राजस्‍थान राजपत्र

विशेष ांक

RAJASTHAN GAZETTE

Extraordinary

स धिक र प्रक शशत

Published by Authority

भाद्र 22, शनिवार, शाके 1947- सितम बर 13, 2025

Bhadra 22, Saturday, Saka 1947- September 13, 2025

भाग 6 (क)

िगरपासिकाओं िंबंधी ववज्ञप्ततयां आदि।

स्ि यत श सन विभ ग, र ज. जयपुर

अधिसूचना

जयपुर,्‍सितम््‍बर्‍1 ,्‍2125

्‍्‍्‍िंख््‍या प.10(न.प .)(गठन)( चुन ि)डीएलबी/25/19261:-राजस्थान नगरपालिका अधिननयम, 2009

की िारा 3 एवं 10 तथा राजस्थान नगर पालिका (ननवााचन) ननयम, 1994 के ननयम 3 के अन्तगात

प्रदत्त शक्ततयों का प्रयोग करते हुए क्जिा कितटर धचत्तौडगढ़ द्वारा स्थानीय ननकाय नगर पालिका

अकोिा हेतु वाडा गठन के प्रारुप आदेश पर प्राप्त आपक्त्तयों के संबि में प्रस्ताव, अपने अलिमत

सहहत प्रेषित ककये गये हैं। वाडा गठन के प्रारुप आदेश पर आपक्त्तयों पर षवचार करने के पश्चात

राज्य सरकार उनके अलिमत से सहमत है तथा उनके द्वारा प्रस्ताषवत वाडा गठन के प्रारुप आदेश

को अनुमोहदत करती है।

यह सक्षम स्तर से अनुमोहदत हैं ।

र ज्यप ल की आज्ञ से,

जुईकर प्रतीक चन्रशेखर,

ननदेशक एिां विशशष्ट श सन सधचि।

नगर प शलक आकोल क सीम वििरण प्रपत्र -क िषष-2025

वार्ड

िं.

िीमा्‍वववरण

जनिंख्या

1

फतहिगर रोड िे पुर्बिया खेडा रोड़ पर पुर्बिया बस्ती का पप्चिमी भाग होते हुये

िगरपासिका िीमा एवं िमपूर्ि कािबेसिया बस्ती, िगरपासिका पप्चिमी भाग

होते हुये मासियों मंगरी होते हुये भीि बस्ती मंगररया फतहरिगर रोड तक का

िमपूर्ि आबािी क्षैत्र।

521

2

गाडररयावाि िैराहा िे पप्चिमी तरफ का क्षैत्र बि स्टेण्ड़, िगरपासिका होते हुये

भगवाििाि प्रजापत िो खंभा होते हुये बुिकर चौक होते हुये, िीम चौक के

पप्चिमी भाग क्षैत्र, ककशि मुंडेि का मकाि होते हुये, बाबू कुमावत के मकाि होते

हुये िगरपासिका िीमा पप्चिमी क्षैत्र की िमपूर्ि आबािी।

558

3

िीम िोक पप्चिमी क्षैत्र रामिन्द्द्र कुमावत के मकाि, शंकर भाटी के मकाि होते

हुये िक्ष्मीिाि प्रजापत के मकाि, रमेश भाटी के िोहरे तक, ििी के िहारे पप्चिम

542

584 राजस् थाि राज-पत्र, सितम बर 13, 2025 भाग 6 (क)

की तरफ बड़ा स्कूि िेते हुये िगरपासिका िीमा पप्चिम क्षैत्र को िप्ममसित करते

हुये मांगीिाि कुमावत के मकाि होते हुये रामिन्द्द्र कुमावत तक का िमपूर्ि

आबािी क्षैत्र।

4

हरी राम तेिी के मकाि को िीम चौक तक िड़क के पूवि दिशा के आिे वािे मकाि

िेते हुए, िीम चौक के पूवि दिशा के बाये मकाि िेते हुए िीम चौक िे पूवि दिशा में

जािे वािी गिी में भंवर िपिोत के मकाि िे होते हुए मोती िाि वया के मकाि

तक िड़क की िक्षक्षर्ी दिशा के बाये मकाि के बाि मोती िाि वया के घर के

िक्षक्षर्ी दिशा में जािे वािी गिी िाथु िाि भाट के घर तक के पप्चिमी दिशा के

िाये मकाि को िेते हुए िसित भाट के घर िे भगवाि जी के घर तक के मकाि िे

होते हुए हरीराम तेिी के घर तक की गिी के उत्तरी दिशा के िाये मकाि तक का

िमपूर्ि क्षेत्र।

592

5

िीम चौक में प्स्थत मप्न्द्िर के उत्तर दिशा में ित्य िारायर् मािीवाि के घर को

िेते हुए िारु भांभी के मकाि तक की िड़क के पूवि दिशा के िाये मकाि के मकाि

को िेते हुए तयारिन्द्ि कुमहार के घर की िडक के िायी और के मकाि िेिे के बाि

हीरािाि िोिी के घर िे होते हुए, िवरति दहगंड के मकाि तक की गिी के

पप्चिम दिशा के मकाि िेिे के बाि िन्द्द्र प्रकाश िपिोत के मकाि िे होते हुए

छगि िपिोत के मकाि को िेते हुए बद्री िाि िोिी के मकाि िे िीम चौक

मप्न्द्िर तक िड़क के उत्तर दिशा की िमपूर्ि आबािी क्षैत्र।

573

6

िो खमभा िन्द्द्रप्रकाश िपिोत की िुकाि िे होते हुऐ मासियों के मप्न्द्िर रवव िामर

के मकाि, हररजिों के माताजी के यहां होते हुये जगिीश हररजि के मकाि िेते

हुये, रेगर िमाज िराय के बाहर होते हुये रतििाि रेगर, कैिाश मेघवाि,

िारायर् खेरोदिया, ियाि िामर होते हुये, भैरुजी मप्न्द्िर होते हुये बािु िजी के

मकाि होते हुये, कुन्द्िि हींगड़ का मकाि होते हुये पुिः िन्द्द्रप्रकाश िपिोत की

िुकाि तक का िमपूर्ि आबािी क्षैत्र।

455

7

पतपु िामर की िुकाि ििर बाजार िे बििेव जी का मप्न्द्िर िेते हुये शाप्न्द्तिाि

धोबी का मकाि होते हुये जगिीश रेगर वािी गिी होते हुये हीरािाि रेगर का

मकाि िे होते हुये, हररजिों की माताजी होते हुये, जगिीश हररजि का पूवी दिशा

वािा मकाि, शनिमहाराज िैराहा होते हुये, रामिाि मेघवाि का मकाि िेते हुये,

बाबू िािा मकाि होते हुये पुसिया वािे हिुमाि होते हुये अखाड़ा चौक, अखाड़ा

चौक िे पतपु िामर तक की िमपूर्ि आबािी क्षैत्र।

507

8

सशव िाि भाट के मकाि िे िारभूजा जी के मप्न्द्िर को िेते हुए जैि मप्न्द्िर तक

जािे वािी गिी के िक्षक्षर् दिशा के िारे मकाि को िेते हुए ित्यिारायर् छीपा के

घर िे होते हुए ककशि छीपा के घर तक जािे वािी गिी के पप्चिम दिशा में प्स्थत

िारे मकाि को िेते हुए िसििग जी के अखाडे

े़

की िुकािों िे होते हुए ििी की तरफ

भैरु जी के स्थाि तक के िारे मकाि िेिे के बाि ििी िे मप्स्जि जािे वािी गिी

के मकाि िेते हुए भािु भाट के घर तक की गिी के उत्तर दिशा के मकाि िेते हुए

उिय िाि िपिोत के घर िे होते हुए पुिः सशव िाि भाट के घर तक आिे वािी

601

भाग 6 (क) राजस् थाि राज-पत्र, सितम बर 13, 2025 585

िड़क के िायी तरफ की िमपूर्ि आबािी क्षैत्र।

9

जगिीश कुमहार के मकाि िे सशतिा माता के स्थाि तक गिी के िक्षक्षर् दिशा के

िाये मकाि िेते हुए, िन्द्ि िाि के घर िे पूवि दिशा में समठु िाि छीपा के मकाि

की गिी के िक्षक्षर् दिशा के िाये मकाि िेते हुए डाििन्द्ि छीपा िे ििी की तरफ

शकुर के मकाि को िेते हुए िड़क के पूवी दिशा की आबािी होते हुये ििी तक का

एररया, प्जिमें िामुण्डा माता के मप्न्द्िर के आि-पाि की िमपूर्ि आबािी को िेते

हुए रामजि खटीक के मकाि को िेते हुए पुिः जगिीश प्रजापत के मकाि तक का

पूवी दिशा का िमपूर्ि आबािी क्षैत्र।

592

10

पुसिया कीर की चौकी रोड़ पप्चिम में शमशाि घाट होते हुये हाॅ स्पीटि की िामिे

वािी िड़क के पप्चिमी भाग िेते हुये ईिी के मकाि होते हुये, आंगिवाडी के

िामिे की पप्चिमी आबािी हीरािाि तेिी का मकाि होते हुये जगिीशिन्द्द्र भाट

होते हुये मोडीराम रेगर के मकाि होते हुये िक्षक्षर्ी दिशा मे िगर पासिका िीमा

एवं िमपूर्ि भीि बस्ती क्षैत्र को िप्ममसित करते हुये िगर पासिका की पप्चिमी

िीमा िेते हुये उत्तरी दिशा की ओर िे वावपि पुसिया तक का िमपूर्ि आबािी

क्षैत्र।

565

11

वपतामबपुररया रोड़ पर जयिन्द्ि धोबी के मकाि िे बािुराम यािव का मकाि िेते

हुए भैरु िाि िुथार के मकाि तक की िड़क के िायी ओर के िारे मकाि िेते हुए

िगरपासिका िीमा तक, व िगरपासिका िीमा िे पप्चिम की तरफ आते हुए िहर

की तरफ रस्ते िे उत्तर की तरफ वपरु शाह के मकाि िे पहिे जािे वािी कच्िी

िड़क होते हुए प्रेम यािव के घर िे होते हुए िन्द्ि ककशोर यािव के घर तक पूवि

दिशा में आिे वािे मकाि िेते हुए पुिः जयिन्द्ि धोबी के मकाि तक जािे वािी

िड़क के िक्षक्षर् दिशा की िमपूर्ि आबािी क्षैत्र।

517

12

राजू तेिी के मकाि िे िारायर् भीि के मकाि िे होते हुए पीरु शाह के मकाि व

िगरपासिका िीमा तक, रामिाि रेगर के मकाि होते हुए मिि छीपा के मकाि

होते हुए माधु महाराज के मकाि होते हुए प्रवीर् राव व राजू तेिी के मकाि तक

का िमपूर्ि आबािी क्षैत्र।

547

13

िूरा पठाि के मकाि िे होते हुये िन्द्द्रप्रकाश यािव के खािी भूखण्ड़ होते हुये

औंकार िोहार के मकाि होते हुये मोहििाि छीपा, िमिुख यािव के मकाि होते

हुये गर्पत यािव के मकाि िे होते हुये रुपगगरी गोस्वामी होते हुये ििीक अहमि

होते हुये तुििीराम तेिी का मकाि होते हुये िूरा पठाि तक का िमपूर्ि आबािी

क्षैत्र।

582

14

ििी के पूि भीडंर रोड़ पूवी तरफ मांगी िाि रेगर के मकाि होते हुए िुरेश रेगर के

घर िे होते हुए िरकारी हाॅ स्पीटि के िक्षक्षर्ी तरफ होते हुए थािा के बाहर होते

हुए,बाबू िाि हींगड का घर व राजमि पटवा के घर होते हुए वपतामबरपुररया रोड़

िगरपासिका िीमा एवं जगिीश पाररक के मकाि िे मांगीिाि रेगर के मकाि

तक का िमपूर्ि आबािी क्षैत्र।

578

15

शनि महाराज िैराहा िे खेडडया जािे वािी रोड़ की िक्षक्षर् तरफ आबािी एवं

505

586 राजस् थाि राज-पत्र, सितम बर 13, 2025 भाग 6 (क)

खेडडया रोड़, खेजड़ी बावजी होते हुए गैि एजेन्द्िी के िामिे वािी रोड़ के पप्चिमी

तरफ का िमपूर्ि मागि व चमशाि होते हुए ििी के ककिारे िे होते हुये भींडर रोड़

शमभू छीपा की िुकाि तक का िमपूर्ि आबािी क्षैत्र।

16

गाडररयावाि चौराहा के पूवी तरफ िे िक्षक्षर् की ओर िोिी काॅ मपिे्ि होते हुये

हिुमाि मप्न्द्िर बि स्टेण्ड़ होते हुये आयुवेदिक हाॅ स्पीटि कैिाश जिवाि की

िुकाि होते हुये शाप्न्द्तिाि िपिोत मकाि होते हुये, शौकत के मकाि होते हुये

शनिमहाराज चौराहा, शनिमहाराज चौराहा िे चयाम िेि िुकाि होते हुये िुरताखेड़ा

सिंक रोड़ का पप्चिमी भाग को िममसित करते हुये िुरताखेड़ा रोड़ पर एि.एि.

पेट्रोि पमप, फे्ट्री होते हुये गाडररयावाि चौराहा तक का िमपूर्ि आबािी क्षैत्र।

492

17

खेजड़ा बावजी के स्थाि के उत्तर की ओर िे गैि एजेन्द्िी की तरफ होते हुए मोहि

िाि टांक के गोिाम िे िक्षक्षर् की ओर होते हुए ििी के ककिारे तक एवं ककिारे िे

पूवि की तरफ होते हुए िगरपासिका की िीमा तक व िीमा की िाईि िे होते हुए

उत्तर की तरफ गुडा रोड़ तक व गुडा रोड़ िे पप्चिम की तरफ वािी रोड़ होते हुए

नतराहे िे िक्षक्षर् की तरफ होते हुए खेडडया आबािी िे होते हुए नतराहे िे वावपि

खेडड़या बावजी तक के मध्य का िमपूर्ि आबािी क्षेत्र।

622

18

गुडा रोड़ िे पूवि की तरफ िगरपासिका िीमा तक वहां िे उत्तर की ओर

िगरपासिका िीमा िे होते हुए उत्तर की ओर की िीमा तक वहां िे पप्चिम की

ओर होते हुए िड़क तक और िड़क िे िक्षक्षर् की ओर गुडा रोड़ तक के मध्य

िमपूर्ि आबािी क्षे

े़

त्र।

625

19

गाडररयावाि चौराहा की पूवि की ओर वािी आबािी व गाडररयावाि िैराहे िे उत्तर

की तरफ िगरपासिका िीमा तक िे कािु भूरा खेत के रास्ते तक, कािु भूरा के

खेत के रास्ते िे िक्षक्षर् की तरफ गुडा रोड़ होते हुए पप्चिम की तरफ पत्थर की

फै्ट्री की तरफ होते हुए गाडररयावाि चौराहा तक के मध्य का िमपूर्ि क्षैत्र का

िमपूर्ि आबािी क्षैत्र।

568

20

गाडररयावाि चौराहा िे उतर दिशा ओर भोपाििागर रोड के पप्चिमी दिशा मे

गाडररयावाि िमपूर्ि आबािी क्षेत्र िगरपासिका िीमा तक, भानियाखेड़ी आबािी

को िममसित करते हुये िगरपासिका िीमा िे पूर्बिया खेड़ा रोड़ की ओर होते हुये

फतहिगर रोड़, फतहिगर रोड़ िे गाडररयावाि तक िमपूर्ि आबािी क्षैत्र।

507

राज््‍य्‍ेन्‍्‍रीय्‍मुरणाजयप्‍जयपुर।