L. A. BILL No. XII OF 2026.

A BILL

FURTHER TO AMEND THE INDIAN PARTNERSHIP ACT, 1932,

IN ITS APPLICATION TO THE STATE OF MAHARASHTRA.

वि¦धाानसभाा काा वि¦धेयक क्रमांंsक १२ सन् २०२६।

महाारााष्ट्र रााज्य मेंं उसकी प्रयुक्तिòि करनेे मेंं भाारतीीय भाागीीदाारी अधि�नि�यम,

१९३२ मेंं अधि�कतर

संंशोोधन करनेे संंबंंधि� वि¦धेयक।

क्योंकि� इसमेंं आगेे दर्शि§ित प्रयोोजनोंं केे लिि£ए, महाारााष्ट्र रााज्य मेंं उसकी प्रयुक्तिòि करनेे केे लिि£ए भाारतीीय

भाागीदारी अधिि˜नि�यम

, १९३२ मेंं अधिि˜कतर संशोधन करनाा इष्टकर है ; अतः भाारत गणरााज्य केे सतहत्तरवेंं

वर्षष मेंं, एतद् द्वााराा, नि�म्न अधिि˜नि�यम

अधिि˜नि�यमि�

त कि�याा जाता है :—

१.  (१) यह अधिि˜नि�यम

भाारतीीय भाागीदारी (महाारााष्ट्र संशोधन) अधिि˜नि�यम

, २०२६ कहलााए।

(२) यह ऐसे दि�नांं�क से प्रवृत्त होगा जि�सेे रााज्य सरकाार, रााजपत्र मेंं प्रकाशिशि§त अधिि˜सूचना द्वााराा नि�य

त

कर सकेे।

सन् १९३२

का ९।

संक्षििȦप्त नाम और

प्रारम्भण।

महाारााष्ट्र वि¦धाानमंंडळ सचिि‹वालय

महाारााष्ट्र वि�धाानसभाा मेंं दि�नांं�क ११ माार्च, २०२६ ई. को. पुुर:स्थाापि�त नि�म्न वि�धेेयक महाारााष्ट्र वि�धाानसभाा

नि�यम

११७ केे अधीन प्रकाशिशि§त कि�याा जाता है :–

RNI No. MAHBIL /2009/31730

महाारााष्ट्रट शासन रााजपत्र

असाधाारण भााग सात

वर्षष १२, अंक ९]

बुधवाार, माार्च ११, २०२६/फााल्गुन २०, शकेे १९४७

[पृष्ठेे 3, किं�ंमत : रुपये ४७.००

असाधाारण क्रमांंsक १३

प्राधि�कृृत प्रकााशन

अध्यादेश, वि¦धेयके व अधि�नि�यम यांंsचा हिं�ंदीी अनुवाद (देवनागरीी लि�पी)

(१)

भाग सात-१३–१

2

महाराष्ट्रõ शासन रा

असाधारण भाग सात, मार्च ११, २०२६/फाल्गुन २०, शके १९

२.  महाारााष्ट्र रााज्य मेंं उसकी प्रयुक्तिòि मेंं भाारतीीय भाागीदारी अधिि˜नि�यम

, १९३२ (जि�सेे इसमेंं आगेे, “मूल

अधिि˜नि�यम

” कहाा गयाा है) की धाराा ५८ की,–

(१) उप-धाराा (१) केे स्थाान मेंं, नि�म्न उप-धाराा रखीी जायेगी, अथाा�त्:–

“(१) उप-धाराा (१क) केे उपबंंधों केे अध्यधीीन फर्मम का रजि�स्ट्रीकरण, जि�समेंं फर्मम केे कारोबार

की कोई जगह स्थि�ित है या जगह स्थि�ित कि�याा जाना प्रस्तावि�त है, केे क्षेत्र केे रजि�स्ट्रार की कार्या�लयीीन

वेेबसााईट पर वि�हि�त प्ररूप मेंं ऑनलााईन भुगताान की गई फीस की वि�हि�त अदायगीी पर वि�हि�त प्ररूप मेंं

ऑनलााईन वि�वरणी

ी और नि�म्न कथन

की भाागीदारी वि�लेेख की प्रति�लिि£पि� केे ऑनलााईन आवेेदन करनेे

पर प्रभाावि�त होगा ;

(क) फर्मम का नाम, स्थाायी लेखा क्रमांं�क (पॅन) और फर्मम का इ-मेेल पताा ;

(ख) फर्मम केे कारोबार का स्वरूप ;

(ग) फर्मम केे कारोबार का स्थाान या प्रमुख स्थाान ;

(घ) कि�सीी अन्य स्थाानोंं केे नाम जहाँँr फर्मम कारोबार चलाता है ;

(ड़) वह दि�नांं�क जब प्रत्येक भाागीदार फर्मम मेंं शामि�ल

हुआ है ;

(च) सभी भाागीदारों का पूराा नाम, स्थाायी पताा, इ-मेेल पताा और मोबाईल क्रमांं�क ;

(घ) फर्मम का कालावधीी।

वि�वरणी

ी सभी भाागीदारों द्वााराा या इस नि�मि�त्त वि�शेेषष रूप से प्राधिि˜कृत कि�ए गए उनकेे

अभि�कर्ताा�ओं द्वााराा डिि’जि�टली हस्ताक्षरि�त की जायेगी।” ;

(२) उप-धाराा (२) केे स्थाान मेंं, नि�म्न उप-धाराा रखीी जायेगी, अथाा�त्:–

“(२) आवेेदक द्वााराा, भाागीदारों की डिि’जीटल हस्ताक्षरि�त वि�वरणी

ी की कार्या�लयि�न

वेेबसााईट पर

जानकाारी भी डाली जायेगी, उप-धाराा (१) मेंं उल्लििčिखि�त ऑनलााईन प्ररुप मेंं अभि�लिि£खि�त वि�वरणी

ी

को सत्यापि�त कि�याा जाएगा, आवश्यक संलग्न पत्र भी कार्या�लयि�न

वेेबसााईट पर डाले जायेंगेे। ”।

३.  मूूल अधिि˜नि�यम

की धाराा ५९ की, उप-धाराा (१) मेंं, “वह” शब्द केे पश्चात्, “ डिि’जीटली रूप

से करेेगा” शब्द नि�वि�ष्ट कि�ए जायेंगेे।

४.  मूल अधिि˜नि�यम

की धाराा ६७ मेंं “प्रती” शब्द केे पश्चात् “ ऑफलाईन या ऑनलााईन” शब्द

नि�वि�ष्ट कि�ए जायेंगेे।

सन् १९३२ का

९ की धाराा ५८ मेंं

संशोधन।

सन् १९३२

का ९।

सन् १९३२ का

९ की धाराा ५९ मेंं

संशोधन।

सन् १९३२ का

९ की धाराा ६७ मेंं

संशोधन।

महाराष्ट्रõ शासन रा

असाधारण भाग सात, मार्च ११, २०२६/फाल्गुन २०, शके १९

3

उद्‌‌देेश्यों और काारणों काा वक्तव्य

भाारतीीय भाागीदारी अधिि˜नि�यम

, १९३२ (सन १९३२ का ९) की धाराा ५८, वि�हि�त प्ररूप मेंं फर्मम केे

रजि�स्ट्रीकरण करनेे की प्रक्रि�याा, फर्मम केे रजि�स्ट्रार केे वि�वरणी

ी का पुुस्तकीकरण करनेे की प्रक्रि�याा केे लिि£ए

उपबंंध करताा है। तथाापि�, वि�द्यमान उपबंंध फर्मम को भाागीदारी केे रजि�स्ट्रीकरण की ऑनलााईन प्रक्रि�याा केे लिि£ए

उपबंंध नहींं करताा है।

२.  काारोबार चलाने मेंं सुकरताा लाने की दृष्टि�� से भाागीदारी फर्मम का, जि�समेंं फीस की अदायगीी सभी

भाागीदारों का डिि’जीटल रूप से हस्ताक्षरि�त वि�वर

ण, सभी दस्तावेेजों की ऑनलााईन प्रस्तुतीकरण समेेत

ऑनलााईन रजि�स्ट्रीकरण करनेे केे लिि£ए उपबंंध करनेे केे लिि£ए प्रस्तावि�त कि�याा गयाा है। यह भाागीदारी फर्मम का

रजि�स्ट्रीकरण करतेे समय प्रशासकीय कुशलता, पारदर्शि§िता और शीघ्र संसूचना सुधारणेे मेंं मदद करेेगा।

३.  इसलिि£ए, सरकाार, महाारााष्ट्र रााज्य मेंं उसकी प्रयुक्तिòि मेंं भाारतीीय भाागीदारी अधिि˜नि�यम

, १९३२ की

धाराा ५८, ५९ और ६७ मेंं यथोोचि�त संशोधन करनाा इष्टकर समझती है।

४.  प्रस्तुत वि�धेेयक का आशय उपर्यु�क्त उद्देेश्यों को प्राप्त करनाा है।

मुंं�बई,

देवेंद्र फडणवीस,

दि�नांं�कि�त ९ मार्चच, २०२६।म

ुुख्यमंंत्री ।

(यथाार्थथ अनुवाद),

श्रीी. अरूण कमळााबाई वाळू गि�तेे,

प्रभाारी भााषाा संचालक,

म

हाारााष्ट्र रााज्य।

वि¦धाान भवन,ज

ि�तेंद्र भोळे,

मुंं�बई,

सचि�व

-१,

दि�नांं�कि�त ११ मार्चच, २०२६।म

हाारााष्ट्र वि�धाानसभाा।

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