िनबंधन सं या पी0ट0-40

बहार गजट

बहार गजट

बहार गजट

बहार गजट

असाधारण अंक

असाधारण अंक

असाधारण अंक

असाधारण अंक

बहार सरकार ारा ूकािशत

बहार सरकार ारा ूकािशत

बहार सरकार ारा ूकािशत

बहार सरकार ारा ूकािशत

19

19

19

19 ौावण

ौावण

ौावण

ौावण 1931

1931

1931

1931 (श0)

(सं

सं

सं

सं0 पटना

टना

टना

टना 411

411

411

411)

पटना

टना

टना

टना,

,

,

, सोम

सोम

सोम

सोमवार

वार

वार

वार, 10

10

10

10 अगः त

अगः त

अगः त

अगः त 2009

2009

2009

2009

आपदा ूबंधन वभाग

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अिधसूचना

10 अगः त 2009

सं0 ूा0आ0-26/2009/2221/आ0ू0Ñवष3 2009 म4 रा5 य म4 मॉनसून क7 वषा3 क7 8ःथित

अ: यिधक दयनीय है। वषा3 क7 कमी के फलः व@प खरफ फसल (धान) क7 रोपनी/बुआई लआ य से काफ7

कम हो पाई है। 8जन EेऽG म4 रोपनी/बुआई क7 गयी, वहॉं भी अH प वषा3पात् के कारण उ पज पर ूितकूल

ूभाव पड़ना िन8Lत है। भारत मौसम वभाग एवं कृष वभाग, बहार से ूाP त ूितवेदन के अनुसार रा5 य

म4 वषा3पात क7 8ःथित अ: यंत खराब है। 01 जून से 06 अगः त तक रा5 य म4 568.5 िम0मी0 औसत

वषा3पात के व@U आलोV य अविध म4 माऽ 331.7 िम0मी0 बाXरश ह हो पाई है। वषा3पात म4 औसतन 42

ूितशत क7 कमी पाई गई है। रा5 य म4 मॉनसून का आगमन भी इस वष3 दो सP ताह वलंब से होने के

कारण 8ःथित अ: यंत गंभीर हो गई है।

अH प वषा3पात के कारण रा5 य के भू एवं सतह जलॐोत भी ूभावत हो रहे ह[। रा5 य के कई

भागG म4 जलॐोत सूख रहे ह[ एवं जलाशयG तथा भूगभ3 जलः तर म4 काफ7 कमी आयी है। कृष एवं जल

संसाधनG के अितXर\ त सूखे का कुूभाव पशु संसाधन एवं रोजगार पर भी पड़ने क7 ूबल संभावना है। इस

ूकार कुल िमलाकर रा5 य म4 सुखाड़ के कारण आपदा क7 8ःथित बन गई है।

उ\ त आलोक म4 रा5 य के 26 ूभावत 8जलG म4 सुखाड़ (ूाकृितक आपदा) घोषत ^कया जाता है,

8जनक7 समे^कत सूची अनुल_ नक 'क' पर संल_ न है।

2. अिधसूिचत 8जलG म4 सुखाड़ से िनपटने हेतु आपदा राहत िनिध (CRF) तथा रां शय आपदा

आक8ःमकता िनिध (NCCF) से ^दये जानेवाले सहायता के ूावधान त: काल ूभाव से लागू हGगे।

2

बहार गजट(असाधारण)] 10 अगः त 2009

3. अिधसूिचत 8जलG म4 ^कसानG से सहकाXरता ऋण, राजः व लगान एवं सेस, पटवन शुH क,

वcुत शुH क जो सीधे कृष से संबंिधत हो, क7 वसूली वdीय वष3 2009-10 के िलए ः थिगत रहेगी।

4. ूभावत 8जलG म4 फसल को बचाने, वैक8Hपक कृष काय3 क7 e यवः था करने, रोजगार के

साधन उपलf ध कराने, पशु संसाधनG का सह रख-रखाव करने, इ: या^द, के िलए आवँ यकतानुसार साहाhय

काय3 चलाने, आ^द, क7 e यवः था क7 जाएगी 8जसके िलए संबंिधत वभाग ारा िनi न ूकार से व8ण3त काय3

^कये जाय4गेÑ

(i)

कृष Eेऽ

कृष Eेऽ

कृष Eेऽ

कृष Eेऽ

(क) कृष वभाग ारा आवँ यकतानुसार फसलG क7 सुरEा एवं बचाव के िलए कृष इनपुट के @प

म4 डजल, बीचड़ा, बीज आ^द पर स8fसड क7 e यवः था।

(ख) वैक8Hपक फसल e यवः था एवं कृष ऋण उपलf ध कराने हेतु अपे8Eत कार3वाई इ: या^द क7

e यवः था क7 जाएगी।

(ग) सतह जलॐोतG के सूख जाने के कारण कृऽम माk यमG से इसक7 वैक8Hपक e यवः था

आवँ यक है। इसके िलए जल के अl य ॐोतG को सुmढ़ करना होगा। इस हेतु जल संसाधन एवं लघु जल

संसाधन वभाग आक8ःमकता योजना तैयार कर इसका काया3l वयन कर4गे।

(घ) पूव3 म4 सरकार ारा खरफ फसल बचाने के िलए तीन िसंचाई के िलए डजल अनुदान क7

ः वीकृित द गई है। उपरो\ त 26 8जलG म4 एक और िसंचाई के िलए भी डजल अनुदान ^दया जायेगा। इस

ूकार खरफ फसल बचाने के िलए 4 (चार) िसंचाई के िलए डजल अनुदान ^दया जायेगा।

(ii)

पेयजल

पेयजल

पेयजल

पेयजल

जलापूित3 क7 e यवः था लोक ः वाः o य अिभयंऽण वभाग ारा 8जला पदािधकार के िनदpशन के

अनुसार क7 जाएगी। सूखामः त EेऽG म4 पेयजल क7 आपूित3 हेतु पूव3 म4 लगाये गये चापाकलG/ नलकूपG क7

मरi मित क7 जाएगी। आवँ यकता का आंकलन कर पुराने चापाकलG को और गहरे ः तर तक गाड़े जाने क7

आवँ यकता होगी। ज@रत के अनुसार नये नलकूप/चापाकल भी लगाये जाय4गे। ूभावत EेऽG म4 ट[कर के

माk यम से जलापूित3 क7 e यवः था क7 जाएगी। शहर Eेऽ म4 पेयजलापूित3 का काय3 लोक ः वाः o य

अिभयंऽण वभाग ारा ^कया जाएगा। पाइप जलापूित3 योजनाओं के िलए वcुत आपूित3 को सुsढ़ e यवः था

रहेगी।

मामीण EेऽG म4 चापाकलG को चालू रखने क7 िलए बl द चापाकलG क7 साधारण तथा वशेष

मरi मित क7 e यवः था क7 जाएगी। सूखाूवण 8जलG म4 भूजलः तर और अिधक ूभावत होने क7 संभावना

है। उन EेऽG म4 उपयु\ त ः थानG से पानी भरकर ट[कर एवं शक या शै\ टर पर पी.वी.सी. ट[क बैठाकर 5 से 10

^क.मी. तक पहुंचाने क7 e यवः था क7 जाएगी। इन 8जलG म4 अितXर\ त सबमिस3बल पंप रखे जाय4गे ता^क

कहं खराबी आने पर उसे तुरंत बदलकर जलापूित3 चालू रखा जा सके। ट[कर एवं शै\ टर पर पी.वी.सी. ट[कG

को भरने के िलए हाइस4ट का िनमा3ण ^कया जाएगा। िनमा3णाधीन पाइप जलापूित3 योजनाओं को यथाशीय

पूण3 ^कया जाएगा।

नगर वकास वभाग ारा वभागीय ः तर पर एक सहायता दूरभाष (हेH पलाइन) क7 e यवस् था क7

जायेगी जहां शहर एवं मामीण पेय जलापूित3 क7 िशकायत दज3 क7 जा सकती है।

(iii)

खाcाl न

खाcाl न

खाcाl न

खाcाl न

खाc एवं उपभो\ ता संरEण वभाग यह सुिन8Lत कर4गे ^क 8जलG म4 पया3P त खाcाl न का भंडारण

है। अl नपूणा3 एवं अं: योदय योजनाओं के अंतग3त खाcाl न क7 उपलf धता एवं इसके उठाव का गहन

अनुौवण ^कया जाएगा। वषम 8ःथित म4 रा5 य सरकार ारा मुwत साहाhय वतरण हेतु खाcाl न का

पया3P त भंडारण क7 e यवः था रखी जाएगी। इस हेतु केl ि सरकार से अितXर\ त खाcाl न उपलf ध कराने हेतु

अनुरोध ^कया जाएगा।

3

बहार गजट, (असाधारण)] 10 अगः त 2009

(iv)

मुwत साहाhय

मुwत साहाhय

मुwत साहाhय

मुwत साहाhय

मुwत साहाhय वतरण का िनण3य यथा समय आवँ यकतानुसार संबंिधत 8जला पदािधकार के

ूितवेदन पर आपातकालीन ूबंधन समूह एवं यथानुसार रा5 यः तरय आपदा राहत कोष सिमित ारा िलया

जाएगा।

(v)

पशु संसाधन

पशु संसाधन

पशु संसाधन

पशु संसाधन

सुखाड़ के कारण पशुचारा क7 ता: कािलक कमी नहं है, परl तु कालाl तर म4 क़ृष फसल अवशेष क7

लगातार कमी के कारण इसके दघ3कालीन ूभाव अवँ यंभावी है। अत: वभाग पशुचारा क7 उपलf धता

सुिन8Lत कराएगा। लगातार सुखाड़ क7 8ःथित म4 जलाशय सूख रहे ह[, 8जसके कारण पशुओं के िलए

पेयजल क7 िनतांत कमी हो सकती है। ऐसी पXर8ःथित म4 8जला पशुपालन पदािधकाXरयG ारा 8ःथित का

आकलन कर ः थल का चयन ^कया जाएगा तथा इन चयिनत ः थलG को िशवर के @प म4 िच^{त ^कया

जा सकेगा। इन िच^{त ः थलG पर वभाग ारा लोक ः वाः o य अिभयंऽण वभाग तथा लघु िसंचाई वभाग

के सहयोग से जलाशयG म4 जल क7 e यवः था क7 जाएगी।

सुखाड़ के कारण पशुओं म4 इ^फमेरल फ7वर, हट स्शोक, l यूमोिनया, दः त जैसी सामाl य पशु रोगG

क7 बहुतायत होती है। इन हेतु पशु िच^क: सालयG म4 दवा का भंडारण कर िलया जाएगा, 8जनम4 एं^ट

बायो^ट\ स, एनाजलेिसक, पारािसटामोल, एं^ट ^हः टाः टािमिनक, एं^ट डायXरयल, लीवर टॉिनक, नॉरमल सलाईन,

एले\ शोलाइट इl यूजन िल8\वड, आ^द, का बय आवँ यकतानुसार ^कया जाएगा।

(vi)

रोजगार सृजन

रोजगार सृजन

रोजगार सृजन

रोजगार सृजन

सूखामः त EेऽG म4 कृष काय3 क7 कमी के कारण मामीण वकास वभाग ारा रोजगारोl मुख

काय3बम म4 गितशीलता लायी जाएगी। मामीण EेऽG म4 रोजगार के सृजन हेतु नरेगा के अl तग3त

पXरयोजनाओं के ब[क ऑफ स[\ शंस तैयार ^कए जाएंगे 8जसम4 जल संरEण क7 योजना यथा—तालाब, आहर

एवं पाइन उड़ाह, चेक डैम, डगबेल, वृEारोपण इ: या^द क7 पXरयोजनाओं को ूाथिमकता द जाएगी।

NREGS के अl तग3त मामीण वकास वभाग के अितXर\ त अl य संबंिधत वभाग भी सूखे से

उ: पl न बेरोजगार क7 समः या को कम करने के िलए मामीण EेऽG म4 आवँ यकतानुसार रोजगार उपलf ध

करायेगा।

(vii)

लघु जल संसा

लघु जल संसा

लघु जल संसा

लघु जल संसाधन

धन

धन

धन

रा5 य म4 िसंचाई हेतु सरकार नलकूपG के माk यम से िसंचाई क7 e यवः था है। सुिन8Lत ^कया

जाएगा ^क सरकार नलकूप ऊजा38lवत रहे ता^क इनके माk यम िसंचाई सुवधा उपलf ध रहे। साथ ह सतह

एवं भूगभ3 जलॐोतG जैसे—तालाब, पोखर, आहर को Xरचाज3 करने हेतु आवँ यक कदम उठाये जाय4गे। भूजल

Xरचाज3 क7 योजनाऍं भी ली जाएंगी। बहार भू-जल िसंचाई योजना का अिधक-से-अिधक ूचार ूसार ^कया

जायेगा एवं सुखाड़ से िनपटने के िलए युU ः तर पर इस योजना का काया3l वयन ^कया जायेगा।

(viii)

वcुत

वcुत

वcुत

वcुत

पi प, नहर योजनाएं, राजक7य नलकूपG, िसंचाई योजनाएं एवं अिधकांश िनजी नलकूप—सभी बजली

पर आधाXरत है। अत: ऊजा3 वभाग/बहार रा5 य वcुत बोड3 ारा कृष एवं अl य काय€ हेतु वcुत आपूित3

सुिन8Lत कराया जाएगा। सुखाड़ क7 8ःथित म4 ूभावत मामीण EेऽG म4 l युनतम िनधा3Xरत 7 घंटG के

िलए िनबा3ध वcुत आपूित3 क7 e यवः था सुिन8Lत क7 जाएगी तथा इसका ूचार ूसार समाचार पऽG के

माk यम से ^कया जाएगा।

(ix)

ः वा

ः वा

ः वा

ः वाः o य

ः o य

ः o य

ः o य

सूखामः त EेऽG म4 डायXरया एवं भीषण गम के ूकोप से उ: पl न होनेवाली बीमाXरयां यथा—दः त,

कॉलरा, अितसार, िमयाद, बुखार, िम8जH स, ^डहाइसेशन, डमpटाई^टस, हट स्शोक आ^द क7 रोकथाम हेतु सभी

ूाथिमक िच^क: सा केl िG /उप-केl िG एवं अl य िच^क: सालयG म4 वांिछत दवाओं एवं जीवन रEक घोल

4

बहार गजट(असाधारण)] 10 अगः त 2009

(आर0आर0एस0) का पया3P त भंडारण कराया जाएगा। ूभावत 8जल4 म4 मोबाइल मे^डकल केयर यूिनट क7

ूितिनयुƒ क7 जाएगी। सुदूर मामीण EेऽG म4 आंगनबाड़ केl िG म4 ओ0आर0एस0 एवं पारािसटामोल आ^द

दवाओं का भंडारण ^कया जाएगा तथा इसे आशा काय3क: ता3ओं के माk यम से वतXरत कराया जाएगा।

ू: येक 8जला म4 सुखाड़ क7 अविध तक िसवल सज3न के अधीन एक मॉनेटXरंग सेल का गठन होगा 8जसम4

पदािधकार एवं कम3चार 24 घंटे काय3रत रह4गे।

(x)

म^हलाओं एवं बV चG

म^हलाओं एवं बV चG

म^हलाओं एवं बV चG

म^हलाओं एवं बV चG क7 देखभाल

क7 देखभाल

क7 देखभाल

क7 देखभाल

सुखाड़ Eेऽ म4 बV चG एवं गभ3वती तथा धातृ म^हलाओं को कुपोषण से बचाने हेतु पूव3 म4 चलाये

जा रहे काय3बमG के अितXर\ त पौ„क आहार क7 e यवः था क7 जाएगी। ू: येक केl ि पर उपलf ध मे^डकल

^कट म4 ओ0आर0एस0 एवं पारािसटामोल दवा भी रखी जाएगी। इस e यवः था क7 िनयिमत एवं विधवत @प

से अनुौवण ^कया जाएगा ता^क सुखाड़ क7 8ःथित म4 इसका ूभावकार एवं सकारा: मक पXरणाम ूाP त हो

सके।

(xi)

अनुौवण

अनुौवण

अनुौवण

अनुौवण

(क) 8जला ः तर पर 8जला पदािधकार के नेतृ: व म4 सुखाड़ साहाhय काय3 चलाए जाय4गे। सुखाड़ के

अनुौवण हेतु 8जला ः तर पर 24 घंटे ^बयाशील िनयंऽण कE क7 ः थापना क7 जाएगी। इसके दूरभाष

सं या को आम अवाम क7 जानकार हेतु समाचार पऽG म4 ूकािशत कराया जाएगा। िनयंऽण कE म4 रोः टर

म4 िसवल पदािधकाXरयG के अितXर\ त अl य तकनीक7 सेवाओं के पदािधकार भी ूितिनयु\ त ^कये जाएंगे।

8जला पदािधकार के अधीन ग^ठत टॉः कफोस3 सुखाड़ से उ: पl न 8ःथित एवं इसके िनवारण हेतु ^कये जा

रहे ूयासG का साP ता^हक अनुौवण करेगी।

(ख) मु यालय ः तर पर आपदा ूबंधन वभाग म4 राहत काय3 के अनुौवण हेतु ग^ठत िनयंऽण

कE िनरंतर ^बयाशील रहेगा।

(ग) बहार रा5 य वcुत बोड3, कृष वभाग, खाc एवं उपभो\ ता संरEण वभाग तथा लोक

ः वाः o य अिभयंऽण वभाग म4 वशेष िनयंऽण कE ः थापत ^कये जाएंगे जो िनरंतर ^बयाशील रह4गे।

(घ) रा5 य ः तर पर ग^ठत आपातकालीन ूबंधन समूह (Crisis Management Group) िनरंतर

^बयाशील रहेगा तथा सुखाड़मः त 8जलG म4 रा5 य सरकार ारा उठाये गये कदमG का सतत् अनुौवण

करेगा।

(च) 8जलG के ूभार मंऽी अपने ूभार के 8जलG म4 चलाये जा रहे राहत काय€ क7 समीEा एवं

अनुौवण के िलए ू: येक माह कम से कम दो बार सव3दलीय बैठक कर4गे।

(छ) 8जलG के ूभार सिचव अपने ूभार के 8जलG म4 चलाये जा रहे राहत काय€ क7 समीEा एवं

अनुौवण के काय3 म4 ूभार मंऽी का सहयोग कर4गे।

5. उपयु3\ त के आलोक म4 संबंिधत वभाग व^हत ू^बया के अl तग3त सEम ूािधकार का

अनुमोदन ूाP त कर अपने ः तर से आदेश िनग3त कर4गे।

बहारÑरा5 यपाल के आदेश से,

e यास जी,

ूधान सिचव।

5

बहार गजट, (असाधारण)] 10 अगः त 2009

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अधीEक, सिचवालय मुिणालय,

बहार, पटना ारा ूकािशत एवं मु^ित।

बहार गजट (असाधारण) 411-571+100-ड0ट0पी0।

Website: http://egazette.bih.nic.in

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