L. A. BILL No. XX OF 2026.

A BILL

TO PROVIDE FOR PROTECTION OF RIGHT TO FREEDOM OF

RELIGION AND PROHIBITION OF UNLAWFUL CONVERSION FROM

ONE RELIGION TO ANOTHER RELIGION AND FOR THE MATTERS

CONNECTED THEREWITH OR INCIDENTAL THERETO.

िवधानसभा का िवधेयक ĸमांक २० सĨ २०२६।

धमɑ की ĒवतंŇता कɁ अिधकार कɁ संरȦण और एक धमɑ से अąय धमɑ मɞ अिविधपूणɑ धमाɕतरण

का Ōितषेध करने तथा उससे संबंिधत या उसकɁ आनुषंिगक मामलɻ कɁ िलए उपबंध करने

संबंिध िवधेयक ।

òयɻिक धमɑ की ĒवतंŇता कɁ संरȦण और एक धमɑ से अąय धमɑ मɞ अिविधपूणɑ धमाɕतरण का Ōितषेध

करने तथा उससे संबंिधत या उसकɁ आनुषंिगक मामलɻ कɁ िलए उपबंध करने कɁ िलए, एक िविध अिधिनयिमत

करना इđटकर है; अत:, भारत गणराùय कɁ सतहƫरवे वषɑ मɞ, एतĦ Ǒारा, िनĊन अिधिनयम अिधिनयिमत िकया

जाता है:—

(१)

भाग सात-१७–१

RNI No. MAHBIL /2009/31730

महाराđł� शासन राजपŇ

असाधारण भाग सात

वषɑ १२, अंक ११]

शुĸवार, माचɑ १३, २०२६/फाčगुन २२, शकɁ १९४७

[पृđठɂ १२, िकȽमत : ȟपये ४७.००

असाधारण ĸमांक १७

Ōािधकȵत Ōकाशन

अĄयादेश, िवधेयकɁ व अिधिनयम यांचा िहंदी अनुवाद (देवनागरी िलपी).

महाराđł िवधानमंडळ सिचवालय

महाराđł िवधानसभा मɞ िदनांक १३ माचɑ, २०२६ ई. को. पुर:Ēथािपत िनĊन िवधेयक

महाराđł िवधानसभा िनयम ११७ कɁ अधीन Ōकािशत िकया जाता है :-

2

महाराđł� शासन राजपŇ असाधारण भाग सात, माचɑ १३, २०२६/फाčगुन २२, शकɁ १९४७

अĄयाय - एक

ŌारȬĊभक

१. (१) यह अिधिनयम महाराđł धमɑ की ĒवतंŇता अिधिनयम, २०२६ कहलाए।

(२) यह ऐसे िदनांक से Ōवृƫ होगा िजसे राùय सरकार, राजपŇ मɞ अिधसूचना Ǒारा िनयत करे।

२. (१) इस अिधिनयम मɞ, जब तक िक संदभɑ से अąयथा अपेिȦत न हो,—

(क) “Ōलोभन” का ताāपयɑ, िकसी Ōकार कɁ Ōलोभन की पेशकश से है, जो िनĊन Ƞप मɞ हो ,—

(एक) कोई भी उपहार, पȫरतोषण, आसान धन या भौितक लाभ, नक़द या वĒतु कɁ

Ƞप मɞ हो ; या

(दो) रोजगार; या

(तीन) िकसी धािमɑक िनकाय या संĒथा Ǒारा चलाए जानेवाले िवǐालय या महािवǐालय

मɞ िन:शुčक िशȦा; या

(चार) शादी करने का वचन देना; या

(पाँच) बेहतर जीवन शैली, ईĐवरीय उपचार; या

(छह) िकसी धमɑ की Ōथाʠ, अनुđठानɻ और समारोहɻ या िकसी अिभąन अंग को

दुसरे धमɑ कɁ Ōित हािनकारक रीित से ŌĒतुत करना; या

(सात) एक धमɑ का दुसरे धमɑ कɁ िवȟnj मिहमा मंडन करना;

(ख) “बलपूवɑकता” का ताāपयɑ, िकसी ďयȬòत, पȫरवार या, समूह को उनकी इ÷छा

कɁ िवȟnj कायɑ करने कɁ िलए मजबूर करना। इसमɞ मनोवैȧािनक दबाव या शारीȫरक बल का

उपयोग शािमल है, िजससे शारीȫरक चोट पहुँचती हो या उसकी धमकी दी गई हो। इसमɞ ईĐवरीय

नाराजगी का डर िदखाना, सामािजक बिहđकार या संबंिधत ďयȬòतयɻ कɁ जीवन, अंग और

सĊपिƫ कɁ संबंध मɞ गंभीर पȫरणामɻ की धमकी देना भी, शामील है;

(ग) “सȦम Ōािधकारी” का ताāपयɑ, िजला मिजĒłɂट या सरकार Ǒारा अिधकȵत कोई

भी अिधकारी;

(घ) “धमाɕतरण” का ताāपयɑ अपने Ēवयं कɁ धमɑ का āयाग करना और दुसरे धमɑ को

अपनाना;

(ङ) “छल” का ताāपयɑ, बेईमानीपूणɑ आचरण Ǒारा, िकसी को ऐसी बात पर िवĐवास

िदलाने की कोिशश करना जो सāय नहȮ है;

(च) “बल” िजसमɞ अपरािधक बल का उपयोग या पȫरवितɑत होनेवाले ďयȬòत को या

िकसी अąय ďयȬòत या सĊपिƫ को जो पȫरवितɑत होना चाहता है िकसी Ōकार का बल Ōदशɑन

या चोट पहुँचाने की धमकी शािमल है;

(छ) “कपटपूणɑ” का ताāपयɑ गलत नाम, िमĂया उपनाम, धािमɑक Ōितक, धोखाधड़ी

की युȬòत या अąयथा ďयȬòतगत Ƞप से या िमलीभगत से कायɑ करकɁ िकसी भी Ōकार कɁ

कपटपूणɑ आचरण करना, से है;

(ज) “संĒथा” िजसमɞ सभी कानूनी ईकाई (चाहे रिजĒłीकȵत हो या अरिजĒłीकȵत)

शैȦिणक संĒथाएं, धािमɑक, सामािजक या पूतɑ संघटनɻ, अनाथालय, वृnjाŖम, अĒपतालɻ,

ďयȬòतयɻ कɁ सहयोजन, गैर-सरकारी संघटनɻ और ऐसे अąय संगठन शािमल है;

संिȦĆत नाम और

Ōारंभण।

पȫरभाषाएं।

महाराđł� शासन राजपŇ असाधारण भाग सात, माचɑ १३, २०२६/फाčगुन २२, शकɁ १९४७

3

(झ) “समूह धमाɕतरण” का ताāपयɑ, एक समय पर दो या अिधक ďयȬòतयɻ कɁ एक धमɑ से अąय

धमɑ मɞ धमाɕतरण करने, से है;

(ञ) “नाबािलक” का ताāपयɑ, अठारह वषɑ से कम आयु कɁ ďयȬòत से है ;

(ट) “िविहत” का ताāपयɑ, इस अिधिनयम कɁ अधीन सरकार Ǒारा बनाए गए िनयमɻ Ǒारा िविहत से है ;

(ठ) “ धमɑ” िजसमɞ भारत या उसकɁ िकसी भाग मɞ Ōचिलत कोईभी संगिठत पूजा Ōणाली, पूजा

पnjित, आĒथा, िवĐवास, उपासना या िजवनशैली शािमल है, और जो तāसमय Ōवृत िकसी िविध या

रीती-ȫरवाज कɁ अधीन पाȫरभािषत हो ;

(ड) “ धमɑ पȫरवतɑनकताɑ ” का ताĆतयɑ िकसी भी धमɑ कɁ िकसी भी ďयȬòत या संĒथा से है जो एक

धमɑ से दुसरे धमɑ मɞ धमाɕतरण का कोई कायɑ करता है ;

(ढ) “ अनुिचत Ōभाव ” िजसमɞ ďयȬòतयɻ कɁ बीच ऐसे संबंध शािमल हɡ िजनमɞ धमɑ पȫरवतɑन करने

वाला ďयȬòत दूसरे की इ÷छा पर हावी होने की ȬĒथित मɞ होता है और उस ȬĒथित का उपयोग दूसरे ďयȬòत

का एक धमɑ से अąय धमɑ मɞ पȫरवतɑन करने कɁ िलए करता है ;

(ण) “ गैरकानूनी धमाɕतरण ” का ताāपयɑ, िकसी ďयȬòत को एक धमɑ से दूसरे धमɑ मɞ Ōलोभन, दबाव,

छल, बल , कपट गलत ढȾग से ŌĒतुत करने, धमकी, अनुिचत Ōभाव या कोई धोकाधडी कɁ साधनɻ या िशȦा

कɁ माĄयम Ǒारा जबरदĒती मत पȫरवतɑन Ǒारा या िकąही अąय ऐसे साधनɻ Ǒारा िकया गया धमाɕतरण, से है।

अĄयाय दो

अिविधपूणɑ धमɑ पȫरवतɑन का Ōितषेध

३. (१) कोई भी ďयȬòत, ďयȬòतगत Ƞप से या िकसी अąय ďयȬòत या संĒथा कɁ साथ, िमलीभगत

करकɁ, ŌāयȦ या अŌāयȦ Ƞप से, िकसी अąय ďयȬòत को एक धमɑ से दूसरे धमɑ मɞ धमाɕतरण करने का

Ōयास नहȮ करेगा, न ही इसमɞ सहायता करेगा, न ही उकसाएगा, न ही िमलीभगत करेगा या षडयंŇ रचेगा,—

(एक) Ōलोभन,

(दो) जबरदĒती,

(तीन) छल,

(चार) बल,

(पाँच) गलत बयानी,

(छह) धमकी,

(सात) अनुिचत Ōभाव, या

(आठ) िकसी भी कपटपूणɑ साधन; या

(ख) उपयुɑòत खĀड (क) मɞ उȬčलिखत कɁ कारण िववाह कɁ Ēवȟप कɁ संबंध का संपąन होना या

िववाह कɁ वचन Ǒारा िववाह का संपąन होना ।

(२) उप-धारा (१) कɁ उपबंधɻ कɁ उčलंघन मɞ िकया गया कोई भी धमाɕतरण इस अिधिनयम कɁ

अधीन दंडनीय अपराध होगा ।

(३) उप-धारा (१) कɁ उपबंधɻ कɁ उčलघंन मɞ िकया गया कोई भी धमɑपȫरवतɑन अमाąय होगा ।

अिविधपूणɑ

धमɑपȫरवतɑन का

Ōितषेध।

4

महाराđł� शासन राजपŇ असाधारण भाग सात, माचɑ १३, २०२६/फाčगुन २२, शकɁ १९४७

४. अिविधपूणɑ धमाɕतरण कɁ एकमाŇ Ōयोजन से संपąन कोई भी िववाह, िववाह कɁ िकसी भी पȦ

Ǒारा दूसरे पȦ कɁ िवȟnj ŌĒतुत यािचका पर ąयायालय Ǒारा अमाąय घोिषत िकया जाएगा ।

५. (१) अिविधपूणɑ धमाɕतर कɁ कारण िकए गए िववाह या िववाह कɁ ĒवȠप संबंध से जąमे िकसी

ब÷चे का,—

(क) िववाह कɁ ĒवȠप मɞ ऐसे िववाह या संबंध कɁ पूवɑ माता कɁ धमɑ का माना जाएगा,

(ख) माता-िपता की संपिƫ मɞ माता-िपता पर लागू Ōचिलत उƫरािधकार कानूनɻ कɁ अनुसार

उƫरािधकार अिधकार ŌाĆत करना ; और

(ग) भारतीय नागȫरक सुरȦा संिहता, २०२३ की धारा १४४ कɁ उपबंधɻ कɁ अनुसार भरण-पोषण

कɁ िलए हकदार होगा ।

(२) ब÷चे की अिभरȦा, ब÷चे की माँ कɁ पास रहेगी, जब तक िक ąयायालय अąयथा िनणɑय न दे।

अĄयाय तीन

िविधसĊमत धमाɕतरण की Ōिĸया

६. (१) कोई भी ďयȬòत, जो एक धमɑ से दूसरे धमɑ मɞ पȫरवतȯत होना चाहता है, और कोई भी ďयȬòत

या संĒथा जो धमाɕतरण समारोह आयोिजत करना चाहती है, जहाँ ऐसा धमɑ पȫरवतɑन आयोिजत िकया जाना

ŌĒतािवत है, कɁ सȦम Ōािधकारी को उसे ŌĒतािवत धमाɕतरण से साठ िदन पहले, ऐसे ŌȠप मɞ ऐसी रीāया,

सूचना देनी होगी, जैसा िक िवहीत िकया जाए ।

(२) सȦम Ōािधकारी उप-धारा (१) कɁ अधीन नोटीस ŌाĆत होने कɁ बाद, सȦम Ōािधकारी कɁ

कायाɑलय कɁ नोिटस बोडɓ पर तथा ĺाम पंचायत कɁ कायाɑलय मɞ या उस Ēथानीय Ōािधकारी कɁ कायाɑलय

मɞ जहाँ ďयȬòत या ďयȬòतयɻ का िनवास है, धमाɕतरण कɁ संबंध मɞ नोिटस जारी करने की अविध कɁ तीस

िदनɻ कɁ भीतर आȦेप दजɑ करने कɁ िलए अिधसूिचत करेगा ।

(३) यिद कोई आȦेप ŌाĆत होता है या अąयथा, सȦम Ōािधकारी, आशय, Ōयोजन या कारण को

Ąयान मɞ रखते हुए, पुिलस कɁ ज़ȫरए जाँच कर सकɁगा।

(४) यािद सȦम Ōािधकारी उòत जांच कɁ आधार पर इस िनđकषɑ पर पहुँचता है िक धमाɕतरण

अिधिनयम कɁ उपबंधɻ कɁ उčलंघन मɞ है, तो वह संबंिधत पुिलस अिधकाȫरयɻ को अिधिनयम कɁ उपबंधɻ

कɁ उčलंघन कɁ िलए आपरािधक कायɑवाही शुȠ करने का िनदɨश देगा ।

(५) यिद सȦम Ōािधकारी संतुđठ है िक पȫरवतɑन इस अिधिनयम कɁ उपबंधɻ कɁ िवपरीत या ďयȬòत

की ĒवतंŇ इ÷छा कɁ िवȟnj नहȮ है, तो वह ऐसे धमɑ पȫरवतɑन की अनुमित देगा ।

७. (१) धमɑ पȫरवतȯत ďयȬòत और वह ďयȬòत या संĒथा िजसने धमɑ पȫरवतɑन का आयोजन िकया

है, कɁ िदनांक से इòकीस िदनɻ कɁ भीतर सȦम Ōािधकारी को ऐसे ŌȠप और ऐसी रीāया जैसा िक िवहीत

िकया जाए घोषणा, ŌĒतुत करɞगे ।

(२) घोषणा मɞ आवĐयक िववरण शािमल हɻगे, अथाɑĤ धमाɕतȫरत ďयȬòत की िवशेषताएँ जैसे िक नाम,

आयु, Ēथायी पता, वतɑमान िनवास Ēथान, माता का नाम, िपता का नाम, पित/पāनी का नाम, वह धमɑ िजससे धमाɕतȫरत

ब÷चे कɁ

अिधकार ।

सĨ २०२३ का

४६ ।

धमाɕतरण कɁ

आशय की

घोषणा।

धमɑ पȫरवतɑन

पĐचाĤ

घोषणा ।

अिविधपूणɑ

धमɑपȫरवतɑन कɁ

एकमाŇ Ōयोजन से

िकया गया िववाह

अमाąय होगा ।

महाराđł� शासन राजपŇ असाधारण भाग सात, माचɑ १३, २०२६/फाčगुन २२, शकɁ १९४७

5

ďयȬòत मूल Ƞप से संबंिधत था और वह धमɑ िजसमɞ उसने धमाɕतरण िकया है, धमाɕतरण का िदनांक और

Ēथान, धमाɕतरण कɁ िलए अपनाई गई Ōिĸया का ĒवȠप आिद ।

(३) सȦम Ōािधकारी, ऐसे ďयȬòत या संĒथा Ǒारा की गई घोषणा कɁ तĂय को ȫरकाॅडɓ करेगा ।

(४) यिद ďयȬòत या संĒथा उप-धारा (१) मɞ िविनिदɑđट ऐसे धमाɕतरण की घोषणा ŌĒतुत करने मɞ

िवफल रहता है, तो ऐसा धमɑ पȫरवतɑन अमाąय होगा ।

अĄयाय चार

अपराध और शाȬĒत

८. (१) धमाɕतȫरत ďयȬòत, ऐसे ďयȬòत कɁ माता-िपता, भाई, बहन या कोई अąय ďयȬòत जो

िनकटसंबंधी, िववाह या दƫक ĺहण Ǒारा ऐसे ďयȬòत से संबंिधत हो, पुिलस को अिविधपूणɑ धमाɕतरण की

Ōथम सूचना ȫरपोटɓ दजɑ करा सकता है।

(२) पुिलस Ēटɂशन कɁ Ōभारी पुिलस अिधकारी कɁ िलए उप-धारा (१) मɞ िनिदɑđट िकसी ďयȬòत

Ǒारा की गई िशकायत को दजɑ करना अिनवायɑ होगा।

(३) यिद पुिलस अिधकारी संतुđट है िक, धमाɕतरण अिधिनयम कɁ उपबंधɻ कɁ उčलंघन मɞ िकया

गया है या िकया जा रहा है, तो वह ऐसे उčलंघन का ĒवŌेरणा से संȧान लेगा।

९. (१) जो कोई, धारा ३ कɁ उपबंधɻ का उčलंघन करेगा, उसे सात वषɑ कɁ कारावास से दंिडत

िकया जाएगा और एक लाख ȟपयɻ कɁ जुमाɑने कɁ िलए भी दायी होगा।

(२) जो कोई भी, नाबािलग या मानिसक Ƞप से अĒवĒथ ďयȬòत या मिहला या अनुसूिचत जाित

या अनुसूिचत जनजाित कɁ ďयȬòत कɁ संबंध मɞ धारा ३ कɁ उपबंधɻ का उčलंघन करता है, उसे सात वषɑ कɁ

कारावास से दंिडत िकया जाएगा और पाँच लाख ȟपये कɁ जुमाɑने कɁ िलए भी दायी होगा।

(३) जो कोई भी, सामूिहक धमाɑतरण कɁ संबंध मɞ धारा ३ कɁ उपबंधɻ का उčलंघन करेगा, उसे सात

वषɑ कɁ कारावास से दंिडत िकया जाएगा और पाँच लाख ȟपये कɁ जुमाɑने कɁ िलए भी दायी होगा।

(४) जो कोई, इस अिधिनयम कɁ अधीन िकसी अपराध कɁ िलए पहले ही दोषी ठहराया जा चुका

हो और िफर से कोई अपराध करता हो, इस अिधिनयम कɁ अधीन दंडनीय िकसी भी ďयȬòत या संĒथा को

सात वषɑ कɁ कारावास से दȬĀडत िकया जाएगा और सात लाख ȟपये कɁ जुमाɑने कɁ िलए भी दायी होगा।

१०. (१) यिद कोई संĒथा या संगठन इस अिधिनयम कɁ उपबंधɻ का उčलंघन करता है तो ऐसा

करने कɁ िलए Ōािधकारी Ǒारा तāसमय Ōवृƫ िकसी िविध कɁ अधीन ऐसे संगठन या संĒथा का रिजĒłीकरण

रNj िकया जा सकɁगा और संगठनɻ या, यथाȬĒथित, संĒथाʠ कɁ कामकाज का Ōभारी ďयȬòत या ďयȬòतयɻ

को सात वषɑ कɁ कारावास से दȬĀडत िकया जाएगा और पाँच लाख ȟपये का जुमाɑने कɁ िलए भी दायी हɻगे।

(२) राùय सरकार इस अिधिनयम कɁ उपबंधɻ का उčलंघन करने वाला ऐसा संगठन या संĒथा को

कोई िवƫीय सहायता या अनुदान Ōदान नहȮ करेगी।

११. यिद इस अिधिनयम कɁ अधीन कोई अपराध िकया जाता है, तो िनĊनिलिखत मɞ से Ōāयेक को

अपराध करने मɞ भागीदार माना जाएगा और वह अपराध का दोषी समझा जायेगा तथा उस पर इस Ōकार

आरोप लगाया जाएगा मानɻ उसने वाĒतव मɞ उòत अपराध िकया हो, अथाɑĤ ,—

(एक) Ōāयेक ďयȬòत जो वाĒतव मɞ अपराध गिठत करने वाला कायɑ करता है ;

(दो) Ōāयेक ďयȬòत जो िकसी अąय ďयȬòत को अपराध करने मɞ सȦम बनाने या सहायता करने कɁ

उNjेĐय से कोई कायɑ करता है या करने मɞ चूक करता है ;

िशकायत दजɑ

करने कɁ िलए

सȦम ďयȬòत।

अपराध और

शाȬĒत ।

संĒथा कɁ िलए

दĀड।

अपराध करने वाले

पȦ

भाग सात-१७–२

6

महाराđł� शासन राजपŇ असाधारण भाग सात, माचɑ १३, २०२६/फाčगुन २२, शकɁ १९४७

(तीन) Ōāयेक ďयȬòत जो िकसी अąय ďयȬòत को अपराध करने मɞ सहायता करता है या उकसाता है ;

(चार) कोई ďयȬòत जो िकसी अąय ďयȬòत को करने कɁ िलए सलाह देता है, समझा देता है या

दलाली करता है ।

१२. कोई भी ďयȬòत जो इस अिधिनयम कɁ उपबंधɻ कɁ उčलंघन मɞ िकये गए धमɑ पȫरवतɑन से

संबंिधत िकसी भी दĒतावेज पर हĒताȦर करता है, उसका समथɑन करता है या उसे Ōमािणत करता है, उसे

उकसाने और सहायता करने का दोषी माना जाएगा और वह इस अिधिनयम कɁ उपबंधɻ कɁ अधीन दंिडत

होने कɁ िलए दायी होगा।

१३. यह सािबत करने का भार िक, òया कोई धािमɑक धमाɕतरण इस अिधिनयम कɁ उपबंधɻ कɁ

उčलंघन मɞ नहȮ िकया गया था, उस ďयȬòत पर है, िजसने ऐसा धमाɕतरण कराया या मɞ सहायक है और

उस सहायक िजसने ऐसे धमाɕतरण मɞ सहायता की।

१४. इस अिधिनयम कɁ अधीन दंडनीय िकसी भी अपराध की जांच पुिलस उप-िनरीȦक से अिनĊन

Ŗेणी कɁ अिधकारी Ǒारा की जाएगी।

१५. (१) भारतीय नागȫरक सुरȦा संिहता, २०२३ मɞ अंतिवɑđट िकसी बात कɁ होते हुए भी, इस

अिधिनयम कɁ अधीन िकया गया Ōāयेक अपराध संȧेय और गैर-जमानती होगा।

(२) इस अिधिनयम कɁ अधीन सभी अपराध सŇ ąयायालय मɞ िवचारणीय हɻगे।

अĄयाय पाँच

िविवध

१६. (१) इस अिधिनयम कɁ उपबंधɻ कɁ उčलंघन मɞ िकए गए धमाɕतरण कɁ पीिड़त भरण-पोषण

और ब÷चɻ की अिभरȦा कɁ िलये हकदार हɻगे।

(२) राùय सरकार अिविधपूणɑ पȫरवतɑन कɁ पीिडतɻ को जैसा िक िविहत िकया जाए, ऐसे

पूनवाɑस सहायता का उपबंध करेगी।

१७. (१) इस अिधिनयम कɁ उपबंधɻ को Ōभावी बनाने मɞ यिद कोई किठनाई उ Ħ भूत होती है, तो

राùय सरकार, जैसा अवसर उăभूत, हो राजपŇ मɞ Ōकािशत आदेश Ǒारा, इस अिधिनयम कɁ उपबंधɻ से

असंगत न होनेवाले ऐसे िनदेश दे सकɁगी जो उसे किठनाई का िनराकरण करने कɁ िलए आवĐयक या

इđटकर Ōतीत होः

परंतु, इस अिधिनयम कɁ ŌारĊभण कɁ िदनांक से दो वषɑ की अविध, अविसत होने कɁ पĐचाĤ ऐसा

कोई आदेश नहȮ बनाया जाएगा।

(२) उप-धारा (१) कɁ अधीन बनाया गया Ōāयेक आदेश उसे बनाए जाने कɁ पĐचाĤ, यथा संभव

शीĻ, राùय िवधानमंडल कɁ Ōāयेक सदन कɁ समȦ रखा जाएगा ।

१८. (१) राùय सरकार इस अिधिनयम कɁ Ōयोजनɻ को कायाɑȬąवत करने कɁ िलए राजपŇ मɞ

Ōकािशत अिधसूचना Ǒारा िनयम बना सकɁगी।

(२) इस अिधिनयम कɁ अधीन बनाया गया Ōāयेक िनयम, उसकɁ बनाए जाने कɁ पĐचाĤ यथा संभव

शीĻ, राùय िवधानमंडल कɁ Ōāयेक सदन कɁ समȦ, जब यह सŇ मɞ हो, कȱल तीस िदनɻ की अविध कɁ िलए

रखा जाएगा, जो एक सŇ या दो या दो से अिधक लगातार सŇɻ मɞ शािमल हो सकती है, और यिद उपयुɑòत सŇ

अिविधपूणɑ धमाɕतरण

दĒतावेजɻ का

समथɑन करने वाला

ďयȬòत।

सबूत का भार।

जाँच करने

की शȬòत।

अपराध संȧेय गैर

जमानती हɻगे।

अिविधपूणɑ

पȫरवतɑन कɁ

पीिडतɻ का

संरȦण।

किठनाईयɻ का

िनराकरण।

िनयम बनाने

की शȬòत

सĨ २०२३

का ४६ ।

महाराđł� शासन राजपŇ असाधारण भाग सात, माचɑ १३, २०२६/फाčगुन २२, शकɁ १९४७

7

या लगातार सŇɻ कɁ तāपĐचाĤ वाले सŇ की समाȬĆत से पहले, दोनɻ सदन िनयम मɞ कोई संशोधन करने

पर सहमत हɻ या दोनɻ सदन इस बात पर सहमत हɻ िक, िनयम नहȮ बनाया जाना चािहए, तो िनयम इसकɁ

बाद कɁवल ऐसे संशोिधत Ƞप मɞ Ōभावी होगा या, यथाȬĒथित, िनđŌभावी होगा, तथािप इसŌकार, ऐसा

कोई भी उपांतरण या बाितिलकरण उस िनयम कɁ अधीन पहले िकए गए िकसी भी कायɑ की वैधता पर

Ōितकȳल Ōभाव नहȮ डालेगा ।

भाग सात-१७–२अ

8

महाराđł� शासन राजपŇ असाधारण भाग सात, माचɑ १३, २०२६/फाčगुन २२, शकɁ १९४७

उNjेĐयɻ और कारणɻ का वòतďय

भारत कɁ संिवधान कɁ अधीन ŌाĆत धमɑ की ĒवतंŇता का अिधकार पूणɑ नहȮ है, बȬčक यह सावɑजिनक

ďयवĒथा, नैितकता और ĒवाĒथ तथा संिवधान कɁ भाग तीन मɞ नागȫरकɻ कɁ मौिलक अिधकारɻ से संबंिधत

अąय उपबंधɻ कɁ अधीन है। भारत कɁ उ÷चतम ąयायालय ने कई मामलɻ मɞ यह Ēपđट िकया है िक, धमɑ की

ĒवतंŇता उिचत Ōितबंधɻ कɁ अĄयधीन है और संिवधान कɁ अनु÷छɂद २५ कɁ अधीन Ōचार का अिधकार

िकसी अąय ďयȬòत को जबरन धमाɕतȫरत करने का अिधकार सȬĊमिलत नहȮ है।

२. जबरन, अनैȬ÷छक या नागȫरकɻ की ĒवतंŇ सहमित को Ōभािवत करने Ǒारा िकए जा रहे धमाɕतरण

कɁ मामले बढ़ रहे है और िविभąन संĒथाʠ Ǒारा संघिठत रीāया, िकए जा रहे हɡ। सामूिहक धमɑ पȫरवतɑन

कɁ कई मामले सामने आए हɡ, िजनमɞ भोले-भोले लोगɻ को उपहार, ȫरĐवत, आसानी से िमलने वाला

पैसा या नक़द या वĒतु कɁ Ƞप मɞ भौितक लाभ, रोजगार, िकसी धािमɑक संĒथा Ǒारा संचिलत िवǐालय या

महािवǐालय मɞ िनशुčक िशȦा, िववाह का वचन, बेहतर जीवन शैली, ईĐवरीय Ōसąनता या अąय िकसी

Ōकार का Ōलोभन देकर जबरन एक धमɑ से दुसरे धमɑ मɞ पȫरवितɑत िकया गया है। यह मामले राùय मɞ

सावɑजिनक ďयवĒथा को भंग कर रहे हɡ और समाज कɁ सामंजĒय को Ōभािवत कर रहे हɡ।

समाज मɞ सामािजक और आिथɑक Ƞप से कमजोर होने कɁ कारण ďयȬòत या पȫरवार अिविधपूणɑ

धमाɕतरण कɁ िशकार हो सकते हɡ। समाज कɁ ऐसे कमजोर वगʃ को राùय से संरȦण की आवĐयकता हɡ।

िवǐमान िविध ऐसे धािमɑक धमाɕतरण से उāपąन होने वाले िविभąन मुNjɻ से िनपटने कɁ िलए पयाɑĆत नहȮ हɡ।

३. महाराđł राùय मɞ ऐसे धमɑ पȫरवतɑन को िविनयिमत करने कɁ िलए कोई िविध नहȮ है। एक धमɑ से

दुसरे धमɑ मɞ ऐसे जबरन और गैरकानूनी Ƞप से धमɑ पȫरवतɑन को Ōितषेिधत करने कɁ िलए िविभąन राùयɻ

जैसे उड़ीसा, मĄय Ōदेश, उƫर Ōदेश, गुजरात, अȟणाचल Ōदेश, िहमाचल Ōदेश, कनाɑटक,उƫराखंड,

तािमलनाडȲ आिद ने पहले ही धमɑ की ĒवतंŇता अिधिनयम अिधिनयिमत िकया हɡ।

महाराđł सरकार ने धािमɑक धमाɕतरण से संबंिधत कानुनी मुNjɻ का अĄययन करने कɁ िलए, पुिलस

महािनदेशक और सरकार कɁ संबंिधत िवभागɻ कɁ अिधकाȫरयɻ की एक िवशेष सिमित का गठन िकया है।

उòत सिमित ने अąय राùयɻ कɁ िविभąन समान िविधयɻ पर उिचत िवचार-िवमशɑ और िचंतन कɁ पĐचाĤ,

महाराđł राùय कɁ िलए 'महाराđł धमɑ की ĒवतंŇता अिधिनयम' लागू करने की िसफाȫरश की है।

इसिलए, महाराđł सरकार, धमɑ की ĒवतंŇता कɁ अिधकार की रȦा करने और अिविधपूणɑ धमɑ

पȫरवतɑन को Ōितबंिधत करने कɁ िलए, एक कानून बनाना इđटकर समझती है।

४. ŌĒतािवत िविध की मुóय िवशेषताएँ यथा िनĊन है :—

(क) Ōलोभण, गलत बयाणी, बल, अनुिचत Ōभाव, जबरदĒती या िकसी अąय धोखाधडी कɁ माĄयम

आिद से िकए गए धमɑ पȫरवतɑन को Ōितबंिधत करना;

(ख) धमɑ पȫरवतɑन की Ōिĸया कɁ िलए उपबंध करना िजसमɞ सȦम Ōािधकारी को पूवɑ सूचना देकर

धमɑ पȫरवतɑन कɁ आशय की घोषणा सȬĊमिलत है ;

(ग) धमाɕतȫरत ďयȬòत और धमɑ पȫरवतɑन का आयोजन करनेवाला ďयȬòत और संĒथान Ǒारा सȦम

Ōािधकाझरी को धमɑ पȫरवतɑन कɁ पĐचाĤ की घोषणा कɁ िलए उपबंध करना ;

(घ) ŌĒतािवत िविध कɁ उपबंधɻ कɁ उčलंघन कɁ िलए अपराधɻ और शाȬĒतयɻ का उपबंध करना ;

(ड़) पुिलस उप-िनरीȦक से अिनĊन Ŗेणी कɁ अिधकारी Ǒारा अिविधपूणɑ धमɑ पȫरवतɑन की जाँच

करने कɁ िलए, उपबंध करना ;

महाराđł� शासन राजपŇ असाधारण भाग सात, माचɑ १३, २०२६/फाčगुन २२, शकɁ १९४७

9

(च) यह उपबंध करना िक, िविध कɁ अधीन वह अपराध संȧेय और गैर-जमानतीय हɻगे ;

(छ) अिविधपूणɑ धमɑ पȫरवतɑन कɁ पीिडतɻ का भरण पोषण करने तथा ब÷चɻ की अिभरȦा कɁ िलए

राùय सरकार Ǒारा पूनवाɑस सहायता कɁ िलए उपबंध करना।

५. ŌĒतुत िवधेयक का आशय उपयुɑòत उNjेĐयɻ को ŌाĆत करना है।

मुंबई,

देवɞʼn फडणवीस,

िदनांिकत १२ माचɑ, २०२६।

मुóयमंŇी।

10

महाराđł� शासन राजपŇ असाधारण भाग सात, माचɑ १३, २०२६/फाčगुन २२, शकɁ १९४७

Ōāयायोिजत िवधान संबंिध ȧापन

ŌĒतुत िवधेयक मɞ िवधायी शȬòत कɁ Ōāयायोजन कɁ िलए िनĊनिलिखत ŌĒताव अंतĺɑĒत है, अथाɑĤ:—

खĀड १. (२) इस खĀड कɁ अधीन, राùय सरकार को राजपŇ मɞ अिधसूचना Ǒारा वह िदनांक

िजसपर अिधिनयम Ōवतɑन मɞ आएगा, िनयत करने की शȬòत दी गई है।

खĀड ६. (१) इस खĀड कɁ अधीन, सȦम Ōािधकारी को धमɑपȫरवतɑन कɁ पूवɑ दी जानेवाली नोटीस

का Ōȟप और रीित िनयमɻ Ǒारा िविहत करने की शȬòत राùय सरकार को दी गई है।

खĀड ७. (१) इस खĀड कɁ अधीन, धमɑपȫरवतɑन कɁ पĐचाĤ सȦम Ōािधकारी को घोषणापŇ ŌĒतुत

करने का Ōȟप और रीित िनयमɻ Ǒारा िविहत करने की शȬòत राùय सरकार को दी गई है।

खĀड १६. (२) इस खĀड कɁ अधीन, अिविधपूणɑ धमɑपȫरवतɑन कɁ पीिडतɻ कɁ िलए पुनवाɑस सहायता

को िनयमɻ Ǒारा िविहत करने की शȬòत राùय सरकार को दी गई है।

खĀड १७. (१) इस खĀड कɁ अधीन, राùय सरकार को, िकसी किठणाई जो इस अिधिनयम कɁ

उपबंधो को Ōभावी करने मɞ उăभूत हो सकɁ, का िनराकरण करने कɁ िलए राजपŇ मɞ आदेश जारी करने

की शȬòत दी जाती है।

खĀड १८. (१) इस खĀड कɁ अधीन, राजपŇ मɞ अिधसूचना जारी करने Ǒारा इस अिधिनयम कɁ

Ōयोजनɻ को कायाɑȬąवत करने िलए िनयम बनाने की शȬòत राùय सरकार को दी गई है।

२. िवधायी शȬòत कɁ Ōāयायोजन कɁ िलए उपरोȬčलिखत ŌĒताव सामाąय Ēवȟप कɁ है।

महाराđł� शासन राजपŇ असाधारण भाग सात, माचɑ १३, २०२६/फाčगुन २२, शकɁ १९४७

11

िवƫीय ȧापन

ŌĒतुत िवधेयक का खĀड १६ का उप-खĀड (२) गैर-िविधपूणɑ धमɑ पȫरवतɑन कɁ पीिड़तɻ को जैसा

िक िविहत िकया जाए पुनवाɑस सहायता कɁ िलए उपबंध करता है।

राùय िवधानमंडल कɁ एक अिधिनयम कɁ Ƞप मɞ उसकी अिधिनयिमित होने पर, इस िवधेयक मɞ

अिविधपूणɑ धमɑ पȫरवतɑन कɁ पीिड़तɻ की पूनवाɑस सहायता कɁ िलए राùय की समेिकत िनिध से आवतȯ ďयय

अंतिवɑđट हो सकɁगा। तथािप, इस Ēतर पर, वाĒतिवक आवतȯ ďयय का Ōाòकलन देना संभव नहȮ है जो

इस िनिमƫ उपगत िकया जा सकɁ।

(यथाथɑ अनुवाद),

Ŗी. अȟण कमळाबाई वाळȴ िगते,

Ōभारी भाषा संचालक,

महाराđł राùय।

िवधान भवन :

िजतɞʼn भोळɂ,

मुंबई,

सिचव-१,

िदनांिकत १३ माचɑ, २०२६।

महाराđł िवधानसभा।

12

महाराđł� शासन राजपŇ असाधारण भाग सात, माचɑ १३, २०२६/फाčगुन २२, शकɁ १९४७

भारत संिवधान कɁ अनु÷छɂद २०७ कɁ अधीन राùयपाल की अनुशंसा

(महाराđł शासन, िवधी व ąयाय िवभाग, आदेश की Ōत)

भारत संिवधान कɁ अनु÷छɂद २०७ कɁ खंड (३) Ǒारा Ōदƫ शȬòतयɻ का Ōयोग करते हूए, महाराđł

राùयपाल महोदय, महाराđł धमɑ की ĒवतंŇता िवधेयक, २०२६ ई. परिवचा करने की अनुशंसा करते है।

िवधान भवन :

िजतɞʼn भोळɂ,

मुंबई,

सिचव-१,

िदनांिकत १२ माचɑ, २०२६।

महाराđł िवधानसभा।

ON BEHALF OF GOVERNMENT PRINTING, STATIONERY AND PUBLICATION, PRINTED AND PUBLISHED BY DIRECTOR,

RUPENDRA DINESH MORE, PRINTED AT GOVERNMENT CENTRAL PRESS, 21-A, NETAJI SUBHASH ROAD, CHARNI ROAD,

MUMBAI 400 004 AND PUBLISHED AT DIRECTORATE OF GOVERNMENT PRINTING, STATIONERY AND PUBLICATIONS,

21-A, NETAJI SUBHASH ROAD, CHARNI ROAD, MUMBAI 400 004. EDITOR : DIRECTOR, RUPENDRA DINESH MORE.