राजस्‍थान राजपत्र

विशेष ांक

RAJASTHAN GAZETTE

Extraordinary

स धिक र प्रक शशत

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श्रावण 29, बुधवार, शाके 1947- अगस्‍त 20, 2025

Sravana 29, Wednesday, Saka 1947- August 20, 2025

भाग्‍5्‍(घ)

कर्मचारी्‍राज्य्‍बीर्ा्‍अधिननयर््‍के्‍अन््‍तगमत्‍ि ये्‍गये्‍ननर्मय।

श्रर् विभाग

अधधसूचना

जयपुर, अगस्‍त्‍2 , 2025

्‍्‍्‍्‍्‍्‍्‍संख््‍या्‍ एफ.14(14)(4)श्रर्/ई0एस0आई0/2002 पार्म-5/00179:-कर्मचारी राज्य बीर्ा अधधननयर्,

1948 (1948 के केन्द्रीय अधधननयर् संख्या-34) की धारा-87 के द्वारा प्रदत्त शक्ततयों का प्रयोग करते हुये

राज्य सरकार द्वारा र्ैससम श्री सीर्ेन्द्ट लिलर्टेड, बांगड नगर, ब्यावर क्ििा अिर्ेर को ददनांक 03.12.2025 से

02.12.2026 तक की अवधध के लिए उतत अधधननयर् के िागू होने से ननम्नलिखित शतो पर छूट प्रदान की

िाती है।

शते:-

1.

ननयोिक द्वारा देय धचककत्सा सुववधा का िाभ सभी कर्मचारी क्िनर्ें असथाई या ठेका श्रलर्क भी

सक्म्र्लित हैं, को भी ददये िायेगें।

2.

पूवामवत् संसथान क्िसर्ें कर्मचारी ननयोक्ित है, एक रक्िसटर रिेगा, क्िसर्ें छूट प्राप्त कर्मचाररयों के

नार् और पद दशामये िायेंगे।

3.

इस छूट के होते हुए भी कर्मचारी उतत अधधननयर् के अंतगमत ऐसे दहतिाभ प्राप्त करते रहेंगे क्िनके

लिए इस अधधसूचना द्वारा प्रदत्त छूट के िागू होने की नतधथ से पूवम प्रदत्त अंशदानों के आधार पर हकदार हो

िाते हैं।

4.

छूट प्राप्त अवधध के लिए यदद कोई अंशदान की अदायगी पहिे ही की िा चुकी है तो वह वापस नहीं की

िावेगी।

5.

उतत संसथान का ननयोिक उस अवधध की बाबत् क्िसके दौरान उस संसथान पर उतत अधधननयर्

िागू था (क्िसे इसर्ें इसके पश्चात्’’उतत अवधध‘‘) कहा गया है ऐसी वववरखणयां, ऐसे प्रारूप और ऐसे ब्यौरे देतें

हुए प्रसतुत करेगा िो कर्मचारी राज्य बीर्ा (सार्ान्द्य) ववननयर् 1950 के अन्द्तगमत उतत अवधध के दौरान भेिी

िानी अपेक्षित है।

6.

उतत अधधननयर् की धारा-45 की उपधारा(1) के अंतगमत ननगर् द्वारा ननयुतत कोई ननरीिक अथवा

इस संबंध र्ें ननगर् का प्राधधकृत कोई अन्द्य अधधकारी ननम्नलिखित प्रयोिनों के लिए अधधकृत होंगे:-

प्रयोिन

(क)

धारा-44 की उपधारा(1) के अन्द्तगमत प्रसतुत उतत अवधध की ककसी वववरणी र्ें ददए गए ब्यौरों का

सत्यापन अथवा

(ि)

कर्मचारी राज्य बीर्ा (सार्ान्द्य)ववननयर्-1950 द्वारा यथा अपेक्षित उतत अवधध के रक्िसटर और

ररकाडम के रिे िाने को सुननक्श्चत करना अथवा

69 रािस्‍थान राि-पत्र,्‍अगस्‍त्‍20,्‍2025्‍ ्‍्‍्‍्‍्‍्‍्‍्‍ ्‍्‍्‍भाग्‍5 (घ)

(ग)

इस अधधननयर् के अन्द्तगमत प्रदान की गई छूट के प्रनतफि सवरूप ननयोिक द्वारा ददए िाने वािे

नकद तथा वसतुरूपी दहतिाभों के लिए कर्मचाररयों का ऐसे दहतिाभ के लिए हकदार बने रहना सुननक्श्चत

करना अथवा

(घ)

यह अलभननक्श्चत करने के प्रयोिनाथम कक उस अवधध के दौरान िब उतत कारिाने/सथापन के संबंध र्ें

अधधननयर् के उपबन्द्धों की अनुपािना की गई थी या नहीं।

कायम क्िनके लिए सशतत होंगे:-

(क)

प्रधान अथवा आसन्द्न ननयोिक से ऐसी सूचना प्रसतुत करने के लिए कह सकेगा, क्िसे वह आवश्यक

सर्झता है अथवा

(ि)

ऐसे प्रधान अथवा आसन्द्न ननयोिक के कब्िे र्ें ककसी कारिाने, सथापन कायामिय या अन्द्य पररसर र्ें

ककसी उपयुतत सर्य र्ें प्रवेश कर सकेगा और उसके प्रभारी से ननयोक्ित व्यक्ततयों के रोिगार या र्िदूरी की

अदायगी के संबंध र्ें ऐसे िेिे, बदहयां तथा अन्द्य दसतावेि प्रसतुत करने के लिए कह सकेगा क्िसको वह

आवश्यक सर्झता है अथवा

(ग)

प्रधान या आसन्द्न ननयोिक की उसके अलभकताम या सेवक की या ऐसे ककसी व्यक्तत की िो ऐसे

कारिाने, सथापन कायामिय या अन्द्य पररसर र्ें पाया िावे या ऐसे ककसी व्यक्तत की क्िसके बारे र्ें उतत

ननरीिक या अन्द्य अधधकारी के पास ववश्वास करने का युक्ततयुतत कारण है कक वह कर्मचारी है, परीिा कर

सकेगा अथवा

(घ)

ऐसे कारिाने सथापन कायामिय अथवा अन्द्य पररसर र्ें रिे गए ककसी रक्िसटर, िेिा पुसतक या अन्द्य

दसतावेि के उद्धरण या उसकी प्रनतलिवप िे सकेगा।

राज्यपाल के आ ेश से,

्‍्‍्‍्‍्‍्‍्‍्‍्‍्‍्‍्‍्‍्‍्‍्‍्‍्‍्‍्‍्‍्‍्‍्‍्‍्‍्‍्‍्‍्‍्‍्‍्‍्‍्‍्‍्‍्‍्‍्‍्‍्‍्‍्‍्‍्‍्‍्‍्‍्‍्‍्‍्‍्‍्‍्‍्‍्‍्‍्‍्‍्‍्‍्‍्‍्‍्‍्‍्‍्‍्‍्‍्‍्‍्‍्‍्‍्‍्‍्‍्‍्‍्‍्‍्‍ह॰

धर्मपाि लसंह,

अनतररक्त श्रर् आयुक्त एिं,

प ेन संयुक्त शासन सधचि।

राज््‍य्‍केन््‍रीय्‍र्ुरर्ालयप्‍जयपुर।