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Weekly Gazette of India · Government of India

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Published 10 May 2008

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in.gazette.central.w.2008-05-10.889
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English, Hindi
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रजिस्ट्री सं. डीएल ( एन ) -04/0007/2003-05

REGISTERED No. DL(N)-04/0007/2003-05

जयते भारत का राजपत्र The Gazette of India

साप्ताहिक/WEEKLY

प्राधिकार से प्रकाशित

PUBLISHED BY AUTHORITY

1

सं. 19]

No. 19]

नई दिल्ली, शनिवार, मई 10, 2008-मई 16, 2008 ( वैशाख 20, 1930) NEW DELHI , SATURDAY, MAY 10, 2008- MAY 16, 2008 (VAISAKHA 20, 1930) इस भाग में भिन्न पृष्ठ संख्या दी जाती है जिससे कि यह अलग संकलन के रूप में रखा जा सके । (Separate paging is given to this Part in order that it may be filled as a separate compilation )

विषय-सूची

319

भाग I-खण्ड- 1-( रक्षा मंत्रालय को छोड़कर ) भारत सरकार के मंत्रालयों और उच्चतम न्यायालय द्वारा जारी की गई विधितर नियों , विनियमों , आदेशों तथा संकल्पों से सम्बन्धित अधि- सूचनाएं

453

भाग -खण्ड-3 उप खण्ड ( iii ) भारत सरकार के मंत्रालयों (जिसमें रक्षा मंत्रालय भी शामिल है ) और केन्द्रीय प्राधिकरणों ( संघ शासित क्षेत्रों के प्रशासनों को छोड़कर ) द्वारा जारी किए गए सामान्य सांविधिक नियमों और सांविधिक आदेशों (जिनमें सामन्य स्वरूप की उपविधियां यो शामिल हैं ) कै हिन्दी प्राधिकृत पाठ ( ऐसे पालों को छोड़कर जो भारत के राजपत्र के खण्ड 3 या खण्ड 4 में प्रकाशित होते हैं .......

भाग 1-खण्ड-2-( रक्षा मंत्रालय को छोड़कर ) भारत सरकार के मंत्रालयों और उच्चतम न्यायालय द्वारा जारी की गई सरकारी अधिकारियों की नियुक्तियों , पदोन्नतियों, छुट्टियों आदि के सम्बन्ध में अधिसूचनाएं

*

भाग 11- खण्ड-4-रक्षा मंत्रालय द्वारा जारी किए गए सांविधिक नियम और आदेक

1

भाग [-खण्ड- 3-रक्षा मंत्रालय द्वारा जारी किए गए संकल्पों और असांविधिक आदेशों के सम्बन्ध में अधिसूचनाएं

501

भाग I- खण्ड-4- रक्षा मंत्रालय द्वारा जारी की गई सरकारी अधिकारियों की नियुक्तियों , पदोन्नतियों , छुट्टियों आदि के सम्बन्ध में अधिसूचनाएं ...

3669

भाग - खण्ड -1- उच्च न्यायालयों , नियंत्रक और महालेखापरीक्षक, संघ लोक सेवा आयोग , रेल विभाग और भारत सरकार से सम्बद्ध और अधीनस्थ कार्यालयों द्वारा जारी की गई अधिसूचनाएं

भाग 1 ]-खण्ड-1 अधिनियम, अध्यादेश और विनियम भाग 11- खण्ड ।क-अधिनियमों, अध्यादेशों और विनियमों का हिन्दी भाषा में प्राधिकृत पाठ

भाग III-खण्ड-2- पेटेंट कार्यालय द्वारा जारी की गई पेटेन्टों और डिजाइनों से सम्भन्धित अधिसूचनाएं और नोटिस

187 भाग II खण्ड-2 विधेयक तथा विधेयकों पर प्रकर समितिमाँ के बिल तथा रिपोर्ट

*

भाग III-खण्ड- ३- मुख्य आयुक्तों के प्राधिकार के अधीन अथवा द्वारा जारी की गई अधिसूचनाएं

1335

भाग III- खण्ड-4 विधिक अधिसूचनाएं जिनमें सांविधिक निकायों द्वारा जारी की गई अधिसूचनाएं, आदेश , विज्ञापन और नोटिस शामिल है .....

भाग II-खण्ड- 3-उप खण्ड ( i ) भारत सरकार के मंत्रालयों ( रक्षा मंत्रालय को खेड़कर ) और केन्द्रीय प्राधिकरणों ( संघ शासित क्षेत्रों के प्रशासनों को छोड़कर) द्वारा जारी किए गए सामान्य सांविधिक नियम (जिनमें सामान्य स्वरूप के आदेश और उपविधियां आदि भी शामिल हैं

97

भाग IV-गैर- सरकारी व्यक्तियों और गैर - सरकारी निकायों द्वारा जारी किए गए विज्ञापन और नोटिस

*

भाग -अंग्रेजी और हिन्दी दोनों में जन्म और मृत्यु के आंकड़ों को दर्शाने वाला सम्पूरक

भाग -खण्ड उप खण्ड ( ii ) भारत सरकार के मंत्रालयों ( रक्षा मंत्रालय को छोड़कर ) और कैन्द्रीय प्राधिकरणों ( संघ शासित क्षेत्रों के प्रशासनों को छोड़कर ) द्वारा जारी किए गए सांविधिक आदेश और अधिसूचनाएं

*आंकड़े प्राप्त नहीं हुए ।

1-51G1/2008

(319) 320

THE GAZETTE OF INDIA , MAY 10 , 2008 ( VAISAKIJA 20 , 1930 )

[PART I- S &C. ]

CONTENTS

319 PART I- SEXTION 1--Notifications relatingto Non- Statutory Rules , Regulations , Orders andResolutions issued by the Ministries of theGovernment of India ( other than the Ministry of Defence ) and by the Supreme Court .

PARI I- SECTION 2- Notifications regarding Appointments , Promotions , Leave etc. of Clovernment Officers issued by the Ministries of the Government of India (other than the Ministry of Defence ) and by the Supreme Court 453 PART I- SECTIon 3- Notifications relating to Resolutions and Non - Statutory Orders issued by the Ministry of Defence .

501 PART I- SECTION 4- Notifications regarding Appointments , Promotions , Leave etc. of Government Officers issued by the Ministry of Defence.

PART 11- SECTION 1-Acts , Ordinances and Regulations .

* PART II-SECTION 1A-Authoritative texts in Hindi languages of Acts . Ordinances and Regulations

PART II- SELOR 2-Bills and Reports of the Select Committee on Bills ..

PART [ ]-SECTIN 3-SUB- SECTION ( 1 )-General Statutory Rules including Orders , Bye- laws. etc.of generat character issuedby theMinistry of the Government of India (other than the Ministry of Defence) and by the Central Authorities ( other than the Administration of Union Territories) ..

PART 11-SECTION 3- SCB - SECHON ( ii) Statutory Orders and Notifications issued by the Ministries of the Government of India (other than the Ministry of Defence ) and by the Central Authorities (other "Folios not received

than the Adminstration of Unioמ Territories) .

PART II- SECCION 3-SUR- SECTION ( iii )-Authoritative texts in Hindi (other than such texts , published in Section 3 or Section 4 of the Gazette of India ) of General Statutory Rules & Statutory Orders ( including Bye -laws of a general character) issued by the Ministries of the Government of India ( including the Ministry of Defence ) and by Central Authonties ( other than Administration ofUnion Territories)

১ PART II- SECTION 4-Statutory Rules and Orders issued by theMinistry of Defence

PART III- SECTION 1-Notifications issued by the High Courts , the Comptroller and Auditor General , Union Public Service Commission , the IndianGovernment Railways and by Attached and Subordinate Offices of the Government of India

3069

187 PART III- SITως 2-Notifications and Notices issued by the Patent Office , relating to Patents and Designs .

PART III- SECTION 3--Notifications issued by or under the authority of Chief Commissioners .

1335 PART III- SECTION 4-- Miscellaneous Notifications including Notifications , Orders . Advertisements and Notices issued by Statutory Bodies .

97 PART IV-Advertisements and Notices issued by Private Individuals and Private Bodies

PART V-Supplement showing Statistics of Births and Deaths eic. both in English and Hindi .

321 भाग -खण्ड ।।

भारत का राजपत्र , मई 10 , 2008 ( वैशाख 20, 1930)

भाग 1-खण्ड 1

[ PART I- SECTION 1 ]

[( रक्षा मंत्रालय को छोड़कर ) भारत सरकार के मंत्रालयों और उच्चतम न्यायालय द्वारा जारी की गई विधितर नियमों, विनियमों तथा आदेशों और संकल्पों से संबंधित अधिसूचनाएं] [ Notifications relating to Non - Statutory Rules , Regulations , Orders and Resolutions issued by the Ministries of the Government of India ( other than the Ministry of Defence ) and by the Supreme Court ]

राष्ट्रपति सचिवालय

नई दिल्ली, दिनांक 26 जनवरी 2008

संख्या 24-प्रेज/2008 -राष्ट्रपति, निम्नलिखित कार्मिकों को उनके असाधारण वीरतापूर्ण कायों के लिए " कीर्ति चक्र " प्रदान करने का अनुमोदन करती हैं:-

1 .

एसएस -39785 मेजर सुभाष चंद पूनिया 21 पैराच्यूट रेजिमेंट ( विशेष बल)

(पुरस्कार की प्रभावी तारीख: 04 मई 2007) मेजर एस सी पूनिया उस आक्रमण सैन्य टुकड़ी की कमान में थे जिसे मणिपुर में भारत- म्यांमार सीमा के पास आक्रमण दल के रूप में कार्रवाई करने का कार्य सौंपा गया था ।

01 मई 2007 को अत्यंत दुर्गम भू- भाग में 24 घंटे से अधिक के बर्दाश्त क्षमता मार्च के बाद यह दल निर्धारित क्षेत्र में पहुंचा और अपना-अपना मोर्चा संभाला । 0430 बजे निगरानी टुकड़ी ने गांव में 9-10 आतंकवादी होने की पुष्टि की । इशारा करने पर सहायक समूह ने गोलीबारी शुरू कर दी । गोलीबारी आक्रमण समाप्त होने पर मेजर पूनिया के अधीन आक्रमण दल गांव को निरापद बनाने के लिए आगे बढ़ा तो उस पर आतंकवादियों ने भारी गोलीबारी कर दी जो अब तक शिविर के चारों ओर खोदी गई खंदकों में अपना-अपना ठिकाना संभाल चुके थे ।

मेजर पूनिया ने अपनी टुकड़ी के साथ अद्वितीय युद्ध कौशल का प्रदर्शन करते हुए स्फूर्ति के साथ कार्रवाई की और आतंकवादी कैंप के नजदीक पहुंच गए । शत्रु की गोलीबारी से बिना डरे मेजर पूनिया आगे बढ़े और बिल्कुल पास से एक आतंकवादी को मार गिराया । दूसरी खंदक की ओर बढ़ते समय मेजर पूनिया और उनका साथी सघन गोलीबारी की जद में आ गए । उड़ती हुई आ रही गोलियों से बिना डरे इन्होंने दूसरे आतंकवादी को गोली मार दी और आगे बढ़ गए । तीसरा आतंकवादी, जो एक मकान के पीछे छिपा हुआ था इनकी टुकड़ी पर गोलीबारी करने लगा जो इनके पीछे चल रही थी । अपने दल को खतरे में देखकर अपनी व्यक्तिगत सुरक्षा की परवाह 322

भारत का राजपत्र , मई 10 , 2008 ( वैशाख 20, 1930)

[भाग ।---खण्ड । न करते हुए मेजर पूनिया और इनके साथी आतंकवादी गोलीबारी के सामने आ गए तथा एक और आतंकवादी को मार गिराया एवं दूसरे को घायल कर दिया ।

मेजर सुभाष चंद पूनिया ने आतंकवादियों के साथ लड़ते हुए असाधारण वीरत्ता, अदम्य साहस, सामरिक कुशाग्रता, सूझबूझ और असाधरण बिल्कुल नजदीकी युद्ध कौशल का परिचय दिया ।

2:

आईसी-58609 मेजर शत्रुजीत कोतवाल

जाट रेजिमेंट/34 राष्ट्रीय राइफल

(पुरस्कार की प्रभावी तारीख : 18 जून 2007) 18 जून 2007 को मेजर शत्रुजीत कोतवाल को सूचना मिली कि बडगाम जिले (जम्मू- कश्मीर) के सामान्य क्षेत्र में बड़ी मात्रा में हथियारबंद आतंकवादियों के साथ एक दुर्दात आतंकवादी बच निकला है ।

J अफसर अपने छोटे दल के साथ खोजते हुए एक गहरे नाले में दाखिल हुए । खोज के दौरान और बच निकलने के रास्तों को रोकते समय आतंकवादियों ने यूबीजीएल और चीनी हथगोलों के फायर सहित अंधाधुंध भारी गोलीबारी की । स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए यह अफसर अपनी सुरक्षा की कतई परवाह न करते हुए आतंकवादियों के नजदीक पहुंचा । ये समय की हर नाजुक घड़ी में मौजूद थे और इनके शांत व्यवहार से भागते हुए आतंकवादियों के साथ लगातार संपर्क सुनिश्चित हुआ । हथगोले फेंककर और सटीक गोलीबारी से आतंकवादियों को उलझाए रखकर साहसिक कार्रवाई में दो आतंकवादियों को मार गिराया । तथापि , तीसरे आतंकवादी ने भारी गोलीबारी की आड़ में बच निकलने की कोशिश की । शेर दिल होने का परिचय देते हुए मेजर शत्रुजीत कोतवाल ने अपनी जान को भारी जोखिम में डालते हुए तत्काल उसे ललकारा और बिल्कुल पास से भार गिराया ।

मेजर शत्रुजीत कोतवाल ने आतंकवादियों के साथ लड़ते हुए उच्च स्तरीय पेशेवर क्षमता, सामरिक कौशल, नेतृत्व का व्यक्तिगत उदाहरण तथा असाधारण वीरता का परिचय दिया ।

3.

आईसी-58793 मेजर कुमान्दुर प्रभाकर विनय तोपखाना रेजिमेंट/34 राष्ट्रीय राइफल ( मरणोपरांत)

(पुरस्कार की प्रभादी तारीख : 02 अक्तूबर 2007) 02 अक्तूबर को 0830 बजे मेजर के पी विनय बारामूला जिले (जम्मू- कश्मीर ) के एक गांव के लिए घातक प्लाटून का स्वेच्छा से नेतृत्व करने के लिए आगे आए जहां मुठभेड़ शुरू हो चुकी थी । लक्षित क्षेत्र मक्की के खेतों और बीच- बीच में नालों से युक्त जंगलों से घिरी हुई उभरी भूमि पर बहुत से मकानों के बीच था । 323 भाग । खण्ड 11

भारत का राजपत्र, मई 10, 2008 ( वैशाख 20, 1930)

मुठभेड़ के स्थान पर उन्हें आतंकवादियों द्वारा बंदी बनाकर ले जाई जा रही एक युवा लड़की और महिला के बारे में सूचित किया गया । स्थिति की नाजुकता को महसूस करते हुए मेजर विनय आगे से नेतृत्व करते हुए संदिग्ध मकान की ओर रेंगते हुए गए । जैसे ही वे मकान के नजदीक पहुंचे तीन आतंकवादी गोलीबारी करते हुए और हथगोले फेंकते हुए बच निकलने की कोशिश में मक्की के खेतों की ओर भागने लगे । अदम्य साहस का परिचय देते हुए मेजर विनय भारी विषमता के सामने अपनी जगह खड़े हो गए और अत्यंत निकट की लड़ाई में आतंकवादियों को उलझा दिया और उनमें से दो को घटनास्थल पर मार गिराया और तीसरे को मकान में वापस जाने के लिए मजबूर कर दिया । दोनों ओर से हो रही गोलीबारी के दौरान बगल के मकान में छिपे हुए आतंकवादियों ने मेजर विनय पर गोलीबारी शुरू कर दी । वे उनसे निपटने के लिए तत्काल चल पड़े परंतु उनके चेहरे व आंखों पर गोलियां आ लगीं और उन्होंने सर्वोच्च बलिदान दिया ।

मेजर के पी विनय के असाधारण नेतृत्य गुणों और पेशेवर कुशाग्रता से जुड़ी उत्कृष्ट वीरता और बहादुरी के कार्य से ऑपरेशन के सफल संचालन के लिए प्लेटफॉर्म तैयार हुआ ।

4.

3193199 सिपाही सुरेश

16 जाट रेजिमेंट ( मरणोपरांत)

(पुरस्कार की प्रभावी तारीख : 06 अक्तूबर 2007) सिपाही सुरेश जम्मू- कश्मीर के कुपवाड़ा जिले में अत्यंत ऊबड़ - खाबड़ भू- भाग के एक जंगली क्षेत्र में तलाशी कर रहे दल के सदस्य थे । तलाशी के दौरान सिपाही सुरेश के दल पर आतंकवादियों के एक गुट ने भारी स्वचालित गोलीबारी कर दी । उन्होंने बदले में भीषण गोलीबारी करके आतंकवादियों को घेर लिया । इस गोलीबारी में सिपाही सुरेश की जंघा में गोली लगने से जख्म हो गया । अपनी चोटों की परवाह न करते हुए उन्होंने अपना मोर्चा संभाला और आतंकवादियों को मार गिराने के लिए उन पर लगातार गोलीबारी करते रहे जबकि उसी समय नजरों से बचने की युक्ति करते रहे । अदम्य साहस और अपनी ध्यक्तिगत सुरक्षा की कतई परवाह न करते हुए उन्होंने दो आतंकवादियों को उलझाए रखा और उन्हें अत्यंत पास से मार गिराया ।

तब उन्होंने देखा कि उनके अफसर को गोली लगी हुई है । अपने साथियों के लिए खतरा भांपते हुए सिपाही सुरेश ने निडरता के साथ आतंकवादियों पर धावा बोल दिया । एकदम नजदीकी लड़ाई में उन्होंने गोलियों की सटीक बौछार करके घटनास्थल पर ही तीसरे आतंकवादी का सफाया कर दिया । इस कार्रवाई में सिपाही सुरेश को गंभीर चोटें लगीं । अत्यधिक रक्तस्त्राय के बावजूद उन्होंने आतंकवादियों पर तब तक गोलीबारी जारी रखी जब तक वे वीरगति को प्राप्त नहीं हो गए । 324.

[भाग | --..खण्ड ।

भारत का राजपत्र , मई 10, 2008 ( वैशाख 20, 1930 )

सिपाही सुरेश ने दुर्दात आतंकवादियों का सफाया करने में सखाभाव के अलावा असाधारण वीरता का प्रदर्शन किया और सर्वोच्च बलिदान दिया ।

बरुण मित्रा संयुक्त सचिव संख्या 25 -प्रेज/2008- राष्ट्रपति , निम्नलिखित कार्मिकों को उनके बोरतापूर्ण कार्यों के लिए "शौर्य चक्र" प्रदान करने का अनुमोदन करती हैं: -

1.

आईसी-62851 मेजर अंशुल शुक्ला

जाट रेजिमेंट/24 असम राइफल

(पुरस्कार की प्रभावी तारीख : 24 दिसंबर 2006) 24 दिसंबर 2006 को विशिष्ट सूचना के आधार पर मेजर अंशुल शुक्ला के अधीन घातक दल ने मणिपुर के एक गांव के दक्षिण में सामान्य क्षेत्र में घात लगाई । लगभग 1500 बजे दो आतंकवादी अंतर्राष्ट्रीय सीमा पार करते हुए देखे गए । ललकारे जाने पर आतंकवादियों ने घात दल पर प्रभावी गोलीबारी शुरू कर दी और बच निकलने की कोशिश में अंतर्राष्ट्रीय सीमा की ओर भागना शुरू कर दिया ।

मेजर अंशुल शुक्ला ने तत्काल स्थित्ति की कमान अपने हाथ में ली और अपनी सुरक्षा की कतई परवाह न करते हुए ये आतंकवादियों का बच निकलने का रास्ता रोकने के लिए अपने साथी के साथ बगल से आगे बढ़े । अपने बच निकलने के रास्ते को अवरोधित पा कर आतंकवादियों ने चट्टान के पीछे मोर्चा संभाल लिया और मेजर अंशुल शुक्ला और इनके साथी पर लगातार प्रभावी गोलीबारी करते रहे ।

मेजर अंशुल शुक्ला ने शत्रु की लगातार और कारगर गोलीबारी के सामने निडर साहस और दृढ़ संकल्प का परिचय दिया ।

2.

स्क्वाडून लीडर शान्तन् बास् (22947 ) उड़ान ( पायलट) ( मरणोपरांत)

(पुरस्कार की प्रभावी तारीख 11 अप्रैल 2007) स्क्वाड्रन लीडर शान्तनु बासु को 11 अप्रैल 2007 को सियाचिन ग्लेशियर में अवस्थित अमर हेलिपैड के लिए हवाई संभारिकी सहायता उड़ान के लिए दो वायुयान विरचना में लीडर के रूप में तैनात किया गया था । इस विशाल जमे हुए बर्फीले कठोर क्षेत्र में उड़ान भरना अत्यधिक अमैत्रीपूर्ण क्षेत्र में जलवायुगत परिस्थितियों में उड़ान भरने के बराबर है । 325 भाग ।-खण्ड । ]

भारत का राजपत्र , मई 10 , 2008 ( वैशाख 20, 1930 )

यह उड़ान अंतिम चरण तक अमहत्वपूर्ण रही । अंतिम चरण तक पहुंचने पर इसमें ओवरशूट करना पड़ा था तथा क्योंकि तेजी से बहती हुई हवाओं का सामना करना पड़ा था । हेलीकॉप्टर के हेलीपैड से गुजरने के बाद इसकी ताकत और ऊंचाई में अचानक कमी आ गई । स्क्वाड्रन लीडर बासु ने इस असामान्य आकस्मिक स्थिति में भी शांति से काम लिया और उच्च स्तरीय व्यावसायिक प्रतिभा का परिचय देते हुए सक्षम तरीके से स्थिति से निपटे । उन्होंने अपने सह -पायलट को इंजन के कार्य करने के तरीके को सावधानी से चैक करने के लिए कहा तथा शुरू में ताकत की मांग को कम करते हुए वायुयान को सुचारू रूप से नियंत्रित करने का प्रयास किया । इंजन जैट पाइप का तापमान बढ़ गया । दुर्भाग्यवश , इंजन जैट पाइप ने उस समय आपातकालीन कार्रवाई करना बंद कर दिया जब पायलट ने कार्रवाई की तथा बायुयान की ऊंचाई लगातार कम होती गई । इसलिए, उन्होंने वास्तविक भू- स्थिति लाइन के पास जबरदस्ती उतरने का साहसपूर्ण बड़ा फैसला किया । तथापि, कठोर, बर्फयुक्त और ढलानयुक्त क्षेत्र में जबरदस्ती उत्तरने के लिए उपयुक्त क्षेत्र के अभाव में हेलिकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हो गया और चालक दल के बचने की कोई गुंजाइश नहीं रही ।

स्क्वाड्रन लीडर शान्तनु बासु ने कर्त्तव्य से परे खतरनाक परिस्थितियों में आसन्न मृत्यु के दौरान असाधारण वीरता का परिचय दिया ।

3.

आईसी-61523 मेजर राजेश कुमार सिंह

डोगरा रेजिमेंट/ 11 राष्ट्रीय राइफल

(पुरस्कार की प्रभावी तारीख : 12 अप्रैल 2007) जम्मू- कश्मीर के डोडा जिले में एक क्षेत्र में आतंकवादी होने की अपने स्रोत से पुष्टि करने पर मेजर राजेश कुमार सिंह के अधीन एक छोटे दल ने लक्ष्य क्षेत्र में प्रवेश किया और पूर्ण गोपनीयता बनाए रखते हुए 12 अप्रैल 2007 को 0100 बजे तक एक गुप्त प्रेक्षण चौकी पर कब्जा कर लिया । उसके बाद इन्होंने देखा कि एक जगह पर 7-8 आतंकवादी धीरे- धीरे इकट्ठा हो रहे हैं । इन्होंने बच निकलने के सभी मार्गों को रोकने के लिए अवरोधों को पुन व्यवस्थित किया । तब 84 मिमी के रॉकेट लांचर , एलएमजी और एके -47 से सही समय पर सटीक गोलीबारी शुरू कर दी । इस सघन मुठभेड़ में इन्होंने स्वयं तीन आतंकवादियों को मार गिराया । पूरा समय इन्होंने प्रभावी कमान और नियंत्रण बनाए रखा । 84 मिमी रॉकेट लांचर से दूसरे दौर की गोलीबारी में दो और आतंकवादियों को मार गिराया । इस अफसर ने और खोज की जिसमें तीन आतंकवादी रंगरूट पकड़े गए थे ।

मेजर राजेश कुमार सिंह ने आतंकवादियों के साथ लड़ते हुए साहसी नेतृत्व, हंता प्रवृत्ति और असाधारण वीरता का परिचय दिया । 326

भारत का राजपत्र, मई 10, 2008 ( वैशाख 20, 1930)

( भाग 1-खण्ड । 4.

2488248 नायक राजन सिंह

28 पंजाब रेजिमेंट

(पुरस्कार की प्रभावी तारीख 12 अप्रैल 2007) नायक राजन सिंह 12 अप्रैल 2007 को हतिया दिल्ली- झारखंड स्वर्ण जयंती एक्सप्रेस के एक डिब्बे में यात्रा कर रहे थे । 2000 बजे जब यह गाड़ी लटेहर और डालटनगंज के बीच में थी, लगभग 10 डाकू एस -1 नम्बर वाले डिब्बे में घुसे और यात्रियों को लूटना शुरू कर दिया । नायक राजन सिंह ने उस डाकू को धर दबोचा जो उसके डिब्बे में आया था । तथापि, दूसरे डाकू ने, जो उसके पीछे-पीछे आ रहा था, अपनी पिस्तौल निकाली और नायक राजन सिंह के सिर पर निशाना लगाया । पहले डाकू को न छोड़ते हुए नायक राजन सिंह ने उसके साथी को लात मारी । उसकी इस जांबाज़ी से भौचक्के हुए डाकू ने नायक राजन सिंह की दागीं जंता पर गाली चला दी । तथापि, उसकी इस साहसिकता से डाकुओं के छक्के छूट गए । इन्होंने गाड़ी की जंजीर खींची, अपने साथी को छुड़ाया और धीमी होती हुए गाड़ी से कूद गए । गाड़ी डालटनगंज पर रुकी और इनकी मरहम पट्टी कराई गई ।

नायक राजन सिंह ने डाकुओं से लड़ते समय ठंडे दिमाग , दृढ़ निश्चय और खतरे में सूझ- बूझ का परिचय दिया ।

5.

आईसी-57921 मेजर ब्रिज किशोर धोन्डियाल सेना सेवा कोर/ 10 राष्ट्रीय राइफल

( पुरस्कार की प्रभावी तारीख : 28 अप्रैल 2007) 28 अप्रैल 2007 को जम्मू- कश्मीर में डोडा जिले के सामान्य क्षेत्र में तीन आतंकवादी होने की विशिष्ट आसूचना के आधार पर मेजर ब्रिज किशोर धोन्डियाल ने अत्यंत ऊबड़ - खाबड़ पर्वतीय भू- भाग से गुजरने वाला अति कठिन संपर्क मार्ग अपनाते हुए सूझबूझ के साथ ऑपरेशन शुरू किया ।

लगभग 0700 बजे आतंकवादियों में से एक ने मेजर धोन्डियाल को देख लिया क्योंकि वे सैन्य टुकड़ी का नेतृत्व कर रहे थे और उसने दो अन्य आतंकवादियों के साथ स्वचालित हथियार से भारी मात्रा में गोलीबारी शुरू कर दी । अपनी व्यक्तिगत सुरक्षा के प्रति पूरी तरह बेपरवाह रहते हुए इस अफसर ने सूझबूझ और कुशाग्रता का परिचय देते हुए आड़ लेकर लक्ष्य क्षेत्र की ओर आगे बढ़ते हुए दो आतंकवादियों को मौत की नींद सुला दिया । इस कार्रवाई के दौरान इस अफसर ने एक आतंकवादी को भागते हुए देखा और उसके कंधों पर गोलीबारी की । इस अफसर भाग 1-खण्ड 1 ]

327 भारत का राजपत्र, मई 10 , 2008 ( वैशाख 20, 1930 )

ने अपनी सुरक्षा के प्रति बेखबर रहते हुए आतंकवादी का 500 मीटर से अधिक दूरी तक पीछा किया और नजदीकी लड़ाई में उसे मार गिराया ।

मेजर ब्रिज किशोर धोन्डियाल ने आतंकवादियों के विरुद्ध संक्रिया में असाधारण साहस, दृढ़ निश्चय और साहसी नेतृत्व का परिचय दिया ।

6.

4280474 सिपाही जुगुल साबर

बिहार रेजिमेंट/47 राष्ट्रीय राइफल

(पुरस्कार की प्रभावी तारीख: 29 अप्रैल 2007) 29 अप्रैल 2007 को सिपाही जुगुलु साबर जम्मू- कश्मीर के कुपवाड़ा जिले के जंगलों में खोज तथा विध्वंस ऑपरेशन का एक हिस्सा थे ।

जैसे ही खोज कार्य शुरू हुआ , दो आतंकवादी अचानक ही गोलियों की भारी बौछार करते हुए तथा हथगोले फेंकते हुए बाहर आए । सिपाही जुगुलु साबर उस दल का एक हिस्सा थे जो आतंकवादियों की सीधी गोलीबारी की चपेट में आ गया । अपने दल पर भारी खतरे को भांपते हुए सिपाही जुगुलु साबर ने अपनी साथियों को आड़ देने को कहा जबकि ये अकेले ही आतंकवादियों को उलझाए हुए थे । अपनी व्यक्तिगत सुरक्षा की तनिक भी परवाह न करते हुए इन्होंने आतंकवादियों की ओर रेंगना शुरू कर दिया । इस दौरान ये बार - बार उनके सामने आए और उन्हें उलझाए रखा । अपने ऊपर भारी खतरे की परवाह न करते हुए ये आतंकवादियों के नजदीक आए और गोलियों की बौछार की तथा एक आतंकवादी को भार गिराया । दूसरा आतंकवादी भागने लगा और अंधाधुंध गोलियां चलाने लगा । गोलियों के बीच सिपाही जुगुलु साबर ने भागते हुए आतंकवादी पर अचानक धावा बोल दिया और अनुकरणीय साहस का प्रदर्शन करते हुए सघन लड़ाई में उसे मार गिराया ।

सिपाही जुगुलु साबर ने आतंकवादियों की गोलियों के सामने अपनी व्यक्तिगत सुरक्षा की तनिक भी परवाह न करते हुए असाधारण वीरता, निःस्वार्थ समर्पण भावना और अप्रतिम सखाभाव का प्रदर्शन किया ।

7.

15615322 गार्ड्समैन अजेश एम ए ब्रिगेड ऑफ दी गार्ड्स/21 राष्ट्रीय राइफल ( मरणोपरांत)

(पुरस्कार की प्रभावी तारीख : 08 मई 2007) गार्डमैन अजेश एम ए जम्मू- कश्मीर राज्य के सामान्य क्षेत्र में दिनांक 08 मई 2007 को 1600 बजे चलाए गए विशिष्ट खोज अभियान का एक हिस्सा थे । जबकि कमान अफसर का 3--51 G1/ 2008 328

भारत का राजपत्र, मई 10, 2008 ( वैशाख 20, 1930 )

[भाग-खण्ड । त्वरित प्रतिक्रिया दल संदिग्ध क्षेत्र के समीप पहुंच रहा था , गार्डमैन अजेश एम ए जो कमान अफसर के साथी थे, ने संदिग्ध क्षेत्र की घेराबंदी करने की तेजी से कार्रवाई की । लगभग 1630 बजे सम्पर्क स्थापित हो गया और भारी गोलीबारी हुई । गार्डमैन अजेश एम ए ने रक्षा क्षेत्र कौशल व युद्धकला का परिचय दिया और संदिग्ध मकान के नजदीक बढ़े । कमान अफसर , जो भारी गोलीबारी में घायल हो गए थे , सहित अपने साथियों के जीवन के लिए खतरा भांपते हुए गार्डमैन अजेश एम ए ने अपनी व्यक्तिगत सुरक्षा की परवाह न करते हुए आतंकवादियों पर अचानक धाया बोल दिया जिससे वे परेशान हो गए । गंभीर रूप से जख्मी होने के बावजूद बहादुर सिपाही गार्डमैन अजेश एम ए ने भारतीय सेना की सर्वोच्च परम्परा के अनुरूप अपने प्राणोत्सर्ग करने से पूर्व अकेले ही दो खूंखार आतंकवादियों का सफाया कर दिया ।

गार्डमैन अजेश एम ए ने दो विदेशी खूंखार आतंकवादियों का सफाया करके अपने साथियों की जान बचाकर सर्वश्रेष्ठ सतर्कता, अदम्य साहस, उत्कृष्ट निशानेबाजी संबंधी गुणों का परिचय दिया ।

8.

जेसी-520065 नायब सूबेदार खेम सिंह

डोगरा रेजिमेंट/62 राष्ट्रीय राइफल

(पुरस्कार की प्रभावी तारीख : 22 मई 2007) नायब सूबेदार खेम सिंह ने जम्मू- कश्मीर क्षेत्र में अपनी खोजी पार्टी का नेतृत्व करते हुए एक खूंखार विदेशी आतंकवादी को मार गिराने में अदम्य साहस और सतर्कता का प्रदर्शन किया । दूसरे आतंकवादी ने , जो इस गौशाला की अटारी में छिपा हुआ था, अंधाधुंध गोलीबारी शुरू कर दी । नायब सूबेदार खेम सिंह ने आतंकवादी की गोलीबारी की परवाह न करते हुए उस पर तत्काल गोलीबारी शुरू कर दी । इन्होंने गौशाला की छत पर दो हथगोले भी फेंके । जख्मी आतंकवादी नायब सूबेदार खेम सिंह की पार्टी पर गोलियां बरसाता रहा । नायब सूबेदार खेम सिंह ने अपनी व्यक्तिगत सुरक्षा की परवाह न करते हुए एक हल्की मशीनगन उठाई और आगे बढ़े तथा उसे तब तक उलझाए रखा जब तक वह मर ही नहीं गया ।

नायब सूबेदार खेम सिंह ने आतंकवादियों से लड़ते हुए असाधारण नेतृत्व , दूरदर्शिता तथा अदम्य साहस का प्रदर्शन किया ।

9.

जीएस -161011 एक्स श्रीकुमार आर , सुपरिंटेंडेंट बिल्डिंग/ रोड ग्रेड- II , ( मरणोपरांत)

(पुरस्कार की प्रभावी तारीख 25 मई 2007 ) भाग 1 -खण्ड 11

329 भारत का राजपत्र, मई 10, 2008 (वैशाख 20, 1930)

गया था । उन्होंने अपने साथियों के साथ मिलकर तत्काल कार्रवाई की और चट्टान को वहां से हटाया । जब वे पूरी तरह से रास्ता खाली कर रहे थे तभी उन्होंने गड़गड़ाहट सुनी । उन्होंने देखा कि कई भारी पत्थर ऊपर से नीचे आ रहे थे । उसी स्थान पर अब भी कुछ मजदूर कार्य कर रहे थे । उन्होंने शोर मचाया कि सभी साथी उस स्थान से भाग जाएं । उन्होंने अपनी जान की बिल्कुल परवाह न करते हुए उस खतरनाक क्षेत्र से अपने साथियों को हटाना शुरू किया । उन्होंने छह साथियों को खतरनाक क्षेत्र से हटाया । अपने साथियों को बचाने के दौरान एक पत्थर उनके पांव तथा शरीर के दूसरे हिस्से में आ लगा तथा उनके पांव क्षतिग्रस्त हो गए ।

उन्हें तत्काल नजदीक के अस्पताल ले जाया गया । डाक्टरों के अथक प्रयास के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका ।

इस प्रकार सुपरिंटेंडेंट बिल्डिंग/रोड ग्रेड- ॥ श्रीकुमार आर ने अपनी व्यक्तिगत सुरक्षा की परवाह न करते हुए अत्यधिक खतरनाक परिस्थित्ति में छह साथियों के प्राणों की रक्षा करते हुए असाधारण साहस, अदम्य बहादुरी , सूझबूझ और कर्त्तव्य- परायणता के प्रति समर्पण भावना का परिचय दिया ।

10.

4181600 हवलदार बुल्लाराम

7 कुमाऊं रेजिमेंट

(पुरस्कार की प्रभायी तारीख : 29 मई 2007) हवलदार बुल्ला राम जम्मू- कश्मीर के पुंछ जिले में तैनात घातक दल के कमांडर थे । 29 मई 2007 को 2130 बजे भारी सशस्त्र आतंकवादियों के एक समूह ने नियंत्रण रेखा पर बाड़ के पास चौकियों को घेर लिया ताकि मेंधर में एक पार्टी को घुसपैठ कराया जा सके ।

हवलदार बुल्ला राम ने आतंकवादियों के रास्ते को रोकने के लिए अपनी घातक टीम से पांच जगह रोक लगाई । भारी गोलीबारी के बावजूद वे अकेले ही आगे बढ़े और त्तीन आतंकवादियों को सीधे अपनी ओर दौड़ते हुए पाया । अपनी व्यक्तिगत सुरक्षा की तनिक भी परवाह न करते हुए हवलदार बुल्ला राम ने पहले आतंकवादी को तीन मीटर की नजदीक दूरी से मार गिराया । अपनी दृढ़ता का प्रदर्शन करते हुए. इन्होंने दूसरे आतंकवादी को भी नजदीक से मार गिराया । इससे पहले कि इनकी बंदूक में गोलियां खत्म हो जाएं इन्होंने तीसरे आतंकवादी को घायल कर दिया । बाद में तीसरा आतंकवादी रोक पर तैनात सैनिकों द्वारा मारा गया ।

हवलदार बुल्ला राम ने आतंकवादियों से लड़ते हुए अनुकरणीय नेतृत्व, अदम्य साहस और दृढ़ संकल्प का परिचय दिया । 330

भारत का राजपत्र, मई 10, 2008 ( वैशाख 20, 1930)

[ भाग -खण्ड । 11.

विंग कमांडर अनिल कुमार (20742) उड़ान (पायलट)

12.

और विंग कमांडर राहुल मोंगा ( 20768 ) उड़ान ( पायलट)

( पुरस्कार की प्रभावी तारीख : 01 जून 2007) विंग कमांडर अनिल कुमार और विंग कमांडर राहुल मोंगा को 01 जून 2007 से 19 अगस्त 2007 तक के ' विश्व चक्र' अभियान पर निकलने के लिए भारतीय वायुसेना माइक्रोलाइट एयरक्राफ्ट में चालक दल के रूप में तैनात किया गया था । इस अभियान दल ने 19 देशों में 85 गंतव्यों पर ठहरते हुए 40,529 कि.मी. की उड़ान भरी तथा पिछले 99 दिनों के विश्व रिकार्ड को तोड़ते हुए 80 दिनों में विश्व का चक्कर लगाने का नया रिकार्ड स्थापित किया । इस मिशन ने 300 कि.ग्रा . से भी कम भार वाले. बिना दबाव वाले एकल इंजन से उड़ान गरी जिसकी कोई अतिरिक्त विशेषता नहीं थी ।

दोनों अफसरों को विषय मौसम , विपरीत संचालन परिवेश तथा शून्य से नीचे से लेकर तेज धूप वाले मरुस्थल और उष्णकटिबंधीय वर्षायुक्त जंगल भरे कठोर क्षेत्र का सामना करना पड़ा तथा ये इस बात से पूरी तरह अवगत थे कि ऐसी स्थिति में किसी अप्रत्याशित घटना से बच पाना अत्यधिक चुनौतीपूर्ण होगा । इन कठिन परिस्थितियों में दोनों अफसरों ने न केवल असाधारण साहस बल्कि उच्च स्तरीय पेशेवर तथा हवाई कौशल का परिचय दिया । कठिन मौसम तथा छोटे से वायुयान में तकनीकी खराबियों की वजह से जीवन संबंधी खतरे का सामना करने के बावजूद ये राष्ट्र और भारतीय वायुसेना के लिए गौरव अर्जित करने के उद्देश्य से अपने जीवन पर खतरे के बावजूद अपने कार्य में सतत रूप से लगे रहे ।

इस प्रकार विंग कमांडर अनिल कुमार और विंग कमांडर राहुल भोंगा ने उच्च चुनौतीपूर्ण कार्य करते हुए पूरी तरह से सिपाही धर्म निभाया और पर्याप्त वीरता का परिचय दिया ।

13.

9421906 लांस नायक नरबु शेरपा

3/11 गोरखा राइफल

( पुरस्कार की प्रभावी तारीख : 04 जून 2007) भाग I-खण्ड ।।

331 भारत का राजपत्र, मई 10, 2008 ( वैशाख 20, 1930 )

तथा इसके कारण ये जख्मी हो गए और इनकी लाइट मशीनगन भी क्षतिग्रस्त हो गई । अपना आत्मसंयम पुनः प्राप्त करते हुए ये चुपचाप एक अच्छे फायरिंग मोर्चे पर पहुंचे और अदम्य साहस तथा अतुलनीय आक्रामक साहस के इस कार्य में आगे बढ़कर धाया बोला और दूसरे आतंकवादी को तब तक उलझाए रखा जब तक वह भर नहीं गया ।

लांस नायक नरबु शेरपा ने दो आतंकवादियों का सफाया कर अनुकरणीय युद्ध कौशल का प्रदर्शन किया और सर्वोच्च कोटि की वीरता का परिचय दिया ।

14.

आईसी-65199 मेजर ईश्वर सिंह दहिया तोपखाना रेजिमेंट , 14 असम राइफल

(पुरस्कार की प्रभावी तारीख : 12 जून 2007) मणिपुर के सेनापति जिले में आई टी रोड पर सामान्य क्षेत्र में भूमिगतों द्वारा की जा रही लूट-पाट की जानकारी मिलने पर पूर्वी क्षेत्र में एक चौकी से मेजर ईश्वर सिंह दहिया के अधीन दो जत्थों ने प्रस्थान किया । जेलनेल गांव में पहुंचने पर मेजर दहिया ने गांव में 04-05 हथियारबंद काडरों के होने का पता लगाया । पता लगने पर काडर भाग खड़े हुए और गांव में छिप गए । इन्होंने क्षेत्र की घेराबंदी करने के लिए सैनिकों को सामरिक रूप से तैनात किया और काडरों को समर्पण के लिए कहा । काडरों ने मकान के पास से अंधाधुंध गोलीबारी शुरू कर दी।

स्थिति का जायजा लेने के बाद मेजर दहिया ने अदम्य साहस का परिचय देते हुए मकान में दाखिल होकर एक भूमिगत को निष्क्रिय कर दिया । दूसरे भूमिगत ने इनकी गर्दन पर गोली मार दी जो दरवाजे के पीछे छिपा हुआ था । गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद मेजर ईश्वर सिंह दहिया ने दूसरे आतंकवादी को भी मार गिराया और उसके बाद इस ऑपरेशन के सुचारू संचालन का लगातार पर्यवेक्षण करते रहे जिसके कारण दो और हथियारबंद भूमिगतों को भार गिराया गया ।

मेजर ईश्वर सिंह दहिया ने कर्त्तव्य से बढ़कर साहसी कार्य में व्यक्तिगत उदाहरण पेश करते हुए अदम्य साहस का परिचय दिया और शस्त्रास्त्रों और गोलाबारूद सहित चार दुदाँत हथियारबंद काडरों को मार गिराया ।

15.

12974149 राइफलमैन अब्दुल हामिद चरा 162 इन्फैंट्री बटालियन प्रादेशिक सेना (एच एंड एच) जम्मू-कश्मीर लाइट इन्फैंट्री 18 राष्ट्रीय राइफल ( मरणोपरांत )

(पुरस्कार की प्रभावी तारीख : 12 जून 2007) 12 जून 2007 को राइफलमैन अब्दुल हामिद चरा जम्मू- कश्मीर के कुपवाड़ा जिले में सामान्य क्षेत्र में खोज तथा विध्वंस ऑपरेशन के रोक का एक हिस्सा थे । 1330 बजे राइफलमैन अब्दुल हामिद चरा ने दो आतंकयादियों को निर्धारित क्षेत्र से भागने का प्रयास करते हुए देखा । 332

भारत का राजपत्र , मई 10, 2008 ( वैशाख 20, 1930 )

(भाग 1----खण्ड । उन्होंने आतंकवादियों को पांच मीटर की दूरी के अंदर तक आने दिया । उन्होंने ध्यान दिया कि आतंकवादियों के पास थुराया सेटेलाइट टेलीफोन है । उन्होंने आतंकवादी के महत्त्व को महसूस किया, अपने प्लाटून कमांडर को रेडियो सैट पर सूचित किया और कुहनियों के बल रेंगते हुए आतंकवादियों ने राइफलमैन अब्दुल हामिद चरा की पहचान करते हुए उन पर और उनके साथियों पर भारी रॉकेट, हथगोलों, लघु हथियारों से हमला किया । राइफलमैन अब्दुल हामिद चरा को गोलियों के कई घाव लगे और किरिच चोटें आईं । गंभीर घावों के बावजूद वे सटीक गोलीबारी करते रहे और लुढ़कते हुए पहाड़ी से नीचे ग्राउण्ड में आए और एक ऐसे आतंकवादी को मार गिराया जो सभी आतंकवादी गतिविधियों का प्रभारी समन्वयकर्ता था । अंततः उन्होंने ऑपरेशन के दौरान अपने प्राण राष्ट्र के लिए न्यौछावर कर दिए ।

राइफलमैन अब्दुल हामिद चरा ने आतंकवादियों से लड़ते हुए अत्यंत नजदीक से की जा रही गोलीबारी में अनुकरणीय साहस तथा अडिग धैर्य का परिचय देते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया । 16.

2789267 हवलदार उदार भानुदास पार्वती

21 पैराच्यूट रेजिमेंट ( विशेष बल) ( मरणोपरांत)

(पुरस्कार की प्रभावी तारीख : 09 जुलाई 2007) हवलदार उदार भानुदास पार्वती मणिपुर में भारत - म्यांमार सीमा के साथ- साथ एक गांव में आतंकवादी शिविर पर छापा मारने वाले एक हमलावर दल के टुकड़ी कमांडर थे ।

08 जुलाई 2007 को यह छापामार पार्टी 36 घंटे से अधिक थका देने वाले मार्च के बाद निगरानी स्थल पर पहुंची और आतंकवादियों के स्वचालित हथियारों से होने वाली गोलीबारी तथा रॉकेट प्रणोदित हथगोले का प्रतिकार किया । हवलदार भानुदास ने अपनी सामरिक कुशाग्र बुद्धि और सूझबूझ का प्रयोग करते हुए अपना मोर्चे का स्थान बदल लिया और आतंकवादियो के निकट पहुंच गए । छोटी परंतु सधन गोलीबारी में इन्होंने एक आतंकवादी को मार गिराया । शेष आतंकवादियों के मोर्चे के स्थानों की सफाई के दौरान एक टुकड़ी भारी प्रभावी गोलीबारी के दबाब में आ गई । अपनी निजी सुरक्षा की परवाह न करते हुए हवलदार भानुदास ने गोलीबारी करते हुए आतंकवादी को ललकारा । जिससे आतंकवादियों का ध्यान बंट गया और उन्होंने उस स्थिति की ओर गोलीबारी शुरू कर दी और इस प्रकार उनके अफसर की जान बच गई । आतंकवादियों की गोलीबारी से निडर रहकर वे गोली चलाते हुए निकट आए और उन्हें मार गिराया । जब दूसरे आतंकवादी का सफाया किया जा रहा था तो हवलदार भानुदास को बंदूक की गोली आ लगी । तथापि, वे आतंकवादियों पर लगातार गालियां बरसाते रहे जिससे तीसरे आतंकवादी को निष्प्रभावी किया जा सका । उन्होंने अपने जख्मों के कारण वीरगति को प्राप्त होने से पूर्व अदम्य साहस और अडिग देशभक्ति का प्रदर्शन किया ।

हवलदार भानुदास ने अपने कमांडर का जीवन बचाने के लिए अडिग देशभक्ति, अदम्य भाग खण्ड 1 ]

333 भारत का राजपत्र , मई 10, 2008 ( वैशाख 20, 1930)

17.

आईसी-55834 मेजर अमित कुमार चांद

23 राजपूत रेजिमेंट

(पुरस्कार की प्रभावी तारीख : 17 जुलाई 2007) 17 जुलाई 2007 को 0015 बजे जम्मू- कश्मीर के बारामूला जिले के एक क्षेत्र में घुसपैठ कर रहे एक जत्थे की हलचल का पता चला । मेजर अमित कुमार चांद को घुसपैठ का प्रयास रोकने का कार्य सौंपा गया । इन्होंने प्रतिकूल भूभाग में अपने दलों का नेतृत्व करके कई घात टुकड़ियां लगाईं ।

0320 बजे चार आतंकवादियों को घात स्थान की ओर सावधानी से आते हुए देखा गया । चूंकि आतंकवादी खतरनाक रूप से नजदीक आ चुके थे इसलिए घात टुकड़ी सामने आई और आगामी गोलाबारी में दो आतंकवादियों का सफाया कर दिया । शेष दो आतंकवादी बचने के लिए पास के नाले में कूद पड़े । मेजर चांद ने अपने दलों को पुनः व्यवस्थित किया और इलाके की घेराबंदी की । उजाला होते ही मेजर चांद रेंगते हुए आगे बढ़े और असाधारण युद्ध कौशल का इस्तेमाल करके आतंकवादी के फायर को पीछे हटाने में सफल रहे । अपनी सुरक्षा की कतई परवाह न करते हुए और अपने आपको गंभीर खतरे में डालकर इस अफसर ने अडिग साहस के साथ आगे बढ़कर धावा बोला और आमने-सामने की मुठभेड़ में निर्भीकता से दोनों आतंकवादियों को भार गिराया ।

मेजर अमित कुमार चांद ने आतंकवादियों के साथ लड़ते हुए अदम्य साहस और उत्कृष्ट नेतृत्व का परिचय दिया ।

18.

आईसी-64714 कप्तान ललित कन्सल

2 पैराच्यूट रेजिमेंट, (विशेष बल)

(पुरस्कार की प्रभावी तारीख 23 अगस्त 2007) 23 अगस्त 2007 को कप्तान ललित कन्सल के अधीन एक सैन्य टुकड़ी को कुपवाड़ा जिले (जम्मू- कश्मीर) के सामान्य क्षेत्र में घात लगाने के लिए भेजा गया था । 334

भारत का राजपत्र, मई 10, 2008 ( वैशाख 20, 1930)

[भाग [--खण्ड 1 पर ही कर दिया । उसके बाद इन्होंने दूसरे आतंकवादी पर गोलीबारी जारी रखी जो पास ही में था और उसको घायल कर दिया जिससे इनके आदमी अपने आपको छुड़ा सकें ।

कप्तान ललित कन्सल ने आतंकवादियों के साथ लड़ते हुए कर्त्तव्य से बढ़कर अनुकरणीय नेतृत्व और असाधारण वीरता का परिचय दिया ।

19.

जेसी-413097 नायब सूबेदार सुभाष 10 पैराच्यूट रेजिमेंट (विशेष बल) (मरणोपरांत )

(पुरस्कार की प्रभावी तारीख : 03 अक्तूबर 2007) नायब सूबेदार सुभाष बांदीपुर में स्वतंत्र रूप से एक फौजी स्क्वाड का नेतृत्व कर रहे थे । 03 अक्तूबर 2007 को 2000 बजे उन्हें एक गांव में दो आतंकवादियों की हलचल का पता लगा । उन्होंने उपलब्ध कमांडो के साथ तेजी से कार्रवाई की और संदिग्ध मकान की घेराबंदी कर दी । उन्होंने तीन अन्य कमांडो के साथ बच निकलने वाले मुख्य मार्ग पर स्वयं मोर्चा संभाल लिया । आतंकवादी अंधाधुंध गोलीबारी करते हुए तीनों कमांडो को जख्मी करके घर से बाहर निकल आए । अद्वितीय साहस का प्रदर्शन करते हुए तथा अपनी व्यक्तिगत सुरक्षा की बिलकुल परवाह न करते हुए वे आड़ से बाहर आए और आतंकवादी को नजदीक जाकर मार गिराया । इस आतंकवादी नेता की जम्मू तथा कश्मीर में सबसे अधिक तलाश थी । इस नजदीकी कार्रवाई के दौरान आतंकवादी की एक गोली से वे बुरी तरह जख्मी हो गए । जख्म से खून बहने के बावजूद वे गोलीबारी के बीच अपने कमांडो को प्रेरित करते हुए और निर्देश देते हुए कुहनियों के बल आगे बढ़े । उन्होंने स्वयं गोलियों की तेज बौछार की ताकि जख्मी साथियों को सुरक्षित बाहर निकाला जा सके । इलाज के लिए मना कर वे पास ही अंधेरे में छुपे दूसरे आतंकवादी के नजदीक गए और उसे मार गिराया और अपने ही जख्मों के कारण वीरगति को प्राप्त हो गए ।

नायब सूबेदार सुभाष ने दुर्दात आतंकवादी का खात्मा करते समय प्रेरक नेतृत्व एवं अद्वितीय वीरता का प्रदर्शन करते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया ।

20.

4280041 सिपाही बादल हासदा

16 बिहार रेजिमेंट ( मरणोपरांत)

(पुरस्कार की प्रभावी तारीख : 5 अक्तूबर 2007 ) सिपाही बादल हासदा कुपवाड़ा जिले (जम्मू- कश्मीर ) में रिज पर तैनात एक रेजिमेंट में घातक प्लाटून की एक यूनिट में तैनात थे । 04 अक्तूबर 2007 को 2350 बजे नियंत्रण- रेखा पर 2-3 आतंकवादियों के एक समूह के घुसपैठ करने के प्रयास का पता चला । 335 भाग -खण्ड ।।

भारत का राजपत्र, मई 10, 2008 ( वैशाख 20, 1930)

तत्पश्चात , उन्होंने गुफा में छिपे एक अन्य आतंकवादी से सम्पर्क साधा । सघन गोलीबारी के बीच सिपाही बादल हासदा रेंगते हुए गुफा के नजदीक पहुंचे और उस पर हमला बोल दिया परंतु आतंकवादी ने इन पर गोली दाग दी । अपनी व्यक्तिगत सुरक्षा की जरा भी परवाह किए बिना इन्होंने गोली चलाई और दूसरे आतंकवादी को भी मार गिराया । गोलीबारी के दौरान सिपाही बादल हासदा बुरी तरह से जख्मी हो गए और इन जख्मों के कारण वीरगति को प्राप्त हो गए । सिपाही बादल हासदा ने विदेशी आतंकवादियों के साथ लड़ते हुए पेशेवर कुशाग्र बुद्धि, अदम्य साहस और असाधारण वीरता का प्रदर्शन किया और सर्वोच्च बलिदान दिया ।

21.

10385166 असिस्टेंट कमांडेंट अनुराग कुमार 42 बटालियन सीमा सुरक्षा बल 16 जाट रेजिमेंट

(पुरस्कार की प्रभावी तारीख : 06 अक्तूबर 2007) असिस्टेंट कमांडेंट अनुराग कुमार उस दल के कमांडर थे जो ऊबड़- खाबड़ पर्वतीय भू- भाग में अत्यंत घने वृक्षावृत्त क्षेत्र की तलाशी कर रहा था । 06 अक्तूबर 2007 को लगभग 0800 बजे इनका दल भारी हथियारबंद आतंकवादियों के एक गुट की भारी स्वचालित गोलीबारी में घिर गया । असिस्टेंट कमांडेंट अनुराग कुमार गोलियों की पहली बौछार में पेट पर गोली लगने से जख्मी हो गए । निर्भीक कार्रवाई में इन्होंने आतंकवादियों की गोलीबारी का जवाब भीषणता से दिया । इन्होंने अनुभव किया कि इनका दल सामरिक रूप से अलाभकर ठिकाने पर था । अपनी व्यक्तिगत सुरक्षा से बेखबर, अपनी चोटों की परवाह न करते हुए इन्होंने आतंकवादियों के छिपने के स्थान पर गोलीबारी करने का निर्णय ले लिया । अपने दल को सुरक्षा गोलीबारी के लिए पुनर्गठित करते हुए असिस्टेंट कमांडेंट अनुराग कुमार आतंकवादियों की भारी गोलीबारी के बीच जोखिम भरी जमीन पर रेंगते हुए बगल में गए । इन्होंने हथगोला फेंककर आतंकवादियों पर धाया बोल दिया जो भिन्न-भिन्न दिशाओं से किए गए इस आक्रमण से हक्के- बक्के रह गए । एकदम आमने-सामने और बिल्कुल पास की लड़ाई में सहायक कमांडेंट अनुराग कुमार ने दो दुर्दात विदेशी आतंकवादियों को मार गिराया । इन्होंने उसके बाद भी ऑपरेशन के सफलतापूर्वक पूरा होने तक वहां से हटने से इनकार कर दिया ।

असिस्टेंट कमांडेंट अनुराग कुमार ने अत्यंत प्रतिकूल परिस्थितियों के सामने नेतृत्व और कर्त्तव्य से बढ़कर असाधारण वीरता का परिचय दिया ।

22.

आईसी-58612 मेजर विरेन्द्र सिंह सलारिया 10 पैराच्यूट रेजिमेंट ( विशेष बल)

(पुरस्कार की प्रभावी तारीख : 11 अक्तूबर 2007) मेजर विरेन्द्र सिंह सलारिया जम्मू- कश्मीर के बांदीपुरा में टीम लीडर थे । इन्होंने आतंकवादी नेतृत्व का सफाया करने के लिए एक व्यापक आसूचना और निगरानी नेटवर्क स्थापित 336

भारत का राजपत्र, मई 10 , 2008 ( वैशाख 20, 1930)

(भाग -खण्ड । जम्मू- कश्मीर के एक गांव में आतंकवादियों के होने की सूचना मिलने पर निर्भीक और त्वरित कार्रवाई करते हुए ये जल्दबाजी में जुटाई गई टाटा सूमो में केवल पांच व्यक्तियों के साथ लक्ष्य मकान की ओर निकल पड़े और अपने आप बच निकलने के मुख्य रास्ते पर मोर्चा संभालते हुए संदिग्ध मकान की घेराबंदी कर दी ।

11 अक्तूबर 2007 को 0900 बजे इन्होंने आतंकवादियों की अस्पष्ट और धुंधली छाया देखी और सही समय पर गोलीबारी करके आतंकवादी को घायल कर दिया । आतंकवादियों ने इनकी दिशा में अंधाधुंध गोलीबारी करते हुए मकान में से धावा बोल दिया । अद्वितीय साहस का प्रदर्शन करते हुए और अपनी व्यक्तिगत सुरक्षा की बिल्कुल भी परवाह न करते हुए ये आड़ से बाहर आए और एक आतंकवादी को तत्काल मार गिराया ।

ये गोलियों की बौछार के बीच हथगोला फेंक कर रेंगते हुए आगे बढ़े और घायल आतंकबादी के पास पहुंचे । अपनी पूरी ऊर्जा को संजोकर इन्होंने धादा बोला और बिल्कुल पास से दूसरेआतंकवादी को व्यक्तिगत तौर पर मौत के घाट उतार दिया ।

मेजर विरेन्द्र सिंह सलारिया ने आतंकवादियों की गोलीबारी के सामने व्यक्तिगत सुरक्षा के प्रति पूरी तरह से बेपरवाह रहकर और नेतृत्व के साथ उच्च कोटि की असाधारण वीरता का परिचय दिया ।

बरुण मित्रा संयुक्तसचिव संख्या 26- प्रेज/2008 -राष्ट्रपति उनके अति असाधारण कोटि की विशिष्ट सेवा के लिए निम्नलिखित कार्मिकों को "परम विशिष्ट सेवा मेडल " प्रदान करने का अनुमोदन करती हैः- 1. आईसी-19001 लेफ्टिनेंट जनरल कुलदीप सिंह जमवाल, अविसेमे, विसेमे"" , तोपखाना रेजिमेंट

2. आईसी-19002 लेफ्टिनेंट जनरल ओम प्रकाश नंदराजोग, अविसेमे , विसेमे, इन्फैंट्री

3. आईसी-19004 लेफ्टिनेंट जनरल अजीत सिंह बाजवा , अविसेमे, विसेमे, तोपखाना रेजिमेंट

4. आईसी-19009 लेफ्टिनेंट जनरल हरदेव सिंह लिडर , उयुसेमे, युसेमे, विसेमे, इन्फैंट्री

5. आईसी-19050 लेफ्टिनेंट जनरल परमिन्दर कुमार सिंह, अविसेमे , तोपखाना रेजिमेंट

6. आईसी-19077 लेफ्टिनेंट जनरल मिलन ललित कुमार नायडू, अविसेमे, युसेमे, इन्फैंट्री

7 .

आईसी-19080 लेफ्टिनेंट जनरल सुशील गुप्ता, अविसेमे , युसेमे, इन्फैंट्री

8. आईसी-19429 लेफ्टिनेंट जनरल जमीरुद्दीन शाह , सेमे, विसेमे , तोपखाना रेजिमेंट

9. आईसी-19440 लेफ्टिनेंट जनरल सुधीर शर्मा, अविसेमे, युसेमे , विसेमे , इन्फैंट्री 10.. आईसी-19834 लफ्टिनेंट जनरल हरचरनजीत सिंह पनाग , अविसेमे, इन्फैंट्री/मुख्यालय उत्तरी कमान 337 भाग 1-खण्ड 1 ]

भारत का राजपत्र, मई 10, 2008 ( वैशाख 20, 1930 )

11. ' आईसी-19848 लेफ्टिनेंट जनरल थॉमस मैथ्यू, अविसेमे , इन्फैंट्री

12. आईसी-19860 लेफ्टिनेंट जनरल मनधाता सिंह, युसेमे, विसेमे, इन्फैंट्री

13. आईसी-19868 लेफ्टिनेंट जनरल सरबजीत सिंह ढिल्लों, अविसेमे** , विसेमे, इन्फैंट्री

14, आईसी-19873 लेफ्टिनेंट जनरल पुत्तामदम राजाह गंगाधरन, अविसेमे, विसेमे"", इन्फैंट्री

15, आईसी-19891 लेफ्टिनेंट जनरल सीवाशंकर पिल्लै श्री कुमार, अविसेमे , सिगनल्स कोर

16. आईसी-19931 लेफ्टिनेंट जनरल पीताम्बर किशोर रामपाल, अविसेमे, इन्फैंट्री

17. आईसी-23030 लेफ्टिनेंट जनरल प्रकाश सिंह चौधरी, अविसेमे , सेना मेडल, विसेमे, इन्फैंट्री

18. आईसी-23039 लेफ्टिनेंट जनरल परमजीत सिंह, अविसेमे, विसेमे, इन्फैंट्री

19. एमआर-02753 लेफ्टिनेंट जनरल सैबल मुखर्जी, अविसेमे, सेना चिकित्सा कोर

20. वाइस एडमिरल निर्मल वर्मा , अविसेमे , एडीसी(01139- एन)

21. वाइस एडमिरल बिरिन्दर सिंह रन्धावा , अविसेमे , विसेमे (40298-के)

22. वाइस एडमिरल विजय शंकर , अविसेमे , ( 01088 -वाई)

23. एयर मार्शल जय कृष्ण गुप्ता, अविसेमे, पीएचएस ( 12308 ) चिकित्सा

24. एयर मार्शल अजीत विश्वनाथ वैद्य, वा मे ( 11848 ) उड़ान (पायलट)

25. एयर मार्शल गुरनाम सिंह चौधरी, अविसेमे, विसेमे, एडीसी ( 11870) उड़ान (पायलट)

26, एयर मार्शल प्रदीप वसन्त नाईक, विसेमे ( 12005) उड़ान ( पायलट) 27

. एयर मार्शल पाक्कियम पॉल राजकुमार, अविसेमे (12018) उड़ान (पायलट)

28. एयर मार्शल जयन्त सच्चिदानंद आपटे, अविसेमे (11900 ) वैमानिक इंजीनियरी (इलेक्ट्रॉनिकी) ( सेवानिवृत्त)

29. एयर मार्शल यशवंत राव राणे , अधिसेमे , वायुसेना मेडल ( 12210) उड़ान (पायलट)

30. एयर मार्शल प्रनब कुमार बारबोरा , वायुसेना मेडल (12375) उड़ान (पायलट)

बरुण मित्रा संयुक्त सचिव

संख्या 27 -प्रेज 2008 - राष्ट्रपति , असाधारण कोटि की बिशिष्ट सेवा के लिए निम्नलिखित कार्मिकों को " अति विशिष्ट सेवा मेडल का बार " प्रदान किए जाने का अनुमोदन करती हैं: -

1. आईसी-24194 लेफ्टिनेंट जनरल मनबीर सिंह डडवाल, अविसेमे, विसेमे, इन्फैंट्री, मुख्यालय 3 कोर

2. आईसी-25213 लेफ्टिनेंट जनरल मुकेश सभरवाल, अबिसेमे, विसेमे, इन्फैंट्री

3. आईसी-29915 मेजर जनरल विनोद चोपड़ा, अविसेमे, इन्फैंट्री, राष्ट्रपति सचिवालय

बरुण मित्रा

संयुक्त सचिव 338

भारत का राजपत्र, मई 10, 2008 ( वैशाख 20 , 1930 )

[ भाग -खण्ड । संख्या 28-प्रेज/ 2008 -राष्ट्रपति , असाधारण कोटि की विशिष्ट सेवा के लिए निम्नलिखित कार्मिकों को " अति विशिष्ट सेवा मेडल" प्रदान करने का अनुमोदन करती हैं: -

1. आईसी-23689 लेफ्टिनेंट जनरल नरेन्द्र सिंह बरार , विसेमे, तोपखाना, मुख्यालय 10 कोर

2. आईसी-23791 लेफ्टिनेंट जनरल समर पाल सिंह ढिल्लों, विसेमे, तोपखाना रेजिमेंट, मुख्यायल 12 कोर

3. आईसी-23814 लेफ्टिनेंट जनरल रणबीर कुमार छाबड़ा, विसेमे, इन्फैंट्री/मुख्यालय दक्षिणी कमान

4. आईसी-24198 लेफ्टिनेंट जनरल चान्दरोथ कुनुमल सुचिन्द्रा साबु, विसेमे, तोपखाना, मुख्यालय 33 कोर

5. आईसी-24260 लेफ्टिनेंट जनरल बलराज सिंह नागल , सेमे, इन्फैंट्री, मुख्यायल 9 कोर

6 . आईसी-24716 लेफ्टिनेंट जनरल भरत सिंह सिसोदिया, विसेमे, सेना आयुध कोर/सीएमएम जबलपुर

7 . आईसी-28605 लेफ्टिनेंट जनरल कश्यप सुन्दरम सिवाकुमार , विसेमे , इन्फैंट्री, मुख्यालय पूर्वी कमान

8. एमआर -02658 लेफ्टिनेंट जनरल गिरिजा शंकर मिश्रा, विसेमे , सेना चिकित्सा कोर , सेना चिकित्सा कोर केंद्र एवं स्कूल

9. आईसी-23419 मेजर जनरल अमरजीत सिंह बक्शी, सिगनल्स कोर *(सेवानिवृत्त)

10. आईसी-24671 मेजर जनरल जोस जोसिफ मानवेलम , इंजीनियर्स कोर/मुख्यालय मध्य कमान (सेवानिवृत्त)

11 . आईसी-24706 मेजर जनरल कैम्मुला रामाचन्द्रा राव, विसेमे, तोपखाना रेजिमेंट

12. आईसी-24722 मेजर जनरल अनिल कुमार मेहरा, विसेमे, सेना वायु रक्षा (सेवानिवृत्त)

13. आईसी-25062 मेजर जनरल सोली नोशीर पावरी, युसेमे , इन्फैंट्री, मुख्यालय पूर्वी कमान

14. आईसी-25544 मेजर जनरल विनोद नयन्नार, तोपखाना, मुख्यालय 101 एरिया 15. आईसी-27034 मेजर जनरल जसबीर सिंह , विसेमे , इन्फैंट्री

16. आईसी-27203 मेजर जनरल श्री कृष्णा सिंह, इन्फैंट्री, मुख्यालय 28 इन्फैंट्री डिवीज़न

17. आईसी-27205 मेजर जनरल विनय भटनागर , विसेमे, इन्फैंट्री, मुख्यालय सीआईएफ (यू)

18. आईसी-27215 मेजर जनरल नन्द किशोर सिंह , विसेमे , इन्फैंट्री, मुख्यालय सीआईएफ (के)

19. आईसी-27264 मेजर जनरल अविनाश चन्द्र सोनेजा , विसेमे** , इन्फैंट्री, मुख्यालय सीआईएफ (आर)

20. आईसी-27645 मेजर जनरल रामेश्वर रॉय, युसेमे , इन्फैंट्री, गुख्यालय 25 इन्फैंट्री डिवीज़न

21 . आईसी-27679 मेजर जनरल नरेश चन्द्र मारवाह, इन्फैंट्री, मुख्यालय 2 पर्वतीय डिवीज़न

22. आईसी-27962 मेजर जनरल कंवर विजय सिंह ललोत्रा, युसेमे, सेमे, इन्फैंट्री, मुख्यालय 17 पर्वतीय डिवीजन

23 . आईसी-27972 मेजर जनरल ज्ञान भूषण , विसेमे , इन्फैंट्री, मुख्यालय 21 पर्वतीय डिवीजन भाग 1-खण्ड 1 ]

भारत का राजपत्र, मई 10, 2008 ( वैशाख 20, 1930)

339 24. आईसी-30016 मेजर जनरल अनिल चन्द्र चैत, विसेमे, कवचित कोर/ मुख्यालय 54 इन्फैंट्रीडिवीजन

25. आईसी-32041 मेजर जनरल पकाला वेंकटेशेषरूलू, विसेमे , सेना वायु रक्षा (सेवानिवृत्त)

26. आईसी-32782 मेजर जनरल बालचन्द कुष्ट्टप्पा चन्गप्पा, इन्फैंट्री , मुख्यालय आईजीएआर ( दक्षिण)

27. आईसी-33015 मेजर जनरल इपेन जेकब कोथेक्कन, सेमे, विसेमे, इन्फैंट्री, मुख्यालय 57 पर्वतीय डिवीजन

28. एमआर-02848 मेजर जनरल पुतियवेटिल मधुसूदनन , विसेमे, सेना चिकित्सा कोर, एएफएमसी पुणे

29. एमआर -03268 मेजर जनरल रूप किशोर गर्ग , सेना चिकित्सा कोर

30. एमआर-03364 मेजर जनरल नरेश कुभार परमार, वीर चक्र , विसेमे, सेना चिकित्सा कोर, मुख्यालय पूर्वी कमान

31 . आईसी-30766 ब्रिगेडियर वेंकटेश सि‌द्दालिंगप्पा सोमनागौदार , विसेमे, मराठा लाइट इन्फैंट्री

32. वाइस एडमिरल कृष्ण रैना , (60212- डब्ल्यू)

33 . रियर एडमिरल शेखर सिन्हा, नौसेना मेडल एवं बार (01480- एन)

34. सर्जन रियर एडमिरल विनोद कुमार सक्सेना, विसेमे (75153 -ए)

35. रियर एडमिरल राजेन्द्र सिंह, नौसेना मेडल, विसेमे (01427-टी)

36. रियर एडमिरलं प्रदीप चौहान, विसेमे (01610-एच)

37. रियर एडमिरल हरीसिमरन सिंह मल्ली, विसेमे (40449-बी)

38. रियर एडमिरल निरंजन कुमार नादेल्ला, विसेमे (50445-वाई)

39. एयर मार्शल प्रमोद वसंत आठवले, विसेमे (13472) एरोनॉटिकल इंजीनियरिंग (इलेक्ट्रॉनिक्स)

40. एयर वाइस मार्शल त्रिचिनापल्ली सुब्रमण्यम रघु रामन ( 12664) चिकित्सा

41. एयर वाइस मार्शल (सेवानिवृत्त) नारायणन विजयकुमार , विसेमे (12725) लेखा

42. एयर वाइस भार्शल विजय कुमार दयालु , विसेमे एवं बार ( 13096) प्रशासन

43. एयर वाइस मार्शल अनिल चोपड़ा, बायुसेना मेडल , विसेमे ( 13368) उड़ान (पायलट)

44. एयर वाइस मार्शल अनिल कुमार खोसला, विसेमे (13534) एरोनॉटिकल इंजीनियरिंग (इलेक्ट्रॉनिक्स)

45. एयर वाइस मार्शल रवि कान्त श्रीवास्तवा ( 13312) एरोनॉटिकल इंजीनियरिंग (इलेक्ट्रॉनिक्स)

46. एयर वाइस मार्शल चिन्नाभंडार नरसिंगराव रंगनाथ, विसेमे ( 13471 ) एरोनॉटिकल इंजीनियरिंग (इलेक्ट्रॉनिक्स)

एयर वाइस मार्शल राज कुमार वशिष्ठ ( 13832 ) एरोनॉटिकल इंजीनियरिंग (मैकेनिकल) 47.

48. एयर कमोडोर अमर सिंग गणपतराव पाटिल (13272) उड़ान ( पायलट)

49. एयर कमोडोर उज्जल प्रभात बिसवास ( 14090) उड़ान (पायलट)

50. एयर कमोडोर देविंदर सिंह, वायुसेना मेडल, विसेमे ( 14284) उड़ान (पायलट)

51. एयर कमोडोर गुरविन्दर जीत सिंह चीमा, विसेमे एवं बार (14292) उड़ान (पायलट)

52. एयर कमोडोर शमशेर जंग बहादुर ( 14570) उड़ान (पायलट)

6-51 G03008

बरुण मित्रा

संयुक्त सचिव [ भाग ।-खण्ड।

भारत का राजपत्र, मई 10, 2008 ( वैशाख 20, 1930 )

340

संख्या 29 अज 2008 - राष्ट्रपति. उच्च कोटि की विशिष्ट सेवा के लिए निम्नलिखित कार्मिक को ' विशिष्ट सेवा मेडल का बार " प्रदान करने का अनुमोदन करती हैः-

आईसी-31521 ब्रिगेडियर सुरेन्द्र हरि कुलकणाँ विसंमे क कार मुख्यालय उत्तरांचल सब एरिया

2. आईसी-36725 ब्रिगेडियर पकियानाथन एलबर्ट फिलिप संन्युल दिसेम, सि जिस्ट, मुख्यालय १ ९ सेक्टर राष्ट्रीय राइफल

एमआर-03836 कर्नल वेलू नायर, विसेम, सना चकत्या कोर अस्पताल (रिसर्च एंड रेफरल)

बरुण मित्रा

संयुक्तसचिव सख्या 30 -जन 2006 - राष्ट्रपति, उच्च कोटि की विशिष्ट सेवा के लिए ग्रुप गुरू. बीर चक्र ( 16794) उड़ान (पायलट) को "युद्ध सेबा मंडल " अनुमोदन करनी हैं। कैप्टन अत्तार प्रदान करने

बरुण मित्रा संयुक्तसचिव संख्या 31 -प्रेज/2008 -राष्ट्रपति , असाधारण साहसपूर्ण कायाँ के लिए निम्नलिखित कार्मिकों "सेना मेडल/आर्मी मंडल का बार " प्रदान करने का अनुमोदन करती हैं:-

:. आईसी-57031 मेजर सुशील कुमार पाण्डेय , सेना मेडल 4 सिख लाइट इन्फैंटी 2. आइसी-62719 कप्तान अंकुर वशिष्ठ, सेना मेडल. सिख रेजिमेंट राष्ट्रीय राइफल बटालियन

बरुण मित्रा संयुक्त सचिव संख्या 32-प्रेज: 2008 -राष्ट्रपति , असाधारण साहसपूर्ण कायों के लिए निम्नलिखित कार्मिक्रा का "सेना मंडल/ आर्मी मेडल " प्रदान करने का अनुमोदन करती हैं: -

1. आईसी-48550 कर्नल हुकुम सिंह बैंसला , गोरखा रेजिमेंट , 1 असम राइफल 2. आईसी-52467 लेफ्टिनेंट कर्नल राजीव कपूर, जम्मू एवं कश्मीर राइफल/28 राष्ट्रीय राइफल

3. आईजी-52871 मेजर सौरभ सिंह शेखावत , शौर्य चक्र , विशिष्ट सेवा मेडल, 21 पैराच्यूट रेजिमेंट (विशेष बल)

4. आईसी-54036 मेजर सुमित मलहान , इंजीनियर्स कोर/44 राष्ट्रीय राइफल 5. आईसी-54513 मेजर संजय सिंह, 2 पैराच्यूट रेजिमेंट ( विशेष बल)

6. आईसी-55968 मेजर आदित्य वर्मा, तोपखाना रेजिमेंट/34 राष्ट्रीय राइफल 341 भाग । खण्ड ।

भारत का राजपत्र, मई 10, 2008 ( वैशाख 20, 1930)

23. आईसी-62834 मेजर बालाकृष्णा मेनन एस, इंजीनियर्स कोर/34 असम राइफल

24. आईसी-64988 मेजर सुनील कुमार, कवचित कोर/55 राष्ट्रीय राइफल

25. आईसी-65393 मेजर विपुल देसवाल , कवचित कोर/4 राष्ट्रीय राइफल

एसएस-38348 मेजर अशिष कुमार दुबे , तोपखाना रेजिमेंट/ 11 असम राइफल

26.

27. एसएस -39539 मेजर लाग्जाम जिमकेल्ली मिरौई , महार रेजिमेंट/7 असम राइफल

28. आईसी-63054 कैप्टन आशिश रावत, 21 पैराच्यूट रेजिमेंट ( विशेष बल)

29. आईसी-63517 कैप्टन कुलदीप सिंह , डोगरा रेजिमेंट/62 राष्ट्रीय राइफल

30. आईसी-63725 कैप्टन उमा शंकर , इंजीनियर्स कोर 21 राष्ट्रीय राइफल

31. आईसी-63777 कैप्टन अभिशेक कुमार, 15 जम्मू एवं कश्मीर लाइट इन्फैंट्री

32. आईसी-64289 कैप्टन शशांक सिंह , इंजीनियर्स कोर/42 राष्ट्रीय राइफल

33. आईसी-64615 कैप्टन सुनील कुमार चौधरी , 7/11 गोरखा राइफल

34. आईसी-64709 कैप्टन विकास साहा, 2 पैराच्यूट रेजिमेंट ( विशेष बल)

35. आईसी-65455 कैप्टन जयन्त सरकार, 19 कुमाऊं रेजिमेंट

36. एसएस -40054 कैप्टन आलोक प्रताप सिंह, तोपखाना रेजिमेंट/41 राष्ट्रीय राइफल

37. एसएस -40945 कैप्टन घाटगे रमेश उदयसिंह , 2/1 गोरखा राइफल

38. आईसी-67444 लेफ्टिनेंट तरुण खर्ब, 19 कुमाऊं रेजिमेंट

39. एसएस -41673 लेफ्टिनेंट विकास गुलेरिया , 15 जम्मू एवं कश्मीर लाइट इन्फैंट्री

40.

एआर -260 असिस्टेंट कमांडेंट राजीब कलिता, 36 असम राइफल

41. जेसी-403382सूबेदार ओम प्रकाश , ब्रिगेड ऑफ दी गार्ड्स 21 राष्ट्रीय राइफल

42. जेसी-418832 सूबेदार बलवान सिंह, मैकानाइज्ड इन्फैंट्री 26 राष्ट्रीय राइफल

43 . जेसी-489180 सूबेदार सतीश कुमार, जाट रजिमेंट/34 राष्ट्रीय राइफल

44. जेसी-539522 सूबेदार महेन्द्र सिंह, कुमाऊं रेजिमेंट/60 राष्ट्रीय राइफल

45. जेसी-592729 सूबेदार मोहम्मद रशीद, जम्मू एवं कश्मीर राइफल/28.राष्ट्रीय राइफल :

46. जेसी-520166 नायब सूबेदार गणेश सिंह, डोगरा रेजिमेंट/62 राष्ट्रीय राइफल

47. जेसी-529652 नायब सूबेदार तेजपाल सिंह भंडारी , 2 गढ़वाल राइफल

48. जेसी-539933 नायब सूबेदार त्रिलोक सिंह, 7 कुमाऊं रेजिमेंट

49. जेसी-540098 नायब सूबेदार राम दत्त, 19 कुमाऊं रेजिमेंट

50. 2483698 हवलदार महेन्द्र कुमार शर्मा, इंटेलीजेंस कोर 3 डिटेचमेंट पूर्वी कमान सम्पर्क इकाई

51 . 2988810 हवलदार राम अवतार सिंह, 23 राजपूत रेजिमेंट

52. 3990086 हवलदार सुभाष चन्द, डोगरा रजिमेंट/62 राष्ट्रीय राइफल

53 . 7431106 हवलदार मनीन्द्रा कुमार, इंटेलीजेंस कोर/4 डिटेचमेंट पूर्वी कमान सम्पर्क इकाई

54. 13620022 हवलदार हरी ए आर, 2 पैराच्यूट रेजिमेंट (विशेष बल)

55. 14918673 हवलदार अनिल कुमार, मैकानाइज्ड इन्फैंट्री 50 राष्ट्रीय राइफल

56. जी/143860 हवलदार सुभाष चंद, 14 असम राइफल

57. जी/2102086 हवलदार गोपाल सिंह , 21 असम राइफल

58. 2599550 लांस हवलदार रामाचन्द्रन जी, 16 मद्रास रेजिमेंट (मरणोपरांत)

59. 5754352 लांस हवलदार मिथुन सिंजाली, 4/8 गोरखा राइफल/33 राष्ट्रीय राइफल 342

भारत का राजपत्र, मई 10, 2008 ( वैशाख 20, 1930)

[भाग --खण्ड । 60. 14410155 लांस हवलदार पवन कुमार , नोपखाना रेजिमेंट/72 फील्ड रेजिमेंट

61. 2486625 नायक मनप्रीत सिंह , पंजाब रेजिमेंट/22 राष्ट्रीय राइफल

62. 3188037 नायक सुनील कुमार , 16 जाट रेजिमेंट

63. 3396166 नायक सुमित डोगरा , 19 डोगरा रेजिमेंट ( मरणोपरांत)

64. 3994201 नायक सत पौल , डोगरा रेजिमेंट/62 राष्ट्रीय राइफल

65. 4186404 नायक ब्रिजेश यादव , 19 कुमाऊं रेजिमेंट

66. 9096248 नायक परशोत्तम सिंह चीब, 15 जम्मू एवं कश्मीर लाइट इन्फैंट्री

67. 9099027 नायक मोहम्मद अमिन भट, जम्मू एवं कश्मीर लाइट इन्फैंट्री 62 राष्ट्रीय राइफल

68. 13620066 नायक सुमत राय, 4 गोरखा राइफल/ 15 राष्ट्रीय राइफल

69. 14414961 नायक फिरेन्द्र कुमार , तोपखाना रेजिमेंट/306 फील्ड रेजिमेंट

70. 14422882 नायक देश राज , तोपखाना रेजिमेंट/34 राष्ट्रीय राइफल (मरणोपरांत)

71 . 14925848 नायक एम सरत चन्द्रा सिंघा , इंटेलीजेंस कोर/पूर्वी कमान

72. 2795561 लांस नायक उदय थैकार , 11 मराठा लाइट इन्फैंट्री

73. 2797507 लांस नायक भोयार वियोबा नामदेव , 22 मराठा लाइट इन्फैंट्री

74. 2893557 लास नायक देवी प्रसाद सिंह, 16 राजपूताना राइफल

75 . 3397831 लांस नायक गुरलाल सिंह, 16 सिख रेजिमेंट

76. 4187818 लांस नायक ललित मोहन सिंह रावत , 21 पैराच्यूट रेजिमेंट ( विशेष बल)

77 . 4188008 लांस नायक नन्दन सिंह , कुमाऊं रेजिमेंट/ 13 राष्ट्रीय राइफल

78. 4192415 लांस नायक विक्रम सिंह , 19 कुमाऊं रेजिमेंट

79. 4194520 लांस नायक दिनेश कुमार यादव, 2 पैराच्यूट रेजिमेंट ( विशेष बल)

80. 2694076 सिपाही सोमबीर सिंह , ग्रेनेडियर्स 55 राष्ट्रीय राइफल

81. 2799318 सिपाही राक्शे शशिकांत जगन्नाथ, 7 मराठा लाइट इन्फैंट्री

82. 2802942 सिपाही पोल नितीन सुभाष, 11 मराठा लाइट इन्फैंट्री

83. 3198347 सिपाही राजेश कुमार , 16 जाट रेजिमेंट (मरणोपरांत)

84. 3407982 सिपाही दलजीत सिंह , सिख रेजिमेंट/6 राष्ट्रीय राइफल

85. 3999610 सिपाही मनोज मेहरा , 17 डोगरा रेजिमेंट

86. 4002819 सिपाही नरिन्द्र सिंह, डोगरा रेजिमेंट/ 11 राष्ट्रीय राइफल

87. 4003126 सिपाही भूपिन्द्र सिंह, डोगरा रेजिमेंट 62 राष्ट्रीय राइफल

88. 4282522 सिपाही विकाश कुमार सिंह, 16 बिहार रेजिमेंट

89. 4571173 सिपाही तरसेम सिंह, महार रेजिमेंट/30 राष्ट्रीय राइफल (मरणोपरांत)

90. 10525629 सिपाही अब्दुल हमीद, 153 इन्फैंट्री बटालियन (टीए) डोगरा

91. 12914548 सिपाही अब्दुल हमीद, 156 इन्फैंट्री बटालियन टीए (एच एंड एच)

पंजाब/58 राष्ट्रीय राइफल

92. 12914863 सिपाही कुमरूदीन बेग , 156 इन्फैंट्री बटालियन टीए (एच एंड एच) पंजाब/58 राष्ट्रीय राइफल

93. 14808530 सिपाही बाल मुकुन्दा मिश्रा, 5131 सेना सेवा कोर बटालियन

94. 14826494 सिपाही समीर कुमार पात्रो , सेना सेवा कोर/ 41 राष्ट्रीय राइफल

95. 5005441 राइफलमैन डब्ल्यु रोमेश सिंह , 3 ( एनएच) बटालियन असम राइफल

96. 9108001 राइफलमैन इस्त्याक अहमद, जम्मू एवं कश्मीर लाइट इन्फैंट्री/ 18 राष्ट्रीय राइफल

97. 9108635 राइफलमैन महमूद अहम्मद इट्टू, जम्मू एवं कश्मीर लाइट इन्फैंट्री 33 राष्ट्रीय राइफल 343 भाग I-खण्ड 1 )

भारत का राजपत्र, मई 10, 2008 ( वैशाख 20, 1930)

98. 12964273 राइफलमैन मोहम्मद युसर्फ लोन, 161 इन्फैंट्री बटालियन टीए (एच एंड एच) जम्मू एवं कश्मीर लाइट इन्फैंट्री

99 . जी/144193 राइफलमैन मज्जफर इक़बाल , 14 असम राइफल

100. जी/193982 राइफलमैन जसबीर सिंह , 19 असम राइफल

101. जी/5002845 राइफलमैन बालाजी वाका , 21 असम राइफल

102. जी/5003164 राइफलमैन तांग्बो अबोह, 1 असम राइफल

103. 15342912 सैपर उमा शंकर जोशी, इंजीनियर्स कोर/42 राष्ट्रीय राइफल

104. 15566586 सैपर रामदास , इंजीनियर्स कोर/47 राष्ट्रीय राइफल

105. 15151759 गनर सुरेन्द्र कुमार, तोपखाना रेजिमेंट/306 फील्ड रेजिमेंट

106. 15616792 गार्ड्समैन प्रशांथ एसपी, ब्रिगेड ऑफ दी गार्ड्स 50 राष्ट्रीय राइफल

107. 15479341 सवार चौधरी राजेश कुमार विरसंग भाई , कवचित कोर/53 राष्ट्रीय राइफल (मरणोपरांत)

बरुण मित्रा संयुक्त सचिव

संख्या 33 -प्रेज/2008 - राष्ट्रपति, असाधारण साहसपूर्ण कार्यों के लिए निम्नलिखित कार्मिकों को "नौसेना मेडल/नेवी मेडल " प्रदान करने का अनुमोदन करती हैं: -

1. सर्जन लेफ्टिनेंट कमांडर आई बी उदया ( 75847-बी)

2. लेफ्टिनेंट कमांडर मोहीत गुप्ता (42204-टी)

बरुण मित्रा संयुक्तसचिव

संख्या 34-प्रेज/2008 -राष्ट्रपति, असाधारण साहसपूर्ण कार्यों के लिए निम्नलिखित कार्मिकों को "वायु सेना मेडल एयर फोर्स मेडल " प्रदान करने का अनुमोदन करती हैं: -

1. विंग कमांडर नीलांजन बिस्वास ( 18081 ) उड़ान (पायलट)

2. विंग कमांडर अजय शुक्ला ( 18793 ) उड़ान (पायलट)

3. फ्लाइट लेफ्टिनेंट अमित शर्मा (26715 ) उड़ान (पायलट) (मरणोपरांत)

बरुण मित्रा संयुक्त सचिव 344

भारत का राजपत्र, मई 10, 2008 (वैशाख 20, 1930 )

[ भाग -खण्ड । संख्या 25 -प्रेज/2008- राष्ट्रपति, असाधारण कर्तव्यपरायणता के लिए निम्नलिखित कार्मिकों का "सेना मेडल/ आर्मी मेडल का बार " प्रदान करने का अनुमोदन करत्तो हैं: -

1. आईसी-44270 कर्नल प्रशांत सरजिराओ निकम, सेमे, राजपूताना राइफल्स 2. आईसी-44729 कर्नल प्रमवीर सिंह शहरावत, सम. ब्रिगेड आफ दी गार्डस 21 राष्ट्रीय राइफल्स

3 . आईसी-47298 कर्नल रविन्द्र सिंह, सेमे, सिख रेजिमेंट. 45 असम राइफल्स 4. आईसी-48102 कर्नल दीपक बक्शी , सेमे, 2 पैराच्यूट रेजिमेंट (विशेष बला

बरुण मित्रा

संयुक्तसचिव संख्या 36 -प्रेज, 2008 - राष्ट्रर्यात , असाधारण कर्त्तव्यपरायणता के लिए निम्नलिखित कार्मिकों क "सेना मेडल/ आर्मी मेडल " प्रदान करने का अनुमोदन करती हैं: -

आईसी-30021 ब्रिडियर ओम प्रसाद गुरुंग, विसम्म महार रेजिमेंट हाई उल्टीट्यूड बेलफेयर स्कूल

2. आईसी-30322 ब्रिगेडियर येोगीना विष्णु मोहन, विसंम् इलेक्ट्रानिक्स मकेनिकल इंजीनियरिंग कोर । ईएमई सेंटर

3. आईसी-39367 कर्नल राजीव कंवर 4 गोरखा राइफल्पः असम राइफल्म 4. उगईसी-43129 कर्नल महेन्द्रा भटटनागर , 13 गढ़वाल राइफल्स

5. आईसी-43343 कर्नल राजीव कुमार , 4 सिख लाइट इन्फंट्रो

आाइसी-43776 कर्नल अनिल कुमार रोहिल्ला, 5 जाट राजमंड

काईसी-41869 कर्नल प्रदीप कौल, तोपखाना रेजिमेंट 172 फोल्ड जिमंट 8. आईसी-44363 कर्नल बुबंश कुमार एस, 6 राजपूत राजमंट

با आइसी-45126 कर्नल नरेन्द्र कुमार, मद्रास रेजिमेंट 38 राष्ट्रीय राइफल्स 10. आईसी-46040 कर्नल नरेन्द्र सिंह पाल गढ़वाल राइफल्सः राष्ट्रीय राइफल्स

11 आईसी-47053 कर्नल मोहन सिंह शेखावत, कुमाऊ रेजिमेंट/ 50 राष्ट्रोन राइफल्स

आईसी-47271 कर्नल हरजिन्द्र सिंह, 22 मराठा लाङट इंफंट्री

12 आईसी-47592 कर्नल स्टोव मुजफ्फर इस्माइल. 2.1 गोरखा राइफल्स

आइसी-47646 कर्नल गुलजीत सिंह जामवाल 11 सिम्बु लाइट इन्फैंटी

15. आईसी-47810 कर्नल हरजिन्द्र सिंह, जाट रेजिमेंट- राष्ट्रीय राइफल्स

आईसी-48120 कर्नल विरेन्द्र बन्स. 19 कुमांऊ रेजिमेंट

17 आईसी-48122 कर्नल विग्नेश महान्ती । इंजीनियर राजमद

आईसी-18137 कर्नल प्रमीत सक्सेना 11 गोरखा राइफल्स

आईसी-48231 कर्नल विनय खोसला 6 जम्मू एड करनीर लाइट उंफंटो गईसो-48389 कर्नल साही हरजीत सिंह. 23 राजपूत राजमेंट भाग -खण्ड । ]

345

भारत का राजपत्र , मई 10, 2008 ( वैशाख 20, 1930)

21. आईसी-48747 कर्नल रवि कुमार राधाकृष्णन, तोपखाना रेजिमेंट/ 174 फील्ड रेजिमेंट

22. आईसी-49181 कर्नल जगदीप सिंह बुधवार, 15 जम्मू एंड कश्मीर लाइट इन्फैंट्री

23 . आईसी -51477 लेफ्टिनेंट कर्नल अमोद चड्ढा, इंजीनियर्स कोर

24. आईसी-58430 मेजर अमित सोनी, 8 जम्मू एंड कश्मीर लाइट इन्फैंट्री

25. उसएस -40061 कप्तान धरमजोत सिंह, 7 मराठा लाइट इन्फैंट्री

26. जेसी-458678 सूबेदार खण्डाग्ले मारूति नारायण, 3 मराठा लाइट इन्फैंट्री

27. जेसी-593069 सूबेदार मोहम्मद इलयास , 3 जम्मू एवं कश्मीर लाइट इन्फैंट्री 28. 2786700 हवलदार जगताप नंदकुमार निवरूती, 4 मराठा लाइट इन्फैंट्री

29. 2792006 हवलदार दयानंद धाली, 4 मराठा लाइट इन्फैंट्री

30 . 3620565 हवलदार खेम चंद, 6 पेराच्यूट रेजिमेंट

31. 3996293 हवलदार बलवंत सिंह नेगी, डोगरा रेजिमेंट, डोगरा स्काउट्स

32. 4078244 हवलदार तेजपाल सिंह, 4 गढ़वाल राइफल्स

33. 4081292 हवलदार अमर देव भट्ट, 15 गढ़वाल राइफल्स

34. 5346967 हवलदार मिन्गमार गुरूंग, 5/4 गोरखा राफल्स

35. 9923939 हवलदार छौरिंग अंगचूक, 2 लद्दाख स्काउट्स

36. 4073889 लांस हवलदार राम बहादुर मल, 13 गढ़वाल राइफल्स

37. 15328580 लांस नायक के सिवाजी राब , 4 इंजीनियर रेजिमेंट ( मरणोपरांत ) 38. 2799019 सिपाही पाटिल सचिन रावसाहेब. 5 मराठा लाइट इन्फैंट्री

बरुणमित्रा संयुक्त सचिव

संख्या 37- प्रेज/ 2008 - राष्ट्रपति, असाधारण कत्र्तव्यपरायणता के लिए निम्नलिखित कार्मिकों को " नौसेना मेडल/नेवी मेडल" प्रदान करने का अनुमोदन करती हैं:-

1 . कमोडोर सुधाकर तुरूमल्ला (60301 -वाई)

2. कमोडोर सुजीत समाददार (02164-टी)

3. कातान बलविन्दर सिंह परहार (02253 - डब्ल्यू)

4 कप्तान दलबीर सिंह सोढ़ी (50826- एन)

5. एक्टिंग कप्तान बालाकृष्णन सुनील ( 03098-आर )

6. कमांडर बालचन्द्रन अय्यप्पन नायर (41196-ए)

कमांडर कुलदीपक मित्तल ( 03193 -एफ)

8. कमांडर असिम कुमार माझी (03188 - डब्ल्यू)

9. कमांडर विक्रम बख्शी ( 03458 - एच)

10. बी. एन. भूषण, पीओआर (टेल) ( 174266-के)

बरुण मित्रा संयुक्तसचिव 346

भारत का राजपत्र , मई 10 , 2008 ( वैशाख 20, 1930)

[भाग 1-खण्ड । संख्या 38 - प्रजः 2008 - राष्ट्रपति, असाधारण कर्तव्यपरायणता के लिए निम्नलिखित कार्मिक की "वायुसेना मेडल एयर फोर्स मेडल" प्रदान करने का अनुमोदन करनी हैः-

1. एयर कमोडोर गुरिन्द्र पाल सिंह ( 15417) उड़ान ( पायलट)

2. ग्रुप कप्तान रजत शर्मा ( 17008 ) उड़ान (पायलट)

3. बिंग कमांडर ललित कुमार चावला ( 19871 ) उड़ान पायलट)

4 बिंग कमांडर नर्मदेश्वर तिवारी ( 18270) उड़ान ( पायलटः

5. विंग कमांडर नगेश कपूर ( 18557 ) उड़ान (पायलट)

6. विंग कमांडर अवधेश कुमार भारती (18781 ) उड़ान (पायलट)

विंग कमांडर अमन नौटियाल ( 18789 ) उड़ान (पायलट)

विंग कम्गंडर केनेथ ऐलेन (18805 ) उड़ान (पायलट)

विंग कमांडर राजीव रंजन ( 18810 ) उड़ान (पायलट)

10. विंग कमांडर केएस सुरेश कुमार ( 18822 ) उड़ान (पायलट )

11. विंग कमांडर सुनील काशीनाथ विधाते ( 18825 ) उड़ान (पायलट)

に विंग कमांडर शैलेन्द्र शर्मा ( 19189 ) उड़ान ( पायलट)

13. बिंग क्रमांडर दीप राज सिरोही ( 19517 ) उड़ान ( पायलट)

विंग कमांडर इन्द्रपाल सिंह वालिया ( 19518 ) उड़ान ( पावन्नट)

15. विंग कमांडर ऑमताभ राजा शिन्दे ( 19904 ) उड़ान (पायलट)

विंग कमांडर संदीप वंसल (20438 ) उड़ान (पायलट)

बरुण मित्रा संयुक्तसचिव

संख्या 19 - अंज/2008 -राष्ट्रपति, रक्षा मंत्री द्वारा 'सेनाध्यक्ष' की ओर से प्राप्त मेंशन इ डिस्पैचिज' के लिए निम्नलिखित अफसरों कार्मिकों के नाम भारत के राजपत्र में प्रकाशनाय आदेश करती हैं: -

ऑपरेशन हिफाजत

1. आईसी-55823 मंजर विशाल गुरुंग, कर्वाचत कोर ? असम राइफल

2. आईसी-61019 मेजर अतुल कुमार शर्मा, ।। गोरखा राइफल, १४ अ राइफल

3 . आईसी-67374 कैप्टन पद्येश द्विवंद्री . 51 इंजीनियर राजमंट

i 1483312 हवलदार नरेश कुमार पाल, 51 इंजीनियर रेजिमेंट

43252 लांस नायक रैनाई हांगखावल, 51 इंजोंनियर राजमंट

जी 84553 राइफलमैन वाई ओकेन्द्रा सिंह. 18 असम राङकन्न

: 5130552 सेपर राजेन्द्र कुमार. 51 इंजीनियर रेजिमेंट

1534 174 सैपर अवधेश कुमार , 51 इंजीनियर रेजिमेंट

347 भाग । खण्ड 1 ]

भारत का राजपत्र , मई 10, 2008 ( वैशाख 20, 1930)

ऑपरेशन आर्चिड

9. आईसी-62395 मेजर सिद्धार्थ शर्मा, इंजीनियर्स , 37 असम राइफल

ऑपरेशन राइनो

10. आईसी-51359 लेफ्टिनेंट कर्नल गुरविंदर हजूरिया, तोपखाना, 217 मीडियम रेजिमेंट

आईसी-54395 मेजर मोहित नारंग , इंटेलीजेंस, 2/5 डीईटी ईसीएलयू 11 .

12. आईसी-56200 मेजर रोहित कुमार शर्मा, इंटेलीजेंस , 4 कोर इंट. एंड एफएस कंपनी

13 आईसी-57157 मेजर सुंदर बिष्ट, इंटेलीजेंस, 4 कोर इंट, एंड एफएस कंपनी 14 . एसएस-38706 मेजर अमन शर्मा, 6 जम्मू-कश्मीर राइफल

15. एसएस-41340 लेफ्टिनेंट महाजन अनूप अमोल, तोपखाना, 174 फील्ड रेजिमेंट

16. 13688163 हवलदार इंद्रजीत, 11 गार्ड्स

17. 3995505 नायक दिनेश कुमार, 16 डोगरा रेजिमेंट

18. 5045624 नायक लेश बहादुर गुरुंग, 2/1 गोरखा राइफल

.19 13757385 नायक मोहन लाल, ।। जम्मू- कश्मीर राइफल

20. 137581009 नायक विपनेश सिंह, 11 जम्मू- कश्मीर राइफल

21. 13759869 नायक विजय कुमार, 6 जम्मू-कश्मीर राइफल

22. 5046408 लांस नायक श्याम गुरुंग, 2/1 गोरखा राइफल

23. 14703476 लांस नायक सुरेश चन्द्रा, । नागा रेजिमेंट

24. 3192405 सिपाही उदय सिंह, 21 जाट रेजिमेंट

25. 3143224 सिपाही सुरेन्द्र कुमार , 21 जाट रेजिमेंट

26. 3999658 सिपाही सिकन्दर लाल, 16 डोगरा रेजिमेंट

27. 4199061 सिपाही देवेन्द्र बोहरा, 19 कुमाऊ रेजिमेंट

28. 9423110 राइफलमैन अशोक राय, 7:11 गोरखा राइफल

बरुण मित्रा

संयुक्तसचिव

:

8-51 GR3008 348

[भाग ।-खण्ड ।

भारत का राजपत्र , मई 10, 2008 ( वैशाख 20, 1930 )

गृह मंत्रालय

(राजभाषा विभाग )

नई दिल्ली, दिनांक 22 अप्रैल 2008

संकल्प

13015.1

सं, 21034/ 18/2008-रा.भा. (प्रशि. ) संसदीय राजभाषा समि सिफारिशों के संबंध में राष्ट्रपति के अन्देश राजभाषा अधिनियम, 1963 कथा सं (4) के अंतर्गत इस विभाग के दिनांक 4 नवबर, 1991 के संकल्प संख्या द्वारा सूचित किए गए थे। उस संकल्प के पैरा-5 के तहत दिए गए आदेश संकल्प सं . 14034/17/ 2005- रा ० भा० (प्रशि० ) दिनांक 16 नवंबर, 2005 के रु कि सभी क्षेत्रों (अर्थात "क "," ख " एवं "ग " ) में स्थित कार्यालयों के क 2008 के अंत तक पूरा कर लिया जाए।

2. उक्त संकल्प में पुनः आंशिक संशोधन करते हुए राष्ट्रपति ने आ क्षेत्रों (अर्थात 'क',' ख ' एवं 'ग " में स्थित कार्यालयों के कर्मचारियों को किया 2015 के अंत तक पूरा कर लिया जाए ।

आदेश

आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की एक प्रति भारत सरकारक राज्य सरकारों तथा सभी संघ शासित क्षेत्रों, राष्ट्रपत्ति सचिवालय उप - राष्ट्रपकांच तचिवालय राज्यसभा सचिवालय, मंत्रिमंडल सचिवालय , प्रधानमंत्री का योजना आयोग, भारत के नियंत्रक तथा महालेखा परीक्षक, भारत के उच्चतम न् दिश्दैविधालय अनुदान आयोग , भति का विधि आयोग तथा कार 서 यह भी आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प को सार्वजनिक सूचना राजपत्र में प्रकाशित किया जाए ।

पी. वी वल्सला जी . कुट्टी संयुक्तसचिव भाग [-खण्ड ।।

भारत का राजपत्र, मई 10, 2008 ( वैशाख 20, 1930)

349

शहरी विकास मंत्रालय

नई दिल्ली-110011 , दिनांक 21 अप्रैल 2008

सं० ई-11015/1/99-हिन्दी

शहरी विकास मंत्रालय , तथा आवास और शहरी गरीबी उपशमन मंत्रालय के लिए संयुक्त हिन्दी सलाहकार समिति के गठन संबंधी दिनांक 19 मई, 2005 के इस मंत्रालय के सम संख्यक संकल्प में आंशिक संशोधन करते हुए भारत सरकार ने संयुक्त हिन्दी सलाहकार समिति के कार्यकाल को, जो 18 मई, 2008 को समाप्त हो रहा है, एक और वर्ष अर्थात 18 मई, 2009 तक बढ़ाने का निर्णय लिया है । अतः उक्त समिति के कार्यकाल से संबंधित उक्त संकल्प के अनुच्छेद- IV में तदनुसार संशोधन किया जाता है ।

अन्य शर्तें वही रहेंगी ।

आदेश

आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति सभी राज्य सरकारों/ संघ राज्य क्षेत्र प्रशासनों, राष्ट्रपति सचिवालय, प्रधानमंत्री कार्यालय, मंत्रिमंडल सचिवालय, योजना आयोग , भारत के नियंत्रक और महालेखा परीक्षक, लोक सभा सचिवालय, राज्य सभा सचिवालय, संसदीय राजभाषा समिति, भारत सरकार के सभी मंत्रालयों तथा विभागों को भेजी जाए ।

यह भी आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प को सर्वसाधारण की जानकारी के लिए भारत के राजपत्र में प्रकाशित किया जाए ।

ए. के. मेहता संयुक्तसचिव 350

THE GAZETTE OF INDIA , MAY 10, 2008 (VAISAKHA 20, 1930 )

[PART1-SEC . 1

PRESIDENT'S SECRETARIAT

New Delhi , the 26th January 2008

No. 24- Pres /2008 - The President is pleased to approve the award of the " Kirti Chakra" to the under mentioned persons for the acts of conspicuous gallantry: - 1.

SS- 39785 MAJOR SUBHASH CHAND PUNIA 21 PARACHUTE REGIMENT ( SPECIAL FORCES )

[Effective date of the award: 04 May, 2007 | Major SC Punia was in command of an Assault Troop , tasked to act as assault group along the Indo - Myanmar border in Manipur .

On 01 May 2007 , the team after an enduring march over 24 hours in extremely difficult terrain reached the designated area and occupied their positions . At 04.30h, surveillance squad confirmed presence of 09-10 terrorists in the village . At the given signal the support group opened fire . On cessation of fire assault, the assault group under Major Punia advanced to clear the village. when it came under heavy fire from the terrorists , who had by now taken positions in the trenches dug by them around the camp.

Undaunted by hostile fire Major Punia moved forward and neutralized one terrorist at close quarter . While maneuvering towards the second trench , Major Punia and bis buddy came under intense fire . Unfazed by the flying bullets he shot the second terrorist and moved ahead . The third terrorist who was hiding behind a house opened fire on his squad which was following . Seeing his party in a tight spot , unmindful of his personal safety Major Punia and his buddy exposed themselves to terrorist fire and killed one more terrorist and injured another.

Major Subhash Chand Punia displayed conspicuous valor, raw courage , tactical acuinen , presence of mind and exceptional close quarter combat skilis while fighting the terrorists.

2.

IC - 58609 MAJOR SHATRUJEET KOTWAL JAT REGIMENT/ 34 RASHTRIYA RIFLES

[Effective date of the award : 18 June , 20071 On 18 June 2007 , Major Shatrujeet Kotwal , was informed that a dreaded terrorist had escaped along with heavily armed terrorists in general area in Budgam district (J &K) 351 THE GAZETTE OF INDIA, MAY 10 , 2008 ( VAISAKHA 20, 1930)

PART I-SEC. 1 ]

The officer with his Small Team while in pursuit entered a deep Nala . During search and while plugging escape routes , terrorists retaliated with heavy indiscriminate fire including fire of UBGL and Chinese Grenades . Sensing the gravity of situation , the officer with utter disregard to his own safety , closed in with terrorists . He was present at every critical point of time and his cool demeanor ensured a constant contact with fleeing terrorists . Lobbing Grenades and engaging terrorist with accurate fire he killed two terrorists in a daring act . However, third terrorist , tried to escape under cover of heavy fire . Showing a lion's heart , Major Shatrujeet Kotwal putting his own life at a grave risk spontaneously accosted him and shot him dead at close quarters .

Major Shatrujeet Kotwal displayed high degree of professional competence, tactical acumen, personal example of leadership and conspicuous gallantry in fighting the terrorists .

3. IC- 58793 MAJOR KUMANDUR PRABHAKAR VINAY REGIMENT OF ARTILLERY/ 34 RASHTRIYA RIFLES POSTHUMOUS)

[Effective date of the award: 02 October, 2007 ) On 02 October , 2007 at 0830 hours Major KP Vinay volunteered to lead Ghatak Platoon to a village in Baramulla district (J & K) where encounter had commenced . Target area consisted of cluster of houses on raised ground surrounded by maize fields and forests interspersed with nallahs .

At encounter site he was informed of a young girl and lady being taken hostage by terrorists . Realising sensitivity of situation Major Vinay , leading from front, crawled towards suspected house. As he neared the house three terrorists rushed out firing and lobbing grenades in a bid to escape into maize fields . Displaying raw courage Major Vinay stood his ground in the face of heavy odds and engaged the terrorists in close quarter battle killing two of them on the spot and forcing the third to retreat to house . During this exchange of fire , terrorists hiding in an adjacent house opened fire on Major Vinay . He immediately moved to deal with them but was hit by burst of bullets on his face and eyes and made the supreme sacrifice .

Major KP Vinay's act of conspicuous bravery and valor coupled with exemplary leadership qualities and professional acumen set the platform for successful conduct of operation .

9-51 G2 352

[PARI J-SEC . 1 THE GAZETTE OF INDIA, MAY 10. 2008 ( VAISAKHA 20, 1930 )

4.

3193199 SEPΟΥ SURESH

16 JAT REGIMENT ( POSTHUMOUS )

[Effective date of the award : 06 October , 20071 Sepoy Suresh was member of a team carrying out search in a forested area in extremely rugged terrain in Kupwara district , J& K . During the search , team of Sepoy Suresh came under heavy automatic fire from a group of terrorists . He retaliated the fire ferociously , pinning down the terrorists . In the ensuing fire fight, Sepoy Suresh suffered gun shot wound in his thigh . Unmindful of his injuries he held his ground and continued bringing down fire on the terrorists , while at the same time manouvering with stealth . Demonstrating raw courage and utter disregard to his personal safety he engaged and shot dead two terrorists at very close range .

He then saw his officer being hit by a bullet . Sensing the threat to his comrades , in a daredevil act , Sepoy Suresh charged at the terrorists . In very close quarter battle , he delivered an accurate volley of bullets , eliminating a third terrorist on the spot . In the process Sepoy Suresh sustained grievous injuries . Bleeding profusely, he continued to fire at the remaining terrorists till he succumbed to his injuries .

Sepoy Suresh displayed conspicuous bravery besides camaraderie and made the supreme sacrifice in eliminating hardcore terrorists .

BARUN MITRA

Jt. Secy.

353 PART I-SEC. 1 ]

THE GAZETTE OF INDIA, MAY 10 , 2008 ( VAISAKHA 20, 1930)

No. 25-Pres/2008 The President is pleased to approve the award of the "Shaurya Chakra " to the undermentioned persons for the acts of gallantry: - 1 . IC - 62851 MAJOR ANSHUL SHUKLA JAT REGIMENT / 24 ASSAM RIFLES

[Effective date of the award: 24 December , 2006 ] On 24 December 2006 based on specific information the Ghataks under Major Anshul Shukla laid an Ambush in General Area South of a village in Manipur . At approximately 1500h two terrorists were observed crossing the International Border. On being challenged the terrorists broughtdown effective fire on the Ambush party and started running towards International Border in a bid to escape.

Major Anshul Shukla immediately took command of the situation and with utter disregard to his own safety, he alongwith his buddy ran forward from a flank to cut off the escape route of the terrorists . On finding their escape route having been blocked , the terrorists took position behind a rock and continued bringing down effective fire on Major Anshul Shukla and his buddy.

Major Anshul Shukla displayed undaunting courage and determination in the face of sustained and effective hostile fire .

2. SQUADRON LEADER SHANTANU BASU ( 22947) FLYING ( PILOT ) ( POSTHUMOUS )

[Effective date of the award: 11 April , 2007 ] On 11 April 2007 , Squadron Leader Shantanu Basu was detailed for an air logistics support sortie to Amar helipad located on the Siachen Glacier , as the leader in a two aircraft formation . Flying over this vast frozen ice mass entails flying in the extremes of climatic conditions over exceedingly inhospitable terrain.

The sortie was uneventful till final approach . On short finals , an overshoot had to be initiated as tail winds were encountered. The helicopter experienced a sudden loss of power and height after crossing the helipad. Sqn Ldr Basu maintained his cool in this unusual emergency and handled the situation in a competent manner displaying a high degree of professionalism . He asked his co- pilot to keep a close check on the engine parameters and initially tried to recover the aircraft by reducing the power demand smoothly . The engine jet pipe 354

THE GAZETTE OF INDIA, MAY 10, 2006 ( VAISAKHA 20, 1930)

[PART 1- SE !

temperature ( JPT) also shot up . Unfortunately , the JPT failed to respond to the emergency actions by the pilot and the aircraft continued to lose height . He therefore took the highly courageous decision of attempting to force land across the Actual Ground Position Line . However , due to the absence of a suitable force landing field in the harsh , snow bound and sloping terrain , the helicopter crashed, giving no chance of survival to the crew.

Squadron Leader Shantanu Basu displayed exceptional courage and gallantry in the face of imminent death in dangerous circumstances beyond the call ofduty.

3. "

IC- 61523 MAJOR RAJESH KUMAR SINGH DOGRA REGIMENT/ 11 RASHTRIYA RIFLES

[Effective date of the award: 12 April , 2007 ] On own source confirming presence of terrorist in an area in Doda district, J& K, a small team under Major Rajesh Kumar Singh inducted into target area and occupied a covert observation post by 0100 hours on 12 Apr 07 maintaining complete secrecy . Thereafter he observed 7-8 terrorists gradually congregate at the area . He readjusted stops to cut off all escape routes . Then with perfect timing opened accurate fire of 84 MM RL, LMG and AK - 47 . During the intense encounter he himself killed three terrorists . Through out he maintained effective command and control. Two more terrorists were killed by the fire of second 84 MM RL round . The officer further undertook search wherein three terrorist recruits were apprehended.

Major Rajesh Kumar Singh displayed daring leadership , killer instinct and conspicuous gallantry in tighting the terrorists .

4.

2488248 ΝΑΙK RAJAN SINGH

28 PUNJAB REGIMENT

[Effective date of the award: 12 April , 2007 ] Naik Rajan Singh was traveling in a Coach of the Hatia- Delhi - Jhukhand Swarnyajayanti Express on 12 Apr 2007. At 2000 hours when the train was between Latehar and Daltonganj , around 10 decoits entered coach number S - 1 and started looting passengers . Naik Rajan Singh overpowered the decoit who reach his coach . However , another decoit who follwed the first, took out his pistol and aimed at Naik Rajan Singh's head. While not releasing the first decoit , Nk Rajan Singh kicked his accomplice . Taken aback by this dare-devilry .

355 PART 1- SEC. 1 ]

THE GAZETTE OF INDIA , MAY 10, 2008 ( VAISAKHA 20, 1930)

the decoit fired at right thigh of Naik Rajan Singh . However his audacity unnerved the decoits . They pulled the chain , got their accomplice released from and jumped out of the slowing train . The train was stopped at Daltonganj and the individual was attended to medically.

Naik Rajan Singh displayed cool temperament , grit determination and presence of mind under moral danger while fighting the decoits .

5.

IC - 57921 MAJOR BRIJ KISHORE DHOUNDIYAL ARMY SERVICE CORPS / 10 RASHTRIYA RIFLES

[Effective date of the award: 28 April , 20071 On 28 April 2007 , based on specific intelligence about presence of three terrorists in general area in Doda district , J & K, Major Brij Kishore Dhoundiyal deliberately launched an operation, adopting the most difficult approach route , through extremely rugged mountainous terrain .

At approx 0700 hours , one of the terrorists spotted Major Dhoundiyal as he was leading the column and opened heavy volume of fire with automatic weapon alongwith two other terrorists . With complete disregard for his personal safety, the officer displaying presence of mind and tactical acumen closed on further to target area under cover and silenced two terrorists. During this action , the officer observed one of the terrorists fleeing away, firing over his shoulders . The officer, unmindful of his safety, chased the terrorist over a distance of 500 meters and killed him in close combat .

Major Brij Kishore Dhoundiyal displayed conspicuous courage, determination and valiant leadership in the operation against terrorists.

6.

4280474 SEPΟΥ JUGULU SABAR

BIHAR REGIMENT/ 47 RASHTRIYA RIFLES

[Effective date of the award: 29 April , 2007 ] On 29 April 2007 , Sepoy Jugulu Sabar was part of a search and destroy operation in the forest of Kupwara district, J&K.

As the search progressed two terrorists suddenly came out charging from thick undergrowth spraying bullets and throwing grenades . Sepoy Jugułu Sabar was part of the team which came in the direct firing line of the terrorists. Sensing the grave danger to which own troops were exposed Sepoy Jugulu Sabar asked 10-51 G1/2008 356

THE GAZETTE OF INDIA . MAY 10 , 2008 ( VAISAKHA 20, 1930)

[ PARTI- SEC 1 his comrades to take cover while he engaged the terrorists single handedly . Wit unter disregard to his personal safety he started crawling towards the twoons engaging them by repeatedly exposing himself . Unmindful of the grave danger in himself he closed in with the terrorists and charged through the hall of fire and shot One terrorist . The second terrorist started running and ring indiscriminately . Displaying exemplary courage under fire Sepoy Jugulu Sabir out flanked the fleeing terrorist and killed him in a valiant fierce close comb thus ensuring the safety of his colleagues .

Sepoy Jugutu Sabar displayed exceptional gallantry , veiflessness and unparallel camaraderie with utter disregard to personal safety in the wave of terrorist fire .

7 . 15615322 GUARDSMAN AJESH MA BRIGADE OF THE GUARDS /21 RASHTRIYA RIFLES ( POSTHUMOUS

[Effective date of the award : 08 May . 2007 , Guardsman Ajesh MA was part of a Specific Scarch Operation Laur ол 08 May 2007 at 1600 hours in a general area in the state of Jamane a Kashmir. While the quick reaction team of the Commanding Officer approaching suspect area, Guardsman Ajesh MA who was Commandir , Officer's ouddy reacted swiftly to cordon suspected house .At approximate 1630 hours , contact was established and heavy fire fight ensued. Guards Ajesh MA displayed excellent field craft, battle craft and closed on to e suspected house . Sensing danger to the lives of his comrades inciding Commanding Officer who was pinned down by intense fire . Guardsman MA with unter disregard to personal safety charged on the terrorists , un them by sudden assault . Though grievously wounded this valiant s climinated two hard core terrorists single handedly before laying down his life in the highest traditions of the Indian Army .

Guardsman Ajesh MA displayed superb alertness . indomitable durg excellent marksman qualities and saved lives of his comrades by elimina.cn two narkare fureign terrorists .

JC - 520065 NAIB SUBEDAR KHEM SINGH DOGRA REGIMENT/ 62 RASHTRIYA RIFLES

[Effective date of the award: 22 Mar

:. Naio Subedar Khom Singh while leading his search party ir a Jammu & Kashmir displayed indomitable courage and alenness , in etwaintains ane areaded foreign terrorist . The second terrorist hiding in Attic of this award PART I-SEC . ]

357 THE GAZETTE OF INDIA, MAY 10 , 2008 ( VAISAKHA 20 , 1930)

started heavy indiscriminate firing . Naib Subedar Khem Singh undeterred of terrorist fire brought immediate fire on terrorist . He further lobbed two grenades on roof of the cowshed. The injured terrorist kept on firing on Naib Subedar Khem Singh's party . Naib Subedar Khem Singh with disregard to his personal safety took light machine gun and moved to a gap and engaged the terrorist till he was eliminated .

Naib Subedar Khem Singh displayed qualities of extraordinary initiative , foresight and raw courage while fighting the terrorists .

9.

GS - 161011X SRIKUMAR R , SUPERINTENDENT BUILDING/ ROADS GRADE - II ( POSTHUMOUS)

[Effective date of the award: 25 May , 2007) Supdt Building Roads Grade- 2 Srikumar R was deployed on Kimın- Zire road in Arunachal Pradesh for maintenance and improvement work . On 25 May 2007 due to incessant rains a huge slide at Km 42.00 on Kimin - Ziro road plocked the traffic . He immediately took the action with his fellow worker and cleared the slide . While the work was going on to fully clear the slide , he heard a roaring noise . He saw many big boulders coming from the up hill . Quite a few. labourers were working on the slide . He raised alarm to every body to run away from slide area . He also started pushing labourers away from the danger area , completely disregarding his own safety . He pushed 6 persons away from danger zone. During the course of saving his fellowmen , one big boulder hit his leg and ether body parts and crushed his legs .

He was immediately evacuated to nearest Hospital. Despite the best efforts , his life could not be saved due to multiple injuries.

SUPERINTENDENT BUILDINGS/ROADS GRADE - II . SRIKUMAR R, thus displayed exceptional courage, conspicuous bravery , presence of mind and devotion to duty with utter disregard to his personal safety and save 6 lives in the face of extreme danger .

10. 4181600 HAVILDAR BULLA RAM , 7 KUMAON REGIMENT

[Effective date of the award: 29 May 2007 ) Havildar Buila Ram was the commander of ghatak team positioned in Poonch district , J & K. On 29 May 07 at 2130 hours a group of heavily armců terrorists surrounded the posts on the Line of Control fence with the aim of infiltrating a party into Mendhar.

[PART I-SEC. 1 358

THE GAZETTE OF INDIA , MAY 10, 2008 ( VAISAKIHA 20, 1930 )

Havildar Bulla Ram placed five stops of his ghatak team to block the routes of the terrorists . Despite the heavy firing, he moved forward alone and found three terrorists running directly towards him . With utter disregard personal safety, Havildar Bulla Ram shot dead the first terrorist at a close range of three metres . Displaying nerves of steel he killed the second terrorist also a close range . He managed to injure the third terrorist before the ammunition in his magazine finished . The third terrorist was subsequently killed by the stops.

Havildar Bulla Ram displayed exemplary leadership , raw courage and grit determination in - fighting the terrorists .

11. WING COMMANDER ANIL KUMAR ( 20742 ) FLYING ( PILOT)

and

12. WING COMMANDER RAHUL MONGA ( 20768 ) FLYING ( PILOT

[Effective date of the award : ( 11 June, 2007;

Wing Commander Anil Kumar and Wing Commander Rahul Monga Wen ictailed as crew of an LAF microlight aircraft for proceeding on a "Round -ine- world " expedition from 01 June 2007 to 19 August 2007. The expedition flew.. 40,529 Km , landed at 85 destinations in 19 countries and created a new world record of circumnavigating the world in 80 days , battering the previces wada record of 99 days . The mission was flown in a single engine unpresserisco aircraft weighing less than 300 Kg, without any redundancy features

Both the officers faced adverse weather , unfamiliar operating environmen . and harsh terrain ranging from sub- zero Arcticto scorching deserts and cropical rainforests knowing fully well that survival in case of any eventuality would have been extremely challenging . In these harsh conditions both the officers tor only displayed exceptional courage but also professionalism and airmanship an extremely high order . Inspite of facing severe weather and life threatening technical malfunctions in the small aircraft they continued steadfast in his task despite the risk to their lives, with the aim of bringing glory to the nation and to the IAF.

Wing Commander Anil Kumar and Wing Commander Rahu . Monga thu displayed boroughbred soldierly attitude , and conspicuous gallan ry in the face of highly challenging task.

359 PART I SEC. 11

THE GAZETTE OF INDIA, MAY 10, 2008 ( VAISAKHA 20, 1930)

13.

9421906 LANCE NAIK NARBU SHERPA

3/11 GORKHA RIFLES

[Effective date of the award : 04 June , 2007) On 04 June 2007 Lance Naik Narbu Sherpa was part of an ambush placed in an area in Rajouri district , (J&K) to intercept fleeing terrorists who had earlier fired on patrol base near forward defended locality . Lance Naik Sherpa observed terrorists closing onto him . He let the terrorists come close upto 10 meters and then opened heavy volume of fire killing one terrorist on the spot . Thereafter , the other terrorists fired at him indiscriminately and he was hurled back with the impact and his Light Machine Gun got damaged . Regaining his composure he moved stealthily to a better firing position and in an act of raw courage and unparalleled offensive spirit, charged forward and engaged the second terrorist at point blank range thereby killing the second terrorist.

Lance Naik Narbu Sherpa displayed exemplary field craft and exhibited gallantry of the highest order which led to elimination of two terrorists.

14.

IC - 65199 MAJOR ISHWAR SINGH DAHIYA REGIMENT OF ARTILLERY / 14 ASSAM RIFLES

[Effective date of the award: 12 June , 20071 Based on inputs of extortion being carried out by undergrounds in general area IT Road in Senapati district, Manipur, two columns were launched under Major Ishwar Singh Dahiya from a post in the Eastern Sector. On approaching village Gelnel , Major Dahiya identified presence of 04-05 armed cadres in the village. On being identified, the cadres fled and took cover inside the village . He deployed troops tactically to cordon the area and asked the cadres to surrender . The cadres retaliated with indiscriminate fire from a close by house .

After making an assessment of the situation , Major Dahiya, displaying raw courage and entered the house neutralizing one underground . He was then shot in the neck by the second underground who was hiding behind the door . Despite being grievously injured Major Ishwar Singh Dahiya neutralized the second militant also and thereafter continued to supervise smooth conduct of the operation which led to the neutralizing of two more armed undergrounds.

Major Ishwar Singh Dahiya displayed raw courage , leading by personai example in a daring act beyond the call of duty and neutralized four hardcore armed undergrounds alongwith arms and ammunition.

360

THE GAZETTE OF INDIA , MAY 10 , 2008 ( VAISAKHA 20, 1930 )

[PART 1- SEC . 1 15. 12974149 RIFLEMAN ABDUL HAMID CHARA , 162 INFANTRY BATTALION ΤΑ ( H & H) JAK LI /18 RASHTRIYA RIFLES ( POSTHUMOUS )

[ Effective date of the award: 12 June , 2007 ) On 12 June 07, Rifleman Abdul Hamid Chara tasked as part of stop in search and destroy operation in general area in Kupwara district , J & K . A 1330 hours , Rifleman Abdul Hamid Chara observed two terrorists attempting to flee target area . He allowed terrorists to come within live meters , noticed terronsis carrying Thurraya satellite telephone . He realized importance of the terrorist , informed his platoon commander on radio set and crawled under dense undergrowth to cut off escape route . Terrorists spotted Rifleman Abdul sfamid Chara , brought down heavy rocket , grenade , small arms fire on him and bis buddy. Rifleman Abdul Hamid Chara received multiple gur shot'splinter injuries . In spite of serious injuries , he continued to bring down accurate fire ane crawled downhill to cover dead ground and killed one terrorist who was in- charge coordination of all terrorists ' activities . He finally laid down his life fer The nation in the operation.

Rifleman Abdul Hamid Chara displayed exemplary courage, unflinching grit under heavy fire in extreme close quarter and made the supreme sacrifice while fighting the terrorists .

16 . 2789267 HAVILDAR UDAR BHANUDAS PARVATI 21 PARACHUTE REGIMENT ( SPECIAL FORCES ) ( POSTHUMOUS

[Effective date of the award: 09 July. 2007 Havildar Udar Bhanudas Parvati was the squad commander of the assau ? t team tasked to raid terrorist camp in a village along the Indo Myanmar border inManipur.

On 08 Jul 2007, the raiding party after enduring a grueling march over 36 hours reached the surveillance location and retaliated terrorists ' fire with automatic weapons and rocket propelled grenades . Hav Bhanudas using his tactical acumen and presence of mind relocated his position and closed on to the terrorists . In a brief but intense fire fight , he shot dead one terrorist . Weite clearing the remaining terrorist positions one squad came under heavy effective fire. Unmindful of his own safety , Hav Bhanudas challenged terrorists with fire , which diverted terrorist's attention and they started firing at his position thus saving his officer's life. Undeterred by terrorist fire , he further closed in by fire and move and pinned them down. While the second terrorist waz being 361 PART1-SEC. 1 ]

THE GAZETTE OF INDIA , MAY 10, 2008 ( VAISAKHA 20, 1930)

eliminated , Havildar Bhanudas was hit by a gun shot. However, he continued firing on the terrorists which enabled the squad to neutralize the third terrorist before succumbing to his injuries .

Havildar Bhanudas displayed unflinching loyalty , raw courage and spirit de Corps to save life of his Commander.

17.

IC - 55834 MAJOR AMIT KUMAR CHAND

23 RAJPUT REGIMENT

[Effective date of the award: 17 July, 2007 ] On17 July 2007 at 0015 hours , an infiltrating column was tracked moving towards an area in Baramulla district , J & K . Major Amit Kumar Chand tasked to thwart the infiltration attempt, led his teams expeditiously through arduous terrain and laid multiple ambushes .

At 0320 hours, four terrorists were observed moving cautiously towards the ambush site . As terrorists came dangerously close , ambush was sprung and in the ensuing gun battle , two terrorists were eliminated . Remaining two terrorists jumped into the adjoining nala in a bid to escape . Major Chand immediately readjusted his teams and cordoned the area. At first light Major Chand crawled forward and succeeded in drawing terrorist fire using exceptional battic craft skills . With utter insouciance to personal safety and exposing himself to grave danger, the officer charged ahead with unflinching courage and in a daring act shot both terrorists in a face to face encounter.

Major Amit Kumar Chand displayed indomitable courage and outstanding leadership while fighting the terrorists .

18.

IC - 64714 CAPTAIN LALIT KANSAL 2 PARACHUTE REGIMENT (SPECIAL FORCES)

[Effective date of the award: 23 August, 2007 ] On 23 August 2007 a troop under Captain Lalit Kansal was launched to establish ambushes in general area in Kupwara district (J& K).

At 1130 hours , Captain Lalit Kansal's squad saw some disturbance in the jungle at a distance of approximately 150-200 metres . The officer immediately took the decision to search the area . As they were searching, the first squad came under fire and was pinned down . The officer quickly appreciating the danger to his men continued to move forward from cover to cover while under fire in an attempt to establish contact with the terrorists . He soon made visual contact with a terrorist . However, he was hit by a bullet in his lower abdomen .

362

[PART I- SEC. L THE GAZETTE OF INDIA , MAY 10, 2008 ( VAISAKHA 20, 1930 )

Despite being grievously wounded , Captain Lalit Kansal, in a display of total disregard to own safety and raw courage charged the terrorist and eliminated him on the spot . He subsequently continued to fire on the second terrorist who was in the vicinity and wounded him enabling his men to extricate themselves .

Captain Lalit Kansal displayed exemplary leadership and conspicuous gallantry beyond the call of duty while fighting the terrorists.

19.

JC - 413097 NAIB SUBEDAR SUBHASH 10 PARACHUTE REGIMENT ( SPECIAL FORCES ) ( POSTHUMOUS )

[Effective date of the award: 03 October, 2007] Naib Subedar Subhash was in command of an independent squad in Bandipura . At 2000 hours on 03 October 2007 , he observed movement of two terrorists in a village . He swiftly reacted with available Commandos and cordoned the suspected house. He positioned himself alongwith three other commandos covering the main escape route.

The terrorists charged out of the house firing indiscriminatly injuring theve Commandos . Displaying unparalled courage and total disregard to his personal safety he came out of the cover, closed in and killed one terrorist , the most wanted terrorist leader in Jammu and Kashmir. While attempting to close in. burst from the terrorist severely wounded him. Bleeding from the injury he crawled forward encouraging and directing his commandos under fire . He dre hostile fire onto himself, facilitating the evacuation of his injured comrades Refusing treatment he closed in and killed the second terrorist in near darkness an extremely close range before succumbing to his injuries .

Naib Subedar Subhash displayed conspicuous gallantry , inspiring leadership and made the supreme sacrifice while eliminating top hierarchy of a terrorist .

20.

4280041 SEPOY BADAL HASDA

16 BIHAR REGIMENT ( POSTHUMOUS )

[Effective date of the award : 5 October . 20071 Sepoy Badal Hasda was serving in unit Ghatak Platoon of a Regimen: deployed on a Ridge in Kupwara district ( J & K) . At 2350h , ou 04 October 2007. move of a group of 2-3 terrorists was spotted trying to infiltrate across the Line ofControl.

On 05 October 2007, while carrying out search , Sepoy Badai risca noticed a terrorist near the fencing hiding behind a boulder . In a daring set of 363 THE GAZETTE OF INDIA , MAY 10, 2008 ( VAISAKHA 20, 1930)

PART 1-SEC. 1 ]

courage, Sepoy Badal Hasda charged the armed terrorist and killed him in close combat . Thereafter , he established contact with another terrorist hinding in a cave. Intense fire fight continued as the Sepoy crawled closer to the cave and physically assaulted it but was fired upon by the terrorist . With utter disregardto his personal safety he charged and killed the second terrorist. During the exchange of fire , Sepoy Badal Hasda was seriously injured and succumbed to his injuries.

Sepoy Badal Hasda displayed professional acumen, raw courage and exceptional bravery while fighting the foreign terrorists and made the supreme sacrifice.

21. 10385166 ASSISTANT COMMANDANT ANURAG KUMAR 42 BATTALION BORDER SECURITY FORCE/ 16 JAT REGIMENT

[Effective date of the award: 06 October , 2007 Assistant Commandant Anurag Kumar was the commander of a team which was leading the search of a thickly wooded area in rugged mounianeous terrain . At around 0800 hours on 06 October, 2007 his team came under heavy automatic fire from a group of heavily armed terrorists . Assistant Commandant Anurag Kumar sustained gun shot wound to his stomach in the first volley of bullets . In a daredevil action , he returned the fire of the terrorists ferociously . He realised that his team was in a tactically disadvantageous position . Unmindful of his personal safety, disregarding his injuries decided to take the fire fight into the terrorists hiding place . Reorganising his team for covering fire , Assistant Commandant Anurag Kumar crawled to a flank over treachrous ground and under heavy fire from terrorists . He lobbed a grenade and charged at the terrorists who were bewildered from this onslaught from a different direction. In literally hand to hand and close quarter battle , Assistant Commandant Anurag Kumar shot dead two hard core foreign terrorists . He refused to be evacuated even thereafter till the successful culmination of operation.

Assistant Commandant Anurag Kumar displayed leadership in the face of extremely adverse conditions and conspicuous gallantry , beyond the call ofduty. 12-5 ] G1/ 2008 364

THE GAZETTE OF INDIA , MAY 10 , 2008 ( VAISAKIHA 20, 1930)

[PART [-SEC . | 22.

IC- 58612 MAJOR VIRENDER SINGH SALARIA 10 PARACHUTE REGIMENT ( SPECIAL FORCES )

[Effective date of the award: 11 October , 200 Major Virender Singh Salaria was the team leader in Bandipura in Jammu & Kashmir. He had established a wide intelligence and surgeillance nerwork !!! eliminate terrorist leadership .

On information of the terrorists ' presence in a village in Jammu & Kashmir , in a bold and swift action he rushed to the target house in a hurriedly managed TATA Sumo with only five persons and cordoned the suspected house positioning himself on the main escape route .

On 11 Oct 07 at 0900 hours he observed an indistinct , obscure omiine of the terrorists and at an appropriate moment opened fire injuring the terrorist . The terrorists charged out of the house firing indiscriminately in his directica . Displaying unparalleled courage and total disregard to his personal safely be came out of the cover killing one instantly .

With bullets raining around him , he crawled forward lobbying gronance and closed in to the injured terrorist . With final burst of energy he charged c and personally killed the second terrorist at point blank range .

Major Virender Singh Salaria displayed act of exceptional gatlamry high order with total disregard to personal safety and leadership in înce of terrorists ' fire .

BARUN MITRA

Jt. Secy.

365 PART1-SEC. 11

THE GAZETTE OF INDIA , MAY 10, 2008 ( VAISAKHA 20 , 1930 )

No. 26-Pres/2008 The President is pleased to approve the award of the "Param Vishisht Seva Medal" to the undermentioned personnel for distinguished service of the most exceptional order:-

1. IC- 19001 LIEUTENANT GENERAL KULDIP SINGH JAMWAL, AVSM, VSM** , REGIMENT OF ARTILLERY

2. IC-19002 LIEUTENANT GENERAL OM PRAKASH NANDRAJOG. AVSM , VSM , INFANTRY

3. IC- 19004 LIEUTENANT GENERAL AJEET SINGH BAJWA, AVSM, VSM , REGIMENT OF ARTILLERY

4. IC- 19009 LIEUTENANT GENERAL HARDEV SINGH LIDDER , UYSM , YSM , VSM , INFANTRY

5. IC-19050 LIEUTENANT GENERAL PARMENDRA KUMAR SINGH, AVSM , REGIMENT OF ARTILLERY

6. IC- 19077 LIEUTENANT GENERAL MILAN LALITKUMAR NAIDU , AVSM , YSM , INFANTRY

7. IC- 19080 LIEUTENANT GENERAL SUSHEEL GUPTA, AVSM , YSM , INFANTRY

8. IC- 19429 LIEUTENANT GENERAL ZAMEER UDDIN SHAH , SM , VSM , REGIMENT OF ARTILLELRY

9 . IC- 19440 LIEUTENANT GENERAL SUDHIR SHARMA, AVSM , YSM, VSM, INFANTRY

10. IC- 19834 LIEUTENANT GENERAL HARCHARANJIT SINGI PANAG, AVSM , INFANTRY/ HQ NORTHERN COMMAND

11. IC- 19848 LIEUTENANT GENERAL THOMAS MATHEW , AVSM, INFANTRY

12. IC- 19860 LIEUTENANT GENERAL MANDHATA SINGH, YSM , VSM , INFANTRY

13. IC-19868 LIEUTENANT GENERAL SARABJIT SINGH DHILLON , AVSM**, VSM, INFANTRY

14. IC- 19873 LIEUTENANT GENERAL PUTTAMMADAM RAJAH GANGADHARAN , AVSM , VSM ** , INFANTRY 366

[PART 1--SEC . | THE GAZETTE OF INDIA , MAY 10 , 2008 ( VAISAKHA 20. 1930 )

15. IC- 19891 LIEUTENANT GENERAL SIVASANKARA PILLAI SREE KUMAR, AVSM , CORPS OF SIGNALS

16. IC- 19931 LIEUTENANT GENERAL PITAMBER KISHORE RAMPAL, AVSM , INFANTRY

17. IC-23030 LIEUTENANT GENERAL PRAKASH SINGH CHAUDHARY, AVSM , SM , VSM , INFANTRY

18. IC- 23039 LIEUTENANT GENERAL PARAMJIT SINGH, AVSM, VSM , INFANTRY

19. MR-02753 LIEUTENANT GENERAL SAIBAL MUKHERJEE, AVSM, ARMY MEDICAL CORPS

20. VICE ADMIRAL NIRMAL VERMA , AVSM , ADC ( 01139 - N)

21. VICE ADMIRAL BIRINDER SINGH RANDHAWA , AVSM , VSM (40298- K)

22. VICE ADMIRAL VIJAY SHANKAR , AVSM , ( 01088 - Y)

23. AIR MARSHAL JAI KRISHAN GUPTA AVSM PHS ( 12308 ) MEDICAL

24. AIR MARSHAL AJIT VISHWANATH VAIDYA VM ( 11348 ) FLYING ( PILOT)

25. AIR MARSHAL GURNAM SINGH CHAUDHRY , AVSM, VSAM ADC ( 11870 ) FLYING ( PILOT )

26. AIR MARSHAL PRADEEP VASANT NAIK , VSM ( 12005 ) FLYING (PILOT)

27. AIR MARSHAL PACKIAM PAUL RAJKUMAR AVSM (12018) FLYING ( PILOT)

28. AIR MARSHAL JAYANT SATCHIDANAND APTE AVSM ( 11900 ) AERONAUTICAL ENGINEERING (ELECTRONICS ) ( RETD)

29. AIR MARSHAL YESHWANT RAO RANE, AVSM , VM ( 1221 FLYING ( PILOT)

30. AIR MARSHAL PRANAB KUMAR BARBORA , VM ( 12375 ) FLYING ( PILOT)

BARUN MITRA

Jt. Secy.

367 PART1-SEC . 1 ]

THE GAZETTE OF INDIA , MAY 10, 2008 (VAISAKHA 20, 1930)

No. 27-Pres /2008 The President is pleased to approve the award of the "Bar to Ati Vishisht Seva Medal " to the undermentioned personnel for distinguished service of an exceptional order:

1. IC-24194 LIEUTENANT GENERAL MANBIR SINGH DADWAL , AVSM , VSM, INFANTRY , HQ 3 CORPS

2. IC-25213 LIEUTENANT GENERAL MUKESH SABHARWAL, AVSM , VSM, INFANTRY

3. IC-29915 MAJOR GENERAL VINOD CHOPRA , AVSM , INFANTRY, PRESIDENT'S SECRETARIAT

BARUN MITRA

Jt. Secy.

No. 28-Pres /2008 The President is pleased to approve the award of the "Ati Vishisht Seva Medal to the undermentioned personnel for distinguished service of an exceptional order: -

1. C - 23689 LIEUTENANT GENERAL NARINDER SINGH BRAR, VSM . REGIMENT OF ARTILLERY , HQ 10 CORPS

2. IC-23791 LIEUTENANT GENERAL SAMER PAL SINGH DHILLON, VSM, REGIMENT OF ARTILLERY , HQ 12 CORPS

3. IC- 23814 LIEUTENANT GENERAL RANBIR KUMAR CHHABRA , VSM , INFANTRY/ HQ SOUTHERN COMMAND

4. IC- 24198 LIEUTENANT GENERAL CHANDROTH KUNNUMAL SUCHINDRA SABU , VSM , REGIMENT OF ARTILLERY , HỌ 33 CORPS

5. JC- 24260 LIEUTENANT GENERAL BALRAJ SINGH NAGAL , SM, INFANTRY , HQ 9 CORPS

6. IC- 24716 LIEUTENANT GENERAL BHARAT SINGH SISODIA, VSM, ARMY ORDNANCE CORPS / CMM JABALPUR

7. IC-28605 LIEUTENANT GENERAL KASHYAP SUNDARAM SIVAKUMAR , VSM , INFANTRY , HQ EASTERN COMMAND

8. MR-02658 LIEUTENANT GENERAL GIRIJA SHANKAR MISRA, VSM, ARMY MEDICAL CORPS , ARMY MEDICAL CORPS CENTRE AND SCHOOL 368

[PART I-SED. 1 THE GAZETTE OF INDIA . MAY 10, 2008 ( VAISAKHA 20, 1930)

9. IC- 23419 MAJOR GENERAL AMARJIT SINGH BAKSHI , CORPS OF SIGNALS ( RETD)

10. IC-24671 MAJOR GENERAL JOSE JOSEPH MANAVALAN , CORPS OF ENGINEERS / HQ CENTRAL COMMAND ( RETD )

11. IC-24706 MAJOR GENERAL KAMMULA RAMACHANDRA RAG VSM, REGIMENT OF ARTILLERY

12. IC- 24722 MAJOR GENERAL ANIL KUMAR MEHRA , VSM , ARMY AIR DEFENCE ( RETD)

13. IC- 25062 MAJOR GENERAL SOLI NOSHIR PAVRI , YSM, INFANTR HQ EASTERN COMMAND

14. IC- 25544 MAJOR GENERAL VINOD NAYANAR , REGIMENT OF ARTILLERY, HQ 101 AREA

15. IC-27034 MAJOR GENERAL JASBIR SINGH , VSM , INFANTRY 16. IC- 27203 MAJOR GENERAL SHRI KRISHNA SINGH , INFANTRY : 28 INFANTRY DIVISION

17. IC- 27205 MAJOR GENERAL VINAY BHATNAGAR.M INFANTRY , HQ CIF ( U)

18. IC -27215 MAJOR GENERAL NAND KISHORE SINGER VS INFANTRY, HQ CIF ( K)

19. IC- 27264 MAJOR GENERAL AVINASH CHANDER SONEJA SM INFANTRY . HQ CIF ( R )

20. IC-27645 MAJOR GENERAL RAMESHWAR ROY, YSM , INFANTRY . HQ 25 INFANTRY DIVISION

21. IC-27679 MAJOR GENERAL NARESH CHANDRA MARWAR INFANTRY , HQ 2 MOUNTAIN DIVISION

22. IC- 27962 MAJOR GENERAL KANWAR VIJAY SINGH LALOTRA YSM, SM, INFANTRY , HQ 17 MOUNTAIN DIVISION

23. IC-27972 MAJOR GENERAL GYAN BHUSHAN , VSM, INFANTRY. HỌ 21 MOUNTAIN DIVISION

24. IC-30016 MAJOR GENERAL ANIL CHANDRA CHAN ARMOURED CORPS / HQ 54 INFANTRY DIVISION 369 PART I-SEC. J ]

THE GAZETTE OF INDIA , MAY 10, 2008 ( VAISAKHA 20 , 1930)

25. IC- 32041 MAJOR GENERAL PAKALA VENKATESWARLU , VSM, ARMY AIR DEFENCE ( RETD)

26, IC-32782 MAJOR GENERAL BALLACHANDA CHENCAPA, INFANTRY, HQ IGAR ( SOUTH) KUTTAPPA 27. IC- 33015 MAJOR GENERAL EPPEN JACOB KOCHEKKAN , SM , VSM , INFANTRY, HQ 57 MOUNTAIN DIVISION

28. MR -02848 MAJOR GENERAL PUTHIYAVEETTIL MADHUSOODANAN, VSM , ARMY MEDICAL CORPS , AFMC PUNE 29. MR-03268 MAJOR GENERAL ROOP KISHORE GARG , ARMY MEDICAL CORPS

30. MR-03364 MAJOR GENERAL NARESH KUMAR PARMAR, VTC , VSM , ARMY MEDICAL CORPS , HQ EASTERN COMMAND

31. IC- 30766 BRIGADIER SIDDALINGAPPA VENKATESH SOMANAGOUDAR , VSM , MARATHA LIGHT INFANTRY

32. VICE ADMIRAL KRISHNA RAINA , ( 60212-W)

33. REAR ADMIRAL SHEKHAR SINHA , NM ** (01480 - N)

34. SURGEON REAR ADMIRAL VINOD KUMAR SAXENA , VSM ( 75153- A)

35. REAR ADMIRAL RAJENDER SINGH , NM , VSM ( 01427 -T)

36. REAR ADMIRAL PRADEEP CHAUHAN , VSM ( 01610 - H)

37. REAR ADMIRAL HARISIMRAN SINGH MALHI , VSM ( 40449 - B ) 38. REAR ADMIRAL NIRANJAN KUMAR NADELLA, VSM (50445 - Y) 39. AIR MARSHAL PRAMOD VASANT ATHAWALE VSM ( 13472 ) AERONAUTICAL ENGINEERING ( ELECTRONICS)

40. AIR VICE MARSHAL TRICHINAPOLY SUBRAMANYAM RAGHU RAMAN ( 12664 ) MED

41. AIR VICE MARSHAL ( RETD) NARAYANAN VIJAYAKUMAR VSM (12725) ACCTS

42. AIR VICE MARSHAL VIJAY KUMAR DAYALU VSM & BAR ( 13096 ) ADMINISTRATION 370

(PART 1 --SIX . 1 THE GAZETTE OF INDIA , MAY 10 , 2008 ( VAISAKHA 20, 1930 )

43. AIR VICE MARSHAL ANIL CHOPRA VM VSM ( 13368 ) FLYING (PILOT)

44 , AIR. VICE MARSHAL ANIL KUMAR KHOSLA VSMG3534 AERONAUTICAL ENGINEERING ( ELECTRONICS )

45. AIR VICE MARSHAL RAVI KANT SRIVASTAVA ( 1332 AERONAUTICAL ENGINEERING ( ELECTRONICS)

46. AIR VICE MARSHAL CHINNABHANDAR NARSINGARAO RANGANATH VSM ( 13471 ) AERONAUTICAL ENGINEERING ( ELECTRONICS)

47. AIR VICE MARSHAL RAJ KUMAR VASHISHT ( 1.3832; AERONAUTICAL ENGINEERING ( MECHANICAL )

48. AIR COMMODORE AMARSINGH GANPATRAO PATIL (1 FLYING ( PILOT)

49. AIR COMMODORE UJJAL PRABHAT BISWAS ( 14090 ) FLYING (PILOT)

50. AIR COMMODORE DEVINDER SINGH VM VSM ( 11284 ) FLYING (PILOT)

51. AIR COMMODORE GURVINDER JEET SINGH CHEEMA VEM BAR ( 14292 ) FLYING ( PILOT)

52. AIR COMMODORE SHAMSHER JANG BAHADUR ( 14570) FLYING (PILOT)

BARUN MITRA

Jt. Secy.

PART1-S &C . [ ]

371 THE GAZETTE OF INDIA, MAY 10, 2008 ( VAISAKHA 20, 1930)

No. 29- Pres/2008 The President is pleased to approve the award of the "Bar to Vishisht Seva Medal" to the undermentioned personnel for distinguished service of a high order : -

1 . ICC31521 BRIGADIER SURENDRA HARI KULKARNI , VSM . ARMOURED CORPS/ HO UTTRANCHAL SUB AREA

2. IC-36725 BRIGADIER PAKIANATHAN ALBERT PHILIP SAMUDI , VEM , SIKH REGIMENT, HQ 15 SECTOR RASHTRIYA RIFLES

MR-03856 COLONEL VELU NAIR , VSM , ARMY MEDICAL CORPS , 3. ARMY HOSPITAL ( RESEARCH & REFERRAL)

BARUN MITRA

Jt. Secy.

No. 30 -Pres/2008 The President is pleased to approve the award of the "Yuddh Seva Medal " to Group Captain Atanu Guru Vr C ( 16794) Flying (Pilot) for distinguished service of a high order during hostilities .

BARUN MITRA

Jt. Secy.

No. 31 -Pres/2008 The President is pleased to approve the award of the "Bar to Sena Medal/Army Medal" to the undermentioned personnel for the acts of exceptional courage: -

1. IC- 57031 MAJOR SUSHIL KUMAR PANDEY , SM, 4 SIKH LIGHT INFANTRY

2. IC- 62719 CAPTAIN ANKUR VASHISHTHA, SM , SIKH REGIMENT / 46 RASHTRIYA RIFLES BATTALION

BARUN MITRA

Jt. Secy. 14-51 01/2008 (PART I-SEC . 1 372

THE GAZETTE OF INDIA , MAY 10 , 2008 ( VAISAKHA 20 , 1930 )

No. 32-Pres /2008 The President is pleased to approve the award of the "Sena Medal/Army Medal" to the undermentioned personnel for the acts of exceptional courage: -

1. IC-48550 COLONEL HUKUM SINGH BAINSLA , GORKHA REGIMENT , 1 ASSAM RIFLES

2. IC- 52467 LIETUNANT COLONEL RAJEEV KAPUR . JAMMO AND KASHMIR RIFLES/ 28 RASHTRIYA RIFLES

3. IC- 52871 MAJOR SAURABH SINGH SHEKHAWAT, SC, VSM. 21 PARACHUTE REGIMENT ( SPECIAL FORCES )

4. IC-54036 MAJOR SUMEET MALHAN , CORPS OF ENGINEERS / +4 RASHTRIYA RIFLES

5. IC-54513 MAJOR SANJAY SINGH , 2 PARACHUTE REGIMENT (SPECIAL FORCES )

6. IC- 55968 MAJOR ADITYA VERMA , REGIMENT OF ARTILLERY , 34 RASHTRIYA RIFLES

7. IC 56734 MAJOR INDRA SINGH CHAUHAN, CORPS OF ENGINEERS/ 62 RASHTRIYA RIFLES

8. IC- 57096 MAJOR MANEESH KUMAR SINGH , ARMOURED CORPS/4 RASHTRIYA RIFLES

9. IC-57516 MAJOR ATUL KUMAR SINGH, 11 JAMMU AND KASHMIR RIFLES

11 10. IC -57802 MAJOR ABHIJIT ANAND UKIDWE, 19 KUMAON REGIMENT

11. IC- 58815 MAJOR SUKHDEV SINGH , 17 DOGRA REGIMENT 12. IC-59844 MAJOR ROHIT ASHOK PATWARDHAN , KUMAON REGIMENT/26 RASHTRIYA RIFLES

13. IC-60492 MAJOR SUKHDEV SINGH NAGIYAL, ARMY AIR DEFENCE / 34 ASSAM RIFLES

14. IC-60946 MAJOR ABHISHEK DAS , ASSAM REGIMENT RASHTRIYA RIFLES 373 THE GAZETTE OF INDIA , MAY 10, 2008 (VAISAKHA 20, 1930)

PART [ SEC 1 ]

15. IC- 61393 MAJOR ANKUR VIKAS VAIDYA, ARMY AIR DEFENCE / 1 ASSAM RIFLES

16. IC-61559 MAJOR VIKRAMJIT SINGH SAHI, REGIMENT OF ARTILLERY/52 RASHTRIYA RIFLES

17. IC- 61582 MAJOR NARESH CHANDRA GAIROLA, JAT REGIMENT/34 RASHTRIYA RIFLES

18. IC- 61942 MAJOR HAR AGAM PAL SINGH , REGIMENT OF ARTILLERY / 70 FIELD REGIMENT

19. IC-62076 MAJOR AMIT KANWAR, 15 JAMMU & KASHMIR LIGHT INFANTRY

20. IC- 62159 MAJOR SNEHANSHU SEKHAR DAS , REGIMENT OF ARTILLERY / 35 ASSAM RIFLES

21. IC- 62493 MAJOR RANDEEP KHARYAL, 18 PUNJAB REGIMENT 22. IC- 62812 MAJOR AMIT SAXENA , MECHANISED INF , 50 RASHTRIYA RIFLES

23. IC- 62834 MAJOR BALAKRISHΝΑ ΜΕΝΟΝ S , CORPS OF ENGINEERS / 34 ASSAM RIFLES

24. IC- 64988 MAJOR SUNIL KUMAR, ARMOURED CORPS / 55 RASHTRIYA RIFLES

25. IC- 65393 MAJOR VIPUL DESWAL, ARMOURED CORPS/4 RASHTRIYA RIFLES

26. SS-38348 MAJOR ASHISH KUMAR DUBE , REGIMENT OF ARTILLERY / 11 ASSAM RIFLES

27. SS-39539 MAJOR LONGJAM JIMKELLY MEETEI , MAHAR REGIMENT/ 7 ASSAM RIFLES

28. IC- 63054 CAPTAIN ASHISH RAWAT, 21 PARACHUTE REGIMENT (SPECIAL FORCES)

29. IC- 63517 CAPTAIN KULDEEP SINGH , DOGRA REGIMENT/ 62. RASHTRIYA RIFLES 374

THE GAZETTE OF INDIA, MAY 10, 2008 ( VAISAKНА 20, 1930)

(PART I-SEC.| 30. IC- 63725 CAPTAIN UMA SHANKAR , CORPS OF ENGINEERS 21 RASHTRIYA RIFLES

31. IC-63777 CAPTAIN ABHISHEK KUMAR, 15 JAMMU & KASHMIR LIGHT INFANTRY

32. IC-64289 CAPTAIN SHASHANK ENGINEERS / 42 RASHTRIYA RIFLES SINGH. CORPS OF 33. IC- 64615 CAPTAIN SUNIL KUMAR CHOUDHARY . 7'11 GORKHA RIFLES

34. IC-64709 CAPTAIN VIKAS SAHA , 2 PARACHUTE REGIMENT (SPECIAL FORCES )

35. IC-65455 CAPTAIN JAYANTA SARKAR , 19 KUMAON REGIMENS 36. SS-40054 CAPTAIN ALOK PRATAP SINGH . REGIMENT OF ARTILLERY / 41 RASHTRIYA RIFLES

37. SS-40945 CAPTAIN GHATGE RAMESH UDAYSINH , 2/1 GORKHA RIFLES

38. IC-67444 LIETUNANT TARUN KHARB , 19 KUMAON REGIMENT 39. SS-41673 LIETUNANT VIKAS GULERIA, 15 JAMMU & KASHMIR LIGHT INFANTRY

40. AR- 260 ASSTT COMDT RAJIB KALITA, 36 ASSAM RIFLES

41. JC -403382 SUBEDAR OM PRAKASH , BRIGADE OF THE GUARDS/ 21 RASHTRIYA RIFLES

42. JC- 418832 SUBEDAR BALWAN SINGH . MECHANISED INFANTRY/ 26 RASHTRIYA RIFLES

43. JC-489180 SUBEDAR SATISH KUMAR , JAT REGIMENTGA RASHTRIYA RIFLES

44. JC- 539522 SUBEDAR MAHENDER SINGH, REGIMENT 60 RASHTRIYA RIFLES KUMAON 45. JC-592729 SUBEDAR MOHD RASHID , JAMMU AND KASHMIR RIFLES/ 28 RASHTRIYA RIFLES 375 PART I-SEC. 1 ]

THE GAZETTE OF INDIA , MAY 10. 2008 ( VAISAKHA 20, 1930)

46. JC- 520166 NAIB SUBEDAR REGIMENT/ 62 RASHTRIYA RIFLES GANESH SINGH , DOGRA 47. JC- 529652 NAIB SUBEDAR TEJPAL SINGH BHANDARI , 2 GARHWAL RIFLES

48. JC- 539933 NAIB SUBEDAR TRILOK SINGH , 7 KUMAON REGIMENT

49. JC -540098 NAIB SUBEDAR RAM DATT , 19 KUMAON REGIMENT 50. 2483698 HAVILDAR MAHENDRA KUMAR SHARMA, CORPS OF INTELLIGENCE/ 3 DETECHMENT EASTERN COMMAND LIAISON UNIT

51. 2988810 HAVILDAR RAM AWTAR SINGH, 23.RAJPUT REGIMENT 52. 3990086 HAVILDAR SUBHASH CHAND , DOGRA REGIMENT/62 RASHTRIYA RIFLES

53. 7431106 HAVILDAR MANINDRA KUMAR, CORPS OF INTELLIGENCE/4 DETECHMENT EASTERN COMMAND LIAISON UNIT

54. 13620022 HAVILDAR HARI A R, 2 PARACHUTE REGIMENT ( SPECIAL FORCES)

55. 14918673 HAVILDAR ANIL KUMAR, INFANTRY/ 50 RASHTRIYA RIFLES MECHANISED 56. G/143860 HAVILDAR SUBHASH CHAND , 14 ASSAM RIFLES

57. G/2102086 HAVILDAR GOPAL SINGH , 21 ASSAM RIFLES

58. 2599550 LANCE HAVILDAR RAMACHANDRAN G , 16 MADRAS REGIMENT ( POSTHUMOUS )

59. 5754352 LANCE HAVILDAR MITHUN SINJALI , 4/8 GORKHA RIFLES/33 RASHTRIYA RIFLES

60. 14410155 LANCE HAVILDAR PAWAN KUMAR , REGIMENT OF ARTILLERY / 72 FIELD REGIMENT

61. 2486625 NAIK MANPREET SINGH , PUNJAB REGIMENT/ 22 RASHTRIYA RIFLES

62. 3188037 NAIK SUNIL KUMAR , 16 JAT REGIMENT PART I-SEC . 1 376

THE GAZETTE OF INDIA , MAY 10, 2008 ( VAISAKHA 20, 1930)

63. 3396166 NAIK SUMIT DOGRA , 19 DOGRA REGIMENT ( POSTHUMOUS)

64. 3994201 NAIK SAT PAUL, DOGRA REGIMENT/ 62 RASHTRIYA RIFLES

65. 4186404 NAIK BRIJESH YADAV, 19 KUMAON REGIMENT

66. 9096248 NAIK PARSHOTAM SINGH CHIB , 15 JAMMU & KASHMIR LIGHT INFANTRY

67. 9099027 NAIK MOHAMMED AMIN BHAT, JAMMU AND KASHMIR LIGHT INFANTRY/62 RASHTRIYA RIFLES

68. 13620066 NAIK SUMAT RAI , 4 GORKHA RIFLES/ 15 RASHTRIYA RIFLES

69. 14414961 NAIK FIRENDER KUMAR , REGIMENT OF ATRILLERY / 306 FIELD REGIMENT

70. 14422882 NAIK DESH RAJ , REGIMENT OF ARTILLERY/34 RASHTRIYA RIFLES ( POSTHUMOUS )

71. 14925848 NAIK M SARAT CHANDRA SINGHIA, CORPS OF INTELLIGENCE/ EASTERN COMMAND

72. 2795561 LANCE NAIK UDAY THAIKAR, 11 MARATHA LIGHT INFANTRY

73. 2797507 LANCE NAIK BHOYAR VITHOBA NAMDEO. 22 MARATHA LIGHT INFANTRY

74. 2893557 LANCE NAIK DEVI PRASAD SINGH , 16 RAJPUTAΑΝΑ RIFLES

75. 3397831 LANCE NAIK GURLAL SINGH , 16 SIKH REGIMENT 76. 4187818 LANCE NAIK LALIT MOHAN SINGH RAWAT , 21 PARACHUTE REGIMENT ( SPECIAL FORCES )

77. 4188008 LANCE NAIK NANDAN SINGH , KUMAON REGIMENT/ 13 RASHTRIYA RIFLES

78. 4192415 LANCE NAIK VIKRAM SINGH , 19 KUMAON REGIMENT 79. 4194520 LANCE NAIK DINESH KUMAR YADAV, 2 PARACHUTE REGIMENT ( SPECIAL FORCES ) 377 PART 1 SEC. 1 ]

THE GAZETTE OF INDIA , MAY 10, 2008 ( VAISAKHA 20, 1930)

80. 2694076 SEPOY SOMBIR SINGH , GRENADIERS /55 RASHTRIYA RIFLES

81. 2799318 SEPOY RAKSHE SHASHIKANT JAGANNATH , 7 MARATHA LIGHT INFANTRY

82. 2802942 SEPOY POL NITIN SUBHASH, 11 MARATHA LIGHT INFANTRY

83. 3198347 SEPOY RAJESH KUMAR, 16 JAT REGIMENT ( POSTHUMOUS)

84. 3407982 SEPOY DALJIT SINGH, SIKH REGIMENT/6 RASHTRIYA RIFLES

85. 3999610 ΣΕΡΟΥ ΜΑΝOJ MEHRA, 17 DOGRA REGIMENT

86. 4002819 SEPOY NARINDER SINGH , DOGRA REGIMENT/ 11 RASHTRIYA RIFLES

87. 4003126 SEPOY BHUPINDER SINGH, DOGRA REGIMENT/62 RASHTRIYA RIFLES

88. 4282522 SEPOY VIKASH KUMAR SINGH, 16 BIHAR REGIMENT 89. 4571173 SEPOY TARSEM SINGH, MAHAR REGIMENT/ 30 RASHTRIYA RIFLES (POSTHUMOUS )

90. 10525629 SEPOY ABDUL HAMID, 153 INFANTRY BATTALION (TA) DOGRA

91. 12914548 SEPOY ABDUL HAMID, 156 INF BN TA (H &H ) PUNJAB / 58 RASHTRIYA RIFLES

92. 12914863 SEPOY QUMER - UD- DIN BEG , 156 INF BN TA (H &H ) PUNJAB , 58 RASHTRIYA RIFLES

93. 14808530 SEPOY BAL MUKUNDA MISHRA, 5131 ARMY SERVICE CORPS BATTALION

94. 14826494 SEPOY SAMIR KUMAR PATRO , ARMY SERVICE CORPS / 41 RASHTRIYA RIFLES

95. 5005441 RIFLEMAN W ROMESH SINGH, 3 ( NH) BATTALION ASSAM RIFLES 378

THE GAZETTE OF INDIA, MAY 10, 2008 ( VAISAKHA 20, 1930 )

[PART 1-$ 10 . 1 96. 9108001 RIFLEMAN ISHTIAQ AHMED , JAMMU & KASHMIR LIGHT INFANTRY/ 18 RASHTRIYA RIFLES

97. 9108635 RIFLEMAN MEHMOOD AHMED ITOO , JAMMU AND KASHMIR LIGHT INFANTRY / 33 RASHTRIYA RIFLES

98. 12964273 RIFLEMAN MOHD YOUSAF LONE, 161 INFANTRY BATTALION TA ( H & H) JAK LI

99. G/ 144193 RIFLEMAN MAZAFAR IQBAL, 14 ASSAM RIFLES

100 G/193982 RIFLEMAN JASBIR SINGH , 19 ASSAM RIFLES

101 G /5002845 RIFLEMAN BALAJI VAKA, 21 ASSAM RIFLES

102 G/ 5003164 RIFLEMAN TANGBO ABOH , 1 ASSAM RIFLES

103 15342912 SAPPER UMA SHANKAR JOSHI , CORPS OF ENGINEERS/42 RASHTRIYA RIFLES

104 15566586 SAPPER RAMDAS, CORPS OF ENGINEERS / 47 RASHTRIYA RIFLES

105 15151759 GUNNER SURENDER KUMAR, REGIMENT OF ARTILLERY / 306 FIELD REGIMENT

106 15616792 GUARDSMAN PRASANTH SP, BRIGADE OF THE GUARDS/ 50 RASHTRIYA RIFLES

107 15479341 SOWAR CHAUDHARI RAJESH KUMAR VIRSANG BHAI ARMOURED CORPS/53 RASHTRIYA RIFLES ( POSTHUMOUS )

BARUN MITRA Jl . Secy.

No. 33 --Pres/2008 The President is pleased to approve the award of the "Nao Sena Medal / Navy Medal " to the undermentioned personnel for the act exceptional courage .

1. SURGEON LIEUTENANT COMMANDER IB UDAYA ( 75847-181 2. LIEUTENANT COMMANDER MOHIT GUPTA ( 42204 - T)

BARUN MITRA

Jt. Secy.

379 THE GAZETTE OF INDIA , MAY 10, 2008 ( VAISAKHA 20 , 1930)

PART I-SEC. 1]

No. 34- Pres/2008 The President is pleased to approve the award of the "Vayu Sena Medal/Air Force Medal" to the undermentioned personnel for the act of exceptional courage .

1 . WING COMMANDER NILANJAN BISWAS ( 18081 ) FLYING (PILOT)

2. WING COMMANDER AJAY SHUKLA ( 18793 ) FLYING (PILOT) 3. FLIGHT LIEUTENANT AMIT SHARMA (26715) FLYING ( PILOT) (POSTHUMOUS)

BARUN MITRA

Jt. Secy.

No. 35- Pres /2008 - The President is pleased to approve the award of the " Bar to Sena Medal/Army Medal" to the undermentioned personnel for the acts of exceptional devotion to duty.

1. IC-44270 COLONEL PRASHANT SARJERAO NIKAM , SM , 7 RAJPUTANA RIFLES

2. IC-44729 COLONEL PARAMVIR SINGH SEHRAWAT , SM , BRIGADE OF THE GUARDS/21 RASHTRIYA RIFLES

3. IC-47298 COLONEL RAVINDRA SINGH , SM , SIKH REGIMENT, 45 ASSAM RIFLES

4. IC-48102 COLONEL DEEPAK BAKSHI , SM , 2 PARACHUTE REGIMENT( SPECIAL FORCES)

BARUN MITRA

It. Secy.

380

THE GAZETTE OF INDIA , MAY 10, 2008 ( VAISAKHA 20, 1930 )

[PART I-SEC. I No. 36-Pres/2008- The President is pleased to approve the award of the "Sena Medal /Army Medal" to the undermentioned personnel for the acts of exceptional devotion to duty: -

1. FC - 30021 BRIGADIER OM PRASAD GURUNG , VSM . MAHAR REGIMENT / HIGH ALTITUDE WARFARE SCHOOL

2. IC- 30322 BRIGADIER YEGGINA VISHNU MOHAN , VSM , CORPS OF ELECTRONICS & MECHANICAL ENGINNERING FME CENTRE

3. IC- 39367 COLONEL RAJIV KANWAR , + GORKHA RIFLES/ 7 ASSAM RIFLES

4. IC-43129 COLONEL MAHENDRA BHATNAGAR, 13 GARHWAL RIFLES

5. IC-43343 COLONEL RAJEEVA KUMAR , 4 SIKH LIGHT INFANTRY 6. IC -43776 COLONEL ANIL KUMAR ROHILLA , 5 JAT REGIMENT 7. IC-43869 COLONEL PRADEEP KAUL REGIMENT ARTILLERY/ 172 FIELD REGIMENT OF 8. IC - 44563 COLONEL BUBESH KUMAR S , 6 RAJPUT REGIMENT IC-45126 COLONEL NARENDER KUMAR . MADRAS REGIMENT . 3S RASHTRIYA RIFLES 9.

10. IC-46040 COLONEL NARENDRA SINGH PAL, GARHWAL RIFLES/ 14 RASHTRIYA RIFLES

11. IC- 47053 COLONEL MOHAN SINGH SHEKHAWAT , KUMAON REGIMENT /50 RASHTRIYA RIFLES

12. IC-47271 COLONEL , HARJINDER SINGH, 22 MARATHA LIGHT INFANTRY

13. IC-47592 COLONEL STEVE MUZAFFAR ISMAIL , 2/1 GORKHA RIFLES

14. IC-47646 COLONEL GULJEET SINGH JAMWAL, 11 SIKH LIGHT INFANTRY

15. IC- 47810 COLONEL HARJINDER SINGH , JAT REGIMENT:54 RASHTRIYA RIFLES 381 PART SEL . 1 )

THE GAZETTE OF INDIA, MAY 10, 2008 (VAISAKHA 20, 1930)

16. IC- 48120 COLONEL VIRENDRA VATS, 19 KUMAON REGIMENT 17. IC-48122 COLONEL REGIMENT VIGNESH MAHANTI , 4 ENGINEER 18. IC -48137 COLONEL PRAMIT SAΧΕΝΑ, 7/11 GORKHA RIFLES 19. IC-48231 COLONEL VINAY KHOSLA, 6 JAMMU AND KASHMIR LIGHT INFANTRY

20. IC-48389 COLONEL SAHI HARJEET SINGH, 23 RAJPUT REGIMENT

21. IC-48747 COLONEL RAVI KUMAR RADHAKRISHNAN , REGIMENT OF ARTILLERY/ 174 FIELD REGIMENT

22. IC -49181 COLONEL JAGDEEP SINGH BUDHWAR , 15 JAMMU AND KASHMIR LIGHT INFANTRY

23. IC-51477 LIEUTENANT COLONEL AMOD CHADHA, CORPS OF ENGINEERS

24. IC- 58430 MAJOR AMIT SONI , 8 JAMMU AND KASHMIR LIGHT INFANTRY

25. SS -40061 CAPTAIN DHARMJOT SINGH , 7 MARATHA LIGHT INFANTRY

26. JC-458678 SUBEDAR KHANDAGLE MARUTI NARAYAN , 5 MARATHA LIGHT INFANTRY

27. JC-593069 SUBEDAR MOHD ILYAS , 3 JAMMU AND KASHMIR LIGHT INFANTRY

28. 2786700 HAVILDAR JAGTAP NANDKUMAR NIVRUTI , 4 MARATHA LIGHT INFANTRY

29. 2792006 HAVILDAR DAYANAND DHALI , 4 MARATHA LIGHT INFANTRY

30. 3620565 HAVILDAR KHEM CHAND , 6 PARACHUTE REGIMENT 31. 3996293 HAVILDAR BALWANT SINGH NEGI , DOGRA REGIMENT , DOGRA SCOUTS

32. 4078244 HAVILDAR TEJPAL SINGH , 4 GARHWAL RIFLES

33. 4081292 HAVILDAR AMAR DEV BHATT, 15 GARHWAL RIFLES !

382

THE GAZETTE OF INDIA, MAY 10, 2008 ( VAISAKHA 20 , 1930)

[PART I-- SEC.1 34. 5346967 HAVILDAR MINGMAR GURUNG , 5/4 GORKHA RIFLES 35. 9923939 HAVILDAR TSERING ANGCHOK , 2 LADAKH SCOUTS 36. 4073889 LANCE HAVILDAR RAM BAHADUR MALL, 13 GARHWAL RIFLES

37. 15328580 LANCE NAIK K SIVAJI RAO , 4 ENGINEER REGIMENT ( POSTHUMOUS)

38. 2799019 SEPOY PATIL SACHIN RAVSAHEB , 5 MARATHA LIGHT INFANTRY

BARUN MITRA

J1. Secy.

No. 37 -Pres/2008 The President is pleased to approve the award of the "Nao Sena Medal/Navy Medal to the undermentioned personnel for the acts of exceptional devotion to duty: -

1. COMMODORE SUDHAKAR THURUMALLA ( 60301 - Y)

COMMODORE SUJEET SAMADDAR ( 02164 - T) 2.

CAPTAIN BALVINDER SINGH PARHAR ( 02253 - W) 3.

CAPTAIN DALBIR SINGH SODHI ( 50826 - N ) 4 .

AG CAPTAIN BALAKRISHNAN SUNIL ( 03098 - R ) 5.

COMMANDER BALACHANDRAN AYYAPPAN NAIR (41196 -A ) 6.

7. COMMANDER KULDEEPAK MITTAL ( 03193 - F)

8. COMMANDER ASHIM KUMAR MAJHI ( 03188 - W)

9. COMMANDER VIKRAM BAKSHI ( 03458 - H)

10. B.N. BHUSHAN , POR( TEL) ( 174266- K)

BARUN MITRA

Jt . Secy.

PART1-SEC. 11

383 THE GAZETTE OF INDIA , MAY 10 , 2008 (VAISAKHA 20, 1930)

No. 38 -Pres/2008 The President is pleased to approve the award of the "Vayu Sena Medal/Air Force Medal" to the undermentioned personnel for the acts of exceptional devotion to duty:-

1. AIR COMMODORE GURINDER PAL SINGH ( 15417) FLYING (PILOT)

2. GROUP CAPTAIN RAJAT SHARMA ( 17008) FLYING (PILOT)

3. WING COMMANDER LALIT KUMAR CHAWLA ( 19871 ) FLYING PILOT

4. WING COMMANDER NARMDESHWAR TIWARI ( 18270 ) FLYING (PILOT)

5. WING COMMANDER NAGESH KAPOOR ( 18557) FLYING ( PILOT) 6. WING COMMANDER AWADESH KUMAR BHARTI ( 18781 ) FLYING ( PILOT)

7. WING COMMANDER AMAN NAUTIYAL ( 18789 ) FLYING ( PILOT) 8. WING COMMANDER KENNETH ALLEN ( 18805 ) FLYING ( PILOT) 9. WING COMMANDER RAJIVA RANJAN ( 18810) FLYING ( PILOT) 10. WING COMMANDER KS SURESH KUMAR ( 18822) FLYING (PILOT)

11. WING COMMANDER SUNIL KASHINATH VIDHATE ( 18825) FLYING ( PILOT)

12. WING COMMANDER SHAILENDRA SHARMA ( 19189 ) FLYING (PILOT)

13. WING COMMANDER DEEP RAJ SIROHI ( 19517 ) FLYING ( PILOT ) 14. WING COMMANDER INDERPAL SINGH WALIA ( 19518 ) FLYING (PILOT)

15. WING COMMANDER AMITABH RAJA SHENDYE (19904 ) FLYING (PILOT)

16. WING COMMANDER SANDEEP BANSAL (20438 ) FLYING ( PILOT)

BARUN MITRA

Jt . Secy. 17-51 G1/2008 384

[PART I- SEC. 1 THE GAZETTE OF INDIA , MAY 10, 2008 ( VAISAKHA 20, 1930)

No. 39 -Pres /2008 - The President is pleased to give orders for publication in the Gazette of India of the names of the undermentioned officers/personnel for "Mention in Despatches " received by the Raksha Mantri from the " Chief of the Army Staff": -

OPERATION HIFAZAT

1. IC- 55823 MAJ VISHAL GURUNG , ARMOURED CORPS . 7 ASSAM RIF

2. IC-61019 MAJ ATUL KUMAR SHARMA , 11 GORKHA RIFLES , 18 ASSAM RIF

3. IC- 67374 CAPT PADMESH DUVEDI , 51 ENGR REGT

4. 1483312 HAV NARESH KUMAR PAL, 51 ENGR REGT

5. 1493252 L/ NK RAINAI HRANGKHAWL, 51 ENGR REGT

6. G/ 184553 RFN Y OKENDRA SINGH, 18 ASSAM RIF

7 . 15339552 SPR RAJENDRA KUMAR , 51 ENGR REGT

15347074 SPR AVADHESH KUMAR, 51 ENGR REGT 8 .

OPERATION ORCHID

9. IC- 62395 MAJ SIDDHARTHA SHARMA , ENGRS , 37 ASSAM RIF OPERATION RHINO

10. IC - 51359 LT COL GURVINDER HAZOORIA , ARTILLERY . 217 MEDIUM REGT

11. IC- 54395 MAJ MOHIT NARANG, INTELLIGENCE, 2/5 DET ECLU IC- 56200 MAJ ROHIT KUMAR SHARMA , INT , 4 CORPS INT & FS COMPANY 12 .

13. IC -57157 MAJ SUNDER BISHT , INT, 4 CORPS INT & FS COMPANY

{ 14. SS- 38706 MAJ AMAN SHARMA, 6 JAK RIF

15. SS- 41340 LT MAHAJAN ANUP AMOL, ARTILLERY, 174 FIELD REGT

7 13688163 HAV INDRAJEET , 11 GUARDS 16 .

3995505 NK DINESH KUMAR, 16 DOGRA REGT 17 .

18. 5045624 NK LESH BAHADUR GURUNG , 2/1 GORKHA RIFLES 19. 13757385 NK MOHAN LAL , 11 JAK RIFLES

20. 13758109 NK VIPNESH SINGH , 11 JAK RIFLES

21. 13759869 NK VIJAY KUMAR, 6 JAK RIFLES

22 . 5046408 L/ NK SHYAM GURUNG , 2/1 GORKHA RIFLES

23. 14703476 LINK SURESH CHANDRA , 1 NAGA REGT

24. 3192405 SEP UDAI SINGH . 21 JAT REGT PART I-SEC. 1 )

385 THE GAZETTE OF INDIA , MAY 10, 2008 ( VAISAKHA 20, 1930)

25.

3193224 SEP SURENDRA KUMAR, 21 JAT REGT

26.

3999658 SEP SIKANDER LAL, 16 DOGRA REGT

27.

4199061 SEP DEVENDRA BOHRA , 19 KUMAON REGT

28. 9423110 RFN ASHOK RAI , 7/11 GORKHA RIFLES

BARUN MITRA

Jt. Secy.

MINISTRY OF HOME AFFAIRS

(DEPARTMENT OF OFFICIAL LANGUAGE)

New Delhi , the 22nd April 2008

RESOLUTION

No. 21034/ 18/2008- OL(Trg.) The orders of the President , on the recommendations made by the Committee of Parliament on Official Language in the third part of its Report were convenyed vide this Department Resolution No. 13015/ 1 / 91 -OL(D ) , dated 4th November , 1991 in accordance with Section 4 ( 4 ) of the Official Languages Act, 1963 ( as amended 1967) . In partial modification of the orders laid down in para-5 of the said Resolution , it was ordered, vide Resolution No. 14034/ 17/2005- OL (Trg) dated 16 November, 2005 that the training in Hindi imparted to the employees of the offices located in all the regions ( viz. A' . ' B ' and 'C' ) would be completed by the end of the year 2008.

2. The President, in further partial modification of the said Resolution . has now ordered that the training in Hindi imparted to the employees of the offices located in all the regions (viz. ' A ' . ' B ' and ' C' ) may be completed by the end of the year 2015,

ORDER

Ordered that a copy of this Resolution be sent to all Ministries/ Departments of the Govt . of India, all State Governments and Union Territories . the President's Secretariat , the Vice - President Secretariat, Lok Sabha Secretariat , Rajya Sabha Secretariat, Cabinet Secretariat, Prime Minister's Office. Union Public Service Commission . Planing Commission , Comptroller and Auditor General of India. the Registrar General of Supreme Court of India, the University Grants Commission. the Law Commission of India and the Bar Council of India.

Ordered also that the Resolution be published in the Gazette of India for general information .

P. V. VALSALA G. KUTTY

Jt. Secy.

386

[PART I-SEA ] THE GAZETTE OF INDIA , MAY 10, 2008 ( VAISAKHA 20, 1930)

MINISTRY OF URBAN DEVELOPMENT

New Delhi - 110011 , the 21st April 2008

RESOLUTION

No. E- 11015/ 1/99 - Hindi-

In partial amendment to this Ministry's Resolution dated 19th May , 2005 of even No.regarding constitution of Joint Hindi Salahakar Samiti for the Ministry of Urban Development , and Ministry of Housing & Urban Poverty Alleviation , the Government of India have decided that the tenure of the Joint Hindi Salahakar Samiti ending on 18th May 2008 be extended by one year i , e upto 18th May 2009. Hence clause IV of the Resolution regarding tenure of the Samiti stands amended accordingly.

The other terins and conditions will remain the same .

Order

Ordered that a copy of this Resolution be communicated to all the State Governments /Union Territory Administrations , President's Secretariat, Prime Minister's Office , Cabinet Sectt. , Planning Commission , Comptroller & Auditor General of India , Lok Sabha Sectt . , Rajya Sabha Sectt . , Committee of Parliament on Official Language, all the Ministries and Departments of the Government of India .

Ordered also that the Resolution be published in the Gazette of India for general information .

А. К. МЕΗΤΑ Jt. Secy.

प्रबन्धक , भारत सरकार मुद्रणालय , फरीदाबाद द्वारा मुद्रित एवं प्रकाशन नियंत्रक, दिल्ली द्वारा प्रकाशित, 2008

PRINTED BY THE MANAGER, COVERNMENT OF INDIA PROSS , FARIDAD AND PL135 ) [34 LITE CONTROLLER OF PUBLICATIONS , DE: 11 , 2008

Cite this issue. Weekly Gazette of India, Government of India, 10 May 2008. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gazette.central.w.2008-05-10.889/. Archive identifier in.gazette.central.w.2008-05-10.889.