राजस्थान राजपत्र
विशेष ांक
RAJASTHAN GAZETTE
Extraordinary
स धिक र प्रक शशत
Published by Authority
भाद्र 24, सोमवार, शाके 1947- ससतम बर 15, 2025
Bhadra 24, Monday, Saka 1947- September 15, 2025
भाग 6 (क)
नगरपासिकाओं संबंधी ववज्ञप्ततयां आदि।
स्ि यत श सन विभ ग, र ज. जयपुर
अधिसूचना
जयपुर, सितम्बर 01, 2025
िंख्या प.10(न.प .)(गठन)( चुन ि)डीएलबी/25/14641 :-राजस्थान नगरपालिका अधिननयम, 2009 की िारा
3 एवं 10 तथा राजस्थान नगर पालिका (ननवााचन) ननयम, 1994 के ननयम 3 के अन्तगात प्रदत्त शक्ततयों का
प्रयोग करते हुए क्जिा कितटर चुरू द्वारा स्थानीय ननकाय नगर पररषद सुजानगढ हेतु वार्ा गठन के प्रारुप
आदेश पर प्राप्त आपक्त्तयों के संबि में प्रस्ताव, अपने अलिमत सहहत प्रेषषत ककये गये हैं। वार्ा गठन के प्रारुप
आदेश पर आपक्त्तयों पर षवचार करने के पश्चात राज्य सरकार उनके अलिमत से सहमत है तथा उनके द्वारा
प्रस्ताषवत वार्ा गठन के प्रारुप आदेश को अनुमोहदत करती है।
यह सक्षम स्तर से अनुमोहदत हैं ।
र ज्यप ल की आज्ञ से,
जुईकर प्रतीक चन्रशेखर,
ननदेशक एिां विशशष्ट श सन सधचि।
नगर पररषद सुज नगढ क सीम वििरण प्रप्र-क िषष-2025
वार्ड सं.
सीमांकन का वववरण
जनसंख्या
1
मोहनिाि बुगासिया से पूवी तरफ चिकर कन्हैयािाि सोनी को िेकर चांि जी
मेघवाि से मुड़कर बांयी तरफ चिकर गणेश बुगासिया को शासमि कर मेघराज
मेघवाि के मकान को शासमि कर बांयी तरफ मुड़कर मिनिाि मेघवाि के मकान को
शासमि कर बांयी तरफ के खािी नोहरा राजू जाट को शासमि कर बांयी तरफ मुड़कर
रेल्वे पुराना क्वाटर से कॉनडर कांजर बस्ती शासमि कर ओमप्रकाश मेघवाि को शासमि
कर आगे चिकर मुड़कर िखारा का मकान शासमि कर बृजमोहन को शासमि कर आगे
चिकर भंवरिाि सारण को शासमि कर बांयी तरफ मुड़कर पप्चचमी दिशा के समस्त
मकानात भंवर जी बुगासिया, मास्टर के नोहरे व िुकान को शासमि कर बांयी तरफ
मुड़कर कॉनडर हनुमान गोिारा िुकान से मुड़कर आगे चिकर जाट समाज की भूसम
शासमि कर बांयी तरफ मुर्ते हुए आगे चिकर जांगीड़ समाज की भूसम शासमि कर
प्रभुराम बबजारणणयां के मकान को िेते हुए सीधे चिते हुए दिनेश सैनी के मकान को
1959
877 राजस् थान राज-पत्र, ससतम बर 15, 2025 भाग 6 (क)
शासमि करते हुए मोहन बुगासिया के घर तक।
2
पारीक बािाजी मप्न्िर से उतर दिशा में चिते हुए पूवी दिशा के समस्त मकान शासमि
करते हुए मूिजी सांखिा के मकान को शासमि कर सीधे चिकर दटकूजी बागड़ा को
िेकर बबजू मािी की चक्की से मुर्करआगे चिकर ककशन दििारीया को शासमि कर
मुर्कर गणपत प्रजापत के नौहरे को शासमि कर रेंवत जी प्रजापत ठेकेिार को शासमि
कर श्रवण के मकान को शासमि कर पीपि गट्टे को शासमि कर भरत जनडि स्टोर को
िेते हुए आगे चिते हुए बायीं तरफ के समस्त मकान को शासमि करते हुए तुनवाि
सिन को िेकर रेल्वे सीमा छोर्ते हुए रेल्वे िाईन के साथ-साथ चिते हुए िाि जी शमाड,
हर्ड मेडर्कि को िेकर पारीक बािाजी मप्न्िर तक।
1947
3
रेल्वे फाटक नं. 02 बंशी खाती से शुरू होकर आगे चिकर सुखजी के नोहरे को शासमि
कर िांयी तरफ मुड़कर माणकजी बेटेसर को शासमि कर आगे चिकर मुड़कर कानजी
मािी का नोहरा शासमि कर कॉनडर से मुड़कर पुष्कर र्ूर्ी, कुशिाराम बबजारणणयां को
शासमि कर आगे चिकर कॉनडर बुद्धजी गुजडर की बाड़ी शासमि कर आगे चिकर पुसिस
थाना सिर शासमि कर आगे चिकर अमबेर्कर भवन से आगे चिते हुए भंवरजी
बुगासिया, सूयड भगवान मंदिर से आगे चिकर कॉनडर गृह संग्रह को शासमि कर रेल्वे
िाईन के पास से चिते हुए रेल्वे फाटक नं. 02 बंशी खाती तक।
1951
4
ओमजी मािी से शुरू होकर आगे चिकर सीताराम टाक का मकान शासमि कर आगे
चिकर गोपाि प्रजापत को शासमि कर मुड़कर आगे चिकर ववद्या भारती स्कूि को
शासमि कर आगे चिकर दिनेश बागड़ी को शासमि कर आगे मुड़कर िक्ष्मण झाझड़ा
को शासमि कर इन्द्रगगरी आश्रम रोड़ पर चिते हुए हणुताराम िाका को शासमि कर
आगे चिकर नारायण खोर् को शासमि कर मोती मािी को शासमि कर आगे चिते हुए
तेजाजी मंदिर को शासमि कर आगे चिकर ओमजी मािी तक।
1685
5
गीगराज मािी के मकान व नौहरे से शुरू होकर उत्तर दिशा की ओर चिते हुए पूवी
दिशा के समस्त मकान शासमि कर संिीप बेनीवाि, केवटीया जनडि स्टोर को शासमि
कर र्ूंगर चौराहे से पप्चचम की तरफ चिकर चौधरी ततिोकनगर रामिाि गुिेररया,
मोहनिाि गुिेररया को शासमि कर सुभार् सोनी को शासमि कर सुखराम गुिेररया की
बार्ी को शासमि कर छोटूराम भंवरीया की बार्ी को िेकर घर नायकान को िेकर हाईवे
से बायीं तरफ मुर्कर नायरा पेंट्रोि पमप को िेकर गुजडर फामड हाउस को शासमि कर
बायीं तरफ मुर्कर जाट भवन को िेकर गणेश मप्न्िर, इंद्रगगरी आश्रम को िेकर
समस्त िायीं तरफ का क्षेत्र शासमि करते हुए गीगराज मािी के मकान तक।
1668
6
हुकमाराम मुण्र् के घर को िेकर गोपाि जािम की िुकान के पास की गिी में पप्चचम
दिशा में चिते हुए उत्तर दिशा के मकान शासमि करते हुऐ पुरणमि ईश्रावा, गोपाि
जाट पट्टी का बाड़ा, िािचन्ि जानू के मकान को शासमि करते हऐ पीछे की गिी में
उत्तर दिशा में मुड़कर प्रताप ससंह चौहान के मकान को शासमि कर सामने का मकान
शासमि कर शंकरिाि बाबररया को शासमि कर पास की गिी में मुड़कर पप्चचम दिशा
में चिते हुये कानाराम मािी को शासमि कर उत्तर दिशा के मकानात शासमि करते हुऐ
घुमकर पप्चचम दिशा में चिते हुऐ भंवरिाि शेरडड़या पुसाराम चान्िोसिया, हड़मान
1481
भाग 6 (क) राजस् थान राज-पत्र, ससतम बर 15, 2025 878
खाती को शासमि कर िक्षक्षण दिशा में मुड़कर शायर जाट, कािुराम प्रजापत, बाबूिाि
प्रजापत, ववनोि मािी, मािचन्ि के घर को िेते हुए बुधाराम नाथ, िािचन्ि जाट,
रेवन्त प्रजापत, बािनाथ के घर को शासमि करते हुऐ पप्चचम की दिशा मे चिते हुये
उत्तर दिशा में मुड़कर पूवड दिशा के मकान शासमि करते हऐ िाभचन्ि मािी, मिनिाि
सांखिा का नोहरा ओमप्रकाश बाबररया के मकान को शासमि करते हुऐ बािचन्ि
बाबररया का मकान शासमि करके मन्जू िेवी खुडड़या को शासमि करके पूवड दिशा में
चिकर गोपाि जािम का घर, गणेश जी बबरड़ा को शासमि करते हुए पूवड दिशा में चिते
हुऐ िक्षक्षण दिशा के मकान शासमि कर धमडचन्ि बेनीवाि, प्रकाश साहरण, सुखाराम
बाप्जया, ओमप्रकाश जांगीड़ को सप्ममसित कर घुमकर जांगीड़ भवन, मिनिाि गुरू
को शासमि कर हुकमाराम मुण्र् तक।
7
हरर जी जांगगर् के मकान से िेकर पप्चचम दिशा मे चिकर बाबूिाि कच्छावा के
मकान शासमि कर िक्षक्षण में चिकर पप्चचम के मकान शासमि कर प्रहिाि जी शमाड
को शासमि कर मीनू जी पडड़हार को शासमि कर पप्चचम में मुड़कर र्ब्बा फैक्ट्री नोरतन
टाक को शासमि कर आगे से मुड़कर कन्हैया भाट को िेकर आगे चिकर मोहन जी
गुिेररया ईशर जी का मकान शासमि कर हुणताराम माण्र्ीया का खेत व मकान शासमि
कर राजू माण्र्ीया, हरिाि गोिारा को शासमि कर चेतनराम को शासमि कर उत्तर में
मुड़कर आगे चिकर पूवड में मुड़कर हरर जी जांगीड़ तक।
1459
8
मोहनिाि जािम के मकान से शुरू होकर रेल्वे िाईन के पास-पास सीधे चिते हुए
रावणा राजपूत समाज भवन, सुमेरमि जािम, तेजपाि गुिेररया, रामजी नेठरवाि को
शासमि करते हुए आगे चिकर रामिेव जी का मप्न्िर कृष्णा टेन्ट हाउस रामककशन
जांगगर् के मकान को शासमि कर पास वािी गिी मे घूमकर बायीं तरफ के मकानात
शासमि करते हुए भंवरिाि जानु, राजू जाखर् को शासमि कर बायीं तरफ मुर्कर
ववनोि मािी कािू खाती को शासमि कर बायीं तरफ मुर्कर रामचंद्र प्रजापत
कन्हैयािाि जािम, पुनमचन्ि जािम, रायचंि गुजडर को शासमि कर सोहन जी जाट,
अतनि गुजडर कािूराम प्रजापत, बाबूिाि प्रजापत, बािनाथ, मिनिाि रूिाणीया को
शासमि कर आगे मुर्कर छोटूराम जी थानेिार के घर को शासमि कर आगे चिकर
जािम चौक, रामिेव जी जािम जगिीश जािम, पन्नािाि टाक, मांगीिाि तंवर,
पुखराज कच्छावा, बाबूिाि जािम को शासमि कर मोहनिाि जािम के घर तक।
1894
9
रेल्वे फाटक नं.3 से पप्चचमी दिशा की ओर चिकर बांयी तरफ के मकान चयामिाि
टाक, बनवारी सांखिा, केसर ससंह, हुिासमि तंवर से िक्षक्षण दिशा में मुड़कर पूवड के
मकान शासमि कर प्रेमसुख तुनवाि से आगे चिकर झुमरमि की बाड़ी शासमि कर पूवड
में मुड़कर पूवड की तरफ चिकर उत्तर के मकान शासमि कर कोसर तेिी, धनराज
प्रजापत को शासमि कर सराजू की गोिाम से उत्तर में मुड़कर पप्चचम के मकान को
शासमि कर धमडराज यािव, घमण्र्ीराज िजी को शासमि कर बािाजी मंदिर को शासमि
कर रेल्वे फाटक नं. 03 तक।
1459
10
नोरतन मािी से पप्चचम में चिते हुए िक्षक्षण दिशा के समपूणड घरों को शासमि कर
मुन्ना णखंचीं की गौिाम शासमि कर कन्हैयािाि तुनवाि को शासमि कर मुख्त्यार
1484
879 राजस् थान राज-पत्र, ससतम बर 15, 2025 भाग 6 (क)
तेिी को िेते हुए पप्चचम में चिकर सुजानगि सीमा के समस्त मकानात गोिाम भूसम
व तिाट शासमि कर बांयी साईर् के मकान कमि भागडव को शासमि कर बािोदिया
कॉिोनी को शासमि कर राजस्व सीमा पर चिते हुए मकान बाबूिाि तेिी को शासमि
कर बाड़ी उिाराम, ततिोकजी को शासमि कर पूवड दिशा के समस्त गोिाम व तिाट
शासमि कर िार्नूं तहसीि को छोड़कर सुजानगि सीमा शासमि कर तगािा मप्स्जि,
तेसियान पंचायत शासमि कर रेल्वे िाईन के पास-पास चिकर बांयी तरफ के समस्त
मकानात शासमि कर फाटक चांिबास से नोरतन मािी तक।
11
राजेश तंवर की िुकान से शुरू होकर उत्तर की तरफ चिकर पप्चचम के समस्त मकान
शासमि कर अब्िुि करीम, अब्िूि गफुर को िेकर पूवड में मुड़कर उत्तर दिशा के मकान
शासमि कर सिमान छ ंपा के नोहरे को िेकर उत्तर में मुड़कर पप्चचम के मकान
शासमि कर अिताफ छ ंपा के नोहरे को शासमि कर पूवड दिशा में मुड़कर उत्तर दिशा के
मकान शासमि कर सािीक के नोहरे से उत्तर में मुड़कर पप्चचम दिशा के मकान शासमि
कर बाबूिाि छ ंपा के मकान से पूवड में मुड़कर उत्तर दिशा के मकान शासमि कर नगर
पररर्ि की खािी भूसम को िेते हुए उत्तर में मुड़कर बीएसएनएि. कायाडिय को िेकर
भंवरिाि कािाबाि मदिर स्कूि को शासमि कर पूवड में मुड़कर पुसिस थाना शासमि
कर उत्तर मे मुड़कर बाई पास रोड़ पर पप्चचम दिशा में चिते हुए िक्षक्षण दिशा के
समस्त मकान शासमि करते हुए हॉटि मस्कत सीटी, हयात होटि को िेकर रेल्वे
फाटक से पहिे एसआरके. मोबाईि की िुकान को शासमि कर िक्षक्षण दिशा में मुड़कर
रेल्वे िाईन के साथ-साथ चिते हुए सुजानगि सीमा के समस्त मकानात शासमि करते
हुए िार्नूं सीमा को छोड़कर िार्नूं रोड़ पर पहुचकर पूवड दिशा में मुड़कर उत्तरी दिशा के
समस्त मकानात शासमि करते हुए राजेश तंवर की िुकान तक।
1945
12
गुतता मोिानी की िुकान से चिकर उत्तर दिशा में चिते हुए पूवड दिशा के समस्त
मकान शासमि करते हुए शककि छ ंपा को िेकर र्ीएमर्ी. स्कूि को शासमि कर पूवड
दिशा की ओर चिकर ररमजूं छ ंपा को शासमि कर साबीर खोखर को शासमि कर बंटू
तछंपा को शासमि कर उत्तर दिशा की ओर चिकर पूवी दिशा के समस्त मकान िेकर
िाि मोहममि छ ंपा से आगे चिकर ववद्युत ववभाग को शासमि कर उत्तर दिशा की
ओर मुड़ कर पूवड दिशा की समस्त िुकानात को शासमि कर आसकरण प्रजापत की
िुकाने शासमि कर पूवड दिशा में चिकर जििाय ववभाग को िेकर कमि गुजडर की
िुकान को शासमि कर िक्षक्षण दिशा की ओर चिकर गणेश मंदिर को िेकर पप्चचम
दिशा की समस्त िुकानात मकान शासमि कर ककशन धोबी को शासमि कर मरकज
मक्की मप्स्जि को शासमि कर मप्स्जि की गिी में मुड़कर िक्षक्षण दिशा की ओर
चिकर पप्चचम दिशा के समस्त मकान शासमि कर प्रहिाि भाटी को शासमि कर
गेनाणी को िेते हुए पप्चचम दिशा में चिकर राजकुमार िाधीच को शासमि कर शमसु
पििार को शासमि कर असगर पििार को शासमि कर बाबू िीिगर को शासमि कर
सोहनिाि मािी को िेकर पप्चचम दिशा की ओर चिकर उत्तरी दिशा के समस्त
मकानात शासमि करते हुए चार भुजा सववडस सेन्टर को िेकर गुतता मोिानी तक।
1959
13
पुरण जी पेशकार के नौहरे से आगे चिकर ररद्धी-ससद्धी हार्डवेयर की िुकान को शासमि
1912
भाग 6 (क) राजस् थान राज-पत्र, ससतम बर 15, 2025 880
कर आगे चिकर पप्चचम दिशा की ओर चिकर पन्नािाि मोयि की िुकान को
शासमि कर रामिेव मप्न्िर की गिी में मुर्कर िार्नू सीमा को छोर्कर सुजानगढ़
सीमा के समस्त मकान शासमि कर िक्षक्षण दिशा में नरूका वीिा जगिीश िोबेट का
नौहरा शासमि कर सरकारी स्कूि, ओमजी जाट, प्रिीप वकीि, दिनेश सोनी, सुखिेव
स्वामी, पानी की टंकी िेकर सुजानगि सीमा के समस्त मकानात शासमि कर पूवड दिशा
में चिकर उत्तर दिशा के समस्त मकानात शासमि कर नायक बस्ती शासमि कर
ब्िेससंग पप्ब्िक स्कूि को शासमि कर सभवाराम जाट को शासमि कर ककसान पप्ब्िक
स्कूि को शासमि कर मुकेश स्वामी का मकान शासमि कर वेष्णव हाउस शासमि कर
महेन्द्र ससंह शेखावत को िेकर बायीं तरफ मुर्कर सुखिेव स्वामी का नौहरा िेकर ओम
ससंह का नौहरा व मकान शासमि कर आगे चिकर बबरबि नाई को शासमि कर भंवर
जी मोयि को शासमि कर रोर् पर चिकर पूणड जी पेशकार के नौहरे तक।
14
के.के. धमडकांटा से शुरू होकर उत्तर दिशा की ओर चिकर पूवड दिशा के समस्त
मकानात शासमि कर बायीं तरफ के मकान कािू छ ंपा को िेकर आगे चिकर नौहरा
हाजी ज्यान मोहममि को िेकर आगे चिकर गेनाणी को छोर्कर अहमि छ ंपा को
शासमि कर िुगाड ससंह राठौर् को शासमि कर नगर पररर्ि की खािी भूसम को िेकर
श्रवण जाखर् को शासमि कर घनचयाम स्वामी को शासमि कर ककशोर फुिभाटी,
गोपाि ससंह राजपूत, कानिास स्वामी को शासमि कर रवव सोनी को शासमि कर भंवर
ससंह राजपूत को िेकर तनवीर ससंह का खािी नौहरा शासमि कर मुकनिास स्वामी के
घर को िेकर नारायण सोनी को िेकर पुरण जी का नौहरा शासमि कर के.के. धमड कांटा
तक।
1925
15
सीवरेज एस.टी.पी. तिांट को िेकर सीधे चिते हुए जैसराज पीपिवा स्कूि, नया बास
स्टेडर्यम, नन्िककशोर त्यागी, पानी की टंकी को शासमि कर पवन मुंिर्ा की िुकान
शासमि कर आगे चिकर पप्चचम दिशा के मकानात शासमि कर महेश जी से मुर्कर
पप्चचम दिशा की ओर चिकर िक्षक्षण दिशा के समस्त मकानात बाबूिाि प्रजापत,
चयाम जी शमाड, आसशश पाण्र्ीया से मुर्कर उत्तर से चिते हुए कबिस्तान की दिवार के
पास-पास चिते हुए पीछे के तरफ मकानात धमडचन्ि शमाड को शासमि कर जेठमि
िुहार को शासमि कर िारा स्वामी के घर के पीछे की गिी को िेकर ताि की तरफ चिते
हुए बायीं तरफ के मकान व भूसम समपूणड िेकर ककसान स्कूि के पीछे का दहस्सा
गोववन्ि जाट, ततिोकचंि स्वामी की बार्ी को िेते हुए ताि को छोर्कर सीवरेज
एस.टी.पी. तिांट तक।
1525
16
असगर प्जनवा सद्दर के घर से िक्षक्षण चिकर पूवड दिशा के मकान शासमि कर एिएन.
मेडर्कि को शासमि कर मैन रोड़ से पूवी दिशा के मकानात िेते हुए नामिेव मप्न्िर
शासमि कर सोनी धमडशािा को शासमि कर जे.र्ी.एम. हॉप्स्पटि िेकर बजरंग िाि
जाखड़ के मकान से पूवड दिशा में मुड़कर बांयी तरफ के मकान शासमि कर ककशन िाि
स्वामी के घर को शासमि कर उत्तर दिशा में मुड़कर उत्तर दिशा में चिते हुए पप्चचम
दिशा के मकान शासमि कर हेमराज काछवाि के मकान को शासमि कर उत्तर दिशा में
चिते हुए बांये व िांये िोनो तरफ के मकान शासमि कर ववकास स्वामी, महावीर
1581
881 राजस् थान राज-पत्र, ससतम बर 15, 2025 भाग 6 (क)
स्वामी, रमेश स्वामी को िेते हुए उत्तर दिशा में चिते हुए रामू प्रजापत के मकान,
कमि िाधीच का मकान, राजेन्द्र व्यास का मकान को िेकर हाकमअिी भाटी, ज्यान
मोहममि का तिोट िेकर पप्चचम दिशा में मुड़कर िक्षक्षण दिशा के मकान शासमि कर
भराडड़या स्कूि को शासमि कर असगर प्जनवा सििर के घर तक।
17
कृष्णा ऐजेन्सी, शेख जी बांस वािे के मकान को शासमि कर िक्षक्षण दिशा की तरफ
चिकर िायीं तरफ के मकान धनराज सोनी, केिाश िोदहया, ववनय सोनी, प्रभु स्वामी,
सत्यनारायण कांकाणी, मथुरािाि बजाज को शासमि कर पूवड दिशा में मुर्कर बायीं
तरफ के मकान सीताराम ररणवा, पवन तोर्नीवाि, सीताराम सारर्ी को शासमि कर
उत्तर दिशा की तरफ मुर्कर िायें, बायें के िौनो तरफ के मकान ककशनिाि चाण्र्क,
बृमहप्रकाश शमाड, सीताराम जी मप्न्िर, बत्रशिा पप्ब्िक स्कूि, दिनियाि तापर्ीया के
घर को शासमि कर पूवी दिशा मे मुर्कर पाण्र्या धमडशािा को शासमि कर कृष्णा
ऐजेन्सी तक।
1487
18
माकेट सीताराम चौधरी से िायीं तरफ मुर्कर एर्वोकेट चयाम नारायण राठ , मकान
कैिाश ििा को शासमि कर पप्चचम दिशा की तरफ चिकर रमेश जी िागधच के मकान
को शासमि कर नौहरा सोमानी गेर्ाप वािे को शासमि कर पूवड दिशा में मुर्कर
हररप्रकाश िागधच शसशरंजन शमाड सोहनिाि प्रजापत के मकान को शासमि कर बायीं
तरफ मुर्कर उत्तर दिशा की तरफ चिकर भैराराम शमाड, भागीरथ गुजडर, नथमि
गुजडर, जगिीश समरण्का को शासमि करते हुए उत्तर की ओर चिते हुए सत्यनारायण
चौहान से श्रीतनवासी जी चोदटया के नौहरे को शासमि करते हुए रामिाि मोची,
िक्ष्मीनारायण ििा को शासमि कर पूवड दिशा की तरफ चिकर रामअवतार कयाि के
मकान को शासमि कर उत्तर दिशा की ओर चिकर बायीं तरफ के मकान घोर्ेिा टावर
ररजवान कुकर्ा, शमसुिीन की िुकान कुकर्ा स्टोर को शासमि कर माकेट सीताराम
तक।
1734
19
नन्िु जी खाती के घर से शुरू होकर उत्तर दिशा फारूक जी साईं के घर से पूवड में मुर्कर
दिनियाि जी सोनी की िुकान को शासमि कर जैन नससडया के नौहरे को शासमि कर
उत्तर दिशा में मुर्कर श्रवण जी तोर्नीवाि को शासमि कर सवाई खां के घर को िेकर
पूवड दिशा में मुर्कर मािू सिन को शासमि कर मांगीिाि सोनी को शासमि करके
उत्तर दिशा मे मुर्कर श्रद्धा सिन को शासमि कर पूवी दिशा में शासमि कर झनकार
सिन को शासमि कर िक्षक्षण दिशा में चिकर एन.एफ.वाई सेन्टर को शासमि कर पूवड
दिशा में चिकर राजकुमार जी सुंिरीया के घर को िेते हुए िोिा तनवास को शासमि कर
िक्षक्षण दिशा में मुर्कर बी.एि. ज्विसड को शासमि करते हुए पोिार जनडि स्टोर को
शासमि कर िक्षक्षण की ओर चिकर िायीं ओर मुर्कर एस.बी.आई. बैंक को शासमि कर
पप्चचम दिशा में मुर्कर मोिानी बबल्र्ींग को शासमि कर कठोततया के नोहरे की खािी
भूसम को शासमि कर िक्षक्षण दिशा में मुर्कर सुजिा आतटीकि िुकान को शासमि कर
पप्चचम दिशा में मुर्कर सीधे चिते हुए िुहार बस्ती, एन.के.िोदहया स्टेडर्यम को
शासमि कर उत्तर दिशा में सीधे चिते हुए एम.के. फाईनेंस इंशोरेंस को शासमि कर
नन्िु जी खाती के घर तक।
1722
भाग 6 (क) राजस् थान राज-पत्र, ससतम बर 15, 2025 882
20
भैरूिान कुचेररया सिन से शुरू होकर पप्चचम दिशा की ओर चिकर िक्षक्षण दिशा के
मकानात मईनूिीन िईया, मन्नत मंप्जि, कफरोज बर्गुजडर बायीं तरफ मुर्कर अन्तर
बर्गुजडर को शासमि कर कॉनडर तोकफक तेिी को शासमि कर आगे चिकर भाटी हाउस
भवन िुकान को शासमि कर पूवड दिशा की ओर चि कर िागधच सेवा ससमतत को शासमि
कर गिी में मुर्कर आगे चिकर कुंर्सिया की हवेिी शासमि कर मोहममि अब्बास
खींची को शासमि कर खािी नौहरा कॉनडर करवा का शासमि कर महात्मा गांधी स्कूि
की गिी में मुर्कर, गनी जी खींची को शासमि कर पूवड दिशा की ओर चिकर उत्तर
दिशा के सभी मकानात शासमि कर कमि जी चोरडर्या को शासमि कर उत्तर दिशा में
चि कर पप्चचम दिशा के सभी मकानात कमि सुराणा शासमि कर भैरूिान कुचेररया
सिन तक।
1756
21
सीताराम भागडव से शुरू होकर पप्चचम दिशा की ओर चिते हुए िक्षक्षण दिशा के समस्त
मकानात मोर्ू जी स्वामी से आगे चिकर ताराचन्ि भागडव एल्यूमीतनयम की िुकान
शासमि कर िक्षक्षण दिशा की ओर चिते हुए पूवड दिशा के सभी मकानात िुकान, मिन
जी खतरी एण्र् सन्स की िुकान जैसराज मािी की िुकान, मन्नु खां का मकान, आबीि
बाजी वेप्ल्र्ंग की िुकान शासमि कर पूवड दिशा की ओर चिकर उत्तर दिशा के सभी
मकानात शासमि कर पंकज आईस फेक्ट्री, हाजी मोहममि, हनीफ भाटी का नौहरा
शासमि कर आगे चिकर बंगािी बाबा का तकीया, साबबर खींची को शासमि कर पूवड
दिशा में चिकर कॉनडर का मकाना मोहममि आरीफ शहर काजी को शासमि कर गिी में
मुर्कर मोहममि हुसैन भाटी कोमि मेडर्कोज, जवरूिीन तगािा की चक्की शासमि
कर पूवड दिशा में चिकर उत्तर दिशा के सभी मकानात मईनूिीन िईया को शासमि कर
मोहममि भाटी को शासमि कर गिी में मुर्कर िक्ष्मी पटेि नारायण मुकेश प्रजापत की
िुकान, जी.आर. वीिा बबल्र्ींग, सतार जी िईया को शासमि कर सीताराम भागडव तक।
1534
22
चंद्रप्रकाश सोनी से शुरू होकर कॉनडर मकान याकुब खींची को शासमि कर मुर्कर आगे
चिकर मुमताज खींची को शासमि कर आगे चिकर मोहममि भाटी को शासमि कर
िायीं तरफ आगे चि कर रूबी हाउस शासमि कर मुर्कर कॉनडर भीकमचंि िजी को
शासमि कर इसमाईि बर्गुजडर से आगे चिकर कॉनडर का मकान उसमान िईया को
शासमि कर िायीं तरफ की गिी में मुर्कर आगे चिकर कॉनडर ववजय कुमार सोनी को
शासमि कर आगे चिकर मिन मािी को शासमि कर बािाजी मंदिर को शासमि कर
चंद्रप्रकाश सोनी तक।
1617
23
सरिारमि के नौहरे से शुरू होकर बाबूिाि गुजडर की स्कूि को शासमि कर मोर्ाराम जी
की टाि को शासमि कर मुर्कर सोहन जी गुजडर को शासमि कर उत्तर मे मुर्कर पूवड की
ओर चिकर कॉनडर का मकान भंवर जी मारोदठया, जयचंि जी टाक को शासमि कर
कॉनडर भंवर जी मारोदठया को शासमि कर बायीं तरफ मुर्कर रोर् पर चिकर मान्सी
ऑटो पाटडस ररद्धी-ससद्धी मेडर्कि शासमि कर कॉनडर मकान बाबूिाि मािी शासमि कर
पूवड दिशा की ओर चिकर सफी जी चक्की को शासमि कर प्रकाश जी मािी का
कारखाना सरिारमि के नौहरे तक।
1587
24
राजकुमार सोनी के मकान से शुरू होकर उत्तर दिशा की ओर चिकर, हनुमान ससंह,
1494
883 राजस् थान राज-पत्र, ससतम बर 15, 2025 भाग 6 (क)
र्ूंगर जी नाई की िुकान को शासमि कर कॉनडर मकान खािी पर्ा नौहरा खींची को
शासमि कर पूवड दिशा की आरे चि कर ससंघी तनवास, र्ुंखवाि कॉमपिेक्स, अखण्र्ा
नाथ बगीची, गणेश मप्न्िर कॉनडर मकान खेताराम चमपािाि तंवर को शासमि कर
कॉनडर भंवरिाि घोर्ावत को शासमि कर पानी की टंकी को शासमि कर बगीची को
शासमि कर पूवड दिशा के मकानात शासमि कर िीने खां, कॉनडर श्रवण जी सोनी, हसन
साई, यूनूस साई पूवड दहस्से के सभी मकानात जोर्ते हुए पप्चचम दिशा के कॉनडर
आईिान जी पंवर को शासमि कर िायीं तरफ मुर्कर आगे चिकर कॉनडर मकान
सुल्तान खींची को शासमि कर उत्तर दिशा की ओर चिकर गगरधारी मोयि, बािजी
खाती का नौहरा शासमि कर पप्चचम दिशा में मुर्कर सोनू सोनी को शासमि कर
राजकुमार सोनी तक।
25
हररश ड्रग हॉि िुकान से शुरू होकर उत्तर दिशा में चिकर मप्चचम दिशा के मकान
िुकान को शासमि करते हुए पुखराज बोकडर्या के मुर्कर सूरजमि भांसािी को शासमि
तनमडि बांदठया को शासमि कर जसराज भूतोडर्या से चिकर ओसवाि संघ को शासमि
कर उत्तर दिशा में चिकर पप्चचम दिशा के सभी मकानात कृष्णा मेडर्कोज, वंिे
मातरम कॉनडर शाखा वािी गिी में मुर्कर िक्षक्षण दिशा के सभी मकानात िोिा भवन,
बेि भवन भैरू जी का मंदिर आगे चिकर कमि नाहटा की गिी कॉनडर बजरंग जी
नाहटा से आगे चिकर ससमभू जी की चक्की,भंवरू खां, िीपचंि छाजेर्से आगे चिकर
र्ूंगरवाि तनवास गिी में मुर्कर हर्ड सोनी को शासमि कर व िीने खां, कॉनडर श्रवण जी
सोनी, हसन साई, यूनूस साई पूवड दहस्से के सभी मकानात हटाते हुए कॉनडर टावर वािे
नौहरे को शासमि पूवड दिशा में चिकर प्रताप ससंघी को शासमि कर संजय भूतोडर्या,
केसरीचंि सीरोहीया को शासमि कर पूवड दिशा में चिकर उत्तर दिशा के सभी मकानात
शासमि कर बछराज ससंघी िक्षक्षण दिशा में चिकर तनसुख िोिा, समस्त िुकाने
शासमि कर माकेट इंद्रचंि तंवर को शासमि कर िायीं तरफ मुर्कर आगे चिकर मकान
चोरर्ीया को शासमि कर बायीं तरफ मुर्कर कणी माता मप्न्िर को शासमि िाि
बर्भुजा की िुकान को शासमि कर हररश ड्रग हॉि की िुकान तक।
1585
26
ए.वन फुटववयर िुकान से शुरू होकर पूवड दिशा की ओर चिकर उत्तर दिशा के सभी
िुकाने कृष्णा गारमेंट, वेशािी गारमेंट को शासमि कर घण्टाघर से मुर्कर स्टेशन रोर्
पर चिकर िक्षक्षण दिशा की ओर चिकर पप्चचम दिशा के सभी मकान िुकानात
मोबाईि हाउस, तनसुख रामपुरीया, सरकारी अस्पताि, शाप्स्त्र तयाउ कॉनडर की िुकान
दहरािाि गगरधारीिाि बुगासिया की िुकान को शासमि कर पप्चचम दिशा में चिकर
उत्तर के सभी मकानात मनोज पोस्ट मेन, बंि मकान सोहनिाि सभमराम को शासमि
कर कोठारी रोर् पर चिकर सभी पूवी दिशा के मकानात गोिछा तनवास, सैदठया गार्डन,
राधेचयाम नाई की िुकान कॉनडर िािुराम नाथ के मकान को शासमि कर चोपर्ा हवेिी
को शासमि कर ओसवाि (बंि िाईिेरी) आगे चि कॉनडर मकान भूतोर्ीया का शासमि
कर आगे चिकर कमि जी की िुकान को शासमि कर बैंक ऑफ बर्ोिा, पी.एन.बी. बैंक
को शासमि कर ए.वन फुटववर की िुकान तक।
1716
27
हरर जी बागड़ा के मुकान से शुरू होकर िक्षक्षण दिशा की ओर चिकर पूवी दिशा के
1510
भाग 6 (क) राजस् थान राज-पत्र, ससतम बर 15, 2025 884
मकान शासमि कर पुनजी बागड़ा, चन्द्रप्रकाश बागड़ा शासमि कर मनोज पारीक का
मकान शासमि कर राम भवन को शासमि कर पप्चचत दिशा में मुड़कर मिन मेहता को
शासमि कर िक्षक्षण दिशा में मुड़कर पूवी दिशा के समस्त मकान शासमि कर जगिेव
बेड़ा, वपयुर् बािान, सन्िीप जोशी, हीरजी जोशी बािाजी मप्न्िर को शासमि कर िक्षक्षण
दिशा की ओर चिकर सुनीि जाखड़ को िेकर बागरेचा के नोहरे को शासमि कर पूवड
दिशा में मुड़कर उत्तर दिशा के मकान शासमि कर कुचेररया सिन को िेकर उत्तर दिशा
में चिते हुए पप्चचम दिशा के मकान, झीिमीि कॉिोनी रामिेव मप्न्िर को शासमि
कर पप्चचम दिशा की ओर चिकर गचमनाराम शमाड को शासमि कर उत्तर दिशा मे
चिकर मनसुख महाराज के नोहरे को शासमि कर पप्चचम दिशा में चिकर हरर जी
बागड़ा तक।
28
प्रेम टेन्ट हाउस से शुरू होकर िक्षक्षण दिशा में चिकर चन्द्र बागड़ा को शासमि कर
पप्चचम दिशा में मुड़कर मनोज प्रजापत को शासमि कर पप्चचम में चिकर मनोज
बागड़ा को शासमि कर िक्षक्षण दिशा में चिकर पप्चचम दिशा के मकान शासमि कर
तनमडि जोशी को शासमि कर पप्चचम दिशा में चिकर बजरंग पारीक, रामूनाथ के
मकान के शासमि कर पृथ्वी राज बागड़ा के मकान को शासमि कर समपत पटेि के
मकान को िेकर मनोज गोिारा के मकान को शासमि कर िक्षक्षण दिशा में चिते हुए
पप्चचम दिशा के सभी मकान शासमि कर 11 नं. स्कूि को शासमि कर िुहारा गाड़ा
चौक से पप्चचम दिशा में चिकर सगचन टाक के मकान को शासमि कर उत्तरी दिशा के
समस्त मकान शामीि करते हुए रामूजी एचरा को शासमि कर भींचर चौक को िेते हुए
सोहनजी खाती के मकान को िेकर उत्तर दिशा में चिकर पूवी दिशा के समस्त मकान
शासमि कर भेराराम टाक के मकान व माकेट शासमि कर पूवी दिशा में चिकर िक्षक्षणी
दिशा के समस्त मकान िुकान शासमि करते हुए प्रेम टेन्ट हाउस तक।
1778
29
बाई पास रोड़ कर आईर्ीएफसी. बैंक को िेकर िक्षक्षण दिशा में चिकर पूवी दिशा के
समस्त मकान शासमि कर कैिाश शमाड, महेन्द्र गोिछा को िेकर िसित माटोसिया के
मकान को शासमि कर गिी में मुड़कर कॉनडर खािी नोहरा शासमि कर अशोक पारीक
का नोहरा िेकर पूवी दिशा में चिकर उत्तर दिशा के मकान शासमि करते हुए चांि जी
सोनी को शासमि कर कोठारी रोड़ क्रोस कर पी.सी.बी स्कूि को शासमि कर पूवी दिशा में
चिकर स्टेशन रोड़ पर उत्तर दिशा में मुड़कर पप्चचम दिशा के समस्त मकान शासमि
कर आरर्ीएस. स्कूि शासमि कर जाजोदिया धमडशािा को िेकर चोथमि सेदठया
ववश्रामािय को िेकर पप्चचम दिशा में मुड़कर िक्षक्षण दिशा के समस्त मकान व िुकान
शासमि कर आईर्ीएफसी. बैंक तक।
1525
30
ववनायक जूस सेन्टर से पूवड की ओर चिते हुए दििीप सैन की हवेिी को शासमि करते
हुए नगर पररर्ि पाकड को शासमि करते हुए पप्चचम ऐररया को िेते हुए उत्तर दिशा की
ओर चिकर दििीप पेंटर बोिूजी गोपािपुरीया को शासमि कर उत्तर दिशा में चिकर
शंकरिाि प्रजापत को शासमि कर प्रजापतत भवन को शासमि कर अल्ताफ रहीम खां
कायमखानी पप्चचम दिशा में मुर्कर नूरिीन खां कायमखानी को शासमि कर पप्चचम
दिशा में चि कर िक्षक्षण दिशा के समस्त मकान शासमि कर कॉनडर मकान शेर जी
1875
885 राजस् थान राज-पत्र, ससतम बर 15, 2025 भाग 6 (क)
चौहान की िुकान शासमि कर सजायत खां की चक्की को शासमि कर उत्तर दिशा में
चि कर राजकीय प्राथसमक करवा स्कूि को शासमि कर हररओम डर्प्जटि किर िेब
को शासमि कर पूवड में चिकर िक्षक्षण दिशा में मुर्कर सामने के सभी मकानात शासमि
कर बंि मकान िोिीयों का शासमि कर आगे चिकर कॉनडर मे राधेचयाम अग्रवाि को
शासमि कर स्टेशन रोर् पर चिते हुए एच.पी. गैस ऐजेन्सी, सीयाराम बाबा की बगीची
को शासमि कर चोपर्ा धमडशाि को शासमि कर अरूण तिाजा को शासमि कर व करवा
बबल्र्ींग को शासमि कर ववनायक जूस सेन्टर तक।
31
मुस्ताक खां कायमखानी के मकान से पप्चचम में चिकर मकान शेर मोहममि से उत्तर
में मुर्कर दहिायत खां कायमखानी को िेकर सीधे चिकर शमाड जी के नौहरे से मुर्कर
शंकर मािी के िुकान को िेकर मुर्कर समनाक्षी मोटसड को िेकर पी.र्ब्ल्यू.र्ी ऑकफस
को िेकर अशोक स्तमभ को शासमि कर िक्षक्षण में मुर्कर सािासर रोर् पर चिते हुए
पंचायत ससमतत को शासमि कर पंचायत ससमतत की खािी भूसम को िेकर पप्चचम में
मुर्कर एफ.सी.आई. गोिाम की तरफ चिकर मांगीिाि ठेकेिार के मकान नौहरे को
िेकर आगे चिकर हसन भाटी के घर को शासमि कर चमशान घाट के सामने का मकान
प्रजापत को शासमि कर मकान वेिप्रकाश प्रजापत को िेकर मेहबूब चौक को शासमि
कर मुस्ताक खां कायमखानी तक।
1865
32
शंकर मण्र्ावरीया के घर से शुरू होकर प्रिीप ससंह बन्ना को शासमि कर महावीर
प्रजापत हिवाई को शासमि कर ओम जी छेि को शासमि कर पतपू प्रजापत के शासमि
कर चयाम सुन्िर को शासमि कर सुनीि प्रजापत प्रेस वािे को शासमि कर चमशान
भूसम िूि जी प्रजापत के नौहरे को शासमि कर चमशान भूसम की दिवार समस्त
एफ.सी.आई. गोिाम को शासमि कर आगे रोर् पर चिते हुए िक्षक्षण तरफ पप्चचम की
सभी िुकाने व दहरो होण्र्ा शौरूम कॉनडर भोजिाई चौराहा ट्रांसफमडर से िायीं तरफ
चिकर कबिस्तान को शासमि कर चापदटया तिाई शासमि कर दटकू प्रजापत को
शासमि कर कॉनडर अरूण प्रजापत को शासमि कर आगे चिकर सोहन प्रजापत से बायीं
तरफ राकेश प्रजापत को शासमि कर वाप्ल्मकी भवन को शासमि कर पप्चचम की तरफ
चिकर तनणखि आयड की िुकान को शासमि कर िुकान हनुमान रैगर को शसमि कर
शंकर मण्र्ावरीया तक।
1631
33
गोपीनाथ जी मंदिर से शुरू होकर सुगनचंि पुरोदहत को शासमि कर आगे चिकर पन्जी
प्रजापत शासमि कर बाबूिाि जी का कारखाना शासमि कर गिी मे मुर्कर हनुमान जी
प्रजापत को शासमि कर रूपचंि प्रजापत को शासमि कर आगे मुर्कर मांगीिाि
प्रजापत को शासमि कर आगे मुर्कर नारायण प्रजापत को शासमि कर गिी में मुर्कर
वेिप्रकाश जांगगर् को शासमि कर गोववन्ि प्रजापत बजरंग जी प्रजापत, थान जी
प्रजापत को शासमि कर, श्रवण जी प्रजापत को शासमि कर ओम जी प्रजापत को
शासमि कर, शंकरिाि फिवार्ीया को शासमि कर, गगरधारीिाि मण्र्ावरीया, संतोर्
जोशी से मुर्कर गोपीनाथ मंदिर तक।
1550
34
स्टेशन रोर् पर पंसारी की हवेिी को शासमि कर पूवड दिशा में चिकर पीयुर् टुल्स को
शासमि कर सुरजाराम प्रजापत से जाट मंदिर को शासमि कर उत्तर मे मुर्कर र्ॉ. ज्ञान
1650
भाग 6 (क) राजस् थान राज-पत्र, ससतम बर 15, 2025 886
जी की िुकान शासमि कर वीर हनुमान मंदिर शासमि कर पप्चचम का समस्त क्षेत्र िेते
हुए सुल्तान खां को शासमि कर बाबूिाि आससिया के मकान को शासमि कर
चंद्रप्रकाश के नौहरे को शासमि कर गोपाि कुिाि के मकान को िेकर उत्तर में चिते
हुए चमपािाि जिींिरा को शासमि कर पप्चचम में मुर्कर दटकमचंि प्रजापत को
शासमि कर िक्षक्षण में मुर्कर िायां व बायां िोनो तरफ के मकान को शासमि कर
हंसराज पल्िार, गोपाि िजी, ववनोि कुिाि, िक्ष्मीनारायण कुिाि, िीपचंि जांगगर्,
गोम जी नाई की हवेिी शासमि कर पप्चचम में मुर्कर िक्षक्षण के मकान शासमि कर
प्रजापतत भवन शासमि कर ववमिा बागर्ा के मकान से िक्षक्षण में मुर्कर स्टेशन रोर्
पर चिते हुए एच.र्ी.एफ.सी. बैंक को शासमि कर पंसारी की हवेिी तक।
35
तनमडि सराफ िुकान से, उत्तर दिशा की ओर चिते हुए संजय आयड की िुकान से
गगरधारीिाि भागडव से घूमते हुए माणकचंि मोिी की िुकान से सर्क क्रोस कर ववनय
मेडर्कि से घूमते हुए सशव बगर्ीया की िुकान से होते हुए बायीं तरफ घूमते हुए
ववचवनाथ के नौहरे से बायीं तरफ घूमते हुए भागडव बस्ती शासमि करते हुए यासीन जी
से महबूब व्योपारी की िुकान से रहीस भुट्टा के मकान से शंकरिाि बगर्ीया की िुकान
से रास्ता क्रोस कर िाणी वािों की हवेिी से केसरीया कंवर जी को शासमि करते हुए
बाबूिाि कुल्िीप के नौहरे से गंगा माता मप्न्िर के सामने से छागनिाि फिवार्ीया के
घर से मोहनिाि बासीवाि के घर से नानूराम जुनवाि को साथ िेते हुए रास्ता क्रोस
कर रामुराम कासोटीया से गीगाराम कासोटीया से नारायण र्ाबरीया से मेघराम
पीिातनया से बायीं तरफ घूमते हुए कैिाश पारीक के मकान से मिन भारी के मकान से
रास्ता क्रोस कर राधेचयाम सोनी के मकान से बेि भंवरिाि शमाड से रतन जाट की
िुकान होते हुए जाट नौहरा को शासमि कर रामपुररया कॉटेज से आगे चिते हुए तनमडि
सराफ की िुकान तक।
1488
36
फुिाराम मोची से शुरू होकर उत्तर दिशा की ओर चिकर गंगा माता मंदिर, िक्ष्मण
ससंघानीया को शासमि कर भंवरिाि फिवार्ीया को शासमि कर मुर्कर आगे चिकर
सुरजाराम फिवार्ीया को शासमि कर मुर्कर आगे चिकर ककशनिाि मण्र्ावरीया को
शासमि कर आगे चिकर मूिाराम फिवार्ीया का मकान व िुकान शासमि कर मुर्कर
पंचु फिवार्ीया को शासमि कर मुर्कर प्रभुराम बाकोिीया को शासमि कर नागरमि
बाकोिीया को शासमि कर आगे मुर्कर मघजी बाकोिीया को शासमि कर मुर्कर
सशवभगवान तेजस्वी जमािार को शासमि कर आगे मुर्कर दिपचंि टाक मुकेश गोयि
को शासमि कर सिछु ससंधी को शासमि कर तयारेिाि व मनोज घारू को शासमि कर
कुचामणणया चौका को शासमि कर भगत की कोठ व सुरेश फिवार्ीया को शासमि कर
मुर्कर गणपत जी फिवार्ीया, अशोक फिवार्ीया को शासमि कर छ ंतरमि सोनीवाि
िक्ष्मण उिानीया, सुभार् उिानीया, तघसाराम िोिीया को शासमि कर ट्रांसफामड के
सामने की तरफ रोर् क्रोस कर पुर्ाराम फिवार्ीया, मंगतु जी उिानीया हनुमान जी
तुनगरीया, मोहन जी फिवार्ीया से मुर्कर पप्चचम दिशा की ओर चिते हुए उत्तर
दिशा के समस्त मकानात अन्नाराम जी र्ाबरीया सांवरमि िाटा जी के मकान को
शासमि कर फिाराम मोची के घर तक।
1780
887 राजस् थान राज-पत्र, ससतम बर 15, 2025 भाग 6 (क)
37
प्रहिाि तुनगरीया से शुरू होकर आगे चिकर बल्िू टाक को शासमि कर राजकुमार
िेनवाि को शासमि कर आनन्ि जी िखन को शासमि कर मुर्कर आगे चिकर
पुखराज पंवार को शासमि कर मुर्कर भंवर जी सुंगत को शासमि कर आगे चिकर
कॉनडर छगन जी कफटर को शासमि कर नत्थू खटीक को शासमि कर आगे चिकर
मुर्कर प्जतु जी बागर्ी को शासमि कर कॉनडर मकान चयामिाि पार्डि के मकान को
शासमि कर मुर्कर आगे चिकर कॉनडर शौकत सप्ब्जफरोश को शासमि कर मुर्कर
कािू तेजस्वी को शासमि कर सीताराम िेनवाि, बािचंि सुंगत को शासमि कर, पतपू
धन्नाराम को शासमि कर आगे चिकर अनीि जमािार को शासमि कर कॉनडर रूपचंि
को शासमि कर उत्तर दिशा की ओर चिते हुए प्रहिाि तुनगरीया के घर तक।
1938
38
राजकीय माध्यसमक बासिक ववद्यािय नमबर 6 से ववजय कुमार िेनवाि के मकान से
संजय आयड के मकान होते हुए नोप ससंह राठौर् के मकान रतन नायक को शासमि कर
कॉनडर चैनाराम के मकान से बायें घूमते हुए मांगीिाि काजी का मकान हररजन
चमशान होते हुए संजय टेन्ट हाउस होते हुए सािासर रोर् से घूमते हुए राहुि टेन्ट
हाउस, बािाजी मंदिर से नया बस स्टेण्र् के सामने हररराम बाब मंदिर होते हुए सुरेश
प्रजापत का नौहरा से िायें घूमते हुए कृष्णा स्कूि होते हुए अयुब काजी के घर से घूमते
हुए याकुब काजी यासीन कुंजर्ा, पानी की टंकी से माता मंदिर होते हुए चांि जी पुजारी
होते हुए खटीक ततराहे से मघाराम सामरीया होते हुए खटीक धमडशािा होते हुए शंकर
र्ॉक्टर, चेनाराम िाखन, सुरजाराम सुगनचंि खटीक के मकान सर्क क्रोस का सामने
नौहरा मनीर् आयड होते हुए भागडव कॉिोनी भागडव चक्की िेते हुए बाबूिाि ससयोता का
मकान शासमि कर बागर्ा जनरि स्टोर िेते हुए वावपस राजकीय माध्यसमक बासिक
ववद्यािय नमबर 6।
1880
39
कॉनडर पर बािाजी चौक उत्तर पूवी मकान रामेचवर जी खटीक को शासमि कर पूवड में
मकान ठाकुरों का गि को शासमि कर नीचे चिते हुए पूवड में मेघवाि बस्ती को शासमि
करते हुए खान जी चक्की से आगे चिकर सािासर रोर् पर सिगुरू भोजनािय को
शासमि करते हुए िक्षक्षण की तरफ आगे बिते हुए मारूततमंगि गैस गोिाम को िेकर
आगे रास्ता क्रोस कर पूवड की तरफ मुर्ते हुए ववसियम ववल्सन पत्रकार को शासमि
करते हुए एवं अन्िर की तफर सामुिातयक भवन बबर्िीिास जी बगीची व स्वामीयों के
समस्त मकानात शासमि कर उत्तर दिशा में मकान कािू कसाई को िेकर रास्ता क्रोस
कर उत्तर में चिते हुए पूवी दिशा के मकानात शासमि करते हुए कॉनर में मकान
रामेचवर जी खटीक तक।
1920
40
भेरूजी के खेजड़े से शुरू होकर पूवड दिशा में चिकर बिरूिीन शाह तककया शासमि कर
बांयी तरफ मुड़कर आर.बी.आई. स्कूि रकफक, साबीर ससिावट, अकरम, भंवराजी,
महेश सांखिा शासमि कर आगे चिकर माताजी के मकान को शासमि कर असगर
कुंजड़ा को शासमि कर सकूर गुिाम, दिन मोहममि, हनीफ जोधा को शासमि कर रास्ता
क्रोस कर साबीर कुजड़ा की िुकान को शासमि कर आगे चिकर अहमिजी की चक्की
को शासमि कर रकफक जोधा, रकफक खत्री को शासमि कर रूस्तम कुंजड़ा को शासमि
कर सिीम भूट्टा के मकान को शासमि कर िांये मुड़कर रमेश फिवाडड़या, राधेचयाम
1653
भाग 6 (क) राजस् थान राज-पत्र, ससतम बर 15, 2025 888
फिवाडड़या एवं िक्ष्मणराम बाकोसिया को शासमि कर मूिचंि उिातनया को शासमि
कर पवन छाबड़ा के नोहरे को शासमि कर खासिि खत्री का मकान शासमि कर हाजी
ईसियास खत्री को शासमि कर गिी से वापस तनकिकर कसाई चौक को शासमि कर
चौक क्रोस कर सिीम व्यापारी को शासमि कर रकफक खोखर की िुकान शासमि कर
शौकत अिी को शासमि कर मुड़कर आगे चिकर युसफ खोखर, िािा खोखर, कािू
खोखर, जैतुन मंप्जि को शासमि कर आगे चिकर ककरायेिार इसाक काजी को शासमि
कर फारूक कसाई को शासमि कर भेरूजी के खेजड़े तक।
41
िामोिर जी मुंिर्ा के घर से शुरू होकर पूवड दिशा अगुणा बाजार की तरफ चिते हुए हुए
बगर्ीया मंदिर शासमि कर, कॉनडर महेन्द्र सोनी को शासमि कर बायीं तरफ मुर्कर
बबप्ज शमाड का मकान शासमि कर सुरेश शमाड व कॉनडर का मकान शासमि कर बायीं
तरफ मुर्कर जर्ाव मागड से बायीं तरफ मुर्कर कॉनडर बजरंग मौर की िुकान शासमि
कर समरेकि एकेर्मी को शासमि कर ववनोि चोदटया को शासमि कर बायीं तरफ मुर्कर
कमि जी सोनी को शासमि कर िाि मोहममि व्योपारी को शासमि कर मुर्कर शेर
मोहममि व्योपारी को शासमि कर, गुिाम हुसैन, मप्स्जि व्योपारीयां को शासमि कर
आगे चिकर बायीं तरफ मुर्कर ईकबाि कुरेशी को शासमि कर आगे चिकर पायि
ब्यूटी पािडर, ओम जी र्ीिर को शासमि कर कॉनडर गणेश बगर्ीया की िुकान को
शासमि कर मुर्कर गणेश बगर्ीया का मकान, राजू खाखोसिया कॉनडर से मुर्कर चयाम
जी गुरू जी मंदिर शासमि कर आगे चिकर सांवरजी अग्रवाि, जगिीश मोिी को
शासमि कर पी.पी. ज्वैिसड को शासमि कर आगे मुर्कर राजू फतेहपुरीया शासमि कर
कॉनडर राजू कयाि माकेट को शासमि कर नया बाजार चौक से पूवड की तरफ मुड़कर
िांयी तरफ का समपूणड क्षेत्र शासमि करते हुए राजू क्याि माकेट से पप्चचम दिशा के
सभी मकान व िुकान शासमि कर होपी बर्भुंजा की िुकान शासमि कर घण्टाघर की
तरफ चिते हुए पूवी दिशा के सभी मकानात शासमि कर िामोिर जी मुंिर्ा के घर तक।
1716
42
महावीर मठ से शुरू होकर पप्चचम दिशा की ओर चिते हुए िक्षक्षण दिशा के समस्त
मकान व िुकान शासमि कर घण्टाघर से आथुना बाजार की तरफ चिते हुए पप्चचम
दिशा की सभी िुकाने शासमि कर कॉनडर धनजी पारीक, िक्ष्मी समष्ठान भण्र्ार, सत्यम
बेकरी की िुकान शासमि कर बायीं तरफ मुर्कर, दिसिप सुराणा, धनराज चोरर्ीया से
बायीं तरफ घूमकसप्ब्ज मण्र्ी शासमि कर पप्चचम दिशा में चिते हुए िक्षक्षण दिशा के
सभी मकानात व िुकानात शासमि करते हुए, ससंघी मंदिर कर छाबर्ा क्िीतनक व
माकेट शासमि कर बायीं तरफ मुर्कर आगे चिकर मोहन जैन को शासमि कर बायीं
तरफ मुर्कर पूवड दिशा की ओर चिते हुए उत्तरी दिशा की सभी िुकाने शासमि कर
िािा हवल्िार िरगा धनराज घोर्ेिा की िुकान को शासमि कर बायीं तरफ
मुर्करछाबर्ा तयाउ को शासमि कर पूवड दिशा की ओर चिते हुए इन्द्र तिाजा माकेट को
शासमि कर बायीं तरफ मुर्कर खेतेचवर शतन भगवान मंदिर शासमि कर कॉनडर
आयूवेिीक और्द्यािय को शासमि कर प्जमण रेस्टोरेंट को शासमि कर कॉनडर पर
नगर पररर्ि का छोटा पाकड शासमि कर सशतिामाता मंदिर को शासमि कर उत्तर दिशा
की ओर चिते हुए पप्चचम दिशा के सभी मकानात शासमि कर कॉनडर पोस्ट ऑकफस
1514
889 राजस् थान राज-पत्र, ससतम बर 15, 2025 भाग 6 (क)
शासमि कर महावीर मठ तक।
43
महािेव जी भट्टा से रामिाि शमाड के मकान को िेकर मुर्कर समगश्रिाि बगर्ा के
मकान को िेकर भंवर के मकान को िेकर सुरेश बगर्ा के मकान को िेकर पतिी गिी
में बायीं तरफ मुर्कर िायीं तरफ के सभी मकानात शासमि कर बाबा गोटा स्टोर को
शासमि कर एर्वोकेट तनरंजन सोनी को शासमि कर चकरेचवरी सतिायडस की िुकान को
िेकर जैन भवन को शासमि कर जैन स्कूि को शासमि कर भूतनाथ मंदिर को शासमि
कर आगे चिकर चमशान गेट को शासमि कर चमशान घाट से महािेव जी भट्टा तक।
1738
44
झंवर स्कूि से पप्चचम की तरफ चिते हुए िक्षक्षण तरफ मुर्कर पूवी दिशा के सभी
मकान शासमि करते हुए नया बास क्िब को शासमि कर ररद्धकरण प्रजापत को शासमि
कर कैिाश सोनी को शासमि कर पूवी दिशा के सभी मकान शासमि कर नौहरा
सत्यनारायण प्रजापत शासमि कर पूवी दिशा की तरफ चिकर नगर पररर्ि सीमा के
सहारे चिते हुए उत्तर दिशा के समस्त मकानात शासमि कर गिी दहरािाि गोिारा में
मुर्कर उत्तर की तरफ चिकर पप्चचम दिशा के मकान पुर्ािास स्वामी के मकान को
िेकर दहरािाि गोिारा के मकान को शासमि कर मुन्ने ससंह को शासमि कर सांवरमि
घोर्ेिा को शासमि कर उत्तर दिशा में चिकर पप्चचम दिशा के सभी मकान शासमि कर
शेराराम गुजडर ववजय गुतता का मकान िेकर मुर्कर भंवरिाि प्रजापत का मकान
िेकर उत्तर में चिकर नौहरा भंवरिाि चुर्ीवाि शासमि कर झंवर स्कूि तक।
1571
45
सशव बार्ी रोर् पर प्स्थत दिपचंि प्रजापत के मकान से पप्चचम दिशा में चिते हुए
िक्षक्षण दिशा के मकान गघाराम की चक्की रामिेव, धन्नाराम को शासमि कर
चयामिाि प्रजापत के मकान को शासमि कर बायीं तरफ मुर्कर बायीं तरफ के मकान
गोपाि प्रजापत को शासमि कर िायीं तरफ मुर्कर चमशान घाट के िक्षक्षण दिशा की
सड़क परपप्चचम दिशा की ओर चिते हुए बायीं तरफ का नौहरा मंगतु घोसी, दिनियाि
शमाड को शासमि कर िक्षक्षण दिशा की ओर चिते हुए पूवी तरफ के मकान प्जवणिास
स्वामी, मोतीिाि प्रजापत, नौहरा मांगीिाि ररणवा को िेकर पूवड दिशा की ओर चिते
हुए भगवानाराम प्रजापत को शासमि कर िक्षक्षण दिशा की ओर चिकर बायीं तरफ के
मकानात नौहरा नेसमचंि प्रजापत, सभवाराम प्रजापत, भागीरथ स्वामी, र्ािमचंि
प्रजापत को शासमि कर नगर पररर्ि की सीमा से पूवड दिशा में चिते हुए उत्तर दिशा के
समस्त मकान व भूसम शासमि कर नौहरा भागीरथ गुजडर को शासमि कर उत्तर दिशा में
मुर्कर पप्चचम दिशा के समस्त मकानात तनसुख प्रजापत, प्रजापतत भवन, महेन्द्र
कुमार खुर्ीया, चमपािाि प्रजापत को शासमि कर सशव बार्ी रोर् पर प्स्थत दिपचंि
प्रजापत तक।
1569
46
महावीर ववद्या मंदिर से पूवड दिशा की ओर चिते हुए मोिी धमड कांटा अमृत पाकड को
शासमि कर पाकड के पीछे पाण्र्व शीिा को शासमि कर िक्षक्षण दिशा की तरफ चिते हुए
गुिशन बानो को शासमि कर पूवड दिशा की ओर चिते हुए िक्षक्षण दिशा के मकान
चयामिाि भागडव तिॉट पुतनत शमाड को शासमि कर िक्षक्षण दिशा में मुर्कर पप्चचम
दिशा के मकान बुद्धमि भागडव चेनाराम प्रजापत तिॉट महािेव बावरी का नौहरा को
शासमि कर खर्कमि मािी, जगिीश प्रसाि मािी, प्जवराज ससंह को शासमि कर
1575
भाग 6 (क) राजस् थान राज-पत्र, ससतम बर 15, 2025 890
मुर्कर नगर पररर्ि की समपूणड सीमा शासमि कर मकान बार्ी ककशनिाि तुनवाि को
शासमि कर उत्तर दिशा में मुर्कर सशव बार्ी मंदिर को शासमि कर पीथाराम भागडव के
मकान को शासमि कर सड़क क्रोस कर िायीं तरफ के मकान प्रकाश भागडव मूिचंि
प्रजापत असिम घोसी को शासमि कर उत्तर दिशा की ओर चिते हुए िायीं तरफ के
मकान जमाििीन घोसी नौहरा गफुर घोसी को शासमि कर नगर पररर्ि की िुकानात
को शासमि करते हुए पूवड दिशा में मुर्कर आगे चिकर महावीर ववद्या मंदिर तक।
47
गोपाि गौशािा से िक्षक्षण तरफ चिकर पूवड का क्षेत्र शासमि कर जाजोदिया स्कूि व
वववेकानन्ि छात्रावास शासमि कर पास वािी गिी मे आगे चिकर खािी नौहरा
घासोसिया को शासमि कर खािी नौहरा चेनाराम को शासमि कर चेनाराम बावरी को
शासमि कर बार्ी गुिाबचंि मािी को पुरा शासमि कर श्रीचंि मािी, संजूिास स्वामी,
हुकमिास स्वामी, रामगोपाि शमाड, नोहरा मिन ससंह शासमि कर ताि क्षेत्र छोर्ते हुए
सुजानगढ़ समस्त राजस्व सीमा शासमि कर एस.टी.पी. को शासमि कर आिशड ववद्या
मप्न्िर को शासमि कर गौशािा के बीर् को छोर्ते हुए मकान राजू सांसी, मुकेश सांसी,
बार्ा रबी रसूि खां, सीकन्िर खां, मकान घीसू खां को िेकर वीर हनुमान मप्न्िर को
िेकर गोपाि गौशािा तक।
1662
48
नगर पररर्ि सुजानगि में प्रस्ताववत वार्ड (ग्राम ठरर्ा) की राजस्व समपूणड सीमा को
शासमि कर नवसृप्जत वार्ड नं. 48 ठरर्ा को बनाया गया है व गौशािा बीर् से सुजानगि
की तरफ चिते हुए िांयी तरफ के मकान शासमि कर पहिी गिी में िांयी तरफ मुड़कर
सीधे चिकर गिी में िांयी तरफ मुड़कर गौशािा बीर् तक जाकर ठरड़ा की सीमा तक।
1459
49
गोपाि गौशािा के पास होिी धोरा मागड पर बायीं तरफ के नौहरा बशीर खां ताजनान को
शासमि कर होिी धोरा की तरफ चिते हुए बायीं तरफ के मकान ईिादहम खां, आससफ
मंप्जि, मुस्ताक खां, एस.के. ककराणा स्टोर नौहरा सरिार खां को शासमि कर िक्षक्षण
दिशा में मुर्कर बायें हाथ के मकान मौहममि अिी खािी तिॉट व नौहरे को शासमि कर
(मुकेशा सांसी, मुनीम सांसी, राजू सांसी को छोर्कर) पूवड दिशा में मुर्कर बायीं तरफ के
बार्ी राजकुमार मोहममि अिी नौहरा सुस्तम खां हाथीखानी, मश्रूफ खां को शासमि कर
गौशािा बीर् के ककनारे उत्तर दिशा की ओर मुर्कर िायीं तरफ एस.टी.पी. को छोर्कर
होिी धोरा की तरफ मुर्कर बायीं तरफ के मकान सुल्तान खां, दहिायत खां, मिरसा
इसिासमया, अनवरउल्िूम को शासमि कर बायीं तरफ िुसिया तिाई तिॉटींग को
शासमि कर रामबाग के उत्तरी पूवी ककनारे से सुजानगढ़ शहर की ओर चिते हुए बायीं
तरफ के मकानात ववनस एल्यूमीनीयम याकुब काजी को शासमि कर बायें हाथ की
तरफ मुर्कर इस्माईि काजी, िुसिया स्कूि के िक्षक्षण भाग की तिॉटींग को शासमि कर
पतिी गिी से होिी धोरा में घुसते हुए बायीं तरफ के मकान को शासमि कर
कायमखानी चौक में अनवर खां िार्वान की चक्की के बायीं तरफ के समस्त मकानात
शासमि कर सुल्तान खां याससन खां असगर से सामने सरवर खां पहार्ीयान से रामरतन
शमड का नौहरा से शेरू खां के नौहरे से िायीं तरफ मुर्कर चांि खां से बायीं ओर मुर्कर
बशीर खां ताजनान के नौहरे तक।
1717
50
िामोिर सुतोदिया की हवेिी से शुरू होकर परशुराम भवन को शासमि कर िायीं ओर
1634
891 राजस् थान राज-पत्र, ससतम बर 15, 2025 भाग 6 (क)
मुर्कर आगे चिकर ट्रांसफामडर शासमि कर ववचवनाथ खाती को शासमि कर िायीं
तरफ मुर्कर रफीक जी जजसाहब के सामने नूर मोहममि कायमखानी से इशाक खां व
सुिेमान खां चौधरी से िायीं तरफ के समस्त मकानात को शासमि कर कॉनडर हबबब खां
िोितखानी को शासमि कर िायीं तरफ के मकान शासमि कर आगे चिकर खािी नौहरे
के सामने अनवर खां का मकान शासमि कर, प्रमोि शमाड को शासमि कर िायीं ओर
चिकर मोहन धरर् के मकान से बायीं ओर मुर्ते हुए खािी तिॉट से िायीं ओर मुर्कर
सरवर खांि संतोर् िेवी शमाड के मकान को शासमि कर आगे चिकर शांतत मेडर्कोज से
आगे चिकर अल्िािीन खां को शासमि कर कॉनडर माहाराज का नौहरा, भगवतत प्रसाि
जैसनसररया का नौहरा शासमि कर िायीं ओर मुर्कर आगे चिकर कॉनडर
र्ाईगनोप्स्टक सेन्टर की िुकान को शासमि कर आगे चिकर शंकर जी चक्की से आगे
चिकर जी.एस. पप्ब्िक को शासमि कर प्रहिाि माटोिीया, रामावतार शमाड, सुरेश
गगिाण, खर्गचंि शमाड, िसित शमाड, भंवरिाि गगिाण को शासमि कर बायीं ओर के
सभी मकानात शासमि कर प्रेमसुख काछवाि के नौहरे से र्ॉ. काछवाि के मकान से
पप्चचम दिशा की ओर चिते हुए सुतोदिया के नौहरे को शासमि कर मिनमोहन
मंगिुणीया से िामोिर सुतोदिया की हवेिी तक।
51
मुरारी तोिी से शुरू होकर मुन िाईट ससनेमा हॉि शासमि कर गणेश िास जी की बगीची
से बायीं ओर घूमकर फतेहपुरीया सरोवर शासमि कर बायीं तरफ मुर्ते हुए जनाना
अस्पताि से िायीं तरफ मुर्कर रामरतन बोचीवाि का नौहरा शासमि कर आगे चिकर
िायें-बायें तरफ के समस्त मकानात ताराचंि शमाड संतोर् माटोिीया, मिन इंिौररया का
नौहरा से बायीं तरफ मुर्कर रामअवतार सोनी का मकान कॉनडर समश्रा का नौहरा
शासमि कर सूयड भगवान मंदिर शासमि कर रामगिीया धमडशािा शासमि कर कंिोई
बासिका स्कूि से बायीं तरफ के सभी मकानात शासमि कर मुरारी तोिी के मकान तक।
1823
52
जर्ाव मागड पर प्स्थत दिनियाि ररटू शमाड के मकान से शुरू होकर संतोर् किवार्ीया से
बायीं तरफ के सभी मकानात शासमि करते हुए िायीं ओर मुर्कर आगे चिकर मंगतु
मणीहार से आगे चिकर अख्तर भट्टा को शासमि कर नौरंग प्रजापत की िुकान से िांयी
ओर सािासर रोर् पर मुर्ते हुए सािासर रोर् चुंगी नाका से बांयी ओर मुर्कर कृवर्
मण्र्ी रोर् पर चिते हुए िायीं ओर सभी मकानात प्रेम प्रकाश घासोसिया सुनीि ससमेंट
से आगे चिकर मोप्जिास जी धुणा शासमि कर इंद्रजी सशवभगवान नारायणीया के
मकान व उनके सामने के घरों को शासमि कर मघजी प्रजापत व इंद्रचंि, बािचंि
सोभासररया वािे मकान शासमि कर िुसिया स्कूि के सामने से होते हुए यूसूफ खां
कायमखानी चौक से अल्िािीन कायमखानी से िायीं ओर मुर्कर टोर्ूजी की चक्की से
िायीं ओर चिते हुए जगिीश जोशी के मकान से र्ॉ.रजेन्द्र प्रसाि शमाड को शासमि कर
जर्ाव मागड पर प्स्थत दिनियाि ररटू शमाड के मकान तक।
1955
53
नबाव खान िुकान को िेकर पूवड की तरफ कन्हैयािाि का मकान व सािासर रोड़ चुंगी
नाका को िेकर सािासर रोड़ क्रोस कर पूवड की और चिते हुये िक्षक्षण के मकानात को
िेकर भंवरिाि मािी, गणपत मािी, मकान को िेकर िक्षक्षण दिशा में सुजानगढ़
नगरपररर्द् सीमा पर चिते हुए पप्चचम की तरफ चिते हुए राजकीय कन्या
1487
भाग 6 (क) राजस् थान राज-पत्र, ससतम बर 15, 2025 892
महाववद्यािय को शासमि कर सािासर रोड़ पर सुजानगढ़ की तरफ चिते हुए 200
जीएसएस कजाररया टाइल्स करणी कॉिोनी को शसमि कर गोशािा बीच मे मुड़कर
होिी धोरा बस्ती की तरफ चिते हुए समपूणड मेघवाि बस्ती, को शासमि करते हुए
गोपाि जी मािी से िाई और मूिाराम मेघवाि के नोहरे को शासमि करते हुए तजार
केाजी से िायी तरफ नबाव खां की िुकान तक।
54
बािाजी समष्ठान भण्र्ार से शुरू होकर भोजिाई रोर् पर पूवड की ओर चिते हुए िक्षक्षण
दिशा के समस्त मकानात रघुनाथ र्ुर्ी, परमाराम बबजारणणया का नौहरा शासमि कर
मेघवाि समाज सामुिातयक भवन को शासमि कर िक्षक्षण दिशा की ओर चिते हुए
पप्चचम दिशा की समस्त िाणी सुजानगढ़़ सीमा को शासमि कर अंजनी एल्यूसमनीयम
स्टीि िोहा उद्योग शासमि कर मुर्कर पप्चचम दिशा की ओर चिकर उत्तर दिशा के
समस्त मकानात पानी की टंकी, सुरेश शमाड एर्वोकेट का नौहरा शासमि कर मिन जी
माटोसिया के नौहरे को शासमि कर उत्तर दिशा की ओर चिकर कृवर् मण्र्ी को शासमि
करते हुए सरावगी पेंट्रोि पमप को शासमि कर बािाजी समष्ठान भण्र्ार तक।
1961
55
िान जी भोजक का खािी नौहरा से शुरू होकर पूवड दिशा की ओर चिकर िक्षक्षण दिशा के
समस्त मकानात महावीर जी जांगगर् कारखाना, मारूती इंस्ट्रीटयूट सुरेन्द्र प्रजापत,
नायक छात्रावास हनुमानमि का खेत कॉनडर छोटू गुिेररया का खेत शासमि कर िक्षक्षण
दिशा को शासमि कर पप्चचम दिशा के सुजानगि सीमा के समस्त िाणी मकानात
शासमि कर पप्चचम दिशा भोजिाई रोर् पर चिते हुए उत्तर दिशा के समस्त मकानात
र्ुंककया हाउस, ववजय िक्ष्मी माबडि टाईल्स कॉनडर चांि धमडकांटा शासमि कर उत्तर
दिशा की ओर चिकर पूवड दिशा की सभी िुकाने व ररकॉ इंर्स्ट्रीज को शासमि कर िान
जी भोजको का खािी नौहरा तक।
1641
56
बजरंग िािरवाि की िाणी से िक्षक्षण तरफ चिते हुए िायीं तरफ के मकान, िाणी, खेत
को शासमि करते हुए अनीि पारीक को शासमि कर िािचंि प्रजापत को शासमि कर
अशोक चक्की को शासमि कर उमरिीन कबार्ी को िेते हुए िायीं तरफ के समस्त
मकान को िेते हुए ववद्युत ववभाग पावर हाउस को िेते हुए सािासर रोर् से पप्चचम की
तरफ मुर्कर पावर हाउस को शासमि करते हुए पेंट्रोि पमप को शासमि करते हुए
परशराम जोशी के मकान को िेकर सूयड प्रजापत के नौहरे को िेकर पूवी दिशा में मुर्कर
ववनोि गहिोत की िुकान व मकान को शासमि कर िाि जी की िुकान से पूवड की तरफ
मुर्कर मोती की चक्की को शासमि कर िक्षक्षण की तरफ मुर्कर रामचंद्र खीचर् को िेते
हुए पूवड की तरफ मुर्कर िायीं तरफ की समस्त मकान िेते हुए जगिीश बबजारणणया के
घर को िेकर उत्तर में मुर्कर छोटूराम गुिेररया को िेकर पप्चचम में मुर्कर पन्नािाि
को िेकर उत्तर में मुर्कर बजरंग सेशमा को िेते हुए सीधे चिते हुए िायीं तरफ के
समस्त मकान भूसम शासमि कर पानी की होि हनुमान स्वामी रामचंद्र खीचर् को िेते
हुए श्रवणनाथ के मकान को िेते हुए महावीर मण्र्ा के खेत से राजस्व सीमा में चिते
हुए िाणी सशवभगवान झाझर्ा को शासमि कर बजरंग िािरवाि तक।
1501
57
रेल्वे स्टेशन से शुरू होकर नरसरी को शासमि कर बी.र्ी.एस. हॉटि को शासमि कर
छापर रोर् पर बायें मुर्कर बायीं तरफ पूणड शासमि कर प्रगततनगर की गिी में िायें
1947
893 राजस् थान राज-पत्र, ससतम बर 15, 2025 भाग 6 (क)
मुर्कर सीधे चिते हुए िुकान रववन्द्र चौहान को शासमि कर वैिप्रकाश को शासमि कर
महाराज की िुकान को िेकर पीथाराम को शासमि कर आगे चिकर मुर्कर आगे खािी
नौहरे से मुर्कर राजू का मकान शासमि कर मुर्कर सीधे चिकर बायीं साईर् पूणड
शासमि कर ककशन का मकान शासमि कर मुर्कर गजराज का मकान िेकर मुर्कर
सीधे चिते हुए बायीं तरफ पूणड िेकर रामचंद्र के मकान को िेकर मुर्कर रामतनवास
िाका को शासमि कर मकान मोहनराम को शासमि कर मुर्कर सीधे चिते हुए बायीं
तरफ पूणड शासमि करते हुए सुरेश के मकान को शासमि कर मुर्कर रामतनवास
कुिहर्ीया के मकान को शासमि कर सीधे चिकर रेल्वे िाईन तक आकर मुर्कर बायीं
तरफ पूणड शासमि कर सीधे चिते हुए रेल्वे स्टेशन तक।
58
मनोहर ससंह के घर को िेकर आगे चिकर रफीक पेंटर से मुर्कर मुन्ना चौहान से
मुर्कर हसन जी को शासमि कर आगे मुर्कर चांि जी की चक्की को शासमि कर आगे
मुर्कर मोहममि इकबाि के नौहरे को शासमि कर रतन जी िजी को शासमि कर बायीं
तरफ गौरू जी की चक्की से मुर्कर िायीं तरफ मुर्कर हसन जी को शासमि कर सवोिय
स्कूि को िेकर पीछे का गेट शासमि कर मंगेज ससंह को शासमि कर मुर्कर दििावर
को शासमि कर आगे चिकर मुर्कर रेल्वे बाउंड्री के पास चिते हुए िायीं तरफ के
समस्त मकानात शासमि कर सशव जी के मप्न्िर, तिाई से मुर्कर मनोज शमाड से आगे
चिकर राजकुमार कामरा को शासमि कर आगे चिकर मनोहर ससंह के घर तक।
1924
59
सम्राट होटि से चिकर पप्चचम दिशा की ओर चिते हुए रमजान, के.के. एल्यूसमनीयम
िायीं तरफ मुर्कर दहिायत खां की गिी में चिकर राजककय ववद्यािय न. 35 शासमि
कर कॉनडर खािी नौहरे को शासमि कर मुर्कर आससफ जनरि स्टोर को शासमि कर
सीधे चिते हुए बबिाि मप्स्जि को शासमि कर आगे चिकर खािी नौहरा पििार का
शासमि कर बायीं तरफ के सभी तिॉट शासमि कर िेवककशन कोटीया का मकान
शासमि कर कॉनडर ववक्की प्रजापत बायीं तरफ मुर्कर आरजू र्ी-माटड, िाईफ िाईन
मेडर्कोज को शासमि कर कॉनडर जान मोहममि पििार को शासमि कर बायीं तरफ
मुर्कर कॉनडर रबानी कसाई को शासमि कर मुर्कर नत्थू जी पििार को शासमि कर
आगे चिकर फारूक जी भाटी को िेकर िायीं तरफ मुर्कर खािी नौहरे को शासमि कर
बायीं तरफ मुर्कर सीधे चिकर कॉनडर परमेचवर खाती को शासमि कर िक्की कुरैशी
की िुकान शासमि कर राजू चौहान को शासमि कर िायीं तरफ मुर्कर रेल्वे िाईन तक
चिकर बायीं तरफ मुर्कर रेल्वे िाईन के साथ-साथ चिकर बायीं तरफ के समस्त क्षेत्र
को शासमि कर उत्तर दिशा में मुर्कर कबिस्तान में शासमि कर सुजानगढ़ की सीमा के
समस्त मकान शासमि करते हुए मेन रोर् पर तनकि कर मदहंद्रा ट्रेक्टर ऐजेन्सी शासमि
कर आबकारी थाने को िेकर सम्राट होटि तक।
1960
60
िक्ष्मी होटि को िेकर उत्तर दिशा की ओर चिते हुए पप्चचमी दिशा के मकानात,
तिोट व खािी भूसम को शासमि कर मारूतत शोरूम को शासमि कर छापर ततराहे से
पप्चचमी दिशा में मुड़कर बाि भारती स्कूि को शासमि कर िक्षक्षणी दिशा के समस्त
तिोट, भूसम शासमि कर धनजी गुिेररया के खेत को िेकर िक्षक्षणी दिशा में मुड़कर
माण्र्ेता आवासीय कॉिोनी को शासमि कर माण्र्ेता पी.एच.सी. को िेकर गणेश
1958
भाग 6 (क) राजस् थान राज-पत्र, ससतम बर 15, 2025 894
प्रजापत को नोहरा शासमि कर अमरचन्ि मेघवाि को शासमि कर कॉनर नोहरा,
चेजाराम भादटया को शासम कर आगे चिकर कािू मेघवाि को शासमि कर कॉनडर
िुकान कुन्िन हेयर शॉप शासमि कर मुड़कर आगे चिकर मनोज मेघवाि शास्त्री स्कूि
को शासमि कर आगे चिकर अब्िुि मसिक चौहान को शासमि कर बांयी तरफ मुड़कर
इप्ण्र्न स्कूि शासमि कर उत्तर दिशा में मुड़कर पप्चचमी दिशा के मकाना शासमि कर
प्रजापतत नोहरे को शासमि कर सूयड मेघवाि को शासमि कर पूवड दिशा में चिते हुए
उत्तर दिशा से समस्त मकान शासमि करते हुए सुितान िेवाणी की िुकान शासमि कर
आगे चिते हुए िक्षक्षण दिशा में मुड़कर ईिरीश खां, दहिायत खां को शासमि कर पूवी
दिशा के समस्त मकानात िेते हुए बशीर खां के मकान को िेकर पूवी दिशा में मुड़कर
उत्तर दिशा के समस्त मकानात शासमि करते हुए िक्ष्मी होटि तक।
राज्य केन्द्रीय मुद्रणालय, जयपुर।