रजिस्ट्री सं . डीएल-33001/ 2003
REGISTERED No. DL-33001/2003
सत्यमेव जयते भारत का राजपत्र The Gazette of India
प्राधिकार से प्रकाशित
PUBLISHED BY AUTHORITY
सं० 12]
नई दिल्ली, शनिवार, मार्च 22, 2003 ( चैत्र 1, 1925 )
NEW DELHI , SATURDAY, MARCH 22, 2003 ( CHAITRA 1 , 1925)
No. 12]
भाग में भिन्न पृष्ठ संख्या दी जाती है जिससे कि यह अलग संकलन के रूप में रखा जा सके । इस (Separate paging is given to this Part in order that it may be filed as a separate compilation)
विषय-सूची
389 भाग I-- खण्ड- 1--( रक्षा मंत्रालय को छोड़कर ) भारत सरकार के मंत्रालयों और उच्चतम न्यायालय द्वारा जारी की गई विधितर नियमों, विनियमों, आदेशों तथा संकल्पों से सम्बन्धित अधिसूचनाएं
237 भाग I-- खण्ड-2--( रक्षा मंत्रालय को छोड़कर ) भारत सरकार के मंत्रालयों और उच्चतम न्यायालय द्वारा जारी की गई सरकारी अधिकारियों की नियुक्तियों, पदोन्नतियों , छुट्टियों आदि के सम्बन्ध में अधिसूचनाएं
1 भाग I-- खण्ड-3--रक्षा मंत्रालय द्वारा जारी किए गए संकल्पों और असांविधिक आदेशों के सम्बन्ध में अधिसूचनाएं
325 भाग I-- खण्ड- 4-- रक्षा मंत्रालय द्वारा जारी की गई सरकारी अधिकारियों की नियुक्तियों , पदोन्नतियों, छुट्टियों आदि के सम्बन्ध में अधिसूचनाएं भाग II-- खण्ड- 1-- अधिनियम, अध्यादेश और विनियम भाग II-- खण्ड-1 क अधिनियमों , अध्यादेशों और विनियमों का हिन्दी भाषा में प्राधिकृत पाठ
भाग II--खण्ड- 2--विधेयक तथा विधेयकों पर प्रवर समितियों के...बिल तथा रिपोर्ट
भाग II--खण्ड- 3- उप खण्ड ( i ) भारत सरकार के मंत्रालयों (रक्षा मंत्रालय को छोड़कर ) और केन्द्रीय प्राधिकरणों ( संघ शासित क्षेत्रों के प्रशासनों कोछोड़कर ) द्वारा जारी किए गए सामान्य सांविधिक नियम ( जिनमें सामान्य स्वरूप के आदेश और उपविधियां आदि भी शामिल है)
भाग II-- खण्ड- 3 - उप खण्ड ( ii ) भारत सरकार के मंत्रालयों ( रक्षा मंत्रालय को छोड़कर ) और केन्द्रीय प्राधिकरणों ( संघ शासित क्षेत्रों के 1-501GI /2002
प्रशासनों को छोड़कर ) द्वारा जारी किए गए सांविधिक आदेश और अधिसूचनाएं
भाग II-- खण्ड-3-- उप खण्ड ( iii ) भारत सरकार के मंत्रालयों ( जिसमें रक्षा मंत्रालय भी शामिल है) और केन्द्रीय प्राधिकरणों ( संघ शासित क्षेत्रों के प्रशासनों को छोड़कर ) द्वारा जारी किए गए सामान्य सांविधिक नियमों और सांविधिक आदेशों ( जिनमें सामान्य स्वरूप की उपविधियां भी शामिल हैं) के हिन्दी प्राधिकृत पाठ ( ऐसे पाठों को छोड़कर जो भारत के राजपत्र के खण्ड 3 या खण्ड 4 में प्रकाशित होते हैं)
भाग II-- खण्ड-4-- रक्षा मंत्रालय द्वारा जारी किए एए सांविधिक नियम और आदेश
443 भाग III-- खण्ड-1 उच्च न्यायालयों , नियंत्रक और महालेखापरीक्षक, संघ लोक सेवा आयोग , रेल विभाग और भारत सरकार से सम्बद्ध और अधीनस्थ कार्यालयों द्वारा जारी की गई अधिसूचनाएं
1065 भाग III-- खण्ड- 2--पेटेंट कार्यालय द्वारा जारी की गई पेटेन्टों और डिजाइनों से सम्बन्धित अधिसूचनाएं और नोटिस
भाग III-- खण्ड- 3-- मुख्य आयुक्तों के प्राधिकार के अधीन अथवा द्वारा जारी की गई अधिसूचनाएं
3307 भाग III-- खण्ड-4-- विधिक अधिसूचनाएं जिनमें सांविधिक निकायों द्वारा जारी की गई अधिसूचनाएं, आदेश , विज्ञापन और नोटिस शामिल हैं
105 भाग IV--गैर-सरकारी व्यक्तियों और गैर -सरकारी निकायों द्वास जारी किए गए विज्ञापन और नोटिस V--अंग्रेजी और हिन्दी दोनों में जन्म और मृत्यु के आंकड़ों को दर्शाने वाला सम्पूरक भाग
(389) 390
THE GAZETTE OF INDIA , MARCH 22 , 2003 ( CHAITRA 1 , 1925 )
PART I-SEC.1
CONTENTS
389
PART I-SECTION 1-Notifications relating to Non- Statutory Rulės , Regulations , Orders and Resolutions issued by the Ministries ofthe Government of India (other than the Ministry of Defence ) and by the Supreme Court
PART II- SECTION 3- SUB - SECTION ( iii )- Authoritative texts in Hindi (other than such texts , published in Section 3 or Section 4 of the Gazette of India ) of General Statutory Rules & Statutory Orders ( including Bye- laws of a general character) issued by the Ministries of theGovernment of India (including the Ministry of Defence ) and by Central Authorities (other than Administration ofUnion Territories)
237
PART I- SECTION 2 -- Notifications regarding Appointments , Promotions , Leave etc. of Government Officers issued by the Ministries of the Government of India (other than the Ministry of Defence) and by the Supreme Court
PART II-SECTION 4-Statutory Rules and Orders issued by the Ministry of Defence
1
PART I- SECTION 3 - Notifications relating to Resolutions and Non - Statutory Orders issued by the Ministry of Defence
325
PART I- SECTION 4- Notifications regarding Appointments, Promotions , Leave etc. of Government Officers issued by the Ministry of Defence .
PART III-SECTION 1-Notifications issued by the High Courts , the Comptroller and Auditor General, Union Public Service Commission , the Indian Government Railways and by Attached and Subordinate Offices of the Government ofIndia
443
*
PART II- SECTION 1- Acts , Ordinances and Regulations
*
PART II- SECTION 1A- Authoritative texts in Hindi languages of Acts , Ordinances and Regulations
1065
PART III-SECTION 2-Notifications and Notices issued by the Patent Office , relating to Patents and Designs .
PART II -SECTION 2-Bills and Reports of the Select Committee on Bills
PART III-SECTION 3- Notifications issued by or under the authority of Chief Commissioners .
3307
PART III -SECTION 4-Miscellaneous Notifications including Notifications , Orders , Advertisements and Notices issued by StatutoryBodies
PART II -SECTION 3- SUB- SECTION ( i)-General Statutory Rules including Orders , Bye- laws , etc. of general character issuedby theMinistry of the Government of India (other than the Ministry of Defence) and by the Central Authorities ( other than the Administration of Union Territories)
PART IV-Advertisements and Notices issued by Private Individuals and Private Bodies
105
PART V-Supplement showing Statistics of Births and Deaths etc. both in English and Hindi
PART II -SECTION 3 -SUB- SECTION ( ii )-Statutory Orders and Notifications issued by the Ministries of the Government of India (other than the Ministry of Defence) and by the Central Authorities (other than theAdministration of Union Territories) भाग I-खण्ड 1 ]
भारत का राजपत्र, मार्च 22, 2003 (चैत्र 1 , 1925 )
391
भाग I-खण्ड 1
[ PART I- SECTION 1 ]
[ ( रक्षा मंत्रालय को छोड़कर) भारत सरकार के मंत्रालयों और उच्चतम न्यायालय द्वारा जारी की गई विधितर नियमों , विनियमों तथा आदेशों और संकल्पों से संबंधित अधिसूचनाएं]
[Notifications relating to Non - Statutory Rules , Regulations , Orders and Resolutions issued by the Ministries of the Government of India ( other than the Ministry of Defence ) and by the Supreme Court]
राष्ट्रपति सचिवालय
नई दिल्ली , 26 जनवरी, 2003 .
संख्या 31 न्प्रेज़ ./2003-राष्ट्रपति निम्नलिखित कार्मिकों को उनकी अति असाधारण कोटि की विशिष्ट सेवा के लिए " परम विशिष्ट सेवा मेडल " प्रदान किए जाने का अनुमोदन करते हैं : -
1. आई सी -15201 लेफ्टिनेंट जनरल तेजिन्दर जीत सिंह गिल , सेना आयुध कोर
2. आई सी -15464 लेफ्टिनेंट जनरलअनन्तानारायण नटराजन , एवीएसएम वीएसएम , आर्टिलरी 3 . आई सी- 15025 लेफ्टिनेंट जनरल प्रकाश सूरी, इंजीनियर
4. आई सी-15403 लेफ्टिनेंट जनरल धरम प्रकाश सहगल , एवीएसएम , वीएसएम ,एडीसी ,सिग्नल 5. एमआर- 02562 लेफ्टिनेंट जनरल बिजय नंदन शाही, एवीएसएम ,वीएसएम , सेना चिकित्सा कोर 6. आई सी-16240 लेफ्टिनेंट जनरल सरवजीत सिंह चहल, एवीएसएम, वीएसएम , इन्फैंट्री
7. आई सी-14385 लेफ्टिनेंट जनरल बृजमोहन कपूर , एवीएसएम, कवचित कोर
8. आई सी-14405 लेफ्टिनेंट जनरल कमलेश्वर दावर, एवीएसएम , कवचित कोर
9. आई सी-13951 लेफ्टिनेंट जनरल दिनेश सिंह चौहान ,यू वाई एस एम, एवीएसएम , वीएसएम, इन्फैंट्री 10. आईसी- 15787 लेफ्टिनेंट जनरल महेशविज, एवीएसएम , इन्फैंट्री
11 . आईसी- 14851 लेफ्टिनेंट जनरल राजिन्द्र कुमार मेहता, एवीएसएम , वीएसएम , ई एम ई
.12. आईसी-15490 लेफ्टिनेंट जनरल नरेश चंद , एडी आर्टिलरी
13. आईसी-13971 लेफ्टिनेंट जनरल हरी उनियाल, इंजीनियर
14. आईसी-16272 लेफ्टिनेंट जनरल भूपेन्द्र सिंह ,एवीएसएम , इन्फैंट्री
15. आईसी-15915 लेफ्टिनेंट जनरल अशोक चाकी, एवीएसएम , एसएम ,वीएसएम , इन्फैंट्री
16. आईसी- 18964 लेफ्टिनेंट जनरल पारिन्दर पाल सिंह बिन्द्रा , एवीएसएम , वीएसएम , इन्फैंट्री 17. आईसी-15041 लेफ्टिनेंट जनरल विजय कुमार दुआ , एवीएसएम , वीएसएम , इंजीनियर
18. आईसी- 15543 लेफ्टिनेंट जनरल नारायण चटर्जी, एवीएसएम, एसएम , वीएसएम , आर्टिलरी 19. आईसी-16176 लेफ्टिनेंट जनरल रोशनलाल मगोत्रा , वीएसएम , सिग्नल
20. वाइस एडमिरल ओम प्रकाश बन्सल, एवीएसएम , वीएसएम (00660 -जेड)
21. वाइस एडमिरल प्रवेश जेटली , एवीएसएम , वीएसएम (50166-एन)
22. वाइस एडमिरल यशवन्त प्रसाद , एवीएसएम , वीएसएम (00709-के)
23. एयर मार्शल अडी रूस्तमजी गांधी, एवीएसएम , वीर चक्र (7722) उड़ान (पायलट)
24. एयर मार्शल दिनेश चन्द्र निगम , एवीएसएम, वीएसएम (7938 ) ए ई ( एल) 392
[भाग I-खण्ड 1 भारत का राजपत्र, मार्च 22, 2003 ( चैत्र 1 , 1925 )
25. एयर मार्शल सतीश कुमार रामलाल धाम , एवीएसएम , वीएसएम (8097 ) चिकित्सा
26. एयर मार्शल शशीन्द्र पाल त्यागी , एवीएसएम , वीएम (8130) उड़ान (पायलट)
27 . एयर मार्शल अशोक कुमार गोयल , एवीएसएम , वीएम, (8151 ) उड़ान (पायलट)
28 . एयर मार्शल विजय अच्युत पाटकर , एवीएसएम , वीएसएम (8632) एई (एल )
बरुण मित्रा /
(बरुण मित्रा) निदेशक
संख्या 32 प्रेज़ ./ 2003-राष्ट्रपति निम्नलिखित कार्मिकों को उनकी असाधारण कोटि की विशिष्ट सेवा के लिए " अति विशिष्ट सेवा मेडल- बार " प्रदान किए जाने का अनुमोदन करते हैं: -
1. एमआर- 02094 लेफ्टिनेंट जनरल सतीश प्रकाश कालरा , एवीएसएम , सेना चिकित्सा कोर 2. आईसी -17576 मेजर जनरल अमरीक सिंह बाहीया, एवीएसएम , नागा
3. आईसी -17733 मेजर जनरल मदन गोपाल, एवीएसएम , 9 गोरखा राइफल/मुख्या . 2 माउंटेन डिवी.
4. आईसी-26372 मेजर जनरल मूवेरा चिन्नापा नन्जप्पा , एवीएसएम , वाईएसएम , राजपूत 28 इन्फैंट्री डिवीजन
5. आईसी -26878 मेजर जनरल गगनजीत सिंह , एवीएसएम , कवचित कोर /21 माउंटेन डिवी.
बसँग मित्रा
(बरुण मित्रा) निदेशक भाग I-खण्ड 1 ]
भारत का राजपत्र, मार्च 22, 2003 (चैत्र1, 1925 )
393 संख्या 33- प्रेज़ . /2003 -राष्ट्रपति निम्नलिखित कार्मिकों को उनकी असाधारण कोटि की विशिष्ट सेवा के लिए " अति विशिष्ट सेवा मेडल " प्रदान किए जाने का अनुमोदन करते हैं: -
1. डीआर -10170 लेफ्टिनेंट जनरल जवाहर लाल शर्मा ,वीएसएम , सेना दंत चिकित्सा कोर
2. आईसी- 15809 लेफ्टिनेंट जनरल कपिल विज, कवचित कोर, मुख्यालय आर्मी ट्रेनिंग कमान 3. आईसी-15831 लेफ्टिनेंट जनरल अरविन्द कुमार , कवचित कोर
4. आईसी-16818 लेफ्टिनेंट जनरल पदम पाल सिंह भंडारी , कवचित कोर
5. आईसी-14382 मेजर जनरल जितेन्द्र सिंह ,वीएसएम , डोगरा / आईएमए (सेवानिवृत्त)
6. आईसी-16048 मेजर जनरल पुरूषोत्तम विग , वीएसएम, ईएमई / मुख्या. उत्तरी कमान(सेवानिवृत्त) 7. आईसी -16054 मेजर जनरल विजय कुमार भास्कर ,वीर चक्र , इंजीनियर (सेवानिवृत्त)
8. आईसी -16116 मेजर जनरल अविनाश केशव सरवते, कुमाऊं
9. आईसी-16319 मेजर जनरल पवन कुमार छिब्बर , कुमाऊं/ सीआईएफ (एनई) (सेवानिवृत्त) 10. आईसी-16329 मेजर जनरल मनमोहन भारद्वाज , आर्टिलरी
11. आईसी-16418 मेजर जनरल राजेन्द्रनाथ वडेरा , आर्टिलरी (सेवानिवृत्त)
12. आईसी- 16900 मेजर जनरल अरविन्द शर्मा, वीएसएम, 4 गोरखा राइफल
13. आईसी- 17210 मेजर जनरल श्रीनिवास पट्टभिरमन , एसएम , वीएसएम , इंजीनियर
14. आईसी-17280 मेजर जनरल वीर चंद जैन, वीएसएम * मुख्यालय बेस वर्कशाप ग्रुप , ईएमई 15. आईसी-19004 मेजर जनरल अजीत सिंह बाजवा ,वीएसएम, आर्टिलरी
16 . आईसी-19029 मेजर जनरल आनन्द सागर भगत, एसएम , सिग्नल
17. आईसी- 19196 मेजर जनरल कौस्तुभानंद भट्ट, सेना शिक्षा कोर
18 . आईसी -19853 मेजर जनरल अरविन्द महाजन , वीएसएम ईएमई
19. आईसी- 24054 मेजर जनरल राजेन्द्र सिंह जामवाल, इंजीनियर / सीआईएफ (वी)
20. आईसी-26028 मेजर जनरल कुलदीप चंद्र, विग, वीएसएम , आर्टिलरी / मुख्या . 17 माऊंटेन ड़िवी.
21. आईसी-26535 मेजर जनरल अमरीक सिंह, इंटेलिजेंस कोर
# 22. आईसी- 02051 मेजर जनरल भमादिपती सदानंदा , वीएसएम, एएमसी/ कमान हास्पिटल पश्चिम कमान
23. एमआर-02610 मेजर जनरल असीम चक्रवर्ती, सेना चिकित्सा कोर (सेवानिवृत्त)
24. रियर एडमिरल प्रताप सिंह बैस (01129 - आर)
25. रियर एडमिरल बिरेन्द्र सिंह रंधावा, वीएसएम (40298 -के)
26. रियर एडमिरल सुब्रामनियम माधवन, वीएसएम (50202- डब्ल्यु)
27. रियर एडमिरल विजय स्वरूप माथुर, वीएसएम (60147-वाई) 394
भारत का राजपत्र, मार्च 22 , 2003 ( चैत्र1 , 1925 )
[भाग -खण्ड 1 28 . सर्जन रियर एडमिरल विजय कुमार सिंह, वीएसएम ( 75111 - एफ)
29. कमोडोर थाई हरि, एन एम , ( 01180-एफ)
30 . कमोडोर अरुण कुमार , एन एम, (01408 -जेड)
31. एयर मार्शल रनजीत कुमार गुप्ता (8899) वैमानिक इंजीनियसी ( इलेक्ट्रानिक्स)
32. एयर वाइस मार्शल रामयार केकी बाथा , वीएसएम (9588 ) वैमानिक इंजीनियरी ( इलेक्ट्रानिक्स) (सेवानिवृत्त)
33 . एयर वाइस मार्शल बाबू अजीत कुमार शेट्टी ( 10110) उड़ान (पायलट)
34. एयर वाइस मार्शल अम्बरीश कुमार, वीएसएम ( 11547) वैमानिक इंजीनियरी (इलेक्ट्रानिक्स) 35. एयर वाइस मार्शल सुभंक शेखर लाहिरी, वीएसएम ( 11568 ) वैमानिक इंजीनियरी ( इलेक्ट्रानिक्स) 36. एयर कमोडोर सूर्यकान्त निजानन्द बाल ( 10940) उड़ान (पायलट) (सेवानिवृत्त)
37. एयर कमोडोर पकियमापॉल राजकुमार ( 12018 ) उड़ान (पायलट)
38. एयर कमोडोर प्रदीप कुमार , वीएसएम ( 12029) उड़ान (पायलट)
39. एयर कमोडोर ऋषि पाल सिंह , वीएसएम ( 12639) वैमानिक इंजीनियरी (मैकेनिकल)
40. एयर कमोडोर निर्दोष वात्स्यायन त्यागी , वीएम , वीएसएम ( 12765) उड़ान (पायलट)
41. एयर कमोडोर नोरमन अनिल कुमार ब्राउन, वीएम ( 13129) उड़ान (पायलट)
42. एयर कमोडोर निर्भय कुमार जैन ( 13576) उड़ान (पायलट)
1
बरुण मित्रा (बरुण मित्रा) निदेशक
संख्या 34 प्रेज़ . / 2003-राष्ट्रपति निम्नलिखित कार्मिकों को उनकी उच्च कोटि की विशिष्ट सेवा के लिए " विशिष्ट सेवा मेडल- बार " प्रदान किए जाने का अनुमोदन करते हैं: -
1. आईसी- 16338 मेजर जनरल विजय कुमार चौपड़ा, वीएसएम , आर्टिलरी
2. आईसी- 16615 मेजर जनरल मनमोहन सिंह बैदवान, वीएसएम, ईएमई/ मुख्यालय दक्षिण कमान 3. आईसी- 25466 ब्रिगेडियर गोविन्द गोपाल द्विवेदी , वीएसएम , जाट/ मुख्या . 79 माऊंटेन ब्रिगेड 4. डीआर- 10267 ब्रिगेडियर परमजीत सिंह , वीएसएम , सेना दंत चिकित्सा
5. आईसी- 30353 कर्नल सैयद अता हसनैन , वीएसएम , गढ़वाल राइफल
बरुण मित्रा (बरुण मित्रा) निदेशक 395 भाग I-खण्ड 1 ]
भारत का राजपत्र, मार्च 22, 2003 (चैत्र1, 1925 )
संख्या 35 - प्रेज़./2003-राष्ट्रपति निम्नलिखित कार्मिकों को उनकी उच्च कोटि की विशिष्ट सेवा के लिए 46
विशिष्ट सेवा मेडल " प्रदान किए जाने का अनुमोदन करते हैं: -
आईसी- 15024, मेजर जनरल माधव एडेन , इंजीनियर / मुख्या . पश्चिमी कमान (सेवानिवृत्त) 1.
आईसी- 16124 मेजर जनरल अशोक कुमार वासुदेव , आर्टिलरी/ मुख्या . पश्चिमी कमान (सेवानिवृत्त) 2.
3. आईसी- 16289 मेजर जनरल भूपेन्द्र सिंह, डोगरा / मुख्या. एसएफ
4. आईसी- 16609 मेजर जनरल चंद्रमोहन लोगानी, ईएमई
5. आईसी- 16829 मेजर जनरल सुभाष बिन्द्रा, एओसी/मुख्या . पूर्वी कमान
6. आईसी- 17065 मेजर जनरल कुलभूषण कपूर , इंजीनियर /मुख्या . अंदमान एवं निकोबार कमान 7. आईसी- 17315 मेजर जनरल नोयल प्रेम कुमार , सिग्नल
8 . आईसी- 17729 मेजर जनरल मोहन सिंह मुरजानी , एओसी
9 . आईसी -17876 मेजर जनरल अरुण दिन्शां नारगोलवाला , इंजीनियर / मुख्यालय 14 कोर (सेवानिवृत्त)
10 . आईसी- 19107 मेजर जनरल दीपक मुखर्जी, वाईएसएम , बिहार/ सीआईएफ/(आर)
11. आईसी- 19410 मेजर जनरल मोहन पांडे , महार / मुख्यालय 26 इन्फैंट्री डिवीजन
12. आईसी- 23291 मेजर जनरल जयन्त कुमार मोहंती , एसएम, डोगरा
13. आईसी-24722 मेजर जनरल अनिल कुमार मेहरा, एडी आर्टिलरी / मुख्या . 1 कोर
14. वी- 216 मेजर जनरल बृजमोहन तलवार , रिमांउट तथा पशु चिकित्सा कोर
आईसी- 23688 ब्रिगेडियर किरन किशोर कोहली , आर्टिलरी / मुख्यालय 4 कोर 15
आईसी- 19478 ब्रिगेडियर गुलशन कुमार निश्चल, सिग्नल 16.
17. आईसी-23777 ब्रिगेडियर अभ्रद्वाज परमार , राजपूत /मुख्यालय मध्य कमान
18. आईसी-23813 ब्रिगेडियर भास्कर ज्योति गुप्ता , 11 गोरखा राइफल/ मुख्यालय पूर्वी कमान 19. आईसी-23814 ब्रिगेडियर रणवीर कुमार छाबड़ा , 4 गोरखा राइफल/ मुख्यालय 15 कोर 20. आईसी-23815 ब्रिगेडियर राजेश्वर दत्त शर्मा, 3 एडवांस बेस वर्कशॉप , ई.एम.ई.
21. आईसी-23817 ब्रिगेडियर परविन्दर सिंह, 31 सब एरिया , पंजाब
22. आईसी-24588 ब्रिगेडियर अमरजीत सिंह लांबा , सिग्नल/ मुख्या . 16 कोर
23. आईसी-24716 ब्रिगेडियर भरत सिंह सिसोदिया , एओसी/ मुख्यालय कॉलेज ऑफ कॉमबेट 24. आईसी-25126 ब्रिगेडियर राजेन्द्र सिंह सुजलाना, सिख
25. आईसी-25423 ब्रिगेडियर प्राणाधार गौड़ ,मुख्यालय 73 माउंटेन बिग्रेड, 9 गोरखा राइफल 26. आईसी-25424 ब्रिगेडियर देवेन्द्र चंद कटोच , कवचित कोर/ मुख्या . 10 सेक्टर राष्ट्रीय राइफल 396
भारत का राजपत्र, मार्च 22, 2003 ( चैत्र 1 , 1925 )
[भाग I-खण्ड 1 27. आईसी-25501 ब्रिगेडियर कवर महाराज सिंह शेरगिल , कवचित कोर/मुख्या . 107 माउंटेन ब्रिगेड 28. आईसी-25647 ब्रिगेडियर भूपेन्द्र सिंह घोत्रा , एसएम , 7 सेक्टर राष्ट्रीय राइफल, जीआर
29. आईसी-25691 ब्रिगेडियर बलेदव सिंह , राजपूताना राइफल/ मुख्या . 12 सेक्टर राष्ट्रीय राइफल
30. आईसी -25862 ब्रिगेडियर हरबीर सिंह संधू, आर्टिलरी/ मुख्यालय 2 माउंटेन आर्टिलरी ब्रिगेड,
31. आईसी-21726 ब्रिगेडियर प्रकाश मेनन , गार्ड/ मुख्या . 68 माउंटेन ब्रिगेड
32. आईसी -27038 ब्रिगेडियर आनन्द मोहन वर्मा , एसएम राजपूत/ मुख्यालय 8 सेक्टर राष्ट्रीय राइफल 33. आईसी -27314 ब्रिगेडियर अनिल कुमार गुलाटी, कवचित कोर/ मुख्या . 181 माउंटेन ब्रिगेड
34. आईसी-32357 ब्रिगेडियर वीरेन्द्र कुमार भूटानी , इंट/ मुख्या . आई एंड एफ एस ग्रुप
35. आईसी-32982 ब्रिगेडियर जगदीश सिंह वर्मा , ईएमई/ मुख्या . 14 कोर
36. आईसी-33015 ब्रिगेडियर इप्पन जैकब कोचिकन, 5 गोरखा राइफल (एफएफ) ,/मुख्या . 9 सेक्टर असम राइफल
37. आईसी -33052 ब्रिगेडियर सुशान्त कुमार चौधरी , इंट कोर
38. एमआर-02249 ब्रिगेडियर पुनीता अरोड़ा, एसएम , एएमसी/166 एमएच
39. एमआर-02566 ब्रिगेडियर वेद प्रकाश धान्ड , एएमसी/ सी एच ( ईसी)
40 . एसएल-2302 ब्रिगेडियर गोविन्द प्रसाद बड़थ्वाल , जनरल सर्विस
41. वी-321 ब्रिगेडियर नारायण महंती , आरवीसी
42. आईसी-27746 ब्रिगेडियर सुखदीप सिंह भाटिया , जम्मू- कश्मीर राइफल / मुख्या . 102 इन्फैंट्री ब्रिगेड 43. आईसी-26392 कर्नल सुरेन्द्र शर्मा , कवचित कोर
44. आईसी-31014 कर्नल विजय कुमार सक्सेना , एड़ी आर्टिलरी
45. आईसी -31503 कर्नल रोनाल्ड अशोके एन्डु राजकुमार, 20 असम राइफल
46. आईसी -31521 कर्नल सुरेन्द्र हरी कुलकर्णी , आरमण कोर
47. आईसी -31805 कर्नल गुलशन सहदेव , 4 इंजीनियरिंग रेजिमेंट
48. आईसी-34394 कर्नल बारीश बरण पुरी, गढ़वाल राइफल
49. आईसी-35160 कर्नल अश्वनी कुमार सिवाच , जम्मू- कश्मीर राइफल
50. आईसी-37679 कर्नल जासन पीटर , असम/ 35 राष्ट्रीय राइफल
51. आईसी- 37934 कर्नल विजय ज्ञानदेव चौगुले , 16 पंजाब
52. आईसी-38012 कर्नल रविन्द्र सिंह , सेना सेवा कोर
53. आईसी -38268 कर्नल राजेन्द्र सिंह यादव , राजपूताना राइफल / 9 राष्ट्रीय राइफल
54. आईसी-38275 कर्नल. सोरेश भट्टाचार्य , ईएमई / 619 ईएमई बटालियन
55. आईसी- 38682 कर्नल अभिनन्दन कुमार सिंह , 18 सिख
56. आईसी-38768 कर्नल रूस्तम पटनायक , एसएम , महार/ 30 राष्ट्रीय राइफल
57. आईसी-38784 कर्नल अनिल प्रताप राय , 15 राजपूत
58. आईसी -38821 कर्नल जतिन्द्र सिंह कुमार , एओसी/ सीएएसडी
59. आईसी-39142 कर्नल कुवंर शक्ति सिंह राठौर , 4/4 गोरखा राइफल
60. आईसी-39195 कर्नल राजबीर यादव, एसएम , 3/11 गोरखा राइफल
61. आईसी-39242 कर्नल अरिन्दम मजूमदार , एमएलआई /27 राष्ट्रीय राइफल
62. आईसी-39373 कर्नल बाबू जोसफ, ग्रनेडियर / 12 राष्ट्रीय राइफल
63. आईसी-39484 कर्नल हरचरण सिंह , 3 मद्रास
64. आईसी- 39676 कर्नल धर्म वीर सिंह राणा , 15 जम्मू- कश्मीर लाइट इन्फैंट्री
65. आईसी-39875 कर्नल गुरदीप सिंह बैंस , 2 पैरा (एसएफ) 34 भांग -खण्ड । ]
भारत का राजपत्र, मार्च 22, 2003 ( चैत्र 1 , 1925)
66. आईसी-39943 कर्नल अजय वधवा , 235 इंजीनियर रेजिमेंट
53 इंजीनियर रेजिमेंट 67. आईसी-41480 कर्नल बिश्वजीत घोष ,
68. एमआर-03024 कर्नल अमरजीत सिंह , एएमसी / कमान अस्पताल (दक्षिणी कमान)
69. 19947 कमान्डेट कमल जेठानन्द केसवानी , 28 बटालियन, बी, एस, एफ
70. एमआर-04395 लेफ्टिनेंट कर्नल बृज किशोर लाल , सेना चिकित्सा कोर
71. एमआर-04566 लेफ्टिनेंट कर्नल ( श्रीमती ) सुनिता कक्कड़, एएमसी/ कमान अस्पताल (पूर्वी कमान)
72. जेसी -325616 सूबेदार मेजर सुरजीत सिंह, बंगाल इंजीनियर ग्रुप एवं केंद्र रूड़की
73. जेसी -568231 सूबेदार वेद प्रकाश , महार / इन्फैंट्री स्कूल, मउ
74. रियर एडमिरल संजीव भसीन ( 01248-के)
75. कमोडोर राजीव भालचन्द्र प्रभावलकर , (40436-जेड)
76. कमोडोर मुक्कासात्तिल पोन्नानिक्कट मदाथिल शिवशंकर मेनन (50375- एन)
77. कमोडोर राजेन्द्र कंवर दास ( 00725 -वाई )
78. कमोडोर रोमियो इरविन इगनेशियस वाज (01434- एच )
79. कमोडोर पुत्तनपरम्पिल कोशी वर्गीस (40438- बी)
80. कमोडोर गोपालन नायर शशीधरन ( 01104-एच)
81. कमोडोर रविन्द्र दत्ता (01254-जेड)
82. कमोडोर कमल कृष्ण रोहतगी ( 70119-के)
83 . कमोडोर नरेश कुमार (50421-टी)
84. कमोडोर ज्ञानेन्द्र शर्मा ( 00858 -जेड)
85 . सर्जन कमोडोर जीवन माब्लू बोर्कर ( 75116 -टी)
86. कमोडोर रविन्द्र खन्ना (50514-बी)
87. सर्जन कैप्टन सुशील कुमार ( 75216- डब्ल्यू)
88. कमांडर नैनी ज्योति प्रकाशम प्रेमनाथ (01486- ए)
89. उदयभान सिंह, मास्टर चीफ मेकेनिशियन 1 ( 092302-बी)
90. एयर कमोडोर प्रदीप वसंत नाईक ( 12005) उड़ान (पायलट)
91. एयर कमोडोर गौतम सेनगुप्ता ( 12743 ) लेखा
92. ब्रिगेडियर प्रभात सिंह (आईसी -25082 ) कोर ऑफ सिग्नल्म
93 . ग्रुप कैप्टन श्रीनिवास राव चिन्नि ( 12344) परिभारिकी
94. ग्रुप कैप्टन मदन मोहन गुप्ता( 12881 ) एरोनॉटिकल इंजीनियरिंग (मैकेनिकल)
95. ग्रुप कैप्टन ललित कुमार मलहोत्रा ( 13373 ) उड़ान (पायलट)
96. ग्रुप कैप्टन राकेश कुमार जौली वीएम ( 14083 ) उड़ान (पायलट)
97 . ग्रुप कैप्टन सतवीर सिंह राणा ( 14383 ) प्रशासन (लड़ाकू नियंत्रण)
98. ग्रुप कैप्टन सुमेश कुमार सहगल ( 14594 ) वैमानिक इंजीनियरी ( इलेक्ट्रानिक्स)
99. विंग कमांडर गोपाल कृष्ण पटनायक ( 14735 ) प्रशासन ( लड़ाकू नियंत्रण )
100. विंग कमांडर अमृत लाल पटेल ( 15069 ) वैमानिक इंजीनियरी ( मैकेनिकल )
101. विंग कमांडर अरविन्द वर्मा ( 15410 ) उड़ान ( पायलट)
102. विंग कमांडर चिंतामन सदाशिव सोहोनी ( 15472) एरोनॉटिकल इंजीनियरी (मैकेनिकल)
103. विंग कमांडर राजीव बातिश (16038 ) उड़ान (पायलट)
104. विंग कमांडर हरीश त्यागी ( 16099 ) प्रशासन 198
भारत का राजपत्र, मार्च 22, 2003 ( चैत्र 1 , 1925 )
[भाग I-खण्ड 1 105. विंग कमांडर अनिल कुमार ( 16119 ) परिभारिकी
106. विंग कमांडर कामेश्वर झा ( 16169) वैमानिक इंजीनियरी (मैकेनिकल)
107. विंग कमांडर दीपक रौत्रे ( 16194) चिकित्सा
108. विंग कमांडर प्रदीप वेल्सले कारविनकोप ( 16537) वैमानिक इंजीनियरी (मैकेनिकल)
109. विंग कमांडर राजीव दयाल माथुर (16772 ) उड़ान (पायलट)
110. विंग कमांडर मृगेन्द्र सिंह ( 17324 ) उड़ान (पायलट)
111. स्क्वाड्रन लीडर तारिक जमील अहमद खान ( 18072) (मरणोपरांत ) उड़ान (पायलट)
112. फ्लाइट लेफ्टिनेंट कृष्णनसन्धिल कुमार ( 24413 ) वैमानिक इंजीनियरी ( इलेक्ट्रानिक्स )
113. 287381 वारंट अफसर सवरी मुथ्यू अन्टोनी म्यूजीशियन
114. 657301 वारंट आनन्द बल्लभ जोशी फ्लाइट गनर
115. 293065 जूनियर वारंट अफसर पुरषोत्तम लाल वर्कशॉप फिटर (सी)
116. जीओ-1127 पी सयुंक्त निदेशक (प्रशासन) विजय कुमार भार्गव
117. जीओ-1372 एक्स सुपरिंटेंडिंग इंजीनियर ( सिविल ) गुरुतेक सिंह।
118. जीओ-1583 ए सुपरिंटेंडिंग इंजीनियर ( सिविल ) पवनेश कुमार महाजन
!
बरुण किता 1 (बरुण मित्रा) निदेशक भाग -खण्ड 1 ।
399 भारत का राजपत्र, मार्च 22, 2003 ( चैत्र 1 , 1925 )
संख्या 36 - प्रेज़ . /2003-राष्ट्रपति निम्नलिखित कार्मिकों को झड़पों के दौरान उनकी उच्च कोटि की विशिष्ट सेवा के लिए युद्ध सेवा मेडल" प्रदान किए जाने का अनुमोदन करते हैं : -
1. आईसी- 19440 मेजर जनरल सुधीर शर्मा , वीएसएम , गार्ड / मुख्यालय 10 इन्फैंट्री डिवीजन 2. आईसी- 23368 ब्रिगेडियर अशोक कुमार दुग्गल , वीएसएम, पैरा / मुख्यालय 102 इन्फैंट्री ब्रिगेड 3. आईसी- 25170 ब्रिगेडियर राजेश कुमार शर्मा , सिख लाईट इन्फैंट्री/ मुख्यालय इन्फैंट्री 12 ब्रिगेड 4. आईसी-25417 ब्रिगेडियर विजय सिंह सुखदयाल, मैकानाइज्ड इन्फैंट्री/ मुख्यालय 80 इन्फैंट्री ब्रिगेड 5. आईसी- 25457 ब्रिगेडियर विजय कुमार अहलुवालिया, वीएसएम आर्टिलरी / मुख्यालय 161 इन्फैंट्री ब्रिगेड
6. आईसी-25492 ब्रिगेडियर राजीव इनोच विलियम्स, जम्मू- कश्मीर लाईट इन्फैंट्री/ मुख्यालय 56 माउंटेन ब्रिगेड
7 . आईसी -25901 ब्रिगेडियर परनाईक कैवल्य त्रिविक्रम , इन्फैंट्री 104 इन्फैंट्री ब्रिगेड
8 . अईसी- 36819 कर्नल विजय कुमार महाजन , 11 सिख लाईट इन्फैंट्री
9. आईसी-38903 कर्नल दिलजीत सिंह, एसएम , 18 मद्रास
10. आईसी-39070 कर्नल रणबीर सिंह, 9 डोगरा
11. आईसी-45138 लेफ्टिनेंट कर्नल सुन्दर सिंह, 19 जाट
बरुण मित्रा (बरुण मित्रा) निदेशक
संख्या 37- प्रेज़ . /2003-राष्ट्रपति निम्नलिखित कार्मिकों को असाधारण साहसपूर्ण कार्यों के लिए " सेना मेडल- बार " प्रदान किए जाने का अनुमोदन करते हैं : -
1. आईसी- 52448 मेजर कुलबीर सिंह, एसएम , 9 ग्रेनेडियर्स
2. आईसी- 56601 कैप्टन मिलान विनायक नालावाडे, एसएम, 9 पैरा ( एसएफ )
3. जेसी - 498048 सूबेदार स्वर्ण सिंह , एसएम, 7 सिख
4. जेसी 412468 नायक सूबेदार बहादुर सिंह, एसएम, 9 पैरा ( एसएफ)
5. 4267316 हवलदार बालाराम प्रधान , एसम, 5 बिहार
बरुण मित्रा (बरुण मित्रा) निदेशक 400
भारत का राजपत्र, मार्च 22, 2003 ( चैत्र 1 , 1925 )
[भाग ।-खण्ड । संख्या 38- प्रेज़ ./ 2003-राष्ट्रपति निम्नलिखित कार्मिकों को असाधारण साहसपूर्ण कार्यों के लिए " सेना मेडल " प्रदान किए जाने का अनुमोदन करते हैं: -
1. आईसी- 35962 कर्नल ललित कुमार पाण्डेय, 9 ग्रेनेडियर
2. आईसी- 42189 लेफ्टिनेंट कर्नल नरेन्द्र सिंह परमार, सिख लाईट इन्फैंट्री / 2 राष्ट्रीय राइफल . आईसी- 45754 मेजर प्रदीप कोटनाला , मद्रास /38 राष्ट्रीय राइफल
1. आईसी- 46496 मेजर विरेन्द्र सिंह , आर्टिलरी / 169 फील्ड रेजिमेंट
आईसी-46704 मेजर गौतम सेगंट्र , एससी , आर्टिलरी / 169 फील्ड रेजिमेंट
आईसी- 46705 मेजर उदय कुमार यादव, मराठा लाईट इन्फैंट्री / 8 असम राइफल
आईसी-48102 मेजर दीपक बक्शी, 2 पैरा (एसएफ )
आईसी- 49025 मेजर राजेश कुमार , 6 राजपूत
आईसी-50289 मेजर गुरजीत सिंह सन्धु, 14 महार
10. आईसी-50790 मेजर शान्तनु कुमार दास , मराठा लाईट इन्फैंट्री / 27 राष्ट्रीय राइफल
11 , आईसी-51552 मेजर प्रथि नाड्डुविलेजेथ प्रसन्नन , मेकनाइज्ड इन्फैंट्री/26 राष्ट्रीय राइफल 12. आईसी- 51937 मेजर राजेश भास्कर , 9 डोगरा
13. आईसी-51979 मेजर अजय कटोच , 24 पंजाब
14. आईसी- 52436 मेजर दिनेश चन्द्र सिंह कनयाल , 25 असम राइफल
15 आईसी-52943 मेजर उपेन्द्र सिंह आनन्द , आर्टिलरी / 169 फील्ड रेजिमेंट
आईसी-54089 मेजर अतुल कुमार घिलिदयाल डोगरा / 20 राष्ट्रीय राइफल
आईसी-54114 मेजर राजेश बाबू विरन्ना मुकुन्दी , मद्रास / 25 राष्ट्रीय राइफल 17.
आईसी- 54346 मेजर किरपाल सिंह गिल , 1 मराठा लाईट इन्फैंट्री 18 .
19 . आईसी-54715 मेजर गौरव मिश्रा, इंजीनीयर / 33 राष्ट्रीय राइफल
20. आईसी-55026 मेजर प्रिथविश साहा , आर्टिलरी, 9 राष्ट्रीय राइफल
21 . आईसी-55235 मेजर सी एस वर्धन , 9 पैरा ( एसएफ)
22. एसएस- 36746 मेजर धीरेन्द्र मलिक , 7 सिख
23 . एसएस -3776.5 मेजर संजय सिंह, 15 जम्मू- कश्मीर राइफल
24 आई सी-52733 कैप्टन अमित नौटियाल , 8 कुमाऊं
25. आईसी-56763 कैप्टन सुभेदार सलीम मुल्का , आर्टिलरी / 13 राष्ट्रीय राइफल
26. आईसी-57751 कैप्टन प्रशान्त कपूर , कवचित, 31 राष्ट्रीय राइफल
27. आईसी-58716 कैप्टन राहुल हरचन्द , एओसी/ 16 पंजाब
28. आईसी-59061 कैप्टन अनिरबन बंदोपाध्याय (मरणोपरांत) , 1/4 गोरखा राइफल भागः ।-खण्ड । ]
401 भारत का राजपत्र, मार्च 22, 2003 ( चैत्र 1 , 1925 )
29. आईसी-59116 कैप्टन बादल सिंह सिकरवार (मरणोपरांत) आर्टिलरी / 80 फील्ड रेजिमेंट
30. आईसी-59179 कैप्टन आशीश नागायच , सिगनल / 31 राष्ट्रीय राइफल (कमांडो)
31. आईसी-61262 कैप्टन तरुण कालिया , 8 कुमाऊं
32. एसएस- 37052 कैप्टन अनुराग शुक्ला , ईएमई/ 41 राष्ट्रीय राइफल
33 . एसएस- 37092 कैप्टन सतनाम सिंह (मरणोपरांत) आर्टिलरी/ 320 फील्ड रेजिमेंट
34. एसएस -38209 कैप्टन आशीश कृष्णा , आर्टिलरी , 14 फील्ड रेजिमेंट
35. आईसी-58683 लेफ्टिनेंट आदित्य कनवल, 7 कुमाऊं
36. आईसी- 59792 लेफ्टिनेंट विशाल गौरव , एएससी/ 2 डोगरा
37. आईसी-60521 लेफ्टिनेंट अकुंर शर्मा , 19 जाट
38. आईसी-60576 लेफ्टिनेंट प्रमोद कुमार मिश्रा, एओसी / 5 बिहार
39. आईसी-60945 लेफ्टिनेंट पेरिकलमकाट्टिल अब्राह्म मैथ्यू, 3 सिख
40. आईसी-61372 लेफ्टिनेंट हितेन्द्र पारती, एओसी/ 24 पंजाब
41. आईसी-61468 लेफ्टिनेंट अंजीत ओहरी, 15 सिख लाईट इंफैंट्री
42. आईसी-61494 लेफ्टिनेंट परमवीर सिंह बिष्ट , ईएमई/ 16 पंजाब
43. आईसी-61771 लेफ्टिनेंट मनोज पठानिया , 19 पंजाब
44. एसएस -38934 लेफ्टिनेंट मुंगलेप्पम , बुद्धिमंता सिंह , 15 राजपूत
45. एसएस-39463 लेफ्टिनेंट महेश कुमार , एओसी/24 पंजाब
46. एससी-00374 लेफ्टिनेंट रामफल सिंह नेहरा , एओसी/ 7 कुमाऊं
47. एआर -180 डिप्टी कमाडेंट करतार सिंह, एससी, मुख्यालय , 23 सेक्टर असम राइफल
48. 49874501 असिस्टेंट कमांडेंट सुमेर सिंह, 103 बटालियन बीएसएफ (मरणोपरांत)
49. जेसी -468528 सूबेदार लेख राम, 18 राष्ट्रीय राइफल राजपूताना राइफल
50. जेसी -498711 सूबेदार जसंवत सिंह , 7 सिख
51. जेसी -518835 सूबेदार दया राम वर्मा , 9 डोगरा
52. जेसी-528203 सूबेदार मदन सिंह (मरणोपरांत) गढ़वाल राइफल , 14 राष्ट्रीय राइफल
53. जेसी -538059 सूबेदार गणेश सिंह, 8 कुमाऊं
54. जेसी-528210 सूबेदार रूप सिंह (मरणोपरांत) 7 गढ़वाल राइफल
55. जेसी-568496 सूबेदार मिथिलेश्वर कुमार सिंह , महार/30 राष्ट्रीय राइफल
56. जेसी-612207 सूबेदार झामन बहादुर राना, गोरखा राइफल/ 15 राष्ट्रीय राइफल
57. जेसी-634075 सूबेदार धन बहादुर लिम्बा , 1/11 गोरखा राइफल
58. जेसी-262873 नायब सूबेदार बलदेव सिंह राणा , आर्टिलरी / 36 राष्ट्रीय राइफल
59. जेसी -412606 नायब सूबदार ठोम्बरे सतीश प्रभाकरराव , 2 पैरा (एसएफ)
60. जेसी -418725 नायग सूबेदार धुन्डा सिंह , मैकनाईज्ड इन्फैंट्री 12 राष्ट्रीय राइफल
61. जेसी-428709 नायब सूबेदार सुरजीत सिंह , पंजाब /22 राष्ट्रीय राइफल
62. जेसी -429011 नायब सूबेदार कुलबीर सिंह , 24 पंजाब
63. जेसी-468909 नायब सूबेदार राम सिंह , राजपूताना राइफल/43 राष्ट्रीय राइफल
64. जेसी -479003 नायब सूबेदार दिल शाद , 15 राजपूत
65. जेसी-488835 नायब सूबेदार ईश्वर सिंह , जाट / 45 राष्ट्रीय राइफल
66. जेसी-529100 नायब सूबेदार साबर सिंह , गढ़वाल राइफल / 36 राष्ट्रीय राइफल
67. जेसी-602410 नायब सूबेदार ज्ञान बहादुर थापा , गोरखा राइफल, 15 राष्ट्रीय राइफल
68. 2473890-एन कम्पनी हवलदार मेजर गुरमीत सिंह , 24 पंजाब 402
भारत का राजपत्र, मार्च 22, 2003 (चैत्र 1, 1925)
[भाग -खण्ड 1 69. 13746418 कम्पनी हवलदार मेजर हरजीत सिंह, 10 जम्मू- कश्मीर राइफल
70. 122895 हवलदार महेन्द्र संगमा , 12 असम राइफल
71 . 2593580 हवलदार संतोष कुमार सी , 9 पैरा ( एसएफ) ।
72. 2786011 हवलदार कोशटी महानन्द अन्नासाहिब , 15 मरांठा लाईट इन्फैंट्री
73. 3177541 हवलदार वीरेन्द्र सिंह राठी , जाट/45 राष्ट्रीय राइफल
74. 3389541 हवलदार दलविन्दर सिंह , 3 सिख
75. 3984187 हवलदार जगदीश सिंह (मरणोपरांत) , 1 पैरा ( एसएफ)
76. 4061037 हवलदार सूरत सिंह , 2 गढ़वाल राइफल
77. 4555445 हवलदार दिलबाग सिंह (मरणोपरांत) 14 महार
78. 5750440 हवलदार दल प्रसाद पुन , गोरखा राइफल/ 33 राष्ट्रीय राइफल
79. 9086820 हवलदार राज कुमार शर्मा , जम्मू- कश्मीर लाईट इन्फैंट्री/ 31 राष्ट्रीय राइफल 80. 9095693 हवलदार मोहम्मद नवाज हाजम , जम्मू- कश्मीर लाईट / 31 राष्ट्रीय राइफल 81. 13615171 हवलदार पविन्द्र कुमार , 9 पैरा (एसएफ)
82. 13617195 हवलदार प्रधान नामदेव घीणाजी , 9 पैरा (एसएफ)
83. 13688891 हवलदार अशोक कुमार राणा , 9 पैरा (एसएफ)
84. 13750735 हवलदार हरजीत सिंह, जम्मू- कश्मीर राइफल/ 28 राष्ट्रीय राइफल
85. 14464293 हवलदार देवेन्द्र सिंह , आर्टिलरी / 269 फोल्ड रेजिमेंट
86. 1080336 लांस दफादार थोरु सिंह, कवचित कोर 14 राष्ट्रीय राइफल
87. 1579275 नायक सुखबीर सिंह, इंजीनियर/ 5 राष्ट्रीय राइफल
88. 1584092 नायक मलूक सिंह , इंजीनियर / 2 राष्ट्रीय राइफाल
89. 2596281 नायक डेविड राज जी , 17 मद्रास
90. 2680086 नायक दिनेश कुमार, ग्रिनेडियर/ 12 राष्ट्रीय राइफल
91. 2682813 नायक मोहम्मद सलीम , ग्रिनेडियर 39 राष्ट्रीय राइफल
92. 2682985 नायक मोहम्मद तौकीद, ग्रिनेडियर 39 राष्ट्रीय राइफल
93. 2883024 नायक विनोद सिंह, राज राइफल / 18 राष्ट्रीय राइफल
94. 2888050 नायक जय प्रकाश सिंह, राजपूत राइफल/ 18 राष्ट्रीय राइफल
95. 2987248 नायक तेज कुमार , राजपूत/23 राष्ट्रीय राइफलं
96. 2987266 नायक विजय पाल , राजपूत / 10 राष्ट्रीय राइफल
97 . 3181870 नायक ब्रह्म पाल सिंह , जाट/ 34 राष्ट्रीय राइफल
98. 3392346 नायक सतपाल सिंह , 3 सिख
99. 3393548 नायक दलजीत सिंह , 7 सिख
100. 3988324 नायक सुरिन्दर सिंह (मरणोपरांत) डोगरा/ 11 राष्ट्रीय राइफल
101. 4068139 नायक बालम सिंह , 2 गढ़वाल राइफल
102. 4069149 नायक बीर सिंह , 4 गढ़वाल राइफल
103. 4071681 नायक सुरेन्द्र सिंह , गढ़वाल राइफल/ 36 राष्ट्रीय राइफल
104. 4184536 नायक रमेश पुरी, 4 कोर इंटेलिजेंस एवं ( एफ एस) यूनिट
105. 4474667 नायक प्रदीप सिंह, 15 सिख लाईट इन्फैंट्री
106. 13617894 नायक कुन्दन सिंह वर्मा , 9 पैरा (एसएफ)
107. 13618072 नायक हरलाल सिंह , 9 पैरा ( एसएफ)
108. 13618686 नायक सकपाल अशोक श्रीकृष्णा , 4 मराठा लाईट इन्फैंट्री भाग ।-खण्ड 1 ]
भारत का राजपत्र, मार्च 22, 2003 ( चैत्र 1 , 1925)
403 109. 13750124 नायक चमन लाल (मरणोपरांत ) जैक राइफल 22 स्पेशल फोर्स (स्पेशल ग्रुप)
110. 13750451 नायक सुरजीत शर्मा , जैक राइफल 22 स्पेशल फोर्स ( स्पेशल ग्रुप)
111. 13752646 नायक सतपाल, 15 जम्मू- कश्मीर राइफल
112. 14488973 नायक भगवान सिंह (मरणोपरांत) आर्टिलरी / 173 फील्ड रेजिमेंट
113. 2482625 लांस नायक परगट सिंह , पंजाब / 37 राष्ट्रीय राइफल
114. 2683964 लांस नायक होशियार चन्द, ग्रेनेडियर / 29 राष्ट्रीय राइफल
115. 2688016 लांस नायक प्रवीण कुमार , 4 ग्रेनेडियर
116. 2884092 लांस नायक गंगाधर , राजपूत राइफल/ 9 राष्ट्रीय राइफल
117. 2989156 लांस नायक सुखदेव, राजपूत / 10 राष्ट्रीय राइफल
118. 3186003 लांस नायक राजेश कुमार , 7 जाट
119. 3392365 लांस नायक रणजीत सिंह , सिख 6 राष्ट्रीय राइफल
120. 3393879 लांस नायक बुग्गर सिंह , सिख / 16 राष्ट्रीय राइफल
121. 3396825 लांस नायक गुरजीत सिंह , 3 सिख
122. 3398587 लांस नायक हरजीत सिंह, 18 सिख
123. 3989847 लांस नायक आनन्द कशोर शर्मा , डोगरा / 40 राष्ट्रीय राइफल
124. 3991657 लांस नायक रविन्दर सिंह, 9 पैरा (एसएफ)
125. 4184328 लांस नायक राजेन्द्र गिरि, 3 कुमाऊं
126. 4188542 लांस नायक दीवान सिंह , कुमाऊं
127. 9097679 लांस नायक मोहम्मद अब्दुल्ला गूनी (मरणोपरांत) 2 जम्मू- कश्मीर लाईट इन्फैंट्री
128. 9097702 लांस नायक मोहम्मद अलताफ डार, (मरणोपरांत) 2 जम्मू- कश्मीर लाईट इन्फैंट्री
129. 13618966 लांस नायक राऊत जगदेव विश्राम, 2 पैरा (एसएफ)
130. 13619762 लांस नायक महेश चन्द्र कुनियाल , स्पेशल ग्रुप/22 स्पेशल फोर्स
131. 4186366 लांस नायक प्रकाश सिंह रावत , 8 कुमाऊं
132. 2489333 सिपाही जसवंत सिंह , 16 पंजाब
133. 2487486 सिपाही पलविन्दर सिंह , पंजाब / 37 राष्ट्रीय राइफल
134. 2486434 एफ सिपाही संजय कुमार ( मरणोपरांत)/22 राष्ट्रीय राइफल
135. 2488414 सिपाही यशपाल , पंजाब , 7 राष्ट्रीय राइफल
136. 2490889 सिपाही बलबीर कुमार , पंजाब , 37 राष्ट्रीय राइफल
137. 2602983 सिपाही मारनडल्ली मुनीयन राजा , मद्रास / 25 राष्ट्रीय राइफल
138. 2603564 सिपाही श्रीजीथ एम . , 17 मद्रास
139. 2604680 सिपाही भुत्थु राजा एम. ( मरणोपरांत ) मद्रास , 38 राष्ट्रीय राइफल
140. 2793857 सिपाही रोन्दल मोहन रेवन्नाथ , मराठा लाईट इन्फैंट्री / 27 राष्ट्रीय राइफल
141. 2793880 सिपाही शेख मुक्तार महिबूब , मराठा लाईट इन्फैंट्री/27 राष्ट्रीय राइफल
142. 2994769 सिपाही भूपेन्द्र सिंह , राजपूत / 10 राष्ट्रीय राइफल
143. 3187667 सिपाही जगवंत सिंह, 19 जाट
144. 3399760 सिपाही सुखचैन सिंह, ( मरणोपरांत ) सिख , 6 राष्ट्रीय राइफल
145. 3400990 सिपाही मेहर सिंह , 18 सिख
146. 3995443 सिपाही जोगिन्द्र सिंह, डोगरा / 40 राष्ट्रीय राइफल
147. 3997253 सिपाही गुरदीप सिंह, डोगरा / 40 राष्ट्रीय राइफल
148 3998891 सिपाही कुलविन्दर सिंह (मरणोपरांत) डोगरा / 11 राष्ट्रीय राइफल 404
भारत का राजपत्र, मार्च 22, 2003 (चैत्र 1 , 1925 )
[भाग I-खण्ड 1 149. 3999754 सिपाही राजकुमार , डोगरा / 11 राष्ट्रीय राइफल
4188053 सिपाही गोविन्द सिंह चौहान , कुमाऊं / 26 राष्ट्रीय राइफल
150,
151. 4190737 सिपाही विनोद कुमार , 4 कुमाऊं
152. 4273532 सिपाही रघुनाथ हंसदा , बिहार / 47 राष्ट्रीय राइफल
153. 4365177 सिपाही विमेरहा , असम/ 35 राष्ट्रीय राइफल
154. 4473445 सिपाही स्वर्ण सिंह, सिख लाईट इन्फैंट्री / 2 राष्ट्रीय राइफल
155. 2501314 राईफलमैन बृज किशोर बेहरा ( मरणोपरांत ) 25 असम राइफल
156. 2501735 राईफलमैन मलविन्दर सिंह , 25 असम राइफल
157. 2891526 राईफलमैन भवानी सिंह , राजपूताना राइफल / 18 राष्ट्रीय राइफल
158. 2893270 राईफलमैन सुरेन्द्र सिंह, राजपूताना राइफल /43 राष्ट्रीय राइफल
159. 4076608 राईफलमैन जय सिंह , गढ़वाल राइफल/ 14 राष्ट्रीय राइफल
160. 4077604 राईफलमैन गजेन्द्र सिंह, गढ़वाल राइफल/ 14 राष्ट्रीय राइफल
161. 4079976 राईफलमैन विरेन्द्र सिंह , गढ़वाल राइफल/ 14 राष्ट्रीय राइफल
162. 9103403 राईफलमैन मोहम्मद रफीक वानी , 15 जम्मू- कश्मीर लाईट इन्फैंट्री 163. 9103419 राईफलमैन इशाक अहमद , 15 जम्मू-कश्मीर लाईट इन्फैंट्री
164. 2692418 ग्रिनेडियर मुखराम बुडानिया (मरणोपरांत ) , 6 ग्रिनेडियर
165. 2693601 ग्रिनेडियर भवंर सिंह चौधरी ( मरणोपरांत) 6 ग्रिनेडियर
166. 14408510 गन्नर जाधव मधुकर रामचन्द्र, आर्टिलरी / 169 फील्ड रेजिमेंट
167. 14411659 गन्नर विनोद कुमार, आर्टिलरी/ 11 राष्ट्रीय राइफल
168. 14430104 गन्नर रघुवीर सिंह (मरणोपरांत ) आर्टिलरी / 18 राष्ट्रीय राइफल
169. 15134132 गन्नर प्रमोद कुमार झा, आर्टिलरी / 36 राष्ट्रीय राइफल
170. 15370998 सिगनल मैन गोविन्द सिंह , सिगनल / 30 राष्ट्रीय राइफल
171. 4472385 पैराटूपर बलकार सिंह, पैरा / 31 राष्ट्रीय राइफल ( कमांडो)
172. 13621709 पैराटूपर कमल किशोर, 22 स्पेशल फोर्स ( स्पेशल ग्रुप )
173. 13622613 पैराटूपर कोल्हे मेघराज गणपती, 2 पैरा ( एसएफ )
174. 13761607 पैराटूपर श्रवण कुमार , 9 पैरा ( एसएफ )
175. 13761741 पैराटूपर प्रदीप कुमार थापा, 9 पैरा ( स्पेशल फोर्स)
बरुण मिला
(बरुणमित्रा) निदेशक 406
भारत का राजपत्र, मार्च 22, 2003 (चैत्र 1 , 1925 )
[भाग I-खण्ड 1 संख्या ५०- प्रेज़ ./ 2003-राष्ट्रपति निम्नलिखित कार्मिकों को उनके असाधारण कर्त्तव्यपरायणतापूर्ण कार्यों के लिए सेना मेडल्ल " प्रदान किए जाने का अनुमोदन करते हैं : -
1. आईसी- 16680 मेजर जनरल राजेन्द्र कुमार कौशल , वीएसएम , कुमाऊं/ मुख्या . 10 कोर 2. आईसी- 17246 मेजर जनरल श्री वल्लभ थपलियाल आर्टिलरी / मुख्या. 3 इन्फैंट्री डिवीजन 3. आईसी- 19429 मेजर जनरल जमीर उद्दीन शाह, वीएसएम , आर्टिलरी/ मुख्या . 54 इन्फैंट्री डिवीजन 4. आईसी- 19940 ब्रिगेडियर रबिन्द्रर सिंह सिद्धू , सिख लाईट इन्फैंट्री / 91 सब एरिया 5 . आईसी-25119 ब्रिगेडियर रोहित कुमार कालिया ,आर्टिलरी / मुख्या .25 आर्टिलरी ब्रिगेड 6. आईसी- 25434 ब्रिगेडियर शंकर रंजन घोष, गार्ड/ मुख्या. 52 इन्फैंट्री ब्रिगेड
7. आईसी- 25435 ब्रिगेडियर सुरेन्द्र पाल सिंह धालिवाल , कवचित कोर, 10 इन्फैंट्री ब्रिगेड 8 . आईसी- 25439 ब्रिगेडियर विनय शर्मा , डोगरा/ मुख्यालय 28 इन्फैंट्री ब्रिगेड
9 . आईसी- 25534 ब्रिगेडियर गगन' दीप बक्शी, वीएसएम , जम्मू- कश्मीर/ मुख्यालय 9 सेक्टर राष्ट्रीय राइफल
10. आईसी- 25816 ब्रिगेडियर ब्रिकम सिंह , वीएसएम , सिख, लाईट इन्फैंट्री/ मुख्यालय 1 सेक्टर राष्ट्रीय राइफल
11 . आईसी- 32605 ब्रिगेडियर उदय कुमार वामनराव देशमुख , वीएसएम , राजपूत / मुख्या . 323 माऊंट ब्रिगेड
12. आईसी- 31669 कर्नल वरिन्दर सिंह , वीरचक्र , 4 जम्मू- कश्मीर लाईट इन्फैंट्री
13. आईसी- 31777 कर्नल बरुणवा सरकार, 4 गोरखा राइफल / 15 राष्ट्रीय राइफल
14. आईसी- 35784 कर्नल गुरमीत सिंह बैदवान , महार / 1 राष्ट्रीय राइफल
15. एमआर- 03831 कर्नल देवेन्द्र पौल वत्स, वीएसएम , सेना चिकित्सा कोर / कमान अस्पताल (पश्चिमी कमान)
16 . आईसी- 38391 कर्नल अजय कुमार , कुमाऊं / 13 राष्ट्रीय राइफल
17. आईसी-38494 कर्नल अनिल खोसला, कुमाऊं / 26 राष्ट्रीय राइफल
18 . एमआर-04125 कर्नल सुरेन्द्र सिंह पंवार, सेना चिकित्सा कोर / कमानअस्पताल पश्चिमी कमान 19 . आईसी- 39879 कर्नल अनूप कृष्ण धर , पैरा / 12 असम राइफल
20. आईसी- 39910 कर्नल सी रामाचान्दरन , 14 महार
21 . आईसी- 38282 कर्नल दीपक धान्दा , आर्टिलरी / 17 पैरा फील्ड रेजिमेंट
22. आईसी- 38722 कर्नल चैरिश मैथसन , 7 गढ़वाल राइफल
23. आईसी- 38750 कर्नल मनोज मुकुन्द नरवाने , सिख लाईट इन्फैंट्री/ 2 राष्ट्रीय राइफल 24. आईसी- 39083 कर्नल संजय कुमार झा , सिख / 15 राष्ट्रीय राइफल 407 भारत का राजपत्र, मार्च 22, 2003 ( चैत्र 1 , 1925 )
भाग 1-खण्ड । ]
25. आईसी- 39098 कर्नल गुरप्रताप सिंह ढिल्लों, 17 डोगरा
26. आईसी-39147 कर्नल विनोद रायजादा, गढ़वाल राइफल / 36 राष्ट्रीय राइफल
27. आईसी-39342 कर्नल राजेश सहाय , डोगरा / 11 राष्ट्रीय राइफल
28. आईसी- 39548 कर्नल शम्भू सिंह देवड़ा ,पैरा ( एसएफ) / 18 असम राइफल
29. आईसी-35979 कर्नल जसविन्द्र सिंह सूरज; 14 राजपूत
30. आईसी- 37575 कर्नल परमवीर सिंह , 12 डोगरा
31. आईसी- 39608 लेफ्टिनेंट कर्नल नलिन कुमार भाटिया, 357 इंटेलिजेंस एवं एफ एस यूनिट 32 . एमआर-05441 लेफ्टिनेंट कर्नल जितेन्द्र कुमार सिंह परिहार , एएमसी / एएफएमसी
33. आईसी-40849 लेफ्टिनेंट कर्नल परमिन्दर सिंह, कवचित कोर / 2662 आर्मी एवीएन एसक्यूएन 34. आईसी-49689 मेजर गणेशन मुथु कुमार , इंजीनियर्स / 11 राष्ट्रीय राइफल
35. आईसी-57302 मेजर बीएल कृष्ण किशोर , सिख / 16 राष्ट्रीय राइफल
36 . आईसी-53294 मेजर प्रदीप बिष्ट , राजपूताना राइफल / 9 राष्ट्रीय राइफल
37. आईसी-43263 मेजर सुरेन्द्र कुमार बालीवाल , महार/ 30 राष्ट्रीय राइफल
38. आईसी-53623 मेजर अजय सिंह पुन्डिर, सिख लाईट इन्फैंट्री / 2 राष्ट्रीय राइफल
39. आईसी-44721 मेजर जावेद अहमद मीर , 13 पजांब
40. आईसी-54171 कैप्टन दीपक कुमार नायक , राजपूत राइफल / 18 राष्ट्रीय राइफल
41. आईसी-56901 कैप्टन दीपक आंनद, कवचित कोर / 8 असम राइफल
42. एसएस -36987 कैप्टन राजेश भारद्वाज, 3 मद्रास
43. एमएस -13872 कैप्टन शैलेन्द्र कुमार सोनाकिया , एएमसी /10 जम्मू- कश्मीर लाईट इन्फैंट्री
44. आईसी-58525 लेफ्टिनेंट बिक्रम त्यागी, इंजीनियर्स /14 इंजीनियर रेजिमेंट
45. जेसी-518476 सूबेदार फतेह सिंह , 15 डोरा / इन्फैंट्री स्कूल
46. जेसी-306135 सूबेदार मारीमुथु गौतमन , इंजीनियर्स / मद्रास इंजीनियरिंग ग्रुप
47. जेसी-374329 नायब सूबेदार रामानन्द, सिगनल / 4 टेक्निकल ट्रैनिंग रेजिमेंट
5454604 हवलदार सोम बहादुर पुन , 58 गोरखा ट्रैनिंग सेंटर 48.
49. 1377704 हवलदार जेटपाली दिल्ली प्रसाद , इंजीनियर्स / 14 इंजीनियर रेजिमेंट
50. 4186779 लांस नायक मदन मोहन , कुमाऊं , स्काउट्स
बरुण मित्रा
(बरुण मित्रा) निदेशक 408
भारत का राजपत्र, मार्च 22, 2003 ( चैत्र 1 , 1925 )
[भाग I-खण्ड । संख्या ।। प्रेज़ ./2003 -राष्ट्रपति निम्नलिखित कार्मिकों को उनके असाधारण साहसपूर्ण कार्यों के लिए नो सेना मेडल " प्रदान किए जाने का अनुमोदन करते हैं: - "
1 . कैप्टन राजेश सरीन , (02298 -वाई)
लेफ्टिनेंट कमांडर मुकुल चतुर्वेदी, (02936 -वाई) 2.
3. लेफ्टिनेंट कमांडर समीर एस पटवर्धन , (03701-के)
4. रनवीर सिंह, ऐक्टिंग एल एस सीडी II ( 117974-जेड)
बरुण मित्रा
(बरुण मित्रा)
निदेशक
संख्या ५२- प्रेज. /2003 -राष्ट्रपति निम्नलिखित कार्मिकों को उनके असाधारण कर्त्तव्यपरायणतापूर्ण कार्यों के लिए नौ सेना भेडल " प्रदान किए जाने का अनुमोदन करते हैं: -
1. कमोडोर आस्पी धुनजिशा मार्कर ( 01186 -डब्ल्यु)
2. कमोडोर विजय सिंह चौधरी (01490-के)
3. कैप्टन श्रीकांत लक्ष्मीकांत देशमुख (40620 -टी)
4. ऐक्टिंग कैप्टन सुब्रमनियन नेतुंचेझिअन (40936-के)
5. कमांडर दुष्यंत सिंह चौहान (41145-के)
6. कमांडर वाट्चवायि वेंकट संजय राजू ( 02759 - डब्ल्यू)
7. लेफ्टिनेंट कमांडर (एसडीएच) कट्टामुरी लक्ष्मण राव (83654 - वाई)
8. अरविन्द कुमार शर्मा , मास्टर चीफ मेकेनिशियन-1 (200420- ए)
बरुण किता
(बरुण मित्रा)
निदेशक 409 भाग -खण्ड 1 ]
भारत का राजपत्र , मार्च 22, 2003 ( चैत्र1 , 1925 )
संख्या 43-प्रेज़ ./2003-राष्ट्रपति विंग कमांडर राजेश कुमार ( 16770) उड़ान पायलट को उनके असाधारण साहसपूर्ण कार्यों के लिए वायु सेना मेडल " प्रदान किए जाने का अनुमोदन करते हैं: - 44
बरुण मित्रां (बरुण मित्रा) निदेशक
64 संख्या ५५ - प्रेज़./2003 -राष्ट्रपति विंग कमांडर रघुनाथ नाम्बियार , वीएम ( 16378) उड़ान (पायलट) को उनके असाधारण कर्त्तव्यपरायणतापूर्ण कार्यों के लिए वायु सेना मेडल-बार " प्रदान किए जाने का अनुमोदन करते हैं ।
बरुण मित्रा す (बरुण मित्रा) निदेशक 410
भारत का राजपत्र , मार्च 22, 2003 ( चैत्र 1 , 1925)
[भाग -खण्ड । संख्या ५८-प्रेज़ ./2003-राष्ट्रपति निम्नलिखित कार्मिकों को उनके असाधारण कर्त्तव्यपरायणतापूर्ण कार्यों के लिए वायु सेना मेडल " प्रदान किए जाने का अनुमोदन करते हैं: -
1 . एयर कमोडोर मधुसूदन बेनर्जी, वीएसएम ( 13400 ) उड़ान ( पायलट)
2. ग्रुप कैप्टन सुब्रमण्य सुकुमार ( 14672 ) उड़ान (पायलट)
3. ग्रुप कैप्टन राना बिश्वास ( 15009) उड़ान (पायलट)
4. विंग कमांडर नीरज यादव ( 16399 ) उड़ान (पायलट)
5 . विंग कमांडर संजीव नारायण देशपाण्डे ( 16559) उड़ान (पायलट)
6. विंग कमांडर तरूण बेनर्जी ( 16776 ) उड़ान (पायलट)
7. विंग कमांडर अमित तिवारी ( 16806 ) उड़ान (पायलट)
8. विंग कमांडर विपिन इंदिरा पदमानाभन नायर ( 16829) उड़ान (पायलट)
9. विंग कमांडर थजाथू पुल्लीकुन्नेल देवसिया जोसफ ( 16964) उड़ान (पायलट)
10 . विंग कमांडर शिरीश मोहन ( 16966) उड़ान ( पायलट)
11. विंग कमांडर अनिल तिवारी ( 17160) उड़ान (पायलट)
12. स्क्वाड्रन लीडर विश्वनाथ कर (21831 ) उड़ान (पायलट)
13. फ्लाइट लेफ्टिनेंट विशाल गुप्ता ( 24169) उड़ान (पायलट
बरुण मित्रा
(बरुण मित्रा) निदेशक 411
भारत का राजपत्र, मार्च 22, 2003 ( चैत्र 1 , 1925 )
'भाग [-खण्ड 1 ]
संख्या ५७ - प्रेज़ ./ 2003 - राष्ट्रपति निम्नलिखित कार्मिकों को असाधारण वीरतापूर्ण कार्यों के लिए
' कीर्ति चक्र ' प्रदान किए जाने का अनुमोदन करते हैं: -
1.
4260155 हवलदार रूदल प्रसाद
4 बिहार , (मरणोपरांत)
(पुरस्कार की प्रभावी तारीख 03 फरवरी , 2002) 03 फरवरी, 2002 को जम्मू- कश्मीर के त्राल में गांव हजन्नार और पुरोंगाम की घेराबंदी तथा तलाशी के दौरान तलाशी दल पास ही के दो मकानों से की गई गोलीबारी की चपेट में आ गया । तत्काल ही तलाशी दल ने भारी लघु शस्त्रों और राकेट लांचरों से आतंकवादियों पर आक्रमण कर दिया । यह गोलीबारी लगभग दो घंटे तक चलती रही । आतंकवादी सैनिकों पर रुक- रुक कर गोलियां बरसाते रहे ।
गोलीबारी के कारण मकानों में से एक में रखे सूखी घास के ढेर में आग लग गई जिससे आतंकवादियों ने निकलकर अन्य मकान में जाने का प्रयास किया । हवलदार रूदल प्रसाद ने दो आतंकवादियों को मकान से बाहर निकल भागते देख उनका पीछा किया और उनमें से एक को मार गिराया । दूसरे आतंकवादी ने हवलदार रूदल प्रसाद पर गोली चलाई जो उनके दाएं बाजू में आ लगी । गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद हवलदार रूदल प्रसाद ने एक ग्रेनेड निकाला तथा उसे मकान के अंदर फेंककर दूसरे आतंकवादी को मार डाला । जब वे मकान में घुसने के लिए अपना रास्ता साफ कर रहे थे तभी उनपर तीसरे आतंकवादी द्वारा पुनः समीप से गोली चला दी गई । गोलियों की यह बौछार उस वीर सैनिक के चेहरे पर आ लगी । गंभीर रूप से जख्मी हो जाने तथा ताकत खत्म होने के बावजूद हवलदार रूदल प्रसाद ने गोलीबारी का जवाब दिया और तीसरे आतंकवादी को भी मार गिराया । इस बहादुर सिपाही ने अपने जख्मों के कारण वीरगति को प्राप्त होने से पहले अकेले ही तीन दुर्दात आतंकवादियों का सफाया कर दिया ।
हवलदार रूदल प्रसाद ने अदम्य साहस , विशिष्ट शौर्य, अपने साथी सैनिकों के प्रति चिंता का प्रदर्शन करते हुए आतंकवादियों से लड़ते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया । 412
भारत का राजपत्र, मार्च 22, 2003 (चैत्र 1, 1925 )
[भाग I-खण्ड 1 2.
4560276 नायक तरलोक सिंह
महार/30 राष्ट्रीय राइफल
(पुरस्कार की प्रभावी तारीख 26 अप्रैल , 2002 ) 26 अप्रैल , 2002 को एक पक्की सूचना मिलने पर राष्ट्रीय राइफल की एक टुकड़ी ने जम्मू कश्मीर के चाकपाथ में घने जंगल तथा पहाड़ी क्षेत्र में आतंकवादियों के छिपने के ठिकाने पर छापा मारने की योजना बनाई । नायक तरलोक सिंह को आंतरिक घेरे के तहत स्टाप लगाने का दायित्व सौंपा गया था । आंतरिक घेरा बनाया ही गया था कि आतंकवादियों ने अपने लिए खतरा महसूस किया और घेराबंदी तोड़ने का प्रयास किया ।
नायक तरलोक सिंह शुरू में ही एक आतंकवादी की बगल में पहुंच गए और उसे मार गिराया । अपनी टुकड़ी की कमान और नियंत्रण पुनः संभालते हुए इन्होंने घेराबंदी को तोड़ने के इरादे से तीन आतंकवादियों को अपनी टुकड़ी पर धावा बोलते हुए देखा । अपने साथियों के लिए खतरा भांपते हुए नायक तरलोक सिंह आगे बढ़े और आतंकवादियों की ओर से की जा रही गोलियों की बौछार के सामने आ गए । इन्होंने केवल 15-20 मीटर की दूरी से बहुत ही गहन गोलीबारी द्वारा तीनों आतंकवादियों को मार गिराया ।
नायक तरलोक सिंह द्वारा प्रदर्शित इस साहसिक कार्रवाई से इनके साथी सैनिकों ने प्रेरित होकर शेष पांचों आतंकवादियों को मार गिराया । इस पूरे ऑपरेशन में कुल नौ आतंकवादी मारे गए ।
इस प्रकार , नायक तरलोक सिंह ने आतंकवादियों से लड़ने में व्यक्तिगत सुरक्षा की तनिक भी परवाह न करते हुए असाधारण वीरता , अदम्य साहस और दृढ़ संकल्प का प्रदर्शन किया ।
3.
कमांडो सुरजन सिंह, एन एस जी
(पुरस्कार की प्रभावी तारीख 25 सितंबर, 2002) 24 सितंबर , 2002 के दिन दो सशस्त्र आतंकवादी गुजरात में गांधीनगर स्थित अक्षरधाम स्वामी नारायण मंदिर में घुस आए और अंधाधुंध गोलीबारी करने लगे । इन आतंकवादियों ने 30 लोगों को मार डाला और मंदिर परिसर में उपस्थित 100 से भी अधिक व्यक्तियों को घायल कर दिया ।
इस स्थिति से निपटने के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड का विशेष कार्य बल विमान से भेजा गया था । कार्य बल ने मुख्य मंदिर परिसर के बाहर आतंकवादियों का पता लगा लिया । आतंकवादी घने अंधेरे और सघन आड़ में छुपे हुए थे , जबकि राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड के कार्मिकों को आसानी से देखा जा सकता था तथा उन पर गोली चलाई जा रही थी । सैनिकों को आगे बढ़ने तथा आतंकवादियों को निष्क्रिय करने के लिए उन्हें दबाए रखा जाना आवश्यक था । कमांडो सुरजन सिंह ने स्वेच्छा से स्काउट के रूप में अपने स्क्वाड्रन कमांडर से आगे चलने की इच्छा व्यक्त की। गोलियों की बौछारों के बीच ये एक कम उँची दीवार के पीछे से रेंगते हुए आगे बढ़कर । आतंकवादियों पर अचूक गोलीबारी करने लगे तथा स्क्वाड नं .3 की आगे बढ़ने में मदद की । भाग I-खण्ड 1 ]
भारत का राजपत्र, मार्च 22, 2003 (चैत्र 1 , 1925)
413 रेंगते हुए आतंकवादियों के निकट पहुंचकर इन्होंने उन पर गोलीबारी शुरू कर दी । आतंकवादियों ने जबाव में भारी गोलीबारी शुरू कर दी । इस कार्रवाई में इनका चेहरा छरों से घायल हो गया । कमांडर को आड़ देने के लिए इन्होंने छलांग लगाई तथा अपने शरीर से उनको ढक लिया । इस प्रक्रिया में ये छरों से घायल हो गए । अपने जख्मों के बावजूद , कमांडो सुरजन सिंह आतंकवादियों पर गोलीबारी करते रहे तथा हथगोले फेंकते रहे और वहां से हटाए जाने से इनकार कर दिया । तभी इन्होंने एक आतंकवादी के हथियार की चमक देखी । जैसे ही इन्होंने अपनी कारबाइन से गोलियों की बौछार की आतंकवादियों ने उन पर गोली चला दी जिससे छरें इनकी खोपड़ी में आ लगे । यद्यपि ये नीचे गिर पड़े, तथापि मूर्छित होने से पहले इन्होंने अपने हथियार को छोड़ने से मना कर दिया । कमांडो सुरजन सिंह की साहसिक और निर्णायक कार्रवाई से आतंकवादियों का सफाया करने का मार्ग प्रशस्त हुआ और इस प्रकार यह ऑपरेशन सफल हुआ ।
वरुण सिता
(बरूण मित्रा)
निदेशक
4501 GL2002 414
भारत का राजपत्र, मार्च 22, 2003 ( चैत्र 1 , 1925 )
[भाग I-खण्ड 1 संख्या ५१- प्रेज़./ 2003 राष्ट्रपति निम्नलिखित कार्मिक को वीरतापूर्ण कार्यों के लिए ' शौर्य चक्र- बार ' प्रदान किए जाने का अनुमोदन करते हैं: -
आईसी-46889 मेजर सुखमीत सिंह, शौर्य चक्र
आर्टिलरी/ मुख्यालय 23 सेक्टर
(पुरस्कार की प्रभावी तारीखः 13 मार्च, 2002) 13 मार्च, 2002 को जब ब्रिगेड त्वरित कार्रवाई टुकड़ी दक्षिण-पश्चिम मणिपुर के नगोंपा में असम राइफल की एक चौकी पर लौट रही थी, तभी सोंगताल गांव के दो मकानों से आतंकवादियों ने आगे चल रहे वाहन पर भारी गोलीबारी शुरू कर दी ।
मेजर सुखमीत सिंह तुरंत ही अपने वाहन से कूद पड़े और जवाबी गोलियां चलाते हुए उस मकान की ओर झपटे । इस द्रुत जवाबी कार्रवाई से घबराकर कुछ आतंकवादी मकान के पिछले दरवाजे से निकल भागने का प्रयास करने लगे । उनमें से एक आतंकवादी ने अन्य आतंकवादियों को भागने में सहायता देने के लिए इस अफसर पर ग्रेनेड फेंकने के लिए रूका किंतु मेजर सुखमीत सिंह दृढ़तापूर्ण आगे झपटे और उस आतंकवादी को दबोच लिया तथा खाली हाथों से लड़ते हुए बिना हिचके उसे मार गिराया ।
इस दौरान एक आतंकवादी मकान के अंदर से लगातार गोलीबारी कर रहा था । मेजर सुखमीत सिंह तेजी से मकान में घुस गए और अपनी सुरक्षा की परवाह किए बिना कमरे के दरवाजे को ठोकर मारकर खोल दिया । इस आतंकवादी ने इन पर गोली चलाने का प्रयास किया, किंतु वह ऐसा कर पाता इससे पहले ही, मेजर सुखमीत सिंह ने तुरंत बहुत नजदीक से गोली चलाकर उसे मार डाला और सभी प्रतिरोध समाप्त कर दिए ।.
मेजर सुखमीत सिंह ने आतंकवादियों से लड़ते समय अपनी सुरक्षा की बिल्कुल भी परवाह न करते हुए दायित्वों से बढ़कर अति उच्च कोटि की पहलशक्ति और वीरता का प्रदर्शन किया ।
बरुण मित्रा
(बरूण मित्रा) निदेशक 415 भाग -खण्ड 1 ]
भारत का राजपत्र, मार्च 22, 2003 ( चैत्र1, 1925 )
संख्या ५४-प्रेज़. /2003 - राष्ट्रपति निम्नलिखित कार्मिकों को उनके वीरतापूर्ण कार्यों के लिए ' शौर्य चक्र ' प्रदान किए जाने का अनुमोदन करते हैं: -
1. जीएस -164509 एच लीडिंग हैंड (नर्सिंग) महेश पाल , बीआरडीबी (मरणोपरांत)
(पुरस्कार की प्रभावी तारीख 14 जनवरी , 2002) लीडिंग हैंड (नर्सिंग) महेश पाल को जम्मू- कश्मीर में नियंत्रण रेखा पर अत्यंत ऊंचे और बर्फ से ढके दूर - दराज के आंतकवादी बहुल क्षेत्र में रागिनी उस्ताद सड़क पर जटिल फार्मेशन कटिंग कार्य तथा बर्फ हटाने की कार्रवाई के दौरान चिकित्सा सहायता प्रदान करने के लिए विशेष रूप से चुना गया था ।
लीडिंग हैंड (नर्सिंग ) महेश पाल अकेले ही कई शिफ्टों में कार्य करते हुए अत्यधिक खराब मौसम तथा शून्य से नीचे तापमान में ऊबड़ - खाबड़ तथा अत्यंत ऊंचे पहाड़ी क्षेत्र में जटिल फार्मेशन कटिंग कार्य और बर्फ साफ करने की कार्रवाई के लिए विभिन्न शिफ्टों में कार्यरत कार्मिकों को विशेष चिकित्सा सहायता प्रदान करते रहे । 14 जनवरी, 2002 को जब वे अपने साथियों को चिकित्सा सहायता प्रदान कर रहे थे तो एक शिविर में ठहरा हुआ रागिनी डिटैचमेंट हिमस्खलन की चपेट में आ गया और पूरी टुकड़ी बर्फ के भारी ढेर में दब गई । लीडिंग हैंड (नर्सिंग ) महेश पाल ने अनुकरणीय साहस का प्रदर्शन करते हुए बचाव कार्रवाई का नेतृत्व किया । अपने साथियों को बचाते समय वे स्वयं ही गले तक गहरी बर्फ में धंस गए । अपने प्राण बचाने के लिए जूझते हुए भी उन्होंने जी आर ई एफ के चार कार्मिकों को हिमस्खलन से बाहर निकालकर उनकी जान बचा ली । इस दौरान दायित्व पूरा करते हुए अततः वे स्वयं ही बर्फ में धंस गए और वीरगति को प्राप्त हुए ।
इस प्रकार, लीडिंग हैंड (नर्सिंग) महेश पाल ने अपनी सुरक्षा की तनिक भी परवाह न करते हुए निष्ठा तथा समर्पण भाव से कार्य किया तथा साथी कामगारों की जान बचाने में अपना जीवन बलिदान कर दिया । 416
[भाग I-खण्ड ।
भारत का राजपत्र, मार्च 22, 2003 ( चैत्र । , 1925 )
2.
3388197 हवलदार गुरचरण सिंह
3 सिख
(पुरस्कारकी प्रभावी तारीखः 29 जनवरी , 2002) हवलदार गुरचरण सिंह उस तलाशी दल के कमांडर थे जिसकी 29 जनवरी , 2002 को 1800 बजे जिला रजौरी , जम्मू- कश्मीर के जनरल एरिया मियारी में नियंत्रण रेखा के निकट धुसपैठ कर रहे विदेशी आतंकवादियों से मुठभेड़ हुई ।
हवलदार गुरचरण सिंह ने देखा कि एक आतंकवादी अपने छुपने के स्थान से निकल कर इनकी टुकड़ी पर भारी तथा अंधाधुंध गोलियां बरसा रहा है । यह देखकर कि इसके कारण आपरेशन में बाधा आ गई है तथा अपने सैनिक फंस गए हैं इन्होंने आतंकवादी की गोलीबारी के बीच उस पर धावा बोल दिया और बहुत ही निकट जाकर उसका सफाया कर दिया ।
अगले दिन 0400 बजे दो आतंकवादियों ने हताशा में भागने का प्रयास करते हुए पिका से गोलीबारी की और हथगोले फेंके जिसके परिणामस्वरूप हमारा एक सैनिक हताहत हो गया और नीचे लुढ़कते हुए आतंकवादियों के अत्यंत निकट पहुंच गया। हवलदार गुरचरण सिंह हताहत सैनिक को गंभीर खतरा भांपते हुए व्यक्तिगत सुरक्षा की तनिक भी परवाह नं करते हुए दुर्लभ साहस और सहयोगी भावना का परिचय देते हुए आड़ से बाहर निकलकर एक आतंकवादी पर पूरी मैगजीन खाली कर दी । उसके बाद ये तीसरे आतंकवादी पर झपटे और संगीन से उसका गला काट दिया । इनकी इस साहसपूर्ण कार्रवाई से आतंकवादियों के छक्के छूट गए और यह ऑपरेशन सफल हुआ । हवलदार गुरचरण सिंह ने आतंकवादियों की गोलीबारी के समक्ष अडिग साहस तथा उच्च कोटि की वीरता का परिचय दिया ।
3.
आईसी-50715 मेजर डी सेशासाई भूर्ति, एसएम
7 जाट
(पुरस्कार की प्रभावी तारीख 15 फरवरी , 2002) 14 फरवरी, 2002 को 2230 बजे जम्मू- कश्मीर के घराना में जब नौ आतंकवादियों की गतिविधियों का पता चला तो मेजर डी सेशासाई मूर्ति को घात लगाने का दायित्व सौंपा गया था ।
आतंकवादियों से सामना 15 फरवरी, 2002 को 0045 बजे हुआ । आतंकवादियों ने चट्टानों के बीच मोर्चा संभालकर हमारे सैनिकों पर अचूक गोलीबारी शुरू कर दी । घोर अंधेरी रात और चट्टानी भू- भाग होने के कारण आतंकवादियों को स्वाभाविक सुरक्षा मिली । मेजर डी सेशासाई मूर्ति ने उनके निकल भागने के रास्ते को बंद करने के लिए अपना स्थान बदला और आतंकवादियों को उलझाए रखा तथा उनको भागने नहीं दिया । आतंकवादियों ने हताशा में अंधाधुंध गोलीबारी शुरू कर दी और एक नाले में से निकल भागने का प्रयास किया । अपने सैनिकों के भाग I-खण्ड । ]
417 भारत का राजपत्र, मार्च 22, 2003 ( चैत्र 1 , 1925)
लिए खतरा भांपकर ये बाहर निकल आए और आतंकवादियों पर हमला बोलने के लिए जैसे ही एक ओर से बढ़े , गोलीबारी की चपेट में आ गए । खुले में फंस जाने तथा आतंकवादियों की संख्या अधिक होने के बावजूद इन्होंने धैर्य के साथ मोर्चा लिया और ग्रेनेड फेंकने का प्रयास कर रहे एक आतंकवादी की खोपड़ी उड़ा दी । इससे पिका गन से गोलियां बरसा रहे दो अन्य आतंकवादी हताश होकर इन पर टूट पड़े । किंतु, मेजर डी सेशासाई मूर्ति ने अचूक गोलीबारी करके दोनों ही आतंकवादियों को मार डाला और इस प्रकार तीनों आतंकवादियों का सफाया कर दिया । मेजर डी सेशासाई मूर्ति ने आतंकवादियों से लड़ते हुए अति विकट परिस्थितियों में वीरता, सखाभाव , समर्पण तथा तुरतबुद्धि का प्रदर्शन किया ।
4.
3194631 सिपाही जोगिन्द्र सिंह, 7 जाट
(पुरस्कार की प्रभावी तारीख 15 फरवरी , 2002) सिपाही जोगिन्द्र सिंह जम्मू- कश्मीर के धराना में घुसपैठ का प्रयास कर रहे आतंकवादियों का सफाया करने के लिए 15 फरवरी , 2002 को लगाई गई एक घात टुकड़ी में शामिल थे ।
0045 बजे घात टुकड़ी नौ आतंकवादियों के समूह पर टूट पड़ी । सिपाही जोगिन्द्र सिंह ने दो मीटर की दूरी से गोलियां बरसाकर पहले आतंकवादी को मार गिराया । शेष आतंकवादियों ने चट्टानों के बीच तत्काल मोर्चा ले लिया और आतंकवादियों तथा घात टुकड़ी के बीच गोलियों का आदान - प्रदान शुरू हो गया । आतंकवादियों की भारौ गोलीबारी तथा उनके बहुत ही समीप होने के बावजूद सिपाही जोगिन्द्र सिंह अपने मोर्चे पर डटे रहे और आतंकवादियों पर लगातार गोलीबारी करते रहे । 0230 बजे जब दो आतंकवादियों ने भाग निकलने का प्रयास किया तो सिपाही जोगिन्द्र सिंह उन्हें रोकने के लिए आगे बढ़े । यह देखकर अन्य आतंकवादियों ने सिपाही जोगिन्द्र पर तुरंत ही गोलियां बरसा दीं, जिससे इनके सीने और दाहिने बाजू में गोलियां आ लगीं । घायल होने और अत्यधिक रक्त स्राव के बावजूद सिपाही जोगिन्द्र सिंह भागने का प्रयास कर रहे दो आतंकवादियों से उलझ पड़े और उन्हें नजदीक से मार गिराया ।
किया । सिपाही जोगिन्द्र सिंह ने आतंकवादियों की गोलीबारी के सम्मुख अदम्य साहस और दृढ़ निश्चय का प्रदर्शन 5.
15474764 सवार माखन सिंह,
कवचित कोर 33 राष्ट्रीय राइफल (मरणोपरांत)
(पुरस्कार की प्रभावी तारीख 09 अप्रैल , 2002) सवार माखन सिंह , ब्रेवो कंपनी कमांडर की त्वस्ति कार्रवाई टुकड़ी के लीडिंग स्काउट थे । 09 अप्रैल, 2002 को यह दल जम्मू- कश्मीर में गुटलीबाग जंगल के घने जंगलों में तलाशी तथा विध्वंस कार्रवाई पर था । 418
भारत का राजपत्र, मार्च 22, 2003 (चैत्र 1 , 1925)
[भाग I-खण्ड 1 लगभग 0900 बजे सवार माखन सिंह एक खड़ी चट्टान पर पहुंच गए । सतर्कता से देखते हुए इन्होंने चट्टान से नीचे दो आतंकवादियों को देख लिया । आतंकवादी तत्काल गोलियां बरसाते हुए भागने लगे । यह देखकर सवार माखन सिंह सूझ - बूझ का परिचय देते हुए चट्टान से नीचे कूद पड़े तथा आतंकवादियों को भागने से रोकते हुए समीप के आतंकवादी पर टूट पड़े और उसे मार गिराया । किंतु इसी दौरान वे दूसरे आतंकवादी की गोलियों की बौछार की चपेट में आ गए , जिसके कारण इनकी गर्दन और बाजू जख्मी हो गए तथा इनकी राइफल बेकार हो गई । ये विचलित हुए बिना दूसरे आतंकवादी पर कूद पड़े, उसकी राइफल छीन ली और घमासान गुत्थम- गुत्था की लड़ाई में उसे मार डाला । बाद में, यह वीर सिपाही सुरक्षित स्थान पर ले जाते समय वीरगति को प्राप्त हो गया । सवार माखन सिंह ने आतंकवादियों से लड़ते समय अदम्य साहस तथा उच्च कोटि की अनुकरणीय वीरता का प्रदर्शन किया और भारतीय सेना की श्रेष्ठ परंपराओं के अनुरूप सर्वोच्च बलिदान किया ।
6.
जेसी-122445 नायब सूबेदार जगन बहादुर गुरूंग,
12 असम राइफल
(पुरस्कार की प्रभावी तारीख 11 अप्रैल , 2002) मणिपुर में खंबाचिंगजिंग के उत्तर में जनरल एरिया के कुंगु जंगल में कुछ भूमिगत तत्वों की मौजूदगी के बारे में एक विशिष्ट सूचना के आधार पर 11 अप्रैल, 2002 को 0130 बजे निगरानी चौकी स्थापित करने तथा घात लगाने के लिए एक कॉलम खड़ी करने के लिए नायब सूबेदार जगन बहादुर गुरूंग को तैनात किया गया था । नायब सूबेदार गुरूंग ने घोर अंधेरी रात और मूसलाधार बारिश में ऊबड़- खाबड़ भू- भाग और घने जंगलों का सबसे कठिन रास्ता चुना , जिसमें कभी- कभी सैनिकों को ऊपर चढ़ने के लिए कांटेदार झाड़ियों को पकड़ने के लिए विवश होना पड़ता था । यह टुकड़ी गंतव्य स्थल पर पहुंचने ही वाली थी कि अग्रिम स्काउट ने नायब सूबेदार गुरूंग को आगे कुछ व्यक्तियों की उपस्थिति की सूचना दी । तभी यह टुकड़ी स्वचालित हथियारों की अचूक गोलीबारी की चपेट में आ गई । नायब सूबेदार गुरूंग ने अपनी दाईं ओर कूदकर मोंर्चा ले लिया । इन्होंने अपने दो साथियों को इनके दाईं ओर रेंगकर बढ़ने और भागने का मार्ग बंद करने का निर्देश दिया । इन्होंने उत्तरी दिशा में स्टाप लगाने के लिए एल एम जी- I और एल एम जी- II को बाईं ओर रेंगकर बढ़ने का निर्देश दिया । जमीन की संकरी पट्टी और झाड़- झंखाड़ के कारण सोच समझकर अचूक गोलीबारी करना जरूरी था ।
घेराबंदी कर लिए जाने पर नायब सूबेदार गुरूंग व्यक्तिगत सुरक्षा की तनिक भी परवाह न करते हुए अपने साथी के साथ रेंगते हुए आगे बढ़े और दो भूमिगत तत्वों को बहुत ही निकट से मार गिराया । एक बार गोलीबारी बंद हो जाने पर उस क्षेत्र की गहन तलाशी ली गई । पांच दुर्दात भूमिगत अपराधियों के शव बरामद हुए तथा भारी मात्रा में हथियार और गोलाबारूद भी बरामद किए गए ।
नायब सूबेदार जगन बहादुर गुरूंग ने भूमिगत तत्वों के सम्मुख वीरता तथा आक्रामक भावना का प्रदर्शन किया । भाग I-खण्ड 1 ]
419 भारत का राजपत्र , मार्च 22, 2003 (चैत्र 1 , 1925 )
7 .
4067942 हवलदार जयपाल सिंह,
गढ़वाल राइफल/14 आर आर ( मरणोपरांत)
(पुरस्कार की प्रभावी तारीख 13 अप्रैल, 2002) 13 अप्रैल , 2002 को जम्मू- कश्मीर के ऐथमुल गांव के एक घर में छिपे आतंकवादियों के सफाए के लिए एक घेराबंदी तथा तलाशी ऑपरेशन शुरू किया गया था जिसमें हवलदार जयपाल सिंह कमांडिंग अफसर की त्वरित कार्रवाई टुकड़ी में शामिल थे । 1715 बजे जब घर पर घेरा डाला जा रहा था तो आतंकवादियों ने घर से निकलकर घेराबंदी टुकड़ी पर अंधाधुंध गोलियां चलाई ।
अपनी त्वरित कार्रवाई टुकड़ी के साथ स्थानापन्न कमान अफसर उस घर के पास पहुंचे तथा हवलदार जयपाल सिंह ने अपने टुकड़ी को तैनात किया । एक अफसर के साथ हवलदार जयपाल सिंह उस स्थान पर पहुंचे जहां आतंकवादी छिपे हुए थे । रात होने पर अफसर तथा हवलदार जयपाल सिंह ने आतंकवादियों की ओर रेंगमा शुरू किया परंतु आतंकवादियों द्वारा फेंके गए हथगोलों से यह अफसर घायल हो गया ।
हवलदार जयपाल सिंह ने घायल अफसर को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया फिर बगल से आगे पहुंचकर आतंकवादियों पर टूट पड़े तथा दो को मौके पर मार डाला । इसी बीच एक तीसरे आतंकवादी ने हवलदार जयपाल सिंह पर हथगोले फेंके जिससे वे घायल हो गए । अपने घाव की परवाह किए बिना सुरक्षित स्थान पर ले जाए जाने तक वे आतंकवादी पर गोलीबारी करते रहे तथा बाद में घावों के कारण वीरगति को प्राप्त हो गए ।
हवलदार जयपाल सिंह ने आतंकवादियों के साथ लड़ते हुए शौर्य , दृढ़ निश्चिय , अदम्य साहस का प्रदर्शम किया और सर्वोच्च बलिदान दिया ।
8.
आईसी-49043 मेजर एम श्री कुमार , 7 सिख
(पुरस्कार की प्रभावी तारीख : 28 अप्रैल, 2002) जब मेजर एम श्री कुमार पुंछ, जम्मू-कश्मीर में एक चौकी पर तैनात थे तो इन्होंने 27 अप्रैल , 2002 को 2145 बजे छह आतंकवादी घुसपैठियों के एक दल को डाबी घाटी को पार करते हुए देखा ।
इन घुसपैठिए आतंकवादियों का निरंतर पीछा करते हुए मेजर श्री कुमार ने अपनी टुकड़ी को लेकर धारगलून में घात लगाई तथा जब आतंकवादी पांच मीटर की दूरी पर थे तब वे उन पर टूट पड़े । भारी गोलीबारी के बीच शानदार सैन्य सूझ- बूझ का परिचय देते हुए इन्होंने कारगर घेराबंदी की । 28 अप्रैल , 2002 को पौ फटने पर जब इन्होंने एक आतंककवादी को स्नाइपर राइफल से गोलीबारी करते हुए देखा तो मेजर श्री कुमार व्यक्तिगत सुरक्षा की बिल्कुल भी परवाह किए बिना बाजू से रेंगते हुए आगे बढ़े तथा आतंकवादी को गोली से उड़ा दिया । 420
[भाग -खण्ड । भारत का राजपत्र, मार्च 22, 2003 ( चैत्र 1 , 1925 )
भारी गोलीबारी के मध्य तथा आतंकवादियों द्वारा आड़ ले लेने के बावजूद शानदार तुरतबुद्धि तथा दृढ़ नेतृत्व का प्रदर्शन करते हुए मेजर श्रीकुमार बाजू से रेंगते हुए दूसरे आतंकवादी के निकट पहुंचे तथा उसे भी गोली से उड़ा दिया ।
तीसरे आतंकवादी ने जब देखा कि वह फंस गया है तो उसने अपनी यू बी जी एल का रुख मेजर एम श्री कुमार की ओर कर दिया । प्रतिकूल परिस्थिति से न घबराते हुए इन्होंने तीसरे आतंकवादी पर धावा बोल दिया तथा बिल्कुल नजदीक से उसे गोली से उड़ा दिया ।
इस प्रकार मेजर एम श्री कुमार ने आतंकवादियों से लड़ते हुए अपने सामान्य दायित्व से बढ़कर अदम्य साहस , वीरता तथा दृढ़ नेतृत्व का प्रदर्शन किया ।
9.
आईसी-54012 मेजर तेजिन्दर पाल सिंह सोहल, एसएम जम्मू-कश्मीर राइफल/3 राष्ट्रीय राइफल (मरणोपरांत)
(पुरस्कार की प्रभावी तारीख : 29 अप्रैल, 2002 ) जम्मू- कश्मीर में अनन्तनाग के बंदरपुर गांव में 29 अप्रैल , 2002 को , तलाशी ऑपरेशन के दौरान दो आतंकवादियों ने धान के खेत से अत्यंत करीब से गोलीबारी शुरू कर दी । मेजर तेजिन्दर पाल सिंह सोहल ने गोली का जवाब देते हुए एक आतंकवादी को मार गिराया।
दूसरा आतंकवादी एक नजदीकी मकान की ओर दौड़ा । व्यक्तिगत सुरक्षा की परवाह न करते हुए मेजर सोहल ने आतंकवादी का पीछा किया तथा एकदम करीब से उस पर आक्रमण कर दिया । इस गोलीबारी में उनके कंधे में गोली आ लगी । आतंकवादी ने गोलीबारी जारी रखी तथा इस अधिकारी के पीछे आ रही सैन्य- टुकड़ी पर हथगोला फेंकने की कोशिश की । अपने सैनिकों के लिए खतरे को भांपते हुए गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद मेजर सोहल ने नजदीक पहुंचकर दूसरे आतंकवादी को मार डाला । अदम्य साहस तथा शानदार नेतृत्व का प्रदर्शन का प्रदर्शन करते हुए उन्होंने अपने पीछे आ रहे साथियों की जान बचाई । इस कार्रवाई के दौरान उनकी गर्दन तथा छाती गोलियों से छलनी हो गई और वे वीरगति को प्राप्त हुए ।
इस प्रकार मेजर तेजिन्दर पाल सिंह सोहल ने सामान्य दायित्वों से बढ़कर अनुकरणीय बहादुरी , अदम्य साहस तथा बेहतरीन नेतृत्व का प्रदर्शन किया तथा सर्वोच्च बलिदान दिया । भाग -खण्ड । ]
भारत्न का राजपत्र, मार्च 22 , 2003 ( चैत्र 1 , 1925)
421 10.
आईसी-49545 मेजर मनप्रीत सिंह बेन्स, एसएम
9 पैरा (एसएफ)
(पुरस्कार की प्रभावी तारीखः 02 मई, 2002) 02 मई, 2002 को टीम कमांडर मेजर मनप्रीत सिंह बेन्स को जम्मू- कश्मीर के पुंछ में बोरीवाली तथा कचेबरा के जनरल एरिया में विशेष आपरेशन चलाने का दायित्व सौंपा गया था ।
आतंकवादियों को अपने घात स्थलों से बचते हुए निकलते देख मेजर मनप्रीत सिंह बेन्स महत्वपूर्ण पहल करते हुए तथा सुव्यवस्थित आक्रामकता का परिचय देते हुए अपने दस्ते के साथ आतंकवादियों के नजदीक 50 मीटर तक पहुंच गए । दस्ते के आगे रहकर नेतृत्व करते हुए इन्होंने गोलीबारी शुरू कर दी और दो आतंकवादियों को मार गिराया । शेष आतंकवादियों ने तुरंत इनके दस्ते पर गोलीबारी शुरू कर दी । यह भांपकर कि इनके सैनिक खतरे में पड़ जाएंगे मेजर मनप्रीत सिंह बेन्स आतंकवादियों पर टूट पड़े तथा उनके भाग निकलने के रास्तों को रोक दिया । अदम्य साहस तथा दृढ़ निश्चय का प्रदर्शन करते हुए इन्होंने भागते हुए आतंकवादियों का पीछा किया तथा उनको घेरते हुए फुर्ती से आगे बढ़कर बिल्कुल नजदीक से दो और आतंकवादियों को मार गिराया ।
मेजर मनप्रीत सिंह बेन्स ने आतंकवादियों के साथ लड़ाई में अनुकरणीय बहादुरी, उत्कृष्ट नेतृत्व तथा दृढ़ निश्चय का प्रदर्शन किया ।
11.
4476227 पैराटूपर सतपाल सिंह,
2 पैरा (एसएफ)
(पुरस्कार की प्रभावी तारीख: 6 मई, 2002) 06 मई, 2002 को जम्मू- कश्मीर के अनन्तनाग में काहुरी बाटापुर के जनरल एरिया में निगरानी एवं तलाशी ऑपरेशन के लिए सैन्य टुकड़ियों को तैनात किया गया था ।
एक निगरानी दस्ते ने लगभग 1500 बजे गांव लांग खुल के करीब जंगल में ढोकों के पास संदिग्ध हलचल देखी । गौर से देखने पर मालूम हुआ कि वहां तीन अज्ञात व्यक्ति मौजूद हैं । संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान सुनिश्चित करने के उद्देश्य से निगरानी दस्ते को ढोकों के पास पहुंचने के लिए कहा गया ।
पैराष्ट्रपर सतपाल सिंह इस निगरानी दस्ते में शामिल थे । वह सफलतापूर्वक ढोक के करीब 20 मीटर नजदीक तक पहुंच गए । परंतु तब तक आतंकवादी चौकन्ने हो गए थे तथा वे छोटे हथियारों से घनी तथा कारगर गोलीबारी करते हुए एक ढ़ोक की तरफ दौड़ने लगे । अदम्य हिम्मत तथा उत्कृष्ट साहस का परिचय देते हुए पैराटूपर सतपाल सिंह आगे बढ़े तथा अचूक निशाने से ढोक की दहलीज पर ही दो आतंकवादियों से ढेर कर 422
भारत का राजपत्र, मार्च 22, 2003 (चैत्र 1 , 1925)
[भाग I-खण्ड 1 दिया। इसी बीच तीसरा आतंकवादी उन पर गोलीबारी करते हुए ढोक से निकलकर भागा । व्यक्तिगत सुरक्षा की बिल्कुल भी परवाह न करते हुए ये भागते आतंकवादी के पीछे दौड़े तथा अपने हथियार से धुंआधार गोलीबारी करके उसे मौके पर ही मार डाला ।
पैराटूपर सतपाल सिंह ने आतंकवादियों का सामना करते हुए अनुकरणीय वीरता , दृढ़ निश्चय , व्यक्तिगत बहादुरी का परिचय दिया ।
12.
13748474 हवलदार प्रीत सिंह, 15 जम्मू- कश्मीर राइफल
(पुरस्कार की प्रभावी तारीख : 08 मई , 2002) 08 मई , 2002 को जम्मू- कश्मीर में पुंछ के तरेकन्ना में आतंकवादियों की उपस्थिति की सूचना मिलने पर हवलदार प्रीत सिंह ने उस क्षेत्र में रातभर कारगर निगरानी रखी ।
2100 बजे हैंड थर्मल इमेजर की सहायता से इन्होंने एक आतंकवादी टुकड़ी का पता लगाया । इन्होंने चुनिंदा आक्रमण क्षेत्रों में घात स्थलों को व्यवस्थित किया । जैसे ही आतंकवादी नजदीक आए, हवलदार प्रीत सिंह ने लाइट मशीनगन से गोलियों की भारी बौछार करके तीन आतंकवादियों को घातक रूप से घायल कर दिया । आतंकवादियों को बच निकलने में मदद द्रेने के उद्देश्य से शत्रु द्वारा मोर्टार से भारी गोलीबारी के बावजूद हवलदार प्रीत सिंह ने इस क्षेत्र पर कड़ी निगरानी रखी तथा उनको बच निकलने से रोके रखा । पौ फटने पर , क्षेत्र की तलाशी के दौरान, आतंकवादियों के तीन शव, दो एके राइफलें तथा एक पिस्तौल बरामद किए गए ।
अन्य दो आतंकवादियों को भाग निकलने से रोकने के लिए हवलदार प्रीत सिंह ने निगरानी टुकड़ियों को नए स्थानों पर तैनात किया । उनकी मेहनत रंग लाई क्योंकि हैंड थर्मल इमेजर के माध्यम से बच निकलने का प्रयास कर रहे दो आतंकवादियों का पता लगा । हवलदार प्रीत सिंह रेंगकर सामरिक रूप से उपयुक्त स्थान पर पहुंचे तथा अत्यंत साहसिक गोलीबारी में दोनों आतंकवादियों को मार डाला ।
हवलदार प्रीत सिंह ने आतंकवादियों के साथ लड़ाई में असाधारण पहल , निःस्वार्थ हिम्मत तथा उच्च दर्जे की बहादुरी का प्रदर्शन किया ।
13.
आईसी-54121 मेजर चन्द्र शेखर शर्मा
आर्टिलरी /16 राष्ट्रीय राइफल
(पुरस्कार की प्रभावी तारीख : 5 जून , 2002) मेजर चन्द्र शेखर शर्मा राष्ट्रीय राइफल यूनिट की चार्ली कम्पनी के कमांडर थे । 05 जून, 2002 को 0630 चजे उनके नेतृत्व वाली टुकड़ी का जम्मू- कश्मीर के पुंछ में आतंकवादियों से सामना हो गया । भाग 1-खण्ड 1 ]
भारत का राजपत्र, मार्च 22, 2003 (चैत्र 1 , 1925 )
423 आतंकवादियों के एक दल को रोकने की कोशिश में मेजर चन्द्र शेखर शर्मा दौड़कर उनसे आगे निकल गए तथा बिल्कुल नजदीक से एक आतंकवादी को मार डाला । अन्य आतंकवादियों का पता लगाने की कोशिश में वे दो आतंकवादियों से टकरा गए जिन्होंने उन पर गोलियों की बौछार कर दी । अडिग रहते हुए मेजर शर्मा ने आड़ ले ली तथा एक जवान को आतंकवादियों पर हथगोला फेंकने का निर्देश दिया । स्थिति का फायदा उठाते हुए मेजर शर्मा ने आगे बढ़कर दोनों आतंकवादियों को उनके खतरनाक हद तक नजदीक पहुंचकर गोली से उड़ा दिया ।
इसी दौरान एक ऐसी ढोक का पत्ता लगा जिसमें तीन और आतंकवादी मौजूद थे । मेजर शर्मा बिना और अधिक समय गंवाए ढोक पर टूट पड़े तथा कारगर गोलीबारी कर रहे दूसरे आतंकवादी को मार डाला ।
इस प्रकार मेजर चन्द्र शेखर शर्मा ने आतंकवादियों के साथ लड़ाई में असाधारण नेतृत्व तथा बहादुरी का प्रदर्शन किया ।
14.
2687845 ग्रेनेडियर भागीरथ करवासरा
13 ग्रेनेडियर्स, (मरणोपरांत)
(पुरस्कार की प्रभावी तारीख : 8 जून , 2002) ग्रेनेडियर भागीरथ करवासरा असम के गांव मिलनपुर में 8 जून , 2002 को चलाए गए घेरा तथा तलाशी ऑपरेशन में शामिल थे । अचानक वहां घिरे हुए आतंकवादियों ने एक झोंपड़ी से निकलकर भागना शुरू कर दिया । द्रुतगति से जवाबी कार्रवाई करते हुए ग्रेनेडियर भागीरथ ने भागते हुए आतंकवादियों को ललकारा जिन्होंने जवाब में भारी स्वचालित हथियारों तथा हथगोलों से आक्रमण शुरू कर दिया । घेराबंदी टुकड़ी को गंभीर खतरे में भांपते हुए ग्रेनेडियर भागीरथ ने स्वचालित हथियारों से हो रही भारी गोलीबारी के बावजूद भागते आतंकवादियों का पीछा किया । इस कार्रवाई के दौरान उनको ठोडी तथा छाती में गोलियों के घाव लगे । खतरनाक घावों के बावजूद ग्रेनेडियर भागीरथ आतंकवादियों पर टूट पड़े तथा अंपनी बगल से गोली चलाकर उनकी घेराबंदी टुकड़ी पर कारगर ढंग से गोलीबारी कर रहे एक कट्टर आतंकवादी का मार गिराया । अत्यधिक रक्तस्राव के बावजूद ग्रेनेडियर भागीरथ भाग रहे आतंकवादी का पीछा करते हुए गोली चलाते रहे और शहीद होने तक पार्टी की सुरक्षा को सुनिश्चित किया । उनकी इस दुस्साहसिक कार्रवाई से दूसरा आतंकवादी बौखला गया तथा हताश होकर इधर - उधर भागने लगा तथा घेराबंदी टुकड़ी द्वारा मार डाला गया । उससे एक एके 56 राइफल, गोलाबारूद तथा विस्फोटक बरामद किया गया ।
ग्रेनेडियर भागीरथ ने अदम्य दृढ़ संकल्प , फौलादी हिम्मत , दृढ़ निश्चय तथा अडिग साहस का प्रदर्शन किया तथा सर्वोच्च बलिदान दिया । 424
भारत का राजपत्र , मार्च 22 , 2003 (चैत्र 1 , 1925 )
[भाग I-खण्ड । 15.
5847196 नायक मन बहादुरं क्षेत्री
9 गोरखा राइफल/32 राष्ट्रीय राइफल
(पुरस्कार की प्रभावी तारीख 16 जून, 2002) नायक मन बहादुर क्षेत्री 16 जून, 2002 को जम्मू- कश्मीर में कुपवाड़ा जिले के सोगाम जंगलों की घनी झाड़ियों में तलाशी तथा सफाया ऑपरेशन के दौरान घातक प्लाटून के सेक्शन कमांडर थे ।
नायक मन बहादुर क्षेत्री को एक ढलान में बने हुए अड्डे में आतंकवादियों के होने का संकेत मिला । इन्होंने प्लाटून कमांडर से चौथे रास्ते को घेरने के लिए कहा तथा निकल भागने के तीन रास्तों को घेरने के लिए अपने सेक्शन को तैनात किया । नायक क्षेत्री आतंकवादियों के पांच मीटर नजदीक तक पहुंच गए तथा उनमें से एक को मार डाला । इसी बीच दो और आतंकवादी बाहर निकल आए तथा उन्होंने ए .के. राइफलों और ग्रेनेड लांचर से गोलीबारी शुरू कर दी । तुरतबुद्धि का परिचय देते हुए नायक क्षेत्री ने 15 मीटर की दूरी से छिपने के अड्डे पर गोलियां चलाई जिससे दोनों आतंकवादी घायल हो गए । जब आतंकवादी दहशत में भागने लगे तो इन्होंने एक और आतंकवादी को मार डाला । दूसरा आतंकवादी एक नाले में कूद गया तथा एक बड़े पत्थर के पीछे से गोलीबारी करने लगा । नायक क्षेत्री ने अपने तीन साथियों को उन्हें आड़ प्रदान करने के लिए कहा तथा आतंकवादी पर टूट पड़े तथा उसे भी मार गिराया ।
नायक मन बहादुर क्षेत्री ने आतंकवादियों के साथ लड़ाई में साहस , वीरता और अनुकरणीय कनिष्ठ नेतृत्व का प्रदर्शन किया ।
16.
2485996 सिपाही रजिन्द्र कुमार
24 पंजाब, (मरणोपरांत)
(पुरस्कार की प्रभावी तारीख 18 जून, 2002) 18 जून, 2002 को 1045 बजे हमारे मुखबिर द्वारा नालबाड़ी , असम के सुबानसिरी गांव के एक घर में दो आतंकवादियों के उपस्थित होने की तात्कालिक सूचना मुहैया कराई गई थी । इसके बाद एक विशिष्ट तलाशी ऑपरेशन शुरू किया गया था । जब वे लक्षित घर से 200 मीटर की दूरी पर थे दो आतंकवादी हमारी टुकड़ी पर अंधाधुंध गोली चलाते हुए घर से बाहर भागकर एक बांस के झुंड में घुस गए ।
अपने साथी के साथ सिपाही रजिन्द्र कुमार तुरंत आगे बढ़े । आतंकवादी चाय बागान की ओर जा रहे एक नाले में घुस गए । सिपाही रजिन्द्र कुमार अपने साथ के साथ उनके पीछे दौड़े तथा 600 मीटर के फासले के बावजूद आतंकवादियों को ओझल नहीं होने दिया । सिपाही रजिन्द्र कुमार ने दौड़ते हुए उन पर गोली चलाई तथा एक आतंकवादी की बाईं भुजा में घाव कर दिया । आतंकवादियों ने उन पर तथा उनके साथी पर गोलियों की जानलेवा बौछार कर दी । पूर्णतया अविचलित रहते हुए वे उनके नजदीक पहुंचने का प्रयास करते रहे । आतंकवादी चाय के भाग 1-खण्ड 1 ]
425 भारत का राजपत्र, मार्च 22, 2003 ( चैत्र ।, 1925)
बागान के नाले में घुसकर वहां छुप गए ।
सिपाही रजिन्द्र कुमार तथा उनके साथी ने अपने टुकड़ी को मार्गदर्शन तथा दिशा - ज्ञान मुहैया कराया तथा स्वयं भी वे आतंकवादियों के पीछे लगे रहे । उनके साथ और उन पर बीस गज की दूरी से अचानक भारी स्वचालित गोलीबारी शुरू हो गई । सिपाही रजिन्द्र कुमार पीछे मुड़े और एक आतंकवादी को गोली से उड़ा दिया । दूसरा आतंकवादी दुबक गया और एक आड़ में छुप गया ।
सिपाही रजिन्द्र कुमार उस आतंकवादी की सामान्य दिशा में रेंगते हुए आगे बढ़ते रहे । आतंकवादी ने इन पर एक हथगोला फेंका जो उनसे कुछ गज की दूरी पर फटा तथा वे बाल- बाल बचे । जैसे ही यह बहादुर सिपाही सरकता हुआ झाड़ी के पीछे पहुंचा तो उनका सामना एक आतंकवादी से हो गया जिसने दस गज की दूरी से उसपर गोली चला दी । सिपाही रजिन्द्र कुमार की गर्दन की बाईं तरफ गोली लगी । अद्वितीय वीरता तथा साहस का प्रदर्शन करते हुए सिपाही रजिन्द्र कुमार ने घावों के कारण वीरगति को प्राप्त होने से पहले गोली का जवाब देते हुए आतंकवादी को गोली से उड़ा दिया ।
सिपाही रजिन्द्र कुमार ने अडिग साहस तथा शौर्य का प्रदर्शन करते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया ।
17 .
जेसी-226894 सूबेदार फुमन सिंह
15 सिख लाइट इन्फैंट्री (मरणोपरांत)
(पुरस्कार की प्रभावी तारीख 18 जून , 2002 ) 18 जून, 2002 को असम के डिब्रूगढ़ जिले में अछाबाम के श्रमिक निवास में दो घरों में कुछ सशस्त्र आतंकवादियों के मौजूद होने की सूचना मिली थी । सूबेदार फुमन सिंह को इन घरों में से एक को पीछे से घेरने का कार्य सौंपा गया था जिसके पिछवाड़े घनी झाड़ियां थीं तथा सामने खुले खेत थे ।
लगभग 2130 बजे घर के पीछे पहुंचने पर सूबेदार फुमन सिंह ने महसूस किया कि घर पर कड़ा सुव्यवस्थित घेरा डालकर तथा सख्त पहरा देकर ही आतंकवादियों को बच निकलने से रोका जा सकता था इसलिए घेरे को व्यवस्थित करके वे बेहतर निगरानी के लिए रेंगकर झोंपड़ी के नजदीक पहुंचे । क्योंकि दरवाजा खुला था इसलिए वे घर में प्रवेश के लिए दौड़ते हुए आगे बढ़े । इससे पहले कि वे घर के अंदर कदम रखते , घर में से स्वचालित हथियार से गोलीबारी शुरू हो गई । श्री फुमन ने गोलीबारी का जवाब देते हुए आतंकवादियों में से एक को घायल कर दिया । गोली लगने के बावजूद वे अचूक गोलीबारी करके आतंकवादियों पर दृढ़ता से आक्रमण करते रहे तथा उनको बच निकलने से रोके रखा । इस भयंकर भिड़ंत के परिणामस्वरूप दो दुर्दात आतंकवादी मारे गए थे । तथापि , सूबेदार फुमन सिंह घावों के कारण वीरगति को प्राप्त हो गए.।
सूबेदार फुमन सिंह ने आतंकवादियों की गोलीबारी के समक्ष अडिग साहस तथा उत्कृष्ट वीरता का प्रदर्शन किया तथा अपने दायित्व के प्रति सम्पूर्ण समर्पण का परिचय देते हुए अपने जीवन का बलिदान दिया । 426
भारत का राजपत्र, मार्च 22, 2003 (चैत्र 1 , 1925)
[भाग I-खण्ड 1 18.
लेफ्टिनेंट कमांडर नटेशन साई कुमार त्रिचनापल्ली, (02903-वाई)
(पुरस्कार की प्रभावी तारीख: 20 जून, 2002) 20 जून, 2002 को लगभग 1830 बजे जब लेफ्टिनेंट कमांडर नटेशन साई कुमार त्रिचनापल्ली 15 आर.आर. से सम्बद्ध उस मरीन कमांडो टुकड़ी के लीडर थे जिसे ' ऑपरेशन रक्षक- II ' के दौरान जम्मू- कश्मीर में नुसु घाट तथा लहाकृषपुरा गावों के बीच के रास्ते से आतंकवादियों का सफाया करने के लिए घात लगाने के लिए तैनात किया गया था तब इन्हें आसपास के क्षेत्र में आतंकवादियों की हरकतों की सूचना मिली । इन्होंने तुरंत दो ' प्रहारों ' को लामबंद किया तथा दो किलीमीटर की दूरी तय करने के लिए नौसेना टुकड़ी से दो पावर बोटों में आगे बढ़े तथा नुसु घाट निंगाली जंगल के दक्षिण-पश्चिम किनारे पर पहुंचे । बोटों से उतरने के बाद यह अफसर अपने सैनिकों के साथ घने निंगाली जंगल में से घात स्थल की ओर जाने वाले जालवान नाले के साथ- साथ आगे बढ़ने लगे । रात होने लगी थी तथा घनी झाड़ियों के कारण दिखाई देना काफी कम हो गया था । यदाकदा इस्तेमाल किए जाने वाले मुख्य मार्ग पर दोनों ओर कांटेदार तारें लगी थीं तथा रास्ते की बाईं ढलान तंग नहर में चली गई थी तथा दाईं तरफ घने जंगल फैले हुए थे ।
लगभग 2200 बजे इन्होंने रात्रि दर्शी उपकरण से बारीकी से देखते हुए पाया कि कुछ व्यक्ति इसी रास्ते पर चले आ रहे हैं तथा मरीन कमांडो टुकड़ी की ओर आगे बढ़ रहे हैं । और अधिक ध्यान से देखने पर पता लगा कि अत्याधुनिक हथियारों से लैस ये व्यक्ति आतंकवादी थे । आसन्न खतरे को भांपते हुए इस अधिकारी तथा इनके सैनिकों ने गोलीबारी शुरू कर दी तथा आतंकवादियों के साथ एक भयंकर युद्ध शुरू हो गया जिन्होंने राकेट प्रोपेल्ड ग्रेनडों लथा व्यक्तिगत हथियारों से गोलियों की बौछार कर दी । शौर्यपूर्ण कार्रवाई करते हुए इस अफसर ने आगे बढ़कर नेतृत्व किया और बगल से गोली चलाते हुए आतंकवादियों पर टूट पड़े तथा एक दुर्दात आतंकवादी को मार डाला और टुकड़ी के सदस्यों को हताहत होने से बचा लिया ।
लेफ्टिनेंट कमांडर नटेशन साई कुमार त्रिचनापल्ली ने आतंकवादियों से लोहा लेते हुए अदम्य साहस , अद्वितीय दृढनिश्चय तथा अनुकरणीय वीरता का प्रदर्शन किया ।
19.
तीरथ सिंह, लीडिंग सीमैन, 116428-के
(पुरस्कार की प्रभावी तारीख: 20 जून , 2002) 20 जून , 2002 को तीरथ सिंह, लीडिंग सीमैन को मरीन कमांडो टुकड़ी के सदस्य के रूप में जम्मू- कश्मीर में ' आपरेशन रक्षक- II ' के लिए वुलर झील के पास घने जंगल में रात के दौरान आतंकवादियों पर छुपकर घात लगाने के लिए तैनात किया गया था । घात स्थल से लगभग 2 किलोमीटर की दूरी पर कमांडो बोट से उतरे तथा घात स्थल की ओर बढ़ने लगे ।
तीरथ सिंह , लीडिंग सीमैन निंगाली जंगल , जहां कि वास्तव में कुछ भी दिखाई नहीं दे रहा था , में एक तंग रास्ते पर आगे बढ़ रहे कमांडो टुकड़ी का लीडिंग स्काउट था । इसने अंधेरे के बावजूद , टुकड़ी के आगे कुछ हलचल भाग -खण्ड 1 ]
427
भारत का राजपत्र, मार्च 22, 2003 ( चैत्र 1 , 1925)
भांप ली । लगभग 2200 बजे इन्होंने रात्रि दर्शी उपकरण के माध्यम से देखा कि उसी रास्ते पर कुछ व्यक्ति चले आ रहे थे तथा मरीन कमांडो टीम की ओर बढ़ रहे थे । अधिक गौर से देखने पर हथियार लिए चले आ रहे व्यक्तियों की पहचान आतंकवादियों के रूप में हुई । तीरथ सिंह ने अपनी टुकड़ी के साथियों को एकदम जमीन पर लेट जाने का संकेत किया । आतंकवादियों को भी टुकड़ी की उपस्थिति का भान हो गया था । बे तुरंत हरकत में आए तथा हैरतअंगेज़ गति का प्रदर्शन करते हुए क्षण भर में बंगल से गोली चलाते हुए आतंकवादियों पर टूट पड़े । तीरथ सिंह की हैरतअंगेज़ आक्रामक गति से हैरान होकर आतंकवादियों ने लगभग 50 मीटर की दूरी से राकेट प्रोपेल्ड ग्रेनेड तथा वैयक्तिक हथियारों से गोलीबारी शुरू कर दौ । तीरथ सिंह जान पर खेलकर हैरान आतंकवादियों पर टूट पड़ा तथा दो ' ग ' श्रेणी के दुर्दात आतंकवादियों को मार गिराया । इनकी उपयुक्त तथा सही समय पर कार्रवाई से टीम के सदस्य हताहत होने से बच गए ।
तीरथ सिंह , लीडिंग सीमैन ने आतंकवादियों के समक्ष अदम्य साहस, वीरता तथा अद्वितीय दृढ़ता का प्रदर्शन किया ।
20.
आईसी-61800 लेफ्टिनेंट गौरव सिंह, 4 कुमाऊं
(पुरस्कार की प्रभावी तारीख 01 अगस्त, 2002) भरोसेमंद आसूचना के आधार पर जम्मू- कश्मीर में उधमपुर जिले के एरिया नख्स में 31 जुलाई , 2002 की रात को घेराबंदी तथा तलाशी ऑपरेशन की योजना बनाई गई थी ।
दुश्मन को हतप्रभ करने के लिए लेफ्टिनेंट मौरव सिंह ने काफी बड़े घेरे से जाकर दुश्मन के आगें पहुंचने के अभियान के दौरान रात में अपनी पार्टी का नेतृत्व किया । इसके लिए इन्होंने बस्तियों से सावधानीपूर्वक बचकर लगभग 3400 मीटर की ऊंचाई पर दुर्गम ऊंचाई वाले पर्वतीय प्रदेश में से रात को आठ घंटे से अधिक दुसाध्य मार्च किया । 0630 बजे इस अफसर के अधीन आगे चल रहे सैनिकों पर आतंकवादियों द्वारा गोलीबारी की गई । एक आंतंकवादी गोलियों की बौछार करके एक ढौक के पीछे छुप गया । लेफ्टिनेंट गौरव सिंह रेंगकर पत्थरों के एक ढेर के पीछे पहुंचे तथा गोलीबारी का जवाब दिया जिससे आतंकवादी घायल हो गया । फिर यह आतंकवादी ढोक के दूसरी ओर पहुंचा तथा पाया कि आतंकवादी अभी जिंदा था तथा उनपर गोली चलाने का प्रयास कर रहा था । लेफ्टिनेंट गौरव सिंह ने तुरंत गोली चलाकर उसे मार मिशया । यह भांपते हुए कि अन्य ढोकों में भी आतंकवादी हैं अन्य ढोकों की तरफ दौड़े तथा वहीं दो अन्य आतंकवादियों को देखा जो कि घेराबंदी टुकड़ी पर गोलीबारी कर रहे थे।
लेफ्टिनेंट गौरव सिंह ने उनपर गोलीबारी शुरू कर दी तथा चेहरे पर गोलियों की अचूक बौछार करके दूसरे आतंकवादी का सफाया कर दिया । अचानक इन अफसर ने महसूस किया कि उनके हथियार में गोलियां खत्म हो गई थीं । वे बिजली कीं फुर्ती से आड़ में हो गए तथा मैगजीन बदल ली तथा गोलियों की बौछार करके तीसरे आतंकवादी को घायल कर दिया । इस कार्रवाई के दौरान लेफ्टिनेंट गौरव सिंह की बाईं कलाई घायल हो गई । परंतु अपने घाब की बिल्कुल परवाह किए बिना लेफ्टिनेंट गौरव सिंह रेंगकर आगे बढ़े और आतंकवादी से भिड़ गए तथा उसे मौत के घाट उतार दिया ।
लेफ्टिनेंट गौस्व सिंह ने आतंकवादियों के साथ लड़ाई में असाधारण शौर्य, अनुकरणीय पहल तथा नेतृत्व का 428
भारत का राजपत्र , मार्च 22, 2003 (चैत्र 1 , 1925)
[भाग I-खण्ड 1 प्रदर्शन किया ।
21.
कैप्टन राजेश शर्मा, एन एस जी
(पुरस्कार की प्रभावी तारीख: 25 सितंबर , 2002) 24 सितंबर , 2002 के दिन दो सशस्त्र आतंकवादी गुजरात में गांधीनगर स्थित अक्षरधाम स्वामी नारायण मंदिर में घुस गए और अंधाधुंध गोलीबारी करने लगे । इन आतंकवादियों ने 30 लोगों को मार डाला और मंदिर परिसर में उपस्थित अन्य 100 से भी अधिक व्यक्तियों को घायल कर दिया ।
इस स्थिति से निपटने के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड का विशेष कार्य बल विमान से भेजा गया । कैप्टन राजेश शर्मा को मुख्य परिसर से बाहर खुले स्थान में मौजूद दो आतंकवादियों का पता लगाने तथा उन्हें निष्क्रिय करने का कार्य सौंपा गया । आतंकवादियों की ओर से बराबर गोलीबारी होने तथा आड़ न होने के बावजूद अपनी टुकड़ी का आगे रहकर नेतृत्व करते हुए यह युवा अफसर आगे बढ़ता रहा । इन्होंने व्यक्तिगत सुरक्षा की बिल्कुल भी परवाह किए बिना आतंकवादियों पर दबाव बनाकर उन्हें घेरे रखा । अंततः इन्होंने आतंकवादियों की स्थिति का सही-सही पता लगा लिया तथा आतंकवादियों को समाप्त करने के लिए आगे बढ़ रहे सूबेदार सुरेश चंद यादव को गोलीबारी की आड़ दी । दूसरे आतंकवादी की गोली कैप्टन शर्मा के बाएं कंधे को झुलसाती हुई निकल गई । फिर भी ये अपने मिशन से पीछे नहीं हटे तथा आगे की ओर बढ़ते ही रहे । अंतिम कार्रवाई में इन्होंने दूसरे आतंकवादी का पता लगाकर उसे निष्क्रय कर दिया ।
कैप्टन राजेश शर्मा ने आतंकवादियों के साथ लड़ाई में अनुकरणीय तुरत बुद्धि, परिपक्व निर्णय क्षमता का परिचय दिया तथा उच्च दर्जे के शौर्य का प्रदर्शन किया ।
बरुण मित्रा (बरूण मित्रा) निदेशक 429 भारत का राजपत्र, मार्च 22, 2003 ( चैत्र 1, 1925 )
भाग I-खण्ड 1 ]
संख्या 7 /1 /2001-आई.एस.सी.
गृह मंत्रालय
(अन्तर्राज्य परिषद् सचिवालय)
नई दिल्ली, दिनांक 12 मार्च, 2003 इस सचिवालय की अधिसूचना संख्या 7/ 1 /2001-आई.एस.सी. दिनांक 27 सितम्बर, 2002 का आंशिक संशोधन करते हुए प्रधान मंत्री ने श्री अरुण जेटली, विधि एवं न्याय मंत्री तथा वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री को श्री के० जना कृष्णामूर्ति, पूर्व विधि एवं न्याय मंत्री के स्थान पर अन्तर्राज्य परिषद के आमंत्रित सदस्य के रूप में मनोनीत किया है। निम्नलिखित केन्द्रीय मंत्री परिषद के सदस्य एतद्दृश्चात अन्तर्राज्य परिषद के सदस्य और स्थायी आमंत्रित 2.
सदस्य होंगेः-
सदस्य
उप- प्रधान मंत्री
श्री एल. के. अडवाणी
1.
रक्षा मंत्री
श्री जार्ज फर्नाडीज
2.
वित्त और कम्पनी कार्य मंत्री
श्री जसवन्त सिंह
3.
विदेश मंत्री
श्री यशवन्त सिन्हा
4.
बिना किसी विभाग के मंत्री
5.
श्री मुरासोली मारन
श्री अनन्त गंगाराम गीते विद्युत मंत्री
6.
स्थायी आमंत्रित सदस्य
मानव संसाधन विकास मंत्री, विज्ञान और
1.
डा..मुरली मनोहर जोशी
प्रौद्योगिकी मंत्री और महासागर विकास मंत्री
विधि एवं न्याय मंत्री और वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री श्री अरुण जेटली
2.
( अशोक कुमार रस्तोगी)
सचिव अन्तर्राज्य परिषद 6-50161 200 430
भारत का राजपत्र , मार्च 22, 2003 ( चैत्र 1 , 1925 )
[भाग I-खण्ड 1
खानमंत्रालय
नई दिल्ली, दिनांक 6 मार्च 2003
संकल्प
35/1/ 2002 - M - IU संख्या
.नागपुर में दिनांक 24.05.2000 को सम्पन्न हुई भारतीय खान ब्यूरो , सलाहकार बोर्ड की 12वीं बैठक में बोर्ड के सदस्यों ने सुझाव दिया कि खनन उद्योग के वर्तमान परिदृश्य के अन्तर्गत भारतीय खान ब्यूरो के कार्यों के चार्टर को आशोधित किया जाए । भारतीय खान ब्यूरो सलाहकार बोर्ड की नागपुर में दिनांक 4.9.2002 को सम्पन्न हुई 13 वीं बैठक में इस मुद्दे पर पुनः गहराई से विचार विमर्श किया गया तथा बोर्ड के अध्यक्ष एवं सचिव (खान ) ने सदस्यों से निवेदन किया कि वे अपने सुझाव दें ताकि खनन उद्योग के वर्तमान परिदृश्य को ध्यान में रखते हुए भारतीय खान ब्यूरो प्रभावी ढंग से कार्य बर सके ।
सरकार ने भारतीय खान ब्यूरो सलाहकार बोर्ड के सदस्यों के सुझावों पर विचार किया तथा निर्णय लिया कि खनन उद्योग के बदलते परिदृश्य में भारतीय खान ब्यूरो को खनन/ खनिज उद्योग तथा राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था के विकास में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभानी चाहिए । अतः पूर्व के सभी संकल्पों का अधिक्रमण करते हुए भारतीय खान ब्यूरो के कार्यों का चार्टर निम्नानुसार होगा ।
भारतीय प्रवान कयूरो के कार्यों का चार्टर
(!! देश के खनिज संसाधनों (अभितटीय एवं अपतटीय ) का व्यवस्थित एवं वैज्ञानिक विकास के साथ उन्नयन ।
( 2. ) खनिजों के संरक्षण तथा खान पर्यावरण की सुरक्षा के मद्देनजर खनन योजनाओं, परियोजनाओं एवं उचित भूमि उपयोग हेतु खानों को व्यवस्थित रूप से बंद करने संबंधी योजनाओं का अनुमोदन । (2.) गवेषण , पूर्वेक्षण , खानों एवं खनिजों के डाटा बेस का संग्रहण, मिलान तथा रख - रखाव और, खनन उद्योग की समस्याओं तथा प्रत्याशाओं के बारे में प्रकाशनों एवं बुलेटिनों को जारी करना । (4. ), क्षेत्रीय आधार पर पर्यावरणात्मक मूल्यांकन अध्ययनों द्वारा पर्यावरण पर खनन के दुष्प्रभाव को कम करने के लिए सक्रिय भूमिका निभाना ।
( 5. ) खनिजों एवं अयस्कों के विश्लेषण को शामिल करते हुए खनन , भूविज्ञान एवं खनिज प्रसाधनों तथा पर्यावरणात्मक पहलुओं पर तकनीकी आर्थिक अध्ययन के साथ - साथ इन क्षेत्रों में अनुसंधान और विकास कार्यों को संचालित करना.।
( 6. ) खनन, भूविज्ञान , खनिज प्रसाधन तथा पर्यावरण के क्षेत्र में देश और विदेश में उन्नयन की दृष्टि से परामर्शीय सेवाएँ प्रदान करना ।
(7. ) विभाग के वैज्ञानिक , तकनीकी तथा अन्य श्रेणीगत पदस्थ और खनन उद्योग से जुड़े हुए एवं अन्य एजेंसियों के व्यक्तियों को मानव संसाधन विकास की दृष्टि से प्रशिक्षण प्रदान करना ।
( 8. ) सरकार को खनिज उद्योग से संबंधित पर्यावरण संरक्षण एवं प्रदूषण नियंत्रण , आयात- निर्यात नीतियों, व्यापार, खनिज विधान , वित्तीय प्रोत्साहन मामलों पर सलाह देना । 431 भारत का राजपत्र, मार्च 22, 2003 ( वत्र 1 , 1925)
भाग 1-खण्ड । ]
(9. ) खनिज संरक्षण एवं निक्षेपों का व्यवस्थित एवं वैज्ञानिक विकास , खनन भूमि की पुनः स्थापना एवं उसे मूल रूप में वापस लाना तथा पुनर्वास सहित पर्यावरण की सुरक्षा के प्रति जागरूकता लाना ।
( 10. ) खनन क्षेत्रों में सामुदायिक विकास कार्यकलापों की मॉनीटरिंग तथा उन्नयन ।
( 11. ) भूविज्ञान , खनन , खनिज सज्जीकरण तथा पर्यावरण के क्षेत्र में हुए विकास के मद्देनजर आवश्यकतानुसार अन्य कार्यकलापों को करना ।
आदेश
आदेशित है कि यह संकल्प सभी राज्य सरकारों को तथा केन्द्र सरकार के केन्द्रीय मंत्रालया , प्रधान मंत्री के कार्यालय, मंत्रीमंडल सचिवालय , संसदीय कार्य मंत्रालय , योजना आयोग , भारत के नियंत्रक और महालेखापरीक्षक , भारतीय खान ब्यूरो, भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण एवं परमाणु ऊर्जा विभाग को संसूचित किया जाए ।
जाए । यह भी आदेशित है कि इस संकल्प को सार्वजनिक सूचना हेतु भारतीय राजपत्र में प्रकाशित किया
का. प्र. मिश्रा (का ५० मिश्रा मित्रा ) उपसचिव 432
भारत का राजपत्र, मार्च 22, 2003 ( चैत्र 1, 1925 )
[भाग -खण्ड 1
श्रम मंत्रालय
नई दिल्ली, दिनांक 27 फरवरी 2003
संकल्प
संख्या ई- 11016/1 /2002- रा.भा.नी. श्रम मंत्रालय की हिन्दी सलाहकार समिति के पुनर्गठन विषयक दिनांक 15 नवम्बर 2002 के समसंख्यक संकल्प में गैर सरकारी सदस्य शीर्षक के अंतर्गत क्रमांक 20 के अंतर्गत की गई प्रविष्टि के स्थान पर निम्नलिखित प्रविष्टि प्रतिस्थापित की जाएंगी:-
20. श्री दवदास आप्टे , संसद सदस्य ( राज्य सभा )
संसदीय कार्य मंत्रालय द्वारा नामित
आदेश
आदेश दिया जाता है कि इस प्रस्ताव की एक- एक प्रति राज्य सरकारों और संघ राज्य क्षेत्रों के प्रशासनों, प्रधान मंत्री सचिवालय, मंत्रिमंडल सचिवालय , संसदीय कार्य मंत्रालय , लोक सभा सचिवालय , राज्य सभा सचिवालय, योजना आयोग , राष्ट्रपति सचिवालय , भारत के नियंत्रक और महालेखा परीक्षक, महालेखाकार, केन्द्रीय राजस्व तथा भारत सरकार के सभी मंत्रालय तथा विभागों एवं श्रम मंत्रालय के सभी कार्यालयों जिनमें स्वायत्त तथा अर्द्ध- स्वायत्त निकाय भी शामिल हैं, को भेजी जाए ।
यह भी आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प को आम जानकारी के लिए भारत सरकार के राजपत्र में प्रकाशित किया जाए ।
(डी.एस. पूनिया)
संयुक्त सचिवः 433 THE GAZETTE OF INDIA , MARCH 22, 2003 ( CHAITRA 1 , 1925 )
PART I-SEC . 1 ]
PRESIDENT'S SECRETARIAT
New Delhi , the 26th January , 2003 No. award 31 -Pres/ 2003 The President is pleased to approve the of the " Param Vishisht Seva Medal" to the undermentioned personnel for distinguished service of the most exceptional order: -
1. IC- 15201 LIEUTENANT GENERAL TEJINDER JIT SINGH GILL, ARMY ORDNANCE CORPS
2. IC- 15464 LIEUTENANT GENERAL ANANTHANARAYAN NATARAJAN , AVSM VSM, ARTILLERY
3. IC-15025 LIEUTENANT GENERAL PRAKASH SURI ENGINEERS
4. IC- 15403 LIEUTENANT GENERAL DHARAM PARKASH SEHGAL, AVSM , VSM ADC, SIGNALS
5. MR- 02562 LIEUTENANT GENERAL BIJOY NANDAN SHAHI , AVSM , VSM ARMY MEDICAL CORPS
6. IC- 16240 LIEUTENANT GENERAL SARVJIT SINGH CHAHAL , AVSM , VSM INFANTRY
7. IC- 14385 LIEUTENANT GENERAL BRIJ MOHAN KAPUR AVSM , ARMD CORPS
8. IC- 14405 LIEUTENANT GENERAL KAMALESHWAR DAVAR, AVSM ARMD CORPS
9. IC- 13951 LIEUTENANT GENERAL DINESH SINGH CHAUHAN , UYSM , AVSM, VSM , INFANTRY
10. IC-15787 LIEUTENANT GENERAL MAHESH VIJ AVSM , INFANTRY
11. IC- 14851 LIEUTENANT GENERAL RAJINDER KUMAR MEHTA , AVSM, VSM , EME
12. IC-15490 LIEUTENANT GENERAL NARESH CHAND , AD ARTY 434
PATSMC. 1 THE GAZETTE OF INDIA, MARCH 22 , 2003 ( CHAFTΚΑ 1, 1925 )
13 . IC - 13971 LIEUTENANT GENERAL HARI UNIYAL, ENGINEERS
14. IC- 16272 LIEUTENANT GENERAL BHOPINDER SINGH AVSM , INFANTRY 15 . IC - 15915 LIEUTENANT GENERAL ASHOK CHAKI AVSM SM , VSM INFANTRY
16. IC- 18964 LIEUTENANT GENERAL PARINDER PAUL SINGH BINDRA AVSM VSM , INFANTRY
17 . IC - 15041 LIEUTENANT GENERAL VIJAY KUMAR DUA AVSM , VSM ENGINEERS
18. IC-15543 LIEUTENANT GENERAL NARAYAN CHATTERJEE , AVSM , SM, SM ARTY
19. IC-16176 LIEUTENANT GENERAL ROSHAN LAL MAGOTRA , VSM , SIGNALS 20. VICE ADMIRAL OM PRAKASH BANSAL AVSM VSM ( 00660 - Z )
21. VICE ADMIRAL PRAVESH JAITLY , AVSM VSM (50166- N )
22. VICE ADMIRAL YASHWANT PRASAD AVSM , VSM (00709- K)
23. AIR MARSHAL ADI RUSTOMJI GHANDHI , AVSM , VrC ( 7722 ) FLYING ( PILOT )
24. AIR MARSHAL DINESH CHANDRA NIGAM , AVSM , VSM (7938 ) AERONAUTICAL ENGINEERING ( ELECTRONICS )
25. AIR MARSHAL SATISH KUMAR RAMLAL DHAM AVSM VSM ( 8097 ) MEDICAL
26. AIR MARSHAL SHASHINDRA PAL TYAGI , AVSM , VM (8130 ) FLYING ( PILOT )
27. AIR MARSHAL ASHOK KUMAR GOEL , AVSM , VM ( 8151 ) FLYING ( PILOT )
28. AIR MARSHAL VIJAY ACHYUT PATKAR AVSM VSM ( 8632) AERONAUTICAL ENGINEER ( ELECTRONICS)
Bamm
(BARUN MITRA)
DIRECTOR 435 D
THE GAZETTE OF INDIA , MARCH 22, 2003 ( CHAITRA 1 , 1925 )
Sor !!
32 - Pres/ 2003 The President is pleased to approve the award of the "Bar to Ati Vishisht Seva Medal" to the undermentioned personnel for distinguish service of an exceptional 01. MR- 02094 LIEUTANENT GENERAL SATISH PRAKASH KALRA.AVSM , ARMY MEDICAL CORPS
02. IC- 17576 MAJOR GENERAL AMRIK SINGH BAHIA AVSM , NAGA
03 IC- 17733 MAJOR GENERAL MADAN GOPAL, AVSM , 9GR/ HQ 2 MTN DIV 04. IC- 26372 MAJOR GENERAL MOOVERA CHINNAPPA NANJAPPA, AVSM , YSM RAJPUT 28 1NF DIV
05. IC- 26878 MAJOR GENERAL GAGANJIT SINGH , AVSM , ARMD CORPS/ 21 MTN DIV
Baim.
(BARUN MITRA)
DIRECTOR 436
THE GAZETTE OF INDIA , MARCH 22 , 2003 ( CHAITRA 1 , 1925)
[PART I-SEC. 1 No. 33 -Pres/ 2003 The President is pleased to approve the award of the " Ati Vishisht Seva Medal" to the undermentioned personnel for distinguished service of an exceptional order : -
1. DR - 10170 LIEUTENANT GENERAL JAWAHAR LAL SHARMA, VSM , ARMY DENTAL CORPS
2. IC- 15809 LIEUTENANT GENERAL KAPIL VIJ , ARMOURED CORPS , HQ ARIRAC
3. IC -15831 LIEUTENANT GENERAL ARVIND KUMAR , ARMOURED CORPS 4. IC - 16818LT GEN PADAM PAL SINGH BHANDARI , ARMOURED CORPS 5. IC -14382 MAJOR GENERAL JITENDRA SINGH , VSM , DOGRA/IMA (RETD . ) 6. IC -16048 MAJOR GENERAL PURSHOTAM VIG , VSM EME/HQ NC ( RETD . ) 7. IC-16054 MAJOR GENERAL VIJAY KUMAR BHASKAR , VrC , ENGINEERS (RETD . )
8. IC- 16116 MAJOR GENERAL AVINASH KESHEO SARWATE , KUMAON 9. IC- 16319 MAJOR GENERAL PAWAN KUMAR CHHIBER , KUMAON / CIF ( NE) ( RETD . )
10. IC - 16329 MAJOR GENERAL MANMOHAN BHARDWAJ , ARTY
11. IC -16418 MAJOR GENERAL RAJINDER NATH WADEHRA , ARTY ( RETD . ) 12. IC-16900 MAJOR GENERAL ARVIND SHARMA , VSM , 4 GORKHA RIFLES 437 THE GAZETTE OF INDIA , MARCH 22 , 2003 ( CHAITRA 1 , 1925)
PART I -SEC. 1 ]
13. IC - 17210 MAJOR GENERAL SRINIVASA PATTABHIRAMAN , SM , VSM ENGINEERS
14. IC - 17280 MAJOR GENERAL VIR CHAND JAIN , VSM * , HQ BASE WKSP GP EME
15. IC- 19004 MAJOR GENERAL AJIT SINGH BAJWA , VSM ARTY
16. IC-19029 MAJOR GENERAL ANAND SAGAR BHAGAT SM , SIGNALS
17.
IC-19196 MAJOR GENERAL KAUSTUBHA NAND BHATT
ARMY EDUCATION CORPS
18 IC- 19853 MAJOR GENERAL ARVIND MAHAJAN , VSM * EME
12. IC - 24054 MAJOR GENERAL RAJINDER SINGH JAMWAL , ENGRS/ CIF (V) 20. IC- 26028 MAJOR GENERAL KULDIP CHANDRA VIG, VSM ARTY/HQ 17 MTN DIV
21.
IC- 26535 MAJOR GENERAL AMRIK SINGH , INT CORPS
22. MR- 02051 MAJOR GENERAL BHAMIDIPATI SADANANDA , VSM AMC/ COMMAND HOSPITAL WESTERN COMMAND
23. MR - 02610 MAJOR GENERAL ASHIM CHAKRAVARTI , ARMY MEDICAL CORPS ( RETD . )
24. REAR ADMIRAL PRATAP SINGH BYCE ( 01129 - R)
25. REAR ADMIRAL BIRINDER SINGH RANDHAWA, VSM (40298 -K )
26. REAR ADMIRAL SUBRAMANIAM MADHAVAN , VSM ( 50202 - W ) ( RETD . ) 27 . REAR ADMIRAL VIJAY SWARUP MATHUR , VSM ( 60147 -Y)
28. SURGEON REAR ADMIRAL VIJAY KUMAR SINGH , VSM (75111 - F)
29. COMMODORE THAYI HARI , NM ( 01180 - F)
30. COMMODORE ARUN KUMAR, NM (01408 - Z )
31. AIR MARSHAL RANJEET KUMAR GUPTA (8899) AERONAUTICAL ENGINEERING ( ELECTRONICS)
32. AIR VICE MARSHAL RAMYAR KEKI BATHA VSM ( 9588 ) , AERONAUTICAL ENGINEERING ( ELECTRONICS) ( RETD . ) 33. AIR VICE MARSHAL BABU AJIT KUMAR SHETTY (10110 ) FLYING (PILOT) 34. AIR VICE MARSHAL AMBRISH KUMAR , VSM ( 11547 ) AERONAUTICAL ENGINEERING ( ELECTRONICS ) THE GAZETTE OF INDIA , MARCH 22, 2003 ( CHAITRA 1 , 1925 )
[PART I-SEC . 1 35. AIR VICE MARSHAL SUBHANKA SEKHAR LAHIRI , VSM ( 11568) AERONAUTICAL ENGINEER. ( ELECTRONICS )
36. AIR COMMODORE SURYAKANT NIJANAND BAL ( 10940) FLYING ( PILOT) ( RETD . )
37. AIR COMMODORE PACKIAM PAUL RAJKUMAR ( 12018 ) FLYING ( PILOT) 38. AIR COMMODORE PRADEEP KUMAR VSM ( 12029 ) FLYING ( PILOT) 39. AIR CMDE RISHI PAL SINGH VSM ( 12639 ) AERONAUTICAL ENGINEERING ( MECHANICAL)
40. AIR COMMODORE NIRDOSH VATSYAYAN TYAGI , VM VSM (12765 ) FLYING ( PILOT)
41. AIR COMMODORE NORMAN ANIL KUMAR BROWNE VM ( 13129 ) FLYING ( PILOT)
42. AIR COMMODORE NIRBHAY KUMAR JAIN ( 13576 ) FLYING ( PILOT )
(BARUN MITRA) DIRECTOR No. 34 -Pres/2003 The President is pleased to approve the award of the " Bar to Vishisht Seva Medal" to the undermentioned personnel for distinguished service of a high order : -
1. IC- 16338 MAJOR GENERAL VIJAY KUMAR CHOPRA VSM , ARTY
2. IC- 16615 MAJOR GENERAL MANMOHAN SINGH BAIDWAN , VSM , EME /HQ SC
3. IC- 25466 BRIGADIER GOVIND GOPAL DWIVEDI , VSM , JAT/ HQ 79 MTN BDE
4. DR-10267 BRIGADIER PARAMJIT SINGH , VSM , ARMY DENTAL CORPS , AFDC
5. IC- 30353 COLONEL SYED ATA HASNAIN , VSM , GARHWAL RIFLES
Bamin
(BARUN MITRA) DIRECTOR 439 THE GAZETTE OF INDIA, MARCH 22, 2003 ( CHAITRA 1 , 1925)
PART I-SEC . 1 ]
No. 35 - Pres / 2003 The President is pleased to approve the award of the " Vishisht Seva Medal " to the undermentioned personnel for distinguished service of a high order: -
1. IC- 15024 MAJOR GENERAL MADHAV ARREN , ENGINEERS / HQ WC ( RETD . )
2. IC- 16124 MAJOR GENERAL ASHOK KUMAR VASUDEV ARTY/ HQ WC ( RETD . )
3. IC- 16289 MAJOR GENERAL BHOPINDER SINGH , DOGRA/ HQ SF
4. IC- 16609 MAJ GEN CHANDER MOHAN LOGANI , EME
5. IC- 16829 MAJOR GENERAL SUBHAS BINDRA, AOC/ HQ EC
6. IC - 17065 MAJOR GENERAL KULBHUSHAN KAPOOR , ENGINEERS/ HQ ANDAMAN & NICOBAR COMMAND
7. IC- 17315 MAJOR GENERAL NOEL PREM KUMAR , SIGNALS
8. IC- 17729 MAJOR GENERAL MOHAN SINGH MOORJANI , AOC
9. IC - 17876 MAJOR GENERAL ARUN DINSHAW NARGOLWALA ENGINEERS/ HQ 14 CORPS ( RETD . )
10. IC- 19107 MAJOR GENERAL DIPAK MUKHERJEE , YSM , BIHAR/ CIF ( R) 11. IC- 19410 MAJOR GENERAL MOHAN PANDE MAHAR/ HQ 26 INFANTRY DIVISION
12. IC- 23291 MAJOR GENERAL JAYANTA KUMAR MOHANTY, SM , DOGRA 13. IC- 24722 MAJOR GENERAL ANIL KUMAR MEHRA , AD ARTY/ HQ 1 CORPS 440
THE GAZETTE OF INDIA , MARCH 22 , 2003 ( CHAITRA 1 , 1925 )
[PART I-SEC . 1 14. V- 216 MAJOR GENERAL BRIJ MOHAN TALWAR REMOUNT AND VETERINARY CORPS ( RETD . )
15. IC - 23688 BRIGADIER KIRON KISHORE KOHLI , ARTY/ HQ 4 CORPS
16. IC-19478 BRIGADIER GULSHAN KUMAR NISCHOL, SIGNALS
17. IC- 23777 BRIGADIER ABHRADHWAJ PARMAR RAJPUT/ HQ CENTRAL COMMAND
18. IC - 23813 BRIGADIER BHASKAR JYOTI GUPTA, 11 GR/ HQ EC
19. IC - 23814 BRIGADIER RANBIR KUMAR CHHABRA 4 GORKHA RIFLES/ HQ 15 Corps
20. IC- 23815 BRIGADIER RAJESHWAR DUTT SHARMA , 3 ADV BASE WKSP EME
21. IC - 23817 BRIGADIER PARVINDER SINGH , PUNJAB/ 31 SUB AREA
22. IC - 24588 BRIGADIER AMARJIT SINGH LAMBA , SIGNALS / HQ 16 CORPS 23. IC- 24716 BRIGADIER BHARAT SINGH SISODIA , AOC/ HQ COLLEGE OF COMBAT
24. IC- 25126 BRIGADIER RAJINDER SINGH SUJLANA, SIKH
25. IC - 25423 BRIGADIER PRANADHAR GAUR , 9 GR /HQ 73 MTN BDE
26. IC- 25424 BRIGADIER DEVINDAR CHAND KATOCH ARMOURED CORPS / HQ 10 SECOTR RR
27. IC - 25501 BRIGADIER KANWAR MAHARAJ SINGH SHERGILL ARMD CORPS/ HQ 107 MTN BDE
28. IC - 25647 BRIGADIER BHUPINDER SINGH GHOTRA , SM , GR/ 7 SECTOR RASHTRIYA RIFLES
29. IC - 25691 BRIGADIER BALDEV SINGH , RAJ RIF/ HQ 12 SECTOR ( RR )
10. IC - 25862 BRIGADIER HARBIR SINGH SANDHU , ARTY/ HQ 2 MTN ARTY BDE
1. IC - 27026 BRIGADIER PRAKASH MENON , GUARD/ HQ 68 MTN BDE 32. IC- 27038 BRIGADIER ANAND MOHAN VERMA , SM , RAJPUT/HQ & SECTOR RASHTRIYA RIFLES
33. IC- 27314 BRIGADIER ANIL KUMAR GULATI , ARMD CORPS/ HQ 181 MTN BDE
34. IC - 32357 BRIGADIER VIRENDER KUMAR BHUTANI , INT/HQ I & FSGP PART I-SEC . 1 ]
441 THE GAZETTE OF INDIA , MARCH 22 , 2003 ( CHAITRA 1 , 1925 )
35. IC- 32982 BRIGADIER JAGDISH SINGH VARMA , EME/ HQ 14 CORPS
36. IC- 33015 BRIGADIER EPPEN JACOB KOCHEKKAN 5 GR ( FF ) , HQ 9 SECTOR ASSAM RIFLES
37. IC- 33052 BRIGADIER SUSANTA KUMAR CHOUDHURY, INT
38. MR- 02249 BRIGADIER PUNITA ARORA , SM , AMC/ 166 ΜΗ
39. MR- 02566 BRIGADIER VED PRAKASH DHAND , AMC/CH ( EC)
40. SL- 2302 BRIGADIER GOVIND PRASAD BARTHWAL, GEN SERVICES
41. V- 321 BRIGADIER NARAYAN MAHANTY, RVC , EQUINE BREEDING STUD , BABUGARH
42. IC- 27746 BRIGADIER SUKHDIP SINGH BHATIA , JAK RIF / HQ 102 INF BDE 43. IC- 26392 COLONEL SÚRINDER SHARMA , ARMD CORPS
44. IC- 31014 COLONEL VIJAY KUMAR SAXENA , AD ARTY
45. IC- 31503 COLONEL RONALD ASHOKE ANDREW RAJKUMAR 20 ASSAM RIFLES
46. IC- 31521 COLONEL SURENDRA HARI KULKARNI , ARMD CORPS
47. IC- 31805 COLONEL GULSHAN SAHDEV, 4 ENGR REGT
48. IC- 34394 COLONEL BARISH BARAN PURI , GARH RIF
49. IC- 35160 COLONEL ASHWANI KUMAR SIWACH , JAK RIF
50. IC- 37679 COLONEL JASON PETER , ASSAM/ 35 RASHTRIYA RIFLES
51. IC- 37934 COLONEL VIJAY DNAYANDEV CHOWGULE , 16 PUNJAB
52. IC - 38012 COLONEL RAVINDER SINGH , ASC
1/53 . IC- 38268 COLONEL RAJENDRA SINGH YADAV RAJPUTANA RIFLES/ 9 RASHTRIYA RIFLES
54. IC- 38275 COLONEL SOURESH BHATTACHARYA, EME/ 619 EME BN
55. IC- 38682 COLONEL ABHINANDAN KUMAR SINGH , 18 SIKH
56. IC- 38768 COLONEL RUSTAM PATNAIK, SM , MAHAR/ 30 RASHTRIYA RIFLES
57. IC- 38784 COLONEL ANIL PRATAP RAI , 15 RAJPUT
58. IC- 38821 COLONEL JATINDER SINGH KUMAR , AOC/ CASD [PART I-SEC . 1 THE GAZETTE OF INDIA, MARCH 22, 2003 ( CHAITRA 1 , 1925 )
442
59. IC- 39142 COLONEL KUNWAR SHAKTI SINGH RATHORE , 4/4GR
60. IC- 39195 COLONEL RAJBIR YADAV ,SM , 3/11 GORKHA RIFLES
61. IC - 39242 COLONEL ARINDAM MAZUMDAR, MLI/ 27 RASHTRIYA RIFLES 62. IC- 39373 COLONEL BABU JOSEPH , GRENADIERS/12 RASHTRIYA RIFLES 63. IC- 39484 COLONEL HARCHARAN SINGH , 3 MADRAS
64. IC- 39676 COLONEL DHARAM VIR SINGH RANA, 15 JAK LIGHT INFANTRY
65. IC- 39875 COLONEL GURDEEP SINGH BAINS, 2 PARA (SF)
66. IC- 39943 COLONEL AJAY WADHWA, 235 ENGR REGT
67. IC-41480 COLONEL BISHWAJEET GHOSH , 53 ENGR REGT
68. MR- 03024 COLONEL AMARJIT SINGH , AMC/CH ( NC)
69. 19947 COMMANDANT KAMAL JETHANAND KESWANI 28 BN BORDER SECURITY FORCE
70. MR- 04395 LIEUTENANT COLONEL BRAJ KISHORE LAL ARMY MEDICAL CORPS, AFC
71. MR- 04566 LIEUTENANT COLONEL ( MRS ) SUNITA KAKKAR , AMC/CH (EC) 72. JC- 325616 SUB MAJ SURJIT SINGH , ENGRS, BEG CENTRE , ROORKEE 73. JC- 568231 SUBEDAR VED PRAKASH, MHOW MAHAR/INFANTRY SCHOOL ,
74. REAR ADMIRAL SANJEEV BHASIN ( 01248 -K)
75. COMMODORE RAJIV BALACHANDRA PRABHAVALKAR (40436- Z )
76. COMMODORE MOOKKASSATTIL PONNANIKKAT MADATHIL SIVASANKARA ΜΕΝΟΝ ( 50375 - N )
77. COMMODORE RAJINDER KANWAR DASS (00725 -Y )
78. COMMODORE ROMEO IRWIN IGNATIOUS VAZ ( 01434-H)
79. COMMODORE PUTHENPARAMPIL KOSHY VARUGHESE ( 40438 -B)
80. COMMODORE GOPALAN NAIR SASIDHARAN ( 01104 -H )
81. COMMODORE RAVINDER DATTA ( 01254 - Z )
82. COMMODORE KAMAL KRISHNA ROHÁTGI ( 70119 - K) PAF F-SEC
THE GAZETTE OF INDIA , MARCH 22. 2003 ( CHAITRA 1. 1925 )
443 83. COMMODORE NARESH KUMAR (50421 - T)
84. COMMODORE GYANENDRA SHARMA ( 00858 - Z ) ( RETD. )
85. SURGEON COMMODORE JIVAN MABLU BORCAR ( 75116 -T)
86. COMMODORE RAVINDER KHANNA ( 50514-B)
87. SURGEON CAPTAIN SUSHIL KUMAR ( 75216 W)
88. COMMANDER NYANI JOTHI PRAKASAM PREMNATH ( 01485 -A)
89. UDAIBHAN SINGH , MASTER CHIEF MECHNICIAN 11092302-B)
90. AIR COMMODORE PRADEEP VASANT NAIK ( 12005 ) FLYING (PILOT) 91. AIR COMMODORE GAUTAM SENGUPTA ( 12743 ) ACCOUNTS
92. BRIGADIER PRABHAT SINGH ( IC - 25082 ) CORPS OF SIGNALS
93. GROUP CAPTAIN SRINIVASA RAO CHINNI ( 12344) LOGISTICS
94. GROUP CAPTAIN MADAN MOHAN GUPTA ( 12881 ) AERONAUTICAL ENGINEERING ( MECHANICAL)
95. GROUP CAPTAIN LALIT KUMAR MALHOTRA ( 13373 ) FLYING ( PILOT) 96. GROUP CAPTAIN RAKESH KUMAR JOLLY VM ( 14083 ) FLYING (PILOT) 97. GROUP CAPTAIN SATVIR SINGH RANA (14383) ADMINISTRATION ( FIGHTER CONTROLLER)
98. GROUP CAPTAIN SUMESH KUMAR SAIGAL ( 14594 ) AERONAUTICAL ENGINEER (ELECTRONICS )
99. WING COMMANDER GOPAL KRISHNA PΑΤΝΑΙΚ ( 14735 ) ADMINISTRATION ( FIGHTER CONTROLLER)
100 WING COMMANDER AMRIT LAL PATEL ( 15069 ) AERONAUTICAL ENGINEER ( MECHANICAL)
101 WING COMMANDER ARVIND VERMA ( 15410 ) FLYING ( PILOT)
102 WING COMMANDER CHINTAMAN SADASHIV SOHONI ( 15472) AERONAUTICAL ENGINEER ( MECHANICAL)
103 WING COMMANDER RAJIV BATTISH ( 16038 ) FLYING ( PILOT)
104 WING COMMANDER HARISH TIAGI ( 16099 ) ADMINISTRATION
105 WING COMMANDER ANIL KUMAR ( 16119 ) LOGISTICS [PART I-SEC . 1 THE GAZETTE OF INDIA , MARCH 22 , 2003 ( CHAITRA 1 , 1925 )
444
106 WING COMMANDER KAMESHWAR JHA ( 16169 ) AERONAUTICAL ENGINEERING ( MECHANICAL )
107 WING COMMANDER DEEPAK RAUTRAY ( 16194 ) MEDICAL
108 WING COMMANDER PRADEEP WELLESLY KARVINKOΡ ( 16537 ) AERONAUTICAL ENGINEER ( MECHANICAL)
109 WING COMMANDER RAJIV DAYAL MATHUR ( 16772 ) FLYING ( PILOT)
110 WING COMMANDER MRIGENDER SINGH ( 17324 ) FLYING ( PILOT)
111 SQUADRON LEADER TARIQUE JAMIL AHMED KHAN ( 18072 ) (POSTHUMOUS ) FLYING(PILOT)
112 FLIGHT LIEUTENANT KRISHNAN SENDHIL KUMAR (24413 ) AERONAUTICAL ENGINEERING ( ELECTRONICS )
113 287381 WARRANT OFFICER SAWARI MUTHU ANTONY MUSICIAN
114 657301 WARRANT OFFICER ANAND BALLABH JOSHI FLIGHT GUNNER
115 293065 JUNIOR WARRANT OFFICER PURSHOTAM LAL WORKSHOP FITTER (C )
116 GO - 1127P JOINT DIRECTOR ( ADMN ) VIJAY KUMAR BHARGAVA
117 GO -1372X SUPERINTENDING ENGINEER ( CIVIL) GURTEK SINGH
118 GO- 1583A SUPERINTENDING ENGINEER (CIVIL) PAVNESH KUMAR MAHAJAN
Ban Mi
(BARUN MITRA)
DIRECTOR 445. THE GAZETTE OF INDIA , MARCH 22 , 2003 ( CHAITRA 1 , 1925)
PART I-SEC . 1 ]
No. 36 -Pres/2003 The President is pleased to approve the award of the "Yuddh Seva Medal" to the undermentioned personnel for distinguished service of a high ' order during hostilities : -
1. IC- 19440 MAJOR GENERAL SUDHIR SHARMA, VSM , GUARDS/HQ 10 INF DIV 2. IC- 23367 BRIGADIER ASHOK KUMAR DUGGAL, VSM PARA/ HQ 102 INFANTRY BRIGADE
3. IC- 25170 BRIGADIER RAJESH KUMAR SHARMA, SIKH LI/ HQ 12 INF BDE 4. IC- 25417 BRIGADIER VIJAY SINGH SUKHDIAL , MECH INF/HQ 80 INF BDE 5. IC- 25457 BRIGADIER VIJAY KUMAR AHLUWALIA, VSM , ARTY/ HQ 161 INF BDE
6. IC- 25492 BRIGADIER RAJIV ENOCH WILLIAMS , JAK LI/ HQ56 MTN BDE 7. IC- 25901 BRIGADIER PARNAIK KAIWALYA TRIVIKRAM INF/ 104 INF BDE 8. IC- 36819 COLONEL VIJAY KUMAR MAHAJAN , 11 SIKH LI
9. IC- 38903 COLONEL DILJIT SINGH , SM , 18 MADRAS
10. IC- 39070 COLONEL RANBIR SINGH , 9 DOGRA
11. IC -45138 LIEUTENANT COLONEL SUNDER SINGH , 19 JAT
Ban
(BARUN MITRA) DIRECTOR 8--501 Gl 2002 446
THE GAZETTE OF INDIA, MARCH 22 , 2003 ( CHAITRA 1 , 1925)
[PART I-SEC. 1 No. 37 -Pres/2003 - The President is pleased to approve the award of the "Bar to Sena Medal " to the undermentioned personnel for the acts of exceptional courage : -
1. IC- 52448 MAJOR KULVIR SINGH , SM , 9 GRENADIERS
2. IC- 56601 CAPTAIN MILAN VINAYAK NALWADE , SM , 9 PARA(SF)
3. JC - 498048 SUBEDAR SWARAN SINGH , SM , 7 SIKH
4. JC- 412468 NAIB SUBEDAR BAHADUR SINGH , SM , 9 PARA ( SF)
5. 4267316 HAVILDAR BALARAM PRADHAN , SM , 5 BIHAR
(BARUN MITRA) DIRECTOR No. 38 -Pres/2003 The President is pleased to approve the award of the " Sena Medal/ Army Medal" to the undermentioned personnel for the acts of exceptional courage: -
1. IC- 35962 COLONEL LALIT KUMAR PANDEY, 9 GRENADIERS
2. IC-42189LIEUTENANT COLONEL NARENDRA SINGH PARMAR SIKH LI/ 2 RASHITRIYA RIFLES
3. IC- 45754 MAJOR PRADEEP KOTNALA, MADRA$ /38 RASHTRIYA RIFLES 4. IC-46496 MAJOR VIRINDER SINGH, ARTY/ 169 FIELD REGIMENT
5. IC- 46704 MAJOR GAUTAM SEGAN , SC, ARTY/ 169 FIELD REGIMENT
6. IC- 46705 MAJOR UDAY KUMAR YADAV, MLI /8 ASSAM RIFLES
7. IC-48102 MAJOR DEEPAK BAKSHI , 2 PARA ( SF)
8. IC-49025 MAJOR RAJESH KUMAR, 6 RAJPUT
9. IC- 50289 MAJOR GURJEET SINGH SANDHU , 14 MAHAR
10. IC-50790 MAJOR SHANTANU KUMAR DASH , MLI / 27 RASHTRIYA RIFLES 11. IC- 51552 MAJOR PRATHI NADUVILIZHETH PRASANNAN , MECH INF/ 26 RASHTRIYA RIFLES
12. IC- 51937 MAJOR RAJESH BHASKAR, 9 DOGRA
13. IC-51979 MAJOR AJAY KATOCH , 24 PUNJAB
14. IC- 52436 MAJOR DINESH CHANDRA SINGH KANYAL , 25 ASSAM RIFLES 15. IC- 52943 MAJOR UPINDER SINGH ANAND , ARTY/ 169 FIELD REGIMENT 16. IC- 54089 MAJOR ATUL KUMAR GHILDIYAL , DOGRA/ 20 RASHTRIYA RIFLES 17. IC- 54114 MAJOR RAJESH BABU VEERANNA MUKKUNDI MADRAS/25 RASHTRIYA RIFLES 447 THE GAZETTE OF INDIA , MARCH 22 , 2003 ( CHAITRA 1 , 1925)
PART I-SEC . 1 ]
18. IC- 54346 MAJOR KIRPAL SINGH GILL, 1 MARATHA LIGHT INFANTRY
19. IC- 54715 MAJOR GAURAV MISRA , ENGINEERS/ 33 RASHTRIYA RIFLES
20. IC- 55026 MAJOR PRITHWISH SAHA, ARTILERY, 9 RASHTRIYA RIFLES
21. IC- 55235 MAJOR CS VARDHAN , 9 PARA( SF)
22. SS- 36746 MAJOR DHIRENDER MALIK, 7 SIKH
23. SS - 37765 MAJOR SANJAY SINGH , 15 JAK RIF
24. IC- 52733 CAPTAIN AMIT NAUTIYAL, 8 KUMAON
25. IC- 56763 CAPTAIN SUBHEDAR SALIM MULKA , ARTY/ 13 RASHTRIYA RIFLES 26. IC- 57751 CAPTAIN PRASHANT KAPOOR, ARMD CORPS / 31 RASHTRIYA RIFLES (CDO )
27. IC- 58716 CAPTAIN RAHUL HARCHAND , AOC/ 16 PUNJAB
28. IC- 59061 CAPTAIN ANIRBAN BANDYOPADHYAY (POSTHUMOUS) , 1/4 GORKHA RIFLES
29. IC- 59116 CAPTAIN BADAL SINGH SIKARWAR( POSTHUMOUS ) ARTY/80 FIELD REGIMENT
30. IC- 59179 CAPTAIN ASHISH NAGAICH , SIGNALS/31 RASHTRIYA RIFLES(CDO)
31. IC- 61262 CAPTAIN TARUN KALIA, 8 KUMAON
32. SS - 37052 CAPTAIN ANURAG SHUKLA , EME/41 RASHTRIYA RIFLES
33. SS- 37092 CAPTAIN SATNAM SINGH (POSTHUMOUS ) ARTY/320 FD REGT 34. SS - 38209 CAPTAIN ASHISH KRISHNA, ARTILERY,14FD REGT
35. IC- 58683 LIEUTENANT ADITYA KANWAL , 7 KUMAON
36. IC- 59792 LIEUTENANT VISHAL GAURAV, ASC/ 2 , DOGRA
37. IC- 60521 LIEUTENANT ANKUR SHARMA, 19 JAT
38. IC- 60576 LIEUTENANT PRAMOD KUMAR MISHRA, AOC/5 BIHAR
39. IC- 60945 LIEUTENANT PERIKALAMKATTIL ABRAHAM MATHEW, 3 SIKH 40. IC- 61372 LIEUTENANT HITENDER PARTI , AOC/ 24 PUNJAB
41. IC- 61468 LIEUTENANT ANJEET OHRI , 15 SIKH LI 448
[PART I- SEC . 1 THE GAZETTE OF INDIA , MARCH 22, 2003 ( CHAITRA 1 , 1925 )
42. IC- 61494LIEUTENANT PARAMVEER SINGH BISHT, EME/ 16 PUNJAB 43. IC- 61771 LIEUTENANT MANOJ PATHANIA , 19 PUNJAB
44. SS- 38934 LIEUTENANT NUNGLEPPAM , BUDDHIMANTA SINGH , 15 RAJPUT 45. SS- 39463 LIEUTENANT MAHESH KUMAR , AOC/ 24 PUNJAB
46. SC- 00374 LIEUTENANT RAMPHAL SINGH NEHRA , AOC/ 7 KUMAON
47. AR - 180 DY COMDT KARTAR SINGH , SC, ASSAM RIFLES/HQ 23 SECTOR 48 , 49874501 ASSISTANT COMMANDANT SUMER SINGH , 103 BN BORDER SECURITY FORCE ( POSTHUMOUS)
49. JC-468528 SUBEDAR LEKH RAM , RAJ RIF , 18 RASHTRIYA RIFLES
50. JC- 498711 SUBEDAR JASWANT SINGH , 7 SIKH
51. JC- 518835 SUBEDAR DAYA RAM VERMA, 9 DOGRA
52. JC- 528203 SUBEDAR MADAN SINGH ( POSTHUMOUS) GARHWAL RIFLES 14 RASHTRIYA RIFLES
53. JC- 538059 SUBEDAR GANESH SINGH , 8 KUMAON
54. JC- 528210 SUBEDAR RUP SINGH ( POSTHUMOUS) 7 GARHWAL RIFLES 55. JC- 568496 SUBEDAR MITHILESHWAR KUMAR SINGH MAHAR/ 30 RASHTRIYA RIFLES
56. JC- 612207 SUBEDAR JHAMAN BAHADUR RANA GORKHA RIFLES/ 15 RASHTRIYA RIFLES
57. JC- 634075 SUBEDAR DHAN BAHADUR LIMBU , 1/11 GORKHA RIFLES 58. JC- 262873 NAIB SUBEDAR BALDEV SINGH RANA, ARTY/ 36 RR
59. JC- 412606 NAIB SUBEDAR THOMBARE SATISH PRABHAKARRAO 2PARA (SF)
60. JC -418725 NAIB SUBEDAR DHUNDA SINGH MECH INF/12 RASHTRIYA RIFLES
!
61. JC- 428709 NAIB SUBEDAR SURJIT SINGH PUNJAB/ 22 RASHTRIYA RIFLES
62. JC- 429011 NAIB SÜBEDAR KULBIR SINGH , 24 PUNJAB
!
63. JC-468909 NAIB SUBEDAR RAM SINGH , RAJ RIF/43 RR 449、 THE GAZETTE OF INDIA , MARCH 22, 2003 ( CHAITRA 1, 1925 )
PART I-SEC . 1 ]
64. JC-479003 NAIB SUBEDAR DIL SHAD , 15 RAJPUT
65. JC -488835 NAIB SUBEDAR ISHWAR SINGH , JAT/45 RR
66. JC- 529100 NAIB SUBEDAR SABAR SINGH GARHWAL RIFLES/ 36 RASHTRIYA RIFLES
67. JC - 602410 NAIB SUBEDAR GYAN BAHADUR THAPA GORKHA RIFLES, 15 RASHTRIYA RIFLES
68. 2473890N COMPANY HAVILDAR MAJOR GURMIT, SINGH , 24 PUNJAB
69. 13746418 COMPANY HAVILDAR MAJOR HARJIT SINGH 10 JAK RIF
70. 122895 HAVILDAR MAHENDRA SANGMA, 12 ASSAM RIFLES
71. 2593580 HAVILDAR SANTOSH KUMAR C, 9 PARA (SF)
72. 2786011 HAVILDAR KOSHTI MAHANAND ANNASAHEB 15 MARATHA LIGHT INFANTRY
73. 3177541 HAVILDAR VIRENDRA SINGH RATHI , JAT/45 RASHTRIYA RIFLES 74. 3389541 HAVILDAR DALWINDER SINGH , 3 SIKH
75. 3984187 HAVILDAR JAGDISH SINGH (POSTHUMOUS ) , 1 PARA ( SF)
76. 4061037 HAVILDAR SURAT SINGH , 2 GARHWAL RIFLES
77. 4555445 HAVILDAR DILBAG SINGH ( POSTHUMOUS ) 14 MAHAR
78. 5750440 HAVILDAR DAL PRASAD PUN , GR/33 RASHTRIYA RIFLES
79. 9086820 HAVILDAR RAJ KUMAR SHARMA, JAK LI / 31 RASHTRIYA RIFLES(CDO )
80. 9095693 HAVILDAR MOHD NAWAZ HAJAM , JAK LI /31 RASHTRIYA RIFLES(CDO)
81. 13615171 HAVILDAR PAWINDER KUMAR, 9 PARA (SF )
82. 13617195 HAVILDAR PRADHAN NAMDEO GHINAJI , 9 PARA (SF)
83. 13688891 HAVILDAR ASHOK KUMAR RANA, 9 PARA (SF)
84. 13750735 HAVILDAR HARJEET SINGH , JAK RIF/ 28 RASHTRIYA RIFLES.
85. 14464293 HAVILDAR DEVENDRA SINGH , ARTY/ 269 FD REGT
86. 1080336 LANCE DAFEDAR THORU SINGH , ARMD CORPS/4 RASHTRIYA RIFLES 450
THE GAZETTE OF INDIA , MARCH 22, 2003 ( CHAITRA 1 , 1925 )
[PART I-SEC. 1 87. 1579275 NAIK SUKHBIR SINGH , ENGRS/ 5 RASHTRIYA RIFLES
88. 1584092 NAIK MALOOK SINGH , ENGRS/ 2 RASHTRIYA RIFLES
89. 2596281 NAIK DAVID RAJ G, 17 MADRAS
90. 2680086 NAIK DINESH KUMAR , GRENADIERS /12 RASHTRIYA RAFILES 91. 2682813 NAIK MOHD SALEEM , GRENADIERS/ 39 RASHTRIYA FIFLES 92. 2682985 NAIK MOHAMAMD TAUKEED , GRENADIERS/39 RASHTRIYA RIFLES
93. 2883024 NAIK VINOD SINGH , RAJ RIF/ 18 RASHTRIYA RIFLES
94. 2888050 NAIK JAI PRAKASH SINGH , RAJ RIF/ 18 RASHTRIYA RIFLES 95. 2987248 NAIK TEJ KUMAR, RAJPUT/23 RR
96. 2987266 NAIK VIJAY PAL, RAJPUT/10 RASHTRIYA RIFLES
97. 3181870 NAIK BRAHM PAL SINGH , JAT/34 RASHTRIYA RIFLES
98. 3392346 NAIK SATPAL SINGH , 3 SIKΗ
99. 3393548 NAIK DALJIT SINGH , 7 SIKH
100 3988324 ΝAIK SURINDER SINGH ( POSTHUMOUS) DOGRA/ 11 RASHTRIYA RIFLES
101 4068139 NAIK BALAM SINGH , 2 GARHWAL RIFLES
102 4069149 NAIK BEER SINGH , 4 GARHWAL RIFLES
103 4071681 ΝAIK SURENDRA SINGH , GARHWAL RIFLES/36 RR
104 4184536 NAIK RAMESH PURI , 4 CORPS INT & FS UNIT
105 4474667 NAIK PARDEEP SINGH , 15 SIKH LI
106 13617894 ΝAIK KUNDAN SINGH VERMA, 9 PARA (SF)
107 13618072 NAIK HARLAL SINGH , 9 PARA ( SF)
108 13618686 NAIK SAKPAL ASHOK SHRIKRISHNA, 4 MARATHA LIGHT INFANTRY
1
109 13750124 NAIK CHAMAN LAL ( POSTHUMOUS) JAK RIF 22SPECIAL FORCES
110 13750451 ΝΑIK SURJEET SHARMA , JAKRIF 22 SPECIAL FORCE 451 THE GAZETTE OF INDIA , MARCH 22, 2003 ( CHAITRA 1 , 1925)
FART I- SEC . 1 ]
111 13752646 NAIK SATPAUL, 15 JAK RIF
112 14488973 NAIK BHAGWAN SINGH , ( POSTHUMOUS ) ARTY/173 FIELD REGIMENT
113 2482625 LANCE NAIK PARGAT SINGH , PUNJAB/ 37 RASHTRIYA RIFLES
114 2683964 LANCE NAIK HOSHIAR CHAND , GRENADIERS / 29 RASHTRIYA RIFLES
115 2688016 LANCE NAIK PARVIN KUMAR , 4 GRENADIERS
116 2884092 LANCE NAIK GANGADHAR , RAJ RIF /9 RASHTRIYA RIFLES
117 2989156 LANCE NAIK SUKHDEV , RAJPUT/ 10 RASHTRIYA RIFLES
118 3186003 LANCE NAIK RAJESH KUMAR, 7 JAT
119 3392365 LANCE NAIK RANJIT SINGH , SIKH / 6 RASHTRIYA RIFLES
120 3393879 LANCE NAIK BUGGAR SINGH , SIKH/ 16 RASHTRIYA RIFLES
121 3396825 LANCE NAIK GURJIT SINGH , 3 SIKH
122 3398587 LANCE NAIK HARJIT SINGH, 18 SIKH
123 3989847 LANCE NAIK ANAND KASHOR SHARMA, DOGRA/ 40 RR
124 3991657 LANCE NAIK RAVINDER SINGH , 9 PARA (SF)
125 4184328 LANCE NAIK RAJENDRA GIRI , 3 KUMAON
126 4186366 LANCE NAIK PRAKASH SINGH RAWAT , 8 KUMAON
127 4188542 LANCE NAIK DIWAN SINGH , KUMAON
128 9097679 LANCE NAIK MOHAMMAD ABDULLAH GANIE ( POSTHUMOUS ) 2 JAK LIGHT INFANTRY
129 9097702 LANCE NAIK MOHAMMAD ALTAF DAR (POSTHUMOUS ) 2 JAK LIGHT INFANTRY
130 13618966 LANCE NAIK RAUT JAGDEO VISHRAM , 2 PARA (SF)
131 13619762 LANCE NAIK MAHESH CHANDRA KUNIYAL PARA/ 22SPECIAL FORCE
132 2489333 SEPOY JASWANT SINGH , 16 PUNJAB
133 2487486 SEPOY PALWINDER SINGH , PUNJAB / 37 RASHTRIYA RIFLES 452
THE GAZETTE OF INDIA, MARCH 22, 2003 ( CHAITRA 1 , 1925)
[PART I-SEC . 1 134 2486434F SEPOY SANJAY KUMAR ( POSTHUMOUS) PUNJAB / 22 RASHTRIYA RIFLES
135 2488414 SEPOY YASH PAUL , PUNJAB , 7 RASHTRIYA RIFLES
136 2490889 SEPOY BALBIR KUMAR , PUNJAB , 37 RASHTRIYA RIFLES
137 2602983 SEPOY MARANDHALLI MUNIYAN RAJA MADRAS/ 25 RASHTRIYA RIFLES
138 2603564 SEPOY SREEJITH M , 17 MADRAS
139 2604680 SEPOY MUTHU RAJA M ( POSTHUMOUS) MADRAS , 38 RASHTRIYA RIFLES
140 2793857 SEPOY RAUNDAL MOHAN REVANNATH MARATHA LI / 27 RASHTRIYA RIFLES
141 2793880 SEPOY SHAIKH MUKHTAR MAHIBUB , MLI/ 27 RASHTRIYA RIFLES 142 2994769 SEPOY BHUPENDER SINGH , RAJPUT/ 10 RASHTRIYA RIFLES 143 3187667 SEPOY JAGWANT SINGH , 19 JAT
144 3399760 SEPOY SUKHCHAIN SINGH ( POSTHUMOUS) SIKH , 6 RASHTRIYA RIFLES
145 3400990 SEPOY MEHAR SINGH , 18 SIKH
146 3995443 SEPOY JOGINDER SINGH , DOGRA/ 40 RASHTRIYA RIFLES
147 3997253 SEPOY GURDEEP SINGH , DOGRA/ 40 RASHTRIYA RIFLES
148 3998891 SEPOY KULWINDER SINGH ( POSTHUMOUS) DOGRA/ 11 RASHTRIYA RIFLES
149 3999754 SEPOY RAJ KUMAR , DOGRA/ 11 RASHTRIYA RIFLE
150 4188053 SEPOY GOVIND SINGH CHAUHAN , KUMAON / 26 RASHTRIYA RIFLES
151 4190737 SEPOY VINOD KUMAR, 4 KUMAON
152 4273532 SEPOY RAGHUNATH HANSDA , BIHAR/ 47 RASHTRIYA RIFLES 153 4365177 SEPOY VIMERHA, ASSAM/ 35 RASHTRIYA RIFLES
154 4473445 SEPOY SAWARN SINGH , SIKH LIGHT INFANTRY/ 2 RR
155-2501314 RIFLEMAN BRAJ KISHORE BEHERA ( POSTHUMOUS) 25 ASSAM RIFLES 453 THE GAZETTE OF INDIA, MARCH 22, 2003 ( CHAITRA 1 , 1925)
PART I- SEC . 1 ]
156 2501735 RIFLEMAN MALWINDER SINGH , 25 ASSAM RIFLES
157 2891526 RIFLEMAN BHAWANI SINGH , RAJ RIF/18 RASHTRIYA RIFLES
158 2893270 RIFLEMAN SURENDRA SINGH , RAJ RIF/43 RASHTRIYA RIFLES
159 4076608 RIFLEMAN JAYA SINGH , GARHWAL RIFLES/ 14 RR
160 4077604 RIFLEMAN GAJENDRA SINGH GARHWAL RIFLES / 14RASHTRIYA RIFLES
161 4079976 RIFLEMAN VIRENDRA SINGH GARHWAL RIFLES/ 14 RASHTRIYA RIFLES
162 9103403 RIFLEMAN MOHD RAFIQ WANI , 15 JAK LI
163 9103419 RIFLEMAN ISHAQ AHMED , 15 JAMMU & KASHMIR LIGHT INFANTRY
164 2692418 GRENADIER MUKH RAM BUDANIA ( POSTHUMOUS) 6 GRENADIERS
165 2693601 GRENADIER BHANWAR SINGH CHOUDHARY ( POSHTUMOUS ) 6 GRENADIERS
166 14408510 GUNNER JADHAV MADHUKAR RAMCHANDRA, ARTY/169 FD REGT
167 14411659 GUNNER VINOD KUMAR, ARTILLERY/ 11 RASHTRIYA RIFLES
168 14430104 GUNNER RAGHUVIR SINGH (POSTHUMOUS) ARTY/18 RASHTRIYA RIFLES
169 15134132 GUNNER PRAMOD KUMAR JHA, ARTY/ 36RASHTRIYA RIFLES
170 15370998 SIGNALMAN GOVIND SINGH , SIGNALS /30 RASHTRIYA RIFLES
171 4472385 PARATROOPER BALKAR SINGH , PARA/ 31 RASHTRIYA RIFLES ( CDO )
172 13621709 PARATROOPER KAMAL KISHORE 22SPECIAL FORCES ( SPECIAL GROUP)
173 13622613 PARATROOPER KOLHE MEGHRAJ GANΡΑΤΙ , 2- PARA ( SF)
174 13761607 PARATROOPER SARWAN KUMAR , 9 PARA ( SF)
175 13761741 PARATROOPER PRADEEP KUMAR THAPA , 9 PARA (SF)
Ba
9 501 Gi 200
(BARUN MITRA) DIRECTOR THE GAZETTE OF INDIA , MARCH 22 , 2003 ( CHAITRA 1 , 1925 )
[PART I-SEC. 1 No. 39 -Pres/ 2003 The President is pleased to approve the award of the " Bar to Sena Medal / Army Medal" to the undermentioned personnel for the acts of exceptional devotion to dury: -
1. IC- 39681 COLONEL KAVIL ADHIKARAKUNNETH MOHAN , VrC, SM , 9 PARA (SF)
2. IC- 50880 MAJOR AJOY MUKHERJEE , SM , 2 PARA (SF)
B
(BARUN MITRA) DIRECTOR No. 40 - Pres/ 2003 The President is pleased to approve the award of the " Sena Medal / Army Medal " to the undermentioned personnel for the acts of exceptional devotion to duty: -
1. IC- 16680 MAJOR GENERAL RAJINDRA KUMAR KAUSHAL , VSM KUMAON / HQ 10 CORPS
2. IC- 17246 MAJOR GENERAL SHRI VALLABH THAPLIYAL ARTY/ HQ 3 INF DIV
3. IC- 19429 MAJOR GENERAL ZAMEER UDDIN SHAH , VSM ARTY/ HQ 54 INF DIV
4. IC- 19940 BRIGADIER RABINDAR SINGH SIDHU , SIKH LI / 91 SUB AREA 5. IC- 25119 BRIGADIER ROHIT KUMAR KALIA , ARTY/ HQ 25 ARTILLERY BRIGADE
6. IC- 25434 BRIGADIER SHANKAR RANJAN GHOSH GUARDS /HQ 52 INF BDE
7. IC- 25435 BRIGADIER SURINDER PAL SINGH DHALIWAL, ARMD/10 INFANTRY BRIGADE
IC- 25439 BRIGADIER VINAY SHARMA , DOGRA/ HQ28 INF BDE 8 .
9 . JAK RIFLES/ HQ 9 SECTOR RR IC- 25534 BRIGADIER GAGAN DEEP BAKSHI , VSM ,
10. IC- 25816 BRIGADIER BIKRAM SINGH , VSM , SIKH LI/ HQ 1 SECTOR RR 11. IC- 32605 BRIGADIER UDAYKUMAR WAMANRAO DESHMUKH , VSM RAJPUT/HQ 323 MTN BDE
12. IC- 31669 COLONEL VARINDER SINGH , VrC , 4 JAK LI
13. IC - 31777 COLONEL BARUNAVA SARKER , 4 GR/ 15 RASHTRIYA RIFLES 455 PART I-SEC . 1 ]
THE GAZETTE OF INDIA , MARCH 22, 2003 ( CHAITRA 1 , 1925 )
14. IC- 35784 COLONEL GURMEET SINGH BAIDWAN , MAHAR/ 1 RASHTRIYA RIFLES
15. MR - 03831 COLONEL DEVENDER PAUL VATS , VSM ARMY MEDICAL CORPS /CH WC
16. IC - 38391 COLONEL AJAY KUMAR , KUMAON/ 13 RASHTRIYA RIFLES
17. IC- 38494 COLONEL ANIL KHOSLA , KUMAON / 26 RASHTRIYA RIFLES
18. MR - 04125 COLONEL SURENDRA SINGH PANWAR ARMY MEDICAL CORPS /CH WC
19. IC 39879 COLONEL ANUP KRISHAN DHAR, PARA/ 12 ASSAM RIFLES
20. IC- 39910 COLONEL C RAMACHANDRAN , 14 MAHAR
21. IC- 38282 COLONEL DEEPAK DHANDA, ARTY/ 17 PARA FD REGT
22. IC- 38722 COLONEL CHERISH MATHSON , 7 GARHWAL RIFLES
23. IC- 38750 COLONEL MANOJ MUKUND NARAVANE , SIKH LI/ 2 RASHTRIYA RIFLES
24. IC- 39083 COLONEL SANJAY, KUMAR JHA , SIKH / 15 RASHTRIYA RIFLES
25. IC- 39098 COLONEL GURPRATAP SINGH DHILLON , 17 DOGRA
26. IC- 39147 COLONEL VINOD RAIZADA , GARH RIF /36 RASHTRIYA RIFLES
27. IC- 39342 COLONEL RAJESH SAHAI , DOGRA/ 11 RASHTRIYA RIFLES
28. IC 39548 COLONEL SHAMBHOO SINGH DEORA PARA ( SF ) / 18 ASSAM RIFLES
29. IC- 35979 COLONEL JASWINDER SINGH SURAJ , 14 RAJPUT
30. IC- 37575 COLONEL PARMVIR SINGH , 12 DOGRA
31. IC - 39608 LIEUTENANT COLONEL NALIN KUMAR BHATIA 357 INT & FS UNIT
32. MR- 05441 LIEUTENANT COLONEL JITENDRA KUMAR SINGH PARIHAR AMC/AFMC
33. IC- 40849 LIEUTENANT COLONEL PARMINDER SINGH ARMOURD / 662 ARMY AVN SQN
34. IC -49689 MAJOR GANESAN MUTHU KUMAR ENGINEERS / 11 RASHTRIYA RIFLES
35. IC- 57302 MAJOR BL KRISHNA KISHORE , SIKH / 16 RASHTRIYA RIFLES 456
[PART I-SEC . 1 THE GAZETTE OF INDIA , MARCH 22, 2003 ( CHAITRA 1 , 1925 )
36. IC- 53294 MAJOR PRADEEP BIST, RAJ RIF/9 RASHTRIYA RIFLES
37. IC- 43263 MAJOR SURENDRA KUMAR BALIWAL , MAHAR/ 30 RASHTRIYA RIFLES
38. IC- 53623 MAJOR AJAY SINGH PUNDIR, SIKH LI/2 RASHTRIYA RIFLES
39. IC - 44721 MAJOR JAWEED AHMED MIR , 13 PUNJAB
40. IC- 54171 CAPTAIN DEEPAK KUMAR NAYAK RAJ RIF/ 18 RASHTRIYA RIFLES
41. IC-56901 CAPTAIN DEEPAK ANAND , ARMD/ 8 ASSAM RIFLES
42. SS - 36987 CAPTAIN RAJESH BHARDWAJ , 3 MADRAS
43. MS -13872 CAPTAIN SHAILENDRA KUMAR SONAKIYA AMC/ 10 JAK LI
44. IC - 58525 LIEUTENANT VIKRANT TYAGI , ENGINEERS/ 14 ENGR REGT
45. JC- 518476 SUBEDAR FATEH SINGH , 15 DOGRA/ INF SCHOOL
46. JC- 306135 SUBEDAR MARIMUTHU GOUTHAMAN , ENGINEERS/ MEG CENTRE 47. JC- 374329 NAIB SUBEDAR RAMANAND , SIGNALS/ 4 TECH TRG REGT
48. 5454604 HAVILDAR SOM BAHADUR PUN , 58GORKHA TRAINING CENTRE 49. 1377704 HAVILDAR JETTEPALLI DELHI PRASAD 14 ENGR REGIMENT
50. 4186779 LANCE NAIK MADAN MOHAN , KUMAON SCOUTS
B
(BARUN MITRA) DIRECTOR
No. 41 -Pres/ 2003 The President is pleased to approve the award of the " Nao Sena Medal / Navy Medal " to the undermentioned personnel for the acts of exceptional courage : - 1. CAPTAIN RAJESH SARIN , ( 02298 - Y)
2. LIEUTENANT COMMANDER MUKUL CHATURVEDI ( 02936 -Y )
3. LIEUTENANT COMMANDER SAMEER S PATWARDHAN ( 03701 - K) 4. RANVEER SINGH AG LS CD II ( 117974 - Z )
B
(BARUN MITRA ) DIRECTOR 457 PART I-SEC . 1 ]
THE GAZETTE OF INDIA , MARCH 22 , 2003 ( CHAITRA 1 , 1925 )
No. 42 -Pres/ 2003 The President is pleased to approve the award of the " Nao Sena Medal / Navy Medal " to the undermentioned personnel for the acts of exceptional devotion to duty: -
1. COMMODORE ASPI DHUNJISHAW MARKER ( 01186 - W)
2. COMMODORE VIJAI SINGH CHAUDHARI ( 01490 - K )
3. CAPTAIN SRIKANT LAXMIKANT DESHMUKH ( 40620 - T )
4. ACTING CAPTAIN SUBRAMANIAN NEDUNCHEZIAN (40936- K)
5. COMMANDER DUSHYANT SINGH CHOUHAN (41145 - K )
6 . COMMANDER VATCHAVAYI VENAKATA SANJAY RAJU ( 02759- W)
7. LT CDR ( SDH ) KATTAMURI LAKSHMANA RAO ( 83654 - Y)
8. ARVIND KUMAR SHARMA , MASTER CHIEF MECHANICIAN - I ( 200420 - A )
(BARUN MITRA) DIRECTOR No. 43 -Pres /2003 The President is pleased to approve the award of the "Vayu Sena Medal / Air Force Medal " to WING COMMANDER RAJESH KUMAR ( 16770 ) FLYING PILOT for the acts of exceptional courage
(BARUN MITRA ) DIRECTOR No. 44 -Pres/ 2003 award of the " Bar to Vayu Sena Medal/ Air Force Medal" to WING COMMANDER RAGHUNATH NAMBIAR ,, VM ( 16378 ) FLYING ( PILOT) for the acts of exceptional devotion to duty: - The President is pleased to approve the
(BARUN MITRA) DIRECTOR 458
[PART I-SEC . 1 THE GAZETTE OF INDIA , MARCH 22 , 2003 ( CHAITRA 1 , 1925 )
No. 45 - Pres /2003 The President is pleased to approve the award of the " Vayu Sena Medal / Air Force Medal " to the undermentioned personnel for the acts of exceptional devotion to duty: -
1. AIR COMMODORE MADHUSUDAN BANERJEE VSM ( 13400) FLYING ( PILOT)
2. GROUP CAPTAIN SUBRAMANYA SUKUMAR ( 14672 ) FLYING ( PILOT) 3. GROUP CAPTAIN RANA BISWAS ( 15009 ) FLYING ( PILOT)
4. WING COMMANDER NEERAJ YADAV ( 16399 ) FLYING ( PILOT)
5. WING COMMANDER SANJEEV NARAYAN DESHPANDE ( 16559 ) FLYING ( PILOT)
6. WING COMMANDER TARUN BANERJEE ( 15776 ) FLYING ( PILOT) 7. WING COMMANDER AMIT TIWARI ( 16806 ) FLYING ( PILOT)
8. WING COMMANDER VIPIN INDIRA PADMANABHAN NAYAR ( 16829) FLYING ( PILOT)
9. WING COMMANDER THAZHATHU PULLIKUNNEL DEVASIA JOSEPΗ ( 16964 ) FLYING ( PILOT)
10. WING COMMANDER SHREESH MOHAN ( 16966 ) FLYING ( PILOT )
11. WING COMMANDER ANIL TIWARI ( 17160) FLYING ( PILOT)
12. SQUADRON LEADER BISWANATH KAR ( 21831 ) FLYING ( PILOT)
13. FLIGHT LIEUTENANT VISHAL GUPTA ( 24169) FLYING (PILOT)
(BARUN MITRA)
DIRECTOR PART I-SEC. 1]
459 THE GAZETTE OF INDIA , MARCH 22 , 2003 ( CHAITRA 1 , 1925 )
No. 46 - Pres / 2003 The President is pleased to approve the award of the "Kirti Chakra" to the undermentioned personnel for the acts of conspicuous gallantry : -
1.
4260155 HAVILDAR RUDAL PRASAD
4 BIHAR, ( POSTHUMOUS)
(Effective Date of the award : 03 Feb 2002 ) On 03 Feb 2002 , during cordon and search of village Hajannar & Purongam in Tral , Jammu and Kashmir , the search party came under fire from two adjacent isolated houses . Immediately the search party engaged the terrorists with heavy small arms and rocket launcher fire. Fire fight continued for almost two hours . Terrorists kept firing intermittently at own troops .
Due to fire the haystack kept in one of the houses caught fire and the terrorists tried to shift from the house . Havildar Rudal Prasad saw two terrorists running out of the house . He chased the terrorists and shot one of them dead . The other terrorist fired at Havildar Rudal Prasad injuring him in his right arm . Despite being seriously wounded Havildar Rudal Prasad took out a grenade and lobbed it inside the house killing the second terrorist . While clearing his way to enter the house , he was again fired upon at point blank range by a third terrorist . The burst caught this brave NCO on the face . Despite being grievously injured and failing energy Havildar Rudal Prasad returned the fire and also killed the third terrorist . The gallant soldier , single handedly killed three hardcore terrorists before succumbing to his injuries .
460
[PART I-SEC . 1 THE GAZETTE OF INDIA , MARCH 22 , 2003 ( CHAITRA 1 , 1925 )
Havildar Rudal gallantry , concern Prasad for displayed raw courage , fellow soldiers , sacrifice in fighting the terrorists . conspicuous and made the supreme 2 .
4560276 NAIK TARLOK SINGH
MAHAR/30 RR
(Effective Date of the award: 26 April , 2002 )
a & On 26 April 2002 , on receipt of specific information Rashtriya Rifles Unit planned a raid on a hideout of terrorists in densely forested and mountainous terrain in Chakpath , Jammu Kashmir . Naik Tarlok Singh was tasked to establish a stop as part of inner cordon . The inner cordon was barely in place when terrorists realized the danger to themselves and made a desperate bid to break through the cordon .
Naik Tarlok Singh initially out flanked one terrorist and shot him dead . While regaining command and control of his party he saw three terrorists charging at his party with a view to break the cordon . Sensing danger to his own comrades Naik Tarlok Singh moved forward exposing himself to bursts of fire from charging terrorists . He shot dead three terrorists in a very short intense firefight barely 15 20 meters from him .
to The bold action displayed by Naik Carlok Singh spurred his comrades kill the remaining five terrorists . In the complete operation , a total of nine terrorists were killed .
Naik Tarlok Singh , thus, unmindful of personal safety , conspicuous gallantry, raw determination while fighting the terrorists . displayed courage and dogged PART I-SEC . 1 ]
461 THE GAZETTE OF INDIA , MARCH 22, 2003 ( CHAITRA 1 , 1925 )
3.
COMMANDO SURJAN SINGH , NATIONAL SECURITY GUARD (Effective Date of the award: 25 Sept 2002 ) On 24 September 2002 , two armed terrorists entered the Akshardham Swami Narayan Temple , Gandhinagar ( Gujarat ) and started firing indiscriminately . The terrorists killed 30 people and injured over 100 persons present in the complex .
The Special Action Group of National Security Guard was flown in to deal with the situation . The Task Force located the terrorists outside the main Temple Complex . While the terrorists were in the dark and under dense cover , National Security Guard personnel were easily visible and were fired at . The terrorist had to be pinned down to allow troops to move forward and neutralise them . Commando Surjan Singh volunteered as scout and moved ahead of his Squadron Commander . He crawled ahead behind a low wall under a hail of bullets . With utter disregard to his own safety, he brought down accurate fire on the terrorists and assisted Squad No. 3 to move forward .
Crawling close to the terrorists , he engaged them with fire . The terrorists retaliated with heavy fire on him . In this action he received splinter injuries on his face . To give cover to the Commander , he dived and covered him with his body . In the process he sustained splinter injuries . Despite his injuries , Commando Surjan Singh kept firing and lobbing grenades fixing the terrorists and refused to be evacuated . He then noticed the flash of a terrorist's weapon . As he let off a burst from his carbine , the terrorists retaliated and he received splinter injury in his brain stem . Even as he fell , he refused to part with his weapon till he became unconscious .
The bold and decisive action of Commando Surjan Singh paved the way for elimination of the terrorists thus making the operation a success .
Bamm
( BARUN MITRA) DIRECTOR
10 501 Gl 2002 [PART I- SEC . 1 THE GAZETTE OF INDIA , MARCH 22 , 2003 ( CHAITRA 1 , 1925 )
No. 47 - Pres / 2003 The President is pleased to approve the award of the " Bar to Shaurya Chakra" to the undermentioned personnel for the acts of gallantry : -
IC 46889 MAJOR SUKHMEET SINGH , SC ARTY/ HQ 23 SECTOR
( Effective Date of the award : 13 Mar 2002 ) On 13 Mar 2002 , while the Brigade Quick Reaction Team was returning to an Assam Rifle post at Ngopa in South West Manipur , terrorists opened a heavy volume of fire on the leading vehicles from two houses in Village Songtal .
Major Sukhmeet Singh quickly dismounted from his vehicle fired back at the terrorists and dashed towards the house . The speed of response unnerved the terrorists and few of them attempted to escape from the rear door . One of the terrorists stopped to hurl a grenade at the officer to cover the move of others , but Major Sukhmeet Singh relentlessly dashed forward , and grabbed the terrorist and killed him ruthlessly in a hand to hand combat .
At this stage , one terrorist was still firing continuously from inside the house . Major Sukhmeet Singh quickly entered the house and unmindful of his personal safety kicked open the door of a room . The terrorist attempted to fire at him but before he could do so , Major Sukhmeet Singh , in a flash , shot him from a point blank range , eliminating all resistance . :
Major Sukhmeet Singh , displayed immense initiative gallantry of a very high order with total disregard to personal safety while fighting the terrorists .
B
(BARUN MITRA)
DIRECTOR PART I- SEC . 1 ]
463 THE GAZETTE OF INDIA , MARCH 22 , 2003 ( CHAITRA 1 , 1925 )
No. 48 - Pres / 2003 The President is pleased to approve the award of the " Shaurya Chakra " to the undermentioned personnel for the acts ofgallantry : -
1. GS - 164509H LEADING HAND ( NURSING ) MAHESH PAL , BRDB ( POSTHUMOUS)
( Effective Date of the award : 14 Jan 2002 ) Leading Hand ( Nursing ) Mahesh Pal was specially selected to provide medical cover during the crucial formation cutting works and snow clearance operations on road Ragini - Ustaad in a far flung highly terrorist infested high altitude snow bound area astride the line of control in Jammu and Kashmir .
Leading Hand ( Nursing ) Mahesh Pal single handedly worked in multiple shifts so as to provide dedicated medical cover to men engaged in multiple shifts for the crucial formation cutting works as well as winter snow clearance operations in a treacherous , high altitude area with extremes of weather and sub zero temperature conditions . On 14 Jan 2002 while he was providing medical cover to his colleagues , a snow avalanche struck Ragini detachment , owing which the entire detachment got buried under very heavy snow accumulation . Leading Hand (Nursing) Mahesh Pal displayed exemplary courage and led the rescue operations . While rescuing his team mates , he himself got buried under neck deep snow . While fighting for his life he had already pushed four GREF personnel out of the avalanche and saved their lives . In the process , he himself got buried and finally died in action .
464
[PART I-SEC . 1 THE GAZETTE OF INDIA , MARCH 22 , 2003 ( CHAITRA 1 , 1925 )
Leading Hand (Nursing) Mahesh Pal , thus , worked with dedication and devotion with utter disregard to his personal safety and sacrificed his life to save his fellow workers .
!
2 .
3388197 HAVILDAR GURCHARAN SINGH
3 SIKH
( Effective Date of the award : 29 Jan 2002 ) Havildar Gurcharan Singh was the search party commander when contact was established with infiltrating foreign terrorists at 1800 hours on 29 January 2002 near the line of control in general area Miari , District Rajouri , Jammu and Kashmir .
Havildar Gurcharan Singh observed one terrorist breaking cover and charging at own party firing heavily and indiscriminately . Seeing that the operations were impeded with own troops pinned down , he charged through terrorist fire and eliminated him at point blank range .
At 0400 hours the next day , two terrorists in a desperate bid to escape used PIKA fire and grenades resulting in own casualty . The casualty rolled down the slope and fell precariously close to the terrorists . Havildar Gurcharan Singh realising grave danger to the casualty , in an act of rare courage and camaraderie , with utter disregard to personal safety , charged out of cover and emptied one magazine into a terrorist .. He then charged upon the third terrorist slitting his throat with bayonet . His valiant action unnerved the terrorists and contributed towards the success of the operation .
Havildar Gurcharan Singh showed unflinching courage and bravery of highest order in the face of terrorist's fire .
PART I-SEC . 1 ]
465 THE GAZETTE OF INDIA , MARCH 22 , 2003 ( CHAITRA 1 , 1925 )
3 .
IC- 50715 MAJOR D SESHASAI MURTY , SM
7 JAT
( Effective Date of the award : 15 Feb 2002 ) Major D Seshasai Murty was tasked to lay ambushes in Dharana in Jammu and Kashmir when movement of nine terrorists was picked up at 2230 hours on 14 February 2002 .
Contact was established at 0045 hours on 15 February 2002. The terrorists took position amongst the boulders and fired effectively at own troops . The pitch dark night and rocky terrain gave inherent protection to the terrorists . Major D Seshasai Murty relocated himself to seal off the area and continued engaging them , thus preventing their escape . The terrorists in desperation fired indiscriminately and tried to escape through a nala : Realising danger to own troops , he exposed himself and moved to outflank the terrorists but immediately came under fire . Though caught in the open and outnumbered , he calmly positioned himself and shot one terrorist through the head when he tried to lob a grenade . This unnerved two other terrorists who , firing a PIKA gun , charged at him . Major D Seshasai Murty brought down both the terrorists with accurate fire , thus eliminating three terrorists .
Major D Seshasai Murty displayed gallantry , camaraderie , dedication and presence of mind in extreme circumstances while fighting the terrorists .
4 .
3194631 SEPOY JOGINDER SINGH
7 JAT
(Effective Date of the award : 15 Feb 2002 ) Sepoy Joginder Singh was part of an ambush placed to eliminate terrorists trying to infiltrate in Dharana , Jammu and Kashmir on 15 February 2002 .
466
[PART I-SEC . 1 THE GAZETTE OF INDIA , MARCH 22 , 2003 ( CHAITRA I , 1925 )
At 0045 hours ambush was sprung upon the group of nine terrorists . Sepoy Joginder Singh opened fire and shot dead the first terrorist at a range of two metres . The remaining terrorists immediately took cover amongst boulders and exchange of firing commenced between the terrorists and own ambush party . Despite heavy fire of terrorists and being closest to them , Sepoy Joginder Singh stuck to his position and continued engaging them . At 0230 hours two terrorists made an attempt to escape , upon which Sepoy Joginder Singh moved forward to stop them . This was observed by other terrorists who immediately fired upon Sepoy Joginder Singh resulting in his sustaining gun shots on the chest and right arm . Despite his injuries and bleeding profusely Sepoy Joginder engaged the two terrorists attempting to escape and shot them dead from a close range .
Sepoy Joginder Singh displayed raw courage , dogged determination in the face of terrorists ' fire .
5 .
15474764 SOWAR MAKHAN SINGH , ARMOURED CORPS / 33 RASHTRIYA RIFLES ( POSTHUMOUS )
(Effective Date of the award : 09 April 2002 ) .
Sowar Makhan Singh was the leading scout of Bravo Company Commander's Quick Reaction Team . On 9th April 2002 , the team was on a search and destroy operation in the dense jungle in Gutlibagh Forest in Jammu and Kashmir .
face. cliff . At about 0900 hours Sowar Makhan Singh reached a rocky cliff Due to his alertness , he noticed two terrorists below the Immediately the terrorists opened fire and started to flee . On seeing this Sowar Makhan Singh jumped down the cliff , physically blocking their escape and charged at the nearest terrorist and killed him . He then came under a hail of bullets from the second terrorist due to which he was injured in the neck and hand and his rifle was rendered useless . Undeterred , he jumped on the second terrorist , snatched his rifle and killed him in a fierce hand to 467 PART I- SEC . 1 ]
THE GAZETTE OF INDIA , MARCH 22 , 2003 ( CHAITRA 1 , 1925 )
hand tussle . The gallant soldier later attained martyrdom during evacuation .
Sowar Makhan Singh displayed raw courage and exemplary bravery .
while fighting the terrorists and made the supreme sacrifice in the best traditions of the Indian Army .
6 .
JC- 122445 NAIB SUBEDAR JAGAN BAHADUR GURUNG
12 ASSAM RIFLES
( Effective Date of the award : 11 April 2002 ) Based on specific information about presence of some Under Grounds in Kungu Forest in general area North of Khambachingjing in Manipur , Naib Subedar Jagan Bahadur Gurung was detailed to launch a column at 0130 hours on 11 Apr 02 to establish an observation post cum ambush .
Naib Subedar Gurung chose the most difficult route through rough terrain , dense jungles on a pitch dark night and in pouring rain forcing the column at times to grab thorny bushes to climb up . As the party was about to reach the designated point , the leading scout informed him of the presence of some persons ahead . At the same time they came under effective automatic gun fire . Naib Subedar Gurung dived to his right and took position . He directed two of his men to crawl to his right and cut off the escape routes . He directed the soldiers carrying LMG - I and LMG - II to crawl to the left to establish stops in the Northern direction . The narrow stretch of land and thick undergrowth of secondary jungles demanded a very high standard of fire control .
Once the cordon was established Naib Subedar Gurung crawled forward along with his buddy and shot dead two Under Grounds from a very close range . Once the firing ceased a thorough search of the area was carried out . Five dead bodies of hardcore Under Grounds were found and a large quantity of arms and ammunitions recovered .
468
THE GAZETTE OF INDIA , MARCH 22 , 2003 ( CHAITRA 1 , 1925 )
[PART I-SEC . 1 Naib Subedar Jagan Bahadur Gurung displayed gallantry , aggressive spirit while facing the Under Grounds .
7 .
4067942 HAVILDAR JAIPAL SINGH GARHWAL RIFLES / 14 RR ( POSTHUMOUS )
( Effective Date of the award : 13 April 2002 ) On 13 April 2002 , cordon and search operation in village Aithmul in Jammu and Kashmir was launched to flush out terrorists hiding in a house in which Havildar Jaipal Singh was a part of the Commarıding Officer's Quick Reaction Team . At 1715 hours while the house was being cordoned terrorists moving out of the house fired indiscriminately on the cordon party .
Officiating Commanding Officer alongwith his Quick Reaction Team reached the house and Havildar Jaipal Singh deployed his party . Havildar Jaipal Singh alongwith an officer moved to a place where terrorists were hiding . At last light the officer and Havildar Jaipal Singh taking cover started crawling towards the terrorists . However terrorists fired grenades injuring the officer .
Havildar Jaipal Singh extricated the officer to safety and from a flank charged at terrorists killing two on the spot . However , a third terrorist fired grenades at Havildar Jaipal Singh , injuring him . Unmindful of his injury he engaged the terrorist till he was taken to safety and later succumbed to his injury .
resolute Havildar Jaipal Singh exhibited gallantry , determination , indomitable courage and made the supreme sacrifice in fighting the terrorists .
469 PART I-SEC . 1 ]
THE GAZETTE OF INDIA , MARCH 22 , 2003 ( CHAITRA 1 , 1925 )
IC-49043 MAJOR M SRI KUMAR , 7 SIKH
8 .
( Effective Date of the award : 28 April 2002 ) Major M Sri Kumar was located at a post in Poonch , Jammu and Kashmir and detected an infiltrating group of six terrorists crossing Dabbi valley at 2145 hours on 27 Apr 2002 .
Maintaining a continuous track of the infiltrating terrorists Major Sri Kumar led an ambush in Dhargaloon and sprung it when terrorists were at a distance of about five meters . Under heavy exchange of fire displaying high professionalism he ensured an effective cordon . At day break on 28 Apr 2002 having spotted a terrorist firing sniper rifle , Major Sri Kumar with utter disregard to his personal safety , crawled to a flank , shot and killed the terrorist .
Although under heavy fire and seeing terrorists having taken cover , Major Sri Kumar displaying excellent presence of mind and bold leadership closed in from a flank towards the terrorist and killed the second terrorist .
The third terrorist having realized that he had been surprised aimed the Under Barrel Grenade Launcher ( UBGL) on Major M Sri Kumar . Undeterred by the adverse situation , he assaulted , fired and killed the third terrorist at point blank range .
Maj M Sri Kumar , thus , displayed raw courage , bravery and bold leadership while fighting the terrorists .
9.
IC-54012 MAJOR TEJINDER PAL SINGH SOHAL , SM JAK RIF/ 3 RASHTRIYA RIFLES ( POSTHUMOUS)
(Effective Date of the award : 29 April 2002 ) On 29 April 2002 during the search operation of village Bandarpur in Anantnag , Jammu and Kashmir two terrorists opened fire from a paddy field at close range . Major Tejinder Pal Singh Sohal engaged and shot dead one terrorist .
11--50161 2002 470
[PART I-SEC. 1 THE GAZETTE OF INDIA , MARCH 22 , 2003 ( CHAITRA 1 , 1925 )
The second terrorist ran towards a house in close vicinity . Unmindful of personal safety Major Sohal chased the terrorist and engaged him at close quarters . In the ensuing fire fight , he sustained gun shot wound in his shoulder . The terrorist continued firing and tried to lob a grenade at the troops following the officer . Sensing danger to his troops , Major Sohal despite being grievously injured closed in and killed the second terrorist . Displaying raw courage and outstanding qualities of leadership , he saved the lives of his colleagues who were following him . In the process he sustained multiple gun shot wound in his neck and chest and made the supreme sacrifice .
Major Tejinder Pal Singh Sohal , thus , displayed exemplary bravery , and sterling qualities of leadership and made the supreme sacrifice .
10 .
IC -49545 MAJOR MANPREET SINGH BAINS , 9 PARA ( SF)
( Effective Date of the award : 02 May 2002 ) On 02 May 2002 , Major Manpreet Singh Bains , Team Commander was tasked to conduct special operations in General Area Boriwali and Kachebara in Poonch , Jammu and Kashmir .
On observing that terrorists were bypassing own ambush sites , Major Manpreet Singh Bains displaying great initiative and controlled aggression , closed to within 50 meters of the terrorists with his squad . Leading from the front he opened fire killing two terrorists . The remaining terrorists immediately opened fire towards his squad . Assessing that his troops would be endangered , Major Manpreet Singh Bains charged towards the terrorists and cut off their escape routes . Displaying raw courage and dogged 471 THE GAZETTE OF INDIA , MARCH 22 , 2003 ( CHAITRA 1 , 1925 )
PART I--SEC. 1 ]
determination , he pursued the fleeing terrorists. and having cornered them , moved in swiftly and shot dead two more terrorists from very close quarters .
Major Manpreet Singh Bains displayed gallantry , outstanding leadership , and exceptional determination in fighting terrorists . the 11.
4476227 PARATROOPER SATPAL SINGH
2 PARA ( SF)
(Effective Date of the award : 06 May 2002 ) On 06 May 2002 , troops were deployed for a Surveillance cum Search operation in the general area of Kahuri Batapura Forest in Anantnag , Jammu and Kashmir .
a At approximately 1500 hours , a surveillance squad observed suspicious activity in cluster of Dhoks in the jungle near Village Lang Khul . Observation revealed the presence of three unidentified persons . With a view to ascertain the identity of the suspected persons the surveillance squad was ordered to close in to the Dhoks in the garb of locals .
a Paratrooper Satpal Singh was part of the surveillance squad . He successfully closed in to about 20 metres from the dhok . However , the terrorists by now alerted , opened up with intense and effective small - arms fire and ran towards dhok . Displaying indomitable spirit and conspicuous courage , Paratrooper Satpal Singh charged forward and with accurate aimed fire killed two terrorists at the doorstep of the dhok . The third terrorist charged out of the dhok firing at him . Displaying utter disregard to personal safety , he ran after the escaping terrorist , spraying the area with his weapon and killed him on the spot .
bravery , Paratrooper Satpal Singh displayed exemplary indomitable resolve , personal valour while facing the terrorists .
472
[PART I-SEC . 1 THE GAZETTE OF INDIA, MARCH 22, 2003 ( CHAITRA I , 1925 )
1.2.
13748474 HAVILDAR PREET SINGH , 15 JAK RIF
( Effective Date of the award : 08 May 2002 ) On receipt of information about the presence of terrorists in Trekanna , Poonch in Jammu and Kashmir , Havildar Preet Singh maintained effective vigil in the area on 08 May 2002 .
Employing HHand Held Thermal Imager , he located a group of terrorists at 2100 hours . He readjusted ambushes along selected killing area . As the terrorists closed in , Havildar Preet Singh fired heavy bursts of Light Machine Gun thereby grievously wounding three terrorists . Inspite of heavy mortar firing by the enemy to assist the escape of terrorists , Havildar Preet Singh kept the area under surveillance and prevented their escape . At first light , during search , three bodies of terrorists , two AK rifles and one pistol were recovered .
To prevent the escape of other terrorists , Havildar Preet Singh relocated surveillance detachments . His perseverance paid off as two terrorists attempting escape were located through Hand Held Thermal Imager . Havildar Preet Singh crawled to a tactical location and in a daredevil firefight killed both terrorists .
initiative , Havildar Preet Singh exhibited extra - ordinary selfless courage and bravery of high order while fighting the terrorists .
13 .
IC-54121 MAJOR CHANDER SHEKHAR SHARMA
ARTY/16 RASHTRIYA RIFLES
(Effective Date of the award : 05 June 2002 ) Major Chander Shekhar Sharma was the Charlie Company Commander of a Rashtriya Rifles Unit . On 05 June 2002 , at 0630 hours the camn led by him established contact with terrorists in Poonch , Jammu and Kashmir .
473 THE GAZETTE OF INDIA, MARCH 22 , 2003 ( CHAITRA 1 , 1925)
PART I-SEC . 1 ]
While trying to intercept a group of terrorists , Major Chander Shekhar Sharma outran them and killed one terrorist at very close range . Trying to locate the other terrorists , he almost ran into two terrorists who showered a burst of bullets on him . Undeterred , Major Sharma took cover and instructed a jawan to lob grenades towards the terrorists . Taking advantage of the situation , Major . Sharma manoeuvred and shot dead both terrorists from a dangerously close range .
By now a dhok was also identified where three more terrorists were present . Major Sharma without losing any time stormed the dhok and killed another terrorist who was effectively firing .
Major Chander Shekhar Sharma , thus , displayed leadership and bravery of an exceptional order while fighting the terrorists .
14.
2687845 GRENADIER BHAGEERATH KARWASRA
13 GRENADIERS , ( POSTHUMOUS)
(Effective Date of the award : 08 June 2002 ) On 08 June 2002 Grenadier Bhageerath Karwasra was part of cordon and search operation launched in village Milanpur in Assam . Suddenly , holed - up terrorists broke through a hut and started fleeing .
Reacting speedily , Grenadier Bhageerath challenged the fleeing terrorists who retaliated with heavy automatic fire and grenades .
party , fire . Sensing grave danger to cordon Grenadier Bhageerath pursued the fleeing terrorists despite heavy automatic In the process , he sustained gun - shot wounds on chin and chest . Notwithstanding his critical injuries , Grenadier Bhageerath charged at the terrorists firing from the hip killing one hardcore terrorist who had been firing effectively at the cordon party .
Bleeding profusely Grenadier Bhageerath continued chasing and firing at the fleeing terrorist , thereby ensuing safety of the party , till he attained martyrdom .
474
THE GAZETTE OF INDIA, MARCH 22 , 2003 ( CHAITRA 1 , 1925 )
[PART I-SEC . 1 His dare-devil action totally unnerved the other terrorist who ran haywire and was killed by the cordon party . One AK- 56 rifle , ammunition and explosives were recovered .
Grenadier Bhageerath displayed indomitable resolve , steely grit , determination and raw courage and made the supreme sacrifice .
15 .
5847196 ΝΑIK MAN BAHADUR CHHETRI 9 GORKHA RIFLES / 32 RASHTRIYA RIFLES
( Effective Date of the award : 16 Jun 2002 ) On 16 June 2002 Naik Man Bahadur Chhetri was commanding a section of Ghatak Platoon during Search and Destroy Operation in dense undergrowth of Sogam Forests , District Kupwara in Jammu and Kashmir .
Naik Man Bahadur Chhetri indicated presence of terrorists in a hideout in a depression . He deployed his section to cover three escape routes asking the platoon commander to cover fourth . Naik Chhetri moved to within five meters of the terrorists and killed one of them . Two more terrorists came out and started firing at him with AKs and grenade launcher . Showing presence of mind, Naik Chhetri fired into the hideout from 15 meters injuring both the terrorists . As the terrorists ran in panic , he killed one more terrorist . Remaining terrorist jumped into Nala and started firing from behind a boulder . Naik Chhetri instructed three men to cover him and charged at the terrorist and killed him also . a
Naik Man Bahadur Chhetri displayed courage , gallantry and exemplary junior leadership in fighting the terrorists .
475 THE GAZETTE OF INDIA , MARCH 22, 2003 ( CHAITRA 1 , 1925 )
PART I-SEC. 1 ]
16.
2485996 SEPOY RAJINDER KUMAR
24 PUNJAB , ( POSTHUMOUS)
(Effective Date of the award : 18 June 2002 ) On 18 June 2002 , real time inputs were provided by own source at 1045 hours regarding presence of two terrorists staying in a house in a hamlet of village Subansiri in Nalbari Assam . A specific search operation was launched . When they were 200 meters short of the target house two terrorists ran outside firing wildly on to own party and entered a bamboo grove .
Sepoy Rajinder Kumar alongwith his buddy immediately closed in . The terrorists entered a nala leading towards a tea garden . Sepoy Rajinder Kumar dashed after them alongwith his buddy and despite a lead of 600 meters did not allow the terrorists to break contact . Sepoy Rajinder Kumar fired on the move and injured one terrorist in the left arm . Terrorists brought down murderous hail of bullets on him and his buddy . Completely unfazed he kept closing in with them . Terrorists entered the tea garden drains and concealed themselves .
Sepoy Rajinder Kumar and his buddy provided guidance and direction to own party while personally continuing the hunt . He alongwith his buddy suddenly came under heavy automatic fire from a distance of twenty yards . Sepoy Rajinder Kumar spun around and shot dead one terrorist . The second terrorist ducked down and took cover .
the a Sepoy Rajinder Kumar kept crawling in the general direction of terrorist . The terrorist hurled a grenade which burst few yards from him , who had a narrow escape . As the gallant soldier manoeuvred behind a bush , he came face to face with the terrorist , who fired at him from a distance of ten yards . Sepoy Rajinder Kumar received gun shot wounda left side of neck . Displaying unparalleled bravery and courage , Sepoy Rajinder Kumar , before on 476
[PART I- SEC . I THE GAZETTE OF INDIA , MARCH 22, 2003 ( CHAITRA 1 , 1925 )
succumbing to injuries , returned the fire and shot the terrorist dead .
Sepoy Rajinder Kumar displayed raw courage , gallantry while fighting the terrorists and made the supreme sacrifice .
17 .
JC - 226894 SUBEDAR FUMAN SINGH 15 SIKH LIGHT INFANTRY ( POSTHUMOUS )
( Effective Date of the award : 18 June 2002 )
4 On 18 Jun 2002 information was received regarding presence of some armed terrorists in two houses in the labour lines of Achabam in Dibrugarh District of Assam . Subedar Fuman Singh was tasked to cordon one of the houses from the rear which had thick undergrowth in the backyard and open fields beyond .
On reaching the rear of the house at around 2130 hours , Subedar Fuman Singh realised that only a tight well located cordon and strict vigil on the house could prevent the terrorists from escaping . After positioning the cordon he crawled closer to the hut for better observation . In a flash he sprinted ahead in order to effect an entry to the house since the door was open . Before he could step inside there was automatic fire from the house . Subedar Fuman Singh returned the fire injuring one of the terrorists . Despite being hit tenaciously continued to pin down the ne a terrorists with accurate fire and prevented their escape . As result of the vicious encounter that followed two hardcore terrorists were killed . Subedar Fuman Singh however succumbed to his injuries .
Subedar Fuman Singh showed total commitment of his duty and sacrificed his life while exhibiting raw courage and supreme act of valour in the face of terrorist's fire .
477 THE GAZETTE OF INDIA , MARCH 22 , 2003 ( CHAITRA 1. 1925)
PART I-SEC . 1 ]
18. LIEUTENANT COMMANDER NATESHAN SAI KUMAR TRICHNAPALLI , ( 02903-1) (Effective Date of the award : 20 June 2002 ) On 20 Jun 2002 at about 1830 hours , Lieutenant Commander Nateshan Sai Kumar Trichnapalli , leader of Marine Commando team , attached to 15 RR , who was deputed to ambush and neutralise the Nusu Ghat and terrorists on the track between villages of Lahakrishpura in J & K during ' OP RAKSHAK II ' , received information regarding hectic movement of the terrorists in the adjoining area . He immediately mobilised two Prahars and proceeded in two power boats from Naval Detachment to cover a distance of about 2 kms and reached Forest . the 'South Western edge of Nusu Ghat Ningali the officer along with his After crew , disembarking from the boats , commenced marching along the Jalwan Nala leading to the ambush site through the thick Ningali vegetation . visibility reduced considerably owing to the thick vegetation . The seldom - used main track was fenced with barbed wire on both sides and the left side of the track sloped into the narrow canal and at the right side spread thick jungles . As night descended , the the weapons , as At about 2200 hours , he closely observed through Night Vision Device , that few men were approaching on the same track and heading towards the Marine Commando Team . On closer examination , identifiedwere carrying sophisticatedmen , terrorists . The officer and his crew sensing the impending danger , opened fire and a fierce fire fight ensued with the terrorists , who opened fire with Rocket Propelled Grenades ( RPG ) and bursts from personal weapons . In a gallant action , the officer led from the front and charged firing from the hip and killed one dreaded terrorist and saved the team members from any casualty .
Lieutenant Commander Nateshan Sai Kumar Trichmapalli , displayed indomitable courage , unparalleled tenacity and exemplary bravery while fighting the terrorists .
478
THE GAZETTE OF INDIA , MARCH 22 , 2003 ( CHAITRA 1 , 1925)
[PART I-SEC. 1 19 .
TIRATH SINGH , LEADING SEAMAN , 116428 - K
( Effective Date of the award : 20 June 2002 ) On 20 June 2002 , Tirath Singh , Leading Seaman , as a member of the Marine Commando detachment , was deployed for ' Op Rakshak II ' in Jammu and Kashmir during a night ambush on terrorists in the dense forest near Wular Lake . Approximately 2 Kms from the ambush site , the Commandos got off the boat and started advancing towards the ambush site .
Tirath Singh , Leading Seaman , was the leading scout of the Commandos who were walking on a narrow track in the Ningali forest where visibility was practically nil . In- spite of the darkness , he picked up movement in front of the team . At about 2200 hours he observed through night vision device that few men were approaching on the same track and heading towards the Marine Commando Team . On closer examination , the men who were carrying sophisticated weapons were identified as terrorists . Tirath Singh immediately signalled his teammates to lie down on the ground . The terrorists also sensed the presence of the troops . He got into action immediately and in spur of moment displaying dazzling speed, and charged at the terrorists firing from the hip . Astounded by Tirath Singh's offensive movement , the terrorists opened fire from a distance of about 50 mtrs with Rocket propelled grenades ( RPG ) and bursts from personal weapons . Tirath Singh charged audaciously at the stunned terrorists and killed dreaded terrorists . This apt and timely tactical move of the sailor , saved the team members from any casualty . a two Tirath Singh , Leading Seaman , displayed indomitable courage , bravery and unparalleled tenacity while facing the terrorists .
PART I-SEC . 1]
479 THE GAZETTE OF INDIA , MARCH 22 , 2003 (CHAITRA 1 , 1925 )
20 .
IC - 61800 LIEUTENANT GAURAV SINGH , 4 KUMAON
( Effective Date of the award : 01 Aug 2002 ) Based on reliable intelligence , cordon and search operation of Area Nakhs in District Udhampur , Jammu and Kashmir was planned for the night of 31 July 2002 .
To maintain surprise Lt Gaurav Singh led his party at night through a wide out flanking move , carefully avoiding inhabitation involving an arduous march over eight hours traversing hazardous high altitude mountainous terrain at heights around 3400 meters . Leading elements under the officer were fired upon by the terrorists at 0630 hours . A terrorist fired a burst and hid behind a dhok . Lt Gaurav Singh crawled behind a stone heap and returned the fire in which the terrorist was injured . The officer then circumvented the dhok and found the terrorist still alive and trying to fire at him . Lt Gaurav Singh immediately opened fire and shot him dead . Realizing that more terrorists were present in other dhoks, he dashed towards the other dhoks and saw two more terrorists who were firing at the cordon party .
Lt Gaurav Singh immediately opened fire on them and eliminated the second terrorist by an accurate burst on the face . Suddenly the officer realized that his weapon was empty . In a split second he dived behind cover , changed the magazine and fired a burst injuring the third terrorist . In the processLt Gaurav Singh injured his own left wrist . However , with utter disregard to his injury Lt Gaurav Singh crawled forward and engaged the terrorist and killed him .
Lt Gaurav Singh displayed extraordinary gallantry , exemplary initiative and qualities of leadership in fighting the terrorists .
THE GAZETTE OF INDIA , MARCH 22, 2003 ( CHAITRA 1 , 1925)
[PART I-SEC. 1 480
21.
CAPTAIN RAJESH SHARMA , NATIONAL SECURITY GUARD
(Effective Date of the award : 25 Sept 2002 ) On 24 two September 2002 , armed terrorists entered the Akshardham Swamy Narayan Temple , Gandhinagar ( Gujarat ) and started firing indiscriminately . The terrorists killed 30 people and injured over 100 persons present in the complex .
The Special Action Group of National Security Guard was flown in to deal with the situation , Captain Rajesh Sharma was tasked to locate and neutralise the two terrorists reported in the open patch outside the main complex . Despite the daunting fire from the terrorists and lack of cover , leading his team from the front , the young officer continued to move forward . He maintained pressure on the Derrorists and kept them pinned down , with utter disregard to his own safety . He finally pinpointed the terrorists and gave covering fire to Subedar Suresh Chand Yadav while he closed in to kill one of the terrorists . Another terrorist inflicted a bullet burn injury on Captain Sharma's left shoulder . However , this did not deter him from his mission and he continued to press forward . In the final action , he managed to locate and neutralise the second militant .
Captain Rajesh Sharma showed exemplary presence of mind , mature decision making and displayed gallantry of a high order while facing the terrorists .
Ban thiদা-
(BARUN MITRA )
DIRECTOR 481 PART I-SEC . 1]
THE GAZETTE OF INDIA , MARCH 22, 2003 ( CHAITRA 1. 1925 )
MINISTRY OF HOME AFFAIRS
INTER - STATE COUNCIL SECRETARIAT
New Delhi , the 12th March , 2003
No. 7/ 1 /2001 - ISC-In partial modification of this Secretariat Notification No. 7/ 1 /2001 - ISC dated the 27th September , 2002, the Prime Minister has nominated Shri Arun Jaitley, Union Minister of Law & Justice and Minister of Commerce & Industry, as a permanent invitee to the Inter- State Council in place of Shri K. Jana Krishnamurthi, former Union Minister of Law & Justice.
2. The following members of the Union Council of Ministers are now the members of, and permanent invitees to , the Inter- State Council :
Members : -
Shri L.K. Advani
Deputy Prime Minister
(i)
Minister of Defence
(ii) Shri George Fernandes
(iii) Shri Jaswant Singh
Minister of Finance & Company Affairs
Shri Yashwant Sinha
Minister of External Affairs
(iv)
Minister without Portfolio
Shri Murasoli Maran
(v)
Minister of Power
(vi) Shri Anant Gangaram Geete
Permanent Invitees : -
(i) Dr. Murli Manohar Jeshi
Minister ofHuman Resource Development , Minister of Science & Technology and Minister of Ocean Development (ii) Shri Arun Jaitley
Minister of Law & Justice and Minister of Commerce & Industry
astog (Ashoka Kumar Rastogi ) SECRETARY INTER - STATE COUNCIL 482
THE GAZETTE OF INDIA , MARCH 22, 2003 ( CHAITRA 1. 1925)
[PART I-SEC. 1
Ministry of Mines
No.35/1/2002-1.III
New Delhi . the ...6th March , 03
Resolution
During the 12th Meeting of Indian Bureau of Mines Advisory Board , held on 24.5.2000 at Nagpur , the members of the Board had suggested that in the light of present scenario of mining industry, the charter of functions of Indian Bureau of Mines should be modified. The issue was discussed in- depth further in the 13th Meeting of IBM - Advisory Board held at Nagpur on 4.9.2002 and the Chairman of the Board and Secretary (Mines ) requested to the members to give their suggestions , so that the IBM will function effectively keeping in view the present scenario of mining industry.
The Government have carefully considered the suggestions of the members and decided that with the change in scenario in mining industry, the IBM should play more significant role in the development of mining/mineral industry and national economy . Hence , in supersession of all earlier resolutions , the charter of functions of IBM will be as below :
CHARTER OF FUNCTIONS OF IBM
1. To promote systematic and scientific development of mineral resources of the country (both on shore and off shore)
2. To approve mining plans, schemes and mine closure plans having regard to conservation of minerals and protection of mines environment .
3. To collect , collate and maintain database on exploration , prospecting, mines and minerals and to bring out publications/bulletins highlighting the problems and prospects of mining industry.
4. To play a pro - active role in minimising adverse impact of mining on environment by undertaking environmental assessment studies on regional basis .
5. To conduct suo moto techno - economic field studies in mining, geology, mineral processing and environmental aspects including analysis of ore and minerals and to promote R & D activities in these areas .
6. To provide technical consultancy services on promotional basis within the country and abroad in the field of mining , geology, mineral processing and environment .
7. To provide training to the scientific , technical and other cadres of the Department and persons from the mining industry and other agencies for human resource development .
PART I-SEC . 1 ]
483 THE GAZETTE OF INDIA , MARCH 22 , 2003 ( CHAITRA 1 , 1925 )
8. To advise the Government on matters in regard to mineral industry , relating to environmental protection and pollution control , export & import policies , trade , mineral legislation , fiscal incentives and related matters .
9. To promote awareness about conservation , systematic and scientific development of mineral deposits and protection of environment including restoration , reclamation and rehabilitation of mined out areas through exhibitions and audio visual media .
10. To promote and monitor community development activities in the mining areas.
11.To undertake any such other activity as may become necessary in the light of the developments in the field of geology, mining , mineral beneficiation and environment.
ORDER
i
Ordered that this resolution be communicated to all State Governments and Central Ministries of the Govt . of India Prime Minister's Office, Cabinet Secretariat , Ministry of Parliamentary Affair , Planning Commission, Comptroller and Auditor General of India , Indian Bureau of Mines , Geological Survey of India and Department of Atomic Energy.
Ordered also that this resolution be published in the Gazette of India for general information.
KP Mirha
(K.P. Mishra) Deputy Secretary 484
THE GAZETTE OF INDIA , MARCH 22 , 2003 ( CHAITRA 1 , 1925 )
[PART I -SEC . 1
Ministry of Labour /
New Delhi , the 27th Feb. , 2003
RESOLUTION
No. E- 11016/1/2002- RBN : In this Ministry's Resolution of even NO . dated 15.11.2002 regarding reconstitutution of Hindi Salahkar Samiti of the Ministry of Labour, under the heading Non- Official Members the following entry shall be substituted in place of entry made against S.No. 20:
20. Shri Dev Das Apte Nominated by Ministry of Parliamentary Affairs .
M.P. Rajya Sabha
ORDER
1 Orderd that a copy of this Resolution be communicated to all State Government and Union Territory Administrations, Prime Minister's Secretariat , Cabinet Secretariat . Ministry of Parliamentary Affairs , Lok Sabha Secretariat , Rajya Sabha Secretariat . Planning Commission , President's Secretariat , Comptroller and Auditor General of India, Accountant General , Central Revenues and all Ministries and Departments of the Government of India and all offices of the Ministry of Labour including Autonomous and Semi - autonomous Bodies .
fore Orderd also that the Resolution be published in the Gazetted of India forGeneral information.
(D.S.Poonia ) Joint Secretary प्रबन्धक , भारत सरकार मुद्रणालय , फरीदाबाद द्वारा मुद्रित एवं प्रकाशन नियंत्रक , दिल्ली द्वारा प्रकाशित , 2003
PRINTED BY THE MANAGER , GOVERNMENT OF INDIA PRESS, FARIDABAD AND PUBLISHED BY THE CONTROLLER OF PUBLICATIONS . DELHI , 2003