झारखड गजट

असाधारण अंक

झारखड सरकार वारा काशत

22 कातक, 1941 (श०)

सं! या– 902 राँची, बुधवार, 13 नव,बर, 2019 (ई०)

कामक, शास नक सुधार तथा राजभाषा वभाग।

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संक/प

6 नव,बर, 2019

संया- 5/आरोप-1-139/2014 का०-8874-- 2ी च34शेखर संह, सेवानवृ8त झा00से0 (को:ट ;मांक-

176/03, गृह िजला-देवघर), त8कालAन खड Bवकास पदाCधकारA, सोनवषा, सहरसा के BवEF आपराCधक षडयंH

कर धोखाधड़ी पूवक जालA कागजात तैयार कर राLMAय Nामीण नयोजन काय;म के अ3तगत Bवभ3न

योजनाओं मQ Bव8तीय अनयमतता बरतने तथा अपने पद का दुEपयोग कर अभक8ता को नाजायज आCथक

लाभ पहुँचाने के आरोप मQ 2ी संह एवं अ3य BवEF नगरानी थाना काड सं!या-48/92, धारा

420/468/469/477(ए)/120(बी)/109 भा0द0Bव0 एवं धारा 5(2) प:ठत धारा 5(1)(डी) VLटाचार नवारण अCधनयम

1947 पWरवतत धारा 13(2) सह प:ठत धारा 13(1)(डी) V0न0अCध0 1988 दज कX गयी।

2.

उ[त (नगरानी थाना कांड सं0-48/92) कांड मQ BवCध (3याय) Bवभाग, \बहार के आदेश सं0-

1839/जे0, :दनांक-28.05.2002 वारा 2ी संह के BवEF अभयोजन ]वीकृत दान कX गयी एवं माननीय Bवशेष

3यायाधीश (नगरानी), पटना के 3यायालय मQ आरोप पH सं0-05/2002, :दनांक 06.07.2002 समBपत ^कया गया।

3.

पुलस अधी_क, नगरानी अ3वेषण `यूरो, \बहार, पटना के पHांक-751, :दनांक-27.08.2014 वारा नगरानी

थाना काड सं!या-48/92 मQ माननीय Bवशेष 3यायालय नगरानी, पटना वारा :दनांक-30.03.2013 को पWरत

आदेश कX त उपल`ध कराई गई, िजसका operative part न,नवत् हैः-

"Considering the above facts and circumstances of the case and submissions made on behalf of the

parties, convicts namely 1. Chandra Shekhar Singh, 2. Umesh Prasad Singh, 3. Uma Shankar Yadav, 4.

Manohar Prasad Gupta and 5. Bageshwari Prasad Singh each of the convicts are hereby sentenced to undergo

Rigorous Imprisonment for a period of one (1) year under section 120-B I.P.C.. They are hereby further

sentenced to undergo for a period of two (2) years Rigorous Imprisonment U/S 420/34 I.P.C.. They are hereby

2

झारखडगजट(असाधारण) बुधवार, 13 नव,बर, 2019

further sentenced to undergo Rigorous Imprisonment for a period of 3 (three) years U/S 468 I.P.C.. They all are

hereby further sentenced to undergo Rigorous Imprisonment for a period of 3 (three) years U/S 477-A I.P.C..

They all are hereby further sentenced to undergo Rigorous Imprisonment for a period of (two) 2 years and a fine

of Rs. 1000/- (Rs.One thousand) each only U/S 201 I.P.C. and in default of payment of fine three (3) months

Rigorous Imprisonment. They are hereby further sentenced to undergo Rigorous Imprisonment for a period of 2

(two) years U/S 5(2) of Prevention of Corruption Act, 1947 corresponding to Section 13(2) of Prevention of

Corruption Act, 1988. All the sentences shall run concurrently. The period already undergone as under trial

prisoners shall be set off from the period of sentences passed today under the provision of Section 428 Cr. P.C."

4.

नगरानी थाना कांड सं0-48/92 मQ माननीय Bवशेष 3यायाधीश नगरानी, पटना के 3यायालय वारा 2ी

संह को दिडत ^कये जाने के कारण इनके BवEF झारखड पQशन नयमावलA के नयम-43(क) के अंतगत

उनकX समूची पQशन पर रोक के ]ताBवत दड पर Bवभागीय पHांक-5927, :दनांक 24.07.2019 वारा 2ी संह

से कारण पृdछा कX माँग कX गयी।

5.

2ी संह के पH, :दनांक 06.09.2019 वारा कारण पृdछा का जवाब समBपत ^कया गया, िजसमQ इनके

वारा समBपत मु!य \ब3दु न,नवत् है-

(i)

2ी संह वारा कहा गया ^क नगरानी थाना कांड सं0-48/92 ]पेशल वाद सं0-25/92 मQ :दनांक

30.03.2013 को पाWरत आदेश के BवEF इनके वारा माननीय उdच 3यायालय, पटना मQ ^;मनल अपील दायर

^कया गया है, जो :दनांक 29.04.2013 को सुनवाई के लए ]वीकार कर लया गया है।

(ii)

झारखड पQशन नयमावलA के नयम-43(क) के तहत सेवा से अवकाश ाfत करने के तीन

साल के अंदर हA सरकार वारा कोई कारवाई कX जा सकती है।

6.

2ी संह वारा समBपत कारण पृdछा कX समी_ा कX गयी एवं समी_ा मQ पाया गया ^क-

(क)

2ी संह वारा अपने कारण पृdछा मQ उ/लेgखत माननीय पटना उdच 3यायालय मQ दायर

^;मनल अपील कX कोई छायात संलhन नहAं कX गई है और उ[त ^;मनल अपील मQ माननीय उdच

3यायालय, पटना वारा य:द कोई ]थगन आदेश :दया गया है अथवा नहAं, यह भी ]पLट नहAं है। य:द संबंCधत

^;मनल अपील मQ माननीय 3यायालय वारा कोई ]थगन आदेश नहAं :दया गया है तो सफ माननीय उdच

3यायालय, पटना मQ दायर अपील के आधार पर दड अCधरोBपत न करने का तक मा3य नहAं है।

(ख)

2ी संह वारा समBपत कारण पृdछा मQ उ/लेgखत ^कया गया है ^क झारखड पQशन

नयमावलA के नयम-43(क) के तहत् सेवा से अवकाश ाfत करने के तीन साल के अंदर हA सरकार वारा

कोई कारवाई कX जा सकती है। इस संबंध मQ ]पLट करना है ^क झारखड पQशन नयमावलA के नयम-43(क)

न,नां^कत है-

‘‘भBवLय सदाचार, हर पQशन दान कX मानी हुई श8त है। राkय सरकार को पQशन या उसके

^कसी अंश को रोक रखने या वापस ले लेने का अCधकार होगा, य:द पQशन भोगी गंभीर अपराध के लये दोषी

ठहराया जाए या घोर कदाचार का दोषी हो। इस नयम के अधीन समूची पQशन या उसका कोई अंश रोक रखने

या वापस ले लेने के संबंध मQ राkय सरकार का नणय अंतम और नणायक होगा।‘‘ अतः 2ी संह का उ[त

कथन मा3य नहAं है।

अतः 2ी च34शेखर संह, त8कालAन खंड Bवकास पदाCधकारA, सोनवषा, सहरसा के BवEF

झारखड पQशन नयमावलA के नयम-43(क) के अंतगत उनकX समूची पQशन पर रोक का दड अCधरोBपत ^कया

जाता है।

झारखड राkयपाल के आदेश से,

अशोक कुमार खेतान,

सरकार के संयु[त सCचव।

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झारखड राजकXय मु4णालय

झारखड राजकXय मु4णालय, राँची वारा काशत एवं मु:4त

राँची वारा काशत एवं मु:4त,

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झारखड गजट (असाधारण

असाधारण)

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