L. C. BILL No. XIX OF 2026.

A BILL

TO AMEND THE MAHARASHTRA COEP TECHNOLOGY

UNIVERSITY ACT, 2022.

वि¦धाान परि¡षद काा वि¦धेेयक क्रमांंsक १९ सन् २०२६।

महााराष्ट्र सीओईपी तकनीीकी वि¦श्ववि¦द्याालय अधि�नि�यम, २०२२ मेंंं अधि�कतर संंशोोधन करनेे

संंबंंधि� वि¦धेेयक ।

क्योंंकि� इसमेंं आगेे दर्शि§ित प्रयोोजनोंं केे लिि£ए महाारााष्ट्र सीओईपीी तकनीीकी विि¦श्वविि¦द्याालय अधिि˜नि�यम

२०२२ मेंं अधिि˜कतर संंशोधन करनाा इष्टकर हैै; अतः भाारत गणरााज्य केे सतहत्तरवेंं वर्षष मेंं, एतदद्वााराा, नि�म्न

अधिि˜नि�यम

अधिि˜नि�यमि�

त कि�याा जाता हैै : —

१.  यह अधिि˜नि�यम

महाारााष्ट्र सीओईपीी तकनीीकी विि¦श्वविि¦द्याालय (संंशोधन) अधिि˜नि�यम

२०२६

कहलााए।

संक्षिप्त नाम।

सन् २०२२

का महा.

३५।

RNI No. MAHBIL /2009/31730

महााराष्ट्रट शासन राजपत्र

असाधाारण भााग सात

वर्षषष १२, अंंक ३०]

बुुधवाार, जुुलैै ८, २०२६/आषाढ १७, शकेे १९४८

[पृृष्ठेे 3, किं�ंमत : रुपयेे ४७.००

असाधाारण क्रमांंsक ५८

प्रााधि�कृृत प्रकााशन

अध्यादेेश, वि¦धेेयकेे व अधि�नि�यम यांंsचाा हिं�ंदी अनुुवाद (देेवनागरी लि�पी)

महााराष्ट्र वि¦धाानमंंडल सचि�वाालय

महाारााष्ट्र विि¦धानपरि�षषद मेंं दि�नांं�क ७ जुुलाई, २०२६ ई.को. पुुर:स्थाापि�त नि�म्न विि¦धेेयक महाारााष्ट्र विि¦धानपरि�षषद नि�यम

११३ केे अधीन

प्रकाशन कि�याा जाता हैै :-

(१)

भाग सात-५८–१

2

महाराष्ट्रõ शासन रा असाधारण भाग सात, जुलै ८, २०२६/आषाढ १७, शके १९४८

सन् २०२२

का महा.

३५।

२.  महाारााष्ट्र सीओईपीी तकनीीकी विि¦श्वविि¦द्याालय अधिि˜नि�यम

२०२२ (जि�सेे

इसमेंं आगेे, “मूूल

अधिि˜नि�यम

” कहाा गयाा हैै) की, धाराा १९, की उप-धाराा (४) केे खंंड (च) मेंं “महाारााष्ट्र विि¦श्वविि¦द्याालय

लेेखा संंहि�ताा” शब्दोंं केे स्थाान मेंं, “महाारााष्ट्र विि¦श्वविि¦द्याालय विि¦त्त और लेेखा संंहि�ताा” शब्द रखेे जाएंंगेे।

३. मूूल अधिि˜नि�यम

की धाराा ४३ की, उप-धाराा (ढ) मेंं “धाराा ६० की उप- धाराा (६)” शब्दोंं,

कोष्टक और अक्षर केे स्थाान मेंं, “धाराा ६० की उप-धाराा (६) और (७)” शब्द, कोष्टक और अक्षर रखेे

जाएंंगेे।

४. मूूल अधिि˜नि�यम

की धाराा ४४ की, उप-धाराा (९) केे पश्चात्, नि�म्न उप-धाराा जोड़ीी जाएगी,

अथाा�त्:-

“(१०) पूूर्वववर्ती उप-धारााओं मेंं अंंतर्विि¦िष्ट कि�सीी बाात केे होतेे हुुए भी, रााज्य सरकाार केे पास समान

परि�नि�यम

विि¦हि�त करनेे की शक्ति�ि होगी, जो विि¦श्वविि¦द्याालय पर बााध्यकाारी होगी । ” |

५. मूूल अधिि˜नि�यम

की धाराा ५६ केे खंंड (चार) मेंं,“क्रय और विि¦क्रय समि�ति�” शब्दोंं केे स्थाान मेंं,

“क्रय समि�ति�” शब्द रखेे जाएंंगेे।

६. मूूल अधिि˜नि�यम

की धाराा ५९ की, उप-धाराा (५) केे खंंड (ङ) केे स्थाान मेंं, नि�म्न खंंड रखाा

जाएगा, अथाा�त्:—

“विि¦श्वविि¦द्याालय केे कार्योंं केे लिि£ए तीन सेे पाँँ�च वास्तुुकारोंं और अन्य विि¦शेेषष सलाहकाारोंं, परि�योोजना

प्रबंंधन सलाहकाारोंं, संंरचनाात्मक सलाहकाारोंं, सि�द्ध अनुुभव और गुुणवत्ता वाली कार्यकाारी एजेंंसी का एक

पैैनल तैैयार करनाा और इसेे शासी बोडड द्वााराा अनुुमोदि�त करााना;”।

७. मूूल अधिि˜नि�यम

की धाराा ६० की, उप-धाराा (१) केे स्थाान मेंं, नि�म्न उप-धाराा रखीी जाएगी,

अथाा�त्:—

“(१) विि¦श्वविि¦द्याालय केे क्रय सेे संंबंंधिि˜त सभी मामलोंं का नि�पटा

ान करनेे केे लिि£ए एक क्रय समि�ति�

होगी;”।

८. मूूल अधिि˜नि�यम

की धाराा ७६ की, उप-धाराा (१) मेंं, “लेेखा संंहि�ताा” शब्दोंं केे स्थाान मेंं, “महाारााष्ट्र

विि¦श्वविि¦द्याालय विि¦त्त और लेेखा संंहि�ताा” शब्द रखेे जाएंंगेे।

सन् २०२२ का

महा. ३५ की धारा

१९ मेेंं संशोधन।

सन् २०२२ का

महा. ३५ की धारा

४३ मेेंं संशोधन।

सन् २०२२ का

महा. ३५ की धारा

४४ मेेंं संशोधन।

सन् २०२२ का

महा. ३५ की धारा

५६ मेेंं संशोधन।

सन् २०२२ का

महा. ३५ की धारा

५९ मेेंं संशोधन।

सन् २०२२ का

महा. ३५ की धारा

६० मेेंं संशोधन।

सन् २०२२ का

महा. ३५ की धारा

७६ मेेंं संशोधन।

महाराष्ट्रõ शासन रा असाधारण भाग सात, जुलै ८, २०२६/आषाढ १७, शके १९४८

3

उद्देेश्योंं और काारणोंं काा वक्तव्य

महाारााष्ट्र सीओईपीी तकनीीकी विि¦श्वविि¦द्याालय अधिि˜नि�यम

२०२२ (सन् २०२२ का महाा. ३५) सीओईपीी

तकनीीकी विि¦श्वविि¦द्याालय को एक विि¦शेेषष तकनीीकी एकात्मक सार्ववजनि�क

विि¦श्वविि¦द्याालय केे रूप मेंं स्थाापि�त

और नि�गमि�

त करनेे, अनुुसंंधान उद्योगोंं और नि�गमि�

त औद्योगि�क

सहयोोगि�योंं केे साथ सहयोोग करनेे, उच्च

विि¦कास वालेे क्षेेत्रोंं मेंं तकनीीकी शिशि§क्षा प्राप्त कर रहेे छाात्रोंं को वर्टि�िकल मोबि�लिि£टी प्रदान करनेे और छाात्रोंं

को लाभकाारी रोजगार केे लिि£ए तैैयार करनेे, शिशि§क्षण, अधिि˜गम, प्रशिशि§क्षण, अनुुसंंधान पराामर्शश, परीीक्षण और

विि¦स्तार केे लिि£ए वैैज्ञाानि�क

और तकनीीकी प्रबंंधन और विि¦कास संंगठन प्रदान करनेे, उत्कृृष्ट केंंद्र स्थाापि�त

करनेे, उद्योगोंं केे साथ अनुुसंंधान पार्क बनाानेे और नई शिशि§क्षा नीति� मेंं परि�कल्पि�ित उद्देेश्योंं को प्रभाावी बनाानेे

और उससेे संंबंंधिि˜त या आनुुषंंगि�क

मामलोंं केे लिि£ए अधिि˜नि�यमि�

त कि�याा गयाा हैै।

२. रााज्य केे सभी सार्ववजनि�क

विि¦श्वविि¦द्याालय की लेेखा प्रक्रि�याा मेंं एकरूपताा लानेे, विि¦श्वविि¦द्याालय

की सुुचारू कामकााज केे लिि£ए रााज्य सरकाार को समान परि�नि�यम

विि¦हि�त करनेे का अधिि˜कार देेनेे और उसमेंं

परि�णाामी संंशोधन करनेे की दृृष्टि�� सेे सरकाार उक्त अधिि˜नि�यम

की धाराा १९,४३,४४,५६,५९,६० और ७६

मेंं यथोोचि�त सेे संंशोधन करनाा इष्टकर समझती हैै।

३. प्रस्तुुत विि¦धेेयक का आशय उपरोोक्त उद्देेश्योंं को प्राप्त करनाा हैै।

चंं

द्रकांंsत (दादा) पाटीील,

मुंं�बई,

उच्चतर तथाा

दि�नांं�कि�त ५ जुुलाई, २०२६।

तकनीीकी शि�क्षाा मंंत्रीी ।

विि¦धान भवन

,

मुंं�बई,

डाॅॅ¶. वि¦लास आठवलेे,

दि�नांं�कि�त ७ जुुलाई, २०२६।

सचि�व

(३),

महाारााष्ट्र विि¦धानपरि�षषद ।

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