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क्रम ांक PROJ/2617/2025-O/O DS(C&I). र ज्य श सन द्व र छत्तीसगढ़ नव च र एवां स्ट टटअप प्रोत्स हन नीति
2025-30 की कांतिक ओं के अनुस र प त्र इन्क्यूबेटर एवां कॉलेज नव च र एवां स्ट टटअप सेल को नीति अांिगटि छूट एवां अनुद न
प्रद न करने हेिु यह तनयम ज री करि है -
1. प्रभ वी ददन ांक - ये तनयम र जपत्र में प्रक शन के ददन ांक से प्रभ वशील होंगे। औद्योतगक तवक स नीति 2024-30 की
क ल वधि में प्र प्ि होने व ले आवेदनों िथ इस तनयम के र जपत्र में प्रक शन ददन ांक को लांतबि सभी आवेदनों क तनर करण इस
तनयम के अनुस र तकय ज एग । इन तनयमों के अांिगटि तनवेश प्रोत्स हन प्र प्ि करने हेिु यह आवश्यक होग तक प्रस्ि व/आवेदन
को र ज्य स्िरीय स्ट टटअप सांविटन सधमति द्व र औद्योतगक तवक स नीति 2024-30 की क ल वधि में अनुद न/छूट/ररय यिों हेिु
अनुमोदन प्रद न तकय गय हो।
2. पररभ ष एवां प त्रि शिें -
(1) जब िक सांदभट से अन्कयथ अभभप्रेि हो, इन तनयमों में नीति से अभभप्रेि है, छत्तीसगढ़ नव च र एवां स्ट टटअप प्रोत्स हन
नीति 2025-30।
(2) इस नीति के प्रयोजन थट, इन्क्यूबेटर क वही अथट होग , जो छत्तीसगढ़ नव च र एवां स्ट टटअप प्रोत्स हन नीति 2025-30
की कांतिक 5(2) के अनुस र पररभ तषि है।
(3) श सकीय इन्यूबेटर से ि त्पयट ऐसे इन्क्यूबेटर से है जो श सकीय सांस्थ नों द्व र स्थ तपि तकये गए हों।
(4) तनजी इन्क्यूबेटर से ि त्पयट ऐसे इन्क्यूबेटर से है जो तनजी क्षेत्र की सांस्थ ओं / सांगठनों द्व र स्थ तपि तकए गए हों।
(5) नवीन इन्क्यूबेटर से ि त्पयट ऐसे इन्क्यूबेटर से है जो इस नीति के अांिगटि प्रथम ब र तवत्तीय सह यि हेिु आवेदन कर रहे
हों।
(6) स्थ तपि इन्क्यूबेटर से ि त्पयट ऐसे इन्क्यूबेटर से है जो नीति की कांतिक 7(3) में उल्ललखिि प त्रि शिों की पूि िर करिे
हों िथ उन्नयन/सांच लन अनुद न हेिु आवेदन कर रहे हों।
3. इन्क्यूबेटरों को र ज्य श सन द्व र म न्कयि प्रद न करने हेिु प त्रि म पदांि एवां प्रतक्रय
(1) नवीन इन्क्यूबेटर हेिु प त्रि म नदांि
(i) आवेदक, इन्क्यूबेटर को नीति की कांतिक 5(2)(i) के अनुस र तवधिक इक ई के रूप में पांजीकृि होन अतनव यट
होगी। आवेदन प्रतक्रय के तकसी भी चरण अथव पररयोजन तक्रय न्कवयन अवधि के दौर न आवेदक इन्क्यूबेटर के
तवधिक ल्स्थति में पररविटन स्वीक यट नहीं होग ।
(ii) आवेदक इन्क्यूबेटर को नीति की कांतिक 7(2) उललेखिि अनुस र इन्क्यूबेशन गतितवधियों के प्रभ वी सांच लन हेिु
पय टप्ि तवशेषज्ञि (स्विांत्र रूप से अथव सांयु्ि रूप से) िथ नीति की कांतिक में उल्ललखिि आवश्यक न्कयूनिम
अिोसांरचन उपलब्ध होन अतनव यट होग ।
(iii) केवल शैक्षभणक उद्देश्यों हेिु अनुसांि न एवां तवक स (R&D) अथव औद्योतगक पर मशट (Industrial
Consultancy) पर केंदिि आवेदन इस नीति के अांिगटि सह यि के ललए प त्र नहीं होंगे।
(iv) आवेदक इन्क्यूबेटर द्व र औपच ररक स झेद री / सहयोग त्मक प्रस्ि व म न्कय होंगे, यदद आवेदक एवां सहयोगी
सांस्थ सांयु्ि अथव स्विांत्र रूप से सभी प त्रि शिों को पूणट करिे हों।
(v) भूधम एवां भवन पर तकए गए व्यय को पररयोजन ल गि में आवेदक के अांशद न के रूप में स्वीक र नहीं तकय
ज एग िथ न ही ऐसे व्यय को इस नीति के अनुद न प्र वि नों के अांिगटि सम्ममललि तकय ज वेग ।
(vi) इन्क्यूबेटर स्थ तपि करने के इच्छुक आवेदकों को उनकी मुय य तवशेषज्ञि ओं एवां क्षमि ओं के अनुरूप चयतनि
से्टरों (Sectors) पर केंदिि होकर क यट करने के ललए प्रोत्स तहि तकय ज एग । इन्क्यूबेटर द्व र प्रस्िुि प्रस्ि व में
अधिकिम िीन (03) फोकस से्टरों की स्पष्ट पहच न की ज सकेगी। िथ तप, प्रस्ि व में सम्ममललि कुल से्टरों की
सांय य अधिकिम आठ (08) से्टर िक सीधमि होगी। केंि सरक र द्व र तवत्तपोतषि सांस्थ नों (CFTI) एवां
तवश्वतवद्य लय आि ररि इन्क्यूबेटरों हेिु, तवभ गीय तवतविि को ध्य न में रििे हुए, अधिकिम 12 से्टर िक की
अनुमति होगी।
(2) स्थ तपि इन्क्यूबेटर हेिु प त्रि म नदांि
(i) इन्क्यूबेटर द्व र नीति की कांतिक 7(3) में उल्ललखिि सभी प त्रि शिों की पूि िर करन अतनव यट होग ।
4. र ज्य श सन द्व र इन्क्यूबेटर म न्कयि प्र प्ि करने हेिु आवेदन प्रतक्रय
(1) आवेदक इन्यूबेटर को तवभ गीय पोटटल में पांजीयन कर उद्यम आक ांक्ष प्र प्ि करन आवश्यक होग ।
(2) प्रस्ि व को आवेदक सांस्थ के प्रमुि (Head of Institution) द्व र अग्रेतषि तकय ज न अतनव यट होग ।
(3) तनि टररि प्र रूप में आवेदन प्रपत्र, तनमनललखिि दस्ि वेजों सतहि, तवभ गीय पोटटल पर प्रस्िुि तकय ज एग :
(i) आवेदक सांस्थ क पांजीयन प्रम ण-पत्र
(ii) इन्क्यूबेटर द्व र तवधिक इक ई के रूप में पांजीयन हेिु पांजीकरण / तनगमन प्रम ण पत्र
(iii) आवेदक इन्क्यूबेटर क मेमोरेंिम ऑफ एसोलसएशन (MoA) एवां आर्टरकलस ऑफ एसोलसएशन (AoA) (यदद ल गू
हो)
(iv) तवस्िृि पररयोजन प्रतिवेदन/इन्क्यूबेटर प्रोफ इल
(v) आवेदक इन्क्यूबेटर द्व र यदद इन्क्यूबेटर क सांच लन तकसी अन्कय सांस्थ के सहयोग / स झेद री से की ज नी है िो तकए
गए अनुबांि / एमओयू की प्रति
(vi) आवेदक सांस्थ द्व र इन्क्यूबेटर को न्कयूनिम 10 वषों हेिु भूधम/भवन उपलब्ध कर ने के सांबांि में अनुबांि पत्र
(vii) सांस्थ की सवोच्च श सी तनक य क औपच ररक प्रस्ि व (Resolution) (इन्क्यूबेटर स्थ पन एवां न्कयूनिम तनर्मरि क्षेत्र
उपलब्ध कर ने की प्रतिबद्धि सतहि)
(viii) प्रस्ि तवि टीम (CEO/मैनेजर) क तववरण
(ix) भवन लेआउट/म नलचत्र (इन्क्यूबेट्स हेिु सीटटरग व्यवस्थ दर्शरि)
(x) उपरो्ि दस्ि वेजों के अतिरर्ि र ज्य स्िरीय स्ट टटअप सांविटन सधमति द्व र अन्कय आवश्यक दस्ि वेज प्र प्ि तकए ज
सकेंगे।
(4) स्थ तपि इन्क्यूबेटर हेिु आवश्यक दस्ि वेज
(i) आवेदक सांस्थ क पांजीयन प्रम ण-पत्र।
(ii) इन्क्यूबेटर द्व र तवधिक इक ई के रूप में पांजीयन हेिु पांजीकरण/ तनगमन प्रम ण पत्र
(iii) आवेदक इन्क्यूबेटर क मेमोरेंिम ऑफ एसोलसएशन (MoA) एवां आर्टरकलस ऑफ एसोलसएशन (यदद ल गू हो)
(iv) तवस्िृि पररयोजन प्रतिवेदन/इन्यूबेटर प्रोफ इल
(v) इन्यूबेटेि स्ट टटअप्स की सूची
(vi) तपछले दो तवत्तीय वषों के ललए ऑतिटेि व ि षरक तवत्तीय तववरण।
(vii) केंि/र ज्य श सन की तकसी योजन के िहि म न्कयि प्र प्ि होने के सांबांि में प्रम ण पत्र
(viii) यदद आवेदक इन्यूबेटर द्व र केंि/र ज्य श सन की तकसी योजन के अांिगटि तवत्तीय सह यि प्र प्ि की ज रही हो
िो उसकी ज नक री
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पनाए जाएंगे
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, संिागत क्षमता तथा उपलब्ध अिोसंरचना।
(ii) प्रस्तावित इन्क्यूबेटर टीम की विशेर्षज्ञता, अनुिि एिं संिागत क्षमता।
(iii) संिावित इन्क्यूबीटी (Incubates) के ललए सुव्यिस्थित काययोजना का वििरण, जजससे उच्च क्षमता िाले स्टाटयअप को
आकर्र्षित करने एिं उन्कहें विकलसत करने की संिा की क्षमता पररलभक्षत हो।
(iv) सह-वित्तपोर्षण (Co-funding) की व्यिहायय रणनीवत, तथा अनुदान अिमि के पश्चात इन्क्यूबेटर की वित्तीय एिं संचालन
स्थिरता का स्पष्ट वििरण।
(v) िावपत इन्क्यूबेटरों को मान्कयता प्रदान करने हेतु उनके पूिय प्रदशयन, संिागत क्षमता, उपलब्ध अिोसंरचना, स्टाटयअप
समथयन गवतविमियों, मेंटरलशप एिं निाचार पाररस्थिवतकी तंत्र में योगदान का मूलयांकन वकया जाएगा। इसके अंतगयत
इन्क्यूबेटर द्वारा समर्थित स्टाटयअप्स की प्रगवत, उद्योग एिं शैक्षभणक संिानों के साथ सहयोग, काययक्रमों के संचालन तथा
उद्यममता संिियन में वनिाई गई िूममका को िी ध्यान में रिा जाएगा।
(9) उपरो्त बबिदुओं के अवतरर्त, सममवत द्वारा आिश्यकतानुसार अन्कय प्रासंवगक बबिदुओं के आिार पर िी आिेदन का परीक्षण
वकया जा सकेगा तथा आिश्यकता होने पर इन्यूबेटर को समक्ष बुलाया जा सकेगा।
(10) राज्य स्तरीय स्टाटयअप संिियन सममवत से सैद्ांवतक स्िीकृवत प्राप्त इन्क्यूबेटर ही इस नीवत अंतगयत उललेखित सुवििाएं प्राप्त
कर सकेंगी।
(11) वकसी िी प्राप्त आिेदन में सममवत द्वारा ललया गया वनणय अंवतम होगा।
(12) वनरस्त प्रकरणो में इन्क्यूबेटर द्वारा पुनः आिेदन वकया जा सकेगा।
(13) सममवत द्वारा ललए गए वनणयों के ललए सममवत सामूवहक रूप से उत्तरदायी होगी सदस्य सलचि व्यस्थ्तगत रूप से उत्तरदायी
नहीं होगा। सदस्य सलचि का दामयत्ि होगा वक िह प्रकरणिार विस्तृत जानकारी सममवत के समक्ष प्रस्तुत करे।
(14) सममवत से अनुमोदन प्राप्त प्रकरणों में सक्षम अमिकारी अथिा सदस्य सलचि द्वारा मान्कयता प्रमाण पत्र जारी वकए जा सकेंगे।
5. इन्क्यूबेटर हेतु अनुदान
(1) इन्क्यूबेटर की निीन िापना हेतु अनुदान
(i) नीवत की कंविका 7(2) के अनुसार शासकीय एिं वनजी क्षेत्र में िावपत सिी निीन इन्क्यूबेशन केंद्र को नीवत में उललेखित
पात्रता शतें पूरी करने पर नीवत में उललेखित मात्रानुसार अनुदान की पात्रता होगी।
(ii) आिेदन प्रवक्रया
(क) निीन इन्क्यूबेशन केंद्र को िापना हेतु वित्तीय सहायता हेतु ऑनलाइन आिेदन वििागीय पोटयल के माध्यम से
वनम्नललखित दस्तािेजों के साथ प्रस्तुत वकया जाएगा –
(अ) विस्तृत पररयोजना प्रवतिेदन
(आ) मदिार बजट एिं अंशदान (वित्तपोर्षण स्रोत सवहत)
(इ) ििन उपयोग अनुमवत (नगरीय वनकाय / सक्षम प्रामिकारी)
(ई) नीवत वक कंविका 7(2) के अनुसार इन्यूबेटर संचालन का प्रमाण (यदद लागू हो)
(उ) नीवत वक कंविका 7(2) के अनुसार इन्यूबेशन कोहॉटटयस संचालन का वििरण (यदद लागू हो)
(ऊ) नीवत की कंविका 7(2) के अनुसार इन्यूबेटटस सूची एिं प्रदान की गई सेिाओं का वििरण (यदद लागू हो)
(ऋ) नीवत की कंविका 7(2) के अनुसार इन्यूबेशन केंद्र द्वारा फंबििग सहायता हेतु (यदद लागू हो)
(ए) यदद आिेदक इन्क्यूबेटर को नीवत में उललेखित अनुिि नहीं होने पर साझेदार इन्क्यूबेटर के इन्क्यूबेटर संचालन,
कोहॉटय संचालन, इन्क्यूबेटटस की सूची तथा स्टाटयअप को फंबििग सपोटय के साक्ष्य आिेदक संिा के द्वारा प्रस्तुत करने
होंगे।
(ऐ) विगत िर्षों का अंकेभक्षत लेिा-प्रवतिेदन (यदद संिा पूिय से संचाललत है)
(ओ) िूमम ििन लीज पर प्राप्त होने की स्थिवत में, न्कयूनतम 10 िर्षय की अिमि हेतु वनष्पाददत लीज िीि
(औ) इन्क्यूबेटर के संचालन हेतु इन्क्यूबेटर के नाम से पृथक बैंक िाते की जानकारी।
(अं) केंद्रीय योजनाओं से प्राप्त / प्राप्त हो रहे अनुदान / अनुदान का वििरण
(क) (ि) (ग) (घ)
(ि) आिेदन प्राप्त होने के पश्चात प्रकरण अपूणय होने की स्थिवत मे, प्रकरण में कममयों को बताते हुये आिेदन कमीपूर्ति
हेतु िापस वकए जाएंगे। आिेदक इन्क्यूबेटर द्वारा 60 ददिसों की अिमि में कममयों की पूर्ति नहीं करने पर अपूणय प्रकरण
स्िमेि वनरस्त मान्कय होंगे।
(ग) पूणय आिेदन प्राप्त होने पर इन्क्यूबेटर का वनरीक्षण संबन्धित जजले के जजला व्यापार एिं उद्योग केंद्र के मुख्य
महाप्रबंिक/ महाप्रबंिक के द्वारा वकया जािेगा। वनरीक्षण पश्चात वनरीक्षण प्रवतिेदन ऑनलाइन उद्योग संचालनालय को
प्रेवर्षत वकया जािेगा।
(घ) इन्क्यूबेटर मान्कयता हेतु प्रस्तुत आिेदन का प्रारंभिक परीक्षण एिं मूलयांकन नोिल वििाग द्वारा वकया जाएगा।
तत्पश्चात मूलयांकन प्रवतिेदन तैयार कर राज्य स्तरीय स्टाटयअप संिियन सममवत (SSPC) को अग्रेवर्षत वकया जाएगा। प्राप्त
पूणय आिेदन वनरीक्षण प्रवतिेदन के साथ राज्य स्तरीय स्टाटयअप संिियन सममवत के समक्ष प्रस्तुत वकए जािेंगे।
(ङ) राज्य स्तरीय स्टाटयअप संिियन सममवत (SSPC) मूलयांकन प्रवतिेदन की समीक्षा कर पूिय वनिायररत मानदंिों के आिार
पर आिेदनों का परीक्षण करेगी। पात्र एिं वनिायररत मानकों को पूणय करने िाले इन्क्यूबेटरों को अनुदान हेतु अनुमोदन
प्रदान करेगी। तथा सममवत द्वारा प्राप्त अनुमोदन के आिार पर सदस्य सलचि द्वारा स्िीकृवत आदेश जारी वकया जा
सकेगा।
(च) रालश का वितरण हेतु वकश्तों की संख्या सममवत द्वारा वनिायररत वकया जािेगा। संचालन व्यय न्कयूनतम 5 वकश्तों में
जारी वकया जािेगा।
(iii) रालश वितरण से पूिय आिश्यक शतें
(क) स्िीकृवत की वतलथ से 06 माह के िीतर आिेदक को एक पूणयकाललक टीम वनयु्त करनी होगी। इस टीम में एक
पूणयकाललक मुख्य काययपालन अमिकारी (CEO) / इन्क्यूबेटर प्रमुि और एक इन्क्यूबेशन प्रबंिक/इकोलसस्टम एनेबलर
शाममल होंगे। ये पद संकाय सदस्य (Faculty Member) के ललए नहीं होंगे तथा वनयु्त व्यस्थ्तयों को स्टाटयअप या
स्टाटयअप इकोलसस्टम के क्षेत्र में प्रासंवगक अनुिि होना चावहए।
(ि) राज्य स्तरीय नीवतगत उद्देश्यों के अनुरूप समन्किय एिं पययिेक्षण सुवनभश्चत करने हेतु नोिल वििाग का एक प्रवतवनमि
नििावपत शासकीय इन्क्यूबेटर की शासी वनकाय (Governing Body) का सदस्य होगा।
(iv) निीन इन्क्यूबेटरों की िापना एिं संचालन
(क) इन्क्यूबेटर का संचालन एक शासी वनकाय/बोिय (Governing Body/Board) द्वारा वकया जाएगा, जजसकी अध्यक्षता
संबंमित संिा के प्रमुि द्वारा की जाएगी।
(ि) शासी वनकाय िर्षय में कम से कम दो बार बैठक आयोजजत कर इन्क्यूबेटर की प्रगवत की समीक्षा करेगा तथा उसके
संचालन हेतु रणनीवतक एिं नीवतगत मागयदशयन प्रदान करेगा।
(ग) संिा एिं इन्क्यूबेटर यह सुवनभश्चत करेंगे वक सिी गवतविमियााँ स्िीकृत प्रस्ताि के अनुरूप हों तथा वनिायररत
माइलस्टोन (Milestones) की प्राप्प्त की ददशा में संचाललत की जाएाँ।
(घ) इन्क्यूबेटर, मुख्य काययपालन अमिकारी (CEO) / इन्क्यूबेटर प्रमुि को त्िररत, पारदशी एिं प्रिािी वनणय-वनमायण
हेतु पयायप्त स्िायत्तता तथा संचालन संबंिी स्ितंत्रता प्रदान करेगा।
(ङ) इन्क्यूबेटर, इन्क्यूबीटी (Incubates) के चयन हेतु पारदशी एिं योग्यता-आिाररत प्रणाली अपनाएगा। इन्क्यूबेशन,
इन्क्यूबेटर द्वारा वनिायररत शॉटयललसस्टिग मानदंिों की पूर्ति के अिीन होगा।
(च) इन्क्यूबेटर एिं इन्क्यूबीटी के मध्य औपचाररक सहिावगता सुवनभश्चत करने हेतु उपयु्त विमिक समझौते (Legal
Agreements) संपाददत वकए जाएाँगे।
(छ) इन्क्यूबेटर को आिश्यक सुवििाओं से सुसस्थित वकया जाएगा, जजनमें प्रयोगशालाएाँ, बैठक कक्ष, िीवियो
कॉन्करेंससिग सुवििा, उच्च गवत इंटरनेट/िाई-फाई, को-िर्किग स्पेस एिं आिश्यक मनोरंजन सुवििाएाँ सन्धम्मललत होंगी।
(ज) प्रत्येक इन्क्यूबेटर की एक स्ितंत्र िेबसाइट होगी, जजसमें इन्क्यूबीटी एिं काययक्रमों का समग्र वििरण उपलब्ध होगा।
िेबसाइट का अद्यतन न्कयूनतम प्रत्येक वतमाही में एक बार वकया जाना आिश्यक होगा।
(झ) सिी इन्क्यूबेटर राज्य स्तरीय स्टाटयअप संिियन सममवत को अियिार्र्षिक आिार पर समग्र प्रगवत प्रवतिेदन प्रस्तुत
करेंगे। साथ ही, पारदर्शिता एिं राष्ट्रीय पहलों जैसे स्टाटयअप इंविया के साथ समन्किय सुवनभश्चत करने हेतु नोिल एजेंसी
द्वारा चाही गई जानकारी आिश्यकतानुसार इन्क्यूबेटर द्वारा प्रस्तुत वकए जाएाँगे।
(ञ) इन्क्यूबेटर, वनिायररत मानकों के अनुरूप प्रदशयन एिं अनुपालन के आिार पर पात्र स्टाटयअप इकाइयों को अनुदान एिं
सुवििाएाँ प्रदान करने संबंिी अनुशंसा प्रदान करेंगे।
(ट) सह-इन्क्यूबेशन (Co-incubation) की अनुमवत होगी, जजससे कोई इकाई एक से अमिक इन्क्यूबेटरों में इन्क्यूबेट हो
सके। तथावप, इन्क्यूबेटरों द्वारा अनािश्यक बहु-पंजीयन को हतोत्सावहत वकया जाएगा, जब तक वक इन्क्यूबीटी को
िास्तविक एिं उलचत सहायता की आिश्यकता न हो।
(v) वित्तीय सहायता (Funding Support)
(क) सफल आिेदकों को इन्क्यूबेटर की िापना एिं संचालन हेतु पूंजीगत (Capital) तथा संचालन (Operational) व्ययों
की पूर्ति के ललए अमिकतम 05 िर्षों की अिमि तक अनुदान सहायता (Grant-in-Aid) प्रदान की जाएगी। स्िीकृत
अनुदान रालश का पूणय उपयोग वितरण की वतलथ से पााँच (05) िर्षों के िीतर वकया जाना अवनिायय होगा। वनिायररत अिमि
के उपरांत अव्यमयत रालश, एिं उस पर अर्जित ब्याज सवहत, राज्य शासन को िापस करना होगा।
(ि) शासकीय इन्क्यूबेटर हेतु कुल पात्र पररयोजना लागत के अमिकतम 75% तक अनुदान प्रदान वकया जाएगा, जजसमें
पूंजीगत अनुदान की अमिकतम सीमा 40% तक सीममत होगी। शेर्ष रालश पात्र संचालन व्यय (Operational
Expenditure) हेतु की जािेगी। जजसे पााँच (05) िर्षों की अिमि में सममवत द्वारा वनिायररत वकश्तों के आिार पर वितररत
वकया जाएगा।
(ग) वनजी इन्क्यूबेटर (दटयर-1 इन्क्यूबेटर) हेतु पात्र आिेदकों को उनकी कुल पररयोजना लागत का 50% तक अनुदान
प्रदान वकया जाएगा, जजसकी अमिकतम सीमा ₹3 करोड़ होगी। इसमें पूंजीगत व्यय (Capex) की अमिकतम सीमा
40% तक सीममत होगी। संचालन व्यय हेतु अनुदान पााँच (05) िर्षों की अिमि में सममवत द्वारा वनिायररत वकश्तों के आिार
पर वितररत वकया जाएगा।
(घ) वनजी इन्क्यूबेटर (दटयर-2 इन्क्यूबेटर) हेतु पात्र आिेदकों को उनकी कुल पररयोजना लागत का 50% तक अनुदान
प्रदान वकया जाएगा, जजसकी अमिकतम सीमा ₹2 करोड़ होगी। इसमें पूंजीगत व्यय (Capex) की अमिकतम सीमा 40%
तक सीममत होगी। संचालन व्यय हेतु अनुदान पााँच (05) िर्षों की अिमि में सममवत द्वारा वनिायररत वकश्तों के आिार पर
वितररत वकया जाएगा।
(ङ) औद्योवगक विकास नीवत 2024-30 के पररलशष्ट-4 के अनुसार पररिावर्षत समूह-3 विकासिंिों तथा बस्तर एिं
सरगुजा संिाग के समूह-2 विकासिंिों में स्थित इन्क्यूबेटरों को उपरो्त ताललका में उललेखित वित्तीय सहायता के
अवतरर्त 10% (दस प्रवतशत) की अवतरर्त सहायता प्रदान की जाएगी।
(vi) मॉवनटररिग (Monitoring)
(क) इन्क्यूबेटर को अनुदान की प्रथम वकस्त प्राप्प्त की वतलथ से छह (06) माह के िीतर संचालन प्रारंि करना अवनिायय
होगा। अनुदान की आगामी वकस्त जारी वकए जाने से पूिय संबंमित उपयोवगता प्रमाण-पत्र (Utilization Certificate -
UC) प्रस्तुत करना आिश्यक होगा। वनिायररत उपयोवगता प्रमाण-पत्र प्रस्तुत न वकए जाने की स्थिवत में पूंजीगत
एिं/अथिा संचालन व्यय हेतु आगामी वकस्तों का वितरण जारी नहीं वकया जाएगा।
(ि) िापना हेतु अनुदान की वनरंतरता एिं आगामी वकस्तों का वनगयम पूणयतः प्रदशयन-आिाररत (Performance Based)
होगा तथा राज्य स्तरीय स्टाटयअप संिियन सममवत (SSPC) द्वारा अियिार्र्षिक समीक्षा की जाएगी। प्रगवत में गंिीर कमी पाए
जाने पर मध्यािमि में ही सहायता समाप्त की जा सकती है।
(ग) िापना अनुदान के अवतरर्त इस नीवत के अंतगयत अन्कय वकसी िी प्रकार की सहायता प्राप्त करने हेतु आत्मवनियरता
(Self-Sustainability) एक प्रमुि मूलयांकन मानदंि होगा।
(vii) अनुदान का वितरण
(क) स्िीकृत अनुदान रालश का वनगयमन वकश्तों (Tranches/Installments) में वकया जाएगा, जजसका आिार वनम्नानुसार
होगा-
(अ) स्िीकृत पररयोजना प्रवतिेदन में वनर्दिष्ट माइलस्टोन की उपलब्धब्ध।
(आ) इन्क्यूबेटर द्वारा प्रस्तुत उपयोवगता प्रमाण-पत्र (UC) एिं प्रगवत प्रवतिेदन।
(इ) वकश्तों की संख्या राज्य स्तरीय स्टाटयअप संिियन सममवत (SSPC) द्वारा प्रकरण-विशेर्ष के आिार पर वनिायररत वकया
जािेगा
(ई) राज्य स्तरीय संिियन सममवत को प्रदशयन एिं अनुपालन के आिार पर आगामी वकश्तों की समीक्षा, संशोिन अथिा
रोके जाने का अमिकार सुरभक्षत रहेगा।
(viii) सामान्कय ददशा-वनदेश (General Guidelines)
(क) इन्क्यूबेटर सहायता हेतु आिेदन करने िाले संिान/आिेदक को संबंमित सहायता ददशा-वनदेशों में उललेखित पात्रता
मानदंिों की पूर्ति करना अवनिायय होगा।
(ि) संिा की सिोच्च शासी वनकाय द्वारा एक औपचाररक प्रस्ताि (Resolution) पाररत वकया जाएगा, जजसमें
इन्क्यूबेटर की िापना (Host) करने तथा वनर्दिष्ट न्कयूनतम वनर्मित क्षेत्र उपलब्ध कराने की प्रवतबद्ता होगी। प्रस्तावित
िान में इन्क्यूबेशन सुवििाएाँ, बैठक कक्ष, मनोरंजन क्षेत्र एिं आिश्यक अिोसंरचना सन्धम्मललत होना चावहए।
(ग) इन्क्यूबेटर, पात्रता के अिीन, छत्तीसगढ़ निाचार एिं स्टाटयअप नीवत, 2025 के अंतगयत अन्कय प्रकार की सहायता हेतु
पृथक आिेदन प्रस्तुत कर सकता है।
(घ) वनम्नललखित मदें पररयोजना की पूंजीगत लागत में सन्धम्मललत नहीं की जाएाँगी-
(अ) िूमम क्रय, ििन वनमायण (शेल एिं कोर), िाहन क्रय व्यय
(आ) वकसी िी प्रकार का वकराया व्यय
(इ) संिा के स्िाममत्ि िाले पररसर हेतु वकराया/लीज अथिा ईएमआई िुगतान
(ई) अनुदान स्िीकृवत से पूिय उपलब्ध मौजूदा मशीनरी/अिोसंरचना
(उ) इन्क्यूबेटर आिेदन तैयार करने हेतु बाह्य एजेंलसयों/व्यस्थ्तयों को ददया गया शुलक
(ऊ) इकाई पंजीयन, बैंक िाता िोलने हेतु सीि मनी या समकक्ष व्यय
(ऋ) अंतरराष्ट्रीय यात्रा व्यय
(ए) सेकेंि हैंि मशीनरी
(ix) स्िीकृत अनुदान का उपयोग केिल अनुमोददत उद्देश्य हेतु वनिायररत समय-सीमा में वकया जाएगा। अव्यमयत शेर्ष रालश,
अर्जित ब्याज सवहत, नोिल वििाग को िापस करना अवनिायय होगा।
(x) निीन इन्क्यूबेटर को अनुदान की प्रथम वकस्त प्राप्त होने की वतलथ से छह (6) माह के िीतर अपना संचालन प्रारंि करना
अवनिायय होगा। इन्क्यूबेटर द्वारा संचालन प्रारंि होने की वतलथ से पााँच (5) िर्षों की अिमि में न्कयूनतम 100 स्टाटयअप्स को
इन्क्यूबेशन सहायता प्रदान की जाएगी। इस लक्ष्य की गणना हेतु केिल िे स्टाटयअप्स मान्कय होंगे, जजन्कहें इन्क्यूबेटर द्वारा
विमिित चयवनत कर न्कयूनतम छह (6) माह की सतत इन्क्यूबेशन सेिाएाँ प्रदान की गई हों तथा जजन्कहें मेंटररिग, व्यिसाय
विकास, नेटिर्किग, तकनीकी अथिा अन्कय इन्क्यूबेशन सुवििाओं का दस्तािेजीकृत समथयन उपलब्ध कराया गया हो।
(xi) प्राप्त अनुदान के संबंि में उपयोवगता प्रमाण-पत्र (UC) एिं ऑविटेि लेिा-प्रवतिेदन छत्तीसगढ़ शासन के प्रचललत
वित्तीय वनयमों के अनुसार नोिल वििाग को प्रस्तुत वकए जाएाँगे।
(xii) पूंजीगत व्यय (Capex) के अंतगयत इन्क्यूबेटर के ललए आिश्यक अिोसंरचना विकास, फनीचर एिं वफ्स्चर, आईटी
एिं नेटिर्किग उपकरण, प्रोटोटाइबपिग उपकरण, कॉन्करेंस एिं प्रलशक्षण सुवििाओं की िापना आदद अिोसंरचना िापना,
फनीचर, आईटी हाियिेयर, प्रयोगशाला उपकरण एिं अन्कय दीघयकाललक पररसंपभत्तयों से संबंमित व्यय सन्धम्मललत होंगे, जबवक
संचालन व्यय (Opex) में िेतन, उपयोवगता सेिाएाँ, रि-रिाि, सॉफ्टिेयर सस्थब्स्क्रप्शन, माकेटटिग एिं आउटररच, विशेर्षज्ञों के
मानदेय, प्रलशक्षण काययक्रम एिं ऑवफस संचालन व्यय हेतु आिश्यक उपिोग्य सामग्री सन्धम्मललत होंगी।
(xiii) राज्य स्तरीय स्टाटयअप संिियन सममवत को आिश्यकता अनुसार पूंजीगत एिं संचालन लागत के अंतगयत अवतरर्त व्यय
मदों को अनुमोददत करने का वििेकामिकार होगा।
(2) इन्क्यूबेटर उन्नयन एिं संचालन अनुदान
(i) नीवत की कंविका 7(3) के अनुसार राज्य के िावपत इन्क्यूबेशन केंद्रों को नीवत मे वनिायररत पात्रता शतों की पूर्ति करने
पर नीवत में उललेखित मात्रानुसार इन्क्यूबेटर उन्नयन एिं संचालन अनुदान की पात्रता होगी।
(ii) आिेदक इन्क्यूबेटर द्वारा पूिय मे वनिेलशत रालश का स्पष्ट वििरण प्रस्तुत करते हुए ऑनलाइन आिेदन वनम्नललखित
दस्तािेजों के साथ वििागीय पोटयल के माध्यम से वकया जािेगा:
(क) चाटयिय अकाउंटेंट द्वारा प्रमाभणत ितयमान िायी पूंजी वनिेश का वििरण
(ि) वनिेलशत रालश में 25% िृजद् का चाटयिय अकाउंटेंट द्वारा प्रमाण-पत्र
(ग) विस्तृत पररयोजना प्रवतिेदन (प्रस्तावित वनिेश एिं इन्क्यूबेशन क्षमता/सीटों में 25% िृजद् का प्रस्ताि सवहत)
(घ) न्कयूनतम 2 िर्षों के संचालन का प्रमाण
(ङ) वपछले वित्तीय िर्षों के ऑविटेि िार्र्षिक वित्तीय वििरण
(च) राज्य शासन / केंद्रीय योजनाओं से प्राप्त/प्राप्त हो रहे अनुदान का वििरण
(छ) िरीदी गई मशीनरी/उपकरण के मूल वबल/इनिॉइस एिं अिोसंरचना के विकास मे व्यय का प्रमाण
(ज) सीए द्वारा सत्यावपत िुगतान प्रमाण (बैंक स्टेटमेंट/UTR)
(iii) पात्र इन्यूबेटर द्वारा इस सहायता हेतु आिेदन, आिश्यक मशीनों/उपकरणों एिं संबंमित सॉफ्टिेयर की िरीद तथा
उनकी सफल कमीशबनिग एिं उपयोगकताय स्िीकृवत परीक्षण पूणय होने की वतलथ से एक िर्षय के िीतर प्रस्तुत वकया जाना
अवनिायय होगा।
(iv) उन्नयन सहायता केिल राज्य स्तरीय स्टाटयअप संिियन सममवत (SSPC) द्वारा विस्तृत परीक्षण एिं अनुमोदन के उपरांत
प्रदान की जाएगी। प्रत्येक आिेदन का पृथक रूप से मूलयांकन वकया जाएगा तथा सहायता केिल प्रकरण-विशेर्ष (Case-
to-Case Basis) के आिार पर, लागू मानकों एिं पात्रता शतों के अनुपालन के अिीन प्रदान की जाएगी।
6. काययक्रम आयोजन अनुदान
(1) छत्तीसगढ़ निाचार एिं स्टाटयअप प्रोत्साहन नीवत, 2025-2030 की कंविका 7(4) के अनुसार राज्य शासन से मान्कयता प्राप्त
इन्यूबेटसय को स्टाटयअप्स, निाचार और उद्यममता से संबंमित राज्य-स्तरीय काययक्रम आयोजजत नीवत में उललेखित मात्रानुसार
अनुदान की पात्रता होगी।
(2) पात्रता
(i) आिेदनकताय राज्य के मान्कयता प्राप्त इन्क्यूबेशन केंद्र होने चावहए।
(ii) स्टाटयअप-केंदद्रत आयोजन ही इस अनुदान के ललए पात्र होंगे।
(iii) सहायता केिल छत्तीसगढ़ राज्य में आयोजजत काययक्रमों पर लागू होगी।
(3) पात्र काययक्रम - वनम्न प्रकार के काययक्रम सहायता के पात्र होंगे-
(i) स्टाटयअप बूटकैम्प, काययशाला, प्रलशक्षण काययक्रम
(ii) हैकाथॉन, आइवियाथान चैलेंज
(iii) वपसचिग सेशन, इन्किेस्टर कने्ट काययक्रम
(iv) कोहॉट लॉन्कच/िेमो िे
(v) उद्यममता जागरूकता काययक्रम
(vi) मेंटर मास्टर्लास / विशेर्षज्ञ सत्र
(vii) से्टर-विलशष्ट निाचार काययक्रम, स्टाटयअप से संबंमित अन्कय काययक्रम
नोट: गैर-स्टाटयअप काययक्रम, सांस्कृवतक/सामाजजक काययक्रम, सामान्कय उत्सि आदद पात्र नहीं होंगे।
(4) प्रवतपूर्ति हेतु पात्र मद:-
(i) हॉल/िेन्कयू शुलक
(ii) ऑवियो-विजुअल व्यििा
(iii) प्रचार-प्रसार सामग्री (बैनर, पोस्टर, digital प्रमोशन)
(iv) इिेंट मैनेजमेंट सेिाएाँ
(v) प्रलशक्षण सामग्री, स्टेशनरी, प्रवतिागी वकट
(vi) बाहरी विशेर्षज्ञ मेंटसय का मानदेय
(5) प्रवतपूर्ति के ललए अपात्र मद:-
(i) उपहार/स्मृवत लचन्कह
(ii) प्रवतिावगयों / विशेर्षज्ञों का आिागमन एिं ठहराि (Travel/Accommodation)
(iii) वकसी िी प्रकार की पररसंपभत्त (Assets) की िरीद
(iv) नकद इनाम
(v) अन्कय व्यय जो प्रत्यक्ष रूप से काययक्रम से संबन्धित न हो।
(6) आिेदन प्रवक्रया:-
(i) इन्क्यूबेटर को काययक्रम आयोजजत करने से पूिय सूचना संबन्धित जजले के जजला व्यापार एिं उद्योग केंद्र तथा उद्योग
संचालनालय मे ई-मेल के माध्यम से प्रेवर्षत करना आिश्यक होगा। प्रस्ताि में काययक्रम का उद्देश्य, एजेंिा, संिावित प्रवतिागी,
और अनुमावनत बजट सन्धम्मललत करना आिश्यक होगा।
(ii) संबंमित काययक्रम में जजला व्यापार एिं उद्योग केंद्र के प्रवतवनमि को आमंवत्रत वकया जाना अवनिायय होगा। यदद प्रवतवनमि
की अनुपलब्धता के कारण उनकी उपस्थिवत संिि न हो, तो उ्त कारण काययक्रम के आयोजन अथिा उसकी पात्रता को
प्रिावित नहीं करेगा, बशते वक प्रवतवनमि को पूिय सूचना एिं आमंत्रण प्रेवर्षत वकया गया हो।
(iii) आयोजन की समाप्प्त के 90 ददिसों के िीतर इन्क्यूबेट को अनुदान हेतु वनम्न दस्तािेजों के साथ ऑनलाइन आिेदन
वििागीय पोटयल मे प्रस्तुत करना होगा-
(क) इिेंट ररपोटय (फोटो सवहत)
(ि) पूिय सूचना के संबंि मे ई-मेल की प्रवत
(ग) प्रवतिावगयों की उपस्थिवत सूची
(घ) व्यय का विस्तृत वििरण
(ङ) मूल वबल/इनिॉइस (सील एिं हस्ताक्षर सवहत)
(च) िुगतान प्रमाण (बैंक स्टेटमेंट, UTR आदद)
(छ) प्रचार सामग्री (पोस्टर, सोशल मीविया सलिक आदद)
(iv) आिेदनो का वनराकरण सक्षम अमिकारी द्वारा वकया जािेगा। प्रकरण पूणय एिं वनयमानुसार होने पर स्िीकृवत आदेश
जारी वकया जा सकेगा तथा वकसी विसंगवत की स्थिवत में संचालक उद्योग की अनुमवत से इकाई का वनरीक्षण वकया जा
सकेगा।
(v) आिेदन के वनयमानुसार न होने पर/अपूणय होने पर सक्षम अमिकारी द्वारा वनरस्तीकरण आदेश जारी वकया जा सकेगा
जजसमें प्रकरण के वनरस्तीकरण का कारण तथा अपील प्राििानों का स्पष्ट उललेि करना होगा।
(vi) बजट उपलब्ध होने पर स्िीकृत रालश का वितरण ऑनलाइन व्यििा के माध्यम से इकाई के बैंक िाते में वकया जािेगा।
(vii) बजट आबंटन के अिाि में अनुदान रालश देने में विलंब होने पर वििाग का कोई दामयत्ि नहीं होगा, न ही अनुदान रालश
पर ब्याज देय होगा। अनुदान रालश का िुगतान आगामी बजट प्राप्त होने के उपरांत वकया जा सकेगा।
7. ए्सेलेरेशन काययक्रम
(1) नीवत की कंविका 7(5) के अनुसार मान्कयता प्राप्त इन्क्यूबेशन केंद्रों को ए्सेलेरेशन काययक्रम हेतु नीवत में प्राििावनत
मात्रानुसार अनुदान की पात्रता होगी।
(2) प्रस्तावित ए्सेलेरेशन काययक्रम की अिमि न्कयूनतम 8 सप्ताह होगी।
(3) प्रत्येक काययक्रम में न्कयूनतम 10 विकास-चरण के स्टाटयअप्स का चयन वकया जाना अवनिायय होगा।
(4) काययक्रम में वनम्न प्रमुि घटक सन्धम्मललत होना आिश्यक होगा -
(i) संरलचत पाठ्यक्रम
(ii) विशेर्षज्ञ मेंटरलशप
(iii) व्यिसाय मॉिल सुदृढ़ीकरण
(iv) बाजार सत्यापन
(v) इन्किेस्टर कने्ट
(vi) नेटिर्किग एिं उद्योग संिाद
(5) इन्क्यूबेशन केन्कद्र के पास काययक्रम संचालन हेतु आिश्यक प्रबंिन क्षमता एिं विशेर्षज्ञता उपलब्ध होना चावहए। ऐसी क्षमता
अथिा विशेर्षज्ञता आंतररक संसािनों अथिा बाह्य विशेर्षज्ञों/सहयोगी संिाओं के माध्यम से सुवनभश्चत की जा सकेगी।
(6) आिेदन प्रवक्रया
(i) ए्सेलेरेशन काययक्रम आयोजजत करने से पूिय नोिल वििाग/SSPC से सैद्ांवतक अनुमवत प्राप्त करना अवनिायय होगा। इस
हेतु इन्क्यूबेशन केन्कद्र द्वारा काययक्रम प्रस्ताि (DPR) एिं बजट सवहत ऑनलाइन आिेदन प्रस्तुत वकया जािेगा। अनुमवत प्राप्त
होने के पश्चात ही काययक्रम आयोजजत वकया जाएगा।
(ii) काययक्रम आयोजन के पश्चात प्रवतपूर्ति हेतु आिेदन काययक्रम के समापन के 6 माह के िीतर वनम्नललखित दस्तािेजों के
साथ ऑनलाइन वििागीय पोटयल के माध्यम से प्रस्तुत वकया जािेगा।
(क) विस्तृत पररयोजना प्रस्ताि (DPR)
(ि) काययक्रम की विस्तृत ररपोटय (प्राप्त आिेदनों की संख्या, चयवनत स्टाटयअप्स की संख्या, आयोजजत मेंटरलशप सत्रों का
वििरण, उद्योग एिं वनिेशकों की सहिावगता, आयोजजत काययशालाओं की संख्या, िेमो िे की जानकारी, काययक्रम पूणय
करने िाले स्टाटयअप्स की संख्या सवहत)
(ग) मद-िार बजट उपयोवगता
(घ) काययक्रम प्रबंिन टीम का वििरण
(ङ) मेंटसय एिं विशेर्षज्ञों की सूची
(च) स्टाटयअप चयन प्रवक्रया का वििरण
(छ) मूलयांकन मानदंि
(ज) chartered accountant द्वारा सत्यावपत व्यय वििरण
(झ) प्रवतिागी स्टाटयअप्स की सूची
(iii) आिेदन प्राप्त होने के पश्चात प्रकरण अपूणय होने की स्थिवत में, प्रकरण में कममयों को बताते हुये आिेदन कमीपूर्ति हेतु
िापस वकए जाएंगे। आिेदक द्वारा 60 ददिसों की अिमि में कममयों की पूर्ति नहीं करने पर अपूणय प्रकरण स्िमेि वनरस्त मान्कय
होंगे।
(iv) आिेदनो का वनराकरण सक्षम अमिकारी द्वारा वकया जािेगा। प्रकरण पूणय एिं वनयमानुसार होने पर स्िीकृवत आदेश जारी
वकया जा सकेगा तथा वकसी विसंगवत की स्थिवत में संचालक उद्योग की अनुमवत से इकाई का वनरीक्षण वकया जा सकेगा।
(v) आिेदन के वनयमानुसार न होने पर/अपूणय होने पर सक्षम अमिकारी द्वारा वनरस्तीकरण आदेश जारी वकया जा सकेगा
जजसमें प्रकरण के वनरस्तीकरण का कारण तथा अपील प्राििानों का स्पष्ट उललेि करना होगा।
(vi) बजट उपलब्ध होने पर स्िीकृत रालश का वितरण ऑनलाइन व्यििा के माध्यम से इकाई के बैंक िाते में वकया जािेगा।
(vii) बजट आबंटन के अिाि में अनुदान रालश देने में विलंब होने पर वििाग का कोई दामयत्ि नहीं होगा, न ही अनुदान रालश
पर ब्याज देय होगा। अनुदान रालश का िुगतान आगामी बजट प्राप्त होने के उपरांत वकया जा सकेगा।
(7) काययक्रम की संरचना
ए्सेलेरेशन काययक्रम सामान्कयतः वनम्न चरणों में संचाललत वकया जाएगा –
(i) प्रचार-प्रसार एिं आिेदन आमंत्रण इन्क्यूबेशन केन्कद्र द्वारा राज्य स्तर पर स्टाटयअप्स से आिेदन आमंवत्रत वकए जाएंगे।
(ii) मूलयांकन एिं चयन-प्राप्त आिेदनों का इन्क्यूबेशन केन्कद्र द्वारा गदठत विशेर्षज्ञों एिं प्रवतवनमियों की सममवत द्वारा मूलयांकन
वकया जाएगा।
(iii) चयन के प्रमुि मानदंि -
(क) निाचार की क्षमता
(ि) बाजार संिाव्यता
(ग) व्यिसाय मॉिल की व्यिहाययता
(घ) टीम की क्षमता
(ङ) स्केल-अप की संिािना
(iv) ए्सेलेरेशन चरण में चयवनत स्टाटयअप्स को वनम्न सहयोग प्रदान वकया जाएगा -
(क) िन टू िन मेंटरलशप
(ि) व्यिसाय रणनीवत विकास
(ग) उत्पाद/सेिा पररष्करण
(घ) ग्राहक अमिग्रहण रणनीवत
(ई) वित्तीय मॉिसलिग
(च) कानूनी एिं बौजद्क संपदा परामशय
(छ) वनिेशक तैयारी
(v) वनिेशक कने्ट/िेमो िे
काययक्रम के समापन पर स्टाटयअप्स को वनिेशकों, उद्योग प्रवतवनमियों, कॉपोरेटटस तथा अन्कय वहतिारकों के समक्ष प्रस्तुवत देने का
अिसर प्रदान वकया जाएगा।
(vi) पोस्ट-प्रोग्राम समथयन
काययक्रम पूणय होने के पश्चात िी स्टाटयअप्स को सीममत अिमि तक मेंटरलशप एिं वनिेशक संपकय में सहायता प्रदान की जाएगी।
(vii) स्िीकायय व्यय मद
(क) मेंटसय एिं उद्योग विशेर्षज्ञों का मानदेय
(ि) प्रलशक्षण सत्र एिं काययशालाओं का आयोजन व्यय
(ग) काययक्रम प्रबंिन एिं समन्किय व्यय
(घ) प्रचार-प्रसार एिं आउटरीच गवतविमियााँ
(ङ) वनिेशक कने्ट / िेमो िे आयोजन व्यय
(च) काययक्रम संचालन हेतु आिश्यक लॉजजप्स्टक व्यय
(छ) सीममत प्रशासवनक व्यय
8. कॉलेज इनोिेशन एिं स्टाटयअप सेल (CISCs)
(1) इस नीवत की कंविका 7(6) के अनुसार विलशष्ट रूप से लचन्कहांवकत महाविद्यालय को नीवत मे उललेखित पात्रता शतों की पूर्ति
करने पर नीवत मे वनिायररत मात्रानुसार अनुदान की पात्रता होगी।
(2) फंबििग सहायता हेतु आिेदन प्रवक्रया
(i) शैक्षभणक संिाएाँ वििागीय िेबसाइट के माध्यम से कॉलेज इनोिेशन एिं स्टाटयअप सेल हेतु वनम्नललखित दस्तािेजों के
साथ आिेदन करेंगी-
(क) महाविद्यालय/संिान की मान्कयता प्रमाण-पत्र (UGC/AICTE / संबद् विश्वविद्यालय से संबद्ता प्रमाण)
(ि) संिान का पंजीयन प्रमाण-पत्र (यदद लागू हो)
(ग) कॉलेज इनोिेशन एिं स्टाटयअप सेल (CISC) के गठन का आमिकाररक आदेश/अमिसूचना
(घ) सेल के नोिल अमिकारी/समन्कियक की वनयुस्थ्त आदेश की प्रवत
(ङ) प्रस्तावित िार्र्षिक काययोजना (एक्शन प्लान)
(च) निाचार गवतविमियों की सूची
(छ) काययशालाएाँ/हैकाथॉन/मेंटोररिग सत्र
(ज) प्रोटोटाइप विकास गवतविमियााँ
(झ) प्रस्तावित िार्र्षिक बजट योजना (व्यय मदिार वििरण सवहत)।
(ञ) संिान द्वारा राज्य शासन के संचालन सहयोग के बराबर स्ियं के संसािनों अथिा िागीदारी के माध्यम से
वित्तीय/संसािन योगदान करने हेतु शपथ पत्र
(ट) निगदठत कॉलेज इनोिेशन एिं स्टाटयअप सेल (CISC) के प्रकरण मे प्रस्तावित काययोजना एिं संिागत प्रवतबद्ता
पत्र पयायप्त माना जािेगा। एक िर्षय से अमिक पुराने CISC हेतु विगत िर्षय का संचालन एिं गवतविमि प्रमाण पत्र आिश्यक
होगा।
(ठ) आयोजजत गवतविमियों की ररपोटय (काययक्रम वििरण, प्रवतिावगयों की सूची, फोटो आदद)।
(ि) छात्र सहिावगता का वििरण (पंजीयन सूची/आईिी वििरण)।
(ढ) समर्थित स्टाटयअप/आइविया/प्रोटोटाइप का वििरण।
(ण) उद्योग/इन्क्यूबेटर/अन्कय संिाओं के साथ वकए गए एमओयू/सहयोग पत्र (यदद कोई हो)।
(ii) अपूणय आिेदन कमीपूर्ति बताते हुये आिेदक संिान को िापस वकए जाएंगे। यदद आिेदक इकाई द्वारा 60 ददिसों में
कमीपूर्ति नहीं की जाती है तो आिेदन स्िमेि वनरस्त वकए जायेंगे।
(iii) प्राप्त पूणय आिेदन को राज्य स्तरीय स्टाटयअप संिियन सममवत के समक्ष प्रस्तुत वकया जािेगा। सममवत द्वारा अनुमोदन
पश्चात, प्रत्येक कॉलेज इनोिेशन एिं स्टाटयअप सेल को सदस्य सलचि द्वारा स्िीकृवत आदेश जारी वकया जािेगा।
(iv) कॉलेज इनोिेशन एिं स्टाटयअप सेल को छात्रों की सहिावगता एिं स्टाटयअप पररणामों का अभिलेि रिना होगा तथा
राज्य स्तरीय स्टाटयअप संिियन सममवत (SSPC) को प्रत्येक 06 माह में (अियिार्र्षिक) प्रगवत प्रवतिेदन प्रस्तुत करना अवनिायय
होगा।
(v) आगामी िर्षय हेतु अनुदान का वितरण तिी वकया जािेगा जब पूिय स्िीकृत से संबंमित प्रवतिेदन प्रस्तुत वकया गया हो।
(3) पात्र व्यय मद (Eligible Heads)
राज्य शासन द्वारा प्रदत्त संचालन अनुदान का उपयोग वनम्नललखित मदों तक सीममत रहेगा-
(i) निाचार एिं उद्यममता गवतविमियााँ हैकाथॉन, काययशालाएाँ, बूटकैंप, स्टाटयअप प्रवतयोवगताएाँ एिं जागरूकता काययक्रम।
(ii) मेंटोरलशप एिं प्रलशक्षण - विर्षय विशेर्षज्ञों का मानदेय, फैकलटी/स्टूिेंट उद्यममता प्रलशक्षण काययक्रम।
(iii) प्रोटोटाइप एिं आइविया समथयन प्रारंभिक प्रोटोटाइप विकास, परीक्षण एिं IP परामशय हेतु व्यय।
(iv) संचालन व्यय - स्टेशनरी, आईटी/सॉफ्टिेयर सब्सवक्रप्शन, काययक्रम आयोजन व्यय।
(4) अपात्र व्यय
(i) अनुदान का उपयोग ििन वनमायण, िाहन क्रय, वनयममत िेतन या गैर-निाचार गवतविमियों में नहीं वकया जाएगा।
(ii) पूिय में वकए गए व्यय की प्रवतपूर्ति हेतु इस अनुदान का उपयोग नहीं वकया जाएगा।
(iii) इन वनमियों का उपयोग पुरस्कार रालश अथिा नकद इनाम हेतु नहीं वकया जा सकेगा।
9. इन्क्यूबेटर हेतु सामान्कय शतें
(1) इन्क्यूबेशन केंद्रों द्वारा िाभणस्थज्यक उत्पादन अथिा सेिा गवतविमि प्रारम्भ होने की वतलथ से 05 िर्षों तक, औद्योवगक विकास
नीवत 2024-30 की कंविका 12.19 में प्राििावनत प्राििानों के अनुसार राज्य के मूल वनिालसयों को वनिायररत प्रवतशत में रोजगार
उपलब्ध कराना अवनिायय होगा।
(2) केंद्र सरकार/राज्य शासन के वकसी योजना से सहायता प्राप्त इन्यूबेटसय को इस नीवत के अंतगयत उललेखित सहायता की
पात्रता होगी, परंतु समान मद में व्यय हेतु यह पात्रता नहीं होगी।
(3) निीन इन्क्यूबेटर द्वारा सेिा गवतविमि प्रारम्भ तथा िावपत इन्क्यूबेटर का उन्नयन औद्योवगक विकास नीवत 2024-30 की
कालािमि में प्रारम्भ वकया गया हो।
(4) नीवत की कंविका 8 (1) के अनुसार राज्य शासन से सहायता प्राप्त इन्क्यूबेटर को न्कयूनतम 10% इन्क्यूबेशन सीट मवहला एिं
विशेर्ष श्रेणी के उद्यममयों (अनुसूलचत जावत/अनुसूलचत जनजावत, िारतीय सेना के सेिावनिृत्त सैवनक/अखग्निीर, न्सलिाद
प्रिावित व्यस्थ्त/पररिार तथा ददव्यांगजन) हेतु तथा पृथक से न्कयूनतम 10% इन्क्यूबेशन सीट प्राथममकता क्षेत्र में काययरत
स्टाटयअप इकाइयों हेतु आरभक्षत रिना होगा।
(5) इन्क्यूबेटर द्वारा राज्य के मूल वनिालसयों को वनिायररत प्रवतशत में रोजगार उपलब्ध कराने के पश्चात यदद बाद में रोजगार से
िंलचत वकया जाता है ि इस कारण अकुशल, कुशल ि प्रबंिकीय िगय में ददये जाने िाले रोज़गार का प्रवतशत औद्योवगक विकास
नीवत में वनिायररत प्रवतशत से कम हो जाता है, तो ऐसी अिमि में अनुदान की पात्रता नहीं होगी तथा अनुदान रालश संबंिी ्लेम को
वनरस्त कर िापस समायोजजत की जा सकेगी।
(6) उद्योग संचालनालय अथिा जजला व्यापार एिं उद्योग केन्कद्र द्वारा योजना से संबंमित वकसी िी प्रकार की सूचना अथिा
अभिलेि मांगे जाने पर, यदद इन्क्यूबेटर द्वारा वनिायररत समयािमि में उ्त सूचना/अभिलेि उपलब्ध नहीं कराए जाते हैं, तो
उपयुय्त प्राििानों के अनुसार स्िीकृत अनुदान को वनरस्त करते हुए उसकी िसूली अथिा समायोजन की काययिाही की जा
सकेंगी।
(7) यदद वकसी इन्क्यूबेटर को उसकी पात्रता से अमिक अनुदान प्राप्त हो जाता है, तो उपयुय्त प्राििानों अनुसार अवतरर्त
अनुदान का वनरस्तीकरण तथा उसकी िसूली समायोजन की काययिाही की जा सकेगी।
(8) उपयुय्त प्राििानों के अनुसार, यथास्थिवत अनुदान के वनरस्तीकरण, संशोिन अथिा अमिक प्रदत्त अनुदान रालश की
िसूली/समायोजन हेतु आदेश संबंमित स्िीकृतकताय अमिकारी द्वारा जारी वकए जाएंगे।
10. अपील-
(1) सक्षम अमिकारी/सदस्य सलचि अथिा संचालक उद्योग द्वारा जारी वकसी आदेश के विरुद् प्रथम अपील िारसािक सलचि,
िाभणज्य एिं उद्योग वििाग को की जा सकेगी।
(2) अपील शुलक रु. 2000/- का िुगतान कर चालान की प्रवत प्रस्तुत करने पर ही अपील ग्राह्य होगी।
(3) अपील शुलक का िुगतान 'विविि प्राप्प्तयां' शीर्षय के अंतगयत चालान के माध्यम से वकया जाएगा तथा संबंमित स्ित्ि
वनरस्तीकरण अमिकारी/प्रथम अपीलीय अमिकारी के कायायलय में जमा कराया जाएगा।
(4). अपीलीय अमिकारी को अपील करने में हुए विलंब तथा अनुदान हेतु आिेदन प्रस्तुत करने में हुए विलंब एिं अमिसूचना के
अिीन वकसी अन्कय बबिदु पर प्रकरण के गुण-दोर्ष के आिार पर तथा अपीलाथी को अपना पक्ष रिने का एक अिसर प्रदान करते
हुए अपील प्रकरण का वनराकरण वकया जािेगा।
11. सामान्कय शतें
(1) रालश की िसूली:-
(i) स्िीकृतकताय अमिकारी को यह अमिकार होगा वक आिेदन स्िीकृत होने के पश्चात िी वनयमानुसार नहीं पाये जाने अथिा
त्रुदटपूणय अभिलेि के आिार पर की गई स्िीकृवत आदेश वनरस्त कर सकेंगे तथा यदद रालश इकाई वित्तीय संिा / बैंक को
िुगतान कर दी गयी हो तो िसूली आदेश जारी कर सकेंगे। यह रालश 12.5 प्रवतशत िार्र्षिक सािारण ब्याज की दर से िसूल
की जा सकेगी।
(2) उद्योग संचालनालय अथिा जजला व्यापार एिं उद्योग केन्कद्र द्वारा वनयमों से संबंमित वकसी सूचना अथिा अभिलेि की मांग
वकए जाने पर, यदद इन्क्यूबेटर द्वारा उ्त सूचना/अभिलेि उपलब्ध नहीं कराए जाते हैं, तो स्िीकृतकताय अमिकारी प्रकरण पर
पुनर्ििचार करते हुए स्िीकृवत वनरस्त कर सकेगा तथा िसूली संबंिी आदेश जारी कर सकेगा।
(3) स्िप्रेरणा से वनणय
िारसािक सलचि, िाभणज्य एिं उद्योग वििाग, आयु्त संचालक उद्योग वकसी िी अभिलेि को बुला सकेंगे तथा ऐसे आदेश
पाररत कर सकेंगे जैसा वक िे वनयमानुसार उलचत समझें, परन्कतु स्िीकृत अनुदान/छूट को वनरस्त करने या उसमें पररितयन के पूिय
प्रिावित पक्ष को सुनिाई का एक अिसर अिश्य ददया जािेगा। स्ियं के वनणय / आदेश की िी समीक्षा िारसािक सलचि,
िाभणज्य एिं उद्योग वििाग, आयु्त संचालक उद्योग कर सकेंगे।
(4) वक्रयान्कियन
(i) इन वनयमों की व्याख्या, प्रवतपूर्ति की पात्रता या अन्कय वििाद की दशा में राज्य शासन का वनणय अंवतम एिं बंिनकारी
होगा।
(ii) राज्य शासन द्वारा नीवत में संशोिन वकए जाने की स्थिवत में उ्त संशोिन इस वनयम में यथास्थिवत लागू होंगे।
(iii) इन वनयमों के अन्कतगयत काययकारी वनदेश जारी करने, आिेदन पत्र, वनरीक्षण परीक्षण प्रवतिेदन के प्ररूप में संशोिन हेतु
संचालक उद्योग सक्षम होंगे एिं प्रवतपूर्ति से संबंमित वकसी मुद्दे पर जजला व्यापार एिं उद्योग केन्कद्रों द्वारा मागयदशयन मांगे जाने
पर संचालक उद्योग द्वारा मागयदशयन ददया जािेगा।
(5) सक्षम अमिकारी
(i) इस वनयम की कंविकाओं में उललेखित सक्षम अमिकारी संचालक उद्योग अथिा उनके द्वारा नामांवकत अमिकारी होंगे।
12. काययकारी वनदेश
(1) अमिसूचना के अंतगयत आिश्यक काययकारी वनदेश जारी करने हेतु संचालक उद्योग सक्षम होंगें। अनुदान से संबंमित वकसी मुद्दे
पर जजला व्यापार एिं उद्योग केन्कद्रों द्वारा मागयदशयन मांगे जाने पर संचालक उद्योग, उद्योग संचालनालय द्वारा मागयदशयन ददया
जािेगा।
(2) वनयमों की व्याख्या, अनुदान की पात्रता या अन्कय वििाद की दशा में राज्य शासन, िाभणज्य एिं उद्योग वििाग का वनणय
अंवतम एिं बंिनकारी होगा।
(3) इन वनयम में विवनर्दिष्ट प्राििान उपयुय्त उस्थललखित अन्कय अमिसूलचत वनयमों में िर्णित समरूप प्राििानों पर अभििािी होंगे।
(4) इस योजना के अंतगयत कोई िाद होने पर राज्य के उच्च न्कयायालय में ही िाद दायर वकया जा सकेगा।
(5) इन वनयमों के अलग-अलग िार्षाओं में संस्करण जारी करने हेतु आयु्त/संचालक उद्योग सक्षम होंगे। विभिन्न िार्षाओं के
संस्करण में वकसी वििाद की स्थिवत में वहन्कदी संस्करण मान्कय होगा।
(6) इन वनयमों का वक्रयान्कियन उद्योग संचालनालय ि उनके अिीनि जजला व्यापार एिं उद्योग केन्कद्रों द्वारा वकया जािेगा।
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