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Weekly Gazette of India · Government of India

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Published 22 February 2003

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NOT available ( 27069 )
Identifier
in.gazette.central.w.2003-02-22.27069
Languages
English, Hindi
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रजिस्ट्री सं. डीएल-33001 /2003

REGISTERED No. DL- 33001/2003

जयते भारत का राजपत्र The Gazette of India

प्राधिकार से प्रकाशित

PUBLISHED BY AUTHORITY

सं० 8]

नई दिल्ली, शनिवार, फरवरी 22, 2003 ( फाल्गुन 3, 1924 )

NEW DELHI , SATURDAY, FEBRUARY 22, 2003

No. 8]

( PHALGUNA 3, 1924)

इस भाग में भिन्न पृष्ठ संख्या दी जाती है जिससे कि यह अलग संकलन के रूप में रखा जा सके । (Separate paging is given to this Part in order that it may be filed as a separate compilation )

विषय -सूची

227 भाग I-- खण्ड- 1--( रक्षा मंत्रालय को छोड़कर ) भारत सरकार के मंत्रालयों और उच्चतम न्यायालय द्वारा जारी की गई विधितर नियमों, विनियमों, आदेशों तथा संकल्पों से सम्बन्धित अधिसूचनाएं

159 भाग 1 -- खण्ड- 2--( रक्षा मंत्रालय को छोड़कर ) भारत सरकार के मंत्रालयों और उच्चतम न्यायालय द्वारा जारी की गई सरकारी अधिकारियों की नियुक्तियों, पदोन्नतियों, छुट्टियों आदि के सम्बन्ध में अधिसूचनाएं

1 भाग I-- खण्ड- 3--रक्षा मंत्रालय द्वारा जारी किए गए संकल्पों और असांविधिक आदेशों के सम्बन्ध में अधिसूचनाएं

185 भाग 1--खण्ड-4--रक्षा मंत्रालय द्वारा जारी की गई सरकारी अधिकारियों की नियुक्तियों, पदोन्नतियों, छुट्टियों आदि के सम्बन्ध में अधिसूचनाएं भाग II-- खण्ड- 1--अधिनियम, अध्यादेश और विनियम

भाग II--खण्ड-1 क अधिनियमों , अध्यादेशों और विनियमों का हिन्दी भाषा में प्राधिकृत पाठ

भाग II--खण्ड-2 विधेयक तथा विधेयकों पर प्रवर समितियों के बिल तथा रिपोर्ट

भाग II--खण्ड- 3 - उप खण्ड ( i ) भारत सरकार के मंत्रालयों (रक्षा मंत्रालय छोड़कर ) और केन्द्रीय प्राधिकरणों ( संघ शासित क्षेत्रों के प्रशासनों कोछोड़कर ) द्वारा जारी किए गए सामान्य सांविधिक नियम ( जिनमें सामान्य स्वरूप के आदेश और उपविधियां आदि भी शामिल है)

भाग II--खण्ड- 3--उप खण्ड ( ii ) भारत सरकार के मंत्रालयों ( रक्षा मंत्रालय को छोड़कर ) और केन्द्रीय प्राधिकरणों ( संघ शासित क्षेत्रों के प्रशासनों *आंकड़े प्राप्त नहीं हैं।

1-461G1/2002

को छोड़कर ) द्वारा जारी किए गए सांविधिक आदेश और अधिसूचनाएं

भाग --खण्ड- 3--उप खण्ड ( iii )- भारत सरकार के मंत्रालयों (जिसमें रक्षा मंत्रालय भी शामिल है) और केन्द्रीय प्राधिकरणों ( संघ शासित क्षेत्रों के प्रशासनों को छोड़कर ) द्वारा जारी किए गए सामान्य सांविधिक नियमों और सांविधिक आदेशों ( जिनमें सामान्य स्वरूप की उपविधियां भी शामिल है ) के हिन्दी प्राधिकृत पाठ ( ऐसे पाठों को छोड़कर जो भारत के राजपत्र के खण्ड 3 या खण्ड 4 में प्रकाशित होते हैं)

भाग II--खण्ड-4- रक्षा मंत्रालय द्वारा जारी किए गए सांविधिक नियम और आदेश

289 भाग III-- खण्ड-1 उच्च न्यायालयों, नियंत्रक और महालेखापरीक्षक, संघ लोक सेवा आयोग, रेल विभाग और भारत सरकार से सम्बद्ध और अधीनस्थ कार्यालयों द्वारा जारी की गई अधिसूचनाएं

121 भाग III-- खण्ड- 2--पेटेंट कार्यालय द्वारा जारी की गई पेटेन्टों और डिजाइनों से सम्बन्धित अधिसूचनाएं और नोटिस

भाग III-- खण्ड- 3 -- मुख्य आयुक्तों के प्राधिकार के अधीन अथवा द्वारा जारी की गई अधिसूचनाएं

29: 1 भाग III-- खण्ड-4--विधिक अधिसूचनाएं जिनमें सांविधिक निकायों द्वारा जारी की गई अधिसूचनाएं, आदेश , विज्ञापन और नोटिस शामिल है

21 भाग IV--गैर- सरकारी व्यक्तियों और गैर- सरकारी निकायों. द्वारा जारी किए गए विज्ञापन और नोटिस V-- अंग्रेजी और हिन्दी दोनों में जन्म और मृत्यु के आंकड़ों को दर्शाने वाला सम्पूरक भाग

(227) 228

THE GAZETTE OF INDIA . FEBRUARY 22. 2003 ( PHALGUNA 3 , 1924)

[PART I-SEC . 1

CONTENTS

PART I - SECTION 1- Notifications relating to Non- Statutory Rules , Regulations , Orders and Resolutions. issued by the Ministries of the Government of India ( other than the Ministry of Defence ) and by the Supreme Court .

227

PART II- SECTION 3- SUB- SECTION ( iii )- Authoritative texts in Hindi ( other than such texts , published in Section 3 or Section 4 of the Gazette of India ) of General Statutory Rules & Statutory Orders ( including Bye - laws of a general character) issued by the Ministries of the Government of India ( including the Ministry of Defence ) and by Central Authorities (other than Administration of Union Territories )

PART I- SECTION 2 - Notifications regarding Appointments , Promotions . Leave etc. of Government Officers issued by the Ministries of the Government of India (other than the Ministry of Defence ) and by the Supreme Court

159

PART II- SECTION 4- Statutory Rules and Orders issued by the Ministry of Defence

1

PART I- SECTION 3 - Notifications relatingto Resolutions and Non -Statutory Orders issued by the Ministry of Defence

PART I- SECTION 4- Notifications regarding Appointments , Promotions , Leave etc. of Government Officers issued by the Ministry of Defence .

185

PART III- SECTION 1-Notifications issued by the High Courts , the Comptroller and Auditor General , Union Public Service Commission , the Indian Government Railways and by Attached and Subordinate Offices of the Government ofIndia

289

*

PART II - SECTION 1- Acts , Ordinances and Regulations

PART II- SECTION 1A- Authoritative texts in Hindi languages of Acts . Ordinances and Regulations

PART III- SECTION 2- Notifications and Notices issued by the Patent Office , relating to Patents and Designs .

721

*

PART II-- SECTION 2- Bills and Reports of the Select Committee on Bills ..

PART III- SECTION 3 --Notifications issued by or under authority ог . Chief the Commissioners .

PART III- SECTION 4-Miscellaneous Notifications including Notifications , Orders . Advertisements and Notices issued by StatutoryBodies

2911

*

PART II- SECTION 3 - SUB- SECTION ( 1 ) General Statutory Rules including Orders . Bye- laws , etc. of general character issued by the Ministry of the Government of India (other than the Ministry of Defence ) and by the Central Authorities ( other than the Administration of Union Territories)

PART IV-Advertisements and Notices issued by Private Individuals and Private Bodies

27 PART II- SECTION 3- SUB - SECTION ( ii )-Statutory Orders and Notifications issued by the Ministries of the Government of India (other than the Ministry of Defence ) and by the Central Authorities ( other than theAdministration of Union Territories)

PART V- Supplement showing Statistics of Births and Deaths etc. both in English and Hindi

"Folios not received .

भाग । खण्ड ।।

229 भारत का राजपत्र, फस्त्ररी 22 , 2003 ( फाल्गुन 3 , 1924)

भाग I-खण्ड 1

[ PART I- SECTION 1 ]

[ ( रक्षा मंत्रालय को छोड़कर ) भारत सरकार के मंत्रालयों और उच्चतम न्यायालय द्वारा जारी की गई विधितर नियमों, विनियमों तथा आदेशों और संकल्पों से संबंधित अधिसूचनाएं]

[Notifications relating to Non - Statutory Rules , Regulations , Orders and Resolutions issued by the Ministries of the Government of India ( other than the Ministry of Defence) and

by the Supreme Court ]

राष्ट्रपति सचिवालय

नई दिल्ली, दिनांक 26 जनवरी, 2003 सं(0.1 - प्रेज ./ 2003 राष्ट्रपति , गणतंत्र दिवस, 2003 के अवसर पर निम्नलिखित अफसरों को उनकी विशिष्ट सेवा के लिए राष्ट्रपति का पुलिस पदक सहर्ष प्रदान करते हैं :

श्री अनिल एम नवानी

श्री पी ० वी० नायडू

अपर पुलिस महानिदेशक

पुलिस महानिरीक्षक, बिलासपुर

हैदराबाद

छत्तीसगढ़

आंध्र प्रदेश

डॉ० ए० के ० श्रीवास्तव

श्रीके0 अरविन्द राव

उप-कमांडेंट , सी जी ए पी , 1 बटालियन, भिलाई

पुलिस महानिरीक्षक

छत्तीसगढ़

हैदराबाद

आंध्र प्रदेश

श्रीमती कंवलजीत देओल

संयुक्त पुलिस आयुक्त,

श्री एम० वेंकट रेड्डी

पुलिस मुख्यालय . नई दिल्ली

स्क्वा० कमांडर

राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली

ग्रे हाउन्ड्स, हैदराबाद

आंध्र प्रदेश

श्रीमती विमला मेहरा

श्री सी० रत्ना रेड्डी

संयुक्त पुलिस आयुक्त.

नईदिल्ली

उप- महानिरीक्षक ( आसूचना ) , हैदराबाद

आंध्र प्रदेश

राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली

श्री वुटूकुरू शिवशंकर

श्री ए० पी० कुरेशी

अन्वेषण अधिकारी.

पुलिस उप- अधीक्षक/सहायक कमांडेंट,

ए० पी ० लोकआयुक्त , हैदराबाद

एस आर पी एफ ग्रेड . II . अहमदाबाद

आंध्र प्रदेश

गुजरात

श्री जोलपालेम भास्कर

पुलिस उप - अधीक्षक, कुरनूल

श्री सुखदेव सिंह

आंध्र प्रदेश

अपर पुलिस अधीक्षक

भिवानी

श्री अशोक कुमार दास

हरियागा

उप - पुलिस महानिरीक्षक. गुवाहाटी

असम 230

श्री मदनलाल

अपर पुलिस महानिदेशक, पी एच सी, जम्मूएवं कश्मीर

जम्मूएवं कश्मीर

श्री एच० एल ० फोतेदार

पुलिस अधीक्षक ( अपराध ) , जम्मू जम्मूएवं कश्मीर

श्री बी० के ० सिन्हा

पुलिसअधीक्षक

सरायकेला-खरसांवा

झारखंड

श्री एस० मारीस्वामी

अपर पुलिस महानिदेशक

बंगलौर

कर्नाटक

श्री एस ० एम० बिदारी

पुलिस महानिरीक्षक

के एस आर पी बंगलौर

कर्नाटक

श्री बी० बी० सकरी

पुलिस उप-अधीक्षक

रानेबेन्नूर सब -डिवीजन, जिला हावेरी कर्नाटक

श्री वी० एम० कंवर

पुलिस महानिरीक्षक, इन्दौर

मध्य प्रदेश

श्रीविजय वाटे

पुलिस महानिरीक्षक/ उप- टी सी ग्वालियर

मध्य प्रदेश

भारत का राजपत्र , फरवरी 22 , 2003 ( फाल्गुन 3 , 1924)

[भाग -खण्ड । श्री वी० एस० तोमर

अपर पुलिस अधीक्षक, कटनी

मध्य प्रदेश

श्री राहुल गोपाल

अपर महानिदेशक

एसीबी मुंबई

महाराष्ट्र

श्री एस० एस० दयाल

संयुक्त पुलिस आयुक्त ( प्रशासन )

मुंबई

महाराष्ट्र

श्री ए० डी० गोरे

सहायक पुलिस आयुक्त

कंट्रोल रूम , थाणे

महाराष्ट्र

श्री एल० साईलो

पुलिस महानिदेशक, मेघालय , शिलांग

मेघालय

श्री एम० हेसो माओ

पुलिस महानिदेशक, कोहिमां

नागालैण्ड

श्री हरिहर पांडा

विशेष पुलिस महानिरीक्षक, कटक

उड़ीसा

श्रीअजीत कुमार घोष

पुन्निस उप - अधीक्षक, सतर्कता . कटक

उड़ीसा भाग 1-खण्ड 1 ]

श्री परश मणि दास

पुलिस महानिरीक्षक,

पटियाला

पंजाब

श्री आर० सी० सेठी

पुलिस अधीक्षक

मुख्य मंत्री सुरक्षा, चंडीगढ़

पंजाब

श्रीराम जीवन मीणा

पुलिस महानिरीक्षक

जयपुर

राजस्थान

श्री ए० के०जैन

पुलिस महानिरीक्षक

जयपुर

राजस्थान

श्री पी० डी० शर्मा

सहायक पुलिस महानिरीक्षक

जयपुर

राजस्थान

श्री आई० के० शर्मा

अपरं पुलिस अधीक्षक, सीकर

राजस्थान

श्रीके० रामानुजम

पुलिस महानिरीक्षक, चेन्नई

तमिलनाडु

श्री एस ० जे० विजयकुमार

पुलिस उप- अधीक्षक, वी एण्ड ए सी, चेन्नई तमिलनाडु

231

भारत का राजपत्र, फरवरी 22, 2003 ( फाल्गुन 3 , 1924)

श्री करमवीर सिंह

पुलिस महानिरीक्षक

कानपुर

उत्तर प्रदेश

श्री बी० एम० सारस्वत

पुलिस महानिरीक्षक

लखनऊ

उत्तर प्रदेश

डॉ० कश्मीर सिंह

पुलिस महानिरीक्षक, पी ए सी सेंट्रल

लखनऊ

उत्तर प्रदेश

श्री एन० एस० चौहान

पुलिस उप -अधीक्षक

महानिदेशालय मुख्यालय , लखनऊ

उत्तर प्रदेश

श्री दिलीप त्रिवेदी

महानिरीक्षक सीमा सुरक्षा बल

जम्मू

उत्तर प्रदेश

श्री सुजीत कुमार सरकार

अपर पुलिस आयुक्त

कोलकाता

पश्चिमबंगाल

श्रीकिसलय दासगुप्ता

सहायक पुलिसआयुक्त

कोलकाता

पश्चिम बंगाल श्री आर ० एन ० शर्मा उप- महानिरीक्षक ( कार्मिक) बल मुख्यालय , सीमा सुरक्षा बल, नई दिल्ली सीमा सुरक्षा बलं

श्री ए० के० घोष उप-महानिरीक्षक स्टेशन मुख्यालय सीमा सुरक्षा बल , कृष्णानगर सीमा सुरक्षा बल

डॉ० यू० एन० पांडा मुख्य चिकित्सा अधिकारी ( एस जी) एफ टी आर मुख्यालय , शिलांग सीमा सुरक्षा बल

श्री बी० एस ० रौतेला उप कमांडेंट श्रीनगर सीमा सुरक्षा बल

श्रीवागीश मिश्रा पुलिस महानिरीक्षक ई/ एस कोलकाता केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल

भारत का राजपत्र, फरवरी 22 , 2003 ( फाल्गुन 3, 1924)

[भाग I-खण्ड 1 श्री जगजीत सिंह कमांडेंट 086 बटालियन, जम्मूएवं कश्मीर केन्द्रीय रिज़र्व पुलिस बल

श्री एम० एम० शर्मा उप- पुलिस महानिरीक्षक, गांधीनगर केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल

श्रीके ० जे० सिंह अपर महानिदेशक, महानिदेशालय , नई दिल्ली भारत तिब्बत सीमा पुलिस

श्रीशिव राम शर्मा सहायक कमांडेंट ( दूरसंचार ) , 6 बटालियन , भारत तिब्बत सीमा पुलिस

श्री एस ० एन ० एल० भटनागर सीनियर कमांडेंट सीसी एल करगली ( झारखंड) केन्द्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल

बी.एच.ई.एल. हरिद्वार

श्री बी० एल० दुरानी सीनियर कमांडेंट केन्द्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल

श्री ई ० के० कुट्टी

श्रीरिजवान रसूल अपर उप - पुलिस महानिरीक्षक महानिदेशालय , नई दिल्ली केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल

निरीक्षक

श्री जे ० एम० एस० कठैत कमांडेंट 50वीं बटालियन , असम केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल

बी सी सी एल धनबाद केन्द्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल

श्री एस० सी० सिन्हा

संयुक्तनिदेशक

नई दिल्ली

केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो

भाग I-खण्ड । ]

भारत का राजपत्र, फरवरी 22 , 2003 ( फाल्गुन 3 , 1924)

श्री एच० सी ० सिंह उप- महानिरीक्षक, नई दिल्ली केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो

श्री ओ० पी० छतवाल वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, एस.टी एफ. दिल्ली केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो

श्री बी० एन० पी ० आजाद पुलिस अधीक्षक ए सी यू- III दिल्ली केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो

श्री एम० के० भट अपर पुलिस अधीक्षक , ए सी- III , दिल्ली केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो

श्रीराजीव कपूर संयुक्तनिदेशक, आसूचना ब्यूरो मुख्यालय, नई दिल्ली आसूचनाब्यूरो

श्रीयोगेन्द्र झा सहायकनिदेशक आसूचना ब्यूरो मुख्यालय , नई दिल्ली आसूचनाब्यूरो

श्रीके० जयानन्द सहायक निदेशक, आसूचना ब्यूरो मुख्यालय, नई दिल्ली आसूचना ब्यूरो

श्री एस० बी० भट्ट डीसी आई ओ अहमदाबाद आसूचना ब्यूरो

233 श्री वी० कार्तिकयन डीसी आई ओ चेन्नई आसूचनाब्यूरो

श्री पी० सी० तिवारी ए सी आई ओ- I ( डब्लूटी ) , आसूचना ब्यूरो मुख्यालय , नई दिल्ली आसूचना ब्यूरो

श्री आर० के० काजी ए सी आई ओ-1/जी श्रीनगर आसूचना ब्यूरो

श्री एन० मुरुगेसन ए सी आई ओ- II/जी चेन्नई आसूचना ब्यूरो

श्री एन० रामचन्द्रन महानिरीक्षक, विशेष सुरक्षा ग्रुप , नई दिल्ली मंत्रीमंडल सचिवालय ( विशेष सुरक्षा ग्रुप )

श्री गजेन्द्र सिंह सजवान उप- महानिरीक्षक, नई दिल्ली गृह मंत्रालय ( विशेष सेवा ब्यूरो )

श्री सुरेन्द्र नाथ कौल उप-जे ए जी, राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड, नई दिल्ली गृह मंत्रालय ( राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड )

श्री एस० एन० शर्मा कमांडिंग ऑफिसर ( लघु शस्त्र) , रेलवे बोर्ड, नई दिल्ली रेल मंत्रालय

2 . है। यह पदक राष्ट्रपति का पुलिस पदक नियमावली के नियम 4 ( ।। ) के अन्तर्गत दिया जा रहा

बरुण मित्रा (बरुण मित्रा)

निदेशक 234

भारत का राजपत्र, फरवरी 22, 2003 ( फाल्गुन 3 , 1924)

[भाग I-खण्ड । सं0 2 - प्रेज . / 2003 राष्ट्रपति , गणतंत्र दिवस , 2003 के अवसर पर निम्नलिखित अफसरों को उनकी सरहनीय सेवा के लिये पुलिस पदक सहर्ष प्रदान करते हैं :

श्री एस० एस० पी० यादव अपर पुलिस महानिदेशक रेलवे , हैदराबाद आंध्र प्रदेश

श्री पी० शेषागिरी राव कमांडेंट 5 वीं बटालियन ए पी एस पी , विजयनगरम आंध्र प्रदेश

श्रीविनय रंजन रे पुलिस उप- महानिरीक्षक गुंटूर रेंज, गुंटूर आंध्र प्रदेश

श्री राजीव त्रिवेदी अपर सचिव गृहविभाग , हैदराबाद आंध्र प्रदेश

श्री तुषार आदित्य त्रिपाठी पुलिस उप - महानिरीक्षक , एस आई बी हैदराबाद आंध्र प्रदेश

श्री एन ० वी० सुरेन्द्र बाबू पुलिस आयुक्त विजयवाड़ा आंध्र प्रदेश

श्री सत्यनारायण पुलिस उप -महानिरीक्षक कुरनूल रेंज, कुरनूल आंध्र प्रदेश

श्री एम० विद्यासागर राव पुलिस उप-अधीक्षक सुरक्षा विंग आसूचना, हैदराबाद आंध्र प्रदेश

श्री बी० शेषु एस.डी.पी.ओ गडवाल उप- मंडल, जिला महबूबनगर आंध्र प्रदेश

श्री सीएच० साया रेड्डी एस.डी.पी.ओ अल्लागड्डा आंध्र प्रदेश

श्रीके ० जे० एम० रेड्डी एस.डी.पी.ओ भोंगीर उप- मंडल, जिला नलगोंडा आंध्र प्रदेश

विशाखापत्तनम

श्रीके० के० राव अचारी पुलिस उप- अधीक्षक, सी आई डी आंध्र प्रदेश भाग 1-खण्ड 1 ]

श्रीसीएच ० अल्लूराहिआ

निरीक्षक, हैदराबाद

आंध्र प्रदेश

श्री पी ० एस० एस० पी० बाबू

निरीक्षक, सी आई डी

हैदराबाद

आंध्र प्रदेश

श्री सैयद हैदर हसन

हैड कांस्टेबल

एस . बी. सिटी, हैदराबाद

आंध्र प्रदेश

श्रीमदीगा गंगप्पा

कांस्टेबल

पोथूकुंटा

आंध्र प्रदेश

श्रीके० के० नाथ

पुलिस उप - महानिरीक्षक, गुवाहाटी असम

श्री ए० के० झा

निदेशक, अभियोजन , गुवाहाटी असम

श्री एनं० एम० दत्ता

पुलिस उप - महानिरीक्षक, सिलचर असम असम

श्री डी० सी० कलीता

उप-निरीक्षक, पी आर एस , दिफु असम

2-461 G1/2002

235

भारत का राजपत्र, फरवरी 22 , 2003 ( फाल्गुन 3 , 1924)

श्री आर ० के० कुर्मी

उप -निरीक्षक, गुवाहाटी

असम

श्री एम० एस० तोमर

सहायक पुलिस महानिरीक्षक, पुलिस मुख्यालय , रायपुर छत्तीसगढ़

श्रीजे० के० थोरात

पुलिस अधीक्षक, विशेष पुलिस स्थापना प्रभाग

लोकायुक्त कार्यालय बिलासपुर

छत्तीसगढ़

श्री डी० के ० सिंह

कंपनी कमांडर, 10 वीं बटालियन सी जी ए पी, सुरगुजा छत्तीसगढ़

श्री टी० एस ० जी० के० पिल्लई

सूबेदार ( एम)

7वीं बटालियन , भिलाई,

छत्तीसगढ़

श्री टी० पी० पाठक

कांस्टेबल, पी एस बी/ भट्टी

छत्तीसगढ़

श्रीके० के० वर्मा

हैड कांस्टेबल, रायपुर

छत्तीसगढ़

श्री राजेश मलिक

अपर पुलिस आयुक्त, भ्रष्टाचार निरोध शाखा

दिल्ली

राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली 236

श्रीशिव प्रसाद

निरीक्षक ( तकनीकी ), दिल्ली पुलिस नई दिल्ली राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली

श्रीभीमसेन

निरीक्षक, दिल्ली पुलिस नई दिल्ली राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली

श्री हरपाल सिंह यादव

निरीक्षक, दिल्ली पुलिस नईदिल्ली राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली

श्रीमती कंवलजीत कौर

महिला/निरीक्षक, दिल्ली पुलिस

प्रोवि० एवं लाजिस्टिक, नई दिल्ली

राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली

श्री जे ० एन० दीक्षित

उप -निरीक्षक, दिल्ली पुलिस

नई दिल्ली

राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली

श्री हुकमचंद

उप -निरीक्षक, दिल्ली पुलिस

नईदिल्ली

राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली

श्री बसर सिंह

सहायक उप -निरीक्षक, ( डब्लू.ओ ) , दिल्ली पुलिस नईदिल्ली

राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली

भारत का राजपत्र, फरवरी 22, 2003 ( फाल्गुन 3 , 1924)

[ भाग -खण्ड । श्री सरबजीत सिंह

सहायक उप- निरीक्षक, पश्चिमी जिला,

दिल्ली पुलिस नई दिल्ली

राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली

श्री ए० टी० शशी

हैड कांस्टेबल , उत्तर- पश्चिमी जिला दिल्ली पुलिस नई दिल्ली

राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली

श्री रंजीत कुमार

कांस्टेबल, स्पेशल सैल , दिल्ली पुलिस

नई दिल्ली

राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली

श्रीनीलू एस ० रौत देसाई

पुलिस उप-अधीक्षक

पणजी

गोवा

श्री वी० वी० रबारी

विशेष पुलिस महानिरीक्षक

गांधीनगर

गुजरात

श्री एल० पी० सोलंकी

निरीक्षक

गांधीनगर

गुजरात

श्रीडी० एस० महेता

निरीक्षक

कालूपुर पुलिस स्टेशन, अहमदाबाद

गुजरात भाग I- खण्ड 1 ]

श्री ए० ए० चौहाण

निरीक्षक अपराध शाखा अहमदाबाद

गुजरात

श्री टी० ए० बारोट

भारत का राजपत्र , फरवरी 22 , 2003 ( फाल्गुन 3, 1924)

237 श्रीजी० यू० शेखावत

असिस्टेंट ड्रिल इन्सट्रक्टर/ मेजर गुजरात पुलिस अकादमी , करई, गांधीनगर गुजरात

श्री ए० पी० प्रजापती

सहायक उप-निरीक्षक / रेडियो ऑपरेटर

गांधीनगर

निरीक्षक अपराधअनुसंधान शाखा, अहमदाबाद गुजरात

गुजरात

श्री पी० बी० जाडेजा

निषेधक निरीक्षक निषेधक विभाग, अहमदाबाद

श्री पी० जी० नाम्बीयार

सहायक उप - निरीक्षक ( रेडियो ऑपरेटर )

गांधीनगर

गुजरात

गुजरात

श्री आर० बी० जोशी

श्रीके० सेल्वराज

उप-निरीक्षक

अपराध शाखा, अहमदाबाद

पुलिस उप -महानिरीक्षक, सी आई डी

पंचकुला

गुजरात

हरियाणा

श्रीपी० जी० वाघेला

श्री राजेन्द्र सिंह

उप-निरीक्षक

आतंकवाद निरोधी दस्ता, अहमदाबाद पुलिस अधीक्षक, भिवानी

हरियाणा

गुजरात

श्रीके० एस ० देसाई

उप-निरीक्षक

श्रीविजय कुमार भराडा

पुलिस उप- अधीक्षक सी आई डी

अंबाला

अपराध शाखा, अहमदाबाद

हरियाणा

गुजरात

श्रीपरम सिंह

श्री पी० वी० पाटिल

उप-निरीक्षक

सहायक उप-निरीक्षक

सूरत शहर

सी आई डी ( एच ) सुरक्षा दिल्ली

हरियाणा

गुजरात 238

श्री ए० के० शर्मा पुलिस अधीक्षक /सी आई डी, शिमला हिमाचल प्रदेश

श्री आर० एम० शर्मा

पुलिस अधीक्षक, हमीरपुर हिमाचल प्रदेश

श्री रमेश चन्द उप-निरीक्षक, बसल ( वर्तमान मे बनगढ़ ) हिमाचल प्रदेश

श्री एम० के० मोहंती अपर पुलिस महानिदेशक, जम्मू जम्मूएवं कश्मीर

श्री प्रभात सिंह

पुलिस अधीक्षक ( शहर ) , जम्मू जम्मूएवं कश्मीर

श्री जगजीत कुमार पुलिस अधीक्षक, यातायात, श्रीनगर जम्मूएवं कश्मीर

श्री ए० आर० शान पुलिस अधीक्षक, तल वाड़ा-रेआसी जम्मूएवं कश्मीर

श्री एम० ए० ख़ान

पुलिस उप- अधीक्षक, बदगाम

जम्मूएवं कश्मीर

श्री सुरेन्द्र महालदार निरीक्षक सीआई डी मुख्यालय जम्मूएवं कश्मीर

[ भाग 1

-खण्ड ।

भारत का राजपत्र , फरवरी 22 , 2003 ( फाल्गुन 3, 1924)

श्री जी० एम० भट निरीक्षक, श्रीनगर जम्मूएवं कश्मीर

श्री जी० ए० डर

निरीक्षक, फोटो अनुभाग , श्रीनगर

जम्मूएवं कश्मीर

श्री एलेविन्सयस मिंज

हैड कांस्टेबल , सी आई डी रांची झारखण्ड

श्री बी० डी० लिम्बू उप-निरीक्षक ( सशस्त्र ) रांची झारखण्ड

श्रीचन्द्रशेखर

पुलिस महानिरीक्षक

बंगलौर

कर्नाटक

श्री एम० एन ० रेड्डी

अपर पुलिस आयुक्त

बंगलौर शहर कर्नाटक

श्री एच० एन० सत्यनारायण राव

निदेशक, के पी ए, मैसूर

कर्नाटक

श्रीके० वी० गगनदीप

पुलिस आयुक्त

हुबली धारवाड़

कर्नाटक भाग -खण्ड 1 ]

श्री पी० सी० गणपति

अपर पुलिस अधीक्षक

जिला चमाराजानगर

239

भारत का राजपत्र, फरवरी 22, 2003 ( फाल्गुन 3 , 1924 )

श्री विन्सन एम० पॉल

पुलिस महानिरीक्षक,

तिरुवनन्तपुरम

कर्नाटक

केरल

श्री वी० वी० मोहनन

श्रीजे० आर० कोटी

पुलिस अधीक्षक

पुलिस उप -अधीक्षक

फिंगर प्रिंट डिवीजन , बंगलौर

कर्नाटक

श्री एम० एन० राजन्ना

पुलिस उप- अधीक्षक

एस बी सी आई डी, त्रिचूर

केरल

श्री टी ० वी० कमलाक्षन

पुलिस अधीक्षक, सी बी सी आई डी

कोझीकोड

सतर्कता बंगलौर

कर्नाटक

श्री एम० डी० दिवाकर

केरल

श्री एम० एम० नांबियार

असिस्टेंट कमांडेंट

पुलिस उप - अधीक्षक • कर्नाटक पुलिस अकादमी, मैसूर कर्नाटक

श्री एम० जी० नगेन्द्र कुमार

निरीक्षक

यातायात योजना बंगलौर

एम एस पी, मालापुरम

केरल

श्री वी० बी० रमेश कुमार

निरीक्षक,

तिरुवनन्तपुरम

कर्नाटक

श्री के० के० विजयकुमार रिजर्व पुलिस निरीक्षक

IV बटालियन के एस आर पी बंगलौर केरल

श्री आर० हितापालन नायर

पुलिस उप- अधीक्षक

तिरुवनन्तपुरम

कर्नाटक

श्री पी० एम० उक्कोजिकर

सहायक उप-निरीक्षक

डीए आर बेलगांव

कर्नाटक

केरल

श्री एम० वी० वलयुद्धन

सशस्त्र पुलिस निरीक्षक, के ए पी- I बटालियन त्रिचूर

केरल 240

भारत का राजपत्र, फरवरी 22, 2003 ( फाल्गुन 3 , 1924)

श्रीसंजय राणा अपर सचिव (गृह ) भोपाल मध्यप्रदेश

डॉ० पी० आर ० माथुर उप- महानिरीक्षक/ एस बी आई, ई ओ डब्ल्यू भोपाल मध्य प्रदेश

श्री एस० के० सिंह

उप - महानिरीक्षक, सी आई डी मुख्यालय , भोपाल मध्य प्रदेश

श्रीविजय यादव

उप- महानिरीक्षक आसूचना पुलिस मुख्यालय , भोपाल मध्य प्रदेश

श्री ए० के ० जैन उप-महानिरीक्षक भोपाल

मध्य प्रदेश

श्री एम० पी० द्विवेदी

उप- महानिरीक्षक, सी आई डी, पुलिस मुख्यालय भोपाल

मध्यप्रदेश

श्री ए० के० पौराणिक

उप पुलिस अधीक्षक, सी आई डी, पुलिस मुख्यालय भोपाल मध्यप्रदेश

श्रीजे० के० दीक्षित रिजर्व निरीक्षक, शाजापुर मध्य प्रदेश

[भाग -खण्ड 1 श्रीमती मेनका गुरुंग कंपनी कमांडर , 23 बटालियन एस ए एफ भोपाल मध्य प्रदेश

श्रीके० सी० हिवरकर उप-निरीक्षक (बैंड ) , जे एन पी ए सागर मध्यप्रदेश

श्री सीताराम जोशी

प्लाटून कमांडर, इन्दौर

मध्यप्रदेश

श्री फरीद बज़्मी

लाईब्रेरियन / सूबेदार ( एम ) , भोपाल मध्य प्रदेश

श्रीजी० बी० यादव

हैड कांस्टेबल, भिंड मध्य प्रदेश

श्री वी० एन० पटेल

कांस्टेबल, सतना

मध्य प्रदेश

श्रीके० आर० कोली

कांस्टेबल , श्योपुर

मध्य प्रदेश

श्रीआर० के० शिवहरे

पुलिस अधीक्षक, एस बी आई ई ओ, इन्दौर मध्यप्रदेश

श्री मातिन खान

वरिष्ठ कांस्टेबल , एस बी आई ई ओ , भोपाल मध्य प्रदेश भाग -खण्ड । ]

श्री एच० एन० नागराले

241

भारत का राजपत्र, फरवरी 22 , 2003 ( फाल्गुन 3 , 1924)

श्रीके० एन० करांडे

निरीक्षक

पुलिस अधीक्षक

(अनिवार्य प्रतीक्षा)

महाराष्ट्र

शोलापुर ( ग्रामीण )

महाराष्ट्र

श्री सी० एस० जानराव कमांडेंट

श्री आर ० एम० थोरात

एपी आई

एस आर पी एफ जी आर. X एसीबी औरंगाबाद

महाराष्ट्र

शोलापुर

महाराष्ट्र

श्री वी० आर० चिंतलवार श्री वी० एस० वांडिले

एपी आई

एसडीपीओ

जलगांव

एसीबी नागपुर

महाराष्ट्र

महाराष्ट्र

श्रीमती एच ० ए० वारियाच श्री वी० बी० चिंचोले

पी एस आई

सहायक पुलिस आयुक्त औरंगाबाद शहर

महाराष्ट्र

अपराध शाखा, मुंबई

महाराष्ट्र

श्री एम० जी० नाईक

निरीक्षक

एस आर पी एफ जी आर - I श्री अब्बास अली अब्दुल करीम मुजावर

सहायक उप- निरीक्षक

शोलापुर शहर

महाराष्ट्र

पुणे

महाराष्ट्र

श्री के० बी० बेले

निरीक्षक

श्री एम० डी० गाडे

सहायक उप-निरीक्षक

जी आर-1 पुणे

महाराष्ट्र

सी आई डी अपराध

नागपुर

महाराष्ट्र

श्री एम० के० जाधव

सहायक उप-निरीक्षक

अहमदनगर टी आर . शाखा

महाराष्ट्र

242

श्री वी० डी० सोनार

सहायक उप- निरीक्षक

नासिक

महाराष्ट्र

श्री वी० सी० चौधरी

सहायक उप-निरीक्षक

पी टी एस अकोला

महाराष्ट्र

श्रीके० आर० मोहिते

सहायक उप-निरीक्षक

एसीबी मुंबई

महाराष्ट्र

श्री आर० बी० लेकावाले

हैड कांस्टेबल

जीआर - I पुणे

महाराष्ट्र

श्री डी० डी० महाजन

हेड कांस्टेबल

एल सी बी जलगांव

महाराष्ट्र

श्री एस ० डी० सातपुते

हैड कांस्टेबल / ड्राईवर

उस्मानाबाद एम टी सैक .

महाराष्ट्र

श्री बी० एस० तातुगडे

हैड कांस्टेबल

सी आर. शाखा सी आई डी मुंबई महाराष्ट्र

भारत का राजपत्र, फरवरी 22, 2003 ( फाल्गुन 3 , 1924)

[भाग -खण्ड 1 श्री के ० जी० जमुनाह

हैंड कांस्टेबल

अपराध शाखां, अकोला

महाराष्ट्र

श्री एम० बी० जोशी

सशस्त्र हैड कांस्टेबल

ग्रुप- IV नागपुर

महाराष्ट्र

श्री ए० ई० पवार

पुलिसनायक

एल सी बी जलगांव

महाराष्ट्र

श्री डी० वी० सालगावकर

पुलिस नायक

रत्नागिरी

महाराष्ट्र

श्री एम ० के० सूर्यवंशी

कांस्टेबल

सांगली, एल सी बी

महाराष्ट्र

श्री सी० के० निकम

कांस्टेबल

एसीबी जलगांव

महाराष्ट्र

श्री ए० कुन्दो सिंह

डिप्टी कमांडेंट

मणिपुर राईफल्स , उखरूल

मणिपुर भाग 1-खण्ड 1]

श्री टॉम बहादुर थापा हवलदार, 1 बटालियन मणिपुर राईफल्स, इम्फाल मणिपुर

श्री एच० टी० सपसांगा

निरीक्षक लुंगलेई, डीएस बी मिजोरम

श्रीजोथलमुआना निरीक्षक, चम्फई, पी एस मिजोरम

श्री नारायण थापा निरीक्षक, आईजोल मिज़ोरम

श्री टी० डखार

पुलिस उप-महानिरीक्षक, शिलांग मेघालय

श्रीविष्णु राम राणा प्रधानाचार्य पी टी एस, शिलांग

-मेघालय

श्री डोमिनिक एस० शाइल्ला ओ-आई-सी, जोवाई पी एस, मेघालय

श्री एन० एनौचेत एयो पुलिस महानिरीक्षक कोहिमा .

नागालैण्ड

3-461 G1 /2002

243

भारत का राजपत्र , फरवरी 22 , 2003 (फाल्गुन 3, 1924)

श्रीसुकधन गुरुंग ए बी एस आई, चुमुकेदिमा नागालैण्ड

श्रीजे० आई० यादेन पुलिस अधीक्षक, कोहिमा नागालैण्ड

श्री बी० बी० मिश्रा

पुलिस उप - महानिरीक्षक , सुनाबेदा उड़ीसा

श्री हरिबंधु दास

पुलिस उप - अधीक्षक सतर्कता निदेशालय , कटक उड़ीसा

श्री ६ एन० झा

पुलि उप - अधीक्षक, सतर्कता, बालासोर उड़ीस

श्री बी० सी० साहू

आर आई, जगतसिंहपुर उड़ीसा

श्रीकैलाश प्रधान

कांस्टेबल , सतर्कता निदेशालय , कटक

उड़ीसा

श्रीदिनकर गुप्ता

उप-महानिरीक्षक, पंजाब चंडीगढ़ पंजाब 244

भारत का राजपत्र, फरवरी 22, 2003 ( फाल्गुन 3, 1924)

श्री एच० एस० रंधावा

उप-महानिरीक्षक/आसूचना चंडीगढ़

पंजाब

श्री पी० एस० सराओ

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक

खन्ना

पंजाब

श्रीशिवदेवसिंह

असिस्टेंट कमांडेंट

जालंधर

पंजाब

श्रीअजीत सिंह

निरीक्षक, वॉयरलैस विंग

चंडीगढ़

पंजाब

श्रीगुरदेवसिंह

निरीक्षक, आसूचना विंग, पंजाब चंडीगढ़

पंजाब

श्री गुरदर्शनसिंह

उप-निरीक्षक /हैड क्लर्क, डीपी ओ पटियाला

पंजाब

श्रीचमकौर सिंह

उप-निरीक्षक / ओ आर पी लुधियाना

पंजाब

[भाग -खण्ड । श्री सुरेन्द्रकुमार

उप-निरीक्षक / ओ आर पी

लुधियाना

पंजाब

श्रीपाखर राम

सहायक उप- निरीक्षक

अपर पुलिस महानिदेशक का ड्राईवर /सुरक्षा, चंडीगढ़ पंजाब

श्री टी.एल. मीणा

उप पुलिस महानिरीक्षक

आर.ए.सी. रेंज - I जयपुर

राजस्थान

श्रीडी. एस. दिनकर

उप पुलिस महानिरीक्षक

कोटा रेंज कोटा

राजस्थान

:

श्री आर .के. दसोत

उप महानिरीक्षक ( सीमा सुरक्षा बल )

जैसलमेर

राजस्थान

श्री एम. एल. लाथर

उप महानिरीक्षक

सेक्टर मुख्यालय सीमा सुरक्षा बल बाड़मेर राजस्थान

श्री रामफल सिंह

पुलिस अधीक्षक

अपराध शाखा,

जयपुर

राजस्थान भाग -खण्ड 1 ]

श्रीजनार्दन शर्मा अपर पुलिस अधीक्षक सी.आई.डी. ( एस.एस.बी. ) राजस्थान जयपुर राजस्थान

श्री बी.एस. सोधा उप पुलिस अधीक्षक I बटालियन आर.ए.सी. जोधपुर राजस्थान

सी.आई.डी. एस.एस.बी. जयपुर शहर श्रीविजय सिंह राव उप पुलिस अधीक्षक राजस्थान

श्री हरदयाल सिंह निरीक्षक ए.सी.बी. जयपुर

राजस्थान

श्री एच. एस. नेगी निरीक्षक सी.एम. सुरक्षा नई दिल्ली राजस्थान

श्री आर. के बेनीवाल निरीक्षक थाना दीदवाना जिला नागौर,

राजस्थान

श्रीप्रीतमसिंह

प्लाटूनकमांडर 6वीं बटालियन आर.ए.सी. धौलपुर राजस्थान

245

भारत का राजपत्र , फरवरी 22 , 2003 (फाल्गुन 3, 1924)

श्री हनुमान सहाय

उपनिरीक्षक 'सी.आई.डी. एस.एस.बी. , जयपुर

राजस्थान

श्रीसाबिर अली सहायक उप निरीक्षक अपराध शाखा, जिला चुरू राजस्थान

श्रीश्रीचन्दजाट हेड कांस्टेबल थाना गल्तागेट, जयपुर राजस्थान

श्री शम्भूप्रधान

निरीक्षक, गंगटोक सिक्किम

श्री ए.के. शुक्ला

उप पुलिस महानिरीक्षक अगरतला

त्रिपुरा

श्रीसी.एम. देबबर्मा

निरीक्षक, पी.टी.सी. ,

नरसिंहगढ़

त्रिपुरा

श्री ए.के. दत्ता

निरीक्षक, पुलिस मुख्यालय

अगरतला

त्रिपुरा 246

श्रीजी. नानचिल कुमारन अपर महानिदेशक पुलिस, चेन्नई तमिलनाडु

श्रीजी. उमा गणपति शास्त्री संयुक्तआयुक्त पुलिस , चेन्नई तमिलनाडु

श्रीके. राजशेखरन सहायक आयुक्त पुलिस , चेन्नई तमिलनाडु

श्री एस.डी. राजेन्द्रन निरीक्षक, मदुरै शहर तमिलनाडु

श्री एन . कुलोधुंगपांडयन निरीक्षक, वी . एंड ए.सी. , रामनाथपुरम तमिलनाडु

श्री एस.एम. महोम्मद इकबाल निरीक्षक चेन्नई तमिलनाडु

श्री एम.बी. नटराजन निरीक्षक, पी.टी.सी. चेन्नई तमिलनाडु

श्री आर. मुरली निरीक्षक, वी. एंड ए.सी. , चेन्नई तमिलनाडु

| भाग । खण्ड ।

भारत का राजपत्र, फरवरी 22, 2003 (फाल्गुन 3 , 1924).

श्रीअनिलके. रतूड़ी उप पुलिस महानिरीक्षक देहरादून उत्तरांचल

श्री आई.एस. रावत निरीक्षक ( एम) पुलिस मुख्यालय देहरादून उत्तरांचल

श्रीपी.एस. रावत कम्पनी कमांडर, 40वीं बटालियन पी.ए.सी. हरिद्वार उत्तरांचल

श्री डी.डी. बहुखण्डी हेड कांस्टेबल, ऊधम सिंह नगर उत्तरांचल

श्रीजे. एस. घुंगेश अपर पुलिस महानिदेशक ( ई.ओ.डब्ल्यू. ) लखनऊ उत्तर प्रदेश

श्री मनोज कुमार महानिरीक्षक पुलिस लखनऊ उत्तर प्रदेश

श्री रती राम महानिरीक्षक पुलिस लखनऊ. उत्तर प्रदेश भाग 1-खण्ड 1 ]

श्रीके. एल. मीणा

पुलिस उप महानिरीक्षक

मिर्जापुर

उत्तर प्रदेश

श्रीके.के. सक्सेना

पुलिस उप महानिरीक्षक

लखनऊ

उत्तर प्रदेश

श्रीअरुण कुमार

पुलिस उप महानिरीक्षक

लखनऊ

उत्तर प्रदेश

श्री पी.के . तिवारी

पुलिस उप महानिरीक्षक रेंज इलाहाबाद

उत्तर प्रदेश

श्रीमुकुल गोयल

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक

मेरठ

उत्तर प्रदेश

श्रीबी.के. सिंह

पुलिस अधीक्षक सी.बी. सी.आई.डी.

लखनऊ

उत्तर प्रदेश

श्री एस.पी. सिंह

पुलिस अधीक्षक सी.बी. सी.आई.डी.

लखनऊ

उत्तर प्रदेश

247

भारत का राजपत्र, फरवरी 22, 2003 ( फाल्गुन 3 , 1924)

श्री बी.पी. त्रिपाठी

पुलिस अधीक्षक, पुलिस मुख्यालय ,

इलाहाबाद

उत्तर प्रदेश

श्रीलालजी शुक्ला

अपर पुलिस अधीक्षक

इलाहाबाद

उत्तर प्रदेश

श्री राजेश कुमार श्रीवास्तव

अपर पुलिस अधीक्षक

उत्तरांचल

उत्तर प्रदेश

श्री हरीश चन्द्र पांडेय

उप पुलिस अधीक्षक

लोकायुक्त, लखनऊ

उत्तर प्रदेश

श्री बी .के. जुयाल

उप पुलिस अधीक्षक

उत्तरांचल

उत्तर प्रदेश

श्री हरपाल सिंह

उप पुलिस अधीक्षक

पी.टी.सी. सीतापुर

उत्तर प्रदेश

श्रीआई.एस. रावत

उप पुलिस अधीक्षक

सुरक्षा राजभवन ,

लखनऊ

उत्तर प्रदेश 248

श्री एम . एल . वर्मा सहायक कमांडेंट 32 बटालियन पी.ए.सी. लखनऊ उत्तर प्रदेश

श्री ए.के. सिंह उप पुलिस अधीक्षक जी.आर.पी. वाराणसी उत्तर प्रदेश

श्री एस.एन. त्रिपाठी उप पुलिसअधीक्षक एल.आई.यू. फैजाबाद उत्तर प्रदेश

श्री एस.बी. सिंह

उप पुलिस अधीक्षक जी.आर.पी. कानपुर उत्तर प्रदेश

श्री आर.एस. शर्मा उप पुलिस अधीक्षक यू.पी. पी.सी.एल. लखनऊ उत्तर प्रदेश

श्री पदम सिंह उप पुलिस अधीक्षक सी.एम. सुरक्षा, लखनऊ

उत्तर प्रदेश

श्री आर.बी. यादव आर.आई जिला ललितपुर उत्तर प्रदेश

[भाग ।-खण्ड 1

भारत का राजपत्र, फरवरी 22, 2003 ( फाल्गुन 3 , 1924)

श्री बृज पाल सिंह सोलंकी निरीक्षक सतर्कता स्थापना लखनऊ

उत्तर प्रदेश

श्रीआर.एस.एल. पांडेय

हेड कांस्टेबल

शाहजहांपुर

उत्तर प्रदेश

हेड कांस्टेबल

श्रीशिव रतन सिंह जिला ललितपुर

उत्तर प्रदेश

श्रीवाई.एन. यादव

कांस्टेबल जिला संत रविदास नगर

उत्तर प्रदेश

श्री मुस्तजिबुल हक कांस्टेबल आसूचना विभाग लखनऊ उत्तर प्रदेश

श्री अवधेश कुमार

कांस्टेबल बिजनौर उत्तर प्रदेश

श्रीराम शंकर कांस्टेबल शाहजहांपुर

उत्तर प्रदेश भाग -खण्ड 1 ]

भारत का राजपत्र, फरवरी 22 , 2003 ( फाल्गुन 3 , 1924)

श्री ओ.पी. श्रीवास्तव

उपनिरीक्षक

उत्तर प्रदेश पुलिस कम्प्यूटर केन्द्र लखनऊ उत्तर प्रदेश

श्री एस .के . सिंह

'उप महानिरीक्षक भारत तिब्बत सीमा पुलिस नईदिल्ली

उत्तर प्रदेश

श्री आर.के. मिश्रा

उप महानिरीक्षक केन्द्रीय जांच ब्यूरो

नईदिल्ली

उत्तर प्रदेश

श्रीमिहिर कुमार भट्टाचार्य विशेष पुलिस अधीक्षक, आसूचना ब्यूरो, कोलकाता पश्चिमबंगाल

श्री मनोज मालवीय विशेष पुलिस अधीक्षक, अपराध जांच विभाग , कोलकाता पश्चिमबंगाल

श्रीमती सुमन बाला साहू विशेष पुलिस अधीक्षक, प्रवर्तन शाखा, कोलकाता पश्चिमबंगाल

श्रीशिवाजीघोष

पुलिसउपायुक्त

कोलकाता

पश्चिमबंगाल

श्री एम.के. सिंह पुलिस उपायुक्त, याताया वेभाग , कोलकाता पश्चिम बंगाल

249 श्री टी.के . बंदोपाध्याय

सहायक पुलिस आयुक्त

डिटेक्टिव विभाग , कोलकाता

पश्चिम बंगाल

श्री मोनोज कान्ति दास

निरीक्षक

आसूचनाब्यूरो,

पश्चिमबंगाल

श्रीमिहिर बरन दास

निरीक्षक

सतर्कता आयोग

पश्चिमबंगाल

श्री कृष्ण कान्तगांगुली

निरीक्षक

सतर्कता अयोग

पश्चिमबंगाल

श्री प्रबीर कांति राय

उप निरीक्षक

सतर्कता आयोग

पश्चिमबंगाल

श्री भोला नाथ घोष

वायरलेस आप्रेटर टेलीकॉम , मुख्यालय

पश्चिम बंगाल

श्रीअशिम कुमार डे

हेड कांस्टेबल, डी.ए.पी. , मुख्यालय

पश्चिमबंगाल

श्रीबिमल कुमार मंजूमदर

कांस्टेबल, रिजर्व कार्यालय, अलीपुर

पश्चिमबंगाल 250

श्री हरदेव सिंह निरीक्षक चंडीगढ़

श्री बलदेव सिंह सहायक उप निरीक्षक, चंडीगढ़ चंडीगढ़

श्रीएन. कुमारन हेड कांस्टेबल कावारत्ती लक्षद्वीप

श्रीपोन बावा नन्धन हेड कांस्टेबल पी.टी.एस. पांडिचेरी

श्रीके.आर. पटेल अपर उप महानिरीक्षक , एस.टी.सी. सीमा सुरक्षा बल, हजारीबाग सीमा सुरक्षा बले

श्रीबी.एस. कुशवाह कमांडेंट, सेक्टर मुख्यालय सीमा सुरक्षा बल, तागोरेविला कोलकाता सीमा सुरक्षा बल

श्री सी. वासुदेवन कमांडेंट, 59 बटालियन, सीमा सुरक्षा बल , खानेतर सीमा सुरक्षा बल

श्री अजायब सिंह राय कमांडेंट , 67 बटालियन, सीमा सुरक्षा बल , पंजीपारा सीमा सुरक्षा बल

[भाग -खण्ड ।

भारत का राजपत्र, फरवरी 22 , 2003 ( फाल्गुन 3, 1924)

डॉ. बी.बी. बेहेरा सी.एम.ओ. ( एस.जी. ) फ्रंटियर मुख्यालय सीमा सुरक्षा बल अगरतला सीमा सुरक्षा बल

डॉ. एन.एस. गंधरिया सी.एम.ओ. 163 बटालियन सीमा सुरक्षा बल राजौरी ( जम्मूएवं कश्मीर ) सीमा सुरक्षा बल

श्री ए.एस. संधु 2आई.सी. , 89 बटालियन सीमा सुरक्षा बल श्रीनगर सीमा सुरक्षा बल

श्री सुमेर सिंह उप कमांडेंट टी.सी.एंड एस. सीमा सुरक्षा बल हजारीबाग सीमा सुरक्षा बल

श्री एस.पी.एस. मलिक उप कमांडेंट , एस.टी.सी. सुरक्षा बल उधमपुर सीमा सुरक्षा बल

श्री एस.जी. गोयल उप कमांडेंट, एम.टी. पूल, नई ल्ली सीमा सुरक्षा बल

श्री वी.वी. सिंह उप कमांडेंट , एस.टी.एस. सीम बल बंगलौर सीमा सुरक्षा बल

श्रीडी.सी. लोहानी सहायक कमांडेंट, कमांडिंग "निय भ, बल मुख्यालय, नईदिल्ली सीमा सुरक्षा बल भारत का राजपत्र, फरवरी 22, 2003 ( फाल्गुन 3, 1924)

भाग 1- खण्ड 1 ]

श्री आई.जे.एस. दत्त सहायक कमांडेंट, 7 बटालियन सीमा सुरक्षा बल, श्रीनगर सीमा सुरक्षा बल

श्री सुरंजीत सिंह सहायक कमांडेंट , बल मुख्यालय , नई दिल्ली सीमा सुरक्षा बल

श्रीडी. एस. कुशवाह सहायक कमांडेंट , 35 बटालियन सीमा सुरक्षा बल , गांधीनगर सीमा सुरक्षा बल

श्रीजी.एस. रावत सहायक कमांडेंट , 130 बटालियन सालबागान सीमा सुरक्षा बल

श्रीके .के. चेतरी सहायक कमांडेंट , 78 बटालियन सीमा सुरक्षा बल, महेशपुर सीमा सुरक्षा बल

श्री आर.आर. शर्मा सूबेदार, 93 बटालियन , सीमा सुरक्षा बल अछद ( जम्मू) सीमा सुरक्षा बल

श्री आर.एस. भट्टी सूबेदार, सी.एस.डब्ल्यू.टी. , इंदौर सीमा सुरक्षा बल

श्री पी .के . अर्जुन निरीक्षक, 29 बटालियन सीमा सुरक्षा बल बैकुंठपुर सीमा सुरक्षा बल

श्री ओ.जी. नांबियार निरीक्षक/पी.ए. , एस.टी.सी. उधमपुर सीमा सुरक्षा बल

4-461 G1/2002

251 श्री मुरादखान सूबेदार , एस.टी.सी. , सीमा सुरक्षा बल, टेकनपुर सीमा सुरक्षा बल

श्रीपी.बी. राय सूबेदार, 53 बटालियन, सीमा सुरक्षा बल , साम्बा सीमा सुरक्षा बल

श्रीडी.पी. थपलियाल उप निरीक्षक, 85 बंटालियन सीमा सुरक्षा बल, महारानीचेरा सीमा सुरक्षा बल

श्रीके. आर . यादव उप निरीक्षक ( साइफर ), 65 बटालियन सीमा सुरक्षा बल बाड़मेड़ सीमा सुरक्षा बल

श्री प्रकाश चन्द उप निरीक्षक, 153 बटालियन, सीमा सुरक्षा बल, साम्बा सीमा सुरक्षा बल

श्रीबलबीरसिंह उप निरीक्षक, 4 बटालियन, सीमा सुरक्षा बल, अरधपुर, सीमा सुरक्षा बल

श्री आर.एस. राठौर उप निरीक्षक, फ्रंटियर मुख्यालय, सीमा सुरक्षा बल, जोधपुर सीमा सुरक्षा बल

श्रीतिलक राज उप निरीक्षक, सीमा सुरक्षा बल अकादमी , टेकनपुर सीमा सुरक्षा बल

श्री चन्दन सिंह हेड कांस्टेबल , एस.टी.सी.. सीमा सुरक्षा बल, जोधपुर सीमा सुरक्षा बल 252

भारत का राजपत्र , फरवरी 22 , 2003 ( फाल्गुन 3 , 1924)

श्रीके.वी. नायर हेड कांस्टेबल, एन.टी.सी.डी. , सीमा सुरक्षा बल, टेकनपुर सीमा सुरक्षा बल

श्री बी.आर. सियाग हेड कांस्टेबल, एस.टी.सी. , सीमा सुरक्षा बल, जोधपुर सीमा सुरक्षा बल

श्रीके . एस. जोसफ हेड कांस्टेबलं , 106 बटालियन, सीमा सुरक्षा बल, नौगांव ( जम्मूएवं कश्मीर ) सीमा सुरक्षा बल

श्री एम.एम. भट्ट हेड कांस्टेबल, सी.एस.डब्ल्यू.टी. , सीमा सुरक्षा बल, इंदौर. सीमा सुरक्षा बल

श्रीसवाईखान हेड कांस्टेबल, एस.टी.सी. सीमा सुरक्षा बल, टेकनपुर सीमा सुरक्षा बल

श्री कालिका सिंह हेड कांस्टेबल, 95 बटालियन सीमा सुरक्षा बल, अमरकोट सीमा सुरक्षा बल

[भाग -खण्ड । श्री के. एस. चेतरी कांस्टेबल , 78 बटालियन सीमा सुरक्षा बल, महेशपुर सीमा सुरक्षा बल

श्रीजे.पी. बालमीकि सफाई कर्मचारी , 2 बटालियन सीमा सुरक्षा बल मासिमपुर सीमासुरक्षा बल

श्री पी.एन. शर्मा अपर उप महानिरीक्षक पुलिस जी.सी. नागपुर केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल

श्री रमेश गुरबानी कमांडेंट 002 एस.आई.जी. बटालियन हैदराबाद केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल

श्रीबी.आर. सिंह कमांडेंट 103 आर.ए.एफ. नई दिल्ली केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल

श्रीजोगिन्दर सिंह

श्री देसाई राम हेड कांस्टेबल, 173 बटालियन सीमा सुरक्षा बल, राजस्थान सीमा सुरक्षा बल

कमांडेंट 127 बटालियन श्रीनगर केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल

श्री ए.एस. वर्मा

श्रीबी.पी. लाम्बा हेड कांस्टेबल सीमा सुरक्षा बल अकादमी टेकनपुर सीमा सुरक्षा बल

श्री वेणु गोपालन नायर टी.जी. हेट कांस्टेबल. 2 बटालियन, सीमा सुरक्षा बल, मासिमपुर सीमा सुरक्षा बल

कमांडेंट 001 एस.आई.जी. बटालियन नईदिल्ली केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल भाग -खण्ड 1 ]

श्री एस.पी. सिह कमांडेंट 11 बटालियन जम्मूएवं कश्मीर केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल श्री ए.एस. खान कमांडेंट 066 बटालियन जम्मू एवं कश्मीर केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल

श्री आर.एल. मीणा कमांडेंट 027 बटालियन असम केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल

श्रीजी.पी. सिंह कमांडेंट 72बटालियनत्रिपुरा केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल

श्रीसी.एस. राठौर कमांडेंट 75 बटालियन जम्मू केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल

डॉ. ए.के. दास सी.एम.ओ. ( एन.एफ.एस.जी. ) जी.सी. भोपाल केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल

श्री ए.एस. रावत 2आई/सी 103 आर.ए.एफ. नई दिल्ली केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल

253

भारत का राजपत्र, फरवरी 22, 2003 ( फाल्गुन 3, 1924)

श्री एम.एस. नायर उप कमांडेंट 078 बटालियन चेन्नई केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल

श्री होशियार सिंह सहायक कमांडेंट 072बटालियनत्रिपुरा: केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल

श्रीडी.पी. सिंह सहायक कमांडेंट 063 बटालियन अम्बाला केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल

श्रीएम.एस. चौहान निरीक्षक 134 बटालियन इम्फाल केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल

श्री आर.एस. रावत निरीक्षक 035 बटालियन जोधपुर केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल

श्री ईश्वर सिंह निरीक्षक ए.डब्ल्यू.एस.- VII इम्फाल केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल

श्री ए.के. बालन निरीक्षक ए.डब्ल्यू.एस. - 1 हैदराबाद केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल 254

श्री वी.के. रामचन्द्र कुरूप निरीक्षक ( एम.टी. ) जी.सी. पालीपुरमं केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल श्रीकमला सिंह उप निरीक्षक 123 बटालियन नागालैंड केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल श्री एम.आर. भास्करन उप निरीक्षक 110 बटालियन मणिपुर केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल श्री एस.बी. यादव उपनिरीक्षक जी.सी. 1 , अजमेर केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल श्री मारसल लाकरा हेड कांस्टेबल 50 बटालियन असम केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल श्री पसंग शेरपा हेड कांस्टेबल 14 बटालियन जयपुर केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल श्री एस.एस. सावन्त हेड कांस्टेबल ( ड्राइवर ) 27 बटालियन असम केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल

[ भाग I-खण्ड ।

भारत का राजपत्र, फरवरी 22 , 2003 ( फाल्गुन 3 , 1924)

श्री नयन सिंह हेड कांस्टेबल 048 बटालियन जम्मू एवं कश्मीर केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल

श्रीप्रेमदास हेड कांस्टेबल ( बैंड ) जी.सी. नीमच केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल

श्रीजी.एस. शुक्ला हेड कांस्टेबल आर.टी.सी.- III पल्लीपुरम केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल

श्री एस.सी. लोध कुक 70बटालियन जम्मूएवं कश्मीर केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल

श्री उत्तम चन्द एस.एम. (ओ.एस. ) जी.सी. जालंधर केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल

श्रीके.डी. पंत एस.एम. ( ओ.एस. ) जी.सी. गुड़गांव केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल

श्री एम.एल. शर्मा एस.एम. (ओ.एस. ) जी.सी. 2 अजमेर केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल भाग 1-खण्ड 1 ]

श्री एम.एन. जे . नायर एस.एम. (ओ.एस. ) जी.सी. नई दिल्ली केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल

श्रीहीरा सिंह कमांडेंट-13 बटालियन भारत तिब्बत सीमा पुलिस

डॉ. टी . रवी प्रसाद सी.एम.ओ. ( एस.जी. ) नईदिल्ली भारत तिब्बत सीमा पुलिस

श्रीजे.पी. पंत उप कमांडेंट ( दूरसंचार ) दूरसंचार बटालियन भारत तिब्बत सीमा पुलिस

श्री डी.पी. मनोरी निरीक्षक, 2 बटालियन भारत तिब्बत सीमा पुलिस

श्री पी.एल. शाह हेड कांस्टेबल , एस. एस . बटालियन भारत तिब्बत सीमा पुलिस

श्रीनेत्रसिंह हेड कांस्टेबल एस.पी.टी. बटालियन करेरा भारत तिब्बत सीमा पुलिस

श्री सूरत सिंह हेड कांस्टेबल , 24 बटालियन भारत तिब्बत सीमा पुलिस

255

भारत का राजपत्र, फरवरी 22, 2003 ( फाल्गुन 3 , 1924)

श्रीआर.पी. ठाकुर उप महानिरीक्षक पूर्वी क्षेत्र पटना बिहार केन्द्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल

श्री सुरेन्द्र पंवार उप महानिरीक्षक केन्द्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल मुख्यालय नई दिल्ली केन्द्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल

श्री एस.एम. सहाय उप महानिरीक्षक केन्द्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल मुख्यालय नई दिल्ली केंन्द्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल

श्रीपी.आर.के. नायडु उप महानिरीक्षक डी.ओ.एस. मुख्यालय , बंगलौर केन्द्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल

श्रीवी.पी. प्रभु कमांडेंट एफ.बी.पी. फरक्कापश्चिम बंगाल केन्द्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल

श्री एम. श्रीनिवासन उप कमांडेंट . एन.एल.सी. नेवेली तमिलनाडु केन्द्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल

श्रीके.आर . विश्वनाथनः उप कमांडेंट राष्ट्रीय औद्योगिक सुरक्षा अकादमी हैदराबाद केन्द्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल 256

श्री एस.के . सिंह सहायक कमांडेंट बी.एस.एल. बोकारो केन्द्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल श्रीयोगेन्द्रसिंह सहायक कमांडेंट आई.टी.आई. पलक्कड केरल केन्द्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल श्रीए.के. अरोड़ा निरीक्षक/आशुलिपिक ग्रुप मुख्यालय मुम्बई केन्द्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल श्रीमनवर सिंह सहायक उप निरीक्षक/कार्य. बी.एच.ई.एल. हरिद्वार ( उत्तरांचल ) केन्द्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल श्री एन.ई. रविन्द्रन नायर हेड कांस्टेबल वी.एस.टी.पी.एस. विंध्यानगर केन्द्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल श्री. ए.के. मैती हेड कांस्टेबल 'आर.एस.पी. राउरकेला ( उड़ीसा ) केन्द्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल श्री ए.के. पालित हेड कांस्टेबल पूर्वी सेक्टर मुख्यालय पटना केन्द्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल

भारत का राजपत्र, फरवरी 22 , 2003 ( फाल्गुन 3, 1924)

[भाग -खण्ड । श्रीके . एस. गणपति भट हेड कांस्टेबल/जी.डी आर.टी.सी. आरकोणम केन्द्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल

श्री एम.के. साहू हेड कांस्टेबल आई.एस.आर.ओ. बंगलौर केन्द्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल

श्री मनोरंजन दास हेड कांस्टेबल ओ.पी.एस. नूनमाटी केन्द्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल

श्रीडी. एडविन हेड कांस्टेबल डी.एस.पी. दुर्गापुर केन्द्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल

श्री पडिया राम सूबेदार मेजर, कंचनपुर, त्रिपुरा असम राइफल्स

श्री एन.एस. सरवडे उप महानिरीक्षक बी.एस. एंड एफ.सी. मुम्बई केन्द्रीय जांच ब्यूरो

श्रीपी. नीरजनयन उप महानिरीक्षक, लखनऊ केन्द्रीय जांच ब्यूरो भाव -खण्ड 1 ]

भारत का राजपत्र , फरवरी 22, 2003 ( फाल्गुन 3, +924)

257 श्री दिलीष सिंह

श्रीके. एस. जोशी अपर पुलिस अधीक्षक, एस.सी.बी. नई दिल्ली केन्द्रीय जांच ब्यूरो

श्री ए.के. सिंह उप पुलिस अधीक्षक ई.ओ.डब्ल्यू.- II-दिल्ली केन्द्रीय जांच ब्यूरो

निरीक्षक , ए.सी.यू.- I , दिल्ली केन्द्रीय जांच ब्यूरो:

श्रीडी. एस. डागर

निरीक्षक

ए.सी.यू.- IIदिल्ली

केन्द्रीय जांच ब्यूरो

श्रीपी.सी. यादव

श्री रंगराजन नायडू उप पुलिसअधीक्षक एम.डी.एम.ए. /चैन्नई केन्द्रीय जांच ब्यूरो

उपनिरीक्षक, ए.सी.यू.- III नईदिल्ली केन्द्रीय जांच ब्यूरो

श्री मनसा राम डोगरा

सहायक उप निरीक्षक

श्रीडी.सी. द्विवेदी उप पुलिस अधीक्षक ए.सी.बी. लखनऊ केन्द्रीय जांच ब्यूरो

सी.ओ.-ओ.आर. दिल्ली केन्द्रीय जांच ब्यूरो

श्री ए.के. मिश्रा

श्रीजोगेन्द्व नायक उप अधीक्षक पुलिस , एस.आई.सी.- IV दिल्ली केन्द्रीय जांच ब्यूरो

सहायक उप निरीक्षक, ई.ओ.डब्ल्यू. कोलकाता केन्द्रीय जांच ब्यूरो

श्री जगदीश प्रसाद

हेड कांस्टेबल

श्री राम सिंह निरीक्षक एस.सी.बी. दिल्ली केन्द्रीय जांच ब्यूरो

श्रीकिशन लाल

मुख्य कार्यालय, नई दिल्ली केन्द्रीय जांच ब्यूरो

श्रीके. एस . रावत

निरीक्षक, एम.डी.एम.ए. दिल्ली केन्द्रीय जांच ब्यूरो

हेड कांस्टेबल, ए.सी.यू.- II दिल्ली

केन्द्रीय जांच ब्यूरो

श्रीडी.एस. रावत निरीक्षक ए.सी.बी. , जयपुर केन्द्रीय जांच ब्यूरो 258

[भाग -खण्ड ।

भारत का राजपत्र, फरवरी 22, 2003 ( फाल्गुन 3, 1924)

श्रीमती नीलमणी एन . राजू उप निदेशक एस.आई.बी. , बंगलौर आसूचना ब्यूरो

श्रीअरविन्दकुमार उप निदेशक एस.आई.बी. दिल्ली आसूचनाब्यूरो

श्री एस .के . बंसल उप निदेशक जम्मू आसूचना ब्यूरो

श्रीवी .के. सिंह उप निदेशक, एस.आई.बी. , शिमला आसूचना ब्यूरो

श्रीपी.के. भारद्वाज उप निदेशक आसूचना ब्यूरो मुख्यालय, नई दिल्ली आसूचना ब्यूरो

श्री ए .के . मिश्रा उप निदेशक , एस.आई.बी. , रायपुर आसूचंना ब्यूरो

श्री पी.के. भट्टाचार्जी सहायक निदेशक, आसूचना ब्यूरो मुख्यालय, नईदिल्ली आसूचनाब्यूरो

श्रीकुलदीप सिंह सहायक निदेशक, एस.आई.बी. , श्रीनगर, आसूचनाब्यूरो

श्री बी.वी. सिंह डी.सी.आई.ओ. , एस.आई.बी. भोपाल आसूचनाब्यूरो

श्रीके.पी. सिंह डी.सी.आई.ओ. , एस.आई.बी. , मुम्बई, आसूचनाब्यूरो

श्री जी.पी. श्रीधरन नायर डी.सी.आई.ओ. , एस.आई.बी. , पुणे, आसूचना ब्यूरो

श्री मुरारी लाल डी.सी.आई.ओ. , आसूचना ब्यूरो मुख्यालय , नईदिल्ली आसूचना ब्यूरो

श्रीपी.वी. बाबू डी.सी.आई.ओ. , एस.आई.बी. , नागपुर आसूचनाब्यूरो

श्री यू.एन. वर्मा ए.सी.आई.ओ.- I/ डब्ल्यू.टी . , एस.आई.बी. , पटना आसूचना ब्यूरो

श्रीवी.के. श्रीवास्तव ए.सी.आई.ओ.- I/जी. , एस.आई.बी. लखनऊ आसूचना ब्यूरो

:

श्रीनारायण सिंह i ए.सी.आई.ओ.- I/ जी.एस.आई.बी. , चंडीगढ़ आसूचना ब्यूरो

श्रीजी. राजकुमार ए.सी.आई.ओ.- I/ जी. , एस.आई.बी. , चेन्नई आसूचनाब्यूरो भाग 1-खण्ड 1 ]

श्रीशाम सिंह ए.सी.आई.ओ.- I/जी. , एस.आई.बी. श्रीनगर आसूचना ब्यूरो

श्रीके.टी. बंकापुर ए.सी.आई.ओ.- I/जी. , एस.आई.बी. बंगलौर आसूचना ब्यूरो

श्रीमान चन्द ए.सी.आई.ओ.- II/जी. , श्रीनगर आसूचनाब्यूरो

श्रीडी.आर. चौधरी ए.सी.आई.ओ.- II/जी, एस.आई.बी. कोलकाता आसूचनाब्यूरो

श्रीए.आर. ठाकुर उप महानिरीक्षक, सलोनीबाड़ी गृह मंत्रालय ( एस.एस.बी. ) श्री बी.आर. भारद्वाज कमांडेंट , जी.सी. दिल्ली गृह मंत्रालय ( एस.एस.बी. ) डॉ. एच.के. मोहन्ती सी.एम.ओ. ( एस.जी. ), नईदिल्ली गृह मंत्रालय ( एस.एस.बी. ) श्रीडी.सी. डे सरकार नायक , 22 वीं बटालियन , रानीदंग गृह मंत्रालय ( एस.एस.बी. ) 5-461 GI /2002

259

भारत का राजपत्र , फरवरी 22 , 2003 ( फाल्गुन 3, 1924)

श्री ए.सी. कटोच उप निरीक्षक जी.सी. , सपरी गृह मंत्रालय ( एस.एस.बी. )

श्रीके. प्रभाकरन सहायक महानिरीक्षक, नई दिल्ली मंत्रिमंडल सचिवालय ( विशेष सुरक्षा ग्रुप )

श्री आर.के . लखनपाल वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारी, नई दिल्ली मंत्रिमंडल सचिवालय ( विशेष सुरक्षा ग्रुप ) श्रीआर.के. यादव सुरक्षा अधिकारी -1 , नई दिल्ली मंत्रिमंडल सचिवालय (विशेष सुरक्षा ग्रुप )

आर.के. कालरा सुरक्षा अधिकारी -I ( कॉम ) मंत्रिमंडल सचिवालय (विशेष सुरक्षा ग्रुप ) श्री एस.एम. गोस्वामी सुरक्षा अधिकारी -I ( टी. ) नई दिल्ली मंत्रिमंडल सचिवालय ( विशेष सुरक्षा ग्रुप ) श्री एच.सी. पंत वरिष्ठ सुरक्षा सहायक ( एम.टी. ) , नई दिल्ली मंत्रिमंडल सचिवालय (विशेष सुरक्षा ग्रुप ) श्री एम.के. तिवारी उप निदेशक पुलिस अनुसंधान एवं विकास ब्यूरो, नई दिल्ली गृह मंत्रालय ( पुलिस अनुसंधान एवं विकास ब्यूरो ) 260

भारत का राजपत्र , फरवरी 22 , 2003 ( फाल्गुन 3 , 1924)

श्री सुरिन्दर पाल

उप पुलिस अधीक्षक सी.डी.टी.एस.

चंडीगढ़

गृह मंत्रालय ( पुलिस अनुसंधान एवं विकास ब्यूरो ) श्री अजय कुमार मित्रा अतिरिक्त सहायक निदेशक

नईदिल्ली

गृह मंत्रालय ( डी.सी.पी.डब्ल्यू. )

श्रीके.सी. हरनाल , वरिष्ठ तकनीशियन , सहायक, नईदिल्ली

गृह मंत्रालय ( डी.सी.पी.डब्ल्यू. )

श्री जी.पी. श्रीवास्तव उप अधीक्षक ( एफ.पी. ) राष्ट्रीय अपराध रिकार्ड ब्यूरो नई दिल्ली गृह मंत्रालय ( राष्ट्रीय अपराध रिकार्ड ब्यूरो ) श्रीआर .के . सूद

टीम कमांडर, मुख्यालय राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड, नईदिल्ली

गृह मंत्रालय ( राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड )

सहायक कमांडर I ( पी.ए. )

श्री ए.के. विजय राघवन मुख्यालय राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड

नईदिल्ली

गृह मंत्रालय ( राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड )

श्री गजराज सिंह

रेंजर - 1 मुख्यालय राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड,

नई दिल्ली

गृह मंत्रालय ( राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड )

Lul in

[ भाग ।-खण्ड । श्रीलक्ष्मण सिंह

ए.एस.सी.

मुम्बई सेंट्रल

रेल मंत्रालय

श्रीबाबूलाल मीणा सहायक कमांडेंट, 6 बटालियन आर.पी.एस.एफ. ,

दिल्ली

रेल मंत्रालय

श्री एच. बी. चक्रवर्ती निरीक्षक, कोलकाता रेल मंत्रालय

श्रीपी.के. मान सिंह

निरीक्षक, बहरामपुर रेल मंत्रालय

श्री मणि माधव त्रिपाठी

निरीक्षक, अंदल

रेल मंत्रालय

श्री एस . परमशिवम निरीक्षक, तम्बारम रेल मंत्रालय

श्रीदीवान सिंह

निरीक्षक,

जयपुर

रेल मंत्रालय

श्रीअमल कुमार राय

सहायक उप निरीक्षक,

लुम्बडिंग

रेल मंत्रालय भाग -खण्ड । ]

भारत का राजपत्र, फरवरी 22, 2003 ( फाल्गुन 3 , 1924)

श्रीबलकुराम राजपूत सहायक उप निरीक्षक मुम्बईसेंट्रल

रेल मंत्रालय

श्री ए. भास्करन सहायक उप निरीक्षक सिकन्दराबाद रेल मंत्रालय

श्री आसाराम शिवराम पैथंकर हेड कांस्टेबल, मनमाड स्टेशन

रेल मंत्रालय

2.

261 श्रीमोहन लाल शर्मा हेड कांस्टेबल रतलाम

रेल मंत्रालय

श्रीप्रमोदअस्थाना निदेशक ( सुरक्षा) राज्य सभा सचिवालय नई दिल्ली

राज्य सभा सचिवालय

यह पदक पुलिस पदक नियमावली के नियम 4 ( 11 ) के अन्तर्गत दिया जा रहा है ।

बरुण मित्रा (बरुण मित्रा) निदेशक सं0 3 प्रेज/2003- राष्ट्रपति, गणतंत्र दिवस, 2003 के अवसर पर निम्नलिखित अधिकारियों को उनकी विशिष्ट सेवा के लिए राष्ट्रपति का अग्निशमन सेवा पदक सहर्ष प्रदान करते हैं:-

श्री एस. प्रसाद डिवीजनल अग्निशमन अधिकारी झारखंड

श्री टी. मूल्या सहायक अग्निशमन स्टेशन अधिकारी कर्नाटक

श्री एल. एन. राउत मुख्य अग्निशमन अधिकारी महाराष्ट्र

श्री आर. वेद्यानाथन स्टेशन अधिकारी तमिलनाडु

श्री ए. के . चतुर्वेदी

मुख्य अग्निशमन अधिकारी

उत्तर प्रदेश

श्री एस. एल. नागरकर सहायक महानिरीक्षक (अग्निशमन) के. औ. सु. बल

श्री एन. पी. सिंह

उप कमांडेंट (अग्निशमन)... के. औ . सु. बल

श्री एस. सरकार

सहायक उप निरीक्षक ( अग्निशमन) के. औ . सु. बल

2. ये पुरस्कार अग्निशमन सेवा पदक प्रदान करने को संचालित करने वाले नियमों के नियम 3 ( ii ) के तहत प्रदान किए जाते हैं । (बरुण मित्रा)

बरुण मित्रा निदेशक 262

भारत का राजपत्र, फरवरी 22, 2003 ( फाल्गुन 3 , 1924)

[भाग -खण्ड 1 सं0 4 प्रेज/2003- राष्ट्रपति, गणतंत्र दिवस, 2003 के अवसर पर निम्नलिखित अधिकारियों को उनकी उत्कृष्ट सेवा के लिए अग्निशमन सेवा पदक सहर्ष प्रदान करते

हैं:---

श्री डी. देवुदू स्टेशन अग्निशमन अधिकारी आंध्र प्रदेश

श्री एस. कासी राव लीडिंग फायरमैन आंध्र प्रदेश

श्री एम. अली लीडिंग फायरमैन आंध्र प्रदेश

श्री एस. हुसैन

फायरमैन असम श्री ए. के . शर्मा उप मुख्य अग्निशमन अधिकारी राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र, दिल्ली श्री जी.सी. मिश्र

उप मुख्य अग्निशमन अधिकारी राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र, दिल्ली श्री सन्तोख सिंह

डिवीजनल आफीसर राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र, दिल्ली

श्रीआर . चेची

स्टेशन अधिकारी

राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र, दिल्ली

श्री आर.के. दहिया

स्टेशन अधिकारी

राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र , दिल्ली

श्रीडी.आर. पाण्डेय

जमादार

गुजरात

श्रीएस.डी. शेख

जमादार

गुजरात भाग I-खण्ड 1 ]

श्रीपी.एस. परमार

जमादार

गुजरात

श्रीएन.एम. परमार जमादार

263

भारत का राजपत्र , फरवरी 22, 2003 ( फाल्गुन 3 , 1924)

श्री एम. रंगप्पा जिला अग्निशमन अधिकारी कर्नाटक

श्री ए.वी. रामकृष्ण राजू अग्निशमन स्टेशन अधिकारी

कर्नाटक

गुजरात

श्री के.एन. नाथबावा जमादार गुजरात

श्रीवाई .आई शेख जमादार

गुजरात

श्रीके.एच. लिंगया अग्निशमन स्टेशन अधिकारी कर्नाटक

श्री एस. मूर्ती सहायक अग्निशमन स्टेशन अधिकारी कर्नाटक

श्री आई. एस. जिरगाल सहायक अग्निशमन स्टेशन अधिकारी कर्नाटक

श्री के.बी. रावत जमादार गुजरात

श्री आर. कुमार अग्निशमन स्टेशन अधिकारी झारखंड

श्री के.यू. रमेश क्षेत्रीय अग्निशमन अधिकारी कर्नाटक

श्री अब्दुल रौफ लीडिंग फायरमैन 401 कर्नाटक

श्री एल. वासु स्टेशन अधिकारी केरल 264

श्री वी . सोमन फायरमैन सं . 2447 केरल

श्री बी.एन शेख स्टेशन डयूटी आफीसर महाराष्ट्

श्री के . लिंगदोह लीडिंग फारमैन मेघालय

श्रीपी. जी. मोमिन लेडिंग फारमैन मेघालय

श्री एस . पाढी सहायक स्टेशन अधिकारी उड़ीसा

श्री बी. बी. नायक ड्राइवर हवलदार उड़ीसा

श्री एम. के. महापात्र फायरमैन 587 उड़ीसा

भारत का राजपत्र, फरवरी 22, 2003 ( फाल्गुन 3 , 1924)

[ भाग -खण्ड । श्री एस. वेधाचलम लीडिंग फायरमैन पांडिचेरी

श्री डब्ल्यू. के. आरियनयगम डिवीजनल अधिकारी तमिलनाडु

श्री एम. श्रीनिवासन स्टेशन अधिकारी तमिलनाडु

श्री के. सेलवाराज लीडिंग फायरमैन 2773 तमिलनाडु

श्री एस. उबाग्रासामी डी. एम. 2412 तमिलनाडु

श्री एम. गणपत्ति फायरमैन 2778 तमिलनाडु

श्रीपी. के. राव उप निदेशक ( तकनीकी) उत्तर प्रदेश भाग I-खण्ड 1 ]

श्री आर. के. सिंह मुख्य अग्निशमन अधिकारी उत्तर प्रदेश

श्री यू.आर. यादव अग्निशमन सेवा ड्राइवर उत्तर प्रदेश

श्री मदन लाल फायरमैन उत्तरांचल

श्री ए. बनरजी स्टेशन अधिकारी पश्चिम बंगाल

श्री ई . ए. लेक स्टेशन अधिकारी पश्चिम बंगाल

श्री आर. सेनगुप्ता मोबलांइजिंग अधिकारी पश्चिम बंगाल

265

भारत का राजपत्र , फरवरी 22 , 2003 ( फाल्गुन 3 , 1924)

श्री के. आर. नायर हैड कांस्टेबल (अग्निशमन) के. औ. सु. बल

श्री बी. के. यादव हैड कांस्टेबल (अग्निशमन) के. औ. सु. बल

श्री संजीब रायं हैड कांस्टेबल (अग्निशमन) के. औ. सु. बल

श्री एस. आर. सैनी हैड कांस्टेबल ( अग्निशमन) के. औ. सु . बल !

श्री आई. जी. दुधनि सहायक प्रबंधक (अग्निशमन और सुरक्षा) रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय

2. ये पुरस्कार अग्निशमन सेवा पदक प्रदान करने को संचालित करने वाले नियमों के नियम 3 ( ii ) के तहत प्रदान किए जाते हैं ।

बरुण मित्रा (बरुण मित्रा) निदेशक 266

[भाग -खण्ड ।

भारत का राजपत्र, फरवरी 22, 2003 ( फाल्गुन 3, 1924)

सं० 5 प्रेज/2003- राष्ट्रपति, गणतंत्र दिवस, 2003 के अवसर पर निम्नलिखित अधिकारियों को उनकी विशिष्ट सेवा के लिए राष्ट्रपति का होमगार्ड और नागरिक सुरक्षा

पदक सहर्ष प्रदान करते हैं:-

श्री जसबीर सिंह अतिरिक्त चीफ वार्डन दिल्ली

श्री लक्ष्मण सिंह प्रशिक्षक नागरिक सुरक्षा दिल्ली

श्रीजी. पी. सिंह ग्रेवाल डिस्ट्रिक्टकमांडेंट

हरियाणा

श्री नंदा कमांडेंट कर्नाटक

श्री बी . अल्ला बक्श इन्सट्रक्टर कर्नाटक

श्रीके. एम. दुबे

सैनानी (कमांडेंट)

मध्य प्रदेश

श्री एम. एम. वर्मा

डिस्ट्रिक्टकमांडेंट

मध्य प्रदेश

श्री अमरजीत सिंह

डिस्ट्रिक्टकमांडेंट

मध्य प्रदेश

2.

श्री ए. ए. पाटिल.

डिस्ट्रिक्ट कमांडेंट

महाराष्ट्

श्री नारायण सिंह

उप महासमादेश राजस्थान

श्री एम. सी. शर्मा

सब फायर ऑफीसर

राजस्थान

श्री बी. सी. जैन

डिविजनल वार्डन

राजस्थान

श्री ए. शिवाकुमार

सहायक कमांडेंट जनरल

तमिलनाडु

श्री आर. बी. सिंह

डिप्टी कमांडेंट जनरल. उत्तर प्रदेश

श्रीकरीमुद्दीन सैफी

कम्पनी कमांडर

उत्तर प्रदेश

ये पदक होमगार्ड और नागरिक सुरक्षा पदक प्रदान करने हेतू विनियतिम

नियमों के नियम 3 ( ii ) के अर्न्तगत प्रदान किए जाते हैं ।

बरुण मित्रा

(बरुण मित्रा)

निदेशक भाग -खण्ड 1 ]

267

भारत का राजपत्र, फरवरी 22, 2003 ( फाल्गुन 3 , 1924 )

सं० 6 प्रेज/2003- राष्ट्रपति, गणतंत्र दिवस, 2003 के अवसर पर निम्नलिखित अधिकारियों को उनकी सराहनीय सेवा के लिए होमगार्ड और नागरिक सुरक्षा पदक सहर्ष

प्रदान करते हैं :-

श्री पुलिन चन्द्र दास डिवीजनल कमांडेंट

असम

श्री पानिधर शर्वकीया सुबेदार

असभ

श्री नृपिन तालुकदार सहायक उप नियंत्रक असम

श्री रमेश चन्द्र छजलान डिवीजनल वार्डन

दिल्ली

श्री वी. आर . मलहौत्रा डिवीजनल वार्डन

दिल्ली

डा. आर. सी. शाह डिवीजनल कमांडर

गुजरात

6-461 G1/2002

श्री एम. सी. दातणीया

वरिष्ठ डिवीजनल कमांडर

गुजरात

श्री सी. एस . राजपूत

सेकन्ड-इन कमांड

गुजरात

श्री पी . एस. भाटिया वरिष्ठ प्लाटून कमांडर

गुजरात

श्री एस. वी. बुच आफिसर कमांडिंग

गुजरात

श्री सुरेश नागपाल

कम्पनी कमांडर

हरियाणा 268

श्री रणजीत सिंह प्लाटून कमांडर

हरियाणा

श्री बी. एस. चौहान कम्पनी कमांडर

हिमाचल प्रदेश

कु. सुमनकौल

कम्पनी कमांडर

हिमाचल प्रदेश

श्री भीमी राम

प्लाटून कमांडर

हिमाचल प्रदेश

श्री एस. के. मोही

डिप्टी कमांडेंट

कर्नाटक

श्री बी. राजन्ना

स्टाफ आफिसर (लेखा) कर्नाटक

श्री एम. आर. जुनैदी कम्पनी कमांडर

कर्नाटक

भारत का राजपत्र, फरवरी 22 , 2003 ( फाल्गुन 3 , 1924)

[भाग -खण्ड । श्री. एन . एन. शिवारेड्डी

कम्पनी कमांडर

कर्नाटक

श्रीजी. एच. एस. रेड्डी सीनीयर प्लाटून कमांडर

कनार्टक

श्री वी. टी. गोटके

प्लाटून कमांडर

कर्नाटक

श्री एम. श्रीनीवासन

कम्पनी क्वार्टर मास्टर सारजेन्ट

कनार्टक

श्रीके. एल. शर्मा

कम्पनी कमांडर

मध्य प्रदेश

श्री एस. के. सहगल

प्लाटून कमांडर

मध्य प्रदेश

श्री पी . आर . बंजारा

प्लाटून कमांडर

मध्य प्रदेश भाग 1-खण्ड 1 ]

श्री तौफीद खान

हवलदार

मध्य प्रदेश

श्रीमति सुनीता जरगर नायक

मध्य प्रदेश

श्री आर . सी. परांजपे

जूनियर स्टाफ आफिसर महाराष्ट्

कु. एन. बी. पाटकर

कम्पनी कमांडर

महाराष्ट्

श्री एम. जी. कसालकर होम गार्डस स्वयंसेवक महाराष्ट्

श्री एस. के. पांचाल

सामग्री प्रबन्धक सुबेदार महाराष्ट्

श्री एस. एस. मुगंलकर वरिष्ठ निदेशक ( अग्निशमन) महाराष्ट्

269

भारत का राजपत्र , फरवरी 22, 2003 ( फाल्गुन 3 , 1924)

श्री एस. बी. निरभवने

विभागीय क्षेत्ररक्षक

महाराष्ट्

कु० एम. जी. चव्हाण नागरिक सुरक्षा स्वयंसेवक

महाराष्ट्

श्रीबी. बी. भुजबल

प्लाटून कमांडर

उड़ीसा

श्रीजे. एन. पाढ़ी

नागरिक सुरक्षा स्वयंसेवक

उड़ीसा

श्री ए . के. नाराक

नागरिक सुरक्षा स्वयंसेवक

उड़ीसा

श्री बी. एस. राठौड़

प्लाटून कमांडर

राजस्थान

श्री के . उदयाकुमार

डिप्टी एरिया कमांडर

तमिलनाडु 270

श्री एम. मुरुगन

प्लाटून कमांडर

तमिलनाडु

श्री के चैलिया प्लाटून कंमाडर

तमिलनाडु

श्री डी. पी. एस. गौतम सहायक उप नियंत्रक उत्तर प्रदेश

श्री ऐस के . अग्रवाल चीफ वार्डन

उत्तर प्रदेश

श्री दिनेश प्रसाद

उप प्रभागीय वार्डन उत्तर प्रदेश

श्री.क के. दुबे

डिप्टी डिवीजनल वार्डन उत्तर प्रदेश

2

भारत का राजपत्र, फरवरी 22 , 2003 ( फाल्गुन 3 , 1924)

[भाग -खण्ड । श्री आर. एन. मिश्रा

डिवीजनल वार्डन

उत्तर प्रदेश

श्री ए. के. दत्ता स्टाफ आफिसर स्वयंसेवक पश्चिम बंगाल

कु० रत्ना गांगुली स्टाफ आफिसर स्वयंसेवक पश्चिम बंगाल

श्रीअशोक कुमार वर्मा मुख्य नागरिक सुरक्षा निरीक्षक

रेल मंत्रालय

श्री शूभमय घोष कनिष्ठ अभियंता-1 ( नक्सा) एवं मुख्य प्रशिक्षक नागरिक सुरक्षा संगठन

रेल मंत्रालय

नियमों के नियम 3 ( ii ) के अर्न्तगत प्रदान किए जाते हैं । ये पदक होमगार्ड और नागरिक सुरक्षा पदक प्रदान करने हेतू विनियतिम

(बरुण मित्रा)

निदेशक भाग -खण्ड । ]

भारत का राजपत्र, फरवरी 22, 2003 ( फाल्गुन 3 , 1924 )

271

सं0.7-प्रेज./ 2003 राष्ट्रपति, गणतंत्र दिवस , 2003 के अवसर पर निम्नलिखित जेल कार्मिकों को उनकी सराहनीय सेवा के लिए सुधारात्मक सेवा पदक सहर्ष प्रदान करते हैं :

श्री मनोहर किशनजी मेशराम, अधीक्षक, अमरावती जेल , महाराष्ट्र ।

श्री विजय दिगम्बर बेन्द्रे, अधीक्षक, यर्वदा मुक्तजेल, महाराष्ट्र ।

श्री शंकर माधव मोरे , जेलर ग्रेड- II , मुम्बई केन्द्रीय जेल, महाराष्ट्र ।

श्री गुलाबराव सुरेश वानखेड़े , हवलदार , मुम्बई केन्द्रीय जेल, महाराष्ट्र ।

श्री उत्तम रामभाऊ फडतरे , सिपाही, वीसापुर जिला जेल, महाराष्ट्र ।

श्री एन० अनबलगन , डिप्टी जेलर (टी ) , केन्द्रीय जेल, त्रिचि, तमिलनाडु ।

श्री पी० मरिअप्पन, चीफ हैड वार्डर , केन्द्रीय जेल, त्रिचि, तमिलनाडु ।

श्री एस०जी० बाशा, ग्रेड- I वार्डर, केन्द्रीय जेल, चेन्नई, तमिलनाडु ।

श्री सी० संतानम, ग्रेड-1 वार्डर, केन्द्रीय जेल, त्रिचि, तमिलनाडु ।

श्री के० रामास्वामी , ग्रेड- II वार्डर , उप-जेल, इरोड, तमिलनाडु ।

श्रीके० मुरगन, ग्रेड- II वार्डर , उप-जेल, तिरुवन्नमलाई, तमिलनाडु ।

श्री ए०वी० मसिलामणि, ग्रेड- II वार्डर, केन्द्रीय जेल, वेल्लोर , तमिलनाडु ।

श्री टी० वल्सकुमारन, ग्रेड- IIवार्डर , उप-जेल, ठकाले, तमिलनाडु । 272

श्रीमती ए० दुर्गाबाई, ग्रेड-1 वार्डर ( महिला) , विशेष महिला जेल, वेल्लोर , तमिलनाडु ।

श्रीमती पी० नेहरुबाई , ग्रेड- II वार्डर ( महिला) , विशेष महिला जेल , वेल्लोर, तमिलनाडु ।

श्री सिमांचल नायक, हैड वार्डर, सर्किलजेल. बरहामपुर, उड़ीसा ।

श्री सुनिल कुमार गुप्ता, विधिअधिकारी , जेल मुख्यालय तिहाड़ , नई दिल्ली ।

श्रीसुरेन्द्रकुमार माटा, उप-अधीक्षक- II , जेल मुख्यालय, तिहाड़, नई दिल्ली ।

भारत का राजपत्र, फरवरी 22 , 2003 ( फाल्गुन 3, 1924 )

[भाग -खण्ड । श्री उदय राज, सहायक अधीक्षक, केन्द्रीय जेल सं0 4 , तिहाड़ , नईदिल्ली ।

श्री आत्मा राम ठाकुर, सहायक कारखाना पर्यवेक्षक, केन्द्रीय जेल सं 0 2. तिहाड़ , नई दिल्ली ।

श्री जय भगवान, हैड वार्डर, रोल नं0 157, केन्द्रीय जेल तिहाड़ , नई दिल्ली ।

श्री इन्द्रजीत सिंह, वार्डर , रोल नं0 357 , केन्द्रीय जेल सं0 4 , तिहाड़, नईदिल्ली ।

2. ये पुरस्कार सराहनीय सेवा के लिए सुधारात्मक सेवा पदक प्रदान किए जाने को शासित करने वाले नियमों के नियम 4 ( iii ) के अंतर्गत प्रदान किए जाते हैं ।

बरुण मित्रा (बरुण मित्रा) निदेशक

सं0.8 - प्रेज./ 2003 राष्ट्रपति, गणतंत्र दिवस, 2003 के अवसर पर महानिरीक्षक प्रभाकरन पलेरी ( 0035 - डी) को उनकी विशिष्ट सेवा के लिए राष्ट्रपति का तटरक्षक पदक सहर्ष प्रदान करते हैं

2. यह पदक राष्ट्रपति का तटरक्षक पदक प्रदान किए जाने से सम्बद्द नियमावली के नियम 4( 4 ) के अंतर्गत दिया गया है । बरुण किता (बरुण मित्रा) निदेशक भाग । खण्ड । ]

भारत का राजपत्र, फरवरी 22 , 2003 ( फाल्गुन 3 , 1924)

27.3 सं0.9 - प्रेज ./ 2003 राष्ट्रपति , गणतंत्र दिवस, 2003 के अवसर पर निम्नलिखित अफसरों को उनकी प्रशंसनीय सेवा के लिए तटरक्षक पदक सहर्ष प्रदान करते हैं :

उपमहानिरीक्षक के. बालासुब्रमणियन् ( 0006- एम )

कमांडेंट के . एस . शेरोन (0089 - सी)

कमांडेंट गुरुपदेश सिंह ( 0083 - एम )

2. ये पदक तटरक्षक पदक प्रदान किए जाने से सम्बद्द नियमावली के नियम 11 ( ।। ) के अंतर्गत दिये गये हैं ।

बरुण मित्रो (बरुण मित्रा) निदेशक सं0.10- प्रेज. / 2003 राष्ट्रपति , गणतंत्र दिवस , 2003 के अवसर पर निम्नलिखित अफसरों को उनकी बहादुरी के लिए तटरक्षक पदक सहर्ष प्रदान करते हैं :

कमांडेंट वी . एस. आर . मूर्ती (0092-जे )

पी. पी. बीजू , प्रधान यांत्रिक ( पोतकार ) (07552 - आर )

मनु मिंज, उत्तम नाविक ( एमई ) ( 03076- एस ) .

2. ये पदक तटरक्षक पदक प्रदान किए जाने से सम्बद्द नियमावली के नियम ।। ( । ) के , अंतर्गत दिये गये हैं और साथ ही 05 जुलाई 2002 से नियम 13 ( क ) के अधीन स्वीकार्य भत्ता भी देय होगा । सेवाओं के विवरणों की प्रतिलिपि संलग्न है ।

बरुण मित्रा

(बरुण मित्रा) निदेशक 274

[ भाग- खण्ड ।

भारत का राजपत्र, फरवरी 22, 2003 ( फाल्गुन 3, 1924)

प्रशंसा उल्लेख

1. कमांडेंट वी एस आर मूर्ती (0092- जे) विज्ञान निष्णात ( समुद्र विज्ञान) में स्वर्णपदक धारक ने 18 फरवरी 1984 को तटरक्षक में सेवा आरंभ की । अफसर ने प्रशिक्षण अवधि के दौरान समग्र गुणवत्ता में प्रथम आकर विशिष्टता प्राप्त की है तथा अपनी सेवा के 18 वर्षों के प्रतिष्ठ कार्यकाल में तिरते पोत तथा तटीय नियुक्तियों में भी अति उत्तम निष्पादन किया है ।

2. कमांडेंट मूर्ती ने 16.4.2002 को तटरक्षक पोत विजय की कमान संभाली । अफसर ने दूसरे सबसे पुराने पोत को चलाने की चुनौती का सामना किया । अफसर की व्यावसायिकता , नेतृत्व की सक्रियता तथा सबसे ऊपर अपने अधीनस्थों को उत्साहित करने की योग्यता ने पोत को समुद्र में एक सुगठित व्यावसायिक इकाई में बदल दिया , जिससे पोत को अच्छी स्थिति में लाने के दौरान फ्लैग अफसर समुद्री प्रशिक्षण की सराहना मिली ।

3 . अभियान " अल- मुर्तडा" न केवल तटरक्षक पोत विजय बल्कि तटरक्षक के इतिहास में भी एकल उपलब्धि रही है । यह संक्रियात्मक प्रक्रिया भूतल कमांडेंट मूर्ती के समुद्र में सैन्य नेतृत्व तथा व्यावसायिकता के उच्चतर मानकों का प्रदर्शन रही । 05 जुलाई 2002 को तटरक्षक पोत विजय को देवगढ़ के पास तट की ओर असहाय बह रहे पोत " एम बी अल- मुतर्डा का पीछा करने के लिए तैनात किया गया ।

4. पोत , 05 जुलाई को 1000 बजे अपनी अधिकतम गति पर रवाना हुआ और अन्ततः 2224 बजे 12.6 समुद्री मील की दूरी पर इस पोत को रडार पर देख लिया गया । पोत देवगढ़ लाइट से लगभग 05 समुद्री मील की दूरी पर था तथा अगले डेढ से दो घंटों में भूग्रस्त होने वाला था । पोत के पास इसे रोकने के स्थान तक पहुंचने के लिए इत्तना थोड़ा समय ही था ।

5. पोत पर चढ़ने तथा लंगर डालने के लिए एक विशेष बोर्डिंग पार्टी को चुन कर तैयार रखा गया । चालू स्थिति को ध्यान में रखते हुए कार्य योजना बनाई गई तथा चुनौतियों को पूरा करने के लिए कमांडेंट मूर्ती द्वारा बोर्डिंग पार्टी को पूर्णतः विनिर्देशित तथा उत्साहित किया गया ।

6. 2315 बजे तटरक्षक पोत इस पोत के बहुत निकट पहुंच गया । तालीबानी कट्टरपंथियों पर संयुक्त राज्य के आक्रमणों से अरब सागर में पोतों की आवाजाही से तनाव बढ़ने/पकड़ने के बारे में अफसर अच्छी तरह परिचित था । बिना प्रकाश तथा लावारिस पोत से भयंकर खतरे का जोखिम जैसे आतंकवादियों की मौजूदगी/ पोत में पहले से लगाये गये विस्फोटक तथा बोर्डिंग दल परं प्रतिशोध का खतरा झलक रहा था । इसके ऊपर यह बिल्कुल अंधेरी रात थी तथा मानसून के कारण समुद्र उफान भरा था , जिसमें समुद्री स्थिति 4.5 लम्बी उमड़ तथा पवन वेग 25 के टी एस तक था । ऐसी परिस्थितियों में बोर्डिंग पार्टी भेजने का निर्णय लेने में स्थिति का आंकलन करने तथा अपने बल को आगे भेजने में निर्भीकता का परिचय देने के लिए बहुत ही उच्चस्तरीय दक्षता की आवश्यकता थी । अफसर ने मौजूदा स्थिति को वखूची सोच- समझकर तथा इस सशस्त्र बल की उच्च परंपरा को बनाये रखते हुए अभियान को आगे बढ़ाने के लिए दृढ़ विश्वास के साथ साहसिक निर्णय लिया । अफसर ने गोलीसह जैकेट , अतिरिक्त ओ बी एम तथा पोत द्वारा बाहृय फायर कवर के साथ बोर्डिंग दल की सुरक्षा सुनिश्चित की । इस हिचकोले ले रहे पोत के 275 भारत का राजपत्र, फरवरी 22, 2003 ( फाल्गुन 3 , 1924)

भाग I-खण्ड 1 ]

थकाने वाले बोर्डिंग अभियान के बाद अन्ततः 06 जुलाई 2002 को 0012 बजे बोर्डिंग दल ने पोर्ट लंगर को गिराने में सफलता प्राप्त की । इस प्रकार एक ऐसी स्थिति जिससे गंभीर समुद्री संकट पैदा हो सकता था , को अफसर के सामयिक ठोस निर्णय लेने से टाली जा सकी ।

7 . अफसर की व्यावसायिक कुशाग्र बुद्धि के फलस्वरूप दो ऐ के -47 राइफलें/ 74 अप्रयुक्त गोलियों के साथ संदिग्ध पोत की गिरफ्तारी तथा पर्यावरणीय खतरा / नौचालन जोखिम रोका जा सका । तालिबानियों के विरूद्ध संयुक्त राज्य द्वारा आक्रामक कार्रवाई के बाद अरब सागर में हथियार पकड़ने की यह पहली घटना है ।

8. स्थिति की अनिश्चितता तथा प्रतिकूल मौसम की स्थितियों में अफसर की पूर्ण कमान अफसर के तौर पर योग्यता का परीक्षण हुआ है । एम वी अल- मुर्तडा के पूरे अभियान में कमांडेंट वी एस आर मूर्ती ने अविश्वनीय साहस , उत्कृष्ट नेतृत्व के गुणों , उच्चस्तरीय व्यावसायिक क्षमता तथा संपूर्ण निष्ठा , जोकि उनके साथी अफसरों के लिए प्रेरणादायक है , का प्रदर्शन किया है । उनके दीर्घकालीन वैयक्तिक साहस तथा अत्यधिक विषमताओं के विरूद्ध अदम्य सामना करने की भावना और व्यक्तिगत जोखिम ने उनका सर्वाधिक गौरव बढ़ाया तथा सेवा की उत्कृष्ट परंपराओं को बनाये रखा है । इसलिए कमांडेंट वी एस आर मूर्ती के अविश्वसनीय साहस व बहादुरीपूर्वक कार्य को देखते हुए इन्हें तटरक्षक पदक (शौर्य) प्रदान करने के लिए कड़ी सिफारिश की जाती है ।

7-461 G1 /2002 276

[भाग 1-खण्ड ।

भारतं का राजपत्र , फरवरी 22 , 2003 ( फाल्गुन 3, 1924)

प्रशस्ति उल्लेख

1. मनु मिंज , उत्तम नाविक(एम ई) (03076 -एस) ने 03 अगस्त 1995 को तटरक्षक में सेवा आरंभ की तथा 27 जून , 1999 को तटरक्षक पोत विजय में कार्यभार ग्रहण किया । जब 05 जुलाई 2002 , को 2300 बजे तटरक्षक पोत विजय ने देवगढ़ के पास समुद्र में परित्यक्त पोत एम वी अल- मुर्तडा पर चढ़ने के लिए आरोहण दल को भेजा तो मनु मिंज, उत्तम नाविक( एम ई) (03076- एस) ने समुद्र की वास्तविक चुनौतीपूर्ण तथा प्रतिकूल स्थिति में जेमिनी का संचालन करने के सारे महत्वपूर्ण कार्य अपने कंधों पर उठा लिए । और ध्यान देने वाली बात यह है कि लम्बी उमड़ भरा समुद्र 4 की स्थिति में था तथा 20 समुद्री मील तक की हवा के झोंके लेने के साथ बहुत ही अशांत था ।

2. जेमिनी को घुप अंधेरी रात में अरोहण दल को कर्मीरहित , प्रकाशविहीन तथा असहाय बह रहे पोत पर चढ़ाने के लिए उसके नीचे ( बगल में) लाना अपने आप में एक जोखिम भरा काम था । समुद्र की ऐसी उग्र स्थिति में जेमिनी को चलाना लगभग असंभव सा था । मनु मिंज ने अलग से मोटर लगी नौका को चलाने की चुनौती स्वीकार की । लेकिन आधे रास्ते में ही नौका पर लगी मोटर में तकनीकी खराबी आ गई और वह बंद हो गयी । जेमिनी ने ऊंची लहरों में हचकोले खाना शुरू करते हुए स्थिति को और अधिक संज्ञाहीन बना दिया । समुद्र एवं मौसम की प्रतिकूल स्थितियों के बावजूद मनु मिंज ( यांत्रिक अभियांत्रिक ) ने अच्छे मानसिक संतुलन को दिखाते हुए अप्रत्याशित खराबी को ठीक कर अलग से लगी मोटर को दुबारा चालू कर दिया ।

3. आरोहण दल का सीढ़ी के सहारे चढ़ने की प्रतीक्षा कर रही पोत के बगल में खड़ी जेमिनी के दो कक्ष एम वी अल- मुर्तडा के बाहरी कठोर उभार से रगड़ खाने से फूट गये । इस प्रकार कक्षों के एक तरफ पिचकने से जेमिनी खतरनाक ढंग से असंतुलित हो गई और मनु मिंज , उत्तम नाविक ( यांत्रिक अभियांत्रिक) ने स्थिति का सामना तत्काल चैतन्यता से करते हुए अरोहण दल को एम वी अल - मुर्तडा पर चढ़ाने के बाद नौका को चलाते हुए वापस पोत पर ले आए । घटना की कार्रवाई से न कतराते हुए मनु मिंज ने आरोहण दल को वापस पोत में लाने के लिए जाने वाले तकनीकी कर्मीदल के सदस्य के रूप में स्वयं की प्रस्तुत किया । इन्होंने नौका पर अलग से लगी मोटर को बिना रूकावट के निरापद ढंग से चलाया और एम वी अल - मुर्तडा एवं पोत के बीच जेमिनी को सुरक्षित रूप से संचालित किया ।

4. 11 जुलाई 2002 को जब बोर्डिंग अफसर जब्त किए गए गोला- बारूद / हथियार तथा दस्तावेजों के साथ देवगढ़ जेट्टी में पुलिस को प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कराने जा रहे थे तो खराब मौसम में पोत की जेमिनी का संचालन करने के लिए मनु मिंज ने खुशी- खुशी स्वयं को प्रस्तुत किया । इसी प्रकार 12 जुलाई 2002 को प्रतिकूल समुद्री परिस्थितियों में डाटा बोया को मुम्बई समुद्र से खीच कर लाने में मनु मिंज ने एक बार फिर अपने उत्साह एवं उत्कृष्ट तकनीकी ज्ञान तथा नौ संचालन योग्यताओं को प्रदर्शित किया । 5. ऊंचे स्तर की व्यावसायिकता , पराक्रम , टीम भावना तथा एम वी अल मुर्तडा अभियान के दौरान समुद्री सेवा के लिए वास्तविक समर्पण को प्रदर्शित करने के लिए , मनु मिंज , उत्तम नाविक (03076 - एस) ( एम ई) को तटरक्षक पदक (शौर्य ) प्रदान किया जाता है । भाग -खण्ड 1 ]

277 भारत का राजपत्र, फरवरी 22 , 2003 ( फाल्गुन 3, 1924)

प्रशस्ति उल्लेख

1. पी पी बीजू , प्रधान यांत्रिक ( पोतकार) 07552- आर ने 06 सितम्बर 1996 को भारतीय तटरक्षक में सेवा आरम्भ की । तटरक्षक पोत विजय ने 05-07-2002 को 1000 बजे एम वी अल-मुर्तडा , जोकि कर्मीरहित , प्रकाशरहित तथा गहरे समुद्र में असहाय बह रहा था को रोकने तथा उसमें आरूढ़ होने के लिए मुम्बई से नौचालन किया । तटरक्षक पोत ने 2251 बजे देवगढ़ लाइट के पास लगभग 05 मील की दूरी पर उसका अवरोधन किया । यह पोत तट की ओर बह रहा था तथा दो से तीन घंटों के भीतर भूग्रस्त होने ही वाला था । समुद्र बहुत अशांत और अपनी 4 समुद्री स्थिति में लम्बी उमड़ भरा तथा 20 समुद्री मील की गति तक हवा के झोंके लेने के साथ बहुत ही अस्थिर था ।

2. तटरक्षक पोत विजय उस क्षेत्र में पहुंचा तथा उसने पोत को भूग्रस्त होने की स्थिति में देखा और रात्रि ही में पोत पर सवार होने तथा उसके लंगर को गिराने का निर्णय लिया । बीजू , प्रधान यांत्रिक ने स्वयं को उत्साहपूर्वक इस अभियान के लिए गठित विशेष बोर्डिंग दल में भाग लेने के लिए प्रस्तुत किया । 3 . अस्थिर समुद्र में जाने का साहस करते हुए तथा अपनी निजी सुरक्षा की परवाह न करते हुए , तथा पोत के बोर्ड पर उनके लिए उपलब्ध भण्डार के पूर्वानुमान के ज्ञान बिना बोर्डिंग दल 2349 बजे पोत में घुस गया । पोत पर सवार होते ही बोर्डिंग दल का प्राथमिक कार्य लंगर गिराने की संभावनाओं को तलाशना था । पोतकार होने के नाते , पी पी बीजू , प्रधान यांत्रिक को पोत का लंगर गिराने की तैयारी करने का कार्य सौंपा गया । पोत के लंगर का चरखा तथा जंजीर की धुरी पूरी तरह जंग लगी तथा जकड़ी हुई थी । प्रधान यांत्रिक ने ऊंचे दर्जे की व्यावसायिक कार्य कुशलता तथा पोतकला का प्रदर्शन करते हुए पोत पर बिजली की आपूर्ति के न होने पर उत्पन्न मुश्किलों व समस्याओं के चलते आधा घण्टे के अन्दर पोत का लंगर तैयार कर दिया । पोत के कप्तान की स्वीकृति से तट से (2.9) समुद्री मील की दूरी पर सफलतापूर्वक पोत का लंगर डाल दिया गया । इस प्रकार पोत को भूग्रस्त होने से तथा संभावित पर्यावरणीय/नौचालन जोखिम को बचा लिया गया ।

4. पोत के लंगर को सफलतापूर्वक गिराने के बाद बोर्डिंग दल ने उसकी पूरी छान - बीन की । मूलरूप से एक पोतकार होने के कारण तथा पोत के बोर्ड पर उपलब्ध एक ही नक्शे को समझने के लिए प्रधान यांत्रिक पी पी बीजू ( पोतकार) ने प्रमुख भूमिका निभाई जिससे कि उसके विभिन्न डेको व कक्षों में जाने तथा सामान आदि निकालने का समयबद्ध कार्य सफलतापूर्वक हो सका ।

5. पी पी बीजू , प्रधान यांत्रिक(पोतकार) ने अपनी सुविधा तथा सुरक्षा को ताक पर रखते हुए सच्ची व्यावसायिकता , कर्तव्यनिष्ठा , साहस तथा अनुकरणीय आदेश को प्रोत्साहित करने का प्रदर्शन किया है । जिसके कारण यह अभियान सम्पत्र हुआ इसलिए अधीनस्थ अफसर को तटरक्षक पदक (शौर्य) प्रदान किया जाता है ।

i 278

[भाग -खण्ड । भारत का राजपत्र , फरवरी 22, 2003 ( फाल्गुन 3 , 1924 )

सं. 11-प्रेज ./2003 गणतन्त्र दिवस , 2003 के अवसर पर राष्ट्रपति , निम्नलिखित अधिकारी को वीरता के लिए अग्निशमन सेवा पदक सहर्ष प्रदान करते हैं: -

अधिकारी का नाम और रैंक

श्री बी . सी . जाडेजा ,

मुख्य अग्निशमन अधिकारी ,

गुजरात ।

सेवाओं का ब्यौरा , जिनके लिए पदक प्रदान किया गया है :

27.02.2002 को गोधरा रेल जनरांहार हादसे के परिणामस्वरूप पूरे गुजरात और खासतौर पर अहमदाबाद में सांप्रदायिक दंगे भंडक उठे और व्यापक हिंसा फैल गयी । अहंमदाबाद अग्निशमन सेवा वाहिनी को थोड़े ही समय में शहरी इलाके में ही बड़े पैमाने पर 162 जगहों पर लगी आग को बुझाने के उपाय करने पड़े । 2. 28.02.2002 को लगभग 19.45 बजे , अहमदाबाद के शाहीबाग इलाके में स्थित होटल मोती गगोर पर दंगाइयों द्वारा हमला किया गया और आग लगा दी गई । होटल के 37 लोग बचकर भागने में सफल हो गए , जबकि होटल के 16 कर्मचारी भवन के अंदर फंस गए थे , जो उस समय तक आग की ज्वालाओं और धुएं रो भर गया था, जिसके कारण श्वासावरोध होने लग गया था । दुःखद घटना का बुलावा पाकर , श्री बी.सी.जाडेजा, अपने साथियों के साथ फायर टेंडर , पानी का टैंकर , हाईड्रालिक प्लेटफार्म ( स्ॉकेल) और ऐंबुलेंस के साथ तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे । दंगाईयों ने अग्निशमन सेवा की आवाजाही में बाधा डाली और स्ॉकेल को जबरन आधे रास्ते में ही रोक दिया । उस असाधारण विद्वेषपूर्ण परिस्थिति में, अग्निशमन सेवा कार्मिकों को कोई पुलिस संरक्षण प्राप्त नहीं था । इसलिए , खुद को उस उग्र भीड़ से बचाते हुए , अग्निशमन कार्मियों ने उस प्रचण्ड नारकीय स्थिति में आग को बुझाने का काग शुरू कर दिया । इसी दौरान , अत्यधिक गर्मी के कारण होटल के रसोई भर में रखे हुए दो रसोई गैस के सिलिन्डरों में विस्फोट हो गया , जिसके परिणामस्वरूप आग और भड़क उठी । बाहर खड़े दंगाई भी अत्यंत ज्वलनशील पदार्थों के कनस्तर फेंककर आग में घी डालने का काम कर रहे थे । 3. उपरोक्त दृश्यलेख में श्री बी . सी. जाडेजा , अपनी कर्तव्यनिष्ठ फायरमैनों की टीम के साथ , अपनी जान की सुरक्षा की परवाह किये बगैर , बिना किसी. विराम के 4 घंटों तक आग से लड़ते रहे और सभी फंसे हुए 16 लोगों को बचा लिया और कई करोड़ रूपए की कीमत की संपत्ति को बचा लिया ।

4. इस प्रकार श्री बी . सी. जाडेजा , ने अपने कर्त्तव्यों का पालन करते हुए अपनी जान की सुरक्षा की भी अनदेखी करते हुए अनुकरणीय साहस , सुध- बुध , उच्च कोटि का नेतृत्व अपने कर्त्तव्य के प्रति उच्च कोटि की निष्ठा और उत्कृष्ट वीरता का परिचय दिया ।

5. यह पुरस्कार वीरता के लिए अग्निशमन सेवा पदक प्रदान करने संबंधी संचालित करने वाले नियमों के नियम 3 ( i ) के तहत प्रदान किया जाता है , तथा परिणामतः तारीख 28.02.2002 से नियम 5 (क) के तहल अनुमेय विशेष भत्ता इसके साथ देय है ।

बरुण किता

(बरुण मित्रा)

निदेशक 279 भाग I-खण्ड 1 ]

भारत का राजपत्र, फरवरी 22, 2003 (फाल्गुन 3, 1924)

सं. 12-प्रेज./2003 गणतन्त्र दिवस , 2003 के अवसर पर राष्ट्रपति , निम्नलिखित अधिकारी को वीरता के लिए अग्निशमन सेवा पेदक सहर्ष प्रदान करते हैं :-

अधिकारी का नाम और रैंक

श्री जे . एन . खाड़िया ,

स्टेशन अधिकारी ( फायर) ,

गुजरात ।

सेवाओं का ब्यौरा , जिनके लिए पदक प्रदान किया गया है :

27.02.2002 को गोधरा रेल जनसंहार हादसे के परिणामस्वरूप पूरे गुजरात और खासतौर पर अहमदाबाद में सांप्रदायिक दंगे भंडक उठे और व्यापक हिंसा फैल गयी । अहमदाबाद अग्निशमन सेवा वाहिनी को थोड़े ही समय में शहरी इलाके में ही बड़े पैमाने पर 162 जगहों पर लगी आग को बुझाने के उपाय करने पड़े । 2. 28.02.2002को लगभग 19.45 बजे , अहमदाबाद के शाहीबाग इलाके में स्थित होटल मोती मनोर पर दंगाइयों द्वारा हमला किया गया और आग लगा दी गई । होटल के 37 लोग बचकर भागने में सफल हो गए , जबकि होटल के 16 कर्मचारी भवन के अंदर फंस गए थे , जो उस समय तक आग की ज्वालाओं और धुएं से भर गया था,जिसके कारण श्वासावरोध होने लग गया था । दुःखद घटना का बुलावा पाकर , श्री जे.एन. खाड़िया अपने साथियों के साथ फायर टेंडर , पानी का टैंकर , हाईड्रालिक प्लेटफार्म (स्नोंकेल) और ऐंबुलेंस के साथ तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे । दंगाईयों ने अग्निशमन सेवा की आवाजाही में बाधा डाली और स्ॉकेल को जबरन आधे रास्ते में ही रोक दिया । उस असाधारण विद्वेषपूर्ण परिस्थिति में, अग्निशमन सेवा कार्मिकों को कोई पुलिस संरक्षण प्राप्त नहीं था । इसलिए , खुद को उस उग्र भीड़ से बचाते हुए , अग्निशमन कार्मियों ने उस प्रचण्ड नारकीय स्थिति में आग को बुझाने का काम शुरू कर दिया । इसी दौरान , अत्यधिक गर्मी के कारण होटल के रसोई घर में रखे हुए दो रसोई गैस के सिलिन्डरों में विस्फोट हो गया , जिसके परिणामस्वरूप आग और भड़क उठी ।. बाहर खड़े दंगाई भी अत्यंत ज्वलनशील पदार्थों के कनस्तर फेंककर आग में घी डालने का काम कर रहे थे । 3. उपरोक्त दृश्यलेख में श्री जे . एन. खाड़िया , अपनी कर्त्तव्यनिष्ठ फायरमैनों की टीम के साथ , अपनी जान श्री सुरक्षा की परवाह किये बगैर , बिना किसी विराम के 4 घंटों तक आग से लड़ते रहे और सभी फंसे हुए 16 लोगों को बचा लिया और कई करोड़ रूपए की कीमत की संपत्ति को बचा लिया ।

4. इस प्रकार श्री जे. एन . खाड़िया , ने अपने कर्त्तव्यों का पालन करते हुए अपनी जान की सुरक्षा की भी अनदेखी करते हुए अनुकरणीय साहस , सुध- बुध , उच्च कोटि का नेतृत्व अपने कर्त्तव्य के प्रति उच्च कोटि की निष्ठा और उत्कृष्ट वीरता का परिचय दिया ।

5. यह पुरस्कार वीरता के लिए अग्निशमन सेवा पदक प्रदान करने संबंधी संचालित करने वाले नियमों के नियम 3 ( i ) के तहत प्रदान किया जाता है , तथा परिणामतः तारीख 28.02.2002 से नियम 5 (क) के तहत अनुमेय विशेष भत्ता इसके, साथ देय है ।

बरुण मित्रा (बरुणमित्रा) निदेशक 280

[भाग खण्ड भारत का राजपत्र, फरवरी 22, 2003 ( फाल्गुन 3, 1924)

सं . 13-प्रेज./2003 गणतंन्त्र दिवस , 2003 के अवसर पर राष्ट्रपति , निम्नलिखित अधिकारी को धीरता के लिए अग्निशमन सेवा पदक सहर्ष प्रदान करते हैं :-

अधिकारी का नाम और रैंक

श्री के . एन . पटेल,

ड्राईवर पम्प आप्रेटर ,

गुजरात ।

सेवाओं का व्यौरा , जिनके लिए पदक प्रदान किया गया है :

27.02.2002 को गोधरा रेल जनसंहार हादसे के परिणामस्वरूप पूरे गुजरात और खासतौर पर अहमदाबाद में सांप्रदायिक दंगे भंडक उठे और व्यापक हिंसा फैल गयी । अहमदाबाद अग्निशमन सेवा चाहिनी को थोड़े ही समय में शहरी इलाके में ही बड़े पैमाने पर 162 जगहों पर लगी आग को बुझाने के उपाय करने पड़े । 2. 28.02.2002को लगभग 19.45 बजे , अहमदाबाद के शाहीबाग इलाके में स्थित होटल मोती मनोर पर दंगाइयों द्वारा हमला किया गया और आग लगा दी गई । होटल के 37 लोग बचकर भागने में सफल हो गए , जबकि होटल के 16 कर्मचारी भवन के अंदर फंस गए थे , जो उस समय तक आग की ज्वालाओं और घुएं से भर गया था , जिसके कारण श्वासावरोध होने लग गया था । दुःखद घटना का बुलावा पाकर , श्री के.एन. पटेल , अपने साथियों के साथ फायर टेंडर, पानी का टैंकर, हाईड्रालिक प्लेटफार्म ( स्ॉकेल) और ऐंबुलेंस के साथ तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे । दंगाईयों ने अग्निशमन सेवा की आवाजाही में बाधा डाली और स्नोंकेल को जबरन आधे रास्ते में ही रोक दिया । उस असाधारण विद्वेषपूर्ण परिस्थिति में,अग्निशमन सेवा कार्मिकों को कोई पुलिस संरक्षण प्राप्त नहीं था । इसलिए , खुद को उस उग्र भीड़ से बचाते हुए , अग्निशमन कार्मियों ने उस प्रचण्ड नारकीय स्थिति में आग को बुझाने का काम शुरू कर दिया । इसी दौरान , अत्यधिक गर्मी के कारण होटल के रसोई घर में रखे हुए दो रसोई गैस के सिलिन्डरों में विस्फोट हो गया, जिसके परिणामस्वरूप आग और भड़क उठी । बाहर खड़े दंगाई भी अत्यंत ज्वलनशील पदार्थों के कनस्तर फेंककर आग में घी डालने का काम कर रहे थे । 3. उपरोक्त दृश्यलेख में श्री के. एन . पटेल , अपनी कर्त्तव्यनिष्ठ फायरमैनों की टीम के साथ , अपनी जान की सुरक्षा की परवाह किये बगैर , बिना किसी विराम के 4 घंटों तक आग से लड़ते रहे और सभी फंसे हुए 16 लोगों को बचा लिया और कई करोड़ रूपए की कीमत की संपत्ति को बचा लिया ।

4. इस प्रकार श्री के. एन . पटेल , ने अपने ' कर्त्तव्यों का पालन करते हुए अपनी जान की सुरक्षा की भी अनदेखी करते हुए अनुकरणीय साहस , सुध-बुध , उच्च कोटि का नेतृत्व अपने कर्त्तव्य के प्रति उच्च कोटि की निष्ठा और उत्कृष्ट वीरता का परिचय दिया ।

5. यह पुरस्कार वीरता के लिए अग्निशमन सेवा पदक प्रदान करने संबंधी संचालित करने वाले नियमों के नियम 3( 1 ) के तहत प्रदान किया जाता है , तथा परिणामतः तारीख 28.02.2002 से नियम 5 ( क) के तहत अनुमेय विशेष भत्ता इसके साथ देय है ।

बरुण मित्रा (बरुण मित्रा).

निदेशक 281 भारत का राजपत्र , फरवरी 22, 2003 ( फाल्गुन 3, 1924)

भाग I खण्ड 1 ]

सं. 14-प्रेज./2003 गणतन्त्र दिवस , 2003 के अवसर पर राष्ट्रपति , निम्नलिखित अधिकारी को वीरता के लिए अग्निशमन सेवा पदक सहर्ष प्रदान करते हैं: -

अधिकारी का नाम और रैंक

श्री पी. आर . दूबे ,

ड्राईवर पम्प आप्रेटर ,

गुजरात ।

सेवाओं का ब्यौरा, जिनके लिए पदक प्रदान किया गया है :

27.02.2002 को गोधरा रेल जनसंहार हादसे के परिणामस्वरूप पूरे गुजरात और खासतौर पर अहमदाबाद में सांप्रदायिक दंगे भंडक उठे और व्यापक हिंसा फैल गयी । अहमदाबाद अग्निशमन सेवा वाहिनी को थोड़े ही समय में शहरी इलाके में ही बड़े पैमाने पर 162 जगहों पर लगी आग को बुझाने के उपाय करने पड़े । 2. 28.02.2002को लगभग 19.45 बजे , अहमदाबाद के शाहीबाग इलाके में स्थित होटल मोती मनोर पर दंगाइयों द्वारा हमला किया गया और आग लगा दी गई । होटल के 37 लोग बचकर भागने में सफल हो गए , जबकि होटल के 16 कर्मचारी भवन के अंदर फंस गए थे , जो उस समय तक आग की ज्वालाओं और धुएं से भर गया था , जिसके कारण श्वासावरोध होने लग गया था । दुःखद घटना का बुलावा पाकर , श्री पी .आर . दूबे , अपने साथियों के साथ फायर टेंडर , पानी का टैंकर , हाईड्रालिक प्लेटफार्म ( स्र्लोकेल) और ऐंबुलेंस के साथ तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे । दंगाईयों ने अग्निशमन सेवा की आवाजाही में बाधा डाली और स्नोंकेल को जबरन आधे रास्ते में ही रोक दिया । उस असाधारण विद्वेषपूर्ण परिस्थिति में,अग्निशमन सेवा कार्मिकों को कोई पुलिस संरक्षण प्राप्त नहीं था । इसलिए , खुद को उस उग्र भीड़ से बचाते हुए , अग्निशमन कार्मियों ने उस प्रचण्ड नारकीय स्थिति में आग को बुझाने का काम शुरू कर दिया । इसी दौरान , अत्यधिक गर्मी के कारण होटल के रसोई धर में रखे हुए दो रसोई गैस के सिलिन्डरों में विस्फोट हो गया, जिसके परिणामस्वरूप आग और भड़क उठी । बाहर खड़े दंगाई भी अत्यंत ज्वलनशील पदार्थों के कनस्तर फेंककर आग में घी डालने का काम कर रहे थे । 3. उपरोक्त दृश्यलेख में श्री पी. आर . दूबे , अपनी कर्तव्यनिष्ठ फायरमैनों की टीम के साथ , अपनी जान की सुरक्षा की परवाह किये बगैर , बिना किसी विराम के 4 घंटों तक आग से लड़ते रहे और सभी फंसे हुए 16 लोगों को बचा लिया और कई करोड़ रूपए की कीमत की संपत्ति को बचा लिया ।

4. इस प्रकार श्री पी . आर. दूबे , ने अपने कर्त्तव्यों का पालन करते हुए अपनी जान की सुरक्षा की भी अनदेखी करते हुए अनुकरणीय साहस , सुध- बुध , उच्च कोटि का नेतृत्व अपने कर्त्तव्य के प्रति उच्च कोटि की निष्ठा और उत्कृष्ट वीरता का परिचय दिया ।

5. यह पुरस्कार वीरता के लिए अग्निशमन सेवा पदक प्रदान करने संबंधी संचालित करने वाले नियमों के नियम 3( 1 ) के तहत प्रदान किया जाता है, तथा परिणामतः तारीख 28.02.2002 से नियम 5 (क) के तहत अनुमेय विशेष भत्ता इसके साथ देय है ।

बरुण मित्रा (बरुण मित्रा) निदेशक 282

भारत का राजपत्र, फरवरी 22 , 2003 ( फाल्गुन 3, 1924)

[भाग 1-खण्ड । सं . 15-प्रेज./2003 गणतन्त्र दिवस , 2003 के अवसर पर राष्ट्रपति , निम्नलिखित अधिकारी को वीरता के लिए अग्निशमन सेवा पदक सहर्ष प्रदान करते हैं: -

अधिकारी का नाम और रैंक

श्री ए . बी. मलिक,

ड्राईवर पम्प आप्रेटर ,

गुजरात ।

सेवाओं का ब्यौरा , जिनके लिए पदक प्रदान किया गया है :

27.02.2002 को गोधरा रेल जनसंहार हादसे के परिणामस्वरूप पूरे गुजरात और खासतौर पर अहमदाबाद में सांप्रदायिक दंगे भंडक उठे और व्यापक हिंसा फैल गयी । अहमदाबाद अग्निशमन सेवा वाहिनी को थोड़े ही समय में शहरी इलाके में ही बड़े पैमाने पर 162 जगहों पर लगी आग को बुझाने के उपाय करने पड़े । 2. 28.02.2002 को लगभग 19.45 बजे , अहमदाबाद के शाहीबाग इलाके में स्थित होटल मोती मनोर पर दंगाइयों द्वारा हमला किया गया और आग लगा दी गई । होटल के 37 लोग बचकर भागने में सफल हो गए , जबकि होटल के 16 कर्मचारी भवन के अंदर फंस गए थे, जो उस समय तक आग की ज्वालाओं और धुएं से भर गया था , जिसके कारण श्वासावरोध होने लग गरा था । दुःखव घटना का बुलावा पाकर , श्री ए.बी. मलिक , अपने साथियों के साथ फायर टेंडर , पानी का टैंकर , हाईड्रालिक प्लेटफार्म ( स्नोंकेल ) और ऐंबुलेंस के साथ तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे । दंगाईयों ने अग्निशमन सेवा की आवाजाही में बाधा डाली और स्नोंकेल को जबरन आधे रास्ते में ही रोक दिया । उस्ख असाधारण विद्वेषपूर्ण परिस्थिति में ,अग्निशमन सेवा कार्मिकों को कोई पुलिस संरक्षण प्राप्त नहीं था । इसलिए , खुद को उस उग्र भीड़ से बचाते हुए , अग्निशमन कार्मियों ने उस प्रचण्ड नारकीय स्थिति में आग को बुझाने का काम शुरू कर दिया । इसी दौरान अत्यधिक गर्मी के कारण होटल के रसोई घर में रखे हुए दो रसोई गैस के सिलिन्डरों में विस्फोट हो गया , जिसके परिणामस्वरूप आग और भड़क उठी । बाहर खड़े दंगाई भी अत्यंत ज्वलनशील पदार्थों के कनस्तर फेंककर आग में घी डालने का काम कर रहे थे । 3. उपरोक्त दृश्यलेख में श्री ए. बी . मलिक , अपनी कर्त्तव्यनिष्ठ फायरमैनों की टीम के साथ , अपनी जान की सुरक्षा की परवाह किये बगैर , बिना किसी विराम के 4 घंटों तक आग से लड़ते रहे और सभी फंसे हुए 16. लोगों को बचा लिया और कई करोड़ रूपए की कीमत की संपत्ति को बचा लिया ।

4. इस प्रकार श्री ए . बी . मलिक , ने अपने कर्त्तव्यों का पालन करतें हुए अपनी जान की सुरक्षा की भी अनदेखी करते हुए अनुकरणीय साहस , सुध- बुध , उच्च कोटि का नेतृत्व अपने कर्त्तव्य के प्रति उच्च कोटि की निष्ठा और उत्कृष्ट वीरता का परिचय दिया ।

5. यह पुरस्कार वीरता के लिए अग्निशमन सेवा पदक प्रदान करने संबंधी संचालित करने वाले नियमों के नियम 3 ( i ) के तहत प्रदान किया जाता है, तथा परिणामतः तारीख 28.02.2002 से नियम 5(क) के तहत अनुमेय विशेष भत्ता इसके साथ देय है ।

बरुण मित्रा

(बरुण मित्रा)

निदेशक 283 भाग 1-खण्ड । ]

भारत का राजपत्र, फरवरी 22, 2003 ( फाल्गुन 3, 1924)

स. 16 -प्रज./2003 गणतन्त्र दिवस , 2003 के अवसर पर राष्ट्रपति , निम्नलिखित अधिकारी को वीरता के लिए अग्निशमन सेवा पदक सहर्ष प्रदान करते हैं:-

अधिकारी का नाम और रैंक

श्री वी. सी. मोरे ,

फायरमैन,

गुजरात ।

सेवाओं का ब्यौरा , जिनके लिए पदक प्रदान किया गया है :

27.02.2002 को गोधरा रेल जनसंहार हादसे के परिणामस्वरूप पूरे गुजरात और खासतौर पर अहमदाबाद में सांप्रदायिक दंगे भंडक उठे और व्यापक हिंसा फैल गयी । अहमदाबाद अग्निशमन सेवा वाहिनी को थोड़े ही समय में शहरी इलाके में ही बड़े पैमाने पर 162 जगहों पर लगी आग को बुझाने के उपाय करने पड़े । 2 . 28.02.2002को लगभग 19.45 बजे , अहमदाबाद के शाहीबाग इलाके में स्थित होटल मोती मनोर पर दंगाइयों द्वारा हमला किया गया और आग लगा दी गई । होटल के 37 लोग बचकर भागने में सफल हो गए , जबकि होटल के 16 कर्मचारी भवन के अंदर फंस गए थे , जो उस सभा तक यागकी ज्वालाओं और घुएं से भर गया था , जिसके कारण श्वासावरोध होने लग गया था । दुःखद घट का बुलावा कर , श्री वी.सी. मोरे , अपने साथियों के साथ फायर टेंडर, पानी का टैंकर , हाईड्रालिक प्लेटफार्म ( स्नोंकेल ) और ऐंबुलेंस के साथ तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे । दंगाईयों ने अग्निशमन सेवा की आवाजही में बाधा डोली और स्नोंकेल को जबरन आगे रास्ते में ही रोक दिया । उस असाधारण विद्वेषपूर्ण परिस्थिति में ,अग्निशमन सवा कार्मिकों को कोई पुलिस संरक्षण प्राप्त नहीं था । इसलिए , खुद को उस उग्र भीड़ से बचाते हुए , अग्निशमन कार्मियों ने उस प्रचण्ड नारकीय स्थिति में आग को बुझाने का काम शुरू कर दिया । इसी दौरान , अत्यधिक गर्मी के कारण होटल के रसोई गर में रखे हुए दो रसोई गैस के सिलिन्डरों में विस्फोट हो गया , जिसके परिणामस्वरूप आग और भड़क उठी । बाहर खड़े दंगाई भी अत्यंत ज्वलनशील पदार्थों के कनस्तर फेंककर आग में घी डालने का काम कर रहे थे । 3 . उपरोक्त दृश्यलेख में श्री वी . सी . मोरे , अपनी कर्त्तव्यनिष्ठ फायरमैनों की टीम के साथ, अपनी जान की. सुरक्षा की परवाह किये बगैर , बिना किसी विराम के 4 घंटों तक आग से लड़ते रहे और सभी फंसे हुए 16. लोगों को बचा लिया और कई करोड़ रूपए की कीमत की संपत्ति को बचा लिया ।

4. इस प्रकार श्री वी . सी. मोरे , ने अपने कर्त्तव्यों का पालन करते हुए अपनी जान की सुरक्षा की भी अनदेखी करते हुए अनुकरणीय साहस , सुध- बुध , उच्च कोटि का नेतृत्व अपने कर्त्तव्य के प्रति उच्च कोटि की निष्ठा और उत्कृष्ट वीरता का परिचय दिया ।

5. यह पुरस्कार वीरता के लिए अग्निशमन सेवा पदक प्रदान करने संबंधी संचालित करने वाले नियमों के नियम 3( 1 ) के तहत प्रदान किया जाता है , तथा परिणामतः तारीख 28.02.2002 से नियम 5(क) के तहत अनुमेय विशेष भत्ता इसके साथ देय है ।

बरण मिता (बरुण मित्रा)

निदेशक

8-461 G1 /2002 284

[भाग 1-खण्ड ।

भारत का राजपत्र, फरवरी 22, 2003 ( फाल्गुन 3 , 1924)

सं. 17-प्रेज. /2003 गणतन्त्र दिवस , 2003 के अवसर पर राष्ट्रपति, निम्नलिखित अधिकारी को वीरता के लिए अग्निशमन सेवा पदक संहर्ष प्रदान करते हैं :-

अधिकारी का नाम और रैंक

श्रीडी. के . राठोड़ ,

मुख्य अग्निशमन अधिकारी

गुजरात ।

सेवाओं का ब्यौरा , जिनके लिए पदक प्रदान किया गया है :

27.02.2002 को गोधरा रेल जनसंहार हादसे के परिणामस्वरूप पूरे गुजरात और खासतौर पर अहमदाबाद में सांप्रदायिक दंगे भंडक उठे और व्यापक हिंसा फैल गयी। अहमदाबाद अग्निशमन सेवा वाहिनी को थोड़े ही समय में शहरी इलाके में ही बड़े पैमाने पर 162 जगहों पर लगी आग को बुझाने के उपाय करने पड़े । 2. 28.02.2002को लगभग 19.45 बजे , अहमदाबाद के शाहीबाग इलाके में स्थित होटल मोती मनोर पर दंगाइयों द्वारा हमला किया गया और आग लगा दी गई । होटल के 37 लोग बचकर भागने में सफल हो गए , जबकि होटल के 16 कर्मचारी भवन के अंदर फंस गए थे, जो उस समय तक आग की ज्वालाओं और धुएं से भर गया था , जिसके कारण श्वासावरोध होने लग गया था । दुःखद घटना का बुलावा पाकर , श्री डी. के .राठोड़ , अपने साथियों के साथ फायर टेंडर , पानी का टैंकर , हाईड्रालिक प्लेटफार्म (स्र्लोकेल) और ऐंबुलेंस के साथ तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे । दंगाईयों ने अग्निशमन सेवा की आवाजाही में बाधा डाली और स्नोंकेल को जबरन आधे रास्ते में ही रोक दिया । उस असाधारण विद्वेषपूर्ण परिस्थिति में, अग्निशमन सेवा कार्मिकों को कोई पुलिस संरक्षण प्राप्त नहीं था । इसलिए, खुद को उस उग्र भीड़ से बचाते हुए , अग्निशमन कार्मियों ने उस प्रचण्ड नारकीय स्थिति में आग को बुझाने का काम शुरू कर दिया । इसी दौरान , अत्यधिक्क गर्मी के कारण होटल के रसोई घर में रखे हुए दो रसोई गैस के सिलिन्डरों में विस्फोट हो गया , जिसके परिणामस्वरूप आग और भड़क उठी । बाहर खड़े दंगाई भी अत्यंत ज्वलनशील पदार्थों के कनस्तर फेंककर आग में घी डालने का काम कर रहे थे । 3 उपरोक्त दृश्यलेख में श्री डी. के . राठोड़ , अपनी कर्त्तव्यनिष्ठ फायरमैनों की टीम के साथ, अपनी जान की सुरक्षा की परवाह किये बगैर , बिना किसी विराम के 4 घंटों तक आग से लड़ते रहे और सभी फंसे हुए 16 लोगों को बचा लिया और कई करोड़ रूपए की कीमत की संपत्ति को बचा लिया ।

4. इस प्रकार श्री डी. के. राठोड़ , ने अपने कर्त्तव्यों का पालन करते हुए अपनी जान की सुरक्षा की भी अनदेखी करते हुए अनुकरणीय साहस , सुध - बुध , उच्च कोटि का नेतृत्व अपने कर्त्तव्य के प्रति उच्च कोटि की निष्ठा और उत्कृष्ट वीरता का परिचय दिया ।

5. यह पुरस्कार वीरता के लिए अग्निशमन सेवा पदक प्रदान करने संबंधी संचालित करने वाले नियमों के नियम 3( 1 ) के तहत प्रदान किया जाता है, तथा परिणामतः तारीख 28.02.2002 से नियम 5(क) के तहत अनुमेय विशेष भत्ता इसके साथ देय है ।

वरुण मित्रा (बरुणमित्रा) निदेशक भाग -खण्ड । ]

285 भारत का राजपत्र, फरवरी 22, 2003 ( फाल्गुन 3 , 1924 )

सं. 18 -प्रेज./2003 गणतन्त्र दिवस , 2003 के अवसर पर राष्ट्रपति , निम्नलिखितः अधिकारी को वीरता के लिए अग्निशमन सेवा पदक सहर्ष प्रदान करते हैं :-

अधिकारी का नाम और रैंक

श्री एच . के . पटेल ,

फायरमैन ,

गुजरात ।

सेवाओं का ब्यौरा , जिनके लिए पदक प्रदान किया गया है .

27.02.2002 को गोधरा रेल जनसंहार हादसे के परिणामस्वरूप पूरे गुजरात और खासतौर पर अहमदाबाद में सांप्रदायिक दंगे भंडक उठे और व्यापक हिंसा फैल गयी। अहमदाबाद अग्निशमन सेवा वाहिनी को थोड़े ही समय में शहरी इलाके में ही बड़े पैमाने पर 162 जगहों पर लगी आग को बुझाने के उपाय करने पड़े । 2. 28.02.2002को लगभग 19.45 बजे , अहमदाबाद के शाहीबाग इलाके में स्थित होटल मोती मनोर पर दंगाइयों द्वारा हमला किया गया और आग लगा दी गई । होटल के 37 लोग बचकर भागने में सफल हो गए , जबकि होटल के 16 कर्मचारी भवन के अंदर फंस गए थे, जो उस समय तक आग की ज्वालाओं और धुएं से भर गया था, जिसके कारण श्वासावरोध होने लग गया था । दुःखद घटना का बुलावा पाकर, श्री एच .के . पटेल, अपने साथियों के साथ फायर टेंडर, पानी का टैंकर , हाईड्रालिक प्लेटफार्म (स्र्लोकेल) और ऐंबुलेंस के साथ तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे । दंगाईयों ने अग्निशमन सेवा की आवाजाही में बाधा डाली और स्नॉकेल को जबरन आधे रास्ते में ही रोक दिया । उस असाधारण विद्वेषपूर्ण परिस्थिति में ,अग्निशमन सेवा कार्मिकों को कोई पुलिस संरक्षण प्राप्त नहीं था । इसलिए , खुद को उस उग्र भीड़ से बचाते हुए , अग्निशमन कार्मियों ने उस प्रचण्ड नारकीय स्थिति में आग को बुझाने का काम शुरू कर दिया । इसी दौरान , अत्यधिक गर्मी के कारण होटल के रसोई घर में रखे हुए दो रसोई गैस के सिलिन्डरों में विस्फोट हो गया, जिसके परिणामस्वरूप आग और भड़क उठी । बाहर खड़े दंगाई भी अत्यंत ज्वलनशील पदार्थों के कनस्तर फैंककर आग में घी डालने का काम कर रहे थे । 3 . उपरोक्त दृश्यलेख में श्री एच . के . पटेल , अपनी कर्त्तव्यनिष्ठ फायरमैनों की टीम के साथ , अपनी जान की सुरक्षा की परवाह किये बगैर , बिना किसी विराम के 4 घंटों तक आग से लड़ते रहे और सभी फंसे हुए 16 लोगों को बचा लिया और कई करोड़ रूपए की कीमत की संपत्ति को बचा लियां ।

1 4. इस प्रकार श्री एच. के . पटेल, ने अपने कर्त्तव्यों का पालन करते हुए अपनी जान की सुरक्षा की भी अनदेखा करते हुए अनुकरणीय साहस, सुध- बुध , उच्च कोटि का नेतृत्व अपने कर्त्तव्य के प्रति उच्च कोटि की निष्ठा और उत्कृष्ट वीरता का परिचय दिया ।

5. यह पुरस्कार वीरता के लिए अग्निशमन सेवा पदक प्रदान करने संबंधी संचालित करने वाले नियमों के नियम 3( i ) के तहत प्रदान किया जाता है , तथा परिणामतः तारीख 28.02.2002 से नियम 5 ( क) के तहत अनुमेय विशेष भत्ता इसके साथ देय है ।

:

बरुण मित्रा (बरुण मित्रा)

निदेशक [भाग -खण्ड । 286

भारत का राजपत्र , फरवरी 22, 2003 (फाल्गुन 3, 1924)

सं. । १-प्रेज. /2003 गणतन्त्र दिवस , 2003 के अबसर पर राष्ट्रपति , निम्नलिखित अधिकारी को वीरता के लिए अग्निशमन सेवा पदक सहर्ष प्रदान करते हैं :-

अधिकारी का नाम और रैंक

श्री आर . के . वाघेला ,

फायरमैन,

गुजरात ।

सेवाओं का ब्यौरा , जिनके लिए पदक प्रदान किया गया है :

27.02.2002 को गोधरा रेल जनसंहार हादसे के परिणामस्वरूप पूरे गुजरात और खासतौर पर अहमदाबाद में सांप्रदायिक दंगे भंडक उठे और व्यापक हिंसा फैल गयी। अहमदाबाद अग्निशमन सेवा वाहिनी को थोड़े ही समय में शहरी इलाके में ही बड़े पैमाने पर 162 जगहों पर लगी आग को बुझाने के उपाय करने पड़े । 2. 28.02.2002 को लगभग 19.45 बजे , अहमदाबाद के शाहीबाग इलाके में स्थित होटल मौती मनोर पर दंगाइयों द्वारा हमला किया गया और आग लगा दी गई । होटल के 37 लोग बचकर भागने में सफल हो पाए, जबकि होटल के 16 कर्मचारी भवन के अंदर फंस गए थे , जो उस समय तक आग की ज्वालाओं और धुएं से भर गया था , जिसके कारण श्वासावरोध होने लग गया था। दुःखद घटना का बुलावा पाकर , श्री आर .के .वाघेला, अपने साथियों के साथ फायर टेंडर , पानी का टैंकर , हाईड्रालिक प्लेटफार्म ( स्ॉकेल ) और ऐंबुलेंस के साथ तुरंत नटनास्थल पर पहुंचे । दंगाईयों ने अग्निशमन सेवा की आवाजाही में बाधा डाली और स्ॉकेल को जबरन आधे रास्ते में ही रोक दिया । उस असाधारण विद्वेषपूर्ण परिस्थिति में, अग्निशमन सेवा कार्मिकों को कोई पुलिस संरक्षण प्राप्त नहीं था । इसलिए , खुद को उस उग्र भीड़ से बचाते हुए , अग्निशमन कार्मियों ने उस प्रचण्ड नारकीय स्थिति में आग को बुझाने का काम शुरू कर दिया । इसी दौरान , अत्यधिक गर्मी के कारण होटल के रसोई घर में रखे हुए दो रसोई गैस के सिलिन्डरों में विस्फोट हो गया, जिसके परिणामस्वरूप आग और भड़क उठी । बाहर खड़े दंगाई भी अत्यंत ज्वलनशील पदार्थों के कनस्तर फेंककर आग में घी डालने का काम कर रहे थे । 3. उपरोक्त दृश्यलेख में श्री आर . के . वाघेला, अपनी कर्त्तव्यनिष्ठ फायरमैनों की टीम के साथ , अपनी जान की सुरक्षा की परवाह किये बगैर , बिना किसी विराम के 4 घंटों तक आग से लड़ते रहे और सभी फंसे हुए 16 लोगों कोचा लिया और कई करोड़ रूपए की कीमत की संपत्ति को बचा लिया ।

। प्रकार श्री आर . के . वाघेला , ने अपने कर्त्तव्यों का पालन करते हुए अपनी जान की सुरक्षा की भी 'खी रते हुए अनुकरणीय साहस , सुध-बुध , उच्च कोटि का नेतृत्व अपने कर्तव्य के प्रति उच्च कोटि | अ और उत्कृष्ट वीरता का परिचय दिया ।

5. यह पुरस्कार वीरता के लिए अग्निशगन सेवा पदक प्रदान करने संबंधी संचालित करने वाले नियंगों के नियम 3( 1 ) के तहत प्रदान किया जाता है , तथा परिणामतः तारीख 28.02.2002 से नियम 5( क ) के तहत अनुमेय विशेष भत्ता इसके साथ देय है ।

बरुण मित्रा (बरुण मित्रा) निदेशक 287 भारत का राजपत्र, फरवरी 22 , 2003 (फाल्गुन 3 , 1924 )

भाग 1-खण्ड 1 ]

सं. २० -प्रेज./2003 गणतन्त्र दिवस , 2003 के अवसर पर राष्ट्रपति , निम्नलिखित अधिकारी को वीरता के लिए अग्निशमन सेवा पदक सहर्ष प्रदान करते हैं:-

अधिकारी का नाम और रैंक

श्री जी.ए. बोरडिया ,

फायरमैन ,

गुजरात ।

सेवाओं का ब्यौरा , जिनके लिए पदक प्रदान किया गया है :

27.02.2002 को गोधरा रेल जनसंहार हादसे के परिणामस्वरूप पूरे गुजरात और खासतौर पर अहमदाबाद में सांप्रदायिक दंगे भंडक उठे और व्यापक हिंसा फैल गयी । अहमदाबाद अग्निशमन सेवा वाहिनी को थोड़े ही समय में शहरी इलाके में ही बड़े पैमाने पर 162 जगहों पर लगी आग को बुझाने के उपाय करने पड़े । 2. 28.02.2002को लगभग 19.45 बजे , अहमदाबाद के शाहीबाग इलाके में स्थित होटल मोती मनोर पर दंगाइयों द्वारा हमला किया गया और आग लगा दी गई । होटल के 37 लोग बचकर भागने में सफल हो गए , जबकि होटल के 16 कर्मचारी भवन के अंदर फंस गए थे , जो उस समय तक आग की ज्वालाओं और घुएं से भर गया था , जिसके कारण श्वासावरोध होने लग गया था। दुःखद घटना का बुलावा पाकर , श्री.जी.ए. बोरडिया, अपने साथियों के साथ फायर टेंडर , पानी का टैंकर , हाईड्रालिक प्लेटफार्म ( स्ॉकेल) और ऐंबुलेंस के साथ तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे । दंगाईयों ने अग्निशमन सेवा की आवाजाही में बाधा डाली और स्नोंकेल को जबरन आधे रास्ते में ही रोक दिया । उस असाधारण विद्वेषपूर्ण परिस्थिति में, अग्निशमन सेवा कार्मिकों को कोई पुलिस संरक्षण प्राप्त नहीं था । इसलिए , खुद को उस उग्र भीड़ से बचाते हुए , अग्निशमन कार्मियों ने उस प्रचण्ड नारकीय स्थिति में आग को बुझाने का काम शुरू कर दिया । इसी दौरान , अत्यधिक गर्मी के कारण होटल के रसोई गर में रखे हुए दो रसोई गैस के सिलिन्डरों में विस्फोट हो गया , जिसके परिणामस्वरूप आग और भड़क उठी । बाहर खड़े दंगाई भी अत्यंत ज्वलनशील पदार्थों के कनस्तर फेंककर आग में घी डालने का काम कर रहे थे । 3. उपरोक्त दृश्यलेख में श्री जी.ए. बोरडिया , अपनी कर्त्तव्यनिष्ठ फायरमैनों की टीग के साथ , अपनी जान की सुरक्षा की परवाह किये बगैर , बिना किसी विराम के 4 घंटों तक आग से लड़ते रहे और सभी फंसे हुए 16 लोगों को बचा लिया और कई करोड़ रूपए की कीमत की संपत्ति को बचा लिया ।

4. इस प्रकार श्री जी.ए. बोरडिया , ने अपने कर्त्तव्यों का पालन करते हुए अपनी जान की सुरक्षा की भी अनदेखी करते हुए अनुकरणीय साहस , सुध- बुध , उच्च कोटि का नेतृत्व अपने कर्त्तव्य के प्रति उच्च कोटि की निष्ठा और उत्कृष्ट वीरता का परिचय दिया ।

5. यह पुरस्कार वीरता के लिए अग्निशमन सेवा पदक प्रदान करने संबंधी संचालित करने वाले नियमों के नियम 3 ( 1 ) के तहत प्रदान किया जाता है , तथा परिणामतः तारीख 28.02.2002 से नियम 5 (क) के शि अनुमेय विशेष भत्ता इसके साथ देय है ।

बरुण मित्रा (बरुण मित्रा)

निदेशक 288

भारत का राजपत्र, फरवरी 22 , 2003 ( फाल्गुन 3, 1924 )

[भाग -खण्ड । सं . 21-प्रेज/2003 गणतन्त्र दिवस , 2003 के अवसर पर राष्ट्रपति , निम्नलिखित अधिकारी को वीरता के लिए अग्निशमन सेवा पदक सहर्ष प्रदान करते हैं:-

अधिकारी का नाम और रैंक

श्री जे.एन. निनामा,

फायरमैन ,

गुजरात ।

सेवाओं का ब्यौरा , जिनके लिए पदक प्रदान किया गया है : ASTEAE

27.02.2002 को गोधरा रेल जनसंहार हादसे के परिणामस्वरूप पूरे गुजरात और खासतौर पर अहमदाबाद में सांप्रदायिक दंगे भंडक उठे और व्यापक हिंसा फैल गयी । अहमदाबाद अग्निशमन सेवा वाहिनी को थोड़े ही समय में शहरी इलाके में ही बड़े पैमाने पर 162 जगहों पर लगी आग को बुझाने के उपाय करने पड़े । 2 . 28.02.2002को लगभग 19.45 बजे , अहमदाबाद के शाहीबाग इलाके में स्थित होटल मोती मनोर पर दंगाइयों द्वार। हमला किया गया और आग लगा दी गई । होटल के 37 लोग बचकर भागने में सफल हो गए , जबकि होटल के 16 कर्मचारी भवन के अंदर फंस गए थे , जो उस समय तक आग की ज्वालाओं और धुएं रो भर गया था, जिसके कारण श्वासावरोध होने लग गया था। दुःखद घटना का बुलावा पाकर , श्री जे.एन.निनामा , अपने साथियों के साथ फायर टेंडर, पांनी का टैंकर , हाईड्रालिक प्लेटफार्म (स्र्लोकेल) और ऐंबुलेंस के साथ तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे । दंगाईयों ने अग्निशमन सेवा की आवाजाही में बाधा डाली और स्ॉकेल को जबरन आधे रास्ते में ही रोक दिया । उस असाधारण विद्वेषपूर्ण परिस्थिति में ,अग्निशमन सेवा कार्मिकों को कोई पुलिस संरक्षण प्राप्त नहीं था । इंसलिए , खुद को उस उग्र भीड़ से बचाते हुए , अग्निशमन कार्मियों ने उस प्रचण्ड नारकीथ स्थिति में आग को बुझाने का काम शुरू कर दिया । इसी दौरान , अत्यधिक गर्मी के कारण होटेल के रसोई घर में रखे हुए दो रसोई गैस के सिलिन्डरों में विस्फोट हो गया, जिसके परिणामस्वरूप आग और भड़क उठी । बाहर खड़े दंगाई भी अत्यंत ज्वलनशील पदार्थों के कनस्तर फेंककर आग में घी डालने का काम कर रहे थे ।

3. उपरोक्त दृश्यलेख में श्री जे .एन . निनामा , अपनी कर्त्तव्यनिष्ठ फायरमैनों की टीम के साथ , अपनी जान की सुरक्षा की परवाह किये बगैर, बिना किसी विराम के 4 घंटों तक आग से लड़ते रहे और सभी फंसे हुए 16 लोगों को बचा लिया और कई करोड़ रूपए की कीमत की संपत्ति को बचा लिया ।

4. इस प्रकार श्री जे.एन. निनामा , ने अपने कर्त्तव्यों का पालन करते हुए अपनी जान की सुरक्षा की गी अनदेखी करते हुए अनुकरणीय साहस , सुध- बुध , उच्च कोटि का नेतृत्व अपने कर्त्तव्य के प्रति उच्च कोटि की निष्ठा और उत्कृष्ट वीरता का परिचय दिया ।

5.. यह पुरस्कार वीरता के लिए अग्निशमन सेवा पदक प्रदान करने संबंधी संचालित करने वाले नियमों के नियम 3( i ) के तहत प्रदान किया जाता है , तथा परिणामतः तारीख 28.02.2002 से नियम 5 ( क) के तहत अनुमेय विशेष भत्ता इसके साथ देय है ।

बरुण मित्रा (बरुण मित्रा) निदेशक 289 भाग I--खण्ड 1]

भारत का राजपत्र, फरवरी 22 , 2003 ( फाल्गुन 3, 1924)

सं. 22-प्रेज./2003 गणतन्त्र दिवस , 2003 के अवसर पर राष्ट्रपति , निम्नलिखित अधिकारी को वीरता के लिए अग्निशमन सेवा पदक सहर्ष प्रदान करते हैं:-

अधिकारी का नाम और रैंक

श्री आर . एस . सोढ़ी,

संयुक्त निदेशक,

जम्मूएवं कश्मीर ।

ং নিজেকে सेवाओं का ब्यौरा , जिनके लिए पदक प्रदान किया गया है

14.5.2002 की भोर को सशस्त्र फिदायीन आतंकवादियों ने कालू चक्क छावनी , जम्मू के एक सेना शिविर पर हमला बोल दिया जिसमें 26 व्यक्ति मारे गए और 47 जख्मी हो गए । इसके प्ररिणाम स्वरूप , सेना और आतंकवादियों के बीच एक- दूसरे पर अन्धाधुन्ध गोलाबारी शुरू हो गई , जिसके बाद बचाव के लिए ग्रेनेड फेंकने , आग की बड़ी लपटों सहित भारी आवाज वाले कई विस्फोट हुए जिन्होंने सेना के शिविर को खतरे में डाल दिया । प्रथम सूचना मिलने पर , गंगयाल , बारीं ब्राह्मण और गांधीनगर अग्निशमन केन्द्रों से अग्निशमन दलों ने तत्काल आग बुझाने और बचाव कार्य आरंभ कर दिये । अंदर की प्रतिकूल युद्ध की स्थिति के कारण , अग्निशमन यन्त्र/गाडियां शिविर के मुख्य द्वार पर असहाय छोड़ देनी पड़ीं । सेना के शिविर में परिवारों के क्यारटर्स, बैरकें , भंडारण , वर्कशॉप , वाहन पार्किंग के गैराज, जिनमें डीजल , केरोसिन और वर्कशाप अहाते में अन्य ज्वलनशील लुब्रीकेन्ट्स का भंडार था ।

2. अपनी जान की सुरक्षा की परवाह न करते हुए श्री आर . एस . सोठी किसी सुरक्षा या बचाव कवच के बिना अपने कर्तव्यनिष्ठ अग्निशमन दल के साथ , बाहर खड़े किए हुए यंत्रों से खींची हुई चार्ज लाइन सहित , कैंप में प्रवेश कर गए और रेंगते हुए घटनास्थल पर पहुंच गए और एक- दूसरे पर हो रही गोलाबारी और ग्रेनेड विस्फोटों आदि के बीच आग बुझाने का कार्य शुरू कर दिया । आग की प्रकृति को देखते हुए , वे ऐसी विपरीत परिस्थितियों में आग को दबाने और उस पर नियंत्रण पाने के लिए , कई घन्टों तक बहादुरी से आग से जूझते रहे और इस प्रकार उन्होंने कई जानें बचाई और कई करोड़ रूपयों से अधिक की सम्पत्ति को बचा लिया । 3. श्री आर.एस. सोढी ने अपने उपर्युक्त कार्य में अपनी जान की सुरक्षा की भी परवाह किए बगैर , व्यावसायिक विशेषज्ञता और उच्च कोटि का नेतृत्व , साहस , समर्पण और कर्तव्य के प्रत्ति निष्ठा और अनुकरणीय वीरता का परिचय दिया ।

4. यह पुरस्कार वीरता के लिए अग्निशमन सेवा पदक प्रदान करने संबंधी संचालित करने वाले नियमों के नियम 3 ( i ) के तहत प्रदान किया जाता है तथा परिणामतः तारीख 14.5.2002 से नियम 5 (क) के तहत अनुमेय विशेष भत्ता इसके साथ देय है ।

बरुण मित्रत (बरुणमित्रा) निदेशक 290

[भाग ।-खंण्ड । भारत का राजपत्र, फरवरी 22 , 2003 ( फाल्गुन 3 , 1924)

सं . 23-प्रेज ./2003 गणतन्त्र दिवस , 2003 के अवसर पर राष्ट्रपात , निम्नलिखित अधिकारा का वीरता के लिए अग्निशमन सेवा पदक सहर्ष प्रदान करते हैं:-

अधिकारी का नाम और रैंक

श्री राम पाल खजूरिया,

उप निदेशक ,

जम्मूएवं कश्मीर ।

सेवाओं का ब्यौरा , जिनके लिए पदक प्रदान किया गया है

14.5.2002 की भोर को सशस्त्र फिदायीन आतंकवादियों ने कालू चक्क छावनी , जम्मू के एक सेना शिविर पर हमला बोल दिया जिसमें 26 व्यक्ति मारे गए और 47 जख्मी हो गए । इसके परिणाम स्वरूप , से०॥ और आतंकवादियों के बीच एक- दूसरे पर अन्धाधुन्ध गोलाबारी शुरू हो गई , जिसके बाद बचाव के लिए ग्रेनेड फेंकने , आग की बड़ी लपटों सहित भारी आवाज वाले कई विस्फोट हुए जिन्होंने सेना के शिविर को खतरे में डाल दिया । प्रथम सूचना मिलने पर, गंगयाल , बारी ब्राह्मण और गांधीनगर अग्निशमन केन्द्रों से अग्निशमन दलों ने तत्काल आग बुझाने और बचाव कार्य आरंभ कर दिये । अंदर की प्रतिकूल युद्ध की स्थिति के कारण , अग्निशमन यन्त्र/ गाडियां शिविर के मुख्य द्वार पर असहाय छोड़ देनी पड़ीं । सेना के शिविर में परिवारों के क्यारटर्स , बैरकें , भंडारण , वर्कशॉप , वाहन पार्किंग के गैराज , जिनमें डीज़ल , केरोसिन और वर्कशाप अहाते में अन्य ज्वलनशील लुब्रीकेंन्ट्स का भंडार था ।

2. अपनी जान की सुरक्षा की परवाह न करते हुए , श्री राम पाल खजूरिया किसी सुरक्षा या बचाव कवच के बिना अपने कर्तव्यनिष्ठ अग्निशमन दल के साथ , बाहर खड़े किए हुए यंत्रों से खींची हुई चार्ज लाइन सहित , वैंकैंप में प्रवेश कर गए और रेंगते हुए घटनास्थल पर पहुंच गए और एक- दूसरे पर हो रही गोलाबारी और ग्रेनेड विस्फोटों आदि के बीच आग बुझाने का कार्य शुरू कर दिया । आग की प्रकृति को देखते हुए , वे ऐसी विपरीत परिस्थितियों में आग को दबाने और उस पर नियंत्रण पाने के लिए , कई घन्टों तक बहादुरी से आग से जूझते रहे और इस प्रकार उन्होंने कई जानें बचाई और कई करोड़ रूपयों से अधिक की सम्पत्ति को बचा लिया ।

3. श्री राम पाल खजूरिया , ने अपने उपर्युक्त कार्य में अपनी जान की सुरक्षा की भी परवाह किए बगैर , व्यावसायिक विशेषज्ञता और उच्च कोटि का नेतृत्व , साहस , समर्पण और कर्तव्य के प्रति निष्ठा और अनुकरणीय वीरता का परिचय दिया ।

4. यह पुरस्कार वीरता के लिए अग्निशमन सेवा पदक प्रदान करने संबंधी संचालित करने वाले नियमों के नियम 3 ( i ) के तहत प्रदान किया जाता है तथा परिणामतः तारीख 14.5.2002 से नियम 5 (क) के तहत अनुमेय विशेष भत्ता इसके साथ देय है ।

बरुण मित्रा (बरुण मित्रा) निदेशक 291 भाग -खण्ड 1 ]

भारत का राजपत्र, फरवरी 22 , 2003 ( फाल्गुन 3, 1924)

सं. 24-प्रेज./2003 गणतन्त्र दिवस , 2003 के अवसर पर राष्ट्रपति , निम्नलिखित अधिकारी को वीरता के लिए अग्निशमन सेवा पदक सहर्ष प्रदान करते हैं:-

अधिकारी का नाम और रैंक

श्री रोमेश चन्द रैना ,

स्टेशन आफीसर , जम्मू एवं कश्मीर ।

सेवाओं का ब्यौरा , जिनके लिए पदक प्रदान किया गया है

14.5.2002 की भोर को सशस्त्र फिदायीन आतंकवादियों ने कालू चक्क छावनी , जम्मू के एक सेना शिविर पर हमला बोल दिया जिसमें 26 व्यक्ति मारे गए और 47 जख्मी हो गए । इसके परिणाम स्वरूप , सेनः और आतंकवादियों के बीच एक- दूसरे पर अन्धाधुन्ध गोलाबारी शुरू हो गई , जिसके बाद बचाव के लिए ग्रेनेड फेंकने , आग की बड़ी लपटों सहित भारी आवाज वाले कई विस्फोट हुए जिन्होंने सेना के शिविर को खतरे में डाल दिया । प्रथम सूचना मिलने पर , गंगवाल , बारी ब्राह्मण और गांधीनगर अग्निशमन केन्द्रों से अग्निशमन दलों ने तत्काल आग बुझाने और बचाव कार्य आरंभ कर दिये । अंदर की प्रतिकूल युद्ध की स्थिति के का अग्निशमन यन्त्र/गाडियां शिविर के मुख्य द्वारं पर असहाय छोड़ देनी पड़ीं । सेना के शिविर में परिवार , के क्वारटर्स , बैरकें , भंडारण , वर्कशॉप , वाहन पार्किंग के गैराज , जिनमें डीज़ल , केरोसिन और वर्कशाप अहा ते गे अन्य ज्वलनशील लुब्रीकेन्ट्स का भंडार था ।

2. अपनी जान की सुरक्षा की परवाह न करते हुए श्री रोमेश चन्द रैना , किसी सुरक्षा या बचाव कवच के बिना अपने कर्तव्यनिष्ठ अग्निशमन दल के साथ , बाहर खड़े किए हुए यंत्रों से खींची हुई चार्ज लाइन सहित, कैंप में प्रवेश कर गए और रेंगते हुए घटनास्थल पर पहुंच गए और एक- दूसरे पर हो रही गोलाबारी और ग्रेनेड विस्फोटों आदि के बीच आग बुझाने का कार्य शुरू कर दिया । अग्ग की प्रकृति को देखते हुए , वे ऐसी विपरीत परिस्थितियों में आग को दबाने और उस पर नियंत्रण पाने के लिए , कई घन्टों तक बहादुरी से आग से जूझते रहे और इस प्रकार उन्होंने कई जानें बचाई और कई करोड़ रूपयों से अधिक की सम्पत्ति को बचा लिया ।

3. श्री रोमेश चन्द रैना , ने अपने उपर्युक्त कार्य में अपनी जान की सुरक्षा की भी परवाह किए बगैर , व्यावसायिक विशेषज्ञता और उच्च कोटि का नेतृत्व, साहस , रागर्पण और कर्तव्य के प्रति निष्ठा और अनुकरणीय वीरता का परिचय दिया ।

4. यह पुरस्कार वीरता के लिए अग्निशमन सेवा पदक प्रदान करने संबंधी संचालित करने वाले नियमों के नियम 3 ( i ) के तहत प्रदान किया जाता है तथा परिणामतः तारीख 14.5.2002 से नियम 5 ( क) के तहत अनुमेय विशेष भत्ता इसके साथ देय है ।

बरुण सिता (बरुण मित्रा). निदेशक

9-461 G1/ 2002 292

भागखष्

भारत का राजपत्र , फरवरी 22, 2003 ( फाल्गुन 3 , 1924)

सं. 25-प्रेज./2003 गणतन्त्र दिवस , 2003 के अवसर पर राष्ट्रपति , निम्नलिखित अधिकारी को वीरता के लिए अग्निशमन सेवा पदक सहर्ष प्रदान करते हैं: -

अधिकारी का नाम और रैंक

श्री सुरेन्द्र सिंह ,

फायरमैन 276-जे ,

जम्मू एवं कश्मीर ।

सेवाओं का ब्यौरा , जिनके लिए मंदक प्रदान किया गया है

14.5.2002 की मार को सशस्त्र फिदायीन आतंकवादियों ने कालू चक्क छावनी , जम्मू के एक सेना शिविर पर हमला बोल दिया जिसमें 26 व्यक्ति मारे गए और 47 जख्मी हो गए । इसके परिणाम स्वरूप , सेना और आतंकवादियों के बीच एक- दूसरे पर अन्धाधुन्ध गोलाबारी शुरू हो गई , जिसके बाद बचाव के लिए ग्रेनेड फेंकने , आग की बड़ी लपटों सहित भारी आवाज वाले कई विस्फोट हुए जिन्होंने सेना के शिविर को खतरे में डौल दिया । प्रथम सूचना मिलने पर , गंगयाल , बारी ब्राह्मण और गांधीनगर अग्निशमन केन्द्रों से अग्निशमन दलों नै तत्काल आग बुझाने और बचाव कार्य आरंभ कर दिये । अंदर की प्रतिकूल युद्ध की स्थिति के कारण , अग्निशमन यन्त्र/गाडियां शिविर के मुख्य द्वार पर असहाय छोड़ देनी पड़ीं । सेना के शिविर में परिवारों के क्यारटर्स , बैरकें , भंडारण , वर्कशॉप , वाहन पार्किंग के गैराज , जिनमें डीजल , केरोसिन और वर्कशाप अहाते में अन्य ज्वलनशील लुब्रीकेन्ट्स का भंडार था ।

2. अपनी जान की सुरक्षा की परवाह न करते हुए श्री सुरेन्द्र सिंह , किसी सुरक्षा या बचाव कवच के बिना अपने कर्तव्यनिष्ठ अग्निशमन दल के साथ , बाहर खड़े किए हुए यंत्रों से खींची हुई चार्ज लाइन सहित , कैंप में प्रवेश कर गए और रेंगते हुए घटनास्थल पर पहुंच गए और एक- दूसरे पर हो रही गोलाबारी और ग्रेनेड विस्फोटों आदि के बीच आग बुझाने का कार्य शुरू कर दिया । आग की प्रकृति को देखते हुए, वे ऐसी विपरीत परिस्थितियों में आग को दबाने और उस पर नियंत्रण पाने के लिए , कई घन्टों तक बहादुरी से आग से जूझते रहे और इस प्रकार उन्होंने कई जानें बचाई और कई करोड़ रूपयों से अधिक की सम्पत्ति को बचा लिया । 3. श्री सुरेन्द्र सिंह , ने अपने उपर्युक्त कार्य में अपनी जान की सुरक्षा की भी परवाह किए बगैर , व्यावसायिक विशेषज्ञता और उच्च कोटि का नेतृत्व , साहस , समर्पण और कर्तव्य के प्रति निष्ठा और अनुकरणीय वीरता का परिचय दिया ।

4. यह पुरस्कार वीरता के लिए अग्निशमन सेवा पदक प्रदान करने संबंधी संचालित करने वाले नियमों के नियग 3 ( 1 ) के तहत प्रदान किया जाता है तथा परिणामतः तारीख 14.5.2002 से नियम 5 (क) के तहत अनुमेय विशेष भत्ता इसके साथ देय है ।

बरुण मित्रा (बरुण मित्रा) निदेशक भाग -खण्ड मे

293 भारत का राजपत्र, फरवरी 22, 2003 (फाल्गुन 3 , 1924 )

सं . 26-प्रेज./2003 गणतन्त्र दिवस , 2003 के अवसर पर राष्ट्रपति , निम्नलिखित अधिकारी को वीरता के लिए अग्निशमन सेवा पदक सहर्ष प्रदान करते हैं:-

अधिकारी का नाम और रैंक

फायर ब्रिगेड आफीसर ,

श्री एन० एम० नारकर , महाराष्ट्र ।

सेवाओं का ब्यौरा , जिनके लिए पदक प्रदान किया गया है :

17 सितम्बर , 2001 को 1500 बजे , महाराष्ट्र में भिवण्डी के एक उपनगर पूरना के नजदीक खांडागले एस्टेट स्थित घनी आबादी में हानिकर हाइड्रोजन सल्फाइड ले जा रहे टैन्कर में आग लग गई थी । जिस के परिणामस्वरूप , हड़बड़ी मच गई और निवासी और दुकानदारों ने अपने-अपने घर और दुकानें छोड़ दीं और टैंकर में विस्फोट होने के डर से , उस घटना स्थल से दूर भागने लगे जिससे भारी मात्रा में जान- माल की क्षति हो सकती थी । संदेश मिलने पर , श्री एन . एम.नारकर , सी एफ ओ , भिवण्डी और उनके ड्राइवर श्री जी.एस. पवार तत्काल घटना स्थल की ओर भागे । वे दोनो अपनी जान की सुरक्षा की परवाह न करते हुए , मिल कर जलते हुए वाहन को अलग एकांत निर्जन स्थान पर ले गए । अन्ततः , टैंकर में विस्फोट हुआ और वाहन जल कर राख के ढेर में तबदील हो गमा ।

2. इस कार्रवाई में श्री एन. एम . नारकर ने अपनी जान की सुरक्षा की परवाह न करते हुए नागरिकों की जान और सम्पति को बचाने के लिए अत्यधिक सुध - बुध , नेतृत्व कर्त्तव्यों के प्रति निष्ठा और अनुकरणीय साहरा / वीरता का परिचय दिया ।

3. यह पुरस्कार वीरता के लिए अग्निशमन सेवा पदक प्रदान करने संबंधी संचालित करने वाले नियमों के नियम 3( i ) के तहत प्रदान किया जाता है तथा परिणामतः तारीख 17.09.2001 से नियम 5 (क) के तहत अनुमेय विशेष भत्ता इसके साथ देय है ।

बरुण सिता (बरुण मित्रा)

निदेशक भारत का राजपत्र, फरवरी 22, 2003 ( फाल्गुन 3, 1924)

[भाग 1 -खण्ड । सं . 27-प्रेज ./2003 गणतन्त्र दिवस , 2003 के अवसर पर राष्ट्रपति , निम्नलिखित अधिकारी को वीरता के लिए अग्निशमन सेवा पदक सहर्ष प्रदान करते हैं : -

अधिकारी का नाम और रैंक

श्रीजी. एस . पवार ,

ड्राइवर ओपरेटर (अग्निशमन सेवा) ,

महाराष्ट्र ।

सेवाओं का ब्यौरा , जिनके लिए पदक प्रदान किया गया है :

17 सितम्बर , 2001 को 1500 बजे , महाराष्ट्र में भिवण्डी के एक उपनगर पूरना के नजदीक खांडागले एस्टेट स्थित घनी आबादी में हानिकर हाइड्रोजन सल्फाइड ले जा रहे टैंकर में आग लग गई थी । जिसके रिणामस्वरूप , हड़बड़ी मच गई और निवासी और दुकानदारों ने अपने-अपने घर और दुकानें छोड़ दीं और टैंकर में विस्फोट होने के डर से, उस घटना स्थल से दूर भागने लगे जिससे भारी मात्रा में जान- माल की क्षति हो सकती थी । संदेश मिलने पर , श्री एन.एम. नारकर , सी एफ ओ , भिवण्डी और उनके ड्राइवर श्री जी.एस. पवार तत्काल घटना स्थल की ओर भागे । वे दोनो अपनी जान की सुरक्षा की परवाह न करते हुए , मिल कर जलते हुए वाहन को अलग एकांत निर्जन स्थान पर ले गए । अन्ततः , टैंकर में विस्फोट हुआ और वाहन जल कर राख के ढेर में तबदील हो गया ।

2. इस कार्रवाई में श्री जी. एस . पवार , ने अपनी जान की सुरक्षा की परवाह न करते हुए नागरिकों की जान और सम्पति को बचाने के लिए अत्यधिक सुध- बुध , नेतृत्व कर्त्तव्यों के प्रति निष्ठा और अनुकरणीय साहस/ वीरता का परिचय दिया ।

3 यह पुरस्कार वीरता के लिए अग्निशमन सेवा पदक प्रदान करने संबंधी संचालित करने वाले नियमों के नियम 3( i ) के तहत प्रदान किया जाता है , तथा परिणामतः तारीख 17.09.2001 से नियम 5 ( क) के तहत अनुमेय विशेष भत्ता इसके साथ देय है ।

1;

बरुण किता (बरुण मित्रा) निदेशक भाग । खण्ड ।

295 भारत का राजपत्र , फरवरी 22, 2003 ( फाल्गुन 3 : 1924)

सं . १४ -प्रेज./2003 गणतन्त्र दिवस , 2003 के अवसर पर राष्ट्रपति , निम्नलिखित अधिकारी को वीरता के लिए अग्निशमन सेवा पदक सहर्ष प्रदान करते हैं : -

अधिकारी का नाम और रैंक

स्वर्गीय श्री के . अरुमुगम, (मरणोपरांत)

फायरमैन 7018 ,

तमिलनाडु ।

सेवाओं का ब्यौरा , जिनके लिए पदक प्रदानं किया गया है :

15.9.2002 को 16.15 बजे गोविन्दप्पा , नैइक्कन स्ट्रीट , चैन्नई । के घनी आबादी वाले और भीड़-भाड़ वाले क्षेत्र में एक चार मंजिले शॉपिंग काम्पलैक्स एवं रिहायशी भवन में आग लग गई थी । दुखःद सूचना प्राप्त होने पर , एंडरसन स्ट्रीट अग्निशमन केंद्र से अग्निशमन सेवा तत्काल घटना स्थल की ओर चल पड़ी । फायरमैन 7018 , के. अरुमुगम उपर्युक्त अग्निशमन दल के एक सदस्य थे ।

2. प्रभावित प्रागंण में , ऊपर की तीन मंजिलों में रिहायशी आवासों के साथ- साथ भू-तल पर शॉपिंग काम्पलैक्स था । वहां पहुंचने की गली काफी संकरी थी , जिसके कारण अग्निशमन यंत्रों की आवाजाही में बाधा आ रही थी । भू-तल की दुकानों में से एक दुकान से घना धुआं और ऊंची लपटें निकल रहीं थी, जिससे भंयकर गर्मी के साथ- साथ चिमनी प्रभाव के कारण घर का प्रवेश द्वार और तंग गली में प्रवेश का मार्ग भी अवरूद्ध हो गया था । यदि आग को बुझाया न जाता तो , इससे दूसरे भवन में भी आग फैल सकती थी । बचाव का कोई रास्ता न देखकर भवन के अंदर फंसे हुए लोग सहायता के लिए चिल्ला रहे थे । ऐसी भयंकर परिस्थिति में , फायरमैन 7018 श्री के . अरुमुगम अपनी सुरक्षा की परवाह न करते हुए , पानी से भरे हुए कुंड के साथ अग्नि स्थल पर पहुंच गए और आग लगी हुई दुकान के एक शट्टर को तोड़ दिया , जहां से बहुत सा धुआं और लपटें बाहर आ रहीं थीं । जब फायरमैन अरुमुगम ऐसी भंयकर परिस्थिति में आग को बुझाने का काम कर रहे थे , तभी अचानक एक विस्फोट हुआ और श्री के. अरुमुगम को 45% तक जलने के घाव हो गए । उन्हें तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया , जहां बाद में उनकी मृत्यु हो गई ।

3. फायरमैन 7018 , श्री के . अरुमुगम के उपर्युक्त कार्य से उनकी निःस्वार्थ कर्त्तव्य के प्रति पूर्ण निष्ठा और साहस तथा उच्च कोटि की वीरता का परिचय मिलता है ।

4. यह पुरस्कार वीरता के लिए अग्निशमन सेवा पदक प्रदान करने संबंधी संचालित करने वाले नियमों के नियम 3 ( i ) के तहत प्रदान किया जाता है , तथा परिणामतः तारीख 15.09.2002 से नियम 5 (क) के तहत अनुमेय विशेष भत्ता इसके साथ देय है ।

बरुण सिता (बरुणमित्रा) निदेशक भारत का राजपत्र, फरवरी 22 , 2003 ( फाल्गुन 3 , 1924 )

| भाग । खण्ड ।

गृह मन्त्रालय

नई दिल्ली-110011 , दिनांक 31 दिसम्बर 2002

संकल्प

संख्या 25011/41/2001- जी.पी.ए .।।/ पी.एम . ।।

भारत सरकार ने दिनांक 28 अगस्त, 1970 के संकल्प संख्या 8 /136/68- पी.। ( कार्मिक. । ) के द्वारा पुलिस अनुसन्धान एवं विकास ब्यूरो का गठन किया है । पुलिस अनुसन्धान एवं विकास ब्यूरो के विभिन्न प्रभागों के कार्य दिनांक 13 सितम्बर , 1973 के संकल्प सं .34/1 /73-बी.पी.आर .एंड डी/जी.पी.ए- । के द्वारा पुनरीक्षित किए गए थे।

2. देश में उपलब्ध राज्य विधि विज्ञान सेवाओं का स्तर और इसके विकास में बाधक त्रुटियों एवं कठिनाइयों की जांच विभिन्न समितियों द्वारा समय - समय पर की गई थी । यह सिफारिश की गई कि देश में आपराधिक न्याय प्रदान करने वाली प्रणाली में सुधार के लिये विधि विज्ञान प्रयोग- शालाओं की चहुंमुखी दक्षता और कार्यकरण को उन्नत बनाने की आवश्यकता है । यह सिफारिश भी की गई थी कि राष्ट्रीय स्तर पर विधि विज्ञान कार्यकलापों के निरन्तर उन्नयन को सुनिश्चित करने के लिए , गृह मन्त्रालय के अन्तर्गत एक ही छत्र के नीचे सभी केन्द्रीय विधि विज्ञान संस्थानों को समेकित किया जाना चाहिए ।

3. सभी सिफारिशों पर ध्यानपूर्वक विचार करने के उपरांत , सरकार ने भारत सरकार , गृह मन्त्रालय के सीधे प्रभार के अधीन विधि विज्ञान का एक अलग निदेशालय , नई दिल्ली में स्थापित करने का निर्णय लिया है । कोलकाता , चण्डीगढ़ और हैदराबाद स्थित केन्द्रीय विधि विज्ञान प्रशो शालाएं और कोलकाता , शिमला और हैदराबाद स्थित प्रश्नात्मक दस्तावेजों के सरकारी निरीक्षक को विधि विज्ञान निदेशालय के अन्तर्गत रखा जायेगा । निदेशालय का अध्यक्ष एक विधि वैज्ञानिक होगा जिसे निदेशक- सह- मुख्य विधि वैज्ञानिक के रूप में पदनामित किया जायेगा ।

4 गृह मन्त्रालय के दिनांक 13 सितम्बर , 1973 के पहले के संकल्प सं.34/1/73- बी.पी.आर. एंड.डी/जी.पी.ए.- । में वर्णित कर्त्तव्यों के घोषणा पत्र का अतिक्रमण करते हुए , पुलिस अनुसन्धान एवं विकारा ब्यूरो तथा विधि विज्ञान निदेशालय के कर्त्तव्यों का घोषणा-पत्र अनुलग्नक । और ।। में दिए गए अनुसार होगा ।

( नी. गोपाला स्वामी ) २०/22/02 सचिव

आदेश

:आदेश दिया जाता है कि संकल्प की एक प्रति सभी राज्य सरकारों/ संघ शासित क्षेत्र प्रशासनों; महानिदेशक, पुलिस अनुसन्धान एवं विकास ब्यूरो; निदेशक- सह-मुख्य विधि वैज्ञानिकः विधि विज्ञान निदेशालयः निदेशक , आसूचना ब्यूरो; निदेशक , केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो; महानिदेशक , सीमा सुरक्षा बलः महानिदेशक , भारत तिब्बत सीमा पुलिस; महानिदेशक , केन्द्रीय औद्योगिक सुरक्षा बलः निदेशक, समन्वय एवं पुलिस बेतार; निदेशक , सरदार वल्लभ भाई पटेल राष्ट्रीय पुलिस अकादमी; निदेशक , राष्ट्रीय अपराध विज्ञान एवं विधि विज्ञान संस्थान; निदेशक , राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड; निदेशक , विशेष सुरक्षा ब्यूरोः निदेशक , राष्ट्रीय अपराध रिकार्ड ब्यूरो और भारत सरकार के सभी मन्त्रालयों/ विभागों को भिजवाई जाए ।

यह आदेश भी दिया जाता है कि सामान्य जानकारी के लिए संकल्प को भारत के राजपत्र में प्रकाशित किया जाए ।

( हरमिन्दर राज सिंह ) संयुक्त सचिव 297 भाग -खण्ड ।।

भारत का राजपूत्र , फरवरी 22, 2003 ( फाल्गुन 3, 1924)

अनुलग्नक । विधि विज्ञान निदेशालय , गृह मन्त्रालय ,भारत सरकार के कर्त्तव्यों का नया घोषणा-पत्र * न्याय प्रदान करने वाली प्रणाली की वैज्ञानिक रूप से मदद करना ।

* अपने प्रशिक्षण संस्थानों के माध्यम से न्यायपालिका और अन्य जांचकर्त्ताओं को विधि ज्ञान और विशेषज्ञता का प्रचार करना और परामर्शी तथा मन्त्रणा सेवाएं प्रदान करना । * देश में विधि विज्ञान एवं संबंधित सेवाओं की समस्याओं की पहचान करना एवं केन्द्र सरकार के स्तर पर सभी विधि विज्ञान गतिविधियों का आरम्भ करना , उन्हें बढ़ावा देना , मार्गदर्शन प्रदान करना , उन्हें प्रोन्नत करना और उन पर नियन्त्रण करना ।

देश में आपराधिक न्याय प्रदान करने वाली प्रणाली में वैज्ञानिक सहायता को बढ़ाने के लिए भारत एवं विदेशों में स्थित संस्थानों , संगठनों , मन्त्रालयों , विश्वविद्यालयों , पुलिस , अभियोजकों और अन्य विधि प्रवर्तन तथा नियामक ऐजेन्सियों के साथ प्रभावी सम्बन्ध स्थापित करना । आपराधिक न्याय प्रदान करने वाली प्रणाली में विधि प्रक्रियाओं के आधुनिकीकरण के लिए गृह मन्त्रालय , भारत सरकार को तकनीकी सलाह एवं सेवाएं प्रदान करना ।

राष्ट्रीय स्तर पर विधि विज्ञान गुणत्ता आश्वासन और प्रत्यायन कार्यक्रम का समयबद्ध कार्यान्वयन का समन्वय करना और देश में विधि विज्ञान सेवाओं के लिए प्रवीणता जांच आयोजित करने के लिए एक नोडल ऐजेन्सी के तौर पर भी कार्य करना । निजी विधि प्रैक्टीशनरों के प्रत्यायन को बढ़ावा देना और विधि विज्ञान प्रक्रिया में " नैतिकता" को शामिल करना ।

सरकार द्वारा समय - समय पर सन्दर्भित की गईं विधि विज्ञान प्रक्रियाओं , संहिताओं, चालू प्रक्रियाओं , विधिक ढांचे और अन्य सम्बन्धित मामलों का मूल्यांकन एवं पुनरीक्षण करना । विधि प्रवर्तन ऐजेन्सियों और न्यायपालिका की सहायता हेतु विधि विज्ञान प्रक्रिया के विकास- शील और नए क्षेत्रों के मूल्यांकन के लिए राज्य विधि विज्ञान प्रयोगशालाओं , विश्वविद्यालयों और अन्य शैक्षिक संस्थानों को वित्तीय और तकनीकी , दोनों प्रकार से मार्गदर्शन और सहायता प्रदान करना ।

* समूचे देश से और संसार से प्राप्त वैज्ञानिक डाटाबेस और अन्य जानकारी का रख - रखाव और विधि विज्ञान सूचना सम्पर्क स्थापित करते हुए इसे विधि विज्ञान संस्थानों के लिए ग्राह्य बनाना । 298

भारत का राजपत्र, फरवरी 22 , 2003 ( फाल्गुन 3, 1924)

[भाग -खण्ड । * राष्ट्रीय स्तर पर मानव संसाधन विकास कार्यक्रम को विधि विज्ञान में शामिल करना और इसके कार्यान्वयन को मॉनीटर करना । विधि वैज्ञानिकों (केन्द्र के साथ राज्यों के भी) को भारत और विदेशों की आधुनिकतम वैज्ञानिक तकनीकों में विशेषज्ञता प्राप्त विकसित प्रशिक्षण का समन्वय करना ।

देश के विश्वविद्यालयों एवं अन्य संस्थानों में विधि विज्ञान शिक्षण और अनुसंधान एवं विकास गतिविधियों को बढ़ावा देना ।

अपराध जांच में वैज्ञानिक तरीकों के बारे में सार्वजनिक जागरूकता उत्पन्न करने के लिए सरकारी एवं गैर- सरकारी संगठनों के साथ सम्पर्क स्थापित करना ।

* कोलकाता , चण्डीगढ़ और हैदराबाद/ शिमला में स्थित केन्द्रीय विधि विज्ञान संस्थानों (केन्द्रीय विधि विज्ञान प्रयोगशालाओं और प्रश्नात्मक दस्तावेजों के सरकारी निरीक्षकों) की प्रशासनिक और संचालनात्मक गतिविधियों पर नियन्त्रण रखना ।

विधि विज्ञान निदेशालय के अंतर्गत केन्द्रीय विधि विज्ञान प्रयोगशालाओं/प्रश्नात्मक दस्तावेजों के सरकारी निरीक्षकों में विधि विज्ञान के क्षेत्र में अनुसन्धान कार्ग को बढ़ावा देना और उसे हाथ में लेना ।

विधि विज्ञान निदेशालय के अंतर्गत आने वाले केन्द्रीय विधि विज्ञान प्रयोगशालाओं/प्रश्नात्मक दस्तावेजों के सरकारी निरीक्षकों को आधुनिकतम वैज्ञानिक तकनीकों के द्वारा अपराध मामलों की जांच कार्य करने योग्य बनाने के लिए समुचित मूलभूत सुविधाओं और मानव संसाधनों का विकास करना ।

विधि विज्ञान पर सेमिनार , कार्यशालाएं और संगोष्ठियां आयोजित करना ।

* विधि विज्ञान निदेशालय के अन्तर्गत कनिष्ठ अनुसन्धान फैलोशिप योजना की प्रगति को मॉनीटर करना और पुरस्कृत करना । 299 भाग I--खण्ड । ]

भारत का राजपत्र, फरवरी 22, 2003 (फाल्गुन 3 , 1924)

अनुलग्नक- ।। पुलिस अनुसंधान और विकास ब्यूरो के कार्य

1. - अनुसंधान सांख्यिकी और प्रकाशन प्रभाग

पुलिस को प्रभावित करने वाले अपराध और सामान्य प्रकृति की समस्याओं का विश्लेषण और अध्ययन करना जैसे कि:

क) अपराध की प्रवृत्ति और कारण ; .

ख) अपराध की रोकथाम रोकने के तरीके, उनकी कारगरता और अपराध के साथ उनका संबंध;

ग) पुलिस बलों का प्रबन्ध , संख्या, प्रशासन, तरीके , प्रक्रियाएं और तकनीकें और उनका आधुनिकीकरण , पुलिस अधिनियम और मैनुअल ;

घ) जांच के तरीकों को बेहतर बनाना और वैज्ञानिक सहायक साधन और सजा शामिल करने की उपयोगिता और उसके परिणाम ;

ड) कानूनों की अपर्याप्तता ;

च) बाल अपराध ;

छ) पुलिस वर्दी , बैज, पदक, उपाधियां , कलर और झंडे , पुलिस ड्रिल , प्रकिया वारंट इत्यादि ;

2. राज्यों में पुलिस अनुसंधान कार्यक्रमों की सहायता , अनुसंधान परियोजनाओं की प्रक्रिया और समन्वय; अन्तर्मिति अनुसंधान कार्य को प्रायोजित करना ;

3. पुलिस अनुसंधान संबंधी स्थायी समिति से संबंधित कार्य ;

4. पुलिस समस्याओं के अध्ययन से संबंधित पुलिस विज्ञान कांग्रेस और अन्य सम्मेलन और सेमिनार;

5. सामाजिक सुरक्षा और अपराध रोकथाम कार्यक्रमों में भागीदारी ;

6. अपराध की रोकथाम और अपराधियों के उपचार के क्षेत्र में संयुक्त राष्ट्र के कार्य में भागीदारी;

7 . अपराध की अखिल भारतीय सांख्यिकी का रख- रखाव ;

8. अपराध की प्रवृत्तियों का सांख्यिकीय विश्लेषण ;

9. पुलिस विज्ञान और अपराध विज्ञान से संबंधित प्रलेखन ;

401612002 300

[भाग -खण्ड । भारत का राजपत्र, फरवरी 22, 2003, ( फाल्गुन 3 , 1924)

10. निम्नलिखित का प्रकाशन:-

i) पुलिस अनुसंधान और विकास पत्रिका ;

ii) भारत में अपराध;

भारतीय पुलिस पत्रिका ( journal ) ;

iv) दुर्घटनात्मक मौतें और आत्महत्याएं ;

v) अनुसंधान रिर्पोटें और समाचार पत्र ;

vi) पुलिस कार्य से संबंधित मामलों के संबंध में रिर्पोटें, समीक्षाएं , अन्य पत्रिकाएं और पुस्तकें ।

11 . विकास प्रभाग

1. भारत में पुलिस बलों द्वारा प्रयोग किए जाने वाले विभिन्न प्रकार के उपकरणों के कार्य की समीक्षा और निम्नलिखित क्षेत्रों में नए उपकरणों का विकास: -

क) शस्त्र और गोला-बारुद ;

ख) दंगा नियंत्रण उपकरण ;

ग) यातायात नियंत्र , उपकरण ;

घ) पुलिस परिवहन ; और

ड.) जांच के लिए विविध वैज्ञानिक उपकरण और वैज्ञानिक सहायक उपकरण । 2. उपरोक्त क्षेत्रों में राष्ट्रीय प्रयोगशालाओं, विभिन्न वैज्ञानिक संगठनों और संस्थानों और सरकारी और निजी उपक्रमों के साथ सम्पर्क, विकास कार्यक्रमों का समन्वय और पुलिस उपकरण के देशी उत्पादन को प्रेरित करना ।

3. पुलिस कार्य के विभिन्न क्षेत्रों में कम्प्यूटर तकनीक का प्रयोग करना ।

4. पुलिस प्रचार और पुलिस प्रचार फाईलें , पुलिस सप्ताह और परेडें ।

5 पुलिस अनुसंधान और पुलिस अनुसंधान के अलावा विकास सलाहकार परिषद और इसकी स्थायी समितियों से संबंधित कार्य ।

।।।. प्रशिक्षण प्रभाग

1 . बदलती सामाजिक परिस्थितियों में पुलिस प्रशिक्षण और इस क्षेत्र में देश की आवश्यकताओं के लिए किए गए प्रबंध की समय- समय पर समीक्षा करना और प्रशिक्षण और पुलिस कार्य में वैज्ञानिक तकनीकों को शामिल करना और पुलिस प्रशासन एवं प्रबंधन के क्षेत्र में प्रशिक्षण नीतियों और कार्यक्रमों को बनाना और उनका समन्वय करना । भाग 1-खण्ड 1 ]

भारत का राजपत्र , फरवरी 22 , 2003 ( फाल्गुन 3, 1924)

30:

2. केन्द्रीय गुप्तचर प्रशिक्षण स्कूल कोलकाता , हैदराबाद और चंडीगढ़ ।

3. राज्यों/ संघ शसित क्षेत्रों में विभिन्न रैंकों के लिए पाठ्यक्रम , पाठ्य विवरण और पाठ्यचर्या सहित, प्रशिक्षण प्रबंधों में मानकीकरण एवं एकरूपता ,जैसाकि वांछनीय है , सुनिश्चित करने के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रमों का मूल्यांकन करना और नई चुनौतियों और समस्याओं से निपढ़ने के लिए समय- समय पर आंवश्यक समझे जाने वाले संशोंधनों और सुधारों के सम्बन्ध में. सलाह देना।

4. विभिन्न ग्रेडों और पुलिस प्रस्तावों की किस्मों के लिए जरूरी समझे जाने वाले नए पुनश्चर्या. प्रोन्नति , विशेषज्ञता और ओरिएन्टेशन पाठ्यक्रम बनाने में सहायता करना ।

5 . केन्द्रीय चिकित्सा विधिक संस्थान और केन्द्रीय यातायात संस्थान की स्थापना के संबंध में कार्य ।

6. इन संस्थानों में प्रयोग के लिए पुलिस प्रशिक्षण संस्थानों के समन्वय से मानक मैनुअल ,पाठ्य पुस्तकें, पैम्फलेट, व्याख्यान , टिप्पणियां , नमूना अध्ययन, व्यवहारिक अभ्यास एवं अन्य शैक्षणिक साहित्य तैयार करना ।

7. राज्यों के महानिरीक्षकों/ उप महानिरीक्षकों (प्रशिक्षण) को सम्बद्ध साहित्य अधिकारियों को परिचालित करने के लिए बांटना , ताकि उन्हें प्रशिक्षण संकल्पना से अवगत कराया जा सके और उच्च रैकों में प्रशिक्षण चेतना को बल मिले ।

8. प्रशिक्षण और प्रशिक्षण सहायक उपकरणों के लिए उपकरणों का मानकीकरण और उनक उत्पादन और विभिन्न प्रशिक्षण संस्थानों को आपूर्ति करने के लिए प्रबंध करना ।

9. विभिन्न पुलिस प्रशिक्षण संस्थानों के प्रयोग के लिए फिल्मों का एक चल संग्रहालय बनाना और उसका रख-रखाव करना ।

10. देश के अन्दर और बाहर के उपयुक्त गैर- पुलिस संस्थानों में विभिन्न रैकों के पुलिस अधिकारियों के प्रशिक्षण में सहायता प्रदान करना ।

11. पुलिस प्रशिक्षण के विभिन्न पहलुओं पर पुलिस प्रशिक्षण संस्थानों के अध्यक्षों की वार्षिक संगोष्ठी और छोटे सेमिनारों का आयोजन करना ।

12. समय- समय पर यथा-आवश्यक केन्द्र के तहत नए प्रशिक्षण संस्थानों की स्थापनासुध्य देना । 302

[भाग -खण्ड 1 भारत का राजपत्र, फरवरी 22, 2003 ( फाल्गुन 3 , 1924)

13. भारत और विदेश से पुलिस कार्य के विभिन्न पहलुओं पर पाठ्यक्रम , प्रशिक्षण के तरीकों , पढ़ाने के सहायक उपकरणों , प्रशिक्षण कार्यक्रमों और साहित्य से संबंधित सूचना के लिए एक वितरण केन्द्र के रूप में कार्य करना ।

14. केन्द्रीय और राज्य पुलिस प्रशिक्षण संस्थानों में पुस्तकालयों के विकास में सहायता प्रदान करना ।

15 . यू. एन . डी. पी. , यूनेस्को और कोलम्बो योजना इत्यादि के तहत अन्य बातों के साथ - साथ प्रशिक्षण सहायक उपकरण परियोजनाओं और फैलोशिप के संबंध में कार्मिक विभाग के प्रशिक्षण निदेशालय के साथ सम्पर्क बनाना ।

IV सुधारात्मक प्रशासन

1. जेल सांख्यिकी और जेल प्रशासन को प्रभावित करने वाली सामान्य प्रकृति की समस्याओं का विश्लेषण और अध्ययन करना ।

2. सुधारात्मक प्रशासन के क्षेत्र में राज्यों को संगत सूचना का आत्मसात कराना और उसका प्रचार करना ।

3 . सुधारात्मक प्रशासन में आर.आई.सी.ए.एवं अन्य शैक्षणिक/ अनुसंधान संस्थानों द्वारा आयोजित किए गए अनुसंधान अध्ययनों का समन्वय करना और राज्य सरकारों के परामर्श से अनुसंधान अध्ययनों/सर्वेक्षणों के आयोजन के लिए दिशा- निर्देश तैयार करना ।

4. बदलती हुई सामाजिक परिस्थितियों को मद्देनज़र रखते हुए , प्रशिक्षण कार्यक्रमों की समीक्षा करना , नई वैज्ञानिक तकनीकों और अन्य संबंधित पहलुओं को शामिल करना ।

5. सुधारात्मक प्रशासन के क्षेत्र में जेल स्टाफ को विभिन्न स्तरों पर प्रशिक्षण देने के लिए पाठ्यक्रम , पाठ्य विवरण और पाठ्यचर्या इत्यादि सहित एकरूप प्रशिक्षण मोड्यूल तैयार करना ।

6. सुधारात्मक प्रशासन के क्षेत्र में रिपोर्टों , न्यूज़ लैटरों , बुलेटिनों को प्रकाशित करना और दृश्य- श्रव्य सहायक उपकरणों इत्यादि को तैयार करना ।

7 . सुधारात्मक प्रशासन से सम्बन्धित कार्य के मार्गदर्शन के लिए एक सलाहकार समिति का गठन करना । THE GAZETTE OF INDIA . FEBRUARY 22 , 2003 ( PHALGUNA 3 , 1924) 303 [ PART I- SEC 1

PRESIDENT'S SECRETARIAT

New Delhi , the 26th January, 2003 No.1- Pres/2003 The President is pleased , on the occasion of the Republic Day, 2003 , to award the President's Police Medal for Distinguished Service to the under - mentioned officers : -

SHRI P.V NAIDU ADDL . DGP HYDERABD ANDHRA PRADESH

SHRI K. ARAVINDA RAO INSPECTOR GENERAL OF POLICE HYDERABAD ANDHRA PRADESH

SHRI M. VENKAT REDDY SQ. COMMANDER GREY HOUNDS, HYDERABAD ANDHRA PRADESH

SHRI C. RATNA REDDY, DIG ( INT) , HYDERABAD ANDHRA PRADESH

SHRI VUTUKURU SIVASANKAR INVESTIGATION OFFICER, A.P. LOKAYUKTHA , HYDERABAD ANDHRA PRADESH

SHRI JOLEPALEM BHASKAR DY. S.P. , KURNOOL ANDHRA PRADESH

SHRI ASHOK KUMAR DAS DIGP , GUWAHATI ASSAM

SHRI ANIL M NAVANEY IGP, BILASPUR CHHATTISGARH

DR. A.K. SHRIVASTAVA DY. COMDT, CGAP , 1ST BN , BHILAI CHHATTISGARH

SMT KANWALJIT DEOL JT CP , PHQ, NEW DELHI, N.C.T. OF DELHI .

SMT. VIMLA MEHRA JT CP, NEW DELHI N.C.T. OF DELHI

SHRI A P KURESHI DY.SP/ ASSTT . COMDT. , SRPF GR.II , AHMEDABAD GUJARAT

SHRI SUKHDEV SINGH ADDL.SP BHIWANI HARYANA

SHRI MADAN LAL ADGP, PHC, J &K JAMMU & KASHMIR

SHRI H.L. FOTEDAR SP ( CRIME ) , JAMMU JAMMU & KASHMIR 304

[PART I-SEC . 1 THE GAZETTE OF INDIA , FEBRUARY 22 , 2003 ( PHALGUNA 3 , 1924)

SHRI B.K. SINHA SP SERAIKELA - KHARASWAN JHARKHAND

SHRI A D GORE ACP CONTROL ROOM THANE MAHARASHTRA

SHRI S. MARISWAMY ADGP BANGALORE KARNATAKA

SHRI L. SAILO DGP , MEGHALAYA , SHILLONG MEGHALAYA

SHRI S M BIDARI IGP KSRP BANGALORE KARNATAKA

SHRI M. HESSO MAO DGP, KOHIMA NAGALAND

SHRI B B SAKRI DY.SP. RANEBENNUR SUB - DIVISION , HAVERI DISTT . KARNATAKA

SHRI HARIHAR PANDA SPL IGP, CUTTACK ORISSA

SHRI V.M. KANWAR, IGP, INDORE MADHYA PRADESH

SHRI AJIT KUMAR GHOSE DY. SP . , VIG . CUTTACK ORISSA

SHRI VIJAY WATE IGP/DY.T.C. GWALIOR MADHYA PRADESH

SHRI PARASH MONI DAS IGP, PATIALA PUNJAB

SHRI V.S. TOMAR ADDL . SP , KATNI MADHYA PRADESH

SHRI R C SETHI S.P. C.M. SECURITY CHANDIGARH PUNJAB

SHRI RAHUL GOPAL ADDL . DG ACB MUMBAI MAHARASHTRA

SHRI RJ MEΕΕΝΑ IGP JAIPUR RAJASTHAN

SHRI S S DAYAL JT. C.P. ( ADMΝ .) MUMBAI MAHARASHTRA

SHRI A K JAIN IGP JAIPUR , RAJASTHAN

1 [PART I-SEC 1

305

THE GAZETTE OF INDIA , FEBRUARY 22 , 2003 ( PHALGUNA 3 , 1924)

SHRI PD SHARMA AIGP, JAIPUR RAJASTHAN

SHRI I.K. SHARMA ADDL . S.P, SIKAR, RAJASTHAN

SHRI K. RAMANUJAM IGP , CHENNAΙ TAMIL NADU

SHRI S.J. VIJAYAKUMAR DY. SP, V&AC, CHENNAI TAMIL NADU

SHRI KARAMVIR SINGH IGP KANPUR UTTAR PRADESH

SHRI B M SARASWAT I.G.P. LUCKNOW UTTAR PRADESH

DR . KASHMIR SINGH IG PAC CENTRAL LUCKNOW UTTAR PRADESH

SHRINS CHAUHAN DY. SP . D.G. HQ LUCKNOW UTTAR PRADESH

SHRI DILIP TRIVEDI I.G. BSF JAMMU UTTAR PRADESH

SHRI SUJIT KUMAR SARKAR ADDL . CP , KOLKATA WEST BENGAL

SHRI KISALAYA DASGUPTA ASST CP, KOLKATA WEST BENGAL

SHRIRN SHARMA DIG( PERS) FHQ BSF, NEW DELHI BORDER SECURITY FORCE

SHRI AK GHOSH DIG SHQ BSF KRISHNANAGAR BORDER SECURITY FORCE

DR . UN PANDA CMO(SG) FTR HQ SHILLONG BORDER SECURITY FORCE

SHRI B.S. RAUTELA , DY. COMDT. SRINAGAR BORDER SECURITY FORCE

SHRI VAGEESH MISHRA IGP E/ S KOLKATA C.R.P.F.

SHRI RIZWAN RASUL ADDL. DIGP DTE , GENL . NEW DELHI C.R.P.F.

SHRI JM S KATHAIT COMMANDANT 50 BN . ASSAM C.R.P.F.

306

THE GAZETTE OF INDIA. FEBRUARY 22 , 2003 ( PHALGUNA 3. 1924)

SHRI JAGJIT SINGH COMMANDANT 086 BN J&K C.R.P.F.

SHRI M.M. SHARMA, DIGP, GANDHINAGAR, C.R.P.F.

SHRI K.J. SINGH ADDL DG, DTE . GENL . , NEW DELHI Ι.Τ.Β.Ρ.

SHRI SHIV RAM SHARMA , ASSTT. COMDT (TELECOM) , 6TH BN, Ι.Τ.Β.Ρ.

SHRI SNL BHATNAGAR SR . COMMANDANT CCL KARGALI ( JHARKHAND) C.I.S.F.

SHRI BL DURANI SR . COMMANDANT B.H.E.L. HARIDWAR C.I.S.F.

SHRI E K KUTTY INSPECTOR/EXE BCCL DHANBAD C.I.S.F.

SHRI . S.C. SINHA , JOINT DIRECTOR, NEW DELHI C.B.I.

SHRI . H.C. SINGH , DIG , NEW DELHI C.B.I.

SHRI O.P. CHHATWAL SR.S.P. , STF DELHI C.B.I.

SHRI B.N.P. AZAD SP, ACU - III DELHI C.B.I.

SHRI M.K. BHAT C.B.I. ADDL . SP , AC - III , DELHI .

[PART I-SEC . 1 SHRI RAJIV KAPOOR JT. DIR . IB HQ, NEW DELHI INTELLIGENCE BUREAU

SHRI YOGENDRA JHA , ASSTT. DIRECTOR , I.B , HQ , NEW DLEHI INTELLIGENCE BUREAU

SHRI K. JAYANAND AD, IB HQ , NEW DELHI INTELLIGENCE BUREAU

SHRI S.B. BHATT DCIO AHMEDABAD INTELLIGENCE BUREAU

SHRI V. KARTHIKEYAN DCIO CHENNAI INTELLIGENCE BUREAU

SHRI P.C. TIWARI ACIO - I ( WT) , IB HORS, NEW DELHI INTELLIGENCE BUREAU

SHRI R.K. QAZI ACIO- I/G SRINAGAR INTELLIGENCE BUREAU

SHRI N. MURUGESAN ACIO- II / G CHENNAI INTELLIGENCE BUREAU

SHRI N. RAMACHANDRAN IG , SPG , NEW DELHI CAB . SECTT. (SPG)

SHRI . GAJENDRA SINGH SAJWAN DIG , NEW DELHI MHA (S.S.B. )

SHRI SURINDER NATH KAUL DY JAG , NSG , NEW DELHI . M.H.A. (NSG)

SHRI S.N. SHARMA COMMANDING OFFICER ( SMALL ARMS ) , RAILWAY BOARD , NEW DELHI MINISTRY OF RAILWAYS .

2. These awards are made under Rule 4 ( ii ) of the rules governing the grant ofPresident's Police Medal for Distinguished Service .

(BarunMitra) DIRECTOR 307 THE GAZETTE OF INDIA, FEBRUARY 22. 2003 ( PHALGUNA 3, 1924 )

PART I-SEC |

No.2- Pres /2003 - The President is pleased , on the occasion of the Republic Day 2003, to award the Police Medal for Meritorious Service to the undermentioned officers : -

SHRI M VIDYA SAGAR RAO DY.SP. SECURITY WING INTELLIGENCE , HYDERABAD ANDHRA PRADESH

SHRI S S P YADAV ADDL . DG P RAILWAYS , HYDERABAD ANDHRA PRADESH

SHRI B. SESHU S.D.P.O. GADWAL SUB - DIVISION , MAHABOOBNAGAR DISTT. ANDHRA PRADESH

SHRI P SESHAGIRI RAO COMMANDANT 5TH BN . APSP ,. VIZIANAGARAM ANDHRA PRADESH

SHRI CH . SAYA REDDY SDPO ALLAGADDA ANDHRA PRADESH

SHRI VINAY RANJAN RAY DY. IGP GUNTUR RANGE , GUNTUR ANDHRA PRADESH

SHRI K.J.M. REDDY SDPO BHONGIR SUB - DIVISION , NALGONDA DIST. ANDHRA PRADESH

SHRI RAJIV TRIVEDI ADDITIONAL SECRETARY HOME DEPTT. HYDERABAD ANDHRA PRADESH

SHRI K K RAO ACHARY DY.S.P. CID , VISAKHAPATANAM ANDHRA PRADESH

SHRI TUSHAR ADITYA TRIPATHY DIGP, SIB HYDERABAD ANDHRA PRADESH

SHRI CH . ALLURAIAH INSPECTOR , HYDERABAD , ANDHRA PRADESH

SHRIN V SURENDRA BABU COMMISSIONER OF POLICE VIJAYAWADA ANDHRA PRADESH

SHRI P.S.S.P. BABU INSPECTOR , CID HYDERABAD ANDHRA PRADESH

SHRI SATYA NARAYAN DIGP KURNOOL RANGE, KURNOOL ANDHRA PRADESH

SHRI SYED HYDER HASAN HEAD CONSTABLE S B CITY, HYDERABAD ANDHRA PRADESH

11 461 G1 2002 308

THE GAZETTE OF INDIA . FEBRUARY 22. 2003 ( PHALGUNA 3 , 1924) [PART I- SEC . |

SHRI T.P. PATHAK CONSTABLE , PS B/BHATTI CHHATTISGARH

SHRI MADIGA GANGAPPA CONSTABLE POTHUKUNTA ANDHRA PRADESH

SHRI K.K. VERMA HEAD CONSTABLE, RAIPUR CHHATTISGARH

SHRI K.K. NATH DIGP , GUWAHATI ASSAM

SHRI A.K. JHA DIRECTOR, PROSECUTION , GUWAHATI ASSAM

SHRI RAJESH MALIK ADDL . C.P , ANTI CORRUPTION BRANCH DELHI N.C.T. OF DELHI

SHRI N.M. DUTTA DIGP , SILCHAR ASSAM ASSAM

SHRI SHIV PRASAD INSPECTOR ( TECH ) , DELHI POLICE NEW DELHI N.C.T. OF DELHI

SHRI D.C. KALITA SUB INSPECTOR, PRS , DIPHU ASSAM

SHRI BHIM SAIN INSPECTOR , DELHI POLICE NEW DELHI N.C.T. OF DELHI

SHRI R.K. KURMI SUB INSPECTOR , GUWAHATI ASSAM

SHRI HARPAL SINGH YADAV INSPECTOR , DELHI POLICE NEW DELHI N.C.T. OF DELHI

SHRI M S TOMAR AIGP , PHQ , RAIPUR CHHATTISGARH

SMT. KANWALJIT KAUR W/ INSP , DELHI POLICE PROV & LOGISTICS, NEW DELHI N.C.T. OF DELHI

SHRI J.K. THORAT SP , SPL.POLICE ESTT . DIVISION LOKAYUKTA KARYALAYA , BILASPUR CHHATTISGARH

SHRI D.K. SINGH COY. COMDR , 10 BN CGAP , SURGUJA CHHATTISGARH

SHRI J.N. DIXIT SUB - INSPECTOR , DELHI POLICE NEW DELHI N.C.T. OF DELHI

SHRI T.S.G.K. PILLAI SUBEDER (M) 7TH BN, BHILAI , CHHATTISGARH

SHRI HUKAM CHAND SUB - INSPECTOR , DELHI POLICE NEW DELHI N.C.T. OF DELHI [ PART I- SEC 1

309 THE GAZETTE OF INDIA , FEBRUARY 22. 2003 ( PHALGUNA 3 , 1924 )

SHRI BESAR SINGH ASI , ( W.O) , DELHI POLICE NEW DELHI N.C.T. OF DELHI

SHRI A A CHAUHAN INSPECTOR CRIME BRANCH AHMEDABAD GUJARAT

SHRI SARABJEET SINGH ASI , WEST DISTT. , DELHI POLICE NEW DELHI N.C.T. OF DELHI

SHRIT A BAROT INSPECTOR DETECTION OF CRIME BRANCH AHMEDABAD GUJARAT

SHRI P B JADEJA PROHIBITION INSPECTOR PROHIBITION DEPT . AHMEDABAD GUJARAT

SHRI A.T. SASI HEAD CONSTABLE , NORTH WEST DISTT. DELHI POLICE NEW DELHI N.C.T. OF DELHI

SHRI R B JOSHI SUB - INSPECTOR CRIME BRANCH , AHMEDABAD GUJARAT

SHRI RANJIT KUMAR CONSTABLE , SPL . CELL , DELHI POLICE NEW DELHI N.C.T. OF DELHI

SHRI P G VAGHELA SUB - INSPECTOR ANTI TERRORIST SQUAD AHMEDABAD GUJARAT

SHRI NILU S. RAUT DESAI DY.SP PANAJI GOA

SHRI KS DESAI SUB - INSPECTOR CRIME BRANCH AHMEDABAD GUJARAT

SHRI V.V. RABARI SPECIAL I.G.P GANDHINAGAR, GUJARAT

SHRI P V PATIL ASI SURAT CITY GUJARAT

SHRI L.P. SOLANKI INSPECTOR GANDHINAGAR GUJARAT

SHRI GU SHEKHAVAT ASSIT DRILL INSTRUCTOR CUM MAJOR GUJARAT POLICE ACADEMY , KARAI , GANDHINAGAR GUJARAT

SHRI D S MEНТА INSPECTOR KALUPUR POLICE STATION AHMEDABAD GUJARAT

SHRI A P PRAJAPATI ASI / RADIO OPERATOR GANDHINAGAR GUJARAT 310

THE GAZETTE OF INDIA , FEBRUARY 22 , 2003 ( PHALGUNA 3 , 1924 )

SHRI PG NAMBIAR ASI ( RADIO OPERATOR) GANDHINAGAR GUJARAT

SHRI K. SELVARAJ DIGP, CID , PANCHKULA HARYANA

SHRI RAJINDER SINGH SP, BHIWANI HARYANA

SHRI VIJAY KUMAR BHARARA DY SP CID AMBALA, HARYANA

SHRI PARAM SINGH SUB INSPECTOR CID ( H) SECURITY DELHI HARYANA

SHRI A K SHARMA SP/ CID , SHIMLA HIMACHAL PRADESH

SHRI R.M. SHARMA S.P. , HAMIRPUR HIMACHAL PRADESH

SHRI RAMESH CHAND SUB INSPECTOR, BASAL ( NOW BANGARH) HIMACHAL PRADESH

SHRI Μ.Κ. ΜOHANTY ADGP , JAMMU JAMMU & KASHMIR

SHRI PRABHAT SINGH SP( CITY ) , JAMMU JAMMU & KASHMIR

[PART I-SEC . 1 SHRI JAGJEET KUMAR SP, TRAFFIC , SRINAGAR JAMMU & KASHMIR

SHRI A.R. SHAN SP, TALWARA - REASI JAMMU & KASHMIR

SHRI M.A. KHAN DY.SP , BUDGAM JAMMU & KASHMIR

SHRI SURINDER MAHALDAR INSPECTOR CID HQRS, JAMMU & KASHMIR

SHRI G.M. BHAT INSPECTOR , SRINAGAR JAMMU & KASHMIR

SHRI G.A. DAR INSPECTOR , PHOTO SEC. , SRINAGAR JAMMU & KASHMIR

SHRI ELAKSIYAS MINZ HEAD CONSTABLE, CID RANCHI JHARKHAND

SHRI B.D. LIMBOO SUB INSPECTOR( ARMED) RANCHI JHARKHAND

SHRI CHANDRASHEKARA IGP BANGALORE KARNATAKA

SHRI M N REDDY ADDITIONAL COMMISSIONER OF POLICE BANGALORE CITY KARNATAKA [PART I-SEC 1

311

THE GAZETTE OF INDIA , FEBRUARY 22 , 2003 ( PHALGUNA 3 , 1924)

SHRI HIN SATHYANARAYANA RAO DIRECTOR, ΚΡΑ MYSORE KARNATAKA

SHRI K V GAGAN DEEP COMMISSIONER OF POLICE HUBLI DHARWAD KARNATAKA

SHRI P C GANAPATHY ADDL.S.P. CHAMARAJANAGAR DISTT. KARNATAKA

SHRI JR KOTY DY.SP. FINGER PRINTS DIVISION , BANGALORE KARNATAKA

SHRI M N RAJANNA DY.SP. INTELLIGENCE BANGALORE KARNATAKA

SHRI M.D DIVAKAR DY.SP. KARNATAKA POLICE ACADEMY, MYSORE KARNATAKA

SHRI M G NAGENDRA KUMAR INSPECTOR TRAFFIC PLANNING BANGALORE KARNATAKA

SHRI K K VIJAY KUMAR RESERVE POLICE INSPECTOR IV BN KSRP BANGALORE KARNATAKA

SHRI P M UKKOJIKAR ASI DAR BELGAUM KARNATAKA

SHRI VINSON M PAUL IGP, THIRUVANANTHAPURAM KERALA

SHRI V.V. MOHANAN SP SBCID , THRISSUR KERALA

SHRI T.V. KAMALAKSHAN SP, CBCID KOZHIKODE KERALA

SHRI M.M. NAMBIAR ASST.COMDT MSP , MALLAPURAM KERALA

SHRI V. B. RAMESH KUMAR INSPECTOR, THIRUVANANTHAPURAM KERALA

SHRI R. HITHAPALAN NAIR DY.SP THIRUVANANTHAPURAM KERALA

SHRI M.V. VELAYUDHAN ARMED POLICE INSPECTOR , KAP - I BN THRISSUR KERALA

SHRI SANJAY RANA ADDL.SECY ( HOME) BHOPAL MADHYA PRADESH 312

[PART I- SEC. I

THE GAZETTE OF INDIA , FEBRUARY 22 , 2003 ( PHALGUNA 3 , 1924 )

DR . P.R. MATHUR DIG/SBI , EOW BHOPAL MADHYA PRADESH

SHRI S.K.SINGH DIG , CID PHQ , BHOPAL MADHYA PRADESH

SHRI VIJAY YADAV DIG INT. PHQ, BHOPAL MADHYA PRADESH

SHRI A.K. JAIN DIG BHOPAL MADHYA PRADESH

SHRI M.P. DWIVEDI DIG, CID , PHQ BHOPAL MADHYA PRADESH

SHRI A.K. PAURANIK DY. S.P , CID , PHQ BHOPAL MADHYA PRADESH

SHRI J.K. DIXIT RESERVE INSPECTOR, SHAJAPUR MADHYA PRADESH

SMT. MENKA GURUNG COY COMDR , 23 BN . SAF BHOPAL MADHYA PRADESH

SHRI K.C. HIWARKAR SUB INSPECTOR( BAND ) , JNPA SAGAR MADHYA PRADESH

SHRI SITARAM JOSHI PLATOON COMMANDER . , INDORE MADHYA PRADESH

SHRI FARID BAZMI LIBRARIAN/ SUBEDAR( M ) , BHOPAL MADHYA PRADESH

SHRI G.B. YADAV HEAD CONSTABLE , BHIND MADHYA PRADESH

SHRI V.N. PATEL CONSTABLE , SATNA MADHYA PRADESH

SHRI K.R. KOLI CONSTABLE , SHEOPUR MADHYA PRADESH

SHRI R.K. SHIVHARE SP , SBI EO , INDORE MADHYA PRADESH

SHRI MATIN KHAN SR . CONSTABLE , SBIEO , BHOPAL MADHYA PRADESH

SHRI H N NAGRALE SUPDT . OF POLICE (ON COMPULSORY WAITING ) MAHARASHTRA

SHRI C S JANRAO COMMDT. SRPF GR - X SOLAPUR MAHARASHTRA

SHRI VR CHINTALWAR SDPO JALGAON MAHARASHTRA [PART I-SEC 1

313 THE GAZETTE OF INDIA , FEBRUARY 22 , 2003 ( PHALGUNA 3 , 1924 ) .

SHRI M K JADHAV ASI AHMEDNAGAR TR . BRANCH MAHARASHTRA

SMT. H A WARIACH ACP CRIME BRANCH , MUMBAI MAHARASHTRA

SHRI V D SONAR ASI NASIK MAHARASHTRA

SHRIM G NΑΙΚ INSPECTOR SRPF GR.I PUNE MAHARASHTRA

SHRI V C CHOUDHARY ASI PTS AKOLA MAHARASHTRA

SHRI K B BELE INSPECTOR CID CRIME NAGPUR MAHARASHTRA

SHRI KR MOHITE ASI ACB MUMBAI MAHARASHTRA

SHRI Κ Ν ΚARANDE INSPECTOR SOLAPUR ( RURAL) MAHARASHTRA

SHRIR B LEKAVALE HEAD CONSTABLE SRPF , GR.I PUNE MAHARASHTRA

SHRI R.M. THORAT API ACB AURANGABAD MAHARASHTRA

SHRI D D MAHAJAN HEAD CONSTABLE LCB JALGAON MAHARASHTRA

SHRI V S WANDILE API ACB NAGPUR MAHARASHTRA

SHRI S D SATPUTE HEAD CONSTABLE / DRIVER OSMANABAD M.T. SEC. MAHARASHTRA

SHRI V B CHINCHOLE PSI AURANGABAD CITY MAHARASHTRA

SHRI B S TATUGADE HEAD CONSTABLE CR . BRANCH , CID MUMABI MAHARASHTRA

SHRI ABBAS ALI ABDUL KARIM MUJAWAR ASI SOLAPUR CITY MAHARASHTRA

SHRI M D GADE ASI SRPF , GR.I PUNE MAHARASHTRA 314

[ PART I- SEC . 1

THE GAZETTE OF INDIA , FEBRUARY 22 , 2003 ( PHALGUNA 3 , 1924 )

SHRI K G. JAMUNAH HEAD CONSTABLE CRIME BRANCH , AKOLA MAHARASHTRA

SHRI M B JOSHI ARMED HEAD CONSTABLE SRPF , GROUP- IV NAGPUR MAHARASHTRA

SHRI A E. PAWAR POLICE NAIK LCB JALGAON MAHARASHTRA

SHRI D V SALGAONKAR POLICE NAIK RATNAGIRI MAHARASHTRA

SHRI M K SURYAVANSHI CONSTABLE LCB , SANGLI , MAHARASHTRA

SHRI C K NIKAM CONSTABLE ACB JALGAON MAHARASHTRA

SHRI A. KUNDO SINGH DY. COMDT MANIPUR RIFLES, UKHRUL MANIPUR

SHRI TOM BAHADUR THAPA HAVILDAR , 1ST BN . MANIPUR RIFLES , IMPHAL MANIPUR

SHRI H.T. SAPSANGA INSPECTOR LUNGLEI , DSB MIZORAM

SHRI ZOTHLAMUANA INSPECTOR , CHAMPHAI , PS MIZORAM

SHRI NARAYAN THAPA INSPECTOR , AIZAWL MIZORAM

SHRI T. DKHAR , DIGP, SHILLONG MEGHALAYA

SHRI BISHNU RAM RANA , PRINCIPAL, P.T.S. , SHILLONG . MEGHALAYA

SHRI DOMINIC S. SHYLLA , O - I - C , JOWAI PS , MEGHALAYA .

SHRI N. AONOCHET AO IGP KOHIMA NAGALAND

SHRI SUKDHAN GURUNG ABSI , CHUMUKEDIMA NAGALAND

SHRI J.I. YADEN SP, KOHIMA NAGALAND

SHRI B.B. MISHRA DIGP , SUNABEDA ORISSA

SHRI HARIBANDHU DASH DY.S.P. , VIG DTE , CUTTACK ORISSA [ PART I- SEC 1

THE GAZETTE OF INDIA. FEBRUARY 22. 2003 ( PHALGUNA 3. 19241

SHRI D.N. JHA DY.S.P. , VIG , BALASORE ORISSA

SHRI B.C. SAHOO R.I. , JAGATSINGHPUR ORISSA

SHRI KAILASH PRADHAN CONSTABLE , VIG . DTE, CUTTACK ORISSA

SHRI DINKAR GUPTA DIG , PUNJAB CHANDIGARH PUNJAB

SHRI H S RANDHAWA DIG/ INTELLIGENCE CHANDIGARH PUNJAB

SHRI P S SARAO SR . S.P KHANNA PUNJAB

SHRI SHIVDEV SINGH ASSISTANT COMMANDANT JALANDHAR PUNJAB

SHRI AJIT SINGH INSPECTOR WIRELESS WING CHANDIGARH PUNJAB

SHRI GURDEV SINGH INSPECTOR , INTELLIGENCE WING , PUNJAB CHANDIGARH PUNJAB

12--461 G1/ 2002

315 SHRI GURDARSHAN SINGH SUB- INSPECTOR / HEAD CLERK, DRO PATIALA PUNJAB

SHRI CHAMKAUR SINGH SUB- INSPECTOR / ORP LUDHIANA PUNJAB

SHRI SURINDER KUMAR SUB INSPECTOR / ORP LUDHIANA PUNJAB

SHRI PAKHAR RAM ASI DRIVER TO ADGP/ SECURITY , CHANDIGARH PUNJAB

SHRI TL MΕΕΝΑ DY.IGP RAC RANGE - I JAIPUR RAJASTHAN

SHRI D S DINKAR DY.I.G. OF POLICE KOTA RANGE KOTA RAJASTHAN

SHRI ROK DASOT DIG ( BSF) JAISALMER RAJASTHAN

SHRI M L LATHER DIG SECTOR HORS BSF BARMER RAJASTHAN

SHRI RAM PHAL SINGH S.P. CRIME BRANCH , JAIPUR RAJASTHAN 3.16

[PART I - SIC !

THE GAZETTE OF INDIA . FEBRUARY 22. 2003 ( PHALGUNA 3 , 1924 )

SHRI JANARDAN SHARMA ADDL.S.P CID ( SSB ) RAJASTHAN JAIPUR RAJASTHAN

SHRI B S SODHA DY.SP. IBN RAC JODHPUR RAJASTHAN

SHRI VIJAY SINGH RAO DY.SP. CID SSB JAIPUR CITY RAJASTHAN

SHRI HARDAYAL SINGH INSPECTOR ACB JAIPUR RAJASTHAN

SHRI H S NEGI INSPECTOR C.M. SECURITY NEW DELHI RAJASTHAN

SHRI R K BENIWAL INSPECTOR PS DEEDWANA DIST. NAGAUR RAJASTHAN

SHRI PREETAM SINGH PLATOON COMMANDER 6TH BN RAC DHOLPUR RAJASTHAN

SHRI HANUMAN SAHAI SUB - INSPECTOR CID SSB , JAIPUR RAJASTHAN .

SHRI SABIR ALI ASI CRIME BRANCH , DISTT. CHURU RAJASTHAN

SHRI SHREE CHAND JAT HEAD CONSTABLE PS GALTAGATE , JAIPUR RAJASTHAN

SHRI SHAMBU PRADHAN INSPECTOR , GANGTOK SIKKIM

SHRI A.K. SHUKLA DIGP AGARTALA TRIPURA

SHRI C.M. DEBBARMA INSPECTOR , PTC, NARSINGARH TRIPURA

SHRI A.K. DATTA INSPECTOR , PHQ AGARTALA TRIPURA

SHRI G. NANCHIL KUMARAN ADGP , CHENΝΑΙ TAMIL NADU

SHRI G. UMA GANAPATHI SASTRY JT.CP , CHENΝΑΙ TAMIL NADU

SHRI K. RAJASEKARAN ACP , CHENNAΙ TAMIL NADU

SHRI S.D. RAJENDRAN INSPECTOR , MADURAI CITY TAMIL NADU THE GAZETTE OF INDIA . FEBRUARY 22 , 2003 ( PHALGUNA 3. 1924, 317 PART I- SEC 1

SHRI MANOJ KUMAR

IGP

LUCKNOW

SHRI N. KULOTHUNGAPANDIAN INSPECTOR , V &AC , RAMANATHAPURAM TAMIL NADU

UTTAR PRADESH

SHRI RATI RAM

SHRI S.M. MD . IQBAL INSPECTOR CHENNAI TAMIL NADU

IGP

LUCKNOW

UTTAR PRADESH

SHRI K L MΕΕΝΑ

SHRI M.B. NATARAJAN INSPECTOR , PTC CHENNAI TAMIL NADU

DIGP

MIRZAPUR

UTTAR PRADESH

SHRI R. MURALI INSPECTOR , V & AC, CHENNΑΙ

TAMIL NADU

SHRI ANIL K RATURI

DIGP

SHRI K K SAXENA

LUCKNOW

UTTAR PRADESH

DIGP

DEHRADUN

UTTARANCHAL

DIGP

SHRI ARUN KUMAR

LUCKNOW

UTTAR PRADESH

SHRI I.S RAWAT INSPECTOR ( M) P.H.Q DEHARDUN UTTARANCHAL

SHRI P K TIWARI

DIG RANGE

ALLAHABAD

UTTAR PRADESH

SHRI P.S. RAWAT COY . COMDR . , 40TH BN PAC HARDWAR

UTTARANCHAL

SHRI D.D. BAHUKHANDI HEAD CONSTABLE , UDHAMSINGH NAGAR UTTARANCHAL

SHRI MUKUL GOEL SR . SUPDT . OF POLICE MEERUT UTTAR PRADESH

SHRI B K SINGH

SP CB CID

LUCKNOW

UTTAR PRADESH

SHRI J S GHUNGESH ADG ( EOW ) LUCKNOW UTTAR PRADESH

SHRI S.P. SINGH

S.P. CB CID

LUCKNOW

UTTAR PRADESH

318

PART I-- SEC. 1

THE GAZETTE OF INDIA , FEBRUARY 22 , 2003 ( PHALGUNA 3 , 1924 )

SHRI B.P. TRIPATHI SP , PHQ, ALLAHABAD UTTAR PRADESH

SHRI LAL JI SHUKLA ADDL.S.P. ALLAHABAD UTTAR PRADESH

SHRI RAJESH KUMAR SRIVASTAVA ADDL.S.P. UTTARANCHAL UTTAR PRADESH

SHRI HARISH CHANDRA PANDEY DY . SP . LOKAYUKT, LUCKNOW UTTAR PRADESH

SHRI B K JUYAL DY.S.P UTTARANCHAL UTTAR PRADESH

SHRI HARPAL SINGH DY.S.P. PTC SITAPUR UTTAR PRADESH

SHRI I.S.RAWAT DY, SP . SECURITY RAJ BHAWAN , LUCKNOW UTTAR PRADESH

SHRIM L VERMA ASST. COMMDT . 32 BN PAC LUCKNOW UTTAR PRADESH

SHRI AK SINGH DY.SP.GRP VARANASI UTTAR PRADESH

SHRI S N TRIPATHI DY.SP. LIU FAIZABAD UTTAR PRADESH

SHRI S B SINGH DY.SP. GRP KANPUR UTTAR PRADESH

RS SHARMA DY.SP. UP PCL LUCKNOW UTTAR PRADESH

SHRI PADAM SINGH DY.SP. C.M. SECURITY, LUCKNOW UTTAR PRADESH

SHRI R. B. YADAV RI DIST . LALITPUR UTTAR PRADESH

SHRI BRIJ PAL SINGH SOLANKI INSPECTOR VIGILANCE ESTT . LUCKNOW UTTAR PRADESH

SHRIR SL PANDEY HEAD CONSTABLE SHAHJAHANPUR UTTAR PRADESH

SHRI SHIV RATAN SINGH HEAD CONSTABLE DISTT . LALITPUR UTTAR PRADESH 319

THE GAZETTE OF INDIA , FEBRUARY 22 , 2003 ( PHALGUNA 3 , 1924 )

PART I- SEC 1

SHRI Y N YADAV CONSTABLE DISTT. SANT RAVIDAS NAGAR UTTAR PRADESH

SHRI MUSTJIBUL HAQ CONSTABLE INT. DEPTT . LUCKNOW UTTAR PRADESH

SHRI AWDHESH KUMAR CONSTABLE BIJNOR UTTAR PRADESH

SHRI RAM SHANKAR CONSTABLE SHAHJAHANPUR UTTAR PRADESH

SHRI O P SRIVASTAVA SUB - INSPECTOR UP POLICE COMPUTER CENTRE LUCKNOW UTTAR PRADESH

SHRI SK SINGH DIG, I.T.B.P. NEW DELHI UTTAR PRADESH

SHRIR K MISHRA DIG,CBI NEW DELHI UTTAR PRADESH

SHRI MIHIR KUMAR BHATTACHARYA SPL . SP , IB, KOLKATA WEST BENGAL

SHRI MANOJ MALAVIYA SPL. SP , CRIMINAL INVESTIGATION DEPTT, KOLKATA WEST BENGAL.

SMT . SUMAN BALA SAHO0 SPL . SP , ENFORCEMENT BRANCH , KOLKATA .WEST BENGAL

SHRI SIVAJI GHOSH DCP KOLKATA WEST BENGAL

SHRI M.K. SINGH DCP , TRAFFIC DEPTT, KOLKATA WEST BENGAL

SHRI T.K. BANDYOPADHYAY ACP DETECTIVE DEPTT , KOLKATA WEST BENGAL

SHRI MONOJ KANTI DAS INSPECTOR IB , WEST BENGAL WEST BENGAL

SHRI MIHIR BARAN DAS INSPECTOR VIGILANCE COMMISSION WEST BENGAL

SHRI KRISHNA KANTA GANGULY INSPECTOR VIGILANCE COMMISSION WEST BENGAL

SHRI PRABIR KANTI ROΥ SUB - INSPECTOR VIGILANCE COMMISSION WEST BENGAL [PART I- SEC. 1

THE GAZETTE OF INDIA . FEBRUARY 22 , 2003 ( PHALGUNA 3 , 1924 )

SHRI BHOLA NATH GHOSH WIRELESS OPERATOR TELECOM , HQ WEST BENGAL

SHRI ASHIM KUMAR DEY HEAD CONSTABLE , DAP, HQ WEST BENGAL

SHRI BIMAL KUMAR MAJUMDER CONSTABLE , RESERVE OFFICE ALIPORE WEST BENGAL

SHRI HARDEV SINGH INSPECTOR CHANDIGARH

SHRI BALDEV SINGH ASI , CHANDIGARH CHANDIGARH

SHRI N KUMARAN HEAD CONSTABLE KAVARATTI LAKSHADWEEP

SHRI PON BAVANANDHAN HEAD CONSTABLE PTS PONDICHERRY

SHRI KR PATEL ADDL DIG , STC BSF , HAZARIBAGH BORDER SECURITY FORCE

SHRI B S KUSHWAH COMDT, SHQ BSF , TAGOREVILLA KOLKATA BORDER SECURITY FORCE

SHRI C VASUDEVAN COMDT, 59BN , BSF , KHANETAR BORDER SECURITY FORCE

SHRI AJAIB SINGH RAI COMMANDANT, 67 BN , BSF, PANJIPARA BORDER SECURITY FORCE

DR . B B BEHERA CMO( SG) FTR HQ BSF AGARTALA BORDER SECURITY FORCE

DR. N S GANGHRIA CMO 163 BN BSF RAJOURI ( J & K) BORDER SECURITY FORCE

SHRI A S SANDHU 2 IC, 89. BN BSF SRINAGAR BORDER SECURITY FORCE

SHRI SUMER SINGH . DY. COMDT . TC& S BSF HAZARIBAGH BORDER SECURITY FORCE

SHRI SP'S MALIK DY. COMDT , STC , BSF UDHAMPUR BORDER SECURITY FORCE

SHRI S G GOEL DY . COMDT, MT POOL , NEW DELHI BORDER SECURITY FORCE

SHRI V V SINGH DY. COMDT, STS BSF BANGALORE BORDER SECURITY FORCE

SHRI D C LOHANI ASSTT.COMDT . , COMN DTE , FHQ , NEW DELHI BORDER SECURITY FORCE

SHRI IJS DUTTA ASSTT. COMDT. , 7 BN BSF , SRINAGAR BORDER SECURITY FORCE 321 THE GAZETTE OF INDIA, FEBRUARY 22 , 2003 ( PHALGUNA 3 , 1924)

PART I- SEC

SHRI KR YADAV SUB INSPECTOR( CIPHER ) , 65 BN BSF BARMER BORDER SECURITY FORCE

SHRI SURJIT SINGH ASSTT. COMDT. , FHQ, NEW DELHI BORDER SECURITY FORCE

SHRI PRAKASH CHAND SUB INSPECTOR , 153 BN , BSF , SAMBA BORDER SECURITY FORCE

SHRI D S KUSHWAH ASSTT . COMDT . , 35 BN BSF, GANDHINAGAR BORDER SECURITY FORCE

SHRI BALBIR SINGH SUB INSPECTOR, 4 BN , BSF, ARADHPUR , MALDA BORDER SECURITY FORCE

SHRI GS RAWAT ASSTT . COMDT. , 130 BN . SALBAGAN BORDER SECURITY FORCE

SHRI R S RATHORE SUB INSPECTOR, FTR HQ, BSF , JODHPUR BORDER SECURITY FORCE

SHRI K K CHETRI ASSTT. COMDT, 78 BN BSF , MAHESHPUR BORDER SECURITY FORCE

SHRI TILAK RAJ SUB INSPECTOR, BSF ACADEMY, TEKANPUR BORDER SECURITY FORCE

SHRI R R SHARMA SUBEDAR, 93 BN , BSF , ACHHAD ( JAMMU) BORDER SECURITY FORCE

SHRI CHANDAN SINGH HEAD CONSTABLE , STC , BSF , JODHPUR BORDER SECURITY FORCE

SHRI RS BHATTI SUBEDAR, CSWT , INDORE BORDER SECURITY FORCE

SHRI K V NAIR HEAD CONSTABLE, NTCD , BSF , TEKANPUR BORDER SECURITY FORCE

SHRI P K ARJUNA INSPECTOR , 29 BN BSF BAIKUNTHAPUR BORDER SECURITY FORCE

SHRI B R SIYAG HEAD CONSTABLE , STC, BSF , JODHPUR BORDER SECURITY FORCE

SHRI OG NAMBIAR INSP /PA, STC UDHAMPUR BORDER SECURITY FORCE

SHRI K S JOSEPH HEAD CONSTABLE , 106 BN , BSF , NAUGAM ( J &K ) BORDER SECURITY FORCE

SHRI MURAD KHAN SUBEDAR, STC , BSF , TEKANPUR BORDER SECURITY FORCE

HEAD CONSTABLE , CSWT , BSF , INDORE SHRI M M BHATT BORDER SECURITY FORCE

SHRI P B RAI SUBEDAR , 53 BN , BSF , SAMBA BORDER SECURITY FORCE

SHRI SAWAI KHAN BORDER SECURITY FORCE HEAD CONSTABLE , STC BSF , TEKANPUR SHRI D P THAPLIYAL SUB INSPECTOR, 85 BN BSF , MAHARANICHERA BORDER SECURITY FORCE THE GAZETTE OF INDIA , FEBRUARY 22 , 2003 ( PHALGUNA 3. 1924 ; [PART I SEC. SHRI KALIKA SINGH HEAD CONSTABLE , 95 BN BSF , AMARKOT BORDER SECURITY FORCE

SHRI A S VERMA COMMANDANT 001 SIG BN NEW DELHI C.R.P.F.

SHRI DESAI RAM

HEAD CONSTABLE , 173 BN BSF , RAJASTHAN BORDER SECURITY FORCE

SHRI S P SINGH COMMANDANT 11 BN J & K C.R.P.F.

SHRI B P LAMBA HEAD CONSTABLE BSF ACADEMY TEKANPUR BORDER SECURITY FORCE

SHRI AS KHAN COMMANDANT 066 BN J& K C.R.P.F.

SHRI VENU GOPALAN NAIR T.G. HEAD CONSTABLE , 2 BN , BSF , MASIMPUR BORDER SECURITY FORCE

SHRI KS CHETTRI CONSTABLE , 78 BN BSF , MAHESHPUR BORDER SECURITY FORCE

SHRIR L MEΕΕΝΑ COMMANDANT 027 BN ASSAM C.R.P.F.

SHRI JP BALMIKI SWEEPER, 2 BN BSF MASIMPUR BORDER SECURITY FORCE

SHRI G P SINGH COMMANDANT 72BN . TRIPURA C.R.P.F.

SHRI PIN SHARMA ADDL.DIGP GC NAGPUR C.R.P.F.

SHRI C S RATHORE COMMANDANT 75 BN . JAMMU C.R.P.F.

SHRI RAMESH GURBANI COMMANDANT 002 SIG BN HYDERABAD C.R.P.F.

DR . A K DAS CMO( NFSG) GC BHOPAL C.R.P.F.

SHRI B R SINGH COMMANDANT 103 RAF NEW DELHI C.R.P.F.

SHRI A S RAWAT 2I/ C 103 RAF NEW DELHI

C.R.P.F.

SHRI JOGINDER SINGH COMMANDANT 127 BN SRINAGAR C.R.P.F.

SHRI M S NAIR DY.COMDT. 078 BN CHEΝΝΑΙ C.R.P.F.

PART 1-- SEC I

323

THE GAZETTE OF INDIA , FEBRUARY 22 , 2003 ( PHALGUNA 3 , 1924 )

SHRI HOSHIAR SINGH ASSTT. COMDT 072 BN . TRIPURA

C.R.P.F.

SHRI D P SINGH ASST . COMDT . 063 BN AMBALA C.R.P.F.

SHRIMS CHOUHAN INSPECTOR

134 BN . IMPHAL C.R.P.F.

SHRI R S RAWAT INSPECTOR 035 BN JODHPUR

C.R.P.F.

SHRI ISHWAR SINGH INSPECTOR AWS- VII IMPHAL

C.R.P.F.

SHRI A K BALAN INSPECTOR AWS - I HYDERABAD C.R.P.F.

SHRI V K RAMACHANDRA KURUP INSPECTOR ( MT) GC PALIPURAM

C.R.P.F.

SHRI KAMALA SINGH SUB INSPECTOR 123 BN NAGALAND

C.R.P.F.

13--461 G1 /2002

SHRI MR BHASKARAN . SUB INSPECTOR 110 BN ΜΑΝΙPUR C.R.P.F.

SHRI S B YADAV SUB INSPECTOR

GC1 , AJMER

C.R.P.F.

SHRI MARCEL LAKRA HEAD CONSTABLE 50 BN ASSAM

C.R.P.F.

SHRI PASSANG SHERPA HEAD CONSTABLE 14 BN JAIPUR C.R.P.F.

SHRI S S SAWANT HEAD CONSTABLE( DRIVER ) 27 BN ASSAM

C.R.P.F.

SHRI NAIN SINGH HEAD CONSTABLE 048 BN JAMMU & KASHMIR

C.R.P.F.

SHRI PREM DASS HEAD CONSTABLE ( BAND ) GC NEEMUCH

C.R.P.F.

SHRI G.S SHUKLA HEAD CONSTABLE RTC- III PALLIPURAM

C.R.P.F.

SHRI S C LODH COOK 70 BN . J &K

C.R.P.F.

324

[PART I-SEC . 1

THE GAZETTE OF INDIA , FEBRUARY 22 , 2003 ( PHALGUNA 3 , 1924)

SHRI UTTAM CHAND SM (OS) GC JALANDHAR C.R.P.F.

SHRI K D PANT SM(OS) GC GURGAON C.R.P.F.

SHRI M L SHARMA SM ( OS) GC 2 AJMER C.R.P.F.

SHRIM NJ NAIR SM (OS) GC NEW DELHI C.R.P.F.

SHRI HIRA SINGH COMDT- 13 BN Ι.Τ.Β.Ρ.

DR . T. RAVI PRASAD CMO ( SG ) NEW DELHI Ι.Τ.Β.Ρ

SHRI J.P. PANT DC (TELECOM) TELECOM BN Ι.Τ.Β.Ρ.

SHRI D.P. MANORI INSPECTOR , 2 BN

Ι.Τ.Β.Ρ.

SHRI P.L. SHAH HEAD CONSTABLE, SS BN Ι.Τ.Β.Ρ.

SHRI NETTAR SINGH HEAD CONSTABLE SPT BN KARERA Ι.Τ.Β.Ρ.

SHRI SURAT SINGH HEAD CONSTABLE , 24 BN Ι.Τ.Β.Ρ.

SHRI RP THAKUR DIG EZ PATNA BIHAR C.I.S.F.

SHRI SURENDRA PANWAR DIG CISF HQRS NEW DELHI C.I.S.F.

SHRI S M SAHAI DIG CISF HQRS NEW DELHI C.I.S.F.

SHRI PRK NAIDU DIG DOS HQRS , BANGALORE C.I.S.F.

SHRI V P PRABHU COMMANDANT FBP FARAKKA WEST BENGAL C.I.S.F.

SHRI M. SREENIVASAN DY . COMMANDANT NLC NEYVELI TAMIL NADU C.I.S.F.

SHRI KR VISWANATHAN DEPUTY COMMANDANT NISA HYDERABAD C.I.S.F.

325

THE GAZETTE OF INDIA , FEBRUARY 22 , 2003 ( PHALGUNA 3 , 1924 )

[PART I-SEC 1

SHRI S K SINGH ASSISTANT COMMANDANT BSL BOKARO C.I.S.F.

SHRI YOGINDER SINGH ASSISTANT COMMANDANT ITI PALAKKAD KERALA C.I.S.F.

SHRI A K ARORA INSPECTOR/ STENO GP HQRS MUMBAI C.I.S.F.

SHRI MANWAR SINGH ASI/ EXE BHEL HARDWAR ( UTTARANCHAL) C.I.S.F.

SHRI N.E. RAVINDRAN NAIR . HEAD CONSTABLE VSTPS VINDHYANAGAR C.I.S.F.

SHRI Α Κ ΜAITY HEAD CONSTABLE RSP ROURKELA ( ORISSA) C.I.S.F.

SHRI A K PALIT HEAD CONSTABLE ES HQ PATNA C.I.S.F.

SHRI K S GANAPATHY BHAT HEAD CONSTABLE/GD RTC ARAKKONAM C.I.S.F.

SHRI M.K SAHOO HEAD CONSTABLE ISRO BANGALORE C.I.S.F.

SHRI MANORANJAN DAS HEAD CONSTABLE OPS NOONMΜΑΤΙ C.I.S.F.

SHRI D. EDWIN HEAD CONSTABLE DSP DURGAPUR

C.I.S.F.

SHRI PADIA RAM SUBEDAR MAJOR, KANCHANPUR , TRIPURA ASSAM RIFLES

SHRI N.S. SARAVADE DIG BS & FC MUMBAI C.B.I.

SHRI P. NIRAJNAYAN DIG , LUCKNOW С.В.I.

SHRI K.S. JOSHI ADDL . SP , SCB NEW DELHI

C.B.I.

SHRI A.K. SINGH DY.S.P. EOW - II - DELHI C.B.I.

SHRI RANGARAJAN RAJU DY.SP. MDMA/ CHENΝΑΙ С.В.I.

SHRI D.C. DWIVEDI DY. SP ACB LUCKNOW. С.В.I.

326

[PART I-SEC . 1

THE GAZETTE OF INDIA , FEBRUARY 22 , 2003 ( PHALGUNA 3 , 1924 )

SHRI JOGENDRA NAYAK DY. SP , SIC - IV DELHI C.B.I.

SHRI RAM SINGH INSPECTOR SCB DELHI C.B.I.

SHRI KISHAN LAL INSPECTOR , MDMA DELHI C.B.I.

SHRI D.S. RAWAT INSPECTOR ACB , JAIPUR C.B.I.

SHRI DILIP SINGH INSPECTOR, ACU - I , DELHI C.B.I.

SHRI D.S. DAGAR INSPECTOR ACU - II DELHI C.B.I.

SHRI P.C. YADAV SUB INSPECTOR , ACU - III NEW DELHI C.B.I.

SHRI MANSA RAM DOGRA ASI CO -OR DELHI C.B.I.

SHRI A.K. MISHRA ASI , EOW KOLKATA C.B.I.

SHRI JAGDISH PRASAD HEAD CONSTABLE HEAD OFFICE , NEW DELHI C.B.I.

SHRI K.S. RAWAT HEAD CONSTABLE , ACU - II DELHI C.B.I.

SMT. NEELMANI N RAJU DY. DIR. SIB , BANGALORE INTELLIGENCE BUREAU

SHRI ARVIND KUMAR DY.DIR. SIB DELHI INTELLIGENCE BUREAU

SHRI S.K. BANSAL DY. DIR. JAMMU INTELLIGENCE BUREAU

SHRI V.K. SINGH DY. DIR. , SIB, SHIMLA INTELLIGENCE BUREAU

SHRI P.K. BHARDWAJ DY. DIR. IB HQ , NEW DELHI INTELLIGENCE BUREAU

SHRI A.K. MISHRA DY. DIR, SIB , RAIPUR INTELLIGENCE BUREAU

SHRI P.K. BHATTACHARJEE ASSTT. DIR . , IB HQ, NEW DELHI INTELLIGENCE BUREAU

SHRI KULDEEP SINGH ASSTT. DIR . , SIB , SRINAGAR, INTELLIGENCE BUREAU 327 THE GAZETTE OF INDIA , FEBRUARY 22, 2003 ( PHALGUNA 3 , 1924 )

[ PART I- SEC 1

SHRI B.V. SINGH DCIO, SIB BHOPAL INTELLIGENCE BUREAU

SHRI K.T. BANKAPUR ACIO - I /G , SIB BANGALORE INTELLIGENCE BUREAU

SHRI K.P. SINGH DCIO , SIB , MUMBAI , INTELLIGENCE BUREAU

SHRI MAAN CHAND ACIO - II/ G , SIB , SRINAGAR INTELLIGENCE BUREAU

SHRI G.P. SREEDHARAN. NAIR DCIO , SIB , PUNE , INTELLIGENCE BUREAU

SHRI D.R. CHOUDHURY ACIO - II /G , SIB KOLKATA INTELLIGENCE BUREAU

SHRI MURARI LAL DCIO , IB HQ , NEW DELHI INTELLIGENCE BUREAU

SHRI A.R. THAKUR DIG , SALONIBARI M.H.A (S.S.B)

SHRI P.V. BABU DCIO , SIB , NAGPUR INTELLIGENCE BUREAU

SHRI BR BHARDWAJ COMMANDANT, GC DELHI M.H.A (S.S.B)

SHRI U.N. VERMA ACIO - I /WT , SIB , PATNA INTELLIGENCE BUREAU

DR. H. K. MOHANTY CMO(SG) , NEW DELHI M.H.A (S.S.B)

SHRI V.K. SRIVASTAVA ACIO - I/G , SIB LUCKNOW INTELLIGENCE BUREAU

SHRI D.C.DEY SARKAR NAIK, 22ND BN , RANIDANGA M.H.A (S.S.B)

SHRI NARAIN SINGH ACIO - I /G , SIB , CHANDIGARH INTELLIGENCE BUREAU

SHRI A C KATOCH SUB- INSPECTOR GC, SAPRI MHA ( S.S.B )

SHRI G. RAJKUMAR ACIO- I/G , SIB , CHENNAI INTELLIGENCE BUREAU

SHRI K. PRABHAKARAN AIG , NEW DELHI CAB. SECTT . (SPG)

SHRI R.K. LAKHANPAL SSO, NEW DELHI CAB . SECTT. (SPG)

SHRI SHAM SINGH ACIO- I/ G , SIB , SRINAGAR INTELLIGENCE BUREAU 328

[PART I- SEC . 1

THE GAZETTE OF INDIA , FEBRUARY 22 , 2003 ( PHALGUNA 3 , 1924 )

SHRI R.K. YADAV SO- I , NEW DELHI CAB . SECTT. ( SPG)

SHRI R.K. KALRA SO- I(COMN) CAB . SECTT. ( SPG )

SHRI S.M.GOSWAMI SO- I(T) NEW DELHI CAB . SECTT . ( SPG)

SHRI H.C. PANT SSA( MT) , NEW DELHI CAB . SECTT. ( SPG)

SHRI M.K. TIWARI DY. DIRECTOR BPR& D , NEW DELHI M.H.A (BPR&D)

SHRI SURINDER PAL DY.SP. CDTS CHANDIGARH M.H.A (BPR&D)

SHRI AJOY KUMAR MITRA EXTRA ASSTT DIRECTOR NEW DELHI MHA (DCPW)

SHRI K.C. HARNAL , SR . TECH . , ASSTT. , NEW DELHI MHA ( DCPW )

SHRI G P SRIVASTAVA DY.SUPDT. (FP) NCRB NEW DELHI M.H.A. (NCRB)

SHRI R. K. SOOD TEAM COMDR , HQ NSG , NEW DELHI M.H.A. ( NSG)

SHRI A.K. VIJAYA RAGHAVAN ASSTT. COMDR. - I ( PA) HQ NSG NEW DELHI M.H.A. (NSG)

SHRI GAJRAJ SINGH RANGER- I HQ NSG , NEW DELHI M.H.A. (NSG)

SHRI LAXMAN SINGH ASC MUMBAI CENTRAL MINISTRY OF RAILWAYS

SHRI BABU LAL MEENA ASSTT. COMDT. ,6 BN RPSF, DELHI MINISTRY OF RAILWAYS

SHRI H. B CHAKRABORTY INSPECTOR , KOLKATA MINISTRY OF RAILWAYS

SHRI P.K MAN SINGH INSPECTOR , BERHAMPUR MINISTRY OF RAILWAYS

SHRI MANI MADHAW TRIPATHI INSPECTOR , ANDAL MINISTRY OF RAILWAYS

SHRI S. PARAMASIVAM INSPECTOR , TAMBARAM MINISTRY OF RAILWAYS

SHRI DEEWAN SINGH INSPECTOR, JAIPUR MINISTRY OF RAILWAYS 32y THE GAZETTE OF INDIA , FEBRUARY 22 , 2003 ( PHALGUNA 3 , 1924)

[PART I- SEC 1

SHRI ASARAM SHIVRAM PAITHANKAR HEAD CONSTABLE , MANMAD STN. MINISTRY OF RAILWAYS

SHRI AMAL KUMAR ROY ASI ,. LUMBDING MINISTRY OF RAILWAYS

SHRI MOHAN LAL SHARMA HEAD CONSTABLE RATLAM MINISTRY OF RAILWAYS

SHRI BALKURAM RAJPUT ASI MUMBAI CENTRAL MINISTRY OF RAILWAYS

SHRI PRAMOD ASTHANA DIR. (SECURITY) RAJYA SABHA SECRETARIAT NEW DELHI RAJYA SABHA SECRETARIAT

SHRI A , BHASKARAN ASI SECUNDERABAD MINISTRY OF RAILWAYS

2. Theseawards are made under Rule 4 (ii ) of the rules governing the grant of Police Medal for Meritorious Service .

Ban

(BarunMitra) Director No.3-Pres./2003 The President is pleased , on the occasion of the Republic Day 2003 , to award the President's Fire Service Medal for Distinguished Service to the undermentioned officers: -

SHRI A.K. CHATURVEDI CHIEF FIRE OFFICER UTTAR PRADESH

SHRI S. PRASAD DIVISIONAL FIRE OFFICER JHARKHAND

SHRI T. MOOLYA ASSISTANT FIRE STATION OFFICER KARNATAKA

SHRI S.L. NAGARKAR AIG (FIRE) C.I.S.F. MINISTRY OF HOME AFFAIRS

SHRI L.N. RAUT CHIEF FIRE OFFICER MAHARASHTRA

SHRI N.P. SINGH DY. COMMANDANT ( FIRE) C.I.S.F. MINISTRY OF HOME AFFAIRS

SHRI R. VAIDYANATHAN STATION OFFICER TAMIL NADU

SHRI S. SARKAR ASI ( FIRE) C.I.S.F. MINISTRY OF HOME AFFAIRS

2. These awards are made under Rule 3 ( ii ) of the rules governing the grant of Fire Service Medals .

Bam th

(BarunMitra) DIRECTOR 330

[PART I-SEC. 1

THE GAZETTE OF INDIA , FEBRUARY 22 , 2003 ( PHALGUNA 3 , 1924)

No.4-Pres./2003 The President is pleased , on the occasion of the Republic Day 2003 , to award the Fire Service Medal for Meritorious Service to the undermentioned officers: - SHRI D. DEVUDU STATION FIRE OFFICER ANDHRA PRADESH

SHRI S. KASI RAO LEADING FIREMAN ANDHRA PRADESH

SHRI M. ALI , LEADING FIREMAN ANDHRA PRADESH

SHRI S. HUSSAIN FIREMAN ASSAM

SHRI A.K. SHARMA DY. CHIEF FIRE OFFICER N.C.T. OF DELHI

SHRI G.C. MISRA DY . CHIEF FIRE OFFICER N.C.T. OF DELHI

SHRI SANTOKH SINGH DIVISIONAL OFFICER N.C.T. OF DELHI

SHRI R.N. CHECHI STATION OFFICER N.C.T. OF DELHI

SHRI R.K. DAHIYA STATION OFFICER N.C.T. OF DELHI

SHRI D.R. PANDEY JAMADAR GUJARAT

SHRI S.D. SHAIKH JAMADAR GUJARAT

SHRI P.S. PARMAR JAMADAR GUJARAT

SHRI N.M. PARMAR JAMADAR GUJARAT

SHRI K.N. NATHBAVA JAMADAR GUJARAT

SHRI Y.I. SHAIKH JAMADAR GUJARAT

SHRI K.B. RAWAT JAMADAR GUJARAT

SHRI R. KUMAR. FIRE STATION OFFICER JHARKHAND

SHRI K.U. RAMESH REGIONAL FIRE OFFICER KARNATAKA

SHRI M. RANGAPPA DISTT. FIRE OFFICER KARNATAKA

SHRI A.V. RAMAKRISHNA RAJU FIRE STATION OFFICER KARNATAKA

SHRI K.H. LINGAIAH FIRE STATION OFFICER KARNATAKA

SHRI S. MURTHY ASSTT. FIRE STATION OFFICER KARNATAKA

SHRI I.S. JEERGAL ASSTT. FIRE STATION OFFICER KARNATAKA

SHRI ABDUL ROUF LEADING FIREMAN 401 KARNATAKA THE GAZETTE OF INDIA , FEBRUARY 22 , 2003 ( PHALGUNA 3. 1924 ; 331 [PART I-SEC 1

SHRI L. VASU STATION OFFICER KERALA

SHRI V. SOMAN FIREMAN NO.2447 KERALA

SHRI B.N. SHAIKH STATION DUTY OFFICER MAHARASHTRA

SHRI K. LYNGDOH LEADING FIREMAN MEGHALAYA

SHRI P.K. RAO DEPUTY DIRECTOR (TECH) UTTAR PRADESH

SHRI R.K. SINGH CHIEF FIRE OFFICER, UTTAR PRADESH

SHRI U.R. YADAV FIRE SERVICE DRIVER UTTAR PRADESH

SHRI MADAN LAL

FIREMAN

UTTARANCHAL

SHRI P.G. MOMIN LEADING FIREMAN MEGHALAYA

SHRI S. PADHI ASSTT. STATION OFFICER ORISSA

SHRI B.B. NAYAK DRIVER HAVILDAR ORISSA

SHRI M.K. MOHAPATRA FIREMAN 587 ORISSA SHRI S. VEDHACHALAM LEADING FIREMAN PONDICHERRY

SHRI W.K. ARIYANAYAGAM DIVISIONAL OFFICER TAMIL NADU

SHRI M. SRINIVASAN STATION OFFICER TAMIL NADU

SHRI K. SELVARAJ L.F. 2773 TAMIL NADU

SHRI S .. UBAGARASAMY D.M. 2412 TAMIL NADU

SHRI M. GANAPATHY FIREMAN 2778 TAMIL NADU

SHRI A. BANERJEE STATION OFFICER WEST BENGAL

SHRI E.A. SHEIK STATION OFFICER WEST BENGAL

SHRI R. SENGUPTA MOBILISING OFFICER WEST BENGAL

SHRI Κ.Α. ΝAIR HEAD CONSTABLE ( FIRE) C.I.S.F. MINISTRY OF HOME AFFAIRS

SHRI B.K. YADAV HEAD CONSTABLE ( FIRE) C.I.S.F. MINISTRY OF HOME AFFAIRS

SHRI SANJIB ROY HEAD CONSTABLE ( FIRE). C.I.S.F. MINISTRY OF HOME AFFAIRS

SHRI S.R. SAINI HEAD CONSTABLE (FIRE) C.I.S.F. MINISTRY OF HOME AFFAIRS

SHRI I.G. DUDHANI ASSTT. MANAGER ( FIRE & SAFETY) MINISTRY OF CHEMICALS & FERTILIZERS

2. These awards are made under Rule 3( ii) of the rules governing the grant of Fire Service Medals .

14-461 GI /2002

Bamn

(BarunMitra) DIRECTOR 332

THE GAZETTE OF INDIA. FEBRUARY 22 , 2003 ( PHALGUNA 3, 1924 ) [PART I- SEC . 1

No.5-Pres./2003 The President is pleased, on the occasion of the Republic Day 2003, to award the President's Home Guards and Civil Defence Medalfor Distinguished Service to the undermentioned officers: -

SHRI JASBIR SINGH ADDL . CHIEF WARDEN ( SOUTH) N.C.T.OF DELHI

SHRI LAXMAN SINGH INSTRUCTOR CIVIL DEFENCE N.C.T. OF DELHI

SHRI G.P. SINGH GREWAL DISTRICT COMMANDANT HARYANA

SHRI NANDA COMMANDANT KARNATAKA

SHRI B. ALLABAKSH INSTRUCTOR KARNATAKA

SHRI K.M. DUBEY COMMANDANT MADHYA PRADESH

SHRI M.M. VERMA DISTRICT COMMANDANT MADHYA PRADESH

SHRI A. SINGH DISTRICT COMMANDANT MADHYA PRADESH

SHRI A.A. PATIL DISTRICT COMMANDANT MAHARASHTRA

SHRI NARAYAN SINGH DY . COMMANDNAT GENERAL RAJASTHAN

SHRI M.C. SHARMA SUB- FIRE OFFICER RAJASTHAN

SHRI B.C. JAIN DIV . WARDEN RAJASTHAN

SHRI A. SIVAKUMAR ASSTT. COMMANDANT GENERAL TAMIL NADU

SHRI R.B. SINGH DY. COMMANDANT GENERAL UTTAR PRADESH

SHRI K. SAIFI COY . COMMANDER UTTAR PRADESH

2 . These awards are made under Rule 3 (ii ) of the rules governing the grant of Home Guards and Civil Defence Medal .

Bammthitu .

(BarunMitra) DIRECTOR [PART I-SEC 1

333

THE GAZETTE OF INDIA , FEBRUARY 22, 2003 ( PHALGUNA 3 , 1924 )

No.6-Pres./2003 The President is pleased , on the occasion of the Republic Day 2003 , to award the Home Guards and Civil Defence Medal for Meritorious Service to the undermentioned officers: -

SHRI PULIN CHANDRA DAS DIV . COMMANDANT ASSAM

SHRI PHANIDHAR SAIKIA SUBEDAR ASSAM

SHRI NRIPEN TALUKDAR ASSTT . DY. CONTROLLER ASSAM

SHRI R.C. CHHAZLAAN DIV . WARDEN N.C.T. OF DELHI

4 SHRI B.R. MALHOTRA DIV . WARDEN N.C.T. OF DELHI

DR . R.C. SHAH DIV . COMMANDER GUJARAT

SHRI M.C. DATANIA SR . DIV . COMMANDER GUJARAT

SHRI C.S. RAJPUT SECOND - IN - COMMAND GUJARAT

SHRI P.S. BHATIA SR . PLATOON COMMANDER GUJARAT

SHRI S.V. BUCH OFFICER COMMANDING GUJARAT

SHRI SURESH NAGPAL COY. COMMANDER HARYANA

SHRI RANJEET SINGH PLATOON COMMANDER HARYANA

SHRI B.S. CHAUHAN COY . COMMANDER HIMACHAL PRADESH

MS . SUMAN KAUL COY. COMMANDER HIMACHAL PRADESH

SHRI BHIMI RAM PLATOON COMMANDER HIMACHAL PRADESH

SHRI S.K. MOHI DY. COMMANDANT KARNATAKA

SHRI B. RAJANNA STAFF OFFICER ( ACCTTS .) KARNATAKA

SHRI M.R. JUNAIDI COY. COMMANDER KARNATAKA

SHRI S.N. SHIVAREDDY COY. COMMANDER KARNATAKA

SHRI G.H.S. REDDY SR . PLATOON COMMANDER KARNATAKA

SHRI B.T. GHODKE PLATOON COMMANDER KARNATAKA

SHRI M. SRINIVASAN COY. QTR . MASTER SERGEANT KARNATAKA

SHRI K.L. SHARMA COY. COMMANDER MADHYA PRADESH

SHRI S.K. SEHGAL PLATOON COMMANDER MADHYA PRADESH 334

[PART I-SEC . 1

THE GAZETTE OF INDIA. FEBRUARY 22 , 2003 ( PHALGUNA 3 , 1924)

SHRI P.R. BANJARA PLATOON COMMANDER MADHYA PRADESH

SHRI T. KHAN HAVILDAR MADHYA PRADESH

SMT. SUNITA JARGAR NAIK MADHYA PRADESH

SHRI R.C. PARANJPE JUNIOR STAFF OFFICER MAHARASTHRA

MS . N.B. PATKAR COY . COMMANDER MAHARASHTRA

SHRI M.G. KASALKAR HG VOLUNTEER MAHARASHTRA

SHIRI S.K. PANCHAL QTR . MASTER. SUBEDAR MAHARASHTRA

SHRI S.S. MUNGALKAR- SENIOR INSTRUCTOR ( FF) MAHARASHTRA

SHRI S.B. NIRBHAVANE DIV . WARDEN MAHARASHTRA

MS . M.G. CHAVAN CD VOLUNTEER MAHARASTHRA

SHRI B.B. BHUJABAL PLATOON COMMANDER ORISSA

SHRI J.N. PADHEE CD VOLUNTEER ORISSA

SHRI A.Κ. ΝΑΙΚ CD VOLUNTEER ORISSA

SHRI B.S. RATHORE PLATOON COMMANDER RAJASTHAN

SHRI K. UDAYAKUMAR DY. AREA COMMANDER TAMIL NADU

SHRI M. MURUGAN PLATOON COMMANDER TAMIL NADU

SHRI K. CHELLAIH PLATOON COMMANDER TAMIL NADU

SHRI D.P.S. GAUTAM ASSTT . DY. CONTROLLER UTTAR PRADESH .

SHRI S.K. AGARWAL CHIEF WARDEN UTTAR PRADESH

SHRI D. PRASAD DY. DIV . WARDEN UTTAR PRADESH

SHRI K.K. DUBEY DY . DIV. WARDEN UTTAR PRADESH

SHRI R.N. MISRA DIV. WARDEN UTTAR PRADESH

SHRI A.K. DATTA STAFF OFFICER INSTRUCTOR WEST BENGAL

MS . RATNA GANGULY STAFF OFFICER INSTRUCTOR WEST BENGAL

SHRI A.K. VERMA CHIEF CD INSTRUCTOR MINISTRY OF RAILWAYS

SHRI S. GHOSH JE -1( DRG) & CHIEF C.D. INSP. MINISTRY OF RAILWAYS

2. These awards are made under Rule 3 ( ii ) of the rules governing the grant of Home Guards and Civil Defence Medal .

Ba

(BarunMitra)

DIRECTOR [PART 1 -SEC I

335

THE GAZETTE OF INDIA, FEBRUARY 22 , 2003 ( PHALGUNA 3 , 1924 )

No.7-Pres./2003 The President is pleased , on the occasion of the Republic Day 2003, to award the Correctional Service Medal for Meritorious Service to the following prison personnel : -

Shri .Manohar Kisanji Meshram, Amravati Prison , Superintendent, Maharashtra .

Shri Vijay Digambar Bendre , Superintendent, YeravdaOpen Prison , Maharashtra.

Shri Shankar Madhav More , JailorGrade- II , Mumbai Ceritral Prison , Maharashtra .

Shri Gulabrao Suresh Wankhede, Havildar, Mumbai Central Prison , Maharashtra .

Shri Uttam Rambhau Fadtare , Sepoy, VisapurDistrict Prison, Maharashtra .

Shri N. Anbalagarı , Deputy Jailor( T) , Central Prison , Trichy, Tamil Nadu .

Shri P. Mariappan , Chief Head Warder, Central Prison , Trichy, Tamil Nadu .

Shri S. G. Basha , Grade- I Warder, Central Prison , Chennai , Tamil Nadu .

Shri C. Sarithariam , Grade- I Warder , Central Prison , Trichy , TamilNadu .

Shri K. Ramasamy, Grade- II Warder , Sub-Jail , Erode , Tamil Nadu .

Shri K. Murugan , Grade- II Warder, Sub- Jail , Thiruvannamalai , Tamil Nadu .

Shri A.V. Masilamani , Grade-II Warder, Central Prison , Vellore , Tamil Nadu.

Shri T. Valsakumaran , Grade- II Warder , Sub-Jail , Thuckalay , Tamil Nadu .

Tmt. A. Durgabai , Grade- I Warder ( Female) . Special Prison for Women , Vellore , Tamil Nadu .

Smt. P. Nehrubai , Grade- II Warder ( Female) , Special Prison for Women , Vellore , Tamil Nadu .

Shri Simanchal Nayak, Head Warder , CircleJail , Berhampur , Orissa.

Shri Suriil Kumar Gupta , Law Officer , Prisons Headquarter Tihar, New Delhi .

Shri Surinder Kumar Matta , Deputy Superintendent-II , PrisonsHeadquarter , Tihar , New Delhi .

Shri Udai Raj AssistantSuperintendent , Centrail Jail No. 4, Tihar , New Delhi .

Shri Atma Ram Thakur , Assistant Factory Supervisor , Central Jail No. 2 , Tihar , New Delhi .

Shri Jai Bhagwan, HeadWarder , Roll No. 157 , Central Jail Tihar , New Delhi .

Shri Inderjeet Singh , Warder, Roll No.357 , Ceritral Jail No. 4, Tihar , New Delhi .

2. These awards are made under Rule 4( iii) of the Rules governing the grantof Correctional Service Medal for Meritorious Service .

Bamn

(BarunMitra) DIRECTOR 336

THE GAZETTE OF INDIA , FEBRUARY 22 , 2003 ( PHALGUNA 3, 1924 ) [PART I- SEC . I No.8-Pres./2003 The President is pleased , on the occasion of the Republic Day 2003 , to award the President's Tatrakshak Medal for Distinguished Service to Inspector General P. Paleri ( 0035 - D) .

2. This award is made under Rule 4( iv) of the Rules governing the grant of the President's Tatrakshak Medal .

Bamın1

(Barun Mitra) DIRECTOR

No.9-Pres./2003 The President is pleased , on the occasion of the Republic Day 2003 , to award the Tatrakshak Medal for Meritorious Service to the undermentioned officers: -

DIG K. BALSUBRAMANIAN ( 0006 - M)

COMMANDANT K.S. SHEORAN ( 0089 - C)

COMMANDANT G. SINGH ( 0083 - M)

2. These awards are made under Rule 11 ( ii) of the Rules governing the grant of Tatrakshak Medal .

B 、

(Barun Mitra) DIRECTOR No.10-Pres./2003 The President is pleased , on the occasion of the Republic Day 2003 , to award the Tatrakshak Medal for Gallantry to the undermentioned officers : -

COMMANDANT V.S.R. MURTHY ( 0092 -J )

PRADHAN YANTRIK P.P. BIJU ( 07552- R)

UTTAM NAVIK MANU MINZ ( 03076 - S )

2. These awards are made under Rule 11 ( i) of the Rules governing the award of Tatrakshak Medal and consequently carry with them the special allowance admissible under Rule 13(a) with effect from 05 July 2002. Citations in respect of the above officers are enclosed .

(Barun Mitra) DIRECTOR 337 THE GAZETTE OF INDIA , FEBRUARY 22, 2003 ( PHALGUNA 3 , 1924)

[ PART I-SEC 1

CITATION

1. Commandant VSR Murthy ( 0092 - J ), a Gold Medallist in M.SC, (Marine Sciences) joined Coast Guard on 18 Jan 1984. The officer had excelled during the training phase by standing Ist in overall merit and also performed extremely well in both afloat.and ashore appointments during his illustrious career spanning over 18 years .

2. Commandant Murthy took over command of Coast Guard Ship Vijaya on 16 Apr 2002. The officer faced the challenge of running the second oldest ship. The professionalism , dynamism in leadership and above all his ability to motivate his men transformed the ship into a well - knit professional unit at sea, which received appreciation of the Flag Officer Sea Training during the ship's Work-up .

3. 'Operation Al - Murtada' was a singular achievement in the annals not only in the history of Coast Guard Ship Vijaya but also in the Coast Guard . This operational evolution brought to surface Commandant Murthy's highest standard of military leadership and professionalism at sea. Vijaya was deployed on 05 Jul 2002 to intercept the drifting vessel ' MV Al - Murtada' off Devgarh towards shore.

4. The ship sailed at 1000 hrs on 05 Jul at maximum speed and picked the vessel on her radar at a range of 12.6 NM at 2224 hrs . The vessel was just about 5 Nautical Milesfrom Devgardh Light and likely to run aground in next 1-1/2 to 2 hrs . The ship has time just enough to reach the point of interception.

5. A ' Special Boarding Party' chosen for the task was kept stand -by for boarding the vessel and drop her anchor . The action plan was drawn up giving due consideration to the prevailing situation and the Boarding Party was thoroughly briefed and motivated by the officer to meet the challenges.

6. The ship arrived in close vicinity of the vessel at 2315 hrs . The officer was well aware of the tensions mounting/ gripping the shipping traffic in the Arabian Sea posts United States attacks on the Taliban fundamentalists . The unlit and non- responding vessel posed dangerous risk factors such as presence of militants/ pre- activated detonators onboard the vessel and also retaliation on the Boarding Party. Adding to this, it was pitch - dark night and the sea was furious in monsoon weather with Sea state 4-5/ long swell and winds gusting up to 25 kts . Decision to send Boarding Party under such circumstances demands a very high degree of dexterity in analysing the situation and boldness to march ahead one's forces . Having thoroughly weighed the situation at hand, a courageous decision with perfect conviction was taken by the officer to pursue with the mission , keeping with the highest traditions of an Armed Force . The officer ensured the safety of the Boarding Party with bulletproof jackets, additional out board motor and external fire cover by the ship . After tedious boarding operation of the heavily tossing vessel , the Boarding Party finally succeeded in dropping her port anchor at 0012hrs on 06 Jul 02. Thus , a situation , which could have turned into a grave marine disaster, was saved by the timely bold decisions of the officer .

7. TheOfficer's professional acumen had resulted in seizure of the suspicious vessel with two AK-47 riffles , 74 lives rounds and also prevented environmental 338

THE GAZETTE OF INDIA, FEBRUARY 22, 2003 (PHALGUNA 3 , 1924 ) [ PART I-SEC. 1 damage/navigational hazard . This is the first ever arms seizure in the Arabian Sea after the offensive action by United States against Talibans .

8. The uncertainty of the scenario and adverse weather conditions tested the Officer's caliber as the Commanding Officer to the hilt. In the entire operation of MV AI- Murtada , Commandant VSR Murthy has displayed incredible courage , outstanding leadership qualities , professional competence of high order and consummate devotion to duty Inspirable to his fellow officers . His sustained personal bravery and indomitable fighting spirit against overwhelming odds and personal risks reflect the utmost glory upon himself and uphold the finest traditions of the Service . For the act of bravery and incredible courage displayed by Commandant VSR Murthy, he is awarded the Tatrakshak Medal for Gallantry.

CITATION

1. PP Biju , Pradhan/Yantrik (Ship Wright) ( 07552- R) joined the Indian Coast Guard on06 September . Coast Guard Ship Vijaya sailed from Mumbai at 1000 hrs on 05 Jul 2002 to intercept and board the vessel , MV Al Murtada , which was urimanned , unlit and adrift on high seas. The ship intercepted the vessel at 2251 hrs about 5 miles off Devgarh Light. The vessel was drifting towards shore and was likely to run aground within two to three hrs . Very rough seas prevailed ( sea state 4) with long swell and wind gusting upto 20 knots .

2. Coast Guard Ship Vijaya , having come to the area and sighted the vessel running into a situation of imminent grounding , has decided to board the vessel in the dark night itself and drop her anchor . PP Biju , Pradhan/Yantrik(Ship Wright) cheerfully volunteered to take part in the professional boarding party for the mission .

3. Daring the rough seas with utter disregard to the personal safety, the members of the boarding party boarded the vessel at about 2349 hrs with no knowledge of foretaste lying in store for them aboard . Soon after boarding the vessel , the top priority of the boarding party was to see the feasibility of dropping the anchor . Being the shipwright, PP Bijju , Pradhan/Yantrik was assigned the task of preparing the vessel's anchor for letting go. The vessel's anchor windlass and chain cable were fully rusty and jammed . Showing professional acumen of very high order , the Pradhan/Yantrik prepared the vessel's port anchor manually within half an hour , against all odds and hardship caused by non-availability of power supply on board . On approval from the command, the vessel was successfully anchored at a distance of 2.9 Nautical Miles from the shore , thus preventing the vessel from grounding and averting a potential environment / navigational hazard .

4. After successfully dropping the anchor , the boarding party carried out thorough investigation on board . PP Biju , Pradhan/Yantrik(Ship Wright ) was instrumental in his role, due primarily being a shipwright , in interpreting the only diagram available on board for successfully accessing the various compartments in a time bound manner to complete the rummaging .

5. For displaying professionalism , devotion to duty, exemplary courage and motivation , PP Biju , Pradhan/Yantrik(Ship Wright ) ( 07552- R) paying not much regard to the personal comfort and safety which resulted in accomplishment of mission , the subordinate officer is awarded Tatrakshak Medal for Gallantry.

[ PART I- SEC I

339 THE GAZETTE OF INDIA . FEBRUARY 22, 2003 ( PHALGUNA 3, 1924 )

CITATION

1. Manu Minz , Uttam/ Navik ( Mechanical Engineering) , ( 03076 -S ) joined, the Coast Guard on 03 August 1995, and joined Coast Guard Ship Vijaya on 27 Jun 1999. On 05 Jul 2002 at 2300 hrs when Coast Guard Ship Vijaya had to send a boarding party to board derelict vessel MV Al Murtada off Devgarh , Manu Minz , Uttam/Navik(Mechanical Engineering ) , No. 03076- S shouldered the all important task of helming the Gemini through , in really challenging and hostile sea conditions . And for the records , sea state was 4 with prevalent long swell and winds gusting to 20 Knots .

2. Gemini was lowered by ship in pitch dark night to board the unmanned, unlit drifting vessel which in itself was a daunting task . It was next to impossible to steer the Gemini in such furious sea conditions. Manu Minz had taken the challenge of handling the boat without board motor . In the midway to the vessel , the out board motor a technical snag and turned off. The Gemini started getting tossed up in high waves making the situation more inanimate . Showing laudable composure . Minu Minz, Uttam/Navik (Mechanical Engineering) rectified the snag and restarted the out board motor despite adverse sea and weather conditions .

3. When the Gemini was alongside the vessel awaiting the boarding party to climb up the ladrier, two chambers of Gemini were punctured due to rubbing against heavy barancle growth of MV Al Murtada . The Gemini thus became dangerously imbalanced due to deflation of chambers on one side and Manu Manz, Uttam/Navik(Mechanical Engineering) quickly responded to the situation with great presence of mind and steered the safely back to ship after dropping the boarding party to MV Al Murtada . Not the one to shy away from scene of action , Manu Minz again volunteered to join the Gemini as techinical crew to bring the boarding party back to ship. He ensured uninterrupted operation of out board motor and safe steering of Gemini between MV Al Murtada and ship.

4. On 11 Jul 2002, when boarding Officer was to be conveyed to Devgarh jetty with confiscated arms/ammunition and documents to file First Information Report with Police, Manu Minz again cheerfully volunteered to operate ship's Gemini in heavy weather . Similarly on 12 Jul 2002, Manu Minz once again displayed courage, outstanding technical knowledge and boat handling capabilities while taking the Data Buoy under tow of Mumbai In adverse sea conditions.

5. Fordisplaying high degree of professionalism , valour, team spirit and dedication , true to the traditions of maritime service during the operation of MV Al Murtada , Manu Minz , Uttam/ Navik (03076- S) (Mechanical Engineering) is awarded Tatrakshak Medal forGallantry.

15-461 G1 / 2002 340

[PART I-- SEC . 1 THE GAZETTE OF INDIA . FEBRUARY 22 , 2003 ( PHALGUNA 3 , 1924)

No.- 11 -Pres/2003- The President is pleased on the occasion of Republic Day, 2003 to award the Fire Service Medal for Gallantry to the under-mentioned officer:-

NAME AND RANK OF THE OFFICER

SHRI B.C. JADEJA ,

Chief Fire officer

Gujarat

Statement of Services for which the decoration has been awarded :

As a fallout of Godhra train massacre incident on 27.2.02, communal riots and wide spread violence broke out throughout Gujarat and in Ahmedabad in particular . In a short span of time , Ahmedabad Fire Brigade had to respond 162 Nos . ofMajor fires in the city area alone. 1

2. On 28.2.02 at about 19.45 hours Hotel Moti Manor at Shahibaug area of Ahmedabad was attacked and set on fires by rioters . While 37 inmates of the Hotel could manageto run to safety, 16 employees of the hotel were trapped inside the building, which by that time was full of flames and smoke causing asphyxiation. On getting the distress call , Shri B.C. JADEJA with his teammates rushed to the site of incident with fire tender, water tanker, hydraulic platform (Snorkel ) and ambulance. The rioters obstructed the movement of Fire Service and forcefully stopped the snorkel midway. No police protection was available to the fire service personnel in that abnormal hostile situation . So while protecting themselves from the wrath of violentmob, the fire fighters started combating the fire in that towering inferno . In the meantime, two LPG cylinders in the kitchen of the hotel exploded due to tremendous heat resulting flash over. Rioters outside were also adding fuel to the fire by throwing. canisters of highly inflammable solvents.

3. In the above scenario, Shri B.C. JADEJA with his team of dedicated firemen igning their personal safety, fought the fire for 4 hours without any break and rescued all the 16 trapped persons and saved properties worth several crores.

4. Shri B.C .. JADEJA thus displayed exemplary courage, presence of mind, 'leadership of very high order extreme dedication to his duties and conspicuous gallantry even ignoring his personal safety , while discharging his duties.

5. This award is made for gallantry under Rule 3 (i ) of the Rules governing the award of Fire Service Medal for Gallantry and consequently carries with it special allowance admissible under Rule 5 (a) w.e.f. 28th February, 2002.

Bamm M

(BarunMitra ) Director [ PART I -SEC I

341 THE GAZETTE OF INDIA , FEBRUARY 22 , 2003 ( PHALGUNA 3 , 1924 )

No.- 12 -Pres/2003- The President is pleased on the occasion of Republic Day, 2003 to award the Fire Service Medal for Gallantry to the under- mentioned officer:-

NAME AND RANK OF THE OFFICER

SHRI J.N. KHADIA , Station officer (Fire) Gujarat.

Statement of Services for which the decoration has been awarded:

As a fallout of Godhra train massacre incident on 27.2.02 , communal riots and wide spread violence broke out throughout Gujarat and in Ahmedabad in particular. In a short span of time, Ahmedabad Fire Brigade had to respond 162 Nos ... of Major fires in the city area alone .

2. On 28.2.02 at about 19.45 hours Hotel Moti Manor at Shahibaug area of Ahmedabad was attacked and set on fires by rioters . While 37 inmates of the Hotel could manage to run to safety, 16 employees of the hotel were trapped inside the building , which by that time was full of flames and smoke causing asphyxiation . On getting the distress call , Shri J.N. KHADIA with his teammates rushed to the site of incident with fire tender, water tanker , hydraulic platform ( Snorkel ) and ambulance . The rioters obstructed the movement of Fire Service and forcefully stopped the snorkel midway. No police protection was available to the fire service personnel in that abnormal hostile situation . So while protecting themselves from the wrath of violent mob , the fire fighters started combating the fire in that towering inferno . In the meantime , two LPG cylinders in the kitchen of the hotel exploded due to tremendous heat resulting flash over. Rioters outside were also adding fuel to the fire by throwing canisters of highly inflammable solvents.

3. In the above scenario , Shri J.N. KHADIA with his team of dedicated firemen ignoring their personal safety , fought the fire for 4 hours without any break and rescued all the 18 trapped persons and saved properties worth several crores .

4. Shri J.N. KHADIA thus displayed exemplary courage , presence of mind, leadership of very high order extreme dedication to his duties and conspicuous gallantry even ignoring his personal safety, while discharging his duties.

5. This award is made for gallantry under Rule 3 (i ) of the Rules governing the award of Fire Service Medal for Gallantry and consequently carries with it special allowance admissible under Rule 5 (a) w.eif. 28th February, 2002.

1

(BarunMitra)

Director 342

[PART I -SEC . I THE GAZETTE OF INDIA , FEBRUARY 22 , 2003 ( PHALGUNA 3 , 1924 )

No.- 13 -Pres/2003- The President is pleased on the occasion of Reput plic Day, 2003 to award the Fire Service Medal for Gallantry to the under- mentio ned officer:-

NAME AND RANK OF THE OFFICER

SHRI K.N. PATEL ,

Driver Pump Operator Gujarat.

Statement of Services for which the decoration has been awarded:

Asa fallout of Godhra train massacre incident on 27.2.02 , communal riots and wide spread violence broke out throughout Gujarat and in Ahmedabad in particular. In a short span of time , Ahmedabad Fire Brigade had to res spond 162 Nos . ofMajor fires in the city area alone.

2. On 28.2.02 at about 19.45 hours Hotel. Moti Manor at Stahibaug area of Ahmedabad was attacked and set on firesby rioters . While 37 inr nates of the Hotel could manage to run to safety, 16 employees of the hotel were trapped inside the building, which by that time was full of flames and smoke causing asphyxiation . On getting the distress call , Shri K.N. PATEL with his teammates rushed to 'the site of incident with fire tender , water tanker , hydraulic platform ( Snorkel ) and ambulance. The rioters obstructed the movement of Fire Service and forcefully stopped the snorkel midway. No police protection was available to the ' Are service personnel in that abnormal hostile situation . So while protecting themselves from the wrath of violentmob, the fire fighters started combating the fire in t'nat towering inferno. In the meantime , two LPG cylinders in the kitchen of the hotel exploded due to tremendous heat resulting flash over . Rioters outside were also addiring fuel to the fire by throwing canisters of highly inflammable solvents.

3. In the above scenario , Shri K.N. PATEL wit'n his team of dedicated firemen ignoring their personal safety, fought the fire for 4 hours without any break and rescued all the 16 trapped persons and saved properties worth several crores .

4. Shri K.N. PATEL thus displayed exemplary courage, presence of mind, leadership of very high order extreme dedication to his duties and conspicuous gallantry even ignoring his personal safety, wh.ile discharging his duties.

5. This award is made for gallantry under Rule 3 ( i ) of the FRules governing the award of Fire Service Medal for Gallantry and consequently carries with it special allowance admissible under Rule 5 (a) w.e.f. 28th February, 2002.

Bamn ?..

(Barun Mitra ) Director 343 THE GAZETTE OF INDIA , FEBRUARY 22 , 2003 ( PHALGUNA 3 , 1924 )

[ PART I- SEC I

No.- 14-Pres/2003- The President is pleased on the occasion of Republic Day, 2003 to award the Fire Service Medal for Gallantry to the under- mentioned officer:-

NAME AND RANK OF THE OFFICER

SHRI P.R. DUBE ,

DriverPump Operator , Gujarat.

Statement of Services for which the decoration has been awarded:

Asa fallout of Godhra train massacre incident on 27.2.02 , communal riots and wide spread violence broke out throughout Gujarat and in Ahmedabad in particular . In a short span of time, Ahmedabad Fire Brigade had to respond 162 Nos . ofMajor fires in the city area alone.

2. On 28.2.02 at about 19.45 hours Hotel Moti Manor at Shahibaug area of Ahmedabad was attacked and set on fires by rioters . While 37 inmates of the Hotel could manage to run to safety , 16 employees of the hotel were trapped inside the building , which by that time was full of flames and smoke causing asphyxiation . On getting the distress call , Shri P.R. DUBE with his teammates rushed to the site of incident with fire tender , water tanker, hydraulic platform (Snorkel ) and ambulance . The rioters obstructed the movement of Fire Service and forcefully stopped the snorkel midway . No police protection was available to the fire service personnel in that abriormal hostile situation . So while protecting themselves from the wrath of violent mob, the fire fighters started combating the fire in that towering inferrio. in the meantime , two LPG cylinders in the kitchen of the hotel exploded due to tremendous heat resulting flash over . Rioters outside were also adding fuel to the fire by throwing canisters of highly inflammable solvents.

3. In the above scenario , Shri P.R. DUBE with his team of dedicated firemen ignoring their personal safety, fought the fire for 4 hours without any break and rescued all the 16 trapped persons and saved properties worth several crores.

4. Shri P.R. DUBE thus displayed exemplary courage , presence of mind , leadership of very high order extreme dedication to his duties and conspicuous gallantry even ignoring his personal safety, while discharging his duties .

5. This award is made for gallantry under Rule 3 (i ) of the Rules governing the award of Fire Service Medal for Gallantry and consequently carries with it special allowance admissible under Rule 5 ( a) w.e.f. 28th February , 2002 .

( Barun Mitra )

Director

1 344

[PART I-SEC . 1 THE GAZETTE OF INDIA , FEBRUARY 22 , 2003 ( PHALGUNA 3 , 1924 )

No.- 15 -Pres/2003- The President is pleased on the occasion of Republic Day, 2003 to award the Fire Service Medal for Galiantry to the under- mentioned officer: -

NAME AND RANK OF THE OFFICER

SHRI A.B. MALIK,

Driver Pump Operator , Gujarat.

Statement of Services for which the decoration has been awarded:

As a fallout of Godhra train massacre incident on 27.2.02, communal riots and wide spread violence broke out throughout Gujarat and in Ahmedabad in particular . In a short span of time , Ahmedabad Fire Brigade had to respond 162 Nos . ofMajor fires in the city area alone .

2. On 28.2.02 at about 19.45 hours Hotel Moti Manor at Shahibaug area of Ahmedabad was attacked and set on firesby rioters . While 37 inmates of the Hotel could manage to run to safety: 16 employees of the hotel were trapped inside the building , which by that time was full of flames and smoke causing asphyxiation . On getting the distress call , Shri A.B. MALIK with his teammates rushed to the site of incident with fire tender , water tanker , hydraulic piatform (Snorkel ) and ambulance . The rioters obstructed the movement of Fire Service and forcefully stopped the snorkel midway . No police protection , was available to the fire service personnel in thatabnormal hostile situation . So while protecting themselves from the wrath of violent mob, the fire fighters started combating the fire in that towering inferno . In the meantime , two LPG cylinders in the kitchen of the hotel exploded due to tremendous heatresulting flash over. Rioters outside were also adding fuel to the fire by throwing canisters of highly inflammable solvents .

3. In the above scenario , Shri A.B. MALIK with his team of dedicated firemen ignoring their personal safety, fought the fire for 4 hours without any break and rescued all the 16 trapped persons and saved properties worth several crores .

4. Shri A.B. MALIK thus displayed exemplary courage , presence of mind, leadership of very high order extreme dedication to his duties and conspicuous gallantry even ignoring his personal safety, while discharging his duties.

5. This award is made for gallantry under Rule 3(i ) of the Rules governing the award of Fire Service Medal for Gallantry and consequently carries with it special allowance admissible under Rule 5 (a) w.e.f. 2.8th February, 2002 .

Banim ~ . (BarunMitra )

Director 1 [ PART I - SEC 1

345 THE GAZETTE OF INDIA . FEBRUARY 22 , 2003 ( PHALGUNA 3 , 1924)

No.- 16-Pres/2003- The President is pleased on the occasion of Republic Day, 2003 to award the Fire Service Medal for Gallantry to the under- mentioned officer:-

NAME AND RANK OF THE OFFICER

SHRI V.C. MORË ,

Fireman,

Gujarat.

Statement of Services for which the decoration has been awarded:

Asa fallout of Godhra train massacre incident on 27.2.02, communal riots and wide spread violence broke out throughout Gujarat and in Ahmedabad in particular. In a short span of time , Ahmedabad Fire Brigade had to respond 162 Nos. ofMajor fires in the city area alone .

2. On 28.2.02 at about 19.45 hours Hotel Moti Manor at Shahibaug area of Ahmedabad was attacked and set on fires by rioters . While 37 inmates of the Hotel could manage to run to safety, 16 employees of the hotel were trapped inside the building , which by that time was full of flames and smoke causing asphyxiation . On getting the distress call , Shri V.C. MORE with his teammates rushed to the site of incident with fire tender, water tanker, hydraulic platform ( Snorkel ) and ambulance. The rioters obstructed the movement of Fire Service and forcefully stopped the snorkel midway . No police protection was available to the fire service personnel in that abnormal hostile situation . So while protecting themselves from the wrath of violent mob, the fire fighters started combating the fire in that towering inferno. In the meantime, two LPG cylinders in the kitchen of the hotel exploded due to tremendous heat resulting flash over. Rioters outside were also adding fuel to the fire by throwing canisters of highly inflammable solvents .

3. In the above scenario , Shri V.C. MORE with his team of dedicated firemen ignoring their personal safety, fought the fire for 4 hours without any break and rescued all the 16 trapped persons and saved properties worth several crores .

4. Shri V.C. MORE thus displayed exemplary courage , presence of mind , leadership of very high order extreme dedication to his duties and conspicuous gallantry even ignoring his personal safety , while discharging his duties.

5.. This award is made for gallantry under Rule 3 ( i ) of the Rules goveming the award of Fire Service Medal for Gallantry and consequently carries with it special allowance admissible ünder Rule 5 ( a) w.e.f. 28th February , 2002.

B (Barun Mitra)

Director 346

[ PART I- SEC . 1 THE GAZETTE OF INDIA , FEBRUARY 22 , 2003 ( PHALGUNA 3 , 1924 )

No.- 17-Pres/2003- The President is pleased on the occasion of Republic Day, 2003 to award the Fire Service Medal for Gallantry to the under- mentioned officer:-

NAME AND RANK OF THE OFFICER

SHRI D.K. RATHOD ,

Fireman,

Gujarat.

Statement of Services for which the decoration has been awarded:

As a fallout of Godhra train massacre incident on 27.2.02 , communal riots and wide spread violence broke out throughout Gujarat and in Ahmedabad in particular. In a short span of time , Ahmedabad Fire Brigade had to respond 162 Nos . ofMajor fires in the city area alone.

2. On 28.2.02 at about 19.45 hours Hotel Moti Manor at Shahibaug area of Ahmedabad was attacked and set on fires by rioters . While 37 inmates of the Hotel could manage to run to safety, 16 employees of the hotel were trapped inside the building , which by that time was full of flames and smoke causing asphyxiation . On getting thedistress call , Shri D.K. RATHOD with his teammates rushed to the site of incident with fire tender, water tanker, hydraulic platform (Snorkel ) and ambulance . The rioters obstructed the movement of Fire Service and forcefully stopped the snorkel midway. No police protection was available to the fire service personnel in that abnormal hostile situation . So while protecting themselves from the wrath of violent mob , the fire fighters started combating the fire in that towering inferno . In the meantime , two LPG cylinders in the kitchen of the hotel exploded due to tremendous heat resulting flash over . Rioters outside were also adding fuel to the fire by throwing canisters of highly inflammable solvents.

3. In the above scenario , Shri D.K. RATHOD with his team of dedicated firemen ignoring their personal safety, fought the fire for 4 hours without any break and rescued all the 16 trapped persons and saved properties worth several crores .

4. Shri D.K. RATHOD thus displayed exemplary courage , presence of mind , leadership of very high order extreme dedication to his duties and conspicuous gallantry even ignoring his personal safety, while discharging his duties.

5. This award is made for gallantry under Rule 3(i ) of the Rules governing the award of Fire Service Medal for Gallantry and consequently carries with it special allowance admissible under Rule 5 ( a) w.e.f. 28th February, 2002.

Bamm (Barun Mitra)

Director 347 THE GAZETTE OF INDIA , FEBRUARY 22 , 2003 ( PHALGUNA 3. 1924)

[PART I-SEC 1

No.- 18-Pres/2003- The President is pleased on the occasion of Republic Day, 2003 to award the Fire Service Medal for Gallantry to the under-mentioned officer: -

NAME AND RANK OF THE OFFICER

SHRI H.K. PATEL , Fireman,

Gujarat.

Statement of Services for which the decoration has been awarded :

As a fallout of Godhra train massacre incident on 27.2.02 , commurial riots and wide spread violence broke out throughout Gujarat and in Ahmedabad in particular . In a short span of time , Ahmedabad Fire Brigade had to respond 162 Nos . ofMajor fires in the city area alone.

2. On. 28.2.02 at about 19.45 hours Hotel Moti Manor at Shahibaug area of Ahmedabad was attacked and set on fires by rioters . While 37 inmates of the Hotel could manage to run to safety , 16 employees of the hotel were trapped inside the building, which by that time was full of flames and smoke causing asphyxiation . On getting the distress call , Shri H.K. PATEL with his teammates rushed to the site of incident with fire tender , water tanker , hydraulic platform (Snorkel ) and ambulance. The rioters obstructed the movement of Fire Service and forcefully stopped the snorkel midway. No police protection was available to the fire service personnel in that abnormal hostile situation . So while protecting themselves from the wrath of violent mob , the fire fighters started combating the fire in that towering inferno . In the meantime , two LPG cylinders in the kitchen of the hotel exploded due to tremendous heat resulting flash over . Rioters outside were also adding fuel to the fire by throwing canisters of highly inflammable solvents.

3. In the above scenario , Shri H.K. PATEL, with his team of dedicated firemen ignoring their personal safety , fought the fire for 4 hours without any break and rescued all the 16 trapped persons and saved properties worth several crores .

4. Shri H.K. PATEL thus displayed exemplary courage , presence of mind, leadership of very high order extreme dedication to his duties and conspicuous gallantry even ignoring his personal safety, while discharging his duties..

5. This award is made for gallantry under Rule 3 ( i ) of the Rules goveming the award of Fire Service Medal for Gallantry and consequently carries with it special allowance admissible under Rule 5 (a) w.e.f. 28th February, 2002.

(BarunMitra )

Director 16-461 G1 /2002 348

THE GAZETTE OF INDIA , FEBRUARY 22 , 2003 ( PHALGUNA 3 , 1924) [PART I- SEC . 1 No.- 19-Pres/2003- The President is pleased on the occasion of Republic Day, 2003 to award the Fire Service Medal for Gallantry to the under-mentioned officer:-

NAME AND RANK OF THE OFFICER

SHRI R.K. VAGHELA,

Fireman,

Gujarat.

Statement of Services for which the decoration has been awarded:

As a fallout of Godhra train massacre incident on 27.2.02, communal riots and wide spread violence broke out throughout Gujarat and in Ahmedabad in particular. In a short span of time, Ahmedabad Fire Brigade had to respond 162Nos . ofMajor fires in the city area alone .

2. On 28.2.02 at about 19.45 hours Hotel Moti Manor at Shahibaug area of Ahmedabad was attacked and set on firesby rioters . While 37 inmates of the Hotel could manage to run to safety, 16 employees of the hotel were trapped inside the building, whichby that time was full of flames and smoke causing asphyxiation . On getting the distress call , Shri R.K , VAGHELA with his teammates rushed to the site of incident with fire tender, water tanker , hydraulic platform (Snorkel ) and ambulance. The rioters obstructed the movement of Fire Service and forcefully stopped the snorkel midway. No police protection was available to the fire service personnel in thatabnormal hostile situation . So while protecting themselves from the wrath of violentmob , the fire fighters started combating the fire in that towering infemo. In the meantime , two LPG cylinders in the kitchen of the hotel exploded due to tremendous heat resulting flash over . Rioters outside were also adding fuel to the fire by throwing canisters of highly inflammable solvents.

3. In the above scenario , Shri R.K. VAGHELA with his team of dedicated firemen ignoririg their personal safety, fought the fire for 4 hours without any break and rescued all the 16 trapped persons and saved properties worth several crores.

4. Shri R.K. VAGHELA thus displayed exemplary courage , presence of mind, leadership of very high order extreme dedication to his duties and conspicuous gallantry even ignoring his personal safety, while discharging his duties .

5. This award is made for gallantry under Rule 3 (i ) of the Rules goveming the award of Fire Service Medal for Gallantry and consequently carries with it special allowance admissible under Rule 5 ( a) w.e.f. 28th February, 2002.

Ban

(Barun Mitra )

Director 349 PART 1-SEC |

THE GAZETTE OF INDIA , FEBRUARY 22 , 2003 ( PHALGUNA 3 , 1924 )

No.- 2 - Pres/2003- The President is pleased on the occasion of Republic Day, 2003 to award the Fire Service Medai for Gailantry to the under- mentioned officer:-

NAME AND RANK OF THE OFFICER

SHRI G.A. BORADIYA,

Fireman,

Gujarat.

Statement of Services for which the decoration has been awarded:

As a faliout of Godhra train massacre incident on 27.2.02 , communal riots and wide spread violence broke out throughout Gujarat and in Ahmedabad in particular. In a short span of time, Ahmedabad Fire Brigade had to respond 162 Nos . ofMajor fires in the city area alone .

2. On 28.2.02 at about 19.45 hours Hotel Moti Manor at Shahibaug area of Ahmedabad was attacked and set on firesby rioters . While 37 inmates of the Hotei could manage to run to safety, 16 employees of the hotel were trapped inside the building, which by that time was full of flames and smoke causing asphyxiation . On getting the distress call , Shri G.A. BORADIYA with his teammates rushed to the site ofincident with fire tender , water tanker, hydraulic platform (Snorkel ) and ambulance . The rioters obstructed the movement of Fire Service and forcefully stopped the snorkel midway . No police protection was available to the fire service personnel in that abnormal hostile situation . So while protecting themselves from the wrath of violent mob , the fire fighters started combating the fire in that towering inferno. In the meantime , two LPG cylinders in the kitchen of the hotel exploded due to tremendous heat resulting flash over . Rioters outside were also adding fuel to the fire by throwing canisters of highly inflammable solvents.

3. In the above scenario, Shri G.A. BORADIYA with his team of dedicated firemen ignoring their personal safety , fought the fire for 4 hours without any break and rescued all the 16 trapped persons and saved properties worth several crores .

4. Shri G.A. BORADIYA thus displayed exemplary courage , presence of mind, leadership of very high order extreme dedication to his duties and conspicuous gallantry even ignoring his personal safety, while discharging his duties.

5. This award is made for gallantry under Rule 3 (i ) of the Rules goveming the award of Fire Service Medal for Gallantry and consequently carries with it special allowanceadmissible under Rule 5 ( a) w.e.f. 28th February, 2002 .

Ban T

(BarunMitra )

Director [ PART I- SEC . | 350

THE GAZETTE OF INDIA , FEBRUARY 22 , 2003 ( PHALGUNA 3 , 1924)

No.- 21-Pres/2003- The President is pleased on the occasion of Republic Day, 2003 to award the Fire Service Medal for Gallantry to the under- mentioned officer:-

NAME AND RANK OF THE OFFICER

SHRI J.M. NINAMA ,

Fireman, Gujarat .

Statement of Services for which the decoration has been awarded:

As a fallout of Godhra train massacre incident on 27.2.02, communal riots and wide spread violence broke out throughout Gujarat and in Ahmedabad in particular. In a short span of time, Ahmedabad Fire Brigade had to respond 162 Nos. ofMajor fires in the city area alone.

2. On 28.2.02 at about 19.45 hours Hotel Moti Manor at Shahibaug area of Ahmedabad was attacked and set on fires by rioters . While 37 inmates of the Hotel could manage to run to safety , 16 employees of the hotel were trapped inside the building , which by that time was full of flames and smoke causing asphyxiation . On getting the distress call , Shri J.M. NINAMA with his teammates rushed to the site of incident with fire tender , water tanker , hydraulic platform (Snorkel ) and ambulance. The rioters obstructed the movement of Fire Service and forcefully stopped the snorkel midway. No police protection was available to the fire service personnel in that abnormal hostile situation . So while protecting themselves from the wrath of violent mob, the fire fighters started combating the fire in that towering inferno. In the meantime , two LPG cylinders in the kitchen of the hotel exploded due to tremendous heat resulting flash over. Rioters outside were also adding fuel to the fire by throwing canisters of highly inflammable solvents.

3. In the above scenario , Shri J.M. NINAMA with his team of dedicated firemen ignoring their personal safety, fought the fire for 4 hours without any break and rescued all the 16 trapped persons and saved properties worth several crores .

4. Shri J.M. NINAMA thus displayed exemplary courage , presence of mind , leadership of very high order extreme dedication to his duties and conspicuous gallantry even ignoring his personal safety , while discharging his duties .

5. This award is made for gallantry under Rule 3 (i ) of the Rules governing the award of Fire Service Medal for Gallantry and consequently carries with it special allowance admissible under Rule 5 (a) w.e.f. 28th February , 2002.

Ban ~ (BarunMitra )

Director 351 THE GAZETTE OF INDIA , FEBRUARY 22, 2003 ( PHALGUNA 3 , 1924 )

[ PART I-SEC 1

No.- 22- Pres/2003- The President is pleased on the occasion of Republic Day, 2003 to award the Fire Service Medal for Gallantry to the under- mentioned officer: -

NAME AND RANK OF THE OFFICER

SHRI R.S. SODHI ,

JointDirector,

Jammu & Kashmir .

Statement of Services for which the decoration has been awarded:

In the wee hours of 14.5.2002 , armed Fidayeen militants struck an army camp at Kalu -Chack Cantt, Jammu , killing 26 persons and injuring 47. This resulted in indiscriminate cross firing between the army and the militants , followed by hurling ofgrenades , series of huge deafening explosions with big flames , which endangered the army camp . On receipt of the first information , Fire Services from Gangyal , Bari Brahmna and Gandhinagar Fire Stations immediately responded for fire fighting and rescue operation . The Fire Service appliances/ vehicles were stranded in the main gate of the camp because of hostile battle scenario inside . The army camp had family quarters , barracks , stores, workshop , garages for vehicle parking with stored barrels of diesel , kerosene and other flammable lubricants in the workshop premises .

2. Ignoring his personal safety Shri R.S. SODHI with his dedicated fire fighting team entered the camp with charged line drawn from appliances stationed outside, without any protection or protective gear and reached the site of incidentby crawling and started fire fighting amidst cross firing and grenade explosion etc. Considering the nature of fire , they fought the fire bravely for hours together to suppress and control it in such hostile condition and thus saved many lives and properties worth over several crores of rupees .

3. Shri R.S. SODHI in his aforesaid act displayed professionalism and leadership of very high order, displayed courage , dedication and devotion to duties and conspicuous gallantry even ignoring his personal safety.

4. This award is made for gallantry under Rule 3 ( i ) of the Rules goveming the award of Fire Service Medal for Gallantry and consequently carries with it special allowance admissible under Rule 5 (a) w.e.f. 14th May, 2002 .

Ba

(Barun Mitra )

Director 352

[PART I- SEC . 1 THE GAZETTE OF INDIA , FEBRUARY 22 , 2003 ( PHALGUNA 3 , 1924 )

No.- 23-Pres/2003- The President is pleased on the occasion of Republic Day, 2003 to award the Fire Service Medal for Gallantry to the under-mentioned officer:-

NAME AND RANK OF THE OFFICER

DeputyDirector

SHRI RAM PAUL KHAJURIA, Jammu & Kashmir .

Statement of Services for which the decoration has been awarded:

In the wee hours of 14.5.2002 , armed Fidayeen militants struck an army camp at Kalu - Chack Cantt , Jammu , killing 26 persons and injuring 47. This resulted in indiscriminate cross firing between the army and the militants , followed by hurling of grenades , series of huge deafening explosions with big flames , which endangered the army camp . On receipt of the first information , Fire Servicesfrom Gangyal , Bari Brahmna and Gandhinagar Fire Stations immediately responded for fire fighting and rescue operation . The Fire Service appliances/ vehicles were stranded in the main gate of the camp because of hostile battle scenario inside . The army camp had family quarters, barracks , stores , workshop , garages for vehicle parking with stored barrels of diesel , kerosene and other flammable lubricants in the workshop premises.

2. Ignoring his personal safety Shri RAM PAUL KHAJURIA with his dedicated fire fighting team entered the camp with charged line drawn from appliances stationed outside, without any protection or protective gear and reached the site of incident by crawling and started fire fighting amidst cross flring and grenade explosion etc. Considering the nature of fire , they fought the fire bravely for hours together to suppress and control it in such hostile condition and thus saved many lives and properties worth over several crores of rupees .

3. Shri RAM PAUL KHAJURIA in his aforesaid act displayed professionalism and leadership of very high order , displayed courage , dedication and devotion to duties and conspicuous gallantry even ignoring his personal safety.

4. This award is made for gallantry under Rule 3(i ) of the Rules goveming the award of Fire Service Medal for Gallantry and consequently carries with it speciai allowance admissible under Rule 5 (a) w.e.f. 14th May, 2002.

Bamn .

(BarunMitra )

Director (PART I- SEC 1

353 THE GAZETTE OF INDIA , FEBRUARY 22 , 2003 ( PHALGUNA 3 , 1924)

No.- 24-Pres/2003- The President is pleased on the occasion of Republic Day, 2003 to award the Fire Service Medal for Gallantry to the under - mentioned officer: -

NAME AND RANK OF THE OFFICER

SHRI ROMESH CHAND RAINA, Station Officer ,

Jammu & Kashmir .

Statement of Services for which the decoration has been awarded:

In the wee hours of 14.5.2002, armed Fidayeen militants struck an army camp at Kalu - Chack Cantt , Jammu , killing 26 persons and injuring 47. This resulted in indiscriminate cross firing between the army and the militants , followed by hurling of grenades , series of huge deafening explosions with big flames , which endangered the army camp . On receipt of the first information , Fire Services from Gangyal , Bari Brahmna and Gandhinagar Fire Stations immediately responded for fire fighting and rescue operation . The Fire Service appliances/ vehicles were stranded in the main gate of the camp because of hostile battle scenario inside . The army carnp had family quarters, barracks , stores , workshop, garages for vehicle parking with stored barrels of diesel , kerosene and other flammable lubricants in the workshop premises .

2. Ignoring his personal safety Shri ROMESH CHAND RAINA with his dedicated fire fighting team entered the camp with charged iine drawn frorn appliances stationed outside , without any protection or protective gear and reached the site of incident by crawling and started fire fighting amidst cross firing and grenade explosion etc. Considering the nature of fire , they fought the fire bravely for hours together to suppress and control it in such hostile condition and thus saved many lives and properties worth over several crores of rupees.

3. Shri ROMESH CHAND RAINA in his aforesaid act displayed professionalisen and leadership of very high order , displayed courage , dedication and devotion to duties and conspicuous gallantry even ignoring his personal safety.

4. This award is made for gallantry under Rule 3 (i ) of the Rules governing the award of Fire Service Medal for Gallantry and consequently carries with it special allowance admissible under Rule 5 (a) w.e.f. 14th May, 2002.

~~

(BarunMitra) Director [PART I-SEC. 1 THE GAZETTE OF INDIA , FEBRUARY 22 , 2003 ( PHALGUNA 3 , 1924 )

354

No.- 2.5-Pres/2003- The President is pleased on the occasion of Republic Day, 2003 to award the Fire Service Medal for Gallantry to the under- mentioned officer:-

NAME AND RANK OF THE OFFICER

SHRI SURINDER SINGH ,

Fireman 276 -J ,

Jammu & Kashmir.

Statement of Services for which the decoration has been awarded:

In the wee hours of 14.5.2002 , armed Fidayeen militants struck an army camp at Kalu -Chack Cantt , Jammu , killing 26 persons and injuring 47. This resulted in indiscriminate cross firing between the army and the militants , followed by hurling of grenades , series of huge deafening explosions with big flames , which endangered the army camp . On receipt of the first information , Fire Services from Gangyal , Bari Brahmna and Gandhinagar Fire Stations immediately responded for fire fighting and rescue operation . The Fire Service appliances/ vehicles were stranded in the main gate of the camp because of hostile battle scenario inside . The army camp had family quarters, barracks , stores , workshop , garages for vehicle parking with stored barrels of diesel , kerosene and other flammable lubricants in the workshop premises .

2. Ignoring his personal safety Shri SURINDER SINGH with his dedicated fire fighting team entered the camp with charged line drawn from appliances stationed outside , without any protection or protective gear and reached the site of incidentby crawling and started fire fighting amidst cross firing and grenade explosion etc. Considering the nature of fire , they fought the fire bravely for hours together to suppress and control it in such hostile condition and thus saved many lives and properties worth over several crores of rupees .

3. Shri SURINDER SINGH in his aforesaid act displayed professionalism and leadership of very high order , displayed courage , dedication and devotion to duties and conspicuous gallantry even ignoring his persorial safety.

4. This award is made for gallantry under Rule 3(i ) of the Rules governing the award of Fire Service Medal for Gallantry and consequently carries with it special allowance admissible under Rule 5 (a) w.e.f. 14th May, 2002 .

ban

(BarunMitra)

Director 355 THE GAZETTE OF INDIA , FEBRUARY 22 , 2003 ( PHALGUNA 3 , 1924 )

[ PART I- SEC I

No.- 26- Pres/2003- The President is pleased on the occasion of Republic Day , 2003 to award the Fire Service Medal for Gallantryto the under - mentioned officer: -

NAME AND RANK OF THE OFFICER

SHRI N.M. NARKAR ,

FireBrigade Officer ,

Maharashtra .

Statement of Services for which the decoration has been awarded:

At1500 hours of 17th September, 2001 , a tanker carrying obnoxious Hydrogen Sulphide caught fire in the busy locality at Khandagale Estate near Purna a suberb of Bhiwandi in Maharashtra . As a result , panic created and the resident and shopkeepers abandoned their houses and shops and started running away from the spot for fear of explosion of the tanker which may create great loss of human lives damage to the properties . On getting the message , Shri N. M. Narkar , CFO , Bhiwandi and his driver Shri G. S. Pawar immediately rushed to the site of incidence . Together they steered the buming vehicle to an isolated lonely uninhabitated place , ignoring their personal safety The tanker ultimately exploded and the vehicle was charred down to ashes .

2 . In this act Shri N.M. NARKAR had displayed extreme presence of mind , leadership , dedication to duties and exemplary courage/ gallantry to save life and property of citizens even ignoring their personal safety.

3. This award is made for gallantry under Rule 3 ( i) of the Rules governing the award of Fire Service Medal for Gallantry and consequently carries with it special allowance admissible under Rule 5 (a) w.e.f. 17th September, 2001

Ba (BarunMitra)

Director 17-461 GI/2002 356

[PART I-SEC. 1 THE GAZETTE OF INDIA , FEBRUARY 22 , 2003 ( PHALGUNA 3 , 1924 )

No.- 27-Pres/2003- The President is pleased on the occasion of Republic Day , 2003 to award the Fire Service Medal for Gallantry to the under- mentioned officer: - NAME AND RANK OF THE OFFICER

SHRI G.S. PAWAR ,

Driver-Operator ( Fire Service),

Maharashtra .

Statement of Services for which the decoration has been awarded:

At 1500 hours of 17th September , 2001 , a tanker carrying obnoxious Hydrogen Sulphide caught fire in the busy locality at Khandagale Estate near Purna - a suberb of Bhiwandi in Maharashtra . As a result, panic created and the resident and shopkeepers abandoned their houses and shops and started running away from the spot for fear of explosion of the tanker which may create great loss of human lives damage to the properties . On getting the message , Shri N. M. Narkar, CFO , Bhiwandi and his driver Shri G. S. Pawar immediately rushed to the site of incidence. Together they steered the burning vehicle to an isolated lonely uninhabitated place , ignoring their personal safety: The tanker ultimately exploded and the vehicle was charred down to ashes .

2. In this act Shri G.S. PAWAR had displayed extreme presence of mind, leadership , dedication to duties and exemplary courage/gallantry to save life and property of citizens even ignoring their personal safety.

3. This award is made for gallantry under Rule 3 (i ) of the Rules governing the award of Fire Service Medal for Gallantry and consequently carries with it special allowance admissible under Rule 5 (a) w.e.f. 17th September, 2001 .

Bamm

(BarunMitra) Director [ PART I- SEC 1

357 THE GAZETTE OF INDIA , FEBRUARY 22 , 2003 ( PHALGUNA 3 , 1924 )

No.- 28- Pres/2003- The President is pleased on the occasion of Republic Day, 2003 to award the Fire Service Medal for Gallantry to the under- mentioned officer: -

NAME AND RANK OF THE OFFICER

LATE K. ARUMUGAM , ( POSTHUMOUS )

Fireman7018 , Tamil Nadu .

Statement of Services for which the decoration has been awarded:

On15.9.2002 at 16.15 hrs a fire broke out in a four storied shopping complex- cum-residential building in the thickly populated and congested area of Govindappa Naickan Street , Chennai - 1 . On receipt of distress, call , fire services from Anderson Street Fire Station moved to the site of incidence immediately . Fireman 7018 K. Arumugam was a member of the aforesaid fire intervention team .

2. Theaffected premises had shopping complex in the ground floor with residential accommodation in the upper three floor . The approach lane was very narrow which restricted the movement of the fire appliances . Thick smoke and high flames were emanating from one of the shop in the ground floor blocking the entrance of the house and also the narrow lane due to funneling affect joining tremendous heat . Unless suppress the fire will create secondary fire in the adjoining building . Trappe persons inside the building were crying for help without finding any escape root. In such dangerous situation fireman 7018 Shri K. ARUMUGAM ignoring his personal safety approach the fire site with charged water hole and broke open a shutter of the shop on fire where very smoke and flames were bellowing out . When fireman Arumugam was suppressing the fire in such dangerous situation suddenly an explosion took place and Shri K. Arumugam received 45 % burn injury. He was immediately hospitalized where he succumbed later on .

3. The above act of fireman 7018 Shri K. ARUMUGAM displayed his extreme dedication for duties spirit of self- less and courage and gallantry of very high order.

4. This award is made for gallantry under Rule 3( i ) of the Rules governing the award of Fire Service Medal. for Gallantry and consequently carries with it special allowance admissible under Rule 5 ( a) w.e.f. 15th September, 2002.

Ba

(BarunMitra )

Director 358

[PART I-SEC . I THE GAZETTE OF INDIA , FEBRUARY 22 , 2003 ( PHALGUNA 3 , 1924)

Ministry of Home Affairs

:

New Delhi - 110011 , the 31st December 2002

RESOLUTION

No. 25011 /41 /2001 - GPA . II/ PM . II

The Government of India have set up Bureau of Police Research & Development vide the resolution No. 8 / 136 / 68 - P.I (Pers.I ) dated 28th August , 1970. The functions of the different divisions of BPR & D were revised by the Resolution No. 34 / 1 / 73 - BPR & D/ GPA.I dated 13th September, 1973 .

2. The status of State Forensic Science Services available in the country and the inadequacies and impediments that had obstructed its development were examined by various Committees from time to time. It was recommended that there was need to upgrade the all - round competency and functioning of the Forensic Science Laboratories to improve the criminal justice delivery system in the country . It was also recommended that to ensure constant upgradation of Forensic Science activities at the national level there should be integration of all the Central Forensic Science Institutions under one umbrella under the Ministry of Home Affairs .

3. After carefully considering all the recommendations , Government have decided to create a separate Directorate of Forensic Science in New Delhi under the direct charge of the Ministry of Home Affairs , Government of India . The Central Forensic Science 359 THE GAZETTE OF INDIA , FEBRUARY 22 , 2003 ( PHALGUNA 3, 1924)

PART I-SEC

Laboratories at Kolkata , Chandigarh and Hyderabad and Government Examiner of Questioned Documents at Kolkata , Shimla and Hyderabad will be placed under the Directorate of Forensic Science . The Directorate will be headed by a Forensic Scientist who will be designated as Director- cum- Chief Forensic Scientist.

4. The Charter of Duties of Bureau of Police Research & Development and the Directorate of Forensic Science will be as laid down in the Annexures 1 & supersession of the charter of duties mentioned in the annexure to the Ministry of Home Affairs earlier Resolution No. 34/1 /73 - BPR& D GPA- I dated 13 September, 1973.

( NGOPALASWAMI) Secretary

ORDER

Ordered that a copy of the Resolution be communicated to all State Governments / Union Territory Administrations ; Director General , Bureau of Police Research & Development ; Director-cum-Chief Forensic Scientists; Directorate of Forensic Science; Director, Intelligence Bureau , Director , Central Bureau of Investigation ; Director General , Border Security Force ; Director General . Indo- Tibe Border Police; Director General , Central Industrial Security Force, Director of Coordination and Police Wireless; Director, SVP National Police Academy; Director , National Institute of Criminology and Forensic Scienice , Director , National Security Guard; Director, Special Security Bureau; Director , National Crime Records Bureau and All Ministries/ Departments of Governments of India.

18-461 GI/2002 360

[PART III-SEC . 4 THE GAZETTE OF INDIA , MARCH 9 , 2002 ( PHALGUNA 18 , 1923 )

ORDERED also that the Resolution be published in the Gazette of India for general information .

1/12/2012

( HARMINDER RAJ SINGH )

Joint Secretary [PART III -SEC 4

361 THE GAZETTE OF INDIA , MARCH 9 , 2002 ( PHALGUNA 18 , 1923 )

Annexure- I NEW CHARTER OF DUTIES OF DIRECTORATE OF FORENSIC SCIENCE , MINISTRY OF HOME AFFAIRS , GOVT . OF INDIA

To scientifically assist the justice delivery system .

To disseminate the forensic knowledge and expertise with and render advisory & consultancy services to judiciary & other investigators through their training institutions.

Identify the problems of the forensic science and allied services in the country and initiate, stimulate , guide, promote and control all the forensic science activities at Central Government level.

Establish effective linkages with institutions, organisations , ministries, universities, police, prosecutors and other law enforcement and regulatory agencies in India and abroad for promotion of scientific aids in the criminal justice delivery system in the country.

Render technical advice and services to the Ministry of Home Affairs , Govt. of India for modernisation of forensic practices in Criminal Justice Delivery System.

Coordinate for time bound implementation of forensic science quality assurance and accreditation programme at national level and also act as nodal agency for conduct of proficiency testing for forensic science service in the country . Encourage accreditation of private forensic practitioners and evolve ' ethics' in forensic science practice .

◆ Assess and review the forensic science procedures , manuals , current practices , legal framework and other related matters , as may be referred by the Government from time to time.

Guide and assist State FSLs, Universities and other Academic Institution both, financially and technically to assess, evaluate and develop emerging and new areas of forensic science , practice to help the law enforcement agencies and judiciary .

Maintain scientific database and other information from across the country and the world, and make it accessible to forensic science institutions by establishing forensic science information highways .

Evolve human resource development programme in forensic science at national level and monitor its implementation . Coordinate specialised advanced training to the forensic scientists ( Central and as well as State ) in the latest scientific techniques in India and abroad .

362

THE GAZETTE OF INDIA, FEBRUARY 22 , 2003 ( PHALGUNA 3 , 1924) [PART I-SEC . 1 ◆ Promote forensic science teaching and research & development activities in universities and other institutions in the country..

Liaise with other govt . and non-government organisations for generation of public awareness on scientific aids in crime investigation.

Control the administrative and operational activities of the Central Forensic Science Institutes (CFSLS & GEsQD ) at Kolkata, Chandigarh and Hyderabad/ Shimla.

◆ Promote and undertake research work in the area of Forensic Science in the CFSLS / GESQD under the Directorate of Forensic Science .

Develop appropriate infrastructural facilities and human resources in the CFSLS / GESQD under Directorate of Forensic Science to enable them to undertake examination of crime case exhibits employing latest scientific techniques .

Organise Seminars , workshops and Symposia on Forensic Science .

Award and monitor progress of the Junior Research Fellowship Scheme under Directorate of Forensic Science .

[ PART I- SEC I

363 THE GAZETTE OF INDIA , FEBRUARY 22 , 2003 ( PHALGUNA 3 , 1924 )

Annexure - II FUNCTIONS OF BUREAU OF POLICE RESEARCH & DEVELOPMENT 1-- RESEARCH STATISTICS AND PUBLICATION DIVISION

Analysis and study of crime and problems of general nature affecting the police, e.g. ,

a) Trends and causes of crime,

b) Prevention of crime preventive measures , their effectiveness and relationship with crime.

c) Organization , strength , administration , methods , procedures and techniques of the police forces and their modernisation; police act and mannuals .

d) Improvements in methods of investigation, utility and results of introducing scientific aids and punishment ;

e) Inadequacy of laws ;

f) Juvenile delinquency ;

g) Police Uniform , badges , medals , decorations , colours and flags , police drill, warrantof procedure etc.

2. Assistance of Police Research programmes in States , processing and coordination of research projects ; sponsoring extra - mural research .

3. Work relating to Standing Committee on Police Research .

4. Police Science Congress & other conferences and seminars relating to study of police problems .

5. Participation in social defence and crime prevention programmes .

6. Participation in the work of the United Nations in the field of prevention of crime and treatment of offenders .

7. Maintenance of all India statistics of crime .

8. Statistical analysis of trends of crime.

9. Documentation relating to Police Science and Criminology .

10. Publication of:

i) Police Research & Development Journal

ii) Crime in India

Indian Police Journal

iv) Accidental Deaths and Suicides

v) Research Reports and News letters [ PART I- SEC. I THE GAZETTE OF INDIA, FEBRUARY 22 , 2003 ( PHALGUNA 3 , 1924 )

vi) Reports , Reviews , other journals and books relating to matters connected with police work .

II . DEVELOPMENT DIVISION

1. Review of the performance of various types of equipment used by the police forces in India and development of new equipment in the following fields :

a) Arms and Ammunition ;

Riot Control Equipment ; b)

Traffic Control Equipment ; c)

d) Police Transport and

e) Miscellaneous scientific equipment and scientific aids to investigation.

2. Liaison with the National laboratories , various scientific organisations and institutions and public and private sector undertakings in the above fields ; coordination of development programmes and stimulating indigenous production of police equipment .

3. Application of computer technology in various fields of police work .

4. Police publicity and police publicity files , police weeks and parades .

5. Work relating to Police Research & Development Advisory Council and its Standing Committees , other then than on police research.

TRAINING DIVISION

1. To review from time to time the arrangements for Police training and the needs of the country in this field in the changing social conditions and the introduction of scientific techniques in training and in police work and to formulate and coordinate training policies and programmes in the fielcl of police administration and management .

2. Central Detective Training Schools , Calcutta , Hyderabad & Chandigarh .

3. To evaluate training programmes with a view to securing such standardisation and uniformity in the training arrangements including courses , syllabi and curricula for various ranks in the States /Union Territories as may be desirable and to suggest modifications and improvements that may be considered necessary from time to time to meet new challenges arıd problems.

365 [ PART I- SEC |

THE GAZETTE OF INDIA , FEBRUARY 22 , 2003 ( PHALGUNA 3 , 1924 )

4. To help devise new refresher, promotion, specialist and orientation courses considered necessary for the different grades and kinds of police offers .

5. Work relating to the establishment of the Central Medico Legal Institute and the Central Traffic Institute.

6. To prepare, in coordination with the police training institutions , standard manuals , textbooks , pamphlets , lecture notes , case studies , practical exercises and other educative literature for use in these institutions .

7. To distribute relevant literature to Inspectors General / DIsG (Training) in the States for circulation to officers in order to familiarise them with training concepts and to strengthen training consciousness among the higher ranks .

8. To standardise equipment for training and training aids and to arrange for their production and supply to the various training institutions .

9. To create and maintain a circulating library of films for the use of various police training institutions .

10. To assist in the training of police officers of various ranks at appropriate non - police institutions inside and outside the country .

11. To organise the annual Symposium of the Heads of Police Training Institutions and short Seminars on various aspects of Police training.

12. To suggest the establishment of new training institutions under the Centre as necessary from time to time .

13. To act as a clearing house for information relating to Syllabi , methods of training , teaching aids , training programmes and literature ca various aspects of police work etc. from India and abroad .

14. To help in the development of libraries in the Central and State Police training institutions .

15. To liaise with the Directorate of Training of the Department of Personnel in relation inter - alia to training aids projects and fellowships under the UNDP, UNESCO & Colombo Plan etc.

THE GAZETTE OF INDIA . FEBRUARY 22 , 2003 ( PHALGUNA 3 , 1924 ) [PART I- SEC . i IV CORRECTIONAL ADMINISTRATION

1. Analysis and study of prison statistics and problems of general nature affecting Prison Administration.

2. Assimilation and dissemination of relevant information to the States in the field of Correctional Administration .

3. Coordination of Research Studies conducted by RICAs and other Academic/ Research Institutes in Correctional Administration and to frame guidelines for conduct of research studies / surveys in consultation with State Governments .

4. To review training programmes keeping in view the changing social conditions , introduction of new scientific techniques and other related aspects.

5. To prepare uniform Training Module including course, syllabi , curriculum, etc. For providing training at various levels to the Prison staff in the field of Correctional Administration.

6 . Publication of reports , newsletters , bulletins and preparation of Audio Visual aids , etc. in the field of Correctional Administration .

7. To set up an Advisory Committee to guide the work relating to Correctional Administration .

प्रबन्धक , भारत सरकार मुद्रणालय , फरीदाबाद द्वारा मुद्रित एवं प्रकाशन नियंत्रक , दिल्ली द्वारा प्रकाशित, 2003

PRINTED BY THE MANAGER , GOVERNMENT OF INDIA PRESS , FARIDABAD , AND PUBLISHED BY THE CONTROLLER OF PUBLICATIONS , DELHI , 2003

Cite this issue. Weekly Gazette of India, Government of India, 22 February 2003. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gazette.central.w.2003-02-22.27069/. Archive identifier in.gazette.central.w.2003-02-22.27069.