झारखड गजट

असाधारण अंक

झारखड सरकार वारा काशत

20 पौष, 1941 (श०)

सं# या– 26 राँची, शु+वार, 10 जनवर-, 2020 (ई०)

जल संसाधन वभाग

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संक0प

23 अ2टूबर, 2019

पांक:3/पी.एम.सी./काय/271/2019--

वषय :- लघु "संचाई %&े मे जल उपयोगकता संघ के गठन एवं संचालन क, मागद"शका ।

1.0

%ा0कथन

1.1

झारखड का 76% 8े: ;ामीण ह>,जहाँ के ?नवासय@ का मु#य पेशा कृBष है,जो राEय कF

अथHIयवJथा का एक मुख Jतंभ है।

1.2 झारखड राEय के कुल भौगोलक 8े: 79.71 लाख हे० मO से 38.00 लाख हे० पर खेती कF

जा सकती है,िजसके BवRS सं?त मा: 28.36 लाख हे० पर खेती कF जा रह- है। JपTट है Uक 9.64

लाख हे० भूम खेती Uकए जाने योVय होने के बावजूद क?तपय कारणवश कृBष कायX के योग मे

नह-ं लाई जा रह- है।

1.3 राEय कF 28.36 लाख हे० भूम पर खर-फ कF फसल ल- जाती है, िजसके BवRS मा: 7.37

लाख हे० पर रZबी कF फसल ल- जाती है। इस कार राEय कF +ाBपंग \टO सट- मा: 126 ?तशत

है, जबUक राT]-य औसत 136 ?तशत है। इस कार राEय के कृषक@ के वारा 74 ?तशत कृBष

योVय भूम का मा: खर-फ फसल के लए इJतेमाल Uकए जाने के फलJव_प राEय कF 20.99 लाख

हे0 भूम रZबी के दौरान परतीरह जाती है, िजसे धान परती भूम कF सं`ा द- गई है।

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झारखडगजट(असाधारण) शु+वार, 10 जनवर-, 2020

1.4 राEय के मा: 12 ?तशत कृBष योVय भूम पर सु?नaचिbचत संचाई सुBवधाएं (assured

irrigation facilities) उपलZध है, इस कार लगभग 88 ?तशत कृBष योVय भूम पर वषाH आधाeरत

खेती कF जाती है, िजसके फलJव_प कृBष कF सफलता पर अ?निbचतता मंडराती रहती ह>।

1.5 उपयुH2त पeरेgय मO यह आवbयक है Uक राEय कF एक फ़सल- भूम पर बहू –फसलO उपजायी

(Multiple

cropping) जाएँ तथा ऐसी कृBष योVय भूम, िजनका वतHमान मO कृBष कायj हेतु

इJतेमाल नह-ं Uकया जा रहा है, को कृBष योVय बनाते हुए कृBष कायH कराये जाएँ ।

1.6 उ0लेखनीय है Uक झारखंड राEय मO कई बड़ी नlदय@ के अलावे छोटे-छोटे नद--नाले राEय के

हर 8े: मे अविJथत ह>, िजनमO सालो भर जल उपलबS रहता है। इस जल का संचयन एव इJतेमाल

वै`ा?नक पS?तय@ से नह-ं Uकया जाता है, जो कदाBप उaचत नह-ं है तथा उपलZध जल – संसाधनो को

नजरअंदाज करने के समतु0य है। देश मे चुर ाकृ?तक संसाधन है तथा 1400-1500 म० मी० का

औसत वाBषHक वषाHपात है, िजसका सवHnेTठ उपयोग कर कृBष कायj के अ?निbचतता पर काफF हद

तक तक ?नयं:ण पाया जा सकता है।

1.7 उपयुH2त पeरेgय मO यlद राEय मे जल संचयन एवं इसके सु?निbचत उपयोग हेतु पहल कF

जाए तो सुखद पeरणाम ाpत Uकए जा सकते ह>, िजसके फलJव_प एक फसल भूम पर एक से

अaधक फसल तथा सं?त बंजर भूम का भी कृBष कायj म> इJतेमाल Uकया जाना संभव हो सकेगा।

1.8 पठार- 8े: होने के कारण एवं वृहद एवं मqयम संचाई योजनाओं मO वन भूम, भू-अजHन एवं

भू-हJतांतरण कF समJया को देखते हुए राEय मO लघु संचाई योजनाओं का ?नमाHण Eयादा उपयु2त

एवं कारगर है। इन योजनाओं को अपे8ाकृत कम समय मे (एक से दो साल) पूरा कर संचाई सुBवधाएं

दान कF जा सकती ह>।

1.9 पeरक0पना कF सफलता के लए यह परम आवbयक है Uक Jथानीय कृषक@ कF जल संचयन

योजनाओं के सू:ण, ?नमाHण, उपयोग एवं रख-रखाव मे शत-?तशत सहभाaगता सु?निbचत कF जाए,

िजस +म मे लघु संचाई योजनाओं का ?नमाHण जल उपयोगकtताH संघ का गठन कर उनकF सहम?त

के उपरांत Uकया जा सकता है। Bवभाग के वारा सहभाaगता संचाई बंधन ?नयमवाल-, 2014 को

अaधसूaचत कF गई है, जो वृहद एवं मqयम संचाई योजनाओं हेतु भी ासंaगक है।

1.10 लघु संचाई 8े: कF योजनाओ का कमांड एeरया वृहद एवं मqयम संचाई योजनाओं कF

तुलना मे काफF कम होताहै एवं अपे8ाकृत काफF कम समय मO पूर- हो जाती है। ऐसी पeरिJथ?त मे

सहभाaगता संचाई बंधन ?नयमावल-, 2014 कF कंuडका 5 (I) के आलोक मे योजना से लाभािwवत

होने वाले Uकसान@ को जल उपयोगकtताH संघ के _प मे Bवaधवत गlठत कर पारJपeरक सहभाaगता

(mutual cooperation) के आधार पर योजना को संचालत एवं संधाeरत करने पर लघु संचाई

योजनाओं को लंबे समय तक उपयोगी बनाया जा सकता है।

2.0 लघु "संचाई %&ेांतगत चेक डैम एवं उ4वह "संचाई योजना – अवधारणा :

2.1 राEय के Bवभwन 8े:@ मे अविJथत छोटे-छोटे नद- नाल@ पर यlद कम लागत के छोटे-छोटे

प2का चेकडैम, लूज बो0डर चेकडैम, गाडHवाल, तालाब, आlद का ?नमाHण, पxप हाउस एवं उवह

संचाई हेतु जल Bवतरण णाल- का जन सहभाaगता के आधार पर चयन, ?नमाHण, उपयोग एवं रख-

रखाव सु?निbचत Uकया जाए तो ऐसे tयेक इकाई के वारा लगभग 25-30 एकड़ भूम पर संचाई

IयवJथा कF जा सकती है।

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2.2 उपयुH2त +म मे यlद संचाई कF आधु?नक पS?त यथा uyप / िJंकलर णाल- को अपनाया

जाए तो संच?यत जल के वारा संaचत 8े: wयूनतम 50 एकड़ को BवJताeरत कर 8े: को पूरे साल

भर संaचत Uकया जा सकता है।

3.0 जल उपयोगक:ता संघ :

3.1 Uकसी भी योजना कF सफलता के लए यह आवbयक है Uक ऐसी योजना Jथानीय अपे8ाओ,

आकां8ाओं, संसाधन@ एवं सहभाaगता के आधार पर सू{:त, कायाHिwवत, संचालत एवं संधाeरत कF

जाए,िजसके फलJव_प Jथानीय ?नवासय@ कF ऐसी योजनाओं के साथ न केवल अपनापन कF भावना

सु|ढ़ होगी, बि0क ऐसी योजनाएँ चूंUक Jथानीय आवbयकता के अनु_प कायाHिwवत कF गई है, इसलए

इनकF सफलता कF संभावनाएं भी अaधक होगी तथा ऐसी योजनाए लंबे समय तक उपयोगी रह सकO गी ।

3.2 उपयुH2त अवधारणा को |िTटगत रखते हुए जल संसाधन Bवभाग के माqयम से ऐसी छोट- –

छोट- योजनाओं को Bवaधवत ?नमHत कर जल उपयोगकtताH संघ के वारा उनका बंधन एवं संचालन

कराये जाने का ?नणHय लया गया है, िजसमे कम से कम 12 लाभािwवत कृषक@ का जल

उपयोगकtताH संघ के _प मे गlठत Uकया जाए ताUक काल+म मे आवbयकतानुसार इसे सहकाeरता का

Jव_प Bवaधवत दान Uकया जा सके।

3.3 जल संसाधन Bवभाग के वारा ?नमHत लघु संचाई संरचनाओं को संबिwधत जल उपयोगकtताH

संघ को हJतांतeरत करने के +म मे पारJपeरक एकरारनामा (mutual agreement) हJतांतeरत Uकया

जाएगा, िजसमे संगाधीन लघु संचाई संरचना के रख-रखाव, संचालन – बंधन, इtयाlद संबिwधत

ावधान रहOगे। (पeरशTट-I)

3.4 एक बार Uकसी लघु संचाई संरचना के जल उपयोगकtताH संघ के प8 मे हJतांतरण के

उपरांत ऐसी लघु संचाई संरचना के रख-रखाव, संचालन-बंधन का पूणH दा?यtव जल उपयोगकtताH

संघ पर रहेगा।

3.5 काल+म मे tयेक तीन वषH कF अवaध के उपरांत Bवशेष पeरिJथ?त अथवा आवbयकता होने

पर ऐसी लघु संचाई संरचना कF मरxम?त हेतु जल संसाधन Bवभाग के वारा संबिwधत जल

उपयोगकtताH संघ को आवbयक राश यथा ?नधाHeरत शतX पर उपलZध करायी जा सकेगी।

3.6 जल उपयोगकtताH संघ के प8 मे चय?नत अqय8 एवं सaचव –सह-कोषाqय8 के पदनाम से

?नकटतम Jथानीय ब>क मे संयु2त बचत खाता खोला जायगा,िजसमO सभी सदJय@ का अंशदान एवं

सृिजत संचाई सुBवधा का इJतेमाल करने वाले समJत लाभािwवत कृषक@ से ाpत आय, यथा

?नधाHeरत संचाई शु0क, अंशदान, इtयाlद जमा Uकया जाएगा।

4.0 जल उपयोगक:ता संघ का गठन एवं शत< :-

4.1 लघु संचाई 8े: के अंतगHत गlठत जल उपयोगकtताH संघ का कायH 8े: संबिwधत ?नमHत

लघु संचाई योजना के लए होगा।

4.2 जल उपयोगकtताH संघ का गठन योजना से लाभािwवत होने वाले कृषक@ वारा ह-

Uकया जाएगा।

4.3 सभी Uकसान बैठक करOगे एवं सामूlहक _प से जल उपयोगकtताH संघ के सामाwय ?नकाय का

गठन करOगे। बैठक मO सिxमलत होने के लए मlहला सदJय@ को ोtसाlहत Uकया जाएगा।

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4.4 जल उपयोगकtताH संघ के गठन हेतु Uकसान@ को जाग_क और ग?तशील करने तथा पहल-

बैठक सxपwन करने का दा?यtव संबिwधत कनीय अभयंता का होगा तथा यथासंभव कायHकाeरणी

सम?त के सदJय@ का चयन उनकF उपिJथ?त मO होगा।

4.5 जल उपयोगकtताH संघ के लाभुकसदJय कृषक@ Uक आम सभा के वारा लोकतां{:क णाल-

के माqयम से दो ग?तशील, सा8र एवं सU+य कृषक सदJय@ को अqय8 एवं सaचव –सह- कोषाqय8

के _प मे चय?नत करते हुए पाँच सदJय@ को कायHकारणी सम?त हेतु चय?नत करेगा। कायHकारणी

सम?त के सदJय@ कF सं#या एवं पदनाम ?नxनवत ह@गे :-

4.5.1 अqय8 – एक

4.5.2 सaचव – सह –कोषाqय8– एक

4.5.3 सदJय ( कम से कम दो मlहला) – तीन

4.5.4 संबिwधत कनीय अभयंता –पदेन सदJय

4.6

कायHकारणी सम?त कF कायाHवaध समाwयतः तीन (3) वषj कF होगी।

4.7 यlद मृtयु अथवा tयागप: अथवा Uकसी अwय कारण से eरि2त उtपwन होती है तो इस कार

कF eरि2त को नामांकन वारा भरा जायगा।

4.8 योजना से संबिwधत कनीय अभयंता पदेन सदJय ह@गे, िजनका दा?यtव जल उपयोगकtताH

संघ को सदैव सह- मागHदशHन देना होगा, परंतु कायHकारणी कF बैठक मO उwहे वोट देने का अaधकार

नह-ं होगा।

4.9 जल उपयोगकtताH संघ के कृषक@ के अंशदान कF राश (wयूनतम 101/- Rपये) एवं जल

उपयोग शु0क से लघु संचाई योजना (चेकडैम / मqयम संचाई योजना / उवह संचाई योजना आlद)

का रख-रखाव, संचालन,इtयाlद कायH सु?निbचत कराये जायOगे।

4.10 tयेक जल उपयोगकtताH संघ का अपना एक नाम एवं मुहर होगी, िजसका उपयोग सaचव

वारा Uकया जायगा ।

4.11 जल उपयोगकtताH संघ वारा ?नxनल€खत लेखा पंजी एवं कागजात संधाeरत Uकए

जायंगे(पeरशTट-II)

4.11.1

सामाwय पंजी (जल ?नकाय का Bववरण, जल उपयोगकtताH संघ का Bववरण,कायHकारणी

बैठक Bववरणी, आम बैठक

Bववरणी, ?नर-8ण Bववरणी);

4.11.2

संचाई पंजी (संचाई Bववरणी, पंप संचालन Bववरणी, उपकरण मरxम?त Bववरणी);

4.11.3 लेखा पंजी (आय Iययका Bववरण,संचाईशु0कसंबंधी Bववरण);

4.11.4

Bवप: पंजी (रोकड़ बह-, Bवप: पंजी, आय Iयय का समेUकत Bववरण);

4.12 लेखा पंजी का ?नःशु0क अवलोकन जल उपयोगकtताH संघ के सदJय@ वारा Uकया जा सकेगा

एवं उसे उपलZध कराने का दा?यtव सaचव –सह-कोषाqय8 का होगा।

4.13 राEय सरकार कF अaधसूचना के माqयम से आवbयकतानुसार जल उपयोगकtताH संघ कF

मागHदशHका मे संशोधन Uकया जा सकेगा।

5.0 जल उपयोगक:ता संघ के पदा>धका?रय@ के उ:तरदाAय:व एवं शि0तयाँ :

5.1 जल उपयोगकtताH संघ के अqय8के उtतरदा?यtव एवं शि2तयाँ :

5.1.1 अqय8 जल उपयोगकtताH संघ के मु#य कायHकार- पदाaधकार- ह@गे।

5.1.2 ?नकाय कF सामाwयबैठक@,कायHकारणी सम?त कF बैठक@एवं अwय बैठक@ कF अqय8ता करOगे।

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5.1.3 बैठक@ मे Uकसी Bवषय मे प8 एवं Bवप8 मे सदJय@ के मत@ के समसं#यक होने पर ?नणाHयक

मत दOगे।

5.1.4 वह बैठक कF कायHवाlहयाँ हJता8eरत करOगे।

5.2 जल उपयोगकtताH संघ के सaचव –सह-कोषाqय8 के उtतरदा?यtव एवं शि2तयाँ :

5.2.1 बैठक बुलाना,कायHवाह- एवं कृतकायH ?तवेदन तैयार करना।

5.2.2 जल उपयोगकtताH संघ के कृtय@ का कायाHwवयन,अनुnवण, अनुपालन एवं ग?त ?तवेदन को

तैयार करना।

5.2.3 कंuडका 4.11 मे व€णHत सभी अभलेख@ का संधारण।

5.2.4 सदJय@एवं सभी संबिwधत ाaधकाeरय@ से प:ाचार आlद करना ।

5.2.5 जल उपयोग शु0क ाpत करना एवं सभी संबिwधत प8@ को भुगतान करना।

5.2.6 रोकड़ पंजी, लेजर, पुिJतका, Bवप:@, अभnव@ एवं अwय Bवtतीय अभलेख@ का संधारण करना।

6.0 जल उपयोगक:ता संघ के काय -

जल उपयोगकताH संघ के ?नxनांUकत कतHIय एवं दा?यtव ह@गे:-

6.1 लघु संचाई योजना का रख-रखाव एवं देख-रेख।

6.2 जल उपयोगकताH संघ के सदJय@ के अंशदान कF राश, जल उपयोग कF दर राश (?त एकड़)

एवं अwय शु0क, आlद कF दर का ?नधाHरण करना।

6.3

कम से कम जल मे सफलता पूवHक उगाई जाने वाल- फसल@ को aचिwहत करना एवं

आ‚छाlदत करना।

6.4 फसल@ के आ‚छादनहेतु रZबी, खर-फ एवं गमƒ के लए फसल@ का चयन कर वाBषHक

कलOडरतैयार करना।

6.5 संचाई हेतु रकवा के अनुसार अथवा डीजल, {बजल- कF खपत एवं पंप, आlद के रख-रखाव

पर होने वाले Iयय के आलोक मे समयानुसार लाभुक सम?त कF बैठक आयोिजत कर शु0क का

?नधाHरण करना।

6.6 लाभुक सदJय@ कF कृBष एवं अwय उपयोaगता वाले Bवषय@ के लए िजला एवं राEय Jतर पर

श8ण कायH+म मO भाग लेने एवं Jथानीय श8ण कF IयवJथा सु?निbचत करना।

6.7 स„पीगयी संचाई पeरसंपिtत के रख-रखाव हेतु खोले गए ब>क खाता मे संधाeरत राश से

कायHकारणी सम?त के वारा लए गए ?नणHय के आलोक मे कायH कराया जाना।

6.8 जल उपयोगकताH संघ के सaचव –सह- कोषाqय8 पeरसंप?त कF देख-रेख एवं रख रखाव के पूणH

_प से भार- ह@गे। पंप सेट के मरxम?त, आlद आवbयक कायH अqय8 कF सहम?त के उपरांत ह-

कराए जाएंगे ।

6.9 योजनांतगHत हJतगत कF गयी आधारभूत संरचनाओं का Jथायी रख-रखाव,आवbयकतानुसार

मरxम?त, आlद कायH कराना।

6.10 आधारभूत संरचना, पंप हाउस, संचाई पंप, संचाई पाईप, आlद कF सुर8ा, रख-रखाव एवं

देखभाल करना, सलटेशन, आlद होने पर nम दान से सफाई कर जल सं;हण हेतु कायH कराना।

6.11 जल उपयोगकtताH संघ के सदJय@ कF मासक बैठक अथवा Bवशेष बैठक कर फसल लगाने हेतु

जल कF आवbयकता कF जल कF उपलZधता के आलोक मे समी8ा करना एवं आकलन करना।

तदनु_प जल उपयोगकtताH संघ के सदJय@ के बीच जल का बंटवारा करना।

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झारखडगजट(असाधारण) शु+वार, 10 जनवर-, 2020

6.12 Uकसी भी तरह के Bववाद के मामले को जल उपयोगकtताH संघ Jतर पर ह- सुलझाना। यlद Bववाद कF

कृ?त जlटल है तो संबिwधत कायHपालक अभयंता के Jतर पर ऐसे Bववाद का Bवaधवत ?नपटारा Uकया जाएगा।

6.13 tयेक Bवtतीय वषH कF समािpत पर जल उपयोगकtताH संघ का यह अ?नवायH दा?यtव होगा कF बचत

खाते मे कुल जमा राश एवं शास?नक ग?तBवaधय@ के संबंध मे जल संसाधन Bवभाग के

भार- कनीय अभयंता (पदेन सदJय) को

Bवlहत प:@ मे वाBषHक कायH ?तवेदन समBपHत करे (पeरशTट-

III)।

7.0

जल उपयोगक:ता संघ के कायE का अनुFवण–

7.1

भार- कनीय अभयंता (पदेन सदJय) का यह दा?यtव होगा कF बचत खाते मे संaचत राश एवं उसके

उपभोग से संबिwधत Zयोरा संधाeरत करते हुए अपने वर-य पदाaधकाeरय@ को Bवlहत प:@ मे वाBषHक ग?त

?तवेदन (annual performance report) समBपHत करना सु?निbचत करOगे (पeरशTट-IV) ।

7.2

जल संसाधन Bवभाग के वारा राEय के समJत जल उपयोगकtताH संघ के सफल संचालन हेतु समय-

समय पर आवbयक हJत8ेप (intervention) एवं कारHवाई कF जाएगी, िजनका अनुपालन एवं समJत सहयोग

दान करने का दा?यtव संबिwधत जल उपयोगकtताH संघ पर होगा।

8.0

जल उपयोगक:ता संघो को उ:%े?रत करने हेतु %ो:साहन -

8.1

tयेक िजले मO कायHरत जल उपयोगकtताH संघो Uक वाBषHक उपलिZधय@ को जल संसाधन Bवभाग वारा

यथा ?नधाHeरत मापदड@ (पeरशTट-V ) के आधार पर आकलत करते हुए ?नxनल€खत _प से ोtसाlहत

Uकया जाएगा:

8.1.1 थम – 5,00,000/-Rपये + शिJत प: + शाल

8.1.2 Bवतीय- 3,00,000/-Rपये + शिJत प:

8.1.3 तृतीय - 1,00,000/-Rपये + शिJत प:

8.1.4 सांtवनाtमक (2) – 50,000/- Rपये + शिJत प:

8.2

जल संसाधन Bवभाग के वारा तैयार Uकए गए मापदड@ के आधार पर जल उपयोगकtताH संघ@ कF

वाBषHक उपलिZधय@ का आकलन करने के उपरांत tयेक िजले के सवHnेTठ पाँच जल उपयोगकtताH संघ@ को

चय?नत कर राEय के सवHnेTठ जल उपयोगकtताH संघ@ को ?नxनांUकत _प से ोtसाlहत Uकया जाएगा :

8.2.1 थम – 20,00,000/- Rपये + शिJत प: + शाल

8.2.2 Bवतीय - 10,00,000/- Rपये + शिJत प:

8.2.3 तृतीय – 5,00,000/- Rपये + शिJत प:

8.2.4 सांtवनाtमक (10) - 2,50,000/- Rपये + शिJत प:

8.3

ोtसाहन Jव_प द- गयी राश का सदुपयोग संगाधीन जल उपयोगकtताH संघ के कमांड 8े: मO

संचाई IयवJथा को सु|ढ़ एवं बेहतर बनाने हेतु मा: Uकया जा सकेगा।

यह संकHप त:काल %भाव से लागू होगा।

झारखंड राEयपाल के आदेश से,

अJण कुमार "संह,

अपर मु#य सaचव

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झारखड राजकFय मु‡णालय

झारखड राजकFय मु‡णालय, राँची वारा काशत एवं मुl‡त

राँची वारा काशत एवं मुl‡त,

झारखड गजट

झारखड गजट (असाधारण

असाधारण)

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