भााग साात-९-१
L. A. BILL No. VII OF 2026.
A BILL
TO AMEND THE MAHARASHTRA LIFT’S,
ESCALATORS AND MOVING WALKS ACT, 2017.
वि¦धाानसभाा काा वि¦धेयक क्रमांंsक ७ सन् २०२६।
महाारााष्ट्र लिि£फ़्ट, एस्केलेटर और मूविं¦ंग वॉक अधि�नि�यम, २०१७
मेंं संंशोोधन करनेे संंबंंधीी वि¦धेयक ।
क्योंकि� इसमेंं आगे दर्शि§ित प्रयोोजनोंं केे लिि£ए, महाारााष्ट्र लिि£फ़्ट, एस्केेलेटर और मूविं¦ंग वॉक अधििनि�यम
,
२०१७ मेंं संशोधन करनाा इष्टकर है ; अत: भाारत गणरााज्य केे सतहत्तरवें वर्षष मेंं, एतद् द्वााराा, नि�म्न अधििनि�यम
अधििनि�यमि�
त कि�याा जाता है :—
१. (१) यह अधििनि�यम
महाारााष्ट्र लिि£फ़्ट, एस्केेलेटर और मूविं¦ंग वॉक (संशोधन) अधििनि�यम
,
२०२६ कहलााए।
(२) यह ऐसे दि�नांं�क से प्रवृत्त होगा जि�सेे रााज्य सरकाार, रााजपत्र मेंं अधििसूचना द्वााराा नि�य
त करेे।
सन २०१८
का महाा.
१५।
संक्षििȦप्त नाम और
प्रारम्भण।
RNI No. MAHBIL /2009/31730
महाारााष्ट्रट शासन रााजपत्र
असाधाारण भााग सात
वर्षष १२, अंक ६]
बुधवाार, माार्चच ४, २०२६/फााल्गुन १३, शकेे १९४७
[पृष्ठेे 6, किं�ंमत : रुपये ४७.००
असाधाारण क्रमांंsक ९
प्रााधि�कृृत प्रकााशन
अध्यादेेश, वि¦धेयके व अधि�नि�यम यांंsचाा हिं�ंदीी अनुवाद (देेवनागरी लिि£पी)
महाारााष्ट्र वि¦धाानमंंडळ सचि�वाालय
महाारााष्ट्र विि¦धानसभाा मेंं दि�नांं�क ४ माार्चच, २०२६ ई.को. पुुर:स्थाापि�त नि�म्न विि¦धेयक महाारााष्ट्र विि¦धानसभाा नि�यम
११७ केे अधीन
प्रकाशिशि§त कि�याा जाता है :-
(१)
2
महाराष्ट्रõ शासन रा
असाधारण भाग सात, मार्च ४, २०२६/फाल्गुन १३, शके १९
२. संंपूर्णण महाारााष्ट्र लिि£फ़्ट, एस्केेलेटर और मूविं¦ंग वॉक अधििनि�यम
, २०१७ मेंं (जि�सेे इसमेंं आगे,
,‘मूल अधििनि�यम
’ कहाा गया है) मेंं, इस अधििनि�यम
द्वााराा स्पष्ट रूप से यथाा अन्यथाा संशोधिित केे सि�वााए :—
(१) “इलेक्ट्रिòिक नि�रीीक्षक (लिि£फ़्ट)” शब्दों केे स्थाान मेंं, जहाँँr कहीी वे आए हो “इलेक्ट्रिòिक
नि�रीीक्षक” शब्द रखेे जाएंगे ;
(२) “सहाायक इलेक्ट्रिòिकल
नि�रीीक्षक (लिि£फ़्ट)” शब्दों केे स्थाान मेंं, जहाँँr कहीी वें आए हों,
“सहाायक इलेक्ट्रिòिकल
नि�रीीक्षक” शब्द रखेे जाएंगे।
३. मूूल अधििनि�यम
की धाराा २ केे,—
(१) खण्ड (ठ) मेंं, “कारखााना अधििनि�यम
, १९४८” शब्दों और अंको केे स्थाान मेंं
“व्यावसाायि�क
सुरक्षा स्वास्थ्य, कार्ययदशा संहि�ताा २०२०” शब्द और अंक रखेे जाएंगे ;
(२) खण्ड (म) केे पश्चात्, नि�म्न खण्ड जोडा जाएगा, अथाा�त् :—
“(य) “अधीक्षण इंजीनि�यर” का तात्पर्यय, धाराा ३ केे अधीन सरकाार द्वााराा अधीक्षकइंजीनि�यर
केे रूप मेंं नि�युुक्त व्यक्तििòि, से है।” ।
४. मुुख्य अधििनि�यम
की धाराा ३ की,—
(१) उप-धाराा (१) केे खंड (क) केे स्थाान पर नि�म्नलिि£खि�त खंड नि�विि¦ष्ट कि�याा जाएगा,
अथाा�त् :—
“(क-१) अधीक्षक अभि�यंंता;”;
(२) उप-धाराा (२) केे पश्चात् नि�म्नलिि£खि�त उप-धारााएँँ प्रति�स्थाापि�त की जाएँगीी, अथाा�त् :—
“(२) मुुख्य विि¦द्युुत नि�रीीक्षक इस अधििनि�यम
केे अधीन सौंपे गए अधििकारों का उपयोोग
करेेगा और कृत्यों का अनुपालन करेेगा तथाा तद्धीीन नि�यंंत्रण, नि�गराानी और समन्वय केे लिि£ए
जि�म्मेेदार होगा।
(२क) इस प्रकार नि�युुक्त अधििक्षक अभि�यंंता, इस अधििनि�यम
केे अधीन उसे प्रदत्त
शक्तििòियों केे सााथ अपनेे अधििकार क्षेत्र केे भीतर विि¦द्युुत नि�रीीक्षक की शक्तििòियों का प्रयोोग करेेगा।”;
(३) पाार्श्व¦व टि�प्पणीी मेंं, “मुख्य विि¦द्युुत नि�रीीक्षक” शब्दों केे पश्चात् “अधीक्षक अभि�यंंता” शब्द
नि�विि¦ष्ट कि�ए जाएंगे।
५. मुुख्य अधििनि�यम
की धाराा ४ की,—
(१) उप-धाराा (३) मेंं, “मुख्य विि¦द्युुत नि�रीीक्षक” शब्द जहाँँr कहीं भी आते हैं, वहाँँr उनकेे
स्थाान पर “अधीक्षक अभि�यंंता” शब्द रखेे जाएँगेे;।
(२) उप-धाराा (४) मेंं, “मुख्य विि¦द्युुत नि�रीीक्षक”शब्दों केे स्थाान मेंं, “अधीक्षक अभि�यंंता”
शब्द रखेे जायेंगे।
६. मूूल अधििनि�यम
की धाराा ५ की,—
(१) उप-धाराा (२) मेंं, “मुख्य विि¦द्युुत नि�रीीक्षक” शब्दों केे स्थाान पर, “अधीक्षक अभि�यंंता”
शब्द रखेे जाएंगे ;
सन् २०१८
का महाा.
१५।
सन् २०१८
का महाा. १५
मेंं ‘इलेक्ट्रिòिक
नि�रीीक्षक
(लिि£फ़्ट)’ और
सहाायक इलेक्ट्रीक
नि�रीीक्षक (लिि£फ़्ट)
केे शब्दों केे स्थाान
मेंं, ‘इलेक्ट्रिòिकल
नि�रीीक्षक’
और ‘सहाायक
इलेक्ट्रिòिकल
नि�रीीक्षक’ शब्दों
की प्रति�स्थाापनाा |
सन् २०१८ का
महाा. १५ की धाराा
२ मेंं संशोधन।
सन् १९४८
का ६३।
सन् २०२०
का ३७।
सन् २०१८ का
महाा. १५ की धाराा
३ मेंं संशोधन।
सन् २०१८ का
महाा. १५ की धाराा
४ मेंं संशोधन।
सन् २०१८ का
महाा. १५ की धाराा
५ मेंं संशोधन।
महाराष्ट्रõ शासन रा
असाधारण भाग सात, मार्च ४, २०२६/फाल्गुन १३, शके १९
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(२) उप-धाराा (३) मेंं, “मुख्य विि¦द्युुत नि�रीीक्षक” शब्दों केे स्थाान पर, “अधीक्षक अभि�यंंता”
शब्द रखेे जाएंगे ;
(३) उप-धाराा (५) मेंं, “मुख्य विि¦द्युुत नि�रीीक्षक” शब्दों केे स्थाान पर, “अधीक्षक अभि�यंंता”
शब्द रखेे जाएंगे ।
७. मुुख्य अधििनि�यम
की धाराा ७ की,—
(१) उप-धाराा (३) मेंं, “मुख्य विि¦द्युुत नि�रीीक्षक” शब्द दोनोंं स्थाानोंं पर जहाँँr कहीं भी आते
हैं, वहाँँr उनकेे स्थाान पर, “अधीक्षक अभि�यंंता” शब्द रखेे जाएँगेे ;
(२) उप-धाराा (४) मेंं, “मुख्य विि¦द्युुत नि�रीीक्षक” शब्दों केे स्थाान पर, “अधीक्षक अभि�यंंता”
शब्द रखेे जाएंगे ।
८. मूूल अधििनि�यम
की धाराा ८ की,—
(१) उप-धाराा (२) मेंं “विि¦द्युुत नि�रीीक्षक (लिि£फ़्ट)” शब्दों और कोष्ठकों केे स्थाान पर,
“अधीक्षक अभि�यंंता” शब्द रखेे जाएंगे ;
(२) उप-धाराा (५) मेंं “विि¦द्युुत नि�रीीक्षक (लिि£फ़्ट)” शब्दों और कोष्ठकों केे स्थाान पर,
“अधीक्षक अभि�यंंता” शब्द रखेे जाएंगे ।
९. मूूल अधििनि�यम
की धाराा १० मेंं, “विि¦द्युुत नि�रीीक्षक (लिि£फ़्ट)” शब्दों और कोष्ठकों केे स्थाान
पर, “अधीक्षक अभि�यंंता” शब्द रखेे जाएंगे।
१०. मूूल अधििनि�यम
की धाराा १५ की, उप-धाराा (५) केे, उप-खंड (ख) मेंं, “भाारतीीय दंड
संहि�ताा की धाराा १७६” शब्दों और अंकों केे स्थाान पर, “भाारतीीय न्याय संहि�ताा, २०२३ की धाराा २११”
शब्द और अंक रखेे जाएंगे।
११. मूूल अधििनि�यम
की धाराा १९ मेंं, “मुख्य विि¦द्युुत नि�रीीक्षक” शब्दों केे स्थाान पर, “अधीक्षक
अभि�यंंता” शब्द रखेे जाएंगे।
१२. मूूल अधििनि�यम
की धाराा २० की,—
(१) उप-धाराा (१) मेंं,—
(क) “मुख्य विि¦द्युुत नि�रीीक्षक” शब्दों केे स्थाान पर, “अधीक्षक अभि�यंंता” शब्द रखेे
जाएंगे ;
(ख) “रााज्य सरकाार” शब्दों केे स्थाान पर, “मुख्य विि¦द्युुत नि�रीीक्षक” शब्द रखेे जाएंगे ;
(२) उप-धाराा (२) केे स्थाान पर नि�म्न उप-धाराा रखीी जाएगी,
अथाा�त् :—
“(२) अधीक्षक अभि�यंंता द्वााराा धाराा ८ की उप-धाराा (५) केे अधीन दि�ए गए कि�सीी
आदेश से व्यथि�त कोई व्यक्तििòि, ऐसे आदेश केे दि�नांं�क से तीस दि�नोंं केे भीतर मुख्य विि¦द्युुत
नि�रीीक्षक केे पास अपील दायर कर सकेेगा।
(३) अधीक्षक अभि�यंंता केे आदेश केे विि¦रुद्ध मुख्य विि¦द्युुत नि�रीीक्षक केे समक्ष धाराा २१ की
उप-धाराा (१) केे अधीन कोई अपील दायर की गई हो तो भी अधीक्षक अभि�यंंता द्वााराा लिि£फ़्ट,
एस्केेलेटर या मूविं¦ंग वॉक केे उपयोोग को बंंद करनेे का आदेश तब तक मान्य होगा जब तक कि�,
मुख्य विि¦द्युुत नि�रीीक्षक ने ऐसे आदेश पर रोक न लगा दी हो।
सन् २०१८ का
महाा. १५ की धाराा
७ मेंं संशोधन।
सन् २०१८ का
महाा. १५ की धाराा
८ मेंं संशोधन।
सन् २०१८ का
महाा. १५ की धाराा
१० मेंं संशोधन।
सन् २०१८ का
महाा. १५ की धाराा
१५ मेंं संशोधन।
सन् १८६०
का ४५।
सन् २०२३
का ४५।
सन् २०१८ का
महाा. १५ की धाराा
१९ मेंं संशोधन।
सन् २०१८ का
महाा. १५ की धाराा
२० मेंं संशोधन।
भााग साात-९-२
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महाराष्ट्रõ शासन रा
असाधारण भाग सात, मार्च ४, २०२६/फाल्गुन १३, शके १९
(४) मुुख्य विि¦द्युुत नि�रीीक्षक व्दाराा दि�ए गए कि�सीी आदेश व्दाराा व्यथि�त कोई व्यक्तििòि रााज्य
सरकाार को अपील प्रस्तुत कर सकेेगा, और उसपर रााज्य सरकाार का नि�र्णणय अंति�म
होगा।”।
१३. मूूल अधििनि�यम
की धाराा २१ की,—
(१) उप-धाराा (१) मेंं, “विि¦द्युुत नि�रीीक्षक (लिि£फ़्ट)” शब्दों और कोष्ठकों केे स्थाान पर,
“अधीक्षक अभि�यंंता” शब्द रखेे जाएंगे ;
(२) उप-धाराा (२) मेंं, “विि¦द्युुत नि�रीीक्षक (लिि£फ़्ट)” शब्दों और कोष्ठकों केे स्थाान पर
“अधीक्षक अभि�यंंता” शब्द रखेे जाएंगे ।
१४. मूल अधििनि�यम
की धाराा २२ की,—
(१) उप-धाराा (१) मेंं, “विि¦द्युुत नि�रीीक्षक (लिि£फ़्ट)” शब्द और कोष्ठक जहाँँr कहीं भी वे
दोनोंं स्थाानोंं मेंं आते हैं, केे स्थाान पर “अधीक्षक अभि�यंंता” शब्द रखेे जाएँगेे ;
(२) उप-धाराा (२) मेंं, “सरकाार को जि�सकाा नि�र्णणय अंति�म
होगा” शब्दों केे स्थाान पर,
“मुख्य मुख्य विि¦द्युुत नि�रीीक्षक ऐसी अपील का नि�र्णणय तीस दि�नोंं केे भीतर करेेगा” शब्द रखेे जाएंगे।
१५. मूूल अधििनि�यम
की धाराा २७ मेंं, “विि¦द्युुत नि�रीीक्षक (लिि£फ़्ट)” शब्दों और कोष्टकों केे स्थाान
पर, “अधीक्षक अभि�यंंता” शब्द रखेे जाएंगे।
१६.
मूूल अधििनि�यम
की धाराा २९ मेंं, “मुख्य विि¦द्युुत नि�रीीक्षक” शब्दों केे पश्चात् “अधीक्षक
अभि�यंंता” शब्द नि�विि¦ष्ट कि�ए जाएंगे।
१७. मूूल अधििनि�यम
की धाराा ३५ मेंं, “मुख्या विि¦द्युुत नि�रीीक्षक” शब्दों केे पश्चात् “अधीक्षक
अभि�यंंता” शब्द नि�विि¦ष्ट कि�ए जाएंगे।
१८. मूूल अधििनि�यम
की धाराा ३७ की, उप-धाराा(२) केे खंड (क) मैंं, “मुख्य विि¦द्युुत नि�रीीक्षक”
शब्दों केे पश्चात् “अधीक्षक अभि�यंंता” शब्द नि�विि¦ष्ट कि�ए जाएंगे।
सन् २०१८ का
महाा. १५ की धाराा
२१ मेंं संशोधन।
सन् २०१८ का
महाा. १५ की धाराा
२२ मेंं संशोधन।
सन् २०१८ का
महाा. १५ की धाराा
२७ मेंं संशोधन।
सन् २०१८ का
महाा. १५ की धाराा
२९ मेंं संशोधन।
सन् २०१८ का
महाा. १५ की धाराा
३५ मेंं संशोधन।
सन् २०१८ का
महाा. १५ की धाराा
३७ मेंं संशोधन।
महाराष्ट्रõ शासन रा
असाधारण भाग सात, मार्च ४, २०२६/फाल्गुन १३, शके १९
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उद्देेश्यों और काारणों काा वक्तव्य।
महाारााष्ट्र लिि£फ़्ट, एस्केेलेटर और मूविं¦ंग वॉक अधििनि�यम
, २०१७ (सन २०१८ का महाा. १५) महाारााष्ट्र
रााज्य मेंं सभीी प्रकार की लिि£फ़्टों, एस्केेलेटरों, मूविं¦ंग वॉक और उनसेे संबंंधिित सभीी यंत्रणाओं और उपकरणोंं
केे नि�र्माा�ण, स्थाापनाा, रखरखा
ाव और सुरक्षििȦत संचालन केे विि¦नि�यमन
तथाा उनसेे संं�बंंधिित या आनुषंंगि�क
मामलोंं केे लिि£ए अधििनि�यमि�
त कि�याा गया है।
२. उक्त अधििनि�यम
मेंं, मुख्य विि¦द्युुत नि�रीीक्षक को महाारााष्ट्र रााज्य केे संपूर्णण क्षेत्रों मेंं लिि£फ़्ट, एस्केेलेटर
और मूविं¦ंग वॉक केे संचालन या उपयोोग केे लिि£ए लाइसेंस जारी करनेे का अधििकार नि�हि�त है और उक्त
अधििनि�यम
केे उपबंंधों और तद् धीन बनााए गए नि�यमोंं
ं केे उल्लंघन केे मामलोंं मेंं ऐसे लाईसेंसों को नि�लंंबि�त
या रद्द करनेे का भी अधििकार है। उक्त अधििनि�यम
की धाराा ३ की, उप-धाराा (२) मेंं यह भी उपबंंध कि�याा
है कि�, मुख्य विि¦द्युुत नि�रीीक्षक संपूर्णण रााज्य मेंं विि¦द्युुत नि�रीीक्षक (लिि£फ़्ट) केे अधििकार का भी उपयोोग कर
सकताा है।
रााज्य मेंं लिि£फ़्ट, एस्केेलेटर और मूविं¦ंग वॉकिं�ंग वॉक की संख्या मेंं वृद्धि� केे कारण मुख्य विि¦द्युुत नि�रीीक्षक
कार्या�लय पर अत्यधििक कार्ययभाार है। साार्ववजनि�क
सेवाओं मेंं दक्षता सुनि�श्चि�ि
त करनेे केे लिि£ए, लिि£फ़्ट,
एस्केेलेटर और मूविं¦ंग वॉक केे संचालन या उपयोोग केे लिि£ए, लाईसेंस जारी करनेे की सेवाएं क्षेत्रीय स्तर
पर उपलब्ध करााना आवश्यक है। इसलिि£ए, सरकाार ने, क्षेत्रीय स्तर पर अधीक्षक अभि�यंंताओं को उनकेे
अधििकार क्षेत्र मेंं लाईसेंस जारी करनेे का कार्ययभाार सौंपनाा आवश्यक समझाा गया है।
३. संंपूर्णण महाारााष्ट्र रााज्य मेंं लाइसेंस जारी करनेे से पहलेे लिि£फ़्ट, एस्केेलेटर और मूविं¦ंग वॉक केे
नि�रीीक्षण और उसकेे आवधििक नि�रीीक्षण का अधििकार विि¦द्युुत नि�रीीक्षकों (लिि£फ़्ट) को दि�याा गया हे। लिि£फ़्ट,
एस्कलेेटर और मूविं¦ंग वॉक का साावधानीपूर्ववक नि�रीीक्षण जन सुरक्षा केे लिि£ए अत्यंत महत्त्वपूूर्णण है, इसलिि£ए,
समय
पर नि�रीीक्षण सेवाएँँ प्रदान करनाा आवश्यक है। अत: सरकाार ने नि�रीीक्षण प्रभााग जैसाा की विि¦नि�र्दि�िष्ट
करेे ऐसे प्रत्येक जि�लेे मेंं विि¦द्युुत नि�रीीक्षकों को उनकेे संबंंधिित अधििकार क्षेत्र मेंं लाईसेंस देने केे पूर्वव लिि£फ़्ट,
एस्केेलेटर और मूविं¦ंग वॉक नि�रीीक्षण, और उसकेे आवधििक नि�रीीक्षण का अधििकार प्रदान करनाा आवश्यक
समझाा गया है। उपरोोक्त प्रयोोजनोंं केे लिि£ए, महाारााष्ट्र लिि£फ़्ट, एस्केेलेटर और मूविं¦ंग वॉक अधििनि�यम
, २०१७
मेंं यथोोचि�त संशोधन कि�याा गया है।
४. इस अवसर पर, भाारतीीय दंड संहि�ताा (सन् १८६० का ४५) और कारखााना अधििनि�यम
,
१९४८ (सन् १९४८ का ६३) केे संदर्भभ को क्रमश: भाारतीीय न्याय संहि�ताा, २०२३ (सन् २०२३ का ४५)
और व्यावसाायि�क
सुरक्षा, स्वास्थ्य और कार्यय परि�स्थि�िति�याँँ
r संहि�ताा, २०२० (सन् २०२० का ३७) से
प्रति�स्थाापि�त करनेे केे लिि£ए परि�णाामीक संशोधन भी कि�ए जा रहेे हैं।
५. प्रस्तुत विि¦धेयक का आशय उपर्यु�क्त उद्देेश्यों को प्राप्त करनाा है।
मुंं�बई,
देेवेंद्र फडणवीस,
दि�नांं�कि�त २८ फरवरीी, २०२६।म
ुुख्यमंंंत्री।
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महाराष्ट्रõ शासन रा
असाधारण भाग सात, मार्च ४, २०२६/फाल्गुन १३, शके १९
प्रत्यायुक्त वि¦धाानसंंबंंधीी ज्ञाापण।
प्रस्तुत विि¦धेयक मेंं विि¦धायी शक्तििòि केे प्रत्यायोोजन केे लिि£ए नि�म्न प्रस्ताव अन्तर्ग्ररस्त हैं, अथाा�त्:—
खंंड १(२).—इस खंड केे अधीन, रााज्य सरकाार को रााजपत्र मेंं अधििसूचना द्वााराा जि�स
दि�नांं�क को
यह अधििनि�यम
प्रवृत्त होगा उस दि�नांं�क को नि�य
त करनेे का अधििकार दि�याा गया है।
२. विि¦धायी शक्तििòि केे प्रत्यायोोजन केे लिि£ए उपर्यु�क्त उल्लि�िखि�
त प्रस्ताव साामान्य स्वरूप केे हे।
(यथाार्थथ अनुवाद),
श्रीी. अरूण कमळााबाई वाळू गि�ते,
प्रभाारी भााषाा संचालक,
म
हाारााष्ट्र रााज्य ।
वि¦धाान भवन :
जि�तेंद्र भोळे,
मुंं�बई,स
च
ि
�
व
—१,
दि�नांं�कि�त ४ मार्चच, २०२६।
महाारााष्ट्र विि¦धानसभाा।
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