L. C. BILL No. XXIII OF 2026.

A BILL

FURTHER TO AMEND THE MAHARASHTRA PRIVATE UNIVERSITIES

(ESTABLISHMENT AND REGULATION) ACT, 2024.

वि¦धाानपरि¡षद काा वि¦धेेयक क्रमांंsक २३ सन् २०२६।

महााराष्ट्र नि�जीी वि¦श्ववि¦द्याालय (स्थाापना और वि¦नि�यमन) अधि�नि�यम, २०२४ मेंंं अधि�कतर

संंशोोधन करनेे संंबंंधीी वि¦धेेयक।

क्योंंकि� इसमेंं आगेे दर्शि§ित प्रयोोजनोंं केे लिि£ए, महाारााष्ट्र नि�जीी विि¦श्वविि¦द्याालय (स्थाापना और विि¦नि�यमन

)

अधिि˜नि�यम

, २०२४ मेंं अधिि˜कतर संंशोधन करनाा इष्टकर हैै ; अत: भाारत गणरााज्य केे सत्तहत्तरवेंं वर्षष मेंं,

एतद् द्वााराा, नि�म्न अधिि˜नि�यम

अधिि˜नि�यमि�

त कि�याा जाता हैै :—

सन् २०२४

का महाा.

३५।

RNI No. MAHBIL /2009/31730

महााराष्ट्रट शासन राजपत्र

असाधाारण भााग सात

वर्षषष १२, अंंक ३२ (३)]

शुुक्रवार, जुुलैै १०, २०२६/आषाढ १९, शकेे १९४८

[पृृष्ठेे 3, किं�ंमत : रुपयेे ४७.००

असाधाारण क्रमांंsक ६४

प्रााधि�कृृत प्रकााशन

अध्यादेेश, वि¦धेेयकेे व अधि�नि�यम यांंsचाा हिं�ंदी अनुुवाद (देेवनागरी लि�पी).

भाग सात-६४–१

(१)

महााराष्ट्र वि¦धाानमंंडळ सचि�वाालय

महाारााष्ट्र विि¦धानपरि�षषद मेंं दि�नांं�क १० जुुलाई, २०२६ ई. को. पुुर:स्थाापि�त नि�म्न विि¦धेेयक महाारााष्ट्र

विि¦धानपरि�षषद नि�यम

१११ केे अधीन प्रकाशिशि§त कि�याा जाता हैै :–

2

महाराष्ट्रõ शासन रा

असाधारण भाग सात, जुलै १०, २०२६/आषाढ १९, शके १९४८

१. 

यह अधिि˜नि�यम

महाारााष्ट्र नि�जीीकौशल विि¦श्वविि¦द्याालय (स्थाापना और विि¦नि�यमन

) (चतुुथ

संंशोधन) अधिि˜नि�यम

, २०२६ कहलााए।

२.  महाारााष्ट्र नि�जीी विि¦श्वविि¦द्याालय (स्थाापना और विि¦नि�यमन

) अधिि˜नि�यम

, २०२४ की अनुुसूूची केे,

भााग दो की प्रविि¦ष्टि�� ४ केे पश्चात् नि�म्न प्रविि¦ष्टि��याँँr जोड़ीी जाएंंगी, अथाा�त् :—

“४. ओपनेेक्स इनोोवेेशन विि¦श्वविि¦द्याालय मुंं�बई,

जो कोहि�नूू

र शिशि§क्षण कॉम्प्लेेक्स, कोहि�नूू

र

सीटी रोड, कुुर्लाा�, मुंं�बई ४०० ०७०।

ओपन शिशि§क्षण कौशल टेेक संंस्थाापना,

सी आय एन क्र यूू ८०९०३ एम एच २०२२

एन पी एल ३९५६०७ हैै, जो कम्पनी

अधिि˜नि�यम

२०१३ (सन् २०१३ का १८)

हैै, केे अधिि˜न रजि�स्ट्रीकृृत् हैै, जि�सका

रजि�स्ट्रीकृृत् कार्या�लय फ्लॅॅट ए/५ एवरााडड

सी एच एस लिि£मि�टेे

ड, ईस्टर्नन एक्सप्रेेस

हाायवेे, सायन, मुंं�बई ४०० ०२२ मेंं हैै।”।

संंक्षि�प्त नाम।

सन् २०२४ का

महाा. ३५ की

अनुुसूूची मेंं

संंशोधन।

सन् २०२४

का ३५।

महाराष्ट्रõ शासन रा

असाधारण भाग सात, जुलै १०, २०२६/आषाढ १९, शके १९४८

3

उद्देेश्योंं और काारणोंं काा वक्तव्य।

महाारााष्ट्र नि�जीी कौशल विि¦श्वविि¦द्याालय (स्थाापना और विि¦नि�यमन

) अधिि˜नि�यम

, २०२४ (सन् २०२४ का

महाा. ३५) रााज्य मेंं उच्चतम् शिशि§क्षा केे विि¦कास और उन्नति� केे लिि£ए महाारााष्ट्र रााज्य मेंं स्व-विि¦त्तपोषि�त नि�जीी

विि¦श्वविि¦द्याालयोंं की स्थाापना, नि�गमन

और विि¦नि�यमन

केे लिि£ए अधिि˜नि�यमि�

त करनेे संंबंंधिि˜ विि¦धेेयक।

२. उक्त अधिि˜नि�यम

की धाराा ६ यह उपबंंध करतीी हैै कि�, उक्त अधिि˜नि�यम

की धाराा ५ की उप-धाराा

(४) केे अधीन सत्यापन समि�ति� द्वााराा प्रस्तुुत रि�पोोर्टट पर विि¦चार करनेे केे पश्चात, यदि� सरकाार का यह समाधान

हो जाता हैै कि�, प्रायोोजक नि�कााय नेे उक्त अधिि˜नि�यम

की धाराा ५ केे उपबंंधोंं का अनुुपालन कि�याा हैै, तो वह

रााज्य विि¦धानमंंंडल द्वााराा एक विि¦धिि˜ की अधिि˜नि�यमि�ति�

द्वााराा अनुुसूूची मेंं संंशोधन द्वााराा, अनुुसूूची केे भााग दो

मेंं नि�जीी विि¦श्वविि¦द्याालय का नाम, स्थाान और मुुख्यालय तथाा उनकेे प्रायोोजक नि�कााय को शामि�ल

करकेे एक

नि�जीी विि¦श्वविि¦द्याालय की स्थाापना करनेे केे लिि£ए मंंंजूूरी देे सकेेगी।

३. उक्त अधिि˜नि�यम

की धाराा मेंं कि�ए गए प्रावधन केे अनुुसार, सरकाार उक्त अधिि˜नि�यम

की धाराा ५

की, उप-धाराा (४) केे अधीन सत्यापन समि�ति� द्वााराा प्रस्तुुत रि�पोोर्टट पर विि¦चार करनेे केे पश्चात् यह समाधान

हाेे� जाता हैै कि�, प्रायोोजक नि�काायोंं नेे क्रमश: ओपन शिशि§क्षण कौशल्य टेेक संंस्थाापना और मुंं�बई शिशि§क्षण न्यास

नेे न‍ि�िजीी काैै�शल व‍‍िि¦ि�श्‍ वव‍िि¦िद्याालय की संंस्‍‍थाापना केे ल‍िि£िए धाराा ५ केे उपबंंधो का अनुुपालन कि�याा हैै तो वह

ओपनेेक्स इनोोवेेशन विि¦श्वविि¦द्याालय, मुंं�बई केे नाम सेे हैैै�।

४. इसलिि£ए, उक्त प्रस्ताविि¦त नि�जीी कौशल विि¦श्वविि¦द्याालय को और उक्त विि¦श्वविि¦द्याालय का नाम,

स्थाान और मुुख्यालय तथाा प्रायोोजक नि�कााय को अनुुमति� देेनेे केे लिि£ए एक विि¦धिि˜ अधिि˜नि�यमि�

त करनेे द्वााराा

महाारााष्ट्र नि�जीीकौशल विि¦श्वविि¦द्याालय (स्थाापना और विि¦नि�यम

) अध‍िि˜िन‍ि�ियम

, २०२४ सेे संंलग्न अनुुसूूची केे

भााग दो मेंं संंशोधन करनाा इष्टकर समझती हैै।

५. प्रस्तुुत विि¦धेेयक का आशय उपर्युु�क्त उद्देेश्योंं को प्राप्त करनाा हैै।

मुंं�बई,

मंंगलप्रभाात लाेे�ढाा,

दि�नांं�कि�त ९ जुुलाइड २०२६।क

ौौशल, रोजगार, उद्यमि�ता

ा और नवााचार मंंंत्रीी।

(यथाार्थथ अनुुवाद),

श्रीी. अरुण कमळााबाई वाळूू गि�तेे,

भााषाा संंचालक,

महाारााष्ट्र रााज्य।

व‍िि¦िधाान भवन :

डाॅॅ¶. व‍िि¦िलास आठवलेे,

मुंं�बई,

सच‍ि�िव (३),

दि�नांं�कि�त १० जुुलाइड, २०२६।म

हाारााष्‍‍ट्र व‍िि¦िधानपर‍ि�िषषद।

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