रजिस्ट्री सं. डी.एल.- 33004/99
REGD. No. D. L.-33004/99
सी.जी.-डी.एल.-अ.-07012026-269142
CG-DL-E-07012026-269142
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असाधारण
EXTRAORDINARY
भाग III—खण्ड 4
PART III—Section 4
प्राधिकार से प्रकाशित
PUBLISHED BY AUTHORITY
सं. 837] नई दिल्ली, मंगलवार, दिसम्बर 30, 2025/पौष 9, 1947 No. 837] NEW DELHI, TUESDAY, DECEMBER 30, 2025/PAUSHA 9, 1947
दिल्ली विश्वविद्यालय
vf/klwpuk
नई दिल्ली, 8 अगस्त, 2025
एफ.सं. सीएनसी-II/093/1(17)/2021-22/233:—दिल्ली विश्वविद्यालय अधिनियम 1922 (1922 का VIII) की धारा 31 की उप-धारा (1) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, कार्यकारी परिषद, विजिटर के अनुमोदन से, दिल्ली विश्वविद्यालय अध्यादेशों में और संशोधन करने के लिए निम्नलिखित संशोधन करती है, अर्थात्:-
1. संक्षिप्त शीर्षक और प्रारंभ:
(i) अध्यादेश V (2) और VII में संशोधन।
(ii) ये आधिकारिक राजपत्र में प्रकाशन की तिथि से लागू होंगे।
2. विश्वविद्यालय के अध्यादेशों के अध्यादेश V (2) और VII में परिणामी संशोधन निम्नानुसार प्रतिस्थापित किए जाएंगे:
(i) अध्यादेश V (2) और VII में संशोधन। [ई.सी. संकल्प 8-1-3 दिनांक 31.08.2021]
(1)
8805 GI/20252 THE GAZETTE OF INDIA : EXTRAORDINARY [PART III—SEC.4]
एम.एससी. जैव-रसायन
| वतर्मान | संशोधित | |||||||||||||||||||||
| भ ा ग I : सेमेस्टर I भ ा ग I : स म े स्टर II े भ ा ग I I : सेमेस्टर III | भ ा ग I : सेमेस्टर I भ ा ग I : स म े स्टर II े | |||||||||||||||||||||
| पेपर कोड | पेपर का शीर्षक | पाठ्यक्रम का प्रकार | क्र े डिट | पेपर कोड | पेपर का शीर्षक | पाठ्यक्रम का प्रकार | क्र े डिट | |||||||||||||||
| बीसीसीसी1 01 | प्रोटीन-संरचना, फोल्डिंग और इ ंजीनियररंग | मुख्य | 4 | बीसीसीसी1 01 | प्रोटीन-संरचना, फोल्डिंग और इ ंजीनियररंग | मुख्य | 4 | |||||||||||||||
| बीसीईसीई1 01 ब ीसीईसीई1 02 | स ंक्रामक रोग: आणविक आधार, नियंत्रण और रोकथाम अथवा मध्यवर्ती चयापचय और नैदानिक सहसंबंध | व ैकल्पिक | 4 | बीसीईसीई1 01 ब ीसीईसीई1 02 | स ंक्रामक रोग: आणविक आधार, नियंत्रण और रोकथाम अथवा मध्यवर्ती चयापचय और नैदानिक सहसंबंध | व ैकल्पिक | 4 | |||||||||||||||
| बीसीईसीई1 03 ब ीसीईसीई1 04 | जीवनशैली विकार: कैं सर और हृदय रोग अथवा ज ैव-रसायन विज्ञान में उन्नत तकनीकें | व ैकल्पिक | 4 | बीसीईसीई1 03 ब ीसीईसीई1 04 | जीवनशैली विकार: क ैं सर और हृदय रोग अथवा ज ैव-रसायन विज्ञान में उन्नत तकनीकें | व ैकल्पिक | 4 | |||||||||||||||
| बीसीसीसी1 02 | समसामयिक विषयों पर संगोष्ठी | मुख्य | 4 | बीसीसीसी1 02 | समसामयिक विषयों पर संगोष्ठी | मुख्य | 4 | |||||||||||||||
| बीसीसीसी1 03 | प्रैक्टिकल | मुख्य | 8 | बीसीसीसी1 03 | प्रैक्टिकल | मुख्य | 8 | |||||||||||||||
| क ु ल क्रे डिट | 24 | क ु ल क्रे डिट | 24 | |||||||||||||||||||
| पेपर कोड | पेपर का शीर्षक | पाठ्यक्रम का प्रकार | क्र े डिट | पेपर कोड | पेपर का शीर्षक | पाठ्यक्रम का प्रकार | क्र े डिट | |||||||||||||||
| बीसीसीसी 201 | कोशिका विज्ञान | मुख्य | 4 | ब ी स ी ओई201 जैव-रसायन विज्ञान | क ी म ल ू ब ा त ें | ख ु ल े व ै क ि ल्पक | 4 | |||||||||||||||
| बीसीसीसी 202 | प्रतिरक्षा विज्ञान और प्रतिरक्षा तकनीक | मुख्य | 4 | बीसीसीसी202 प्रतिरक्षा विज्ञान | और प्रतिरक्षा तकनीक | मुख्य | 4 | |||||||||||||||
| बीसीसीसी 203 | एंजाइम और उनके ज ैव-प्रौद्योगिकी अनुप्रयोग | मुख्य | 4 | |||||||||||||||||||
| ब ी स ी स ी स ी 203 एंजाइम और | उनके जैव- प्रौद्योगिकी अनुप्रयोग | मुख्य | 4 | |||||||||||||||||||
| बीसीसीसी 204 | आणविक जीव-विज्ञान | मुख्य | 4 | |||||||||||||||||||
| बीसीसीसी204 आणविक जीव- | विज्ञान | मुख्य | 4 | |||||||||||||||||||
| बीसीसीसी2 05 | प्रैक्टिकल | मुख्य | 8 | |||||||||||||||||||
| बीसीसीसी205 प्रैक्टिकल | मुख्य | 8 | ||||||||||||||||||||
| क ु ल क्रे डिट | 24 | |||||||||||||||||||||
| क ु ल क्रे डिट | 24 | |||||||||||||||||||||
| पेपर कोड | पेपर का शीर्षक | पाठ्यक्रम का प्रकार | क्र े डिट | भ ा ग | ||||||||||||||||||
| I I : सेमेस्टर III | ||||||||||||||||||||||
| पेपर कोड | पेपर का शीर्षक | पाठ्यक्रम का | क्र े डिट | |||||||||||||||||||
| भाग II: सेमेस् टर IV | बीसीसीसी301 जैव-प्रौद्योगिकी में | पुनः संयोजक डीएनए प्रौद्योगिकी और अनुप्रयोग | मुख्य | 4 | प्रकार | |||||||||||
| बीसीसीसी301 प्रौद्योगिकी में पुनः | संयोजक डीएनए प्रौद्योगिकी और अनुप्रयोग | मुख्य | 4 | |||||||||||||
| बीसीसीसी302 विकासात्मक जीव- | विज्ञान | मुख्य | 4 | |||||||||||||
| बीसीसीसी302 विकासात्मक जीव- | ||||||||||||||||
| विज्ञान | मुख्य | 4 | ||||||||||||||
| बीसीसीसी303 प्रोटिओमिक्स और | मेटाबोलोमिक्स | मुख्य | 4 | |||||||||||||
| स ी स | ी स | ी303 कोशिका विज्ञान | मुख्य | 4 | ||||||||||||
| बीसीसीसी304 प्रस्तुति: अनुसंधान में अवधारणाएँ | मुख्य | 4 | बीसीसीसी304 प्रस्तुति: अनुसंधान | में अवधारणाएँ | मुख्य | 4 | ||||||||||
| बीसीसीसी305 अनुसंधान में | व्यावहारिक कौशल | मुख्य | 8 | बीसीसीसी305 अनुसंधान में | मुख्य | 8 | ||||||||||
| व्यावहारिक कौशल | ||||||||||||||||
| क ु ल क्रे डिट | 24 | क ु ल क्रे डिट | 24 | |||||||||||||
| भाग II: सेमेस् टर IV | ||||||||||||||||
| पेपर कोड | पेपर का शीर्षक | पाठ्यक्रम का प्रकार | क्र े डिट | पेपर कोड | पेपर का शीर्षक | पाठ्यक्रम का प्रकार | क्र े डिट | |||||||||
| बीसीसीसी40 1 | ज ैव-प्रौद्योगिकी के लिए | मुख्य | 4 | बीसीसीसी401 जैव-प्रौद्योगिकी | मुख्य | 4 | ||||||||||
| जीनोमिक्स में उन्नत तकनीकें | क े लिए जीनोमिक्स में उन्नत तकनीकें | |||||||||||||||
| बीसीओई401 जैव-रसायन विज्ञान की म ल ू ब ा त ें | ख ुले व ैकल्पिक | 4 | ||||||||||||||
| बीसीसीसी402 शोध पर मंथन | मुख्य | 16 | ||||||||||||||
| बीसीसीसी40 2 | शोध पर मंथन | मुख्य | 16 | ब ी सीसीसी403 प्रोटिओमिक्स और | म े ट ा ब ो लोमिक्स | मुख्य | 4 | |||||||||
| क ु ल क्रे डिट | 24 | क ु ल क्रे डिट | 24 | |||||||||||||
(i) अध्यादेश V (2) और VII में संशोधन। [ई.सी. संकल्प 8-1-4 दिनांक 31.08.2021]
एम.एससी. जैव-भौतिकी
| वतर्मान | संशोधित | ||||||||||
| भ ा ग I : सेमेस्टर I | भ ा ग I : सेमेस्टर I | ||||||||||
| पेपर कोड | पेपर का शीर्षक | पाठ्यक्रम का प्रकार | क्र े डिट | पेपर कोड | पेपर का शीर्षक | पाठ्यक्रम का प्रकार | क्र े डिट | ||||
| बीपीसीसी1 01 अथवा बीपीसीसी1 02 | प्रारंभिक जीव-विज्ञान (भौतिक विज्ञान पृष्ठभूमि वाले छात्रों के लिए) अथवा प्रारंभिक भौतिकी एवं रसायन विज्ञान (जैविक विज्ञान पृष्ठभूमि वाले छात्रों क े लिए) | मुख्य | 4 | बीपीसीसी10 1:अथवा बीपीसीसी1 02 | प्रारंभिक जीव-विज्ञान (भौतिक विज्ञान पृष्ठभूमि वाले छात्रों के लिए) अथवा प्रारंभिक भौतिकी एवं रसायन विज्ञान (जैविक विज्ञान पृष्ठभूमि वाले छात्रों के लिए) | मुख्य | 4 | ||||
| बीपीसीसी1 03 | जीवन विज्ञान के लिए गणित और सांख्यिकी | मुख्य | 4 | ||||||||
| बीपीसीसी1 03 | जीवन विज्ञान के लिए गणित और सांख्यिकी | मुख्य | 4 | ||||||||
| बीपीसीसी1 04 | ज ैव-रसायन विज्ञान की अवधारणाएँ | मुख्य | 4 | ||||||||
| भ ा ग I : स म े स्टर II े भ ा ग I I : स म े स्टर III े | एमबीसीसी3 01 | आणविक जीव-विज्ञान (सूक्ष्मजीव-विज्ञान विभाग, दिल्ली विश्वविद्यालय दक्षिण परिसर से) | मुख्य | 4 | भ ा ग I : स म े स्टर II े भ ा ग I I : स म े स्टर III े | बीपीसीसी1 04 | ज ैव-रसायन विज्ञान की अवधारणाएँ | मुख्य | 4 | |||||||
| ब ी प ी स ी स ी 1 05 | ज ी व - ि वज्ञान में कंप्यूटर अनुप्रयोग | म ख्य ु | 4 | |||||||||||||
| बीपीसीसी1 05 | प्रैक्टिकल (बीपीसीसी104 और एमबीसीसी 301 पर आधारित) | मुख्य | 8 | |||||||||||||
| ब ी प ी स ी स ी 1 06 | प्र ि ै क्टकल-I(बीपीसीसी 104 और बीपीसीसी 105 पर आधारित) | म ख्य ु | 8 | |||||||||||||
| क ु ल क्रे डिट | 24 | |||||||||||||||
| क ु ल क्रे डिट | 24 | |||||||||||||||
| पेपर कोड | पेपर का शीर्षक | पाठ्यक्रम का प्रकार | क्र े डिट | |||||||||||||
| पेपर कोड | पेपर का शीर्षक | पाठ्यक्रम का प्रकार | क्र े डिट | |||||||||||||
| बीपीसीसी 021 | आणविक जैव-भौतिकी | मुख्य | 4 | |||||||||||||
| बीपीसीसी 201 | आणविक जैवभौतिकी | मुख्य | 4 | |||||||||||||
| बीपीसीसी202 | जीव-विज्ञान में भौतिक विधियाँ | मुख्य | 4 | |||||||||||||
| बीपीसीसी 202 | जीव-विज्ञान में भौतिक विधियाँ | मुख्य | 4 | |||||||||||||
| जीईएनसीसी 204 | पुनः संयोजक डीएनए प्रौद्योगिकी (आनुवांशिकी विभाग, दिल्ली विश्वविद्यालय दक्षिण परिसर से) | मुख्य | 4 | |||||||||||||
| जीईएनसीसी 204 | पुनः संयोजक डीएनए प्रौद्योगिकी (आनुवांशिकी विभाग, दिल्ली विश्वविद्यालय दक्षिण परिसर से) | मुख्य | 4 | |||||||||||||
| बीपीसीसी203 | प्रैक्टिकल (कागज़ पर आधारित) बीपीसीसी 201, बीपीसीसी 202, जीईएनसीसी204) | मुख्य | 8 | |||||||||||||
| बीपीसीसी 203 | प्रैक्टिकल-II (पेपर बीपीसीसी201, बीपीसीसी202, जीईएनसीसी204 पर आधारित) | मुख्य | 8 | |||||||||||||
| बीपीईसी201 अथवा बीपीईसी 202 | फोटो -जैवभौतिकी, विकिरण एवं पर्यावरणीय ज ैवभौतिकी अथवा प्रोग्रामिंग एवं डेटा विश्लेषण | व ैकल्पिक | 4 | |||||||||||||
| बीपीईसी201 अथवा बीपीईसी202 | फोटो-जैव-भौतिकी, विकिरण एवं पर्यावरणीय ज ैवभौतिकी अथवा प्रोग्रामिंग एवं डेटा विश्लेषण | व ैकल्पिक | 4 | |||||||||||||
| क ु ल क्रे डिट | 24 | |||||||||||||||
| क ु ल क्रे डिट | 24 | |||||||||||||||
| पेपर कोड | पेपर का शीर्षक | पाठ्यक्रम का प्रकार | क्र े डिट | |||||||||||||
| पेपर कोड | पेपर का शीर्षक | पाठ्यक्रम का प्रकार | क्र े डिट | |||||||||||||
| बीपीसीसी 301 | कोशिकीय ज ैव-भौतिकी और जैव- ऊर्जा विज्ञान | मुख्य | 4 | |||||||||||||
| बीपीसीसी 301 | कोशिकीय जैव-भौतिकी और जैव-ऊर्जा विज्ञान | मुख्य | 4 | |||||||||||||
| बीपीसीसी 302 | शारीरिक जैव-भौतिकी | मुख्य | 4 | |||||||||||||
| बीपीसीसी 302 | जीव-विज्ञान में कं प्यूटर अनुप्रयोग | मुख्य | 4 | |||||||||||||
| बीपीसीसी | शारीरिक जैवभौतिकी | मुख्य | 4 |
| भाग II: सेमेस् टर IV | 303 | भाग II: सेमेस् टर IV | एमबीसीसी 301 | आणविक जीव-विज्ञान (सूक्ष्मजीव-विज्ञान ि वभाग, दिल्ली ि वश्वविद्यालय दक्षिण प ि रसर से) | म ख्य ु | 4 | ||||||||
| बीपीसीसी 304 | प्रैक्टिकल-III (पेपर बीपीसीसी301, बीपीसीसी302, बीपीसीसी303 पर आधारित) | मुख्य | 8 | |||||||||||
| ब ी प ी स ी स ी 3 03 | प्रैक्टिकल-III ब ी प ी स ी स ी 301, ब ी प ी स ी स ी 302, एमबीसीसी303 पर आधारित) | मुख्य | 8 | |||||||||||
| बीपीईसी30 1 अथवा बीसीसीसी3 02 | उच्च-प्रवाह जीव-विज्ञान में विधियाँ अथवा विकासात्मक जीव- विज्ञान (जैव-रसायन विभाग, दिल्ली विश्वविद्यालय दक्षिण परिसर से) | व ैकल्पिक | 4 | |||||||||||
| बीपीईसी 301 अथवा बीसीसीसी 302 | उच्च-प्रवाह जीव-विज्ञान में विधियाँ अथवा विकासात्मक जीव- विज्ञान (जैव-रसायन विभाग, दिल्ली विश्वविद्यालय दक्षिण परिसर से) | व ैकल्पिक | 4 | |||||||||||
| क ु ल क्रे डिट | 24 | |||||||||||||
| क ु ल क्रे डिट | 24 | |||||||||||||
| पेपर कोड | पेपर का शीर्षक | पाठ्यक्रम का प्रकार | क्र े डिट | |||||||||||
| बीपीसीसी 401 | झिल्ली जैवभौतिकी और तंत्रिका- ज ैवभौतिकी | मुख्य | 4 | |||||||||||
| पेपर कोड | पेपर का शीर्षक | पाठ्यक्रम का प्रकार | क्र े डिट | |||||||||||
| बीपीसीसी 402 | शोध-प्रबंध/परियोजना | मुख्य | 16 | |||||||||||
| बीपीसीसी 401 | झिल्ली जैवभौतिकी और तंत्रिका-जैवभौतिकी | मुख्य | 4 | |||||||||||
| बीपीओई 401 | स ैद्ांतिक एवं गणितीय जीव-विज्ञान | ख ुले व ैकल्पिक | 4 | |||||||||||
| बीपीसीसी 402 | शोध-प्रबंध/परियोजना | मुख्य | 16 | |||||||||||
| क ु ल क्रे डिट | 24 | |||||||||||||
| बीपीओई 401 | स ैद्ांतिक एवं गणितीय जीव-विज्ञान | ख ुले व ैकल्पिक | 4 | |||||||||||
| क ु ल क्रे डिट | 24 |
(i) अध्यादेश V (2) एवं VII के परिशिष्ट II में संशोधन। [ई.सी. संकल्प संख्या 42-3 दिनांक 17.12.2021] संस्कृ त विभाग में यूजीसी एलओसीएफ के अंतर्गत निम्नलिखित पाठ्यक्रमों में संशोधन के संबंध में, जिन्हें शैक्षणिक सत्र 2021-2022 से लागू किया जाएगा।
| पेपर संख्या | वतर्मान | संशोधित |
| मुख्य- 201 | सीसी-201: दर्शन न्याय एवं वेदान्त अधिकतम अंक: 100 (70+30) अवधि: 64 घंटे (04 सप्ताह) (4 सिद्ांत=4 क्रे डिट) | सेमेस्टर: II, एम.ए. (संस्कृ त) मुख्य पाठ्यक्रम सीसी-201: दर्शन: न्याय एवं वेदान्त अधिकतम अंक: 100 (70+30) अवधि: 64 घंटे (16 सप्ताह) (4 सिद्ांत=4 क्रे डिट) 01 ट्यूटोरियल=01 योग=05 क्रे डिट |
| इकाईवार विभाजन इकाई I तर्क भाषा (के शवमिश्र)-शास्त्र की त्रिविध प्रवृत्तियाँ, कारण, करण एवं अन्यथासिद्, प्रमाणस्वरूप एवं तद्भेद–प्रत्यक्ष । इकाई II तर्क भाषा (के शवमिश्र)-अनुमान, उपमान एवं शब्द, अर्थापत्ति एवं अनुपलब्धि का स्वरूप तथा तद्विषयक विप्रतिपत्तियों का निरास, प्रामाण्यवाद, प्रमेयनिरूपण-आत्मा, दुःख एवं अपवर्ग के साथ सभी प्रमेय-संशय, प्रयोजन, दृष्टान्त, सिद्ान्त, अवयव, तर्क , निर्णय, वाद, जल्प, वितण्डा एवं हेत्वाभास । इकाई III वेदान्तसार (सदानन्द)-अधिकारिनिरूपण, व ेदान्त, अनुबन्धचतुष्टयनिरूपण, अध्यारोप, अज्ञान का स्वरूप एवं अज्ञान की शक्तियाँ, प्रपञ्चनिरूपण=जाग्रदादि तीनों अवस्थाओं एवं शरीरों म व्याप्त पञ्चकोशोपेत अज्ञान की समष्टि एवं व्यष्टि तथा ें तदुपहित चैतन्यों का निरूपण, सृष्टिप्रक्रिया एवं पञ्चीकरण। इकाई IV वेदान्तसार (सदानन्द)-आत्मस्वरूप विषयक विप्रतिपत्तियाँ एवं उनका निराकरण, महावाक्यार्थ निर्णय, वृत्ति के कार्य एवं उसके भेद, श्रवण, मनन, निदिध्यासन एवं समाधि, जीवन्मुक्ति एवं विदेहमुक्ति। ईशावास्योपनिषद्-विशेषतः नैतिकदर्शन, आत्मस्वरूप, विद्या-अविद्या तथा सम्भूति-असम्भूति प्रश्न-पत्र की मूल संरचना एवं अंकों का विभाजन | इकाईवार विभाजन इकाई I तर्क भाषा (के शवमिश्र)-शास्त्र की त्रिविध प्रवृत्तियाँ, कारण, करण एवं अन्यथासिद्, प्रमाणस्वरूप एवं तद्भेद–प्रत्यक्ष। इकाई II तर्क भाषा (के शवमिश्र)-अनुमान, उपमान एवं शब्द, अर्थापत्ति एवं अनुपलब्धि का स्वरूप तथा तद्विषयक विप्रतिपत्तियों का निरास, प्रामाण्यवाद, प्रमेयनिरूपण-आत्मा, दुःख एवं अपवर्ग के साथ सभी प्रमेय-संशय, प्रयोजन, दृष्टान्त, सिद्ान्त, अवयव, तर्क , निर्णय, वाद, जल्प, वितण्डा एवं हेत्वाभास। इकाई III व ेदान्तसार (सदानन्द)-अधिकारिनिरूपण, व ेदान्त, अनुबन्धचतुष्टयनिरूपण, अध्यारोप, अज्ञान का स्वरूप एवं अज्ञान की शक्तियाँ, प्रपञ्चनिरूपण=जाग्रदादि तीनों अवस्थाओं एवं शरीरों में व्याप्त पञ्चकोशोपेत अज्ञान की समष्टि एवं व्यष्टि तथा तदुपहित चैतन्यों का निरूपण, सृष्टिप्रक्रिया एवं पञ्चीकरण। इकाई IV वेदान्तसार (सदानन्द)-आत्मस्वरूप विषयक विप्रतिपत्तियाँ एवं उनका निराकरण, अपवाद, अपवाद, महावाक्यार्थनिर्णय, वृत्ति के कार्य एवं उसके भेद, श्रवण, मनन, निदिध्यासन एवं समाधि, जीवन्मुक्ति एवं विदेहमुक्ति प्र श्न-पत्र की मूल संरचना एवं अंकों का विभाजन | NaN | |||||||||
| NaN | |||||||||||
| (i) | चार स्पष्टीकरण (प्रत्येक इकाई से एक) | 04x07=28 | NaN | ||||||||
| (i) | चार व्याख्याएँ (के वल तर्क भाषा और व ेदान्तसार की प्रत्येक इकाई से एक) | 04x07=28 | NaN | ||||||||
| (ii) चार संक्षिप्त टिप्पणियाँ | (प्रत्येक इकाई से एक, (संस्कृ त में एक) | 05+05+05+07=22 | NaN | ||||||||
| (ii) चार स्पष्टीकरण (प्रत्येक इकाई से एक), (के वल ईशावास्योपनिषद से स ंस्कृ त में एक) | 05+05+05+07=22 | NaN | |||||||||
| (iii) के वल तर्क भाषा और | व ेदान्तसार से दो महत्वपूर्ण प्रश्न | 02x10=20 | NaN | ||||||||
| (iii) दो महत्वपूर्ण प्रश्न | 02x10=20 | NaN | |||||||||
| योग | 70 | NaN | |||||||||
| योग | 70 | NaN | |||||||||
| मुख्य- 204 | नया संशोधन | सेमेस्टर: II, एम.ए. (संस्कृ त) मुख्य पाठ्यक्रम 204: इतिहास एवं पुराण साहित्य का सामान्य ज्ञान | NaN | ||||||||
| इकाईवार विभाजन प्रश्न-पत्र की मूल संरचना एवं अंकों का विभाजन (सभी प्रश्न विकल्पों के साथ पूछे जाने चाहिए) | अधिकतम अंक: 100 (70+30) | अवधि: 60 घंटे (16 सप्ताह). (4 सिद्ांत=4 क्रे डिट) (1 ट्यूटोरियल–1 क्रे डिट) योग=05 क्रे डिट | NaN | ||||||||
| इकाई- I | पुराण- | वायुपुराण-62 (पृथुचरित) मार्क ण्डेयपुराण-25 (मदालसा उद्बोधन) | [15 घंटे] | NaN | |||||||
| इकाई- II | रामायण- | 3/16/1-42 (हेमन्तवर्णन) 5/15 अशोकवनिका में सीता | [15 घंटे] | NaN | |||||||
| इकाई- III | (महाभारत) | उद्योगपर्व 131 134 - (विदुरापुत्रानुशासनम्) भगवद्गीता 15 वाँ अध्याय | [15 घंटे] | NaN | |||||||
| इकाई- IV | (पुराणेतिहास सवेक्षण) | पुराण-परिभाषा, विभाजन, पुराण एवं उपपुराणों की विषयवस्तु की भाषा और शैली, भौगोलिक, ऐतिहासिक एवं सांस्कृ तिक महत्त्व रामायण एवं महाभारत-काल- निर्धारण, विभाग, विषयवस्तु, काव्यात्मक, ऐतिहासिक, सामाजिक, सांस्कृ तिक, भौगोलिक आदि दृष्टि से महत्त्व | [15 घंटे] | NaN | |||||||
| NaN | |||||||||||
| (i) | पहली-तीसरी इकाई से चार व्याख्याएँ (प्रत्येक इकाई को शामिल करते हुए, एक संस्कृ त में होनी चाहिए) | 05+05+05+ 07=22 | NaN | ||||||||
| (ii) चार संक्षिप्त टिप्पणियाँ (प्रत्येक इकाई से एक) | 04x07=28 | NaN | |||||||||
| (iii) दो विश्लेषणात्मक प्रश्न (चौथी इकाई से) | 02 10=20 | NaN | |||||||||
| योग | 70 | NaN | |||||||||
| NaN | |||||||||||
| ओई सी- 05 | नया संशोधन | ओईसी-305: संस्कृ त में भाषा-विषयक चिन्तन अधिकतम अंक: 100 (70+30) अवधि: 64 घंटे (04 सप्ताह) (4 सिद्ांत=4 क्रे डिट) इकाईवार विभाजन प्रश्न-पत्र की मूल संरचना एवं अंकों का विभाजन | NaN | ||||||||
| इकाई-I | निम्नलिखित का सामान्य अध्ययन : प्रातिशाख्य, शिक्षा, शाकल्य, शाकाटायन, व्यादि, यास्क, पाणिनि, कात्यायन, पतंजलि, भतृ र्हरि, कै यता, नागेसा, कु मारिल, प्रभाकर, जगदीश तर्कालंकार। | NaN | |||||||||
| इकाई-II | वाक्यपदीय, काण्ड 2, कारिका 1-2 एवं 117-152, वाक्य के संबंध में 8 परिभाषाएँ, शब्द-अर्थ के संबंध में 12 परिभाषाएँ, अर्थ का प्रतिभा सिद्ांत | NaN | |||||||||
| इकाई-III | न्यायसिद्ांतमुक्तावली-शब्दखंड-वाक्य अर्थ की प्रक्रिया, शब्द के कार्य-अभिधा (शब्द का प्राथमिक कार्य), शक्तिग्रह का साधन, पादपदार्थ, वाक्य अर्थ के साधन | NaN | |||||||||
| इकाई-IV | अपोहा अर्थ का सिद्ांत, अभिहितान्वयवाद और अन्विताभिधानवाद, स्फोट और शब्दब्राह्मण का सिद्ांत | NaN | |||||||||
| NaN | |||||||||||
| (i) | पहली इकाई से 3 संक्षिप्त | 5+5+5=15 | NaN | ||||||||
| टिप्पणियां | NaN | ||||||||||
| (ii) दूसरी और तीसरी इकाई से 3 व्याख्यात्मक प्रश्न | 13+13+13=39 | NaN | |||||||||
| (iii) चौथी इकाई से 2 विस्तृत | 08+08=16 | NaN | |||||||||
| टिप्पणियां | NaN | ||||||||||
| योग | 70 | NaN | |||||||||
| ओईसी –306 | नया संशोधन | सेमेस्टर: III खुला वैकल्पिक पाठ्यक्रम ओईसी-306: संस्कृ तवाङ्मय में प्रतिपादित सभ्यता एवं संस्कृ ति की रूपरेखा अधिकतम अंक: 100 (70+30) (4 सिद्ांत=4 क्रे डिट) इकाईवार विभाजन | NaN | ||||||||
| इकाई-I | सभ्यता एवं संस्कृ ति की परिभाषा एवं स्वरूप, प्राचीन भारतीय सभ्यता एवं स ंस्कृ ति की विशेषताएँ, वैदिक एवं उत्तर व ैदिककालीन सभ्यता एवं संस्कृ ति (सामाजिक, राजनैतिक, र्आर्थक एवं धार्र्मक स्थितियों के सन्दर्भ में) | NaN | |||||||||
| इकाई-II | महाकाव्य (रामायण एवं महाभारत) एवं पुराणों में प्रतिपादित सभ्यता एवं संस्कृ ति | NaN | |||||||||
| NaN |
| प्रश्न-पत्र की मूल संरचना एवं अंकों का विभाजन | (सामाजिक, राजनैतिक, र्आर्थक एवं धार्र्मक स्थितियों के सन्दर्भ में | |||||||||||||||
| इकाई-III | वर्णव्यवस्था, आश्रमव्यवस्था, पुरुषार्थ- चतुष्टय, संस्कार, प्राचीन भारत में नारी की स्थिति, प्राचीन भारतीय शिक्षाप्रणाली एवं शिक्षण-संस्थान | |||||||||||||||
| इकाई-IV | शैव, वैष्णव, बौद् एवं जैन धमों का उद्भव, विकास एवं मुख्य सिद्ान्त | |||||||||||||||
| (i) | चार दीर्घ-उत्तरीय प्रश्न (प्रत्येक इकाई से एक) | 12x4=48 | ||||||||||||||
| (ii) | चार लघु टिप्पणियां (प्रत्येक इकाई स एक) े | 5.5x4=22 | ||||||||||||||
| क ु ल अंक | 70 | |||||||||||||||
| मुख्य- 403 | मुख्य पाठ्यक्रम सीसी-403: दर्शन: सांख्य एवं मीमांसा अधिकतम अंक: 100 (70+30) अवधि: 64 घंटे (04 सप्ताह) (4 सिद्ांत=4 क्रे डिट) इ काईवार विभाजन प्रश्न-पत्र की मूल संरचना एवं अंकों का विभाजन | सीसी-403: दर्शन :सांख्य एवं मीमांसा अधिकतम अंक: 100 (70+30) अवधि: 64 घंटे (16 सप्ताह) (4 सिद्ांत=4 क्रे डिट) 01 ट्यूटोरियल=01 क्रे डिट योग=05 क्रे डिट इकाईवार विभाजन | ||||||||||||||
| सांख्यकारिका (ईश्वरकृ ष्ण)-दुःखत्रयवाद, प्रमाण, सत्कार्यवाद, प्रकृ ति का स्वरूप, सिद् िएवं गुणत्रय, पुरुष का स्वरूप एवं सिद्,ि सृष्टिप्रक्रिया-भौतिक-सर्ग एवं प्रत्यय-सर्ग, सूक्ष्म-शरीर, बन्ध एवं मोक्ष। | ||||||||||||||||
| इकाई-I | सांख्यकारिका (ईश्वरकृ ष्ण)-दुःखत्रयवाद, प्रमाण, सत्कार्यवाद, प्रकृ ति का स्वरूप, सिद् िएवं गुणत्रय, पुरुष का स्वरूप एवं सिद्,ि सृष्टिप्रक्रिया-भौतिक-सर्ग एवं प्रत्यय-सर्ग, सूक्ष्म-शरीर, बन्ध एवं मोक्ष। | इकाई-I | ||||||||||||||
| इकाई-II | श्वेताश्वतरोपनिषद् (के वल 1-4 अध्याय) | इकाई-II | सांख्यकारिका (ईश्वरकृ ष्ण)-पुरुष का स्वरूप एवं सिद्,ि सृष्टिप्रक्रिया-भौतिक-सर्ग एवं प्रत्यय-सर्ग, सूक्ष्म-शरीर, बन्ध एवं मोक्ष। | |||||||||||||
| इकाई-III अर्थसंग्रह (लौगाक्षिभास्कर)-धर्म, भावना, | व ेद की अपौरुषेयता, विधि, गुणविधि और विशिष्टविधि, उत्पत्तिविधि, विनियोगविधि, प्रयोगविधि तथा अधिकारविधि। | |||||||||||||||
| इकाई-III अर्थसंग्रह (लौगाक्षिभास्कर)-धर्म, भावना, | व ेद की अपौरुषेयता, विधि, गुणविधि और विशिष्टविधि, उत्पत्तिविधि, विनियोगविधि, प्रयोगविधि तथा अधिकारविधि। | |||||||||||||||
| इकाई-IV अर्थसंग्रह (लौगाक्षिभास्कर)-मन्त्र, नामधेय, निषेध | एवं अर्थवाद, अपूर्वविधि और नियमविधि, परिसंख्याविधि तथा ग्रन्थ के शेष भाग का अध्ययन। | |||||||||||||||
| इकाई-IV अर्थसंग्रह (लौगाक्षिभास्कर)-मन्त्र, नामधेय, | निषेध एवं अर्थवाद, अपूर्वविधि और नियमविधि, परिसंख्याविधि तथा ग्रन्थ के शेष भाग का अध्ययन। | |||||||||||||||
| (i) | चार स्पष्टीकरण (I, III और IV इकाई से एक | 04x07=28 | प्रश्न-पत्र की मूल संरचना एवं अंकों का विभाजन | |||||||||||||
| (ii) | चार लघु टिप्पणियाँ (प्रत्येक इकाई से एक, श्वेताश्वतरोपनिषद से संस्कृ त म एक) ें | 5+5+5+07=22 | (i) चार स्पष्टीकरण (प्रत्येक इकाई | स एक) े | 04x07=28 | |||||||||||
| (ii) चार संक्षिप्त टिप्पणियाँ (प्रत्येक | इकाई से एक, एक संस्कृ त में) | 5+5+5+07=22 | ||||||||||||||
| (iii) | क े वल सांख्यकारिका और अर्थसंग्रह से दो महत्वपूर्ण प्रश्न | 02x10=20 | (iii) दो महत्वपूर्ण प्रश्न (प्रत्येक | इकाई से एक) | 02x10=20 | |||||||||
| क ु ल अंक | 70 | |||||||||||||
| क ु ल अंक | 70 | |||||||||||||
| मुख्य- 404 | नया संशोधन | मुख्य पाठ्यक्रम 404: औपनिषदिक परंपरा का दर्शन अधिकतम अंक: 100 (70+30) अवधि: 60 घंटे (16 सप्ताह) (4 सिद्ांत=4 क्रे डिट) 1-ट्यूटोरियल= 1 क्रे डिट योग=05 क्रे डिट इकाईवार विभाजन प्रश्न-पत्र की मूल संरचना एवं अंकों का विभाजन (सभी प्रश्न विकल्पों के साथ पूछे जाने चाहिए) | ||||||||||||
| इकाई-I | ईशावास्योपनिषद् | [15 घंटे] | ||||||||||||
| इकाई-II श्वेताश्वतरोपनिषद् अध्याय – | प्रथम एवं द्वितीय | [15 घंटे] | ||||||||||||
| इकाई-III श्वेताश्वतरोपनिषद्, अध्याय- | तृतीय एवं चतुर्थ। | [15 घंटे] | ||||||||||||
| इकाई- IV | उपनिषत्साहित्य का सवेक्षण- स्वरूप, स्वरूप, संख्या, सन्देश, स ृष्टिविद्या, जीव, आत्मा, ब्रह्म आदि प्रतिपाद्य विषय। | [15 घंटे] | ||||||||||||
| (i) | 1-3 इकाइयों से चार व्याख्याएँ (प्रत्येक इकाई को कवर करते हुए, एक संस्कृ त म होनी चाहिए) ें | 5+5+5+07=22 | ||||||||||||
| (ii) | चार लघु टिप्पणियां (प्रत्येक इकाई से एक) | 04x07=28 | ||||||||||||
| (iii) दो विश्लेषणात्मक प्रश्न (चौथी | इकाई से) | 02x10=20 | ||||||||||||
| क ु ल अंक | 70 | |||||||||||||
| ओईसी- 405 | नया संशोधन | ओईसी-405: संस्कृ त में भाषा-विषयक चिन्तन (संस्कृ त के अलावा अन्य भाषाओं के छात्रों के लिए अवधारणा आधारित मॉड्यूल) अधिकतम अंक: 100 (70+30) अवधि: 64 घंटे (16 सप्ताह) (4 सिद्ांत=4 क्रे डिट) इकाईवार विभाजन | ||||||||||||
| इकाई-I | निम्नलिखित का सामान्य अध्ययन: प्रातिशाख्य, शिक्षा, शाकल्य, सकातायन, व्यादि, यास्क, पाणिनि, कात्यायन, पतंजलि, भतृ र्हरि, कै यता, नागेसा, क ु मारिला, प्रभाकर, |
| प्रश्न-पत्र की मूल संरचना एवं अंकों का विभाजन | जगदीश तर्कालंकार | NaN | NaN | |||||||
| इकाई-II | वाक्यपदीय, काण्ड 2, कारिका 1-2 एवं 117-152, वाक्य के संबंध में 8 परिभाषाएँ, शब्द-अर्थ के संबंध में 12 परिभाषाएँ, अर्थ का प्रतिभा सिद्ांत | NaN | NaN | |||||||
| इकाई-III | न्यायसिद्ांतमुक्तावली-शब्दखंड-वाक्य अर्थ की प्रक्रिया, शब्द के कार्य-अभिधा (शब्द का प्राथमिक कार्य), शक्तिग्रह का साधन, पादपदार्थ, वाक्य अर्थ के साधन | NaN | NaN | |||||||
| इकाई-IV | अपोहा अर्थ का सिद्ांत, अभिहितान्वयवाद और अन्विताभिधानवाद, स्फोट और शब्दब्राह्मण का सिद्ांत | NaN | NaN | |||||||
| NaN | NaN | |||||||||
| (i) | पहली इकाई से 3 संक्षिप्त टिप्पणियां | 5+5+5=15 | NaN | NaN | ||||||
| (ii) | दूसरी और तीसरी इकाई से 3 व्याख्यात्मक प्रश्न | 13+13+13=39 | NaN | NaN | ||||||
| (iii) | 2 चौथी इकाई से विस्तृत टिप्पणियां | 8+8= 16 | NaN | NaN | ||||||
| क ु ल अंक | 70 | NaN | NaN | |||||||
| ओईसी- 406 | नया संशोधन | ओईसी-406: वैदिक-व्याख्या, इतिहास एवं चिन्तन अधिकतम अंक: 100 (70+30) अवधि: 64 घंटे (16 सप्ताह) (4 सिद्ांत=4 क्रे डिट) इकाईवार विभाजन | NaN | NaN | ||||||
| इकाई-I | वैदिक व्याख्या: प्राच्यपद्ति-(i) व ेदव्याख्यान परम्परा, (ii) प्राचीन तथा आधुनिक व्याख्याकारः सायण, दयानन्द, अरविन्द, सातवलेकर, मधुसूदनओझा, आनन्दकु मारस्वामी, कपालीशास्त्री, आर. | NaN | NaN | |||||||
| इकाई-II | वैदिक व्याख्या: प्रतीच्यपद्ति–पाश्चात्य विद्वानों का योगदान, विशेषतः-रॉथ, वगेन, लुडविग, गेल्डनर, मैक्समूलर, हिलेब्रान्ट, ग्रिफिथ, विल्सन इत्यादि। | NaN | NaN | |||||||
| इकाई-III | वैदिक साहित्य का इतिहास- ऋग्वेदसंहिता, यजुवेदसंहिता, सामवेदसंहिता एवं अथर्ववेदसंहिता; वेदों की शाखाएँ, ज्ञान एवं वेदों का कालनिर्धारण, ब्राह्मणसाहित्य, आरण्यक और उपनिषद्: ज्ञान, वेदाङ्ग साहित्य: ज्ञान | NaN | NaN | |||||||
| प्रश्न-पत्र की मूल संरचना एवं अंकों का विभाजन **टिप्पणी: (यह ओईसी "ए" ग्रुप के अलावा संस्कृ त के छात्रों द्वारा चुना जाता है) | इकाई-IV वैदिक चिन्तन- वैदिकदेवता, वैदिकसमाज, | व ेदों की अपौरुषेयता एवं नित्यता, ऋत की अवधारणा, वैदिकदर्शन| | NaN | NaN | ||||||
| NaN | NaN | |||||||||
| (i) | चार दीर्घ-उत्तरीय प्रश्न (प्रत्येक इकाई से एक) | 12x4=48 | NaN | NaN | ||||||
| (ii) | चार संक्षिप्त टिप्पणियाँ। एक स ंस्कृ त में अवश्य होनी चाहिए (प्रत्येक इकाई से एक) | 5+5+5+7 =22 | NaN | NaN | ||||||
| क ु ल अंक | 70 | NaN | NaN | |||||||
| NaN | NaN | |||||||||
| ओईसी- 407 | नया संशोधन | ओईसी-407: भारतीय दर्शन का सवेक्षण अधिकतम अंक: 100 (70+30) अवधि: 64 घंटे (16 सप्ताह) (4 सिद्ांत=4 क्रे डिट) इकाईवार विभाजन प्रश्न-पत्र की मूल संरचना एवं अंकों का विभाजन **टिप्पणी: (यह ओईसी "बी" ग्रुप के अलावा संस्कृ त के छात्रों द्वारा चुना जाता है) | NaN | NaN | ||||||
| इकाई-I | सर्वदर्शनसंग्रह (माधवाचार्य): चार्वाकमत एवं जैनमत | NaN | NaN | |||||||
| इकाई-II सर्वदर्शनसंग्रह (माधवाचार्य): बौद्मत एवं | शैवमत | NaN | NaN | |||||||
| इकाई-III भारतीयदर्शन का आलोचनात्मक सवेक्षण- | भारतीय दर्शन के प्रमुख विचारणीय पक्षों का आलोचनात्मक अध्ययन-आत्मा एवं परमात्मा (ईश्वर), कार्यकारण सिद्ान्त, मोक्ष, कर्म एवं पुनर्जन्म, प्रमाण, प्रामाण्यवाद तथा ख्यातिवाद आदि। | NaN | NaN | |||||||
| इकाई- IV | भारतीयदर्शन का आलोचनात्मक सवेक्षण- प्रमुख भारतीय दार्शनिक मतों (सांख्य, योग, न्याय, वैशेषिक, मीमांसा, वेदान्त) का ऐतिहासिक सवेक्षण। भारतीय दर्शन के प्रमुख आचार्य (जैमिनि, बादरायण, कपिल, पतञ्जलि, गौतम, कणाद, शंकर और वाचस्पति मिश्र) तथा उनके अवदानों का ज्ञान। | NaN | NaN | |||||||
| NaN | NaN | |||||||||
| (i) चार दीर्घ-उत्तरीय प्रश्न (प्रत्येक इकाई से एक) | 12x4=48 | NaN | NaN | |||||||
| (ii) चार संक्षिप्त टिप्पणियाँ। एक स ंस्कृ त में अवश्य होनी चाहिए (प्रत्येक इकाई से एक) | 5+5+5+7 = 22 | NaN | NaN | |||||||
| क ु ल अंक | 70 | NaN | NaN | |||||||
| NaN | NaN | |||||||||
| ओईसी 408 | नया संशोधन | ओईसी-408: दशरूपक एवं संस्कृ त-काव्यशास्त्र का सवेक्षण अधिकतम अंक: 100 (70+30) अवधि: 64 घंटे (16 सप्ताह) (4 सिद्ांत=4 क्रे डिट) इकाईवार विभाजन प्रश्न-पत्र की मूल संरचना एवं अंकों का विभाजन **टिप्पणी: (यह ओईसी "सी" ग्रुप के अलावा संस्कृत के छ ा त्र ों द्व ा र ा च न ु ा ज ा त ा ह ) ै | NaN | NaN | ||||||
| दशरूपक (अवलोकसहित) | NaN | NaN | ||||||||
| इकाई-I | दशरूपक-ग्रन्थ का प्रयोजन, रूपक के भेद, रूपकों के भेदकतत्त्व, वस्तु का स्वरूप एवं भ ेद, अर्थ-प्रकृ तियाँ, कार्यावस्थाएँ, संधियाँ, अथोपक्षेपक, नायक के गुण, नायक के प्रकार, नायिकाभेद, नायक के सहायक एवं नायिका की सहायिकाएँ, नाट्यवृत्तियाँ, व ृत्तियों के विषय में उद्भटादि के मत का निराकरण एवं अवशिष्ट भाग का अध्ययन। | NaN | NaN | |||||||
| इकाई-II | रसयोजना, रसयोजना के अंग, व्यभिचारी भाव, स्थायी भाव (भावों के विरोधाविरोध पर विचार), नाट्य में शान्तरस का निषेध, स्थायी भाव तथा रस का काव्य से सम्बन्ध– ध्वनिवादी पूर्वपक्ष, दशरूपककार का सिद्ान्त, रस का आश्रय, भाव्य- भावकसिद्ान्त, रस की प्रक्रिया तथा स्वरूप एवं अवशिष्ट भाग का अध्ययन। | NaN | NaN | |||||||
| इकाई-III अलङ्कार-सिद्ान्त, गुण-रीति-सिद्ान्त, | ध्वनि-सिद्ान्त, रस-सिद्ान्त, वक्रोत्ति- सिद्ान्त एवं औचित्य-सिद्ान्त। | NaN | NaN | |||||||
| इकाई- IV | भरतमुनि, अपििुराण, विष्णुधमोत्तर- पुराण, भामह, दण्डी, उद्भट, रुद्रट, मुकु लभट्ट, राजशेखर, महिमभट्ट, भोजराज, रुय्यक, सागरनन्दी, हेमचन्द्र, रामचन्द्र-गुणचन्द्र, जयदेव, शारदातनय, सिहभूपाल, भानुदत्तमिश्र, रूपगोस्वामी, अप्पयदीक्षित, पण्डितराज जगन्नाथ। | NaN | NaN | |||||||
| NaN | NaN | |||||||||
| (i) | चार स्पष्टीकरण (प्रत्येक इकाई स एक) े | 04x07=28 | NaN | NaN | ||||||
| (ii) चार संक्षिप्त टिप्पणियाँ (प्रत्येक इकाई से एक विकल्प सहित, एक संस्कृ त में) | 5+5+5+7 = 22 | NaN | NaN | |||||||
| (iii) दो महत्वपूर्ण प्रश्न (प्रत्येक इकाई से एक प्रश्न विकल्पों सहित) | 02x10=20 | NaN | NaN | |||||||
| क ु ल अंक | 70 | NaN | NaN | |||||||
| NaN | NaN | |||||||||
| ओईसी- 409 | नया संशोधन | ओईसी-409: सिद्ान्तकौमुदी (कृ दन्त) एवं संस्कृ त व्याकरण शास्त्र का इतिहास अधिकतम अंक: 100 (70+30) अवधि: 64 घंटे (16 सप्ताह) (4 सिद्ांत=4 क्रे डिट) इकाईवार विभाजन प्रश्न-पत्र की मूल संरचना एवं अंकों का विभाजन **टिप्पणी: (यह ओईसी "डी" ग्रुप के अलावा संस्कृ त के छात्रों द्वारा चुना जाता है) | nan | NaN | ||||||
| इकाई-I | सिद्ान्तकौमुदी: पूर्वकृ दन्त: (क्त– प्रत्ययप्रकरण के द्रवर्मूर्तस्पर्शयोः श्यः से विकु शमिपरिभ्यःस्थलम् सूत्रों को छोड़कर) | NaN | ||||||||
| इकाई-II | सिद्ान्तकौमुदी: कृ दन्त-प्रकरण, उत्तरकृ दन्त (उणादिरहित)। | NaN | ||||||||
| इकाई-III | संस्कृ त व्याकरणशास्त्र का इतिहास- पाणिनिपूर्व वैयाकरण आचायों का योगदान, मुनित्रय (पाणिनि, कात्यायन, पतञ्जलि) का काल एवं योगदान, पाणिन्युत्तरव्याकरण-सम्प्रदायों का सवेक्षण: चान्द्र, कातन्त्र, जैनेन्द्र, हैम, भोज, सुपद्म, हरिनामामृत आदि। | NaN | ||||||||
| इकाई-IV संस्कृ त व्याकरणशास्त्र का इतिहास- | अष्टाध्यायी की वृत्ति-परम्परा, पाणिनि- व्याकरण में प्रक्रियाग्रन्थों का योगदान, पाणिनि-परम्परा के दार्शनिक आचार्य : भतृ र्हरि, भट्टोजिदीक्षित, कौण्डभट्ट, नागेश आदि। | NaN | ||||||||
| NaN | ||||||||||
| (i) सूत्रों की आठ व्याख्याएँ (प्रत्येक इकाई से दो) | 8x3.5=28 | NaN | ||||||||
| (ii) व्युत्पत्ति प्रक्रिया की आठ व्याख्याएँ (प्रत्येक इकाई से दो) | 8x3.5=28 | NaN | ||||||||
| (iii) एक महत्वपूर्ण प्रश्न | 1x7=7 | NaN | ||||||||
| (iv) संस्कृ त में एक संक्षिप्त टिप्पणी | 1x7=7 | NaN | ||||||||
| योग | 70 | NaN | ||||||||
| NaN | ||||||||||
| ओईसी- 410 | नया संशोधन | ओईसी-410: आपस्तम्ब धर्मसूत्र एवं धर्मशास्त्र का इतिहास अधिकतम अंक: 100 (70+30) अवधि: 64 घंटे (16 सप्ताह) (4 सिद्ांत=4 क्रे डिट) इकाईवार विभाजन | NaN | |||||||
| इकाई-I | आपस्तम्ब धर्मसूत्र-प्रथम प्रश्न | NaN | ||||||||
| इकाई-II | आपस्तम्ब धर्मसूत्र-द्वितीय प्रश्न) | NaN | ||||||||
| इकाई-III | धर्मशास्त्र का इतिहास-धर्मशास्त्र के आचार्य-मेधातिथि, विज्ञानेश्वर, लक्ष्मीधर, जीमूतवाहन, देवण्णभट्ट, चण्डेश्वर, माधवाचार्य, वाचस्पतिमिश्र, कमलाकरभट्ट, मित्रमिश्र, रघुनन्दन। | NaN |
| प्रश्न-पत्र की मूल संरचना एवं अंकों का विभाजन **टिप्पणी: (यह ओईसी "ई" ग्रुप के अलावा संस्कृत के छ ा त्र ों द्व ा र ा च न ु ा ज ा त ा ह ) ै | इकाई-IV | धर्मशास्त्र का इतिहास-धर्मशास्त्र के प्रमुखसिद्ान्त-वर्ण, आश्रम, संस्कार, स्त्रियों की स्थिति, श्रौतयाग, राजधर्म, दण्डव्यवस्था, धर्मशास्त्र विषयक आधुनिक अध्ययन (स्वातन््योत्तरकाल)| | NaN | NaN | ||||||
| NaN | NaN | |||||||||
| (i) | चार स्पष्टीकरण (प्रत्येक इकाई स एक) े | 4x7=28 | NaN | NaN | ||||||
| (ii) | चार संक्षिप्त टिप्पणियाँ (प्रत्येक इकाई से एक विकल्प सहित, एक संस्कृ त में) | 5+5+5+07= 22 | NaN | NaN | ||||||
| (iii) | दो महत्वपूर्ण प्रश्न (प्रत्येक इकाई से एक-एक प्रश्न विकल्पों सहित) | 02x10=20 | NaN | NaN | ||||||
| योग:70 | NaN | NaN | ||||||||
| NaN | NaN | |||||||||
| ओईसी- 411 | नया संशोधन | ओईसी-411: भारतीय पुरालिपि-शास्त्र अधिकतम अंक: 100 (70+30) अवधि: 64 घंटे (16 सप्ताह) (4 सिद्ांत=4 क्रे डिट) इकाईवार विभाजन प्रश्न-पत्र की मूल संरचना एवं अंकों का विभाजन **टिप्पणी: (यह ओईसी "एफ" ग्रुप के अलावा संस्कृत के छ ा त्र ों द्व ा र ा च न ु ा ज ा त ा ह ) ै | NaN | NaN | ||||||
| इकाई-I | 1. भारत में लेखन कला की प्राचीनता | NaN | NaN | |||||||
| इकाई-II | 2. प्राचीन भारत में प्रयुक्त होने वाली लिपियों का वर्णन | NaN | NaN | |||||||
| इकाई-III | भारत में अभिलेख के अध्ययन का इतिहास | NaN | NaN | |||||||
| इकाई-IV | अभिलेखों के अध्ययन का महत्त्व | NaN | NaN | |||||||
| NaN | NaN | |||||||||
| (i) | दो प्रश्न (प्रथम इकाई से) | 8x2=16 | NaN | NaN | ||||||
| (ii) | दो अक्षरों का परिचय (ब्राह्मी लिपि के विकास हेतु) | 7x1=07 | NaN | NaN | ||||||
| (iii) | तीन प्रश्न (द्वितीय इकाई से) | 8x3=24 | NaN | NaN | ||||||
| (iv) | एक संक्षिप्त टिप्पणी (संवत के बारे में, द्वितीय इकाई से) | 7x1=07 | NaN | NaN | ||||||
| (v) | एक प्रश्न (III इकाई से) | 9x1=09 | NaN | NaN | ||||||
| (vi) | स ंस्कृ त में दो संक्षिप्त टिप्पणियां (चतुर्थ इकाई से) | 3.5x2=07 | NaN | NaN | ||||||
| क ु ल अंक | 70 | NaN | NaN | |||||||
| NaN | NaN | |||||||||
| ओईसी- 412 | नया संशोधन | ओईसी-412: संस्कृ त उपन्यास तथा आधुनिक संस्कृ त साहित्य का सवेक्षण अधिकतम अंक: 100 (70+30) अवधि: 64 घंटे (16 सप्ताह) (4 सिद्ांत=4 क्रे डिट) इकाईवार विभाजन प्रश्न-पत्र की मूल संरचना एवं अंकों का विभाजन ** टिप्पणी: (यह ओईसी "जी" ग्रुप के अलावा संस्कृत के छ ा त्र ों द्व ा र ा च न ु ा ज ा त ा ह ) ै | NaN | NaN | ||||||
| इकाई-I | सीमा (उपन्यास) 1-2 परिच्छेद | NaN | NaN | |||||||
| इकाई-II सीमा (उपन्यास) 3-4 परिच्छेद | NaN | NaN | ||||||||
| इकाई-III प्रमुख आधुनिक संस्कृ त महाकाव्य, रूपक | एवं गद्यकाव्य, आधुनिक संस्कृ त साहित्य की प्रमुख नवीन विधाएँ एवं प्रवृत्तियाँ | NaN | NaN | |||||||
| इकाई- IV | आधुनिक संस्कृ त के प्रतिनिधि साहित्यकार – अम्बिकादत्त व्यास, मथुराप्रसाद दीक्षित, हरिदास सिद्ान्तवागीश, अप्पाराशिव र ेडकर, हृषिके श भट्टाचार्य, श्रीधर भास्कर वणेकर, मूलशंकर माणिकलाल याज्ञिक, वीरेन्द्र कु मार भट्टाचार्य, यतीन्द्र विमल चौधुरी, रमा चौधुरी, लीलाराव दयाल, श्रीपाद हसूरकर, वसन्त ्यम्बक शेवड़े, ओगेटि शर्मा परीक्षित, भट्टमथुरानाथ शास्त्री, जानकीवल्लभ शास्त्री, सत्यव्रत शास्त्री, रसिकबिहारी जोशी, अभिराज राजेन्द्र मिश्र, क े शवचन्द्र दास, हर्षदेव माधव, कालिका प्रसाद शुक्ल, परमानन्द शास्त्री। | NaN | NaN | |||||||
| NaN | NaN | |||||||||
| (i) | चार स्पष्टीकरण (प्रत्येक इकाई से एक) | 04x7= 28 | NaN | NaN | ||||||
| (ii) चार संक्षिप्त टिप्पणियाँ (प्रत्येक इकाई से एक विकल्प सहित, एक संस्कृ त में) | 5+5+5+07=22 | NaN | NaN | |||||||
| (iii) दो महत्वपूर्ण प्रश्न (प्रत्येक इकाई से एक-एक प्रश्न विकल्पों सहित) | 02x10= 20 | NaN | NaN | |||||||
| क ु ल अंक | 70 | NaN | NaN | |||||||
| NaN | NaN | |||||||||
| ओईसी- 413 | नया संशोधन | ओईसी-413: पौराणिक साहित्य का सवेक्षण अधिकतम अंक: 100 (70+30) अवधि: 64 घंटे (16 सप्ताह) (4 सिद्ांत=4 क्रे डिट) इकाईवार विभाजन | NaN | NaN | ||||||
| इकाई-I | पुराणों की परिभाषा, पुराणों का विभाजन, पुराणों एवं उपपुराणों की भाषा और शैली | NaN | NaN | |||||||
| इकाई-II पुराणों एवं उपपुराणों की विषयवस्तु, | पुराणों का ऐतिहासिक महत्त्व | NaN | NaN | |||||||
| प्रश्न-पत्र की मूल संरचना एवं अंकों का विभाजन ** टिप्पणी: (यह ओईसी "एच" ग्रुप के अलावा संस्कृत के छ ा त्र ों द्व ा र ा च न ु ा ज ा त ा ह ) ै | इकाई-III पुराणों एवं उपपुराणों में भौगोलिक | सामग्री, पुराणों का सांस्कृ तिक महत्त्व | nan | NaN | ||||||
| इकाई-IV पौराणिक धमों की प्रकृ ति, रचनात्मक | साहित्य के स्रोतग्रन्थ के रूप में पुराण | NaN | ||||||||
| NaN | ||||||||||
| (i) चार दीर्घ-उत्तरीय प्रश्न (प्रत्येक इकाई से एक) | 14+14+14+14=56 | NaN | ||||||||
| (ii) दो संक्षिप्त टिप्पणियाँ (एक का उत्तर संस्कृ त में देना है) | 7+7= 14 | NaN | ||||||||
| क ु ल अंक | 70 | NaN | ||||||||
| NaN | ||||||||||
| ओईसी- 414 | नया संशोधन | ओईसी-414 भारतीय ज्योतिषशास्त्र का सवेक्षण अधिकतम अंक: 100 (70+30) अवधि: 64 घंटे (16 सप्ताह) (4 सिद्ांत=4 क्रे डिट) इकाईवार विभाजन प्रश्न-पत्र की मूल संरचना एवं अंकों का विभाजन | NaN | |||||||
| इकाई-I | ज्योतिषशास्त्र की परिभाषा, ज्योतिषशास्त्र का उद्भव, क्रमिक विकास, पञ्चस्कन्धात्मक ज्योतिष, ज्योतिषशास्त्र का महत्त्व, उपयोगिता व कालविभाजन (वर्गीकरण) | NaN | ||||||||
| इकाई-II पञ्चांग, प्रश्नशास्त्र, रमलशास्त्र, शकु नशास्त्र, | वास्तुशास्त्र, सामुद्रिकशास्त्र, मुहूत्र्तविचार। | NaN | ||||||||
| इकाई-III प्राचीन आचायों के ग्रन्थ एवं उनका ज्ञान | (आर्यभट्ट-प्रथम, आर्यभट्ट-द्वितीय, कालकाचार्य, वराहमिहिर, कल्याणवर्मा, ब्रह्मगुप्त, मु ंजाल, भट्टोत्पल, भास्कराचार्य, बल्लालसेन, के शव द्वितीय, गणेश दैवज्ञ, ढ ुण्ढिराज)। | NaN | ||||||||
| इकाई- IV | मास, ऋतु, अयन, वर्ष, युग, ग्रहकक्षा, नक्षत्र, ग्रहराशि, ग्रहण, भावविचार, योगविचार, विषुवदिनविचार, सौरमास, करण, सावनदिन, उत्तरगोल, अमावस्या, र्पूणर्मा। | NaN | ||||||||
| NaN | ||||||||||
| (i) | परिभाषाओं की चार व्याख्याएँ (I, II और III इकाई स ) े | 04x7= 28 | NaN | |||||||
| (ii) | चार लघु टिप्पणियां (चतुर्थ इकाई से विकल्पों सहित, एक स ंस्कृ त में) | 5+5+5+07=22 | NaN | |||||||
| (iii) | दो महत्वपूर्ण प्रश्न (I, II और III इकाई से विकल्पों सहित) | 02x10=20 | NaN |
| **टिप्पणी: (यह ओईसी "आई" ग्रुप के अलावा संस्कृत के छ ा त्र ों द्व ा र ा च न ु ा ज ा त ा ह ) ै | योग | 70 | ||||
बी.ए. (ऑनर्स) संस्कृ त
| पेपर संख्या | वतर्मान | संशोधन | ||||||||
| सी- 12 | सी-12 संस्कृ त व्याकरण: लघुसिद्ान्तकौमुदी (12131502) अधिकतम अंक: (75+25=100) क्र े डिट: व्याख्यान 60+ट्यूटोरियल 12 [सी] विषय-सामग्री: इकाई: I लघुसिद्ांतकौमुदी से संज्ञा और संधि प्रकरण: क्र े डिट:12 • संज्ञा के सूत्र • अच संधि: (दीर्घ, यण, गुण, अयादि, वृद्,ि पूर्वरूप, पररूप) इकाई: II हल संधि और विसर्ग संधि क्र े डिट:12 हल संधि और विसर्ग संधि के सूत्र: • (स्कु त्व, तुत्व, अनुनासिकत्व, चत्व, जास्त्व, तत्व, उत्व, लोप) इकाई:III निर्धारित ग्रंथों और साहित्यिक ग्रंथों में संधियों के अनुप्रयोगों का अभ्यास क्र े डिट:12 इकाई:IV लघुसिद्ान्तकौमुदी से समास प्रकरण क्र े डिट:10 अव्ययीभाव समास और तत्पुरुष समास के निर्माण में प्रयुक्त प्रमुख सूत्र इकाई: V लघुसिद्ान्तकौमुदी से द्वंद्व और बहुब्रीहि समास क्र े डिट:07 द्वंद्व और बहुब्रीहि समास के निर्माण के लिए प्रमुख सूत्र इकाई: VI लघुसिद्ान्तकौमुदी से कृ दन्त क्र े डिट:07 तद्ति शब्दों के निर्माण के लिए प्रमुख सूत्र (Aṇ, In͂ , Ḍhak, Tal, Aṇ, Vuñ, Yat, Cha, Mayaṭ, Tva, Tal, Imanic, Ṣyan͂ , Matup, In, Ṭhañ, Itac) [जी] मूल्यांकन पद्ति I. प्रश्न पत्र की मूल संरचना एवं अंकों का विभाजन 75 | सी-12 संस्कृ त व्याकरण: लघुसिद्ान्त कौमुदी (12131502) अधिकतम अंक: (75+25=100) क्र े डिट: व्याख्यान 60+ट्यूटोरियल 12 [सी] विषय-सामग्री: इकाई: I लघुसिद्ांतकौमुदी से संज्ञा और संधि प्रकरण: क्र े डिट:12 • संज्ञा के सूत्र • अच संधि: (दीर्घ, यण, अयादि, गुण, वृद्,ि पूर्वरूप, पररूप) इकाई: II हल संधि और विसर्ग संधि क्रे डिट:12 हल संधि और विसर्ग संधि के सूत्र: • (श्चुत्व, तुत्व, अनुनासिकत्व, चत्र्व, जश्त्व, तत्व, उत्व, लोप) इकाई:III लघुसिद्ान्तकौमुदी से समास प्रकरण क्र े डिट:10 अव्ययीभाव समास के निर्माण में प्रयुक्त प्रमुख सूत्र इकाई: IV लघुसिद्ान्तकौमुदी से तत्पुरुष समास क्र े डिट:10 तत्पुरुष समास के निर्माण में प्रयुक्त प्रमुख सूत्र इकाई: V लघुसिद्ान्तकौमुदी से बहुब्रीहि एवं द्वंद्व समास क्र े डिट:09 बहुब्रीहि और द्वंद समास की रचना के लिए प्रमुख सूत्र इकाई: VI लघुसिद्ान्तकौमुदी से तद्ति क्र े डिट:07 तद्तिान्त शब्दों के निर्माण के लिए प्रमुख सूत्र (Aṇ, In͂ , Ḍhak, Aṇ, Tal, Vun, Yat, Cha, Mayaṭ, Tva, Tal, Imanic, Ṣyan͂ , Matup, In, Ṭhan, Itac) [जी] मूल्यांकन पद्ति I. प्रश्न पत्र की मूल संरचना एवं अंकों का विभाजन 75 | ||||||||
| i | 6 सूत्रों की व्याख्या (इकाई | 06x05=30 | ||||||||
| i | 6 सूत्रों की व्याख्या (इकाई 1,2,4,5,6) | 06x05=30 | 1,2,3,4,5,6) | |||||||
| ii | 5 शब्दों का निर्माण (इकाई | 05x5=25 | ||||||||
| ii | 5 शब्दों का निर्माण (इकाई 1,2,4, 5,6) | 05x5=25 | 1,2,3,4,5,6) | |||||||
| iii | निर्धारित पाठ्य सामग्री से अनुप्रयुक्त व्याकरण पर प्रश्न (इकाई | 7x02=14 | ||||||||
| iii | निर्धारित पाठ्य सामग्री से अनुप्रयुक्त व्याकरण पर प्रश्न (इकाई 2,4,5,6 से) | 7x02=14 | 2,3,4,5,6 से) | |||||||
| स | ूत्र की एक व्याख्या संस्कृ त में लिखी | 01x06=06 | ||||||||
| i v | स ूत्र की एक व्याख्या संस्कृ त में लिखी जाए | 01x07=07 | II. आंतरिक मूल्यांकन 25 | i v | जाए | |||||
| II. आंतरिक मूल्यांकन 25 (परियोजना/चर्चा /असाइनमेंट /पेपर प्रस्तुति/आवधिक परीक्षा आदि) क ु ल अंक: (I+II) (75+25)=100 | (परियोजना/चर्चा /असाइनमेंट /पेपर प्रस्तुति/आवधिक परीक्षा आदि) क ु ल अंक: (I+II) (75+25)=100 |
(ii) अरबी विभाग के तहत एम.ए. अरबी पाठ्यक्रम के यूजीसी एलओसीएफ के तहत अध्यादेश V (2) और VII के परिशिष्ट II में संशोधन। [ई.सी. संकल्प संख्या 42-7 दिनांक 17.12.2021] संशोधन से संबंधित है जिसे शैक्षणिक सत्र 2021- 2022 से लागू किया जाना है।
| वतर्मान | संशोधित |
| सेमेस्टर–I 1. पाठ्यक्रम कोड: 101 2. पाठ्यक्रम कोड: 102 3. पाठ्यक्रम कोड: 103 4. पाठ्यक्रम कोड: 104 सेमेस्टर-II 1. पाठ्यक्रम कोड: 201 2. पाठ्यक्रम कोड: 202 3. पाठ्यक्रम कोड: 203 अनुवाद एवं निबंध लेखन-II विषय-सामग्री: क्र े डिट इकाई-I (क) राजनीतिक एवं वैज्ञानिक अनुवाद (अरबी-अंग्रेज़ी और विलोमतः) इकाई II: (ख) र्आर्थक एवं वाणिज्यिक अनुवाद (अरबी-अंग्रेज़ी और विलोमतः) इकाई III: (ग) तकनीकी शब्दावलियों का अनुवाद (अरबी-अंग्रेज़ी और विलोमतः). इकाई IV: (घ) निबंध लेखन (ङ) व्याख्या 4 . पाठ्यक्रम कोड 204 (क) आईडीसी/खुला वैकल्पिक पाठ्यक्रम अरबी भाषा–I प्रस्तावना; पढ़ना और लिखना विषय-सामग्री: | सेमेस्टर-I 1. पाठ्यक्रम कोड: 120101101 2. पाठ्यक्रम कोड: 120101102 3. पाठ्यक्रम कोड: 120101103 4. पाठ्यक्रम कोड: 120101104 सेमेस्टर-II 1. पाठ्यक्रम कोड: 120101201 2. पाठ्यक्रम कोड: 120101202 3. पाठ्यक्रम कोड: 120101203 अरबी साहित्य का इतिहास (अब्बासिद काल और आधुनिक काल-II) विषय-सामग्री: क्र े डिट:06 इ काई I: अब्बासिद काल (750 ई. से 1258 ई.) ग द्य: इब्न अल-मुक़फ़्फ़ा, अल-जहीज़, इब्न अल-अमीद और अल-हरीरी के विशेष संदर्भ में अब्बासिद गद्य का परिचय इ काई II: अब्बासिद काल (750 ई. से 1258 ई.) काव्य : बश्शार बी के विशेष संदर्भ में अब्बासिद काव्य का एक परिचय। बर्द, अबू अल-अताहिया, अबू नुवास, अबू तम्माम, अल-मुतनब्बी, और अबू अल-अला अल-मारी इकाई III: |
| क्र े डिट इकाई–I: प्रस्तावना 1. अरबी भाषा: उत्पत्ति एवं संक्षिप्त इतिहास 2. अरबी का अन्य भाषाओं के साथ प्रभाव एवं अंतःक्रिया 3. मध्यकालीन एवं आधुनिक युग में अरबी इकाई–II: पढ़ना 1. अरबी वणर्माला 2. स्वर, चिह्न और अन्य प्रतीक 3. संयुक्त अक्षरों का वाचन 4. सूर्य अक्षर और चंद्र अक्षर 5. लिंग, निश्चित और अनिश्चित संज्ञा इ काई–III लेखन 1. अलग-अलग अक्षर लिखने का अभ्यास 2. संयुक्त अक्षर और वाक्य लिखने का अभ्यास 3. डिक्टेशन लेना 4. प्रदर्शनवाचक सर्वनाम (के वल एकवचन) इकाई–IV सुनना और बोलना 1. अरबी अंक 1 – 10 2. आत्म-रिचय एवं अभिवादन 3. दैनिक उपयोग के शब्द जैसे सप्ताह के दिन, महीने, रंग, फल और सब्जियाँ आदि। 4. सरल नाममात्र वाक्य 5. सरल मौखिक वाक्य 4 (क) पाठ्यक्रम कोड: 204 (ख) आईडीसी/खुला वैकल्पिक पाठ्यक्रम अरब संस्कृ ति का परिचय 204 (ख) अरब संस्कृ ति का परिचय विषय-सामग्री: इकाई I: 1. अरब-प्रायद्वीप: एक परिचय 2. अरब-मानवशास्त्रीय दृष्टिकोण 3. अरब में बेडौइन जीवन की विशेषताएँइकाई II: इकाई II | आधुनिक काल (1798-2000) ग द्य : मुस्तफा लुत्फी अल-मनफालुती, 'अब्बास महमूद अल 'अक्काद, इब्राहिम अब्द अल-कादिर अल-माजिनी, मुहम्मद हुसैन हयाकल, ताहा हुसैन, तौफीक अल- हाकिम, महमूद तैमुर, नजीब के विशेष संदर्भ में आधुनिक गद्य का परिचय माफफ़ु ज़ और जिब्रान खलील जिब्रान इ काई IV: आधुनिक काल (1798-2000) क ाव्य : महमूद सामी अल-बरुदी, हफी इब्राहिम, अहमद शौकी, इलिया अबू मादी, निज़ार क़ब्बानी, फदवा तुकन, अबू अल-कासिम अल-शब्बी और अहमद साकी अबू शादी के विशेष संदर्भ में अरबी काव्य का एक परिचय 4 . पाठ्यक्रम कोड–120101204 अनुवाद एवं निबंध लेखन-II ि वषय-सामग्री: क्र े डिट:06 इकाई I: (च) राजनीतिक एवं वैज्ञानिक अनुवाद (अरबी-अंग्रेज़ी और विलोमतः) इकाई II: (छ) र्आर्थक एवं वाणिज्यिक अनुवाद (अरबी-अंग्रेज़ी और विलोमतः) इकाई III: (ज) तकनीकी शब्दावलियों का अनुवाद (अरबी-अंग्रेज़ी और विलोमतः). इकाई IV: (झ) निबंध लेखन (ञ) व्याख्या |
| 1. इस्लाम से पहले अरब की सामाजिक स्थिति 2. इस्लाम-पूर्व अरब में राजनीतिक व्यवस्था 3. इस्लाम-पूर्व अरब में महिलाओं और दासों की स्थिति इकाई III 1. इस्लाम-पूर्व अरब में धार्र्मक स्थिति 2. इस्लाम का उदय और उसके बाद के राजनीतिक परिवर्तन 3. इस्लाम के मूल सिद्ांत और अरब में सामाजिक परिवर्तन इ काई IV 1. अरब के बाहर अरब 2. पड़ोसी संस्कृ तियों के साथ अरबों का संपर्क 3. अरबों के शिष्टाचारसेमेस्टर–III 1. पाठ्यक्रम कोड–301 अरबी साहित्य का इतिहास (अब्बासिद काल और आधुनिक काल-II) ि वषय-सामग्री: क्र े डिट इकाई I: अब्बासिद काल ) 750 ई .से 1258 ई (. गद्य : इब्न अल-मुक़फ़्फ़ा, अल-जहीज़, इब्न अल-अमीद और अल-हरीरी क े विशेष संदर्भ में अब्बासिद गद्य का परिचय इकाई II: अब्बासिद काल ) 750 ई .से 1258 ई(. काव्य : बश्शार बी के विशेष संदर्भ में अब्बासिद काव्य का एक परिचय। बर्द, अबू अल-अताहिया, अबू नुवास, अबू तम्माम, अल- मुतनब्बी, और अबू अल-अला अल-मारी इकाई III: आधुनिक काल (1798-2000) ग द्य : मुस्तफा लुत्फी अल-मनफालुती, 'अब्बास महमूद अल 'अक्काद, इब्राहिम अब्द अल-कादिर अल-माजिनी, मुहम्मद हुसैन हयाकल, ताहा हुसैन, तौफीक अल-हाकिम, महमूद तैमुर, नजीब के विशेष संदर्भ में आधुनिक गद्य का परिचय माफफ़ु ज़ | स मेस्टर-III े 1. पाठ्यक्रम कोड–120101301 शोध-लेखन एवं प्रस्तुति ि वषय-सामग्री: क्र े डिट:06 इकाई I: साहित्यिक अनुसंधान की प्रकृ ति, उद्देश्य और लक्ष्य इ काई II: पांडुलिपियों का संपादन इ काई III: प्रसिद् ओरिएंटल पुस्तकालय, संदर्भ संसाधन, ग्रंथ सूची और सामान्यतः प्रयुक्त संक्षिप्ताक्षर इ काई IV: शोध-पेपर, शोध-प्रबंध और थीसिस तैयार करना |
| और जिब्रान खलील जिब्रान इकाई IV: आधुनिक काल (1798-2000) काव्य : महमूद सामी अल-बरुदी, हफी इब्राहिम, अहमद शौकी, इलिया अबू मादी, निज़ार क़ब्बानी, फदवा तुकन, अबू अल-कासिम अल-शब्बी और अहमद साकी अबू शादी के विशेष संदर्भ में अरबी काव्य का एक परिचय 2. पाठ्यक्रम कोड–302 शोध पद्ति और शोध-लेखन एवं प्रस्तुति विषय-सामग्री: क्र े डिट इकाई I: साहित्यिक अनुसंधान की प्रकृ ति, उद्देश्य और लक्ष्य इकाई II: पांडुलिपियों का संपादन इकाई III: प्रसिद् ओरिएंटल पुस्तकालय, संदर्भ संसाधन, ग्रंथ सूची और सामान्यतः प्रयुक्त संक्षिप्ताक्षर इ काई IV: शोध पत्र, शोध-प्रबंध और थीसिस तैयार करना 3 . पाठ्यक्रम कोड-303 भारतीयों द्वारा अरबी साहित्य ि वषय-सामग्री: क्र े डिट इकाई I: भारत में अरबी साहित्य का परिचय इ काई II: ग द्य-लेखक : 1. शाह वली-अल्लाह अल-दिहलवी 2. नवाब सिद्दीक हसन खान 3. 'अब्द अल-अज़ीज़ अल-मैमानी | 2 . पाठ्यक्रम कोड-120101302 भारतीयों द्वारा अरबी साहित्य विषय-सामग्री: क्र े डिट:06 इकाई I: भारत में अरबी साहित्य का परिचय इकाई II: गद्य-लेखक : 1. शाह वली-अल्लाह अल-दिहलवी 2. नवाब सिद्दीक हसन खान 3. 'अब्द अल-अज़ीज़ अल-मैमानी 4. अबू अल-हसन 'अली अल-हसानी अल-नदवी इकाई III: शायर : 1 .मौलाना आज़ाद अल-बिलग्रामी 2 .'अब्द अल-मुक्तदिर अल-लखनवी 3 .अल-शेख अहमद अल-थानेसरी 4 .मौलाना फै द अल-हसन अल-सहारनपुरी इ काई IV: निम्नलिखित पुस्तकों का अध्ययन : 1 .अबू अल-फ़यद फ़ायदी 1 004 - 954 ) ए.एच (.द्वारा सावती अल-इल्हाम 2 .गुलाम 'अली आज़ाद अल-बिलग्रामी 1200 - 1116 ) ए.एच (.द्वारा सुबात अल-मरजान फ़ी अतहर हिंदुस्तान 3 .नुजहत अल-ख्वातिर वा बहजात अल-मसामी' वा अल-नवासिर ) इलम बि-मा फ़ि अल-हिंद मिन अल- |
| 4. अबू अल-हसन 'अली अल-हसानी अल-नदवी इ काई III: शायर : 1. मौलाना आज़ाद अल-बिलग्रामी 2. 'अब्द अल-मुक्तदिर अल-लखनवी 3. अल-शेख अहमद अल-थानेसरी 4. मौलाना फै द अल-हसान अल-सहारनपुरी इकाई IV: निम्नलिखित पुस्तकों का अध्ययन : 1. अबू अल-फ़यद फ़ायदी (954-1004 हिजरी) द्वारा सावती अल-इल्हाम 2. गुलाम 'अली आजाद अल-बिलग्रामी (1116-1200 ए.एच.) द्वारा सुबात अल-मरजान फाई अतहर हिंदुस्तान 3. नुजहत अल-ख्वातिर वा बहजात अल-मसामी' वा अल- नवासिर (इलम बि-मा फ़ि अल-हिंद मिन अल-आलम) 'अब्द अल-अय्य अल-असानी (1341 ए.एच./1923 ई.) द्वारा 4. रिजाल अल-सिंध वा अल-हिंद इला अल-क़रन अल-सबी अल-हिजरी अल-काज़ी अतहर अल-मुबारकपुरी द्वारा (1916- 1996) 5. तुहफत अल-मुजाहिदीन, ज़ैनल-दीन अल-मखदूम, अल- थानी (938-991 हिजरी) 4. पाठ्यक्रम कोड-304 अनुवाद और निबंध लेखन–III ि वषय-सामग्री: क्र े डिट इ काई I: क) राजनीतिक और कानूनी एक साथ अनुवाद (अरबी-अंग्रेजी और विलोमतः) इकाई II: ख) पत्रकारिता और र्आर्थक अनुवाद (अरबी-अंग्रेजी और विलोमतः) इकाई III: ग) निबंध लेखन (उन्नत स्तर) इकाई IV: (घ) एक साथ व्याख्या | आलम ('अब्द अल-अय्य अल-असानी 1341 ) ए.एच 1923 /. ई ( द्वारा . 4 .अल-काजी अतहर अल-मुबारकपुरी द्वारा रिजल अल- सिंध वा अल-हिंद इला अल-क़रन अल-सबी अल-हिजरी ( 1996 - 1916 ) 5. तुहफत अल-मुजाहिदीन, ज़ैनल-दीन अल-मखदूम, अल-थानी (938-991 हिजरी) 3. पाठ्यक्रम कोड–120101303 अनुवाद एवं निबंध लेखन–III ि वषय-सामग्री: क्र े डिट:06 इ काई I: राजनीतिक और कानूनी एक साथ अनुवाद (अरबी- अंग्रेज़ी और विलोमतः) इकाई II: पत्रकारिता और र्आर्थक अनुवाद (अरबी-अंग्रेज़ी और विलोमतः) इकाई III: निबंध लेखन (अग्रवर्ती स्तर) इकाई IV: एक साथ व्याख्या 4 . पाठ्यक्रम कोड–120101304 (क) खुला वैकल्पिक अरबी भाषा–I प्रस्तावना; पढ़ना और लिखना ि वषय-सामग्री: क्र े डिट:04 इकाई–I: प्रस्तावना • अरबी भाषा: उत्पत्ति और संक्षिप्त इतिहास • अरबी का अन्य भाषाओं के साथ प्रभाव और अंर्तक्क्र्र या • मध्यकालीन और आधुनिक युग में अरबीइकाई–II: पढ़ना • अरबी वणर्माला • स्वर, चिह्न और अन्य प्रतीक • संयुक्ताक्षरों का वाचन • सूर्य और चंद्राक्षर |
| स मेस्टर–IV े 1. (क) पाठ्यक्रम कोड–401 (क) (ख) पाठ्यक्रम कोड–401 (ख) (ग) पाठ्यक्रम कोड–401 (ग) (घ) पाठ्यक्रम कोड–401 (घ) | • 10. लिंग, निश्चित और अनिश्चित संज्ञा इकाई-III:लेखन • अलग-अलग अक्षर लिखने का अभ्यास • संयुक्त अक्षर और वाक्य लिखने का अभ्यास • डिक्टेशन लेना • प्रदर्शनवाचक सर्वनाम (के वल एकवचन) इकाई-IV:सुनना और बोलना • अरबी अंक 1-10 • आत्म-परिचय और अभिवादन • दैनिक उपयोग के शब्द जैसे सप्ताह के दिन, महीने, रंग, फल और सब्ज़ियाँ आदि। • सरल नाममात्र वाक्य • 10. सरल मौखिक वाक्य 4 (क) पाठ्यक्रम कोड: 120103304 (ख) खुला वैकल्पिक अरब संस्कृ ति का परिचय विषय-सामग्री: क्र े डिट:04 इकाई I: • अरब प्रायद्वीप :एक परिचय • अरब-मानवशास्त्रीय दृष्टिकोण • अरब में बेडौइन जीवन की विशेषताएँ इ काई II: • इस्लाम से पहले अरब की सामाजिक स्थिति • इस्लाम-पूर्व अरब की राजनीतिक व्यवस्था • इस्लाम-पूर्व अरब में महिलाओं और दासों की स्थिति इ काई-III • इस्लाम-पूर्व अरब में धार्र्मक स्थिति • इस्लाम का उदय और उसके बाद के राजनीतिक परिवर्तन • इस्लाम के मूल सिद्ांत और अरब में सामाजिक परिवर्तन इ काई-IV • अरब के बाहर अरब • पड़ोसी संस्कृ तियों के साथ अरबों का संपर्क |
| 2. पाठ्यक्रम कोड-402 3. पाठ्यक्रम कोड–403 4. पाठ्यक्रम कोड–404 (क) पाठ्यक्रम कोड–404 (ख) | • अरबों के शिष्टाचार सेमेस्टर–IV 1. (क) पाठ्यक्रम कोड–120102401 (क) (ख) पाठ्यक्रम कोड–120102401 (ख) (ग) पाठ्यक्रम कोड–120102401 (ग) (घ) पाठ्यक्रम कोड–120102401 (घ) 2 . पाठ्यक्रम कोड–120101402 3. पाठ्यक्रम कोड–120101403 4. पाठ्यक्रम कोड–120103404 (क) पाठ्यक्रम कोड–120103404 (ख) |
(v) अध्यादेश V (2) और VII के परिशिष्ट II में संशोधन। [ई.सी. संकल्प संख्या 42-8 (1) दिनांक 17.12.2021] अर्थशास्त्र विभाग के तहत बी.ए. प्रोग्राम एसईसी VI में डेटा विश्लेषण के लिए बुनियादी कम्प्यूटेशनल तकनीकों के लिए एलओसीएफ पर आधारित प्रस्तावित पेपरों पर अनुमोदन से संबंधित है।
निम्नलिखित सम्मिलित/जोड़ा गया है:
अर्थशास्त्र विभाग
बी.ए. (पी.) के लिए एसईसी IV (छठा सेमेस्टर)
डेटा विश्लेषण हेतु बुनियादी कम्प्यूटेशनल तकनीकें
इस पेपर का प्रयोजन/उद्देश्य:
इस कौशल संवर्धन पाठ्यक्रम (एसईसी) का मुख्य उद्देश्य बी.ए.(पी) के छात्रों को कं प्यूटर अनुप्रयोगों का उपयोग करके सांख्यिकीय तकनीकों में कौशल विकसित करने का व्यावहारिक अनुभव प्रदान करना है। यह पाठ्यक्रम छात्रों को भारतीय अर्थव्यवस्था के विभिन्न पहलुओं से संबंधित डेटा स्रोतों से परिचित कराने, र्आर्थक परिवर्तनशील के बीच सरल संबंधों का अनुमान लगाने और अनुमान परिणामों की व्याख्या करके परियोजना रिपोर्ट तैयार करने में मदद करेगा।
यह पाठ्यक्रम पिछले सेमेस्टर के एसईसी: डेटा विश्लेषण का विस्तार है, जो इस पाठ्यक्रम को लेने के लिए एक पूर्वापेक्षा है। इस पाठ्यक्रम का उद्देश्य पिछले सेमेस्टर में प्राप्त सांख्यिकी ज्ञान के आधार पर गणना कौशल विकसित करना है। पिछले सेमेस्टर के एसईसी पेपर्स, जैसे 'र्आर्थक सवेक्षण और बजट को समझना', 'शोध पद्ति' और 'डेटा विश्लेषण' के साथ, यह पाठ्यक्रम छात्रों को भारतीय अर्थव्यवस्था पर आधारभूत शोध परियोजनाएँ करने के लिए तैयार करेगा जो विभिन्न व्यवसायों में सहायक होंगी।
पाठ्यक्रम की रूपरेखा:
इकाई-I
लिबर या अपाचे द्वारा एक्सेल (माइक्रोसॉफ्ट ऑफिस)/ओपन ऑफिस का ज्ञान, स्प्रेडशीट की मूल बातें और डेटा इनपुट करना, वर्ड प्रोसेसिंग और ग्राफ और तालिकाओं के साथ डेटा की प्रस्तुति।
इकाई-II
क. अवधारणाओं की समीक्षा: कें द्रीय प्रवृत्ति के माप-माध्य, माध्यिका और बहुलक; अंकगणितीय, ज्यामितीय और हामोनिक माध्य। फै लाव के माप (मानक विचलन और प्रसरण), विषमता और कु टोसिस।
ख. वित्तीय सूत्रों की गणना का समझ: निवल वतर्मान मूल्य (एनपीसी), आंतरिक प्रतिफल दर, भविष्य मूल्य, समान मासिक किस्त (ईएमआई), चक्रवृद् िवृद् िदर।
ग. उपरोक्त गणितीय/सांख्यिकीय/वित्तीय कायों को करने के लिए स्प्रेडशीट का उपयोग करना।
इकाई-III26 THE GAZETTE OF INDIA : EXTRAORDINARY [PART III—SEC.4] क. सहसंबंध और कोटि सहसंबंध की अवधारणाओं की समीक्षा।
ख. दो-चर स्थिति (एक आश्रित और एक व्याख्यात्मक) में साधारण न्यूनतम वर्ग (ओएलएस) विधि का ज्ञान, समाश्रयण गुणांक और उपयुक्तता (R2) से संबंधित परिकल्पना का परीक्षण। अनुमान परिणामों की रिर्पोटंिग।
ग. उपरोक्त के लिए एक्सेल/जीआरईटीएल (फ्रीवेयर) का उपयोग।
इकाई-IV
अर्थशास्त्र और व्यवसाय का ज्ञान, सार्वजनिक डोमेन जैसे एनएसई, बीएसई, आरबीआई, एमओएसपीआई आदि में उपलब्ध डेटा सेट।
इकाई-V
इकाई II और III में अध्ययन की गई अवधारणाओं का उपयोग करते हुए, सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध डेटा के आधार पर एक परियोजना रिपोर्ट तैयार करना।
अंकन योजना
i. आंतरिक मूल्यांकन: 25 अंक, जैसा कि नीचे वितरित किया गया है:
क) उपस्थिति के लिए 5 अंक
ख) लिखित परीक्षा के लिए 10 अंक
ग) कं प्यूटर आधारित परीक्षा के लिए 10 अंक
ii. अंतिम सेमेस्टर मूल्यांकन: 75 अंक, जिसमें (क) इकाई V पर आधारित परियोजना के लिए 25 अंक, जो अंतिम परीक्षा से पहले जमा किए जाने हैं, और (ख) 50 अंकों की लिखित अंतिम परीक्षा, जिसमें ओएलएस से संबंधित कं प्यूटर आउटपुट की व्याख्या पर आधारित एक अनिवार्य प्रश्न शामिल होगा। अंतिम परीक्षा में प्रश्न के वल इकाई I से IV पर आधारित होंगे।
(vi) अध्यादेश V (2) और VII के परिशिष्ट II में संशोधन। [ई.सी. संकल्प संख्या 42-4 दिनांक 17.12.2021] बी.ए.
(प्रोग्राम) कौशल संवर्धन पाठ्यक्रम-बीएस-सीबीसीएस बौद् मनोविज्ञान: मन प्रबंधन के यूजीसी एलओसीएफ के अंतर्गत पाठ्यक्रम की शुरूआत से संबंधित।
निम्नलिखित जोड़ें:
सीबीसीएस (बी.ए. कार्यक्रम)
बौद् अध्ययन
| सेमेस्टर-III: एईईसी-I एसईसी- कौशल संवर्धन पाठ्यक्रम | |
| पेपर का नाम : बीएस सीबीसीएस - 507- बौद् विरासत एवं पर्यटन एवं गाइड पाठ्यक्रम कोड : बीएस सीबीसीएस - 507 पेपर का नाम : बौद् विरासत एवं पर्यटन एवं गाइड यूपीसी कोड : परीक्षा द्वारा प्रस्तुत किया जाएगा अधिकतम अंक: 100 अवधि: 3 घंटे | निर्धारित विषय/पाठ्यक्रम: I. बौद् विरासत की परिभाषा विरासत-अर्थ, विरासत पर्यटन के प्रकार; भारत में बौद् धर्म का इतिहास और विरासत; भारत में बौद् कला और वास्तुकला: एक सिंहावलोकन II. पर्यटन की मूल अवधारणा पर्यटन की परिभाषा, इतिहास और विकास; पर्यटन के प्रकार और रूप; घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय पर्यटन; परिवहन; आवास; खानपान और विपणन III. पर्यटन प्रबंधन और योजना पर्यटन योजना; ट्रैवल एजेंसी और टूर संचालन; पर्यटन संगठन ज ैसे आईटीडीसी, राज्य पर्यटन विकास निगम; विरासत प्रबंधन संगठन-यूनेस्को, एएसआई; प्राचीन स्मारक |
| सेमेस्टर-IV: एईईसी: II एसईसी-कौशल संवर्धन पाठ्यक्रम | |
| पेपर का नाम: बीएस-सीबीसीएस 508-भारत में बौद् कला और वास्तुकला पाठ्यक्रम कोड: बीएस-सीबीसीएस-508 पेपर का नाम: भारत में बौद् कला और वास्तुकला यूपीसी कोड: परीक्षा द्वारा प्रस्तुत किया जाएगा अधिकतम अंक: 100 अवधि: 3 घंटे | निर्धारित विषय/पाठ्यक्रम: इकाई I बौद् कला का ज्ञान • गांधार, मथुरा और अमरावती के विशेष संदर्भ में बौद् कला की विभिन्न शैलियाँ। इकाई II बौद् वास्तुकला • सांची, काले, नालंदा और महाबोधि महाविहार के विशेष संदर्भ में स्तूप, चैत्य और विहार वास्तुकला का विकास और विकास। इकाई III बौद् शैलकृ त वास्तुकला • अजंता के विशेष संदर्भ में बौद् शैलकृ त वास्तुकला की उत्पत्ति और विकास। इकाई IV बौद् र्मूर्तकला और चित्रकला • बुद् प्रतिमा का उद्भव और विकास • अजंता के विशेष संदर्भ में बौद् चित्रकला का ज्ञान। इकाई V बौद् प्रतिमा-विज्ञान का ज्ञान • प्रतिमा और छवि पूजा की अवधारणा और प्रतीकवाद • प्रतिमा-विज्ञान का उद्भव और विकास: ध्यानी बुद् और मानुषी ब ुद्, बोधिसत्व (अवलोकितेश्वर, मंजुश्री, वज्रपाणि) और महिला बौद् देवता। |
| अथवा | |
| सेमेस्टर-IV: एईईसी: II एसईसी-कौशल संवर्धन पाठ्यक्रम | |
| पेपर का नाम: बीएस-सीबीसीएस-508(क) बौद् पुरालेख पाठ्यक्रम कोड: बीएस-सीबीसीएस-508(क) पेपर का नाम: बौद् पुरालेख यूपीसी कोड: परीक्षा द्वारा प्रस्तुत किया जाएगा अधिकतम अंक: 100 अवधि: 3 घंटे | I. पुरालेखशास्त्र का ज्ञान • पुरालेखशास्त्र के उद्देश्य, क्षेत्र और परिभाषा। • भारत में लिपियों के प्रकार और लेखन का इतिहास। II. प्राचीन भारतीय लिपियाँ • ब्राह्मी के विशेष संदर्भ में विभिन्न लिपियों की उत्पत्ति और विकास। III. अशोकन ब्राह्मी लिपि का ज्ञान और लेखन प्रणाली। • अशोकन ब्राह्मी वणर्माला का ज्ञान। • अशोकन ब्राह्मी का बौद् संकल्पनात्मक शब्द (20 शब्द) |
| IV. चयनित शिलालेखों का अध्ययन • पिपराहावा कलश शिलालेख • लुम्बिनी स्तंभ शिलालेख • अशोक का सारनाथ स्तंभ शिलालेख • अशोक का गिरनार शिलालेख-संख्या 13 और 14 V. ब्राह्मी का देवनागरी या रोमन में और इसके विपरीत लिपि। | |
| एसईएम-V एईईसी: III एसईसी-कौशल संवर्धन पाठ्यक्रम | |
| पेपर का नाम: बीएस-सीबीसीएस-509 बौद् मनोविज्ञान: मन प्रबंधन पाठ्यक्रम कोड: बीएस-सीबीसीएस-509 पेपर का नाम: बौद् मनोविज्ञान: मन प्रबंधन यूपीसी कोड: परीक्षा द्वारा प्रस्तुत किया जाएगा अधिकतम अंक: 100 अवधि: 3 घंटे | निर्धारित विषय: खंड I प्रस्तावना: 1. मनोविज्ञान की परिभाषा, क्षेत्र, विधियाँ और शाखाएँ (बौद् मनोविज्ञान के विशेष संदर्भ में)। 2. प्रमुख दृष्टिकोण-व्यवहारवादी दृष्टिकोण: कर्म और परिणाम (सामान्य और अभिधम्मिक दृष्टिकोण में) खंड II: 1. मन: संरचना और कार्य 2. मन के प्रकार: मलिन और शुद् खंड III: संवेदना, ध्यान और प्रत्यक्षीकरण: 1. चेतना और मानसिक कारकों की परिभाषा पर संवेदना के गुण और वर्गीकरण 2. मानसिक कारकों (चेतसिका) का कार्य जो चेतना में उतार-चढ़ाव उत्पन्न करते हैं और ध्यान और विकर्षण उत्पन्न करते हैं 3. प्रत्यक्षीकरण खंड IV अध्ययन प्रक्रिया: 1. बौद् संज्ञानात्मक प्रक्रिया (चित्त-वीति)-(अध्ययन और जानने के कारक) 2. मनोद्वार वीति, और चित्त-कीच्च (जो अध्ययन प्रक्रिया, स्मृति, प्रभाव, भावनाओं के कारण, प्रतिक्रियाएँ आदि का वर्णन करते हैं) |
| एसईएम-VI: एईईसी- IV एसईसी- कौशल संवर्धन पाठ्यक्रम | |
| पेपर का नाम: बीएस-सीबीसीएस- 510 जीवन प्रबंधन: बौद् जीवन शैली पाठ्यक्रम कोड: बीएस-सीबीसीएस-510 पेपर का नाम: जीवन प्रबंधन: बौद् जीवन शैली यूपीसी कोड: परीक्षा द्वारा प्रस्तुत किया जाएगा अधिकतम अंक: 100 अवधि: 3 घंटे | निर्धारित विषय/पाठ्यक्रम: खंड I: आत्म-विश्लेषण और प्रस्तुति 1. बौद् धर्म के अनुसार जीवन क्या है? 2. आठ सांसारिक परिस्थितियाँ: जीवन के उतार-चढ़ाव 3. प्रासंगिक बौद् सुत्तों पर आधारित जीवन में कल्याण और शुभता 4. प्रासंगिक बौद् सुत्तों पर आधारित जीवन में पतन 5. प्रासंगिक बौद् सुत्तों पर आधारित सामाजिक (घरेलू) जीवन 6. प्रासंगिक बौद् सुत्तों पर आधारित र्आर्थक और राजनीतिक जीवन खंड II: सुधारात्मक व्यवहार और जीवन का परिष्कार 1. जीवन के परिष्कार और सुधारात्मक व्यवहार का अर्थ 2. कर्म की गतिशीलता और ब्रह्मांडीय नियमन के रूप में उसके प्रतिफल को समझना |
| 3. सुधारात्मक व्यवहार और जीवन के परिष्कार की विधि (i) बाधाओं और लक्ष्य की पहचान (ii) नैतिक उपदेशों (शील), ब्रह्म-विहार, पारमिता का अभ्यास, (iii) मन की साधना: एकाग्रता (समाधि) और विपश्यना (अंतदृ र्ष्टि ध्यान) |
(vii) अध्यादेश V (2) और VII के परिशिष्ट II में संशोधन [ई.सी. संकल्प संख्या 42-8 (2) दिनांक 17.12.2021] अफ्रीकी अध्ययन विभाग के अंतर्गत एम.ए. अफ्रीकी अध्ययन के प्रस्तावित पाठ्यक्रम के अनुमोदन से संबंधित है। निम्नलिखित जोड़ें:
| पेपर-19 अफ्रीकी संसाधन कू टनीति पाठ्यक्रम कोड-एएफएस-पीजी कोर्स क्रे डिट–05 शिक्षण घंटे-75 | ||
| पाठ्यक्रम का उद्देश्य | पाठ्यक्रम विवरण | मूल्यांकन विधि |
| इस शोध-पत्र का उद्देश्य छात्रों को अफ्रीका में संसाधन कू टनीति से परिचित कराना है। यह शोध-पत्र अफ्रीका में स ंसाधन वार्ता के परिवर्तनकारी प्रक्षेपवक्र के बारे में जानकारी प्रदान करने के लिए तैयार किया गया है। यह शोध-पत्र अफ्रीकी संसाधनों का क्षेत्रीय विश्लेषण करेगा। | इकाई 1 अफ्रीका में संसाधनों के लिए औपनिवेशिक संघर्ष इकाई 2 उत्तर-औपनिवेशिक काल में संसाधनों का आदान-प्रदान इकाई 3 व ैश्वीकरण के अंतर्गत संसाधन वार्ता इकाई 4 क्षेत्रीय विश्लेषण: भूमि, जल, कृ षि उत्पाद, उप-मृदा/ऊर्जा/समुद्री संसाधन | 1. आंतरिक मूल्यांकन 25 अंक 2. अंतिम सेमेस्टर परीक्षा 75 अंक कु ल 100 अंक |
| पेपर-18 भारत-अफ्रीका संबंध पाठ्यक्रम कोड-एएफएस-पीजी कोर्स क्रे डिट – 05 शिक्षण घंटे-75 | ||
| पाठ्यक्रम का उद्देश्य | पाठ्यक्रम विवरण | मूल्यांकन विधि |
| इस शोध-पत्र का उद्देश्य छात्रों को भारत और अफ्रीका के बीच संबंधों में निरंतरता और परिवर्तनों से परिचित कराना है। यह शोध-पत्र राजनीतिक और र्आर्थक संबंधों को समग्र परिप्रेक्ष्य में प्रस्तुत करने के लिए तैयार किया गया है। यह शोध-पत्र दोनों क्षेत्रों के बीच स ुरक्षा संबंधों और सांस्कृ तिक संबंधों पर प्रकाश डालेगा। | इकाई 1 भारत-अफ्रीका संबंध: एक ऐतिहासिक अंतदृ र्ष्टि इकाई 2 व ैश्वीकरण के अंतर्गत भारत-अफ्रीका स ंबंध इकाई 3 भारत-अफ्रीका सुरक्षा संबंध इकाई 4 भारत-अफ्रीका सांस्कृ तिक संबंध | मूल्यांकन विधि: 1. आंतरिक मूल्यांकन: 25 अंक 2. अंतिम सेमेस्टर परीक्षा: 75 अंक कु ल 100 अंक |
| पेपर-17 अफ्रीकी विकास का अध्ययन पाठ्यक्रम कोड-एएफएस-पीजी कोर्स क्रे डिट – 05 शिक्षण घंटे-75 | ||
| पाठ्यक्रम का उद्देश्य | पाठ्यक्रम विवरण | मूल्यांकन विधि |
| इस शोध-पत्र का उद्देश्य छात्रों को अफ्रीका में विकास के मुद्दों से परिचित | इकाई I- औपनिवेशिक विरासत, विकास की कमी, | 1. आंतरिक मूल्यांकन: 25 अंक |
| कराना है। यह शोध-पत्र अफ्रीका के विकास की ऐतिहासिक स्थिति की जानकारी प्रदान करने के लिए तैयार किया गया है। यह शोध-पत्र अफ्रीका के उप-क्षेत्रों में विकास के मामलों पर भी प्रकाश डालेगा। | निर्भरता इकाई II– स्वतंत्रतोत्तर काल में विकास योजना और रणनीतियाँ इकाई III– क्षेत्रीय संस्थाएँ और समूह इकाई IV- मामला अध्ययन: मिस्र, दक्षिण अफ्रीका, क े न्या, नाइजीरिया, डीआरसी | 2. अंतिम सेमेस्टर परीक्षा: 75 अंक कु ल 100 अंक |
| पेपर-16 अफ्रीकी विरासत का अध्ययन पाठ्यक्रम कोड-एएफएस-पीजी कोर्स क्रे डिट – 05 शिक्षण घंटे-75 | ||
| पाठ्यक्रम का उद्देश्य | पाठ्यक्रम विवरण | मूल्यांकन विधि |
| इस शोध-पत्र का उद्देश्य छात्रों को अफ्रीका की विरासत से परिचित कराना है। इसका उद्देश्य उन्हें अफ्रीका के स ंग्रहालयों, विरासत संरचनाओं, पुरातात्विक स्थलों, मौखिक परंपराओं और साहित्यिक स्रोतों के बारे में जानकारी देना है। | इकाई 1 अफ़्रीकी विरासत: एक सिंहावलोकन इकाई 2 सामाजिक संस्थाओं के रूप में संग्रहालय इकाई 3 विरासत संरचनाएँ और पुरातात्विक स्थल इकाई-4 मौखिक परंपराएँ और साहित्यिक स्रोत | 1. आंतरिक मूल्यांकन: 25 अंक 2. अंतिम सेमेस्टर परीक्षा: 75 अंक कु ल 100 अंक |
| पेपर-15 सामाजिक विज्ञान और क्षेत्र अध्ययन में अनुसंधान विधियाँ पाठ्यक्रम कोड-एएफएस-पीजी कोर्स क्रे डिट–05 शिक्षण घंटे-75 | ||
| पाठ्यक्रम का उद्देश्य | पाठ्यक्रम परिणाम और विवरण | मूल्यांकन विधि |
| 1. क्षेत्रीय/अफ्रीकी अध्ययनों पर ध्यान क ें द्रित करते हुए सामाजिक विज्ञान अनुसंधान की प्रकृ ति को समझना। 2. सामाजिक विज्ञान/अफ्रीकी अध्ययनों में अनुसंधान की विभिन्न विधियों और तकनीकों को समझना। 3. अफ्रीकी मामलों पर अनुसंधान करने क े लिए विद्वानों में कौशल विकसित करना। | पाठ्यक्रम परिणाम: पाठ्यक्रम प्रतियोगिता के बाद, छात्र अनुसंधान के अर्थ, अनुसंधान के प्रकार, विभिन्न शोध डिज़ाइनों और अनुसंधान के विभिन्न उपकरणों को व्यापक रूप से समझ सकें गे। इससे उन्हें अनुसंधान समस्याओं की पहचान करने, आँकड़ा स ंग्रह और सांख्यिकीय तकनीकों सहित आँकड़ा विश्लेषण के लिए साधन और तकनीकें विकसित करने में मदद मिलेगी। व े एक सुदृढ़ शोध प्रवृत्ति विकसित कर सकें गे और शोध-प्रबंध/शोध-पत्र/शोध रिपोर्ट लिखने में सक्षम होंगे। प ाठ्यक्रम विवरण: इकाई 1 सामाजिक विज्ञान एवं क्षेत्र अध्ययन अनुसंधान की प्रकृ ति, स्रोत एवं समस्याएँ | 1. आंतरिक मूल्यांकन: 25 अंक 2. अंतिम सेमेस्टर परीक्षा: 75 अंक कु ल 100 अंक |
| इकाई 2 अनुसंधान दृष्टिकोण और अनुसंधान डिजाइन इकाई 3 अनुसंधान में नीतिशास्त्र इकाई 4 डेटा संग्रह, विश्लेषण और प्रस्तुति | ||
| पेपर-13 अफ्रीका में सामाजिक और राजनीतिक विचार पाठ्यक्रम कोड-एएफएस-पीजी कोर्स क्रे डिट – 05 शिक्षण घंटे-75 | ||
| पाठ्यक्रम का उद्देश्य | पाठ्यक्रम विवरण | मूल्यांकन विधि |
| इस शोध-पत्र का उद्देश्य छात्रों को अफ्रीका-कें द्रित विचारों से एक व्यावहारिक परिप्रेक्ष्य में परिचित कराना है। यह शोध-पत्र सामाजिक यथार्थ पर अफ़्रीकी विचारों से अवगत कराने के लिए तैयार किया गया है। यह शोध-पत्र अफ़्रीकी विचारों को राजनीतिक दृष्टिकोण से भी देखेगा। | इकाई I- अफ़्रोसेंट्रिक प्रतिमान: एक ज्ञान इकाई II– पैन अफ़्रीकनिज़्म और नेग्रिट्यूड इकाई III- अफ़्रीकी उदारवाद और उबु ंटू इकाई IV- अफ़्रीकी समाजवाद और उजाम्मा | 1. आंतरिक मूल्यांकन: 25 अंक 2. अंतिम सेमेस्टर परीक्षा: 75 अंक कु ल 100 अंक |
| पेपर-12 अफ्रीका में पर्यावरणीय मुद्दे पाठ्यक्रम कोड-एएफएस-पीजी कोर्स क्रे डिट – 05 शिक्षण घंटे-75 | ||
| पाठ्यक्रम का उद्देश्य | पाठ्यक्रम विवरण | मूल्यांकन विधि |
| यह शोध-पत्र विविध पृष्ठभूमि के छात्रों क े लिए अफ्रीका में पर्यावरण और स ंसाधन प्रबंधन की बहु-विषयकता को समझने का आधार तैयार करता है। इसका उद्देश्य छात्रों को पर्यावरण और स ंसाधन प्रबंधन के ज्ञान और कौशल से सक्षम करना है। | इकाई 1 पर्यावरण और विकास: एक प्रस्तावना इकाई 2 प्राकृ तिक संसाधनों का शासन और प्रबंधन इकाई 3 मरुस्थलीकरण, सूखा, बाढ़ और ईंधन इकाई 4 असंतुलित औद्योगीकरण, वनों की कटाई और प्रवास | 1. आंतरिक मूल्यांकन: 25 अंक 2. अंतिम सेमेस्टर परीक्षा: 75 अंक कु ल 100 अंक |
| पेपर-11 अफ्रीका में शांति और संघर्ष समाधान पाठ्यक्रम कोड-एएफएस-पीजी कोर्स क्रे डिट – 05 शिक्षण घंटे-75 | ||
| प ाठ्यक्रम का उद्देश्य | पाठ्यक्रम विवरण | मूल्यांकन विधि |
| इस शोध-पत्र का उद्देश्य छात्रों को अफ्रीका में शांति और संघर्ष के मुद्दों का ज्ञान देना है। यह शोध-पत्र अफ्रीकी स ंघषों के नियंत्रण, रोकथाम और | इकाई 1 अफ्रीका में संघर्ष: कारण, श्रेणियाँ, लागत इकाई 2 | 1. आंतरिक मूल्यांकन: 25 अंक 2. अंतिम सेमेस्टर परीक्षा: 75 अंक |
| समाधान में शामिल जटिलताओं के बारे में जानकारी देने के लिए तैयार किया गया है। यह शोध-पत्र बाहरी और आंतरिक प्रतिक्रियाओं की पड़ताल करेगा। | अफ्रीका में संघषों पर नियंत्रण: संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद और आईसीसी की भ ूमिका इकाई 3 स ंघर्ष निवारण और शांति स्थापना के प्रयास: ओएयू, एयू, आरईसी की भूमिका इकाई 4 शांति और संघर्ष समाधान के स्थानीय प्रयोग: टीआरसी | कु ल 100 अंक | |||
| पेपर-10 वैश्विक मामलों में अफ्रीका पाठ्यक्रम कोड-एएफएस-पीजी कोर्स क्रे डिट – 05 शिक्षण घंटे-75 | |||||
| पाठ्यक्रम का उद्देश्य | पाठ्यक्रम परिणाम और विवरण | मूल्यांकन विधि | |||
| इस शोध-पत्र का उद्देश्य छात्रों को ऐतिहासिक और समकालीन संदर्भ में अफ्रीका क े पारंपरिक और उभरती शक्तियों के साथ स ंबंधों से ज्ञान प्रदान करना है। यह शोध-पत्र व ैश्विक संस्थाओं के साथ अफ्रीका के संबंधों के बारे में जानकारी प्रदान करने के लिए तैयार किया गया है। यह शोध-पत्र अफ्रीका और भारत के बीच संबंधों पर प्रकाश डालेगा। | पाठ्यक्रम परिणाम पाठ्यक्रम प्रतियोगिता के बाद, छात्र पारंपरिक और उभरती शक्तियों के साथ अफ्रीका के संबंधों की व्यापक समझ हासिल कर सकें गे। इससे उन्हें ऐसे संबंधों के ऐतिहासिक आधार और समकालीन प्राथमिकताओं का विश्लेषण करने में मदद मिलेगी। वे व ैश्विक संस्थाओं के साथ अफ्रीका के अंतसंिबंध को समग्र दृष्टिकोण से समझ सकें गे। पाठ्यक्रम विवरण: इकाई I- अफ्रीका और वैश्विक उत्तर इकाई II- अफ्रीका और वैश्विक दक्षिण इकाई III- अफ्रीका और वैश्विक स ंस्थाएँ इकाई IV- अफ्रीका और भारत | 1 . आंतरिक मूल्यांकन: 25 अंक 2. अंतिम सेमेस्टर परीक्षा: 75 अंक कु ल 100 अंक | |||
| पेपर-9 प्रवासी और अंतर्राष्ट्रीय संबंध पाठ्यक्रम कोड-एएफएस-पीजी कोर्स क्रे डिट – 05 शिक्षण घंटे-75 | |||||
| पाठ्यक्रम का उद्देश्य | पाठ्यक्रम विवरण | मूल्यांकन विधि | |||
| इस शोध-पत्र का उद्देश्य छात्रों को प्रवासी समुदाय की अवधारणाओं का ज्ञान प्रदान करना है। इसे बहु-विषयक दृष्टिकोण से प्रवासी समुदाय को समझने के लिए तैयार किया गया है। यह विश्व के प्रमुख प्रवासी समुदायों के विभिन्न मुद्दों और पहलुओं पर एक व्यापक अवलोकन और अंतदृ र्ष्टि प्रदान करेगा। यह शोध-पत्र भारत और अफ्रीका के बीच प्रवासी संबंधों पर और गहराई से | इकाई 1 प्रवासी समुदाय की अवधारणा इकाई 2 प्रवासी जुड़ाव: मुद्दे और चुनौतियाँ इकाई 3 प्रमुख वैश्विक प्रवासी इकाई 4 भारत-अफ्रीका प्रवासी संबंध | 1. आंतरिक मूल्यांकन: 25 अंक 2. अंतिम सेमेस्टर परीक्षा: 75 अंक कु ल 100 अंक |
| विचार करेगा। | ||
| पेपर-8 अफ्रीका की राजनीतिक अर्थव्यवस्था पाठ्यक्रम कोड-एएफएस-पीजी कोर्स क्रे डिट – 05 शिक्षण घंटे-75 | ||
| पाठ्यक्रम का उद्देश्य | पाठ्यक्रम परिणाम और विवरण | मूल्यांकन विधि |
| इस शोध-पत्र का उद्देश्य छात्रों को समकालीन अफ्रीका की राजनीतिक अर्थव्यवस्था का ज्ञान प्रदान करना है। यह शोध-पत्र अफ्रीका के विकास पथ के बारे में जानकारी प्रदान करने के लिए तैयार किया गया है। यह अफ्रीकी अर्थव्यवस्था के वृहद चालकों पर नज़र डालेगा। यह शोध-पत्र व ैश्वीकरण के तहत अफ्रीका में परिवर्तन प्रक्रिया का और विश्लेषण करेगा। | पाठ्यक्रम परिणाम: पाठ्यक्रम प्रतियोगिता के बाद, छात्र समकालीन अफ्रीका की राजनीतिक अर्थव्यवस्था को समझने में सक्षम होंगे। इससे उन्हें अफ्रीकी अर्थव्यवस्था क े वृहद चालकों का विश्लेषण करने में मदद मिलेगी। वे अफ्रीका के विकास पथ को देख पाएँगे और वैश्वीकरण के तहत इसके परिवर्तन को समझ पाएँगे। पाठ्यक्रम विवरण: पाठ्यक्रम विवरण: इकाई I- अफ्रीका में र्आर्थक संकट: कारण और परिणाम इकाई II- निर्भरता और अविकसितता इकाई III- विदेशी सहायता, ऋण स ंकट, खाद्य सुरक्षा, बहुराष्ट्रीय क ं पनियाँ इकाई IV- अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय स ंस्थानों की भूमिका | 1. आंतरिक मूल्यांकन: 25 अंक 2. अंतिम सेमेस्टर परीक्षा: 75 अंक कु ल 100 अंक |
| पेपर-7 अफ्रीका में राज्य और समाज पाठ्यक्रम कोड-एएफएस-पीजी कोर्स क्रे डिट – 05 शिक्षण घंटे-75 | ||
| प ाठ्यक्रम का उद्देश्य | पाठ्यक्रम विवरण | मूल्यांकन विधि |
| इस शोध-पत्र का उद्देश्य छात्रों को अफ्रीका की पारंपरिक सामाजिक संरचनाओं से परिचित कराना है। इसका उद्देश्य अफ्रीका क े सामाजिक स्तरीकरण और विशिष्ट पहचानों की व्यापक समझ विकसित करना है। यह शोध-पत्र अफ्रीका में परंपरा और आधुनिकता के अंतसंिबंध पर भी प्रकाश डालेगा। | इकाई 1 अफ़्रीकी समाजों की पारंपरिक संरचनाएँ इकाई 2 सामाजिक वर्ग और कु लीन समूहों का उदय इकाई 3 सामाजिक संबंधों का पुनर्गठन इकाई-4 अफ़्रीकी जनजातियाँ- व ैश्वीकरण का प्रभाव | 1. आंतरिक मूल्यांकन: 25 अंक 2. अंतिम सेमेस्टर परीक्षा: 75 अंक कु ल 100 अंक |
| पेपर-6 अफ़्रीकी इतिहास का अवलोकन पाठ्यक्रम कोड-एएफएस-पीजी कोर्स क्रे डिट – 05 शिक्षण घंटे-75 | ||
| पाठ्यक्रम का उद्देश्य | पाठ्यक्रम विवरण | मूल्यांकन विधि |
| इस शोध-पत्र का उद्देश्य छात्रों को अफ्रीकी इतिहास के स्रोतों से परिचित कराना है। इसका उद्देश्य उन्हें अफ्रीका में प्राचीन साम्राज्यों, दास व्यापार, उपनिवेशवाद और राष्ट्रवाद के बारे में जानकारी देना है। | इकाई 1 अफ़्रीकी इतिहास के स्रोत इकाई 2 प्राचीन अफ़्रीकी साम्राज्य इकाई 3 दास व्यापार इकाई-4 उपनिवेशवाद और अफ़्रीकी राष्ट्रवाद | 1. आंतरिक मूल्यांकन: 25 अंक 2. अंतिम सेमेस्टर परीक्षा: 75 अंक कु ल 100 अंक |
| पेपर-5 अफ़्रीकी भूगोल का परिचय पाठ्यक्रम कोड-एएफएस-पीजी कोर्स क्रे डिट – 05 शिक्षण घंटे-75 | ||
| प ाठ्यक्रम का उद्देश्य | पाठ्यक्रम विवरण | मूल्यांकन विधि |
| इस शोध-पत्र का उद्देश्य छात्रों को अफ्रीका क े भूगोल के भौतिक, र्आर्थक, जनसांख्यिकीय और राजनीतिक आयामों से परिचित कराना है। इसे अफ्रीका के क्षेत्रीय भ ूगोल के बारे में जानकारी देने के लिए डिज़ाइन किया गया है। | इकाई 1 भौतिक भूगोल इकाई 2 र्आर्थक भूगोल इकाई 3 जनसांख्यिकी और राजनीतिक भूगोल इकाई 4 क्षेत्रीय भूगोल | 1. आंतरिक मूल्यांकन: 25 अंक 2. अंतिम सेमेस्टर परीक्षा: 75 अंक कु ल 100 अंक |
| पेपर-4 तुलनात्मक सरकार और राजनीति पाठ्यक्रम कोड-एएफएस-पीजी कोर्स क्रे डिट – 05 शिक्षण घंटे-75 | ||
| पाठ्यक्रम का उद्देश्य | पाठ्यक्रम विवरण | मूल्यांकन विधि |
| इस शोध-पत्र का उद्देश्य छात्रों को तुलनात्मक परिप्रेक्ष्य में सरकार और राजनीति से परिचित कराना है। यह तुलनात्मक राजनीतिक विश्लेषण की अवधारणाओं से अवगत कराने के लिए तैयार किया गया है। यह वैश्विक समावेशी दृष्टिकोण से राज्य संरचनाओं, संविधान निर्माण परंपराओं और सरकारों के प्रकारों पर विचार करेगा। यह शोध-पत्र राजनीतिक दल प्रणालियों, मीडिया और नागरिक समाज संगठनों का भी विश्लेषण करेगा। | इकाई 1 तुलनात्मक राजनीतिक विश्लेषण में अवधारणाएँ इकाई 2 राज्य संरचनाएँ, संविधान निर्माण परंपराएँ और सरकारों के प्रकार इकाई 3 राजनीतिक दल प्रणालियाँ इकाई 4 मीडिया और नागरिक समाज संगठन | 1. आंतरिक मूल्यांकन: 25 अंक 2. अंतिम सेमेस्टर परीक्षा: 75 अंक कु ल 100 अंक |
| पेपर-3 विदेश नीति, कू टनीति और विकास पाठ्यक्रम कोड-एएफएस-पीजी कोर्स क्रे डिट – 05 शिक्षण घंटे-75 | ||
| पाठ्यक्रम का उद्देश्य | पाठ्यक्रम विवरण | मूल्यांकन विधि |
| इस शोध-पत्र का उद्देश्य छात्रों को विदेश नीति, कू टनीति और विकास के बीच अंतसंिबंधों से परिचित कराना है। यह शोध- पत्र विदेश नीति के ऐतिहासिक और स ैद्ांतिक परिप्रेक्ष्यों से अवगत कराने के लिए तैयार किया गया है। इसमें विदेश नीति के प्रमुख पहलुओं का विश्लेषण किया | इकाई 1 विदेश नीति को समझना: ऐतिहासिक और सैद्ांतिक परिप्रेक्ष्य इकाई 2 विदेश नीति विश्लेषण: कर्ता, संदर्भ, लक्ष्य | 1. आंतरिक मूल्यांकन: 25 अंक 2. अंतिम सेमेस्टर परीक्षा: 75 अंक कु ल 100 अंक |
| जाएगा। शोध-पत्र में विदेश नीति के मामला अध्ययन पर भी विस्तार से चर्चा की जाएगी। | इकाई 3 विदेश नीति और कू टनीति: विकास आख्यान इकाई 4 विदेश नीति मामला अध्ययन | |
| पेपर-2 अंतर्राष्ट्रीय संबंधों के विचारक पाठ्यक्रम कोड-एएफएस-पीजी कोर्स क्रे डिट – 05 शिक्षण घंटे-75 | ||
| पाठ्यक्रम का उद्देश्य | पाठ्यक्रम विवरण | मूल्यांकन विधि |
| इस शोध-पत्र का उद्देश्य छात्रों को अंतर्राष्ट्रीय संबंधों के विभिन्न विचारकों से परिचित कराना है। यह शोध-पत्र उन प्रखर विचारकों के बारे में जानकारी प्रदान करने क े लिए तैयार किया गया है जिनके विचार इस विषय को वैश्विक रूप से समावेशी दृष्टिकोण से समझने के लिए प्रासंगिक हैं। इसमें अंतर्राष्ट्रीय संबंधों पर पश्चिम के च ुनिंदा विचारकों पर चर्चा की जाएगी। शोध-पत्र में एशिया, अफ्रीका और लैटिन अमेरिका के प्रतिनिधि विचारकों पर भी चर्चा की जाएगी। | इकाई 1 पश्चिम में विचारक: वुडरो विल्सन, हंस जे. मोगेंथाऊ, ई. एच. कै र, एरिक हॉब्सबॉम इकाई 2 एशिया में विचारक: दादाभाई नौरोजी, गांधी, माओत्से तु ग, ं अयातुल्ला खुमैनी इकाई 3 अफ़्रीका में विचारक: क्वामे नक्रू मा, ज ूलियस न्येरेरे, एम्लिकल कै ब्रल, फ़्रांट्जज़ फ़ै नोन इकाई 4 लैटिन अमेरिका में विचारक: साइमन बोलिवर, लियोपोल्डो ज़िया, पाउलो फ़्र े यर, गेब्रियल र्गार्सया माके ज़ | 1. आंतरिक मूल्यांकन: 25 अंक 2. अंतिम सेमेस्टर परीक्षा: 75 अंक कु ल 100 अंक |
| पेपर- 1 अंतर्राष्ट्रीय संबंधों के सिद्ांत और दृष्टिकोण पाठ्यक्रम कोड-एएफएस-पीजी कोर्स क्रे डिट – 05 शिक्षण घंटे-75 | ||
| पाठ्यक्रम का उद्देश्य | पाठ्यक्रम विवरण | मूल्यांकन विधि |
| इस शोध-पत्र का उद्देश्य छात्रों को अंतर्राष्ट्रीय संबंधों के विभिन्न सिद्ांतों से परिचित कराना है। यह इस विषय को समझने के लिए प्रयुक्त विभिन्न दृष्टिकोणों की व्याख्या करने के लिए तैयार किया गया है। इसमें यथार्थवाद के विभिन्न रूपों और आदर्शवाद/उदारवाद के पहलुओं पर चर्चा की जाएगी। यह शोध-पत्र अंतर्राष्ट्रीय संबंधों में वैकल्पिक दृष्टिकोणों और गैर-पश्चिमी विचारों पर भी प्रकाश डालेगा। | इकाई 1 यथार्थवाद और उसके रूप: शास्त्रीय यथार्थवाद, संरचनात्मक यथार्थवाद, नवशास्त्रीय यथार्थवाद, निम्नवर्गीय यथार्थवाद इकाई 2 आदर्शवाद/उदारवाद: उदारवादी अंतर्राष्ट्रीयवाद, नवउदारवाद, अंतर्राष्ट्रीय समाज/अंग्रेजी स्कू ल इकाई 3 अंतर्राष्ट्रीय संबंधों में वैकल्पिक दृष्टिकोण: माक्र्सवाद, नवमाक्र्सवाद, | 1. आंतरिक मूल्यांकन: 25 अंक 2. अंतिम सेमेस्टर परीक्षा: 75 अंक कु ल 100 अंक |
| रचनावाद, नारीवाद, आलोचनात्मक सिद्ांत, उत्तर-आधुनिकतावाद, उत्तर-उपनिवेशवाद इकाई 4 गैर-पश्चिमी अंतर्राष्ट्रीय संबंध: गुटनिरपेक्षता, इस्लामी सिद्ांत, हिंदू सिद्ांत, चीनी अंतर्राष्ट्रीय संबंध, अफ्रीकी उदारवाद, अफ्रीकी समाजवाद | ||||||
| अंतर्राष्ट्रीय संबंध और अफ्रीकी अध्ययन में एम.ए. दो वर्षीय पाठ्यक्रम (चार सेमेस्टर) | ||||||
| कार्यक्रम संरचना | मुख्य पेपर | |||||
| एमए (अंतर्राष्ट्रीय संबंध एवं अफ्रीकी अध्ययन) दो वर्षीय कार्यक्रम है जिसमें चार सेमेस्टर होते हैं। छात्रों को सोलह पेपर पूरे करने होते हैं (प्रत्येक सेमेस्टर में चार पेपर और प्रत्येक पेपर में पाँच क्रे डिट होते हैं)। पहले दो सेमेस्टर के आठ पेपर मुख्य पेपर होते हैं और बाकी दो सेमेस्टर के आठ वैकल्पिक पेपर होते हैं। शुल्क: विश्वविद्यालय के नियमों के अनुसार सीटों की संख्या: 40 | स ेमेस्टर-I 1. अंतर्राष्ट्रीय संबंधों के सिद्ांत और दृष्टिकोण 2. अंतर्राष्ट्रीय संबंधों में विचारक 3. विदेश नीति, कू टनीति और विकास 4. तुलनात्मक सरकार और राजनीति स ेमेस्टर II 1. अफ्रीकी भूगोल का ज्ञान 2. अफ्रीकी इतिहास का अवलोकन 3. अफ्रीका में राज्य और समाज 4. अफ्रीका का राजनीतिक अर्थशास्त्र व ैकल्पिक पेपर स ेमेस्टर III (के वल चार पेपर) 1. प्रवासी और अंतर्राष्ट्रीय संबंध 2. वैश्विक मामलों में अफ्रीका 3. अफ्रीका में शांति और संघर्ष समाधान 4. अफ्रीका में पर्यावरणीय मुद्दे 5. अफ्रीका में सामाजिक और राजनीतिक विचार 6. स्वाहिली भाषा 7. सामाजिक विज्ञान और क्षेत्र अध्ययन में अनुसंधान विधियाँ (अनिवार्य) स ेमेस्टर IV (के वल चार पेपर) 1. अफ्रीकी विरासत का अध्ययन 2. अफ्रीकी विकास का अध्ययन 3. भारत-अफ्रीका संबंध 4. अफ्रीकी संसाधन कू टनीति 5. अफ्रीका में महिलाएँ और लैंगिकता 6. परियोजना/क्षेत्र अनुसंधान (अनिवार्य) | |||||
| पेपर 14 स्वाहिली भाषा | ||||||
| से मेस्टर | परीक्षा संरचना | निदेशों का तरीका | ||||
| स ेमेस्टर 1 • स्वाहिली भाषा की उत्पत्ति और विकास • पूर्वी अफ़्रीकी देशों की स ंस्कृ ति और समाज की | लिखित: • आंतरिक मूल्यांकन अंतिम सेमेस्टर परीक्षा • मौखिक: अंतिम सेमेस्टर परीक्षा के समय • | • व्याख्यान • यूट्यूब वीडियो पावरपॉइंट प्रस्तुति • शिक्षक द्वारा प्रदान की • जाने वाली मुख्य सामग्री |
| ब ुनियादी समझ • स्वाहिली अभिवादन और आत्म-ज्ञान • बुनियादी व्याकरण: संज्ञा, क्रिया, मूल काल, विशेषणों का वर्गीकरण। • क्रिया के भाव; क्रमागत और समकालिक काल • प्रदर्शनवाचक क्रियाएँ • संबंधवाचक सर्वनाम • गिनती • समय की गणना, सप्ताह के दिन | और अभ्यास फ्लिप अध्ययन विधि • | |
| स ेमेस्टर – II • सशर्त काल • प्रश्नवाचक • संयुक्त काल • सापेक्ष कण क्रिया व्युत्पन्न • • संयोजक • नकारात्मक वाक्य उपयोगी वाक्यांश और कु छ मुहावरे | मौखिक: • आंतरिक मूल्यांकन अंतिम सेमेस्टर परीक्षा • मौखिक: अंतिम सेमेस्टर परीक्षा के समय | • व्याख्यान • यूट्यूब वीडियो • पावरपॉइंट प्रस्तुति शिक्षक द्वारा प्रदान • की जाने वाली मुख्य सामग्री और अभ्यास फ्लिप अध्ययन विधि |
विकास गुप्ता, कु ल सचिव
[विज्ञापन-III/4/असा./568/2025-26]
UNIVERSITY OF DELHI
NOTIFICATION
New Delhi, the 8th August, 2025
F.No. CNC-II/093/1(17)/2021-22/233— In exercise of the powers conferred by sub-sections (1) of Section 31 of the Delhi University Act 1922 (VIII of 1922), the Executive Council, with the approval of the Visitor, hereby makes the following amendments further to amend the Delhi University Ordinances, namely:-
1. Short Title and Commencement:
(i) Amendment to Ordinance V (2) and VII.
(ii) They shall come into force on the date of their publication in the Official Gazette.
2. The consequential amendments to Ordinance V (2) and VII of the Ordinances of the University shall
be substituted as under:
(i) Amendment to Ordinance V (2) & VII. [E.C Res. 8-1-3 dated 31.08.2021]
M.Sc. Biochemistry
| Existing | Amended | ||||||||||
| Part I: Semester I | Part I: Semester I | ||||||||||
| Paper Code | Paper title | Type of Course | Credit | Paper Code | Paper title | Type of Course | Credit | ||||
| BCCC101 | Proteins – Structure, Folding and Engineering | Core | 4 | BCCC101 | Proteins – Structure, Folding and Engineering | Core | 4 | ||||
| BCEC101 | Infectious | Elective | 4 | BCEC101 | Infectious | Elective | 4 |
| Part I : Semester II P art II : Semester III Part II : Semester IV | B CEC102 | Diseases: Molecular basis, Control and Prevention OR Intermediary Metabolism and Clinical Correlation | Part I : Semester II P art II : Semester III Part II : Semester IV | B CEC102 | Diseases: Molecular basis, Control and Prevention OR Intermediary Metabolism and Clinical Correlation | ||||||||
| BCEC103 B CEC104 | Life Style Disorders: Cancer and Cardiovascular Diseases OR Advanced Techniques in Biochemistry | Elective | 4 | BCEC103 B CEC104 | Life Style Disorders: Cancer and Cardiovascular Diseases OR Advanced Techniques in Biochemistry | Elective | 4 | ||||||
| BCCC102 | Seminar on current topics | Core | 4 | ||||||||||
| BCCC102 | Seminar on current topics | Core | 4 | ||||||||||
| BCCC103 | Practicals | Core | 8 | ||||||||||
| BCCC103 | Practicals | Core | 8 | Total Credits | 24 | ||||||||
| Total Credits | 24 | ||||||||||||
| Paper Code | Paper title | Type of Course | Credit | ||||||||||
| Paper Code | Paper title | Type of Course | Credit | ||||||||||
| BCOE201 | Basics of Biochemistry | Open Elective | 4 | ||||||||||
| BCCC201 | Cell Biology | Core | 4 | ||||||||||
| BCCC202 | Immunology and Immunotechniques | Core | 4 | BCCC202 | Immunology and Immunotechniques | Core | 4 | ||||||
| BCCC203 | Enzymes and their Biotechnological Applications | Core | 4 | BCCC203 | Enzymes and their Biotechnological Applications | Core | 4 | ||||||
| BCCC204 | Molecular Biology | Core | 4 | BCCC204 | Molecular Biology | Core | 4 | ||||||
| BCCC205 | Practicals | Core | 8 | BCCC205 | Practicals | Core | 8 | ||||||
| Total Credits | 24 | Total Credits | 24 | ||||||||||
| Paper Code | Paper title | Type of Course | Credit | Paper Code | Paper title | Type of Course | Credit | ||||||
| BCCC301 | Recombinant DNA Technology and Applications in Biotechnology | Core | 4 | BCCC301 | Recombinant DNA Technology and Applications in Biotechnology | Core | 4 | ||||||
| BCCC302 | Developmental Biology | Core | 4 | BCCC302 | Developmental Biology | Core | 4 | ||||||
| BCCC303 | Proteomics and Metabolomics | Core | 4 | BCCC303 | Cell Biology | Core | 4 | ||||||
| BCCC304 | Presentation : Concepts in Research | Core | 4 | ||||||||||
| BCCC304 | Presentation : Concepts in Research | Core | 4 | ||||||||||
| BCCC305 | Practical Skills in Research | Core | 8 | ||||||||||
| BCCC305 | Practical Skills in Research | Core | 8 | ||||||||||
| Total Credits | 24 | ||||||||||||
| Total Credits | 24 | ||||||||||||
| Paper Code | Paper title | Type of Course | Credit | ||||||||||
| Paper Code | Paper title | Type of Course | Credit | ||||||||||
| BCCC401 | Advanced Techniques in Genomics for Biotechnology | Core | 4 | ||||||||||
| BCCC401 | Advanced Techniques in Genomics for | Core | 4 |
| Biotechnology | BCCC402 | Dissertation by Research | Core | 16 | |||||||
| BCOE401 | Basics of Biochemistry | Open Elective | 4 | ||||||||
| BCCC403 | Proteomics and Metabolomics | Core | 4 | ||||||||
| BCCC402 | Dissertation by Research | Core | 16 | ||||||||
| Total Credits | 24 | ||||||||||
| Total Credits | 24 |
(i) Amendment to Ordinance V (2) & VII. [E.C Res. 8-1-4 dated 31.08.2021]
| Existing | Amended | NaN | |||||||||||||||
| Part I: Semester I P art I : Semester II | P art I: Semester I P art I : Semester II | NaN | |||||||||||||||
| Paper Code | Paper title | Type of Course | Credit | NaN | |||||||||||||
| Paper Code | Paper title | Type of Course | Credit | NaN | |||||||||||||
| BPCC101: OR BPCC102 | Introductory Biology (for students with Physical Science background) OR Introductory Physics &Chemistry (for students with Biological Science background) | Core | 4 | NaN | |||||||||||||
| BPCC101 OR BPCC102 | Introductory Biology (for students with Physical Science background) OR Introductory Physics &Chemistry (for students with Biological Science background) | Core | 4 | NaN | |||||||||||||
| BPCC103 | Mathematics and Statistics for Life Sciences | Core | 4 | NaN | |||||||||||||
| BPCC104 | Concepts of Biochemistry | Core | 4 | NaN | |||||||||||||
| MBCC301 Molecular Biology (from Department of Microbiology, University of Delhi South Campus) | Core | 4 | NaN | ||||||||||||||
| BPCC103 | Mathematics and Statistics for Life Sciences | Core | 4 | NaN | |||||||||||||
| BPCC105 | PRACTICALS (Based on BPCC104 & MBCC301) | Core | 8 | BPCC104 | Concepts of Biochemistry | Core | 4 | NaN | |||||||||
| BPCC105 | Computer Applications in Biology | Core | 4 | NaN | |||||||||||||
| Total Credits | 24 | NaN | |||||||||||||||
| NaN | |||||||||||||||||
| BPCC106 | Practicals-I (Based on BPCC104 and BPCC105) | Core | 8 | NaN | |||||||||||||
| Total Credits | 24 | NaN | |||||||||||||||
| NaN | |||||||||||||||||
| Paper Code | Paper title | Type of Course | Credit | Paper Code | Paper title | Type of Course | Credi t | NaN | |||||||||
| BPCC021 | Molecular Biophysics | Core | 4 | NaN | |||||||||||||
| BPCC201 | Molecular Biophysics | Core | 4 | NaN | |||||||||||||
| BPCC202 | Physical Methods in Biology | Core | 4 | NaN | |||||||||||||
| BPCC202 | Physical Methods in Biology | Core | 4 | NaN | |||||||||||||
| GENCC204 | RECOMBINANT DNA TECHNOLOGY(from Department of Genetics, University of Delhi South Campus) | Core | 4 | NaN | |||||||||||||
| GENCC20 4 | RECOMBINAN T DNA TECHNOLOG Y (from Department of | Core | 4 | NaN | |||||||||||||
| NaN | |||||||||||||||||
| Part II : Semester III Part II : Semester IV | BPCC203 | PRACTICALS (Based on Papers BPCC201, BPCC202, GENCC204) | Core | 8 | Part II : Semester III P art II : Semester IV | Genetics, University of Delhi South Campus) | NaN | ||||||||||
| BPEC201 OR BPEC202 | Photo-Biophysics, Radiation & Environmental Biophysics OR Programming and Data Analytics | Elective | 4 | BPCC203 | Practicals-II (Based on Papers BPCC201, BPCC202, GENCC204) | Core | 8 | NaN | |||||||||
| BPEC201 OR BPEC202 | Photo- Biophysics, Radiation & Environmental Biophysics OR Programming and Data Analytics | Electiv e | 4 | NaN | |||||||||||||
| Total Credits | 24 | NaN | |||||||||||||||
| NaN | |||||||||||||||||
| Total Credits | 24 | NaN | |||||||||||||||
| NaN | |||||||||||||||||
| Paper Code | Paper title | Type of Course | Credit | NaN | |||||||||||||
| BPCC301 | Cellular Biophysics & Bioenergetics | Core | 4 | NaN | |||||||||||||
| Paper Code | Paper title | Type of Course | Credit | NaN | |||||||||||||
| BPCC302 | Computer Applications in Biology | Core | 4 | NaN | |||||||||||||
| BPCC303 | Physiological Biophysics | Core | 4 | BPCC301 | Cellular Biophysics & Bioenergetics | Core | 4 | NaN | |||||||||
| BPCC304 | PRACTICALS-III (Based on Papers BPCC301, BPCC302, BPCC303) | Core | 8 | NaN | |||||||||||||
| BPCC302 | Physiological Biophysics | Core | 4 | NaN | |||||||||||||
| MBCC301 Molecular | Biology (from Department of Microbiology, University of Delhi South Campus) | Core | 4 | NaN | |||||||||||||
| BPEC301 OR BCCC302 | Methods in High- throughput Biology OR Developmental Biology (from Department of Biochemistry, University of Delhi South Campus) | Elective | 4 | NaN | |||||||||||||
| BPCC303 | Practicals-III (Based on BPCC301, BPCC302, MBCC303) | Core | 8 | NaN | |||||||||||||
| Total Credits | 24 | NaN | |||||||||||||||
| NaN | |||||||||||||||||
| BPEC301 OR BCCC302 | Methods in High-throughput Biology OR Developmental Biology (from Department of Biochemistry, University of Delhi South Campus) | Elective | 4 | NaN | |||||||||||||
| Total Credits | 24 | NaN | |||||||||||||||
| NaN | |||||||||||||||||
| Paper Code | Paper title | Type of Course | Credit | NaN | |||||||||||||
| BPCC401 Membrane Biophysics and | Core | 4 | NaN |
| Paper Code | Paper title | Type of Course | Credi t | Neuro-Biophysics | |||||||
| BPCC402 | Dissertation/ Project | Core | 16 | ||||||||
| BPCC40 1 | Membrane Biophysics and Neuro-Biophysics | Core | 4 | ||||||||
| BPOE401 | Theoretical& Mathematical Biology | Open Elective | 4 | ||||||||
| BPCC40 2 | DISSERTATION/PROJE CT | Core | 16 | ||||||||
| Total Credits | 24 | ||||||||||
| BPOE40 1 | Theoretical & Mathematical Biology | Open Electiv e | 4 | ||||||||
| Total Credits | 24 |
(iii) Amendment to Appendix II to Ordinance V (2) & VII. [E.C Res. No. 42-3 dated 17.12.2021] regarding
modification of the following courses under UGC LOCF in the Department of Sanskrit to be implemented
from the academic session 2021-2022.
M.A Sanskrit
| Paper No. | Existing | Amended | ||||
| Core- 201 | CC- 201: Darṡana: Nyāya & Vedānta दवन :न्याय र्एं र्ेदान्त M Duration: 64 hrs. (04 weeks). (4 Theories = 4 credits) Unit wise Division Unit I तवक भाषा (वे र्मनश्र) - ास्त्र वी मनर्मध प्र्रृमनयाँ, वारण, वरण र्एं अन्यामनद्ध, प्रनाणर्स्रूप र्एं तद्भेद – प्रत्यक्ष । U nit II तवक भाषा (वे र्मनश्र) - अनुनान, उपनान र्एं ब्द, अाकपमन र्एं अनुपलमब्ध वा र्स्रूप ता तमनषयव र्मप्रमतपमनयों वा मनरान, प्रानाण्र्याद , प्रनेयमनरूपण - आत्ना, दुुःख र्एं अर्पवक वे ना नभी प्रनेय - नंय, प्रयोनि, दृष्टान्त, मनद्धान्त, र्अर्य, तवक , मनणकय, र्ाद, ल्पि, र्मतण्डा र्एं हेर्त्ाभान । U nit III र्ेदान्तनार (नदानन्द) - अमधवारिमनरूपण, र्ेदान्त, अनुबन्धचतुष्टयमनरूपण, अध्यारोप, अज्ञान वा र्स्रूप र्एं अज्ञान वी मनयाँ, प्रपञ्चमनरूपण = ािग्रदामद तीनों र्अस्ाओं र्एं रीरों न ें व्याप्त पञ्चवोोपेत अज्ञान वी ननमष्ट र्एं व्यमष्ट ता चैतन्यों वा मनरूपण, नृमष्टप्रमनया र्एं तदुपमहत पञ्चीवरण। U nit IV र्ेदान्तनार (नदानन्द) - आत्नर्स्रूप र्मषयव र्मप्रमतपमनयाँ र्एं उनवा मनरावरण, अर्पाद, नर्हााक्याकमनणकय, र्ृमन वे वायक र्एं उनवे भेद, श्र्रण, ननन, मनमदध्यानन ननामध, ीिर्न्नुमन र्एं र्एं र्मदेहनुमन । र्ईाास्योपमनषद् - र्मेषतुः नैमतवदकन, आत्नर्स्रूप, | Semester: II, MA (Sanskrit) Core Course CC- 201: Darṡana:Nyāya & Vedānta दवन :न्याय र्एं र्ेदान्त aximum Marks: 100 (70+30) Maximum Marks: 100 (70+30) Duration: 64 hrs. (16 weeks). (4 Theories = 4 credits) 01 Tutorial = 01 Total =05 credit U nit wise Division Unit I तवक भाषा (वे र्मनश्र) - ास्त्र वी मनर्मध प्र्रृमनयाँ, वारण, वरण र्एं अन्यामनद्ध, प्रनाणर्स्रूप र्एं तद्भेद – प्रत्यक्ष । U nit II तवक भाषा (वे र्मनश्र) - अनुनान, उपनान र्एं ब्द, अाकपमन र्एं अनुपलमब्ध वा र्स्रूप ता तमनषयव र्मप्रमतपमनयों वा मनरान, प्रानाण्र्याद , प्रनेयमनरूपण - आत्ना, दुुःख र्एं अर्पवक वे ना नभी प्रनेय - नंय, प्रयोनि, दृष्टान्त, मनद्धान्त, र्अर्य, तवक , मनणकय, र्ाद, ल्पि, र्मतण्डा र्एं हेर्त्ाभान । U nit III र्ेदान्तनार (नदानन्द) - अमधवारिमनरूपण, र्ेदान्त, अनुबन्धचतुष्टयमनरूपण, अध्यारोप, अज्ञान वा र्स्रूप र्एं अज्ञान वी मनयाँ, प्रपञ्चमनरूपण = ािग्रदामद तीनों र्अस्ाओं र्एं रीरों नें व्याप्त पञ्चवोोपेत अज्ञान वी ननमष्ट र्एं व्यमष्ट ता तदुपमहत चैतन्यों वा मनरूपण, नृमष्टप्रमनया र्एं पञ्चीवरण। U nit IV र्ेदान्तनार (नदानन्द) - आत्नर्स्रूप र्मषयव र्मप्रमतपमनयाँ र्एं उनवा मनरावरण, अर्पाद, नर्हााक्याकमनणकय, र्ृमन वे वायक र्एं उनवे भेद, श्र्रण, ननन, मनमदध्यानन र्एं ननामध, ीिर्न्नुमन र्एं र्मदेहनुमन Basic Structure of Question Paper & Division of Marks | ||||
| (i) | Four Explanations (one from each of the Units.) | 04 x07 = 28 | ||||
| (ii) | Four short notes (one from each of the Units, (one in Sanskrit) | 05+05 +05+0 7 = 22 | ||||
| (iii) Two critical Questions | 02 x10 | |||||
| र्मद्या-अर्मद्या ता नम्भूमत-अनम्भूमत Basic Structure of Question Paper & Division of Marks | = 20 | ||||||||||||||||
| TOTAL | 70 | ||||||||||||||||
| (i) | Four Explanations (one from each of the Units from Tarkbhāśā and Vedantasara only) | 04 x07 = 28 | |||||||||||||||
| (ii) | Four short notes (one from each of the Units, one in Sanskrit from Ishavasyopanisad only) | 05+05 +05+ 07= 22 | |||||||||||||||
| (iii) | Two critical Questions from Tarkbhāśā and Vedantasara only | 02 x10 = 20 | |||||||||||||||
| TOTAL | 70 | ||||||||||||||||
| Core -204 | New Amendment | Semester: II, MA (Sanskrit) Core Course 204 : An introduction to Itihāsa and Pūraṇic texts. इततहास र्एं पुराणसातहत्य का सामान्य परिचय Maximum Marks: 100 (70+30) Duration: 60 hrs. (16 weeks). (4 Theories = 4 credits) (1 Tutorial – 1 credits) Total = 05 credits Unit Wise Division Basic Structure of Question Paper & Division of Marks | |||||||||||||||
| Unit-I | पुराण- | ( ) - 62 र्ायुपुराण पृुचरित नदालना 25 ) - नावक ण्डेयपुराण उद्बोधन ( | [15 Hrs.] | ||||||||||||||
| Unit- II | रामायण- | 3/16/1-42(हेनन्र्तणकन) 5/15 अोर्वमनवा नें नीता | [15 Hrs.] | ||||||||||||||
| Unit- III | (महाभारत) | उद्योवर्पक 131 - 134(र्मदुरापुनानुाननन्) भर्वद्गीता 15 र्ाँ अध्याय | [15 Hrs.] | ||||||||||||||
| Unit- IV | (पुराणेततहा स र्सेक्षण) | पुराण- परिभाषा, र्मभानि, पुराण र्एं उपपुराणों वी र्मषर्यस्तु वी भाषा और ैली, भौवोमलव, ऐमतहामनव र्एं नांस्वृ मतव नहत्र्त् रानायण नहाभारत - र्एं वालमनधाकरण, र्मभाव, वाव्यात्नव, र्मषर्यस्तु, ऐमतहामनव , नानामवि, नांस्वृ मतव, भौवोमलव आमद दृमष्ट ने नहत्र्त् | [15 Hrs.] | ||||||||||||||
| (i) | Four explanations from 1-3 Units (covering each Units, One should be in Sanskrit) | 05+05+05 + 07=22 |
| (All Questions should be asked with options) | (ii) | Four short notes (one from each units) | 04 x07 = 28 | |||||
| (iii) | Two analytical Questions (From 4th Unit) | 02 x10 =20 | ||||||
| TOTAL | 70 | |||||||
| OEC -305 | New amendment | OEC-305: Linguistic Speculations in Sanskrit संस्कृ त में भाषार्तषयक तचन्तन Maximum Marks: 100 (70+30) Duration: 64 hrs. (04 weeks). (4 Theories = 4 credits) Unit Wise Division Basic Structure of Question Paper & Division of Marks | ||||||
| Unit- I | General Study of the following: Prātiśākhya, Śikṣā, Ṡākalya, Śākaṭāyana, Vyāḍi, Yāska, Pāṇini, Kātyayana, Patañjali, Bhartṛhari, Kaiyaṭa, Nāgeśa, Kumārila, Prabhākara, Jagadisha Tarkalankara. | |||||||
| Unit- II | Vākyapadīya, Kānḍa 2, Kārikās 1-2 & 117-152, 8 definitions regarding the sentence, 12 definitions regarding word- meaning, Pratibha theory of meaning | |||||||
| Unit- III | Nyāyasiddhāntamuktāvalī- śhabdakhaṇḍa- Process of Sentence meaning, Functions of word- Abhidhā (Primary function of the word), Means to śaktigraha, PadaPadartha, Instrumentals of Sentence meaning | |||||||
| Unit- IV | Apoha Theory of Meaning, Abhihitānvayavāda and Anvitābhidhānavāda, Theory of Sphoṭa and śabdabrahman | |||||||
| (i) | 3 short notes from first unit | 5+5+5=15 | ||||||
| (ii) | 3 explanatory questions from second and third unit | 13+13+13 =39 | ||||||
| (iii) | 2 Exhaustive notes from fourth Unit | 08 +08 =16 | ||||||
| TOTAL | 70 | |||||||
| OEC – 306 | New Amendment | SEMESTER: III OPEN ELECTIVE COURSE OEC-306: Outline of Culture & Civilization in Sanskrit Literature न ंस्वृ र्ताङ्मय नें प्रमतपामदत नभ्यता र्एं नंस्वृ मत वी रूपरेखा Maximum Marks: 100 (70+30) (4 Theories = 4 credits) Unit Wise Division | ||||||
| Unit-I | नभ्यता र्एं नंस्वृ मत वी परिभाषा र्एं र्स्रूप, प्राचीन भारतीय नभ्यता र्मेषताएँ, र्ैमदव उनर र्एं नंस्वृ मत वी र्एं र्ैमदववालीन नभ्यता र्एं नंस्वृ मत (नानामवि, रानिैमतव, आमकव र्एं धामनकव मस्मतयों वे नन्दभक नें) | |||||||
| Unit- II | नहावाव्य (रानायण र्एं नहाभारत) र्एं पुराणों नें प्रमतपामदत |
| B asic Structure of Question Paper & Division of Marks | नभ्यता र्एं नंस्वृ मत (नानामवि, रानिैमतव, आमकव र्एं धामनकव मस्मतयों वे नन्दभक नें) | ||||||||||||||||
| Unit- III | न र्णकव्र्यस्ा, आश्रनव्र्यस्ा, पुरुषाक-चतुष्टय, ंस्वार, न ें प्राचीन भारत नारी वी मस्मत, प्राचीन भारतीय मक्षाप्रणाली र्एं मक्षण-नंस्ान | ||||||||||||||||
| Unit- IV | ैर्, र्ैष्र्ण, बौद्ध र्एं ैिन धनों वा उद्र्भ, र्मवान र्एं नुख्य मनद्धान्त | ||||||||||||||||
| (i) | Four long-answer questions (one from each Unit) | 12x4 = 48 | |||||||||||||||
| (ii) | Four short notes (one from each Unit) | 5.5x4 =22 | |||||||||||||||
| TOTAL MARKS | 70 | ||||||||||||||||
| Core- 403 | Core Course CC- 403: Darṡana: Sāṅkhya & Mīmāṁsā दवन :सांख्य र्एं मीमांसा Maximum Marks: 100 (70+30) Duration: 64 hrs. (04 weeks) (4 Theories = 4 credits) Unit Wise Division Basic Structure of Question Paper & Division of Marks | CC- 403: Darṡana: Sāṅkhya & Mīmāṁsā दवन :सांख्य र्एं मीमांसा M aximum Marks: 100 (70+30) Duration: 64 hrs. (16 weeks) (4 Theories = 4 credits) 01 Tutorial = 01 credits Total = 05 credits Unit Wise Division | |||||||||||||||
| Unit- I | सांख्यकारिका (ईश्वरकृ ष्ण) - दुःखत्रयवाद, प्रमाण, सत्कार्यवाद, प्रकृ ति का स्वरूप, सिद् िएवं गुणत्रय, पुरुष का स्वरूप एवं सिद्,ि सृष्टिप्रक्रिया सर्ग एवं प्रत्यय-सर्ग, सूक्ष्म-शरीर, बन्ध एवं मोक्ष। | - भौतिक- | Unit- I | (ईश्वरकृ ष्ण) - प्रनाण, सांख्यकारिका दुुःखनर्याद, नत्वायर्काद, प्रवृ मत वा र्स्रूप, मनमद्ध र्एं वुणनय, पुरुष वा - र्स्रूप र्एं मनमद्ध, नृमष्टप्रमनया भौमतव-नवक र्एं प्रत्यय-नवक, न ूक्ष्न-रीर, बन्ध र्एं नोक्ष। | |||||||||||||
| Unit -II | श्वेताश्वतरोपनिषद् (के वल 1-4 अध्याय) | Unit -II | सांख्यकारिका (ईश्वरकृ ष्ण) - पुरुष वा र्स्रूप र्एं मनमद्ध, नृमष्टप्रमनया - भौमतव-नवक र्एं प्रत्यय-नवक, नूक्ष्न-रीर, बन्ध र्एं नोक्ष। | ||||||||||||||
| Unit -III | अर्थसंग्रह (लौगाक्षिभास्कर) - धर्म, भावना, वेद की अपौरुषेयता, विधि, गुणविधि विशिष्टविधि, उत्पत्तिविधि, विनियोगविधि, प्रयोगविधि तथा अधिकारविधि। | ||||||||||||||||
| Unit और -III | (लौगातक्षभास्कर) - धनक, र्भाना, र्ेद वी अवसंग्रह अपौरुषेयता, र्ममध, वुणर्ममध और र्ममष्टर्ममध, उत्पमनर्ममध, र्ममनयोवर्ममध, प्रयोवर्ममध ता अमधवारर्ममध। | ||||||||||||||||
| Unit -IV एवं | अर्थसंग्रह (लौगाक्षिभास्कर) - मन्त्र, नामधेय, निषेध अर्थवाद, अपूर्वविधि नियमविधि, परिसंख्याविधि तथा ग्रन्थ के शेष भाग का अध्ययन। | ||||||||||||||||
| Unit और -IV | अवसंग्रह (लौगातक्षभास्कर) - नन्न, नानधेय, मनषेध र्एं अर्काद, अर्पूकर्ममध और मनयनर्ममध, परिनंख्यार्ममध ता ग्रन् व े ेष भाव वा अध्ययन। | ||||||||||||||||
| B asic Structure of Question Paper & Division of Marks | |||||||||||||||||
| (i) | Four Explanations (one from I, III and IV Unit) | 04x07 = 28 | |||||||||||||||
| (i) | Four Explanations (one from each of the unit) | 04x07 = 28 | |||||||||||||||
| (ii) | Four short notes (one from each of the Units, one in Sanskrit) | 5+5+5+0 7=22 | |||||||||||||||
| (ii) | Four short notes (one from each of the Units, one in Sanskrit from Shvetashvatarop anisad) | 5+5+5+ 07=22 | |||||||||||||||
| (iii) | Two critical Questions (one from each of the Unit) | 02x10=20 | |||||||||||||||
| TOTAL MARKS | 70 | ||||||||||||||||
| (iii) | Two critical Questions from Sankhyakarika and Arthasangraha only | 02x10 =20 |
| TOTAL MARKS | 70 | |||||||||||
| Core- 404 | New Amendment | Core Course 404 : The philosophy of Aupaniṣadic tradition उपतनषद्-दवन Maximum Marks: 100 (70+30) Duration: 60 hrs. (16 weeks) (4 Theories = 4 credits) 1-Tutorial= 1 credit Total = 05 Credits Unit Wise Division B asic Structure of Question Paper & Division of Marks (All Questions should be ask with options) | ||||||||||
| Unit- I | र्ईाास्योपमनषद् | [15 Hrs.] | ||||||||||
| Unit- II | – प्रन र्एं मनतीय श्वेताश्वतरोपमनषद् अध्याय | [15 Hrs.] | ||||||||||
| Unit- III | श्वेताश्वतरोपमनषद्, अध्याय - तृतीय र्एं चतुक। | [15 Hrs.] | ||||||||||
| Unit- IV | र्स्रूप उपमनषत्नामहत्य वा र्नेक्षण , - र्स्रूप, न नन्दे ब्रह्म नृमष्टर्मद्या , , , ीिर्, आत्ना , ंख्या प्रमतपाद्यर्मषय आमद । | [15 Hrs.] | ||||||||||
| (i) | Four explanations from 1-3 Units (covering each Units, One should be in Sanskrit) | 5+5+5+ 07=22 | ||||||||||
| (ii) | Four short notes (one from each Units) | 04x07= 28 | ||||||||||
| (iii) | Two analytical Questions (From 4th Unit) | 02x10= 20 | ||||||||||
| TOTAL MARKS | 70 | |||||||||||
| OEC- 405 | New Amendment | OEC-405: Linguistic Speculations in Sanskrit संस्कृ त में भाषार्तषयक तचन्तन (Concept based module for the students of other than Sanskrit) Maximum Marks: 100 (70+30) Duration: 64 hrs. (16 weeks) (4 Theories = 4 credits) Unit Wise Division | ||||||||||
| Unit- I | General Study of the following: Prātiśākhya, Śikṣā, Ṡākalya, Śākaṭāyana, Vyāḍi, Yāska, Pāṇini, Kātyayana, Patañjali, Bhartṛhari, Kaiyaṭa, Nāgeśa, Kumārila, Prabhākara, Jagadisha Tarkalankara. | |||||||||||
| Unit -II | Vākyapadīya, Kānḍa 2, Kārikās 1-2 & 117-152, 8 definitions regarding the sentence, 12 definitions regarding word- meaning, Pratibha theory of meaning. | |||||||||||
| Unit -III | Nyāyasiddhāntamuktāvalī-śhabdakhaṇḍa- Process of Sentence meaning, Functions of word- Abhidhā (Primary function of the word), Means to śaktigraha, PadaPadartha, Instrumentals of Sentence meaning | |||||||||||
| Unit -IV | Apoha Theory of Meaning, Abhihitānvayavāda and Anvitābhidhānavāda, Theory of Sphoṭa |
| B asic Structure of Question Paper & Division of Marks | and śabdabrahman | ||||||
| (i) | 3 short notes from first unit | 5+5+5= 15 | |||||
| (ii) | 3 Explanatory questions from second and third units | 13+13+ 13 = 39 | |||||
| (iii) | 2 Exhaustive notes from fourth unit | 8+8= 16 | |||||
| TOTAL MARKS | 70 | ||||||
| OEC- 406 | New Amendment | OEC- 406: Vedic Exegesis, History & Thought र् ैतदक-व्याख्या, इततहास र्एं तचन्तन Maximum Marks: 100 (70+30) Duration: 64 hrs. (16 weeks) (4 Theories = 4 credits) Unit wise Division B asic Structure of Question Paper & Division of Marks **Note : (This OEC is opted by the students of Sanskrit other than "A" Group) | |||||
| Unit- I | र् ैतदक व्याख्या : प्राच्यपद्धमत -(i) र्ेदव्याख्यान परम्परा, (ii) प्राचीन ता आधुमनव व्याख्यावारुः नायण, दयानन्द, अरर्मन्द, नार्तलेवर, नधुनूदनओझा, आनन्दवु नारर्स्ानी, वपालीास्त्री, आर .एन.दाण्डेवर इत्यामद। | ||||||
| Unit -II | र् ैतदक व्याख्या : प्रतीच्यपद्धमत – पाश्चात्य र्मनानों वा योवदान, र्मेषतुः - रॉ, र्वेन , लुडर्मव ,वेल्डनर, नैक्ननूलर, महलेब्रान्ट, मग्रमन, र्मल्नन इत्यामद। | ||||||
| Unit -III | र् ैतदक सातहत्य का इततहास - ऋर्ग्ेदनंमहता, र्युिेदनंमहता, नार्नेदनंमहता र्एं र्अर्केदनंमहता ;र्ेदों वी ाखाएँ ,परिचय र्एं र्ेदों वा वालमनधाकरण, ब्राह्मणनामहत्य, आरण्यव और उपमनषद् :परिचय, र्ेदाङ्व नामहत्य :परिचय । | ||||||
| Unit -IV | र् ैतदक तचन्तन - र्ैमदवर्देता, र्ैमदवननाि, र्ेदों वी अपौरुषेयता र्एं मनत्यता, ऋत वी र्अधारणा, र्ैमदवदकन | | ||||||
| (i) | Four long-answer questions (one from each Unit) | 12x4 = 48 | |||||
| (ii) | Four short notes. One should be must in Sanskrit (one from each Unit) | 5+5+5+ 7= 22 | |||||
| TOTAL MARKS | 70 | ||||||
| OEC- 407 | New Amendment | OEC-407: Survey of Indian Philosophy भारतीय दवन का र्सेक्षण Maximum Marks: 100 (70+30) Duration: 64 hrs. (16 weeks) (4 Theories = 4 credits) Unit Wise Division | |||||
| Unit- I | र्सदवनसंग्रह (मार्धाचाय) : र्चााकवनत र्एं ैिननत | ||||||
| Unit -II | र्सदवनसंग्रह (मार्धाचाय) : बौद्धनत र्एं ैर्नत | ||||||
| Unit -III | भारतीयदवन का आलोचनात्मक र्सेक्षण - भारतीय दकन व े प्रनुख र्मचारणीय पक्षों वा आलोचनात्नव अध्ययन- आत्ना र्एं परनात्ना (ईश्वर), वायकवारणमनद्धान्त, नोक्ष, वनक र्एं पुनकिन्न, प्रनाण, प्रानाण्र्याद ता ख्यामर्ताद आमद। | ||||||
| Unit | भारतीयदवन का आलोचनात्मक र्सेक्षण - प्रनुख भारतीय | ||||||
| Basic Structure of Question Paper & Division of Marks **Note : (This OEC is opted by the students of Sanskrit other than "B" Group) | -IV | दाकमनव नतों (नांख्य, योव, न्याय, र्ैेमषव, नीनांना, र्ेदान्त) वा ऐमतहामनव र्नेक्षण। भारतीय दकन वे प्रनुख आचायक (ैिमनमन, बादरायण, वमपल, पतञ्मिल, वौतन, वणाद, ंवर और र्ाचस्पमत मनश्र) ता उनवे र्अदानों वा परिचय। | |||||
| (i) | Four long-answer questions | 12x4 = (one from each Unit) 48 | |||||
| (ii) | Four short notes. One should be must in Sanskrit (one from each Unit) | 5+5+5+ 7= 22 | |||||
| TOTAL MARKS | 70 | ||||||
| OEC 408 | New Amendment | OEC-408 : Daśarūpaka & Survey of Sanskrit Poetics दवरूपक र्एं संस्कृ त-काव्यवास्त्र का र्सेक्षण Maximum Marks: 100 (70+30) Duration: 64 hrs. (16 weeks) (4 Theories = 4 credits) Unit Wise Division Basic Structure of Question Paper & Division of Marks **Note : (This OEC is opted by the students of Sanskrit other than "C" Group) | |||||
| दवरूपक (र्अलोकसतहत) | |||||||
| Unit- I | दरूपव - ग्रन् वा प्रयोनि, रूपव वे भेद, रूपवों वे भेदवतत्र्त्, र्स्तु वा र्स्रूप र्एं भेद, अक-प्रवृ मतयाँ, वायार्कस्ाएँ, नंमधयाँ, अोपक्षेपव, नायव वे वुण, नायव वे प्रवार, नामयवाभेद, नायव व े नहायव र्एं नामयवा वी नहामयवाएँ, नाट्र्यृमनयाँ, र्ृमनयों वे र्मषय नें उद्भटामद वे नत वा मनरावरण र्एं र्अमष्ट भाव वा अध्ययन। | ||||||
| Unit -II | रनयोनिा, व्यमभचारी र्भा, स्ायी र्भा रनयोनिा वे अंव, (र्भाों वे र्मरोधार्मरोध पर र्मचार), नाट्य नें ान्तरन वा मनषेध, स्ायी र्भा ता रन वा वाव्य ने नम्बन्ध – र्ध्मर्नादी मनद्धान्त, रन वा आश्रय, भाव्य- र्पूकपक्ष, दरूपववार वा र्भावमनद्धान्त, रन वी प्रमनया ता र्स्रूप र्एं र्अमष्ट भाव वा अध्ययन। | ||||||
| Unit -III | अलङ्वार-मनद्धान्त, र्ध्मन-मनद्धान्त, रन- वुण-रीमत-मनद्धान्त, मनद्धान्त, र्नोमन-मनद्धान्त र्एं औमचत्य-मनद्धान्त। | ||||||
| Unit -IV | भरतनुमन, अमग्नपुराण, र्मष्णुधनोनर-पुराण, भानह, दण्डी, उद्भट, न रुद्रट, राेिखर, नमहनभट्ट, भोरिाि, रुय्यव, ुवु लभट्ट, नावरनन्दी, हेनचन्द्र, रानचन्द्र-वुणचन्द्र, यिर्दे, ारदातनय, मनहभूपाल, भानुदनमनश्र, रूपवोर्स्ानी, अप्पयदीमक्षत, पमण्डतराि विन्ना। | ||||||
| (i) | Four Explanations (one from each of the Units) | 04x07= 28 | |||||
| (ii) | Four short notes (one from each of the Units with options, one in Sanskrit) | 5+5+5+ 7= 22 | |||||
| (iii) | Two critical Questions (One from each units with options) | 02x10= 20 | |||||
| TOTAL MARKS | 70 | ||||||
| OEC- 409 | New Amendment | OEC-409 : Siddhāntakaumudī (kṛdanta) and History of Sanskrit Grammar तसद्धान्तकौमुदी (कृ दन्त) र्एं संस्कृ त व्याकरणवास्त्र का इततहास Maximum Marks: 100 (70+30) Duration: 64 hrs. (16 weeks) (4 Theories = 4 credits) Unit Wise Division B asic Structure of Question Paper & Division of Marks **Note : (This OEC is opted by the students of Sanskrit other than "D" Group) | |||||
| Unit- I | मनद्धान्तवौनुदी: र्पूकवृ दन्त: (न–प्रत्ययप्रवरण वे द्र्रनूमतकस्पकयोुः श्युः ने र्मवु मनपरिभ्युःस्लन् नूनों वो छोड़वर) | ||||||
| Unit -II | मनद्धान्तवौनुदी: वृ दन्त-प्रवरण, उनरवृ दन्त (उणामदरमहत) । | ||||||
| Unit -III | संस्कृ त व्याकरणवास्त्र का इततहास - पामणमनर्पूक र्ैयावरण आचायों वा योवदान, नुमननय (पामणमन, वात्यायन, पतञ्मिल) वा वाल र्एं योवदान, पामणन्युनरव्यावरण-नम्प्रदायों वा र्नेक्षण: चान्द्र, वातन्न, ैिनेन्द्र, हैन, भोि, नुपद्म, हरिनानानृत आमद। | ||||||
| Unit- IV | संस्कृ त व्याकरणवास्त्र का इततहास - अष्टाध्यायी वी र्ृमन- परम्परा, पामणमन-व्यावरण नें प्रमनयाग्रन्ों वा योवदान, भतृ पामणमन-परम्परा वे दाकमनव आचायक : कहरि, भट्टोमदिीमक्षत, वौण्डभट्ट, नावे आमद। | ||||||
| (i) | Eight Explanations of Sutras (two from each Unit) | 8 x 3.5 = 28 | |||||
| (ii) | Eight Explanations of the derivational process (two from each Unit) | 8 x 3.5 = 28 | |||||
| (iii) | One critical question | 1 x 7 = 7 | |||||
| (iv) | One short notes in Sanskrit | 1 x 7 = 7 | |||||
| TOTAL | 70 | ||||||
| OEC- 410 | New Amendment | OEC-410: Āpastambadharmasūtra & History of Dharmaśāstra आपस्तम्बधमसूत्र र्एं धमवास्त्र का इततहास Maximum Marks: 100 (70+30) Duration: 64 hrs. (16 weeks) (4 Theories = 4 credits) Unit Wise Division Basic Structure of Question Paper & Division of Marks **Note : (This OEC is opted by the students of Sanskrit other than | |||||
| Unit- I | आपस्तम्बधनकनून - प्रन प्रश्न | ||||||
| Unit -II | आपस्तम्बधनकनून - मनतीय प्रश्न) । | ||||||
| Unit -III | धनकास्त्र वा इमतहान - धनकास्त्र वे आचायक - नेधामतम, द र्मज्ञानेश्वर, लक्ष्नीधर, ेर्ण्णभट्ट, चण्डेश्वर, ीिनूर्ताहन, नार्धाचायक, र्ाचस्पमतमनश्र, वनलावरभट्ट, मननमनश्र, रघुनन्दन। | ||||||
| Unit -IV | धनकास्त्र वा इमतहान - धनकास्त्र वे प्रनुखमनद्धान्त - र्णक, मस्त्रयों वी मस्मत, श्रौतयाव, राधिनक, आश्रन, नंस्वार, दण्डव्र्यस्ा, धनकास्त्र र्मषयव अध्ययन आधुमनव (र्स्ातन््योनरवाल)| | ||||||
| (i) | Four Explanations (one from each of the Units) | 4 x 7 = 28 | |||||
| (ii) | Four short notes (one from each of the Units with options, one in Sanskrit) | 5+5+5+07 =22 | |||||
| (iii) | Two critical Questions (One from each of the units with options) | 02x10=20 | |||||
| Total: 70 | |||||||
| "E" Group) | |||||||
| OEC- 411 | New Amendment | OEC-411: Indian Paleography भारतीयपुरातलतप-वास्त्र Maximum Marks: 100 (70+30) Duration: 64 hrs. (16 weeks) (4 Theories = 4 credits) Unit Wise Division B asic Structure of Question Paper & Division of Marks **Note : (This OEC is opted by the students of Sanskrit other than "F" Group) | |||||
| Unit-I | 1.भारत नें लेखन वला वी प्राचीनता 2.प्राचीन भारत नें प्रयुन होने र्ाली मलमपयों वा र्णकन 3.भारतीय मलमपयों वी उत्पमन 4.अोव वे वाल ने लेवर 8 र्ीं ती तव ब्राह्मी मलमप र्एं खरोष्ठी मलमप वा र्मवान | ||||||
| Unit- II | 1.लेखनवला वी नानग्री, पुस्तवालय र्एं नंग्रहालय वा प्रयोव 2.लेखन र्एं उत्वीणकन वा व्र्यनाय 3.अमभलेखों वे र्वीवरण 4.अमभलेखों वे नंवलन वे प्रवार 5.अमभलेखों नें आवतर्नंत् व (र्मननर्नंत्, ख (वर्नंत्, व (वुप्तर्नंत्, घ (हषकर्नंत् | ||||||
| Unit- III | भारत नें अमभलेख वे अध्ययन वा इमतहान | ||||||
| Unit- IV | अमभलेखों वे अध्ययन वा नहत्र्त् | ||||||
| (i) | Two questions (From first unit) | 8 x 2 = 16 | |||||
| (ii) | Introduction to the two characters (for development of Brahmi Script) | 7 x 1 = 07 | |||||
| (iii) | Three questions (From II unit) | 8 x 3 = 24 | |||||
| (iv) | One short notes (About Samvat, from II unit) | 7 x 1 = 07 | |||||
| (v) | One Question (From III unit) | 9 x 1 = 09 | |||||
| (vi) | Two Short notes in Sanskrit (From IV unit) | 3.5 x 2 = 07 | |||||
| Total Marks | 70 | ||||||
| OEC 412 | New Amendment | OEC-412: Sanskrit Novel and Survey of Modern Sanskrit Literature संस्कृ त उपन्यास तवा आधुतनक संस्कृ त सातहत्य का र्सेक्षण Maximum Marks: 100 (70+30) Duration: 64 hrs. (16 weeks) (4 Theories = 4 credits) Unit Wise Division | |||||
| Unit-I | नीना (उपन्यान) 1-2 परिच्छेद | ||||||
| Unit- II | नीना (उपन्यान) 3-4 परिच्छेद | ||||||
| Unit- III | प्रनुख आधुमनव नंस्वृ त नहावाव्य ,रूपव र्एं वद्यवाव्य , आधुमनव नंस्वृ त नामहत्य वी प्रनुख र्नीन र्मधाएँ र्एं प्र्रृमनयाँ | ||||||
| B asic Structure of Question Paper & Division of Marks **Note : (This OEC is opted by the students of Sanskrit other than "G" Group) | Unit- IV | – अमम्बवादन आधुमनव नंस्वृ त वे प्रमतमनमध नामहत्यवार व्यान, नुराप्रनाद दीमक्षत, हरिदान मनद्धान्र्तावी, अप्पारार्म र ेडवर, हृषीवे भट्टाचायक, श्रीधर भास्वर र्णेवर, नूलंवर र्मनल नामणवलाल यामज्ञव, र्ीरेन्द्र वु नार भट्टाचायक, यतीन्द्र चौधुरी, रना चौधुरी, लीलार्रा दयाल, श्रीपाद हनूरवर, र्नन्त ्यम्बव ेर्ड़े, ओवेमट नाक परीमक्षत, भट्टनुराना ास्त्री, ािनर्वील्लभ ास्त्री, नत्यव्रत ास्त्री, रमनवमबहारी ोिी, अमभराि राेिन्द्र मनश्र, वे र्चन्द्र दान, हषर्दिे नार्ध, वामलवा प्रनाद ुक्ल, परनानन्द ास्त्री। | |||||
| (i) | Four Explanations (one from each of the Units) | 04x 7= 28 | |||||
| (ii) | Four short notes (one from each of the Units with options, one in Sanskrit) | 5+5+5+07 =22 | |||||
| (iii) | Two critical Questions (One from each of the units with options) | 02x10=20 | |||||
| Total Marks | 70 | ||||||
| OEC 413 | New Amendment | OEC-413: Survey of Puranic Literature पौरातणक सातहत्य का र्सेक्षण Maximum Marks: 100 (70+30) Duration: 64 hrs. (16 weeks) (4 Theories = 4 credits) Unit Wise Division B asic Structure of Question Paper & Division of Marks **Note : (This OEC is opted by the students of Sanskrit other than "H" Group) | |||||
| Unit-I | पुराणों वी परिभाषा, पुराणों वा र्मभानि, पुराणों र्एं उपपुराणों वी भाषा और ैली | ||||||
| Unit- II | पुराणों र्एं उपपुराणों वी र्मषर्यस्तु, पुराणों वा ऐमतहामनव नहत्र्त् | ||||||
| Unit- III | पुराणों र्एं उपपुराणों नें भौवोमलव नानग्री, पुराणों वा नांस्वृ मतव नहत्र्त् | ||||||
| Unit- IV | पौरामणव धनों वी प्रवृ मत, रचनात्नव नामहत्य वे स्ट्रोतग्रन् वे रूप नें पुराण | ||||||
| (i) | Four long-answer questions (one from each Unit) | 14+14+14 +14 = 56 | |||||
| (ii) | Two short notes (One to be answered in Sanskrit) | 7+7= 14 | |||||
| Total Marks | 70 | ||||||
| OEC 414 | New Amendment | OEC- 414 Survey of Indian Astrology भारतीय ज्योततषवास्त्र का र्सेक्षण Maximum Marks: 100 (70+30) Duration: 64 hrs. (16 weeks) (4 Theories = 4 credits) Unit Wise Division | |||||
| Unit-I | ज्योमतषास्त्र वी परिभाषा, ज्योमतषास्त्र वा उद्र्भ, नमनवर्मवान, पञ्चस्वन्धात्नव ज्योमतष, ज्योमतषास्त्र वा नहत्र्त्, उपयोमवता र् वालर्मभानि ) र्वीवरण | ||||||
| Unit- II | प्रश्नास्त्र, रनलास्त्र, वु नास्त्र, र्ास्तुास्त्र, पञ्चांव, नानुमद्रवास्त्र, नुहूनकर्मचार। | ||||||
| Unit- | प्राचीन आचायों वे ग्रन् र्एं उनवा परिचय ) आयकभट्ट-प्रन, | ||||||
| B asic Structure of Question Paper & Division of Marks **Note : (This OEC is opted by the students of Sanskrit other than "I" Group) | III | आयकभट्ट-मनतीय, वालवाचायक, र्राहमनमहर, वल्यार्णनाक, न भट्टोत्पल, भास्वराचायक, बल्लालनेन, ब्रह्मवुप्त, ु ंािल, व े र्मनतीय, वणेर्दैज्ञ, ढुमण्ढराि(। | |||||
| Unit- IV | नान, ऋतु, अयन, र्षक, युव, ग्रहवक्षा, नक्षन, ग्रहराम, ग्रहण, र्भार्मचार, योवर्मचार, र्मर्षुमदनर्मचार, नौरनान, वरण, र्नानमदन, उनरवोल, अर्नास्या, पूमणकना। | ||||||
| (i) | Four Explanations of definitions ( from I ,II & III Units) | 04x 7= 28 | |||||
| (ii) | Four short notes (from IVth Unit with options, one in Sanskrit) | 5+5+5+07 =22 | |||||
| (iii) | Two critical Questions (From I, II &III units with options) | 02x10=20 | |||||
| Total | 70 | ||||||
B.A (Hons.) Sanskrit
| Paper No. | Existing | Amendment |
| C-12 | C-12 Sanskrit Grammar: Laghusiddhāntkaumudī (12131502) Max. Marks : (75+ 25 = 100) Credits : Lectures 60 + Tutorials 12 [C] Contents: Unit: I Saṁjñā and Sandhi Prakaraṇa from Laghusiddhāntkaumudī: Credits : 12 • Sutra's of Saṁjñā • Ach Sandhi: (Dīrgha, Yaṇ, Guṇa, Ayādi, Vṛddhi, Pūrvarūpa, Pararūpa) U nit: II Hal sandhi and visarga sandhi Credits : 12 • Sutra's of Hal Sandhi and Visarga Sandhi: (Ścutva, Ṣṭutva, Anunāsikatva, Chatva, Jaśtva, Ṣatva, Utva, Lopa) U nit:III Practice of Applications of Sandhis in prescribed texts literary texts Credits : 12 Unit:IV Samāsa Prakaraṇa from Laghusiddhāntkaumudī Credits : 10 Major sutras used in formation of Avyayībhāva Samāsa and Tatpuruṣa Samāsa U nit: V Dwandva and Bahubrīhi Samāsa | C-12 Sanskrit Grammar: Laghusiddhāntkaumudī (12131502) Max. Marks : (75+ 25 = 100) Credits : Lectures 60 + Tutorials 12 [ C] Contents: Unit: I Saṁjñā and Sandhi Prakaraṇa from Laghusiddhāntkaumudī: Credits : 12 • Sutra's of Saṁjñā • Ach Sandhi: (Dīrgha, Yaṇ, Ayādi, Guṇa, Vṛddhi, Pūrvarūpa, Pararūpa) U nit: II Hal sandhi and visarga sandhi Credits : 12 • Sutra's of Hal Sandhi and Visarga Sandhi: (Ścutva, Ṣṭutva, Anunāsikatva, Chatva, Jaśtva, Ṣatva, Utva, Lopa) U nit:III Samāsa Prakaraṇa from Laghusiddhāntkaumudī Credits : 10 Major sutras used in formation of Avyayībhāva Samāsa U nit: IV Tatpuruṣa Samāsa from Laghusiddhāntkaumudī Credits : 10 Major sutras used in formation of Tatpuruṣa Samāsa |
| from Laghusiddhāntkaumudī Credits: 07 Major Sutras for the formation of Dwandva and Bahubrīhi Samāsa U nit: VI Kṛdanta from Laghusiddhāntkaumudī Credits : 07 Major sutras for the formation of Taddhita words (Aṇ, In͂ , Ḍhak, Tal, Aṇ, Vuñ, Yat, Cha, Mayaṭ, Tva, Tal, Imanic, Ṣyan͂ , Matup, In, Ṭhañ, Itac) [ G] Assessment Method I. Basic Structure of Question Paper & Division of Marks 75 I I. Internal Assessment 25 (Project/Discussion/Assignment/ paper presentation/ Periodic tests etc. ) T otal Marks : (I+II) (75+25) = 100 | U nit: V Bahubrīhi and Dwandva Samāsa from Laghusiddhāntkaumudī. Credits: 09 Major Sutras for the formation of Bahubrīhi and Dwandva Samāsa U nit: VI Taddhita from Laghusiddhāntkaumudī Credits : 07 Major sutras for the formation of Taddhitānta words (Aṇ, In͂ , Ḍhak, Aṇ, Tal, Vun, Yat, Cha, Mayaṭ, Tva, Tal, Imanic, Ṣyan͂ , Matup, In, Ṭhan, Itac) [ G] Assessment Method I. Basic Structure of Question Paper & Division of Marks 75 I I. Internal Assessment 25 (Project/Discussion/Assignment/ paper presentation/ Periodic tests etc. ) T otal Marks : (I+II) (75+25) = 100 | |||||||||
| i | Explanations of 6 sutras (Units 1,2,4,5,6) | 06x 05 = 30 | ||||||||
| i | Explanations of 6 sutras (Units 1,2,3,4,5,6) | 06x 05 = 30 | ||||||||
| ii | formation of 5 words (Units 1,2,4, 5,6) | 05 x 5 = 25 | ||||||||
| iii Questions on applied grammar from prescribed texts (from Unit 2,4,5,6) | 7 x 02 = 14 | ii | formation of 5 words (Units 1,2,3,4,5,6) | 05 x 5 = 25 | ||||||
| iii Questions on applied grammar from prescribed texts (from Unit 2,3,4,5,6) | 7 x 02 = 14 | |||||||||
| iv One explanation of a sutra to be written in Sanskrit | 01x07 = 07 | |||||||||
| iv One explanation of a sutra to be written in Sanskrit | 01x06 = 06 | |||||||||
(iv) Amendment to Appendix II to Ordinance V (2) & VII. [E.C Res. No. 42-7 dated 17.12.2021] related to the modification under UGC LOCF of M.A Arabic Course under the Department of Arabic to be implemented from academic session 2021-2022.
| Existing | Amended |
| Semester –I 1. Course Code: 101 2. Course Code: 102 3. Course Code: 103 4. Course Code: 104 S emester - II 1. Course Code: 201 2. Course Code: 202 3. Course Code: 203 Translation & Essay Writing-II C ontents : Credits Unit-I (a) Political & Scientific Translation (Arabic- English & vice-versa) | Semester-I 1. Course Code: 120101101 2. Course Code: 120101102 3. Course Code: 120101103 4. Course Code: 120101104 Semester - II 1. Course Code: 120101201 2. Course Code: 120101202 3. Course Code: 120101203 History of Arabic Literature (Abbasid Period & Modern Period-II) C ontents : Credits : 06 U nit I: Abbasid Period (750 A.D. to 1258 A.D.) |
| Unit II: (b) Economic & Commercial Translation (Arabic- English & vice-versa) Unit III: (c) Translation of technical terminologies (Arabic- English & vice-versa). Unit IV: (d) Essay Writing (e) Interpretation 4 . Course Code 204(A) IDC / Open Elective Course Arabic Language –I Introduction; Reading and Writing C ontents : Credits U nit – I: Introduction 1. Arabic Language: Origin & Brief History 2. Impact & Interaction of Arabic with other Languages 3. Arabic in the medieval and modern era. U nit – II: Reading 1. Arabic Alphabet 2. Vowels, Signs & Other Symbols 3. Reading of Joint Letters 4. Sun letters and Moon letters 5. Gender, Definite and Indefinite Noun U nit – III Writing 1. Practice of writing the separate letters 2. Practice of writing joint letters & sentences 3. Taking dictations 4. Demonstrative Pronouns (Singular only) U nit – IV Listening & Speaking 1. Arabic numerals 1 – 10 2. Self-introduction & Greetings 3. Words of daily usage week days, months, colours, fruits & vegetables etc. 4. Simple Nominal Sentences 5. Simple Verbal Sentences 4 (A) Course Code: 204 (B) IDC / Open Elective Course Introduction to Arab Culture 204 (B) Introduction to Arab Culture Contents: Unit I: 1. Arabian Peninsula: An Introduction 2. Arabs – Anthropological prospective 3. Characteristics of Bedouin life in Arabia Unit II: 1. Social Condition of Arabia before Islam 2. Political system in pre-Islamic Arabia | P rose: Introduction to Abbasid prose with special reference to Ibn al-Muqaffa', al-Jāḥi ẓ, Ibn al-'Amīd, and al-Ḥarīrī U nit II: Abbasid Period (750 A.D. to 1258 A.D.) P oetry: An Introduction to Abbasid Poetry with special reference to Bashshār b. Burd, Abū al-'Atāhiyah, Abū Nuwās, Abū Tammām, al-Mutanabbī, and Abū al-'Alā al-Ma'arrī U nit III: Modern Period (1798-2000) P rose: Introduction to Modern Prose with special reference to Mustafā Lutfī al-Manfalūtī, 'Abbās Maḥmūd al 'Aqqād, Ibrāhīm ʿAbd al-Qādir al-Māzinī, Muḥammad Ḥusayn Haykal, Tāhā Ḥusayn, Taufīq al-Ḥakīm, Maḥmūd Taymūr, Najīb Maḥfūz and Jibrān Khalīl Jibrān U nit IV: Modern Period (1798-2000) P oetry: An Introduction to Arabic Poetry with special reference to Maḥmūd Samī al-Bārūdī, Ḥāfiẓ Ibrāhīm, Aḥmad Shauqī, Īliya Abu Madi, Nizar Qabbani, Fadwa Tuqan, Abu al-Qasim al-Shābbī and Aḥmad Ḏakī Abū Shādī 4 . Course Code – 120101204 Translation & Essay Writing-II C ontentss: Credits : 06 Unit I: (f) Political & Scientific Translation (Arabic-English & vice-versa) Unit II: (g) Economic & Commercial Translation (Arabic- English & vice-versa) Unit III: (h) Translation of technical terminologies (Arabic- English & vice-versa). Unit IV: (i) Essay Writing (j) Interpretation |
| 3. Conditions of women and slaves in pre-Islamic Arabia U nit III 1. Religious condition in pre-Islamic Arabia 2. Emergence of Islam & political changes after wards 3. Basic tenets of Islam & Social changes in Arabia U nit IV 1. Arabs outside Arabia 2. Arab's Interaction with the neighbouring cultures 3. Arabs Etiquettes S emester –III 1. Course Code – 301 History of Arabic Literature (Abbasid Period & Modern Period-II) C ontents: Credits Unit I: Abbasid Period (750 A.D. to 1258 A.D.) P rose: Introduction to Abbasid prose with special reference to Ibn al-Muqaffa', al-Jāḥi ẓ, Ibn al-'Amīd, and al-Ḥarīrī Unit II: Abbasid Period (750 A.D. to 1258 A.D.) P oetry: An Introduction to Abbasid Poetry with special reference to Bashshār b. Burd, Abū al-'Atāhiyah, Abū Nuwās, Abū Tammām, al-Mutanabbī, and Abū al-'Alā al-Ma'arrī U nit III: Modern Period (1798-2000) P rose: Introduction to Modern Prose with special reference to Mustafā Lutfī al-Manfalūtī, 'Abbās Maḥmūd al 'Aqqād, Ibrāhīm ʿAbd al-Qādir al-Māzinī, Muḥammad Ḥusayn Haykal, Tāhā Ḥusayn, Taufīq al-Ḥakīm, Maḥmūd Taymūr, Najīb Maḥfūz and Jibrān Khalīl Jibrān U nit IV: Modern Period (1798-2000) P oetry: An Introduction to Arabic Poetry with special reference to Maḥmūd Samī al-Bārūdī, Ḥāfiẓ Ibrāhīm, Aḥmad Shauqī, Īliya Abu Madi, Nizar Qabbani, Fadwa Tuqan, Abu al- Qasim al-Shābbī and Aḥmad Ḏakī Abū Shādī 2 . Course Code – 302 Research Methodology & Paper Writing and Presentation C ontents: Credits Unit I: | S emester - III 1. Course Code – 120101301 Research Methodology & Paper Writing and Presentation C ontents: Credits : 06 Unit I: Nature, Aims and Objectives of Literary Research U nit II: Editing of Manuscripts U nit III: Renowned Oriental Libraries, Reference Resources, Bibliography and Commonly used Abbreviations U nit IV: Preparation of Research Papers, Dissertations and Theses. 2 . Course Code - 120101302 Arabic Literature by Indians Contents: Credits : 06 Unit I: Introduction to the Arabic Literature in India |
| Nature, Aims and Objectives of Literary Research U nit II: Editing of Manuscripts U nit III: Renowned Oriental Libraries, Reference Resources, Bibliography and Commonly used Abbreviations U nit IV: Preparation of Research Papers, Dissertations and Theses. 3 . Course Code - 303 Arabic Literature by Indians C ontents: Credits Unit I: Introduction to the Arabic Literature in India U nit II: P rose-writers: 1. Shāh Walī-Allāh al-Dihlawī 2. Nawwāb Siddīq Hasan Khān 3. 'Abd al-'Azīz al-Maimanī 4. Abū al-Hasan 'Alī al-Hasanī al-Nadwī U nit III: Poets: 1. Maulānā Azād al-Bilgramī 2. 'Abd al-Muqtadir al-Lakhnawī 3. Al-Shaykh Aḥmad al-Thanesarī 4. Maulānā Faiḍ al-Ḥasan al-Sahāranpūrī U nit IV: Study of the following books: 1. Sawāti' al-Ilhām by Abū al-Fayḍ Faydī (954-1004 A.H.) 2. Subḥat al-Marjān fī Āthār Hindustān by Ghulām 'Ali Azād al-Bilgrāmī (1116-1200 A.H.) 3. Nuzhat al-Khawātir wa Bahjat al-Masāmi' wa al- Nawāẓir (I'lām bi-mā fī al-Hind min al-A'lām) by 'Abd al-Ḥayy al-Ḥasanī (1341 A.H./1923 A.D.) 4. Rijāl al-Sind wa al-Hind Ilā al-Qarn al-Sabi' al-Hijrī by | Unit II: Prose-writers: 5. Shāh Walī-Allāh al-Dihlawī 6. Nawwāb Siddīq Hasan Khān 7. 'Abd al-'Azīz al-Maimanī 8. Abū al-Hasan 'Alī al-Hasanī al-Nadwī U nit III: Poets: 5. Maulānā Azād al-Bilgramī 6. 'Abd al-Muqtadir al-Lakhnawī 7. Al-Shaykh Aḥmad al-Thanesarī 8. Maulānā Faiḍ al-Ḥasan al-Sahāranpūrī U nit IV: Study of the following books: 6. Sawāti' al-Ilhām by Abū al-Fayḍ Faydī (954-1004 A.H.) 7. Subḥat al-Marjān fī Āthār Hindustān by Ghulām 'Ali Azād al-Bilgrāmī (1116-1200 A.H.) 8. Nuzhat al-Khawātir wa Bahjat al-Masāmi' wa al- Nawāẓir (I'lām bi-mā fī al-Hind min al-A'lām) by 'Abd al-Ḥayy al-Ḥasanī (1341 A.H./1923 A.D.) 9. Rijāl al-Sind wa al-Hind Ilā al-Qarn al-Sabi' al-Hijrī by al-Qāzī Athar al-Mubārākpūrī (1916-1996) 10. Tuhfat al-Mujahidin, Zaynal-Din al-Makhdoom, al- Thani (938-991 A.H) 3 . Course Code – 120101303 Translation & Essay Writing – III C ontents: Credits : 06 U nit I: Political & Legal Simultaneous Translation (Arabic- English & vice-versa) Unit II: Journalistic and Economic Translation (Arabic-English & Vice-Versa) Unit III: Essay Writing (Advanced level) Unit IV: Simultaneous Interpretation |
| al-Qāzī Athar al-Mubārākpūrī (1916-1996) 5. Tuhfat al-Mujahidin, Zaynal-Din al-Makhdoom, al- Thani (938-991 A.H) 4 . Course Code - 304 Translation & Essay Writing – III C ontents: Credits U nit I: a) Political & Legal Simultaneous Translation (Arabic- English & vice-versa) Unit II: b) Journalistic and Economic Translation (Arabic-English & Vice-Versa) Unit III: c) Essay Writing (Advanced level) Unit IV: (d) Simultaneous Interpretation | 4 . Course Code – 120101304 (A) IDC / Open Elective Arabic Language –I Introduction; Reading and Writing C ontents : Credits :04 Unit – I: Introduction • Arabic Language: Origin & Brief History • Impact & Interaction of Arabic with other Languages • Arabic in the medieval and modern era. Unit – II: Reading • Arabic Alphabet • Vowels, Signs & Other Symbols • Reading of Joint Letters • Sun letters and Moon letters • 10. Gender, Definite and Indefinite Noun Unit-III : Writing • Practice of writing the separate letters • Practice of writing joint letters & sentences • Taking dictations • Demonstrative Pronouns (Singular only) Unit-IV : Listening & Speaking • Arabic numerals 1 – 10 • Self-introduction & Greetings • Words of daily usage week days, months, colours, fruits & vegetables etc. • Simple Nominal Sentences • 10. Simple Verbal Sentences 4 (A) Course Code: 120103304 (B) IDC / Open Elective Introduction to Arab Culture Contents: Credits : 04 Unit I: • Arabian Peninsula: An Introduction • Arabs – Anthropological prospective • Characteristics of Bedouin life in Arabia Unit II: • Social Condition of Arabia before Islam • Political system in pre-Islamic Arabia • Conditions of women and slaves in pre- Islamic Arabia Unit-III • Religious condition in pre-Islamic Arabia • Emergence of Islam & political changes afterwards • Basic tenets of Islam & Social changes in Arabia U nit-IV • Arabs outside Arabia • Arab's Interaction with the neighbouring cultures |
| S emester – IV 1.(a) Course code – 401 (A) (b) Course code – 401 (B) (c) Course code – 401 (C) (d) Course code – 401 (D) 2 . Course Code - 402 3. Course Code – 403 4. Course Code – 404 (A) Course Code – 404 (B) | • Arabs Etiquettes S emester – IV 1. (a) Course Code – 120102401 (A) (b) Course Code – 120102401 (B) (c) Course Code – 120102401 (C) (d) Course Code – 120102401 (D) 2 . Course Code – 120101402 3. Course Code – 120101403 4. Course Code – 120103404 (A) Course Code – 120103404 (B) |
(v) Amendment to Appendix II to Ordinance V (2) & VII. [E.C Res. No. 42-8 (1) dated 17.12.2021] related to the approval on the proposed papers based on LOCF for Basic Computational Techniques for Data Analysis paper in B.A. Programme SEC VI under the Department of Economics.
Following is inserted/added:
Department of Economics
SEC IV(6th Semester) for B.A.(P)
Basic Computational Techniques for Data Analysis
Purpose / Objective of the Paper :
The main purpose of this Skill Enhancement Course (SEC) is to provide B.A.(P) students with hands-on experience to develop skills in statistical techniques using computer applications. The course would help students to get familiar with data sources on different aspects of the Indian economy, estimate simple relationships between economic variables, and interpret estimation results to write up a project report.
This course is an extension of the previous semester's SEC: Data Analysis, which is a prerequisite for taking this course. This course intends to develop computational skills based on the statistics knowledge developed in the last semester. Along with the previous semester's SEC papers viz. 'Understanding the Economic Survey and Budget', 'Research Methodology' and 'Data Analysis', the course will equip the students to undertake basis research projects on the Indian economy which would be helpful in a variety of professions.
Course Outline:
Unit-I
Introduction to Excel (Microsoft Office)/ Open Office by Libre or Apache, spreadsheetbasics and inputting of data, word processing and presentation of data with graphs and tables.
Unit-II
a) Review of concepts: Measures of central tendency- mean, median and mode; arithmetic, geometric and harmonic mean. Measures of dispersion (standard deviation and variance), skewness and kurtosis.
b) Introduction to calculation of financial formulae: net present value (NPC), internal rate of return, future value, Equated Monthly Installment (EMI), compound growth rate.
c) Using spreadsheet to perform the above mathematical/ statistical/ financial functions.
Unit-III
a) Review of the concepts of correlation and rank correlation.
b) Introduction to the method of Ordinary Least Squares (OLS) in two-variable case (one dependent and one explanatory), Testing of hypothesis related to regression coefficient and goodness of fit (R2). Reporting of the estimation results.
c) Using Excel/GRETL (Free ware) for above.
Unit-IV
Introduction to economics and business data sets available in public domain such as NSE, BSE, RBI, MOSPI etc.
58 THE GAZETTE OF INDIA : EXTRAORDINARY [PART III—SEC.4]Unit-V
Preparation of a project report based on data available in public domain, using concepts studied in Units II and III.
Marking Scheme
i. Internal Assessment : 25 marks, as distributed below:
a) 5 marks for attendance
b) 10 marks for written test
c) 10 marks for computer-based test
ii. End-Semester assessment : 75 marks, comprising (a) 25 marks for project based on Unit V, to be submitted before the final exam, and (b) 50 marks written final exam, which will include one compulsory question based on interpreting computer output related to OLS. Questions in the final exam will be based on only Units I to IV.
(vi) Amendment to Appendix II to Ordinance V (2) & VII. [E.C Res. No. 42-4 dated 17.12.2021] related to introduction of syllabus under UGC LOCF of the B.A.(Prog) Skill Enhancement Course – BS-CBCS Buddhist Psychology: The Mind Management.
Add the following:
CBCS (B. A. Prog.)
BUDDHIST STUDIES
SKILL ENHANCEMENT COURSE [SEC]
| SEM-III: AEEC -I SEC- SKILL ENHANCEMENT COURSE | |
| Paper Name: BS-CBCS 507- Buddhist Heritage and Tourism & Guide C ourse Code: BS-CBCS 507 P aper Name: Buddhist Heritage and Tourism & Guide C ourse UPC Code: To be offered by Examination Maximum Marks:100 Duration: 3 hours | Prescribed Topics/Course : I. Defining Buddhist Heritage H eritage – Meaning, types of Heritage Tourism; History and Heritage of Buddhism in India; Buddhist Art and Architecture in India: An overview II. Basics Concept of Tourism Definition, history and development of tourism; Types and forms of tourism; Domestic and International tourism; Transport; Accommodation; Catering and Marketing III. Tourism Management and Planning Tourism planning; Travel Agency and Tour Operations; Tourism organizations such as ITDC, State Tourism Development Corporations; Heritage management organizations- UNESCO, ASI; Ancient monument act; Passport act and visa extension; Manila declaration IV. Guiding Role of guide and elementary knowledge: Time management, Escorting, Presentation, Communication; Tour Planning: Problem and Solution, Managing difficult situation, Handling complaints; Handling emergencies: Medical, Terrorist attack, Natural disaster, Loss items/passengers; Responsibilities of guide: Protection of guest, AIDS awareness. V . Buddhist Heritage Sites Buddhist Circuit: Lumbini, Bodh Gaya, Rajgir, Nalanda, Sravasti, Sarnath; Stupa Architectural Sites: Sanchi and Bharhut; Cave Sites: Ajanta, Ellora and Bagh caves. |
| SEM-IV: AEEC: II SEC- SKILL ENHANCEMENT COURSE | |
| PAPER NAME: BS-CBCS 508- Buddhist Art and | Prescribed Topics/Course: |
| Architecture in India Course Code: BS-CBCS-508 P aper Name: Buddhist Art and Architecture in India U PC Code: To be offered by Examination Maximum Marks: 100 Duration: 3 hours | U nit I Introduction to Buddhist Art • Different Schools of Buddhist Art with special reference to Gandhara, Mathura and Amaravati. U nit II Buddhist Architecture • Evolution and Development of Stupa, Chaitya and Vihara Architecture with special reference to Sanchi, Karle, Nalanda and Mahabodhi Mahavihar. U nit III Buddhist Rock cut Architecture • Origin and Development of Buddhist Rock-cut Architecture with special reference to Ajanta. U nit IV Buddhist Sculpture and Paintings • Emergence and Development of Buddha Image • Introduction of Buddhist Paintings with special reference to Ajanta. U nit V Introduction to Buddhist Iconography • Concept and symbolism of icon and image worship • Emergence and development of Iconography: Dhyani Buddha and Manushi Buddha, Bodhisattvas (Avalokiteshwara, Manjushri, Vajrapani) and FemaleBuddhist Deities. |
| OR | |
| SEM-IV: AEEC: II SEC- SKILL ENHANCEMENT COURSE | |
| PAPER NAME: BS-CBCS-508(A) Buddhist Epigraphy C ourse Code: BS-CBCS-508(A) P aper Name: Buddhist Epigraphy U PC Code: To be offered by Examination M aximum Marks: 100 Duration: 3 hours | I. Introduction to Epigraphy • Aims, scope and definition of Epigraphy. • Types of scripts and History of writing in India I I. Ancient Indian Scripts • Origin and development of different scripts with special reference to Bra̅ hmi. III. Introduction and Writing System of Aśokan Bra̅ hmi Script • Introduction of Aśokan Bra̅ hmi Alphabets • Buddhist Conceptual term of Aśokan Bra̅ hmi (20 Words) I V. Study of Selected Inscriptions • Piprahawa vase Inscription • Lumbini Pillar Edict • Aśoka's Sāranātha Pillar Edict • Aśoka's Giranāra Rock Edict-No.13 & 14 V . Transcription of Bra̅ hmi to Devnagari or Roman and Vice-Versa. |
| SEM-V AEEC: III SEC- SKILL ENHANCEMENT COURSE | |
| Paper Name: BS-CBCS-509 Buddhist Psychology: The Mind Management Course Code: BS-CBCS-509 | Prescribed Topics: Section I Introduction: 1. Definition, Scope, Methods and Branches of |
| P aper Name: Buddhist Psychology: The Mind Management UPC Code: To be offered by Examination Maximum Marks: 100 Duration: 3 hours | Psychology (with special reference to Buddhist Psychology). 2. Major View points – Behaviouristic Approach: Karma and Resultant (in General and Abhidhammic Lens) S ection II : 1. Mind : Composition and Function 2. Types of Mind: Defiled and Purified S ection III : Sensation, Attention and Perception: 1. Attributes and classification of sensation on defining Consciousness and Mental Factors 2. Function of Mental Factors (Cetasika) that create fluctuations of Consciousness and generate Attention and Distraction 3. Perception S ection IV Learning Process: 1. Buddhist Cognitive Process (Citta-vīthi) – (Factors of Learning and Knowing) 2. Manodvāra Vīthi, and Citta-kicca (that delineate the processing of learning, Memory, Impression, Causes of emotion, reactions, and etc.) |
| SEM-VI: AEEC- IV SEC- SKILL ENHANCEMENT COURSE | |
| Paper Name: BS-CBCS- 510 Life Management: A Buddhist Way of Living C ourse Code: BS-CBCS- 510 P aper Name: Life Management: A Buddhist Way of Living U PC Code: To be offered by Examination Maximum Marks: 100 Duration: 3 hours | Prescribed Topics/ Course: S ection I: Self Analysis and Presentation 7. What is Life according to Buddhism? 8. Eight Worldly conditions: Vicissitudes of Life 9. Welfare and Auspiciousness in Life based on relevant Buddhist Suttas 10. Downfall in Life based on relevant Buddhist Suttas 11. Social (Domestic) Life based on relevant Buddhist Suttas 12. Economic and Political Life based on relevant Buddhist Suttas S ection II: Reformative Behaviour and Refinement of Life 4. Meaning of the Refinement of Life and Reformative Behaviour 5. Understanding the dynamics of Karma and its retributions as Cosmic regulation 6. Method of the Reformative Behaviour and Refining the Life (i) Identification of obstacles and Goal (ii) Practice of Moral precepts (Sīla), Brahma- vihāra, Pāramitā, (iii) Cultivation of Mind : Concentration (Samādhi) and Vipassanā (Insight Meditation) (iv) |
(vii) Amendment to Appendix II to Ordinance V (2) & VII. [E.C Res. No. 42-8 (2) dated 17.12.2021] related to
the approval on the proposed syllabus of M.A. African studies under the Department of African Studies.
61 [भाग III—खण्ड 4] भारत का राजपत्र : असाधारणAdd the following
| PAPER -19 AFRICAN RESOURCE DIPLOMACY Course Code – AFS-PG Course Credit – 05 Teaching Hours – 75 | ||
| Course Objective | Course Description | Evaluation Method |
| The paper aims at introducing students to resource diplomacy in Africa. It is designed to inform about transformation trajectory of resource negotiation in Africa. The paper will undertake sectoral analysis of African resources. | Unit 1 Colonial Scramble for Resources in Africa Unit 2 Resource Exchange under Post Colonial Period Unit 3 Resource Negotiation under Globalisation Unit 4 Sectoral Analysis: Land, Water, Agricultural Commodity, Sub- Soil/Energy/Marine Resources | 1. Internal Assessment 25 Marks 2. End Semester Exam 75 Marks Total 100 Marks |
| PAPER -18 INDIA AFRICA RELATIONS Course Code – AFS-PG Course Credit – 05 Teaching Hours – 75 | ||
| C ourse Objective | Course Description | Evaluation Method |
| The paper aims at introducing students to continuity and changes in relationship between India and Africa. It is designed to inform political and economic relations in a holistic perspective. The paper will look at security relations and cultural linkages between two regions. | Unit 1 India-Africa Relations: A Historical Insight Unit 2 India-Africa Relations under Globalisation Unit 3 India-Africa Security Relations Unit 4 India-Africa Cultural Linkages | Evaluation Method: 1. Internal Assessment: 25 Marks 2. End Semester Exam: 75 Marks Total 100 Marks |
| PAPER -17 STUDY OF AFRICAN DEVELOPMENT Course Code – AFS-PG Course Credit – 05 Teaching Hours – 75 | ||
| C ourse Objective | Course Description | Evaluation Method |
| The paper aims at introducing students to issues of development in Africa. It is designed to provide an historical insight to African state of development. The paper will also look at development cases in sub-regions of Africa. | Unit I- Colonial Legacy, Under development, Dependency Unit II – Development Planning and Strategies in Post-Independence Period | 1. Internal Assessment: 25 Marks 2. End Semester Exam: 75 Marks Total 100 Marks |
| Unit III– Regional Institutions and Groupings Unit IV- Case Studies: Egypt, South Africa, Kenya, Nigeria, DRC | ||
| Paper -16 Study of African Heritage Course Code – AFS-PG Course Credit – 05 Teaching Hours – 75 | ||
| Course Objective | Course Description | Evaluation Method |
| The paper aims at introducing students to heritage of Africa. It is designed to inform them museums, heritage structures, archaeological sites, oral traditions and literary sources in Africa. | Unit 1 African Heritage: An Overview Unit 2 Museums as Social Institutions Unit 3 Heritage Structures and Archaeological Sites Unit-4 Oral Traditions and Literary Sources | 1. Internal Assessment: 25 Marks 2. End Semester Exam: 75 Marks Total 100 Marks |
| Paper-15 Research Methods in Social Sciences and Area Studies Course Code – AFS-PG Course Credit – 05 Teaching Hours – 75 | ||
| Course Objective | Course outcome and Description | Evaluation Method |
| 1. To understand the nature of Social Science Research with a focus on Area/African Studies 2. To understand various methods and techniques of research in Social Sciences/African Studies. 3. To develop skills amongst scholars for undertaking research on African affairs. | Course Outcome : After the competition of course, the students will be able to understand comprehensively the meaning of research, types of research, various research designs and different tools of research. It will help them to identify research problems, develop tools and techniques for data collection and data analysis including statistical techniques. They will be able to develop sound research temperament and will be able to write dissertation/thesis/research report. Course Description: Unit 1 Nature, Sources and Problems of Social Science & Area Studies Research Unit 2 Research Approaches & Research Design Unit 3 Ethics in Research Unit 4 Data Collection, Analysis and presentation | 1. Internal Assessment: 25 Marks 2. End Semester Exam: 75 Marks Total 100 Marks |
| Paper-13 Social and Political Thoughts in Africa Course Code – AFS-PG Course Credit – 05 Teaching Hours – 75 | ||
| Course Objective | Course Description | Evaluation Method |
| The paper aims at introducing students to Afrocentric ideas in an actionable perspective. It is designed to inform about African thoughts on social reality. The paper will also look at thoughts in | Unit I- Afrocentric Paradigm: An Introduction Unit II – Pan Africanism and Negritude | 1. Internal Assessment: 25 Marks 2. End Semester Exam: 75 Marks Total 100 Marks |
| Africa though political prism. | Unit III– African Liberalism and Ubuntu Unit IV- African Socialism and Ujamma | |
| Paper -12 Environmental Issues in Africa Course Code – AFS-PG Course Credit – 05 Teaching Hours – 75 | ||
| Course Objective | Course Description | Evaluation Method |
| The paper lays foundation for the students from diverse backgrounds to understand the multi- disciplinarity of environmental and resources management in Africa. It is designed to equip students with the knowledge and skills of environment and resource management. | Unit 1 Environment and Development: An Introduction Unit 2 Governance and Management of Natural Resources Unit 3 Desertification, Drought, Flooding and Fuelwood Unit 4 Imbalanced Industrialisation, Deforestation and Migration | 1. Internal Assessment: 25 Marks 2. End Semester Exam: 75 Marks Total 100 Marks |
| Paper-11 Peace and Conflict Resolution in Africa Course Code – AFS-PG Course Credit – 05 Teaching Hours – 75 | ||
| Course Objective | Course Description | Evaluation Method |
| The paper aims at introducing students peace and conflict issues in Africa. It is designed to inform about complexity involved in containment, prevention and resolution of African conflicts. The paper will examine external and internal responses. | Unit 1 Conflicts in Africa: Causes, Categories, Costs Unit 2 Containing Conflicts in Africa: Role of UNSC and ICC Unit 3 Conflict Prevention and Peace Making Endeavours: Role of OAU, AU, RECs Unit 4 Local Experiments of Peace and Conflict Resolution: TRC | 1. Internal Assessment: 25 Marks 2. End Semester Exam: 75 Marks Total 100 Marks |
| Paper-10 Africa in Global Affairs Course Code – AFS-PG Course Credit – 05 Teaching Hours – 75 | ||
| Course Objective | Course Outcome and Description | Evaluation Method |
| The paper aims at introducing students to Africa's engagements with traditional and emerging powers in historical and contemporary context. It is designed to inform about Africa's interface with global institutions. The paper will look at relations between Africa and India. | Course Outcome : After the competition of course, the students will be able to achieve a comprehensive understanding of Africa's engagements with traditional and emerging powers. It will help them analyse the historical basis and the contemporary priority of such engagements. They will be able to comprehend Africa's interface with global institutions in a holistic perspective. Course Description: Unit I- Africa and the Global North | 1. Internal Assessment: 25 Marks 2. End Semester Exam: 75 Marks Total 100 Marks |
| Unit II – Africa and the Global South Unit III– Africa and Global Institutions Unit IV- Africa and India | ||
| Paper-9 Diaspora and International Relations Course Code – AFS-PG Course Credit – 05 Teaching Hours – 75 | ||
| Course Objective | Course Description | Evaluation Method |
| The paper aims at introducing students to the concepts of diaspora. It is designed to understand diaspora through multidisciplinary perspective. It will provide a broader overview and insight on the various issues and aspects of major diaspora of the world. The paper will further look into the diasporic linkages between India and Africa. | Unit 1 Conceptualising Diaspora Unit 2 Disapora Engagement: Issues and Challenges Unit 3 Major Global Diaspora Unit 4 India-Africa Diasporic Linkages | 1. Internal Assessment: 25 Marks 2. End Semester Exam: 75 Marks Total 100 Marks |
| Paper-8 Political Economy of Africa Course Code – AFS-PG Course Credit – 05 Teaching Hours – 75 | ||
| Course Objective | Course Outcome and Description | Evaluation Method |
| The paper aims at introducing students to political economy of contemporary Africa. It is designed to inform about development trajectory of Africa. It will look at the macro drivers of the African economy. The paper will further analyse transformation process in Africa under globalisation. | Course Outcome : After the competition of course, the students will be able to understand the political economy of contemporary Africa. It will help them analyse the macro drivers of the African economy. They will be able to look at development trajectory of Africa and will be able to comprehend its transformation under globalisation. Course description: Unit I- Economic Crisis in Africa: Causes and Consequences Unit II- Dependency and Under development Unit III- Foreign Aid, Debt Crisis, Food Security, MNCs Unit IV- Role of IFIs | 1. Internal Assessment: 25 Marks 2. End Semester Exam: 75 Marks Total 100 Marks |
| Paper-7 State and Society in Africa Course Code – AFS-PG Course Credit – 05 Teaching Hours – 75 | ||
| Course Objective | Course Description | Evaluation Method |
| The paper aims at introducing students to traditional social structures in Africa. It is designed to develop a comprehensive understanding of social stratification, ascriptive identities of Africa. The paper will further | Unit 1 Traditional Structures of African Societies Unit 2 Emergence Social Class & Elite Groups Unit 3 Restructuring of Social Relationship | 1. Internal Assessment: 25 Marks 2. End Semester Exam: 75 Marks Total 100 Marks |
| look at tradition-modernity interface in Africa. | Unit-4 African Tribes- Impact of Globalization | |
| Paper-6 Overview of African History Course Code – AFS-PG Course Credit – 05 Teaching Hours – 75 | ||
| Course Objective | Course Description | Evaluation Method |
| The paper aims at introducing students to sources of African history. It is designed to inform them ancient empires, slave trade, colonialism and nationalism in Africa. | Unit 1 Sources of African History Unit 2 Ancient African Empires Unit 3 The Slave Trade Unit-4 Colonialism and African Nationalism | 1. Internal Assessment: 25 Marks 2. End Semester Exam: 75 Marks Total 100 Marks |
| Paper-5 Introduction to African Geography Course Code – AFS-PG Course Credit – 05 Teaching Hours – 75 | ||
| Course Objective | Course Description | Evaluation Method |
| The paper aims at introducing students to physical, economic, demographic and political dimensions of Africa geography. It is designed to inform them about regional geography of Africa. | Unit 1 Physical Geography Unit 2 Economic Geography Unit 3 Demography & Political Geography Unit 4 Regional Geography | 1. Internal Assessment: 25 Marks 2. End Semester Exam: 75 Marks Total 100 Marks |
| Paper-4 Comparative Government and Politics Course Code – AFS-PG Course Credit – 05 Teaching Hours – 75 | ||
| Course Objective | Course Description | Evaluation Method |
| The paper aims at introducing students to government and politics in a comparative perspective. It is designed to inform about concepts in comparative political analysis. It will look at state formations, constitution making traditions and types of governments from a globally inclusive point of view. The paper will further analyse political party systems, media and civil society organisations. | Unit 1 Concepts in Comparative Political Analysis Unit 2 State Formations, Constitution Making Traditions, and Types of Governments U nit 3 Political Party Systems Unit 4 Media and Civil Society Organisations | 1. Internal Assessment: 25 Marks 2. End Semester Exam: 75 Marks Total 100 Marks |
| Paper-3 Foreign Policy, Diplomacy and Development Course Code – AFS-PG Course Credit – 05 Teaching Hours – 75 | ||
| Course Objective | Course Description | Evaluation Method |
| The paper aims at introducing students to interrelationship among foreign policy, diplomacy and development. It is designed to inform about historical and theoretical perspectives of foreign policy. It will analyse major facets of foreign policy. The paper will further look at foreign policy case studies. | Unit 1 Understanding Foreign Policy: Historical and Theoretical Perspectives Unit 2 Foreign Policy Analysis: Actors, Context, Goals Unit3 Foreign Policy and Diplomacy: Development Narrative Unit 4 | 1. Internal Assessment: 25 Marks 2. End Semester Exam: 75 Marks Total 100 Marks |
| Foreign Policy Case Studies | ||
| Paper-2 Thinkers in International Relations Course Code – AFS-PG Course Credit – 05 Teaching Hours – 75 | ||
| Course Objective | Course Description | Evaluation Method |
| The paper aims at introducing students to various thinkers of International Relations. It is designed to inform about profound thought leaders whose ideas are relevant for understanding the subject form a globally inclusive point of view. It will discuss select thinkers of the West on International Relations. The paper will further look at representative thinkers of Asia, Africa and Latin America. | Unit1 Thinkers in the West: Woodrow Wilson, Hans J. Morgenthau, E. H. Carr, Eric Hobsbawm Unit 2 Thinkers in Asia: Dadabhai Naoroji, Gandhi, Mao Zedong, Ayatollah Khomeini Unit 3 Thinkers in Africa: Kwame Nkrumah, Julius Nyerere, Amlical Cabral, Frantz Fanon Unit 4 Thinkers in Latin America: Simon Bolivar, Leopoldo Zea, Paulo Freire, Gabriel Garcia Marquez | 1. Internal Assessment: 25 Marks 2. End Semester Exam: 75 Marks Total 100 Marks |
| Paper- 1 Theories and Approaches to International Relations Course Code – AFS-PG Course Credit – 05 Teaching Hours – 75 | ||
| Course Objective | Course Description | Evaluation Method |
| The paper aims at introducing students to various theories of International Relations. It is designed to explain a wide range of approaches being used for understanding the subject. It will discuss variants of Realism and facets of Idealism/Liberalism. The paper will further look into alternative approaches and Non- Western ideas in International Relations. | Unit 1 Realism and Its Variants: Classical Realism, Structural Realism, Neoclassical Realism, Subaltern Realism Unit 2 Idealism/ Liberalism: Liberal Internationalism, Neoliberalism, International Society/English School Unit 3 Alternative Approaches in IR: Marxism, Neo Marxism, Constructivism, Feminism, Critical Theory, Postmodernism, Post Colonialism Unit 4 Non - Western IR: Non – Alignment, Islamic Theory, Hindu Theory, Chinese IR, African Liberalism, African Socialism | 1. Internal Assessment: 25 Marks 2. End Semester Exam: 75 Marks Total 100 Marks |
| MA in International Relations and African Studies Two Years Course (Four Semesters) | ||
| Programme Structure | Core Papers | |
| MA (International Relations and African Studies) is a two year programme consisting of four semesters. Students have to complete sixteen papers (four papers per semester and each paper having five credits). Eight papers of first two semesters are core papers and eight papers of rest two semesters are optional papers. | Semester-I 1 . Theories and Approaches of International Relations 2. Thinkers in International Relations 3. Foreign Policy, Diplomacy and Development 4. Comparative Government and Politics S emester II 1. Introduction to African Geography 2. Overview of African History | |
| Fee: As per the University Rule Number of Seats: 40 | 3. State and Society in Africa 4. Political Economy of Africa O ptional Papers Semester III (Four Papers Only) 1. Diaspora and International Relations 2. Africa in Global Affairs 3. Peace and Conflict Resolution in Africa 4. Environmental Issues in Africa 5. Social and Political Thoughts in Africa 6. Swahili Language 7. Research Methods in Social Sciences and Area Studies (Compulsory) S emester IV (Four Papers Only) 1. Study of African Heritage 2. Study of African Development 3. India-Africa Relations 4. African Resource Diplomacy 5. Women and Gender in Africa 6. Project/ Field Research (Compulsory) | |
| Paper 14 Swahili Language | ||
| Semester | Exam structure | Mode of Instructions |
| Semester 1 • Origin and evolution of Swahili Language • Basic understanding of the culture and society of East African countries • Swahili Greetings and Self- introduction • Basic grammar: Classification of Noun, verbs, primary tenses, adjectives. • Verb moods; consecutive and simultaneous tenses • Demonstratives • Possessive pronouns • Counting • Reckoning of time, days of the week | Written: • Internal Assessment • End semester test O ral: • At the time of the End semester test | • Lectures • You Tube videos • Power Point Presentations • Core material and practice exercises to be provided by the teacher • Flip learning method |
| Semester –II • Conditional tenses • Interrogatives • Compound tenses • Relative particles • Verb derivatives • Conjunctions • Negative sentences Useful phrases and few idioms | Written: • Internal Assessment • End semester test Oral: At the time of the End semester test | • Lectures • You Tube videos • Power Point Presentations • Core material and practice exercises to be provided by the teacher Flip learning method |
VIKAS GUPTA, Registrar
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