Ǔनबंधन संÉ या पी0टȣ0-40

असाधारण अंक

ǐबहार सरकार Ʈारा Ĥकािशत

19 माघ 1945 (श0)

(सं0 पटना 107) पटना, वृहè पितवार, 8 फरवरȣ 2024

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सं᭎ या– िव.प.अ.ᮧ.-32/2023 -227(1)िव.प.—भारत के संिवधान कᳱ दसवᱭ अनुसूची के अंतगᭅत

िबहार िवधान पᳯरषद् सद᭭ य (दल पᳯरवतᭅन के आधार पर िनरहᭅता) िनयम, 1994 के ᮧावधान के

आलोक मᱶ माननीय सद᭭ य डॉ० सुिनल कुमार ᳲसह, त᭜ कालीन उप मु᭎ य सचेतक (सᱫाᱨढ़ दल) कᳱ

यािचका ᳰदनांक - 02.11.2023 के आलोक मᱶ माननीय सद᭭ य ᮧो० (डॉ०) रामबली ᳲसह को िबहार

िवधान पᳯरषद् कᳱ सद᭭ यता से िनरᳶहत ᳰकये जाने संबंधी वाद पर ᭠ याय िनणᭅय

आदेश

डॉ० सुिनल कुमार ᳲसह माननीय सद᭭ य िबहार िवधान पᳯरषद्, त᭜ कालीन उप मु᭎ य सचेतक

(सᱫाᱨढ़ दल) ᳇ारा ᳰदनांक- 02.11.2023 को मेरे समᭃ एक िलिखत यािचका राजद सद᭭ य, ᮧो०(डॉ०)

रामबली ᳲसह को िबहार िवधान पᳯरषद् के सद᭭ यता से िनरᳶहत करने हेतु ᳰदया है। माननीय सद᭭ य डॉ०

सुिनल कुमार ᳲसह को पᮢांक - 838 ᳰदनांक - 02.11.2023 ᳇ारा माननीय ᮰ी तेज᭭ वी ᮧसाद यादव,

रा᭬ ᮝीय जनता दल के िबहार िवधान मंडल के नेता ने ᮧो०(डॉ०) रामबली ᳲसह को िनरᳶहत करने के िलए

यािचका/आवेदन देने हेतु अिधकृत ᳰकया है, जो डॉ० सुिनल कुमार ᳲसह कᳱ यािचका ᳰदनांक -

02.11.2023 के साथ संल᭏ न है।

माननीय सद᭭ य डॉ० सुिनल कुमार ᳲसह ने यािचका मᱶ कहा है ᳰक ᮧो० (डॉ०) रामबली ᳲसह

िबहार िवधान पᳯरषद् के सद᭭ य के ᱨप मᱶ रा᭬ ᮝीय जनता दल के िवधायकᲂ ᳇ारा ि᳇वाᳶषक चुनाव मᱶ दल

के उ᭥ मीदवार के ᱨप मᱶ िनवाᭅिचत ᱟए। रा᭬ ᮝीय जनता दल का सद᭭ य रहते ᱟए वह राजद िवधान मंडल

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ǐबहार गजट (असाधारण) 8 फरवरȣ 2024

दल के नेता पर मनगढंत आरोप लगाए ᳰक ‘‘तेज᭭ वी ᮧसाद यादव भी पीते हᱹ शराब’’। दल के नीित के

िखलाफ अितिपछड़ा समाज को खंिडत करने के उ᳎े᭫ य से तेली, तमोली (चौरिसया) और दांगी जाित को

मूल अितिपछड़ा ᮰ेणी से अलग करने संबंधी बयान ᳰदए एवं बैनर पो᭭ टर लगाकर पदयाᮢा और स᭥ मेलन

ᳰकए। इस कायᭅᮓम मᱶ न तो दल का चुनाव िच᭮न पो᭭ टर पर लगाए और न ही दल का झंडा लगाए। जाित

आधाᳯरत गणना के िखलाफ बयान ‘‘नीतीश सरकार ने जाित आधाᳯरत गणना मᱶ बड़ी चालाकᳱ से

घालमेल ᳰकया है’’ ᳰदये हᱹ। इस तरह के बयान से भारतीय जनता पाटᱮ सिहत िवपᭃी दलᲂ ᳇ारा लगाए

गए अनगᭅल आरोप कᳱ पुि᳥ होती है। इससे संबंिधत कारण बताओ नोᳯटस ᮧदेश अ᭟ यᭃजी के ᳇ारा

पᮢांक- 405/23 ᳰदनांक- 06 जनवरी, 2023, पᮢांक- 289/23 ᳰदनांक- 02 अ᭍ टूबर, 2023 एवं पᮢांक-

324/23 ᳰदनांक- 12 अ᭍ टूबर, 2023 से उ᭠ हᱶ भेजा गया था, परंतु ᳰदनांक 12 अ᭍ टूबर, 2023 के पᮢ का

जवाब आया है, जो उनके िवᱨ᳍ लगाए ᳰकसी आरोपᲂ का खंडन नहᱭ करता है। स᭥ यकᱨपेण

िवचारोपरांत दल ने इसे अपने नेता एवं दल के िवᱨ᳍ अपमानजनक कृ᭜य माना है।

उनके उपरोᲦ कृ᭜य एवं आचरण से यह ᭭ प᭬ ट है ᳰक उ᭠ हᲂने रा᭬ ᮝीय जनता दल कᳱ सद᭭ यता का

᭭ वे᭒छया पᳯर᭜ याग कर ᳰदए हᱹ, अतएव वह भारत के संिव धान कᳱ धारा 191 सह पᳯठत दसवᱭ अनुसूची के

पैरा 2(क) के अंतगᭅत िबहार िवधान पᳯरषद्, कᳱ सद᭭ यता के िलए िनरᳶहत हो चुके हᱹ। ऊपर वᳶणत पᮢᲂ

एवं समाचार पᮢᲂ कᳱ छाया ᮧित संल᭏ न। उपरोᲦ के आलोक मᱶ आपसे सादर अनुरोध है ᳰक ᮰ी रामबली

ᳲसह को िबहार िवधान पᳯरषद् कᳱ सद᭭ यता से िनरᳶहत घोिषत करने कᳱ कृपा करᱶगे। सादर।

यािचका के साथ डॉ० सुिनल कुमार ᳲसह ने यािचका मᱶ उि᭨लिखत त᭝ यᲂ के समथᭅन मᱶ पᮢᲂ एवं

समाचार पᮢᲂ के छाया ᮧितयᲂ कᳱ स᭜ यािपत ᮧितयां संल᭏ न कᳱ है ।

इसके आलोक मᱶ मᱹने डॉ० सुिनल कुमार ᳲसह से ᮧा᭡ त आवेदन पᮢ मᱶ वᳶणत त᭝ यᲂ के स᭠दभᭅ मᱶ

भारत के संिवधान कᳱ दसवᱭ अनुसूची के ᮧावधान एवं त᭜संबंधी िबहार िवधान पᳯरषद् सद᭭ य (दल

पᳯरवतᭅन के आधार पर िनरहᭅता) िनयम, 1994 के उपबंधᲂ के अधीन िनरहᭅता से ᮕिसत होने से संबंिधत

यािचका कᳱ ᮧित ᮧो० (डॉ०) रामबली ᳲसह स.िव.प. को ᳰदनांक- 21.11.2023 को भेजते ᱟए सात ᳰदनᲂ

के अंदर उनसे ᭭ प᭬ टीकरण (कथन) कᳱ मांग कᳱ।

इस ᭭ प᭬ टीकरण के पᳯरᮧे᭯ य मᱶ ᮧो० (डॉ०) रामबली ᳲसह ने ᳰदनांक- 01.12.2023 को सूिचत

ᳰकया, : ‘‘सिवनय िनवेदन यह है ᳰक मुझे िवधान पᳯरषद् सद᭭ य के ᱨप मᱶ मनगढंत दलगत नीितयᲂ के

िवᱨ᳍ किथत अपराध के िलए मेरी सद᭭ यता िनरहᭅन करने के िलए सात ᳰदनᲂ के भीतर ᭭ प᭬ टीकरण मांगा

गया है। पᮢ मᱶ ितिथ 21.11.2023 अंᳰकत है परंतु पᮢ मेरे आवास पर ᳰकसी अपᳯरिचत ᭪ यिᲦ को

30.11.2023 को शाम मᱶ देकर चला गया उस व᭍ त मᱹ अपने भगीना कᳱ शादी कᳱ तैयारी मᱶ गांव गया

ᱟआ था। इस बात कᳱ पुि᳥ उस कमᭅचारी से कᳱ जा सकती है या मेरे आवास पर CCTV के Footage से

ᮧमािणत ᳰकया जा सकता है। अत: ᮰ीमान् से आᮕह होगा ᳰक ᭭ थािपत ᮧशासिनक पर᭥ परा के अनुसार

उिचत नहᱭ ᮧतीत होता, जबᳰक अभी मᱹ भगीना कᳱ शादी मᱶ ᭪ य᭭ त ᱠँ, इसिलए ᭭ प᭬ टीकरण का जबाब हेतु

15 ᳰदनᲂ का समय देने कᳱ कृपा कᳱ जाय।’’

माननीय सद᭭ य ᮧो० (डॉ०) रामबली ᳲसह के इस अनुरोध के आलोक मᱶ मᱹने िबहार िवधान

पᳯरषद् सद᭭ य (दल पᳯरवᭅतन के आधार पर िनरहᭅता) िनयम, 1994 के िनयम 7(ख) के अधीन वांिछत

᭭ प᭬ टीकरण (कथन) हेतु अविध िव᭭ ताᳯरत ᳰकया।

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ǐबहार गजट (असाधारण) 8 फरवरȣ 2024

इस अविध िव᭭ तार के प᭫ चात् माननीय सद᭭ य ᮧो० (डॉ०) रामबली ᳲसह ने Written statement

raising preliminary issue regarding maintainability of complaint dated 15.12.2023 के मा᭟ यम

से यह कहा ᳰक:‘‘

1.

यह ᳰक इस आवेदन के मा᭟यम से, अिभसाᭃी भारत के संिवधान कᳱ दसवᱭ अनुसूची का

खंड-2(1) (ए) के तहत िबहार िवधान पᳯरषद कᳱ सद᭭यता से अिभसाᭃी को अयो᭏य

घोिषत करने के िलए िबहार िवधान पᳯरषद के सद᭭य ᮰ी सुनील ᳲसह ᳇ारा दायर

यािचका कᳱ िवचारणीयता के संबंध मᱶ अपनी ᮧारंिभक आपिᱫ उठाना चाहता है।

2.

शुᱧआत मᱶ, यह कहा गया है ᳰक चूंᳰक िशकायतकताᭅ ᳇ारा िशकायत मᱶ लगाए गए आरोप

ᳰकसी भी तरह से अयो᭏यता खंड को आकᳶषत नहᱭ करते हᱹ, जैसा ᳰक दसवᱭ अनुसूची के

खंड-2(1) (ए) के तहत िवचार ᳰकया गया है, वतᭅमान कायᭅवाही िवचारणीय नहᱭ है और

इसिलए अ᭭ वीकार ᳰकये जाने यो᭏य है।

3.

यह आगे कहा गया है ᳰक भारत के संिवधान कᳱ दसवᱭ अनुसूची के ᭍ लाउज 8 के तहत

िनिहत ᮧावधानᲂ के म᳎ेनजर, संिवधान कᳱ दसवᱭ अनुसूची के तहत दायर कायᭅवाही को

र᳎ करने के िलए िबहार िवधान पᳯरषद् ने िबहार िवधान पᳯरषद् सद᭭ य (दल पᳯरवतᭅन

के आधार पर िनरहᭅता) िनयमावली, 1994 (इसके बाद अयो᭏यता िनयम के ᱨप मᱶ

संदᳶभत) के नाम पर अयो᭏यता िनयम बनाए थे।

4.

ᳰक, अयो᭏यता िनयमᲂ के िनयम 6(5) मᱶ िशकायत यािचका कᳱ सामᮕी के बारे मᱶ बताया

जाएगा और उ᭍ त िनयम के िनयम 6(6) मᱶ यह आव᭫यक होगा ᳰक िशकायतकताᭅ िशकायत

यािचका के ᮧ᭜येक पृ᳧ पर अपने ह᭭ताᭃर करेगा और यह अिभवचनᲂ के स᭜यापन के िलए

िसिवल ᮧᳰᮓया संिहता, 1908 के तहत िनधाᭅᳯरत तरीके से स᭜यािपत ᳰकया जाएगा।

5.

अयो᭏यता िनयमᲂ के िनयम 6(7) मᱶ यह भी ᮧावधान है ᳰक िशकायत यािचका के साथ

संल᭏ नक पर िशकायतकताᭅ ᳇ारा ह᭭ताᭃर भी ᳰकए जाएंगे और इसे मु᭎य यािचका के

स᭜यापन के िलए िनधाᭅᳯरत तरीके मᱶ स᭜यािपत भी ᳰकया जाएगा।

6.

यह ᳰक, अयो᭏यता िनयमᲂ के िनयम-7 के तहत अ᭟यᭃ पर पहले यह िवचार करने का

कतᭅ᳞ होगा ᳰक ᭍ या यािचका िनयम-6 कᳱ आव᭫यकताᲐ का अनुपालन करती है और

अयो᭏यता िनयमᲂ के िनयम-7 के उप-िनयम-2 ने इसे अिनवायᭅ कर ᳰदया है। यᳰद यािचका

अयो᭏यता िनयम के िनयम-6 कᳱ आव᭫यकता का पालन नहᱭ करती है तो यािचका को

अ᭭वीकार करने और िशकायतकताᭅ को सूिचत करने का अ᭟यᭃ का कतᭅ᳞ है।

7.

ᳰक, िशकायतकताᭅ ᳇ारा दायर कᳱ गई िशकायत यािचका का केवल अवलोकन, िजसकᳱ

एक ᮧित ᳰदनांक 21.11.2023 के पᮢ के साथ अिभसाᭃी को दी गई है, यह ᭭प᳥ है ᳰक

िशकायतकताᭅ ᳇ारा दायर कᳱ गई िशकायत मᱶ िनयम-6 कᳱ सभी आव᭫यकताᲐ का

अनुपालन नहᱭ होता है, यहां तक ᳰक िशकायत यािचका कᳱ दलील और उसके संल᭏ नकᲂ

को िसिवल संिहता ᮧᳰᮓया, 1908 के तहत दलीलᲂ के स᭜यापन के िलए िनधाᭅᳯरत तरीके से

स᭜यािपत नहᱭ ᳰकया गया है।

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ǐबहार गजट (असाधारण) 8 फरवरȣ 2024

8.

चूंᳰक अयो᭏यता िनयमᲂ मᱶ िनयम-6 के तहत िनिहत ᮧावधानᲂ का पालन न करने पर

जुमाᭅना िनधाᭅᳯरत ᳰकया गया है और िनधाᭅᳯरत जुमाᭅना िशकायत कᳱ अ᭭वीकृित है,

इसिलए िशकायत यािचका इस अदालत ᳇ारा अयो᭏यता िनयमᲂ के िनयम-7(2) के तहत

शिᲦ का ᮧयोग करके खाᳯरज कर दी जानी चािहए।

9.

यह बताना ᮧासंिगक है ᳰक चूंᳰक इस ᭠यायालय के आदेशᲂ के तहत अिभसाᭃी को नोᳯटस

जारी ᳰकए गए थे, लेᳰकन अयो᭏यता िनयमᲂ और दायर कᳱ गई िशकायत को देखे िबना,

जारी ᳰकए गए नोᳯटस के िखलाफ अिभसाᭃी ने माननीय पटना उᲬ ᭠यायालय का

दरवाजा खटखटाया है। टोकन नंबर CWJC-26280/2023 के मा᭟यम से ᳯरट यािचका

दायर कᳱ है िजसमᱶ उᲦ ᳯरट यािचका कᳱ सुनवाई शीᮖ कराने का ᮧयास ᳰकया जा रहा है।

10. चूंᳰक इस ᭠यायालय ᳇ारा जारी ᳰकया गया नोᳯटस पूरी तरह से अवैध है और

िशकायतकताᭅ ᳇ारा दायर कᳱ गई िशकायत अयो᭏यता िनयमᲂ के िनयम 6 कᳱ आव᭫यकता

का पालन नहᱭ करती है, इसिलए िशकायत यािचका खाᳯरज करने यो᭏य है।

11. ᳰक, अवसर आने पर अिभसाᭃी के पास िशकायत के गुण-दोष के आधार पर िव᭭तृत

कारण बताओ दायर करने का अिधकार सुरिᭃत है।

इसिलए, िवन᮫तापूवᭅक ᮧाथᭅना कᳱ जाती है ᳰक महामिहम भारत के संिवधान कᳱ दसवᱭ अनुसूची

के तहत िशकायतकताᭅ ᳇ारा िबहार िवधान पᳯरषद् के सद᭭य के ᱨप मᱶ अयो᭏य घोिषत करने के िलए

दायर कᳱ गई िशकायत यािचका को अ᭭वीकार करने कᳱ कृपा करᱶ।

और/या

ऐसे अ᭠य आदेश या आदेश पाᳯरत करᱶ िज᭠हᱶ आप माननीय मामले के त᭝यᲂ और पᳯरि᭭थितयᲂ मᱶ

उिचत और उिचत समझᱶ। और

इसके िलए अिभसाᭃी सदैव ᮧाथᭅना करेगा।’’

परंतु माननीय सद᭭ य ᮧो० (डॉ०) रामबली ᳲसह ने माननीय सद᭭ य डॉ० सुिनल कुमार ᳲसह ᳇ारा

दायर यािचका कᳱ पोषणीयता (Maintainability) के अलावा यािचका मᱶ उि᭨लिखत त᭝ य एवं उनके

िवᱨ᳍ लगाये गए आरोप के खंडन हेतु पयाᭅ᭡ त अवसर के बाद भी कोई त᭝ य/कथन ᮧ᭭ तुत नहᱭ ᳰकया।

इस पᳯरᮧे᭯ य मᱶ मᱹने नैसᳶगक ᭠ याय के िस᳍ांतᲂ का अनुपालन सु िनि᳟त करते ᱟए रा᭬ ᮝीय जनता

दल के माननीय सद᭭ य ᮧो० (डॉ०) रामबली ᳲसह एवं यािचकादाता माननीय सद᭭ य डॉ० सुिनल कुमार

ᳲसह को अपना-अपना पᭃ ᮧ᭭ तुत करने का और ᭪ यिᲦगत ᱨप से सुनवाई का समुिचत अवसर ᮧदान करते

ᱟए ᳰदनांक- 09.01.2024 एवं पᭃकारᲂ को अंितम अवसर देते ᱟए ᳰदनांक- 16.01.2024 को अपना पᭃ

रखने का मौका ᳰदया।

ᳰदनांक- 09.01.2024 कᳱ सुनवाई आर᭥ भ होते ही माननीय सद᭭ य डॉ० सुिनल कुमार ᳲसह के

अिधव᭍ ता ᮰ी वाई०बी०िगरी ने कहा ᳰक ‘‘सर, ᮧितवादी का इस संबंध मᱶ कहना है ᳰक जो पेᳯटशन है वह

गलत है। हमने अपने जवाब मᱶ इसका ᭭ प᳥ उ᭨ लेख ᳰकया है। मᱹने अपने जवाब मᱶ कहा है ᳰक िसफᭅ केस के

मेᳯरट पर सुनवाई कᳱ जाय। संिवधान कᳱ दसवᱭ अनुसूची मᱶ ᭭ प᭬ ट उ᭨लेख है ᳰक इस संबंध मᱶ माननीय

अ᭟ यᭃ, िबहार िवधान सभा और माननीय सभापित, िबहार िवधान पᳯरषद् का िनणᭅय अंितम होगा।’’

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ǐबहार गजट (असाधारण) 8 फरवरȣ 2024

इतने पर माननीय सद᭭ य ᮧो० (डॉ०) रामबली ᳲसह ने कहा ᳰक ‘‘सर, हम अनुरोध पᮢ दे रहे हᱹ।

हमारे अिधव᭍ ता नहᱭ आ सके हᱹ। हमको समय ᳰदया जाय ताᳰक हम अपने अिधव᭍ ता के मा᭟ यम से अपना

पᭃ रख सकᱶ। हम उस संबंध मᱶ पᮢ दे रहे हᱹ।’’

पुन: ᮰ी वाई०बी०िगरी अिधव᭍ ता ने कहा ᳰक समय कᳱ मांग तो होती ही रहेगी ᭍ यᲂᳰक यह िडले

करने का कारण है। ये हाईकोटᭅ मᱶ भी चले गए हᱹ। इस संबंध मᱶ माननीय सुᮧीम कोटᭅ का ᭭ प᭬ ट आदेश है ᳰक

इस संबंध मᱶ सभापित, िवधान पᳯरषद् और अ᭟ यᭃ, िवधान सभा का िनणᭅय अंितम होगा।

मᱹने कहा ᳰक माननीय सद᭭ य ᮧो० (डॉ०) रामबली ᳲसह ने समय कᳱ मांग कᳱ है। इस पर ᮰ी

वाई०बी०िगरी ने कहा ᳰक ‘‘मᱹ तो इसका िवरोध करता ᱠँ। इस तरह के केस मᱶ यह िडले करने कᳱ ᮧवृित

होती है। िडले इसिलए ᳰकया जाता है ᳰक िजतनी देर होगी उतने ᳰदन कᳱ सद᭭ यता मेरी बरकरार रहेगी।

इनको जब नोᳯटस ᳰदया गया तो इ᭠ हᲂने उसका जवाब नहᱭ ᳰदया और हाईकोटᭅ मᱶ चले गए। संिवधान कᳱ

दसवᱭ अनुसूची मᱶ ᭭ प᭬ ट उ᭨लेख है ᳰक हाईकोटᭅ मᱶ इसका ᳯर᭪ यु नहᱭ हो सकता है। सुᮧीम कोटᭅ के संिवधान

बᱶच ने भी कहा है ᳰक बᱟत ही ᭭ माल ᳯर᭪ यु कर सकते हᱹ लेᳰकन केस के मेᳯरट पर ᳯर᭪ यु नहᱭ कर सकते हᱹ।

ᳯर᭪ यु वैसे ही केस मᱶ हो सकता है जहां पर नेचुरल जि᭭टस का हनन ᱟआ है। सुᮧीम कोटᭅ के संिवधान बᱶच

का भी इसमᱶ िनणᭅय है ᳰक सभा पित और अ᭟ यᭃ का िनणᭅय ही मा᭠ य होगा ᭍ यᲂᳰक इनको एक तरह से

ᳯᮝ᭣ यूनल का पावर है।

मᱹने ᮰ी वाई०बी०िगरी से पूछा ᳰक ᳰकस तरह के नेचुरल जि᭭टस के कारण मᱶ कोटᭅ ᳯर᭪ यु कर

सकता है। इस पर ᮰ी वाई०बी०िगरी ने कहा ᳰक नेचुरल जि᭭टस का मतलब ᳰक उनको नोᳯटस नहᱭ ᳰदया

गया, या नोᳯटस देने के बाद जवाब देने के िलए उपयु᭍ त समय नहᱭ ᳰदया गया इसी तरह का है। इ᭠ हᲂने

हाईकोटᭅ मᱶ जो केस ᳰकया है उसमᱶ कहा है ᳰक िनयम 6 और 7 को फौलो नहᱭ ᳰकया गया है। जो मामले

को लंिबत करने का उ᳎े᭫ य है।

इस पर माननीय सद᭭ य ᮧो०(डॉ०) रामबली ᳲसह ने अपने अिधव᭍ ता के साथ आने कᳱ अनुमित

मांगी और समय कᳱ मांग कᳱ। उ᭠ हᱶ अिधव᭍ ता के मा᭟ यम से उपि᭭थत होने कᳱ अनुमित दी गयी और

सुनवाई के िलए ᳰदनांक- 16.01.2024 कᳱ ितिथ रखी गयी। उनसे यह कहा गया ᳰक यह अवसर उनके

िलए अंितम होगा, उ᭠ हᱶ अपने पᭃ मᱶ जो भी बात रखनी हो या जो भी अिभलेख, सा᭯ य देना होगा, वे

अंितम ᱨप से ᭭ वयं या अपने अिधव᭍ ता के माध् यम से अपना पᭃ रख सकते हᱹ।

ᳰदनांक-16.01.2024 को सुनवाई आरंभ होते ही माननीय सद᭭ य ᮧो०(डॉ०) रामबली ᳲसह के

अिधव᭍ ता ᮰ी एस०बी०के० मंगलम ने अपनी दलील पेश करते ᱟए कहा ᳰक िबहार िवधान पᳯरषद्

सद᭭य (दल पᳯरवतᭅन के आधार पर िनरहᭅता) िनयम, 1994 इसी िवधान पᳯरषद् ᳇ारा पाᳯरत है। इसके

पृ᳧-4 कᳱ कंिडका सं᭎या-6 को देखा जाए। ᮧ᭭तुत िवषय मᱶ इसका पालन नहᱭ ᳰकया गया है। इसमᱶ िलखा

ᱟआ है:

(6)

अिभदेश का यािचका ᳇ारा ᳰकया जाना (1) कोई सद᭭य दसवᱭ अनुसूची के अधीन

िनरहᭅता से ᮕ᭭त हो गया है अथवा नहᱭ इस ᮧश् न का अिभदेश उस सद᭭य के संबंध मᱶ

इस िनयम के उपबंधᲂ के अनुसार दी गई यािचका के ᳇ारा ही ᳰकया जाएगा अ᭠यथा

नहᱭ।

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ǐबहार गजट (असाधारण) 8 फरवरȣ 2024

(2)

ᳰकसी सद᭭य के संबंध मᱶ यािचका ᳰकसी अ᭠य सद᭭य ᳇ारा सभापित को िलिखत ᱨप मᱶ

दी जा सकेगी। आगे (5) मᱶ है ᳰक ᮧ᭜येक यािचका मᱶ-

(क) उन ताि᭜वक त᭝यᲂ का संिᭃ᳙ िववरण होगा, िजन पर यािचकादाता िनभᭅर है,

और

(ख) यािचका के साथ ऐसे ᮧलेखी सा᭯ य (डोकुमᱶᮝी एिभडᱶस) यᳰद कोई हो, कᳱ ᮧितयां

संलᲨ होगी-िजन पर यािचकादाता िनभᭅर हᱹ और जहां यािचकादाता ᳰकसी ᳞िᲦ

᳇ारा उसे दी गई ᳰकसी जानकारी पर िनभᭅर है, वहां ऐसे ᳞िᲦ/᳞िᲦयᲂ के नाम

और पता सिहत िववरण और ऐसे ᮧ᭜येक ᳞िᲦ ᳇ारा दी गई ऐसी जानकारी का

सारांश संलᲨ होगा।

(6)

यािचका के ᮧ᭜येक पृ᳧ पर यािचकादाता का ह᭭ताᭃर होगा और उसे अिभवचनᲂ के

स᭜यापन के िलए िसिवल ᮧᳰᮓया संिहता, 1908 (1908 का 5) मᱶ अिधकिथत रीित से

स᭜यािपत ᳰकया जाए गा।

(7)

यािचका के ᮧ᭜येक अनुबंध (एने᭍सचर) पर भी यािचकादाता का ह᭭ताᭃर होगा और उसे

मूल यािचका के समान ही स᭜यािपत ᳰकया जाएगा।

7. ᮧᳰᮓया -

(1) िनयम-6 के अधीन ᮧा᳙ यािचका पर सभापित ᮧथमतः इस बात पर िवचार करेगा ᳰक

यािचका िनयम-6 कᳱ अपेᭃाᲐ का अनुपालन करती है अथवा नहᱭ।

(2) यᳰद यािचका िनयम-6 कᳱ अपेᭃाᲐ का अनुपालन नहᱭ करती है, तो सभापित यािचका

को र᳎ कर देगा और तदनुसार यािचकादाता को संसूिचत करेगा।

इसमᱶ यह भी वᳶणत है ᳰक िसिवल ᮧᳰᮓया संिहता, 1908 (1908 का 5) मᱶ अिधकिथत रीित मᱶ

स᭜यािपत ᳰकया जाएगा। इस संबंध मᱶ माननीय उᲬ ᭠यायालय एवं माननीय उᲬतम ᭠यायालय ᳇ारा

कितपय ᭠यायादेश भी पाᳯरत ᳰकए गए हᱹ। इस संबंध मᱶ मᱹ िनवेदन करना चाहता ᱠं ᳰक यह मामला

पोषणीय (Maintainable) नहᱭ है और इस यािचका को िनर᭭त ᳰकया जाना चािहए। इस हाऊस मᱶ पाᳯरत

िनयमᲂ मᱶ वᳶणत ᮧावधानᲂ का अनुपालन नहᱭ ᳰकया गया है और न ही कोड ऑफ िसिवल ᮧोिस᭔योर,

1908 का अनुपालन ही ᳰकया गया है। इस ᮧकार धारा-7 मᱶ वᳶणत ᮧावधान के अनुसार माननीय

सभापित महोदय ᳇ारा इस वाद को ख᭜म करने का आदेश ᳰदया जा सकता है। इतना ही नहᱭ, इनमᱶ वᳶणत

ᮧावधानᲂ के अनुसार यािचकाकताᭅ के िखलाफ िवशेषािधकार हनन कᳱ कायᭅवाही चलाने का भी ᮧावधान

इसमᱶ है।

इस पर माननीय सद᭭ य डॉ० सुिनल कुमार ᳲसह के अिधव᭍ ता ᮰ी वाई०बी०िगरी ने कहा ᳰक

महोदय, हमारे िव᳇ान िमᮢ ने जो कुछ कहा है उसके संबंध मᱶ कुछ िब᭠दुᲐ का उ᭨लेख करने कᳱ अनुमित

चाहता ᱠं, ‘‘माननीय सद᭭य ᮧो० (डॉ०) रामबली ᳲसह कᳱ सद᭭यता से िनरहᭅता के संबंध मᱶ माननीय

पटना उᲬ ᭠यायालय मᱶ यािचका सं᭎या 17852 ऑफ 2023 डाली गई। यह यािचका पूणᭅ ᱨप से मामले को

अिधक देर तक लटकाने या ल᭥बा खᱭचने के उ᳎े᭫य से ᳰकया गया है। माननीय उᲬ ᭠यायालय को ᮪िमत

करने के उ᳎े᭫य से यह यािचका दायर कᳱ गई िजसमᱶ माननीय उᲬ ᭠यायालय के समᭃ कहा गया ᳰक

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ǐबहार गजट (असाधारण) 8 फरवरȣ 2024

िबहार िवधान पᳯरषद् सद᭭ य (दल पᳯरवतᭅन के आधार पर िनरहᭅता) िनयम, 1994 के िनयम -6(2) के

अधीन दी गई नोᳯटस को ᭠ याियक नहᱭ माना जा सकता है। इसमᱶ माननीय उᲬ ᭠यायालय ने अपने

᭠यायादेश मᱶ ᭭प᳥ कहा ᳰक यािचकाकताᭅ को अपनी बात माननीय सभापित महोदय के समᭃ रखनी

चािहए। इसमᱶ यह भी कहा गया ᳰक यᳰद शो काऊज उनके ᳇ारा जारी ᳰकया गया है तो इसका जवाब भी

माननीय सभापित महोदय को ᳰदया जाना चािहए। इस ᮧकार माननीय कोटᭅ ने इस मामले पर िवचार

करने से इनकार कर ᳰदया।’’ मेरा कहना है ᳰक संिवधान कᳱ दसवᱭ अनुसूची मᱶ ᭭प᳥ ᮧावधान ᳰकया गया है

और इस मामले मᱶ माननीय उᲬतम ᭠यायालय और माननीय उᲬ ᭠यायालय ᳇ारा पाᳯरत िविभ᳖

᭠यायादेशᲂ मᱶ ि᭭थित िबलकुल ᭭प᳥ कर दी गई है। इस संबंध मᱶ यह कहना है ᳰक िव᳇ान अिधवᲦा ᳇ारा

िसफᭅ इस आधार पर यािचका को िनर᭭त करने का अनुरोध ᳰकया गया है ᳰक इसमᱶ दल पᳯरवतᭅन के

आधार पर िनरहᭅता िनयम, 1994 का िनयम 6 का अनुपालन नहᱭ ᳰकया गया है। कई मामलᲂ मᱶ हमारे

िमᮢ ने इसी धारा-6 को उ᭞धृत ᳰकया है और हरेक बार इनके तकᭅ को नहᱭ माना गया है। इनका यह तकᭅ

शगुिनया तकᭅ है िजसका उपयोग ये हरेक बार करते हᱹ और हरेक बार कोटᭅ ᳇ारा इसे ᭭वीकार नहᱭ ᳰकया

जाता है। रिव एस. नायक बनाम यूिनयन ऑफ इंिडया एंड अदसᭅ के मामले मᱶ भी (Civil Appeal No.

2904 of 1993 with C.A. No. 3309 of 1993, decided on February 9, 1994) चेयरमैन को यह

अिधकार नहᱭ ᳰदया गया है ᳰक एक बार यᳰद कायᭅवाही आरंभ हो जाए, नोᳯटस इ᭫ यू हो जाए तो वह

ᮧोिसᳲड᭏स को रोक सकता है अथवा ᳯर᭪ यू कर सकता है,दसवᱭ अनुसूची मᱶ यह अिधकार नहᱭ ᳰदया गया

है। Kihoto Hollohan मामले मᱶ भी माननीय उᲬतम ᭠यायालय ने ऐसा ही ᭠यायादेश पाᳯरत ᳰकया है।

एक और मामले को कोट करना उिचत समझता ᱠं हालांᳰक इस केस मᱶ मᱹ हार गया था पर᭠तु

इसमᱶ से िनकली कुछ िब᭠दुएं यहां संदᳶभत होनेवाली हᱹ। यह केस 2009 SCC Online Pat 1399: (2009)

4 PLJR 240:, Jai Narayan Prasad Nishad Vs. The Union of India, through the Secretary,

Parliamentary Affairs, New Delhi and Ors. CWJC No. 5914 of 2008 है और इसमे संबंिधत

जजमᱶट डॉ᭍युमᱶ᭗स मᱶ लगा दी गई है।

᭄ाने᭠ᮤ ᳲसह मामले मᱶ िव᳇ान अिधवᲦा एस०बी०के० मंगलम ने सुनवाई से पूवᭅ यह अनुरोध

ᳰकया ᳰक उपरोᲦ वादᲂ मᱶ सवᭅᮧथम इ᭫यू ᮨेम ᳰकया जाना चािहए और उसके उपरा᭠त ही अᮕतर सुनवाई

होनी चािहए जबᳰक ᮰ी शाही ने यह कहा ᳰक अ᭟यᭃ, िबहार िवधान सभा ᳇ारा संिवधान कᳱ 10वᱭ

अनुसूची मᱶ जो वाद िनणᭅयाथᭅ लाया जाता है उसमᱶ सी.पी.सी. अथवा सा᭯य अिधिनयम अथवा अ᭠य

ᮧᳰᮓया᭜मक अिधिनयमᲂ का अᭃरशः अनुपालन कᳱ बा᭟यता नहᱭ है ᭍यᲂᳰक अ᭟यᭃ सᭃम दीवानी

᭠यायालय कᳱ ᮧᳰᮓयाᲐ मᱶ बंधे ᱟए नहᱭ हᱹ। अ᭟यᭃ को माᮢ यह सुिनि᳟त करना है ᳰक सभी पᭃᲂ को

सुनवाई का अवसर ᮧदान ᳰकया जाय, नैसᳶगक ᭠याय का अनुपालन एवं पᭃकारᲂ कᳱ सभी दलीलᲂ को

सुनने के उपरा᭠त िनणᭅय ᳰकया जाए।

᮰ी िगरी ᳇ारा कहा गया ᳰक 2.15 बजे पटना उ᭒ च ᭠ यायालय केस कᳱ सुनवाई है। इनके ᳇ारा

आगे कहा गया ᳰक ‘‘मᱹने सारे त᭝य आपके सामने रख ᳰदए हᱹ। इस संबंध मᱶ महाच᭠ᮤ ᮧसाद ᳲसह का केस,

रिव एस. नायक का केस, ᳰकहोटो होलोहन का केस, जय नारायण ᮧसाद िनषाद का केस एवं अ᭠ य मामले

उ᭞धृत एवं दािखल हᱹ। यहां माननीय अ᭟यᭃ, िबहार िवधान सभा ᳇ारा ᳰदया गया ᭠याय िनणᭅय, ᭄ाने᭠ᮤ

कुमार ᳲसह और कलाभारती एडवरटाइᳲजग एवं अ᭠ य मामले से संबंिधत ᭠याय िनणᭅय भी अटैच ᳰकया

गया है। हमारे िव᳇ान साथी ने िबहार िवधान पᳯरषद् सद᭭य (दल पᳯरवतᭅन के आधार पर िनरहᭅता)

िनयम, 1994 के कितपय िव᭠दुᲐ के आधार पर जो आपिᱫ ᳰकया है. यह िब᭨ कुल िनराधार है। एक और

8

ǐबहार गजट (असाधारण) 8 फरवरȣ 2024

कारण है ᳰक दसवᱭ अनुसूची से संबंिधत यह ᮧ᭜यायुᲦ िवधान है, मूल अिधिनयम मᱶ यह नहᱭ है। ᮰ी िगरी

᳇ारा माननीय सवᲃ᭒ च ᭠ यायालय ᳇ारा पाᳯरत आदेश महाच᭠ ᮤ ᮧसाद ᳲसह बनाम सभापित, िबहार

िवधान पᳯरषद् एवं अ᭠ य (2004) 8 एस०सी०सी० 447 के पैराᮕाफ 13, 16 एवं 18 तथा रिव एस०

नायक एवं अ᭠ य बनाम यूिनयन ऑफ इंिडया एवं अ᭠ य 1994 Supp(2)SCC 641 का पैरा 18 को उ᭞धृत

ᳰकया गया।

Mahachandra Prasad Singh (Dr.) v. Chairman, Bihar Legislative

Council, (2004) 8 SCC 747

13.

It may be noted that under Paragraph 8, the Chairman or the Speaker of a House is

empowered to make rules for giving effect to the provisions of the Tenth Schedule.

The rules being delegated legislation are subject to certain fundamental factors.

Underlying the concept of delegated legislation is the basic principle that the

legislature delegates because it cannot directly exert its will in every detail. All it can

in practice do is to lay down the outline. This means that the intention of the

legislature, as indicated in the outline (that is the enabling Act), must be the prime

guide to the meaning of delegated legislation and the extent of the power to make it.

The true extent of the power governs the legal meaning of the delegated legislation.

The delegate is not intended to travel wider than the object of the legislature. The

delegate's function is to serve and promote that object, while at all times remaining

true to it. That is the rule of primary intention. Power delegated by an enactment does

not enable the authority by regulations to extend the scope or general operation of the

enactment but is strictly ancillary. It will authorise the provision of subsidiary means

of carrying into effect what is enacted in the statute itself and will cover what is

incidental to the execution of its specific provision. But such a power will not support

attempts to widen the purposes of the Act, to add new and different means of

carrying them out or to depart from or vary its ends. (See Section 59 in chapter

“Delegated Legislation” in Francis Bennion's Statutory Interpretation, 3rd Edn.) The

aforesaid principle will apply with greater rigour where rules have been framed in

exercise of power conferred by a constitutional provision. No rules can be framed

which have the effect of either enlarging or restricting the content and amplitude of

the relevant constitutional provisions. Similarly, the rules should be interpreted

consistent with the aforesaid principle.

16.

Sub-rule (1) of Rule 6 says that no reference of any question as to whether a member

has become subject to disqualification under the Tenth Schedule shall be made

except by a petition in relation to such member made in accordance with the

provisions of the said rule and sub-rule (6) of the same rule provides that every

petition shall be signed by the petitioner and verified in the manner laid down in the

Code of Civil Procedure for the verification of pleadings. The heading of Rule 7 is

“Procedure”. Sub-rule (1) of this rule says that on receipt of petition under Rule 6, the

Chairman shall consider whether the petition complies with the requirement of the

said rule and sub-rule (2) says that if the petition does not comply with the

requirement of Rule 6, the Chairman shall dismiss the petition. These Rules have

been framed by the Chairman in exercise of power conferred by Paragraph 8 of the

Tenth Schedule. The purpose and object of the Rules is to facilitate the job of the

Chairman in discharging his duties and responsibilities conferred upon him by

Paragraph 6, namely, for resolving any dispute as to whether a member of the House

has become subject to disqualification under the Tenth Schedule. The Rules being in

the domain of procedure, are intended to facilitate the holding of inquiry and not to

frustrate or obstruct the same by introduction of innumerable technicalities. Being

subordinate legislation, the Rules cannot make any provision which may have the

effect of curtailing the content and scope of the substantive provision, namely, the

9

ǐबहार गजट (असाधारण) 8 फरवरȣ 2024

Tenth Schedule. There is no provision in the Tenth Schedule to the effect that until a

petition which is signed and verified in the manner laid down in CPC for verification

of pleadings is made to the Chairman or the Speaker of the House, he will not get the

jurisdiction to give a decision as to whether a member of the House has become

subject to disqualification under the Schedule. Paragraph 6 of the Schedule does not

contemplate moving of a formal petition by any person for assumption of jurisdiction

by the Chairman or the Speaker of the House. The purpose of Rules 6 and 7 is only

this much that the necessary facts on account of which a member of the House

becomes disqualified for being a member of the House under Paragraph 2, may be

brought to the notice of the Chairman……

18.

….. For the reasons stated earlier, we are of the opinion that the provisions of Rules

6 and 7 are directory in nature and on account of non-filing of an affidavit as required

by sub-rule (4) of Order 6 Rule 15 CPC, the petition would not be rendered invalid

nor would the assumption of jurisdiction by the Chairman on its basis be adversely

affected or rendered bad in any manner. A similar contention was raised before a

Bench presided by Venkatachaliah, C.J. in Ravi S. Naik v. Union of India [1994 Supp

(2) SCC 641] but was repelled……

Ravi S. Naik v. Union of India, 1994 Supp (2) SCC 641

18.

………………. It was also submitted that the petitions were also not verified in the

manner laid down in the Code of Civil Procedure for the verification of pleadings and

thus there was non-compliance of sub-rule (6) of Rule 6 also and that in view of the

said infirmities the petitions were liable to be dismissed in view of sub-rule (2) of

Rule 7. We are unable to accept the said contention of Shri Sen. The Disqualification

Rules have been framed to regulate the procedure that is to be followed by the

Speaker for exercising the power conferred on him under sub-paragraph (1) of

paragraph 6 of the Tenth Schedule to the Constitution. The Disqualification Rules

are, therefore, procedural in nature and any violation of the same would amount to an

irregularity in procedure which is immune from judicial scrutiny in view of sub-

paragraph (2) of paragraph 6 as construed by this Court in KihotoHollohan

case [1992 Supp (2) SCC 651] . Moreover, the field of judicial review in respect of

the orders passed by the Speaker under sub-paragraph (1) of paragraph 6 as construed

by this Court in KihotoHollohan case [1992 Supp (2) SCC 651] is confined to

breaches of the constitutional mandates, mala fides, non-compliance with Rules of

Natural Justice and perversity. We are unable to uphold the contention of Shri Sen

that the violation of the Disqualification Rules amounts to violation of constitutional

mandates. By doing so we would be elevating the rules to the status of the provisions

of the Constitution which is impermissible. Since the Disqualification Rules have

been framed by the Speaker in exercise of the power conferred under paragraph 8 of

the Tenth Schedule they have a status subordinate to the Constitution and cannot be

equated with the provisions of the Constitution. They cannot, therefore, be regarded

as constitutional mandates and any violation of the Disqualification Rules does not

afford a ground for judicial review of the order of the Speaker in view of the finality

clause contained in sub-paragraph (1) of paragraph 6 of the Tenth Schedule as

construed by this Court in KihotoHollohan case.

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ǐबहार गजट (असाधारण) 8 फरवरȣ 2024

अपने तकᭅ के समथᭅन मᱶ ᮰ी वाई० वी० िगरी वरीय अिधव᭍ ता ᳇ारा िविभ᳖ सदन, माननीय

उ᭒ च एवं सवᲃ᭒ च ᭠यायालयᲂ ᳇ारा ᳰदए गए िनणᭅयᲂ को उ᭞धृत करते ᱟए उनकᳱ छाया ᮧितयां दािखल

ᳰकया गया, जो िन᭥ नांᳰकत है :

SI. No.

Case Law

1.

Dr. Mahachandra Prasad Singh V. Chairman,

Bihar Legislative Council & Ors.(2004) 8 SCC 747

2.

Ravi S. Naik v. Union of India & Ors.1994 Supp (2) SCC 641

3.

Kihoto Hollohan V. Zachillhu & Ors.1992 Supp (2) SCC 651

4

Jai Narayan Prasad Nishad V. The Union of India & Ors

2009 SCC 1399/2009 4 PLJR 240

5

Hon’ble Speaker Bihar Vidhan Sabha, Patna

Order dated 01.11.2014

6

Gyanendra Kumar Singh V The State of Bihar & Ors.

LPA 83/2015

7

Kalabharti Advertising V Hemant Vimlanath & Ors.

2010 9 SCC 437

इस पर ᮰ी एस०बी०के० मंगलम, अिधव᭍ ता ने कहा ᳰक माननीय उᲬतम ᭠यायालय ᳇ारा

रिव.एस. नायक केस मᱶ ᳰदए गए जजमᱶट का हवाला हमारे िमᮢ ने ᳰदया है, उ᭠हᱭ दोनᲂ मामलᲂ को यहां

उद् धृत ᳰकया गया है। इसके आधार पर ही कहा गया है ᳰक सी.पी.सी. कᳱ ᮧᳰᮓया का पालन नहᱭ ᳰकया

गया है और शपथ पᮢ पर समᳶपत नहᱭ ᳰकयागया है। हमने यह नहᱭ कहा है ᳰक इ᭠हᲂने सी.पी.सी. का

पालन नहᱭ ᳰकया है। मᱹ ᭟यान आकृ᳥ करना चाहता ᱠं ᳰक यािचकाकᱫाᭅ कᳱ ओर से दािखल िनणᭅय ᮰ी

᭄ाने᭠ ᮤ कुमार ᳲसह एवं अ᭠ य के मामले माननीय अ᭟ यᭃ िबहार िवधान सभा ᳇ारा ᳰदनांक –

01.11.2014 के िनणᭅय मᱶ इसमᱶ बाᱨ राम एआईआर 1959 SC 893, उ᭞धृत है। परंतु इसमे बाᱨ राम

नहᱭ देखा गया है और गलत पृ᭬ ठ कोट ᳰकया गया है नाम बाᱨ राम है जजमᱶट काᱨ राम का है और

जजमᱶट मᱶ पृ᭬ ठ 893 नहᱭ है, पृ᭬ ठ 93 है। मेरा यही कहना है ᳰक इसमᱶ गलत पृ᳧ᲂ का उ᭨लेख ᳰकया गया

है।

इस पर माननीय सद᭭ य डॉ० सुिनल कुमार ᳲसह के अिधव᭍ ता ᮰ी वाई०बी०िगरी कᳱ सहायक

अिधव᭍ ता सु᮰ी सृ᭬ टी ने कहा ᳰक इसमᱶ सी.पी.सी. का पालन नहᱭ करना था और दूसरा जो वे पृ᳧ सं᭎या

कह रहे हᱹ, वह टाईᳲपग एरर है। केस वही है।

उपरो᭍ त त᭝ यᲂ, तकᲄ एवं अिभलेख के अवलोकन के आधार पर मᱹ यह पाता ᱠँ ᳰक Rule– 6 एवं

7 के संबंध मᱶ कᳱ गयी ᮧो०(डॉ०) रामबली ᳲसह कᳱ Maintainability संबंधी आपिᱫ कᳱ वा᭭ तिवकता यह

है ᳰक माननीय सद᭭ य डॉ० सुिनल कुमार ᳲसह ᳇ारा दी गयी यािचका ᳰदनांक – 02.11.2023 केवल दो

पृ᭬ ठ कᳱ है जो यािचकाकᱫाᭅ ᳇ारा ह᭭ ताᭃᳯरत है एवं िसिवल ᮧᳰᮓया संिहता 1908 के ᮧावधान के आलोक

मᱶ स᭜ यािपत (वेरीफाइड) है तथा बीस पृ᭬ ठ का अनुल᭏ नक भी यािचकाकᱫाᭅ ᳇ारा ह᭭ ताᭃᳯरत है। वैसे भी

᮰ी वाई०वी िगरी िव᳇ान अिधव᭍ ता कᳱ ओर से दािखल िनणᭅयᲂ मᱶ िनधाᭅᳯरत है ᳰक Provisions of Rule

6 & 7 are directory in nature and on account of non-compliance with the provision of order

11

ǐबहार गजट (असाधारण) 8 फरवरȣ 2024

VI Rule 15(4) of CPC the petition would not be rendered invalid [(2004) 8 SCC 747 Dr.

Mahachandra Prasad Singh V. Chairman, Bihar Legislative Council & Ors. एवं Ravi S Naik

& Vs Union of India & Ors., 1994 Supp(2) SCC 641] इसिलए ᮧो०(डॉ०) रामबली ᳲसह कᳱ ओर

से कᳱ गई आपिᱫ मᱶ बल नहᱭ पाता ᱠं।

माननीय सद᭭ य ᮧो० (डॉ०) रामबली ᳲसह ने अपने Written statement raising preliminary

issue regarding maintainability of complaint शपथ पᮢ से समᳶथत ᳰदनांक- 15.12.2023 एवं अपनी

सुनवाई के दौरान, कहᱭ भी माननीय सद᭭ य डॉ० सुिनल कुमार ᳲसह के यािचका एवं जवाब मᱶ वᳶणत

अ᭠ य त᭝ यᲂ के साथ-साथ यह त᭝ य कᳱ ‘‘रा᭬ ᮝीय जनता दल का सद᭭ य रहते ᱟए वह िवधान मंडल दल के

नेता पर मनगढंत आरोप लगाए ᳰक ‘‘तेज᭭ वी ᮧसाद यादव भी पीते हᱹ शराब’’। दल के नीित के िखलाफ

अितिपछड़ा समाज को खंिडत करने के उ᳎े᭫ य से तेली, तमोली (चौरिसया) और दांगी जाित को मूल

अितिपछड़ा ᮰ेणी से अलग करने संबंधी बयान ᳰदए एवं बैनर पो᭭ टर लगाकर पदयाᮢा और स᭥ मेलन

ᳰकए। इस कायᭅᮓम मᱶ न तो दल का चुनाव िच᭮न पो᭭ टर पर लगाए और न ही दल का झंडा लगाए। जाित

आधाᳯरत गणना के िखलाफ बयान ᳰदये ᳰक,: नीतीश सरकार ने जाित आधाᳯरत गणना मᱶ बड़ी चालाकᳱ

से घालमेल ᳰकया है इस तरह के बयान से भारतीय जनता पाटᱮ सिहत िवपᭃी दलᲂ ᳇ारा लगाए गए

अनगᭅल आरोप कᳱ पुि᳥ होती है’’ का खंडन नहᱭ ᳰकया। इसी ᮧकार डॉ० सुिनल कुमार ᳲसह के यािचका के

साथ संल᭏ न पᮢᲂ एवं समाचार पᮢᲂ कᳱ छाया ᮧित मᱶ वᳶणत त᭝ यᲂ का भी खंडन ᮧो० ( डॉ०) रामबली

ᳲसह के ᳇ारा उनको समुिचत अवसर ᮧदान करने के बावजूद भी उनके ᳇ारा नहᱭ ᳰकया गया।

इससे ᭭ प᭬ ट है ᳰक डॉ० सुिनल कमार ᳲसह के यािचका एवं उसके अनुबंध मᱶ ᮧो० (डॉ०) रामबली

ᳲसह माननीय सद᭭ य के िवᱨ᳍ लगाये गये आरोप सही हᱹ। 10वᱭ अनुसची के पैराᮕाफ 2(1) (क) ‘‘᭭ वे᭒ छा

से अपनी सद᭭ यता छोड़ दी, इ᭭ तीफा का पयाᭅय नहᱭ है और इसका ᭪ यापक अथᭅ है । कोई ᭪ यिᲦ ᭭ वे᭒ छा

से ᳰकसी राजनीितक दल कᳱ सद᭭ यता छोड़ सकता है, भले ही उसने उस दल कᳱ सद᭭ यता से अपना

इ᭭ तीफा न ᳰदया हो। यहां तक ᳰक सद᭭ यता से औपचाᳯरकता इ᭭ तीफे के अभाव मᱶ भी ᳰकसी सद᭭ य के

आचरण से यह अनुमान लगाया जा सकता है ᳰक उसने ᭭ वे᭒ छा से उस राजनीितक दल कᳱ स᭭ यता छोड़ दी

है, िजसका वह सद᭭ य है ऐसा रिव एस० नायक बनाम भारत संघ मᱶ माननीय सवᲃ᭒ च ᭠ यायालय ᳇ारा

िनधाᭅᳯरत ᳰकया गया है।’’

साथ ही इस मामले मᱶ माननीय सवᲃ᭒ च ᭠ यायालय ᳇ारा Kihoto Hollohan V. Zachillhu &

Ors.1992 Supp (2) SCC 651 के केस मᱶ पाᳯरत ᭠ याय िनणᭅय को संदᳶभत करना ᮧासंिगक है। उ᭍ त केस का पैरा 44

नीचे उ᭞धृत है :

“But a political party functions on the strength of shared believes. Its own political

stability and social utility depends on such shared beliefs and concerted action of its

Members in furtherance of those commonly held principles. Any freedom of its

Members to vote as they please independently of the political party's declared

policies will not only embarrass its public image and popularity but also undermine

public confidence in it which, in the ultimate analysis, is its source of sustenance-

nay, indeed, its very survival. (emphasis supplied). Intra-party debates are of course

a different thing. But a public image of disparate stands by Members of the same

political party is not looked upon, in political tradition, as a desirable state of things.

12

ǐबहार गजट (असाधारण) 8 फरवरȣ 2024

Griffith and Ryle on parliament Functions, Practice and Procedure (1989 Edn., P.

119) say:

‘Loyalty to party is the norm, being based on shared beliefs. A divided party is

looked on with suspicion by the electorate. It is natural for Members to accept the

opinion of their leaders and spokesmen on the wide variety of matters on which

those Members have no specialist knowledge. Generally Members will accept

majority decisions in the party even when they disagree. It is understandable

therefore that a Member who rejects the party whip even on a single occasion will

attract attention and more criticism than sympathy. To abstain from voting when

required by party to vote is to suggest a degree of unreliability. To vote against party

is disloyalty. To join with others in abstention or voting with the other side smacks of

conspiracy.’ ”

वतᭅमान मामले मᱶ वादी और ᮧितवादी दोनᲂ पᭃᲂ कᳱ दलीलᱶ सुनने के प᭫ चात मᱹ इस िन᭬ कषᭅ पर

पᱟँचा ᱠँ ᳰक भारत के संिवधान के अनु᭒ छेद- 19(1)(क) मᱶ नागᳯरकᲂ को भाषण और अिभ᭪ यिᲦ का

मौिलक अिधकार ᮧा᭡ त है, परंतु यᳰद कोई नागᳯरक ᳰकसी राजनीितक दल के सद᭭ य कᳱ हैिसयत से सदन

का सद᭭ य है तो उसे अपने आचरण एवं ᭪ यवहार से दल के अनुशासन, संिवधान और िनयम के अनुपालन

हेतु सदैव त᭜ पर रहते ᱟए पुनीत कतᭅ᭪ य का िनवᭅहन भी सुिनि᭫ चत करना चािहए। इसिलए माननीय

सद᭭ य ᮧो०(डॉ०) रामबली ᳲसह का उपरो᭍ त वᳶणत कृ᭜ य, आचरण एवं ᭪ यवहार से ᭭ प᭬ ट है ᳰक उ᭠ हᲂने

अपने मूल राजनीितक दल, रा᭬ ᮝीय जनता दल का ᭭ वे᭒ छया पᳯरत् याग कर ᳰदया है।

अत: माननीय सद᭭ य डा० सुिनल कुमार ᳲसह, त᭜ कालीन उप मु᭎ य सचेतक (सᱫाᱨढ़ दल) कᳱ

यािचका ᳰदनांक- 02.11.2023 को ᭭ वीकार करते ᱟए मᱹ यह घोषणा करता ᱠँ ᳰक भारत के संिवधान के

अनु᭒ छेद 191(2) एवं संिवधान कᳱ दसवᱭ अनुसूची के पैरा- 2(क) तथा िबहार िवधान पᳯरषद् सद᭭ य (दल

पᳯरवतᭅन के आधार पर िनरहᭅता) िनयम, 1994 के ᮧावधानᲂ के आलोक मᱶ िबहार िवधान पᳯरषद् के

माननीय सद᭭ य ᮧो० (डॉ०) रामबली ᳲसह इस सदन के सद᭭ य होने से िनरᳶहत हो गए हᱹ।

अतएव भारत के संिवधान के अनु᭒ छेद 190(3) (क) के ᮧावधान के आलोक मᱶ िबहार िवधान

पᳯरषद् मᱶ माननीय सद᭭ य ᮧो०(डॉ०) रामबली ᳲसह का ᭭ थान आज, ᳰदनांक-06.02.2024.अपरा᭮न के

ᮧभाव से ᳯर᭍ त हो गया है।

आदेश से,

पटना,

(ह०)-अ᭭ प᭬ ट

ᳰदनांक- 06.02.2024

सभापित

िबहार िवधान पᳯरषद् ।

————

अधी¢क, सिचवालय मुġणालय,

ǐबहार, पटना Ʈारा Ĥकािशत एवं मुǐġत।

ǐबहार गजट (असाधारण) 107-571+100-डी0टȣ0पी0।

Website: http://egazette.bih.nic.in