राजस्थानराजपत्र
विशेषाांक
RAJASTHAN GAZETTE
Extraordinary
साधिकारप्रकाशशत
Published by Authority
पौष 11, गुरूिार, शाके1947-जनिरी01, 2026
Pausa 11, Thursday, Saka 1947- January 01, 2026
भाग6 (ग)
ग्रामपांचायतसांबांिीविज्ञप्ततयाांआदि।
ग्रामीणविकासएिांपांचायतीराजविभाग
(पांचायतीराजविभाग)
अधिसूचना
जयपुर, दिसम्बर31,2025
सांख्या एफ.15(36)पुनगगठन/विधि/पांरा/2024/905:-
विभागीय
अधिसूचना
संख्या
एफ.15(36)पुनगगठन/विधि/पंरा/2024/777
दिनांक
20.11.2025
एिं
संख्या
एफ.15(39)पंरा/विधि/पंचायत समितत गठन/2025/818 दिनांक 21.11.2025 जिला बीकानेर की
ग्राि पंचायतों एिं पंचायत समिततयों के पुनगगठन/पुनसीिांकन/निसृिन बाबत दिनांक
21.11.2025 एिं 24.11.2025 को रािस् थान रािपत्र विशेषांक भाग 6(ग) िें प्रकामशत
अधिसूचनाओं िें मलवपकीय त्रुदििश गलत प्रकाशन होने की ििह से ि प्राप् त अभ् यािेिनों के
तनस् तारण पश् चात, तनम् नानुसार अंककत वििरण के अनुसार एतिद्िारा संशोिन कर शुद्धि पत्र
िारी ककया िाता है:-
नीचे दिये गये कॉलि संख् या 7 िें अंककत वििरण के स् थान पर कॉलि 8 िें अंककत
वििरण को सही सिझ कर पढा िाये।
ग्रामपांचायतोंहेतु
क्र.
सां.
विभागीय
अधिसूचना
सांख्या/दिनाांक
पांचायत
सशमततका
नाम
राजपत्र
पृष्ठ
सांख्या
क्र.सां. कॉलम
सांख्या
पूिगप्रकाशशत
वििरण
सांशोधितवििरण
1
2
3
4
5
6
7
8
1
777/20.11.2025
कोलायत
767
22
5
2. िण् डालभादियान
विलोवपत
2
777/20.11.2025
कोलायत
768
35
2, 4
िण् डाल चारनान
3
777/20.11.2025
कोलायत
768
35
3
1. िण् डाल चारनान
2. शरह संडायच
3. चक कन् या बंि
4. चक िंडाल बंि
5. चक बीठनोक
6. शरह पुनोलाि
4
777/20.11.2025
कोलायत
768
35
5
1. िण् डाल चारनान
2. शरह संडायच
भाग 6 (ग) रािस् थान राि-पत्र, िनिरी 01, 2026 2322
पांचायतसशमततयोंहेतु
राज्यपालकीआज्ञासे,
डॉ0 िोगा राि,
शासनसधचि।
राज्यकेन्दरीयमुरणालय, जयपुर।
3. चक कन् या बंि
4. चक िंडाल बंि
5. चक बीठनोक
6. शरह पुनोलाि
7. िण् डालभादियान
क्र.
सां.
विभागीय
अधिसूचना
सांख्या/दिनाांक
पांचायत
सशमततका
नाम
राजपत्र
पृष्ठ
सांख्या
क्र.सां.
कॉलम
सांख्या
पूिगप्रकाशशत
वििरण
सांशोधितवििरण
1
2
3
4
5
6
7
8
1
818/21.11.2025
पांचू
1975
3
5
28. रासीसर
तालडडया
29. रासीसर
30. रासीसर
पुरोदहतान
विलोवपत
2
818/21.11.2025
िसरासर
1978
5
5
25. काकडा
विलोवपत
3
818/21.11.2025
नोखा
1977
4
5
37. रासीसर
तालडडया
38. रासीसर
39. रासीसर
पुरोदहतान
40. काकडा