6310 DG/2025

(1)

रजिस्ट्री सं. डी.एल.- 33002/99 REGD. No. D. L.-33002/99

xxxGIDHxxx

xxxGIDExxx

असाधारण

EXTRAORDINARY

प्राजधकार से प्रकाजित

PUBLISHED BY AUTHORITY

भाग II—I

PART II—I

राष्ट्रीय रािधानी राज्य क्षेत्र दिल्ली सरकार

GOVERNMENT OF THE NATIONAL CAPITAL TERRITORY OF DELHI

दिल्ली उच्च न्यायालय: नई दिल्ली

अजधसूचना

दिल् ली, 22 जसतम् बर, 2025

सं. 68/जनयम/दि.उ.न्या.—भारतीय संजिधान के अनुच्छेि 309 के परंतुक सहपठित भारत सरकार, गृह मंत्रालय

की अजधसूचना संख्या एफ27/40/50-एनिीएस, दिनांक 28 अक्टूबर, 1953 के द्वारा प्रित्त िजियों एिं इस जनजमत्त समर्थ

बनाने िाली अन्य समस्ट्त िजियों का प्रयोग करते हुए दिल्ली उच्च न्यायालय केंद्र सरकार के पूिथ अनुमोिन सजहत एिं

माननीय उप राज्यपाल, राष्ट्रीय रािधानी क्षेत्र दिल्ली की सहमजत से दिल्ली जिला न्यायालय स्ट्र्ापना (जनयुजि एिं सेिा

ितें) जनयम, 2012 में जनम्नजलजित संिोधन सहर्थ करता है:

सं. 41]

दिल्ली, मंगलिार, जसतम् बर 23, 2025/ आज‍ िन 1, 1947

[रा.रा.रा.क्षे.दि. सं. 251

No. 41]

DELHI, TUESDAY, SEPTEMBER 23, 2025/ASVINA 1, 1947

[N. C. T. D. No. 251

भारत सरकार

GOVERNMENT OF INDIA

एस.जी.-डी.एल.-अ.-06102025-266649

SG-DL-E-06102025-266649

2

DELHI GAZETTE : EXTRAORDINARY

PART II—I]

संिोधन

यह जनयम “दिल्ली जिला न्यायालय स्ट्र्ापना (जनयुजि एिं सेिा ितें) (संिोधन) जनयम, 2025” कहलाएँगें|

क्र. सं.

जनयम

संिोधन

1.

जनयम 2(1)(ि) के स्ट्र्ान

पर जनम्नजलजित जनयम

प्रजतस्ट्र्ाजपत दकया

िाएगा:

समूह ए तर्ा अन्य समूहों में अन्य सभी पिों से तात्पयथ उस जिले के प्रधान जिला एिं सत्र

न्यायाधीि से है िहाँ इन जनयमों के अंतगथत कमथचाठरयों की जनयुजि की गई है

2.

जनयम 2(5) के स्ट्र्ान पर

जनम्नजलजित जनयम

प्रजतस्ट्र्ाजपत दकया

िाएगा:

“जिला” से तात्पयथ उस जिला से है जिसे समय समय पर राष्ट्रीय रािधानी क्षेत्र द्वारा

अजधसूजचत दकया िाएगा

3.

जनयम 2(6) के स्ट्र्ान पर

जनम्नजलजित जनयम

प्रजतस्ट्र्ाजपत दकया

िाएगा:

“प्रधान जिला एिं सत्र न्यायाधीि” से तात्पयथ संबंजधत जिले के प्रधान जिला एिं सत्र

न्यायाधीि है;

4.

जनयम 2(13) के स्ट्र्ान पर

जनम्नजलजित जनयम

प्रजतस्ट्र्ाजपत दकया

िाएगा:

“अनुिंसा सजमजत” से तात्पयथ िह सजमजत िो प्रिासजनक अजधकारी (न्याजयक) एिं उससे

ऊपर के पि हेतु उपयुि अभ्यर्र्थयों के नामों को उच्च न्यायालय में अनुिंसा करने के उद्दे‍य

से उच्च न्यायालय द्वारा गठित की गयी है एिं िह जनम्नजलजित से जमलकर बनी होगी :

(i) एक प्रधान जिला एिं सत्र न्यायाधीि (अध्यक्ष के रूप में); एिं

(ii) दिल्ली उच्चतर न्याजयक सेिा के िो सिस्ट्य जिनकी कम से कम िस िर्ों की सेिा हो |

जिन्हें उच्च न्यायालय द्वारा िार्र्थक आधार पर अर्िा दकसी जनर्िथष्ट अिजध के जलए नाजमत

दकया िाएगा|

5.

जनयम 2(14) के स्ट्र्ान पर

जनम्नजलजित जनयम

प्रजतस्ट्र्ाजपत दकया

िाएगा:

“एकीकृत भती सजमजत”

सभी पिों के सम्बन्ध में जिनके जलए दकसी भी जिले में सीधी भती की िानी है, उच्च

न्यायालय जनम्नजलजित को जमलाकर एक स्ट्र्ायी एकीकृत भती सजमजत का गिन करेगा :

(i) एक प्रधान जिला एिं सत्र न्यायाधीि (अध्यक्ष के रूप में); एिं

(ii) दिल्ली उच्चतर न्याजयक सेिा के िो सिस्ट्य जिनकी कम से कम िस िर्ों की सेिा हो |

जिन्हें उच्च न्यायालय द्वारा िार्र्थक आधार पर अर्िा दकसी जनर्िथष्ट अिजध के जलए नाजमत

दकया िाएगा|

स्ट्पष्टीकरण : समूह –सी के पिों में 10 अर्िा उससे अजधक ठरजियों में भती करने हेतु

गठित भती सजमजत के जलए यह आज्ञापक होगा दक िह अनु. िा./अनु.िन. के समुिाय का

एक सिस्ट्य रिें |

[PART II—I

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3

6.

जनयम 2(15) के स्ट्र्ान पर

जनम्नजलजित जनयम

प्रजतस्ट्र्ाजपत दकया

िाएगा:

जनम्नजलजित के संिभथ में “चयन सजमजत” :

(क) प्रिासजनक अजधकारी (न्याजयक) एिं उससे ऊपर के पि के सन्िभथ में से तात्पयथ िह

सजमजत िो उच्च न्यायालय के माननीय न्यायाधीिगण की ऐसी संख्या से जमलकर बनी हो

िैसी दक माननीय मुख्य न्यायाधीि उजचत समझें;

(ि) समूह ए के अन्य समस्ट्त पिों एिं अन्य समूहों के सन्िभथ में से तात्पयथ एक अर्िा उससे

अजधक सजमजत अर्िा सजमजतयां िो दक जिला न्यायाधीि के द्वारा जनम्नजलजित को

जमलाकर गठित की गयी हो :

(i) एक प्रधान जिला एिं सत्र न्यायाधीि;

(ii) दिल्ली उच्चतर न्याजयक सेिा के एक सिस्ट्य जिनकी कम से कम िस िर्ों की सेिा

हो;और

(iii) एक मुख्य महानगर मजिस्ट्रेट अर्िा िठरष्ठ जसजिल न्यायाधीि अर्िा अजतठरि मुख्य

महानगर मजिस्ट्रेट अर्िा प्रिासजनक जसजिल न्यायाधीि |

जिन्हें उच्च न्यायालय द्वारा िार्र्थक आधार पर अर्िा दकसी जनर्िथष्ट अिजध के जलए नाजमत

दकया िाएगा|

स्ट्पष्टीकरण : समूह – सी के पि के सम्बन्ध में गठित चयन सजमजत हेतु यह आज्ञापक होगा

दक िह अनु.िा./अनु.िन. समुिाय का एक सिस्ट्य रिें |

7.

जनयम 3 में संिोधन

उप-जनयम 2 के बाि उप-जनयम 2क इस प्रकार िोडा िाएगा:

2क. उच्च न्यायालय, “दिल्ली जिला न्यायालय स्ट्र्ापना (जनयुजि एिं सेिा ितें) (संिोधन)

जनयम, 2025 के प्रभाि में आने के पश्चात तर्ा तत्पश्चात समय-समय पर, अनुसूची ‘क’ के

कॉलम (2) में जनर्िथष्ट पिों में से प्रत्येक जिले के जलए, न्याजयक अजधकाठरयों की संख्या,

न्याजयक एिं प्रिासजनक कायथ तर्ा अन्य ऐसे मानिंड जिन्हें उच्च न्यायालय प्रासंजगक समझे,

को ध्यान में रिते हुए, उपयुि संख्या में पि आिंठटत करेगा।

जनयम 3 में उप-जनयम 5 इस प्रकार िोडा िाएगा:

उच्च न्यायालय, “दिल्ली जिला न्यायालय स्ट्र्ापना (जनयुजि एिं सेिा ितें) (संिोधन)

जनयम, 2025 के प्रभाि में आने के पश्चात, अपने द्वारा जनधाथठरत मानिंडों के आधार पर,

अनुसूची ‘क’ में जनर्िथष्ट दकसी भी पिों पर कायथरत व्यजियों की जिला-िार आिंटन करेगा।

स्ट्पष्टीकरण: कोई भी अजधकारी/कमथचारी अपने जनयुजि जिले को पठरिर्तथत नहीं कर

सकेगा, जििेर् पठरजस्ट्र्जतयों के अजतठरि, जिनके जलए उच्च न्यायालय की स्ट्िीकृजत

आि‍यक होगी।

8.

जनयम 5 के स्ट्र्ान पर

जनम्नजलजित जनयम

प्रजतस्ट्र्ाजपत दकया

िाएगा:

प्रधान जनिी सजचि को जनयुि करने की प्रदक्रया:-

संबंजधत प्रधान जिला एिं सत्र न्यायाधीि का यह एकल जििेकाजधकार होगा दक िह

संबंजधत जिले में कायथरत प्रिासजनक अजधकारी (न्याजयक) के पूल में उपलब्ध व्यजियों में से

अपने प्रधान जनिी सजचि को जनयुि करें और िह जनयुि व्यजि उि पि पर उतनी अिजध

तक के जलए कायथरत रहेगा, जितनी अिजध के जलए संबंजधत प्रधान जिला एिं सत्र

न्यायाधीि इच्छुक होंगे|

9.

जनयम 7 में संिोधन

जनयम 7 के अंजतम अनुच्छेि (बबंिु एफ के बाि) को जनम्नजलजित रूप में प्रजतस्ट्र्ाजपत दकया

िाएगा:-

आिेिनों की प्राजि की अंजतम जतजर् पर अर्िा उच्च न्यायालय द्वारा आिेिन आमंजत्रत करने

की अजधसूचना में जनर्िथष्ट दकसी अन्य जतजर् पर |

10.

जनयम 9 के स्ट्र्ान पर

जनम्नजलजित जनयम

प्रजतस्ट्र्ाजपत दकया

िाएगा:

जिला न्यायालय भती प्रकोष्ठ:-

उच्च न्यायालय “जिला न्यायालय भती प्रकोष्ठ” का गिन करेगा, िो समय समय पर उच्च

न्यायालय द्वारा िारी प्रिासजनक जनिेिों के अनुसार कायथ करेगा|

4

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PART II—I]

11.

जनयम 10 के स्ट्र्ान पर

जनम्नजलजित जनयम

प्रजतस्ट्र्ाजपत दकया

िाएगा:

सीधी भती:-

सभी पिों पर सीधी भती एकीकृत भती सजमजत के माध्यम से इन जनयमों तर्ा उच्च

न्यायालय द्वारा समय समय पर िारी प्रिासजनक जनिेिों के अनुसार की िाएगी|

12.

जनयम 11 में संिोधन

“भती सजमजत” को “एकीकृत भती सजमजत” से प्रजतस्ट्र्ाजपत दकया िाएगा|

13.

जनयम 12 में संिोधन

भती समीजत को एकीकृत भती सजमजत में पठरिर्तथत दकया िाता है |

“ जिला न्यायाधीि के परामिथ से एिं” िब्ि हटा दिए गए हैं |

“जिला न्यायाधीि, सजमजत(यों) के अध्यक्ष (ओं) के परामिथ से अभ्यर्र्थयों के साक्षात्कार

की प्रदक्रया में मानकों की एकरूपता बनाए रिने के जलए व्यजित्ि के बौजिक एिं

सामाजिक चठरत्र को सजम्मजलत करते हुए उनके द्वारा आिेदित पि में जनयुजि हेतु

अभ्यर्र्थयों की उपयुिता जनधाथठरत करने के जलए साक्षात्कार हेतु उजचत मानिंड जनधाथठरत

करेंगे” िब्ि हटा दिए गए हैं |

“ऐसे प्रारूप में िैसा दक जिला न्यायाधीि द्वारा िांजछत हो” िब्ि हटा दिए गए हैं |

14.

जनयम 13 के स्ट्र्ान पर

जनम्नजलजित जनयम

प्रजतस्ट्र्ाजपत दकया

िाएगा :

चयजनत अभ्यर्र्थयों की सूची :

1. चयजनत अभ्यर्र्थयों की सूची तैयार करने के उपरांत, एकीकृत भती सजमजत इसे

अंजतम अनुमोिन हेतु उच्च न्यायालय के समक्ष प्रस्ट्तुत करेगी | अनुमोिन के पश्चात, जनबंधक

( जिला न्यायालय भती ) चयजनत अभ्यर्र्थयों को उनके द्वारा व्यि दकए गए प्रार्जमकता के

आधार पर जिजभन्न जिलों में आिंठटत करेंगे| यदि दकसी जििेर् जिले को चुनने िाले

उम्मीििारों की संख्या उस जििेर् जिले में उस पि की ठरजियों की संख्या से अजधक है, तो

मेठरट सूची में उच्च स्ट्र्ान प्राि करने िाले उम्मीििार को उसकी पसंि का जिला आिंठटत

दकया िाएगा।

2. एकीकृत भती सजमजत, उप-जनयम (1) के अंतगथत तैयार चयजनत सूची में सजम्मजलत

नहीं दकये गए अभ्यर्र्थयों के नामों को अंतर्िथष्ट करते हुए योग्यता क्रम में उप-जनयम (1) के

प्रािधानों के अनुसार अभ्यर्र्थयों का पैनल भी तैयार करेगी जिसमें, िहां तक संभि हो,

सजम्मजलत दकये िाने िाले अभ्यर्र्थयों की संख्या अजधसूजचत ठरजियों की संख्या का िस

प्रजतित होगी |

3. उप-जनयम (1) एिं (2) के अंतगथत तैयार की गई सूची उच्च न्यायालय के जनिेिानुसार

प्रकाजित की िाएगी|

15

जनयम 14 के स्ट्र्ान पर

जनम्नजलजित जनयम

प्रजतस्ट्र्ाजपत दकया िाएगा

:

अभ्यर्र्थयों की जनयुजि :

(1) जनयम 16 के अध्यधीन, अभ्यर्र्थयों जिनके नाम उप जनयम (1) के अंतगथत तैयार चयन

सूची में सजम्मजलत दकये गए हैं एिं जनयम 13 के उप-जनयम (3) के अंतगथत प्रकाजित दकये

गए हैं, संिगथ में पि की जनयुजि हेतु हर प्रकार से उपयुि पाए िाने िाले प्रत्येक ऐसे

अभ्यर्ी को िैसा दक आि‍यक समझा िाए, ऐसी पूछताछ के पश्चात एिं स्ट्ियं की संतुजष्ट

के पश्चात, जिला जििेर् के संिगथ जििेर् में उस क्रम में जिसमें उनका नाम चयन सूची में

पाया िाता है ठरजियों के जिरुि जनयुजि प्राजधकारी द्वारा जनयुि दकये िायेंगे | िे अभ्यर्ी

जिनके नाम उप-जनयम (2) के अंतगथत तैयार सूची में सजम्मजलत दकये गए हैं एिं जनयम 13

के उप-जनयम (3) के अंतगथत प्रकाजित दकये गए हैं, अभ्यर्र्थयों जिनके नाम जनयम 13 के

उप-जनयम (1) के अंतगथत तैयार सूची में सजम्मजलत दकये गए हैं जनयुि हो िाने के पश्चात

अभी भी उपलब्ध ठरि पिों के जिरुि उसी प्रकार से जनयुि दकये िायेंगे |

(2) जनयम 13 के अंतगथत प्रकाजित दकसी भी िो सूजचयों में अभ्यर्ी का नाम सजम्मजलत

दकया िाना उसे जनयुजि का कोई अजधकार प्रिान नहीं करेगा |

[PART II—I

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5

16.

जनयम 19 के स्ट्र्ान पर

जनम्नजलजित जनयम

प्रजतस्ट्र्ाजपत दकया िाएगा

:

पिोन्नजत द्वारा भती :

(1) सम्बजन्धत प्रधान जिला एिं सत्र न्यायाधीि, प्रत्येक िर्थ के िनिरी मास में जिला

जििेर् में पिों की जिजभन्न कोठट में जिद्यमान एिं िर्थ के िौरान संभाजित पिोन्नत ठरजियों

का जनधाथरण करेंगे |

(2) प्रधान जिला एिं सत्र न्यायाधीि, प्रिासजनक अजधकारी (न्याजयक) एिं उससे ऊपर के

पिों हेतु ठरजियों को अजधसूजचत करेंगे एिं उन पिों पर जनयुजि हेतु जिचार दकये िाने

िाले क्षेत्र में आने िाले सभी पात्र अभ्यर्र्थयों की सूची को अनुिंसा सजमजत को अग्रेजर्त

करेंगे | अनुिंसा सजमजत, उच्च न्यायालय द्वारा जनधाथठरत मानिंड के अनुसार उपयुिता –

सह-योग्यता के आधार पर पिोन्नजत के द्वारा प्रिासजनक अजधकारी (न्याजयक) के पिों के

50% कोटा में पिोन्नजत पर उनके जनयुजि हेतु उपयुि अभ्यर्र्थयों की एक सूची तैयार

करेगी एिं पिों के िेर् 50% हेतु साक्षात्कार परीक्षा सजहत एक जिभागीय परीक्षा

संचाजलत करेगी | सजमजत, उसके पश्चात उपयुि नहीं पाए गए व्यजियों की सूची के सार्,

इसके जलए कारण बताते हुए, इस प्रकार चयजनत व्यजियों की सूची उच्च न्यायालय को

अग्रेजर्त करेगी |

इस प्रकार प्राि सूची जनयम 2(15) (क) के अंतगथत मुख्य न्यायाधीि द्वारा गठित

चयन सजमजत के समक्ष रिी िायेगी एिं चयन सजमजत, सजमजत की संस्ट्तुजतयों को या तो

स्ट्िीकार अर्िा अस्ट्िीकार कर सकती है अर्िा िैसा िीक समझें उपयुि रूप से आिोधन

कर सकती है | उसके पश्चात अंजतम सूची को मुख्य न्यायाधीि के समक्ष उनके जिचार हेतु

रिा िाएगा एिं िो उसके पश्चात अनुमोिन हेतु फुल कोटथ को अग्रेजर्त करेंगे |

(3) हटा दिया गया है |

(4) प्रधान जिला एिं सत्र न्यायाधीि, जिला जििेर् में समूह – ए में सभी अन्य पिों एिं

अन्य समूहों हेतु ठरजियों को भी अजधसूजचत करेंगे एिं उन पिों पर जनयुजि हेतु जिचार

दकये िाने िाले क्षेत्र में आने िाले सभी पात्र अभ्यर्र्थयों की सूची को चयन सजमजत को

अग्रेजर्त करेंगे | सजमजत, उच्च न्यायालय द्वारा जनधाथठरत मानिंड के अनुसार सभी जिलों हेतु

उपयुि अभ्यर्र्थयों की एक समेदकत सूची तैयार करेगी| दकन्तु, िठरष्ठ न्याजयक सहायक के

पि हेतु, चयन सजमजत, उपयुिता-सह-योग्यता के आधार पर पिोन्नजत के द्वारा 50% के

कोटा में पिोन्नजत पर उनके जनयुजि हेतु उपयुि अभ्यर्र्थयों की सूची तैयार करेगी एिं पिों

के िेर् 50% हेतु साक्षात्कार सजहत एक जिभागीय परीक्षा का संचालन करेगी | सजमजत,

उसके पश्चात उपयुि नहीं पाए गए व्यजियों की सूची के सार्, इसके जलए कारण बताते

हुए, इस प्रकार चयजनत व्यजियों की सूची प्रधान जिला एिं सत्र न्यायाधीि के माध्यम से

अंजतम अनुमोिन हेतु उच्च न्यायालय को अग्रेजर्त करेगी |

(5) उच्च न्यायालय अभ्यर्ी की योग्यता को जनधाथठरत करने िाले मानिंड को अजधकजर्त

करेगा |

17

जनयम 20 के स्ट्र्ान पर

जनम्नजलजित जनयम

प्रजतस्ट्र्ाजपत दकया

िाएगा:

जनयुजि:

जनयम-19 के तहत पिोन्नजत हेतु चयजनत अभ्यर्र्थयों की सूची की स्ट्िीकृजत के पश्चात,

जनबंधक (जिला न्यायालय भती प्रकोष्ठ) प्रत्येक जिले में उपलब्ध ठरजियों को ध्यान में रिते

हुए अभ्यर्र्थयों का आिंटन करेंगे, और इस सूची को संबंजधत प्रधान जिला एिं सत्र

न्यायाधीि को प्रेजर्त करेंगे। तत्पश्चात, संबंजधत न्यायाधीि द्वारा आि‍यकतानुसार िाँच

करने के उपरांत चयजनत अभ्यर्र्थयों की जनयुजि की िाएगी अर्िा िो आिेि उपयुि

समझे िाएँ, िे पाठरत दकए िाएँगे।

6

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PART II—I]

18.

जनयम 27 के स्ट्र्ान पर

जनम्नजलजित जनयम

प्रजतस्ट्र्ाजपत दकया

िाएगा:

अनुिासजनक प्राजधकरण:-

(1) उच्च न्यायालय सेिा के दकसी भी सिस्ट्य पर जनयम 26 में जिजनर्िथष्ट िाजस्ट्तयों में से

कोई भी अजधरोजपत कर सकता है।

(2) उप-जनयम (1) के प्रािधानों के पूिाथग्रह के जबना प्रधान जिला एिं सत्र न्यायाधीि सेिा

के दकसी भी सिस्ट्य पर, जनयुजि प्राजधकारी के रूप में, जनयम 26 में जिजनर्िथष्ट िाजस्ट्तयों में

से कोई भी िाजस्ट्त अजधरोजपत कर सकता है |

(3) प्रधान जिला एिं सत्र न्यायाधीि सेिा के दकसी भी सिस्ट्य, जिसका जनयुजि

प्राजधकरण उच्च न्यायालय हो, पर जनयम 26 के िंड (i) से (iv) में प्रगजणत िाजस्ट्तयों में से

कोई भी िाजस्ट्त अजधरोजपत करने हेतु भी सिि होगा।

स्ट्पष्टीकरण: जिस प्रधान जिला एिं सत्र न्यायाधीि के क्षेत्राजधकार में सेिा के दकसी भी

सिस्ट्य द्वारा कजर्त किाचार अर्िा अनुजचत व्यिहार दकया गया हो, िही न्यायाधीि उस

मामले के अनुिासजनक प्राजधकारी माने िाएँगे, भले ही उि सिस्ट्य को तत्पश्चात दकसी

अन्य जिले में स्ट्र्ानांतठरत कर दिया गया हो।

19.

जनयम 28 के स्ट्र्ान पर

जनम्नजलजित जनयम

प्रजतस्ट्र्ाजपत दकया

िाएगा:

28. कायथिाजहयां प्रारम्भ करने हेतु प्राजधकरण :-

उच्च न्यायालय, सामान्य अर्िा जििेर् आिेि द्वारा, जनम्न कर सकता है-

(1) सेिा के दकसी सिस्ट्य के जिरुि अनुिासजनक कायथिाजहयां प्रारम्भ करना

(2) उप-जनयम (1) के प्रािधानों के पूिाथग्रह के जबना उच्च न्यायालय सेिा के दकसी सिस्ट्य,

जिस पर प्रधान जिला एिं सत्र न्यायाधीि जनयम 26 में जिजनर्िथष्ट कोई िाजस्ट्त इन जनयमों

के अंतगथत अजधरोजपत करने में सक्षम हो, के जिरुि अनुिासजनक कायथिाजहयां प्रारम्भ करने

के जलए प्रधान जिला एिं सत्र न्यायाधीि को जनिेि िे सकता है।

(3) जनयम 26 के िंड (i) से (iv) में जिजनर्िथष्ट दकसी भी िाजस्ट्त को अजधरोजपत करने हेतु

इन जनयमों के अंतगथत सम्बंजधत सक्षम प्रधान जिला एिं सत्र न्यायाधीि सम्बंजधत जिले के

सेिा के दकसी सिस्ट्य के जिरुि जनयम 26 के िंड (v) से (ix) में जिजनर्िथष्ट िाजस्ट्तयों में से

कोई भी िाजस्ट्त अजधरोजपत करने के जलए अनुिासजनक कायथिाजहयां प्रारम्भ कर सकता है

तर्ाजप प्रधान जिला एिं सत्र न्यायाधीि इन जनयमों के तहत बाि की कोई भी िाजस्ट्तयाँ

अजधरोजपत करने हेतु सक्षम नहीं है |

स्ट्पष्टीकरण – िांच की समाजि अर्िा िांच ठरपोटथ की प्राजि पर यदि अनुिासजनक

प्राजधकारी इस जनष्कर्थ पर पहुँचता है दक यदि लघु िाजस्ट्त मामले की आि‍यकता पूणथ कर

िेती है तो उच्च न्यायालय, िो सम्बि सेिा के सिस्ट्यों पर बडी िाजस्ट्त अजधरोजपत करने में

सक्षम है, के अनुमोिन के जबना लघु िाजस्ट्त अजधरोजपत करना उसकी सक्षमता के अंतगथत

सही होगा।

20.

जनयम 33 में संिोधन

“राष्ट्रपजत” िब्ि को “उच्च न्यायालय” से प्रजतस्ट्र्ाजपत दकया िाएगा।

21.

जनयम 34 में संिोधन

उप-जनयम (iii) में “राष्ट्रपजत” िब्ि को “उच्च न्यायालय” से प्रजतस्ट्र्ाजपत दकया िाएगा।

22.

जनयम 39 के स्ट्र्ान पर

जनम्नजलजित जनयम

प्रजतस्ट्र्ाजपत दकया

िाएगा:

िनजहत में सेिाजनिृजत्त :

इन जनयमों या अन्य दकसी कानून में कुछ भी समाजिष्ट होते हुए भी, उच्च न्यायालय या

प्रधान जिला एिं सत्र न्यायाधीि को, यदि उनके जिचार में ऐसा करना िनजहत में है, दक

सेिा के दकसी भी सिस्ट्य को, जिसने पच्चीस िर्ों से कम की सेिा न की हो या पचास िर्थ

की आयु प्राि कर ली हो, जलजित में कम से कम तीन महीने का नोठटस या ऐसे नोठटस के

बिले तीन महीने का िेतन और भत्ते िेकर, सेिाजनिृत करने का पूणथ अजधकार होगा।

[PART II—I

DELHI GAZETTE : EXTRAORDINARY

7

23.

जनयम 44 के स्ट्र्ान पर

जनम्नजलजित जनयम

प्रजतस्ट्र्ाजपत दकया

िाएगा:

छूट िेने की िजि :

िहाँ प्रधान जिला एिं सत्र न्यायाधीि को संतुजष्ट है दक दकसी जिजिष्ट मामले में दकसी

जनयम की कायथ-जिजध अनाि‍यक कठिनाई का कारण बन रही है, तो िे उच्च न्यायालय को

यह संस्ट्तुजत कर सकते हैं दक उस जनयम की अपेक्षा में, आि‍यकता अनुसार और उपयुि

ितों सजहत, छूट या जिमुजि िी िाए िैसा िह मामले को न्यायसंगत और साम्यपूणथ तरीके

से जनपटाने के जलए आि‍यक समझता है बिते दक मामले को इस तरीके से न जनपटाया

िाए दक िह जनयमों के अनुसार अजधकारी या संबंजधत कमथचाठरयों के जलए कम अनुकूल

हो| उच्च न्यायालय उि संस्ट्तुजत पर जनणथय लेगा, जिसका जनणथय अंजतम और बाध्यकारी

होगा।

24.

अनुसूची- ि में संिोधन

कॉलम संख्या 5 में िहाँ कहीं भी 'जिला न्यायाधीि' िब्ि आता है, उसे 'प्रधान जिला एिं

सत्र न्यायाधीि' िब्ि से प्रजतस्ट्र्ाजपत दकया िाएगा।

क्रम संख्या 4, 10 एिं 16 के कॉलम संख्या 4 में, योग्यता एिं अनुभि में छूट से संबंजधत

मामलों में िहाँ भी 'जिला न्यायाधीि' िब्ि प्रयुि हुआ है, िहाँ उसे 'उच्च न्यायालय' से

प्रजतस्ट्र्ाजपत दकया िाएगा।

25.

जनयमों में िहाँ कहीं भी 'जिला न्यायाधीि' िब्ि उल्लेजित है, िहाँ उसे 'प्रधान जिला एिं

सत्र न्यायाधीि' िब्ि से प्रजतस्ट्र्ाजपत दकया िाएगा।

क्र. सं.

जनयम

संिोधन

1.

जनयम 2(1)(ि) के स्ट्र्ान

पर जनम्नजलजित जनयम

प्रजतस्ट्र्ाजपत दकया

िाएगा:

समूह ए तर्ा अन्य समूहों में अन्य सभी पिों से तात्पयथ उस जिले के प्रधान जिला एिं सत्र

न्यायाधीि से है िहाँ इन जनयमों के अंतगथत कमथचाठरयों की जनयुजि की गई है

2.

जनयम 2(5) के स्ट्र्ान पर

जनम्नजलजित जनयम

प्रजतस्ट्र्ाजपत दकया

िाएगा:

“जिला” से तात्पयथ उस जिला से है जिसे समय समय पर राष्ट्रीय रािधानी क्षेत्र द्वारा

अजधसूजचत दकया िाएगा

3.

जनयम 2(6) के स्ट्र्ान पर

जनम्नजलजित जनयम

प्रजतस्ट्र्ाजपत दकया

िाएगा:

“प्रधान जिला एिं सत्र न्यायाधीि” से तात्पयथ संबंजधत जिले के प्रधान जिला एिं सत्र

न्यायाधीि है;

4.

जनयम 2(13) के स्ट्र्ान पर

जनम्नजलजित जनयम

प्रजतस्ट्र्ाजपत दकया

िाएगा:

“अनुिंसा सजमजत” से तात्पयथ िह सजमजत िो प्रिासजनक अजधकारी (न्याजयक) एिं उससे

ऊपर के पि हेतु उपयुि अभ्यर्र्थयों के नामों को उच्च न्यायालय में अनुिंसा करने के उद्दे‍य

से उच्च न्यायालय द्वारा गठित की गयी है एिं िह जनम्नजलजित से जमलकर बनी होगी :

(i) एक प्रधान जिला एिं सत्र न्यायाधीि (अध्यक्ष के रूप में); एिं

(ii) दिल्ली उच्चतर न्याजयक सेिा के िो सिस्ट्य जिनकी कम से कम िस िर्ों की सेिा हो |

जिन्हें उच्च न्यायालय द्वारा िार्र्थक आधार पर अर्िा दकसी जनर्िथष्ट अिजध के जलए नाजमत

दकया िाएगा|

8

DELHI GAZETTE : EXTRAORDINARY

PART II—I]

5.

जनयम 2(14) के स्ट्र्ान पर

जनम्नजलजित जनयम

प्रजतस्ट्र्ाजपत दकया

िाएगा:

“एकीकृत भती सजमजत”

सभी पिों के सम्बन्ध में जिनके जलए दकसी भी जिले में सीधी भती की िानी है, उच्च

न्यायालय जनम्नजलजित को जमलाकर एक स्ट्र्ायी एकीकृत भती सजमजत का गिन करेगा :

(i) एक प्रधान जिला एिं सत्र न्यायाधीि (अध्यक्ष के रूप में); एिं

(ii) दिल्ली उच्चतर न्याजयक सेिा के िो सिस्ट्य जिनकी कम से कम िस िर्ों की सेिा हो |

जिन्हें उच्च न्यायालय द्वारा िार्र्थक आधार पर अर्िा दकसी जनर्िथष्ट अिजध के जलए नाजमत

दकया िाएगा|

स्ट्पष्टीकरण : समूह –सी के पिों में 10 अर्िा उससे अजधक ठरजियों में भती करने हेतु

गठित भती सजमजत के जलए यह आज्ञापक होगा दक िह अनु. िा./अनु.िन. के समुिाय का

एक सिस्ट्य रिें |

6.

जनयम 2(15) के स्ट्र्ान पर

जनम्नजलजित जनयम

प्रजतस्ट्र्ाजपत दकया

िाएगा:

जनम्नजलजित के संिभथ में “चयन सजमजत” :

(क) प्रिासजनक अजधकारी (न्याजयक) एिं उससे ऊपर के पि के सन्िभथ में से तात्पयथ िह

सजमजत िो उच्च न्यायालय के माननीय न्यायाधीिगण की ऐसी संख्या से जमलकर बनी हो

िैसी दक माननीय मुख्य न्यायाधीि उजचत समझें;

(ि) समूह ए के अन्य समस्ट्त पिों एिं अन्य समूहों के सन्िभथ में से तात्पयथ एक अर्िा उससे

अजधक सजमजत अर्िा सजमजतयां िो दक जिला न्यायाधीि के द्वारा जनम्नजलजित को

जमलाकर गठित की गयी हो :

(i) एक प्रधान जिला एिं सत्र न्यायाधीि;

(ii) दिल्ली उच्चतर न्याजयक सेिा के एक सिस्ट्य जिनकी कम से कम िस िर्ों की सेिा

हो;और

(iii) एक मुख्य महानगर मजिस्ट्रेट अर्िा िठरष्ठ जसजिल न्यायाधीि अर्िा अजतठरि मुख्य

महानगर मजिस्ट्रेट अर्िा प्रिासजनक जसजिल न्यायाधीि |

जिन्हें उच्च न्यायालय द्वारा िार्र्थक आधार पर अर्िा दकसी जनर्िथष्ट अिजध के जलए नाजमत

दकया िाएगा|

स्ट्पष्टीकरण : समूह – सी के पि के सम्बन्ध में गठित चयन सजमजत हेतु यह आज्ञापक होगा

दक िह अनु.िा./अनु.िन. समुिाय का एक सिस्ट्य रिें |

7.

जनयम 3 में संिोधन

उप-जनयम 2 के बाि उप-जनयम 2क इस प्रकार िोडा िाएगा:

2क. उच्च न्यायालय, “दिल्ली जिला न्यायालय स्ट्र्ापना (जनयुजि एिं सेिा ितें) (संिोधन)

जनयम, 2025 के प्रभाि में आने के पश्चात तर्ा तत्पश्चात समय-समय पर, अनुसूची ‘क’ के

कॉलम (2) में जनर्िथष्ट पिों में से प्रत्येक जिले के जलए, न्याजयक अजधकाठरयों की संख्या,

न्याजयक एिं प्रिासजनक कायथ तर्ा अन्य ऐसे मानिंड जिन्हें उच्च न्यायालय प्रासंजगक समझे,

को ध्यान में रिते हुए, उपयुि संख्या में पि आिंठटत करेगा।

जनयम 3 में उप-जनयम 5 इस प्रकार िोडा िाएगा:

उच्च न्यायालय, “दिल्ली जिला न्यायालय स्ट्र्ापना (जनयुजि एिं सेिा ितें) (संिोधन)

जनयम, 2025 के प्रभाि में आने के पश्चात, अपने द्वारा जनधाथठरत मानिंडों के आधार पर,

अनुसूची ‘क’ में जनर्िथष्ट दकसी भी पिों पर कायथरत व्यजियों की जिला-िार आिंटन करेगा।

स्ट्पष्टीकरण: कोई भी अजधकारी/कमथचारी अपने जनयुजि जिले को पठरिर्तथत नहीं कर

सकेगा, जििेर् पठरजस्ट्र्जतयों के अजतठरि, जिनके जलए उच्च न्यायालय की स्ट्िीकृजत

आि‍यक होगी।

8.

जनयम 5 के स्ट्र्ान पर

जनम्नजलजित जनयम

प्रजतस्ट्र्ाजपत दकया

िाएगा:

प्रधान जनिी सजचि को जनयुि करने की प्रदक्रया:-

संबंजधत प्रधान जिला एिं सत्र न्यायाधीि का यह एकल जििेकाजधकार होगा दक िह

संबंजधत जिले में कायथरत प्रिासजनक अजधकारी (न्याजयक) के पूल में उपलब्ध व्यजियों में से

अपने प्रधान जनिी सजचि को जनयुि करें और िह जनयुि व्यजि उि पि पर उतनी अिजध

तक के जलए कायथरत रहेगा, जितनी अिजध के जलए संबंजधत प्रधान जिला एिं सत्र

न्यायाधीि इच्छुक होंगे|

[PART II—I

DELHI GAZETTE : EXTRAORDINARY

9

9.

जनयम 7 में संिोधन

जनयम 7 के अंजतम अनुच्छेि (बबंिु एफ के बाि) को जनम्नजलजित रूप में प्रजतस्ट्र्ाजपत दकया

िाएगा:-

आिेिनों की प्राजि की अंजतम जतजर् पर अर्िा उच्च न्यायालय द्वारा आिेिन आमंजत्रत करने

की अजधसूचना में जनर्िथष्ट दकसी अन्य जतजर् पर |

10.

जनयम 9 के स्ट्र्ान पर

जनम्नजलजित जनयम

प्रजतस्ट्र्ाजपत दकया

िाएगा:

जिला न्यायालय भती प्रकोष्ठ:-

उच्च न्यायालय “जिला न्यायालय भती प्रकोष्ठ” का गिन करेगा, िो समय समय पर उच्च

न्यायालय द्वारा िारी प्रिासजनक जनिेिों के अनुसार कायथ करेगा|

11.

जनयम 10 के स्ट्र्ान पर

जनम्नजलजित जनयम

प्रजतस्ट्र्ाजपत दकया

िाएगा:

सीधी भती:-

सभी पिों पर सीधी भती एकीकृत भती सजमजत के माध्यम से इन जनयमों तर्ा उच्च

न्यायालय द्वारा समय समय पर िारी प्रिासजनक जनिेिों के अनुसार की िाएगी|

12.

जनयम 11 में संिोधन

“भती सजमजत” को “एकीकृत भती सजमजत” से प्रजतस्ट्र्ाजपत दकया िाएगा|

13.

जनयम 12 में संिोधन

भती समीजत को एकीकृत भती सजमजत में पठरिर्तथत दकया िाता है |

“ जिला न्यायाधीि के परामिथ से एिं” िब्ि हटा दिए गए हैं |

“जिला न्यायाधीि, सजमजत(यों) के अध्यक्ष (ओं) के परामिथ से अभ्यर्र्थयों के साक्षात्कार

की प्रदक्रया में मानकों की एकरूपता बनाए रिने के जलए व्यजित्ि के बौजिक एिं

सामाजिक चठरत्र को सजम्मजलत करते हुए उनके द्वारा आिेदित पि में जनयुजि हेतु

अभ्यर्र्थयों की उपयुिता जनधाथठरत करने के जलए साक्षात्कार हेतु उजचत मानिंड जनधाथठरत

करेंगे” िब्ि हटा दिए गए हैं |

“ऐसे प्रारूप में िैसा दक जिला न्यायाधीि द्वारा िांजछत हो” िब्ि हटा दिए गए हैं |

14.

जनयम 13 के स्ट्र्ान पर

जनम्नजलजित जनयम

प्रजतस्ट्र्ाजपत दकया

िाएगा :

चयजनत अभ्यर्र्थयों की सूची :

1. चयजनत अभ्यर्र्थयों की सूची तैयार करने के उपरांत, एकीकृत भती सजमजत इसे

अंजतम अनुमोिन हेतु उच्च न्यायालय के समक्ष प्रस्ट्तुत करेगी | अनुमोिन के पश्चात, जनबंधक

( जिला न्यायालय भती ) चयजनत अभ्यर्र्थयों को उनके द्वारा व्यि दकए गए प्रार्जमकता के

आधार पर जिजभन्न जिलों में आिंठटत करेंगे| यदि दकसी जििेर् जिले को चुनने िाले

उम्मीििारों की संख्या उस जििेर् जिले में उस पि की ठरजियों की संख्या से अजधक है, तो

मेठरट सूची में उच्च स्ट्र्ान प्राि करने िाले उम्मीििार को उसकी पसंि का जिला आिंठटत

दकया िाएगा।

2. एकीकृत भती सजमजत, उप-जनयम (1) के अंतगथत तैयार चयजनत सूची में सजम्मजलत

नहीं दकये गए अभ्यर्र्थयों के नामों को अंतर्िथष्ट करते हुए योग्यता क्रम में उप-जनयम (1) के

प्रािधानों के अनुसार अभ्यर्र्थयों का पैनल भी तैयार करेगी जिसमें, िहां तक संभि हो,

सजम्मजलत दकये िाने िाले अभ्यर्र्थयों की संख्या अजधसूजचत ठरजियों की संख्या का िस

प्रजतित होगी |

3. उप-जनयम (1) एिं (2) के अंतगथत तैयार की गई सूची उच्च न्यायालय के जनिेिानुसार

प्रकाजित की िाएगी|

10

DELHI GAZETTE : EXTRAORDINARY

PART II—I]

15

जनयम 14 के स्ट्र्ान पर

जनम्नजलजित जनयम

प्रजतस्ट्र्ाजपत दकया िाएगा

:

अभ्यर्र्थयों की जनयुजि :

(1) जनयम 16 के अध्यधीन, अभ्यर्र्थयों जिनके नाम उप जनयम (1) के अंतगथत तैयार चयन

सूची में सजम्मजलत दकये गए हैं एिं जनयम 13 के उप-जनयम (3) के अंतगथत प्रकाजित दकये

गए हैं, संिगथ में पि की जनयुजि हेतु हर प्रकार से उपयुि पाए िाने िाले प्रत्येक ऐसे

अभ्यर्ी को िैसा दक आि‍यक समझा िाए, ऐसी पूछताछ के पश्चात एिं स्ट्ियं की संतुजष्ट

के पश्चात, जिला जििेर् के संिगथ जििेर् में उस क्रम में जिसमें उनका नाम चयन सूची में

पाया िाता है ठरजियों के जिरुि जनयुजि प्राजधकारी द्वारा जनयुि दकये िायेंगे | िे अभ्यर्ी

जिनके नाम उप-जनयम (2) के अंतगथत तैयार सूची में सजम्मजलत दकये गए हैं एिं जनयम 13

के उप-जनयम (3) के अंतगथत प्रकाजित दकये गए हैं, अभ्यर्र्थयों जिनके नाम जनयम 13 के

उप-जनयम (1) के अंतगथत तैयार सूची में सजम्मजलत दकये गए हैं जनयुि हो िाने के पश्चात

अभी भी उपलब्ध ठरि पिों के जिरुि उसी प्रकार से जनयुि दकये िायेंगे |

(2) जनयम 13 के अंतगथत प्रकाजित दकसी भी िो सूजचयों में अभ्यर्ी का नाम सजम्मजलत

दकया िाना उसे जनयुजि का कोई अजधकार प्रिान नहीं करेगा |

16.

जनयम 19 के स्ट्र्ान पर

जनम्नजलजित जनयम

प्रजतस्ट्र्ाजपत दकया िाएगा

:

पिोन्नजत द्वारा भती :

(1) सम्बजन्धत प्रधान जिला एिं सत्र न्यायाधीि, प्रत्येक िर्थ के िनिरी मास में जिला

जििेर् में पिों की जिजभन्न कोठट में जिद्यमान एिं िर्थ के िौरान संभाजित पिोन्नत ठरजियों

का जनधाथरण करेंगे |

(2) प्रधान जिला एिं सत्र न्यायाधीि, प्रिासजनक अजधकारी (न्याजयक) एिं उससे ऊपर के

पिों हेतु ठरजियों को अजधसूजचत करेंगे एिं उन पिों पर जनयुजि हेतु जिचार दकये िाने

िाले क्षेत्र में आने िाले सभी पात्र अभ्यर्र्थयों की सूची को अनुिंसा सजमजत को अग्रेजर्त

करेंगे | अनुिंसा सजमजत, उच्च न्यायालय द्वारा जनधाथठरत मानिंड के अनुसार उपयुिता –

सह-योग्यता के आधार पर पिोन्नजत के द्वारा प्रिासजनक अजधकारी (न्याजयक) के पिों के

50% कोटा में पिोन्नजत पर उनके जनयुजि हेतु उपयुि अभ्यर्र्थयों की एक सूची तैयार

करेगी एिं पिों के िेर् 50% हेतु साक्षात्कार परीक्षा सजहत एक जिभागीय परीक्षा

संचाजलत करेगी | सजमजत, उसके पश्चात उपयुि नहीं पाए गए व्यजियों की सूची के सार्,

इसके जलए कारण बताते हुए, इस प्रकार चयजनत व्यजियों की सूची उच्च न्यायालय को

अग्रेजर्त करेगी |

इस प्रकार प्राि सूची जनयम 2(15) (क) के अंतगथत मुख्य न्यायाधीि द्वारा गठित

चयन सजमजत के समक्ष रिी िायेगी एिं चयन सजमजत, सजमजत की संस्ट्तुजतयों को या तो

स्ट्िीकार अर्िा अस्ट्िीकार कर सकती है अर्िा िैसा िीक समझें उपयुि रूप से आिोधन

कर सकती है | उसके पश्चात अंजतम सूची को मुख्य न्यायाधीि के समक्ष उनके जिचार हेतु

रिा िाएगा एिं िो उसके पश्चात अनुमोिन हेतु फुल कोटथ को अग्रेजर्त करेंगे |

(3) हटा दिया गया है |

(4) प्रधान जिला एिं सत्र न्यायाधीि, जिला जििेर् में समूह – ए में सभी अन्य पिों एिं

अन्य समूहों हेतु ठरजियों को भी अजधसूजचत करेंगे एिं उन पिों पर जनयुजि हेतु जिचार

दकये िाने िाले क्षेत्र में आने िाले सभी पात्र अभ्यर्र्थयों की सूची को चयन सजमजत को

अग्रेजर्त करेंगे | सजमजत, उच्च न्यायालय द्वारा जनधाथठरत मानिंड के अनुसार सभी जिलों हेतु

उपयुि अभ्यर्र्थयों की एक समेदकत सूची तैयार करेगी| दकन्तु, िठरष्ठ न्याजयक सहायक के

पि हेतु, चयन सजमजत, उपयुिता-सह-योग्यता के आधार पर पिोन्नजत के द्वारा 50% के

कोटा में पिोन्नजत पर उनके जनयुजि हेतु उपयुि अभ्यर्र्थयों की सूची तैयार करेगी एिं पिों

के िेर् 50% हेतु साक्षात्कार सजहत एक जिभागीय परीक्षा का संचालन करेगी | सजमजत,

उसके पश्चात उपयुि नहीं पाए गए व्यजियों की सूची के सार्, इसके जलए कारण बताते

हुए, इस प्रकार चयजनत व्यजियों की सूची प्रधान जिला एिं सत्र न्यायाधीि के माध्यम से

अंजतम अनुमोिन हेतु उच्च न्यायालय को अग्रेजर्त करेगी |

(5) उच्च न्यायालय अभ्यर्ी की योग्यता को जनधाथठरत करने िाले मानिंड को अजधकजर्त

करेगा |

[PART II—I

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11

17

जनयम 20 के स्ट्र्ान पर

जनम्नजलजित जनयम

प्रजतस्ट्र्ाजपत दकया

िाएगा:

जनयुजि:

जनयम-19 के तहत पिोन्नजत हेतु चयजनत अभ्यर्र्थयों की सूची की स्ट्िीकृजत के पश्चात,

जनबंधक (जिला न्यायालय भती प्रकोष्ठ) प्रत्येक जिले में उपलब्ध ठरजियों को ध्यान में रिते

हुए अभ्यर्र्थयों का आिंटन करेंगे, और इस सूची को संबंजधत प्रधान जिला एिं सत्र

न्यायाधीि को प्रेजर्त करेंगे। तत्पश्चात, संबंजधत न्यायाधीि द्वारा आि‍यकतानुसार िाँच

करने के उपरांत चयजनत अभ्यर्र्थयों की जनयुजि की िाएगी अर्िा िो आिेि उपयुि

समझे िाएँ, िे पाठरत दकए िाएँगे।

18.

जनयम 27 के स्ट्र्ान पर

जनम्नजलजित जनयम

प्रजतस्ट्र्ाजपत दकया

िाएगा:

अनुिासजनक प्राजधकरण:-

(1) उच्च न्यायालय सेिा के दकसी भी सिस्ट्य पर जनयम 26 में जिजनर्िथष्ट िाजस्ट्तयों में से

कोई भी अजधरोजपत कर सकता है।

(2) उप-जनयम (1) के प्रािधानों के पूिाथग्रह के जबना प्रधान जिला एिं सत्र न्यायाधीि सेिा

के दकसी भी सिस्ट्य पर, जनयुजि प्राजधकारी के रूप में, जनयम 26 में जिजनर्िथष्ट िाजस्ट्तयों में

से कोई भी िाजस्ट्त अजधरोजपत कर सकता है |

(3) प्रधान जिला एिं सत्र न्यायाधीि सेिा के दकसी भी सिस्ट्य, जिसका जनयुजि

प्राजधकरण उच्च न्यायालय हो, पर जनयम 26 के िंड (i) से (iv) में प्रगजणत िाजस्ट्तयों में से

कोई भी िाजस्ट्त अजधरोजपत करने हेतु भी सिि होगा।

स्ट्पष्टीकरण: जिस प्रधान जिला एिं सत्र न्यायाधीि के क्षेत्राजधकार में सेिा के दकसी भी

सिस्ट्य द्वारा कजर्त किाचार अर्िा अनुजचत व्यिहार दकया गया हो, िही न्यायाधीि उस

मामले के अनुिासजनक प्राजधकारी माने िाएँगे, भले ही उि सिस्ट्य को तत्पश्चात दकसी

अन्य जिले में स्ट्र्ानांतठरत कर दिया गया हो।

19.

जनयम 28 के स्ट्र्ान पर

जनम्नजलजित जनयम

प्रजतस्ट्र्ाजपत दकया

िाएगा:

28. कायथिाजहयां प्रारम्भ करने हेतु प्राजधकरण :-

उच्च न्यायालय, सामान्य अर्िा जििेर् आिेि द्वारा, जनम्न कर सकता है-

(1) सेिा के दकसी सिस्ट्य के जिरुि अनुिासजनक कायथिाजहयां प्रारम्भ करना

(2) उप-जनयम (1) के प्रािधानों के पूिाथग्रह के जबना उच्च न्यायालय सेिा के दकसी सिस्ट्य,

जिस पर प्रधान जिला एिं सत्र न्यायाधीि जनयम 26 में जिजनर्िथष्ट कोई िाजस्ट्त इन जनयमों

के अंतगथत अजधरोजपत करने में सक्षम हो, के जिरुि अनुिासजनक कायथिाजहयां प्रारम्भ करने

के जलए प्रधान जिला एिं सत्र न्यायाधीि को जनिेि िे सकता है।

(3) जनयम 26 के िंड (i) से (iv) में जिजनर्िथष्ट दकसी भी िाजस्ट्त को अजधरोजपत करने हेतु

इन जनयमों के अंतगथत सम्बंजधत सक्षम प्रधान जिला एिं सत्र न्यायाधीि सम्बंजधत जिले के

सेिा के दकसी सिस्ट्य के जिरुि जनयम 26 के िंड (v) से (ix) में जिजनर्िथष्ट िाजस्ट्तयों में से

कोई भी िाजस्ट्त अजधरोजपत करने के जलए अनुिासजनक कायथिाजहयां प्रारम्भ कर सकता है

तर्ाजप प्रधान जिला एिं सत्र न्यायाधीि इन जनयमों के तहत बाि की कोई भी िाजस्ट्तयाँ

अजधरोजपत करने हेतु सक्षम नहीं है |

स्ट्पष्टीकरण – िांच की समाजि अर्िा िांच ठरपोटथ की प्राजि पर यदि अनुिासजनक

प्राजधकारी इस जनष्कर्थ पर पहुँचता है दक यदि लघु िाजस्ट्त मामले की आि‍यकता पूणथ कर

िेती है तो उच्च न्यायालय, िो सम्बि सेिा के सिस्ट्यों पर बडी िाजस्ट्त अजधरोजपत करने में

सक्षम है, के अनुमोिन के जबना लघु िाजस्ट्त अजधरोजपत करना उसकी सक्षमता के अंतगथत

सही होगा।

20.

जनयम 33 में संिोधन

“राष्ट्रपजत” िब्ि को “उच्च न्यायालय” से प्रजतस्ट्र्ाजपत दकया िाएगा।

21.

जनयम 34 में संिोधन

उप-जनयम (iii) में “राष्ट्रपजत” िब्ि को “उच्च न्यायालय” से प्रजतस्ट्र्ाजपत दकया िाएगा।

12

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PART II—I]

22.

जनयम 39 के स्ट्र्ान पर

जनम्नजलजित जनयम

प्रजतस्ट्र्ाजपत दकया

िाएगा:

िनजहत में सेिाजनिृजत्त :

इन जनयमों या अन्य दकसी कानून में कुछ भी समाजिष्ट होते हुए भी, उच्च न्यायालय या

प्रधान जिला एिं सत्र न्यायाधीि को, यदि उनके जिचार में ऐसा करना िनजहत में है, दक

सेिा के दकसी भी सिस्ट्य को, जिसने पच्चीस िर्ों से कम की सेिा न की हो या पचास िर्थ

की आयु प्राि कर ली हो, जलजित में कम से कम तीन महीने का नोठटस या ऐसे नोठटस के

बिले तीन महीने का िेतन और भत्ते िेकर, सेिाजनिृत करने का पूणथ अजधकार होगा।

23.

जनयम 44 के स्ट्र्ान पर

जनम्नजलजित जनयम

प्रजतस्ट्र्ाजपत दकया

िाएगा:

छूट िेने की िजि :

िहाँ प्रधान जिला एिं सत्र न्यायाधीि को संतुजष्ट है दक दकसी जिजिष्ट मामले में दकसी

जनयम की कायथ-जिजध अनाि‍यक कठिनाई का कारण बन रही है, तो िे उच्च न्यायालय को

यह संस्ट्तुजत कर सकते हैं दक उस जनयम की अपेक्षा में, आि‍यकता अनुसार और उपयुि

ितों सजहत, छूट या जिमुजि िी िाए िैसा िह मामले को न्यायसंगत और साम्यपूणथ तरीके

से जनपटाने के जलए आि‍यक समझता है बिते दक मामले को इस तरीके से न जनपटाया

िाए दक िह जनयमों के अनुसार अजधकारी या संबंजधत कमथचाठरयों के जलए कम अनुकूल

हो| उच्च न्यायालय उि संस्ट्तुजत पर जनणथय लेगा, जिसका जनणथय अंजतम और बाध्यकारी

होगा।

24.

अनुसूची- ि में संिोधन

कॉलम संख्या 5 में िहाँ कहीं भी 'जिला न्यायाधीि' िब्ि आता है, उसे 'प्रधान जिला एिं

सत्र न्यायाधीि' िब्ि से प्रजतस्ट्र्ाजपत दकया िाएगा।

क्रम संख्या 4, 10 एिं 16 के कॉलम संख्या 4 में, योग्यता एिं अनुभि में छूट से संबंजधत

मामलों में िहाँ भी 'जिला न्यायाधीि' िब्ि प्रयुि हुआ है, िहाँ उसे 'उच्च न्यायालय' से

प्रजतस्ट्र्ाजपत दकया िाएगा।

25.

जनयमों में िहाँ कहीं भी 'जिला न्यायाधीि' िब्ि उल्लेजित है, िहाँ उसे 'प्रधान जिला एिं

सत्र न्यायाधीि' िब्ि से प्रजतस्ट्र्ाजपत दकया िाएगा।

क्र. सं.

जनयम

संिोधन

1.

जनयम 2(1)(ि) के स्ट्र्ान

पर जनम्नजलजित जनयम

प्रजतस्ट्र्ाजपत दकया

िाएगा:

समूह ए तर्ा अन्य समूहों में अन्य सभी पिों से तात्पयथ उस जिले के प्रधान जिला एिं सत्र

न्यायाधीि से है िहाँ इन जनयमों के अंतगथत कमथचाठरयों की जनयुजि की गई है

2.

जनयम 2(5) के स्ट्र्ान पर

जनम्नजलजित जनयम

प्रजतस्ट्र्ाजपत दकया

िाएगा:

“जिला” से तात्पयथ उस जिला से है जिसे समय समय पर राष्ट्रीय रािधानी क्षेत्र द्वारा

अजधसूजचत दकया िाएगा

3.

जनयम 2(6) के स्ट्र्ान पर

जनम्नजलजित जनयम

प्रजतस्ट्र्ाजपत दकया

िाएगा:

“प्रधान जिला एिं सत्र न्यायाधीि” से तात्पयथ संबंजधत जिले के प्रधान जिला एिं सत्र

न्यायाधीि है;

4.

जनयम 2(13) के स्ट्र्ान पर

जनम्नजलजित जनयम

प्रजतस्ट्र्ाजपत दकया

िाएगा:

“अनुिंसा सजमजत” से तात्पयथ िह सजमजत िो प्रिासजनक अजधकारी (न्याजयक) एिं उससे

ऊपर के पि हेतु उपयुि अभ्यर्र्थयों के नामों को उच्च न्यायालय में अनुिंसा करने के उद्दे‍य

से उच्च न्यायालय द्वारा गठित की गयी है एिं िह जनम्नजलजित से जमलकर बनी होगी :

(i) एक प्रधान जिला एिं सत्र न्यायाधीि (अध्यक्ष के रूप में); एिं

(ii) दिल्ली उच्चतर न्याजयक सेिा के िो सिस्ट्य जिनकी कम से कम िस िर्ों की सेिा हो |

जिन्हें उच्च न्यायालय द्वारा िार्र्थक आधार पर अर्िा दकसी जनर्िथष्ट अिजध के जलए नाजमत

दकया िाएगा|

[PART II—I

DELHI GAZETTE : EXTRAORDINARY

13

5.

जनयम 2(14) के स्ट्र्ान पर

जनम्नजलजित जनयम

प्रजतस्ट्र्ाजपत दकया

िाएगा:

“एकीकृत भती सजमजत”

सभी पिों के सम्बन्ध में जिनके जलए दकसी भी जिले में सीधी भती की िानी है, उच्च

न्यायालय जनम्नजलजित को जमलाकर एक स्ट्र्ायी एकीकृत भती सजमजत का गिन करेगा :

(i) एक प्रधान जिला एिं सत्र न्यायाधीि (अध्यक्ष के रूप में); एिं

(ii) दिल्ली उच्चतर न्याजयक सेिा के िो सिस्ट्य जिनकी कम से कम िस िर्ों की सेिा हो |

जिन्हें उच्च न्यायालय द्वारा िार्र्थक आधार पर अर्िा दकसी जनर्िथष्ट अिजध के जलए नाजमत

दकया िाएगा|

स्ट्पष्टीकरण : समूह –सी के पिों में 10 अर्िा उससे अजधक ठरजियों में भती करने हेतु

गठित भती सजमजत के जलए यह आज्ञापक होगा दक िह अनु. िा./अनु.िन. के समुिाय का

एक सिस्ट्य रिें |

6.

जनयम 2(15) के स्ट्र्ान पर

जनम्नजलजित जनयम

प्रजतस्ट्र्ाजपत दकया

िाएगा:

जनम्नजलजित के संिभथ में “चयन सजमजत” :

(क) प्रिासजनक अजधकारी (न्याजयक) एिं उससे ऊपर के पि के सन्िभथ में से तात्पयथ िह

सजमजत िो उच्च न्यायालय के माननीय न्यायाधीिगण की ऐसी संख्या से जमलकर बनी हो

िैसी दक माननीय मुख्य न्यायाधीि उजचत समझें;

(ि) समूह ए के अन्य समस्ट्त पिों एिं अन्य समूहों के सन्िभथ में से तात्पयथ एक अर्िा उससे

अजधक सजमजत अर्िा सजमजतयां िो दक जिला न्यायाधीि के द्वारा जनम्नजलजित को

जमलाकर गठित की गयी हो :

(i) एक प्रधान जिला एिं सत्र न्यायाधीि;

(ii) दिल्ली उच्चतर न्याजयक सेिा के एक सिस्ट्य जिनकी कम से कम िस िर्ों की सेिा

हो;और

(iii) एक मुख्य महानगर मजिस्ट्रेट अर्िा िठरष्ठ जसजिल न्यायाधीि अर्िा अजतठरि मुख्य

महानगर मजिस्ट्रेट अर्िा प्रिासजनक जसजिल न्यायाधीि |

जिन्हें उच्च न्यायालय द्वारा िार्र्थक आधार पर अर्िा दकसी जनर्िथष्ट अिजध के जलए नाजमत

दकया िाएगा|

स्ट्पष्टीकरण : समूह – सी के पि के सम्बन्ध में गठित चयन सजमजत हेतु यह आज्ञापक होगा

दक िह अनु.िा./अनु.िन. समुिाय का एक सिस्ट्य रिें |

7.

जनयम 3 में संिोधन

उप-जनयम 2 के बाि उप-जनयम 2क इस प्रकार िोडा िाएगा:

2क. उच्च न्यायालय, “दिल्ली जिला न्यायालय स्ट्र्ापना (जनयुजि एिं सेिा ितें) (संिोधन)

जनयम, 2025 के प्रभाि में आने के पश्चात तर्ा तत्पश्चात समय-समय पर, अनुसूची ‘क’ के

कॉलम (2) में जनर्िथष्ट पिों में से प्रत्येक जिले के जलए, न्याजयक अजधकाठरयों की संख्या,

न्याजयक एिं प्रिासजनक कायथ तर्ा अन्य ऐसे मानिंड जिन्हें उच्च न्यायालय प्रासंजगक समझे,

को ध्यान में रिते हुए, उपयुि संख्या में पि आिंठटत करेगा।

जनयम 3 में उप-जनयम 5 इस प्रकार िोडा िाएगा:

उच्च न्यायालय, “दिल्ली जिला न्यायालय स्ट्र्ापना (जनयुजि एिं सेिा ितें) (संिोधन)

जनयम, 2025 के प्रभाि में आने के पश्चात, अपने द्वारा जनधाथठरत मानिंडों के आधार पर,

अनुसूची ‘क’ में जनर्िथष्ट दकसी भी पिों पर कायथरत व्यजियों की जिला-िार आिंटन करेगा।

स्ट्पष्टीकरण: कोई भी अजधकारी/कमथचारी अपने जनयुजि जिले को पठरिर्तथत नहीं कर

सकेगा, जििेर् पठरजस्ट्र्जतयों के अजतठरि, जिनके जलए उच्च न्यायालय की स्ट्िीकृजत

आि‍यक होगी।

8.

जनयम 5 के स्ट्र्ान पर

जनम्नजलजित जनयम

प्रजतस्ट्र्ाजपत दकया

िाएगा:

प्रधान जनिी सजचि को जनयुि करने की प्रदक्रया:-

संबंजधत प्रधान जिला एिं सत्र न्यायाधीि का यह एकल जििेकाजधकार होगा दक िह

संबंजधत जिले में कायथरत प्रिासजनक अजधकारी (न्याजयक) के पूल में उपलब्ध व्यजियों में से

अपने प्रधान जनिी सजचि को जनयुि करें और िह जनयुि व्यजि उि पि पर उतनी अिजध

तक के जलए कायथरत रहेगा, जितनी अिजध के जलए संबंजधत प्रधान जिला एिं सत्र

न्यायाधीि इच्छुक होंगे|

14

DELHI GAZETTE : EXTRAORDINARY

PART II—I]

9.

जनयम 7 में संिोधन

जनयम 7 के अंजतम अनुच्छेि (बबंिु एफ के बाि) को जनम्नजलजित रूप में प्रजतस्ट्र्ाजपत दकया

िाएगा:-

आिेिनों की प्राजि की अंजतम जतजर् पर अर्िा उच्च न्यायालय द्वारा आिेिन आमंजत्रत करने

की अजधसूचना में जनर्िथष्ट दकसी अन्य जतजर् पर |

10.

जनयम 9 के स्ट्र्ान पर

जनम्नजलजित जनयम

प्रजतस्ट्र्ाजपत दकया

िाएगा:

जिला न्यायालय भती प्रकोष्ठ:-

उच्च न्यायालय “जिला न्यायालय भती प्रकोष्ठ” का गिन करेगा, िो समय समय पर उच्च

न्यायालय द्वारा िारी प्रिासजनक जनिेिों के अनुसार कायथ करेगा|

11.

जनयम 10 के स्ट्र्ान पर

जनम्नजलजित जनयम

प्रजतस्ट्र्ाजपत दकया

िाएगा:

सीधी भती:-

सभी पिों पर सीधी भती एकीकृत भती सजमजत के माध्यम से इन जनयमों तर्ा उच्च

न्यायालय द्वारा समय समय पर िारी प्रिासजनक जनिेिों के अनुसार की िाएगी|

12.

जनयम 11 में संिोधन

“भती सजमजत” को “एकीकृत भती सजमजत” से प्रजतस्ट्र्ाजपत दकया िाएगा|

13.

जनयम 12 में संिोधन

भती समीजत को एकीकृत भती सजमजत में पठरिर्तथत दकया िाता है |

“ जिला न्यायाधीि के परामिथ से एिं” िब्ि हटा दिए गए हैं |

“जिला न्यायाधीि, सजमजत(यों) के अध्यक्ष (ओं) के परामिथ से अभ्यर्र्थयों के साक्षात्कार

की प्रदक्रया में मानकों की एकरूपता बनाए रिने के जलए व्यजित्ि के बौजिक एिं

सामाजिक चठरत्र को सजम्मजलत करते हुए उनके द्वारा आिेदित पि में जनयुजि हेतु

अभ्यर्र्थयों की उपयुिता जनधाथठरत करने के जलए साक्षात्कार हेतु उजचत मानिंड जनधाथठरत

करेंगे” िब्ि हटा दिए गए हैं |

“ऐसे प्रारूप में िैसा दक जिला न्यायाधीि द्वारा िांजछत हो” िब्ि हटा दिए गए हैं |

14.

जनयम 13 के स्ट्र्ान पर

जनम्नजलजित जनयम

प्रजतस्ट्र्ाजपत दकया

िाएगा :

चयजनत अभ्यर्र्थयों की सूची :

1. चयजनत अभ्यर्र्थयों की सूची तैयार करने के उपरांत, एकीकृत भती सजमजत इसे

अंजतम अनुमोिन हेतु उच्च न्यायालय के समक्ष प्रस्ट्तुत करेगी | अनुमोिन के पश्चात, जनबंधक

( जिला न्यायालय भती ) चयजनत अभ्यर्र्थयों को उनके द्वारा व्यि दकए गए प्रार्जमकता के

आधार पर जिजभन्न जिलों में आिंठटत करेंगे| यदि दकसी जििेर् जिले को चुनने िाले

उम्मीििारों की संख्या उस जििेर् जिले में उस पि की ठरजियों की संख्या से अजधक है, तो

मेठरट सूची में उच्च स्ट्र्ान प्राि करने िाले उम्मीििार को उसकी पसंि का जिला आिंठटत

दकया िाएगा।

2. एकीकृत भती सजमजत, उप-जनयम (1) के अंतगथत तैयार चयजनत सूची में सजम्मजलत

नहीं दकये गए अभ्यर्र्थयों के नामों को अंतर्िथष्ट करते हुए योग्यता क्रम में उप-जनयम (1) के

प्रािधानों के अनुसार अभ्यर्र्थयों का पैनल भी तैयार करेगी जिसमें, िहां तक संभि हो,

सजम्मजलत दकये िाने िाले अभ्यर्र्थयों की संख्या अजधसूजचत ठरजियों की संख्या का िस

प्रजतित होगी |

3. उप-जनयम (1) एिं (2) के अंतगथत तैयार की गई सूची उच्च न्यायालय के जनिेिानुसार

प्रकाजित की िाएगी|

[PART II—I

DELHI GAZETTE : EXTRAORDINARY

15

15

जनयम 14 के स्ट्र्ान पर

जनम्नजलजित जनयम

प्रजतस्ट्र्ाजपत दकया िाएगा

:

अभ्यर्र्थयों की जनयुजि :

(1) जनयम 16 के अध्यधीन, अभ्यर्र्थयों जिनके नाम उप जनयम (1) के अंतगथत तैयार चयन

सूची में सजम्मजलत दकये गए हैं एिं जनयम 13 के उप-जनयम (3) के अंतगथत प्रकाजित दकये

गए हैं, संिगथ में पि की जनयुजि हेतु हर प्रकार से उपयुि पाए िाने िाले प्रत्येक ऐसे

अभ्यर्ी को िैसा दक आि‍यक समझा िाए, ऐसी पूछताछ के पश्चात एिं स्ट्ियं की संतुजष्ट

के पश्चात, जिला जििेर् के संिगथ जििेर् में उस क्रम में जिसमें उनका नाम चयन सूची में

पाया िाता है ठरजियों के जिरुि जनयुजि प्राजधकारी द्वारा जनयुि दकये िायेंगे | िे अभ्यर्ी

जिनके नाम उप-जनयम (2) के अंतगथत तैयार सूची में सजम्मजलत दकये गए हैं एिं जनयम 13

के उप-जनयम (3) के अंतगथत प्रकाजित दकये गए हैं, अभ्यर्र्थयों जिनके नाम जनयम 13 के

उप-जनयम (1) के अंतगथत तैयार सूची में सजम्मजलत दकये गए हैं जनयुि हो िाने के पश्चात

अभी भी उपलब्ध ठरि पिों के जिरुि उसी प्रकार से जनयुि दकये िायेंगे |

(2) जनयम 13 के अंतगथत प्रकाजित दकसी भी िो सूजचयों में अभ्यर्ी का नाम सजम्मजलत

दकया िाना उसे जनयुजि का कोई अजधकार प्रिान नहीं करेगा |

16.

जनयम 19 के स्ट्र्ान पर

जनम्नजलजित जनयम

प्रजतस्ट्र्ाजपत दकया िाएगा

:

पिोन्नजत द्वारा भती :

(1) सम्बजन्धत प्रधान जिला एिं सत्र न्यायाधीि, प्रत्येक िर्थ के िनिरी मास में जिला

जििेर् में पिों की जिजभन्न कोठट में जिद्यमान एिं िर्थ के िौरान संभाजित पिोन्नत ठरजियों

का जनधाथरण करेंगे |

(2) प्रधान जिला एिं सत्र न्यायाधीि, प्रिासजनक अजधकारी (न्याजयक) एिं उससे ऊपर के

पिों हेतु ठरजियों को अजधसूजचत करेंगे एिं उन पिों पर जनयुजि हेतु जिचार दकये िाने

िाले क्षेत्र में आने िाले सभी पात्र अभ्यर्र्थयों की सूची को अनुिंसा सजमजत को अग्रेजर्त

करेंगे | अनुिंसा सजमजत, उच्च न्यायालय द्वारा जनधाथठरत मानिंड के अनुसार उपयुिता –

सह-योग्यता के आधार पर पिोन्नजत के द्वारा प्रिासजनक अजधकारी (न्याजयक) के पिों के

50% कोटा में पिोन्नजत पर उनके जनयुजि हेतु उपयुि अभ्यर्र्थयों की एक सूची तैयार

करेगी एिं पिों के िेर् 50% हेतु साक्षात्कार परीक्षा सजहत एक जिभागीय परीक्षा

संचाजलत करेगी | सजमजत, उसके पश्चात उपयुि नहीं पाए गए व्यजियों की सूची के सार्,

इसके जलए कारण बताते हुए, इस प्रकार चयजनत व्यजियों की सूची उच्च न्यायालय को

अग्रेजर्त करेगी |

इस प्रकार प्राि सूची जनयम 2(15) (क) के अंतगथत मुख्य न्यायाधीि द्वारा गठित

चयन सजमजत के समक्ष रिी िायेगी एिं चयन सजमजत, सजमजत की संस्ट्तुजतयों को या तो

स्ट्िीकार अर्िा अस्ट्िीकार कर सकती है अर्िा िैसा िीक समझें उपयुि रूप से आिोधन

कर सकती है | उसके पश्चात अंजतम सूची को मुख्य न्यायाधीि के समक्ष उनके जिचार हेतु

रिा िाएगा एिं िो उसके पश्चात अनुमोिन हेतु फुल कोटथ को अग्रेजर्त करेंगे |

(3) हटा दिया गया है |

(4) प्रधान जिला एिं सत्र न्यायाधीि, जिला जििेर् में समूह – ए में सभी अन्य पिों एिं

अन्य समूहों हेतु ठरजियों को भी अजधसूजचत करेंगे एिं उन पिों पर जनयुजि हेतु जिचार

दकये िाने िाले क्षेत्र में आने िाले सभी पात्र अभ्यर्र्थयों की सूची को चयन सजमजत को

अग्रेजर्त करेंगे | सजमजत, उच्च न्यायालय द्वारा जनधाथठरत मानिंड के अनुसार सभी जिलों हेतु

उपयुि अभ्यर्र्थयों की एक समेदकत सूची तैयार करेगी| दकन्तु, िठरष्ठ न्याजयक सहायक के

पि हेतु, चयन सजमजत, उपयुिता-सह-योग्यता के आधार पर पिोन्नजत के द्वारा 50% के

कोटा में पिोन्नजत पर उनके जनयुजि हेतु उपयुि अभ्यर्र्थयों की सूची तैयार करेगी एिं पिों

के िेर् 50% हेतु साक्षात्कार सजहत एक जिभागीय परीक्षा का संचालन करेगी | सजमजत,

उसके पश्चात उपयुि नहीं पाए गए व्यजियों की सूची के सार्, इसके जलए कारण बताते

हुए, इस प्रकार चयजनत व्यजियों की सूची प्रधान जिला एिं सत्र न्यायाधीि के माध्यम से

अंजतम अनुमोिन हेतु उच्च न्यायालय को अग्रेजर्त करेगी |

(5) उच्च न्यायालय अभ्यर्ी की योग्यता को जनधाथठरत करने िाले मानिंड को अजधकजर्त

करेगा |

16

DELHI GAZETTE : EXTRAORDINARY

PART II—I]

17

जनयम 20 के स्ट्र्ान पर

जनम्नजलजित जनयम

प्रजतस्ट्र्ाजपत दकया

िाएगा:

जनयुजि:

जनयम-19 के तहत पिोन्नजत हेतु चयजनत अभ्यर्र्थयों की सूची की स्ट्िीकृजत के पश्चात,

जनबंधक (जिला न्यायालय भती प्रकोष्ठ) प्रत्येक जिले में उपलब्ध ठरजियों को ध्यान में रिते

हुए अभ्यर्र्थयों का आिंटन करेंगे, और इस सूची को संबंजधत प्रधान जिला एिं सत्र

न्यायाधीि को प्रेजर्त करेंगे। तत्पश्चात, संबंजधत न्यायाधीि द्वारा आि‍यकतानुसार िाँच

करने के उपरांत चयजनत अभ्यर्र्थयों की जनयुजि की िाएगी अर्िा िो आिेि उपयुि

समझे िाएँ, िे पाठरत दकए िाएँगे।

18.

जनयम 27 के स्ट्र्ान पर

जनम्नजलजित जनयम

प्रजतस्ट्र्ाजपत दकया

िाएगा:

अनुिासजनक प्राजधकरण:-

(1) उच्च न्यायालय सेिा के दकसी भी सिस्ट्य पर जनयम 26 में जिजनर्िथष्ट िाजस्ट्तयों में से

कोई भी अजधरोजपत कर सकता है।

(2) उप-जनयम (1) के प्रािधानों के पूिाथग्रह के जबना प्रधान जिला एिं सत्र न्यायाधीि सेिा

के दकसी भी सिस्ट्य पर, जनयुजि प्राजधकारी के रूप में, जनयम 26 में जिजनर्िथष्ट िाजस्ट्तयों में

से कोई भी िाजस्ट्त अजधरोजपत कर सकता है |

(3) प्रधान जिला एिं सत्र न्यायाधीि सेिा के दकसी भी सिस्ट्य, जिसका जनयुजि

प्राजधकरण उच्च न्यायालय हो, पर जनयम 26 के िंड (i) से (iv) में प्रगजणत िाजस्ट्तयों में से

कोई भी िाजस्ट्त अजधरोजपत करने हेतु भी सिि होगा।

स्ट्पष्टीकरण: जिस प्रधान जिला एिं सत्र न्यायाधीि के क्षेत्राजधकार में सेिा के दकसी भी

सिस्ट्य द्वारा कजर्त किाचार अर्िा अनुजचत व्यिहार दकया गया हो, िही न्यायाधीि उस

मामले के अनुिासजनक प्राजधकारी माने िाएँगे, भले ही उि सिस्ट्य को तत्पश्चात दकसी

अन्य जिले में स्ट्र्ानांतठरत कर दिया गया हो।

19.

जनयम 28 के स्ट्र्ान पर

जनम्नजलजित जनयम

प्रजतस्ट्र्ाजपत दकया

िाएगा:

28. कायथिाजहयां प्रारम्भ करने हेतु प्राजधकरण :-

उच्च न्यायालय, सामान्य अर्िा जििेर् आिेि द्वारा, जनम्न कर सकता है-

(1) सेिा के दकसी सिस्ट्य के जिरुि अनुिासजनक कायथिाजहयां प्रारम्भ करना

(2) उप-जनयम (1) के प्रािधानों के पूिाथग्रह के जबना उच्च न्यायालय सेिा के दकसी सिस्ट्य,

जिस पर प्रधान जिला एिं सत्र न्यायाधीि जनयम 26 में जिजनर्िथष्ट कोई िाजस्ट्त इन जनयमों

के अंतगथत अजधरोजपत करने में सक्षम हो, के जिरुि अनुिासजनक कायथिाजहयां प्रारम्भ करने

के जलए प्रधान जिला एिं सत्र न्यायाधीि को जनिेि िे सकता है।

(3) जनयम 26 के िंड (i) से (iv) में जिजनर्िथष्ट दकसी भी िाजस्ट्त को अजधरोजपत करने हेतु

इन जनयमों के अंतगथत सम्बंजधत सक्षम प्रधान जिला एिं सत्र न्यायाधीि सम्बंजधत जिले के

सेिा के दकसी सिस्ट्य के जिरुि जनयम 26 के िंड (v) से (ix) में जिजनर्िथष्ट िाजस्ट्तयों में से

कोई भी िाजस्ट्त अजधरोजपत करने के जलए अनुिासजनक कायथिाजहयां प्रारम्भ कर सकता है

तर्ाजप प्रधान जिला एिं सत्र न्यायाधीि इन जनयमों के तहत बाि की कोई भी िाजस्ट्तयाँ

अजधरोजपत करने हेतु सक्षम नहीं है |

स्ट्पष्टीकरण – िांच की समाजि अर्िा िांच ठरपोटथ की प्राजि पर यदि अनुिासजनक

प्राजधकारी इस जनष्कर्थ पर पहुँचता है दक यदि लघु िाजस्ट्त मामले की आि‍यकता पूणथ कर

िेती है तो उच्च न्यायालय, िो सम्बि सेिा के सिस्ट्यों पर बडी िाजस्ट्त अजधरोजपत करने में

सक्षम है, के अनुमोिन के जबना लघु िाजस्ट्त अजधरोजपत करना उसकी सक्षमता के अंतगथत

सही होगा।

20.

जनयम 33 में संिोधन

“राष्ट्रपजत” िब्ि को “उच्च न्यायालय” से प्रजतस्ट्र्ाजपत दकया िाएगा।

21.

जनयम 34 में संिोधन

उप-जनयम (iii) में “राष्ट्रपजत” िब्ि को “उच्च न्यायालय” से प्रजतस्ट्र्ाजपत दकया िाएगा।

[PART II—I

DELHI GAZETTE : EXTRAORDINARY

17

22.

जनयम 39 के स्ट्र्ान पर

जनम्नजलजित जनयम

प्रजतस्ट्र्ाजपत दकया

िाएगा:

िनजहत में सेिाजनिृजत्त :

इन जनयमों या अन्य दकसी कानून में कुछ भी समाजिष्ट होते हुए भी, उच्च न्यायालय या

प्रधान जिला एिं सत्र न्यायाधीि को, यदि उनके जिचार में ऐसा करना िनजहत में है, दक

सेिा के दकसी भी सिस्ट्य को, जिसने पच्चीस िर्ों से कम की सेिा न की हो या पचास िर्थ

की आयु प्राि कर ली हो, जलजित में कम से कम तीन महीने का नोठटस या ऐसे नोठटस के

बिले तीन महीने का िेतन और भत्ते िेकर, सेिाजनिृत करने का पूणथ अजधकार होगा।

23.

जनयम 44 के स्ट्र्ान पर

जनम्नजलजित जनयम

प्रजतस्ट्र्ाजपत दकया

िाएगा:

छूट िेने की िजि :

िहाँ प्रधान जिला एिं सत्र न्यायाधीि को संतुजष्ट है दक दकसी जिजिष्ट मामले में दकसी

जनयम की कायथ-जिजध अनाि‍यक कठिनाई का कारण बन रही है, तो िे उच्च न्यायालय को

यह संस्ट्तुजत कर सकते हैं दक उस जनयम की अपेक्षा में, आि‍यकता अनुसार और उपयुि

ितों सजहत, छूट या जिमुजि िी िाए िैसा िह मामले को न्यायसंगत और साम्यपूणथ तरीके

से जनपटाने के जलए आि‍यक समझता है बिते दक मामले को इस तरीके से न जनपटाया

िाए दक िह जनयमों के अनुसार अजधकारी या संबंजधत कमथचाठरयों के जलए कम अनुकूल

हो| उच्च न्यायालय उि संस्ट्तुजत पर जनणथय लेगा, जिसका जनणथय अंजतम और बाध्यकारी

होगा।

24.

अनुसूची- ि में संिोधन

कॉलम संख्या 5 में िहाँ कहीं भी 'जिला न्यायाधीि' िब्ि आता है, उसे 'प्रधान जिला एिं

सत्र न्यायाधीि' िब्ि से प्रजतस्ट्र्ाजपत दकया िाएगा।

क्रम संख्या 4, 10 एिं 16 के कॉलम संख्या 4 में, योग्यता एिं अनुभि में छूट से संबंजधत

मामलों में िहाँ भी 'जिला न्यायाधीि' िब्ि प्रयुि हुआ है, िहाँ उसे 'उच्च न्यायालय' से

प्रजतस्ट्र्ाजपत दकया िाएगा।

25.

जनयमों में िहाँ कहीं भी 'जिला न्यायाधीि' िब्ि उल्लेजित है, िहाँ उसे 'प्रधान जिला एिं

सत्र न्यायाधीि' िब्ि से प्रजतस्ट्र्ाजपत दकया िाएगा।

क्र. सं.

जनयम

संिोधन

1.

जनयम 2(1)(ि) के स्ट्र्ान

पर जनम्नजलजित जनयम

प्रजतस्ट्र्ाजपत

दकया

िाएगा:

समूह ए तर्ा अन्य समूहों में अन्य सभी पिों से तात्पयथ उस जिले के प्रधान जिला एिं सत्र

न्यायाधीि से है िहाँ इन जनयमों के अंतगथत कमथचाठरयों की जनयुजि की गई है

2.

जनयम 2(5) के स्ट्र्ान पर

जनम्नजलजित

जनयम

प्रजतस्ट्र्ाजपत

दकया

िाएगा:

“जिला” से तात्पयथ उस जिला से है जिसे समय समय पर राष्ट्रीय रािधानी क्षेत्र द्वारा

अजधसूजचत दकया िाएगा

3.

जनयम 2(6) के स्ट्र्ान पर

जनम्नजलजित

जनयम

प्रजतस्ट्र्ाजपत

दकया

िाएगा:

“प्रधान जिला एिं सत्र न्यायाधीि” से तात्पयथ संबंजधत जिले के प्रधान जिला एिं सत्र

न्यायाधीि है;

4.

जनयम 2(13) के स्ट्र्ान पर

जनम्नजलजित

जनयम

प्रजतस्ट्र्ाजपत

दकया

िाएगा:

“अनुिंसा सजमजत” से तात्पयथ िह सजमजत िो प्रिासजनक अजधकारी (न्याजयक) एिं उससे ऊपर के

पि हेतु उपयुि अभ्यर्र्थयों के नामों को उच्च न्यायालय में अनुिंसा करने के उद्दे‍य से उच्च

न्यायालय द्वारा गठित की गयी है एिं िह जनम्नजलजित से जमलकर बनी होगी :

(i) एक प्रधान जिला एिं सत्र न्यायाधीि (अध्यक्ष के रूप में); एिं

(ii) दिल्ली उच्चतर न्याजयक सेिा के िो सिस्ट्य जिनकी कम से कम िस िर्ों की सेिा हो |

जिन्हें उच्च न्यायालय द्वारा िार्र्थक आधार पर अर्िा दकसी जनर्िथष्ट अिजध के जलए नाजमत दकया

िाएगा|

18

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PART II—I]

5.

जनयम 2(14) के स्ट्र्ान पर

जनम्नजलजित

जनयम

प्रजतस्ट्र्ाजपत

दकया

िाएगा:

“एकीकृत भती सजमजत”

सभी पिों के सम्बन्ध में जिनके जलए दकसी भी जिले में सीधी भती की िानी है, उच्च न्यायालय

जनम्नजलजित को जमलाकर एक स्ट्र्ायी एकीकृत भती सजमजत का गिन करेगा :

(i) एक प्रधान जिला एिं सत्र न्यायाधीि (अध्यक्ष के रूप में); एिं

(ii) दिल्ली उच्चतर न्याजयक सेिा के िो सिस्ट्य जिनकी कम से कम िस िर्ों की सेिा हो |

जिन्हें उच्च न्यायालय द्वारा िार्र्थक आधार पर अर्िा दकसी जनर्िथष्ट अिजध के जलए नाजमत दकया

िाएगा|

स्ट्पष्टीकरण : समूह –सी के पिों में 10 अर्िा उससे अजधक ठरजियों में भती करने हेतु गठित भती

सजमजत के जलए यह आज्ञापक होगा दक िह अनु. िा./अनु.िन. के समुिाय का एक सिस्ट्य रिें |

6.

जनयम 2(15) के स्ट्र्ान पर

जनम्नजलजित

जनयम

प्रजतस्ट्र्ाजपत

दकया

िाएगा:

जनम्नजलजित के संिभथ में “चयन सजमजत” :

(क) प्रिासजनक अजधकारी (न्याजयक) एिं उससे ऊपर के पि के सन्िभथ में से तात्पयथ िह सजमजत िो

उच्च न्यायालय के माननीय न्यायाधीिगण की ऐसी संख्या से जमलकर बनी हो िैसी दक माननीय

मुख्य न्यायाधीि उजचत समझें;

(ि) समूह ए के अन्य समस्ट्त पिों एिं अन्य समूहों के सन्िभथ में से तात्पयथ एक अर्िा उससे अजधक

सजमजत अर्िा सजमजतयां िो दक जिला न्यायाधीि के द्वारा जनम्नजलजित को जमलाकर गठित की

गयी हो :

(i) एक प्रधान जिला एिं सत्र न्यायाधीि;

(ii) दिल्ली उच्चतर न्याजयक सेिा के एक सिस्ट्य जिनकी कम से कम िस िर्ों की सेिा हो;और

(iii) एक मुख्य महानगर मजिस्ट्रेट अर्िा िठरष्ठ जसजिल न्यायाधीि अर्िा अजतठरि मुख्य

महानगर मजिस्ट्रेट अर्िा प्रिासजनक जसजिल न्यायाधीि |

जिन्हें उच्च न्यायालय द्वारा िार्र्थक आधार पर अर्िा दकसी जनर्िथष्ट अिजध के जलए नाजमत दकया

िाएगा|

स्ट्पष्टीकरण : समूह – सी के पि के सम्बन्ध में गठित चयन सजमजत हेतु यह आज्ञापक होगा दक िह

अनु.िा./अनु.िन. समुिाय का एक सिस्ट्य रिें |

7.

जनयम 3 में संिोधन

उप-जनयम 2 के बाि उप-जनयम 2क इस प्रकार िोडा िाएगा:

2क. उच्च न्यायालय, “दिल्ली जिला न्यायालय स्ट्र्ापना (जनयुजि एिं सेिा ितें) (संिोधन) जनयम,

2025 के प्रभाि में आने के पश्चात तर्ा तत्पश्चात समय-समय पर, अनुसूची ‘क’ के कॉलम (2) में

जनर्िथष्ट पिों में से प्रत्येक जिले के जलए, न्याजयक अजधकाठरयों की संख्या, न्याजयक एिं प्रिासजनक

कायथ तर्ा अन्य ऐसे मानिंड जिन्हें उच्च न्यायालय प्रासंजगक समझे, को ध्यान में रिते हुए, उपयुि

संख्या में पि आिंठटत करेगा।

जनयम 3 में उप-जनयम 5 इस प्रकार िोडा िाएगा:

उच्च न्यायालय, “दिल्ली जिला न्यायालय स्ट्र्ापना (जनयुजि एिं सेिा ितें) (संिोधन) जनयम,

2025 के प्रभाि में आने के पश्चात, अपने द्वारा जनधाथठरत मानिंडों के आधार पर, अनुसूची ‘क’ में

जनर्िथष्ट दकसी भी पिों पर कायथरत व्यजियों की जिला-िार आिंटन करेगा।

स्ट्पष्टीकरण: कोई भी अजधकारी/कमथचारी अपने जनयुजि जिले को पठरिर्तथत नहीं कर सकेगा,

जििेर् पठरजस्ट्र्जतयों के अजतठरि, जिनके जलए उच्च न्यायालय की स्ट्िीकृजत आि‍यक होगी।

[PART II—I

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19

8.

जनयम 5 के स्ट्र्ान पर

जनम्नजलजित

जनयम

प्रजतस्ट्र्ाजपत

दकया

िाएगा:

प्रधान जनिी सजचि को जनयुि करने की प्रदक्रया:-

संबंजधत प्रधान जिला एिं सत्र न्यायाधीि का यह एकल जििेकाजधकार होगा दक िह संबंजधत

जिले में कायथरत प्रिासजनक अजधकारी (न्याजयक) के पूल में उपलब्ध व्यजियों में से अपने प्रधान

जनिी सजचि को जनयुि करें और िह जनयुि व्यजि उि पि पर उतनी अिजध तक के जलए कायथरत

रहेगा, जितनी अिजध के जलए संबंजधत प्रधान जिला एिं सत्र न्यायाधीि इच्छुक होंगे|

9.

जनयम 7 में संिोधन

जनयम 7 के अंजतम अनुच्छेि (बबंिु एफ के बाि) को जनम्नजलजित रूप में प्रजतस्ट्र्ाजपत दकया

िाएगा:-

आिेिनों की प्राजि की अंजतम जतजर् पर अर्िा उच्च न्यायालय द्वारा आिेिन आमंजत्रत करने की

अजधसूचना में जनर्िथष्ट दकसी अन्य जतजर् पर |

10.

जनयम 9 के स्ट्र्ान पर

जनम्नजलजित

जनयम

प्रजतस्ट्र्ाजपत

दकया

िाएगा:

जिला न्यायालय भती प्रकोष्ठ:-

उच्च न्यायालय “जिला न्यायालय भती प्रकोष्ठ” का गिन करेगा, िो समय समय पर उच्च न्यायालय

द्वारा िारी प्रिासजनक जनिेिों के अनुसार कायथ करेगा|

11.

जनयम 10 के स्ट्र्ान पर

जनम्नजलजित

जनयम

प्रजतस्ट्र्ाजपत

दकया

िाएगा:

सीधी भती:-

सभी पिों पर सीधी भती एकीकृत भती सजमजत के माध्यम से इन जनयमों तर्ा उच्च न्यायालय

द्वारा समय समय पर िारी प्रिासजनक जनिेिों के अनुसार की िाएगी|

12.

जनयम 11 में संिोधन

“भती सजमजत” को “एकीकृत भती सजमजत” से प्रजतस्ट्र्ाजपत दकया िाएगा|

13.

जनयम 12 में संिोधन

भती समीजत को एकीकृत भती सजमजत में पठरिर्तथत दकया िाता है |

“ जिला न्यायाधीि के परामिथ से एिं” िब्ि हटा दिए गए हैं |

“जिला न्यायाधीि, सजमजत(यों) के अध्यक्ष (ओं) के परामिथ से अभ्यर्र्थयों के साक्षात्कार की

प्रदक्रया में मानकों की एकरूपता बनाए रिने के जलए व्यजित्ि के बौजिक एिं सामाजिक चठरत्र

को सजम्मजलत करते हुए उनके द्वारा आिेदित पि में जनयुजि हेतु अभ्यर्र्थयों की उपयुिता

जनधाथठरत करने के जलए साक्षात्कार हेतु उजचत मानिंड जनधाथठरत करेंगे” िब्ि हटा दिए गए हैं |

“ऐसे प्रारूप में िैसा दक जिला न्यायाधीि द्वारा िांजछत हो” िब्ि हटा दिए गए हैं |

14.

जनयम 13 के स्ट्र्ान पर

जनम्नजलजित जनयम

प्रजतस्ट्र्ाजपत दकया

िाएगा :

चयजनत अभ्यर्र्थयों की सूची :

1. चयजनत अभ्यर्र्थयों की सूची तैयार करने के उपरांत, एकीकृत भती सजमजत इसे अंजतम

अनुमोिन हेतु उच्च न्यायालय के समक्ष प्रस्ट्तुत करेगी | अनुमोिन के पश्चात, जनबंधक ( जिला

न्यायालय भती ) चयजनत अभ्यर्र्थयों को उनके द्वारा व्यि दकए गए प्रार्जमकता के आधार पर

जिजभन्न जिलों में आिंठटत करेंगे| यदि दकसी जििेर् जिले को चुनने िाले उम्मीििारों की संख्या

उस जििेर् जिले में उस पि की ठरजियों की संख्या से अजधक है, तो मेठरट सूची में उच्च स्ट्र्ान प्राि

करने िाले उम्मीििार को उसकी पसंि का जिला आिंठटत दकया िाएगा।

2. एकीकृत भती सजमजत, उप-जनयम (1) के अंतगथत तैयार चयजनत सूची में सजम्मजलत नहीं

दकये गए अभ्यर्र्थयों के नामों को अंतर्िथष्ट करते हुए योग्यता क्रम में उप-जनयम (1) के प्रािधानों के

अनुसार अभ्यर्र्थयों का पैनल भी तैयार करेगी जिसमें, िहां तक संभि हो, सजम्मजलत दकये िाने

िाले अभ्यर्र्थयों की संख्या अजधसूजचत ठरजियों की संख्या का िस प्रजतित होगी |

3. उप-जनयम (1) एिं (2) के अंतगथत तैयार की गई सूची उच्च न्यायालय के जनिेिानुसार प्रकाजित

की िाएगी|

20

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PART II—I]

15

जनयम 14 के स्ट्र्ान पर

जनम्नजलजित जनयम

प्रजतस्ट्र्ाजपत दकया िाएगा

:

अभ्यर्र्थयों की जनयुजि :

(1) जनयम 16 के अध्यधीन, अभ्यर्र्थयों जिनके नाम उप जनयम (1) के अंतगथत तैयार चयन सूची

में सजम्मजलत दकये गए हैं एिं जनयम 13 के उप-जनयम (3) के अंतगथत प्रकाजित दकये गए हैं, संिगथ

में पि की जनयुजि हेतु हर प्रकार से उपयुि पाए िाने िाले प्रत्येक ऐसे अभ्यर्ी को िैसा दक

आि‍यक समझा िाए, ऐसी पूछताछ के पश्चात एिं स्ट्ियं की संतुजष्ट के पश्चात, जिला जििेर् के

संिगथ जििेर् में उस क्रम में जिसमें उनका नाम चयन सूची में पाया िाता है ठरजियों के जिरुि

जनयुजि प्राजधकारी द्वारा जनयुि दकये िायेंगे | िे अभ्यर्ी जिनके नाम उप-जनयम (2) के अंतगथत

तैयार सूची में सजम्मजलत दकये गए हैं एिं जनयम 13 के उप-जनयम (3) के अंतगथत प्रकाजित दकये

गए हैं, अभ्यर्र्थयों जिनके नाम जनयम 13 के उप-जनयम (1) के अंतगथत तैयार सूची में सजम्मजलत

दकये गए हैं जनयुि हो िाने के पश्चात अभी भी उपलब्ध ठरि पिों के जिरुि उसी प्रकार से जनयुि

दकये िायेंगे |

(2) जनयम 13 के अंतगथत प्रकाजित दकसी भी िो सूजचयों में अभ्यर्ी का नाम सजम्मजलत दकया

िाना उसे जनयुजि का कोई अजधकार प्रिान नहीं करेगा |

[PART II—I

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21

16.

जनयम 19 के स्ट्र्ान पर

जनम्नजलजित जनयम

प्रजतस्ट्र्ाजपत दकया िाएगा

:

पिोन्नजत द्वारा भती :

(1) सम्बजन्धत प्रधान जिला एिं सत्र न्यायाधीि, प्रत्येक िर्थ के िनिरी मास में जिला जििेर् में

पिों की जिजभन्न कोठट में जिद्यमान एिं िर्थ के िौरान संभाजित पिोन्नत ठरजियों का जनधाथरण

करेंगे |

(2) प्रधान जिला एिं सत्र न्यायाधीि, प्रिासजनक अजधकारी (न्याजयक) एिं उससे ऊपर के पिों

हेतु ठरजियों को अजधसूजचत करेंगे एिं उन पिों पर जनयुजि हेतु जिचार दकये िाने िाले क्षेत्र में

आने िाले सभी पात्र अभ्यर्र्थयों की सूची को अनुिंसा सजमजत को अग्रेजर्त करेंगे | अनुिंसा

सजमजत, उच्च न्यायालय द्वारा जनधाथठरत मानिंड के अनुसार उपयुिता –सह-योग्यता के आधार पर

पिोन्नजत के द्वारा प्रिासजनक अजधकारी (न्याजयक) के पिों के 50% कोटा में पिोन्नजत पर उनके

जनयुजि हेतु उपयुि अभ्यर्र्थयों की एक सूची तैयार करेगी एिं पिों के िेर् 50% हेतु साक्षात्कार

परीक्षा सजहत एक जिभागीय परीक्षा संचाजलत करेगी | सजमजत, उसके पश्चात उपयुि नहीं पाए

गए व्यजियों की सूची के सार्, इसके जलए कारण बताते हुए, इस प्रकार चयजनत व्यजियों की

सूची उच्च न्यायालय को अग्रेजर्त करेगी |

इस प्रकार प्राि सूची जनयम 2(15) (क) के अंतगथत मुख्य न्यायाधीि द्वारा गठित चयन

सजमजत के समक्ष रिी िायेगी एिं चयन सजमजत, सजमजत की संस्ट्तुजतयों को या तो स्ट्िीकार अर्िा

अस्ट्िीकार कर सकती है अर्िा िैसा िीक समझें उपयुि रूप से आिोधन कर सकती है | उसके

पश्चात अंजतम सूची को मुख्य न्यायाधीि के समक्ष उनके जिचार हेतु रिा िाएगा एिं िो उसके

पश्चात अनुमोिन हेतु फुल कोटथ को अग्रेजर्त करेंगे |

(3) हटा दिया गया है |

(4) प्रधान जिला एिं सत्र न्यायाधीि, जिला जििेर् में समूह – ए में सभी अन्य पिों एिं अन्य

समूहों हेतु ठरजियों को भी अजधसूजचत करेंगे एिं उन पिों पर जनयुजि हेतु जिचार दकये िाने िाले

क्षेत्र में आने िाले सभी पात्र अभ्यर्र्थयों की सूची को चयन सजमजत को अग्रेजर्त करेंगे | सजमजत,

उच्च न्यायालय द्वारा जनधाथठरत मानिंड के अनुसार सभी जिलों हेतु उपयुि अभ्यर्र्थयों की एक

समेदकत सूची तैयार करेगी| दकन्तु, िठरष्ठ न्याजयक सहायक के पि हेतु, चयन सजमजत, उपयुिता-

सह-योग्यता के आधार पर पिोन्नजत के द्वारा 50% के कोटा में पिोन्नजत पर उनके जनयुजि हेतु

उपयुि अभ्यर्र्थयों की सूची तैयार करेगी एिं पिों के िेर् 50% हेतु साक्षात्कार सजहत एक

जिभागीय परीक्षा का संचालन करेगी | सजमजत, उसके पश्चात उपयुि नहीं पाए गए व्यजियों की

सूची के सार्, इसके जलए कारण बताते हुए, इस प्रकार चयजनत व्यजियों की सूची प्रधान जिला

एिं सत्र न्यायाधीि के माध्यम से अंजतम अनुमोिन हेतु उच्च न्यायालय को अग्रेजर्त करेगी |

(5) उच्च न्यायालय अभ्यर्ी की योग्यता को जनधाथठरत करने िाले मानिंड को अजधकजर्त करेगा |

22

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PART II—I]

17

जनयम 20 के स्ट्र्ान पर

जनम्नजलजित

जनयम

प्रजतस्ट्र्ाजपत

दकया

िाएगा:

जनयुजि:

जनयम-19 के तहत पिोन्नजत हेतु चयजनत अभ्यर्र्थयों की सूची की स्ट्िीकृजत के पश्चात, जनबंधक

(जिला न्यायालय भती प्रकोष्ठ) प्रत्येक जिले में उपलब्ध ठरजियों को ध्यान में रिते हुए अभ्यर्र्थयों

का आिंटन करेंगे, और इस सूची को संबंजधत प्रधान जिला एिं सत्र न्यायाधीि को प्रेजर्त करेंगे।

तत्पश्चात, संबंजधत न्यायाधीि द्वारा आि‍यकतानुसार िाँच करने के उपरांत चयजनत अभ्यर्र्थयों

की जनयुजि की िाएगी अर्िा िो आिेि उपयुि समझे िाएँ, िे पाठरत दकए िाएँगे।

18.

जनयम 27 के स्ट्र्ान पर

जनम्नजलजित

जनयम

प्रजतस्ट्र्ाजपत

दकया

िाएगा:

अनुिासजनक प्राजधकरण:-

(1) उच्च न्यायालय सेिा के दकसी भी सिस्ट्य पर जनयम 26 में जिजनर्िथष्ट िाजस्ट्तयों में से कोई भी

अजधरोजपत कर सकता है।

(2) उप-जनयम (1) के प्रािधानों के पूिाथग्रह के जबना प्रधान जिला एिं सत्र न्यायाधीि सेिा के

दकसी भी सिस्ट्य पर, जनयुजि प्राजधकारी के रूप में, जनयम 26 में जिजनर्िथष्ट िाजस्ट्तयों में से कोई

भी िाजस्ट्त अजधरोजपत कर सकता है |

(3) प्रधान जिला एिं सत्र न्यायाधीि सेिा के दकसी भी सिस्ट्य, जिसका जनयुजि प्राजधकरण उच्च

न्यायालय हो, पर जनयम 26 के िंड (i) से (iv) में प्रगजणत िाजस्ट्तयों में से कोई भी िाजस्ट्त

अजधरोजपत करने हेतु भी सिि होगा।

स्ट्पष्टीकरण: जिस प्रधान जिला एिं सत्र न्यायाधीि के क्षेत्राजधकार में सेिा के दकसी भी सिस्ट्य

द्वारा कजर्त किाचार अर्िा अनुजचत व्यिहार दकया गया हो, िही न्यायाधीि उस मामले के

अनुिासजनक प्राजधकारी माने िाएँगे, भले ही उि सिस्ट्य को तत्पश्चात दकसी अन्य जिले में

स्ट्र्ानांतठरत कर दिया गया हो।

19.

जनयम 28 के स्ट्र्ान पर

जनम्नजलजित

जनयम

प्रजतस्ट्र्ाजपत

दकया

िाएगा:

28. कायथिाजहयां प्रारम्भ करने हेतु प्राजधकरण :-

उच्च न्यायालय, सामान्य अर्िा जििेर् आिेि द्वारा, जनम्न कर सकता है-

(1) सेिा के दकसी सिस्ट्य के जिरुि अनुिासजनक कायथिाजहयां प्रारम्भ करना

(2) उप-जनयम (1) के प्रािधानों के पूिाथग्रह के जबना उच्च न्यायालय सेिा के दकसी सिस्ट्य, जिस पर

प्रधान जिला एिं सत्र न्यायाधीि जनयम 26 में जिजनर्िथष्ट कोई िाजस्ट्त इन जनयमों के अंतगथत

अजधरोजपत करने में सक्षम हो, के जिरुि अनुिासजनक कायथिाजहयां प्रारम्भ करने के जलए प्रधान

जिला एिं सत्र न्यायाधीि को जनिेि िे सकता है।

(3) जनयम 26 के िंड (i) से (iv) में जिजनर्िथष्ट दकसी भी िाजस्ट्त को अजधरोजपत करने हेतु इन

जनयमों के अंतगथत सम्बंजधत सक्षम प्रधान जिला एिं सत्र न्यायाधीि सम्बंजधत जिले के सेिा के

दकसी सिस्ट्य के जिरुि जनयम 26 के िंड (v) से (ix) में जिजनर्िथष्ट िाजस्ट्तयों में से कोई भी िाजस्ट्त

अजधरोजपत करने के जलए अनुिासजनक कायथिाजहयां प्रारम्भ कर सकता है तर्ाजप प्रधान जिला

एिं सत्र न्यायाधीि इन जनयमों के तहत बाि की कोई भी िाजस्ट्तयाँ अजधरोजपत करने हेतु सक्षम

नहीं है |

स्ट्पष्टीकरण – िांच की समाजि अर्िा िांच ठरपोटथ की प्राजि पर यदि अनुिासजनक प्राजधकारी इस

जनष्कर्थ पर पहुँचता है दक यदि लघु िाजस्ट्त मामले की आि‍यकता पूणथ कर िेती है तो उच्च

न्यायालय, िो सम्बि सेिा के सिस्ट्यों पर बडी िाजस्ट्त अजधरोजपत करने में सक्षम है, के अनुमोिन

के जबना लघु िाजस्ट्त अजधरोजपत करना उसकी सक्षमता के अंतगथत सही होगा।

20.

जनयम 33 में संिोधन

“राष्ट्रपजत” िब्ि को “उच्च न्यायालय” से प्रजतस्ट्र्ाजपत दकया िाएगा।

21.

जनयम 34 में संिोधन

उप-जनयम (iii) में “राष्ट्रपजत” िब्ि को “उच्च न्यायालय” से प्रजतस्ट्र्ाजपत दकया िाएगा।

[PART II—I

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23

22.

जनयम 39 के स्ट्र्ान पर

जनम्नजलजित

जनयम

प्रजतस्ट्र्ाजपत

दकया

िाएगा:

िनजहत में सेिाजनिृजत्त :

इन जनयमों या अन्य दकसी कानून में कुछ भी समाजिष्ट होते हुए भी, उच्च न्यायालय या प्रधान

जिला एिं सत्र न्यायाधीि को, यदि उनके जिचार में ऐसा करना िनजहत में है, दक सेिा के दकसी

भी सिस्ट्य को, जिसने पच्चीस िर्ों से कम की सेिा न की हो या पचास िर्थ की आयु प्राि कर ली

हो, जलजित में कम से कम तीन महीने का नोठटस या ऐसे नोठटस के बिले तीन महीने का िेतन

और भत्ते िेकर, सेिाजनिृत करने का पूणथ अजधकार होगा।

23.

जनयम 44 के स्ट्र्ान पर

जनम्नजलजित

जनयम

प्रजतस्ट्र्ाजपत

दकया

िाएगा:

छूट िेने की िजि :

िहाँ प्रधान जिला एिं सत्र न्यायाधीि को संतुजष्ट है दक दकसी जिजिष्ट मामले में दकसी जनयम की

कायथ-जिजध अनाि‍यक कठिनाई का कारण बन रही है, तो िे उच्च न्यायालय को यह संस्ट्तुजत कर

सकते हैं दक उस जनयम की अपेक्षा में, आि‍यकता अनुसार और उपयुि ितों सजहत, छूट या

जिमुजि िी िाए िैसा िह मामले को न्यायसंगत और साम्यपूणथ तरीके से जनपटाने के जलए

आि‍यक समझता है बिते दक मामले को इस तरीके से न जनपटाया िाए दक िह जनयमों के

अनुसार अजधकारी या संबंजधत कमथचाठरयों के जलए कम अनुकूल हो| उच्च न्यायालय उि संस्ट्तुजत

पर जनणथय लेगा, जिसका जनणथय अंजतम और बाध्यकारी होगा।

24.

अनुसूची- ि में संिोधन

कॉलम संख्या 5 में िहाँ कहीं भी 'जिला न्यायाधीि' िब्ि आता है, उसे 'प्रधान जिला एिं सत्र

न्यायाधीि' िब्ि से प्रजतस्ट्र्ाजपत दकया िाएगा।

क्रम संख्या 4, 10 एिं 16 के कॉलम संख्या 4 में, योग्यता एिं अनुभि में छूट से संबंजधत मामलों

में िहाँ भी 'जिला न्यायाधीि' िब्ि प्रयुि हुआ है, िहाँ उसे 'उच्च न्यायालय' से प्रजतस्ट्र्ाजपत दकया

िाएगा।

25.

जनयमों में िहाँ कहीं भी 'जिला न्यायाधीि' िब्ि उल्लेजित है, िहाँ उसे 'प्रधान जिला एिं सत्र

न्यायाधीि' िब्ि से प्रजतस्ट्र्ाजपत दकया िाएगा।

II.

अनुसूची-ि के समूह-क के ितथमान क्रम संख्या 3 को जनम्नजलजित द्वारा प्रजतस्ट्र्ाजपत दकया िाएगा:

क्रम

संख्या

पि का नाम

चयन की पिजत

अहथता आदि

जनयुजि

प्राजधकरण

(1)

(2)

(3)

(4)

(5)

24

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PART II—I]

3.

प्रिासजनक

अजधकारी

(न्याजयक)

[पिोन्नजत/

चयजनत पि] (रािपजत्रत)

िेतनमान-III-

15600-

39100 + 6600/-

क) स्ट्िीकृत पिों का 50 प्रजतित िठरष्ठ न्याजयक

सहायक, िठरष्ठ जनिी सहायक तर्ा जसजिल

नाजिर/जिला नाजिर में से िठरष्ठता-सह-योग्यता

के आधार पर पिोन्नजत द्वारा, उपरोि तीनों

श्रेजणयों की कैडर पि संख्या के प्रजतित अर्ाथत्

60%, 30% ि 10% क्रमिः के आधार पर भरा

िाएगा |

ि) स्ट्िीकृत पिों का 50 प्रजतित िठरष्ठ न्याजयक

सहायक, िठरष्ठ जनिी सहायक तर्ा जसजिल

नाजिर/जिला नाजिर, न्याजयक सहायक/ जनिी

सहायक अर्िा इन पिों में से दकसी पि पर

सजम्मजलत सेिा से जलजित परीक्षा तर्ा

साक्षात्कार के आधार पर चयन द्वारा |

ग) यदि उपरोि िंड (ि) के प्रािधानों के

अनुसार योग्यता के आधार पर अपेजक्षत संख्या में

अभ्यर्ी चयजनत नहीं होते हैं तो जलजित परीक्षा

तर्ा साक्षात्कार के आधार पर सीधी भती द्वारा |

क) िठरष्ठ न्याजयक सहायक, िठरष्ठ

जनिी

सहायक

तर्ा

जसजिल

नाजिर/जिला नाजिर में से दकसी पि

पर 5 िर्थ की सेिा सजहत स्नातक

(जिजध स्नातक को प्रार्जमकता) |

ि) िठरष्ठ न्याजयक सहायक, िठरष्ठ

जनिी

सहायक

तर्ा

जसजिल

नाजिर/जिला नाजिर में से दकसी पि

पर पांच िर्थ की सेिा सजहत स्नातक

(जिजध स्नातक को प्रार्जमकता) |

अर्िा

न्याजयक सहायक/ जनिी सहायक

अर्िा इन पिों में से दकसी पि पर 7

िर्थ की सजम्मजलत सेिा सजहत स्नातक

(जिजध स्नातक को प्रार्जमकता) |

ग)

सीधी

भती

हेतु:

रु 4600/- ग्रेड िेतन में पांच िर्थ की

सेिा सजहत जिजध स्नातक |

उच्च न्यायालय

III.

अनुसूची ि के ितथमान क्रम संख्या 14 को जनम्नजलजित द्वारा प्रजतस्ट्र्ाजपत दकया िाएगा

क्रम

संख्या

पि का नाम

चयन की पिजत

अहथता आदि

जनयुजि

प्राजधकरण

(1)

(2)

(3)

(4)

(5)

[PART II—I

DELHI GAZETTE : EXTRAORDINARY

25

14.

िठरष्ठ

जनिी

सहायक

[पिोन्नजत/ चयजनत पि]

(गैर-रािपजत्रत)

िेतनमान-II-

9300-

34800 + 4600/-

क) 50% ठरि पि पिोन्नजत द्वारा जनिी सहायक से

िठरष्ठता-सह-उपयुिता के आधार पर, कंप्यूटर/टाइपराइटर

पर जलप्यंतठरत दकए िाने िाले िॉटथहैंड जडक्टेिन के आधार

पर।

“बिते जनिी सहायक, जिन्होंने आि (8) िर्थ की जनयजमत

सेिा पूरी कर ली है, उन्हें िठरष्ठ जनिी सहायक के रूप में

पिोन्नत दकया िाएगा। ऐसे पिोन्नत कमथचारी उस िर्थ की

िठरष्ठता सूची के अंत में एक सार् (en bloc) ििाथएं िाएंगे

जिस िर्थ िे िठरष्ठ जनिी सहायक के पि पर पिोन्नत हुए हैं।

ऐसे पिोन्नत कमथचारी जनिी सहायक के कैडर में उनके बीच

पारस्ट्पठरक िठरष्ठता को बनाए रिेंगे। िे िठरष्ठ जनिी

सहायक के कैडर में उि िर्थ या पूिथ िर्ों में पिोन्नत हुए

कमथचाठरयों से कजनष्ठ होंगे। यदि उि श्रेणी में दकसी कजनष्ठ

ने आि (8) िर्थ की जनयजमत सेिा पूरी कर ली हो तो उनसे

िठरष्ठ पर भी जिचार दकया िाएगा, बिते यह कमी छह

माह से कम हो। इस परन्तुक के अंतगथत की गई पिोन्नजत

व्यिजस्ट्र्त की िायेगी तर्ा 50 % पिोन्नजत कोटे से होगी।

ि) 50% ठरि पि सीधे भती द्वारा जलजित परीक्षा के

आधार पर, जिसमें अंग्रेिी भार्ा (जनबंध, व्याकरण और

अनुिाि) का एक पेपर िाजमल होगा, इसके बाि िॉटथहैंड

जडक्टेिन होगी जिसे कंप्यूटर/टाइपराइटर पर जलप्यंतठरत

करना होगा। इनमें से चुने गए अभ्यर्र्थयों को मौजिक परीक्षा

भी िेनी होगी।

क) स्ट्र्ापना के सिस्ट्यों हेतु:

जनिी सहायक के रूप में 3

िर्थ की सेिा।

ि) सीधी भती हेतु:

िॉटथहैंड में न्यूनतम 110

िब्ि प्रजत जमनट तर्ा

टाइबपंग में 40 िब्ि प्रजत

जमनट की गजत के सार्

स्नातक।

प्रधान जिला

एिं

सत्र

न्यायाधीि

IV. “जनयम 2012” की अनुसूची ि के ितथमान क्रम संख्या 21 को जनम्नजलजित द्वारा प्रजतस्ट्र्ाजपत दकया िाएगा:

क्र. सं.

पि का नाम

चयन की पिजत

अहथता आदि

जनयुजि

प्राजधकरण

(1)

(2)

(3)

(4)

(5)

21.

चालक/ स्ट्टाफ कार चालक

(जििेर् ग्रेड) िेतनमान-II-

9300-34800+4200/-

चालक/ स्ट्टाफ कार चालक (ग्रेड-I) की श्रेणी से

िठरष्ठता-सह-योग्यता के आधार पर पिोन्नजत

द्वारा।

जिला एिं सत्र न्यायाधीि, दिल्ली की

स्ट्र्ापना में चालक/ स्ट्टाफ कार चालक

(ग्रेड-I) के कैडर में तीन िर्थ की

जनयजमत सेिा ।

प्रधान

जिला

एिं

सत्र

न्यायाधीि

ठटप्पणी: यह संिोधन इनके रािपत्र में प्रकाजित दकए िाने की जतजर् से प्रभािी होंगे।

न्यायालय के आिेिानुसार,

अरुण भारद्वाि, महाजनबंधक

26

DELHI GAZETTE : EXTRAORDINARY

PART II—I]

HIGH COURT OF DELHI: NEW DELHI

NOTIFICATION

Delhi, the 22nd September, 2025

No. 68/Rules/DHC.—In exercise of the powers conferred by the proviso to Article 309 of the Constitution of

India read with the Government of India, Ministry of Home Affairs Notification No.F27/40/50-NGS dated the 28th

October, 1953 and all other powers enabling it in this behalf, the High Court of Delhi, with the prior approval of the

Central Government and the concurrence of Hon’ble Lt. Governor of National Capital Territory of Delhi, hereby

makes the following amendments in Delhi District Courts Establishment (Appointment and Conditions of Service)

Rules, 2012:

AMENDMENTS

These rules may be called “Delhi District Courts Establishment (Appointment and Conditions of Service)

(Amendment) Rules, 2025”.

S.No.

Rules

Amendments

1.

For rule 2(1)(B), the

following rule shall

be substituted:

All other posts in Group A and in other Groups means the Principal District and Sessions Judge of the

District to which staff is allocated under these Rules.

2.

For rule 2(5), the

following rule shall

be substituted:

“District” means the District notified by the Government of NCT from time to time.

3.

For rule 2(6), the

following rule shall

be substituted:

“Principal District & Sessions Judge” means the Principal District & Sessions Judge of the concerned

District

4.

For rule 2(13), the

following rule shall

be substituted:

“Recommendation Committee” constituted by the High Court for the purpose of making recommendations to the

High Court of the names of suitable candidates for the post of Administrative Officer(Judicial) and above and

shall comprise of:-

i.

One Principal District & Sessions Judge (as Chairman); and

ii.

Two members of Delhi Higher Judicial Service having at least ten years of service

to be nominated by the High Court on an yearly basis or for a specified period.

5.

For rule 2(14), the

following rule shall

be substituted:

“Unified Recruitment Committee” –

In respect of all posts to which direct recruitment is to be made in any District, the High Court shall constitute a

permanent Unified Recruitment Committee comprising: -

i.

One Principal District & Sessions Judge (as Chairman); and

ii.

Two members of Delhi Higher Judicial Service having atleast ten years of service

to be nominated by the High Court on an yearly basis or for a specified period.

Explanation: It shall be mandatory for a Recruitment Committee constituted for making recruitments for 10 or

more vacancies in Group-C posts to have one member of SC/ST community.

6.

For rule 2(15), the

following rule shall

be substituted:

“Selection Committee” in respect of:

a.

Post of Administrative Officer (Judicial) and above means a Committee comprising of such number of

Hon’ble Judges of High Court as the Hon’ble Chief Justice may deem appropriate.

b.

All other posts in Group A and other Groups means one or more Committee or Committees constituted by

the High Court comprising of :

i.

One Principal District & Sessions Judge;

ii.

One member of Delhi Higher Judicial Service having at least ten years of service; and

iii.

One Chief Metropolitan Magistrate or Senior Civil Judge or Additional Chief Metropolitan Magistrate or

Administrative Civil Judge

to be nominated by the High Court on an yearly basis or for a specified period.

Explanation: It shall be mandatory for a Selection Committee constituted qua Group-C post to have one

member of SC/ST community.

7.

Amendment in rule

3

Sub Rule 2A shall be inserted after Sub Rule 2 in the following manner:

2A. The High Court, after coming into force of the “Delhi District Courts Establishment (Appointment &

Conditions of Service) (Amendment) Rules, 2025 and thereafter from time to time, shall, out of the posts

specified in column (2) of Schedule A, allocate such number of posts to each District, as it considers

appropriate keeping in mind the number of judicial officers, judicial and administrative work and such other

criteria as the High Court may consider relevant.

Sub Rule 5 shall be inserted in Rule 3 in the following manner:

The High Court shall, after coming into force of the “Delhi District Courts Establishment (Appointment &

Conditions of Service) (Amendment) Rules, 2025, on the basis of such criteria as formulated by it, allocate

district wise, the persons holding any of the posts specified in Schedule A.

[PART II—I

DELHI GAZETTE : EXTRAORDINARY

27

Explanation:- No officer/official shall be allowed to change the allocated district except under exceptional

circumstances for which approval of High Court shall be necessary.

8.

For

rule

5,

the

following rule shall

be substituted:

Procedure to appoint Principal Private Secretary:-

It shall be the sole discretion of the Principal District & Sessions Judge concerned to appoint his/her Principal

Private Secretary from amongst the pool of Administrative Officers (Judicial) working in the district concerned

and such person shall continue to hold the said post for such period as may be desired by the concerned

Principal District & Sessions Judge.

9.

Amendment in rule

7

The last para of rule 7 (after the point no. f) shall be substituted as below:-

on the last date fixed for the receipt of applications or on such other date as may be specified by the High

Court in the notification inviting applications.

10.

For

rule

9,

the

following rule shall

be substituted:

District Courts Recruitment Cell:-

High Court shall constitute ‘District Courts Recruitment Cell’ which shall function as per the administrative

instructions issued by the High Court from time to time.

11.

For rule 10, the

following rule shall

be substituted:

Direct recruitment:-

Direct recruitment to all posts shall be made through the Unified Recruitment Committee in accordance with

these Rules and the administrative instructions issued by the High Court from time to time.

12.

Amendment in rule

11

The word “Recruitment Committee” changed as “ Unified Recruitment Committee”.

13.

Amendment in rule

12

Recruitment Committee changed as Unified Recruitment Committee.

The words “in consultation with the District Judge and” shall stand deleted.

The words “The District Judge shall, in consultation with the Chairman(s) of the Committee(s) lay down

appropriate criteria for interviewing to assess the suitability of the candidates for appointment to the post applied

for by them including intellectual and social traits of personality so as to maintain uniformity of standards in the

process of interviewing candidates” shall stand deleted.

The words “in such format as may be desired by the District Judge” shall stand deleted.

14.

For rule 13, the

following rule shall

be substituted:

List of selected candidates:-

1. After preparation of the list of selected candidates, the Unified Recruitment Committee shall place it before

the High Court for final approval. After approval, the Registrar (District Courts Recruitment) shall allocate the

selected candidates to various districts in terms of the preferences expressed by them. In case the number of

candidates opting for a particular district is more than the number of vacancies of that post in the particular

district, the candidate securing higher position in the merit list shall be allocated the District of his choice.

2. The Unified Recruitment Committee shall also prepare a panel of candidates in the order of merit containing

the names of candidates not included in the select list prepared under sub-rule (1) in which the number of

candidates

to

be

included

shall,

as

far

as possible,

be

ten

percent

of

the

number

of

vacancies notified.

3. The list so prepared under Sub-Rules (1) and (2) shall be published in such manner as the High Court

may direct.

15.

For rule 14, the

following rule shall

be substituted:

Appointment of candidates:-

(1) Subject to Rule 16, candidates whose names are included in the select list prepared under sub-rule (1) and

published under sub-rule (3) of rule 13, may be appointed by the Appointing Authority against the

vacancies in the particular cadre of the particular District in the order in which the names are found in the

select list after satisfying itself, after such enquiry as may be considered necessary that each such

candidate is suitable in all respects for appointment to a post in the cadre. Candidates, whose names are

included in the list prepared under sub-rule (2) and published under sub-rule (3) of rule 13, may be similarly

appointed against vacant posts still available after the candidates whose names are included in the list

prepared under Sub-Rule (1) of Rule 13 have been appointed.

(2) The inclusion of the name of a candidate, in any of the two lists published under Rule 13, shall not confer

on him any right of appointment.

16.

For rule 19, the

following rule shall

be substituted:

Recruitment by Promotion:-

(1) The Principal District and Sessions Judge concerned shall make an assessment in the month of January,

every year, of number of promotion vacancies existing and likely to occur during the year in different

category of posts in the particular District.

(2) The Principal District and Sessions Judge shall notify the vacancies for the posts of Administrative Officer

(Judicial) and above in the particular District and shall forward the list of all eligible candidates falling in

the zone of consideration for appointment to those posts to the Recommendation Committee. The

Recommendation Committee, in accordance with the criteria laid down by the High Court shall prepare a

list of suitable candidates for their appointment on promotion to the quota of 50% of the posts of

Administrative Officer (Judicial) by way of promotion on the basis of suitability-cum-merit and for

remaining 50% of posts shall conduct a departmental exam followed by an interview. The Committee

shall thereafter forward the list of persons so selected along with the list of the persons not found suitable

stating the reasons for the same to the High Court.

The list so received shall then be placed before the Selection Committee constituted by the Chief Justice of

28

DELHI GAZETTE : EXTRAORDINARY

PART II—I]

the High Court under Rule 2 (15)(a) and the Selection Committee may either accept or reject the

recommendations of the Committee or suitably modify the list as it may deem fit. The final list shall then

be placed before the Chief Justice for his consideration and who shall thereafter forward it to the Full

Court for approval.

(3) Deleted.

(4) The Principal District and Sessions Judge shall also notify the vacancies for all other posts in Group-A and

other Groups in the particular district and shall forward the list of all eligible candidates falling in the

zone of consideration for appointment to those posts to the Selection Committee. The Committee, in

accordance with the criteria laid down by the High Court shall prepare a consolidated list of suitable

candidates for all districts. However, for the post of Senior Judicial Assistant, the Selection Committee,

shall prepare a list of suitable candidates for their appointment on promotion to the quota of 50% by way

of promotion on the basis of suitability-cum-merit and for remaining 50% of posts shall conduct a

departmental examination followed by an interview. The Committee shall thereafter forward the list of

persons so selected along with the list of the persons not found suitable stating the reasons for the

same to the High Court for final approval through Principal District and Sessions Judge of the District

concerned.

(5)

The High Court shall lay down the criteria to determine the merits of a candidate.

17.

For rule 20, the

following rule shall

be substituted:

Appointment:-

On approval of the list of selected candidates of promotion under Rule-19, the Registrar (District Courts

Recruitment Cell) shall allocate the candidates to the districts, keeping in mind the allocated vacant post in such

district and send such list to the Principal District and Sessions Judge concerned who then shall

make appointment of the candidates so selected after making enquiry as may be considered necessary or

pass such orders as may be deemed appropriate.

18.

For rule 27, the

following rule shall

be substituted:

Disciplinary Authorities:-

(1) The High Court may impose any of the penalties specified in Rule 26 on any Member of the Service.

(2) Without prejudice to the provisions of sub-rule (1) the Principal District and Sessions Judge may impose

any of the penalties specified in Rule 26 on any Member of the Service for which the Appointing

Authority is the Principal District & Sessions Judge.

(3) The Principal District and Sessions Judge shall also be empowered to impose any of the penalties

enumerated in clauses (i) to (iv) of Rule 26 on any Member of the Service of which High Court is the

Appointing Authority.

Explanation:- The Principal District & Sessions Judge under whose jurisdiction, the alleged misconduct or

misbehavior is committed by any Member of the service, shall be the Disciplinary Authority even where such

member is transferred to other district.

19.

For rule 28, the

following rule shall

be substituted:

Authority to institute proceedings:-

The High Court, by general or special order, may—

1.

Institute disciplinary proceedings against any Member of the Service

2.

Without prejudice to the provisions of sub-rule (1) the High Court may direct the Principal District and

Sessions Judge of the District concerned to institute disciplinary proceedings against any Member of the

Service on whom the Principal District and Sessions Judge of the District concerned is competent to

impose under these rules any of the penalties specified in Rule 26.

3.

The Principal District and Sessions Judge of the District concerned competent under these rules to impose

any of the penalties specified in clauses (i) to (iv) of Rule 26 may institute disciplinary proceedings

against any Member of the Service of the concerned District for the imposition of any of the

penalties specified in clauses (v) to (ix) of Rule 26 notwithstanding that the Principal District and

Sessions Judge of the District concerned is not competent under these rules to impose any of the later

penalties.

EXPLANATION—On the conclusion of the inquiry or receipt of the inquiry report if the Disciplinary

Authority comes to the conclusion that a minor penalty will meet requirement of the case it will be well within

his competence to impose the minor penalty without seeking the approval of the High Court which is competent

to impose a major penalty on the member of the Service concerned.

20.

Amendment in rule

33

The word “President” shall be replaced with “High Court”.

21.

Amendment in rule

34

The word “President” in Sub-Rule (iii) shall be replaced with words “High Court”.

22.

For rule 39, the

following rule shall

be substituted:

Retirement in public interest:-

Notwithstanding anything contained in these rules or any other law, the High Court or the Principal District &

Sessions Judge may, if it is of the opinion that it is in the public interest so to do, have the absolute right to retire

any member of the Service who has put in not less than twenty five years of service or has attained the age of 50

years, by giving him notice of not less than three months in writing or three months pay and allowances in lieu

of such notice.

23.

For rule 44, the

following rule shall

Power to relax:-

[PART II—I

DELHI GAZETTE : EXTRAORDINARY

29

II. The following shall be substituted for the existing Sr.No.3 of Group-A of Schedule-B:-

Srl.

No.

Name of the Post

Method of Recruitment

Qualification etc.

Appointing

Authority

(1)

(2)

(3)

(4)

(5)

3.

Administrative

Officer

(Judicial)

[Promotion/

Selection

post]

(Gazetted)

PB-III-

15600-39100+6600/-

a) 50% of the sanctioned strength by promotion

on the basis of seniority-cum-merit from

Senior Judicial Assistants, Senior Personal

Assistants and Civil Nazirs / District Nazirs

shall be filled according to the percentage

of cadre strength of above three category i.e

60%, 30% and 10% respectively.

b) 50% of the sanctioned strength by selection

on the basis of written test and interview

from Senior Judicial Assistants, Senior

Personal Assistants and Civil Nazirs /

District Nazirs, Judicial Assistant, Personal

Assistant or combined service in any of these

posts.

c) In case requisite number of candidates do not

qualify for selection on merit in terms of

provisions of clause (b) above, by direct

recruitment on the basis of written test and

interview.

a) Graduate with 5 years service (Law Graduate

to be preferred) in any of the posts of

Senior Judicial Assistants, Senior Personal

Assistants and Civil Nazirs/District Nazirs.

b) Graduate with 5 years service (Law Graduate

to be preferred) in any of the posts of

Senior Judicial Assistants, Senior Personal

Assistants and Civil Nazirs/District Nazirs.

OR

Graduate with 7 years regular service

(Law Graduate to be preferred) in the

post

of

Judicial

Assistant/Personal

Assistant or combined service in any of

these posts.

c) For Direct Recruits :

Law Graduate with 5 years service in the

grade pay of Rs. 4600/-.

High Court

III. The following shall be substituted for the existing Sr.No.14 of Schedule-B:-

Srl.

No.

Name of the

Post

Method of Recruitment

Qualification etc.

Appointing

Authority

(1)

(2)

(3)

(4)

(5)

14.

Senior

Personal

Assistant

(Promotion/

Selection

Post)

(Non-

Gazetted)

PB-II-9300-

34800+4600/-

a) 50% of the vacant posts by promotion from Personal Assistants on the basis

of seniority-cum-suitability on the basis of shorthand dictation to be

transcribed on Computer /Typewriter.

“Provided, Personal Assistants, who have completed eight (8) years of regular

service would be promoted as Senior Personal Assistant. Such promotees

would be en bloc shown at the bottom of the seniority list in the year in which

they were promoted as Sr. Personal Assistants. Such promotees would

maintain inter se seniority between them in the cadre of Personal Assistant.

They would be junior to those promoted in the cadre of Senior Personal

Assistant in the said year or earlier years. In case a junior in the said category

has completed eight (8) years of regular service, his senior would also be

considered, provided the shortfall is less than six (6) months. Promotions

made under this proviso would be adjusted and from the 50% promotion

quota.”

b) 50% of the vacant posts by direct recruitment on the basis of written

examination comprising of one paper in English language (Essay, Grammar

and Translation) followed by a Shorthand dictation to be transcribed on

Computer/Typewriter. The short listed candidates would also undergo a viva

voce test.

a) For members of

the Establishment: 3

years service as

Personal Assistant.

b) For direct

recruits: Graduate

with speed of not less

than 110 w.p.m. in

shorthand and 40

w.p.m. in

typewriting.

Principal

District

and

Sessions

Judge

IV. The following shall be substituted for the existing Sr.No.21 of Schedule-B of “Rules 2012”:-

be substituted:

Where the Principal District & Sessions Judge, is satisfied that the operation of any rule causes undue hardship

in any particular case, he or she may send a recommendation to the High Court for dispensing with or relaxing

the requirement of that rule to such extent and subject to such conditions as he or she may consider necessary

for dealing with the case in a just and equitable manner provided that the case is not dealt with in a manner less

favourable to the officer or officials concerned than in accordance with rules, and the High Court shall take a

decision on such recommendation which shall be final.

24.

Amendment

in

Schedule-B

Column 5 – wherever the word “District Judge” appears the same shall be replaced with the words “Principal

District and Sessions Judge”

Column 4 of Sl. No. 4, 10 and 16 “District Judge” shall be replaced with “High Court” in the matter of

relaxation of qualification and experience.

25.

Wherever the words “District Judge” are appearing in the Rules, the same shall be replaced with the words

“Principal District & Sessions Judge”

30

DELHI GAZETTE : EXTRAORDINARY

PART II—I]

Srl.

No.

Name of the Post

Method of Recruitment

Qualification etc.

Appointing

Authority

(1)

(2)

(3)

(4)

(5)

21.

Driver/Staff Car

Driver (Special

Grade)

PB-II-9300-

34800+4200/-

By promotion on the basis of

seniority-cum-merit from the

category of Driver/Staff car

driver (Grade-I)

Three years Regular service in the cadre of

Driver/Staff Car Driver (Grade-I) in the

establishment of the District & Sessions Judge,

Delhi

Principal District

and Sessions Judge

Srl.

No.

Name of the Post

Method of Recruitment

Qualification etc.

Appointing

Authority

(1)

(2)

(3)

(4)

(5)

21.

Driver/Staff

Car

Driver

(Special

Grade)

PB-II-9300-

34800+4200/-

By promotion on the basis of

seniority-cum-merit

from

the

category of Driver/Staff car

driver (Grade-I)

Three years Regular service in the cadre of

Driver/Staff Car Driver (Grade-I) in the establishment

of the District & Sessions Judge, Delhi

Principal

District

and Sessions Judge

NOTE: These Amendment Shall Come Into Force From The Date Of Their Publication In The Gazette.

By Order of this Court,

ARUN BHARDWAJ, Registrar General

Uploaded by Dte. of Printing at Government of India Press, Ring Road, Mayapuri, New Delhi-110064

and Published by the Controller of Publications, Delhi-110054.

GORAKHA NATH

YADAVA

Digitally signed by GORAKHA

NATH YADAVA

Date: 2025.10.06 09:45:02 +05'30'