RNI No. MAHBIL /2009/31730

महाराष्ट्रõ शासन राजपत्र

असाधारण भाग सात

वर्ष ७, अंक ७]

गुरुवार, सप्टेंबर १६, २०२१/भाद्र २५, शके १९४३

[पृष्ठे ३, किंमत : रुपये ४७.००

असाधारण क्रमांक १३

प्राधिकृत प्रकाशन

अधयादेश, विधेयके व अधिनियम यांचा हिंदी अनुवाद (देवनागरी लिपी).

उचचतर तथा तकनीकी शिक्ा विभाग

मादाम कामा मार्ग, हुतातमा राजगुरू चौक,

मंत्ालय, मुंबई ४०० ०३२, दिनांकित २ सितंबर २०२१।

MAHARASHTRA ORDINANCE No. II OF 2021.

AN ORDINANCE

FURTHER TO AMEND THE MAHARASHTRA STATE BOARD OF

TECHNICAL EDUCATION ACT, 1997.

महाराष्ट्र अधयादेश क्रमांक २ सन् २०२१।

महाराष्ट्र राजय तकनीकी शिक्ा बोर्ड अधिनियम, १९९७ में अधिकतर संशोधन करने संबंधी

अधयादेश।

कयोंकि राजय विधानमंडल के दोनों सदनों का सत्र नहीं चल रहा है ;

और कयोंकि महाराष्ट्र के राजयपाल का यह समाधान हो चुका है कि, ऐसी परिस्थितियाँ विद्यमान है,

जिनके कारण उन्हे इसमें आगेे दर्शित प्रयोजनों के लिए, महाराष्ट्र राजय तकनीकी शिक्ा बोर्ड अधिनियम,

१९९७ में, अधिकतर संशोधन करनेे के लिए सद्य कार्यवाही करना आवशयक हुआ है ;

(१)

भाग सात-१३–१

सन् १९९७

का महा.

३८।

2

महाराष्ट्र शासन राजपत्र असाधारण भाग सात, सप्टेंबर १६, २०२१/भाद्र २५, शके १९४३

अब, इसलिए, भारत के संविधान के अनुच्छेद २१३ के खणड (१) द्ारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग

करतेे हुए, महाराष्ट्र के राजयपाल, एतद्द्ारा, निमन अधयादेश प्रख्यापित करतेे हैं, अर्थात् :—

१.  (१) यह अधयादेश महाराष्ट्र राजय तकनीकी शिक्ा बोर्ड (संशोधन) अधयादेश, २०२१ कहलाए।

(२)  यह तुरंत प्रवृत्त होगा ।

२.  महाराष्ट्र राजय तकनीकी शिक्ा बोर्ड अधिनियम, १९९७ (जिसेे इसमेे आगेे, “मूल अधिनियम”

कहा गया है) की धारा २६ की,—

(एक)  उप-धारा (३) में निमन परंतुक, जोडा जायेगा, अर्थात् :—

“परंतु, अकादमिक वर्ष २०२१-२०२२ के लिए, ऐसा आवेेदन १५ सितमबर, २०२१ को

या के पूर्व किया जायेगा।” ;

(दो)  उप-धारा (४) में, निमन परंतुक, जोडा जायेगा, अर्थात् :—

“परंतु, अकादमिक वर्ष २०२१-२०२२ के लिए, विहित समय सीमा के भीतर प्रापत सभी

ऐसेे आवेेदन, बोर्ड द्ारा संवीक्षित किए जायेंगेे और १५ अ्तूबर को या के पूर्व सरकार को

अग्रेषित कियेे जायेंगेे।” ;।

३.  मूल अधिनियम की धारा ३५, की उप-धारा (२) में, निमन परंतुक, जोडा जायेगा, अर्थात् :—

“परंतु, अकादमिक वर्ष २०२१-२०२२ के लिए, संस्था को बंद करना चाहनेवालेे प्रबंधमंडल,

१५ सितमबर २०२१ को या के पूर्व बोर्ड को आवेेदन करेंगेे।”।

संक्षिपत नाम तथा

प्रारमभण ।

सन १९९७

का महा.

३८।

सन् १९९७ का

महा. ३८ की धारा

२६ में संशोधन।

सन् १९९७ का

महा. ३८ की धारा

३५ में संशोधन।

महाराष्ट्र शासन राजपत्र असाधारण भाग सात, सप्टेंबर १६, २०२१/भाद्र २५, शके १९४३

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RUPENDRA DINESH MORE, PRINTED AT GOVERNMENT CENTRAL PRESS, 21-A, NETAJI SUBHASH ROAD, CHARNI ROAD,

MUMBAI 400 004 AND PUBLISHED AT DIRECTORATE OF GOVERNMENT PRINTING, STATIONERY AND PUBLICATIONS,

21-A, NETAJI SUBHASH ROAD, CHARNI ROAD, MUMBAI 400 004. EDITOR : DIRECTOR, RUPENDRA DINESH MORE.

वकतवय

महाराष्ट्र राजय तकनीकी शिक्ा बोर्ड अधिनियम, १९९७ (सन् १९९७ का महा. ३८) डिपलोमा ्तरीय

तकनीकी शिक्ा प्रदान करनेे वालेे मामलों को विनियमित करनेे के लिए राजय बोर्ड की स्थापना करनेे का

उपबंध करता है। उ्त अधिनियम की धारा, २६, २७ और ३५ नई संस्था, नयेे पाठ्यक्रम, अतिरिक्त्त संकायों,

नए विषयों, अतिरिक्त्त प्रभाग शुरू करनेे, संस्था बंद करनेे की अनुमति के लिए आवेेदन करनेे के लिए तथा

संवीक्ा के पशचात् आवेेदन सरकार को अग्रेषित करनेे की समय सीमा को विहित करती है। उ्त धारा २६

की उप-धारा (३) यह उपबंध करती है की, नई संस्था शुरू करनेे के लिए अनुमति माँगनेवाला प्रबंधमंडल

जिस वर्ष सेे अनुमति चाही गई है उस वर्ष के पूर्वर्ती वर्ष के अ्तूबर के अंतिम दिनांक के पूर्व बोर्ड को विहित

प्ररूप में आवेेदन करेगा। उ्त धारा २६ की उप-धारा (४) यह उपबंध करती है की, उपर्युक्त्त विहित समय

सीमा के भीतर प्रापत सभी ऐसेे आवेेदन, बोर्ड द्ारा संवीक्षित किए जायेंगेे और उस वर्ष के दिसमबर के अंतिम

दिनांक को या के पूर्व सरकार को अग्रेषित किए जायेंगेे । धारा २७ की उप-धारा (५), नए पाठ्यक्रमों, नए

संकायाेें, नए विषयों और अतिरिक्त्त प्रभागों के लिए अनुमति माँगनेे के लिए प्रक्रिया का उपबंध करती है। धारा

३५ की उप-धारा (२) यह उपबंध करती है कि संस्था को बंद करनेे के लिए चाहनेवालेे प्रबंधमंडल पूर्वर्ती

वर्ष के अप्रेेल के अंतिम दिनांक को या के पूर्व बोर्ड को आवेेदन करेगा । तथापि, कोविड-१९ महामारी का

प्रसार होनेे के कारण, उ्त अधिनियम में विहित समय-सीमा का पालन करना संभव नहीं हो सका है।

२.  पूरा भारत, विशेष रुप सेे महाराष्ट्र कोविड-१९ महामारी का सामना कर रहा है, और जिसका बडी

मात्ा में शैक्षिक और सामाजिक-आर्थिक क्षेत्र प्रतिकूल रुप सेे प्रभावित हुयेे है। महामारी नेे, युवा पीढी के लिए

भी रोजगार सम्या निर्माण की है । महाराष्ट्र राजय में प्रचलित गंभीर स्थिति को धयान में रखतेे हुए और युवाओं

को भारत सरकार और महाराष्ट्र सरकार द्ारा समय समय पर यथा प्रस्तावित आनेवालेे क्षेेत्ों में उनहें कौशल

शिक्ा का उपबंध करनेे द्ारा शैक्षिक बढ़ावा और रोजगार अवसरों को कायम रखनेे के लिए, अकादमिक वर्ष

२०२१-२२ के लिए नई संस्था, नए पाठ्यक्रम अतिरिक्त्त संकायों, नए विषयों, अतिरिक्त्त प्रभागों को शुरू

करनेे की अनुमति, संस्था को बंद करनेे की अनुमति लेेनेे के लिए आवेेदन करनेे तथा संवीक्ा के पशचात्

आवेेदन को, सरकार को अग्रेषित करनेे के लिए, नई समय अनुसूची विनिर्दिष्ट करना इष्टकर समझा गया है।

इसी प्रयोजन के लिए, महाराष्ट्र राजय तकनीकी शिक्ा अधिनियम, १९९७ की धारा २६ और ३५ में यथोचित

संशोधन करना इष्टकर समझा गया है ।

३.  चूँकि राजय विधानमंडल के दोंनों सदनों का सत्र नहीं चल रहा है और महाराष्ट्र के राजयपाल का

यह समाधान हो चूका है कि, ऐसी परिस्थितियाँ विद्यमान हैं जिनके कारण उनहें इसमें उपर्युक्त्त प्रयोजनों के

लिए, महाराष्ट्र राजय तकनीकी शिक्ा बोर्ड अधिनियम, १९९७ में अधिकतर संशोधन करनेे के लिए सद्य

कार्यवाही करना आवशयक हुआ है, अत: यह अधयादेश प्रख्यापित किया जाता है।

भगत सिंह कोशयारी,

महाराष्ट्र के राजयपाल ।

मुंबई

महाराष्ट्र के राजयपाल के आदेश तथा नाम सें,

दिनांकित २ सितंबर २०२१।

विकास चंद्र रसतोगी,

सरकार के प्रधान सचीव।

(यथार्थ अनुवाद)

विजया ल. डोनीकर,

भाषा संचालक, महाराष्ट्र राजय ।