राप्त कर भूजम आबंटन र्ुनस्थापर्ना की अनुमजत दी िा सकेगी।

उक्त अनुमोदन की कदनांक से आगामी 05 (र्ांि) विप तक भूजम का हस्तांतरण अथवा स्थाजर्त उद्योग इकाई

के संगिन का स्वरूर्, इन जनयमों में अन्यथा स्वीकृत होने की जस्थजत को छोड़कर, र्टरवर्तपत नहीं ककया िा सकेगा।

र्रंतु यकद उक्त 05 (र्ांि) विप की अवजि के भीतर भूजम का र्ुनः हस्तांतरण अथवा उद्योग इकाई के संगिन

का र्टरवतपन ककया िाता है, तो—

(i)

उल्लंघन जनयजमतीकरण हेतु कदनांक 07 मािप, 2015 के र्ूवप मूलतः भूजम आबंटन के मामलों में उल्लंघन

जनयजमतीकरण कदनांक र्र लागू प्रीजमयम का 40 प्रजतशत तथा कदनांक 07 मािप, 2015 के र्श्चात मूलतः

भूजम आबंटन के मामलों में उल्लंघन जनयजमतीकरण कदनांक र्र लागू प्रीजमयम का 20 प्रजतशत राजश,

प्रिजलत प्रीजमयम के समतुल्य हस्तांतरण शुल्क एवं शाजस्त शुल्क जनयजमतीकरण कदनांक र्र लागू प्रीजमयम

के 10 (दस) प्रजतशत के बराबर, अजतटरक्त रूर् से देय होगी।

(ii)

शाजस्त सजहत र्ूणप राजश का भुगतान न करने की जस्थजत में उद्योग के र्क्ष में िारी आबंटन आदेश तथा

लीिडीड जनयमों के अनुसार जनरस्त की िा सकेगी।“

16. र्टरजशष्ट–1 की कंजडका 2. (अ) की सारणी में प्रजवजष्ट (5) के र्श्चात, जनम्नानुसार प्रजवजष्ट िोड़ा िाए, अथापत-

“(6)

लैंड बैंक से एप्रोि रोड हेतु

आबंटटत भूजम

लघु जवजनमापण उद्योग हेतु जनिापटरत दरों की न्यूनतम िार गुना अथवा

नीलामी दर िो भी अजिक हो, र्रन्तु यह दर भूजम के अजिग्रहण की दर से

कम नहीं होगी।”

17. र्टरजशष्ट–1 की कंजडका 2.(स) में प्रजवजष्ट 7 के र्श्चात, जनम्नानुसार प्रजवजष्ट िोड़ा िाए, अथापत-

“8.

राज्य शासन की प्रिजलत औद्योजगक जवकास नीजत के

अंतगपत र्टरभाजित सेवा क्षेत्र (Service Sector

Enterprises) की इकाइयााँ, जिनकी स्थार्ना संबंजित

भूजम उर्योग अनुसार स्वीकृत हो

लघु जवजनमापण उद्योग हेतु जनिापटरत दरों की

न्यूनतम िार गुना अथवा नीलामी दर िो भी

अजिक हो।“

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