राजस्थान राजपत्र
विशेष ांक
RAJASTHAN GAZETTE
Extraordinary
स धिक र प्रक शशत
Published by Authority
भाद्र 22, शनिवार, शाके 1947- सितम बर 13, 2025
Bhadra 22, Saturday, Saka 1947- September 13, 2025
भाग 6 (क)
िगरपासिकाओं िंबंधी ववज्ञप्ततयां आदि।
स्ि यत श सन विभ ग, र ज. जयपुर
अधिसूचना
जयपुर,्सितम््बर्1 ,्2125
्््िंख््या प.10(न.प .)(गठन)( चुन ि)डीएलबी/25/18721 :-राजस्थान नगरपालिका अधिननयम, 2009
की िारा 3 एवं 10 तथा राजस्थान नगर पालिका (ननवााचन) ननयम, 1994 के ननयम 3 के अन्तगात
प्रदत्त शक्ततयों का प्रयोग करते हुए क्जिा कितटर बारां द्वारा स्थानीय ननकाय नगर पररषद बारां
हेतु वार्ा गठन के प्रारुप आदेश पर प्राप्त आपक्त्तयों के संबि में प्रस्ताव, अपने अलिमत सहहत
प्रेषषत ककये गये हैं। वार्ा गठन के प्रारुप आदेश पर आपक्त्तयों पर षवचार करने के पश्चात राज्य
सरकार उनके अलिमत से सहमत है तथा उनके द्वारा प्रस्ताषवत वार्ा गठन के प्रारुप आदेश को
अनुमोहदत करती है।
यह सक्षम स्तर से अनुमोहदत हैं ।
र ज्यप ल की आज्ञ से,
जुईकर प्रतीक चन्रशेखर,
ननदेशक एिां विशशष्ट श सन सधचि।
नगर पररषद ब र ां क सीम वििरण प्रप्र -क िषष-2025
वार्ड ि.
वार्ो के िीमांकि का वववरण
जििँख्या
1
कोटा रोड़ रेल्वे फाटक िे मकाि िं.8 को व भूरािाि जी के मकाि िं.1
को शासमि कर गिी िं. 1 व िैिा िेवी गिी िं.2 को शासमि कर वापि
घूमकर कोटा रोड़ पहूंचकर रोड़ क्रॉि करके र्ाक्टर परूथी के मकाि व
एफिीआई गोिामों को शासमि करते हुए, सशवम ववहार, सिववि िाइि,
मंगिम ववहार, शांनत निकेति, निखिि अपाटडमेंट, सिवि वविायक कॉिोिी
िमेत िादहिी आबािी को शासमि करते हुए िहकार भवि िे उत्तरी और
रोड़ रोड़ चिकर पटरी पहूंचकर िादहिी आबािी को शासमि करते हुए ििका
फाटक िे फाटक क्रॉि कर चिते हुए ििका ग्राम की आबािी को छोड़ते
हुए िड़क िड़क चिते युग निमाडण, कदिया बाबा आश्रम को शासमि कर
रोर् रोर् पूवी ओर चिके आगे िक्षिणी ओर घूमके िाकोड़ा इंर्स्ट्रीज (विया
1628
647 राजस्ट् थाि राज-पत्र, सितम बर 13, 2025 भाग 6 (क)
हॉप्स्ट्पटि ) को छोड़ते हुए मंर्ी की पीछे बॉउंड्री पर पप्चचमी ओर चिते हुए
घूमकर उत्तम कॉिोिी िटराज गार्डि को छोड़ते हुए पटरी पटरी चिते हुए
रेिवे फाटक तक की िमस्ट्त मध्यवती आबािी।
2
गजिपुरा मप्स्ट्जि िे रजा मंप्जि मुख्य कोटा रोर् पहुँच के रोर् रोर्
पप्चचमी और चिकर आबािी गजिपुरा व पीसिया की िमस्ट्त आबािी को
रोड़ रोड़ चिके आगे बमुसिया ग्राम की िमस्ट्त बायीं आबािी को शासमि
कर एिएच 27 राजस्ट्व ग्राम बमूसिया की िीमा पर िक्षिणी और चिकर
पूवी और चिते हुए िांगोि रोड़ पर उत्तरी और चिकर पर पूवड और चिते
हुए बायीं आबािी को शासमि कर हाइवे िे अंर्रपाि िे बायीं और िीचे
उतर के उत्तरी और चिते हुए गजिपुरा मप्स्ट्जि िे होते हुए मुख्य कोटा
रोड़ रजा मंप्जि तक की िमस्ट्त आबािी।
1729
3
गजिपुरा मप्स्ट्जि को छोड़ते हुए मुख्य कोटा बारां मेि रोड़ िे पूवी बारां की
और चिते हुए िादहिी आबािी िमाज कल्याण ववभाग, आरटीओ ऑफफि
ििर थािा, िागेचवर कॉिोिी, िांिि कायाडिय, ववद्युत ववतरण निगम
बाउंड्री को शासमि कर िहकार भवि, दहंगिाज मप्दिर को शासमि कर
जोिि के िामिे िे ववद्या कॉिोिी को छोड़ते हुए कृष्णा िगर को शासमि
कर कृष्णा िगर के कोिे िे िक्षिणी चिते हुए हाइवे पर पहुँचके पप्चचमी
चिते हुए हाइवे पुसिया िे उत्तरी चिके गजिपुरा िमाज कल्याण ऑफफि
आरटीओ ऑफफि मुख्य कोटा रोर् तक की िमस्ट्त मध्यवती आबािी।
1701
4
कोटा रोर् सिंचाई ववभाग कॉिोिी को शासमि कर बॉउंड्री िे पप्चचमी ओर
बायीं आबािी को शासमि कर कोटा रोड़ पर चिते हुए बजाज शोरूम,
ग्िोबि फकड्ि की गिी, केके मोटिड, हौंर्ा शोरूम को शासमि कर आगे
गिी ववद्या कॉिोिी को शासमि कर हौंर्ा शोरूम के पाि के रास्ट्ते िे अंिर
िक्षिणी चिते हुए कृष्णा िगर को छोड़ते हुए एिएच 27 हाइवे पर पहुँचके
वहाँ िे पूवी ओर चिते हुए तिावर्ा क्रॉि िािे िे िािे िािे चिते हुए
िीिकंि कॉिोिी व िाथ बस्ट्ती को शासमि कर तािाब की पाि िे
मनिहारा तािाब होते हुए सिंचाई ववभाग की बॉउंड्री तक की िमस्ट्त
मध्यवती आबािी।
1685
5
कोटा रोर् रेिवे फाटक िे पप्चचमी चिके सिंचाई ववभाग कॉिोिी व गिी
िंबर1 व 2 िैिा िेवी गिी को छोड़ते हुए कोिे के मकाि व मैररज गार्डि
िे िक्षिणी ओर चिके मैररज गार्डि व मनिहारा महािेव को शासमि करते
हुए पीछे की बॉउंड्री िे िगवा कच्ची बस्ट्ती टंकी व सशव कॉिोिी को
शासमि कर िािे हाईवे पर पप्चचम और िांगोि रोड़ पर पहँचकर िक्षिणी
और चिते हुए राजस्ट्व ग्राम तिावड़ा िे बॉउंड्री पर पहूँचकर पूवी और चिते
हुए बायीं और की िमस्ट्त आबािी को शासमि कर तिावड़ा रोड़ पर पहँचकर
उत्तरी और चिते हुए बाबजी िगर नतराहे पर पहँचकर पप्चचमी और चिते
हुए बादिया बंधु, टक्कर की बाड़ी को शासमि कर पक्के िीिी निसमडत पैक
1688
भाग 6 (क) राजस्ट् थाि राज-पत्र, सितम बर 13, 2025 648
िािे िािे चिके बाई आबािी शासमि कर द्वारका िाि िजापनत के मकाि
की िाइि व बाबजी िगर को छोड़ते हुए पूवड पार्डि गगरधारी जी की बाड़ी
को शासमि कर पुसिया पर पहुँचके िािे पर हररराम ऐरवाि के मकाि को
शासमि कर िीिी रोड़ पर पप्चचमी चिते हुए िटराज िगर सशव कॉिोिी
को शासमि करते हुए मैररज गार्डि तक की िमस्ट्त मध्यवनतड आबािी।
6
बाबजी िगर रोड़ पर पूवी आबािी को शासमि कर पूवी और चिते हुए
तेिफेक्री रेिवेक्रॉसिंग पर पहुंचकर िक्षिणी ओर चिते हुए फूिचि पूर्ी
िेंटर व कोिे पर मेडर्कि िे मकाि एर्ीएम िाहेब को शासमि कर िायीं
तरफ बाबजी िगर रोर् पर घूमके िेमीचंि जी ववजय के मकाि, िंस्ट्कार
मैररज गार्डि, जािकी फोर्ड मैररज गार्डि, को शासमि कर परमहंि जी की
बगीची की िमस्ट्त आबािी को शासमि कर िेंरि ऐकेर्मी स्ट्कूि िे पप्चचमी
चिते हुए पक्के िीिी निसमडत िािे को छोड़ते हुए मकाि द्वारकािाि
िजापनत व गीतेश शमाड को शासमि कर आगे चिके िािे पुसिया िे
हररराम ऐरवाि के मकाि को छोड़ते हुए पूवी अंर्रपाि िे पूवी चिके ग्रेर्
बस्ट्ती को शासमि कर रेिवे क्वाटडर तक की िमस्ट्त मध्यवती आबािी।
1825
07
झािावाड़ रोर् मुख्य िड़क पर बाबजी िगर रोर् के िक्षिणी कोिे िे िवीि
िाड़ी िेंटर िे मुख्य झािावाड़ रोड़ पर चिते हुए िाबु आयि समि व कटिे
को शासमि करते हुए पुसिि चौकी में व बािाजी मंदिर को शासमि करते
िादहिी पप्चचमी ओर घूमकर आरके गार्डि रोड़ पर चिते हुए आगे िे मुकुट
बबहारी शमाड के मकाि को छोड़ते हुए कोिे के मकाि बृजेदद्र जोशी के
मकाि मकाि को शासमि कर िायीं ओर चिके सशव मप्दिर पािी की टंकी
को शासमि करते हुए बिसियंट स्ट्कूि को छोड़ते हुए बाबजी िगर मुख्य
िड़क जािकी फोटड पर पहुंचके पूवी मुख्य झािावाड़ रोड़ की तरफ चिते
हुए िादहिी आबािी इंिौररया ििि को शासमि कर कोिे पर िवीि िाड़ी
िेंटर तक की िमस्ट्त मध्यवती आबािी।
1911
08
मुख्य बाबजी िगर रोर् पर जािकी फोटड के िामिे स्ट्वगीय गौरव शमाड के
कॉमतिेक्ि बबप्ल्र्ंग िे िक्षिणी ओर चिते हुए िादहिी आबािी को शासमि
कर बिसियंट स्ट्कूि को शासमि कर पािी की टंकी सशव मंदिर को छोड़ते
हुए आरके गार्डि रोड़ पर पहुँचके कोिे पर मकाि मुकुट बबहारी शमाड िे
पप्चचमी घूमके आगे चिते हुए आरके गार्डि ववष्णु ववहार ररविका कोकोिी
िाकोड़ा एिक्िेव को शासमि कर पप्चचमी ओर तिावर्ा मेि रोड़ पहुंचकर
कल्याण राय बावड़ी को शासमि करते हुए िेव िगर गुजडरो की ढोिी को
शासमि कर बाबजी िगर नतराहें पहुँचके पूवी चिते हुए जािकी फोटड गार्डि
को छोड़ते हुए गौरव शमाड के कोमतिेक्ि तक की िमस्ट्त मध्यवती आबािी।
1850
09
झािावाड़ रोड़ पुसिि चौकी बािाजी मंदिर को छोड़ते हुए आगे कॉिडर िे
िक्षिणी ओर झािावाड़ रोड़ पर चिते हुए िादहिी आबािी को शासमि करते
हुए गाडड़या कॉिोिी पुरुर्ोत्तम जी पंप वािे के मकाि िाबू आयुि समि
1851
649 राजस्ट् थाि राज-पत्र, सितम बर 13, 2025 भाग 6 (क)
एिबीआई बैंक व बड़ोिा बैंक बंधि गाईि, को शासमि कर आमापरा िे
िक्षिणी और झािावाड़ रोड़ पर चिकर िगर पररर्ि िीमा िे पप्चचमी और
चििते चिते हुए तिावड़ा रोड़ पर उत्तरी और चिते हुए िमस्ट्त आबािी
को शासमि कर हाईवे पर पहूँचकर पूवी और चिकर आरके गार्डि रोड़ पर
उत्तरी और चिकर बािाजी मप्दिर पुसिि चौकी तेि फैक्री पहूँच के
िक्षिणी कोिे तक की िमस्ट्त मध्यवती आबािी।
10
झािावाड़ रोड़ गोदियापुरा रोर् के िक्षिणी कोिे मकाि चयाम िुंिर िागर िे
पूवी ओर गोदिया पूरा िुजडिपुरा रोर् रोर् चिके िादहिी आबािी वविायक
िगर, मुगी फामड िमेत गोदियापुरा बस्ट्ती की िादहिी आबािी को शासमि
कर आगे पुसिया पर पहुँचके वहाँ िे आगे िस्ट्ताववत िामुिानयक भवि की
चार िीवारी पहुंचके वहा िे िक्षिणी ओर घूमके िीिी रोर् चिते हुए
िुजडिपुरा की आबािी को छोड़ते हुए हाइवे एिएच 27 पहुँचके वहाँ िे
पप्चचमी ओर चिके रूर्िेट िंस्ट्थाि को शासमि कर झािावाड़ रोर् अंर्रपाि
िे उत्तरी बारां की ओर चिते हुए िेंरि जेि, दयू पेरोि पमप को शासमि
कर ग्राम आमापुरा की िमस्ट्त आबािी को शासमि करते हुए आमापुरा
पुसिया िे आगे चिते हुए िरकारी स्ट्कूि, टावर, वविायक िगर को शासमि
कर गोदियापुरा िड़क के कोिे पर मकाि चयाम िागर तक की िमस्ट्या
मध्यवती आबािी।
1843
11
झािावाड़ रोड़ पर गोदियापुरा िुजडिपुरा रोड़ के उत्तरी कोिे पर मकाि पतपू
शाक्यवाि कल्िू िेकेिार िे बायीं आबािी को शासमि कर िड़क िड़क
चिकर िामुिानयक भवि की चार िीवारी िक्षिणी चिके एिएच 27
अंर्रपाि िे हाइवे िे पप्चचमी और चिकर झािावाड़ रोड़ पर िगर पररर्ि
की िीमा तक पहूँचकर िीमा पर पूवी और चिते हुए आगे कच्ची गर्ार
पहूँचकर पप्चचमी और हाइवे पहूँचकर उत्तरी और चिते हुए रेल्वे िाइि िे
पप्चचमी और चिकर िािे िािे िेत की मेर मेर पप्चचमी चिकर हाऊसिंग
बोर्ड की बॉउंड्री व मकाि अध्यापक जीतू मीणा मकाि मिि मोहि गौतम
की िाइि को छोड़ते हुए मुख्य िड़क झािावाड़ रोड़ पहुँचके कोिे के मकाि
रामकल्याण मीणा को छोड़ते हुए िक्षिणी ओर झािावाड़ रोड़ पर चिकर
गोदियापुरा रोड़ पर कोिे के मकाि पतपू शाक्यवाि व कल्िू िेकेिार तक
की िमस्ट्त मध्यवती आबािी।
1919
12
झािावाड़ रोड़ पर हाउसिंग बोर्ड के िक्षिणी कोिे िे मकाि रामकल्याण
मीणा को शासमि कर उत्तरी ओर चिते हुए पािी की टंकी - िागर स्ट्टोि
को शासमि करते हुए आशीवाि गार्डि के कोि िे बाग को शासमि करते
हुए िादहिी आबािी को शासमि कर पूवी ओर चिते हुए पीछे बाणगंगा ििी
पहुँचके वहाँ िे िक्षिणी चिते हुए ििी को छोड़ते हुए छोटे िािे पर पहुँचके
िंस्ट्कृत स्ट्कूि को शासमि कर हाउसिंग बोर्ड वार्ड की बॉउंड्री बॉउंड्री चिके
हाउसिंग बोर्ड के कोिे पर मकाि रामकल्याण मीणा झािावाड़ रोड़ तक की
2178
भाग 6 (क) राजस्ट् थाि राज-पत्र, सितम बर 13, 2025 650
िमस्ट्त मध्यवती आबािी।
13
झािावाड़ रोड़ पर प्स्ट्थत निगम कायाडिय व मथुरािाि जी के मकाि िे
पूवी ओर चिते हुए टैगोर स्ट्कूि को शासमि करते हुए िीधे चिते चिते
भाया की बाड़ी को शासमि करते हुए बाणगंगा ििी पर पहुंच के उत्तरी ओर
चिते चिते आगे जाकर पूवी और घूम कर जगदिाथ जी के मकाि को
शासमि करते हुए िोहि जी रािौर के मकाि को शासमि करते हुए कमिा
भवि को छोड़ते हुए िरिार की बॉर्ी को छोड़ते हुए िीधा झािावाड़ रोड़ पर
पहुंचकर रािौर फकरािा स्ट्टोर िे िक्षिणी और चिकर रामििाि आरआई के
मकाि को शासमि करते हुए झािावाड़ रोड़ प्स्ट्थत निगम ऑफफि व मथुरा
िाि जी के मकाि तक की िमस्ट्त मध्यवती आबािी।
2168
14
झािावाड़ रोड़ पुसिि चौकी के िामिे की गिी में िेवकीिदिि ििि के
मकाि को शासमि करते हुए पूवी और चिते चिते कमिा भवि को
शासमि करते हए िरिार की बाड़ी को शासमि करते हुये बाण गंगा ििी पर
पहूंचकर उत्तरी और चिते हुए रेल्वे पटरी पर पहुंचकर पप्चचमी और पटरी-
पटरी चिते हुए िक्षिण की ओर उतरकर छोटे िािे की पुसिया पर पहुंचकर
भेरुसिंह के मकाि को शासमि करते हुए ििडरी को शासमि करते हुये िािे
के िहारे िहारे चिकर गणेश स्ट्कूि पर पहूंचकर गणेश स्ट्कूि को छोड़ते
हुए पप्चचमी और चिकर झािावाड़ रोड़ पर प्स्ट्थत सशव समष्िाि भण्र्ार को
शासमि कर िक्षिणी और चिकर पुसिि चौकी के िामिे की गिी में
िेवकीिदिि के मकाि तक की िमस्ट्त मध्यवती आबािी।
1895
15
िािे के िहारे गणेश स्ट्कूि को शासमि करते हुए वहां िे पप्चचमी और
चिकर झािावाड़ रोड़ पर पहुच कर वहां िे उतरी और चिते हुए सशव
समष्िाि भण्र्ार को छोड़ते हुए उतरी और चिते हुए झािावाड़ रोड़ रेल्वे
फाटक क्रोि पहुंचकर पूवी और चिते हुये रामिगर िािा क्रॉि कर ििडरी
के पप्चचमी और की आबािी को शासमि कर रामिगर िािे की पूसिया िे
होते हुए िािे िािे चिकर गणेश स्ट्कूि तक के मध्यवती िमस्ट्त आबािी।
2063
16
झािावाड़ रोड़ रेिवे फाटक िे हिुमाि मंदिर को छोड़ते हुए उत्तरी और बंक
की तरफ चिते हुए िंजय कॉिोिी व िादहिी आबािी को शासमि कर
चबूतरे िे पप्चचम घूम के िायीं आबािी िेवस्ट्थाि व यािव बस्ट्ती व रुगच
िेर् को शासमि कर वापि पूवी घूम के िड़क पर पहुंच के हेमराज समस्ट्त्री
को छोड़ते हुए कल्िा िेकेिार के मकाि व आगे मीट की िुकािों को शासमि
कर िादहिी आबािी को शासमि कर बंक पर पहुंचकर मकाि मास्ट्टर तेजेंद्र
को शासमि कर पूवी घूम कर अित इिेक्रॉनिक्ि जय अंबे मेडर्कि को
शासमि कर कोिे िे िक्षिणी चिते हुए धिराज शमाड के मकाि को शासमि
कर पुसिया पार कर रामिेव जी मंदिर व बािाजी मंदिर को छोड़ते हुए िुरेंद्र
रािौर पार्डि के मकाि व टावर को शासमि कर बोहरा कबिस्ट्ताि व
परमजीत की बॉर्ी को शासमि कर िक्षिणी पूवी चिते हुए िशहरा मैिाि
2052
651 राजस्ट् थाि राज-पत्र, सितम बर 13, 2025 भाग 6 (क)
रेिवे पटरी पहुंच के पटरी पटरी पप्चचमी चिते हुए तेि फैक्री रेिवे फाटक
तक की मध्यवती िमस्ट्त आबािी।
17
िीिियाि पाकड िुिभ कांतिेक्ि िे पूवी और चि के िादहिी आबािी को
शासमि कर िीिियाि पाकड को छोड़ते हुए पाकड वािे कटिे को शासमि
करते हुए िेव कृष्ण मावा को शासमि कर बंक पर मास्ट्टर तेजेंद्र के मकाि
को छोड़ते हुए व कोिे पर मकाि मोहििाि जी िोि को शासमि कर
िक्षिणी चिते हुए मकाि अशोक िामिेव को शासमि कर मकाि िुकाि
हेमराज समस्ट्त्री िे पप्चचम घूम कर ताज बीड़ी को शासमि कर िेवस्ट्थाि को
छोड़ते हुए बबच्छू िक्िेिा के मकाि के िामिे कोिे पर मकाि कल्याण
सिंह एर्वोकेट को शासमि कर चिते हुए िजूरपुरा नतराहे पर एर्वोकेट
दििीप सिंह पवार को शासमि कर हेमराज सिंह चौधरी पूवड िधाि के मकाि
को शासमि करते बबल्िू वाल्मीकी के मकाि को शासमि कर पीछे िे मिोज
जैि वकीि के मकाि को शासमि कर रेिवे फाटक बािाजी को शासमि कर
वापि घूमकर िजूरपुरा नतराहे वकीि दििीप सिंह पंवार िे रोड़ क्रॉि कर
पप्चचमी चारमूनतड की तरफ चिते हुए िादहिी आबािी िुरी हाउि, मकाि
ईशु पौराखणक मकाि समची वािों को शासमि कर पंचायत िसमनत को
शासमि कर चार मूनतड र्ाक बंगिा पहुंचकर वहां िे उतरी िादहिी और घूम
कर चिते हुए पोस्ट्ट ऑफफि व केंद्रीय कोऑपरेदटव बैंक को शासमि कर
िगर पररर्ि को शासमि करते हुये िताप चौक िे वापि घुम कर जािाि
का मकाि, रामस्ट्वरूप रािौर की टाि, राजिमोि िाज को शासमि करते हुये
िीिियाि पाकड िुिभ कॉमपिेक्ि तक की मध्यवती आबािी।
1837
18
शाहबाि रोड़ बंक पर जय अंबे मेडर्कि के िामिे कोिे पर िुमि निवाि व
जूि िेंटर िे पूवी और चिते हुए मुप्क्तधाम रोड़ कोिे पर रािौर िंिि को
शासमि कर िक्षिणी और मुप्क्तधाम रोड़ पर चिते हुए माताजी मंदिर को
शासमि कर एकता हॉस्ट्टि िीिा स्ट्कूि को शासमि कर मप्स्ट्जि को शासमि
कर यािवों के बड़े िािी मैिाि कोिे िे पप्चचम और घूम के जेर्ीएम स्ट्कूि
को शासमि कर पुसिया पर पहुंचकर मंदिर रामिेव जी को शासमि कर
उत्तरी और िुमि निवाि एवं िुमि जूि िेंटर शाहबाि रोड़ तक की
मध्यवती िमस्ट्त आबािी।
2262
19
िंका कॉिोिी रामिेव मंदिर के िामिे नतकोिा िे बािाजी मंदिर को
शासमि कर िक्षिणी पप्चचमी चिते हुए मकाि जयिकाश रािौर
ित्यिारायण िजापनत को शासमि कर िक्षिणी और चिते हुए पूवड पार्डि
िुरेंद्र रािौर व टावर व बोहरा कबिस्ट्ताि व िरिार की बॉर्ी को छोड़ते हुए
मासियों के मोहल्िे को शासमि कर पूवी चिके िशहरा मैिाि पहुंच के पूवी
और चि के अंबेर्कर भवि िरकारी अस्ट्पताि डर्स्ट्पेंिरी व िरकारी स्ट्कूि
को शासमि कर मुप्क्तधाम रोर् पर मकाि िुकाि िाथूिाि रािौर को
शासमि कर यािवों के बाड़े को छोड़ते हुए मकाि ििीम भाई के कोिे िे
2208
भाग 6 (क) राजस्ट् थाि राज-पत्र, सितम बर 13, 2025 652
पप्चचम चिकर मधुबि ररिोटड को शासमि कर मकाि बाबूिाि िजापनत
मकाि रमेश िजापनत को शासमि कर बािाजी मंदिर तक की िमस्ट्त
मध्यवती आबािी।
20
मुप्क्तधाम रोर् पर अजीज भाई समत्री के मकाि को छोड़ते हुए िािी तिाट
िे पूवी चिकर मकाि गोववंि चौहाि सशवराज सिंह के केिाहेड़ी को शासमि
कर तिाई शासमि कर कोिे पर मकाि िड्र्ू कुमार को शासमि कर
चरीघाट रोड़ पर पहुंच के िक्षिणी और चिकर जोगखणया माता मंदिर िेत्र
को छोड़ते हुए रेिवे पटरी पहुंचकर वहां िे पप्चचम और चिकर शमशाि
घाट िशहरा मैिाि िीत गार्डि को शासमि कर उत्तरी और रोड़ रोड़ चिते
रघुराज केिाहेड़ी को शासमि कर िादहिी आबािी को शासमि कर िंिीप
राजेंद्र रािौर िीमेंट वािों के मकाि को शासमि कर िािी तिाट गोबबंि
केिाहेड़ी तक की िमस्ट्त मध्यवती आबािी।
1836
21
मुख्य शाहबाि रोड़ िे मुप्क्तधाम रोड़ पर कोिे का मकाि हुकमचंि िािाजी
विंदटंग िेि को शासमि कर िक्षिणी और चिते हुए मकाि अजीज भाई पर
पहुंचकर पूवी और चिते हुए मकाि मिोहर सिंह व रमेश चंद्र िजापत के
मकाि को शासमि करते हुए चरीघाट रोड़ पर पहुंचकर उत्तरी और चिते
हुए बायीं आबािी को शासमि कर सशव मंदिर व बावड़ी को शासमि कर
मोहि सिंह व बद्रीिाि जी रतिामी के मकाि को शासमि कर िामिेव
भवि को शासमि कर पप्चचमी और चिते हुए हुकम चंि के मकाि तक की
िमस्ट्त मध्यवती आवािी।
1845
22
शाहबाि रोर् िे चरीघाट रोर् पर िंििाि यािव के मकाि िे िक्षिणी और
चिकर चयाम िाि के मकाि को शासमि कर पुरािे िंजीविी हॉप्स्ट्पटि को
शासमि कर िीधे चिते हुए जोगखणया माता मंदिर िेत्र को शासमि कर
रेिवे पटरी पर पहुंच के पूवी घूम कर पटरी पटरी चिते बाणगंगा ििी पर
पहुंच के ििी के उत्तरी और चिते-चिते शाहबाि रोर् पर पहुंचके ििी को
छोड़ते हुए पप्चचमी घूम के मकाि िंििाि यािव तक की िमस्ट्त मध्यवती
आबािी।
1974
23
शाहाबाि रोर् पर आिंि िीमेंट उद्योग के पाि पुसिया व रास्ट्ते िे चिते
हुए कादियावाि कटिे को छोड़ते हुए उत्तरी ओर चिते हुए िरि की टोड़ी
पहुंचकर मप्स्ट्जि को छोड़ते हुए पूवी और घूम कर चबूतरा व केिा िेवी
मंदिर शासमि कर पुसिया पर पहुंचकर आगे चिते हुए शाहबाि रोड़ पर
पहुंचकर अंबेर्कर िफकडि को शासमि कर बंकट की बगीची को शासमि कर
गणेश मंदिर को शासमि कर ताड़ के बािाजी को शासमि कर अटरू रोड़ पर
चिकर एिएच 27 हाईवे पहुंचकर पप्चचमी और घूम के जासिम कुआं रेिवे
पटरी िे पटरी पटरी पप्चचमी चिकर बाणगंगा ििी पर पहुंचकर उत्तरी
और ििी ििी चिते हुए शाहबाि रोड़ पुसिया पर पहुंचकर वहां िे पप्चचम
और चिकर िादहिी आबािी को शासमि करते हुए आिंि िीमेंट उद्योग के
1852
653 राजस्ट् थाि राज-पत्र, सितम बर 13, 2025 भाग 6 (क)
पाि रास्ट्ते तक िमस्ट्त मध्यवती आबािी।
24
अटरू रोर् पर मंदिर भूतेचवर के िथम कोिे िे मंदिर को शासमि कर
उत्तरी और चिकर िारेर्ा रोड़ पर पूवी घूम कर चिते हुए गोस्ट्वामी की
िुकाि महेंद्र िुमि िक्ष्मण बेरवा मदहंद्रा वकडशॉप को शासमि कर िक्षिणी
और चिकर िक्ष्मीपुरा रोर् कच्ची बस्ट्ती में िादहिी आबािी शासमि कर
सशव कॉिोिी िोजमि की बाड़ी शासमि कर िक्षिणी पूवी और चिते हुए
ट्यूबवेि पर पहुंचकर ट्यूबवेि को छोड़ते हुए मकाि फकशि गुजडर मकाि
ओम िकाश शमाड मकाि रामकरण को शासमि कर पूवी और िोजमि की
बाड़ी पर पहुंचकर िक्षिणी चिते हुए धिराज पेंटर को शासमि कर कोिे पर
मकाि मांगीिाि कुमार को शासमि कर हैंर्पंप के िामिे िसित बैरवा िे
पप्चचम और िंजय बैरवा को शासमि कर िीधे गिी-गिी चिते हुए िादहिी
आबािी को शासमि कर ओझा फकरािा को शासमि कर कोिे पर िागर
िोववजि फकरािा िे उत्तरी और चिते हुए भूतेचवर मंदिर तक की िमस्ट्त
मध्यवती आबािी।
1873
25
अटरू रोड़ पर रामकरण िुमि के मकाि को शासमि कर रोड़ रोड़ पप्चचमी
और चिते हुए हाईवे पर पहुंचकर वहां िे पूवी और चिते हुए िक्ष्मीपुरा
रोड़ के िक्षिणी और चिते हुए वार्ड िं. 11 बाउंड्री िे उत्तरी और चिकर
हाइवे पर पूवी और चिकर अटरू रोड़ िे उत्तरी और चिकर रामकरण
िुमि तक की िमस्ट्त मध्यवती आबािी।
2245
26
एि एच 27 पर िक्ष्मीपुरा के पक्के रास्ट्ते िे िक्षिणी और चिकर जगिीश
के मकाि को शासमि करते हुए गिी-गिी चिते हुए छोटूिाि जी के
मकाि को शासमि कर घांिी िाि जी के मकाि व िुकाि पर पहुंचकर
आटा चक्की शंभू ियाि को शासमि कर मुख्य िारेर्ा रोड़ पहुंचकर पूवी
चिते-चिते िंदििी गौशािा को शासमि कर िारेर्ा रोड़ चिते हुए पािेर्ा
पुसिया िे िािे िािे उत्तरी और चिते हुए जैि िसिडयां मप्दिर को छोड़कर
शाहबाि रोड़ पहूंचकर उत्तरी पूवी और चिते हुए एि एच पहुंचकर िगर
पररर्ि के िीमा िेत्र के िहारे िक्षिणी और चिते हुए िक्ष्मीपुरा आबािी को
छोड़़ते हुए रास्ट्ते रास्ट्ते चिते हुए हाईवे पर पहुंचकर िक्ष्मीपुरा के कच्चे
रास्ट्ते तक िायीं और की और मुख्य िारेर्ा रोड़ की िमस्ट्त मध्यवती
आबािी।
2109
27
अटरू रोड़ पर जििाय ववभाग के िक्षिणी कोिे िे चिते हुये हिुमाि मंदिर
रक यूनियि को शासमि कर कबिस्ट्ताि को शासमि कर सशवाजी िगर
चौराहे पर पहुंचकर सशवाजी िगर मुख्य िड़क पर िक्षिणी चिते हुये पािी
की टंकी को शासमि कर िदििी गौशािा को छोड़ते हुए वहां िे पप्चचमी
घूमकर िारेड़ा रोड़ पर चिते हुये मुख्य अटरू रोड़ पर जििाय ववभाग तक
की िमस्ट्त मध्यवती आबािी।
2257
28
सशवाजी िगर नतराहे िे िक्षिणी ओर मुख्य सशवाजी िगर रोड़ पर चिते हुये
2081
भाग 6 (क) राजस्ट् थाि राज-पत्र, सितम बर 13, 2025 654
िदििी गौशािा पर पहुंचकर उत्तरी और चिते हुए पािेर्ा पुसिया पर
पहूंचकर उत्तरी और िािे िािे चिकर जैि िसिडया जी मंदिर को शासमि
कर िसिडयां जी के पूवी कोिे िे पप्चचमी और चिते हुए मारवाड़ी बस्ट्ती
और िुिावि बस्ट्ती को शासमि करते हुए सशवाजी िगर नतराहे पर पहुंचकर
िमस्ट्त मध्यवती आबािी।
29
मुख्य िसिडयां जी के पूवी कोिे िे चिते हुए पािेर्ा िािे की पुसिया पर
पहूंचकर िािे िािे चिते हुए बाणगंगा पहूंचकर बाणगंगा पर चिते चिते
िगर पासिका िीमा पर पहूंचकर नियािा ग्राम की आबािी को शासमि कर
पासिका िीमा चिते चिते िक्षिणी और घूमकर एिएच 27 पहूंचकर
िक्षिणी पप्चचमी और शाहबाि रोड़ पर चिते हुए जैि िसिडयां मप्दिर तक
की िमस्ट्त मध्यवती आबािी।
1891
30
मांगरोि िरवाजे के उत्तरी ओर चिकर गणेश जी के चबूतरे को शासमि
कर कोिे पर चक्की को शासमि कर पप्चचमी ओर घूमकर पािी की टंकी
को शासमि कर फोरेस्ट्ट िािा पुसिया पार कर उत्तरी ओर चिकर मकाि
ओमिकाश रेगर की ओर कुएं को शासमि कर िारायण पेंटर के मकाि
शासमि कर मप्स्ट्जि को छोड़ते हुये आगे चिकर मकाि भैरूिाि मािी को
शासमि कर मकाि अशफाक समस्ट्त्री को शासमि कर बावड़ी को छोड़ते हुये
मरहूम अब्िुि ित्तार को शासमि कर राधेचयाम िुमि को शासमि कर
कय्यूम भाई बीड़ी वािो के मकाि को शासमि कर उत्तरी ओर घूमकर
मिरिा रजववया को शासमि कर आगे चिते हुये िफकत भाई के मकाि
को शासमि कर शब्बीर भाई ऑटो वािो को शासमि कर उत्तरी ओर कच्चे
रास्ट्ते पर चिते हुये कािा कुआं को शासमि कर पप्चचमी ओर घूमकर
शप्क्त के चबूतरे को शासमि कर मकाि स्ट्वगीय अजीज भाई को शासमि
कर पप्चचमी ओर चिते हुये आबबि आरिीिी के मकाि को शासमि कर
िक्षिणी ओर घूमकर कच्चे रास्ट्ते पर चिते हुये कोिे पर मकाि बबरधीिाि
मािी को शासमि कर कोिे पर कुएं को छोड़ते हुये पूवी ओर घूमकर रईि
कोदहिूर की बाड़ी को शासमि कर कच्चे रास्ट्ते पर चिते हुये पक्के रोड़ पर
उत्तरी ओर चिते हुये मकाि अब्बू भाई को शासमि कर मकाि कािूिाि
वाल्मीकी को छोड़ते हुये मकाि िुरेदद्र को छोड़ते हुये पप्चचमी ओर घूमकर
मकाि िड्र्ू वाल्मीकी को शासमि कर आगे चिते हुये िक्षिणी ओर घूमकर
पक्के रोड़ पर चिते हुये मकाि रामभरोि वाल्मीकी को शासमि कर मकाि
रामस्ट्वरूप व जगदिाथ एवं मासियाि पंचायत िसमनत को शासमि कर
धोिाई की ओर घूमकर मैि रास्ट्ते पर िामुिानयक भवि को शासमि कर
मोहि जी वाल्मीकी के मकाि को शासमि कर िक्षिणी ओर घूमकर मकाि
छीतर पटेि को शासमि कर िािे की पुसिया पार कर माताजी चबूतरा फूटा
कोट पर ित्यिारायण भूमल्या के मकाि को शासमि कर पप्चचमी ओर
घूमकर कोट-कोट चिते हुये मथुरािाि वाल्मीकी के मकाि को छोड़ते हुये
2216
655 राजस्ट् थाि राज-पत्र, सितम बर 13, 2025 भाग 6 (क)
िफकत की बाड़ी को शासमि करते हुये कोट-कोट मांगरोि िरवाजे तक
पहुंचकर गणेश जी के चबूतरे तक की मध्यवती आबािी।
31
शाहबाि रोड़ पर प्स्ट्थत आरा मशीि वािी गिी के कोिे िे भीमिि
व्यायामशािा को शासमि कर िक्ष्मी ववहार कॉिोिी को शासमि कर िाईवेट
प्क्िनिक को शासमि कर बाणगंगा की तरफ घूमकर शाहबाि गेट वािे रोड़
पर गेदिीिाि जी के मकाि को शासमि कर उत्तरी ओर चिकर धदिािाि
जी के मकाि को शासमि कर पािी की टंकी को शासमि कर मकाि अशोक
को शासमि कर बाणगंगा ििी के फकिारे चिकर पुसिया पर पहुंचकर वापि
उत्तरी ओर घूमकर बाणगंगा के िहारे-िहारे पीपिीिाड़ी पर पहुंचकर अरूण
वाल्मीकी के मकाि को शासमि करते हुये मुरिी मिोहर जी के मंदिर को
छोड़ते हुये महावीर शमाड के मकाि को शासमि कर हिुमाि जी के मंदिर
को शासमि कर बबहारी जी के मंदिर िे घूमकर भैरूजी के चबूतरे को
छोड़कर हैण्र्पमप को शासमि कर िीिगरो की मप्स्ट्जि, रघुिाथ मप्दिर के
पीछे ओशो ड्रायक्िीििड की गिी व शाहबाि गेट पर िड्र्ू धोबी के मकाि
को छोड़ते हुए बागबस्ट्ती छोड़ते हुए छोटी पुसिया पर पहुंचकर आरा मशीि
वािी गिी में शाहबाि रोड़ तक की िमस्ट्त मध्यवती आबािी।
1865
32
चौमुिा बाजार में गणेश जी की छतरी िे िक्षिणी ओर चिते हुये मंदिर
श्रीजी व मप्स्ट्जि को शासमि करते हुये पीछे िे पूवी ओर चिते हुये कोिे
पर मकाि िेवीशंकर राव ओम जगाती िे िक्षिणी ओर चिकर हीरा हिवाई
िे रघुिाथ मप्दिर के पीछे ओशो ड्रायक्िीििड सिराज भाई, जुगि जी,
हेमराज िजापनत, मुकेश जंगम के मकाि िे शाहबाि गेट पर पर िड्र्ू
धोबी के मकाि का मप्स्ट्जि िीिगराि को शासमि कर उत्तरी पप्चचमी ओर
चिकर बबरधीिाि गुजडर का मकाि िीिी वािे िे िक्षिणी कोिे पर रमेश
गुजडर िे िीिी चिकर पप्चचमी ओर मकाि िाथूिाि छीपा िे उत्तरी ओर
जुगि फकशोर गौत्तम िे भंवरिाि मुिीम को शासमि करते हुये रमेश
अग्रवाि की िुकाि िे रास्ट्ता क्रोि कर कोिे का मकाि िदिफकशोर िजी व
पूिमचदि जैि छीतर िेि कोिे िे िक्षिणी ओर चिते हुये मकाि जमबू
जैि िे रास्ट्ता क्रोि कर पप्चचमी ओर ववष्णु ििेरा िे ओम झगर्ू िे रास्ट्ता
पार कर चयामिाि पतािे वािे गणेश जी छतरी की िमस्ट्त मध्यवती
आबािी।
1896
33
िवीि फकरािा स्ट्टोर िरि की तोड़ी िे उत्तरी और बांर्ा जी की टेक पर
चिते हुए िादहिी आबािी को शासमि कर चेति फकरािा स्ट्टोर महािेव
मंदिर भेरुजी मंदिर को शासमि कर ििेरा के मकाि को शासमि कर पुरािा
थािा ववद्यािय को शासमि कर श्रीजी मंदिर के पीछे गजािंि कछावा जी
के मकाि के कोिे िे पूवी और चिते हुए ववमि जी जैि के मकाि
रामकुमार िोिी ओम जगती के मकाि को शासमि कर िामिे कोिे पर
मकाि चयामिाि राव िे िक्षिणी घूम कर मकाि िरोत्तम िाधीच एर्वोकेट
1840
भाग 6 (क) राजस्ट् थाि राज-पत्र, सितम बर 13, 2025 656
के मकाि को शासमि कर मुंशी रामगोपाि मकाि िे िीदियां चिकर गोिाम
पीर्ब्ल्यूर्ी िे भारत भूर्ण िक्िेिा को शासमि कर िक्षिणी और चिते हुए
रववंद्र िाथ टैगोर स्ट्कूि शासमि कर टेक उतरते हुए चयाम पंचोिी के मकाि
को शासमि कर शीतिा चौक होते हुए िीधे केिा िेवी मंदिर पहुँचके केिा
िेवी मंदिर को छोड़ते हुए पप्चचम और चिते परमा टेिर हुिैि भाई के
मकाि को शासमि कर िवीि फकरािा स्ट्टोर तक की िमस्ट्त मध्यवती
आबािी।
34
कुमहारों के मंदिर को छोड़ते हुए िामिे का मकाि बािकृष्ण िजापनत के
मकाि िे पूवी और चिते हुए िुिभ कॉपिेक्ि को शासमि करते हुए
आईिेक्ट िंस्ट्था िाबबर के मकाि को शासमि करते हुए मकाि ििीप गुतता
को शासमि कर बािाजी के मंदिर को शासमि कर भैंिर्ा वािों के मकाि
को शासमि कर कोिे िे पूवी और घूम कर गुजडरों के मंदिर को शासमि कर
उत्तरी ओर बांर्ा जी की टेक चिते हुए बायीं आबािी को शासमि कर
मकाि िुकाि ित्तू पांचाि को शासमि कर बांर्ा जी के मकाि को शासमि
कर आगे चिते हुए छतपिकोट मंदिर को शासमि कर बबिू ववजय के
मकाि को शासमि कर श्री जी के चौक िे पप्चचम और घूम कर मकाि
किीम बोहरा को शासमि कर बावड़ी को शासमि कर िक्षिणी और घूम कर
िेहरू पाकड को शासमि कर उपभोक्ता की िुकाि को शासमि कर टेक उतरते
हुए बािकृष्ण िजापनत के मकाि तक की मध्यवती िमस्ट्त आबािी
1731
35
बंक िे फतेहचंि यािव के मकाि िे उतरी और चिते हुए हेर् पंप व पुरािे
निगम को शासमि कर मकाि िीिाधर िुमि को शासमि कर मिोज कुमार
शमाड वकीि के मकाि को शासमि कर पूवी और घूम कर बाबा फकरािा
स्ट्टोर िे िेमीचंि जी के मकाि को शासमि कर उत्तरी और चिते हुए
कुमहारो के मंदिर को शासमि कर पूवी और चिते हुए िुिभ कंपिेक्ि को
छोड़ते हुए िामिे कोिे पर रामावतार िजापनत के मकाि को शासमि कर
पूवी और चिते हुए बड़ के पेड़ के िामिे िैिी फकरािा स्ट्टोर को शासमि
कर मकाि रमेश िेि को छोड़ते हुए िगवा पतिी गिी में घूम कर िक्षिणी
और चिकर िोहि जी की बाड़ी की आबािी को शासमि कर अंिर गिी में
िे पप्चचम चिकर मुकेश चौरसिया के मकाि के पीछे की गिी में िादहिी
आबािी को शासमि कर कोिे पर मकाि बाबूिाि िेि िे िक्षिणी और घूम
के ित्यिारायण कायस्ट्थ के मकाि िे पूवी िक्षिणी घूम कर मूिचंि गुतता
हिवाई िे मंदिर छोटा िजापत की िाइि आगे पीछे को शासमि कर पूवी
और िूध र्ेरी िे अमरिाि िुमि के मकाि को शासमि कर गोिायी में
घूमते हुए चौथमि मांगीिाि िभु िाि कुमार को शासमि कर पप्चचमी और
चिते हुए िक्षिणी चिके मुख्य िड़क कोिे पर मकाि फतेह चंि यािव तक
की िमस्ट्त मध्यवती आबािी।
1723
36
शाहबाि रोड़ बंक पर काबरा जी की गिी के कोिें िे पवी ओर मुख्य
2165
657 राजस्ट् थाि राज-पत्र, सितम बर 13, 2025 भाग 6 (क)
शाहबाि रोड़ चिते हुए कादियावाड़ जिरि स्ट्टोर को शासमि कर आिंि
िीमेंट उद्योग के पहिे गिी िे उत्तरी और चिकर सशव मंदिर को शासमि
करते हुए आगे राजेंद्र कुमार शमाड के मकाि और िुकाि को शासमि कर
पप्चचमी और चिकर धाकडड़या पाड़ा को शासमि कर मोहि समष्िाि भंर्ार
वािों के मकाि को शासमि कर चिते हुए मकाि रमेश िेि को शासमि
कर पतिी गिी िे अंिर चिकर धाकडड़या पाड़ा की िमस्ट्त आबािी को
शासमि कर िोहि जी की बाड़ी को छोड़ते हुए पप्चचमी घूम के मुकेश
चौरसिया के मकाि के पीछे की गिी में बायीं िाइि को शासमि कर कोिे
पर रामहेत मीणा की गिी िे िक्षिणी और उतरकर तेजाजी चौक िे
पप्चचमी चिते हुए ग्यारिीराम के मकाि को शासमि करते हुए फतेहचंि
यािव के मकाि की िाइि को छोड़ते हुए काबरा जी गिी मुख्य िड़क िे
िक्षिणी चिकर बंक पर पहुँच के मुख्य शाहबाि रोड़ कोिे के मकाि तक
की िमस्ट्त माध्यवती आबािी।
37
र्ॉ बरिानिया िे पूवी और ित्िंग भवि रोर् पर चिते हुए िादहिी आबािी
को शासमि करते हुए आयुवेदिक अस्ट्पताि को शासमि कर गाडड़यां जी के
मकाि को शासमि कर दििेश गोयि के मकाि िे िक्षिण की ओर बंक रोर्
पर चिते हुए काबरा जी के मकाि को शासमि करते हुए बंक पर पहुंचकर
पप्चचमी और चिकर िेिी मेडर्कि को शासमि कर िीिियाि पाकड को
शासमि करते हुए पोरवाि जी का मकाि, अशोक िेिी का मकाि, कपुर
चदि जी का मकाि शासमि कर र्ॉक्टर बरिानियां तक की िमस्ट्त
मध्यवती आबािी।
1717
38
झािावाड़ रोर् पर प्स्ट्थत रेिवे फाटक िे पटरी पटरी पप्चचमी और चिते-
चिते रेिवे स्ट्टेशि को शासमि करते हुए िादहिी आबािी कोटा बारा रोर्
तक शासमि करते हुए पटरी पटरी ओवरबिज तक पहुंचकर वहां िे वापि
पूवी और चिकर र्ॉक्टर उसमडिा कदटयाि का मकाि गौशािा को शासमि
कर रोर् क्रोि कर मकाि हररिारायण वकीि को छोर्कर पाि की गिी मे
कमि रािौर की िुकािें शासमि कर गिी के अदिर की िादहिी आबािी को
शासमि करते हुये िायी ओर घुमकर माताजी के मप्दिर को शासमि कर
पुसिया क्रोि कर धमाडिा धमडशािा को शासमि कर होप्स्ट्पटि रोर् पर पहुँच
कर रोर् रोर् चिते हुये टेिीफोि एक्िचेंज को शासमि कर मकाि भुरािाि
जी को शासमि कर िायी ओर घुमकर पुसिया क्रोि कर हायर िेकेदर्री
स्ट्कूि को शासमि कर कोटा रोर् पहुँच कर रोब क्रोि कर कंचि भवि व
एिबीआई बैंक को शासमि कर आगे आइिीआई बैंक िे िूयाड होटि को
शासमि कर चारमूनतड होते हुए आबकारी ऑफफि िूरजभाि पेरोि पमप को
शासमि कर िजूरपुरा नतराहे पर पहुंचकर िक्षिणी चिके झािावाड़ रोर्
प्स्ट्थत रेिवे फाटक तक की िमस्ट्त मध्यवती आबािी।
2487
39
गुरुद्वारे िे पप्चचमी और चिते हुए एचर्ीएफिी बैंक श्री जी होटि को
2158
भाग 6 (क) राजस्ट् थाि राज-पत्र, सितम बर 13, 2025 658
शासमि कर एिबीआई माि गोिाम रोड़ के िामिे कोिे पर रोड़ िे उत्तरी
ओर कदहैयािाि बुि का मकाि िे उतरी और चिकर कदया छात्रावाि व
िािे को छोड़ते हुए िादहिी आबािी को शासमि कर र्ॉक्टर राजावत रामेचवर
ियाि जी के मकाि िे पूवी और चिकर अशोक बतडि वािे के मकाि को
शासमि कर धमडचंि जैि के मकाि को शासमि कर जिता टॉकीज को
छोड़कर िक्षिणी और घूम कर िाि समि को शासमि कर िुंिर जी की
बगीची को शासमि करते हुए जैि कॉिोिी को शासमि करते हुए पािी की
टंकी को छोड़ते हुए भूसम ववकाि बैंक के कोिे पर पहुंचकर िादहिी आबािी
को शासमि करते हुए मिि जी बेर्फकया के मकाि िे िंिीप शमाड सशविाि
भाई के मकाि को छोड़ते हुए िक्षिणी और घूम कर मुख्य कोटा रोड़
गुरूद्वारे पर पहुंचकर िमस्ट्त मध्यवती आबािी।
40
चारमूनतड िे चिकर िताप चौक पर पहुंचकर बायीं और घूम कर िागर
मेडर्कि को शासमि कर गोपाि पाि वािे को शासमि कर अस्ट्पताि रोड़
पर चिते हुए एिबीआई बैंक को शासमि कर कॉिेज बुक हाउि को छोड़ते
हुए कोिे िे िक्षिणी और घूम कर पुसिया क्रॉि कर यिुिंिि के मकाि को
शासमि कर िीधे चिते हुए कृष्णकांत शमाड के मकाि को शासमि करते हुए
कोिें के मकाि पर पहुंचकर पूवी और घूम कर छोटू मािी की बॉर्ी को
शासमि करते हुए फकरनिया बस्ट्ती की बाई और की आबािी को शासमि
करते हुए जिता टॉकीज पर पहुंचकर िक्षिणी और घूम कर िगर पासिका
धमडशािा के पीछे चिते हुए पािी की टंकी को शासमि करते हुए जैि
कॉिोिी की आबािी को छोड़ते हुए भूसम ववकाि बैंक को छोड़ते हुए भूसम
ववकाि बैंक के कोिे पर पहुंचकर बायीं और आबािी को शासमि करते हुए
मिि जी बेर्फकया िंिीप जी शमाड पीहू ब्यूटी पािडर सशविाि भाई के
मकाि को शासमि करते हुए िक्षिणी और घूम कर मुख्य कोटा रोड़ पर
पहुंचकर गुरूद्वारे को छोड़ते हुए पूवी और चिते हुए चारमूनतड पहुंचकर
िमस्ट्त मध्यवती आबािी।
1927
41
कोटा रोर् पर हिुमाि मप्दिर के पाि वकीि हररिारायण सिंह के मकाि िे
शुरू होकर बािाजी राइि समि को शासमि करते हुए फॉरेस्ट्ट ववभाग की
पप्चचमी कोिे िे घूम कर पूवी और मंर्ी के िामिे बद्री पंडर्त की िुकाि
को शासमि करते हुए पंचवटी कॉिोिी को शासमि करते हुए पोरवाि
मेडर्कि उमेश मेडर्कि को शासमि कर िंर्ेिवाि धमडशािा को शासमि कर
िायी ओर घुमकर पुसिया क्रोि कर माताजी के मप्दिर को छोर्कर िायी
ओर की आबािी को शासमि कर आगे रोर् क्रोि कर वकीि हररिारायण
सिंह के मकाि को शासमि करते हुये कोटा रोर् पर पहुँच कर िमस्ट्त
मध्यवती आबािी।
1847
42
कोटा रोड़ रेिवे क्रॉसिंग िे रेिवे पटरी पटरी उत्तर की ओर चिकर मंर्ी के
उत्तरी बाउंड्री बाउंड्री चिते हुए पूवी और घूम कर कॉिेज रोड़ पर पहुंचकर
2109
659 राजस्ट् थाि राज-पत्र, सितम बर 13, 2025 भाग 6 (क)
विया हॉप्स्ट्पटि को शासमि करते हुए बािाजी िफकडि पर पहुंचकर पूवी और
चिते हुए िादहिी आबािी को शासमि करते हुए केशव िॉपटी वािे के
मकाि व एसमिेंट औद्योगगक िसशिण केंद्र को शासमि करते रोड़ रोड़
चिकर कमि एग्रो िे िक्षिणी चिते बामिा वािों के िेत पर मेर मेर पर
पहुंचकर िरेंद्र टेंट हाउि को छोड़ते हुए िेत की मेड़ िक्षिणी और चिते हुए
तािाब पाि पर पहुंचकर अग्रवाि िेवा ििि गागी पुरम कॉिोिी को
शासमि करते हुए ईिगाह नतकोिा को शासमि करते हुए कदया
महाववद्यािय, हॉप्स्ट्पटि, िीपक पेरोि पमप व धाि मंर्ी को शासमि कर
उत्तम कॉिोिी को शासमि कर रेिवे क्रासिंग तक की िमस्ट्त मध्यवती
आबािी।
43
अस्ट्पताि रोड़ पर ईिगाह नतराहे पर िेम अििक्िा के कोिे िे उत्तरी और
चिते हुए ईिगाह कॉिोिी को शासमि करते हुए तािाब की पाि पर
पहुंचकर पाि-पाि चिते हुए कबिस्ट्ताि की बाउंड्री पर पहुंचकर िक्षिणी और
बाउंड्री को छोड़ते हुए जया फोटो वािे के मकाि िे पूवी और चिकर िािू
पंप्क्त जी की बगीची को शासमि करते हुए कोिे पर मकाि ओमिकाश
नतवारी िे पूवी और चिकर राजेंद्र पीटीआई का कोिें पर मकाि गंगाराम
हरिाि को शासमि कर पूवी और चिते हुए िीमेंट पिाि पर मकाि
िारायण िाि यािव के कोिे को शासमि करते हुए िक्षिणी और ईट िरंजा
िीमेंट पिाि पर चिते हुए भोिाराम पंजाबी के मकाि कोिे पर शासमि
करते हुए िेि कुमार की टाि व िुकाि को छोड़ते हुए िड़क अस्ट्पताि रोड़
पर पप्चचमी और चिकर िेम बबहारी जैि व विंदटंग िेि को शासमि करते
हुए ईिगाह रोड़ के कोिे पर िेम अिििा के मकाि तक की िमस्ट्त
मध्यवती आबािी।
1998
44
मांगरोि रोड़ पर मंदिर तयारे राम जी को शासमि करते हुए िक्षिणी और
चिकर पुसिया पार कर कोिे पर मिरिा अंजुमि को छोड़ते हुए पप्चचमी
और चिते हुए तयारे राम जी के वपछिे गेट िे औिपूरा बस्ट्ती में िादहिी
और की आबािी को शासमि कर िीधे रोड़ रोड़ चिते हुए राजकीय िाथसमक
ववद्यािय को शासमि कर तािाब को शासमि करते हुए पाि पाि पप्चचमी
और चिकर शमशाि को शासमि कर िेि मोतीिाि जी की बाड़ी के िादहिे
मकाि के कोिे िे श्रसमक कॉिोिी में िक्षिणी और चिते हुए टीपू मंप्जि
को शासमि कर िक्षिणी और चिते हुए कल्िू भाई बीरमा का मकाि िे
पूवी और रास्ट्ता क्रॉि कर िुल्ताि भाई िे आगे चिकर कोिे पर मकाि
िुकाि नतवारी ििि को शासमि कर मांगरोि रोड़ पर िक्षिणी और चिते
हुए तेजाजी का चबूतरा शासमि कर तयारे राम जी के मंदिर तक की िमस्ट्त
मध्यवती आबािी।
2191
45
िंस्ट्था धमाडिा चौराहे िे उत्तरी और मांगरोि रोर् पर चिते हुए अंजुमि
मिरिा पर पहुंचकर पप्चचमी और चिकर पुसिया क्रॉि कर तयारेिाि जी
2273
भाग 6 (क) राजस्ट् थाि राज-पत्र, सितम बर 13, 2025 660
के मंदिर को छोड़ते हुए चिते-चिते तुििीराम जी के मकाि को शासमि
करते हुए िक्षिणी और चिते हुए मकाि आदिि हुिैि को शासमि करते हुए
िािी जगह चिते हुए कबिस्ट्ताि की बाउंड्री पर पहुंचकर बाउंड्री बाउंड्री
चिते हुए जया फोटो स्ट्टूडर्यो के मकाि को शासमि करते हुए िेि कुमार
की टाि िुकाि को शासमि करते हुए पूवी और चिकर धमाडिा चौराहे पर
पहुंचकर िमस्ट्त मध्यवती आबािी।
46
धमाडिा चौराहे पर प्स्ट्थत िंस्ट्था धमाडिा अस्ट्पताि िंर्ेिवाि मेडर्कि िे
िक्षिणी और चितें हुए िंर्ेिवाि मंदिर को शासमि करते हुए िताप चौक
पहुंचकर पुसिि चौकी हिुमाि मंदिर को शासमि कर श्रृंगी कटिे व वकीि
हररओम व्याि िे पूवी घूम कर चिते हुए मकाि चंिा िाि जी वकीि व
ित्िंग भवि को शासमि कर िेंरि एकेर्मी स्ट्कूि के पूवी कोिे िे उतरी
घूम कर झािररया कुआं गौतम िोहरा को शासमि कर मकाि रामु रािौर
मिािा व धिुर् िागर को शासमि कर अंकुर शमाड को शासमि कर इंदिरा
माकेट पहुंचकर -पूवी उत्तरी चिते हुए नितपू जी ववजय के मकाि िे
शास्ट्त्री माकेट की ओर चिते हुए अिुपम सिल्क स्ट्टोर िेशिि टेिर िाि
कोिी दहंगिाज मंदिर व ित्रीयो के मंदिर को शासमि कर कोिे िे पप्चचम
और धमाडिा चौराहे की तरफ चिते हुए बाई आबािी को शासमि कर हंिराज
िुंिरिाि िुभार् जिरि स्ट्टोर हबिी वािों के िुकाि शासमि कर िंस्ट्था
धमाडिा अस्ट्पताि तक की िमस्ट्त मध्यवती आबािी।
1844
47
कुमहारों के मंदिर के पाि पप्चचमी कोिे पर मकाि हेमराज चंिेि िे
िक्षिणी और चिते हुए िौरभ स्ट्कूि को शासमि कर िक्िेिा हाउि कोिे िे
पप्चचमी और घूमते हुए िौरभ मल्होत्रा के मकाि को शासमि कर चौधरी
जी गरर्ा वािों के मकाि िे उत्तरी और घूम कर झािररया कुआं को
छोड़ते हुए वकीि महेश गौतम व मासियो के कटिे व माथोर्ीया के मकाि
को शासमि कर उत्तरी और इंदिरा माकेट रोड़ पहुंचकर कोिे पर राज फोटो
स्ट्टूडर्यो िे घूम कर िरसिंह भगवाि मंदिर को शासमि कर उत्तरी और
शास्ट्त्री माकेट कमाड जी के मकाि की ओर चिते हुए िादहिी आबािी को
शासमि कर अजय गुतता के मकाि को शासमि कर कमाड जी के मकाि
पहुंच के वहां िे िीडड़यो को शासमि कर शास्ट्त्री माकेट कोिे िे पूवी चिकर
मद्राि क्िॉथ स्ट्टोर को शासमि कर आगे वहीि भाई बतडि वािे के कोिे िे
पतिी गिी चिते हुए मजार को छोड़ते हुए िुिभ कांतिेक्ि व पािी की
टंकी को छोड़ते हुए थािा कोतवािी को शासमि करते हुए िक्षिणी घूम कर
िब्जी मंर्ी पुसिि टॉविड को शासमि करते हुए चाचा घोड़ी वािो को छोड़ते
हुए िब्जी मंर्ी टेक उतरकर कुमहारो के मंदिर के िामिे मकाि हेमराज
चंिेि तक की िमस्ट्त मध्यवती आबािी।
1853
48
पुरािे थािे िे चिकर मंदिर रािौर तेसियांि को शासमि कर रोड़ क्रॉि कर
हप्ल्िया जी की िुकाि के कोिे िे पतिी गिी में िादहिी आबािी को
2223
661 राजस्ट् थाि राज-पत्र, सितम बर 13, 2025 भाग 6 (क)
शासमि कर पूवी और चि के मजार को शासमि कर िीधे चिकर
रामस्ट्वरूप चक्की वािे के मकाि कों शासमि कर श्री जी चौक िे घूमकर
गुरूद्ववारे व मरिाि िाहब की मप्स्ट्जि को शासमि करते हुए पुसिि
क्वाटिड को शासमि कर कोतवािी को छोड़ते हुए पप्चचम घूम कर पािी की
टंकी व िुिभ कंपिेक्ि को शासमि कर उत्तरी चिते हुए मजार को
शासमि कर पतिी गिी िे वहीि भाई बतडि वािे के कोिे पर निकिकर
मंदिर रािौर तेसियांि िे िादहिी आबािी को शासमि कर ििर बाजार िे
धमाडिा चौराहे चिते हुए धमाडिा चौराहे पर मकाि रामे राम को शासमि कर
उत्तरी घूम कर उत्तरी और मांगरोि रोड़ पर चिते हुए मकाि र्ॉक्टर
जमीि, मकाि आफाक भाई एर्वोकेट मकाि बुंिू भाई मकाि िक्कू भाई
को शासमि कर आगे फूटा कोट िे आगे चिकर रमेश पाि भंर्ार वािों के
मकाि िे कोयिा खिड़की पूवी और चिकर रुपया बीड़ी वािों के मकाि को
छोड़ते हुए िादहिी आबािी को शासमि कर आगे चिते हुए भूररया गचकि
िेंटर, मुरारी जी गुतता कांच वािे के मकाि िे आगे बिते हुए पाड़ा वािो
की गिी में घूिकर मकाि महेश कुमरा के मकाि के िामिे वािी िाइि
को शासमि करते हुए िीिघरों की गिी को शासमि करते हुए पुरािे थािे
तक की िमस्ट्त मध्यवती आबािी।
49
श्रीजी चौक घाि भेरुजी चौक िे उत्तरी चिके ििेरा समिाई वािे को
शासमि कर िुकाि बाबूिाि जैि को शासमि कर िाविा जी के मंदिर को
शासमि कर ओिवाि जैि मंदिर को शासमि कर जैि मंदिर िे पप्चचमी
घूमकर आगे चिते हुए जैि मंदिर वािी िाइि को शासमि कर उर्ा गुतता
के मकाि को शासमि कर घुमकर गुरुजी के चौक मे घुमते हुये मकाि
भंगवती व्याि को छोर्कर िामिे की िाईि को शासमि कर मिोज फकरािा
स्ट्टोर के िामिे िे घुमकर मप्दिर मासियाि को शासमि कर पार्ा वािो की
गिी में गैि वािे गुड्र्ू का मकाि व महेश कुमरा का पुरािा मकाि
शासमि कर शंकर मोची का मकाि व िुकाि शासमि कर पुरािे थािे को
छोर्कर हप्ल्िया जी की गिी में मप्स्ट्जि वािी िाईर् शासमि कर पुरािा
पटवार घर शासमि करते हुये िीधे चिकर बोहरा मप्स्ट्जि वािी िाईि
शासमि करते हुये श्रीजी चौक घाि भैरु जी तक की मध्यवती िमस्ट्त
आबािी।
2440
50
फूटा कोट कोयिा खिड़की िे रुपया बीड़ी वािे के मकाि को शासमि कर
मकाि भगवती व्याि को शासमि कर िादिक फकरािा को शासमि कर
उत्तरी चिकर शॉपररया मप्स्ट्जि शासमि कर मांगरोि िरवाजे पर निकिके
बायीं आबािी को शासमि कर मांगरोि िरवाजे िे बाहर चिकर िाह्मण
िमाज के िेत को शासमि कर मजीि ििीम के मकाि को छोड़ते हुए वहा
िे मेिा ग्राउंर् पहुँचके मुख्य मांगरोि बारां रोर् िे िक्षिणी बारां की और
चिकर मकाि विीम कार बाजार वािे िे कोयिा खिड़की तक की िमस्ट्त
2112
भाग 6 (क) राजस्ट् थाि राज-पत्र, सितम बर 13, 2025 662
मध्यवती आबािी।
51
ओिवाि जैि मंदिर को छोड़ते हुए कोिे के मकाि नछपा जोशी िे कैिाश
पाटोिी के मकाि िे रिूि भाई के मकाि को शासमि कर िीदियां चिकर
मकाि अब्िुि हक कारीगर को शासमि कर घूम कर मप्स्ट्जि को िाथू
दहजड़े को शासमि करते हुए पूवी और चिकर िीदियां उतरकर मकाि
जमीि दहटिर बाबू भाई एवं इकबाि पाटिी को छोड़कर मकाि गोवधडि
वार्ड मेंबर व पूवड चेयरमैि कैिाश शमाड जी मोहि िाती को शासमि कर के
वापि उत्तरी और घूम कर िीचे चिते हुए मकाि गिी भाई परवेज िे होते
हुए राज के कुए को पर पहुंचकर अल्ताफ टायर वािे िे आगे चिते हुए
मकाि गचंटू वाल्मीफक राम भजि िड्र्ू वाल्मीफक मेंबर को शासमि कर
िक्षिण और घूम कर मुदिा वाल्मीफक को शासमि कर मुरिी जी के मंदिर
को शासमि कर मुरिी जी मंदिर के रास्ट्ते को क्रॉि करते हुए मािा िेवी
मोहल्िे में मुकेश महाजि को शासमि कर मकाि िूरजमि जी को छोड़ते
हुए िागेचवर जी के मकाि को शासमि करते हुए धदिािाि चौधरी के
मकाि को शासमि करते हुए महावीर िेि पवि िेि के मकाि को छोड़ते
हुए एि के जैि को महावीर जी जैि के मकाि को जोड़ते हुए िमोि जैि
भाया के मकाि को शासमि करते हुए वमाड स्ट्कूि की गिी को शासमि
करते हुए िेम जी िांििा के मकाि को शासमि करते हुए िुकमाि भाई
बजे वािे की िुकाि को शासमि करते हुए दििेश पाि की िुकाि तक रोड़
क्रॉि कर मकाि नछपा जोशी तक िमस्ट्त मध्यवती आबािी।
2275
52
मांगरोि िरवाजे िे पूवी और चिते हुए जमात िािा हाड़ोनतयाि को
शासमि करते हुए मकाि उस्ट्माि कंतयूटर को शासमि कर मेि रोड़ पर
चिते हुए मकाि सिद्दीक भाई को शासमि कर राज के कुएं को शासमि
करते हुए उत्तरी और घूम कर पूवी और घूम कर िीमेंट पिाि पिाि चिते
हुए मथुरा वाल्मीफक के मकाि को शासमि कर शंभू वाल्मीफक िे रास्ट्ता
क्रॉि कर उत्तरी और घूम कर कोट कोट मांगरोि िरवाजे तक की िमस्ट्त
मध्यवती आबािी को शासमि करते हुए मांगरोि िरवाजे के बाहर बायी और
िूर जी मास्ट्टर के मकाि को शासमि करते हुए मकाि िंििाि एवं कुए को
शासमि कर कोिे िे पूवी और घूमते हुए पािी की टंकी व िुिभ कंपिेक्ि
को छोड़ते हुए फॉरेस्ट्ट िािे की पुसिया पार कर मकाि िारायण पेंटर को
छोड़ते हुए मप्स्ट्जि ियापुरा एवं गोपाि िुमि के मकाि को शासमि कर
बावड़ी पर पहुंचकर पप्चचमी और घूमते हुए मकाि पतपू भाई पाि वािों को
शासमि करते हुए मकाि रूपचंि को छोड़ते हुए मकाि पीरु जी िेिे वािे
को शासमि कर कोिे पर पहुंचकर उत्तरी पप्चचमी और घूम कर मंदिर
महािेव को छोड़ते हुए मकाि गुड्र्ू भाई िोकर वािे को शासमि कर मकाि
शंभू मािी को शासमि करते हुए कोिे िे पप्चचम और घूम कर करमु की
बावड़ी को छोड़ते हुए मकाि शहजाि मास्ट्टर को शासमि कर मकाि अजीज
2277
663 राजस्ट् थाि राज-पत्र, सितम बर 13, 2025 भाग 6 (क)
िोहार को शासमि कर पप्चचमी और गिी में मकाि कबीर भाई फॉरेस्ट्टर
को शासमि कर निशा फोटो के मकाि को छोड़ते हुए मकाि बाहर भाई को
शासमि कर उत्तरी और घूम कर मेि रंगमंच को शासमि करते हुए में
मांगरोि रोड़ पर पहुंचकर िक्षिणी और घूमते हुए भाई और दहजड़ों की
मप्स्ट्जि को शासमि कर आगे चिकर कोयिा खिड़की पर पहुंचकर मकाि
िे को र्ॉक्टर के को शासमि कर पूवी और वापि कोट कोट होते हुए भीम
शंकर रेगर की बस्ट्ती को शासमि कर मांगरोि िरवाजे के बाहर तक की
िमस्ट्त मध्यवती आबािी।
53
मांगरोि रोड़ पर माथिा नतराहे िे माथिा रोड़ पर पूवी और चिते हुए
बायी और की कॉिोिी व आबािी को शासमि करते हुए आगे चिकर कच्चा
रास्ट्ता धोिाई वािे पर पहुंचकर बजरंग बस्ट्ती को शासमि करते हुए पूवी
और चिकर िेत की मेर मेर उत्तरी और घूम कर चिते हुए बायीं और की
आबािी को शासमि कर महािेव की छतरी को शासमि कर कच्चा रास्ट्ता
चिते हुए ओमिकाश बैरवा को शासमि कर रास्ट्ता तािाब की पाि पर
पहुंचकर हैंर् पंप को शासमि कर िादहिी और की आबािी को छोड़ते हुए
पाि-पाि चिकर सििाडर्या रोड़ िे पहिे िेत िेत चिकर भाई और के
िेत एवं आबािी को शासमि कर पेरोि पंप के िामिे िे घूम कर माथिा
नतराहे तक की िमस्ट्त मध्यवती िमस्ट्त आबािी।
1801
54
माथिा नतराहे िे पूवी और माथिा रोड़ पर चिते हुए िादहिी और की
िमस्ट्त आबािी को शासमि करते हुए िक्षिणी और ियापुरा कच्चे रास्ट्ते पर
चिते हुए िटूर जी की बाड़ी को छोड़ते हुए आगे चिकर मकाि शौकत
मास्ट्टर को शासमि करते हुए मकाि मुस्ट्ताक अहमि व मकाि हक्का टायर
बािे को शासमि कर बावड़ी पर पहुंचकर िादहिी तरफ की िमस्ट्त आबािी
को शासमि करते हुए मकाि मिििाि मािी को शासमि कर कोिे िे
पप्चचम और घूम कर मकाि गगराडज िुमि व मकाि िंििाि िुमि को
शासमि कर मकाि हंिराज िुमि को छोड़ते हुए चरमू की बावड़ी िेव िूध
र्ेयरी को शासमि कर मकाि अििाक बपावर वािे को शासमि कर मकाि
अमृतिाि िुमि को शासमि कर पप्चचमी और गिी में कोिे पर मकाि
बाि मुकुंि शाक्य बाि को छोड़कर कृष्ण गोववंि िजापनत के मकाि िुकाि
को छोड़ते हुए आगे चिकर में रोड़ पर मांगरोि रोड़ पर पहुंचकर अरववंि
गािव के मकाि को शासमि कर मेि रोड़ में उत्तरी और घूम कर पवि
मेटि को शासमि कर िादहिी और की िमस्ट्त आबािी को शासमि करते
हुए माथिा नतराहे तक की िमस्ट्त मध्यवती आबािी।
2220
55
गोपाि कॉिोिी में मासियों के छात्रावाि िे उत्तरी और िेम िागर शमाड के
मकाि िे बािमुकुंि िे इिे चौथमि तेिी बृजमोहि पारिी को शासमि कर
िुकाि मोहि मािी िे मुख्य रोड़ पर पहुंचकर नतवारी के मकाि को छोड़ते
1782
भाग 6 (क) राजस्ट् थाि राज-पत्र, सितम बर 13, 2025 664
हुए िीधे चिते हुए शहजाि भाई रक वािों के मकाि को शासमि करते हुए
शाहीि मिरिे को शासमि करते हुए आगे चिते हुए िूल्हा भाई बैटरी वािों
के मकाि के कोिे िे िीधे चिते हुए पुरािी मप्स्ट्जि को शासमि कर पिाि
िाहब रोड़ के िहारे िहारे िगता िीधे चिते हुए बाििों के मकाि को
शासमि करते हुए रोड़ क्रॉि कर फरीि िॉटी बाय िे पूवी और गिी-गिी
चिकर मासियों के छात्रावाि के मध्यवती िमस्ट्त आबािी।
56
मुख्य िड़क मांगरोि रोड़ पर िेि मोतीिाि िराडफ के िेत के कोिे पर
िक्षिणी और चिते हुए फकिाि रेर्िड कवपि एग्रो, िे िुगाड वेप्ल्र्ंग को
शासमि करते हुए बशीर भाई समस्ट्त्री के मकाि िुकाि को शासमि कर रुपया
बीड़ी बािे के तिॉट को शासमि करते हुए कोिे पर पप्चचमी और चिकर
नतवारी के मकाि को छोड़ते हुए जादहि के मकाि को शासमि करते हुए
िीधे चिते-चिते हुए रहमािी मप्स्ट्जि तक सिराज कारीगर के मकाि को
शासमि करते हुए ििीम भाई के मकाि को शासमि कर इिादहम के मकाि
को शासमि कर इस्ट्माइि भाई के मकाि को शासमि कर बामिा वािो के
िेत की तरफ िे पिाि िाहब रोड़ के िहारे िहारे बाबू भाई के मकाि को
शासमि करते हुए अिवर भाई के मकाि को शासमि करते हुए मांगरोि रोड़
पर पहुंचकर मध्य की िमस्ट्त मध्यवती आबािी।
2138
57
गोपािपुरा ग्राम की िंपूणड आबािी को शासमि करते हुए पासिका िीमा पर
हिुमाि मंदिर तक चिते हुए िक्षिणी और पासिका िीमा चिते हुए िीवरेज
एिटीपी तिांट की ओर चिते हुए ऊपरी आबािी को शासमि कर आगे चिते
हुए िरेंद्र के मकाि को शासमि करते हुए उत्तरी और घूम कर पािी की
टंकी पर पहुंचकर मध्यवती िमस्ट्त आबािी।
1707
58
अदहर छात्रावाि को छोड़ते हुए िे उत्तरी और चिकर िगर पररर्ि िीमा
पहूंचकर बाबा पिाि िाहब को शासमि कर िगर पररर्ि िीमा िहारे
चिकर िादहिी आबािी शासमि करते हुए मांगरोि रोड़ पहूंचकर पिाि
िाहब बावड़ी को शासमि करते हुए बावड़ी िे पूवी और कमाड जी की बावड़ी
पर पहूंचकर िक्षिणी और मांगरोि िे बारां की चिते हुए मांगरोि बाईपाि
रोड़ पर पप्चचमी और घूमकर रोड़ रोड़ चिते हुए बािाजी िगर औिम
स्ट्कूि को शासमि करते हुए अहीर छात्रावाि तक की िमस्ट्त मध्यवती
आबािी।
2036
59
शहीि स्ट्मारक के बगि िे िािे के िक्षिणी और चिते हुए मेडर्कि कॉिेज
की बाउण्ड्री िे िगर पासिका िीमा िे पप्चचमी और चिते हुए उत्तरी और
घूमकर िीमा के िहारे पूवी और चिते हुए शहीि स्ट्मारक तक की िमस्ट्त
मध्यवती आबािी।
1970
60
पप्चचमी और एिएच 27 पहूंचकर बमूसिया ग्राम की राजस्ट्व िीमा पहूंचकर
उत्तरी और चिते हुए राजस्ट्व िीमा के िहारे पूवी और घूमकर िगर
पररर्ि िीमा पहूंचकर पूवी और रेिवे रेक पार कर ििका ग्राम की िमस्ट्त
1756
665 राजस्ट् थाि राज-पत्र, सितम बर 13, 2025 भाग 6 (क)
आबािी को शासमि करते हुए मेडर्कि कॉिेज छोड़ते हुए िािे के िहारे
शहीि स्ट्मारक को शासमि कर िक्षिणी और ििका फाटक क्राि कर पटरी
के िहारे पप्चचमी और चिते हुए िहकार भवि मागड पर िक्षिणी और चिते
हुए िादहिी आबािी को शासमि करते हुए िहकार भवि पहूंचकर कोटा रोड़
पर पप्चचमी और चिते हुए एच.एच. 27 तक िमस्ट्त मध्यवती आबािी।
राज््य्ेन््रीय्रुर,ाजयप्जयपुर।