झारखड गजट

असाधारण अंक

झारखड सरकार वारा काशत

19 फागुन, 1942 (श०)

सं# या–182 राँची, बुधवार, 10 माच-, 2021 (ई०)

कामक, शास नक सुधार तथा राजभाषा वभाग।

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संकप

23 फरवर , 2021

सं#या- 5/आरोप-1-28/2014 का० 1124-- /ी अ0नल कुमार, झा००से० (को4ट 5मांक-608/03, गृह िजला-

नाल:दा), के खड <वकास पदा>धकार?, म0नका, लातेहार के काया-व>ध से संबं>धत उपायुAत, लातेहार के पBांक-

199/म०को०, 4दनांक 21.02.2012 वारा आरोप पB-‘क’ उपलDध कराया गया है। इनके <वHI पB-‘क’ मJ

0नKनवत् आरोप 0तवे4दत Mकये गये हN-

1.

(क)

Oाम पंचायत बंधुआ, जुंगूर, जा:हो, पहैया एवं डRकS मJ 0त 125 एकड़ कुल 500 एकड़ मJ

वृUारोपण माग-दश-का मJ 0न4हत ावधाननुसार कराना था, िजसके <वHI बंधुआ-4, जुंगूर-6 एवं जा:हो-5.75 एकड़

मJ वृUारोपण काय- कराना गया है।

(ख)

योजना Wथल पर सूचनापX नह?ं लगाया गया है तथा थम वष- मJ वृUारोपण के बाद 3

वष- तक रख-रखाव सु0निZचत नह?ं कर काया-:वयन कराने मJ कोताह? लापरवाह? बरती गयी है।

2.

योजना से संबं>धत मWटर रॉल, अभ/व, मापी पुWत का संधारण संबं>धत दWतावेज संल]न नह?ं

रहना, काय^ के 0त कोताह?, लापरवाह?, उदासीनता को दशा-ता है।

3.

जा:हो पंचायत का पर4हया टोला (योजना सं#या-26/2007-08) मJ 4दनांक 17.07.2007 को

4,00,000/- (चार लाख) Hपये, 4दनांक 27.07.2007 को 6,00,000/- (छः लाख) Hपये, 4दनांक 06.08.2007 को

8,00,000/- (आठ लाख) Hपये एवं 4दनांक 20.08.2007 को 5,00,000/- (पाँच लाख) Hपये एवं 4दनांक 06.09.2007

2

झारखडगजट(असाधारण) बुधवार, 10 माच-, 2021

को 10,00,000/- (दस लाख) Hपये एवं बंधुआ Oाम मJ (योजना सं#या- 27/07-08) 4दनांक 20.09.2007 को

7,00,000/- (सात लाख) Hपये, 4दनांक 01.10.2007 को 7,00,000/- (सात लाख) Hपये bबना पूव- अ>Oम के

समायोजन के बारKबार अ>Oम देकर सरकार? राश के दुHपयोग/ अ0नयमतता का आरोप बनता है।

4.

तdकाल?न उपायुAत, लातेहार के पBांक-2254, 4दनांक 18.12.2007 वारा मनरेगा अ:तग-त जेeोफा

पौधारोपण के संबंध मJ 8 bब:दुओं पर काया-:वयन के 0नदेश का अनुपालन करने संबंधी कोई दWतावेज नह?ं पाया

गया। तdकाल?न उप <वकास आयुAत, लातेहार के पBांक-98, 4दनांक 18.01.2008 वारा 0नधा-hरत पB मJ

योजनावार 0तवेदन कS माँग कS गयी थी, िजसका अनुपालन नह?ं Mकया गया। इसी कार तdकाल?न उप <वकास

आयुAत, लातेहार के पBांक-346, 4दनांक 07.03.2008, उAत पBांक-2254, 4दनांक 18.12.2007 एवं पBांक-98, 4दनांक

18.01.2008 वारा 4दये गये पB का 0तवेदन अाiत रहने के कारण Wमार पB 4दया गया पर:तु 0तवेदन

उपलDध नह?ं कराया गया। इस कार काय^ के 0त लापरवाह?, उदासीनता तथा आदेशR कS अनदेखी करने एवं

अनुशासनह?नता का आरोप बनाता है।

उAत आरोपR हेतु <वभागीय संकप सं०-9961, 4दनांक 15.10.2013 वारा /ी कुमार के <वHI

<वभागीय काय-वाह? संचालत कS गयी, िजसमJ अशोक कुमार स:हा, सेवा0नवृdत भा00से0, <वभागीय जाँच

पदा>धकार? को संचालन पदा>धकार? 0नयुAत Mकया गया।

/ी स:हा के पBांक-372, 4दनांक 10.07.2014 वारा <वभागीय काय-वाह? का जाँच 0तवेदन

सम<प-त Mकया गया। /ी कुमार के <वHI 0तवे4दत आरोप, इनके बचाव बयान एवं संचालन पदा>धकार? के जाँच

0तवेदन कS समीUा कS गयी। समीUोपरा:त, पB- ‘क’ मJ अंMकत आरोप सं#या-1 एवं 3 को माjणत पाया गया

है, िजसके लए /ी कुमार के <वHI 0न:दन एवं तीन वेतनवृ<I पर संचयाdमक भाव से रोक का दड Wता<वत

Mकया गया। <वभागीय पBांक-1100, 4दनांक 10.02.2015 वारा /ी कुमार से <वतीय कारण पृkछा कS गयी।

/ी कुमार के पB, 4दनांक 20.02.2015 वारा <वतीय कारण पृkछा का जवाब सम<प-त Mकया

गया। /ी कुमार ने <वतीय कारण पृkछा के जवाब मJ ऐसा कोई नया तmय नह?ं 4दया गया है, िजसपर पूव- मJ

<वचार नह?ं Mकया गया हो। अतः /ी कुमार के <वHI माjणत आरोपR के संदभ- मJ उनसे ाiत <वतीय कारण

पृkछा के उdतर को अWवीकृत करते हुए <वभागीय संकप सं0-5205, 4दनांक 10.06.2015 वारा असै0नक सेवाएँ

(वगnकरण, 0नयंBण एवं अपील) 0नयमावल? के 0नयम-49(1) एवं (2) के तहत् 0न:दन एवं तीन वेतनवृ<I पर

संचयाdमक भाव से रोक का दड अ>धरो<पत Mकया गया।

उAत अ>धरो<पत दड के <वHI /ी कुमार वारा माननीय झारखड उkच :यायालय मJ hरट

या>चका W.P.(S) No.-3790/2015 दायर कS गई, िजसमJ माननीय :यायालय वारा 4दनांक 24.11.2020 को

:यायादेश पाhरत Mकया गया, िजसका Operative part 0नKनवत् है-

"Para-9- Having heard learned counsel for the parties and after going through the

materials available on record, it appears that the Inquiry officer in his enquiry report has categorically

stated that in the absence of evidence, the petitioner has been given benefit of doubt with respect to charge

no.-I and III. However, from perusal of the second show cause notice, it appears that the Disciplinary

Authority has stated that charge no.-I and III have been proved. This is so because instead of the enquiry

report pursuant to the enquiry proceedings where the petitioner duly participated was not considered by

the Disciplinary Authority; rather, he relied upon the internal Opinion/enquiry which was conducted on

his direction and the same has been referred in the second show cause notice and also enclosed with it.

However, the law is very clear that the Departmental Authority is having every right to differ with the view

of the Inquiry officer, but in doing so, he will have to give a show cause notice by recording reasons to

differ, which is absent in the instant case.

Para-10 -

From the second show cause notice it further transpires that the

respondents have pre-decided their mind in imposing punishment, inasmuch as, the internal

झारखडगजट(असाधारण) बुधवार, 10 माच-, 2021

3

opinion/enquiry which was conducted behind back of the petitioner has already referred for proposed

punishment and the same was also placed before the Chief Minister. This is against the settled principles of

law.

Para-11 -

Further, from bare perusal of the impugned order of punishment it appears

that the Disciplinary Authority has not applied his independent mind rather based his order on the opinion

of the subordinate officers and had acted upon the their dictates which is against the principle of service

jurisprudence.

Para-12 -

In view of the cumulative facts and circumstances of the case and the judicial

pronouncements referred to herein above, the impugned order as contained in Memo No.-5205 dated 10-

06-2015, is hereby, quashed and set aside. The Disciplinary Authority would be at liberty to start the

proceeding afresh from the stage of serving of the second show cause notice and after receiving the reply

pass a fresh order. It is made clear that since the matter is very old, the entire exercise shall be completed

within a period of four months from the date of receipt/production of copy of this order. It goes without

saying that the petitioner shall fully cooperate in the proceeding.

Para-13 -

with the aforesaid observations and directions the instant writ application

stands disposed of."

माननीय झारखड उkच :यायालय, राँची वारा hरट या>चका W.P.(S) No.-3790/2015 मJ 4दनांक

24.11.2020 को पाhरत :यायादेश मJ /ी कुमार के <वHI <वभागीय संकप सं०-5205, 4दनांक 10.06.2015

वारा अ>धरो<पत दड को 0नरWत करते हुए उनसे <वतीय कारण पृkछा ाiत कर कार-वाई करने का 0नदेश

4दया गया है।

अतः माननीय झारखड उkच :यायालय, राँची वारा hरट या>चका W.P.(S) No.-3790/2015 मJ

4दनांक 24.11.2020 को पाhरत :याय 0नण-य के आलोक मJ /ी अ0नल कुमार, तdकाल?न खंड <वकास

पदा>धकार?, म0नका, लातेहार के <वHI <वभागीय संकप सं०-5205, 4दनांक 10.06.2015 वारा 0न:दन एवं

तीन वेतनवृ<I पर संचयाdमक भाव से रोक का दड अ>धरोपण संबंधी दडादेश रt Mकया जाता है।

आदेश :-

आदेश 4दया जाता है Mक इस संकप को झारखड राजपB के आसाधारण अंक मJ काशत Mकया

जाय तथा इसकS एक 0त /ी अ0नल कुमार, झा००से० एवं अ:य संबं>धत को द? जाय।

झारखड राuयपाल के आदेश से,

वशाल सागर,

सरकार के संयुAत स>चव।

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रखड राजकSय मुvणालय

रखड राजकSय मुvणालय, राँची वारा काशत एवं मु4vत

राँची वारा काशत एवं मु4vत,

झारखड गजट

झारखड गजट (असाधारण

असाधारण)

) 182 -- 50