महाराष्ट्रõ शासन रा असाधारण भाग सात, मार्च १८, २०२५/फाल्गुन २७, शके १९

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L. A. BILL No.  XXIII OF 2025.

A BILL

FURTHER TO AMEND THE MAHARASHTRA STAMP ACT.

वि¦धानसभा का वि¦धेयक क्रमांंsक २३ सन् २०२५।

महाराष्ट्र स्टााम्प अधि�नि�यम में अधि�कतर संशोोधन करने संंबंंधी वि¦धेयक ।

क्योंकि� इसमेंं आगेे दर्शि§ित प्रयोोजनोंं केे लिि£ए, महाारााष्ट्र स्टााम्प अधिि˜नि�यम

मेंं अधिि˜कतर संशोधन करनाा

इष्टकर

है ; अत: भाारत गणरााज्य केे छििŒहत्तरवेंं वर्षष मेंं, एतद् द्वााराा, नि�म्न अधिि˜नि�यम

अधिि˜नि�यमि�

त कि�याा जाता

है :–

सन् १९५८

का ६०।

RNI No. MAHBIL /2009/31730

महाराष्ट्र शासन राजपत्र

असाधारण भाग सात

वर्षष ११, अंक ४]

मंंगळवार, मार्चच १८, २०२५/फाल्गुुन २७, शकेे १९४६

[पृष्ठेे 7, किं�ंमत : रुपये ४७.००

असाधारण क्रमांंsक ४

प्रााधि�कृत प्रकााशन

अध्यादेेश, वि¦धेयके व अधि�नि�यम यांंsचा हिं�ंदी अनुवााद (देेवनागरी लिि£पी)

महाराष्ट्र वि¦धानमंंडळ सचि�वालय

महाारााष्ट्र वि�धाानसभाा मेंं दि�नांं�क १८ मार्चच, २०२५ ई.को. पुर:स्थाापि�त नि�म्न वि�धेेयक महाारााष्ट्र वि�धाानसभाा नि�यम

११७ केे अधीन

प्रकाशिशि§त कि�याा जाता है :-

भाग सात-४–१

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महाराष्ट्रõ शासन रा असाधारण भाग सात, मार्च १८, २०२५/फाल्गुन २७, शके १९

१.  यह अधिि˜नि�यम

महाारााष्ट्र स्टााम्प (संशोधन) अधिि˜नि�यम

, २०२५ कहलााए।

२.  महाारााष्ट्र स्टााम्प अधिि˜नि�यम

(जि�सेे इसमेंं आगेे, “मूल अधिि˜नि�यम

” कहांं� गयाा हैं) की धाराा ४ की,

उप-धाराा (१) मेंं, “एक सौ रुपयों” शब्दों केे स्थाान मेंं, “पाँँrच सौ रुपये” शब्द रखेे जायेंगेे।

३.  मूूल अधिि˜नि�यम

की धाराा १० की,–

(१) उप-धाराा (३) केे स्थाान मेंं नि�म्न उप-धाराा रखीी जायेगी, अथाा�त् :–

“(३) (क) उप-धाराा (१) मेंं अन्तर्वि�िष्ट कि�सीी बाात केे होते हुए भी, मुख्य नि�यंंत्रण रााजस्व

प्राधिि˜कारी उक्त अनुसूची केे स्तंभ (२) मेंं यथाा वि�नि�र्दि�

िष्ट प्रभाार्यय शुल्क राजपत्र मेंं अधिि˜सूचना

द्वााराा अनुसूची एक संबंध मेंं उन लिि£खतों को वि�नि�र्दि�

िष्ट करेेगा जि�सकेे संबंध मेंं,–

(एक)  फ्रैंंकिं�ंग मशीीन केे माध्यम से; या

(दो) सरकाारी रसीीद लेखा प्रणाली (जी. आर. ए. एस.) केे ज़रि�ए आभाासी कोषाागार

मेंं या, कोई अनुज्ञेेय नेट बैंकि�ग

पद्धति� केे ज़रि�ए इस नि�मि�त्त मेंं उक्त प्राधिि˜कारी द्वााराा राजपत्र

मेंं वि�नि�र्दि�

िष्ट कि�सीी बैंक खाते मेंं ई-भुगताान द्वााराा भुगताान कि�याा जायेगा।

(ख) ई-भुगताान द्वााराा अदा कि�येे गयेे कि�सीी शुल्क को,–

(एक) इस प्रयोोजन केे लिि£ए मुख्य नि�यंंत्रण रााजस्व प्राधिि˜कारी द्वााराा सम्य् क

अधिि˜सूचीत उचि�त अधिि˜कारी द्वााराा लिि£खत पर कि�येे गए उस पृष्ठांं�कन द्वााराा ; या

(दो) ऐसी लिि£खत से संबंधिि˜त इलेक्ट्राॅॅ¶नि�क

अभि�लेेख केे लिि£ए समेेकि�त भुगताान केे

मामलेे मेंं ऐसे समुचि�त अधिि˜कारी द्वााराा जारी कि�येे गए प्रमाणपत्र द्वााराा ; या

(तीन) मुख्य नि�यंंत्रण रााजस्व प्राधिि˜कारी द्वााराा जैसा कि� वि�हि�त कि�याा जाए इलेक्ट्राॅॅ¶नि�क

माध्यम और पद्धति� केे ज़रि�ए जारी ई-स्टााम्प प्रमाणपत्र द्वााराा,

दर्शा�याा जायेगा।

(ग) यदि�, समुचि�त अधिि˜कारी ने, खण्ड (ख) अधीन लिि£खत को समर्थि�ित नहींं कि�याा है या

प्रमाणपत्र जारी नहींं कि�याा है या, यथाास्थि�िति�, वि�हि�त इलेक्ट्राॅॅ¶नि�क

साधनोंं या प्रणाली केे ज़रि�ए ई-स्टााम्प

प्रमाणपत्र जारी नहींं कि�याा है तो तब खण्ड (क) केे अधीन केेवल ई-अदायगीी इस अधिि˜नि�यम

केे कि�सीी

प्रयोोजनोंं� केे लिि£ए शुल्क भुगताान केे रूप मेंं समझीी नहींं जायेगी।

(घ) ई-अदायगीी का उपयोोग, समुचि�त अधिि˜कारी द्वााराा पृष्ठांं�कन या प्रमाणीकरण और ई-स्टााप्म

प्रमाणपत्र तैयार करनेे का वि�नि�यमन

करनेे की प्रक्रििĸया ऐसी होगी जि�सेे मुख्य रााजस्व प्राधिि˜कारी आदेश

द्वााराा अवधाारि�त करें ।”।

(२) उप-धाराा (३क) अपमार्जि�ित की जायेगी ;

(३)उप-धाराा (४) मेंं,–

(एक) “कि�याा गयाा पृष्ठांं�कन” शब्दों केे पश्चात् “जारी कि�याा गयाा प्रमाणपत्र या तैयार कि�याा

गयाा ई-स्टााम्प प्रमाणपत्र” शब्द नि�वि�ष्ट कि�ए जायेंगेे ;

(दो)“ पृष्ठांं�कन मेंं ” शब्दों केे पश्चात् “प्रमाणपत्र या ई-स्टााम्प प्रमाणपत्र” शब्द और

अक्षर नि�वि�ष्ट कि�ए जायेंगेे।

संक्षि�प्त नाम।

सन् १९५८

का ६०।

सन् १९५८

का ६०।

सन् १९५८ का

६० की धाराा ४ मेंं

संशोधन।

सन् १९५८ का

६० की धाराा १० मेंं

संशोधन।

महाराष्ट्रõ शासन रा असाधारण भाग सात, मार्च १८, २०२५/फाल्गुन २७, शके १९

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४.  मूूल अधिि˜नि�यम

की धाराा १० घ की,–

(१) उप-धाराा (३) केे स्थाान मेंं, नि�म्न उप-धाराा रखीी जायेगी, अथाा�त् :–

“(३) उप-धाराा (२) केे अधीन इस प्रकार प्राधिि˜कृत समुचि�त अधिि˜कारी का यह कर्ततव्य होगा

कि�, यथाा नि�म्न चालान केे वि�रुपण केे पश्चात्, लिि£खत पर पृष्ठांं�कन करनाा :–

दि�नांं�कि�त ....... “जी आर एन क्रमां�क ......... सी आय एन..... ई-चालन द्वााराा.... अदा कि�याा

गयाा ई-स्टााम्प शुल्क..........

कार्या�लय की मुद्राा। अधिि˜कारी केे हस्ताक्षर।”

(२) परंतुक मेंं, “प्राप्ति�� (इ-एस बी टी आर)” शब्द, कोष्ठक और अक्षरों केे पश्चात् “उप-धाराा

(३) केे अधीन नि�र्मि�ित ई-स्टााम्प प्रमाणपत्र” शब्द, अक्षर, कोष्ठक और अंक नि�वि�ष्ट कि�ए जायेंगेे।

५.  मूूल अधिि˜नि�यम

की धाराा ३१ की,–

(१) उप-धाराा (१) “ एक सौ रुपयों की फ़ीीस” शब्दों केे स्थाान मेंं, “एक हजाार रुपयों की फ़ीीस”

शब्द रखेे जायेंगेे ;

(२) उप-धाराा (१) केे पश्चात्, नि�म्न परंतुक नि�वि�ष्ट कि�याा जायेगा, अथाा�त् :–

“परंतु, नि�ष्पादि�त लिि£खतों केे संबंध मेंं, महाारााष्ट्र स्टााम्प (संशोधन) अधिि˜नि�यम

, २०२५

केे प्रारभ्मण केे पश्चात्, जब तक व्यक्ति�ि

ने जि�लााधिि˜कारी को नि�क्षेेपि�त नहींं कि�याा है, तब तक

अधिि˜नि�र्णणय केे लिि£ए कोई आवेेदन स्वीकृत नहींं कि�याा जायेगा,-

(एक) जहाँँr स्टााम्प शुल्क सम्पत्ति� केे बााजार मूल्य पर प्रभाार्यय है, जो ऐसे लिि£खत की

वि�षय

वस्तु है, व्यक्ति�ि

केे अनुसार लिि£खत मेंं या ऐसी सम्पत्ति� केे बााजार मूल्य मेंं वि�वरणि�

त

प्रति�फल केे मूल्य केे अनुसार प्रभाार्यय स्टााम्प शुल्क केे बीच शेषष रक़म जो भी उच्चतर है

और स्टााम्प शुल्क लिि£खत पर पहलेे से ही अदा की गई है ; और–

(दोो) अन्य माामलोंं में, व्यक्ति केे अनुुसाार प्रभाार्यय स्टााम्प शुुल्क और लि�खतोंं पर

पहले से ही अदा कि�ए गए स्टााम्प शुल्क केे बीच की शेषष रकम

:

परंतु आगेे यह कि�, जि�लााधिि˜कारी अंति�म

रूप से अवधाारि�त स्टााम्प शुल्क केे रूप मेंं

ऐसी नि�क्षेेपि�त रक़म समायोोजि�त करेेगा और नि�क्षेेपि�त की गई अधिि˜क रक़म यदि� कोई हो,

तो नि�क्षेेपि�त कि�ए जाने केे पैंतालिि£स दि�नोंं की अवधिि˜ केे भीतर उसे बि�नाा कि�सीी ब्याज केे

व्यक्ति�ि

को प्रति�दााय करेेगा।”।

सन् १९५८ का ६०

की धाराा १० घ मेंं

संशोधन।

सन् १९५८ का

६० की धाराा ३१ मेंं

संशोधन।

सन् २०२५

का महाा

..... ।

भाग सात-४–१अ

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महाराष्ट्रõ शासन रा असाधारण भाग सात, मार्च १८, २०२५/फाल्गुन २७, शके १९

उद् देेश्यों और कारणों का वक्तव्य।

वर्षष २०२५-२६ केे बजट अभि�भााषषण मेंं अंतर्वि�िष्ट मेंं प्रस्तावोंं को प्रभाावी बनााने की दृष्टि�� से, सरकाार,

महाारााष्ट्र स्टााम्प अधिि˜नि�यम

(सन् १९५८ का ६०) मेंं संशोधन करनाा इष्टकर

समझती

ी है।

२.  महाारााष्ट्र स्टााम्प अधिि˜नि�यम

(जि�सेे इसमेंं आगेे, “स्टााम्प अधिि˜नि�यम

” कहाा गयाा है) केे प्रस्तावि�त

संशोधन यथाा नि�म्न है :–

(एक) अनुपूरक दस्तावेेज केे मामलेे मेंं यदि� संव्यवहाार पूर्णण करनेे केे लिि£ए एक दस्तावेेज से

अधिि˜क दस्तावेेज केे उपयोोग कि�येे जाते है जो बहुुत पहलेे दि�नोंं की नाममाात्र एक सौ रुपयों की रक़म

पाँँrच सौ रुपयों तक स्टााम्प शुल्क दर बढ़ााने की दृष्टि�� से, स्टााम्प शुल्क अधिि˜नि�यम

की धाराा ४ मेंं संशोधन

करनाा प्रस्तावि�त करतीी है।

(दो) स्टााम्प शुल्क अधिि˜नि�यम

की धाराा १० और १० घ, रााज्य सरकाारी कोषाागार मेंं “ई-स्टााम्प

प्रमाणपत्र” केे लिि£ए नए उपबंध करनेे मेंं ई-अदायगीी केे लिि£ए तथाा “स्टााम्प शुल्क का प्रमाणपत्र” की

अदायगीी केे लिि£ए ऑनलााईन प्रणाली सुकर करनेे ताकि� लोग कहीं से भी, कि�सीी समय पर ऑनलााईन

स्टााम्प शुल्क अदा कर सकेे, की दृष्टि�� से संशोधन करनाा प्रस्तावि�त करतीी है।

(तीन) स्टााम्प अधिि˜नि�यम

की धाराा ३१ की, उप-धाराा (१) लिि£खत केे प्रभाार्याेंंɲ केे लिि£ए, अधिि˜नि�र्णणय

फ़ीीस १०० रुपयों से बढ़ााकर १००० रुपयों तक करनेे केे लिि£ए जि�लााधिि˜कारी की रााय लेने केे आवेेदन

केे लिि£ए और नि�ष्पादि�त लिि£खत केे अधिि˜नि�र्णणय केे लिि£ए आवेेदन दाखि�ल

करतेे समय उसमेंं वि�नि�र्दि�

िष्ट

स्टााम्प शुल्क की कति�पय रक़म को नि�क्षेेपि�त करनेे केे लिि£ए उपबंध करनेे की दृष्टि�� से, संशोधिि˜त करनाा

प्रस्तावि�त करतीी है।

३.  प्रस्तुत वि�धेेयक का आशय उपर्यु�क्त उद् देश्यों को प्राप्त करनाा है।

मुंं�बई,

चंंद्रशेखर बाावळकुळे,

दि�नांं�कि�त १७ मार्चच, २०२५।

रााजस्व मंंत्री।

महाराष्ट्रõ शासन रा असाधारण भाग सात, मार्च १८, २०२५/फाल्गुन २७, शके १९

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प्रत्यायुुक्त वि¦धान संंबंंधी ज्ञाापन।

प्रस्तुत वि�धेेयक मेंं वि�धाायी शक्ति�ि केे प्रत्यायोोजन केे लिि£ए नि�म्न प्रस्ताव अर्न्त�तग्रस्त है, अथाा�त् :–

खण्ड ३(१).– इस खण्ड केे अधीन, महाारााष्ट्र स्टााम्प अधिि˜नि�यम

की धाराा १० की वि�द्यमान उपधाराा

की प्रति�स्थाापना करनाा जि�सका आशय है,–

(एक) खण्ड (क) मेंं, मुख्य नि�यंंत्रण रााजस्व प्राधिि˜कारी को, अनुसूची एक मेंं लिि£खत, जि�सकेे

संबंध मेंं उक्त अनुसूची केे स्तंभ (२) मेंं यथाा वि�नि�र्दि�

िष्ट शुल्क प्रभाार्यय है की अदायगीी फ्रॅन्कि��ग मशीीन

केे साधनोंं सरकाारी प्राप्ति�� लेखा प्रणाली (जी. आर. ए. एस) केे ज़रि�ए आभाासी कोषाागार मेंं ई-अदायगीी

या उसमेंं वि�नि�र्दि�

िष्ट कि�सीी बँँक खाते मेंं केे ज़रि�ए अदा की जायेगी, को राजपत्र मेंं अधिि˜सूचना द्वााराा

वि�नि�र्दि�

िष्ट करनेे की शक्ति�ि प्रदान गई है।

(दो) खण्ड (ख) मेंं, मुख्य नि�यंंत्रण रााजस्व प्राधिि˜कारी को, इलेक्ट्राॅॅ¶नि�क

साधनोंं और प्रणाली

जि�सकेे ज़रि�ए शुल्क की ई-अदायगीी केे लिि£ए ई-स्टााम्प प्रमाणपत्र नि�र्मि�ित कि�ए जा सकेंगेे, को वि�हि�त

करनेे की शक्ति�ि प्रदान की गई है ;

(तीन) खण्ड (घ) मेंं मुख्य नि�यंंत्रण रााजस्व प्राधिि˜कारी को, समुचि�त अधिि˜कारी द्वााराा ई-अदायगीी,

पृष्ठांं�कन या प्रमाणपत्र केे उपयोोग को वि�नि�यमि�

त करनेे और ई-स्टााम्प प्रमाणपत्र को तैयार करनेे की

प्रक्रििĸया आदेश द्वााराा अवधाारि�त करनेे की शक्ति�ि प्रदान की गई है।

२.  वि�धाायी शक्ति�ि केे प्रत्यायाेे�जन केे लिि£ए उपरोल्लि�िखि�त प्रस्ताव सामान्य स्वरुप केे है।

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महाराष्ट्रõ शासन रा असाधारण भाग सात, मार्च १८, २०२५/फाल्गुन २७, शके १९

वि¦त्तीीय ज्ञाापण।

वि�धेेयक मेंं महाारााष्ट्र स्टााम्प अधिि˜नि�यम

(सन १९५८ का ६०) की धारााएँँ ४,१०,१०घ और ३१ मेंं संशोधन

करनेे केे लिि£ए प्रस्तावि�त है, ताकि� वि�त्तीीय वर्षष २०२५-२०२६ केे लिि£ए बजट भााषषण मेंं अन्तर्वि�िष्ट प्रस्तावोंं को

प्रभाावी बनााया जा सकेे। प्रस्तुत वि�धेेयक मेंं रााज्य वि�धाानमंंंडल केे अधिि˜नि�यम

केे रूप मेंं उसकी अधिि˜नि�यमि�ति�

पर रााज्य केे समेेकि�त नि�धिि˜ से आवर्ती या अनावर्ती व्यय शामि�ल

होने संबंधी कोई प्रावधाान नहींं है।

(यथाार्थथ अनुवाद),

वि¦जया डोनीकर,

भााषाा संचालक, महाारााष्ट्र रााज्य।

महाराष्ट्रõ शासन रा असाधारण भाग सात, मार्च १८, २०२५/फाल्गुन २७, शके १९

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भारत संंवि¦धान के अनुुच्छेेद २०७ केे अधीन राज्यपाल की अनुशंंसा

(महाारााष्ट्र शासन, वि�धिि˜ व न्याय वि�भााग, आदेश कि� प्रत)

भाारत संवि�धाान केे अनुच्छेद २०७ केे खंण्ड (१) द्वााराा प्रदत्त शक्ति�ियोंं का प्रयोोग करतेे हुए, महाारााष्ट्र

रााज्यपााल महोोदय, महाारााष्ट्र स्टााम्प (संशोधन) वि�धेेयक, २०२५ ई. पर पुर:स्थाापना करनेे की अनुशंसा करतेे है।

वि¦धान भवन :ज

ि�तेंद्र भोळे,

मुंं�बई,

सचि�व

(१) (कार्ययभाार),

दि�नांं�क १८ मार्चच, २०२५।म

हाारााष्ट्र वि�धाानसभाा।

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