6810 DG/2025
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रजिस्ट्री सं. डी.एल.- 33002/99 REGD. No. D. L.-33002/99
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असाधारण
EXTRAORDINARY
प्राजधकार से प्रकाजित
PUBLISHED BY AUTHORITY
भाग II—I
PART II—I
राष्ट्रीय रािधानी राज्य क्षेत्र दिल्ली सरकार
GOVERNMENT OF THE NATIONAL CAPITAL TERRITORY OF DELHI
दिल्ली उच्च न्यायालय: नई दिल्ली
अजधसूचना
दिल् ली, 10 अक् तूबर, 2025
सं. 84/जनयम/दि.उ.न् या.—दिल्ली उच्च न्यायालय अजधजनयम, 1966 की धारा 7 सहपठित भारतीय
संजिधान के अनुच्छेि 225 तथा लेटर पेटेंट के खंड 27 द्वारा प्रित्त िजियों का प्रयोग करते हुए और इस सम्बन्ध
में इसे समथथ बनाने िाली अन्य समस्ट्त िजियों का प्रयोग करते हुए, दिल्ली उच्च न्यायालय, दिल्ली उच्च
न्यायालय जनयम एिं आिेि, खंड 5, अध्याय 5 के भाग ए में जनम्नजलजखत संिोधन सहर्थ करता है:
संिोधन
जनम्नजलजखत स्ट्पष्टीकरण को दिल्ली उच्च न्यायालय जनयम एिम् आिेि, खंड-5, अध्याय-5 के
भाग- ए के मौिूिा जनयम 2 के तुरंत बाि िाजमल दकया िाएगा:
सं. 48]
दिल्ली, िुक्रिार, अक् तूबर 10, 2025/ आज िन 18, 1947
[रा.रा.रा.क्षे.दि. सं. 276
No. 48]
DELHI, FRIDAY, OCTOBER 10, 2025/ ASVINA 18, 1947
[N. C. T. D. No. 276
भारत सरकार
GOVERNMENT OF INDIA
एस.जी.-डी.एल.-अ.-15102025-266939
SG-DL-E-15102025-266939
2
DELHI GAZETTE : EXTRAORDINARY
PART II—I]
“स्ट्पष्टीकरण: आपराजधक मामलों में ‘पक्षकार’ िब्ि में िािी और/या पीजित को सजम्मजलत
माना िाएगा, िैसादक भारतीय नागठरक सुरक्षा संजहता, 2023 की धारा 2 (िाई) (िण्ड
प्रदक्रया संजहता, 1973 की धारा 2 (डब्ल्यूए)) में पठरभाजर्त है।”
नोटः यह संिोधन रािपत्र में इनके प्रकाजित होने की जतजथ से लागू होंगे।
न्यायालय के आिेिानुसार,
अरुण भारद्वाि, महा जनबंधक
HIGH COURT OF DELHI: NEW DELHI
NOTIFICATION
Delhi, the 10th October, 2025
No. 84/Rules/DHC.—In exercise of the powers conferred by Section 7 of the Delhi High Court Act, 1966
read with Article 225 of the Constitution of India, Clause 27 of Letters Patent and all other powers enabling it in this
behalf, the High Court of Delhi, hereby makes the following amendment in Part A of Chapter 5 of Volume V of the
Delhi High Court Rules & Orders :-
AMENDMENT
THE FOLLOWING EXPLANATION SHALL BE INSERTED IMMEDIATELY AFTER THE
EXISTING RULE 2 OF PART A OF CHAPTER 5 OF VOLUME V OF THE DELHI HIGH
COURT RULES & ORDERS :-
“Explanation : In criminal cases, the term ‘parties’ shall be deemed to include the complainant
and / or victim as defined under Section 2 (y) of the Bharatiya Nagarik Suraksha Sanhita, 2023
(Section 2 (wa) of the Code of Criminal Procedure, 1973).”
NOTE:
THIS AMENDMENT SHALL COME INTO FORCE FROM THE DATE OF ITS PUBLICATION IN
THE GAZETTE.
By Order of the Court,
ARUN BHARDWAJ, Registrar General
Uploaded by Dte. of Printing at Government of India Press, Ring Road, Mayapuri, New Delhi-110064
and Published by the Controller of Publications, Delhi-110054. GORAKHA NATH
YADAVA
Digitally signed by GORAKHA NATH
YADAVA
Date: 2025.10.15 14:48:23 +05'30'