महाराष्ट्रõ शासन रा असाधारण भाग सात, मार्च १९, २०२५/फाल्गुन २८, शके १९
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भााग साात-५–१
L. A. BILL No. XXIV OF 2025.
A BILL
FURTHER TO AMEND THE MAHARASHTRA
MOTOR VEHICLES TAX ACT.
वि¦धानसभा का वि¦धेयक क्रमांंsक २४ सन् २०२५।
महाराष्टट्र मोटर वाहन कर अधिनियम में अधिकतर संशोधन करने संबंधी विधेयक।
क्योंकि� इसमेंं आगे दर्शि§ित प्रयोोजनोंं केे लिि£ए, महाारााष्ट्र मोटर वााहन कर अधििनि�यम
मेंं अधििकतर
संशोधन करनाा इष्टकर है; अत: भाारत गणरााज्य केे छििहत्तरवें वर्षष मेंं, एतदद्वााराा, नि�म्न अधििनि�यम
अधििनि�यमि�
त
किय
ा जाता है :—
१. (१) यह अधिनियम
महाराष्ट्र मोटर वाहन कर (संशोधन) अधिनियम
, २०२५ कहल
ाए।
(२) यह ऐसे दिन
ांक पर प्रवृत्त होगा जिस
े राज््य सरक
ार राजपत्र मेें अधिस
ूचना द्वारा निय
त करेें।
संक्षिप्त नाम और
प्रारम््भण।
सन १९५८ का
६५।
RNI No. MAHBIL /2009/31730
महाराष्ट्र शासन राजपत्र
असाधारण भाग सात
वर्षष ११, अंक ५]
बुुधवार, मार्चच १९, २०२५/फाल्गुुन २८, शकेे १९४६
[पृष्ठेे 7, किं�ंमत : रुपये ४७.००
असाधारण क्रमांंsक ५
प्रााधि�कृत प्रकााशन
अध्यादेेश, वि¦धेयके व अधि�नि�यम यांंsचा हिं�ंदी अनुवााद (देेवनागरी लिि£पी)
महाराष्ट्र वि¦धानमंंडळ सचि�वालय
महाारााष्ट्र वि�धाानसभाा मेंं दि�नांं�क १९ मार्चच, २०२५ ई.को. पुर:स्थाापि�त नि�म्न वि�धेेयक महाारााष्ट्र वि�धाानसभाा नि�यम
११७ केे अधीन
प्रकाशिशि§त कि�याा जाता है :-
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महाराष्ट्रõ शासन रा असाधारण भाग सात, मार्च १९, २०२५/फाल्गुन २८, शके १९
२. महाारााष्ट्र मोटर वााहन कर अधििनि�यम
(जि�सेे इसमेंं आगे, “मूल अधििनि�यम
” कहाा गया है) की
धारा ३ की,—
(१) उप-धारा (१ग) के परंतुक मेें, “२० लाख रुपयों” अंकोों और शब््दोों के स््थथान मेें, “तीस
लाख रुपयों” शब्द रखे जायेेंगे;
(२) उप-धाराा (१घ) केे द्वि�तीीय परंतुक मेंं, “२० लाख रुपयों” अंकों और शब्दों केे स्थाान
मेंं, “तीस लाख रुपयों” शब्द रखेे जायेंगे ;
(३) उप-धाराा (१च) केे पश्चात् नि�म्न उप-धाराा जोड़ीी जायेगी, अथाा�त् :—
“ (१छ) उप-धाराा (१) और (१च) मेंं अंतर्वि�िष्ट कि�सीी बाात केे होते हुए भी, रााज्य मेंं
संन््ननिर््ममाण कार्यों के लिए उपयोगी सभी मोटर वाहनोों जैसे कि, क्रेन, क्रॉम्प्रेसर््स, प्रोजेक््टर या
खनित्र और भार रहित रजिस्ट्रीकृत भार लदे, जिसक
ा भार तोलन ७५०० किल
ोग्राम से अनधिक
है सामान या सामग्ी की यातायात करनेवाले वाहनोों, यदि, वह महाराष्ट्र मोटर वाहन कर
(संशोधन) अधिनियम
, २०२५ के प्रारम््भण के दिन
ांक पर या के पश्चात् यदि रजिस्ट्रीकृत किए
गए हैं, ऐसे वाहनोों को आजीवन के लिए एक मुश्त कर, छठी अनुसूचि मेें विनिर््ददिदिष्ट दरोों पर
उद्गग्रहीत किय
ा जायेगा तथा संग्रहीत किय
ा जायेगा।” ।
३. मूूल अधििनि�यम
की धाराा ४ की उप-धाराा (२) मेंं,—
(१) “या (१च)” शब्दो, अंकों और अक्षरों केे स्थाान मेंं, “ (१च) या (१छ)” शब्द, अंक और
अक्षर रखेे जायेंगे ;
(२) खण््ड (क) मेें, “और (१च)” शब््दोों, अंकोों और अक्षरोों के स््थथान मेें, “और उप-धारा
(१छ)” मेंं नि�वि�ष्ट कि�येे जायेंगे।
४. मूल अधििनि�यम
की धाराा १६ की, उप-धाराा (१) केे खण्डड (ग), केे उप-खण्डड (तीन) केे
स्थाान मेंं “ या, यथाास्थि�िति�, उप-धाराा (१-च)” शब्दों, अंको और अक्षरों केे स्थाान मेंं, “ (१ च) या,
यथाास्थि�िति�, (१छ)” शब्द, अंक और अक्षर रखेे जायेंगे।
५. मूल अधििनि�यम
से संलग्न तृतीय अनुसूूची केे भााग एक केे स्तंभ (२) मेंं,—
(१) प्रविष््टटि (३) की,—
(क) उप-प्रवि�ष्टि�� (क) मेंं, “ वााहन की लागत केे ७ प्रति�श
त” शब्दों और अंकों केे
स्थाान मेंं, “वााहन की लागत केे ८ प्रति�श
त” शब्द और अंक रखेे जायेंगे;
(ख) उप-प्रवि�ष्टि�� (ख) मेंं, “ वााहन की लागत केे ८ प्रति�श
त” शब्दों और अंकों केे
स्थाान मेंं, “वााहन की लागत केे ९ प्रति�श
त” शब्द और अंक रखेे जायेंगे;
(ग) उप-प्रवि�ष्टि�� (ग) मेंं, “ वााहन की लागत केे ९ प्रति�श
त” शब्दों और अंकों केे
स्थाान मेंं, “वााहन की लागत केे १० प्रति�श
त” शब्द और अंक रखेे जायेंगे;
(२) प्रवि�ष्टि�� (३) केे पश्चात्, स्तंभ (२) मेंं, नि�म्न प्रवि�ष्टि�� जोड़ीी जायेगी, अथाा�त्,—
“(४) बैटरी संचालिि£त मोटर वााहन : यदि� वााहन की लागत ३० लाख रुपयों से अधििक है,
वााहन की लागत केे ६ प्रति�श
त।”।
६. मूल अधििनि�यम
से संलग्न पाँँrचवी अनुसूची केे पश्चात् नि�म्न अनुसूची जोड़ीी जायेगी,
अर््थथात् : —
सन १९५८ का
६५ की धाराा ३ मेंं
संशोधन।
सन् १९५८
का ६५।
सन् १९५८ का
६५ की धाराा ४
मेें संशोधन।
सन् १९५८ का
६५ की धाराा १६ मेंं
संशोधन।
सन् १९५८ का
६५ की तृतीय
अनूसूची मेंं
संशोधन।
सन् १९५८ का
६५ की छठी
अनुसूचि� को
जोड़नाा।
सन् २०२५
का महाा. ।
महाराष्ट्रõ शासन रा असाधारण भाग सात, मार्च १९, २०२५/फाल्गुन २८, शके १९
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छठी अनुसूूची
[धारा ३ (१छ) देखिए ]
मोटर वाहनोों का विवर
ण
(१)
रजिस्ट्रीकरण के समय
पर एकमुश्त कर
(२)
(१) संनिर््ममाण के लिए उपयोगी कोई मोटर वाहन जैसे
की, क्रेन, कॉॉम्प्रेसर््स, प्रोजेक््टर या खनित्र।
मोटर वाहन की लागत के ७ प्रतिश
त,
(२) रजिस्ट्रीकृत भार लदे जिसक
ा भारतोलन ७५००
किल
ोग्राम से अनधिक
है, के हल््कके सामान या सामग्ी की
यातायात करने वाले वाहन।
मोटर वाहन की लागत के ७ प्रतिश
त।”।
भााग साात-५–१अ
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महाराष्ट्रõ शासन रा असाधारण भाग सात, मार्च १९, २०२५/फाल्गुन २८, शके १९
उद्ेश््योों और कारणोों का वक्तव्य
वर््ष २०२५-२६ के बज़ट अभिभ
ाषषण मेें अंतर््ववििष्ट प्रस््ततावोों को प्रभावी बनाने की दृष््टटि से, महाराष्ट्र
मोटर वाहन कर अधिनियम
(सन् १९५८ का ६५) के अधीन उद्गग्रहीत मोटर वाहन कर के संबंध मेें,
सरक
ार, उक्त अधिनियम
की धार ३ और तृतीय अनुसूची मेें यथा निम््न संशोधन करना तथा नई अनुसूची
जोड़ना इष््टकर समझती है :—
(१) मोटर साइकिल
, तिपहिय
ा वाहन और ओम््ननी बस के लिए एकमुश्त कर की अधिक
तम
सीमा तीस लाख रुपयों तक बढ़ना;
(२) संपीडित प्राकृतिक
गैस या तरलीकृत पेट्रोल गैस पर चलने वाले वाहनोों पर कर का दर
एक प्रतिश
त तक बढ़़ाना;
(३) तीस लाख रुपयों से अधिक
मूल््य के इलेक्ट्रिक वाहनोों पर वाहनोों की लागत के छह
प्रतिश
त की दर पर कर उद्गग्रहीत करना;
(४) संनि�र्माा�ण केे लिि£ए उपयोोगी वााहनोंं जैसे कि� क्रेन, कॉॉॉम्प्रेसर्सस, प्रोजक्टरों और खनि�त्रोंं, पर
रजि�स्ट्रीकरण केे समय
पर वााहनोंं की लागत साात प्रति�श
त की दर से एकमुुश्त कर उद्ग्रहीीत करनाा;
(५) रजि�स्ट्रीकृत भाार लदे वााहनोंं जि�सकाा भाारतोोलन ७५०० से अनधििक है, केे साामानोंं या
सामग्ी की यातायात करने के लिए उपयोगी वाहनोों की लागत के सात प्रतिश
त की दर पर एकमुश्त
कर उद्गग्रहीत करना; और
(६) कतिपय अन््य पारिणामिक
संशोधनोों को करना।
२. प्रस्तुत विध
ेयक का आशय उपर््ययुक्त उद्ेश््योोंों को प्राप्त करना है।
मुंबई,
दि�नांं�क : १८ मार्चच, २०२५।
प्रतााप सरनाईक,
परिवहन
मंत्री।
महाराष्ट्रõ शासन रा असाधारण भाग सात, मार्च १९, २०२५/फाल्गुन २८, शके १९
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प्रत्यायुक््त विधान संबंधी ज्ञापन
प्रस्तुत विध
ेयक मेें, विध
ायी शक््तति के प्रत््ययायोजन के लिए निम््न प्रस््तताव अंतर्गग्रस्त है, अर््थथात् :—
खण्ड १(२).—इस खण्डड केे अधीन रााज्य सरकाार को जि�स
दि�नांं�क पर अधििनि�यम
, प्रवर्तमाान होगा
वह दि�नांं�क राजपत्र मेंं प्रकाशिशि§त अधििसूचना द्वााराा नि�य
त करनेे की, शक्ति�ि प्रदान की गई है।
२. विध
ायी शक््तति के प्रत््ययायोजन के लिए, उपरोल््ललिखित प्रस््तताव सामान््य स््वरूप के है।
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महाराष्ट्रõ शासन रा असाधारण भाग सात, मार्च १९, २०२५/फाल्गुन २८, शके १९
वित्ीय ज्ञापन
प्रस्तुत वि�धेेयक, महाारााष्ट्र मोटर वााहन कर अधििनि�यम
(सन् १९५८ का ६५) की धाराा ३ और तृतीय
अनुसूची और जोडीी गयी नवीीन अनुसूची मेंं संशोधन करनेे का प्रस्तावि�त करताा है, जि�ससेे वि�त्तीीय वर्षष
२०२५-२०२६ केे बज़ट भााषषण मेंं अंतर्वि�िष्ट प्रस्तावों को प्रभाावी बनााया जा सकेे। रााज्य वि�धाानमंंंडल केे
अधिनियम
के रूप मेें उसकी अधिनियमिति
पर राज््य की समेकित निधि
मेें से आवर्ती या अनावर्ती व््यय
अंतर््ववििष्ट होने संबंधी विध
ेयक मेें कोई प्रावधान नहीीं है।
(यथाार्थथ अनुवााद),
वि¦जया डोनीकर,
भााषाा संचालक,
महाराष्ट्र राज््य।
महाराष्ट्रõ शासन रा असाधारण भाग सात, मार्च १९, २०२५/फाल्गुन २८, शके १९
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भारत संंवि¦धान के अनुुच्छेद २०
७ के अधीन राज्यपाल की अनुशंंसा
(महाारााष्ट्र शासन, वि�धीी व न्यााय वि�भााग, आदेश कि� प्रत)
भाारत संवि�धाान केे अनुच्छेद २०७ केे खंडड (१) द्वााराा प्रदत्त शक्ति�ियों का प्रयोोग करतेे हूए, महाारााष्ट्र
रााज्यपााल महोोदय, महाारााष्ट्र मोटार वााहन कर (संशोधन) वि�धेेयक, २०२५ ई. पर पूरःस्थाापना करनेे की
अनुशंसाा करतेे है।
वि¦धान भवन :
मुंं�बई,
दि�नांं�कि�त : १९ मार्चच, २०२५।
जि�तेंंंद्र भोळे,
सचि�व
(१) (कार्ययभाार),
महाारााष्ट्र वि�धाानसभाा।
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