असाधरण
EXTRAORDINARY
भाग II—खण्ड 3—उप-खण्ड ;iiद्ध
PART II—Section 3—Sub-section (ii)
प्राध्किार से प्रकाशित
PUBLISHED BY AUTHORITY
नई दिल्ली, सोमवार, जनवरी 13, 2014/पौष 23, 1935
सं. 85] नई दिल्ली,
No. 85] NEW DELHI,
, 1935
NEW DELHI, MONDAY, JANUARY 13, 2014/PAUSHA 23, 1935
श्रम और रोजगार मंत्रालय
अधिसूचना
नई दिल्ली, 13 जनवरी, 2014
का.आ. 85 (अ).- केन्द्रीय सरकार के संतुष्ट हो जाने पर कि लोकहित में ऐसा करना अपेक्षित था, औद्योगिक विवाद केन्द्रीय सरकार के संतुष्ट हो जाने पर कि लोकहित में ऐसा करना अपेक्षित था, औद्योगिक विवाद अधिनियम, 1947 (1947 का 14) की धारा 2 के खण्ड (ढ) के उपखंड (vi) के उपबंधों के अनुसरण में भारत सरकार के श्रम और ) के उपबंधों के अनुसरण में भारत सरकार के श्रम और अधिनियम, 1947 (1947 का 14) की धारा 2 के खण्ड (ढ) के उपखंड ( त्रालय की अधिसूचना संख्या का.आ. दिनांकः 16.07.2013 द्वारा खनिज तेल (कच्चा तेल) मोटर और विमानन रोजगार मंत्रालय की अधिसूचना संख्या का (कच्चा तेल) मोटर और विमानन ोकार्बन तेल और उनके मिश्रण जिनमें सिंथेटिक तेल, स्पिरिट, डीजल तेल, मिटृी का तेल, ई़़ंधन तेल विविध हाईड्र्र्रोकार्बन तेल और उनके मिश्रण जिन स्पिरिट, डीजल तेल, मिटृी का तेल, ई़़ंधन तेल विविध हाईड्र्र्र ल्युब्रिकेटिंग तेल और इसी प्रकार के तेल श्ाामिल हैं के निर्माण या उत्पादन में लगे उद्योग में से ल्युब्रिकेटिंग तेल और इसी प्रकार के तेल
ै के निर्माण या उत्पादन में लगे उद्योग में सेवाओं में हेै, जो कि औद्योगिक विवाद अधिनियम, 1947 (1947 का 14) की प्रथम अनुसूची की प्रविष्टि 26 में श्ाामिल है को उक्त अधिनियम के ामिल है को उक्त अधिनियम के औद्योगिक विवाद अधिनियम, 1947 (1947 का 14) की प्रथम अनुसूची की प्रविष्टि
2013 से छः मास की कालावधि के लिए लोक उपयोगी सेवा घोषित किया था; 2013 से छः मास की कालावधि के लिए लोक उपयोगी सेवा घोषित किया था; प्रयोजनों, के लिए दिनांकः 16.07.2013 से छः मास की कालावधि के लिए लोक उपयोगी सेवा घोषित किया था;
लोकहित में उक्त कालावधि को छः मास की और कालावधि के लिए बढ़ाया जाना और केन्द्रीय सरकार की राय है कि लोकहित में उक्त कालावधि को छः मास की और कालावधि के लिए बढ़ाया जाना और केन्द्रीय सरकार की राय है कि
अपेक्षित है;
अतः, अब, औद्योगिक विवाद अधिनियम, 1947 (1947 का 14) की धारा 2 के खण्ड (ढ) के उपखंड (vi) के परन्तुक अतः, अब, औद्योगिक विवाद अधिनियम, 1947 (1947 का 14) की धारा 2 के खण्ड (ढ) के उपखंड ( अतः, अब, औद्योगिक विवाद अधिनियम, 1947 (1947 का 14) की धारा 2 के खण्ड (ढ) के उपखंड ( द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, केन्द्रीय सरकार उक्त उद्योग को
क्तियों का प्रयोग करते हुए, केन्द्रीय सरकार उक्त उद्योग को उक्त अधिनियम के प्रयोजनों के लिए दिनांक
यम के प्रयोजनों के लिए दिनांक 16.1.2014 से छः मास की कालावधि के लिए लोक उपयोगी सेवा घोषित करती है।
से छः मास की कालावधि के लिए लोक उपयोगी सेवा घोषित करती है।
[फा. सं. एस-11017/6
एस-11017/6/97-आइ.आर.(पी.एल.)]
ए. सी. पाण्डे, संयुक्त सचिव 2 THE GAZETTE OF INDIA : EXTRAORDINARY [PART II—SEC. 3(ii)] MINISTRY OF LABOUR AND EMPLOYMENT NOTIFICATION
New Delhi, the 13th January, 2014
S .O. 85 (E).—Whereas the Central Government having been satisfied that the public interest so requires that in pursuance of the provisions of sub-clause (vi) of the clause (n) of Section 2 of the Industrial Disputes Act, 1947 (14 of 1947), declared by the Notification of the Government of India in the Ministry of Labour & Employment, dated 16.07.2013 the services in Industry engaged in manufacture or production of mineral oil (crude oil) motor and aviation spirit, diesel oil, kerosene oil, fuel oil, diverse hydrocarbon oils and their blends including synthetic fuels, Lubricating oils and the like which is covered by item 26 of the First Schedule to the Industrial Disputes Act,1947 (14 of 1947 ) to be a Public Utility Service for the purpose of the said Act, for a period of six months with effect from 16th July, 2013.
And whereas, the Central Government is of opinion that public interest requires the extension of the said period by a further period of six months.
Now, therefore, in exercise of the powers conferred by the proviso to sub-clause (vi) of clause (n) of Section 2 of the Industrial Disputes Act, 1947, the Central Government hereby declares the said industry to be a Public Utility Service for the purposes of the said Act, for a period of six months with effect from 16th January, 2014.
[ F. No. S.11017/ 6 / 97 – IR (PL)] A. C. PANDEY, Jt. Secy.