राजस्थान राजपत्र
विशेष ांक
RAJASTHAN GAZETTE
Extraordinary
स धिक र प्रक शशत
Published by Authority
कार्तिक 20, मंगलवार, शाके 1947- नवम् बर 11, 2025
Kartika 20, Tuesday, Saka 1947- November 11, 2025
भाग 4 (ग)
उप-खण् ड (I)
राज् य ररकार ताा न् य राज् य-प्राधिकाररयों द्वारा जारी ककये गये (रामा् य देेोों, उप-
ववधियों ददे को रम्म्मललत करते हुए) रामा् य कानन र्नयम।
वित्त(जीएण्डटी)्विभाग
नधिरनचना
जयपुर, ्निंबर्11, 2025
जी.एस.आर.68.् −राजस्ाान राजभाषा नधिर्नयम, 1956(1956 का नधिर्नयम रंख्या 47) की
िारा 4 के पर्तुक के ननुररण में इर ववभाग की नधिरनचना क्रमांक एफ.2(1)/एफडी/जीएण््ड्टी-
एसपीएफसी/2017देनांक 17.09.2025 का दह्ेी ननुवाे रविरािारण की रनचनााि एतद्द्वारा प्रकालोत
ककया जाता ह ैः-
राज्यपाल के देेो रे,
मन ष मााुर,
संयुक्त्शासन्सचिि।
वित्त्(वित्तीय्ननयम)्विभाग
नधिरनचना
जयपुर, ससतंबर्17,्2025
राजस्ाान लोक उपापन में पारेलोिता नधिर्नयम,2012 (2012 का नधिर्नयम रं. 21) की िारा
58 द्वारा प्रेत्त ोम्ततयों का प्रयोग करते हुए राज्य ररकार,यह रमािान होने पर कक लोकदहत ऐरा
ककया जाना दवश् यक ह कक ट ररफ दिाररत प्रर्तस्पिी बोली पररयोजना के नवाडि और उतत पररयोजना
के पनणि होने की तारीखों के ब च में नल् पावधि के कारण राजस्ाान राज् य ववद्युत प्ररारण र्नगम
लललमटेड (राराववप्रर्नलल) द्वारा ट ररफ दिाररत प्रर्तस्पिी बोली (टीब र ब ) पररयोजनाओं के र्नष्पाेन
के ललए राजस् ाान लोक उपापन में पारेलोिता नधिर्नयम, 2012 और तेि न बनाये गये उपबंिों के
ननुरार उपापन की प्रकक्रया राध्य नहीं ह ,र्नम्नललखखत ोतों के नध्यि न रहते हुए उतत नधिर्नयम
और तेि न बनाये गये र्नयमों के उपबंिों के लागन ककये जाने रे राराववप्रर्नलल द्वारा टीब र ब
पररयोजना के र्नष्पाेन के ललए इरके द्वारा उपापन की छनट ेेत ह कक,-
475 राजस्ाान राज-पत्र, नवम् बर 11, 2025 भाग 4 (ग)
(क) बोली दमंत्रत्रत करने वाली रनचना (एनदईब ) राज्य लोक उपापन पोटिल (एरप प पोटिल)
पर और राा ही रमाचारपत्रों में भ प्रकालोत की जायेग ;
(ख) बोली प्रर्तभनर्त के स्ाान पर बोली प्रर्तभनर्त घोषणा नलभप्राप्त की जा रकेग ;
(ग)
टीब र ब पररयोजना के ललए नवाडि के पश्चात्, बोली के पररणामस् वरूपप तकन की और
ववत्त य मनल्यांकन एरप प पोटिल पर प्रकालोत ककया जायेगा;
(घ)
रफल बोली लगाने वाले के राा करार का र्नष्पाेन; और
(ङ)
नरंतुललत बोली के मामले में रंपाेन प्रर्तभनर्त औरनर्तररत त रंपाेन प्रर्तभनर्त रफल
बोली लगाने वाले रे ली जायेग ।
[एफ.2(1)/एफडी/जीएण््ड्टी-एसपीएफसी/2017]
राज््यपा ्े ्आे श्स ,
मन ष मााुर,
संयुक््त्शासन्सचिि।
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