झारखड गजट
असाधारण अंक
झारखड सरकार वारा काशत
20 कातक, 1942 (श०)
सं या– 565 राँची, बुधवार, 11 नव!बर, 2020 (ई०)
गृह, कारा एवं आपदा बंधन वभाग ।
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संक$प
03 नव!बर, 2020 ई०।
वषयः-
जनगणना 2021 म* रा+य के आ-दवासय. के लए अलग सरना कोड का ावधान करने हेतु
के23 सरकार को 4ताव भेजने के संबंध म*।
5ापांक- 10/ ववध-823/2020- 4242-- झारख*ड ,देश आ0दवासी बहुल 3े4 है और यहाँ क7 एक बड़ी
आबाद: सरना धम: को मानने वाल: है। सरना धम: को मानने वाले लोग ,ाचीन पर!पराओं एवं ,कृत के
उपासक हA। ,ाचीनतम सरना धम का जीता-जागता CDथ जल, जंगल, जमीन एवं ,कृत है। सरना धम क7
संFकृत, पूजा पHत, आदश एवं माDयतायI ,चJलत सभी धमL से अलग है। आ0दवासी समाज ,कृत के पूजार:
हA। पेड़N, पहाड़N क7 पूजा तथा जंगलN को संर3ण देने को ह:ं ये अपना धम मानते हA। आज पूरा PवQव बढ़ते
,दूषण एवं पयावरण क7 र3ा को लेकर TचिDतत है, वैसे समय मI िजस धम क7 आVमा ह: ,कृत एवं पयावरण
क7 र3ा है उसको माDयता Jमलने से भारत ह:ं नह:ं पूरे PवQव मI ,कृत ,ेम का संदेश फैलेगा।
आ0दवासी सरना समुदाय Pपछले कई वषL से अपने धाJमक अिFतVव क7 र3ा के Jलये
जनगणना कोड मI ,कृत पूजक सरना धमावलि!बयN को शाJमल करने क7 मांग को लेकर संघषरत है। ,कृत
पर आधाZरत आ0दवाJसयN के पार!पZरक धाJमक अिFतVव के र3ा क7 TचDता निQचत तौर पर एक गंभीर
सवाल है। आज सरना धम कोड क7 मांग इसJलये उठ रह: है ^क ,कृत पूजक आ0दवासी सरना धमावल!बी
अपनी पहचान के ,त आQवFत हो सके। यह एक मु0हम है आ0दवासी सरना धमावलि!बयN क7 पहचान क7
र3ा का।
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झारख*ड गजट(असाधारण) बुधवार, 11 नव!बर, 2020
आज आ0दवाJसयN क7 घटती हुई जनसंया एक ग!भीर सवाल है। जनगणना 2001 के बाद
जब आ0दवासी जनसंया का ,तशत ^फर एक बार कम हुआ तो यह: ,त^`या सामने आयी ^क आaखरकार
आ0दवाJसयN क7 जनसंया मI लगातार कमी bयN हो रह: है ? और कैसे ? Pपछले आठ दशकN के जनगणना के
आकलन इस तdय को ,माaणत करते हA ^क आ0दवासी जनसंया का ,तशत लगातार कम हुआ। आजाद: के
बाद से देश मI उVपDन बड़ी समFयाओं मI बढ़ती जनसंया देश के सामने बड़ी चुनौती है।
सन 1931 से 2011 के आ0दवासी जनसंया के `Jमक PवQलेषण से यह पता चलता है ^क
Pपछले आठ दशकN मI आ0दवासी जनसंया का ,तशत 38.03 से घट कर सन 2011 मI 26.02 ,तशत हो
गया। इन आठ दशकN मI आ0दवासी जनसंया मI तुलनाVमक gप से 12 ,तशत क7 कमी आई है जो एक
ग!भीर सवाल है। जनगणना के आंकड़N से यह पता चलता है ^क ,Vयेक वष झारख*ड क7 कुल आबाद: मI
वृPH दर अDय समुदायN क7 वृPH दर से अVयंत कम है। सन 1931 से 1941 के बीच जहाँ आ0दवासी आबाद:
क7 वृPH दर 13.76 है। वह:ं गैर आ0दवासी आबाद: क7 वृPH दर 11.13 है। सन 1951 से 1961 के बीच
आ0दवासी जनसंया क7 वृPH दर 12.71 ,तशत है वह:ं अDय समुदायN क7 वृPH दर 23.62 ,तशत है।
`मशः सन 1961 से 1971 के बीच आ0दवासी जनसंया क7 वृPH दर 15.89 ,तशत है, वह:ं अDय समुदाय
के जनसंया क7 वृPH दर 26.01 ,तशत है। सन 1971 से 1981 के बीच आ0दवासी जनसंया क7 वृPH दर
16.77 ,तशत है जब ^क अDय समुदाय क7 जनसंया क7 वृPH दर 27.11 है। इसी ,कार 1981 से 1991 के
बीच आ0दवासी जनसंया क7 वृPH दर 13.41 है वह:ं तुलनाVमक gप से गैर आ0दवासी क7 वृPH दर 28.67
,तशत है। 1991 से 2001 के बीच आ0दवासी जनसंया क7 वृPH दर 17.19 ,तशत तथा अDय समुदाय क7
जनसंया वृPH दर 25.65 ,तशत है।
इस जनसंया मI कमी का ,मुख कारण यह भी है ^क जनगणना क7 कानूनी ,^`या के
मुताjबक ,Vयेक 10 वषL मI जनगणना का काय 9 फरवर: तथा 28 फरवर: के बीच ^कया जाता है। Pवड!बना
यह है ^क झारख*ड मI यह समय ल:न पीZरयड अथवा खाल: समय होता है, जब आ0दवासी अपने फसल के
कायL से मुbत होकर वष के बाक7 मह:नN क7 आजीPवका के Jलये अDय ,देशN मI पलायन कर जाते हA। Fपkट
है ^क जनगणना मI ऐसे लोगN क7 गणना अपने-अपने गाँवN मI नह:ं हो पाती है। यह तक 0दया जा सकता है
^क जो लोग जनगणना के वbत अपने 3े4N मI नह:ं होते उनक7 गणना उस समय मI रहने क7 जगह मI हो
जाती है। परDतु सवाल Jसफ गणना का नह:ं है। सवाल है ^क वैसे आ0दवाJसयN क7 गणना जो ,देश से बाहर
होते हA आ0दवासी के gप मI न होकर सामाDय जात के gप मI कर ल: जाती है।
आ0दवाJसयN क7 जनसंया मI Tगरावट के कारण संPवधान के PवशेषाTधकारN के तहत पाँचवीं
अनुसूची के अDतगत आ0दवासी Pवकास क7 नीतयN मI ,तकूल ,भाव पड़ना FवाभाPवक है। पंचायत उपबंध
(अनुसूTचत PवFतार अTधनयम) 40/1996 क7 धारा 4(ड) के अनुसार अनुसूTचत 3े4 के ,Vयेक पंचायतN के
PवJभDन पदN पर आ0दवाJसयN के Jलये आरn3त ^कये जाने का आधार जनसंया को ह: माना गया है। इसी
,कार पाँचवीं अनुसूची 3े4N को TचिDहत करने का आधार भी जनगणना को माना गया है। गत कई वषL के
पाँचवीं अनुसूTचत 3े4N मI से ऐसे िजलN को हटाने क7 मांग क7 जा रह: हA जहाँ आ0दवाJसयN क7 जनसंया मI
कमी आयी है।
इस ,कार जनसंया मI आने वाल: कमी आ0दवाJसयN के Jलये 0दये जाने वाले संवैधानक
अTधकारN को ,तकूल gप से ,भाPवत करेगा।
उपरोbत पZरिFथतयN के मoेनजर 0हDदू, मुिFलम, Jसbख, इसाई, जैन धमावलि!बयN से अलग
सरना अथवा ,कृत पूजक आ0दवाJसयN क7 पहचान के Jलये तथा उनके संवैधानक अTधकारN क7 र3ा के Jलये
अलग सरना कोड अVयावQयक है।
झारख*ड गजट(असाधारण) बुधवार, 11 नव!बर, 2020
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अगर सरना कोड Jमल जाता है तो इसका दूरगामी अpछे पZरणाम ,ाqत हNगे।
o ,थम तो यह ^क सरना धमावल!बी आ0दवाJसयN क7 Tगनती Fपkट gप से जनगणना के
माrयम से हो सकेगी।
o आ0दवाJसयN क7 जनसंया का Fपkट आकलन हो सकेगा।
o आ0दवाJसयN को Jमलने वाल: संवैधानक अTधकारN (पाँचवीं अनुसूची के ,ावधानN, टाईबल
सबqलान के तहत Jमलने वाले अTधकरN, Pवशेष केDs:य सहायता के लाभ तथा भूJम के
पार!पZरक अTधकारN) का लाभ ,ाqत हो सकेगा।
o आ0दवाJसयN क7 भाषा संFकृत, इतहास का संर3ण एवं सवधन होगा।
अतः सरना कोड आ0दवासी समुदाय के समुTचत Pवकास के Jलये अतआवQयक है।
2.
सन् 1871 से 1951 तक क7 जनगणना मI आ0दवाJसयN का अलग धम कोड था ले^कन वष
1961-62 के जनगणना ,प4 से इसे हटा 0दया गया। वष 2011 क7 जनगणना मI देश के
21 राuयN मI रहने वाले लगभग पचास (50) लाख आ0दवाJसयN ने जनगणना ,प4 मI सरना
धम Jलखा।
3.
झारख*ड मI सरना धम को मानने वाले लोग वषL से सरना धम कोड लागू करने के Jलए
आDदोलन करते आ रहे हA। सरना धम को लागू करने हेतु वvतमान एवं पूव सदFय, झारख*ड
Pवधान सभा एवं कई आ0दवासी संगठन wवारा xापन/आवेदन के माrयम से सरकार से अनुरोध
^कया गया है।
संदभ:त 4ताव पर मं;<प=रषद क> 4वीकृ@त क> Aयाशा म* माननीय मुBयमं<ी का अनुमोदन
ाCत है।
उपरोbत वaणत पZर,ेyय मI राuय सरकार wवारा स!यक Pवचारोपरांत Jलये गये नणय के
आलोक मI आ0दवासी/सरना धम कोड को राuय मI लागू करने के ,Fताव को भारत सरकार को भेजने क7
Fवीकृत ,दान क7 जाती है।
झारख*ड राuयपाल के आदेश से,
राजीव अEण एFका,
सरकार के ,धान सTचव।
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झारख*ड राजक7य मुsणालय
झारख*ड राजक7य मुsणालय, राँची wवारा ,काJशत एवं मु0sत
राँची wवारा ,काJशत एवं मु0sत,
झारख*ड गजट
झारख*ड गजट (असाधारण
असाधारण)
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