राजस्थान राजपत्र
विशेष ांक
RAJASTHAN GAZETTE
Extraordinary
स धिक र प्रक शशत
Published by Authority
कार्तिक 21, बुधवार, शाके 1947- नवम् बर 12, 2025
Kartika 21, Wednesday, Saka 1947- November 12, 2025
भाग 4 (ग)
उप-खण् ड (I)
राज् य ररकार ताा न् य राज् य-प्राधधकाररयों द्वारा जारी ककये गये (रामा् य देेोों, उप-
ववधधयों ददे को रम्म्मलित करते हुए) रामा् य कानन र्नयम।
वित्त विभाग
(कर अनुभाग)
नधधरनचना
जयपुर, निम्बर्10, 2025
जी.एस.आर.96्:-राजस ाान राजभाषा नधधर्नयम, 1956 (1956 का नधधर्नयम रं. 47) की धारा 4 के
पर् तुक के ननुररण में इर ववभाग की नधधरनचना रं. एफ. 2(2)ववत्त/कर/2024-116 देनांक 01.10.2025 का
दह् ेी ननुवाे रविराधारण के रनचनााि एतेद्वारा प्रकालोत ककया जाता है:-
राज्यपाल के आदेश से,
नामि डडडेि,
संयुक्त शासन सचिि।
(प्राचिकृत हिन्दी अनुिाद)
''नधधरनचना
जयपुर, अकटूबर 01, 2025
राजस ाान स टाम् प र्नयम, 2004 के र्नयम 58 के उप-र्नयम (1) के खण् ड (ख) और उप-र्नयम (4) द्वारा
प्रेत्त ोम्ततयों का प्रयोग करते हुए राज् य ररकार, इर ववभाग की रमय-रमय पर याा रंोोधधत नधधरनचना
रंख यांक एफ.4(2)ववत्त/कर/2021-280 देनांक 24.02.2021 में इरके द्वारा र्नम् नलिखखत रंोोधन करत है,
नााित्:-
संशोिन
उत त नधधरनचना में,-
(i) ववद्यमान खंड 17 और उरकी प्रववम्टटयों के स ाान पर र्नम् नलिखखत प्रर्तस ाावपत ककया
जायेगा, नााित्:-
(ii) “17. नगरीय क्षेत्रों की उपांत पट्टी की सीमाओं के भीतर अिस्सथत 2000 िगगमीटर तक क्षेत्रफल
िाली कृवि भूमम की दरें
नगरीय क्षेत्रों या नगरयोग य र माओं या राजस ाान भन-राजस व नधधर्नयम, 1956 (1956 का नधधर्नयम
रं. 15) की धारा 90-क में याा-पररभावषत नगरीय क्षेत्रों की उपांत पट्ट में नवम्सात 2000 वगिम टर तक क्षेत्रफि
वािी कृवष भनलम की ेरें, उर क्षेत्र की दवार य भनलम की ेरों के रमतुल य होंग ।
स्पष्टीकरण: (i) उपयुित त ेरें ववक्रय और ेान की लिखत पर िागन होंग ।
482 राजसाान राज-पत्र, नवम् बर 12, 2025 भाग 4 (ग)
(ii) जहां कृवष भनलम के ववक्रय या ेान की लिखत में, क्रेताओं की रंख या एक रे नधधक है
और ककर क्रेता का ोेयर 2000 वगिम टर या इररे कम है, भनलम के ऐरे ोेयर का
मनल य, उर क्षेत्र की दवार य भनलम की ेर रे रंगखणत ककया जायेगा।”;
(iii) खंड 18 के स पट टीकरण (i) में ववद्यमान नलभव् यम्त त “ववक्रय की लिखत” के स ाान पर
नलभव् यम्त त “ववक्रय और ेान की लिखत” प्रर्तस ाावपत की जायेग ;
(iv) खंड 18 के स पट टीकरण (ii) में ववद्यमान नलभव् यत र्त “ववक्रय की लिखत” के स ाान पर
नलभव् यत र्त“ ववक्रय या ेान की लिखत” प्रर्तस ाावपत की जायेग ;
(v) ववद्यमान खंड 24 और उरकी प्रववम्टटयों के पश चात् और ववद्यमान दटप पण (i) रे पनवि,
र्नम् नलिखखत नया खंड 25 और उरकी प्रववम्टटयां नंत:स ाावपत की जायेग , नााित्:-
“25. नगरीय्क्षेत्रों्की्सीमाओं्के्भीतर 40 फीट्से्अचिक्िौडाई्िाली्सडकों्से्लगी्
िुई्कृवि्भूमम्से्मभन्न्भूमम्की्दरें
नगरीय क्षेत्रों की र माओं के भ तर 40 फीट रे नधधक चौडाई वािी रडकों रे िग हुई कृवष भनलम
रे लभ् न भनलम की ेरें र्नम् नानुरार होंग :-
क्र.सं.
सडक की िौडाई
लागू दरें
1. 40 फीट
रंबंधधत म्जिा स तरीय रलमर्त द्वारा याा ववदहत।
2. 40 फीट रे नधधक और 60 फीट
तक
40 फीट चौड रडक रे िग हुई भनलम पर िागन ेरों में ेर
प्रर्तोत वृवि की जायेग ।
3. 60 फीट रे नधधक ककंतु 100
फीट रे कम
40 फीट चौड रडक रे िग हुई भनलम पर िागन ेरों में प् द्रह
प्रर्तोत वृवि की जायेग ।
4. 100 फीट या नधधक
40 फीट चौड रडक रे िग हुई भनलम पर िागन ेरों में ब र
प्रर्तोत वृवि की जायेग ।
स्पष्टीकरण:- म्जिा स तरीय रलमर्त द्वारा और राज् य ररकार द्वारा नवधाररत ेरों की लभ् नता के
मामिे में उच चतर ेरें िागन होंग ।”; और
(vi) दटप पण (i) में, ववद्यमान नलभव् यत र्त “खण् ड 1 रे 24” के स ाान पर नलभव् यत र्त “खंड 1 रे 25”
प्रर्तस ाावपत की जायेग ।
[सं.प.2(2)वित्त/कर/2024-116]
राज्यपाल के आदेश से,
नामि डडडेि,
संयुक्त शासन सचिि’’
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Government Central Press, Jaipur.