झारखड गजट
असाधारण अंक
झारखड सरकार वारा काशत
16 पौष, 1942 (श०)
सं# या– 20 राँची, बुधवार, 6 जनवर-, 2021 (ई०)
कामक, शासनक सुधार तथा राजभाषा वभाग
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संकप
28 1दस3बर, 2020
संया-5/आरोप-1-151/2014(ख(ड) का॰-12971 (HRMS)/ 4ी 5वनोद कुमार, झा00से0 (को1ट 9मांक-
855A/03), िजला भू-अजBन पदाCधकार-, हजार-बाग के 5वEF इनके िजला पHरवहन पदाCधकार-, हजार-बाग के पद
पर कायाBवCध मI सहयोगी 4ी सूरज संह के माJयम से 19,000/- Eपये HरKवत लेने संबंधी आरोपM के संदभB मI
इनके 5वEF दजB Nनगरानी थाना काड सं#या-34/2014, 1दनांक 10.11.2014 मI 1दनांक 26.03.2015 को
CगरQतार Rकया गया तथा 1दनांक 27.03.2015 को माननीय 5वशेष Tयायाधीश (Nनगरानी) Tयायालय, राँची भेजा
गया, जहाँ से उTहI TयाNयक 1हरासत मI भेज 1दया गया।
4ी कुमार को TयाNयक 1हरासत मI भेजे जाने के कारण 5वभागीय आदेश सं#या-6310, 1दनांक 15.07.2015
वारा इTहI असैNनक सेवाएँ (वगYकरण, NनयंZण एवं अपील) Nनयमावल-, 1930 के Nनयम-49क-(2)(क) के तहत्
1दनांक 26.03.2015 के भाव से अगले आदेश तक Nनलं\बत Rकया गया है। त]पKचात् 4ी कुमार के जमानत
पर Hरहा होने के पKचात् असैNनक सेवाएँ (वगYकरण, NनयंZण एवं अपील) Nनयमावल-, 1930 के Nनयम-49क-
(1)(क) एवं (ख) के तहत् 1हरासत से मु^त Rकये जाने क_ NतCथ से आदेश सं0-6915, 1दनांक 31.07.2015
वारा अगले आदेश तक इTहI पुनः Nनलं\बत Rकया गया है।
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झारखडगजट(असाधारण) बुधवार, 6 जनवर-, 2021
Nनलंबन आदेश के 5वEF 4ी कुमार वारा माननीय झारखड उaच Tयायालय, राँची मI Hरट याCचका (सं0-
W.P.(S) No. 5411/2015) दायर Rकया गया है, िजसमI माननीय झारखड उaच Tयायालय, राँची वारा 1दनांक
10.12.2015 को आदेश पाHरत Rकया गया, िजसमI इनके Nनलंबन के सभी तgयM पर 5वचार कर आदेश पाHरत
करने हेतु Nनदेश 1दया गया है।
माननीय झारखड उaच Tयायालय वारा पाHरत आदेश एवं 4ी कुमार के 5वEF दजB Nनगरानी थाना कांड
सं#या-34/2014, 1दनांक 10.11.2014 मI आरोप पZ सं#या-10/2015, 1दनांक 08.04.2015 दायर Rकये जाने के
आलोक मI 5वभागीय आदेश सं0-1328 1दनांक 15.02.2016 वारा इTहI आदेश NनगBत क_ NतCथ से Nनलंबन
मु^त Rकया गया तथा इनके Nनलंबन अवCध, िजसमI 1हरासत क_ अवCध भी शामल है, के संबंध मI इनके 5वEF
दजB थाना कांड मI माननीय Tयायालय वारा पाHरत अंNतम आदेश के आधार पर अलग से NनणBय लेने का आदेश
NनगBत Rकया गया।
इस मामले मI, उपायु^त, हजार-बाग के पZांक-1509/hथा0, 1दनांक 11.12.2017 वारा 4ी कुमार के
5वEF पZ-‘क‘ मI आरोप ग1ठत कर उपलkध कराया गया, िजसमI इनके 5वEF Nन3नांRकत आरोप ग1ठत Rकया
गया-
(i) िजला पHरवहन पदाCधकार-, हजार-बाग के पद पर पदhथा5पत रहने के दौरान वषB 2014 मI कायाBलय से
लगभग एक माह से अनुपिhथत रहे तथा पHरवहन 5वभाग के राजhव संmह के समीnा]मक बैठक मI भी इनके
वारा भाग नह-ं लया गया।
(ii) 4ी 5वनोद कुमार, त]काल-न िजला पHरवहन पदाCधकार-, हजार-बाग के \बचौलया 4ी सूरज कुमार को oक
चालक 4ी शंकर लाल से 19000/- (उTनीस हजार) E0 HरKवत लेते रंगे हाथ Nनगरानी ट-म वारा CगरQतार
Rकया गया है, जो सरकार के उप सCचव, कामBक, शासNनक सुधार तथा राजभाषा 5वभाग, झारखड, राँची के
पZांक- 5/आरोप-1-151/2014 का0 26(अनु0) 1दनांक 02.01.2015 के वारा दैNनक समाचार पZ ‘‘भात खबर‘‘
एवं ‘‘1हTदुhतान‘‘ मI काशत समाचार के अनुसार Nनगरानी ट-म वारा संसूCचत है।
(iii) 4ी 5वनोद कुमार, त]काल-न िजला पHरवहन पदाCधकार-, हजार-बाग को 4ी सूरज संह के माJयम से
19000/- E0 HरKवत लेने संबंधी आरोपM के कारण 1हरासत मI भेजा गया।
4ी 5वनोद कुमार, त]काल-न िजला पHरवहन पदाCधकार-, हजार-बाग 1हरासत मI लये जाने के घटना से इस
बात क_ पुिqट होती है Rक िजला पHरवहन कायाBलय के कायr हेतु इनके वारा 4ी सूरज संह को अवैध राश क_
वसूल- हेतु रखा गया था। यह कृ]य शासNनक tिqटकोण से गैर कानूनी तथा अनुCचत है। अतः 4ी 5वनोद
कुमार, त]काल-न िजला पHरवहन पदाCधकार-, हजार-बाग का उ^त कृ]य सरकार- सेवक आचार Nनयमावल-, 1976
के Nनयम-3(1)(i) एवं (ii) के सवBथा Nतकूल है।
उ^त आरोपM पर 4ी कुमार से hपqट-करण ाuत कर उपायु^त, हजार-बाग से मंतvय क_ माँग क_ गई। उ^त
के आलोक मI उपायु^त, हजार-बाग के पZांक-1150/hथा0, 1दनांक 01.10.2018 वारा 4ी कुमार के hपqट-करण
पर मंतvय उपलkध कराया गया, िजसके समीnोपराTत 5वभागीय संकwप सं0-2884(HRMS), 1दनांक
13.12.2018 वारा 4ी कुमार के 5वEF 5वभागीय कायBवाह- संचालत क_ गई।
झारखडगजट(असाधारण) बुधवार, 6 जनवर-, 2021
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संचालन पदाCधकार- के पZांक-72, 1दनांक 28.03.2019 वारा 5वभागीय कायBवाह- का जाँच Nतवेदन सम5पBत
Rकया गया। संचालन पदाCधकार- वारा जाँच Nतवेदन मI 4ी कुमार के 5वEF ग1ठत आरोपM के संबंध मI
Nन3नांRकत NनqकषB Nतवे1दत Rकया गया-
आरोप सं#या-1- मा{णत नह-ं होता है।
आरोप सं#या-2- ठोस सा|य के अभाव मI आरोप मा{णत नह-ं माना जा सकता है।
आरोप सं#या-3- ठोस सा|य के अभाव मI आरोप मा{णत नह-ं माना जा सकता है।
साथ ह-, संचालन पदाCधकार- वारा आरोपी के 5वEF माननीय Tयायालय मI दजB आपराCधक मामले मI अंNतम
NनणBय क_ तीnा करने का मंतvय 1दया गया है।
संचालन पदाCधकार- के मंतvय से सहमत होते हुए 4ी कुमार के 5वEF दजB Nनगरानी थाना कांड सं0-
34/2014 1दनांक 10.11.2014 मI माननीय Tयायालय वारा अंNतम Tयायादेश पाHरत होने तक इस मामले मI
अmतर कारBवाई hथCगत रखने का NनणBय लया गया।
इस संबंध मI 4ी कुमार के पZ, 1दनांक 24.11.2020 वारा 5वभाग मI एक अ}यावेदन सम5पBत Rकया गया
है, िजसके साथ 4ी अमत शेखर, माननीय 5वशेष Tयायाधीश, ए0सी0बी0, हजार-बाग वारा Nनगरानी थाना कांड
सं0-34/2014, 1दनांक 10.11.2014, 5वशेष वाद सं0-45/ए14 मI 1दनांक 20.10.2020 को पाHरत Tयायादेश क_
Nत संल~न क_ गई है। पाHरत Tयायादेश मI 4ी कुमार को उ^त मामले मI दोष मु^त Rकया गया है। उ^त
Tयायादेश का Operative part Nन3नवत् है-
"To Sum up the entire matter, on rumination of the facts brought on the record and on
consideration of oral and documentary evidence, it appears that the prosecution has
miserably failed to prove the fact of demand made by the accused from the complainant to
perform certain work and prosecution has further failed to prove the fact of acceptance of
illegal gratification and recovery from his possession, in as much as, there is evidence on
the record that the accused was neither present in his chamber nor in the premises of the
D.T.O. Office and the bribe was never handed over to him and no recovery was made. It
appears that the occurrence took place on 11.11.14 but he was arrested by the police on
27.03.2015 i.e. more than four months after the alleged occurrence. Evidently, the fact of
demand, acceptance and recovery of gratification which are sine-qua-non for proving the
charge u/s 7 & 13(2) read with section 13(1)(d) of the P.C. Act are completely missing in the
prosecution case. I find that in view of point for determination no. I, the prosecution has
failed to reasonably prove the demand, acceptance and recovery of gratification against the
accused and I am of the considered view that the necessary ingredients of the charged
offences are not satisfied. Thus, noting the discrepancy, contradictions and inconsistency in
the evidence of prosecution witnesses, I am to hold that the prosecution has completely
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झारखडगजट(असाधारण) बुधवार, 6 जनवर-, 2021
failed to prove the guilt of the accused beyond reasonable doubt and therefore, in the given
facts, I am constrained to extend benefit of doubt in his favour.
In the result for the foregoing discussion, I come to the definite finding that the prosecution
has completely failed to prove its case against the accused namely, Binod Kumar beyond
reasonable doubt and therefore, he is found not guilty for the same and acquitted there of.
He and his sureties are discharged from the liability of his bail bonds. The accused is set at
liberty."
माननीय 5वशेष Tयायाधीश, ए0सी0बी0, हजार-बाग वारा 5वशेष वाद सं0-45/ए14 मI 1दनांक 20.10.2020 को
पाHरत Tयायादेश एवं मामले के समीnोपरांत Nन3नांRकत NनणBय लया जाता है-
(क) 4ी 5वनोद कुमार, झा00से0 त]काल-न िजला पHरवहन पदाCधकार-, हजार-बाग, के 5वEF 5वभागीय
संकwप सं0-2884(HRMS) 1दनांक 13.12.2018 वारा संचालत 5वभागीय कायBवाह- मI उTहI आरोप मु^त Rकया
जाता है।
(ख) 4ी कुमार के 1दनांक 26.03.2015 से 14.02.2016 तक क_ Nनल3बन अवCध को झारखड सरकार- सेवक
(वगYकरण, NनयंZण एवं अपील) Nनयमावल-, 2016 के Nनयम-11 के तहत पूणB वेतन एवं भ]ते पर क]तBvय पर
\बतायी गई अवCध के Eप मI 5वNनयमत Rकया जाता है।
आदेश:- आदेश 1दया जाता है Rक इस संकwप को झारखड राजपZ के आसाधारण अंक मI काशत Rकया जाय
तथा इसक_ एक Nत 4ी 5वनोद कुमार, झा00से0 एवं अTय संबंCधत को द- जाय।
Sr No.
Employee Name
G.P.F. No.
Decision of the Competent authority
1
2
3
1
BINOD KUMAR
BHR/BAS/4097
4ी5वनोदकुमार, झा00से0, (को1ट9मांक-855A/03), त]काल-निजला
पHरवहन पदाCधकार-, हजार-बाग को आरोप मु^त Rकया जाता है।
झारखड रा¡यपाल के आदेश से,
अशोक कुमार खेतान,
सरकार के संयु^त सCचव
जीपीएफ सं#या: BHR/BAS/2972
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झारखड राजक_य मु£णालय
झारखड राजक_य मु£णालय, राँची वारा काशत एवं मु1£त
राँची वारा काशत एवं मु1£त,
झारखड गजट
झारखड गजट (असाधारण
असाधारण)
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