िनबंधन सं या पी0ट0-40
बहार गजट
बहार गजट
बहार गजट
बहार गजट
असाधारण अंक
असाधारण अंक
असाधारण अंक
असाधारण अंक
बहार सरकार ारा ूकािशत
बहार सरकार ारा ूकािशत
बहार सरकार ारा ूकािशत
बहार सरकार ारा ूकािशत
15
15
15
15 ौावण
ौावण
ौावण
ौावण 1932
1932
1932
1932 (श0)
(सं
सं
सं
सं0 पटना
टना
टना
टना 548
548
548
548)
)
)
) पटना
टना
टना
टना,
,
,
, शुब
शुब
शुब
शुबवार
वार
वार
वार, 6 अगः त
अगः त
अगः त
अगः त 20
20
20
2010
10
10
10
आपदा ूबंधन वभाग
—————
अिधसूचना
4 अगः त 2010
सं0 I ूा0आ0-1927/आ0ू0—वष5 2010 म7 रा8 य म7 मॉनसून क: वषा5 क: ;ःथित
दयनीय है। वषा5 क: कमी के फलः वBप खरफ क: मु य फसलD (धान एवं मF का) क:
रोपनी/बुआई लआ य से काफ: कम हो पाई है। ;जन JेऽD म7 रोपनी/बुआई क: गयी, वहॉं भी अL प
वषा5पात् के कारण उपज पर ूितकूल ूभाव पड़ना िन;Pत है। कृष वभाग, बहार से ूाR त
ूितवेदन के अनुसार रा8 य म7 वषा5पात क: ;ःथित अS यंत खराब है। 01 जून से 31 जुलाई तक
रा8 य म7 508.5 िम0मी0 औसत वषा5पात के वVW आलोX य अविध म7 माऽ 392.8 िम0मी0
बाYरश ह हो पाई है।
इस ूकार वषा5पात म7 औसतन 23 ूितशत क: कमी पाई गई है। रा8 य म7 मॉनसून का
आगमन भी इस वष5 दो सR ताह से अिधक वलंब से होने के कारण ;ःथित अS यंत गंभीर हो
गई है।
अS यL प वषा5पात के कारण रा8 य के भू एवं सतह जलॐोत भी ूभावत हो रहे ह\। रा8 य
के कई भागD म7 जलॐोत सूख रहे ह\ एवं जलाशयD तथा भूगभ5 जलः तर म7 काफ: कमी आयी है।
कृष एवं जल संसाधनD के अितYरF त सूखे का कुूभाव पशु संसाधन एवं रोजगार पर भी पड़ने
क: ूबल संभावना है। इस ूकार कुल िमलाकर रा8 य म7 सुखाड़ के कारण आपदा क: ;ःथित बन
गई है।
2
बहार गजट (असाधारण)] 6 अगः त2010
उF त आलोक म7 रा8 य के 28 ूभावत ;जलD म7 सुखाड़ (ूाकृितक आपदा) घोषत ^कया
जाता है, ;जसक: समे^कत सूची अनुल_ नक 'क' पर संल_ न है।
2. अिधसूिचत ;जलD म7 सुखाड़ से िनपटने हेतु आपदा राहत िनिध (CRF) तथा रां शय
आपदा आक;ःमकता िनिध (NCCF) से ^दये जानेवाले सहायता के ूावधान तS काल ूभाव से
लागू हDगे।
3. अिधसूिचत ;जलD म7 ^कसानD से सहकाYरता ऋण, राजः व लगान एवं सेस, पटवन
शुL क, वdुत शुL क जो सीधे कृष से संबंिधत हो, क: वसूली वeीय वष5 20010-11 के िलए
ः थिगत रहेगी।
4. ूभावत ;जलD म7 फसल को बचाने, वैक;Lपक कृष काय5 क: f यवः था करने, रोजगार
के साधन उपलg ध कराने, पशु संसाधनD का सह रख-रखाव करने, इS या^द, के िलए
आवँ यकतानुसार साहाiय काय5 चलाने, आ^द, क: f यवः था क: जाएगी ;जसके िलए संबंिधत
वभाग ारा िनj न ूकार से व;ण5त काय5 ^कये जाय7गे -
(i)
कृष ूJेऽ
(क) कृष वभाग ारा आवँ यकतानुसार फसलD क: सुरJा एवं बचाव के िलए कृष
इनपुट के Bप म7 डजल, बीचड़ा, बीज आ^द पर स;gसड क: f यवः था क: जाएगी।
(ख) वैक;Lपक फसल योजना तैयार कर उसके सफल ^बयाl वयन हेतु अपे;Jत कार5वाई
क: जाएगी।
(ग) सतह जलॐोतD के सूख जाने के कारण वैक;Lपक माm यमD से िसंचाई क: f यवः था
होगी। इस हेतु जल संसाधन एवं लघु जल संसाधन वभाग आक;ःमकता योजना तैयार कर
इसका काया5l वयन कर7गे।
(घ) खरफ फसल के िलए डजल अनुदान क: ः वीकृित द गई है। उपरोF त f यवः था
आवँ यकता होने पर रबी फसल के िलए भी क: जाएगी।
(च) सहकार तथा रां शकृत ब\कD के माm यम से कृष ऋण उपलg ध कराने हेतु अपे;Jत
कार5वाई क: जाएगी।
(छ) ^कसानD को फसल बीमा का लाभ ^दलवाने हेतु अपे;Jत कार5वाई क: जाएगी।
(ii)
पेयजल
जलापूित5 क: व् यवः था लोक ः वाः o य अिभयंऽण वभाग ारा ;जला पदािधकार के
िनदpशन के अनुसार क: जाएगी। सूखामः त JेऽD म7 पेयजल क: आपूित5 हेतु पूव5 म7 लगाये गये
चापाकलD/ नलकूपD क: मरj मित क: जाएगी। आवँ यकता का आंकलन कर पुराने चापाकलD को
और गहरे ः तर तक गाड़े जाने क: f यवः था क: जाएगी। जBरत के अनुसार नये नलकूप/चापाकल
भी लगाये जाय7गे। ूभावत JेऽD म7 ट\करD के माm यम से भी जलापूित5 क: f यवः था क: जाएगी।
शहर JेऽD म7 भी पेयजलापूित5 क: आवँ यकeानुसार पेयजल क: कमी को दूर करने के िलए
आवँ यक f यवः था क: जाएगी। पाइप जलापूित5 योजनाओं के िलए वdुत आपूित5 क: सुsढ़
f यवः था रहेगी।
(iii)
खाdाl न
(क) खाd एवं उपभोF ता संरJण वभाग यह सुिन;Pत करेगा ^क ;जलD म7 पया5R त
खाdाl न का भंडारण है एवं जनवतरण ूणाली के माm यम से ल;Jत वग5 के उपभोF ताओं को
3
बहार गजट (असाधारण)] 6 अगः त 2010
खाdाl न का वतरण हो रहा है। अl नपूणा5 एवं अंS योदय योजनाओं के अंतग5त खाdाl न का उठाव
एवं वतरण का गहन अनुौवण ^कया जाएगा। वषम ;ःथित म7 रा8 य सरकार ारा मुvत
साहाiय वतरण हेतु खाdाl न के पया5R त भंडारण क: f यवस् था रखी जाएगी। इस हेतु केl ि
सरकार से अितYरF त खाdाl न उपलg ध कराने हेतु अनुरोध ^कया जाएगा।
(ख) सुखाड़मः त ;जलD के सभी पंचायतD म7 एक-एक F वींटल खाdाl न Yरवा;Lवंग ः टॉक
के Bप म7 िच;lहत जनवतरण ूणाली के दुकानदारD के पास सुर;Jत रखा जाएगा ता^क भूख से
ूभावत f यxयD को मुvत खाdाl न तS काल उपलg ध कराया जा सके।
(iv)
मुvत साहाiय
मुvत साहाiय वतरण का िनण5य यथा समय आवँ यकतानुसार संबंिधत ;जला
पदािधकार के ूितवेदन एवं आपातकालीन ूबंधन समुह क: अनुशंसा के आलोक म7 आपदा राहत
कोष सिमित ारा िलया जाएगा। मुvत साहाiय वतरण के पाऽ वे f यx/ पYरवार होग7 ;जl ह7
जीवन यापन के िलए तुरl त सहायता क: आवँ यकता है, ;जनका अl न भंडार समाR त हो गया हो
एवं ;जनके पास तुरl त सहायता का कोई साधन न हो।
(v)
पशु संसाधन
(क) सुखाड़ के कारण पशुचारा क: ताS कािलक कमी नहं है, परl तु कालाl तर म7 क़ृष
फसल अवशेष क: लगातार कमी के कारण इसके दघ5कालीन ूभाव अवँ यंभावी है। अत: पशु एवं
मS ः य संसाधन वभाग पशुचारा क: उपलg धता सुिन;Pत कराएगा। लगातार सुखाड़ क: ;ःथित म7
जलाशय सूख रहे ह\, ;जसके कारण पशुओं के िलए पेयजल क: िनतांत कमी हो सकती है। ऐसी
पYर;ःथित म7 ;जला पशुपालन पदािधकाYरयD ारा ;ःथित का आकलन कर ः थल का चयन ^कया
जाएगा तथा इन चयिनत ः थलD को पशु िशवर के Bप म7 िच^{त ^कया जा सकेगा। इन िच^{त
ः थलD पर वभाग ारा लोक ः वाः o य अिभयंऽण वभाग तथा लघु िसंचाई वभाग के सहयोग से
जलाशयD म7 जल क: f यवः था क: जाएगी।
(ख) सुखाड़ के कारण पशुओं म7 इ^फमेरल फ:वर, हट ः शोक, l यूमोिनया, दः त जैसी
सामाl य पशु रोगD क: बहुतायत होती है। इन बमाYरयD से िनपटने हेतु पशु िच^कS सालयD म7 दवा
का पया5R त भंडारण कर िलया जाएगा, ;जनम7 एं^टबायो^टF स, एनाजलेिसक, पारािसटामोल, एं^ट
^हः टाः टािमिनक, एं^ट डायYरयल, लीवर टॉिनक, नॉरमल सलाईन, एलेF शोलाइट इl यूजन िल;Fवड,
आ^द, का बय आवँ यकतानुसार ^कया जाएगा।
(ग) पशु ः वाः o य क: देखभाल एवं रोगD क: रोकथाम के िलए ;जला ः तर पर चलl त
िच^कS सा दलD क: f यवः था रहेगी।
(vi)
रोजगार सृजन
(क) सूखामः त JेऽD म7 कृष काय5 क: कमी के कारण मजदूरD के समJ रोजी रोट का
संकट उS पl न होगा अतएव मामीण वकास वभाग ारा रोजगारोl मुख काय5बमD के काया5l वयन
एवं अनुौवण म7 गितशीलता लायी जाएगी। मामीण JेऽD म7 रोजगार के सृजन हेतु मनरेगा के
अl तग5त पYरयोजनाओं के ब\क ऑफ स\F शंस तैयार कर ^बया;lवत ^कए जाएंगे ;जसम7 जल
संरJण क: योजनाओं यथा – तालाब, आहर एवं पाइन उड़ाह, चेक डैम, डगबेल, वृJारोपण इS या^द
को ूाथिमकता द जाएगी।
4
बहार गजट (असाधारण)] 6 अगः त2010
(ख) अl य संबंिधत वभाग भी सूखे से उS पl न बेरोजगार क: समः या को कम करने के
िलए मनरेगा के अl तग5त मामीण JेऽD म7 आवँ यकतानुसार रोजगारोl मुख पYरयोजनाओं का
^बयाl वयन कर7गे।
(ग) मनरेगा के अl तग5त सुखाड़मः त ;जलD म7 रोजगारोl मुखी पYरयोजनाओं के
^बयाl वयन हेतु आवँ यकतानुसार केl िांश वमुx क: ूS याशा म7 रा8 यांश क: वमुx क:
कार5वाई व^हत ू^बया के अनुसार क: जाएगी।
(vii)
लघु जल संसाधन
रा8 य म7 िसंचाई हेतु सरकार नलकूपD के माm यम से िसंचाई क: f यवः था है। सुिन;Pत
^कया जाएगा ^क सरकार नलकूप ऊजा5;lवत रहे ता^क इनके माm यम से िसंचाई सुवधा उपलg ध
रहे। साथ ह सतह एवं भूगभ5 जलॐोतD जैसे – तालाब, पोखर, आहर को Yरचाज5 करने हेतु
आवँ यक कदम उठाये जाय7गे। भूजल Yरचाज5 क: योजनाऍं भी ली जाएंगी। बहार भू-जल िसंचाई
योजना का अिधक–से–अिधक ूचार ूसार ^कया जायेगा एवं सुखाड़ से िनपटने के िलए युW ः तर
पर इस योजना का काया5l वयन ^कया जायेगा।
(viii) वdुत
पj प, नहर योजनाएं, राजक:य नलकूपD, िसंचाई योजनाएं एवं अिधकांश िनजी नलकूप –
सभी बजली पर आधाYरत है। अत: ऊजा5 वभाग/बहार रा8 य वdुत बोड5 ारा कृष काय हेतु
वdुत आपूित5 सुिन;Pत कराया जाएगा। सुखाड़ ूभावत मामीण JेऽD म7 l यूनतम िनधा5Yरत 5-
6 घंटD के िलए िनबा5ध वdुत आपूित5 क: f यवः था सुिन;Pत क: जाएगी तथा इसका ूचार ूसार
समाचार पऽD के माm यम से ^कया जाएगा।
(ix)
ः वाः o य
सूखाड़मः त JेऽD म7 डायYरया एवं भीषण गम के ूकोप से उS पl न होनेवाली बीमाYरयां
यथा – दः त, कॉलरा, अितसार, िमयादबुखार, िम;जL स, ^डहाइसेशन, डमpटाई^टस, हट स्शोक आ^द क:
रोकथाम हेतु सभी ूाथिमक िच^कS सा केl िD, उप–केl िD एवं अl य िच^कS सालयD म7 वांिछत
दवाओं एवं जीवन रJक घोल (ओ0आर0एस0) का पया5R त भंडारण कराया जाएगा। ूभावत ;जल7
म7 मोबाइल मे^डकल केयर यूिनट क: ूितिनयुx क: जाएगी। सुदूर मामीण JेऽD म7 आंगनबाड़
केl िD म7 ओ0आर0एस0 एवं पारािसटामोल आ^द दवाओं का भंडारण ^कया जाएगा तथा इसे आशा
काय5कS ता5ओं के माm यम से वतYरत कराया जाएगा। ूS येक ;जला म7 सुखाड़ क: अविध तक
िसवल सज5न के अधीन एक मॉनेटYरंग सेल का गठन होगा ;जसम7 पदािधकार एवं कम5चार 24
घंटे काय5रत रह7गे।
(x)
म^हलाओं एवं बX चD क: देखभाल
सुखाड़ Jेऽ म7 बX चD एवं गभ5वती तथा धातृ म^हलाओं को कुपोषण से बचाने हेतु पूव5 म7
चलाये जा रहे काय5बमD के अितYरF त पौक आहार क: f यवः था क: जाएगी। ूS येक केl ि पर
उपलg ध मे^डकल ^कट म7 ओ0आर0एस0 एवं पारािसटामोल दवा भी रखी जाएगी। इस f यवः था का
िनयिमत एवं सघन अनुौवण ^कया जाएगा ता^क सुखाड़ क: ;ःथित म7 इसका ूभावकार एवं
सकाराS मक पYरणाम ूाR त हो सके।
5
बहार गजट (असाधारण)] 6 अगः त 2010
5. अनुौवण: सुखाड़ आपदा ूबंधन हेतु अनुौवण क: f यवः था िनj नानुसार क: जाएगी:
(क) ;जला ः तर पर ;जला पदािधकार के नेतृS व म7 सुखाड़ साहाiय काय5 चलाए जाय7गे।
सुखाड़ आपदा ूबंधन के अनुौवण हेतु ;जला ः तर पर 24 घंटे ^बयाशील िनयंऽण कJ क:
ः थापना क: जाएगी। इसके दूरभाष सं या को आम आवाम क: जानकार हेतु समाचार पऽD म7
ूकािशत कराया जाएगा। िनयंऽण कJ म7 रोः टर म7 िसवल पदािधकाYरयD के अितYरF त अl य
तकनीक: सेवाओं के पदािधकार भी ूितिनयुF त ^कये जाएंगे। ;जला पदािधकार के अधीन ग^ठत
टॉः कफोस5 सुखाड़ से उS पl न ;ःथित एवं इसके िनवारण हेतु ^कये जा रहे ूयासD का साR ता^हक
अनुौवण करेगी।
(ख) मु यालय ः तर पर आपदा ूबंधन वभाग म7 राहत काय5 के अनुौवण हेतु ग^ठत
िनयंऽण कJ िनरंतर ^बयाशील रहेगा।
(ग) बहार रा8 य वdुत बोड5, कृष वभाग, खाd एवं उपभोF ता संरJण वभाग, ः वाः o य
वभाग, पशु एवं मS ः य संसाधन वभाग, जल संसाधन वभाग, मामीण वकास वभाग, लघु जल
संसाधन वभाग, समाज कL याण वभाग तथा लोक ः वाः o य अिभयंऽण वभाग म7 हेL प लाइन
ः थापत ^कये जाएंगे जो िनरंतर ^बयाशील रह7गे।
(घ) रा8 य ः तर पर ग^ठत आपातकालीन ूबंधन समूह (Crisis Management Group)
िनरंतर ^बयाशील रहेगा तथा सुखाड़मः त ;जलD म7 रा8 य सरकार ारा उठाये गये कदमD का
सतत् अनुौवण करेगा।
(च) संबंिधत ूमंडलीय आयुF त एवं ;जलD के ूभार सिचव अपने ूभार के ;जलD म7
चलाये जा रहे राहत काय क: सघन समीJा एवं अनुौवण कर7गे। इसके िलए वे
आवँ यकतानुसार Jेऽीय ॅमण तथा ;जला ः तर पर समीJा बैठक कर7गे।
6. उपयु5F त के आलोक म7 संबंिधत वभाग व^हत ू^बया के अl तग5त सJम ूािधकार
का अनुमोदन ूाR त कर अपने ः तर से आदेश िनग5त कर7गे।
बहार-रा8 यपाल के आदेश से
f यास जी,
ूधान सिचव।
6
बहार गजट (असाधारण)] 6 अगः त2010
îìèóuìÇ={ÇG
ÑÅÖâà=Éë~=äèxââjHñòiê=Ñíóâë~=ÇÜ=áòÉ~jóçâà=äïéÜ=
————
अधीJक, सिचवालय मुिणालय,
बहार, पटना ारा ूकािशत एवं मु^ित।
बहार गजट (असाधारण) 548-571+100-ड0ट0पी0।
Website: http://egazette.bih.nic.in
ÉñL=áòÉ~jóC=
NJ ñXâ=
OJ íÖâìâÅâå=
PJ îâpà~ñâÅâå=
QJ îàçó=
RJ ìçâåâ=
ásìâ=áòÉ~jóC==
NJ ásìâ=
OJ ìâóråâ=
PJ eââëíáèà=
QJ Åaäà=
RJ àâëÖêâä=
SJ ÇpÉïà=
Éè~ñëà=áòÉ~jóC==
NJ É~èñëà=
OJ Dâëxâáèàâ=
PJ óxâÜäàâX=
QJ íÉèÄw=
RJ ÅëñïäàâX=
eââñóáèà=áòÉ~jóC=
NJ eââñóáèà=
OJ Åât~Çâ=
=
iââàKâ=áòÉ~jóC==
NJ äÜçâì=
OJ äâàKâ=
=
ÑêàÖèê=áòÉ~jóC==
NJ Éèíánúánàáèà=
OJ äÜêâÉYHÜ=
PJ ÑDâçÖà=
QJ çpDââóÜ=
RJ áïçÜw=ébáâàKâ=
=
åàeâ~ñâ=áòÉ~jóC=
NJ ÉLèÅìÜ=
OJ äÉiêÜáèà=
PJ åàeâ~ñâ=