झारखड गजट
असाधारण अंक
झारखड सरकार वारा काशत
10 माघ, 1939 (श०)
सं! या- 70 राँची, मंगलवार,
30 जनवर*, 2018 (ई०)
कामक, शासनक सुधार तथा राजभाषा वभाग।
-----------
संक.प
7 0दस2बर, 2017
कृपया पढ़े:-
1.
िजला अ:धकार*, पटना का प;ांक-4142, 0दनांक 17 नव2बर, 1995
2.
काम>क, शास?नक सुधार तथा राजभाषा Dवभाग, झारखड, राँची का संक.प सं!या-751,
0दनांक 14 फ़रवर*, 2004; संक.प सं०-705, 0दनांक 7 फ़रवर*, 2008; संक.प सं०-7067,
0दनांक 10 जुलाई, 2014; प;ांक-7720, 0दनांक 6 सत2बर, 2016 एवं प;ांक-10158,
0दनांक 25 सत2बर, 2017
3.
Dवभागीय
जाँच
पदा:धकार*-सह-संचालन
पदा:धकार*
का
प;ांक-629,
0दनांक
31 0दस2बर, 2015
4.
झारखड लोक सेवा आयोग, राँची का प;ांक- 2511, 0दनांक 20 नव2बर, 2017 वारा
सहम?त दान कL गई ।
2
झारखडगजट(असाधारण) मंगलवार, 30 जनवर*, 2018
संया-5/आरोप-1-413/2014 का॰-11962—मो० मुजNफर अल*, तPकाल*न अपर समाहPता>,
पटना, स2?त-सेवा?नवृPत झा००से०, के DवQR िजला अ:धकार*, पटना के प;ांक-4142, 0दनांक
17 नव2बर, 1995 वारा प;-‘क’ मU आरोप ग0ठत कर उपलXध कराया गया । मो० अल* के DवQR
प;- ‘क’ मU ?न2न आरोप ?तवे0दत है:-
आरोप सं०-1- अपर समाहPता>, पटना के पदZथापन काल मU मौजा-ढ]कनपुरा, थाना नं०-7, थाना-
फुलवार* शर*फ, पटना, खाता सं०-349, खेसरा नं०-526 सव^ ख?तयान मU 0.82 एकड़ तथा न]शा के
अनुसार 9.84 एकड़, जो सव^ ख?तयान मU आम नाला तथा लोक भूम के Qप मU है, इसके बावजूद
आपके वारा राजZव DवDवध वाद सं०-135/87-88, 0दनांक 25 मई, 1995 को cी वीरेde कुमार संह
एवं cी मोद कुमार संह के नाम से 2.59 एकड़, cी जनक संह के नाम से 2 fबगहा, 10 कgा,
cी सुरेश चde संह के नाम से 3 कgा तथा cी राजीव रंजन एवं शश रंजन, Dपता-cी जगद*श संह
के नाम से 3 कgा जमीन के दाhखल-खाiरज कL jkया अपनाते हुए जमाबंद* कायम करने का
आदेश पाiरत jकया गया, जबjक ख?तयान एवं न]शा मU दज> रकबा के अंतर का सुधार fबना
lयवहार dयायालय के आदेश से Dववा0दत jकसी भी रकबा पर ZवPव का अ:धकार देना राजZव
dयायालय के lयवहार के बाहर है तथा पंजी-II मU दज> रकबा का रसीद ?नग>त करना Dवदाउट
Dजुnडस है । अतः आपके वारा कृत कारवाई कदाचार एवं अpमता का योतक है ।
आरोप सं०-2- उ]त लोक भूम के ?त सैयद फज>dद अल*, सुपु;-Zव० जवाबजादा एस० ओ० मUहद*,
बादशाह मंिजल, गुजर*, पटना वारा सब जज-I के dयायालय मU जनक संह एवं 29 अdय
lयि]तयr के DवQR ZवPव वाद सं०-153/81 दायर है, िजसमU सरकार इdटरवेनर है । यह वाद अभी
dयायालय मU Dवचाराधीन है तथा मा० dयायालय वारा ?नषेधाsा भी लगाया गया है । इस tलाट मU
कुछ भाग पर अ?तkमण के कारण भूम सुधार उप समाहPता>, पटना सदर के dयायालय मU
अ?तkमण वाद सं०-179/77-78 राvय सरकार बनाम जीवानdद संह एवं दायर है, जो Dवचाराधीन है,
jकdतु वाZतDवकता को नजरअंदाज कर जो आदेश पाiरत jकया गया है, वह Dव:ध स2मत नह*ं है
तथा सरकार के ?नद^शr का Zपwट उ.लंघन है ।
आरोप सं०-3- अपर समाहPता>, पटना के dयायालय मU ?तपpी वारा दायर अ?तkमण अपील वाद
सं०-72/81-82 मU 0दनांक 27 फरवर*, 1982 को cी जीवानdद संह के नाम से 2.59 एकड़ जमीन
कL जमाबdद* कायम करने का आदेश 0दया गया, िजसके DवQR राvय सरकार वारा iरवीजन
Dपट*शन दायर jकया गया, िजस पर 0दनांक 5 जनवर*, 1989 को 0दनांक 27 फरवर*, 1982 के
आदेश को ?नरZत करते हुए खोल* गयी जमाबंद* को रx करने का आदेश 0दया गया, jकdतु इसे
नजरअंदाज कर गैर िज2मेवराना तर*के से 0दनांक 25 मई, 1995 को राvय सरकार के DवQR आदेश
पाiरत jकया गया ।
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आरोप सं०-4- वष> 1989 मU अ?तkमण हटाने के दौरान मा० dयायालय मU दायर या:चका सं०-
7324/89 वीरेde कुमार संह बनाम राvय सरकार एवं 5141/89 जनक संह बनाम राvय सरकार मU
0दनांक 21 नव2बर, 1994 को हुए ?नण>य वारा राजZव वाद सं०- 135/87-88 के 0दनांक
5 जनवर*, 1989 के ?नण>य को ?नरZत कर 0दया गया तथा मा० उyच dयायालय वारा दोनr पpr
को सुनकर ?नण>य लेने का आदेश 0दया गया, jकdतु आपके वारा 0दनांक 25 मई, 1995 को
वाZतDवक तzयr को तोड़-मरोड़ कर ?नण>य 0दया गया, जो आपके ?नजी Zवाथ> एवं सरकार* ?नद^शr
के उ.लंघन को पiरल{pत करता है ।
आरोप सं०-5- पटना शहर के अंतग>त खास महल के कुल 338 ल*जधारकr का ल*ज रx करने हेतु
समाहPता> वारा सरकार से अनुशंसा कL गयी, jकdतु इसमU से 28 खासमहल भूम मU fबना
समाहPता> कL अनुम?त ाtत jकये आपके वारा लगान जमा करने हेतु ?नयम DवQR एवं अ?नयमत
तर*के से आदेश पाiरत jकया गया, जो आपके ?नजी Zवाथ> एवं कदाचार का योतक है ।
उ]त आरोपr हेतु Dवभागीय संक.प सं!या-751, 0दनांक 14 फरवर*, 2004
एवं अनुवत| संक.प सं०-705, 0दनांक 7 फरवर*, 2008 तथा संक.प सं०-7067, 0दनांक
10 जुलाई, 2014 वारा मो० अल* के DवQR Dवभागीय काय>वाह* संचालत कL गयी । संचालन
पदा:धकार* के प;ांक-629, 0दनांक 31 0दस2बर, 2015 वारा Dवभागीय काय>वाह* का जाँच ?तवेदन
उपलXध कराया गया, िजसमU इनके DवQR आरोपr को माhणत पाया गया है । Dवभागीय काय>वाह*
के दौरान मो० अल* वारा समDप>त बचाव बयान ?न2नवत् है:-
आरोप सं०-1 पर बचाव बयान-
आरोपी पदा:धकार* का कहना है jक इनके वारा 0दनांक
25 मई, 1995 को iरभेdयू मसले?नयस वाद सं०-135/87-88 के अभलेख मU 0दया गया आदेश
(संल~न फो.डर, पृ० 86/प०) माननीय पटना उyच dयायालय वारा CWJC No.-7324/89 एवं
4115/89 मU 0दनांक 21 नव2बर, 1994 को पाiरत आदेश (संल~न फो.डर, पृ० 96/प०) मU 0दये गये
?नद^श के आलोक मU है। जहाँ तक मौजा- ढ]कनपुरा, थाना नं०-7, थाना-फुलवार* शर*फ, पटना,
खाता सं०-349, खेसरा नं०-526 का न है, उसका वाZतDवक रकबा सव^ न]शा के अनुसार 9.84
एकड़ है, जबjक सव^ ख?तयान मU मा; 0.84 एकड़ रकबा गैरमजQआ आम नाला के Qप मU दज> है ।
खेसरा सं०-526 का शेष 9 एकड़ भूम शामलात तौजी के सभी मालकाना के अपने-अपने 0हZसे के
मुताfबक बँटवारा कर दखल कXजा मU होने के तzय कL पुिwट 1905 के न]शे मU उस समय के
कल]टर म० आर०सी० हेमटन वार 0दनांक 28 माच>, 1905 को कL गयी तथा भूतपूव> जमींदार को
उनके 0हZसे के मुताfबक भूम Dवभdन रंगो मU न]शे मU दशा>यी गयी है । यह* कारण था jक पुनः
1911 के सव^ मU जो आम नाला पाया गया, उसके अनुसार मा; 0.84 एकड़ गैर मजQआ आम नाला
के Qप मU सव^ ख?तयान मU दज> jकया गया । अतः यह आरोप लगाना jक आरोपी पदा० को यह
जानकार* थी jक सव^ मU 9.84 एकड़ आम नाला दज> है, जो आज भी लोक भूम के Qप मU है,
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झारखडगजट(असाधारण) मंगलवार, 30 जनवर*, 2018
fब.कुल ?नराधार है, ]यrjक कैडेZल सव^ मU अंjकत रकबा 0.84 एकड़ को 9.84 एकड़ मानना
उ:चत नह*ं होगा । सव^ के अनुसार इंदराज रकबा का सुधार करना या उसकL वैधता को चुनौती देना
एक ?नधा>iरत अव:ध के समापन के बाद jकसी भी dयायालय के pे;ा:धकार मU नह*ं है ।
आरोप सं०-2 पर बचाव बयान-
आरोपी पदा:धकार* का कहना है jक सरकार* अ:धव]ता वारा
dयायालय मU जानकार* द* गयी थी jक जनक संह वगैरह के DवQR एक हकLयत वाद सDवल कोट>
के सब जज-4 के dयायालय मU लंfबत है, जो खाता सं०-526, रकबा-13 fबगहा के संबंध मU है,
jकdतु इस आशय का कोई कागजी माण आरोपी पदा:धकार* को नह*ं 0दया गया है jक हकLयत वाद
सं०-153/81 मU ?नषेधाsा जार* jकया गया है । सरकार* अ:धव]ता अथवा jकसी अdय ोत से भी
यह जानकार* नह*ं द* गयी jक नगत ZवPव वाद सं०-153/81 मU सरकार इंटरवीनर है, जैसा jक
आरोपी पदा:धकार* वारा पाiरत आदेश, 0दनांक 25 मई, 1995 से Zपwट है । जहाँ तक अ?तkमण
वाद सं०-179/ 77-78 उप समाहPता> भार* भूम सुधार, पटना सदर के dयायालय मU लंfबत 0दखाया
गया है, इसे अपर समाहPता>, पटना वारा अ?तkमण अपील वाद सं०-72/ 81-82 मU 0दनांक
27 फरवर*, 1982 को पाiरत आदेश वारा ?नरZत कर 0दया गया है । DवDवध वाद सं०-135/ 87-
88 मU पाiरत आदेश कL वाZतDवकता को नजरअंदाज करने संबंधी आरोप fब.कुल ?नराधार है,
]यrjक माननीय पटना उyच dयायालय वारा iरट या:चका सं०-7324/89 एवं 4115/89 मU
0दनांक 21 नव2बर, 1994 को पाiरत आदेश वारा DवDवध वाद सं०-135/87-88 मU 0दनांक
5 जनवर*, 1989 को पाiरत आदेश ?नरZत कर 0दया गया है । इस कार आरोपी पदा:धकार* वारा
उ]त आदेशr कL वाZतDवकता को नजरअंदाज करने का कोई न नह*ं उठता है । माननीय उyच
dयायालय वारा संबं:धत दोनr या:चका मU पाiरत आदेश के अनुपालन मU आरोपी पदा:धकार* वारा
0दनांक 25 मई, 1995 को आदेश पाiरत jकया गया है और यह अR>-dया?यक jkया के तहत् jकया
गया है ।
आरोप सं०-3 पर बचाव बयान-
अ?तkमण वाद सं०-179/77-78 उप समाहPता>, भार*-भूम
सुधार, पटना सदर के dयायालय मU लंfबत 0दखाये जाने के संबंध मU कहना है jक अपर समाहता,
पटना वारा अ?तkमण अपील वाद सं०-72/81-82 मU 0दनांक 27 फरवर*, 1982 को पाiरत आदेश
वारा ?नरZत कर 0दया गया है । DवDवध वाद सं०-135/87-88 मU 0दनांक 25 मई, 1995 को पाiरत
आदेश कL वाZतDवकता को नजरअंदाज करने का आरोप fब.कुल ?नराधार है, ]यrjक माननीय पटना
उyच dयायालय वारा iरट या:चका सं०-7324/89 एवं 4115/89 मU 0दनांक 21 नव2बर, 1994 को
पाiरत आदेश (संल~न फो.डर, पृ० 96/प०) वारा DवDवध वाद सं०- 135/87-88 मU 0दनांक
5 जनवर*, 1989 (पृ० 202/प०) को पाiरत आदेश ?नरZत कर 0दया गया है । आरोपी पदा:धकार*
वारा राvय सरकार के DवQR आदेश पाiरत नह*ं jकया गया है, बि.क माननीय उyच dयायालय
वारा संबं:धत दोनr या:चका मU पाiरत आदेश के अनुपालन मU आरोपी पदा:धकार* वारा 0दनांक
झारखडगजट(असाधारण) मंगलवार, 30 जनवर*, 2018
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25 मई, 1995 को आदेश पाiरत jकया गया है और यह अR>-dया?यक jkया के तहत् jकया
गया है ।
आरोप सं०-4 पर बचाव बयान-
आरोपी पदा:धकार* का कहना है jक इdहrने मा० उyच
dयायालय के ?नद^श के आलोक मU सभी पpr एवं सरकार* अ:धव]ता को सुनने तथा उभय पpr
वारा Zतुत कागजात के अवलोकन एवं स2यक् Qप से Dवचार करते हुए अपने पूवा>:धकार* अपर
समाहPता>, पटना वारा अ?तkमण अपील वाद सं०-72/81-82 मU 0दनांक 27 फरवर*, 1982 को
पाiरत आदेश भावी मानते हुए आदेश 0दया गया है, जो Dव:धस2मत है । यह आदेश अR>-dया?यक
jkया के तहत् पाiरत jकया गया है । य0द पाiरत आदेश ;ु0टपूण> होता, तो इसके DवQR सpम
dयायालय मU अपील अथवा iरवीजन दायर कर इसे संशो:धत कराने कL jkया अपनायी जाती ।
आरोप सं०-5 पर बचाव बयान-
िजन मामलr मU खासमहल भूम से संबं:धत ल*ज रx करने हेतु
Zताव राजZव एवं भूम सुधार Dवभाग, fबहार, पटना को भेजा गया, उन मामलr मU सरकार का
ल*ज रx होने संबंधी अनुमोदन ाtत नह*ं हुआ था एवं ल*जधार* वारा भूखड का lयवहार jकया
जा रहा था । अतः ल*जधार* से लगान कL राश जमा कराना कोई अनु:चत एवं अ?नयमत काय>
नह*ं माना जा सकता, बि.क लगान नह*ं जमा कराने सं सरकार को राजZव कL p?त होती । लगान
जमा कराने के लए समाहPता> का अनुमोदन ाtत करने का भी कोई ावधान नह*ं है ।
Dवभागीय काय>वाह* के संचालनोपरांत संचालन पदा:धकार* वारा मो० अल* के बचाव
बयान पर ?न2नवत् मंतlय उपलXध कराया गया-
आरोप सं०-1 पर संचालन पदा0धकार1 के मंत3य-
समाहPता>-सह-िजला पदा:धकार* वारा उपलXध
कराये गये मंतlय मU कहा गया है jक आरोपी पदा:धकार* वारा समDप>त बचाव-बयान मU नगत
मामले से संबं:धत अभलेखीय तzयr एवं माननीय उyच dयायालय वारा पाiरत आदेशr का उ.लेख
करके उनके वारा इसे मामले मU पाiरत आदेश को ZथाDपत करने का यास jकया गया है, परंतु
उdहrने इस तzय पर कोई ?तकूल तzय अंjकत नह*ं jकया है jक ख?तयान एवं न]शा मU दज> रकबा
के अंतर के सुधार हेतु सpम dयायालय नगत मामले मU lयवहार dयायालय है । वे इस तक> को
भी नकारने मU असफल रहे ह jक उनके वारा पाiरत आदेश ?नयमसंगत नह*ं था । माननीय पटना
उyच dयायालय वारा CWJC No.-7324/89 एवं 4115/89 मU 0दनांक 21 नव2बर, 1994 को पाiरत
आदेश मU सभी पpr को सुनकर iरवेdयू मसले?नयस वाद सं०-135/1987-88 को ?नwपा0दत करने
का ?नदेश 0दया गया था, परंतु आरोपी पदा:धकार* वारा सरकार के 0हत के ?तकूल आदेश पाiरत
jकया गया । समाहPता> का दावा तzयपूण> है jक Dवगत सव^ के भू-अ:धकार अभलेख कL Dविwटयr
मU lयाtत Dवसंग?तयr का संशोधन lयवहार dयायालय के ह* pे;ा:धकार मU था । राजZव dयायालय
इसके लए सpम नह*ं थी । संगाधीन भूम मौजा-ढ]कनपुरा, थाना नं०-7, थाना-फुलवार* शर*फ,
पटना, खाता सं०-349, खेसरा नं०-526 का न है, उसका वाZतDवक रकबा सव^ न]शा के अनुसार
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झारखडगजट(असाधारण) मंगलवार, 30 जनवर*, 2018
9.84 एकड़ आम नाला तथा लोक भूम के Qप मU अनाबाद सव>साधारण के खाते मU दज> था ।
Zपwटतः सव^ मान:च; व ख?तयान मU से jकसी एक कL Dविwट गलत थी । भूम सव>साधारण खाते
के नाले के Qप मU दज> थी । सुनवाई के दौरान समाहPता> कL ओर से पुनर*pण सव^pण 1911 (वष>
1908-09) का ख?तयान (संल~न फो.डर, पृ० 130/प० एवं 2789/प०) व मान:च; (संल~न फो.डर,
पृ० 279/प०) को Zतुत jकया गया है। Zतुत ख?तयान के अनुसार संगाधीन भूम अनाबाद
सव>साधारण खाता सं०-349, खेसरा सं०-526, रकबा-0.84 एकड़ के Qप मU अभलhखत है । मान:च;
मU खेसरा सं०-526 का रकबा अभलhखत 0.84 एकड़ से काफL अ:धक 9.84 एकड़ है । आरोपी
पदा० का यह दावा jक कैडेZटल सव^pण के मान:च; मU अशुDR थी, सPय नह*ं है ।
fबहार कातकार* अ:ध?नयम, 1885 कL धारा-108 के अंतग>त भू-अ:धकार अभलेख
के अं?तम काशन कL ?त:थ से पाँच वष के अंदर इस तरह कL अशुDRयr को दूर jकया जा सकता
था। इस कार वष> 1909 मU काशत भू-अ:धकार अभलेख कL अशुR Dविwटयr का ?नराकरण वष>
1914 तक jकया जा सकता था, पर Zतुत साय व अभलेखr के अवलोकन से ऐसी कोई कार>वाई
िजला शासन अथवा रैयतr कL ओर से कL गयी तीत नह*ं होती है । फलतः भू-अ:धकार अभलेख
कL Dविwटयr मU संशोधन अब lयवहार dयायालय के pे;ा:धकार मU ह* है ।
संगाधीन भूम मU पेयजल एवं Zवyछता Dवभाग, fबहार सरकार के वारा अभी भी
संय; इPया0द ZथाDपत कर उनका साव>ज?नक 0हत मU उपयोग jकया जा रहा है । राvय सरकार के
लए पटना राजधानी शहर कL 9 एकड़ भूम काफL बहुमू.य व महPPवपूण> थी । िजला शासन को
इस अशुDR के ?नराकरण के लए Zवतः संsान लेकर आवयक कार>वाई करना चा0हए था ताjक
सव>साधारण के भूम कL सुरpा हो सके ।
अपर समाहता> के Qप मU आरोपी पदा:धकार* का इस सरकार* साव>ज?नक स2पिPत कL
अ?तkमणकाiरयr से सुरpा का दा?यPव Zपwट था । पर, आरोपी पदा:धकार* ने कालांतर मU सरकार*
साव>ज?नक 0हतr को नजरअंदाज करते हुए Dवभdन व अR>dया?यक काय>वा0हयr के बीच
अ?तkमणकाiरयr के पp मU आदेश पाiरत कर अपने दा?यPव का ?नव>हन नह*ं jकया था । आरोप
माhणत होते ह ।
आरोप सं०-2 पर संचालन पदा0धकार1 के मंत3य-
समाहPता>-सह-िजला पदा:धकार* का कहना है jक
आरोपी पदा:धकार* वारा अपर समाहPता> के Qप मU आदेश पाiरत करने के पूव> lयवहार dयायालय
मU लंfबत वाद के संबंध मU कागजात एवं अdय सूचना ाtत नह*ं jकया गया, जो उनकL जवाबदेह*
थी और उनके अयतन बचाव-बयान मU इस तzय को नकारा भी नह*ं गया है । Zपwटतः नगत
भूम से संबं:धत हकLयत वाद सं०-183/81 एवं 153/81 के लंfबत रहने एवं इसकL जानकार*
तPकाल*न अपर समाहPता>, पटना को होने के पचात् भी सरकार के 0हत के DवQR jकसी कार का
आदेश पाiरत jकया जाना ?नयमसंगत नह*ं है ।
झारखडगजट(असाधारण) मंगलवार, 30 जनवर*, 2018
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समाहPता> का उ]त कथन तzयपूण> है । आरोपी पदा० का दावा jक सरकार*
अ:धव]ता अथवा jकसी अdय ोत से भी उdहU यह जानकार* नह*ं द* गयी थी jक नगत
ZवPव वाद सं०-153/81 मU सरकार इंटरवीनर है, माdय नह*ं है । सरकार* व साव>ज?नक भूम पर
lयवहार dयायालयr मU चल रहे मुकदमr मU सरकार* 0हतr कL सुरpा सु?निचत करना अपर समाहPता>
का दा?यPव है । आरोपी पदा:धकार* को य0द संबं:धत आवयक सूचनाएँ उपलबध नह*ं थीं, तो यह
उनकL अpमता ह* कह* जाएगी । संबं:धत dया?यक वादr कL अयतन सूचना एक; jकए fबना
आदेश पाiरत करना आरोपी अपर समहPता> के पpपातपूण> कृत को ह* इं:गत करता है । आरोप
माhणत होते ह ।
आरोप सं०-3 पर संचालन पदा0धकार1 के मंत3य-
समाहPता>-सह-िजला पदा:धकार* का कहना है jक
अ?तkमण अपील वाद सं०-72/1981-82 मU 0दनांक 27 फरवर*, 1982 को तPकाल*न अपर
समाहPता>, पटना वारा पाiरत आदेश (संल~न फो.डर, पृ० 109/प०) को iरवेdयू मसले?नयस वाद
सं०-135/1987-88 मU 0दनांक 5 जनवर*, 1989 (संल~न फो.डर, पृ० 112/प०) को iरवाइज कर
0दया गया था । अतः पूव>वत| अपर समाहPता>, पटना वारा अ?तkमण अपील वाद सं०-72/1981-82
मU नगत भूम के रैयती हक संबंधी ?नण>य का औ:चPय नह*ं रह जाता है ।
तzय यह है jक माननीय पटना उyच dयायालय ने अपने आदेश, 0दनांक
21 नव2बर, 1994 को पाiरत आदेश (संल~न फो.डर, पृ० 96/प०) वारा तPकाल*न अपर समाहPता>
cी के०डी०पी० संह के आदेश, 0दनांक 5 जनवर*, 1989 को पाiरत आदेश (संल~न फो.डर, पृ०
112/प०), को रx कर अपर समाहPता> के मामले कL पुनः सुनवाई कर उ:चत आदेश पाiरत करने का
आदेश 0दया था । इसी के आलोक मU आरोपी पदा:धकार* ने मामले कL पुनः सुनवाई कर संगाधीन
आदेश पाiरत jकया था, पर आदेश पाiरत करने के पूव> अ?तkमण वाद मU ZवPव कL गहराई से
छानबीन नह*ं कL गयी । इनके वारा राजZव पंजी-ii के इंeाज के आधार पर ZवPव का ?नधा>रण कर
0दया, जो Dव:धसंगत नह*ं था । इस कार आरोपी पदा:धकार* वारा आदेश पाiरत करने मU
Zवेyछाचाiरता बरती गयी । अR>-dया?यक jkया के काया>dवयन मU आरोपी पदा:धकार* वारा
dया?यक दpता का पiरचय नह*ं देकर लोक0हत को p?त पहुँचाने का यास jकया गया । इस कारण
ये अR>-dया?यक jkया अंतग>त पउउनदपजल का दावा नह*ं कर सकते ।
आरोप सं०-4 पर संचालन पदा0धकार1 के मंत3य-
आरोपी पदा:धकार* का कहना है jक अपने
पूवा>:धकार* अपर समाहPता>, पटना वारा अ?तkमण अपील वाद सं०-72/81-82 मU 0दनांक
27 फरवर*, 1982 को पाiरत आदेश भावी माना गया, ]यrjक उ]त आदेश के DवQR jकसी सpम
dयायालय मU iरवीजन कर उ]त आदेश को ?नरZत नह*ं jकया गया था । आरोपी पदा:धकार* कL यह
समझ या तो उनकL भूल थी अथवा ?तप{pयr के 0हत मU जानबूझकर ऐसा िwटकोण अपनाया
गया । मा० पटना उyच dयायालय ने जब अपर समाहता> के 0दनांक 5 जनवर*, 1989 के आदेश को
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झारखडगजट(असाधारण) मंगलवार, 30 जनवर*, 2018
रx कर 0दया था, तब 0दनांक 27 फरवर*, 1982 का आदेश भी रx हो गया था । मा० dयायालय का
आदेश दोनr पर समान Qप से लागू था और मा० dयायालय ने इसी कारण यह lयवZथा द* थी jक
अपर समाहता> सभी संबR पpr को सूचना देकर उdहU अपना पp रखने हेतु पया>tत अवसर दान
करे तथा पूरे मामले कL तहकLकात गहराई से करे और एक dयायसंगत ?नण>य पर पहुँचे ।
मा० पटना उyच dयायालय वारा उपरो]त iरट या:चका अंतग>त पाiरत आदेश
(संल~न फो.डर, पृ० 101-102/प०) के अवलोकन से Zपwट है jक अ?तkमण वाद सं०-135/87-88
के 0दनांक 5 जनवर*, 1989 के अपर समाहPता> के ?नण>य को ?नरZत कर 0दया गया था तथा दोनr
पpr को सुनकर ?नण>य लेने का ?नद^श 0दया गया था। मा० dयायालय ने अपने आदेश मU सरकार*
पp के इस दल*ल को भी Dवचारणीय माना था jक "If the matter was subjudice before the D.C.L.R.
and no order was passed, it was not proper for the Additional Collector to pass a different order
assuming the power of the appellate authority. Prima facie, the grievance of the learned Counsel for
the State appears to be justified."
माननीय पटना उyच dयायालय ने आरोपी पदा:धकार* से अपने उ]त आदेश मU
तPकाल*न अपर समाहPता> के 0दनांक 27 फरवर*, 1982 के आदेश को आधार न मानकर Zवतं; Qप
से तzयr कL तहकLकात कर ?नwपp व तzयपूण> ?नण>य लेने कL अपेpा कL थी, ताjक मामले मU
dयायसंगत ?नण>य होता, पर आरोपी पदा:धकार* ने इस दा?यPव का ?नव>हन न कर पूव> मU कL गयी
गलती को और पु!ता करने का ह* यास jकया था । आरोपी पदा:धकार* का कहना है jक 0दनांक
27 फरवर*, 1982 के आदेश के DवQR कोई पुनर*pण वाद अथवा अपील दायर नह*ं jकया गया था,
इसलए वह आदेश अं?तम मान लया गया । यह ?नwकष> मा० उyच dयायालय के उपरो]त आदेश
कL मूल भावना के Dवपर*त ह* था ।
मामला मूलतः Dवगत पुनर*pण सव^ के ख?तयान व मान:च; मU DववादZत tलाट
सं०-526 के रकबा कL Dविwट मU Dवसंग?त से संबं:धत था । गैरमजQआ आम खाते कL इस भूम के
संरpण का दा?यPव भी अपर समाहPता> का ह* था । इस कार अपर समाहPता> के Qप मU आरोपी
पदा:धकार* कL दोहर*, शास?नक व dया?यक िज2मेवार* थी । आरोपी पदा:धकार* का दा?यPव था
jक ?न0हत Zवाथ> वाले तPवr को साव>ज?नक स2पिPत को p?त पहुँचाने से रोका जाय । िजले के
अपर समाहPता> के Qप मU आरोपी पदा:धकार* से उस साव>ज?नक भूम के संबंध मU dयाय ?नण>य
करने मU उyचतर Zतर के सावधानी कL अपेpा थी । आरोपी पदा:धकार* ने इस गंभीर दा?यPव का
Dव:धसंगत ?नव>हन न कर अपनी गलत मंशा का ह* पiरचय 0दया था । आरोप माhणत होते ह ।
आरोप सं०-5 पर संचालन पदा0धकार1 के मंत3य-
आरोपी पदा:धकार* के बचाव-बयान से Zपwट है
jक आरोपी पदा:धकार* ने तPकाल*न ?नयमr व ?नधा>iरत jkयाओं का अपने िwटकोण से ?न0हत
उxेय कL पू?त> के लए lया!या करने का यास jकया है । इdहrने लगान रसीद के आधार पर
ZवPव ािtत का ?नwकष> ?नकाला है और इनका तक> है jक लगान के राश कL ािtत कL Zवीकृ?त
दान कर इनके वारा सरकार* 0हत का संरpण jकया गया था । इdहrने लगान रसीद ?नग>त कर
सरकार कL दोहर* िZथ?त पैदा कर द* और इसका सीधा लाभ लगान जमा करने वाले रैयतr के 0हत
झारखडगजट(असाधारण) मंगलवार, 30 जनवर*, 2018
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मU ह* Zपwट होता है । आरोपी पदा:धकार* का यह कृPय ?नजी ZवPव कL संपुिwट हेतु सरकार*
राजZव कL p?त मा; का छ तक> मा; समझ मU आ रहा है । यह दोहरा तक> आरोपी पदा:धकार*
कL ?न0हत मंशा को इं:गत करता है । इनका तक> Dव:धमाdय नह*ं है । आरोप माhणत होते ह ।
मो० अल* के DवQR ?तवे0दत आरोप, इनके बचाव-बयान एवं संचालन पदा:धकार* के
जाँच ?तवेदन कL समीpा कL गयी । समीpोपराdत, माhणत आरोपr हेतु पUशन ?नयमावल* के
?नयम-43(बी) के अधीन मो० अल* के पUशन से 20 (बीस) ?तशत पUशन कL कटौती आजीवन
jकये जाने का दड ZताDवत jकया गया है । उ]त ZताDवत दड को माननीय मु!यमं;ी
वारा अनुमो0दत jकये जाने के उपरांत ZताDवत दड पर Dवभागीय प;ांक-7720, 0दनांक
6 सत2बर, 2016 वारा मो० अल* से Dवतीय कारण पृyछा कL माँग कL गई एवं इसके लए
Zमाiरत भी jकया गया ।
अल* के प;, 0दनांक 1 0दस2बर, 2016 वारा Dवतीय कारण पृyछा का उPतर
समDप>त jकया गया ।
मो० अल* से ाtत Dवतीय कारण पृyछा के जवाब कL समीpा कL गई, समीpा मU
पाया गया jक इनके वारा Dवतीय कारण पृyछा के जवाब मU कोई नया तzय Zतुत नह*ं jकया
गया है बि.क उdह*ं तzयr को दुहराया गया है, जो इनके वारा Dवभागीय काय>वाह* के दौरान
समDप>त बचाव-बयान मU कहे गये थे ।
समीpोपरांत मो० अल* के वारा समDप>त Dवतीय कारण पृyछा के जवाब को
अZवीकृत करते हुए पUशन ?नयमावल* के ?नयम-43(बी) के अdतग>त 20 ?तशत पUशन कL कटौती
आजीवन jकए जाने के दड अ:धरोपण हेतु माननीय मु!यमं;ी, झारखड वारा ?नण>य लया गया ।
उ]त ?नण>य के आलोक मU Dवभागीय प;ांक-10158, 0दनांक 25 सत2बर, 2017 वारा झारखड
लोक सेवा आयोग, राँची से सहम?त कL माँग कL गई। झारखड लोक सेवा आयोग, राँची के प;ांक-
2511, 0दनांक 20 नव2बर, 2017 वारा सहम?त दान कL गई ।
अतः, मो० मुजNफर अल*, झा००से०, तPकाल*न अपर समाहPता>, पटना, सं?त-
सेवा?नवृPत के DवQR पUशन ?नयमावल* के ?नयम-43(बी) के तहत् इनके पUशन से 20 (बीस) ?तशत
पUशन कL कटौती आजीवन jकए जाने का दड अ:धरोDपत jकया जाता है ।
झारखड राvयपाल के आदेश से,
सूय काश,
सरकार के संयु]त स:चव ।
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झारखड राजकLय मुeणालय
झारखड राजकLय मुeणालय, राँची वारा काशत एवं मु0eत
राँची वारा काशत एवं मु0eत,
झारखड गजट
झारखड गजट (असाधारण
असाधारण) 70 -- 50