REGISTERED No. DL (N) -04/0007/2003-05 रजिस्ट्री सं. डीएल ( एन ) -04/0007/2003--05
भारत का राजपत्र The Gazette of India
साप्ताहिक /WEEKLY
प्राधिकार से प्रकाशित
PUBLISHED BY AUTHORITY
सं. 12]
नई दिल्ली, शनिवार, मार्च 21- मार्च 27, 2009 ( फाल्गुन 30, 1930 )
NEW DELHI , SATURDAY, MARCH 21-MARCH 27 , 2009 ( PHALGUNA 30 , 1930) No. 12]
इस भाग में भिन्न पृष्ठ संख्या दी जाती है जिससे कि यह अलग संकलन के रूप में रखा जा सके । (Separate paging is given to this Part in order that it may be filed as a separate compilation )
विषय-सूची
भाग II-खण्ड
315
भाग -खण्ड-1 ( रक्षा मंत्रालय को छोड़कर ) भारत सरकार के मंत्रालयों और उच्चतम न्यायालय द्वारा जारी की गई विधितर नियमों , विनियमों, आदेशों तथा संकल्पों से सम्बन्धित अधि- सूचनाएं
-3 उप खण्ड ( iii ) भारत सरकार के मंत्रालयों (जिसमें रक्षा मंत्रालय भी शामिल है) और केन्द्रीय प्राधिकरणों ( संघ शासित क्षेत्रों के प्रशासनों को छोड़कर ) द्वारा जारी किए गए सामान्य सांविधिक नियमों और सांविधिक आदेशों ( जिनमें सामान्य स्वरूप की उपविधियां भी शामिल हैं ) के हिन्दी प्राधिकृत पाठ (ऐसे पाठों को छोड़कर जो भारत के राजपत्र के खण्ड 3 था खण्ड 4 में प्रकाशित होते हैं ) ....
271
भाग 1-खण्ड-2-( रक्षा मंत्रालय को छोड़कर) भारत सरकार के मंत्रालयों और उच्चतम न्यायालय द्वाय जारी की गई सरकारी अधिकारियों की नियुक्तियाँ, पदोन्नतियों , छुट्टियों आदि के सम्बन्ध में अधिसूचनाएं
भाग II-खण्ड- 4- रक्षा मंत्रालय द्वारा जारी किए गए सांविधिक नियम और आदेश
69
भाग 1-खण्ड-3- रक्षा मंत्रालय द्वारा जारी किए गए संकल्पों और असांविधिक आदेशों के सम्बन्ध में अधिसूचनाएं
भाग III-
441
भाग I--खण्ड- 4- रक्षा मंत्रालय द्वारा जारी की गई सरकारी अधिकारियों की नियुक्तियों, पदोन्नतियों, छुट्टियों आदि के सम्बन्ध में अधिसूचनाएं ...
भाग II-खण्ड-1 अधिनियम, अध्यादेश और विनियम
845
खण्ड-1- उच्च न्यायालयों , नियंत्रक और महालेखापरीक्षक, संघ लोक सेवा आयोग, रेल विभाग और भारत सरकार से सम्बद्ध और अधीनस्थ कार्यालयों द्वारा जारी की गई अधिसूचनाएं
भाग II- खण्ड-1 क अधिनियमों , अध्यादेशों और विनियमों का हिन्दी भाषा में प्राधिकृत पाठ
भाग III-खण्ड-2-पेटेंट कार्यालय द्वारा जारी की गई पेटेन्टों और डिजाइनों से सम्बन्धित अधिसूचनाएं और नोटिस
भाग 1 ]-खण्ड-2-विधेयक तथा विधेयकों पर प्रवर समितियों के बिल तथा रिपोर्ट
भाग III-खण्ड-3-मुख्य आयुक्तों के प्राधिकार के अधीन अथवा द्वारा जारी की गई अधिसूचनाएं
1993
भाग III-खण्ड-4-विधिक अधिसूचनाएं जिनमें सांविधिक निकायों द्वारा जारी की गई अधिसूचनाएं, आदेश, विज्ञापन और नोटिस शामिल हैं .....
भाग 11-खण्ड-3-उप खण्ड ( i ) भारत सरकार के मंत्रालयों (रक्षा मंत्रालय को छोड़कर ) और केन्द्रीय प्राधिकरणों ( संघ शासित क्षेत्रों के प्रशासनों को छोड़कर) द्वारा जारी किए गए सामान्य सांविधिक नियम (जिनमें सामान्य स्वरूप के आदेश और उपविधियां आदि भी शामिल हैं) ...
97
भाग IV-गैर-सरकारी व्यक्तियों और गैर- सरकारी निकायों द्वारा जारी किए गए विज्ञापन और नोटिस
*
भाग V- अंग्रेजी और हिन्दी दोनों में जन्म और मृत्यु के आंकड़ों को दर्शाने वाला सम्पूरक
भाग II-खण्ड-3 उप खण्ड ( ii ) भारत सरकार के मंत्रालयों (रक्षा मंत्रालय को छोड़कर ) और केन्द्रीय प्राधिकरणों ( संघ शासित क्षेत्रों के प्रशासनों को छोड़कर ) द्वारा जारी किए गए सांविधिक आदेश और अधिसूचनाएं.
*आंकड़े प्राप्त नहीं हुए ।
1-501G1/ 2008
(315) 316
315 PARUL SITEN -Notificanotts relating to and Statutory Rules . Regulatsons , fordis Resolutions issued the Ministries of the Government of Ind other than the Ministry of Defences and by the Supreme Court
271 PART I SEN 2 Notifications regarding Appointments , Promotions . Leave ele of Government Officers issued by the Ministries of the Government of India Tother than the Ministry of Defence and by the Supreme Court
69 PARI I SECTIos 3 Noufications relating to Resolutions and Non - Statutory Ondets issued by the Ministry of Delence .
441 PART I- Sms 4 -- Notifications regarding Appointments . Promotions , fcave ele . of Government Officers issued on the Ministry of Defence .
PART II SHION 1 Acts , Ordinances and Regulations .
PARI II SIS TRA TA- Authoritative tenis in Hindi languages of Acts . Ordinances and Regulations
PART 11 - SECTION 2- Bills and Reports of the Select Committee on Bills......
PART IH- SON 3 SER - SELON Li Creneral Statutory Rules including Orders. Bye- laws , etc. of general character issued ins the Ministry of the Government : India fother than theMinistry of Derence and by the Central Authorities tother han Adamnistration Territoriest.. Union PARI H -SCHUN 3 SUB - STRON --Statutory Orders and Notifications Issued by the Mimstries of the Government of India wether than the Ministry of Defence!
*Folios not received .
PART 1 --SEC. 1
THE GAZITH OFINDIA . MARCH 21 , 2009 ( PHAT GUNA 30 , 1930 )
CONTENTS
and by the Central Authorities fother than the Administration of Union Territories .
PART II -SECTION 3 SUB SECTION ( 1 ) Authoritative texts in Hindi fother than such texts , published in Section 3 or Section 4 of the Gazette of India ) of General Statutory Rules & Statutory Orders ( including Bye -laws of a general characters issued by the Ministries of the Government of India ( including the Ministry of Defence and by Central Authorities other than Administration of Union Territories )
PART II- SECTIos Statutory Rules and Orders issued by the Ministry of Defence
845 PART III SECHON ! Notifications issued by the High Cour's . the Comptroller and Auditor General , Union Public Service Commission, the Indian Governinent Railways and by Attached and Subordinate Offices of the Government ofIndia
PART III- SECTION 2 Notifications and Notices issued by the Patent Office , relatingto Patents and Designs .
PART 111- SECTIos 3 -Notifications issued by or under authority Chief of the Commmssioners .
1993 PART III-SECHON 4 Miscellaneous Notifications including Notifications . Orders . Advertisements and Notices issued by Statutory Bodies ...
97 PART IV-Advertisements and Notices issued by Private individuals and Private Bodies
PART V -Supplement showing Statistics of Births and Deaths etc. both in English and Hindi ..
317 भाग 1-खण्ड 1 ]
भारत का राजपत्र, मार्च 21 , 2009 ( फाल्गुन 30, 1930)
भाग I-खण्ड 1
[ PART I - SECTION 1 ]
[ ( रक्षा मंत्रालय को छोड़कर ) भारत सरकार के मंत्रालयों और उच्चतम न्यायालय द्वारा जारी की गई विधितर नियमों , विनियमों तथा आदेशों और संकल्पों से संबंधित अधिसूचनाएं] [ Notifications relating to Non - Statutory Rules , Regulations , Orders and Resolutions issued by the Ministries of the Government of India ( other than the Ministry of Defence ) and by the Supreme Court ]
राष्ट्रपति सचिवालय
नई दिल्ली, दिनांक 26 जनवरी, 2009
संख्या 10-प्रेज/2009 - राष्ट्रपति उनके अति असाधारण कोटि की विशिष्ट सेवा के लिए निम्नलिखित कार्मिकों को ' परम विशिष्ट सेवा मेडल ' प्रदान करने का अनुमोदन करती हैं: - 1. आईसी-19391 लेफ्टिनेंट जनरल बलदेव सिंह पवार, अविसेमे, तोपखाना रेजिमेंट (सेवानिवृत्त)
2. आईसी-19422 लेफ्टिनेंट जनरल रामा रंजन गोस्वामी, इंजीनियर्स कोर (सेवानिवृत्त) आईसी-23011 लेफ्टिनेंट जनरल ईसाक जोहन कोशी, अविसेमे, तोपखाना रेजिमेंट 3.
आईसी-23276 लेफ्टिनेंट जनरल नॉबेल थम्बुराज, सेमे, इंजीनियर्स कोर 4.
5. आईसी-23291 लेफ्टिनेंट जनरल जयन्ता कुमार मोहान्ती, उयुसेमे, सेमे, विसेमे, इन्फैंट्री 6. आईसी-23302 लेफ्टिनेंट जनरल तेज कुमार सपरू, युसेमे, इन्फैंट्री
7. आईसी-23928 लेफ्टिनेंट जनरल राजेन्द्र सिंह, सेमे, विसेमे, इन्फैंट्री
8. आईसी-24173 लेफ्टिनेंट जनरल विजय कुमार सिंह, अविसेमे, युसेमे, इन्फैंट्री
9. आईसी-24178 लेफ्टिनेंट जनरल प्रबोध चन्द्र भारद्वाज, अविसेमे, वीर चक्र, शौर्य चक्र, विसेमे, इन्फैंट्री
10. आईसी-24208 लेफ्टिनेंट जनरल अमरजीत सिंह शेखों, अविसेमे , युसेमे, इन्फैंट्री
11. आईसी-24255 लेफ्टिनेंट जनरल अमर नाथ औल , उयुसेमे, अविसेमे, इन्फैंट्री
12. आईसी -24604 लेफ्टिनेंट जनरल दिगम्बर सिंह बरतवाल, इन्फैंट्री
13. आईसी-24611 लेफ्टिनेंट जनरल अवधेश प्रकाश, अविसेमे, विसेमे, इन्फैंट्री
14. आईसी-24810 लेफ्टिनेंट जनरल राकेश कुमार गुप्ता, सेना सेवा कोर
15. आईसी-28805 लेफ्टिनेंट जनरल कुलवंत सिंह डोगरा, अविसेमे *, विसेमे, सेना वायु रक्षा (सेवानिवृत्त)
16. आईसी-32703 लेफ्टिनेंट जनरल कृष्णा पिल्लै शंकरनारायना पिल्लै वेणुगोपाल , अविसेमे, इलेक्ट्रॉनिक एवं मेकेनिकल इंजीनियरिंग (सेवानिवृत्त)
17. एमआर-02475 लेफ्टिनेंट जनरल योगेन्द्रा सिंह, विसेमे, सेना चिकित्सा कोर 318
(भाग -खण्ड 1 भाग्न का राजपत्र, मार्च 21 , 2009 ( फाल्गुन 30, 1930)
18. एमआर-02669 लेफ्टिनेंट जनरल जयकृष्णन जयराम, अविसेमे, सेना चिकित्सा कोर 19. वी-00321 लेफ्टिनेंट जनरल नारायण मोहान्ती , अविसेमे, विसेमे, रिमाउंट एवं वेटेरीनरी कोर (सेवानिवृत्त)
20. वाइस एडमिरल रमन प्रेम सुथन, अविसेमे, विसेमे, (01137-एच )
21. वाइस एडमिरल सुनील कृष्णाजी दामले , अविसेमे, नौमे, विसेमे, (01168 -बी)
22. वाइस एडमिरल बृज कृष्ण कौल, अविसेमे, (50272-बी) (सेवानिवृत्त)
23. वाइस एडमिरल रुसतम फरामरोज कोन्ट्रेक्टर, अविसेमे, नौमे, (01224- एफ ) ( सेवानिवृत्त ) 24. एयर मार्शल कंवर दलिन्दरजीत सिंह, अविसेमे, एडीसी (12403) उड़ान (पायलट)
25. एयर मार्शल सदाशिवन राधाकृष्णन, अविसेमे (12408) उड़ान (पायलट)
26. एयर मार्शल विनोद कुमार वर्मा , अविसेमे, वामे, विसेमे ( 11638 ) उड़ान (पायलट) (सेवानिवृत्त)
27. एयर मार्शल शिव कुमार भान, अविसेमे, वामे ( 12510) उड़ान (पायलट)
28. एयर मार्शल गौतम नय्यर, विसेमे (13024) वैमानिक इंजीनियरी (यांत्रिक)
29. एयर मार्शल सुरेश चन्द मुकूल, अविसेमे, वामे, विसेमे (12930) उड़ान (पायलट)
बरूण मित्रा
संयुक्त सचिव संख्या 11 -प्रेज/2009- राष्ट्रपति युद्ध के दौरान उनके उच्च कोटि की विशिष्ट सेवा के लिए निम्नलिखित कार्मिकों को उत्तम युद्ध सेवा मेडल' प्रदान करने का अनुमोदन करती हैं: -
1. आईसी-27258 मेजर जनरल राजिन्द्र सिंह, सेमे, मैकानाइज्ड इन्फैंट्री/मुख्यालय, प्रतिविद्रोही बल (किलो)
2. आईसी-27979 मेजर जनरल जतिन्द्र सिंह बाजवा, सेमे, इन्फैंट्री/ मुख्यालय 28 इन्फैंट्री डिवीजन
बरूण मित्रा
संयुक्त सचिव संख्या 12-प्रेज/2009- राष्ट्रपति असाधारण कोटि की विशिष्ट सेवा के लिए आईसी-24584 लेफ्टिनेंट जनरल बलजीत सिंह जसवाल , अविसेमे, विसेमे , इन्फैंट्री/मुख्यालय 4 कोर को 'अति विशिष्ट सेवा मेडल-बार' प्रदान करने का अनुमोदन करती हैं ।
1
बरूण मित्रा
संयुक्त सचिव 319 भाग I-खण्ड 1 ]
भारत का राजपत्र, मार्च 21 , 2009 ( फाल्गुन 30, 1930)
संख्या 13-प्रेज/2009- राष्ट्रपति उनके अति असाधारण कोटि की विशिष्ट सेवा के लिए निम्नलिखित कार्मिकों को ' अति विशिष्ट सेवा मेडल' प्रदान करने का अनुमोदन करती हैं: - 1. आईसी-19401 लेफ्टिनेंट जनरल यतिन्द्र सिंह पनवर, विसेमे, सिगनल्स कोर/एमसीटीई, मऊ
2. आईसी-23665 लेफ्टिनेंट जनरल अरुण कुमार नन्दा, इंजीनियर्स कोर/मुख्यालय डीजीबीआर
3. आईसी-23801 लेफ्टिनेंट जनरल अनिल कुमार लाम्बा, विसेमे, तोपखाना रेजिमेंट
4. आईसी-24652 लेफ्टिनेंट जनरल राज कुमार करवाल, सेमे , विसेमे, इन्फैंट्री/मुख्यालय 16कोर
5. आईसी-24656 लेफ्टिनेंट जनरल प्रदीप खन्ना, विसेमे, कवचित कोर/मुख्यालय 21 कोर 6. आईसी-25064 लेफ्टिनेंट जनरल श्रीधरन श्याम कुमार, सेमे, विसेमे, इन्फैंट्री/ मुख्यालय 11 कोर
7. आईसी-25189 लेफ्टिनेंट जनरल गौतम बैनर्जी, युसेमे, इंजीनियर्स कोर/मुख्यालय मध्य कमान
8. आईसी-24283 लेफ्टिनेंट जनरल राकेश कुमार लुम्बा, कवचित कोर/सेना युद्ध कॉलेज, मऊ
9. आईसी-25434 लेफ्टिनेंट जनरल शंकर रंजन घोष, सेमे, इन्फैंट्री
10. आईसी-25562 लेफ्टिनेंट जनरल पार्थ महापात्र, सिगनल्स कोर
11. आईसी-32844 लेफ्टिनेंट जनरल राम प्रताप , विसेमे, सेना वायु रक्षा/सेना वायु रक्षा कॉलेज 12. आईसी-24749 मेजर जनरल प्रवीण चन्द्र खरबन्दा, सेमे, तोपखाना रेजिमेंट/मुख्यालय एसएफसी
13. आईसी-25847 मेजर जनरल सुरेन्द्र प्रताप राय , इन्फैंट्री
14. आईसी-27265 मेजर जनरल बालाकृष्णन वेणुगोपाल नायर, तोपखाना रेजिमेंट 90
15. आईसी -27321 मेजर जनरल कंवल जीत सिंह ओबराय, सेमे, इन्फैंट्री/मुख्या. दिल्ली एरिया.
16. आईसी -27606 मेजर जनरल अजय कुमार सिंह, सेमे, विसेमे, कवचित कोर
17. आईसी-27608 मेजर जनरल राम कंवर हुड्डा, इन्फैंट्री/मुख्यालय एमजी एंड जी एरिया
18. आईसी-27778 मेजर जनरल जगबीर सिंह कुण्डु, तोपखाना रेजिमेंट
19. आईसी-27782 मेजर जनरल पानेमंगलूर गोपालकृष्ण कामथ, युसेमे, सेमे, इन्फैंट्री/मुख्यालय 11 इन्फैंट्री डिवीजन
20. आईसी-27793 मेजर जनरल जतिन्द्र सिंह, सेमे, इन्फैंट्री/मुख्यालय 2 पर्वतीय डिवीजन
21. आईसी -27990 मेजर जनरल मुनिश सिबल , इन्फैंट्री/ मुख्यालय 7 इन्फैंट्री डिवीजन
22. आईसी-30053 मेजर जनरल राजीव कुमार कालरा, सेना वायु रक्षा
23. आईसी-30109 मेजर जनरल विनोद कुमार तिवारी, तोपखाना रेजिमेंट
24. आईसी-30353 मेजर जनरल सैयद अता हस्नैन, सेमे, विसेमे**, इन्फैंट्री/मुख्यालय 19 इन्फैंट्रीडिवीजन
2-501 G1/08 320
[भाग -खण्ड । भरत
मार्च 21. 2009 ( फाल्गुन 30, 1930 ,
25. आईसी-30503 मेजर जनरल जय प्रकाश नेहरा, इन्फैंट्री/ मुख्यालय आईजीएआर (उत्तर) 26. आईसी-30612 मेजर जनरल शंकरपिल्ला सरचन्द्रन नायर, सेना शिक्षा कोर
27. आईसी-30708 मेजर जनरल अशोक कुमार चौधरी, सेमे, विसेमे, इन्फैंट्री/मुख्यालय डीजीएआर ( दक्षिण)
28. आईसी-31016 मेजर जनरल सुब्रामनयम सुन्दर, सेना वायु रक्षा
29. एमआर-03434 मेजर जनरल हीरा लाल ककरिया, विसेमे , सेना चिकित्सा कोर/कमान अस्पताल, मुख्यालय दक्षिण कमान
30. एमआर-03436 मेजर जनरल चरनजीत सिंह, विसेमे , सेना चिकित्सा कोर/मुख्यालय पश्चिमकमान
31. आईसी-27994 मेजर जनरल पलविन्द्र सिंह भल्ला, कचित कोर/ मुख्यालय 20 पर्वतीय डिवीजन
32. सर्जन वाइस एडमिरल वसंत श्रीपदराव दीक्षित, विसेमे (75150- डब्ल्यु)
33. वाइस एडमिरल कन्नन भागवथेश्वरन, विसेमे, (50431 - आर)
34. रियर एडमिरल बोला राधाकृष्ण राव, नौमे, विसेमे, (01249-एन)
35. रियर एडमिरल ए आर राधाकृष्णन , ( 01515 -टी)
36. रियर एडमिरल एम पी मुरलीधरन, नौमे , (01587-एफ )
37. रियर एडमिरल के सी शेखर, विसेमे, (40445 -के) (सेवानिवृत्त)
38. रियर एडमिरल मोहिंदर कुमार बधवार, विसेमे, (40474-के)
39. एयर वाइस मार्शल जसबीर सिंह पनेसर, वामे ( 13370) , उड़ान (पायलट)
40. एयर वाइस मार्शल सपन कुमार कर्माकर, वामे ( 13379), उड़ान (पायलट)
41. एयर वाइस मार्शल श्याम बिहारी बाजपेयी ( 13531 ) वैमानिक इंजीनियरी ( इलेक्ट्रॉनिकी) 42. एयर वाइस मार्शल बलदेव सिंह, विसेमे ( 13683) लेखा
43. एयर वाइस मार्शल बेलीगुण्ड कृष्णामूर्ति मुरली, विसेमे ( 13728 ) वैमानिक इंजीनियरी (यांत्रिक)
44. एयर वाइस मार्शल अरुप राहा, वामे ( 13910) उड़ान (पायलट)
45. एयर वाइस मार्शल मुथुमानिकम मातेस्वरन, वामे ( 14104) उड़ान ( पायलट)
46. एयर वाइस मार्शल परमजीत सिंह गिल वामे ( 14097) उड़ान (पायलट)
47. एयर कमोडोर गुडिपुडि राजेंद्र प्रसाद, विसेमे ( 13236) प्रशासन
48. एयर कमोडोर विनोद कुमार नारंग ( 14326) वैमानिक इंजीनियरी ( इलेक्ट्रॉनिकी)
49. एयर कमोडोर राव बीरादावालु केशव ( 14450) चिकित्सा
50. एयर कमोडोर सुनील श्रीपाद सोमन, वामे, ( 14681 ) उड़ान (पायलट)
बरूण मित्रा
संयुक्त सचिव 322
[भाग -खण्ड 1 भारत का राजपत्र, मार्च 21 , 2009 ( फाल्गुन 30, 1930 )
6. आईसी-27767 मेजर जनरल प्रदीप भल्ला, सेना आयुध कोर/मुख्यालय पूर्वी कमान 7. आईसी-27967 मेजर जनरल सुरिन्द्र पाल सिंह, तोपखाना रेजिमेंट
8. आईसी-30052 मेजर जनरल ब्रिजेन्द्र सिंह दौलता, इन्फैंट्री मुख्यालय 16 इन्फैंट्री डिवीजन
9. आईसी-30056 मेजर जनरल तपन कुमार दास, सिगनल्स कोर
10. आईसी-30278 मेजर जनरल धर्म वीर कालरा , सिगनल्स कोर
11. आईसी-30683 मेजर जनरल रामेश्वर यादव, इन्फैंट्री/मुख्यालय 22 इन्फैंट्री डिवीजन 12. आईसी-34912 मेजर जनरल विनोद कुमार शर्मा, सेना सेवा कोर
13. एमआर-03029 मेजर जनरल महावीर सिंह, सेना चिकित्सा कोर
14. आईसी -31052 मेजर जनरल शक्ति गुरुंग , ग्रेनेडियर्स/मुख्यालय आईडीएस
15. आईसी -27247 ब्रिगेडियर विक्रम गोस्वामी, गढ़वाल राइफल/मुख्यालय आईडीएस 16. आईसी-30374 ब्रिगेडियर नागेन्द्र सिंह, राजपूताना राइफल
17. आईसी-31155 ब्रिगेडियर दिपक गोविन्द भट्ट, तोपखाना रेजिमेंट
18. आईसी-31324 ब्रिगेडियर कोथेनाथ सुरेन्द्रनाथ , सेमे, कवचित कोर/मुख्यालय उत्तरी कमान
19. आईसी-33984 ब्रिगेडियर जसवन्त सिंह यादव, जज एडवोकेट जनरल विभाग
20. आईसी-34048 ब्रिगेडियर जी वी सत्यनारायना, 5 गोरखा राइफल (फ्रंटियर फोर्स)/मुख्यालय 15कोर
21. आईसी -34256 ब्रिगेडियर नेत्र प्रकाश शर्मा , सिग्नल्स (सेवानिवृत्त)
22. आईसी -34890 ब्रिगेडियर श्रीनिवासन लक्ष्मी नरसिम्हन , मद्रास रेजिमेंट/मुख्यालय 63 पर्वतीय ब्रिगेड
23. आईसी-35153 ब्रिगेडियर देवेन्द्र कुमार पुरोहित, सेमे, महार रेजिमेंट/मुख्यालय 15 सेक्टर राष्ट्रीय राइफल
24. आईसी-35249 ब्रिगेडियर गुरजीत सिंह चीमा, कवचित कोर/मुख्यालय 340 (स्वतंत्र) मेकेनाइज्ड ब्रिगेड
25. आईसी-35261 ब्रिगेडियर प्रभाकरण नायर कनाथिल नारायनण , सेमे, बिहार रेजिमेंट/मुख्यालय 36 सेक्टर
26. आईसी-35479 ब्रिगेडियर बलवन्त सिंह नेगी, युसेमे , असम रेजिमेंट/मुख्यलय 92 इन्फैंट्रीब्रिगेड
27. आईसी-35486 ब्रिगेडियर सुभाष चन्द्र रांगी , जम्मू-कश्मीर लाइट इन्फैंट्री/मुख्यालय 121 (स्वतंत्र) इन्फैंट्री ब्रिगेड ग्रुप
28. आईसी-35602 ब्रिगेडियर अशोक भीम शिवाने, कवचित कोर, मुख्यालय 4 (स्वतंत्र) कवचितकोर
29. आईसी-35731 ब्रिगेडियर अस्थाना शशी भुषण, सेमे, असम रेजिमेंट/मुख्यालय 21 सेक्टर असम राइफल भाग-खण्ड।
321 भग्नकः , मात्र 21 , 2009 ( फाल्गुन 30, 1930)
संख्या 14-प्रेज 2009 राष्ट्रपति युद्ध के दौरान उनके उच्च कोटि की विशिष्ट सेवा के लिए निम्नलिखित कार्मिकों को ' युद्ध सेवा मेडल' प्रदान करने का अनुमोदन करती हैं:-
1. आईसी-35471 ब्रिगेडियर बिपिन रावत, सेमे, विसेमे, 11 गोरखा राइफल/मुख्यालय 5 सेक्टर राष्ट्रीय राइफल
2. आईसी-35494 ब्रिगेडियर सुब्राता साहा , विसेमे , असम रेजिमेंट/ मुख्यालय 268 इन्फैंट्री ब्रिगेड
3. आईसी-35626 ब्रिगेडियर उमेश कुमार गुरुंग, सिख रेजिमेंट/ मुख्यालय 81 पर्वतीय ब्रिगेड 4. आईसी-37211 ब्रिगेडियर देविन्द्र सिंह डडवाल, सेमे, सिख रेजिमेंट/मुख्यालय 73 पर्वतीय ब्रिगेड
5. आईसी-47053 कर्नल मोहन सिंह शेखावत, सेमे, कुमाऊं रेजिमेंट/50 राष्ट्रीय राइफल
बरूण मित्रा संयुक्त सचिव संख्या 15-प्रेज/2009 राष्ट्रपति उनके उच्च कोटि की विशिष्ट सेवा के लिए निम्नलिखित कार्मिकों को ' विशिष्ट सेवा मेडल-बार ' प्रदान करने का अनुमोदन करती हैं: -
1. आईसी-24631 मेजर जनरल उमंग कपूर, विसेमे, इलेक्ट्रिकल एवं मेकेनिकल इंजीनियरिंग/मुख्यालय डीआरडीओ
2. आईसी-38024 ब्रिगेडियर लाइफारकपम निषिकांता सिंह, विसेमे, इंटेलीजेंस कोर/मुख्यालय पूर्वीकमान
बरूण मित्रा संयुक्तसचिव संख्या 16-प्रेज/2009 राष्ट्रपति उनके उच्च कोटि की विशिष्ट सेवा के लिए निम्नलिखित कार्मिकों को ' विशिष्ट सेवा मेडल' प्रदान करने का अनुमोदन करती हैं: -
1. आईसी-25833 लेफ्टिनेंट जनरल गोविन्द मोहन नायर, सेमे, इन्फैंट्री
2. आईसी-25511 मेजर जनरल बृजेश कुमार , इंजीनियर्स कोर
3. आईसी-25824 मेजर जनरल ध्रुव चंद कटोच, सेमे, इन्फैंट्री/मुख्यालय 10 कोर
4. आईसी-27289 मेजर जनरल अजीत हरी गडरे, सेना विमानन कोर
5. आईसी -27616 मेजर जनरल कोंगरा सुरेन्द्र नाथ , मैकानाइज्ड इन्फैंट्री 323 भारत का राजपत्र, मार्च 21 , 2009 ( फाल्गुन 30, 1930)
भाग I-खण्ड 1 ]
30. आईसी-35800 ब्रिगेडियर पूरन चन्द जागिया, इलेक्ट्रिकल एवं मेकेनिकल इंजीनियरिंग/506 आर्मी बेस वर्कशॉप
आईसी-37096 ब्रिगेडियर अरुण गुप्ता, पंजाब रेजिमेंट/मुख्यालय 107 पर्वतीय ब्रिगेड
31.
32. आईसी-37204 ब्रिगेडियर बिनोय पुन्नेन, महार रेजिमेंट/मुख्यालय 181 पर्वतीय ब्रिगेड
आईसी-37223 ब्रिगेडियर अविनाश चन्द्र, डोगरा रेजिमेंट/मुख्यालय 86 इन्फैंट्री ब्रिगेड
33.
आईसी-38013 ब्रिगेडियर विनोद कुमार पिल्ले, गार्ड्स/मुख्यालय 112 पर्वतीय ब्रिगेड
34.
आईसी-39826 ब्रिगेडियर त्रिलोचन सिंह सिदाना , इंजीनियर्स कोर/सीई चेन्नई जोन
35.
36. एमआर-03722 ब्रिगेडियर परमजीत सिंह धोत, सेना चिकित्सा कोर/कमान अस्पताल, मुख्यालय मध्य कमान
37. एसएल-02649 ब्रिगेडियर अशोक राठोड़, सेना शारीरिक प्रशिक्षण कोर/सेना शारीरिक प्रशिक्षण एवं डिपो संस्थान
एसएल-02790 ब्रिगेडियर वेणुगोपाल , एम एन, सामान्य सेवा
38.
39. आईसी-31532 ब्रिगेडियर गोविन्द सिंह सिसोदिया, सिख रेजिमेंट/मुख्यालय राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड
आईसी-37682 कर्नल हरप्रीत सिंह बेदी, तोपखाना रेजिमेंट
40.
41. आईसी-37892 कर्नल अश्विनी कुमार, सेना विमानन कोर/666 सेना विमानन स्क्वाडून (आर एंड ओ)
42. आईसी-38660 कर्नल गोपाल सिंह, पैराच्यूट रेजिमेंट/3 दिल्ली बालिका बटालियन राष्ट्रीय कैडेटकोर
43. आईसी-39572 कर्नल सजीव जेटली, राजपूत रेजिमेंट
44. आईसी -40133 कर्नल संजय क्रिस्टोफर मेस्टन, महार रेजिमेंट
आईसी-40314 कर्नल चन्डी प्रसाद मोहान्ती, राजपूत रेजिमेंट
45.
आईसी-40760 कर्नल वदलामनी शानमुखल श्रीनिवास, गढ़वाल राइफल
46.
47. आईसी-41091 कर्नल शशांक शेखर मिश्रा, कुमाऊं रेजिमेंट
आईसी-41102 कर्नल जारकेन गेमलिन, सेमे, 8 गोरखा राइफल
48.
आईसी-41470 कर्नल विरेन्द्र सिंह, मद्रास रेजिमेंट
49.
आईसी-42004 कर्नल राणा प्रताप कलिता, कुमाऊं रेजिमेंट
50.
आईसी -43394 कर्नल संदीप मिश्रा, इंजीनियर्स कोर/मिलिट्री इंजीनियरिंग कॉलेज, पुणे 51.
आईसी-43687 कर्नल विवेक शर्मा, जाट रेजिमेंट/ 5 राष्ट्रीय राइफल
52.
आईसी-44506 कर्नल रणदीप सिंह डडवाल, जम्मू-कश्मीर राइफल/31 असम राइफल 53.
54. आईसी-45200 कर्नल राजिन्द्र कुमार, जज एडवोकेट जनरल विभाग
आईसी-45579 कर्नल अनिल अर्नेस्ट जेम्स, महार रेजिमेंट/ 1 राष्ट्रीय राइफल
55.
आईसी-46148 कर्नल मनोज कुमार, तोपखाना रेजिमेंट/ 3351 प्रक्षेपास्त्र रेजिमेंट
56.
आईसी-47112 कर्नल जितेन्द्र सिंह शेखावत, शौर्य चक्र, 21 जाट रेजिमेंट
57.
आईसी-47133 कर्नल अविनाश सिंह बेरार, गार्ड्स/मुख्यालय एमजी एंड जी एरिया
58.
आईसी-47150 कर्नल पंकज सिंह, 3/11 गोरखा राइफल
59.
आईसी-47247 कर्नल पीयूष पाण्डे, 16 सिख रेजिमेंट
60.
3-501 G1/08 324
भाग्न कागजपत्र, मार्च 21, 2009 (फाल्गुन 30, 1930 ;
भाग 1-खण्ड । 61. आईसी-47576 कर्नल मुकेश चढ्ढा , सेना सेवा कोर
62. आईसी-47599 कर्नल रमिन्दर सिंह गुराया , 17 मद्रास रेजिमेंट
63. आईसी-47701 कर्नल विकास सैनी , सेमे , पैराच्यूट रेजिमेंट/24 असम राइफल
64. आईसी-48045 कर्नल पवन दीप सिंह चढ्ढ्ढा, 270 इंजीनियर रेजिमेंट
65. आईसी-49025 कर्नल राजेश कुमार, सेमे, राजपूत रेजिमेंट/ 58 राष्ट्रीय राइफल
66. एमआर-03988 कर्नल हरजिन्द्र सिंह भटोई, सेना चिकित्सा कोर/ सेना अस्पताल (रिसर्च एंड रेफरल)
67. एमआर-04049 कर्नल पवन कपूर, सेना चिकित्सा कोर/ डीजीएएफएमएस
68. एमआर-04173 कर्नल कोयम्बतूर सिवसुब्रमणियन नारायणन, सेना चिकित्सा कोर/ बेस अस्पताल, दिल्ली छावनी
69. एमआर-04328 कर्नल बिलिगेरी नारायना भट्ट महावीरा प्रसाद , सेमे, सेना चिकित्सा कोर/ सेना अस्पताल (रिसर्च एंड रेफरल)
70. एमआर-04893 कर्नल विनय जेटली, सेना चिकित्सा कोर/सेना अस्पताल (रिसर्च एंड रेफरल)
71. एमआर-05352 कर्नल द्रपेर रिचर्ड त्रेवोर, सेना चिकित्सा कोर/ सेना अस्पताल, वेलिंगटन
72. एमआर-05435 कर्नल राज कुमार शर्मा, सेना चिकित्सा कोर/ सेना अस्पताल (रिसर्च एंड रेफरल)
73. आईसी-35942 कर्नल बलराज सिंह राठी, डोगरा रेजिमेंट/मुख्यालय राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड 74. आईसी -50116 लेफ्टिनेंट कर्नल नील कमल, सेमे, सेना सेवा कोर
75. आईसी-54684 लेफ्टिनेंट कर्नल संजय सिंह , 63 इंजीनियर रेजिमेंट
76. 9927425 हवलदार अंगचुक दोरजी , 5 लद्दाख स्काउट्स
77. रियर एडमिरल अशोक वि. सुभेदार, (40735 -बी)
78. कमोडोर अर्जुन सिंह भत्याल , नौघे (01520-बी)
79. कमोडोर रविन्दर पाल सिंह रवी, (01621 -एच)
80. कमोडोर आनन्दमय घोषाल , ( 01691 -टी)
81. कमोडोर जयवन्त कुमार कोरडे , (01912-डब्ल्यू)
82. कमोडोर राजीव गिरोत्रा, (01911 -टी)
83. कमोडोर के ज्योतिश कुमार, (02548-आर)
84. कमोडोर अशोक कुमार खेतान , (40818 -टी)
85. कमोडोर होमीपाल सिंह, (40998 -ए)
86. कमोडोर अतुल कुमार जैन, (02459-एन)
87. कैप्टन अमूलप्रीत सिंह सेठी, ( 50811 -बी)
88. कैप्टन उमेश कुमार थापा, (01570-टी)
89. कमांडर नुग्गेहल्ली राजु गिरिष , (41391 -डब्ल्यू)
90. सर्जन कमांडर सुभाष रंजन , ( 75498-के)
91. गिरधारी लाल यादव, एमएससीपीओ 1, (165347- आर) 325 भाग 1-खण्ड 1 ]
भारत का राजपत्र, मार्च 21, 2009 ( फाल्गुन 30, 1930)
92. गज राज सिंह, एमसीपीओ II सीडी L, ( 161145-आर)
93. एयर कमोडोर अरूण कुमार सिंह (14616) वैमानिक इंजीनियरी (इलेक्ट्रॉनिकी)
94. एयर कमोडोर नगेन्द्र मोहन वैष्णवी ( 14822) वैमानिक इंजीनियरी (इलेक्ट्रॉनिकी)
95. एयर कमोडोर पकिरीस्वामी कनकराज, ( 15066) वैमानिक इंजीनियरी (यांत्रिक)
96. एयर कमोडोर सुधीनद्रा बैंकटाराव मुतालिक ( 16275) शिक्षा
97. एयर कमोडोर नसीम अख्तर, शौर्य चक्र ( 14279) उड़ान (पायलट)
98. एयर कमोडोर राकेश मरवाहा ( 15865) उड़ान (पायलट)
99. एयर कमोडोर नीरज यादव, वामे (16399) उड़ान (पायलट)
100. ग्रुप कैप्टन प्रभाकर राघव, ( 15334) प्रशासन
101. ग्रुप कैप्टन जोसेफ पॉल, ( 15370) लेखा
102. ग्रुप कैप्टन प्रदीप खरबन्दा ( 15674) चिकित्सा
103. ग्रुप कैप्टन अविनाश नारायणराव कुलकर्णी ( 16155), वैमानिक इंजीनियरी (इलेक्ट्रॉनिकी)
104. ग्रुप कैप्टन गणेश चन्द ( 16214) उड़ान (पायलट)
105. ग्रुप कैप्टन अहिन कुमार पात्र, ( 16263 ) प्रशासन/फाइटर कंट्रोलर
106. ग्रुप कैप्टन ओडुनघाट ईश्वरदास मोहन मेनन, ( 16422) प्रशासन
107. ग्रुप कैप्टन शशांक कुलकर्णी ( 16929) वैमानिक इंजीनियरी (इलेक्ट्रॉनिकी)
108. ग्रुप कैप्टन सुरेश सिंह ( 16941 ) वैमानिक इंजीनियरी (इलेक्ट्रॉनिकी)
109. ग्रुप कैप्टन के पी उन्त्री कृष्णन नायर ( 17023) उड़ान (नेवीगेटर)
110. ग्रुप कैप्टन मन्त्रपल्ली बालादित्य ( 17230) परिभारिकी
111. ग्रुप कैप्टन मोहन राव, वामे ( 17343) उड़ान (पायलट)
112. ग्रुप कैप्टन विक्रम सिंह, ( 17699) उड़ान (पायलट)
113. ग्रुप कैप्टन सत्तारू भानोजी राव ( 18243) वैमानिक इंजीनियरी (यांत्रिक)
114. विंग कमांडर सि वि आर आर सुधीर ( 18531 ) वैमानिक इंजीनियरी (इलेक्ट्रॉनिकी)
115. विंग कमांडर मनोज कुमार ( 19063 ) वैमानिक इंजीनियरी (यांत्रिक)
116. विंग कमांडर मान सिंह अवाना ( 19153) उड़ान ( पायलट)
117. विंग कमांडर संदीप रावत, ( 19490) परिभारिकी
118. विंग कमांडर जगजीत सिंह भल्ला (20186) प्रशासन/विधि
119. विंग कमांडर अजय देवीदास पुरन्दरे (21526) उड़ान (पायलट)
120. कर्नल डी एम पूर्वीमठ (आईसी-48507) इंजीनियर्स
121. 671484 वारंट अफसर अरविन्द कुमार शर्मा, जनरल ड्यूटी क्लर्क
122. जीओ -2405 राघवेन्द्र कुमार गर्ग , एक्जीक्यूटिव इंजीनियर (सिविल ) सीमा सड़क संगठन
बरूण मित्रा
संयुक्तसचिव 326
भारत का राजपत्र, मार्च 21 , 2009 ( फाल्गुन 30 , 1930 )
[ भाग 1-खण्ड । संख्या 17 -प्रेज/2009 राष्ट्रपति आईसी-62699 मेजर विपिन कुमार सिंह, सेना मेडल , ग्रेनेडियर्स 55 राष्ट्रीय राइफल को उनके असाधारण साहसिक कार्यों के लिए ' सेना मेडल/आर्मी मेडल का बार' प्रदान करने का अनुमोदन करती हैं ।
बरूण मित्रा
संयुक्त सचिव संख्या 18-प्रेज/2009- राष्ट्रर्फत उनके असाधारण साहसिक कार्यो के लिए निम्नलिखित कार्मिकों को 'सेना मेडल/आर्मी मेडल' प्रदान करने का अनुमोदन करती हैं: -
1. आईसी-49071 कर्नल सिधार्थ तिवारी , कुमाऊं रेजिमेंट/ 13 राष्ट्रीय राइफल
2. आईसी-50355 कर्नल शांता कुमारन पी ए, असम रेजिमेंट/42 राष्ट्रीय राइफल
3. आईसी-50386 कर्नल संजीव कुमार दत्ता, 4 कुमाऊं रेजिमेंट
4. आईसी-46819 लेफ्टिनेंट कर्नल गुरविन्दर सिंह, 2 बिहार रेजिमेंट
5. आईसी-49594 लेफ्टिनेंट कर्नल पट्टवर्धन सागर विनयकुमार , जाट रेजिमेंट/45 राष्ट्रीय राइफल
6. आई सी 52748 लेफ्टिनेंट कर्नल अनिल महादेव काकड़े , कुमाऊं रेजिमेंट/26 राष्ट्रीय राइफल
7. आईसी-54483 मेजर सुधांशु दिक्षित, कवचित रेजिमेंट/21 असम राइफल
8. आईसी-54494 मेजर पद्मानाभन के, सेना विमानन/666 सेना विमानन स्क्वाडून (आर एंड ओ) (मरणोपरांत)
9. आईसी-56676 मेजर देविन्द्र चौधरी, सेना सेवा कोर/29 राष्ट्रीय राइफल
10. आईसी-57385 मेजर हितेश कुमार धनखड़, 10 जम्मू-कश्मीर लाइट इन्फैंट्री
11. आईसी-58294 मेजर सुनील गणपथि, सेना विमानन/666 सेना विमानन स्क्वाड्रन (आर एंड ओ) (मरणोपरांत)
12. आईसी-58904 मेजर सुधीर खण्डका, 7/11 गोरखा राइफल
13. आईसी-59042 मेजर बिरांची नारायण नायक, मद्रास रेजिमेंट/ 32 असम राइफल
14. आईसी-59417 मेजर अमित कुमार, डोगरा रेजिमेंट/20 राष्ट्रीय राइफल
15. आईसी-59931 मेजर सुरेश नारायणन, राजपूत रेजिमेंट/4 असम राइफल
16. आईसी-61480 मेजर कार्तिकेय कुकरेती, राजपूत रेजिमेंट/44 राष्ट्रीय राइफल
17. आईसी -61800 मेजर गौरव सिंह, शौर्य चक्र, 4 कुमाऊं रेजिमेंट
18. आईसी-62268 मेजर आर सेन्थिल वेलन, जाट रेजिमेंट/45 राष्ट्रीय राइफल
19. आईसी-63047 मेजर लोकनाधम जी वी, तोपखाना रेजिमेंट/21 असम राइफल
20. आईसी-65141 मेजर जगदीप भोगल , 10 बटालियन पैराच्यूट रेजिमेंट (विशेष बल) 21. आईसी-65695 मेजर भानु प्रताप सिंह, राजपूताना राइफल/43 राष्ट्रीय राइफल (मरणोपरांत) 327 भाग I-खण्ड ।।
भारत का राजपत्र, मार्च 21 , 2009 ( फाल्गुन 30 , 1930)
आईसी-66833 मेजर पंकज कुमार, 14 बिहार रेजिमेंट
22.
एसएस-38946 मेजर अमित पाल सिंह, गार्ड्स/5 राष्ट्रीय राइफल
23.
24. एसएस-40011 मेजर राम दयाल व्यास, तोपखाना रेजिमेंट/32 असम राइफल
25. एसएस-40343 मेजर बंडारू अनुप, तोपखाना रेजिमेंट/316 फील्ड रेजिमेंट
26. आईसी-55877 मेजर संजय कंडवाल , कुमाऊं रेजिमेंट/51 विशेष कार्रवाई दल
27. आईसी-60971 मेजर मनीष मेहरोत्रा, पंजाब रेजिमेंट/ 51 विशेष कार्रवाई दल
28. आईसी-64429 कैप्टन जयन्त पटनायक, 4 कुमाऊं रेजिमेंट
29. आईसी-67347 कैप्टन प्रभमीत एस मनिक, सिगनल कोर/26 राष्ट्रीय राइफल
30. आईसी-67778 कैप्टन मनीश सोबती, इलेक्ट्रिकल एवं मेकेनिकल इंजीनियरिंग/22 राजपूत रेजिमेंट
31. आईसी-67796 कैप्टन आवेग गोयल, इलेक्ट्रिकल एवं मेकेनिकल इंजीनियरिंग/21 जाट रेजिमेंट
32. आईसी-68364 कैप्टन अभिषेक बहल, 16 जाट रेजिमेंट
एसएस-40284 कैप्टन अशोक भण्डारी , 2 पैराच्यूट रेजिमेंट (विशेष बल)
33.
34. एसएस -40974 कैप्टन कुंवर सौरभ सिंह बिष्ट, 3 कुमाऊं रेजिमेंट
35. आईसी-68318 लेफ्टिनेंट नलाशिवम रवि कुमार , इलेक्ट्रिकल एंड मेकेनिकल इंजीनियरिंग/4 सिख लाइट इन्फैंट्री
36. आईसी -68558 लेफ्टिनेंट पुष्प राज पाण्डेय, सेना आयुध कोर/4 सिख लाइट इन्फैंट्री
37. आईसी-69120 लेफ्टिनेंट ईश्वर सिंह रावत, 16 जाट रेजिमेंट
38. जेसी-489783 सूबेदार रणबीर सिंह, 16 जाट रेजिमेंट (मरणोपरांत)
39. जेसी-548841 सूबेदार खोगेन्द्रा सिंघा, 1 असम रेजिमेंट
40. जेसी-412991 नायब सूबेदार सालुंखे अरुण नाण्णा, 2 पैराच्यूट रेजिमेंट (विशेष बल)
41. जेसी-479857 नायब सूबेदार शिव चरण सिंह गुर्जर, राजपूत रेजिमेंट/ 58 राष्ट्रीय राइफल 42. जेसी-490078 नायब सूबेदार जयबाग सिंह, 16 जाट रेजिमेंट
43. जेसी-490212 नायब सूबेदार कृष्ण कुमार, 16 जाट रेजिमेंट (मरणोपरांत)
44. 3184629 हवलदार राम चन्द्र, जाट रेजिमेंट/34 राष्ट्रीय राइफल
45. 3991914 हवलदार पवन कुमार, डोगरा रेजिमेंट/31 राष्ट्रीय राइफल (मरणोपरांत)
46. 4471952 हवलदार अवतार सिंह , 4 सिख लाइट इन्फैंट्री
47. 9089333 हवलदार सुखरिब सिंह, 8 जम्मू-कश्मीर लाइट इन्फैंट्री
48. 13620696 हवलदार भंवर सिंह, 10 पैराच्यूट रेजिमेंट (विशेष बल) (मरणोपरांत)
49. 15118881 हवलदार साहब सिंह, तोपखाना/65 फील्ड रेजिमेंट (मरणोपरांत)
50. जी/0110415 हवलदार दीवान सिंह, 1 असम राइफल
51. जी/2401091 हवलदार आनन्द सिंह, 24 असम राइफल
52. जी/3200470 हवलदार इल्यास अली , 32 असम राइफल
53. 2597376 हवलदार के मुरुगन, मद्रास रेजिमेंट/ 51 विशेष कार्रवाई दल
4-501 G1/08 328
[ भाग -खण्ड ।
भारतको राजपत्र, मार्च 21 , 2009 ( फाल्गुन 30 , 19301
54. 2888341 हवलदार आज़ाद सिंह, राजपूताना राइफल/52 विशेष कार्रवाई दल
55. 4184494 लांस हवलदार बचे लाल यादव , 4 कुमाऊं रेजिमेंट
56. 4362770 लांस हवलदार डब्ल्यु अरुण सिंह, 1 असम रेजिमेंट
57. 13695775 लांस हवलदार राकेश कुमार, ब्रिगेड ऑफ द गार्ड्स/ 21 राष्ट्रीय राइफल 58. 4077749 नायक लक्ष्मण सिंह नेगी, 21 पैराच्यूट रेजिमेंट (विशेष बल)
59. 4273249 नायक लारा उराँव , 14 बिहार रेजिमेंट
60. 5753555 नायक खीम बहादुर थापा, 2/8 गोरखा राइफल/33 राष्ट्रीय राइफल (मरणोपरांत)
61. 13620539 नायक विनोद सिंह, 10 पैराच्यूट रेजिमेंट (विशेष बल)
62. 13622759 नायक वेणु गोपाल एस, 4 पैराच्यूट रेजिमेंट (विशेष बल)
63. 13756515 नायक लेख राज , 6 जम्मू- कश्मीर राइफल
64. 15318160 नायक रणधीर सिंह, 10 पैराच्यूट रेजिमेंट (विशेष बल)
65. 4075919 नायक सते सिंह, पैराच्यूट रेजिमेंट/51 विशेष कार्रवाई दल
66. 2890344 लांस नायक शिव प्रताप सिंह शक्तावत, राजपूताना राइफल/ 18 राष्ट्रीय राइफल 67. 4192496 लांस नायक शंकर जय किशन, 3 कुमाऊं रेजिमेंट
68. 4277858 लांस नायक कुश कुमार, 5 बिहार रेजिमेंट
69. 4568891 लांस नायक हीरा भाई साम्भानी, महार रेजिमेंट/30 राष्ट्रीय राइफल
70. 9099028 लांस नायक जावेद अहमद वानी, जम्मू- कश्मीर लाइट इन्फैंट्री 44 राष्ट्रीय राइफल
71. 9099866 लांस नायक मोहन लाल , 10 जम्मू-कश्मीर लाइट इन्फैंट्री
72. 12944285 लांस नायक सतीश कुमार, 159 इन्फैंट्री बटालियन (टीए) ( एचएच) डोगरा 73. 2492913 सिपाही जुझार सिंह, पंजाब रेजिमेंट/22 राष्ट्रीय राइफल
74. 3007050 सिपाही पृथ्वी सिंह राठौर , राजपूत रेजिमेंट/ 10 राष्ट्रीय राइफल
75. 3196621 सिपाही सुल्तान सिंह, जाट रेजिमेंट/45 राष्ट्रीय राइफल (मरणोपरांत)
76. 4197624 सिपाही अनिल सिंह रायकुनी, कुमाऊं रेजिमेंट/ 13 राष्ट्रीय राइफल
77. 5350564 राइफलमैन प्रकाश थापा, 5/4 गोरखा राइफल
78. 13764855 राइफलमैन केशर सिंह, जम्मू- कश्मीर राइफल/31 राष्ट्रीय राइफल
79. 13768447 राइफलमैन विजय कुमार, जम्मू-कश्मीर राइफल/3 राष्ट्रीय राइफल (मरणोपरांत)
80. जी/0111172 राइफलमैन नागाराजन सम्पथ , 1 असम राइफल
81. जी/ 124606 राइफलमैन टी सिताचु फिथु, 43 असम राइफल
82. जी/3201174 राइफलमैन अर्जुन कुजुर, 32 असम राइफल
83. जी/3201208 राइफलमैन गगन सिंह, 32 असम राइफल
84. जी/3201233 राइफलमैन अजय कुमार, 32 असम राइफल
85. एफ/2400725 राइफलमैन मोहम्मद हदीश , 24 असम राइफल ( मरणोपरांत) 329 भाग -खण्ड 1 ]
भारत का राजपत्र, मार्च 21 , 2009 ( फाल्गुन 30, 1930)
86. 15166579 गनर नवीन कुमार, तोपखाना रेजिमेंट/45 राष्ट्रीय राइफल (मरणोपरांत) 87. 15202589 गनर छाबि राम सिंह, तोपखाना रेजिमेंट/ 18 राष्ट्रीय राइफल
88. 4280263 पैराटूपर जय करम टिग्गा, 9 पैराच्यूट रेजिमेंट (विशेष बल)
89. 13624138 पैराटूपर दिपांकर सरकार, 4 पैराच्यूट रेजिमेंट (विशेष बल)
90. 13624525 पैराट्रपर जयवीर कुमार, 21 पैराच्यूट रेजिमेंट (विशेष बल)
बरूण मित्रा संयुक्तसचिव संख्या 19- प्रेज़/2009 - राष्ट्रपति कमांडर सत्यव्रत दाम , नौमे (03313-बी) को असाधारण साहसिक कार्यों के लिए "नौसेना मेडल/नेवी मेडल-बार" प्रदान करने का अनुमोदन करती हैं ।
बरूण मित्रा संयुक्तसचिव संख्या 20-प्रेज/2009- राष्ट्रपति उनके असाधारण साहसिक कार्यों के लिए निम्नलिखित कार्मिकों को "नौसेना मेडल/नेवी मेडल" प्रदान करने का अनुमोदन करती हैं: -
1. कमांडर राजेश विष्णु, (03964-एच)
2. लेफ्टिनेंट कमांडर सौमित्र अनंत देवधर (05034-आर)
3. सुजीत कुमार, एलएस सीडी II , ( 129375-के)
4. मनजीत सिवाच, सी I, सीडी II , ( 139063-बी)
बरूण मित्रा
संयुक्त सचिव संख्या 21- प्रेज़/2009- राष्ट्रपति विंग कमांडर अमिताभ शर्मा, वामे (21015) उड़ान (पायलट) को असाधारण साहसिक कार्य के लिए "वायुसेना मेडल/एयर फोर्स मेडल -बार" प्रदान करने का अनुमोदन करती हैं ।
बरूण मित्रा संयुक्त सचिव 330
भान्त का राजपत्र, मार्च 21 , 2009 ( फाल्गुन 30 , 1930 )
[ भाग ।-खण्ड । संख्या 22- प्रेज़/2009- राष्ट्रपति उनके असाधारण साहसिक कार्यों के लिए निम्नलिखित कार्मिकों को "वायुसेना मेडल/एयर फोर्स मेडल" प्रदान करने का अनुमोदन करती हैं: -
1. विंग कमांडर प्रशान्त मोहन (20160) उड़ान (पायलट)
2. विंग कमांडर दीपक कुमार वत्स (22545) उड़ान (पायलट)
3. 658793 वारंट अफसर प्रेम सिंह राजपूत, फ्लाइट गनर
4. 729086 जूनियर वारंट अफसर जावेद हुसैन सिद्दीकी , फ्लाइट इंजीनियर
बरूण मित्रा
संयुक्त सचिव संख्या 23 -प्रेज/2009 - राष्ट्रपति निम्नलिखित कार्मिकों को उनके असाधारण कर्त्तव्यपरायणता के लिए ' सेना मेडल/ आर्मी मेडल -बार' प्रदान करने का अनुमोदन करती हैं: -
आईसी-48621 कर्नल संजय प्रताप सिंह विशवासराव, सेमे, राजपूताना राइफल/ 18 राष्ट्रीय 1 . राइफल
2. जेसी-612725 नायब सूबेदार मिंग मार गुरुंग , सेमे, 5/4 गोरखा राइफल
बरूण मित्रा
संयुक्त सचिव संख्या 24-प्रेज/2009 - राष्ट्रपति, निम्नलिखित कार्मिकों को उनके असाधारण कर्त्तव्यपरायणता के लिए ' सेना मेडल/आर्मी मेडल' प्रदान करने का अनुमोदन करती हैं: -
1 . आईसी-27004 मेजर जनरल कुलविन्द्र सिंह सेठी, तोपखाना रेजिमेंट/ मुख्यालय 101 एरिया
2. आईसी30408 मेजर जनरल विजय कुमार नरूला, तोपखाना रेजिमेंट
3. आईसी-30482 मेजर जनरल विनोद भाटिया , इन्फैंट्री/मुख्यालय 25 इन्फैंट्री डिवीजन 4. आईसी-33235 मेजर जनरल दिपेन्द्र सिंह, विसेमे, कवचित कोर/मुख्यालय 31 कवचित डिवीजन
5. आईसी-33450 मेजर जनरल दर्शन लाल चौधरी, विसेमे, इन्फैंट्री/मुख्यालय 26 इन्फैंट्री डिवीजन
6. एमआर-03814 मेजर जनरल शिव कुमार शर्मा , विसेमे, सेना चिकित्सा कोर/मुख्यालय पूर्वीकमान
7. एनआर-14840 मेजर जनरल थिकाण्डी पदमिनी , सेना नर्सिंग सर्विस
8. आईसी-25136 मेजर जनरल अभय कुमार गुप्ता, विसेमे, इन्फैंट्री/मुख्यालय राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड 331 भाग -खण्ड ।।
भारत का राजपत्र, मार्च 21 , 2009 ( फाल्गुन 30, 1930)
9. आईसी-33914 मेजर जनरल विजय कुमार पिल्लै, राजपूत रेजिमेंट
10. आईसी-27980 ब्रिगेडियर रवि पाण्डालाई, राजपूत रेजिमेंट
11 . आईसी-31663 ब्रिगेडियर राकेश नन्दन, सेना वायु रक्षा
12. आईसी-34436 ब्रिगेडियर खुशीद मानेक बलसारा , नागा रेजिमेंट
13 . आईसी-34758 ब्रिगेडियर अरविन्द कुमार राठी, तोपखाना रेजिमेंट/मुख्यालय 68 पर्वतीय ब्रिगेड
14. आईसी-35137 ब्रिगेडियर पट्टीआरीमल मोहम्मदअली हैरीज , विसेमे, मैकेनाइज्ड इन्फैंट्री/मुख्यालय 91 इन्फैंट्रीब्रिगेड
15. आईसी-35173 ब्रिगेडियर रायमोंड जासेफ नोरोंहा, राजपूत रेजिमेंट/ मुख्यालय 26 सेक्टर असम राइफल
16. आईसी-35566 ब्रिगेडियर एम जे मैथ्यू, तोपखाना रेजिमेंट/ मख्यालय 2 पर्वतीय तोपखाना ब्रिगेड
17. आईसी-37369 ब्रिगेडियर अशोक कुमार गांगोली, विसेमे, जम्मू-कश्मीर राइफल/ मुख्यालय 4 सेक्टर राष्ट्रीय राइफल
18. आईसी-38731 कर्नल सुरेन्द्र सिंह लाम्बा, सेना आयुध कोर
19. आईसी-40757 कर्नल विकल साहनी, 4 गोरखा राइफल/मुख्यालय आईडीएस
20. आईसी-41544 कर्नल दिपक तलवार, तोपखाना रेजिमेंट/मुख्यालय मध्य कमान
21 . आईसी-43410 कर्नल दिपक दे, मद्रास रेजिमेंट/ 18 असम राइफल
22. आईसी-47031 कर्नल अरुण प्रताप सिंह राजौरा , 6 जम्मू-कश्मीर राइफल
23. आईसी -47036 कर्नल दिपक गर्ग , बिहार रेजिमेंट/4 राष्ट्रीय राइफल
24. आईसी-47354 कर्नल गुरबक्श सिंह सन्धु, सेना आयुध कोर
आईसी -47624 कर्नल मृगेन्द्र कुमार , राजपूत रेजिमेंट/ 10 राष्ट्रीय राइफल 25.
आईसी-47895 कर्नल देबाशीस दास , 10 जम्मू- कश्मीर लाइट इन्फैंट्री 26.
आईसी-48100 कर्नल यशवीर सिंह रांगी, 8 सिख रेजिमेंट 27.
28. आईसी-48241 कर्नल राजेश कुमार शर्मा, शौर्य चक्र, पंजाब रेजिमेंट/22 राष्ट्रीय राइफल 29. आईसी-48532 कर्नल राजेन्द्र राय, ग्रेनेडियर्स/39 राष्ट्रीय राइफल
30. आईसी-48713 कर्नल हरपाल सिंह , राजपूत रेजिमेंट/44 राष्ट्रीय राइफल
31 . आईसी-48986 कर्नल मुकेश गुरुंग, गोरखा राइफल/ 11 राष्ट्रीय राइफल
32. आईसी-49095 कर्नल अमर नाथ कुकरेती, ग्रेनेडियर्स/55 राष्ट्रीय राइफल
33. आईसी-49430 कर्नल दिनेश कुमार सिंह, 11 गार्ड्स
34. आईसी-49991 कर्नल जितेन्द्र सिंह बांगड़, कुमाऊं रेजिमेंट/26 राष्ट्रीय राइफल
35. एमआर-03775 कर्नल यश पाण्डे, सेना चिकित्सा कोर/मुख्यालय 21 कोर
36. एमआर-04238 कर्नल अनिल खेत्रपाल, सेना चिकित्सा कोर/एएफटीसी दिल्ली छावनी 37. 3186856 हवलदार कर्मवीर, 17 जाट रेजिमेंट
38. 9425173 हवलदार पुखरामवाम नरजीत सिंह, इन्फैंट्री सेना खेलकूद संस्थान, पुणे
39. जीओ -2903 एमओ अनिल कुमार वोहरा, ग्रेफ/मुख्यालय (पी) जरांज, अफगानिस्तान
बरूण मित्रा
संयुक्तसचिव 5-501 G1/08 332
भारत क्र. राजपत्र, मार्च 21 , 2009 ( फाल्गुन 30 , 19.30 :
| भाग 1-खण्ड 1 संख्या 25-प्रेज/2009 राष्ट्रपति उनके असाधारण कर्त्तव्यपरायणता के लिए निम्नलिखित कार्मिकों को ' नौसेना मेडल/नेवी मेडल ' प्रदान करने का अनुमोदन करती हैं: -
1 . कमोडोर लिंगम वेन्कट सरत बाबु (02270-एच)
2. कमोडोर शेखर मित्तल, (50717- आर)
3. कैप्टन संजय जसजीत सिंह (03081 -ए)
4. कैप्टन वेनम श्रीनीवास (03227-एच)
5. कमांडर यशोधन प्रताप मराठे (03057-वाई)
6. कमांडर जी एस सुंदरेसन (41257- आर)
7. सर्जन लेफ्टिनेंट कमांडर रवीश कुमार , (75689-डब्ल्यू)
8. भंवर सिंह चारण, विसेमे, एम सी पी ओ सी डी 1, ( 149387-टी)
बरूण मित्रा
संयुक्त सचिव संख्या 26-प्रज्ञ/2009- राष्ट्रपति उनके असाधारण कर्त्तव्यपरायणता के लिए निम्नलिखित कार्मिकों को " वायुसेना मेडल/एयर फोर्स मेडल" प्रदान करने का अनुमोदन करती हैं: -
1 . ग्रुप कैप्टन शिशिर यशवंत कोशे (16400) उड़ान (पायलट)
2. ग्रुप कैप्टन संजीव कपूर ( 18089) उड़ान (पायलट)
3 . विंग कमांडर आलोक शर्मा ( 18811) उड़ान (पायलट)
4. विंग कमांडर रोहित महाजन ( 19187) उड़ान (पायलट)
5. विंग कमांडर समीर मेहरा ( 19524 ) उड़ान (पायलट)
6. विंग कमांडर संजय धनखड़ ( 19865) उड़ान (पायलट)
7. विंग कमांडर वेनिगल्ला श्रीनिवास चौदरी (19869) उड़ान ( पायलट)
8. विंग कमांडर पवन कुमार (20111) उड़ान (पायलट)
9. विंग कमांडर निर्मलेन्दु नाथ सिन्हा (20157) उड़ान (पायलट)
10. विंग कमांडर पुष्पेन्द्र सिंह नारा (20478) उड़ान (पायलट)
11 . विंग कमांडर जसवीर सिंह भान (20491 ) उड़ान (पायलट)
12. विंग कमांडर विक्रम पाठक (20971 ) उड़ान (पायलट)
13 . स्क्वाड्रन लीडर नितिन खन्ना (25617) उड़ान (पायलट)
14. स्क्वाडून लीडर समरथ धनखड़ (26513 ) उड़ान (पायलट)
बरूण मित्रा
संयुक्त सचिव 333 भाग 1-खण्ड 1 ]
भारत का राजपत्र , मार्च 21 , 2009 ( फाल्गुन 30, 1930)
संख्या 27- प्रेजु/2009 - राष्ट्रपति रक्षा मंत्री द्वारा " सेनाध्यक्ष" की ओर से प्राप्त "मेंशन-इन- डिस्पेचिन" हेतु निम्नलिखित अफसरों/कार्मिकों के नाम भारत के राजपत्र में प्रकाशित करने के लिए सहर्ष आदेश देती है : -
ऑपरेशन रक्षक
1. आईसी-51706 लेफ्टिनेंट कर्नल विनोद एस , सेमे, मराठा लाइट इन्फैंट्री, 56 राष्ट्रीय राइफल
2. आईसी-52131 लेफ्टिनेंट कर्नल हरप्रीत सिंह भिंडर, 4/9 गोरखा राइफल, 32 राष्ट्रीय राइफल
3. आईसी -56470 मेजर इमोन समन्ता, गढ़वाल राइफल, 14 राष्ट्रीय राइफल
4. आईसी -56611 मेजर दिनेश सिंह, डोगरा रेजिमेंट, 20 राष्ट्रीय राइफल
5. आईसी-63403 मेजर भीमैय्या पी एस, 10 पैराच्यूट रेजिमेंट (विशेष बल)
6. आईसी-63472 मेजर रवी कांत, 16 बिहार रेजिमेंट
7. आईसी-63575 कैप्टन आनन्दा बोस, जाट रेजिमेंट, 45 राष्ट्रीय राइफल
8. एसएस-40548 कैप्टन विक्रांत पराशेर, 10 पैराच्यूट रेजिमेंट (विशेष बल)
9. जेसी-412669 सूबेदार मघा राम खिलेरी, 7 पैराच्यूट रेजिमेंट
10. जेसी-489169 सूबेदार हनुमान राम जाट, 11 जाट रेजिमेंट
11. जेसी-519972 सूबेदार शक्ति चन्द चन्देल, डोगरा रेजिमेंट, 62 राष्ट्रीय राइफल
12. जेसी-520278 सूबेदार संतोष पाल, डोगरा रेजिमेंट, 20 राष्ट्रीय राइफल
13. जेसी-559352 सूबेदार अमर सिंह, 14 बिहार रेजिमेंट
14. 1474974 हवलदार करमजीत सिंह, इंजीनियर्स कोर, 12 राष्ट्रीय राइफल
15. 4363631 हवलदार टी कमलालवेन, 9 पैराच्यूट रेजिमेंट (विशेष बल)
16. 4363768 हवलदार हाओसिआनथान्ग जोउ, असम रेजिमेंट, 42 राष्ट्रीय राइफल 17. 5348061 लांस हवलदार साम बहादुर गुरुंग, 5/4 गोरखा राइफल
18. 2686820 नायक सुखविर सिंह, ग्रेनेडियर्स, 29 राष्ट्रीय राइफल
19. 2689648 नायक चतर सिंह, ग्रेनेडियर्स, 55 राष्ट्रीय राइफल
20. 3993898 नायक जगराज सिंह, डोगरा रेजिमेंट, 20 राष्ट्रीय राइफल
21. 14808113 नायक बलराज सिंह, 528 सेना सेवा कोर बटालियन
22. 12974132 लांस नायक अब्दुल राशिद खान, प्रादेशिक सेना, 5 राष्ट्रीय राइफल
23. 2494223 सिपाही अंग्रेज सिंह , पंजाब रेजिमेंट, 22 राष्ट्रीय राइफल
24. 4003294 सिपाही राकेश सिंह, डोगरा रेजिमेंट, 20 राष्ट्रीय राइफल
25. 4005445 सिपाही धर्म पाल , डोगरा रेजिमेंट, 20 राष्ट्रीय राइफल
26. 4369413 सिपाही पी बोस्को मारम , असम रेजिमेंट, 59 राष्ट्रीय राइफल
27. 4372077 सिपाही के लालबेक सांगा , असम रेजिमेंट, 59 राष्ट्रीय राइफल
28. 13767977 राइफलमैन हंस राज, जम्मू-कश्मीर राइफल , 28 राष्ट्रीय राइफल 334
भगःन का गजपत्र, मार्च 21 , 2009 ( फाल्गुन 30, 1930 )
| भाग -खण्ड 1 ऑपरेशन मेघदूत
29. आईसी-61565 मेजर गुरबीर सिंह कॉहलौ , 9 जाट रेजिमेंट
ऑपरेशन राइनो
30. आईसी-54165 मेजर नवनीत बक्शी , सेमे, 11 मराठा लाइट इन्फैंट्री बटालियन
31 . आईसी-61617 मेजर रंजीत श्रीवास्तव , 2 बिहार रेजिमेंट
32. आईसी-63580 कैप्टन मुदस्सर इकबाल , 2 बिहार रेजिमेंट
33. आईसी-64121 कैप्टन अनिल कुमार मिश्रा, 11 गार्ड्स
34. एसएस-42398 कैप्टन चेतन शर्मा, ईएमई, 3 कुमाऊं रेजिमेंट
35. एसएस -42181 लेफ्टिनेंट अभिजीत यादव, सेना आयुध कोर, 11 मराठा लाइट इन्फैंट्री बटालियन
36. एसएस -42435 लेफ्टिनेंट अरुण सिंह चौहान, 11 मराठा लाइट इन्फैंट्री
37. जेसी -267129 सूबेदार अम्बेश्वर ज्ञान , तोपखाना रेजिमेंट, 268 फील्ड रेजिमेंट
38. जेसी-498934 सूबेदार सुखदेव सिंह, 8 सिख रेजिमेंट
39. 3182594 हवलदार संवार मल, 21 जाट रेजिमेंट
40. जी/3900083 हवलदार राजेन्द्र सिंह, 43 असम राइफल
41. 4188659 नायक धर्म बीर सिंह, 19 कुमाऊं रेजिमेंट
42. 14428880 नायक प्रभबीर सिंह, तोपखाना रेजिमेंट, 268 फील्ड रेजिमेंट
43. 4192192 लांस नायक नवीन सिंह , 19 कुमाऊं रेजिमेंट
44. 4198485 सिपाही अमित सिंह, 19 कुमाऊं रेजिमेंट
45. जी/3101457 राइफलमेन चिराजवी भूजेल , 43 असम राइफल
ऑपरेशन हिफाजत
46. एसएस -41839 लेफ्टिनेंट तेज प्रताप सिंह, 8 सिख रेजिमेंट
47. जी/2102720 हवलदार पदम सिंह रावत, 21 असम राइफल
48. जी/0111182 राइफलमैन कुमारेसन सम्पथ , 1 असम राइफल
49. जी/5001388 राइफलमैन दीवान सिंह, 32 असम राइफल
बरूण मित्रा
संयुक्त सचिव 335 भारत का राजपत्र, मार्च 21 , 2009 ( फाल्गुन 30, 1930)
भाग -खण्ड । ]
संख्या 28-प्रेज/2009- राष्ट्रपति निम्नलिखित व्यक्तियों को उनकी उत्कृष्ट वीरता के लिए " कीर्ति चक्र" प्रदान करने का अनुमोदन करती हैं: -
1. एसएस-40547 कैप्टन पारस लिम्बू, असम रेजिमेंट/59 राष्ट्रीय राइफल
(पुरस्कार की प्रभावी तारीखः 08 अप्रैल, 2008) एक दीर्घकालिक नायाब तथा अचूक आसूचना योजना के आधार पर कैप्टन पारस लिम्बूने 08 अप्रैल 2008 को जम्मू-कश्मीर के रेयसी जिले में दुर्दात आतंकवादियों के खिलाफ एक ऑपरेशन शुरू किया । इस अफसर ने पीर पंजाल की पहाड़ियों के ऊपरी क्षेत्रों के प्रतिकूल एवं ऊबड़-खाबड़ भू-प्रदेश, जिसमें पहाड़ पर चढ़ने के जोखिमों के कारण जान को भारी खतरा था, में लक्षित क्षेत्र पर पहुंचने के लिए अत्यधिक कठिन चढ़ाई की । कैप्टन पारस लिम्बू अपने बहु -आयामी एवं दृढ़ नेतृत्व के साथ 50 मीटर के लक्ष्य की ओर स्वयं आगे बढ़े । पेट के बल आगे बढ़ते हुए अपनी जान की परवाह न करके आश्चर्यजनक ढंग से गोलीबारी करकर उन्होंने तुरंत दो आतंकवादियों को मार गिराया । बाकी दो आतंकवादियों ने भारी मात्रा में ए.के. और यूबीजीएल गोलीबारी से जवाबी कार्रवाई की। भारी गोलीबारी के बावजूद इस अफसर ने कारगर गोलीबारी की और अन्य दो आतंकवादियों को घायल कर दिया जो बाद में स्टॉप सैनिकों द्वारा मार दिए गए ।
कैप्टन पारस लिम्बू ने आतंकवादियों के खिलाफ आपरेशन का नेतृत्व करते समय अपनी जान की परवाह न करते हुए असाधारण बहादुरी और नेतृत्व का प्रदर्शन किया ।
2. आईसी-63488 कैप्टन झाला अजीत कुमार अरषी भाई, दूसरी बटालियन, पैराच्यूट रेजिमेंट (विशेषबल)
(पुरस्कारकी प्रभावी तारीखः 09 अप्रैल , 2008) आतंकवादियों के उपस्थित होने के बारे में स्वयं जुटाई गई खुफिया सूचना के आधार पर कैप्टन झाला अजीत कुमार अरषी भाई ने जम्मू- कश्मीर के कुपवाड़ा जिले के सामान्य क्षेत्र में घात लगाकर हमला करने के लिए एक छोटी टुकड़ी भेजी।
09 अप्रैल 2008 को 1830 बजे कैप्टन झाला को कुछ हलचल की आवाज सुनाई दी और उन्होंने 75 मीटर की दूरी पर तीन आतंकवादियों का पता लगाया । मौके का तुरंत जायजा लेते हुए उन्होंने बगल से आगे बढ़ने का निर्णय लिया । इस प्रयास में कैप्टन झाला और उनके दोस्तों को आतंकवादियों ने देख लिया और स्वचालित हथियार से भारी मात्रा में गोलीबारी करने लगे । खतरे की 6-501 G1/ 08 336
| भाग 1 -खण्ड ।
भाग्न का राजपत्र , मार्च 21 , 2009 ( फाल्गुन 30 , 19.30:
परवाह न करते हुए यह अधिकारी टूट पड़ा और दो अग्रणी आतंकवादियों को नजदीक से गोली मार दी । तथापि, तीसरे आतंकवादी ने आड़ लेकर हथगोले फेंके । अपने साथी के प्रति जानलेवा खतरे को भांपते हुए यह साहसी अधिकारी गोलीबारी के बीच ही पेट के बल रंगकर आगे बढ़े और तीसरे आतंकवादी पर टूट पड़े और गुथमगुत्था की लड़ाई में उसे मार गिराया ।
कैप्टन झाला अजीत कुमार अरषी भाई ने उच्च कोटि की बहादुरी एवं शौर्य के साथ सामरिक निपुणता, दृढ़ता और उत्कृष्ट वीरता का प्रदर्शन करते हुए अकेले ही तीन आतंकवादियों को मार गिराया जिसमें एक आतंकवादी एक दुर्दात आतंकवादी संगठन के उत्तरी कश्मीर क्षेत्र का डिविजनन्न कमांडर था।
3. श्री नित्या नंद बोरा, लोको पायलट-इन-चार्ज ऑफ पायलट स्पेशल , रेलवे मंत्रालय (मरणोपरांत)
(पुरस्कार की प्रभावी तारीखः 15 मई , 2008) 15 मई 2008 को श्री नित्या नंद बोरा, लोको पायलट इन चार्ज ऑफ पायलट स्पेशल, एक स्थानीय संगठन द्वारा आहुत बंद के कारण लम्बित रेल सेवाओं को बहाल करने की दृष्टि से रेल मार्ग पर गश्त करने के लिए तैनात 38 रेल कार्मिकों को लेकर जा रहे थे ।
उस दिन की पहली गाड़ी होने के कारण, श्री बोरा की गाड़ी चलाते समय कोई असामान्य घटना न घट जाए इसके लिए गाड़ी के मार्ग पर ध्यान रखने की जिम्मेवारी थी। जब गाड़ी एक सुरंग से बाहर निकल रही थी उस समय उग्रवादियों द्वारा गाड़ी पर अंधाधुंध गोलीबारी कर दी गई । श्री बोरा को गोलियों के दो घाव लगे एक छाती में तथा दूसरा कंधे के पीछे । गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद उन्होंने गाड़ी को तुरंत रोका तथा इसे वापस सुरंग में ले गए जिससे कि उग्रवादी और अधिक गोलीबारी न कर सके। रेल गाड़ी पर 140 चक्र गोलीबारी हुई । श्री बोरा बाद में घावों के कारण वीरगति को प्राप्त होगए ।
श्री नित्या नंद बोरा ने अनुकरणीय कर्त्तव्यपरायणता, उच्च कोटि के साहस का प्रदर्शन किया तथा बहुत बड़े हादसे को टाल दिया और सर्वोच्च बलिदान दिया ।
4. जेसी-412922 सूबेदार इन्द्र बहादुर पुन, चौथी बटालियन, पैराच्यूट रेजिमेंट (विशेष बल)
(पुरस्कारकी प्रभावी तारीखः 19 जून, 2008) 19 जून 2008 को सूबंदार इन्द्र बहादुर पुन को अपने दस्ते के साथ नांगी टेकड़ी बटालियन क्षेत्र में नियंत्रण रेखा पर घुसपैठियों की आवाजाही को रोकने के लिए एम्बुश में तैनात किया गया था । 337 भारत का राजपत्र, मार्च 21 , 2009 ( फाल्गुन 30, 1930)
भाग 1- खण्ड । ]
लगभग 1140 बजे , सूबेदार इन्द्र बहादुर ने नियंत्रण रेखा को पार करते हुए चार व्यक्तियों को देखा । ज्योंहि घुसपैठिए मारक क्षेत्र में पहुंचे उन्होंने उनको ललकारा । घुसपैठियों ने तुरंत उन पर गोलीबारियों की बौछार कर दी । सूबेदार इन्द्र बहादुर अपनी जगह पर डटे रहे तथा अदम्य साहस का प्रदर्शन करते हुए तीन घुसपैठियों को मार गिराया । लगभग 1245 बजे पाकिस्तानी चौकी से छह से सात व्यक्ति उनकी मदद करने/ घायलों को सुरक्षित बचाने के लिए दौड़ते हुए दिखाई दिए । नियंत्रण रेखा को पार न करने की चेतावनी की अनसुनी करने पर सूबेदार इन्द्र बहादुर ने नियंत्रण रेखा के पार से हो रही सघन गोलीबारी के बीच अन्य दो व्यक्तियों को मार गिराया । बाद में घुसपैठियों के शवों को बरामद करने के बार-बार के प्रयासों को सूबेदार इन्द्र बहादुर ने विफल कर दिया ।
सूबेदार इन्द्र बहादुर पुन ने घुसपैठियों का सामना करते हुए कर्तव्य से बढ़कर उत्कृष्ट वीरता, दृढनिश्चय एवं साहस का प्रदर्शन किया ।
5. 2791244 हवलदार राले संतोश तानाजी, मराठा लाइट इन्फैंट्री 56 राष्ट्रीय राइफल
(पुरस्कार की प्रभावी तारीखः 23 अगस्त, 2008) हवलदार राले संतोश तानाजी जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा जिले के सामान्य क्षेत्र में तैनात 56 राष्ट्रीय राइफल की घातक प्लाटून के सेक्शन कमांडर थे ।
23 अगस्त 2008 को, हवलदार राले संतोश तानाजी ने कुछ भागते हुए आतंकवादियों को देखा। उन्होंने अपने सेक्शन का पुनर्गठन किया और आतंकवादियों पर कारगर गोलीबारी शुरू की। आतंकवादी जोखिमपूर्ण ऊबड़ -खाबड़ पत्थरों के पीछे छुप गए और भारी गोलीबारी की । वे अपने सेक्शन की गोलीबारी की आड़ में एक अप्रत्याशित दिशा में छुपे हुए आतंकवादियों के निकट पहुंच गए और दो आतंकवादियों को अत्यंत निकट से गोली मार दी और एक अन्य को घायल कर दिया । अगले तीनों दिन खोज चलती रही , व्यक्तिगत सुरक्षा को अत्यंत जोखिम में डालकर वह अन्य घायल आतंकवादी के पास खतरनाक ढंग से पहुंच गए जिसने अपने आप को चोर फंदा में छिपा रखा था तथा. उस आतंकवादी को गोली मार दी ।
हवलदार राले संतोश तानाजी ने आतंकवादियों के साथ लड़ते हुए अदम्य साहस, असाधारण कोटि की कर्त्तव्यनिष्ठा एवं निस्वार्थता का प्रदर्शन किया । 338
भारत का राजपत्र भार्च 21, 2009 ( फाल्गुन 30 , 1930)
[ भाग 1-खण्ड 1 6. आईसी-52871 लेफ्टिनेंट कर्नल सौरभ सिंह शेखावत, शौर्य चक्र, सेमे, विसेमे, 21 बटालियन पैराच्यूट रेजिमेंट (विशेष बल )
(पुरस्कारकी प्रभावी तारीखः 08 सितंबर, 2008 ) मणिपुर में तैनाती के कुछ ही दिनों के अंदर, 21 पैरा (विशेष बल ) के टीम लीडर लेफ्टिनेंट कर्नल सौरभ सिंह शेखावत ने मणिपुर के बिशनपुर जिले में अब तक आतंकवादियों की शरण स्थली रहे एक आतंकवादी कैम्प के बारे में पता लगाने के लिए एक नायाब आसूचना नेटवर्क की स्थापना की । 45 दिनों की सतत निगरानी, योजना एवं प्रशिक्षण के बाद , उन्होंने लक्ष्य को नष्ट करने के लिए एक ऐतिहासिक ऑपरेशन प्रारंभ किया और राष्ट्रीय समाचार की सुर्खियों में आ गए ।
08/09 सितंबर 2008 की रात को , अपनी निगरानी टुकड़ी के मार्गदर्शन में टीम लीडर ने घास- फूस से ढके पानी में नावों/गोताखोरों को सफलतापूर्वक मार्गनिर्देशन दिया और खामोशी से अपने दल को लक्षित द्वीप के निकट तैनात किया । सुबह होते ही खामोशी के साथ वे सफलतापूर्वक अपने आक्रमण दल के साथ तैरकर द्वीप में पहुंच गए । तथापि, स्तब्धता टूट गई और आतंकवादियों ने भारी गोलीबारी शुरू कर दी । शत्रु की गोलीबारी से निडर होकर और चुस्ती- फुर्ती खोए बिना अधिकारी अपनी सेना के साथ जवाबी गोलीबारी के साथ आगे बढ़े और रणनीतिक ढंग से निकट पहुंच गए । उनकी सटीक गोलीबारी से दो आतंकवादी तुरंत मारे गए । बाकी आतंकवादियों ने, जो अभी भी अपने झोपड़ियों में थे , आड़ के पीछे से गोलीबारी की । साथ-साथ कुछ आतंकवादियों ने बगल से भारी कैलिबर हथियारों से गोलीबारी कर दी । इससे उनके लोग खुले में घिर गए । इस खतरनाक स्थिति को देखकर अफसर अपने साथियों के साथ चलती हुई गोलियों की परवाह किए बिना और अपनी व्यक्तिगत सुरक्षा का ध्यान किए बिना दौड़कर आतंकवादियों की गोलीबारी के सामने खुले में आ गए । इस प्रक्रिया में उन्होंने एक और आतंकवादी को मार गिराया और उनके ध्यान को मोड़कर अपने कार्मिकों को हताहत होने से रोक दिया । इस कार्य ने बाकी आक्रमण दल को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया और अन्य आतंकवादियों को भी निष्क्रिय कर दिया ।
लेफ्टिनेंट कर्नल सौरभ सिंह शेखावत ने आतंकवादियों से लड़ते हुए निकट भिडंत की स्थितियों में दृढ़संकल्प नेतृत्व गुण, अनुकरणनीय मिशन समर्पण भाव, अदम्य साहस एवं सूझ -बूझ का प्रदर्शन किया ।
7. 4364533 नायक तापे याजो , 1 असम रेजिमेंट (मरणोपरांत)
(पुरस्कार की प्रभावी तारीखः 21 सितंबर, 2008) नायक तापे याजो , 21 से 26 सितंबर 2008 तक संचालित ऑपरेशन कलास के दौरान कलास वन की घनी झाड़ियों से ढके अंतःप्रवेश का सफाया करने के लिए प्रारंभ किए गए तलाशी दल के अग्रणी स्काउट थे । 339 भारत का राजपत्र, मार्च 21 , 2009 ( फाल्गुन 30, 1930)
भाग -खण्ड ।।
तलाशी के दौरान , नायक तापे ने घने झाड़ -झंखाड़ में एक चट्टान के पीछे छिपे हुए एक आतंकवादी को देखा । वह रेंग करके आतंकवादी के निकट पहुंच गए और उसको रोक दिया । नायक तापे ने गोलीबारी कर रहे इस आतंकवादी को निकट से गोलीबारी करके मार डाला । इस कार्रवाई के कारण एक दूसरी चट्टान के पीछे छिपे हुए एक दूसरे आतंकवादी ने तीव्र गोलीबारी एवं हथगोलों से आक्रमण शुरू किया । तीव्र गोलीबारी एवं छरों की चोटों के बावजूद, नायक तापे घने झाड़-झंखाड से रेंग कर आतंकवादी के निकट पहुंच गए और एक हथगोले से उसको मार डाला । इससे वह एक तीसरे आतंकवादी की गोलीबारी के सामने आ गए । अत्यधिक रक्तस्राव एवं अपने क्षतिग्रस्त हथियार से, नायक तापे ने अपने डाह के साथ आतंकवादी पर प्रहार किया और आतंकवादी की तीव्र गोलीबारी से गिरगया ।
नायक तापे ने आतंकवादियों को मार गिराने में उत्कृष्ट बहादुरी एवं अदम्य साहस का प्रदर्शन किया और भारतीय सेना की उच्चतम परम्पराओं के अनुरूप अपने जीवन का बलिदान दिया ।
आईसी-53634 लेफ्टि कर्नल ओसिरिस दास, कुमाऊं रेजिमेंट/ 13 राष्ट्रीय राइफल 8.
(पुरस्कारकी प्रभावी तारीखः 23 सितंबर, 2008) 22 सितंबर 2008 को लेफ्टि कर्नल ओसिरिस दास को झेलम नदी के किनारे स्थित घात टुकड़ियों के बारे में सूचना मिली । 2300 बजे, आतंकवादियों के रास्ते के बारे में संदेह होने पर अफसर ने तुरंत नदी के पुल में अतिरिक्त घात टुकड़ियों को तैनात किया और अपने साथी के साथ प्रवेश द्वार पर तैनात हो गए ।
23 सितंबर 2008 को 0300 बजे अफसर ने चार संदिग्ध व्यक्तियों को पास आते हुए देखा । सिविल लोग हताहत न हो इससे बचने एवं स्रोतों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अफसर ने पूरे आश्चर्य के साथ दल को पार करने दिया और पुल के दूसरी ओर स्थित दल को सचेत किया । ललकारे जाने पर स्रोत सुरक्षा के लिए आगे बढ़े, जबकि दो आतंकवादी पीछे की ओर भागे । व्यक्तिगत सुरक्षा की परवाह किए बिना, साहस एवं दृढ़ता दर्शाते हुए , कोई प्राकृतिक आड़ न मिलने पर आतंकवादियों को भाग जाने से रोकने के लिए अफसर बाहर निकलकर आए । फंसने पर आश्चर्यचकित होकर, आतंकवादियों ने निकट से गोलीबारी करके अफसर को घायल कर दिया । उनके साथी ने तुरंत आतंकवादियों को घेर लिया और अफसर को बचा लिया । असाधारण बहादुरी का प्रदर्शन करते हुए, घावों की परवाह किए बिना और सामरिक कौशल का परिचय देते हुए अफसर पांच मीटर और निकट आए तथा अचूक गोलीबारी करके आतंकवादियों को मार गिराया ।
लेफ्टि. कर्नल ओसिरिस दास ने दो आतंकवादियों को मार गिराने में असाधारण बहादुरी , उत्कृष्ट पेशेवर कौशल एवं विश्लेषणात्मक उपागम का प्रदर्शन किया ।
7-501 G1/08 340
| भाग ।-खण्ड 1
कागजपत्र, मार्च 21, 2009 ( फाल्गुन 30 , 19.30 :
9 . श्री शशांक चन्द्रसेन शिन्दे, पुलिस इंस्पेक्टर, महाराष्ट्र पुलिस (मरणोपरांत)
(पुरस्कार की प्रभावी तारीखः 26 नवंबर, 2008) 26 नवंबर 2008 को पूरी तरह से हथियारों से लेस दस आतंकवादियों ने मुम्बई के विभिन्न प्रमुख स्थानों पर एक साथ आक्रमण प्रारंभ किया । श्री शशांक चन्द्रसेन शिन्दे, पुलिस इंस्पेक्टर जो, छत्रपति शिवाजी टर्मिनस रेलवे स्टेशन पर रात्रि ड्यूटी पर तैनात थे , वहां से लगभग 20 मीटर की दूरी पर स्थित मुख्य हॉल से गोलीबारी तथा धमाकों की आवाज सुनाई दी । वे तुरंत अन्य पुलिस कर्मियों के साथ घटनास्थल पर पहुंचे ।
उन्होंने एटीएम केंद्र के पास मुख्य हाल में गोलीबारी कर रहे एक आतंकवादी को देखा । उन्होंने एक दीवार के पीछे आड़ ली तथा अपने 9.मि.मी. पिस्तौल की रेंज में आतंकवादी के आने की प्रतीक्षा की । बिल्कुल निकट से आक्रमण करने के उद्देश्य से वे एटीएम केंद्र की ओर आगे बढ़े ऐसा करते समय आतंकवादियों से उनकी भिडंत हो गई तथा श्री शिन्दे को चार गोलियां लगी और वे गिर गए । श्री शशांक चन्द्रसेन शिन्दे ने आतंकवादियों के विरुद्ध लड़ाई में अनुकरणीय साहस तथा कर्त्तव्यपरायणता का प्रदर्शन किया तथा अपना जीवन न्यौछावर कर दिया ।
10. श्री अरुण राघोनाथ चिट्टे, कांस्टेबल, अपराध शाखा अपकर्षण सेल , मुम्बई (मरणोपरांत)
(पुरस्कारकी प्रभावी तारीखः 26 नवंबर, 2008 ) 26 नवंबर 2008 को अपराध शाखा के अपकर्षण सेल, मुम्बई के साथ तैनात पुलिस कांस्टेबल श्री अरुण राघोनाथ चिट्टे मेट्रो जंक्शन पर थे जब उन्हें संदेश मिला कि आंतकवादी श्री करकरे, संयुक्त कमिश्नर के दल पर घात करके एक पुलिस वाहन में उनकी तरफ आ रहे थे । श्री चिट्टे ने उधर इकट्ठे हुए लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए तुरंत आगाह किया । आतंकवादियों ने वहां पहुंचते ही लोगों पर गोलीबारी शुरू कर दी । यह देखकर श्री चिट्टे ने आगे बढ़कर आतंकवादी की राइफल छीनने की कोशिश की मगर उन पर गोलीबारी कर दी गई ।
श्री अरुण राघोनाथ चिट्टे ने प्रतिकूल परिस्थितियों में धैर्य एवं अद्वितीय साहस का प्रदर्शन किया और राष्ट्र के लिए सर्वोच्च बलिदान कर दिया । 341 भारत का राजपत्र, मार्च 21 , 2009 ( फाल्गुन 30, 1930 )
भाग 1-खण्ड 1 ]
11. श्री अम्बादास रामचन्द्र पवार , कांस्टेबल , सुरक्षा शाखा, पी-1 , महाराष्ट्र पुलिस (मरणोपरांत)
(पुरस्कारकी प्रभावी तारीखः 26 नवंबर, 2008).
26 नवंबर 2008 को श्री अम्बादास रामचन्द्र पवार, पुलिस कांस्टेबल , सुरक्षा शाखा, पी-1 , मुम्बई में तैनात थे । वे अपनी रात्रि ड्यूटी करने के लिए जा रहे थे, तब उन्होंने छत्रपति शिवाजी टर्मिनस रेलवे स्टेशन पहुंचते ही इधर-उधर भागते हुए यात्रियों को देखा और गोलीबारी की आवाज सुनी। सिविल वर्दी में और बिना हथियार के होने पर भी, उन्होंने स्थिति को भांपा और अपनी जान की परवाह किए बिना यात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए सावधान किया । जब आतंकवादियों ने श्री पवार को यात्रियों को सुरक्षित जगह पर जाने के लिए मार्गदर्शन करते हुए देखा तो उनमें से एक ने उन पर गोलीबारी करके घातक रूप से घायल कर दिया । अविचलित रहते हुए घावों के कारण वीरगति को प्राप्त होने तक उन्होंने अपना कार्य जारी रखा ।
श्री अम्बादास रामचन्द्र पवार ने कई लोगों का जीवन बचाते समय प्रतिकूल परिस्थितियों में अनुकरणीय साहस एवं कर्त्तव्यनिष्ठा का प्रदर्शन किया और अपने जीवन का बलिदान कर दिया । 12. श्री मुकेश भीकाजी जाधव, होम गार्ड, महाराष्ट्र (मरणोपरांत)
(पुरस्कार की प्रभावी तारीखः 26 नवंबर, 2008) 26 नवंबर 2008 को श्री मुकेश भीकाजी जाधव, होम गार्ड सदस्य , आतंकवादी हमले के समय छत्रपति शिवाजी टर्मिनस रेलवे स्टेशन पर सुरक्षा ड्यूटी कर रहे थे । उन्होंने स्थिति को भांपा तथा जीवन के प्रति खतरे की परवाह किए बिना सुरक्षित स्थान पर चले जाने के लिए यात्रियों को सचेत करने लगे । जब आतंकवादियों ने श्री जाधव को यात्रियों को सुरक्षित स्थान पर जाने के लिए मार्गदर्शन करते देखा तो उनमें से एक ने उन पर गोली चलाकर गंभीर रूप से घायल कर दिया । अपने गंभीर घावों से घबराए बिना उन्होंने अदम्य साहस का प्रदर्शन किया तथा रेंगकर रेलवे पुलिस स्टेशन पर पहुंचे तथा घटना की जानकारी दी ।
श्री मुकेश भीकाजी जाधव ने अनुकरणीय साहस तथा कर्त्तव्यपरायणता का प्रदर्शन किया तथा बहुत से लोगों का जीवन बचाने के लिए सर्वोच्च बलिदान किया । 342
भारत का राजपत्र, नाचं 21 , 2009 ( फाल्गुन 30, 1930)
[भाग -खण्ड । 13. 15318999 सैपर वी सतीश, इंजीनियर्स कोर/51 विशेष कार्रवाई दल
(पुरस्कार की प्रभावी तारीखः 28 नवंबर, 2008) 28 नवंबर 2008 को सैपर वी सतीश उस दल में शामिल थे जो नरीमन हाउस , मुम्बई के बाहर अंतरारोधन ऑपरेशन कर रहा था जहां पर आतंकवादियों ने विदेशी राष्ट्रिकों सहित बहुत से लोगों को मार दिया था ।
जब उनकी टीम चौथी मंजिल पर आतंकवादियों की तलाश कर रही थी तब टीम पर एक कमरे में छिपे आतंकवादियों की ओर से भारी गोलीबारी हो गई । चूंकि कमरे के अंदर आतंकवादियों की वास्तविक स्थिति की जानकारी नहीं थी इसलिए उन्होंने व्यक्तिगत सुरक्षा की बिल्कुल भी परवाह न करके स्वेच्छा से सामने आकर आतंकवादियों को ललकारा तथा ऐसा करते समय उन पर आतंकवादियों की ओर से भारी गोलीबारी की गई जिससे उनकी वास्तविक स्थिति का पता लग गया । जब उनके टीम कमांडर ने दीवार में से प्रवेश की योजना बनाई तब फिर से वे स्वेच्छा से दीवार पर इम्प्रोवाइज्ड चार्ज लगाने के लिए गोलीबारी के बीच सीढ़ियों से नीचे गए । विस्फोट के तुरंत बाद, सैपर सतीश विस्फोट से बने रास्ते से कमरे के अंदर कूद गए जिससे आतंकवादी की गोलीबारी के सामने आ गए । गोलीबारी के बीच गोलियां बरसाते हुए उन्होंने अदम्य साहस का प्रदर्शन किया तथा आतंकवादी पर टूट पड़े और उसे बिल्कुल नजदीक से मार गिराया ।
सैपर वी सतीश ने आतंकवादियों के विरुद्ध ऑपरेशन में नेतृत्व प्रदान करते समय असाधारण वीरता, उत्कृष्ट युद्धक हुनर तथा अदम्य युद्ध भावना का प्रदर्शन किया ।
बरूण मित्रा
संयुक्त सचिव संख्या 29-प्रेज़/2009- राष्ट्रपति निम्नलिखित व्यक्तियों को उनके वीरतापूर्ण कार्यों के लिए "शौर्य चक्र-बार" प्रदान करने का अनुमोदन करती हैं: -
1. जीएस -108767डब्ल्यूऑपरेटर एक्सकेवेटिंग मशीनरी- II जालिम सिंह, शौर्य चक्र सीमा सड़क संगठन (मरणोपरांत)
(पुरस्कार की प्रभावी तारीख: 16 अप्रैल, 2008) 16 अप्रैल 2008, को उत्तरी सिक्किम के थेईंग रोड पर एक भारी भूस्खलन हुआ । उसी समय टैंकों की सैन्य टुकड़ियों की निर्बाध आवाजाही के लिए सड़क को खुला रखने के लिए सेना की संक्रियात्मक जरूरत थी । थेईंग गांव के पास सड़क क्षेत्र ऊबड़ -खाबड़ है जिसमें अनियमित अंतरालों 343 भारत का राजपत्र , मार्च 21 , 2009 ( फाल्गुन 30, 1930)
भाग 1-खण्ड 1 ]
सहित लुढ़कते खड़ी चट्टानें तथा पत्थर हैं जिसकी वजह से सड़क स्थल को खोलना बहुत खतरनाक हो गया ।
एक परिपक्व, साहसी तथा समग्र रूप से पेशेवर सैनिक, ओईएम- II जालिम सिंह रात्रि होने से पहले सेना तथा सिविल यातायात के लिए तुरंत सड़क खोलने के महत्व को समझ गया । 16 अप्रैल 08 को 1400 बजे जब ऐसा प्रतीत हो रहा था कि लुढ़कते पत्थर गिरना बंद हो गए तो व्यक्तिगत जीवन की बिल्कुल भी परवाह किए बिना उन्होंने स्वेच्छा से कर्त्तव्यपरायणता के आह्वान को स्वीकार किया तथा अपने डोजर से भूस्खलन को साफ करने में जुट गए । 1600 बजे वे एक गिरते पत्थर से गंभीर रूप से घायल हो गए जिसकी वजह से वे बाद में उसी दिन 1730 बजे वीरगति को प्राप्त हो गए ।
ऑपरेटर एक्सकेवेटिंग मशीनरी- II जालिम सिंह, ने बेहद प्रतिकूल परिस्थिति में साहस तथा वीरता का प्रदर्शन किया तथा ड्यूटियों का निष्पादन करते समय सर्वोच्च बलिदान दिया ।
बरूण मित्रा
संयुक्त सचिव संख्या 30-प्रेज/2009- राष्ट्रपति निम्नलिखित व्यक्तियों को उनके वीरतापूर्ण कार्यों के लिए "शौर्य चक्र" प्रदान करने का अनुमोदन करती हैं: -
1. जी/5008845 राइफलमैन थौदम सुनिल सिंह, 32 असम राइफल
(पुरस्कारकी प्रभावी तारीख: 30 नवंबर, 2007) 30 नवंबर, 2007 को मेजर राजिन्दर कुमार शर्मा को मणिपुर के सामान्य क्षेत्र में सशस्त्र आतंकवादियों के हरकत करने की एक विशिष्ट सूचना मिली । उन्होंने सशस्त्र आतंकवादियों को निष्क्रिय करने के लिए पूर्वी इम्फाल पुलिस के कमाण्डो के साथ तुरंत संयुक्त ऑपरेशन शुरू किए। टीम संदिग्ध स्थल पर पहुंची तथा घरों की तलाशी लेना शुरू कर दिया । सैनिकों को अपनी तरफ आते देख छिपे आतंकवादियों ने घर के पीछे आड़ ले ली तथा यह सोच कर कि वे सुनियोजित महाजाल से बच निकलने में असमर्थ हैं, भयभीत होकर तलाशी पार्टी पर स्वचालित हथियारों से गोलीबारी शुरू कर दी। तीव्र प्रतिक्रिया करते हुए राइफलमैन थोदम सुनिल सिंह व्यक्तिगत सुरक्षा की परवाह किए बिना आतंकवादियों को प्रभावी ढंग से उलझाने के लिए गोलीबारी की स्थिति की ओर आगे बढ़े । जब आतंकवादियों ने इनके साथ उलझे रहना जारी रखा तो इस युवा सैनिक कर्त्तव्यपरायणता से बढ़कर पहलशक्ति तथा साहस का प्रदर्शन करते हुए डटे रहे तथा अच्छी तरह से आड़ लिए आतंकवादियों पर टूट पड़े तथा बिल्कुल नजदीक से दोनों को गोली मार दी ।
राइफलमैन थोदम सुनिल सिंह ने शत्रु के साथ लड़ाई में अदम्य साहस , वीरता तथा अत्यंत कर्त्तव्यपरायणता का प्रदर्शन किया जिसके परिणामस्वरूप दो दुर्दात आतंकवादियों को मार गिराया गया ।
8-501 G1/08 344
| भाग -खण्ड 1
भारत का राजपत्र मार्च 21 , 2009 (फाल्गुन 30, 1930-
2. श्री प्रीतम लाल, कंडक्टर, दिल्ली परिवहन निगम (मरणोपरांत)
(पुरस्कार की प्रभावी तारीख: 04 फरवरी, 2008) 04 फरवरी, 2008 को दिल्ली परिवहन निगम की बस के कंडक्टर, श्री प्रीतम लाल ड्राइवर श्री सोमवीर सिंह के साथ दिल्ली-मेरठ बस में ड्यूटी पर तैनात थे । जब बस गंग-नहर , मुरादनगर के निकट से गुजर रही थी उस समय एक सशस्त्र व्यक्ति अपनी सीट से उठा और ड्राइवर के पास जाकर बस रोकने के लिए कहने लगा । जब ड्राइवर ने विरोध किया तो उसने पिस्तौल निकालकर उनके सिर परतान दी ।
श्रीप्रीतम लाल , जो कि अगली सीट पर बैठे थे, तुरंत खड़े हुए तथा बंदूक ताने हुए व्यक्ति के साथ भिड़ गए । इस हाथापाई के दौरान शरारती तत्व द्वारा चलाई गई गोली ड्राइवर को लगे बिना सामने कीखिड़की की दाईं तरफ से बाहर निकल गई । तथापि, शरारती तत्व द्वारा चलाई गई दूसरी गोली श्री प्रीतम लाल के माथे में लगी तथा वह नीचे फर्श पर गिर गए । बस में यात्रा कर रहे एक पुलिस कांस्टेबल ने शरारती तत्व को पकड़ने की कोशिश की परंतु उस पर भी लुटेरे के साथी ने गोली चला दी । लुटेरों ने एक यात्री का धन का थैला छीन लिया तथा बस के पीछे आ रही एक कार में भाग गए । श्री प्रीतम लाल को अस्पताल ले जाया गया जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया ।
श्री प्रीतम लाल ने व्यक्तिगत सुरक्षा की परवाह किए बिना शरारतियों से टक्कर लेने में अनुकरणीय साहस का प्रदर्शन किया तथा इस कार्रवाई के दौरान अपना जीवन न्यौछावर कर दिया । 3. 4579259 सिपाही रविन्द्र शर्मा, 12 महार रेजिमेंट
(पुरस्कारकी प्रभावी तारीख: 22 फरवरी, 2008 ) 22 फरवरी, 2008 को आसूचनाओं के आधार पर आतंकवादियों का सफाया करने के लिए अत्यधिक ठंड तथा बर्फानी तूफान में बर्फ से पटी हुई नियंत्रण रेखा बाड़ के आगे धात टुकड़ियां लगाई गई। 0305 बजे घात टुड़ियों ने गोलीबारी शुरू की । जब सिपाही रविन्द्र शर्मा ने अपने साथी को एकदम से एक तरफ धकेल दिया तथा आतंकवादी से टक्कर लेकर उसे मार गिराया । फिर उन्होंने खड़े भूस्खलन वाले नाले की तरफ भाग रहे दूसरे आतंकवादी का पीछा किया । ऐसा करते समय उन्होंने आतंकवादी की तरफ से फेंके गए हथगोले तथा एके-47 से दागी गई गोलियों से बचने में शानदार युद्ध 345 भाग [- खण्ड 1 ]
भारत का राजपत्र, मार्च 21 , 2009 ( फाल्गुन 30, 1930)
कला का इस्तेमाल किया । उन्होंने अत्यंत साहस तथा सूझ -बूझ का प्रदर्शन किया तथा नजदीक से दूसरे आतंकवादी को मार गिराया ।
सिपाही रविन्द्र शर्मा ने आतंकवादियों के विरुद्ध लड़ाई में अनुकरणीय साहस तथा कर्तव्यपरायणता का प्रदर्शन किया ।
4. आईसी-60439 मेजर चिराग सिंह बड़क, मेकनाइज्ड इन्फैंट्री 24 असम राइफल
(पुरस्कार की प्रभावी तारीख: 23 फरवरी, 2008) सात माह से थोड़े से अधिक समय के छोटे से कार्यकाल में मेजर चिराग सिंह बड़क के अडिग दृढनिश्चय , तुरंत योजना बनाने तथा संकल्पकृत कार्य निष्पादन तथा अपने व्यक्तियों का आगे रहकर नेतृत्व करने के परिणामस्वरूप नौ दुर्दात आतंकवादियों का सफाया करने , बीस आतंकवादियों की गिरफ्तारी , चौदह हथियारों की बरामदगी तथा बड़ी मात्रा में युद्ध जैसे सामान प्राप्त करने में सहायक रहे ।
मेजर बड़क को आतंकवादियों की घुसपैठ रोकने के लिए भारत-म्यांमार सीमा पर घात टुकड़ी लगाने के लिए कहा गया था । लम्बे इंतजार के बाद 23 फरवरी , 2008 को 0430 बजे सामान्य क्षेत्र सीमा बुर्जी में मेजर सी एस बड़क ने हस्त धारित थर्मल इमेजिंग दृश्य यंत्र से म्यांमार से भारत में अंतरराष्ट्रीय सीमा को पार कर रहे आतंकवादियों की गतिविधि का फ्ता लगाया । असाधारण निर्णय तथा पहल शक्ति का प्रदर्शन करते हुए वे अपने व्यक्तियों के साथ घुसपैठ कर रहे आतंकवादियों को रोकने के लिए शीघ्र गए । ज्योंहि दस्ता आगे बढ़ रहा था आतंकवादियों ने गोलीबारी शुरू कर दी तथा बच निकलने की फिराक में म्यांमार की तरफ भागना शुरू कर दिया ।
शत्रु की निर्बाध तथा अचूक गोलीबारी से निर्भीक रहते हुए उन्होंने निकट की लड़ाई में आतंकवादियों से टक्कर ली । अत्यधिक बहादुरी तथा अनुकरणीय साहस की कार्रवाई करते हुए उन्होंने 346
भारत का राजपत्र मार्च 21 , 2009 ( फाल्गुन 30, 1930 )
[ भाग [-खण्ड 1 बिल्कुल नजदीक से एक ही हाथ से तीन आतंकवादियों को मार गिराया । कुल छह आतंकवादी मारे गए तथा इस ऑपरेशन में हथियार तथा गोलाबारूद की बड़ी मात्रा बरामद की गई ।
मेजर चिराग सिंह बड़क ने आतंकवादियों के विरुद्ध लड़ाई में अदम्य साहस तथा व्यावसायिक कौशल का परिचय दिया ।
5. आईसी-60843 मेजर श्रीनिवासन विक्रम चैरियन, गढ़वाल राइफल/ 14 राष्ट्रीय राइफल
(पुरस्कार की प्रभावी तारीख: 02 अप्रैल, 2008)
1 02 अप्रैल, 2008 को मेजर श्रीनिवासन विक्रम चैरियन ने बांदीपुर के एरिन बाउल में दो विदेशी आतंकवादियों की गतिविधि के बारे में आसूचना प्राप्त की । उन्होंने उनकी गतिविधियों की मानीटरी करने के लिए लम्बी रेंज की टोह तथा निगरानी प्रणाली को तुरंत चालू किया तथा आतंकवादियों को फांसने के लिए विभिन्न दिशाओं से चार छोटी टीमों को भेजा । चार घंटे तक लगातार चलने तथा रणनीतिक कार्यप्रणाली अपनाने के पश्चात उन्होंने जम्मू- कश्मीर के दरदपुरा गांव के एक घर में प्रवेश करते आतंकवादियों को देखा । हैरतअंगेज इरादे के साथ खामोशी रखते हुए इस अफसर ने लक्षित घर को घेर लिया। आतंकवादी ने अंधाधुंध गोलीबारी की तथा हथगोले फेंके । इस अफसर ने अपनी पार्टी को तैनात किया तथा व्यक्तिगत सुरक्षा की परवाह किए बिना आतंकवादियों के निकट गए । मेजर चैरियन ने घर से आतंकवादियों को निकालने के लिए तलाशी पार्टी के आगे रहकर नेतृत्व किया । तीव्र प्रतिकार्रवाई तथा अडिग साहस का प्रदर्शन करते हुए इस अफसर ने भारी तथा कारगर गोलीबारी करके निकट से दो आतंकवादियों को मार गिराया । इस प्रकार शुरू हुई गोलीबारी की लड़ाई में उनका साथी बुरी तरह घायल हो गया। अफसर पेट के बल रेंगकर घायल सैनिक के पास गए तथा उसे सुरक्षित स्थान पर पहुंचा कर उसके जीवन को बचाया ।
मेजर श्रीनिवासन विक्रम चैरियन ने आतंकवादियों के विरुद्ध लड़ाई में असाधारण साहस तथा वीरता , सैनिकोचित रणकौशल का प्रदर्शन किया । 347 भारत का राजपत्र , मार्च 21 , 2009 ( फाल्गुन 30, 1930)
भाग I-खण्ड 1 ]
6. आईसी-55535 मेजर राजेश सिंह, सेमे, राजपूताना राइफल/18 राष्ट्रीय राइफल
(पुरस्कार की प्रभावी तारीख: 19 अप्रैल, 2008) कंपनी कमांडर मेजर राजेश सिंह ने कंपनी को आतंकवादरोधी कारगर प्रशिक्षण दिया तथा आसूचना-सह-निगरानी ग्रिड की स्थापना की जिसमें 20 वर्ग कि.मी. का दायित्व क्षेत्र शामिल था । उनके मुखबिर द्वारा उपलब्ध कराई गई सूचना के आधार पर मेजर राजेश ने 8000 फुट की ऊंचाई पर अमरी बैहक सामान्य क्षेत्र में तलाशी तथा विनाश ऑपरेशन की योजना बनाई । उन्होंने कड़ी युद्ध कवायदों को तैनात करके लक्षित क्षेत्र में आवाजाही की सुरक्षा सुनिश्चित की ।
आतंकवादी पदचिन्हों की स्काउट द्वारा पहचान करने पर मेजर राजेश ने गुप्त रूप से प्लाटून को तैनात किया जिससे बच निकलने का रास्ता बंद हो गया । प्रथम आतंकवादी का पता लगने पर उन्होंने अपने साथी के साथ आतंकवादी का पीछा किया तथा आतंकवादी को मार गिराया । पुनः तलाशी शुरू करने पर मेजर राजेश का राइफलमैन वकील के साथ भिड़ रहे एक अन्य आतकवादी से आमना- सामना हो गया । उन्होंने राइफलमैन वकील को जमीन की तरफ धकेल दिया तथा आतंकवादी को मार दिया । मेजर राजेश के साथी राइफलमैन रिजवान ने मेजर राजेश पर निशाना लगा रहे अन्य आतंकवादी को देखा । राइफलमैन रिजवान ने मेजर राजेश को बचाव की कार्रवाई करने की चेतावनी दी और मेजर राजेश की कवर गोलीबारी का सही इस्तेमाल करके आतंकवादी को मार गिराया । भिडंत मेंकंपनी ने हताहत होने का नुकसान उठाए बिना चार आतंकवादियों को मार गिराया ।
मेजर राजेश सिंह ने आतंकवादियों के विरुद्ध लड़ाई में बहादुरी, असाधारण नेतृत्व तथा संगठनात्मक कौशल का प्रदर्शन किया ।
7. 13753884 लांस हवलदार अजिज मोहम्मद, 20 जम्मू-कश्मीर राइफल (मरणोपरांत)
(पुरस्कार की प्रभावी तारीख: 11 मई, 2008) 11 मई, 2008 को 0700 बजे काली मंडी, साम्बा (जम्मू-कश्मीर) में आतंकवादियों द्वारा सिविलियनों के बंधक बनाए जाने की सूचना मिलने पर 20 जम्मू-कश्मीर राइफल उनको निष्क्रिय करने के लिए तुरंत हरकत में आई । लांस हवलदार अजीज मोहम्मद तैनात टुकड़ी में शामिल थे ।
बटालियन ने गहरा घेरा डाला । बंधकों को बचाने के प्रयास में लांस हवलदार अजीज मोहम्मद ने आतंकवादियों की भारी गोलीबारी के बीच अग्रणी भूमिका निभाई तथा पांच महिलाओं, तीन बच्चों तथा एक पुरुष को सुरक्षित बचाया । जब आतंकवादियों ने बच निकलने का प्रयास किया तब 9-501 GI/08 348
भत्र नार्च 21. 2009 ( फाल्गुन 30. 19.30-
[ भाग ।-खण्ड 1 एक आतंकवादी से आमना- सामना हा गया । लांस हवलदार अजिज मोहम्मद ने उसे मौके पर ही मार दिया तथा स्वयं भी बुरी तरह से घायल हो गया । इसी बीच दूसरा आतंकवादी उस पर झपटा । व्यक्तिगत सुरक्षा तथा घावों की बिल्कुल भी परवाह किए बिना उन्होंने गोली चलाई तथा दूसरे आतंकवादी को भी मार गिराया । तथापि, वे घावों के कारण वीरगति को प्राप्त हो गए तथा बहादुरी से लड़ते हुए बलिदान दिया ।
लांस हवलदार अजिज मोहम्मद ने आतंकवादियों के विरुद्ध लड़ाई में विकट परिस्थितियों के बावजूद अडिगता तथा अदम्य साहस का प्रदर्शन किया तथा सर्वोच्च बलिदान दिया ।
8. आईसी-61732 मेजर रमन यादव , मेकेनाइज्ड इन्फैंट्री 42 राष्ट्रीय राइफल
(पुरस्कार की प्रभावीतारीख: 17 मई, 2008) 17 मई , 2008 को 0650 बजे उत्तरी सेक्टर में लुराओ जागीर सामान्य क्षेत्र के एक गांव में सीआरपीएफ से सम्पर्क टूट जाने के बाद छह दुर्दात आतंकवादी बच निकले तथा अखरोट के बाग में छुप गए । 0800 बजे आतंकवादियों के साथ भयंकर भिडंत हो गई । मेजर रमन यादव ने जोरदार आक्रमण करते हुए उद्यान में प्रवेश किया । कुशल युद्ध कला का प्रदर्शन करते हुए यह अफसर पेट के बल रंगकर पचास मीटर तक गए तथा आगे बढ़कर भारी मात्रा में हथगोलों का सामना करते हुए एक विदेशी दुर्दात आतंकवादी को मार गिराया । अपनी टुकड़ी पर भीषण गोलीबारी करते अन्य आतंकवादी को देखकर यह अफसर स्वचालित हथियारों की भारी गोलीबारी का सामना करते हुए आगे बढ़े तथा व्यक्तिगत सुरक्षा की बिल्कुल भी परवाह न करके बहुत नजदीक से अन्य आतंकवादी को मार गिराया । इसके अलावा , इस अफसर ने निर्बाध करिंग फायर उपलब्ध कराकर तथा आतंकवादी को बगल से घेर कर कैप्टन विनय कुमार शर्मा द्वारा एक और आतंकवादी का काम तमाम करने में सहायता की। मेजर रमन यादव ने ऑपरेशन की सफलता हेतु अटल तथा निस्वार्थ कर्त्तव्यपरायणता , फौलादी आक्रमण तथा असाधारण मानसिक सचलता का प्रदर्शन किया ।
9. जीएस-174436पी ड्राइवर मेकेनिकल ट्रांसपोर्ट ग्रेड- II सुरिन्द्र पाल, सीमा सड़क संगठन (मरणोपरांत)
(पुरस्कार की प्रभावी तारीख: 26 मई, 2008) 26 मई, 2008 को ड्राइवर ट्रासपोर्ट मेकेनिकल सुरिन्द्र पाल ने 529 स्टोर सप्लाई तथा ट्रांसपोर्ट कंपनी से राशन एकत्रित किया तथा 64 आरसीसी के लिए रवाना हुआ । इसी वाहन में कुछ सीमा सड़क संगठन के कार्मिक भी यात्रा कर रहे थे । ये यूनिटें मेघालय में अवस्थित हैं जो विभिन्न आतंकवादी तथा विद्रोही संगठनों से प्रभावित है । 349 भारत का राजपत्र, मार्च 21 , 2009 ( फाल्गुन 30, 1930)
भाग I-खण्ड 1 ]
राष्ट्रीय राजमार्ग-62 पर किलोमीटर 31.00 के निकट 1440 बजे आतंकवादियों द्वारा चलाई जा रही एक लाल रंग की टाटा सूमो प्रतीक्षारत थी । वे सीमा सड़क संगठन के वाहन को रोकने तथा काबूकरने में सफल हो गए । काबू करने की प्रक्रिया में उग्रवादियों ने गोलीबारी कर दी तथा एक गोली ड्राइवर एमटी सुरिन्द्र पाल की छाती में लगी । इससे गंभीर घाव हो गए । घायल होने के बावजूद ड्राइवर एमटी सुरिन्द्र पाल ने सूझ -बूझ का प्रदर्शन किया तथा गेयर को न्यूट्रल में डाल दिया और ब्रेक लगाकर वाहन को रोक दिया । इसके तुरंत बाद वह वाहन के स्टीयरिंग पर गिर गए तथा घावों के कारण वीरगति कोप्राप्त हो गए।
ड्राइवर सुरिन्द्र पाल ने असाधारण वीरता तथा सूझ -बूझ का परिचय दिया जिससे न केवल साथियों का जीवन बचा बल्कि सरकारी भण्डार तथा वाहन भी बच गए जो अन्यथा घाटी में गिर गए होते ।
ड्राइवर एमटी सुरिन्द्र पाल ने अपनी ड्यूटी का निर्वाह करते समय सर्वोच्च बलिदान दिया । 10. ग्रुप कैप्टन सुर्यकांत चिंतामण चाफेकर (17013), उड़ान (पायलट)
(पुरस्कारकी प्रभावी तारीख: 31 मई, 2008) 31 मई, 2008 को ग्रुप कैप्टन सुर्यकांत चिंतामण चाफेकर को एएन-32 विमान को लेकर दौलत बेग ओल्डी (डीबीओ ) एडवांस लैंडिंग ग्राउंड पर प्रथम परीक्षण लैंडिंग करने हेतु तैनात किया गया था ।
डीबीओ एएलजी मुख्य समुद्री तल से 16200 फुट की ऊंचाई पर हिमालय की घाटी में स्थित है तथा यह विश्व में सर्वाधिक ऊंची हवाई पट्टी है । एएल -32 विमान के शामिल होने के समय से ही भारतीय वायुसेना तथा भारतीय सेना के विभिन्न विशेषज्ञ दल से एएम-32 विमान को डीबीओ पर उतारने की व्यवहार्यता का अध्ययन करने के लिए कहा गया था । एकमत से इन सभी दलों का अभिमत था कि विभिन्न कारणों से एएन-32 विमान को डीबीओ पर उतारना व्यवहार्य नहीं है । ग्रुप कैप्टन एस सी चाफेकर, पट्टी की समूह निगरानी करने के बाद, भारतीय वायुसेना की प्रदर्शन-मंजुषा प्रस्तुत करने , विमान के चालक दल में विश्वास पैदा करने तथा सबसे अधिक अक्साई चीन क्षेत्र में भू- सेनाओं में मनोबल वर्धक के रूप में एएन-32 विमान को हवाई पट्टी पर उतारने की पहल करने का प्रस्ताव किया । वे खराब मौसम, प्रतिकूल भू-प्रवेश तथा वास्तविक नियंत्रण रेखा की समीपता जैसी अनेक कठिनाइयों के बावजूद विनिर्माता द्वारा परिकल्पित उड़ान मण्डल से परे विमान का संचालन करने का दुसाध्य कार्य शुरू करने के लिए स्वेच्छा से तैयार हो गए । नगण्य त्रुटियों से युक्त मिशन को अत्यधिक व्यवसायिक तथा प्रशंसनीय ढंग से निष्पादित किया जो अटल साहस की भूरि - भूरि प्रशंसा करता है । उन्होंने यह असंभव सा प्रतीत होने वाला कार्य शुरू करने के लिए स्क्वाड्रन चालक दल को प्रेरित करने में अदम्य इरादे तथा एकल मनस्क प्रयोजन का प्रदर्शन किया । 350
भारत का राजपत्र, मार्च 21 , 2009 ( फाल्गुन 30, 1930 )
[ भाग 1-खण्ड 1 ग्रुप कैप्टन सुर्यकांत चिंतामण चाफेकर ने एएन-32 विमान द्वारा कभी शुरू किए गए में से एक सर्वाधिक चुनौतीपूर्ण मिशनों में असाधारण साहस का प्रदर्शन किया जिससे आने वाले वर्षों में भारतीय वायुसेना की संक्रियात्मक क्षमता में और अधिक वृद्धि होगी ।
11. आई सी-65357 मेजर विजयंत चौहान, से मे, सेना सेवा कोर/57 राष्ट्रीय राइफल
(पुरस्कार की प्रभावी तारीख 02 जून, 2008) 02 जून को जम्मू एवं कश्मीर के एक गांव में दो विदेशी दुर्दात आतंकवादियों के होने के बारे में पुख्ता आसूचना के आधार पर मेजर विजयंत चौहान ने संदेहास्पद घर के चारों ओर तुरंत घेरा डाल दिया । घर की तलाशी के दौरान दीवार में छिपने की जगह का पता चला । जब दूसरे साथी ने छिपे होने की जगह के रास्ते से फलकों को हटाया, तो उन्होंने देखा की एक आतंकवादी खोजी पार्टी के ऊपर हथगोला फेंकने को तैयार था । आतंकवादी के हथगोला फेंकने से पहले ही अफसर ने उसे गोली मार दी और इस प्रकार अपनी टुकड़ी को हताहत होने से बचा लिया । दूसरा आतंकवादी खोजी पार्टी के ऊपर गोलीबारी करने लगा । अपनी सुरक्षा की परवाह न करते हुए अफसर ने आतंकवादी को नजदीक से घेर लिया और उसे भी मार डाला ।
कर्तव्यपरायणता से भी बढ़कर असाधारण साहस का परिचय देते हुए अफसर ने वीरतापूर्वक कार्य करके दो विदेशी दुर्दात आतंकवादियों को मारकर साहसिक कार्य का व्यक्तिगत उदाहरण प्रस्तुत किया । इस आपरेशन में अफसर ने ठोस खुफिया आसूचना प्राप्त करने और मिशन को पेशेवर तरीके सेनिष्पादित करने की युक्ति का प्रदर्शन किया ।
मेजर विजयंत चौहान ने आतंकवादियों के खिलाफ लड़ाई में अदम्य साहस और उत्कृष्ट नेतृत्व का प्रदर्शनकिया।
12. देव कुमार , सिपाही, जनरल ड्यूटी, सी टी/जी डी, इंडो-तिब्बत सीमा पुलिस (मरणोपरांत)
(पुरस्कार की प्रभावी तारीख: 05जून, 2008) 5 जून, 2008 को भी देव कुमार युद्ध प्रभावित अफगानिस्तान में सड़क निर्माण कार्य के अंतर्गत परियोजना जारंज गुडगुडी में कार्यरत बी आर ओ के कार्मिकों के काफिले को सुरक्षा प्रदान करनेके लिए रक्षा के रूप में तैनात थे ।
जब बी आर ओ का काफिला मुख्य सड़क के पास पहुंचने वाला था ताकि काफिले के सुरक्षित ढंग से निकलने के लिए यातायात को नियंत्रित किया जा सके तब श्री देव कुमार अपने एस्कार्ट रक्षक वाहन से बाहर आए । अचानक, उन्होंने देखा कि एक कोरोला कार तेजी से काफिले की ओर आ रही है । उन्होंने गाड़ी के रुकने का इशारा किया किंतु यह नहीं रुकी । उन्होंने गाड़ी पर तीन चक्र गोली दाग 351 भाग खण्ड 1 ]
भारत का राजपत्र, मार्च 21 , 2009 ( फाल्गुन 30, 1930)
दी। गाड़ी का चालक (आत्मघाती बमबर) श्री देव कुमार की अप्रत्याशित कार्रवाई से दंग रह गया और घबराकर उसने विस्फोटक भरी गाड़ी को मुख्य काफिले के पास पहुंचने के पहले ही डिटोनेट कर दिया । इस प्रकार श्री देव कुमार 23 कार्मिकों वाले इस काफिले को बचा पाने में सफल रहे । तथापि, उन्हें विस्फोटक से गंभीर चोट लग गई और मौके पर ही अपने घावों के कारण वीरगति को प्राप्त हो गए । श्री देव कुमार ने अनेक बी आर ओ/ आरी टी बी पी कार्मिकों की जान बचाने में अनुकरणीय समर्पण एवं असाधारण वीरता का प्रदर्शन किया ।
13. एस सी-00137 मेजर राजिंदर कुमार शर्मा, ग्रेनेडियर्स/32 असम राइफल
(पुरस्कार की प्रभावी तारीख : 07 जून, 2008) मेजर राजिंदर कुमार शर्मा अपने साहसपूर्ण कार्यों के लिए अपनी ही टुकड़ी और समूचे मणिपुर में मिसाल बन चुके हैं । बे बिना भय के अगले मोर्चे से कार्रवाई करते हैं और भारतीय सेना की उच्च परंपराओं के अनुरूप भीषण गोलीबारी में साहस की प्रतिमूर्ति के रूप में जाने जाते हैं ।
उन्होंने व्यापक आसूचना नेटवर्क निर्मित किया है । 7 जून, 2008 के उन्हें पुख्ता खुफिया सूचना मिली की हथियारों से लैस आतंकवादी अपकर्षण के इरादे से एक गाड़ी में आ रहे हैं । अफसर अपनी टीम के साथ रवाना हो गया और बड़ी बुद्धिमानी से घात लगा दिया ।
!
7 जून , 2008 को 7 बजकर 30 मिनट पर, मेजर आर के शर्मा ने एक सिल्वर रंग की गाड़ी देखी । वे तुरंत सड़क पर आ गए और गाड़ी को रुकने का संकेत दिया । लेकिन गाड़ी में सवार आतंकवादियों ने उन्हें कुचल देने की कोशिश की । वे गाड़ी के सामने आ गए और गोलीबारी करने लगे और उन्हें भागने से रोक दिया ।
आतंकवादि स्वचालित हथियारों से गोलीबारी करते हुए नीचे उतरे । लेकिन इस सुनिश्चित मौत से वे बच गए । उन्होंने उन पर गोलीबारी की और एक आतंकवादी जो कार्बाइन से गोलीबारी कर रहा था, को बंदूक से मार गिराया । बाकी आतंकवादी अपने ए .के.47 और पिस्तौल से गोलीबारी करते हुए घने जंगल की ओर भाग निकले ।
मेजर आर के शर्मा ने अपनी उप-टुकड़ी को तुरंत पुनः तैनात होने का आदेश दिया और उस इलाके को घेर लिया । भागने के प्रयास में आतंकवादी टुकड़ी के ऊपर पूरी ताकत के साथ गोलीबारी करने लगे और हथगोला फेंगने लगे ताकि साहसिक योद्धाओं को डिगया जा सके।
मेजर आर के शार्म ने हवलदार विनय और सब-इंस्पेक्टर अचैबा के साथ एक उप-टुकड़ी बनाई और इलाके की छानबीन करने के लिए घने जंगल की ओर प्रवेश किया किंतु आतंकवादियों द्वारा की गई सटीक गोलीबारी में तुरंत आगे बढ़ने से रोक दिए गए ।
10-501 GI/08 352
[ भाग ।-खण्ड । भग्न आज्ञात्र, मार्च 21 , 2009 ( फाल्गुन 30, 1930 ,
कर्त्तव्यपरायणता से बढ़कर साहस का प्रदर्शन करते हुए मेजर आर के शर्मा ने अपनी उप- टुकड़ी को आड़ प्रदान करने का निदेश दिया । वह वेहिचक उठ खड़े हुए , सामने मौत का मुकाबला करते हुए अकेले ही आतंकवादियों के ऊपर गोलीबारी करने लगे और बड़े नजदीक से दो और आतंकवादियों को गोलीबारी की बौछार से मार गिराया ।
मेजर राजिंदर कुमार शर्मा ने तीन दुर्दात आतंकवादियों का सफाया करने में कारगर आसूचना नेटवर्क साधकर अदम्य साहस एवं अनुकरणीय नेतृत्व का प्रदर्शन किया ।
14. आई सी-59235 मेजर अमित सलाथिया , 11 बिग्रेड ऑफ दी गार्ड
(पुस्कारकी प्रभावी तारीख: 10 जून, 2008) मेजर अमित सलाथिया ने ऊपरी असम क्षेत्र में हिंदी भाषी लोगों तथा पुलिस कार्मिकों की बर्बर हत्या, तोड- फोड़ तथा अपकर्षण आदि घटनाओं में लिप्त दुर्दात आतंकवादियों के चारों ओर लगातार सुव्यवस्थित खुफिया नेटवर्क बनाए रखा ।
10 जून, 2008 को भरोसेमंद सूत्रों से ज्ञात हुआ कि डिब्रूगढ़ (असम) जिले के एक गांव में 3- 4 हथियारबंद साथियों के साथ एक दुदीत आतंकवादी मौजूद है । मुखबिर ने पहचान के डर से साथ चलने से मना कर दिया । अफसर ने इस क्षेत्र की बखूबी जानकारी के आधार पर एक कारगर आपरेशन की योजना बनाई और चाय बागान गाड़ियों में छिपे लक्ष्य क्षेत्र के पास पहुंच गया । ज्योंहि हमलावर टुकड़ी संदेहास्पद घर के पास पहुंची आतंकवादियों ने बड़े करीब से उस पर अंधाधुंध गोलीबारी करनी शुरू कर दी । बिना विचलित हुए, अदम्य साहस एवं हिम्मत प्रदर्शित करते हुए अफसर ने जवाबी गोलीबारी की और गोलियों की बौछार के बीच आतंकवादियों को घेर लिया और अकेले ही भयानक मुठभेड़ में दुर्दात आतंकवादी को मार गिराया ।
1750 बजे सूबेदार सवार की पार्टी ने उत्तर की ओर से आतंकवादियों को उलझाए रखा । घिरे होने के कारण आतंकवादियों ने संपर्क तोड़ने की कोशिश की । मेजर अमित और साथी हवलदार सुरेन्द्र नाथ पांडेय अपनी व्यक्तिगत सुरक्षा की परवाह किए बिना गोलीबारी के बीच दूसरी पार्टी को मदद पहुंचाने के लिए आगे बढ़ गए । अंधेरे का फायदा उठाते हुए आंतकवादी भागने लगा । अफसर ने अपने साथी के साथ निष्ठा एवं साहस का प्रदर्शन करते हुए उसका 300 मीटर तक पीछा किया । इस प्रकार वह अंधेरे में आंतकवादी की बंदूक से गोली चलने पर होने वाली चमक को निशाना बनाकर उसे उत्बइ ॥ए रखा । उन्होंने इस स्वयंभू कारपोरल को घेर लिया और मार गिराया । इस आपरेशन में तीन शीर्ष आंतकवादी नेतृत्वकर्ताओं का सफाया हो गया और तीन ए के 47/56 राइफलें और भारी मात्रा में हथियार एवं गोलीबारूद प्राप्त हुए ।
मंजर अमित सलाथिया ने अदम्य साहस कर्तव्यपरायणता से भी बढ़कर निर्भीक वीरता का प्रदर्शन किया और ऊपरी असम क्षेत्र में आतंकवादी नेतृत्व का सफाया कर दिया । 353 भाग 1-खण्ड ।।
भारत का राजपत्र, मार्च 21 , 2009 ( फाल्गुन 30, 1930)
15. जी ओ 3423 वाई सहायक कार्यकारी इंजीनियर (सिविल) , संतोष कुमार सिंह, सीमा सड़क संगठन (मरणोपरांत)
(पुरस्कार की प्रभावी तारीख 13 जून,2008)
सहायक कार्यकारी इंजीनियर सिविल संतोष कुमार सिंह जो भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान के एक स्नातक थे , 118 रोड कंस्ट्रक्शन कंपनी के अंतर्गत 170 फार्मेशन कटिंग प्लाटून के प्रभारी अधिकारी थे । वे किस्तवार थिाल दरें से राष्ट्रीय राजमार्ग 1 ए जाने वाले सड़क के निर्माण के लिए जिम्मेवार दल के सदस्य थे । यह कश्मीर घाटी को देश के बाकी भागों से जोड़ले के लिए वैकल्पिक केंद्र है क्योंकि इस समय केवल एक ही केंद्र एन एच आई ए कश्मीर घाटी को जोड़ती है । सड़क के निर्धारित समय-सीमा के भीतर निर्माण से रक्षा तैयारी तो दुरस्त होगी ही साथ ही राज्य का आर्थिक विकास भी होगा ।
सीमा पार से भारी घुसपैठ के खतरों के बावजूद सीमा सड़क विकास संगठन के निर्भीक एवं साहसी कार्मिक इस दुर्गम क्षेत्र में काम करते हैं और इस समय निहत्थे ही बिना किसी सुरक्षा के सड़क के बुनियादी ढांचे का निर्माण कर रहे हैं । 13 जून , 2008 को सहायक कार्यकारी इंजीनियर सिविल संतोष कुमार सिंह लेफ्टिनेट कर्नल अजय वर्मा आफिसर कमांडिग 118 आर सी सी से किस्तवार सिन्थाल-अनंतनाग सड़क पर सिन्थान टाप के साथ कार्य के निरीक्षण तथा संसाधनों की तैनाती कराने के लिए साथ-साथ गए ।
सड़क का निरीक्षण कार्य पूरा होने पर लौटते समय 59 किलोमीटर पर उन पर आतंकवादियों ने घात लगाकर हमला कर दिया और उग्रवादी उन पर अंधाधुंध गोलीबारी करने लगे और उन्हें गंभीर चोट लग गई । बाद में अफसर अपने घावों के कारण से वीरगति को प्राप्त हो गए ।
सहायक कार्यकारी इंजीनियर सिविल संतोष कुमार सिंह ने उच्च कोटि के साहस , कर्त्तव्य परायणता एवं घुसपैठ प्रभावी क्षेत्र में डयूटी देने में अपनी तकनीकी कुशलता का प्रदर्शन करते हुए राष्ट्र के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया ।
16. जीएस-168545एल ड्राइवर मेकेनिकल ट्रांसपोर्ट ग्रेड- II जयकृत सिंह रावत, सीमा सड़क संगठन (मरणोपरांत)
(पुरस्कार की प्रभावी तारीखः 13 जून, 2008) ड्राइवर मेकेनिकल ट्रांसपोर्ट ग्रेड- II जयकृत सिंह रावत 118 रोड कंस्ट्रक्शन कंपनी सेक्टर में चालक मेकेनिकल ट्रांसपोर्ट के रूप में नियुक्त थे । यह सड़क निर्माण कंपनी किस्तवाड़ सिन्थाल दर्रे से राष्ट्रीय राजमार्ग के दोहरीकरण विशिष्टिता वाले सड़क निर्माण की महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए उत्तरदायी है । कश्मीर घाटी को वैकल्पिक धुरी के साथ जोड़ने के कारण इस सड़क का महत्व और अधिक बढ़ जाता है क्योंकि इस समय केवल एक ही धुरी राजमार्ग 1 ए है जो कश्मीर घाटी को देश के बाकी भागों से जोड़ता है । इस सड़क के समयबद्ध निर्माण से रक्षा तैयारी और राज्य के आर्थिक विकास में सुविधा होगी । 354
भान्त का पत्र, मार्च 21 , 2009 ( फाल्गुन 30, 1930 )
[भाग 1-खण्ड 1 13 जनवरी 2008 को ड्राइवर मेकेनिकल ट्रांसपोर्ट ग्रेड- II जयकृत सिंह रावत लेफ्टिनेंट कर्नल अजय वर्मा, कमांडिंग अफसर, 118 आरसीसी सिन्थान टाफ से सड़क किस्तवाड़ सिथल अनन्तनाग के साथ सड़क कार्य एवं माल मुहैया कराने संबंधी निरीक्षण कार्य पर थे । सड़क निरीक्षण कार्य पूरा होने केबाद, जब वे वापस आ रहे थे उनकी गाड़ी पर 59 कि.मी. पर उग्रवादियो ने घात लगाकर हमला कर दिया और अंधाधुंध गोलीबारी करके उन्हें गंभीर रूप से घायल कर दिया । बाद में ड्राइवर मेकेनिकल ट्रांसपोर्ट ग्रेड-II जयकृत सिंह रावत अपनी चोट के कारण वीरगति को प्राप्त हो गए ।
ड्राइवर मेकेनिकल ट्रांसपोर्ट ग्रेड- II जयकृत सिंह रावत एक कर्मठ एवं कुशल चालक थे जो बिना किसी भय के भारी घुसपैठ प्रभावी पहाड़ी दुर्गम क्षेत्र में कठिन समय में भी गाड़ी चलाते थे । ड्राइवर मेकेनिकल ट्रांसपोर्ट ग्रेड-II जयकृत सिंह रावत ने अत्यधिक आतंकवादी प्रभावित दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र में उल्लेखनीय कर्त्तव्यभाव , दृढ़ निश्चय एवं साहस का प्रदर्शन किया और सर्वोच्च बलिदान दिया ।
17. आईसी-67186 कैप्टन अनिल धीमान , तोपखाना रेजिमेंट/268 फील्ड रेजिमेंट
(पुरस्कार की प्रभावी तारीखः 15 जून, 2008) 15 जून, 2008 को कैप्टन आंनल धीमान को यह सूचना प्राप्त हुई कि असम के शिव सागर जिले के एक गांव में आतंकवादी मौजूद हैं । मोर्चा संभालते हुए वे युक्तिपूर्ण ऑपरेशन में निपुणता का परिचय देते हुए, नाले को एक ही बार में पार करते हुए लक्षित स्थान की ओर गए और घने जंगल क्षेत्र में पेट के बल चल कर आतंकवादियों को आश्चर्यचकित कर दिया और उनके निकलने का रास्ता रोक दिया ।
बड़े नजदीक से घेरा डालते समय उनकी टुकड़ी भारी गोलीबारी की चपेट में आ गई । बिना डरे यह अफसर लक्षित घर के निकट गए और भागने के रास्तों को बंद करने के लिए स्टाप सैनिकों को पुनः तैनात किया । अदम्य साहस का परिचय देते हुए अफसर घर के प्रवेश तक पेट के बल रेंग कर गया हालांकि दो आतंकवादी दौड़कर अंधाधुंध गोलियां बरसाने लगे । उन्हें भागते देखकर, अफसर ने गोलीबारी की और मौके पर एक आतंकवादी को मार गिराया जबकि दूसरा आतंकवादी एके-46 राइफल से गोलीबारी करते हुए बाग की ओर भाग निकला । अपनी व्यक्तिगत सुरक्षा की परवाह न करते हुए अफसर ने आतंकवादी पर गोलियों की बौछार कर दी और उसे मार डाला ।
इस ऑपरेशन के परिणामस्वरूप चार दुर्दात आतंकवादियों का सफाया हुआ और भारी मात्रा में हथियार व गोलाबारूद बरामद हुआ । कैप्टन अनिल धीमान ने आतंकवादियों के खिलाफ लड़ते हुए प्रेरणादायी नेतृत्व, अटूट दृढ़ निश्चय और पुख्ता आसूचना एकत्र करने के कौशल का प्रदर्शन किया । 355 भारत का राजपत्र , मार्च 21 , 2009 ( फाल्गुन 30, 1930 )
भाग । खण्ड 1 ]
18. जेसी-520181 सूबेदार धियान सिंह, डोगरा रेजिमेंट/20 राष्ट्रीय राइफल (मरणोपरांत)
(पुरस्कार की प्रभावी तारीखः 29 जून, 2008) 29 जून, 2008 को 1715 बजे, एक घुसपैठी आतंकवादी दल के आने का पता चलने पर सूबेदार धियान सिंह तीन जवानों के साथ आतंकवादियों के भागने के रास्ते को रोकने के लिए एक महत्वपूर्ण ठिकाना प्राप्त करने के लिए दौड़े । 30 जून को दिन में 0100 बजे बिल्कुल प्रतिकूल मौसम होने तथा घना कोहरा होने के बावजूद भी वह भाग रहे छह आतंकवादियों के दल को चुनौती देने के लिए आगे बढ़े । आतंकवादियों ने भारी स्वचालित हथियारों से जवाबी कार्रवाई की । अपनी जान का भारी खतरा होने के बावजूद भी उन्होंने उन्हें पकड़ने के लिए घेरे को तोड़ दिया और दोनों तरफ की भारी गोलीबारी के दौरान एक आतंकवादी को मार गिराया । इस दौरान उन्हें गोली से गहरी चोट लग गई और एक तीखे ढाल से लुढ़क गए । भारी मात्रा में खून बहने और गंभीर चोट के बावजूद बड़े पास से उन्होंने आतंकवादियों को घने अंधेरे में एक घंटे से अधिक समय तक उलझाए रखा और पेट के बल आगे बढ़ते हुए चोट के कारण वीरगति प्राप्त होने से पहले दूसरे आतंकवादी को मार गिराया । उनके हिम्मत भरे कारनामे एवं निस्वार्थ सेवा से आतंकवादी घबरा गए और उनके भागने के रास्तों को रोका गया । इसके परिणामस्वरूप 12 आतंकादियों के समूह वाले इस समूचे दल का सफाया हो सका । सूबेदार धियान सिंह ने उल्लेखनीय वीरता और असाधरण शौर्य का प्रदर्शन किया और आतंकवादियों के खिलाफ लड़ते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया ।
19. जीएस-172264एम भवन एवं सड़क अधीक्षक ग्रेड-1 एम सुन्दरम, सीमा सड़क संगठन (मरणोपरांत)
(पुरस्कारकी प्रभावी तारीखः 02 जुलाई, 2008) 02 जुलाई, 2008 को तवाघाट-घटियाबगड़ पर एक भारी भू-स्खलन हो गया जिसके परिणामस्वरूप 20 मीटर की ऊंची मिट्टी की एक खड़ी एवं अस्थिर दीवार एवं एक बड़ी चट्टान खिसक कर नीचे गिर गए ।
अधीक्षक बीआर-1 एम सुन्दरम सड़क साफ करके खोलने के लिए तैनात थे । पर्यवेक्षक ने सड़क खोलने का ऑपरेशन प्रारंभ किया जो उनके दल एवं मशीनरी के लिए खतरनाक काम था । कुछ समय के बाद एक नया भूस्खलन शुरू हो गया और पहाड़ की तरफ ऐसे पत्थर भी गिरने शुरू हो गए । तथापि, भूस्खलन एवं बोल्डर से निडर रहकर पर्यवेक्षक एवं उनका दल सड़क सफाई ऑपरेशन करते रहे । तथापि, कुछ समय के बाद, पत्थर गिरना और भी तेज़ हो गया । पर्यवेक्षक एम सुन्दरम ने अपनी सूझ-बूझ के साथ और व्यक्तिगत सुरक्षा की परवाह किए बिना अपने लोगों को चेतावनी दी और खतरनाक जोन से बाहर निकाल लिया । इस प्रक्रिया में उनके अकेला रह जाने के कारण एक लुढ़कता हुआ पत्थर अधीक्षक बीआर-1 सुन्दरम के सिर पर गिर गया, जिसके कारण उनका अपना संतुलन बिगड़ गया और वे 60 मीटर गहरे नाले में गिर गए जहां तुरंत उनकी मृत्यु हो गई।
11-501 G1 /08 356
| भाग -खण्ड 1
भारत का राजपत्र, मार्च 21 , 2009 ( फाल्गुन 30, 1930:
अधीक्षक बीआर-1 एम सुन्दरम ने अपने साथी कार्मिकों का जीवन बचाने की कोशिश करते समय प्रतिकूल परिस्थितियों में असामान्य साहस एवं बहादुरी का प्रदर्शन किया और सर्वोच्च बलिदान दिया ।
20. 2998941 लांस नायक बनाई सिंह गुर्जर, 22 राजपूत रेजिमेंट
(पुरस्कारकी प्रभावी तारीख: 28 जुलाई, 2008) 28 जुलाई 2008 को लांस नायक बनाई सिंह गुर्जर, 22 राजपूत रेजिमेंट के आत्मा कंपनी की प्रेक्षण चौकी में तैनात थे, तभी उन्होंने एक श्वेत ध्वज के साथ शत्रु को नियंत्रण रेखा से पैदल चलकर हमारे क्षेत्र में आते हुए देखा और बाद में छल -कपट से गोलीबारी करके नियंत्रण रेखा के निकट हमारे गश्ती दल पर हावी होने की कोशिश की । लांस नायक बनाई सिंह प्रेक्षण चौकी से गोलीबारी करने का मोर्चा लेने के लिए बढ़ गए और ज्योंही शत्रु ने हमारे गश्ती दल को निशाना बनाने के लिए तीव्र गोलीबारी की, वह भीषण गोलीबारी की चपेट में आ गए जिसमें एक जवान मारा गया । रेंगते हुए आगे बढ़कर, उन्होंने स्थान बदल लिया और अपनी हल्की मशीनगन से सही ऑटोमैटिक गोलीबारी कर दी जिससे एक अधिकारी सहित दो शत्रु सैनिकों को मार दिया गया जिसके परिणामस्वरूप शत्रु पक्ष का मनोबल टूट गया । अपनी जगह पर अटल रहकर उन्होंने छिन्न-भिन्न हो रहे शत्रुओं को और अधिक हताहत किया ।
भीषण गोलीबारी में उन्होंने मृत सहकर्मी का शव निकालने के लिए सहायता की और अपने लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाने के लिए कंपनी कमांडर की मदद की ।
लांस नायक बनाई सिंह गुर्जर ने आतंकवादियों के साथ लड़ते समय असामान्य सामरिक अनुभव एवं साथियों के प्रति प्रतिबद्धता का प्रदर्शन किया ।
21. 3189649 नायक सुखवीर, जाट रेजिमेंट/45 राष्ट्रीय राइफल
(पुरस्कारकी प्रभावी तारीख : 22 अगस्त, 2008) 22 अगस्त, 2008 को 0330 बजे नायक सुखवीर जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा जिले के नौनार में आंतकवादियों की मौजूदगी के बारे में सूचना मिलने पर अपने कंपनी कमांडर के साथ चल पड़े । दल एक कठिन एवं पहाड़ी क्षेत्र पर तेज चाल में लक्ष्य स्थान पर पहुंच गया और भागने के रास्तों को बंद करने के लिए दो दलों में बंट गया एक दल नायक सुखवीर के अधीन था ।
नायक सुखवीर ने चार आतंकवादियों को एक गुफा के अंदर आड़ लेते हुए देखा । असाधारण सारिक कुशाग्र बुद्धि का प्रदर्शन करते हुए और मैदान का निपुणतापूर्वक उपयांग करते हुए वे छिपे हुए स्थानके निकट बढ़ गए और छिपे हुए स्थान पर गोलीबारी की बौछार करके आतंकवादियों को बचने से रोकदिया। 357 भाग 1-खण्ड 1 ]
भारत का राजपत्र, मार्च 21 , 2009 ( फाल्गुन 30, 1930)
अगले दिन सुबह फंस गए चार आतंकवादियों में से दो ने नायक सुखवीर के दल पर गोलीबारी करके भागने की कोशिश की । परिपक्वता, नेतृत्व एवं सामरिक कुशाग्र बुद्धि का प्रदर्शन करके नायक. सुखवीर ने दोनों आतंकवादियों को अत्यंत निकट से में मार डाला । अन्य दो आतंकवादियों को बाद में 56 राष्ट्रीय राइफल के सैनिकों के द्वारा निष्प्रभावी कर दिया गया ।
आतंकवादियों का मार गिराने में नायक सुखवीर ने असाधारण साहस, दृढ़ निश्चय और नेतृत्व गुण का प्रदर्शनकिया ।
22. 3199037 सिपाही सन्त्री तोमर, जाट रेजिमेंट/45 राष्ट्रीय राइफल
(पुरस्कार की प्रभावी तारीख: 22 अगस्त, 2008) 22 अगस्त, 2008 को 0330 बजे जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा जिले में आतंकवादियों के साथ एक मुठभेड़ के बारे में सूचना मिलने पर सिपाही सन्नी तोमर द्रुत प्रतिक्रिया दल के साथ आगे बढ़े । 0630 बजे दल के साथ संपर्क करते समय सिपाही सन्त्री तोमर अग्रणी व्यक्ति थे । आगे नजदीकी लड़ाई में तीन आतंकवादियों को मार डालते समय कमांडिंग अफसर ने अपना जीवन न्यौछावर कर दिया ।
दिन भर, एक गुफा में सुरक्षित आड़ लिए हुए एक आतंकवादी ने सारे प्रयासों के बावजूद, आगे किसी संचलन या हताहतों को निकालने के काम को रोक दिया । 23 अगस्त 2008 को 0500 बजे सिपाही सन्त्री तोमर खुरदरी चट्टानों से आगे बढ़कर छिपे हुए आतंकवादी का पता लगाया और उसका सफाया कर दिया ।
सिपाही सन्त्री तोमर की शारीरिक हरकत के कारण उनसे 75 मीटर ऊपर की दूरी पर एक अन्य आतंकवादी ने उनको देखा । अकेले होने पर भी निर्भीक होकर वह आगे बढ़े और दूसरे आतंकवादी काअकेले निकट की लड़ाई में सफाया कर दिया ।
सिपाही सन्त्री तोमर ने दो विदेशी आतंकवादियों का सफाया करते समय उत्कृष्ट बहादुरी, पेशेवर कौशल एवं असाधारण प्रतिबद्धता का प्रदर्शन किया ।
23. आईसी-67664 कैप्टन रविन्द्र सिंह, 11 जाट रेजिमेंट
(पुरस्कार की प्रभावी तारीख: 03 सितंबर, 2008) 03 सितंबर, 2008 को कैप्टन रविन्द्र सिंह टोनी हट द्वारा आतंकवादियों के साथ संपर्क के बारे में सुनने पर, एक ज्ञात सुरंग क्षेत्र से अपने दल के साथ आगे बढ़े और नियंत्रण रेखा की तरफ आतंकवादियों को बचने से रोकने के लिए गहरे नाले में एक स्टाप की स्थापना की । 04 सितंबर, 2008 को एक मोर्चाबंद एवं अनुकूल स्थान से एक आतंकवादी ने उन पर अंधाधुंध गोलीबारी की । 358
भारत का गजपत्र, मार्च 21 , 2009 ( फाल्गुन 30, 1930)
{ भाग 1-खण्ड । अपने व्यक्तिगत सुरक्षा की परवाह किए बिना भीषण गोलीबारी के अंतर्गत उन्होंने पानी में जोखिम भरे नाले की बगल की तरफ रेंगकर आतंकवादी पर धावा बोल दिया । नजदीकी लड़ाई में कैप्टन रविन्द्र सिंह ने आतंकवादी को मार डाला । 05 सितंबर 2008 को उन्हें ऑपरेशन में लगे हुए 72 घंटे हो गए थे । बारिश एवं अत्यधिक कठिन ठंडे मौसम में, उन्होंने भागने के लिए कोशिश करते हुए एक और आतंकवादी को देखा । अपने दल की गोलीबारी की आड लेकर उन्होंने रेंगकर निडरता का प्रदर्शन करते हुए और अपने ही जीवन को खतरे में डालकर निकट से एक दूसरे आतंकवादी का सफाया कर दिया ।
कैप्टन रविन्द्र सिंह ने आतंकवादियों के विरुद्ध लड़ते समय उत्कृष्ट बहादुरी एवं प्रतिकूल परिस्थितियों में वीरता का प्रदर्शन किया ।
24. आईसी-67443 कैप्टन आर बालाकार्थिक, 10 बटालियन पैराच्यूट रेजिमेंट (विशेष बल)
(पुरस्कार की प्रभावी तारीख : 25 सितंबर, 2008) 25 सितंबर , 2008 को कैप्टन आर बालाकार्थिक को लंवाज के सामान्य क्षेत्र में ऊबड़ -खाबड़ पहाड़ी क्षेत्र में 14,000 फुट की ऊंचाई पर एक आतंकवादी दल को रोकने का कार्य सौंपा गया था । लगभग 1815 बजे , कैप्टन बालाकार्थिक ने आगे बढ़ते हुए एक आतंकवादी दल को देखा । मौके का फायदा उठाते हुए , वह सिर्फ तीन सैनिकों के साथ आतंकवादियों की तरफ तेजी से बढ़े और गोलीबारी शुरू हो गई, जिसके परिणामस्वरूप तीन आतंकवादी मारे गए । तथापि, धुंधलके की स्थितियों का फायदा उठाकर कुछ आतंकवादी बोल्डरों के पीछे छुप गए । शून्य के नीचे के तापमान वाले प्रतिकूल क्षेत्र में बिना चांदनी के रात में बहुत ही अधिक संख्या में होने के बावजूद भी, उन्होंने एक आतंकवादी का पता लगाया और उसको मार डाला ।
26 सितंबर, 2008 को लगभग 1130 बजे एक संदिग्ध आतंकवादी स्थान की तरफ पहुंचते समय वह और उनके साथी एक चट्टान के पीछे से गोलीबारी की चपेट में आ गए । प्रतिक्रिया में, व्यक्तिगत सुरक्षा की परवाह किए बिना निर्भीक रहकर साहसिकता का प्रदर्शन करते हुए उन्होंने अपने साथियों को एक चट्टान के पीछे घुसाकर और एक आतंकवादी की तरफ तेजी से बढ़कर खतरनाक ढंग से निकट से उसको मार डाला ।
कैप्टन आर बालाकार्थिक ने आतंकवादियों के साथ लड़ते समय उत्कृष्ट बहादुरी, एक कठिन ऊबड़-खाबड़ अत्यधिक ऊंचाई वाले क्षेत्र में प्रेरणाबद्ध नेतृत्वगुण एवं सामरिक कुशाग्र बुद्धि का प्रदर्शन किया। 359 भारत का राजपत्र, मार्च 21 , 2009 ( फाल्गुन 30, 1930)
भाग I- खण्ड 1 |
25. आईसी-65706 कैप्टन कुलदीप राज, 21 नाट रेजिमेंट
(पुरस्कार की प्रभावी तारीख: 26 सितंबर, 2008) 25 सितंबर 2008 को कैप्टन कुलदीप राज को बंगलादेश से आतंकवादियों के घुसपैठ, जिसकी रात के दौरान हरकत करने का संदेह था , के बारे में सूचना मिली । प्राप्त जानकारी की तुरंत समीक्षा एवं विश्लेषण के बाद उन्होंने घुसपैठ के संभावित रास्तों पर अनेक घात-टुकड़ियों की तैनाती के। लिए विस्तृत एवं अति सतर्क योजना का पालन किया गया ।
लगभग 0315 बजे, स्काउटों ने लोगों के एक दल की हलचल देखी तथा घात टुकड़ियों को सचेत किया । ललकारने पर, आतंकवादियों ने घात टुकड़ी दल पर हथगोला फेंक दिया और सामने के नीचे के ढलान की तरफ भागने की कोशिश में अंधाधुंध ढंग से गोलीबारी शुरू की । कैप्टन कुलदीप राज ने तुरंत ही भागने वाले आतंकवादियों को दबोचने के लिए जवाबी गोलीबारी करने का आदेश दिया । आगामी गोलीबारी के दौरान कैप्टन कुलदीप राज को उनकी छाती पर गोली लग गई मगर उनके बुलेटप्रूफ जैकेट के कारण वह सही सलामत बच गए । व्यक्तिगत सुरक्षा की परवाह किए बिना, वे आगे बढ़े और उन्होंने निकट की गोलीबारी में अकेले ही दो आतंकवादियों को मार डाला । उसके बाद उन्होंने धान के खेतों की तरफ भागते एक आतंकवादी को देखा । वह तुरंत ढलान से नीचे की तरफ बढ़े और पानी भरे हुए धान के खेत में भागते हुए आतंकवादी का पीछा किया, आतंकवादी ने हथगोला फेंक दिया, मगर कैप्टन कुलदीप राज ने अपने सामरिक कुशलता से गोली चलाई और भागते हुए आतंकवादी को घायल कर दिया । कैप्टन कुलदीप राज घात टुकड़ी के कमांडर के रूप में स्थिति पर नियंत्रण कर लिया और उस क्षेत्र में व्यापक तलाशी के समन्वयन के लिए शीघ्र समीक्षा की । तलाश के दौरान अधिक संख्या में हथियारों, गोला बारूदों, विस्फोटक पदार्थों, युद्ध जैसे भण्डार एवं अन्य दस्तावेजों के साथ -साथ सात आतंकवादियों के शव भी बरामद किए गए ।
कैप्टन कुलदीप राज ने आतंकवादियों का सफाया करने में उत्कृष्ट बहादुरी , अति सतर्क योजना, सुव्यवस्थित निष्पादन एवं उच्चतर कोटि के प्रेरणात्मक नेतृत्त्वगुण का प्रदर्शन किया ।
26. एसएस-42418 लेफ्टिनेंट प्रशान्त सिवाच , 10 बटालियन पैराच्यूट रेजिमेंट (विशेष बल)
(पुरस्कारकी प्रभावी तारीख: 26 सितंबर, 2008) लेफ्टिनेंट प्रशान्त सिवाच 26 सितंबर, 2008 को 14,000 फुट की ऊंचाई पर शिलाखंडों से ढकी पहाड़ी गुफा में आतंकवादियों को रोकने के लिए तैनात एक दूसरे दल को सुदृढ़ करने का कार्य सौंपे गए दल के टूप कमांडर थे ।
मानसिक शक्ति का प्रदर्शन करते हुए लेफ्टिनेंट सिवाच अपने साथियों की सहायता करने के लिए प्रतिकूल परिस्थिति में इस ऊंचाई पर सीधे चढ़ गए। तुरंत स्थिति को भांपकर वह अपने साथियों के 12--501 GI/08 360
[ भाग ।-खण्ड 1
कागजपत्र, मार्च 21 , 2009 ( फाल्गुन 30 , 1930
साथ आतंकवादियों के छिपे हुए स्थान पर तेजी से बढ़ गए जहां आतंकवादी रुक-रुक कर गोलीबारी कर रहे थे । अपनी सुरक्षा की परवाह किए बिना, उन्होंने आतंकवादी का पता लगाया और चुपचाप उसके निकट पहुंच गए और निकट रेज से एक आतंकवादी को गोली से मार डाला । तथापि , अपने साथी पर गोली लगने की आवाज सुनकर सामने छिपे हुए दूसरे आतंकवादी ने लेफ्टिनेंट सिवाच और उनके साथियों पर हथगोला फेंक दिया और गोलीबारी शुरू की।
अपने जीवन को खतरे की परवाह किए बिना बहादुरी एवं सक्रिय नेतृत्व का प्रदर्शन करते हुए वे आड़ लेने के लिए अपने साथियों से जोर से चिल्लाए साथ- साथ दूसरे आतंकवादी पर गोली चलाकर उसको मार डाला ।
लेफ्टिनेंट प्रशान्त सिवाच ने आतंकवादियों के साथ लड़ते समय उत्कृष्ट बहादुरी, सखाभाव, गोलीबारी की बौछार एवं प्रतिकूल मौसम एवं क्षेत्र स्थितियों में उत्कृष्ट नेतृत्व का प्रदर्शन किया । 27. 4184821 हवलदार त्रिभवन सिंह, 10 बटालियन पैराच्यूट रेजिमेंट (विशेष बल)
(पुरस्कारकी प्रभावी तारीख : 29 सितंबर, 2008) हवलदार त्रिभवन सिंह ने संकेतक निशानों का पता लगाने में एक निर्णायक भूमिका निभाई और कार्रवाई के दौरान स्काउट के रूप में आगे बढ़े और अत्यधिक ऊंचाई वाले क्षेत्र में पहुंचकर एक आतंकवादी दल के साथ संपर्क स्थापित किया ।
29 सितंबर 2008 को गुफा की तरफ अपने सैनिकों की गति में बाधा डालकर एक आतंकवादी किसी शिलाखंड में छिपकर गोलीबारी कर रहा था । हवलदार त्रिभवन रास्ता साफ करने के इस खतरनाक मिशन के लिए आगे आए । उत्कृष्ट रणक्षेत्र कुशलता एवं गोलीबारी निपुणता का प्रदर्शन करते हुए वे आतंकवादी के निकट पहुंच गए । अतुल्य सखाभाव का प्रदर्शन करते हुए, उसने आतंकवादी का ध्यान अपनी ओर आकृष्ट किया और उसी समय गोली से उसको मार डाला । तथापि, इसके बाद , हवलदार त्रिभवन गुफा क्षेत्र से तीव्र गोलीबारी की चपेट में आ गए। अविर्चालत, निर्भीक रहकर उन्होंने फोलादी इरादे से जवाबी गोलीबारी करके गुफा के निकट एक और आतंकवादी को मार गिराया ।
हवलदार त्रिभवन सिंह ने आतंकवादियों के विरूद्ध लड़ते समय खतरनाक संकटपूर्ण स्थितियों में व्यक्तिगत सुरक्षा की परवाह किए बिना दृढ़ निश्चय एवं असाधारण बहादुरी का प्रदर्शन किया । 361 भारत का राजपत्र , मार्च 21 , 2009 ( फाल्गुन 30, 1930 )
भाग 1 ---खण्ड 1 ]
28. आईसी-63425 कैप्टन अमितेन्द्रा कुमार सिंह, तोपखाना रेजिमेंट/ 51 विशेष कार्रवाई दल
(पुरस्कार की प्रभावी तारीख: 27 नवंबर, 2008) 27 नवंबर 2008 को कैप्टन अमितेन्द्रा कुमार सिंह को होटल ओबरॉय, मुम्बई जहां आतंकवादियों ने पहले ही लगभग 34 नागरिकों को मार डाला था, में आतंकवादियों का पता लगाने एवं उनका सफाया करने का कार्य सौंपा गया था ।
अफसर ने अपने दल का नेतृत्व किया, जिसमें घोर अंधेरे में से 39 विदेशी एवं भारतीय नागरिकों को बचाया । संदिग्ध कमरों में दखल करते समय आतंकवादियों ने उनके दल पर गोलीबारी शुरू की । व्यक्तिगत सुरक्षा की परवाह किए बिना, वे लक्षित कमरे के प्रवेश द्वार की तरफ बढ़ते रहे । उन्होंने तुरंत अपने दल को सभी भागने के मागों को बंद करने के लिए तैनात किया और आतंकवादियों के निकट बढ़ना शुरू किया । उनको अपनी तरफ आगे बढ़ते हुए देखकर, आतंकवादियों ने हथगोला फेंका और उनके दल पर गोलीबारी शुरू की । निर्भीक रहकर अफसर एक हथगोले का टुकड़ा लगने से अपनी बाईं आंख को चोट लगने तक गोलीबारी एवं सामरिकी चाल के साथ रुके बिना आगे बढ़ने लगा । गहरी चोट के बावजूद, अफसर आतंकवादियों पर प्रभावी रूप से गोलीबारी करता रह्य और बेहोश होने तक अपने दल को नेतृत्व दिया ।
कैप्टन अमितेन्द्रा कुमार सिंह ने आतंकवादियों के विरूद्ध लड़ते समय असाधारण नेतृत्व, अदम्य भावना, उत्कृष्ट बहादुरी एवं कर्तव्यपरायणता का प्रदर्शन किया ।
29. 2601184 नायक मनेश पी वी, मद्रास रेजिमेंट/ 51 विशेष कार्रवाई दल
(पुरस्कार की प्रभावी तारीख: 27 नवंबर, 2008) 27 नवंबर, 2008 को नायक मनेश पी वी, होटल ओबरॉय , मुम्बई जहां आतंकवादियों ने पहले ही लगभग 34 नागरिकों को मार डाला था, में आतंकवादियों का पता लगाने एवं उनका सफाया करने का कार्य, सौंपे गए दल में शामिल थे ।
नायक मनेश ने स्वेच्छा से अपने दल का नेतृत्व किया जिसने 39 विदेशी एवं भारतीय नागरिकों को बचाया । उन्होंने सम्पूर्ण बचाव ऑपरेशन का संचालन घोर अंधेरे में किया था । संदिग्ध कमरे में दखल ऑपरेशन करते समय उनके दल पर आतंकवादियों की ओर से गोलीबारी हुई, व्यक्तिगत सुरक्षा की परवाह किए बिना वह लक्षित कमरे के प्रवेश द्वार की तरफ गोलीबारी करते रहे । तुरंत, भागने के रास्तों को बंद करने के लिए अपनी टुकड़ी को मार्गनिर्देशन और नेतृत्व दिया । आतंकवादियों ने टुकड़ी पर गोलीबारी शुरू की और हथगोला फेंक दिया जिसमें नायक मनेश को उनके 362
[ भाग ] --खण्ड 1 भारत का गजपत्र, मार्च 21 , 2009 (फाल्गुन 30, 1930)
सिर में गोली के छरे से चोट लग गई और अत्यधिक रक्तस्राव होना शुरू हो गया । सुरक्षित स्थान पर ले जाए जाने से मना करके आतंकवादियों को उलझाते रहे और लक्षित कमरे के अंदर घुस गए । तीव्र गोलीबारी की लड़ाई के दौरान, रक्त बह जाने से बेहोश होने से पहले नायक मनेश ने एक आतंकवादी को निकट से मार डाला ।
नायक मनेश पी वी ने आतंकवादियों के विरूद्ध लड़ते समय अनुकरणीय बहादुरी, निर्भीक वीरता, दृढ़ निश्चय एवं कर्त्तव्य से बढ़कर मिशन के प्रति समर्पण का प्रदर्शन किया ।
30.
प्रवीण कुमार, सी-1 , सीडी- II (132949-एच)
(पुरस्कार की प्रभावी तारीख: 27 नवंबर, 2008) प्रवीण कुमार, एक मारकोस नाविक 27 नवंबर 2008 को होटल ताज में आतंकवादियों के विरुद्ध ऑपरेशन दल में शामिल थे ।
27 नवंबर 2008 को लगभग 0230 बजे, मारकोस त्वरित कार्रवाई दल कोलाबा के होटल ताज में आतंकवादियों के विरुद्ध ऑपरेशन में शामिल थे । दल के मुख्य व्यक्ति होने के कारण प्रवीण कुमार छिपे हुए आतंकवादियों की तरफ दल को लेकर निपुणता के साथ आगे बढ़े जो रक्तपात मचाने मेंव्यस्तथे ।
होटल कार्मिकों से प्राप्त जानकारी के आधार पर मारकोस दल तुरंत चेम्बर हॉल में पहुंच गए जहां लगभग 150 व्यक्तियों को बंधक बना कर रखा गया था । प्रवीण कुमार ने तुरंत स्थिति की गंभीरता को भांप लिया जहा आतंकवादियों को निष्प्रभावी करने में विलंब बंधक व्यक्तियों के जीवन को खतरे में डाल देता । प्रवीण कुमार साथ के कमरे में प्रवेश करने में सफल हो गए जिसमें रोशनी नहीं थी । कमरे के अंदर छिपे हुए आतंकवादी ने ऑटोमैटिक हथियारों से गोलीबारी का सहारा लिया । आगामी गोलीबारी में प्रवीण कुमार ने अत्यंत सजगता एवं दृढ़ता का प्रदर्शन किया और गोलीबारी से चोट लगने के बावजूद भी वे आतंकवादियों पर गोलीबारी करते रहे । प्रवीण की चतुर प्रतिक्रिया एवं प्रभावी गोलीबारी के कारण , निष्प्रभावी हो गए आतंकवादी उनके विभिन्न सामग्रियों वाला रैकसैक छोड़ कर कमरे के प्रस्थान द्वार से ऊपरी मंजिल के कमरे में भाग गए । आतंकवादियों के प्रस्थान से अनिवार्य रूप से 150 होटल अतिथियों वाले साथ के कमरे में प्रवेश रुक गया जहां से उन्हें मारकोस द्वारा सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दिया गया था ।
प्रवीण कुमार ने आतंकवादियों के विरूद्ध लड़ते समय असाधारण साहस एवं कठिन खतरे के समय में नेतृत्व का प्रदर्शन किया ।
बरूण मित्रा
संयुक्त सचिव भारत का राजपत्र, मार्च 21 , 2009 ( फाल्गुन 30, 1930)
भाग 1- खण्ड 1 ] .
कार्मिक, लोक शिकायत तथा पेंशन मंत्रालय ( प्रशासनिक सुधार और लोक शिकायत विभाग ) नई दिल्ली, दिनांक 4 मार्च 2009
संकल्प
सं. के -11022/26/2007 -प्र.सु. राष्ट्रपति, दूसरे प्रशासनिक सुधार आयोग द्वारा सरकार को अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए इसकी अवधि एक माह के लिए दिनांक 30.04.2009 तक बढ़ाते ।
ध्रुवविजय सिंह अपर सचिव
कृषिमंत्रालय ( कृषि एवं सहकारिता विभाग )
नई दिल्ली, दिनांक 27 फरवरी 2009
संकल्प
सं. 2-6/2008- हिन्दी नीति-कृषि एवं सहकारिता विभाग के संकल्प सं. 2-36/2003 - हिन्दी नीति दिनांक 6.5.2005 के अधिक्रमण में कृषि मंत्रालय के तीनों विभागों- कृषि एवं सहकारिता विभाग, कृषि अनुसंधान एवं शिक्षा विभाग तथा पशुपालन , डेयरी एवं मत्स्यपालन विभाग की संयुक्त हिन्दी सलाहकार समिति के पुनर्गठन का निर्णय लिया गया है । उक्त समिति का गठन निम्नानुसार होगा:--
अध्यक्ष कृषि मंत्री
उपाध्यक्ष कृषि राज्य मंत्री
संसदीय कार्य मंत्रालय द्वारा नामित संसद सदस्य
सदस्य 1. श्री मुंशीराम
संसद सदस्य (लोक सभा)
सदस्य 2. श्री रामजी लाल सुमन संसद सदस्य ( लोक सभा)
सदस्य 3. श्री वी. के . हरीप्रसाद संसद सदस्य ( राज्य सभा )
सदस्य 4. श्री नारायण सिंह मानकलाओ संसद सदस्य ( राज्य सभा)
संसदीय राजभाषा समिति द्वारा नामित संसद सदस्य
5. श्री संतोष गंगवार
सदस्य संसद सदस्य (लोक सभा)
सदस्य 6. श्री अनिल बसू संसद सदस्य (लोक सभा )
हिन्दीसेवी संगठन के प्रतिनिधि
सदस्य . 7. श्री राधावल्लभ शर्मा ,
अखिल भारतीय हिन्दी संस्था संघ,
मकान नं. 41/296 , रोड नं. 11, राजेन्द्र नगर, पटना-800016 (बिहार )
13-501 G1/08
363 केन्द्रीय सचिवालय हिन्दी परिषद् के प्रतिनिधि
सदस्य ४. डॉ. महेश चन्द्र गुप्त,
मकान नं. 316, सैक्टर ए.
नई दिल्ली -110070 पॉकेट- सी, बसंत कुंज,
कृषि मंत्रालय द्वारा नामित गैर - सरकारी सदस्य
सदस्य 9. श्री रवीन्द्र कालिया ,
निदेशक,
भारतीय ज्ञानपीठ,
18 - ए, इंस्टीट्यूशनल एरिया लोदी रोड, नई दिल्ली-110003 ,
सदस्य 10. सुश्री वंदना मिश्र,
8/2 डालीबाग कालोनी, लखनऊ -226001
सदस्य 11. श्री अखिलेश ,
18/201, इंदिरा नगर, लखनऊ
सदस्य 12. डॉ. श्री भगवान सिंह,
164, हनुमान पथ तिलकामांझी, भागलपुर-812001
राजभाषा विभाग , गृह मंत्रालय द्वारा नामित गैर- सरकारी सदस्य
सदस्य 13. प्रो . रामदेव भंडारी ,
ग्राम एवं पोस्ट- झंझारपुर, जिला-मधुबनी-847404 बिहार
सदस्य 14. डॉ. दिलीप कुमार चौधरी ,
ग्राम एवं पोस्ट- बसईठ ब्लॉक- बेनीपट्टी, मधुबनी, बिहार
सदस्य 15. डॉ. शक्ति कुमारी ,
पत्नी डॉ. उमेश कुमार, महाराजगंज, वार्ड नं. - 13,
मधुबनी-847211 , बिहार
सरकारी सदस्य
सदस्य 16. सचिव, कृषि एवं सहकारिता विभाग
सदस्य 17. सचिव, कृषि अनुसंधान एवं शिक्षा विभाग
सदस्य 18. सचिव, पशुपालन , डेयरी एवं मत्स्यपालन विभाग
सदस्य 19. सचिव, राजभाषा विभाग
सदस्य 20. अपर सचिव , कृषि एवं सहकारिता विभाग
सदस्य 21. अपर सचिव, कृषि एवं सहकारिता विभाग 364
भारत का राजपत्र, मार्च 21 , 2009 ( फाल्गुन 30, 1930)
22. अपर सचिव , कृषि एवं महकारिता विभाग
23. अपर सचिव, कृषि एवं सहकारिता विभाग
24. अपर सचिव एवं विनीय सलाहकार. कृषि एवं सह. विभाग
25. कृषि आयुक्त, कृषि एवं महकारिता विभाग सदस्य 26. बागवानी आयुक्त, कृषि एवं सहकारिता विभाग
भदम्य 27. संयुक्त सचिव ( प्रशासन ) , कृषि अनुसंधान एवं शिक्षा विभाग
28. संयुक्त सचिव ( प्रशासन), पशुपालन , डेयरः एवं मत्स्यपालन विभाग सदस्य
भदस्य 29. संयुक्त सचिव , राजभाषा विभाग, गृह मंत्रालय
30. प्रबंध निदेशक , राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम. नई दिल्ली
31. प्रबंध निदेशक , राष्ट्रीय खेज निगम, नई दिल्ली मदम्य 32. प्रबंध निदेशक, भारतीय राज्य फार्म निगम. नई दिल्ली गदस्य
भदध्य-सचिव 33. संयुक्त सचित्र (प्रशासन ) , कृषि एवं सहकारिता विभाग
| भाग 1- खण्ड ।
आदेश
आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की एक - एक प्रति समिति के सभी सदस्यों, प्रधान मंत्री कार्यालय , मंत्रिमंडल सचिवालय, संसदीय कार्य मंत्रालय, लोक सभा सचिवालय, राज्य सभा सचिवालय, योजना आयोग, राष्ट्रपति सचिवालय , उपराष्ट्रपति सचिवालय, भारत के नियंत्रक महालेखापरीक्षक, संघ लोक सेवा आयोग, मुख्य वेतन एवं लेखा अधिकारी , कृषि मंत्रालय तथा भारत सरकार के सभी मंत्रालयों और विभागों को भेजी जाए । यह भी आदेश दिया जाता है कि संकल्प को सामान्य जानकारी के लिए भारत के राजपत्र में प्रकाशित किया जाए ।
उमागोयल संयुक्त सचिव आवास और शहरी गरीबी उपशमन मंत्रालय नई दिल्ली, दिनांक 27 फरवरी 2009
सं. एन-11013/9/2007 बीएसयूपी/आईएचएसडीपी- राष्ट्रपति, राज्य सरकारों/संघ राज्य क्षेत्रों द्वारा पस्तुत परियोजनाओं की स्वीकृति हेतु जवाहर लाल नेहरू राष्ट्रीय शहरी नवीकरण मिशन ( जेएनएनयूआरएम ) के तहत् एकीकृत आवास और स्लम विकास कार्यक्रम ( आईएचएसडीपी ) के लिए आवास और शहरी गरीबी उपशमन मंत्रालय में केन्द्रीय स्वीकृति समिति (सीएससी ) का पुनर्गठन किया है जो इस प्रकार है :--
अध्यक्ष 1. सचिव, आवास और शहरो गरीबो उपशमन मंत्रालय
समिति केकार्य:
इस समिति का काम राजभाषा विभाग, गृह मंत्रालय द्वारा सरकारी कामकाज के लिए हिन्दी के प्रयोग के संबंध में निधर्धारित नीति के कार्यान्वयन और कृषि मंत्रालय के कामकाज में हिन्दी के प्रगामी प्रयोग के बारे में सलाह देना है ।
गैर-सरकारी सदस्यों को यात्रा भत्ता तथा देनिक भन्ना :
समिति की बैठकों में भाग लेने के लिए सरकारी मदस्यों को राजभाषा विभाग के दिनांक 22 जनवरी, 1987 के कायर्यालय ज्ञापन नं. 11/20034/4/ 86 - रा.भा. क्र.2 : में निहित दिशा निर्देशों के अनुरूप और भारत सरकार द्वारा समय- समय पर यथा-संशोधित निर्धारित दरों एवं नियमों के अनुसार यात्रा भना और दीनकः भत्ता दिया जाण
कार्यकाल :
समिति का कार्यकाल सामान्यतः उसके गठन की तिथि में नान वर्ष तक होगा वशते कि:--
( क) ओ सदस्य संसद पदस्य हैं . वे संमद मदन्य नरहने पर समिति के भी सदस्य नहीं रहेंगे ।
(ख) ममिति के पदेन सदस्य तब तक सदन तक कि वे उन पदों पर आरूढ़ रहेंगे जिन पर हानेने समिति की मदस्य है ।
( ग ) यदि किसी सदस्य के त्याग पत्र मृत्युःपण कोई र्गिक्त होता है तो इस रिक्ति पर नियुक्तीचा सदस्य तीन वर्ष के कार्यकाल की शेष अवधि के लिए रहेगा, समिति का मुख्यालय नई दिल्ली में होगा।
2. सचिव, शहरी विकास मंत्रालय सदस्य 3. सचिव, वित्त मंत्रालय ( व्यय विभाग ) सदस्य 4. प्रधान सलाहकार ( एचयूडी ) योजना आयोग-- सदस्य
सदस्य 5. सचिव, पर्यावरण एवं वन मंत्रालय
सदस्य 6. सचिव , सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय
सदस्य 7. सचिव, स्वास्थ्य एवं परित्राण कल्याण मंत्रालय
सदस्य 8. सचिव, स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग, मानव संसाधन विकास मंत्राच्य
सदस्य 9. संयुक्त सचिव एवं वित्तीय सलाहकार, शहरी विकास मंत्रालय/आवास और शहरी गरीबी उपशमन मंत्रालय
सदस्य 10. मुख्य नियोजक, नगर एवं ग्राम नियोजन संगठन, शहरी विकास मंत्रालय
11. सलाहकार, सीपीएचईडओ शहरी विकास मंत्रालय सदस्य
सदस्य 12. अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक आवाम्म एवं नगर विकास निगम लिमिटे
सदस्यसचिव 13. संयुक्त सचिव ( जेएनएनआरएम ) तथा
मिशन निदेशक, आवास और शहरी गरीबा उपशमन मंत्रालय
विवेक नांगिया
उप सचिव 365 THE GAZETTE OF INDIA , MARCH 21 , 2009 (PHALGUNA 30 , 1930)
PART I-SEC. 1 ]
PRESIDENT'S SECRETARIAT
New Delhi , the 26th January, 2009
No. 10-Pres/2009 - The President is pleased to approve the award of the " Param Vishisht Seva Medal" to the undermentioned personnel for distinguished service of the most exceptional order.-
1. IC- 19391 LIEUTENANT GENERAL BALDEV SINGH PAWAR , AVSM , REGIMENT OF ARTILLERY (RETIRED)
2. IC- 19422 LIEUTENANT GENERAL RAMA RANJAN GOSWAMI , CORPS OF ENGINEERS (RETIRED )
3. IC- 23011 LIEUTENANT GENERAL ISAC JOHN KOSHY, AVSM , REGIMENT OF ARTILLERY
4. IC- 23276 LIEUTENANT GENERAL NOBLE THAMBURAJ , SM , CORPS OF ENGINEERS
5. IC- 23291 LIEUTENANT GENERAL JAYANTA KUMAR MOHANTY, UYSM, SM , VSM, INFANTRY
6. IC- 23302 LIEUTENANT GENERAL TEJ KUMAR SAPRU , YSM , INFANTRY
7. IC- 23928 LIEUTENANT GENERAL RAJENDER SINGH SM , VSM, INFANTRY
8. YSM , INFANTRY IC- 24173 LIEUTENANT GENERAL VIJAY KUMAR SINGH , AVSM , 9. IC-24178 LIEUTENANT BHARDWAJ , AVSM, VrC, SC, VSM, INFANTRY GENERAL PRABODH CHANDRA 10. IC- 24208 LIEUTENANT GENERAL AMARJEET SINGH SEKHON , AVSM , YSM, INFANTRY
11. IC- 24255 LIEUTENANT GENERAL AMAR NATH AUL, UYSM , AVSM, INFANTRY
12. IC- 24604 LIEUTENANT GENERAL DIGAMBAR SINGH BARTWAL, INFANTRY
13. IC - 24611 LIEUTENANT GENERAL AVADHESH PRAKASH , AVSM , VSM, INFANTRY
14. IC- 24810 LIEUTENANT GENERAL RAKESH KUMAR GUPTA , ARMY SERVICE CORPS
15. IC- 28805 LIEUTENANT GENERAL KULWANT SINGH DOGRA , AVSM * , VSM , ARMY AIR DEFENCE ( RETIRED )
16. IC-32703 LIEUTENANT GENERAL KRISHNA PILLAI SANKARANARAYANA PILLAI VENUGOPAL , AVSM , ELECTRONIC AND MECHANICAL ENGINEERING(RETIRED)
17. MR - 02475 LIEUTENANT GENERAL YOGENDRA SINGH, VSM , ARMY MEDICAL CORPS 366
THE GAZETTE OF INDIA. MARCH 21 , 2009 ( PHALGUNA.30. 19301
[PARTI -SEC. 1 18. MR - 02669 LIEUTENANT GENERAL JAYAKRISHNAN JAYARAM, AVSM, ARMY MEDICAL CORPS
19. V - 00321 LIEUTENANT GENERAL NARAYAN MOHANTY, AVSM , VSM , REMOUNT AND VETERINARY CORPS ( RETIRED )
20. VICE ADMIRAL RAMAN PREM SUTHAN , AVSM , VSM , ( 01137-H) 21 . VICE ADMIRAL SUNIL KRISHNAJI DAMLE , AVSM, NM , VSM , (01168-B)
22. VICE ADMIRAL BRIJ KRISHNA KAUL, AVSM , ( 50272 - B) ( RETD) 23 . VICE ADMIRAL RUSTOM FARAMROZE CONTRACTOR, AVSM , NM , ( 01224 - F ) ( RETD )
24. AIR MARSHAL KANWAR DALINDERJIT SINGH , AVSM ADC (12403 ) FLYING ( PILOT)
25. AIR MARSHAL SADASIVAN RADHAKRISHNAN AVSM ( 12408 ) , FLYING ( PILOT)
26. AIR MARSHAL VINOD KUMAR VERMA , AVSM , VM , VSM ( 11638) FLYING ( PILOT) ( RETIRED )
27. AIR MARSHAL SHIV KUMAR BHAN , AVSM , VM ( 12510 ) FLYING (PILOT)
28. AIR MARSHAL GAUTAM NAYYAR, VSM ( 13024 ) , AERONAUTICAL ENGINEERING ( MECHANICAL)
29. AIR MARSHAL SURESH CHAND MUKUL , AVSM , VM , VSM ( 12930) FLYING ( PILOT)
BARUN MITRA
JointSecy.
No. 11 -Pres/ 2009 The President is pleased to approve the award of the " Uttam Yuddh Seva Medal " to the undermentioned personnel for the distinguished service of a high order during hostilities:
1. IC- 27258 MAJOR GENERAL RAJINDER SINGH , SM , MECH INFANTRY / HQ COUNTER INSURGENCY FORCE ( KILO)
2. IC- 27979 MAJOR GENERAL JATINDER SINGH BAJWA , SM , INFANTRY / HQ 28 INFANTRY DIVISION
BARUN MITRA
Joint Secy.
367 THE GAZETTEOF INDIA, MARCH 21 , 2009 ( PHALGUNA 30, 1930)
PART I-SEC . 1 ]
No. 12-Pres/2009 The President is pleased to approve the award of the "Bar to Ati Vishisht Seva Medal" to IC- 24584 Lieutenant General Baljit Singh Jaswal, AVSM, VSM, Infantry / HQ 4 Corps for distinguished service of an exceptional order :
BARUN MITRA
JointSecy.
No. 13-Pres/2009 The President is pleased to approve the award of the "Ati Vishisht Seva Medal" to the undermentioned personnel for distinguished service of an exceptional order: -
IC- 19401 LIEUTENANT GENERAL YATINDRA SINGH PANWAR , VSM , CORPS OF SIGNALS / MCTE, MHOW 1.
IC- 23665 LIEUTENANT GENERAL ARUN KUMAR NANDA, CORPS OF ENGINEERS/HQ DGBR 2.
3. IC- 23801 LIEUTENANT GENERAL ANIL KUMAR LAMBA, VSM , REGIMENT OF ARTILLERY
4. IC- 24652 LIEUTENANT GENERAL RAJ KUMAR KARWAL, SM * , VSM, INFANTRY / HQ 16 CORPS
5. IC- 24656 LIEUTENANT GENERAL PRADEEP KHANNA, VSM, ARMOURED CORPS / HQ 21 CORPS
6. IC-25064 LIEUTENANT GENERAL SHREEDHARAN SHYAM KUMAR, SM , VSM, INFANTRY / HQ 11 CORPS
7. IC-25189 LIEUTENANT GENERAL GAUTAM BANERJEE, YSM , CORPS OF ENGINEERS / HQ CENTRAL COMMAND
8. IC- 24283 LIEUTENANT GENERAL RAKESH KUMAR LOOMBA, ARMOURED CORPS / ARMY WAR COLLEGE, MHOW
9. IC- 25434 LIEUTENANT GENERAL SHANKAR RANJAN GHOSH, SM, INFANTRY
10. IC- 25562 LIEUTENANT GENERAL PARTHA MOHAPATRA, CORPS OF SIGNALS
11. IC-32844 LIEUTENANT GENERAL RAM PRATAP , VSM , ARMY AIR DEFENCE / ARMY AIR DEFENCE COLLEGE
12. IC- 24749 MAJOR GENERAL PRAVEEN CHANDRA KHARBANDA, SM , REGIMENT OF ARTILLERY / HQ SFC
13. IC-25847 MAJOR GENERAL SURENDRA PRATAP RAI , INFANTRY 14. IC- 27265 MAJOR GENERAL BALAKRISHNAN VENUGOPAL NAIR , REGIMENT OF ARTILLERY
15. IC- 27321 MAJOR GENERAL KANWAL JIT SINGH OBEROI , SM , INFANTRY/ HQ DELHI AREA
14-501 GI/08 PART1 -SEC. 1 368
THE GAZETTE OF INDIA. MARCH 21 , 2009 (PHALGUNA 30 , 1930 )
16. IC- 27606 MAJOR GENERAL AJAY KUMAR SINGH , SM , VSM , ARMOURED CORPS
17. IC- 27608 MAJOR GENERAL RAM KANWAR HOODA , INFANTRY / HQ MG & G AREA
18. IC- 27778 MAJOR GENERAL JAGBIR SINGH KUNDU , REGIMENT OF ARTILLERY
19 . IC - 27782 MAJOR GENERAL PANEMANGALORE GOPALAKRISHNA KAMATH, YSM , SM , INFANTRY / HQ 11 INFANTRY DIVISION 20. IC- 27793 MAJOR GENERAL JATINDER SINGH, SM , INFANTRY / HQ 2 MOUNTAIN DIVISION
21. IC- 27990 MAJOR GENERAL MUNISH SIBAL, INFANTRY / HQ 7 INFANTRY DIVISION
22. IC- 30053 MAJOR GENERAL RAJIV KUMAR KALRA , ARMY AIR DEFENCE
23 . IC- 30109 MAJOR GENERAL VINOD KUMAR TIWARI , REGIMENT OF ARTILLERY
24. IC- 30353 MAJOR GENERAL SYED ATA HASNAIN , SM , VSM * , INFANTRY / HQ 19 INFANTRY DIVISION
25. IC- 30503 MAJOR GENERAL JAI PRAKASH NEHRA , INFANTRY/ HQ IGAR (N)
26. IC-30612 MAJOR GENERAL SANKARAPILLA SARACHANDRAN NAIR , ARMY EDUCATION CORPS
27. IC- 30708 MAJOR GENERAL ASHOK KUMAR CHOUDHARY , SM: VSM , INFANTRY/ HQ DGAR ( S )
28. IC-31016 MAJOR GENERAL SUBRAHMANYAM SUNDER, ARMY AIR DEFENCE
29. MR-03434 MAJOR GENERAL HIRA LAL KAKRIA, VSM * , ARMY MEDICAL CORPS / COMMAND HOSPITAL , HQ SOUTHERN COMMAND
30. MR - 03436 MAJOR GENERAL CHARANJIT SINGH, VSM, ARMY MEDICAL CORPS / HQ WESTERN COMMAND
31. IC- 27994 MAJ GEN PALVINDER SINGH BHALLA, ARMOURED CORPS / HQ 20 MOUNTAIN DIVISION
32. SURGEON VICE ADMIRAL VASANT SHRIPADARAO DIXIT, VSM (75150 -W)
33. VICE ADMIRAL KANNAN BHAGAVATHESWARAN, VSM , (50431 -R)
34. REAR ADMIRAL BOLA RADHAKRISHNA RAO , NM, VSM , (01249 -N)
35. REAR ADMIRAL AYALUR RAMAN RADHAKRISHNAN , (01515 - T) 36. REAR ADMIRAL MP MURALIDHARAN , NM , (01587 - F)
37. REAR ADMIRAL KC SEKHAR , VSM , ( 40445 - K) ( RETD ) 369 THE GAZETTE OF INDIA, MARCH 21 , 2009 (PHALGUNA 30, 1930)
PART 1-SEC . 1 ]
38. REAR ADMIRAL MOHINDER KUMAR BADHWAR, VSM , (40474-K) 39. AIR VICE MARSHAL JASBIR SINGH PANESAR VM (13370), FLYING (PILOT)
40. AIR VICE MARSHAL SAPAN KUMAR KARMAKER VM ( 13379) FLYING (PILOT)
41. AIR VICE MARSHAL SHYAM BIHARI BAJPAYEE (13531), AERONAUTICAL ENGINEERING (ELECTRONICS)
42. AIR VICE MARSHAL BALDEV SINGH VSM (13683) ACCOUNTS 43. AIR VICE MARSHAL BELLIGUND KRISHNAMURTHY MURALI VSM (13728) AERONAUTICAL ENGINEERING (MECHANICAL) 44. AIR VICE MARSHAL ARUP RAHA VM (13910) FLYING (PILOT) 45. AIR VICE MARSHAL MUTHUMANICKAM MATHESWARAN VM (14104) FLYING (PILOT)
46. AIR VICE MARSHAL PARAMJIT SINGH GILL VM ( 14097 ) FLYING (PILOT)
47. AIR COMMODORE GUDIPUDI RAJENDRA PRASAD VSM ( 13236) ADMINISTRATIVE
48. AIR COMMODORE VINOD KUMAR NARANG (14326), AERONAUTICAL ENGINEERING (ELECTRONICS)
49. AIR COMMODORE RAO BIRADAVOLU KESHAV (14450) MEDICAL 50. AIR COMMODORE SUNEEL SHRIPAD SOMAN VM (14681 ) FLYING (PILOT)
BARUN MITRA
Joint Secy.
No. 14-Pres/2009 The President is pleased to approve the award of the "Yuddh Seva Medal " to the undermentioned personnel for the distinguished service of a high order during hostilities:
1. IC- 35471 BRIGADIER BIPIN RAWAT , SM, VSM , 11 GORKHA RIFLES / HQ 5 SECTOR RASHTRIYA RIFLES
2. IC- 35494 BRIGADIER SUBRATA SAHA, VSM * , ASSAM REGIMENT / HQ 268 INFANTRY BRIGADE
3. IC- 35626 BRIGADIER UMESH KUMAR GURUNG SIKH REGIMENT / HQ 81 MOUNTAIN BRIGADE
4. IC - 37211 BRIGADIER DEVINDER SINGH DADWAL, SM, SIKH REGIMENT / HQ 73 MOUNTAIN BRIGADE
5. IC -47053 COLONEL MOHAN SINGH SHEKHAWAT, SM KUMAON REGIMENT / 50 RASHTRIYA RIFLES
BARUN MITRA
Joint Secy.
370
THE GAZEFIT OF INDIA , MARCH 21 , 2009 ( PHALGUNA 30. 1930 )
[PART I-SEC . 1 No. 15-Pres /2009 The President is pleased to approve the award of the " Bar to Vishisht Seva Medal " to the undermentioned personnel for distinguished service of a high order : -
1. IC- 24631 MAJOR GENERAL UMANG KAPOOR , VSM , ELECTRICAL AND MECHANICAL ENGINEERING/HQ DRDO
2. IC - 38024 BRIGADIER LAIPHARKAPAM NISHIKANTA SINGH , VSM , INTELLIGENCE CORPS / HQ EASTERN COMMAND
BARUN MITRA
Joint Secy.
No. 16-Pres/2009 The President is pleased to approve the award of the " Vishisht Seva Medal " to the undermentioned personnel for distinguished service of a high order : -
1. IC- 25833 LIEUTENANT GENERAL GOVINDA MOHAN NAIR, SM , INFANTRY
2. IC- 25511 MAJOR GENERAL BRAJESH KUMAR , CORPS OF ENGINEERS
3. IC - 25824 MAJOR GENERAL DHRUV CHAND KATOCH, SM , INFANTRY/HQ 10 CORPS
4. IC - 27289 MAJOR GENERAL AJIT HARI GADRE ARMY AVIATION CORPS
5. IC- 27616 MAJOR GENERAL KONGARA SURENDRA NATH MECH INFANTRY
6. IC- 27767 MAJOR GENERAL PRADEEP BHALLA ARMY ORDNANCE CORPS / HQ EASTERN COMMAND
7 . IC- 27967 MAJOR GENERAL SURINDER PAL SINGH REGIMENT OF ARTILLERY
8. IC- 30052 MAJOR GENERAL BRIJINDER SINGH DAULTA INFANTRY/ HQ 16 INFANTRY DIVISION
9. IC - 30056 MAJOR GENERAL TAPAN KUMAR DAS , CORPS OF SIGNALS
10. IC- 30278 MAJOR GENERAL DHARAM VEER KALRA CORPS OF SIGNALS
11. IC-30683 MAJOR GENERAL RAMESHWAR YADAV INFANTRY / HQ 22 INFANTRY DIVISION
12. IC- 34912 MAJOR GENERAL VINOD KUMAR SHARMA ARMY SERVICE CORPS
13. MR -03029 MAJOR GENERAL MAHAVIR SINGH ARMY MEDICAL CORPS 371 THE GAZETTE OF INDIA , MARCH 21 , 2009 ( PHALGUNA 30, 1930)
PART I-SEC. 1 ]
14. IC- 31052 MAJOR GENERAL SHAKTI GURUNG GRENADIERS/HQ IDS
15. IC- 27247 BRIGADIER VIKRAM GOSWAMI GARHWAL RIFLES /HQ IDS
16. IC-30374 BRIGADIER NAGENDAR SINGH , RAJPUTANA RIFLES
17. IC-31155 BRIGADIER DEEPAK GOVIND BHAT, REGIMENT OF ARTILLERY
18. IC-31324 BRIGADIER KOTHENETH SURENDRANATH, SM, ARMOURED CORPS / HQ NORTHERN COMMAND
19. IC-33984 BRIGADIER JASWANT SINGH YADAV, JUDGE ADVOCATE GENERAL'S DEPARTMENT
20. IC- 34048 BRIGADIER GV SATYANARAYANA 5 GORKHA RIFLES ( FRONTINER FORCE) / HQ 15 CORPS
21. IC-34256 BRIGADIER NETAR PRAKASH SHARMA CORPS OF SIGNALS (RETIRED)
22. IC- 34890 BRIGADIER SRINIVASAN LAKSHMI NARASIMHAN, MADRAS REGIMENT / HQ 63 MOUNTAIN BRIGADE
23. IC-35153 BRIGADIER DEVENDRA KUMAR PUROHIT, SM , MAHAR REGIMENT / HQ 15 SECTOR RASHTRIYA RIFLES
24. IC-35249 BRIGADIER GURJEET SINGH CHIMA, ARMOURED CORPS / HQ 340 (INDEPENDENT) MECHANISED BRIGADE
25. IC-35261 BRIGADIER PRABHAKARAN NAIR KANATHIL NARAYANAN, SM , BIHAR REGIMENT / HQ 36 SECTOR
26. IC-35479 BRIGADIER BALWANT SINGH NEGI, YSM, ASSAM REGIMENT / HQ 92 INFANTRY BRIGADE
27. IC-35486 BRIGADIER SUBASH CHANDER RANGI, JAMMU AND KASHMIR LIGHT INFANTRY / HQ 121 ( INDEPENDENT) INFANTRY BRIGADE GROUP
28. IC-35602 BRIGADIER ASHOK BHIM SHIVANE, ARMOURED CORPS / HQ 4 (INDEPENDENT) ARMOURED BRIGADE 29. IC-35731 BRIGADIER ASTHANA SHASHI BHUSHAN, SM , ASSAM REGIMENT / HQ 21 SECTOR ASSAM RIFLES
30. IC- 35800 BRIGADIER PURAN CHAND JAGIA ELECTRICAL AND MECHANICAL ENGINEERING / 506 ARMY BASE WORKSHOP
31. IC-37096 BRIGADIER ARUN GUPTA PUNJAB REGIMENT / HQ 107 MOUNTAIN BRIGADE
32. IC-37204 BRIGADIER BINOY POONNEN , MAHAR REGIMENT / HQ 181 MOUNTAIN BRIGADE
33. IC-37223 BRIGADIER AVINASH CHANDER, DOGRA REGIMENT / HQ 86 INFANTRY BRIGADE
34. IC-38013 BRIGADIER VINOD KUMAR PILLAI, GUARDS / HQ 112 MOUNTAIN BRIGADE
15-501 G1/08 [ PART1 -SEC. 1 THE GAZE TIL OFINDIA. MARCH 21.2009 ( PHALGUNA 30, 1930 ;
372
35. IC- 39826 BRIGADIER TARJOCHAN SINGH SIDANA , CORPS OF ENGINEERS / CE CHENΝΑΙ ΖΟΝΕ
36. MR-03722 BRIGADIER PARAMJIT SINGH DHOT, ARMY MEDICAL CORPS / COMMAND HOSPITAL , HQ CENTRAL COMMAND
37. SL-02649 BRIGADIER ASHOK RATHORE , ARMY PHYSICAL TRAINING CORPS / ARMY INSTITUTE OF PHYSICAL TRAINING & DEPOT
38. SL- 02790 BRIGADIER VENUGOPAL MN, GENERAL SERVICE 39. IC- 31532 BRIGADIER GOVIND SINGH SISODIA, SIKH REGIMENT / HQ NATIONAL SECURITY GUARD
40. IC- 37682 COLONEL HARPREET SINGH BEDI , REGIMENT OF ARTILLERY
41. IC- 37892 COLONEL ASHWINI KUMAR, ARMY AVIATION CORPS / 666 ARMY AVIATION SQUADRON (R & O) 42. IC -38660 COLONEL GOPAL SINGH, PARACHUTE REGIMENT / 3 DELHI GIRLS BATTALION NATIONAL CADET CORPS
43. IC - 39572 COLONEL SAJIV JETLEY, RAJPUT REGIMENT
44. IC-40133 COLONEL SANJAY CHRISTOPHER MESTON , MAHAR REGIMENT
45. IC-40314 COLONEL CHANDI PRASAD MOHANTI , RAJPUT REGIMENT
46. IC-40760 COLONEL VADLAMANI SHANMUKHAL SREENIVAS, GARHWAL RIFLES
47. IC-41091 COLONEL SHASHANK SHEKHAR MISHRA, KUMAON RÉGIMENT
48. IC-41102 COLONEL JARKEN GAMLIN, SM , 8 GORKHA RIFLES 49. IC-41470 COLONEL VIRENDRA SINGH , MADRAS REGIMENT 50. IC-42004 COLONEL RANA PRATAP KALITA, KUMAON REGIMENT 51. IC-43394 COLONEL SANDEEP MISRA, CORPS OF ENGINEERS / COLLEGE OF MILITARY ENGINEERING , PUNE
52. IC-43687 COLONEL VIVEK SHARMA JAT REGIMENT/5 RASHTRIYA RIFLES
53. IC-44506 COLONEL RANDEEP SINGH DADWAL JAMMU AND KASHMIR RIFLES / 31 ASSAM RIFLES
54. IC-45200 COLONEL RAJINDER KUMAR JUDGE ADVOCATE GENERAL'S DEPARTMENT 373 THE GAZETTE OF INDIA, MARCH 21 , 2009 (PHALGUNA 30, 1930)
PART I-SEC . 1 ]
55. IC-45579 COLONEL ANIL ERNEST JAMES, MAHAR REGIMENT / 1 RASHTRIYA RIFLES
56. IC-46148 COLONEL MANOJ KUMAR, REGIMENT OF ARTILLERY/3351 MISSILE REGIMENT
57. IC-47112 COLONEL JITENDRA SINGH SHEKHAWAT, SC, 21 JAT REGIMENT
58. IC-47133 COLONEL AVINASH SINGH BERAR, GUARDS / HQ MG & G AREA
59 . IC-47150 COLONEL PANKAJ SINGH, 3/11 GORKHA RIFLES
60. IC-47247 COLONEL PEEYUSH PANDEY, 16 SIKH REGIMENT
61. IC-47576 COLONEL MUKESH CHADHA, ARMY SERVICE CORPS 62 . IC-47599 COLONEL RAMINDER SINGH GURAYA 17 MADRAS REGIMENT
63. IC-47701 COLONEL VIKAS SAINI, SM, PARACHUTE REGIMENT / 24 ASSAM RIFLES
64. IC-48045 COLONEL PAWAN DEEP SINGH CHADHA , 270 ENGINEER REGIMENT
65. IC-49025 COLONEL RAJESH KUMAR, SM, RAJPUT REGIMENT / 58 RASHTRIYA RIFLES
66. MR-03988 COLONEL HARJINDER SINGH BHATОЕ, ARMY MEDICAL CORPS / ARMY HOSPITAL ( RESEARCH & REFERRAL)
67. MR-04049 COLONEL PAWAN KAPOOR, ARMY MEDICAL CORPS/DGAFMS
68. MR -04173 COLONEL COIMBATORE SIVASUBRAMANIAN NARAYANAN, ARMY MEDICAL CORPS / BASE HOSPITAL, DELHI CANTONMENT 69. MR-04328 COLONEL BILIGERI NARAYANA BHAT MAHAVEERA PRASAD , SM, ARMY MEDICAL CORPS / ARMY HOSPITAL (RESEARCH & REFERRAL)
70. MR-04893 COLONEL VINEY JETLEY, ARMY MEDICAL CORPS / ARMY HOSPITAL (RESEARCH & REFERRAL)
71. MR-05352 COLONEL RICHARD TREAVOR DRAPER, ARMY MEDICAL CORPS / MILITARY HOSPITAL, WELLINGTON 72. MR-05435 COLONEL RAJ KUMAR SHARMA, ARMY MEDICAL CORPS / ARMY HOSPITAL (RESEARCH & REFERRAL)
73. IC-35942 COLONEL BALRAJ SINGH RATHEE, DOGRA REGIMENT / HQ NATIONAL SECURITY GUARD
74. IC-50116 LIEUTENANT COLONEL NEEL KAMAL, SM, ARMY SERVICE CORPS 374
THE GAZT PET OFINDIA. MARCH 21 , 2009 ( PHALGUNA 30, 9500
[PART I- SEC . 1 75. IC- 54684 LIEUTENANT COLONEL SANJAY SINGH , 63 ENGINEER REGIMENT
76. 9927425 HAVILDAR ANGCHOK DORJI, 5 LADAKH SCOUTS
77 . REAR ADMIRAL ASHOK V SUBHEDAR, (40735 - B )
78 . COMMODORE ARJUN SINGH BHATYAL, NM ( 01520 - B )
79 . COMMODORE RAVINDER PAL SINGH RAVI ( 01621 - H)
80. COMMODORE ANANDAMOY GHOSAL (01691 - T)
81 . COMMODORE JAYWANT KUMAR KORDE, (01912 - W)
82. COMMODORE RAJIV GIROTRA, ( 01911 -T)
83 . COMMODORE K JYOTHISH KUMAR, (02548 - R)
84. COMMODORE ASHOK KUMAR KHETAN, (40818 - T )
85. COMMODORE HOMIPAL SINGH , (40998 -A)
86 . COMMODORE ATUL KUMAR JAIN, (02459 -N)
87. CAPTAIN AMULPREET SINGH SETHI , ( 50811 - B )
CAPTAIN UMESH KUMAR THAPA, (01570-T) 88 .
89 . COMMANDER NUGGEHALLI RAJU GIRISH , ( 41391 - W)
90. SURGEON COMMANDER SUBHASH RANJAN , ( 75498 - K )
91 . GIRDHARI LAL YADAV , MSCPO I , ( 165347 -R)
92. GAJ RAJ SINGH , MCPO II CD I , ( 161145- R)
93 . AIR COMMODORE ARUN KUMAR SINGH ( 14616 ) AERONAUTICAL ENGINEERING ( ELECTRONICS )
94. AIR COMMODORE NAGINDER MOHAN VAISHNAVI ( 14822) AERONAUTICAL ENGINEERING (ELECTRONICS )
95. AIR COMMODORE PACKIRISWAMY KANAKARAJ ( 15066 ) , AERONAUTICAL ENGINEERING ( MECHANICAL)
96. AIR COMMODORE SUDHINDRA VENKATRAO MUTALIK ( 16275) EDUCATION
97 . AIR COMMODORE NASEEM AKHTAR , SC ( 14279) FLYING ( PILOT) 98. AIR COMMODORE RAKESH MARWAHA ( 15865 ) FLYING ( PILOT) 99. AIR COMMODORE NEERAJ YADAV, VM ( 16399 ) FLYING (PILOT) 100. GROUP CAPTAIN PRABHAKAR RAGHAV ( 15334 ) ADMINISTRATIVE 101. GROUP CAPTAIN JOSEPH PAUL ( 15370) ACCOUNTS
102. GROUP CAPTAIN PRADEEP KHARBANDA ( 15674) MEDICAL 103. GROUP CAPTAIN AVINASH NARAYANRAO KULKARNI ( 16155 ) , AERONAUTICAL ENGINEERING ( ELECTRONICS )
104. GROUP CAPTAIN GANESH CHAND ( 16214) FLYING (PILOT) 105. GROUP CAPTAIN AHIN KUMAR PATRA ( 16263 ) ADMINISTRATIVE/ FIGHTER CONTROLLER
106. GROUP CAPTAIN ODUNGHAT EASHWARDAS MOHAN MENON ( 16422) ADMINISTRATIVE
107. GROUP CAPTAIN SHASHANK KULKARNI ( 16929 ) AERONAUTICAL ENGINEERING ( ELECTRONICS ) 375 THE GAZETTE OF INDIA , MARCH 21 , 2009 ( PHALGUNA 30 , 1930)
PART 1-SEC. 1 ]
108. GROUP CAPTAIN SURESH SINGH ( 16941 ) AERONAUTICAL ENGINEERING (ELECTRONICS)
109. GROUP CAPTAIN KP UNNI KRISHNAN NAIR ( 17023 ) FLYING (NAVIGATOR)
110. GROUP CAPTAIN MANNEPALLI BALADITYA ( 17230) LOGISTICS 111. GROUP CAPTAIN MOHAN RAO VM ( 17343) FLYING (PILOT)
112. GROUP CAPTAIN VIKRAM SINGH ( 17699 ) FLYING ( PILOT)
113. GROUP CAPTAIN SATTARU BHANOJI RAO (18243 ), AERONAUTICAL ENGINEERING (MECHANICAL)
114. WING COMMANDER CHERUKURI VENKATA RANGA RAMA SUDHIR ( 18531 ), AERONAUTICAL ENGINEERING (ELECTRONICS ) 115. WING COMMANDER MANOJ KUMAR ( 19063) AERONAUTICAL ENGINEERING ( MECHANICAL)
116. WING COMMANDER MAN SINGH AWANA ( 19153) FLYING ( PILOT) 117. WING COMMANDER SANDEEP RAWAT ( 19490 ) LOGISTICS
118. WING COMMANDER JAGJEET SINGH BHALLA (20186), ADMINISTRATIVE/LEGAL
119. WING COMMANDER AJAY DEVIDAS PURANDARE (21526) FLYING (PILOT)
120. COLONEL DM PURVIMATH (IC - 48507) ENGINEERS
121. 671484 WARRANT OFFICER ARVIND KUMAR SHARMA , CLERK GENERAL DUTY
122. GO- 2405K RAGHVENDRA KUMAR GARG, EXECUTIVE ENGINEER (CIVIL) BORDER ROAD ORGANISATION
BARUN MITRA
JointSecy.
No. 17-Pres /2009 The President is pleased to approve the award of the "Bar to Sena Medal/Army Medal " to IC -62699 Major Vipin Kumar Singh, SM , Grenadiers / 55 Rashtriya Rifles for the acts of exceptional courage .
BARUN MITRA
JointSecy. 16-501 G1/ 08 376
[PART I-SEC. 1 THE GAZETE INDIA, MARCH 21 , 2009 ( PHALGUNA 30, 1930 )
No. 18-Pres/2009 The President is pleased to approve the award of the " Sena Medal/Army Medal " to the undermentioned personnel for the acts of exceptional courage: -
1. IC -49071 COLONEL SIDDHARTH TEWARI , KUMAON REGIMENT / 13 RASHTRIYA RIFLES
2. IC- 50355 COLONEL SANTHA KUMARAN PA , ASSAM REGIMENT / 42 RASHTRIYA RIFLES
3. IC- 50386 COLONEL SANJEEV KUMAR DUTTA . 4 KUMAON REGIMENT
4. IC -46819 LIEUTENANT COLONEL GURVINDER SINGH , 2 BIHAR REGIMENT
5. IC-49594 LIEUTENANT COLONEL PATWARDHAN SAGAR VINAYKUMAR , JAT REGIMENT / 45 RASHTRIYA RIFLES
6. IC-52748 LIEUTENANT COLONEL ANIL MAHADEV KAKADE, KUMAON REGIMENT / 26 RASHTRIYA RIFLES
7. IC- 54483 MAJOR SUDHANSHU DIXIT , ARMOURED REGIMENT / 21 ASSAM RIFLES
8. IC- 54494 MAJOR PADMANABHAN KE, ARMY AVIATION / 666 ARMY AVIATION SQUADRON ( R & O ) (POSTHUMOUS )
9. IC- 56676 MAJOR DEVINDER CHAUDHARY , ARMY SERVICE CORPS / 29 RASHTRIYA RIFLES
10. IC- 57385 MAJOR HITESH KUMAR DHANKHAR , 10 JAMMU AND KASHMIR LIGHT INFANTRY
11. IC -58294 MAJOR SUNIL GANAPATHY , ARMY AVIATION / 666 ARMY AVIATION SQNADRON ( R & O ) ( POSTHUMOUS)
12. IC- 58904 MAJOR SUDHIR KHANDKA , 7/11 GORKHA RIFLES 13. IC- 59042 MAJOR BIRANCHI NARAYAN NAYAK , MADRAS REGIMENT / 32 ASSAM RIFLES
14. IC- 59417 MAJOR AMIT KUMAR , DOGRA REGIMENT / 20 RASHTRIYA RIFLES
15. IC- 59931 MAJOR SURESH NARAYANAN , RAJPUT REGIMENT / 4 ASSAM RIFLES
10. 10-61480 MAJOR KARTIKEYA KUKRETY , RAJPUT REGIMENT / 44 RASHTRIYA RIFLES 377 THE GAZETTE OF INDIA , MARCH 21 , 2009 ( PHALGUNA 30, 1930)
PART I-SEC. 1 ]
17. IC-61800 MAJOR GAURAV SINGH, SHAURYA CHAKRA , 4 KUMAON REGIMENT
18. IC- 62268 MAJOR R SENTHIL VELAN, JAT REGIMENT / 45 RASHTRIYA RIFLES
19. IC-63047 MAJOR LOKANADHAMGV, REGIMENT OF ARTILLERY / 21 ASSAM RIFLES
20. IC-65141 MAJOR JAGDEEP BHOGAL, 10TH BATTALION THE PARACHUTE REGIMENT ( SPECIAL FORCES) 21. IC-65695 MAJOR BHANU PRATAP SINGH, RAJPUTANA RIFLES / 43 RASHTRIYA RIFLES ( POSTHUMOUS) 22. IC-66833 MAJOR PANKAJ KUMAR, 14 BIHAR REGIMENT
23. SS - 38946 MAJOR AMIT PAL SINGH, GUARDS / 5 RASHTRIYA RIFLES
24. SS -40011 MAJOR RAM DAYAL VYAS , REGIMENT OF ARTILLERY / 32 ASSAM RIFLES
25. SS-40343 MAJOR BANDARU ANOOP , REGIMENT OF ARTILLERY / 316 FIELD REGIMENT
26. IC- 55877 MAJOR SANJAY KANDWAL, KUMAON REGIMENT / 51 SPECIAL ACTION GROUP
27. IC-60971 MAJOR MANISH MEHROTRA, PUNJAB REGIMENT / 51 SPECIAL ACTION GROUP
28. IC- 64429 CAPTAIN JAYANT PATTANAIK, 4 KUMAON REGIMENT 29. IC- 67347 CAPTAIN PRABHMEET S MANIK, CORPS OF SIGNALS / 26 RASHTRIYA RIFLES
30. IC-67778 CAPTAIN MANISH SOBTI, ELECTRICAL AND MECHANICAL ENGINEERING/22 RAJPUT REGIMENT
31. IC- 67796 CAPTAIN AVEG GOEL, ELECTRICAL AND MECHANICAL ENGINEERING/21 JAT REGIMENT
32. IC-68364 CAPTAIN ABHISHEK BAHL, 16 JAT REGIMENT
33. SS-40284 CAPTAIN ASHOK BHANDARI , 2 PARACHUTE REGIMENT (SPECIAL FORCES)
34. SS-40974 CAPTAIN KUNWAR SAURABH SINGH BIST , 3 KUMAON REGIMENT
35. IC- 68318 LIEUTENANT NALLASIVAM RAVI KUMAR , ELECTRICAL AND MECHANICAL ENGINEERING / 4 SIKH LIGHT INFANTRY
36. IC- 68558 LIEUTENANT PUSHP RAJ PANDEY, ARMY ORDNANCE CORPS / 4 SIKH LIGHT INFANTRY [PARI 1-SEC. 1
INDIA, MARCH 21 , 2009 ( PHALGUNA 30. 1930 )
378
THE GAZETI
37. IC- 69120 LIEUTENANT ISHWAR SINGH RAWAT , 16 JAT REGIMENT 38. JC-489783 SUBEDAR RANBIR SINGH , 16 JAT REGIMENT ( POSTHUMOUS )
39. JC - 548841 SUBEDAR KHOGENDRA SINGHA , 1 ASSAM REGIMENT 40. JC- 412991 NAIB SUBEDAR SALUNKHE ARUN NANA , 2 PARACHUTE REGIMENT ( SPECIAL FORCES )
41. JC-479857 NAIB SUBEDAR SHIV CHARAN SINGH GURJAR , RAJPUT REGIMENT / 58 RASHTRIYA RIFLES
42. JC-490078 NAIB SUBEDAR JAIBAG SINGH , 16 JAT REGIMENT 43. JC-490212 NAIB SUBEDAR KRISHAN KUMAR, 16 JAT REGIMENT ( POSTHUMOUS)
44. 3184629 HAVILDAR RAM CHANDRA , JAT REGIMENT/34 RASHTRIYA RIFLES
45. 3991914 HAVILDAR PAWAN KUMAR , DOGRA REGIMENT / 31 RASHTRIYA RIFLES ( POSTHUMOUS ) 46. 4471952 HAVILDAR AVTAR SINGH, 4 SIKH LIGHT INFANTRY 47. 9089333 HAVILDAR SUKHRIB SINGH , 8 JAMMU AND KASHMIR LIGHT INFANTRY
48. 13620696 HAVILDAR BHANWAR SINGH, 10 PARACHUTE REGIMENT ( SPECIAL FORCES ) ( POSTHUMOUS ) 49. 15118881 HAVILDAR SAHAB SINGH, REGIMENT OF ARTILLERY / 65 FIELD REGIMENT ( POSTHUMOUS) 50. G/0110415 HAVILDAR DIWAN SINGH , 1 ASSAM RIFLES
51. G/2401091 HAVILDAR ANAND SINGH , 24 ASSAM RIFLES
52. G/3200470 HAVILDAR ILYAS ALI , 32 ASSAM RIFLES
53. 2597376 HAVILDAR K MURUGAN , MADRAS REGIMENT / 51 SPECIAL ACTION GROUP
54. 2888341 HAVILDAR AZAD SINGH , RAJPUTANA RIFLES / 52 SPECIAL ACTION GROUP
55. 4184494 LANCE HAVILDAR BACHCHE LAL YADAV, 4 KUMAON REGIMENT
56. 4362770 LANCE HAVILDAR W ARUN SINGH, 1 ASSAM REGIMENT 57. 13695775 LANCE HAVILDAR RAKESH KUMAR, BRIGADE OF THE GUARDS / 21 RASHTRIYA RIFLES
58. 4077749 NAIK LAXMAN SINGH NEGI , 21 PARACHUTE REGIMENT ( SPECIAL FORCES )
59. 4273249 NAIK LARA ORAON , 14 BIHAR REGIMENT
60. 5753555 NAIK KHIM BAHADUR THAPA, 2/8 GORKHA RIFLES / 33 RASHTRIYA RIFLES ( POSTHUMOUS ) 379 THE GAZETTE OF INDIA , MARCH 21 , 2009 ( PHALGUNA 30, 1930)
PART 1-SEC. 1 ]
61. 13620539 NAIK VINOD SINGH, 10 PARACHUTE REGIMENT (SPECIAL FORCES)
62. 13622759 NAIK VENU GOPAL S, 4 PARACHUTE REGIMENT (SPECIAL FORCES)
63. 13756515 NAIK LEKH RAJ , 6 JAMMU AND KASHMIR RIFLES
64. 15318160 NAIK RANDHEER SINGH, 10 PARACHUTE REGIMENT (SPECIAL FORCES)
65. 4075919 NAIK SATE SINGH, PARACHUTE REGIMENT / 51 SPECIAL ACTION GROUP
66. 2890344 LANCE NAIK SHIV PRATAP SINGH SHAKTAWAT, RAJPUTANA RIFLES / 18 RASHTRIYA RIFLES
67. 4192496 LANCE NAIK SHANKAR JAI KISHAN , 3 KUMAON REGIMENT
68. 4277858 LANCE NAIK KUSH KUMAR , 5 BIHAR REGIMENT
69. 4568891 LANCE NAIK HIRA BHAI SHAMBHAJI , MAHAR REGIMENT / 30 RASHTRIYA RIFLES .
70. 9099028 LANCE NAIK JAVAID AHMAD WANI, JAMMU AND KASHMIR LIGHT INFANTRY / 44 RASHTRIYA RIFLES 71. 9099866 LANCE NAIK MOHAN LAL, 10 JAMMU AND KASHMIR LIGHT INFANTRY
72. 12944285 LANCE NAIK SATISH KUMAR, 159 INFANTRY BATTALION (TA) (H & H) DOGRA
73. 2492913 SEPOY JUJHAR SINGH, PUNJAB REGIMENT / 22 RASHTRIYA RIFLES
74. 3007050 SEPOY PRITHVI SINGH RATHOR, RAJPUT REGIMENT / 10 RASHTRIYA RIFLES
75. 3196621 SEPOY SULTAN SINGH, JAT REGIMENT / 45 RASHTRIYA RIFLES ( POSTHUMOUS)
76. 4197624 SEPOY ANIL SINGH RAIKUNI , KUMAON REGIMENT / 13 RASHTRIYA RIFLES
77. 5350564 RIFLEMAN PRAKASH THAPA, 5/4 GORKHA RIFLES
78. 13764855 RIFLEMAN KESAR SINGH, JAMMU AND KASHMIR RIFLES / 31 RASHTRIYA RIFLES
79. 13768447 RIFLEMAN VIJAY KUMAR, JAMMU AND KASHMIR RIFLES / 3 RASHTRIYA RIFLES ( POSTHUMOUS)
80. G/0111172 RIFLEMAN NAGARAJAN SAMPATH, 1 ASSAM RIFLES 81. G/124606 RIFLEMAN T SITACHU FITHU, 43 ASSAM RIFLES
82. G/3201174 RIFLEMAN ARJUN KUJUR, 32 ASSAM RIFLES
83. G/3201208 RIFLEMAN GAGAN SINGH , 32 ASSAM RIFLES
17-501 G1/08 380
[PART I- SEC . 1 THEGAZ: ( TE OF INDIA. MARCH 21.2009 ( PHALGUNA 30 , 1930 )
84. G/3201233 RIFLEMAN AJAY KUMAR, 32 ASSAM RIFLES
85. F/2400725 RIFLEMAN MOHAMAD HADISH , 24 ASSAM RIFLES ( POSTHUMOUS)
86. 15166579 GUNNER NAVEEN KUMAR , REGIMENT OF ARTILLERY / 45 RASHTRIYA RIFLES ( POSTHUMOUS)
87. 15202589 GUNNER CHHAVI RAM SINGH , REGIMENT OF ARTILLERY / 18 RASHTRIYA RIFLES
88. 4280263 PARATROOPER JAY KARAM TIGGA , 9 PARACHUTE REGIMENT ( SPECIAL FORCES )
89. 13624138 PARATROOPER DIPANKAR SARKAR , 4 PARACHUTE REGIMENT ( SPECIAL FORCES )
90. 13624525 PARATROOPER JAIVEER KUMAR , 21ST PARACHUTE REGIMENT (SPECIAL FORCES )
BARUN MITRA
Joint Secy.
No. 19 -Pres/2009 The President is pleased to approve the award of the "Bar to Nao Sena Medal " to Commander Satyabrata Dam, NM ( 03313- B) for the act of exceptional courage .
BARUN MITRA
JointSecy.
No. 20--Prcs /2009 The President is pleased to approve the award of the "Nao Sena Medal" to the undermentioned personnel for the act of exceptional courage.
1. COMMANDER RAJESH VISHNU , (03964 - H)
2. LIEUTENANT COMMANDER SOUMITRA ANANT DEODHAR (05034- R)
3. SUJEET KUMAR, LS CD II , ( 129375 -K)
4. MANJEET SIWACH , SEA I CD II , ( 139063 -B )
BARUN MITRA
Joint Secy.
381 THE GAZETTE OF INDIA, MARCH 21 , 2009 ( PHALGUNA 30 , 1930 )
PART 1-SEC . 1 ]
No. 21 -Pres/2009 The President is pleased to approve the award of the "Bar to Vayu Sena Medal/Air Force Medal " to Wing Commander Amitabh Sharma, VM (21015) Flying (Pilot) for the act of exceptional courage .
BARUN MITRA
JointSecy.
No. 22-Pres/2009 The President is pleased to approve the award of the "Vayu Sena Medal/Air Force Medal " to the undermentioned personnel for the act of exceptional courage.
1. WING COMMANDER PRASHANT MOHAN (20160) FLYING (PILOT) 2. WING COMMANDER DEEPAK KUMAR VATS (22545) FLYING (PILO 3. 658793 WARRANT OFFICER PREM SINGH RAJPUT , FLIGHT GUNNE) 4. 729086 JUNIOR WARRANT OFFICER JAWED HUSSAIN SIDDIQI , FLIGHT ENGINEER
BARUN MITRA
Joint Secy.
No. 23-Pres/2009- The President is pleased to approve the award of the "Bar to Sena Medal/Army Medal " to the undermentioned personnel for the acts of exceptional devotion to duty:-
1. IC-48621 COLONEL SANJAY PRATAP SINGH VISHWASRAO , SENA MEDAL, RAJPUTANA RIFLES / 18 RASHTRIYA RIFLES
2. JC- 612725 NAIB SUBEDAR MING MAR GURUNG 5/4 GORKHA RIFLES
BARUN MITRA
Joint Secy.
382
[PART I-SFC. I THE GAZETTE OF INDIA , MARCH 21 , 2009 ( PHALGUNA 30 , 1930 )
No. 24-Pres/2009- The President is pleased to approve the award of the " Sena Medal/Army Medal " to the undermentioned personnel for the acts of exceptional devotion to duty: -
1. IC -27004 MAJOR GENERAL KULWINDER SINGH SETHI , REGIMENT OF ARTILLERY / HQ 101 AREA
2. IC-30408 MAJOR GENERAL VIJAY KUMAR NARULA , REGIMENT OF ARTILLERY
3. IC-30482 MAJOR GENERAL VINOD BHATIA, INFANTRY / HQ 25 INFANTRY DIVISION
4. IC- 33235 MAJOR GENERAL DEEPINDER SINGH, VSM , ARMOURED CORPS / HQ 31 ARMOURED DIVISION
5. IC - 33450 MAJOR GENERAL DARSHAN LAL CHOWDHARY, VSM , INFANTRY / HQ 26 INFANTRY DIVISION
6. MR-03814 MAJOR GENERAL SHIV KUMAR SHARMA , VSM , ARMY MEDICAL CORPS / HQ EASTERN COMMAND
7. NR- 14840 MAJOR GENERAL THYKKANDY PADMINI , MILITARY NURSING SERVICE
8. IC- 25136 MAJOR GENERAL ABHAYA KUMAR GUPTA , VSM , INFANTRY / HQ NATIONAL SECURITY GUARD
9. IC- 33914 MAJOR GENERAL VIJAY KUMAR PILLAI , RAJPUT REGIMENT
10. IC- 27980 BRIGADIER RAVI PANDALAI , RAJPUT REGIMENT
11. IC- 31663 BRIGADIER RAKESH NANDAN , ARMY AIR DEFENCE 12. IC- 34436 BRIGADIER KHURSHED MANECK BALSARA , NAGA REGIMENT
IC- 34758 BRIGADIER ARVIND KUMAR RATHEE , REGIMENT OF ARTILLERY / HQ 68 MOUNTAIN BRIGADE 13.
IC- 35137 BRIGADIER PATTIARIMAL MOHAMADALI HARIZ , VSM, MECHANISED INFANTRY / HQ 91 INFANTRY BRIGADE 14.
IC- 35173 BRIGADIER RAYMOND JOSEPH NORONHA, 15. RAJPUT REGIMENT / HQ 26 SECTOR ASSAM RIFLES
16. IC- 35566 BRIGADIER MAVELIMANNIL JOHN MATHEW , REGIMENT OF ARTILLERY / HQ 2 MOUNTAIN ARTILLERY BRIGADE
17. IC - 37369 BRIGADIER ASHOK KUMAR GANGULY , VSM , JAMMU AND KASHMIR RIFLES / HQ 4 SECTOR RASHTRIYA RIFLES
18. IC - 38731 COLONEL SURENDER SINGH LAMBA , ARMY ORDNANCE CORPS
19 . IC-40757 COLONEL VIKAL SAHNI, 4 GORKHA RIFLES/HQ IDS 20. IC-41544 COLONEL DEEPAK TALWAR , REGIMENT OF ARTILLERY / HQ CENTRAL COMMAND 383 THE GAZETTE OF INDIA, MARCH 21 , 2009 (PHALGUNA 30, 1930)
PART I-SEC . 1 ]
21. IC-43410 COLONEL DEEPAK DE , MADRAS REGIMENT / 18 ASSAM RIFLES
22. IC-47031 COLONEL ARUN PRATAP SINGH RAJURA, 6 JAMMU AND KASHMIR RIFLES
23. IC -47036 COLONEL DEEPAK GARG, BIHAR REGIMENT / 4 RASHTRIYA RIFLES
24. IC-47354 COLONEL GURBAKSH SINGH SANDHU , ARMY ORDNANCE CORPS
25. IC-47624 COLONEL MRIGENDRA KUMAR, RAJPUT REGIMENT / 10 RASHTRIYA RIFLES
26. IC-47895 COLONEL DEBASHIS DAS, 10 JAMMU AND KASHMIR LIGHT INFANTRY
27 . IC-48100 COLONEL YASHVIR SINGH RANGI , 8 SIKH REGIMENT 28. IC-48241 COLONEL RAJESH KUMAR SHARMA, SHAURYA CHAKRA, PUNJAB REGIMENT / 22 RASHTRIYA RIFLES
29. IC-48532 COLONEL RAJENDRA RAI , GRENADIERS / 39 RASHTRIYA RIFLES
30. IC-48713 COLONEL HARPAL SINGH, RAJPUT REGIMENT / 44 RASHTRIYA RIFLES
31. IC-48986 COLONEL MUKESH GURUNG, GORKHA RIFLES / 11 RASHTRIYA RIFLES
32. IC-49095 COLONEL AMAR NATH KUKRETI, GRENADIERS / 55 RASHTRIYA RIFLES
33. IC-49430 COLONEL DINESH KUMAR SINGH, 11 GUARDS
34. IC-49991 COLONEL JITENDER SINGH BANGAR , KUMAON REGIMENT / 26 RASHTRIYA RIFLES
35. MR-03775 COLONEL YASH PANDE, ARMY MEDICAL CORPS / HQ 21 CORPS
36. MR-04238 COLONEL ANIL KHETARPAL, ARMY MEDICAL CORPS/ AFTC, DELHI CANTT.
37. 3186856 HAVILDAR KARAMVEER, 17 JAT REGIMENT
38. 9425173 HAVILDAR PUKHRAMBAM NARAJIT SINGH, INFANTRY / ARMY SPORTS INSTITUTE, PUNE
39. GO- 2903 MO ANIL KUMAR VOHRA , GREF / HQ (P) ZARANJ , AFGHANISTAN
BARUN MITRA
JointSecy. 18-501 G1/08 384
THE GAZETTI: OF INDIA , MARCH 21 , 2009 ( PHALGUNA 30. 1930 )
[PART I- SEC . 1 No. 25- Pres/2009 The President is pleased to approve the award of the "Nao Sena Medal " to the undermentioned personnel for the acts of exceptional devotion to duty: -
COMMODORE LINGOM VENKATA SARAT BABU ( 02270 -H) 1.
COMMODORE SHEKHAR MITAL , (50717 - R) 2.
3 . CAPTAIN SANJAY JASJIT SINGH (03081 - A)
4. CAPTAIN VENNAM SRINIVAS ( 03227 -H)
5 . COMMANDER YASHODHAN PRATAP MARATHE (03057 Y) 6 . COMMANDER GS SUNDARESAN ( 41257 - R)
7 . SURGEON LIEUTENANT COMMANDER RAVEESH KUMAR, (75689 -W)
8. BHANWAR SINGH CHARAN , VSM , MCPO I CD I, ( 149387 - T)
BARUN MITRA
JointSecy.
No. 26-Pres/2009 The President is pleased to approve the award of the " Vayu Sena Medal/Air Force Medal " to the undermentioned personnel for the acts of exceptional devotion to duty: -
1. GROUP CAPTAIN SHISHIR YASHWANT KOSHE ( 16400) FLYING ( PILOT)
2. GROUP CAPTAIN SANJEEV KAPOOR ( 18089) FLYING ( PILOT) 3. WING COMMANDER ALOK SHARMA ( 18811 ) FLYING ( PILOT) 4. WING COMMANDER ROHIT MAHAJAN ( 19187) FLYING (PILOT)
5. WING COMMANDER SAMEER MEHRA ( 19524) FLYING ( PILOT) 6. WING COMMANDER SANJAY DHANKHAR ( 19865 ) FLYING ( PILOT)
7. WING COMMANDER VENIGALLA SRINIVAS CHOUDARY ( 19859 ) FLYING (PILOT)
8. WING COMMANDER PAWAN KUMAR ( 20111 ) FLYING ( PILOT) 9. WING COMMANDER NIRMALENDU NATH SINHA (20157) FLYING (PILOT)
10. WING COMMANDER PUSHPENDRA SINGH NARA ( 20478 ) FLYING (PILOT)
WING COMMANDER JASVIR SINGH MANN (20491 ) FLYING (PILOT) 11.
12. WING COMMANDER VIKRAM PATHAK (20971 ) FLYING (PILOT) 385 PART I-SEC. 1 ]
THE GAZETTE OF INDIA, MARCH 21 , 2009 (PHALGUNA 30 , 1930)
13 . SQUADRON LEADER NITIN KHANNA ( 25617) FLYING (PILOT) 14. SQUADRON LEADER SAMRATH DHANKHAR ( 26513) FLYING ( PILOT)
BARUN MITRA
JointSecy.
No. 27- Pres/2009 - The President is pleased to give orders for publication in the Gazette of India of the names of the undermentioned officers/personnel for "Mention in Despatches " received by the Raksha Mantri from the " Chief of the Army Staff": -
OP RAKSHAK
1. IC- 51706 LIEUTENANT COLONEL VINOD S , SM, MARATHA LIGHT INFANTRY, 56 RASHTRIYA RIFLES
2. IC- 52131 LIEUTENANT COLONEL HARPREET SINGH BHINDER, 4/9 . GORKHA RIFLES , 32 RASHTRIYA RIFLES
3. IC-56470 MAJOR IMON SAMANTA, GARH RIF, 14 RASHTRIYA RIFLES
4. IC- 56611 MAJOR DINESH SINGH, DOGRA REGT , 20 RASHTRIYA RIFLES
5. IC-63403 MAJOR BHEEMAIAH PS, 10 PARA REGT (SF)
6. IC-63472 MAJOR RAVI KANT, 16 BIHAR REGT
7. IC- 63575 CAPTAIN ANANDA BOSE, JAT REGT , 45 RASHTRIYA RIFLES
8. SS -40548 CAPTAIN VIKRANT PRASHER, 10 PARA REGT ( SF)
9. JC-412669 SUBEDAR MAGHA RAM KHILERY, 7 PARA REGT
10. JC-489169 SUBEDAR HANUMAN RAM JAT, 11 JAT REGT
11. JC-519972 SUBEDAR SHAKTI CHAND CHANDEL, DOGRA REGT , 62 RASHTRIYA RIFLES
12. JC-520278 SUBEDAR SANTOSH PAL, DOGRA REGT, 20 RASHTRIYA RIFLES
13. JC-559352 SUBEDAR AMAR SINGH, 14 BIHAR REGT
14. 1474974 HAVILDAR KARAMJIT SINGH , ENGRS , 12 RASHTRIYA RIFLES
15. 4363631 HAVILDAR T KAMLALVEN , 9 PARA REGT (SF) 386
THE GAZETTI OFINDIA . MARCH 21 , 2009 ( PHALGUNA 30, 1930 )
[PART I-SEC. 1 16. 4363768 HAVILDAR HAOSIANTHANG ZOU , ASSAM REGT , 42 RASHTRIYA RIFLES
17. 5348061 LANCE HAVILDAR SAM BAHADUR GURUNG , 5/4 GORKHA RIFLES
18. 2686820 NAIK SUKHVIR SINGH , GDRS , 29 RASHTRIYA RIFLES 19. 2689648 NAIK CHATAR SINGH, GDRS , 55 RASHTRIYA RIFLES 20. 3993898 NAIK JAGRAJ SINGH , DOGRA REGT, 20 RASHTRIYA RIFLES 21 . 14808113 ΝΑIK BALRAJ SINGH , 528 ARMY SERVICE CORPS BN 22. 12974132 LANCE NAIK ABDUL RASHID KHAN , TERRITORIAL ARMY , 5 RASHTRIYA RIFLES
23. 2494223 SEPOY ANGREJ SINGH , PUNJAB REGT , 22 RASHTRIYA RIFLES
24. 4003294 SEPOY RAKESH SINGH , DOGRA REGT, 20 RASHTRIYA RIFLES
25. 4005445 SEPOY DHARAM PAL, DOGRA REGT , 20 RASHTRIYA RIFLES
26. 4369413 SEPOY P BOSCO MARAM , ASSAM REGT, 59 RASHTRIYA RIFLES
27. 4372077 SEPOY K LALBIAK SANGA, ASSAM REGT, 59 RASHTRIYA RIFLES
28. 13767977 RIFLEMAN HANS RAJ , JAK RIF , 28 RASHTRIYA RIFLES OP MEGHDOOT
29. IC- 61565 MAJOR GURBIR SINGH KAHLON , 9 JAT REGT
OP RHINO
30. IC- 54165 MAJOR NAVNEET BAKSHI , SM, 11 MARATHA LIGHT INFANTRY
31 . IC - 61617 MAJOR RANJEET SRIVASTAVA, 2 BIHAR REGT
32. IC -63580 CAPTAIN MUDASSAR IQBAL, 2 BIHAR REGT
33. IC-64121 CAPTAIN ANIL KUMAR MISHRA, 11 GUARDS
34. SS -42398 CAPTAIN CHETAN SHARMA, EME, 3 KUMAON REGT 35. SS -42181 LIEUTENANT ABHIJEET YADAV, ARMY ORDANCE CORPS , 11 MARATHA LIGHT INFANTRY 387 THE GAZETTE OF INDIA, MARCH 21 , 2009 ( PHALGUNA 30, 1930 )
PART 1-SEC. 1 ]
36. SS-42435 LIEUTENANT ARUN SINGH CHAUHAN, 11 MARATHA LIGHT INFANTRY
37. JC- 267129 SUBEDAR AMBESWAR GAYAN, ARTY, 268 FIELD REGIMENT
38. JC-498934 SUBEDAR SUKHDEV SINGH, 8 SIKH REGT
39 . 3182594 HAVILDAR SANWAR MAL, 21 JAT REGT
40. G/3900083 HAVILDAR RAJENDER SINGH, 43 ASSAM RIFLES
41. 4188659 NAIK DHARM BEER SINGH, 19 KUMAON REGT
42. 14428880 NAIK PRABHBIR SINGH, ARTY, 268 FIELD REGIMENT 43. 4192192 LANCE NAIK NAVIN SINGH, 19 KUMAON REGT
44. 4198485 SEPOY AMIT SINGH , 19 KUMAON REGT
45. G/3101457 RIFLEMAN CHIRANJIBI BHUJEL, 43 ASSAM RIFLES
OP HIFAZAT
46. SS -41839 LIEUTENANT TEJ PRATAP SINGH, 8 SIKH REGT
47. G/2102720 HAVILDAR PADAM SINGH RAWAT, 21 ASSAM RIFLES 48. G/0111182 RIFLEMAN KUMARESAN SAMPATH , 1 ASSAM RIFLES 49. G/5001388 RIFLEMAN DIWAN SINGH, 32 ASSAM RIFLES
BARUN MITRA
JointSecy. 19-501 G1/ 08 388
THE GAZE FEF INDIA , MARCH 21 , 2009 ( PHALGUNA 30 , 1930 )
[PART1---SEC. 1 No. 28 - Pres /2009 The President is pleased to approve the award of the "Kirti Chakra " to the under mentioned persons for the acts of conspicuous gallantry:-
1. SS -40547 CAPTAIN PARAS LIMBOO , ASSAM REGIMENT/59 RASHTRIYA RIFLES
[Effective date of the award: 08 April , 2008 ] Based on a long term innovative and surgical intelligence plan, Captain Paras Limboo launched an operation on 08 April 2008 against hardcore terrorists in Reasi District, Jammu & Kashmir . The officer undertook an extremely difficult approach to target area in upper reaches of Pir Panjal mountains, in rugged inhospitable terrain, involving high risk to life owing to mountaineering odds . Captain Paras Limboo with dynamic and resolute leadership , personally advanced on the target to a close distance of 50 meters . Crawling forward , achieving total surprise and with utter disregard to his personal safety, he opened fire , instantaneously killing two terrorists . The remaining two terrorists retaliated with heavy volume of AK and UBGL fire . Despite being under heavy fire , the officer brought effective fire and injured the other two terrorists who were later eliminated by the stops .
Captain Paras Limboo displayed exceptional bravery and leadership with total disregard to his life while leading the operation against the terrorists .
2. IC - 63488 CAPTAIN ZALA AJITKUMAR ARSHIBHAI , 2ND BATTALION , THE PARACHUTE REGIMENT ( SPECIAL FORCES )
[Effective date of the award: 09 April , 2008 ] Based on intelligence inputs cultivated by Captain Zala Ajitkumar Arshibhai regarding presence of terrorists , the officer inducted a small team in general area in Kupwara District, Jammu & Kashmir , to lay ambush .
On 09 April 2008 at 18.30 hours Capt Zala heard sound of movement and spotted three terrorists at a distance of 75 meters . Quickly assessing the situation, he decided to close in from a flank. While maneuvering Capt Zala and his buddy were spotted by terrorists who opened intense automatic fire. Unmindful of personal danger the officer charged and shot the leading two terrorists from close quarters .
389 THE GAZETTE OF INDIA, MARCH 21 , 2009 ( PHALGUNA 30, 1930)
PART I-SEC . 1 ]
The third terrorists however took cover and lobbed grenades . Sensing mortal danger to his buddy the intrepid officer crawled under fire and pounced on third terrorist and shot him in hand -to -hand combat.
Captain Zala Ajitkumar Arshibhai displayed tactical acumen , audacity and conspicuous bravery of highest order in which he single handedly eliminated three terrorists including Divisional Commander of North Kashmir of a dreaded terrorist organisation.
3. SHRI NITYA NANDA BORA, LOCO PILOT - IN - CHARGE OF THE PILOT SPECIAL, MINISTRY OF RAILWAYS (POSTHUMOUS)
[Effective date of the award: 15th May, 2008 ] !
!
On 15th May 2008 , Shri Nitya Nanda Bora , Loco Pilot in -charge of the Pilot Special, was carrying 38 railway personnel deputed for patrolling the track subsequent to the suspension of services on the previous day on account of a Bandh called by a local organization .
Being the first train on that day, Shri Bora had the responsibility of keeping a watch over the track for any unusual occurrence on the track while driving . When the train was emerging out of a tunnel, the train was fired upon by the militants indiscriminately. Shri Bora sustained two bullets wounds , one in the chest and another in the rear shoulder. Despite the grievous injury, he immediately halted the train and reversed it into the tunnel, thereby preventing the militants from further firing. The train was subjected to about 140 rounds of firing. Shri Bora later succumbed to his injuries .
Shri Nitya Nanda Bora showed exemplary devotion to duty, courage of the highest order and averted a big casualty and made supreme sacrifice .
4. JC-412922 SUBEDAR INDRA BAHADUR PUN , 4TH BATTALION, THE PARACHUTE REGIMENT ( SPECIAL FORCES)
[Effective date of the award : 19 June , 2008 ] On 19 Jun 2008 , Subedar Indra Bahadur Pun with his squad was deployed in ambush on Line of Control (LoC) in Nangi Tekri Battalion area to stop movement of infiltrators .
390
THE GAZETTE OF INDIA , MARCH 21 , 2009 ( PHALGUNA 30, 1930 )
[PARTI-- SEC . 1 At about 1140 hours , Subedar Indra Bahadur noticed movement of four persons crossing the LoC. As the infiltrators reached the killing zone , he challenged them . The infiltrators immediately opened a hail of fire at him . Subedar Indra Bahadur stood his ground and displaying raw courage shot down three infiltrators .. At about 1245 hours , six to seven persons were seen rushing from Pakistani post to reinforce/carry out casualty evacuation . When warnings not to cross the LoC went unheeded , Subedar Indra Bahadur shot down another two persons under intense firing across the LoC. Repeated attempts to recover bodies of infiltrators were subsequently thwarted by Sub Indra Bahadur's squad.
Subedar Indra Bahadur Pun displayed conspicuous gallantry, indomitable resolve and courage beyond the call of duty in the face of infiltrators .
5. 2791244 HAVILDAR RALE SANTOSH TANAJI, MARATHA LIGHT INFANTRY / 56 RASHTRIYA RIFLES
[Effective date of the award: 23 August , 2008 ] Havildar Rale Santosh Tanaji was the Section Commander of Ghatak Platoon of 56 Rashtriya Rifles deployed in general area in Kupwara district of Jammu and Kashmir.
On 23 August 2008 , Havildar Rale Santosh Tanaji observed some fleeing terrorists . He reorganized his section and brought effective fire on the terrorists . The terrorists took cover behind treacherous jagged rocks and retaliated with heavy volume of fire . He inched close to the holed up terrorists from an unexpected direction under covering fire of his section and shot two terrorists from extreme close range and injured another . While the search continued for next three days , he proceeded perilously close to another injured terrorist who had booby trapped himself, at great risk to his personal safety and eliminated him.
Havildar Rale Santosh Tanaji displayed courage of an exceptional order , utmost devotion to duty and selflessness while fighting the terrorists .
6. IC - 52871 LIEUTENANT COLONEL SAURABH SINGH SHEKHAWAT , SHAURYA CHAKRA, SENA MEDAL, VISHISHT SEVA MEDAL, 21ST BATTALION THE PARACHUTE REGIMENT (SPECIAL FORCES)
Effective date of the award: 08 September , 2008] Within days of insertion in Manipur, Team Leader of 21 PARA ( SF) , Lieutenant Colonel Saurabh Singh Shekhawat established an innovative intelligence network to locate a terrorist camp in District Bishenpur , Manipur , hither-to - fore a 391 THE GAZETTE OF INDIA , MARCH 21 , 2009 (PHALGUNA 30 , 1930)
PART I-SEC . 1 ]
terrorist sanctuary. After 45 days of continuous surveillance , planning and training he launched a historical operation to destroy the target and made national headlines .
On night 08/09 September, 2008 guided by his surveillance detachment, the Team Leader successfully navigated boats /divers through weed infested waters and sited his groups in proximity to the target island without losing surprise . At daybreak , after successful sentry silencing, he along with assault group reached the island, swimming. However, surprise was lost and terrorists opened heavy fire . Without losing momentum and undaunted by hostile fire , the officer led his men in returning fire and tactically closed in. His accurate fire immediately killed two terrorists . Remaining terrorists , still in their huts , fired from behind cover. Concurrently, some terrorists fired heavy calibre weapons from a flank. This pinned down his men in the open. Seeing the precarious situation, the officer with his buddy , unfazed by flying bullets and unmindful of personal safety, exposed themselves to terrorist fire by running in the open. In the process he eliminated another terrorist and diverted their attention thus preventing casualty to own personnel . This galvanized remainder assault group to move and subsequently neutralise other terrorists .
Lieutenant Colonel Saurabh Singh Shekhawat displayed resolute leadership , exemplary mission dedication, raw courage and presence of mind in close combat conditions in fighting the terrorists .
7. 4364533 NAIK TAPE YAJO , 1 ASSAM REGIMENT ( POSTHUMOUS )
[Effective date of the award: 21 September, 2008 ] Naik Tape Yajo was the leading scout of a search party launched to clear a thickly wooded re -entrant in Kalas Forest during OPERATION KALAS conducted from 21 to 26 September 2008 .
During the search , Naik Tape spotted one terrorist concealed behind a boulder in thick undergrowth. He crawled close to this terrorist and engaged him . The charging terrorist was killed by Naik Tape by fire from close range . This action drew intense fire and grenade attack from a second terrorist who was concealed behind another boulder. Inspite of severe bullet and splinter injuries , Naik Tape crawled through thick undergrowth to close on the terrorist and killed him with a grenade . This exposed him to the fire of a third terrorist . Profusely bleeding and with his weapon damaged, Naik Tape charged on the terrorist with his dah to be felled down by intense hostile fire from close quarters .
Naik Tape Yajo displayed conspicuous gallantry and indomitable courage in the elimination of terrorists and sacrificed his life in the highest traditions of the Indian Army.
20-501 G1/08 392
THE GAZE FTE OF INDIA , MARCH 21 , 2009 ( PHALGUNA 30 , 1930)
[PART I-SEC . 1 8. IC - 53634 LIEUTENANT COLONEL OSIRIS DAS KUMAON REGIMENT / 13 RASHTRIYA RIFLES
[Effective date of the award : 23 September , 2008 ] On 22 September 2008 , Lieutenant Colonel Osiris Das received information of sited ambushes along Jhelum River . At 2300 hours , in doubt about route of terrorists , the officer quickly sited additional ambushes on bridge on the river and placed himself and his buddy at the entry point.
At 0300 hours on 23 September 2008 , officer noticed four suspicious persons approaching . To avoid civil casualty and ensure safety of sources , officer maintaining complete surprise , allowed the group to cross and alerted the party on other side of bridge . Being challenged , sources moved ahead to safety , while two terrorists ran back. With utter disregard to personal safety , displaying grit and determination , finding no natural cover , officer moved out in open to prevent terrorist escape . Surprised by being trapped, the terrorists opened fire from close range injuring the officer . His buddy immediately pinned down the terrorists and extricated him . Displaying conspicuous bravery, unmindful of injury and showing tactical acumen , officer closed to five meters , brought down accurate fire and eliminated the terrorists .
Lieutenant Colonel Osiris Das , displayed conspicuous bravery , outstanding professional acumen, analytical approach in eliminating two terrorists .
9. SHRI SHASHANK CHANDRASEN SHINDE , POLICE INSPECTOR, MAHARASHTRA POLICE ( POSTHUMOUS)
Effective date of the award: 26 November, 2008 ] On 26th November 2008 , ten heavily armed terrorists launched simultaneous attacks on various iconic places in Mumbai. Shri Shashank Chandrasen Shinde , Police Inspector, who was at Chhatrapati Shivaji Terminus Railway Station on night duty, heard the firing and blasts from the main hall , some twenty meter from there and rushed to the site with other police personnel .
He spotted one terrorist firing in the main hall near ATM Center. He took shelter behind a wall and waited the terrorist to come within the range of his 9 mm Pistol . With a view to strike from the close range he moved further to the ATM Center . While doing that, an encounter took place with terrorists and Shri Shinde received four bullets and fell down .
Shri Shashank Chandrasen Shinde showed exemplary courage , devotion to duty laid down his life in fighting the terrorists .
393 THE GAZETTE OF INDIA, MARCH 21 , 2009 (PHALGUNA 30, 1930 )
PART I-SEC. 1 ]
10. SHRI ARUN RAGHONATH CHITTE, CONSTABLE, ANTI EXTORTION CELL OF CRIME BRANCH , MUMBAI ( POSTHUMOUS)
[Effective date of the award: 26 November , 2008 ] On 26th November 2008, Shri Arun Raghonath Chitte, Police Constable attached with Anti Extortion Cell of Crime Branch, Mumbai was on the metro junction when he got message that terrorist were heading towards him in a Police vehicle after ambushing the team of Shri Karkare , Joint Commissioner. Shri Chitte immediately alerted the people , who were gathered there , to move to a safe place . When the terrorists reached there , they started firing on the people . On seeing that, Shri Chitte moved forward to snatch rifle from the terrorist but he was fired at .
Shri Arun Raghonath Chitte showed raw grit and unparalleled courage against grave odds and made the supreme sacrifice for the nation .
11. SHTI AMBADAS RAMCHANDRA POWAR, CONSTABLE, SECURITY BRANCH, P -I, MAHARASHTRA POLICE (POSTHUMOUS) 2
[Effective date of the award : 26 November , 2008)] On 26th November 2008, Shri Ambadas Ramachandra Powar , Police Constable was attached to the Security Branch , P- I, Mumbai . He was on his way to join night duty when he noticed the passenger running helter skelter and heard sound of firing when he reached Chhatrapati Shivaji Terminus Railway Station. Though he was in civil dress and unarmed, he assessed the situation and unmindful of risk to his life started alerting the passenger to move to safer places . When terrorists noticed Shri Powar guiding the passengers to safety, one of them fired at him causing fatal injuries. Unfazed, he continued with his work till he succumbed to the injuries.
!
Shri Ambadas Ramchandra Powar displayed exemplary courage and devotion to duty against grave odds and laid down his life while saving the lives of many people.
12. SHRI MUKESH BHIKAJI JADHAV , HOME GUARD , AHARASHTRA (POSTHUMOUS)
[Effective date of the award : 26 November, 2008 ] On 26th November 2008, Shri Mukesh Bhikaji Jadhav, a member of Home Guard, was performing security duty at Chhatrapati Shivaji Terminus Railway Station when terrorist attack took place . He assessed the situation and unmindful of 394
THE GAZETTE OF INDIA. MARCH 21 , 2009 ( PHALGUNA 30, 1930 )
[PART I- SEC . 1 risk to his life , started alerting the passengers to move to safer places . When terrorists noticed Shri Jadhav guiding the passengers to safety , one of them fired at him causing fatal injuries. Unfazed of his fatal injuries he showed great courage and crawled upto the Railway Police Station and informed the incident .
Shri Mukesh Bhikaji Jadhav showed exemplary courage , devotion to duty and made the supreme sacrifice while saving the lives of many people .
13. 15318999 SAPPER V SATHISH, CORPS OF ENGINEERS / 51 SPECIAL ACTION GROUP
[Effective date of the award: 28 November , 2008 ] On 28 November 2008 Sapper V Sathish formed part of the team that was carrying out intervention operation outside Nariman House , Mumbai where terrorists had killed many people including some foreign Nationals .
While his team was searching for terrorists on the fourth floor , the team drew intense fire from the terrorists hiding in one of the rooms . Since the exact location of terrorists inside the room was not known , he volunteered to provoke the terrorists by exposing himself with utter disregard to personal safety and in doing so he drew fierce fire from the terrorists , thus making their exact location known .
When his Team Commander planned to create an entry through the wall , he again volunteered to move downstairs under hail of bullets to place an improvised charge on the wall . Immediately after the blast , Sapper Sathish jumped inside the room through the opening created by the explosion, exposing himself to the direct fire of the terrorist . Displaying raw courage under fire he kept firing and charged at the terrorist, killing him at a close range .
Sapper V. Sathish displayed exceptional valour , outstanding combat skills and indomitable spirit while leading the operation against the terrorist.
BARUN MITRA
JointSecy.
395 THE GAZETTE OF INDIA, MARCH 21 , 2009 ( PHALGUNA 30, 1930)
PART I-SEC. 1 ]
No. 29 -Pres/2009 The President is pleased to approve the award of the " Bar to Shaurya Chakra " to the undermentioned person for the acts of gallantry: - 1. GS- 108767W OPERATOR EXCAVATING MACHINERY- II ZALIM SINGH, SC, BORDER ROADS ORGANISATION (POSTHUMOUS)
[Effective date of the award : 16 April, 2008 ) On 16 April 2008 , a heavy land slide occurred on Theing Road in North Sikkim. At the same time there was operational requirement of Army to keep the road open, for smooth movement of a troops of Tanks. Road near village Theing, terrain is treacherous with vertical rocks and shooting stones at irregulars ' intervals , rendering the road site extremely dangerous to open.
A mature , courageous and thorough professional soldier, OEM II Zalim Singh , quickly understood the importance of opening the road to army and civil traffic before the night fall . By 1400 hours on 16 Apr 08 , when the shooting stones appeared to have stopped falling, unmindful of his personal safety, he voluntarily stood up to the call of his duty and started clearing the land slide with his dozer . At 1600 hours , a shooting stone grievously injured him because of which he later succumbed at 1730 hours on the same day.
Operator Excavating Machinery- II Zalim Singh displayed courage and bravery under very adverse climate condition and made supreme sacrifice while performing his duties.
BARUN MITRA
JointSecy. 21-501 G1/08 346
THE GAZLEU OF INDIA , MARCH 21 , 2009 ( PHALGUNA 30, 1930 )
[PART I-SEC . 1 No. 30- Pres/2009 The President is pleased to approve the award of the " Shaurya Chakra " to the undermentioned persons for the acts of gallantry: - 1. G /5008845 RIFLEMAN THOUDAM SUNIL SINGH , 32 ASSAM RIFLES
[ Effective date of the award: 30 November , 2007] On 30 November 2007. Major Rajinder Kumar Sharma received specific intelligence about move of armed terrorists in general area in Manipur . He immediately launched joint operations with Imphal East Police Commandos to neutralize the armed terrorists . The team approached the suspected site and started carrying out search of the houses . The hidden terrorists , on seeing the troops approaching , took cover behind a house and seeing that they would be unable to escape the well planned dragnet , panicked and opened automatic weapon fire on the scarch party . In swift retaliation , Rifleman Thoudam Sunil Singh without giving due consideration to his own safety and security, moved to a firing position to effectively engage the terrorists. When the terrorists continued to engage him, the young soldier showing initiative and courage beyond call of duty , got up and charged onto the well entrenched terrorists and from close quarters shot both of them.
Rifleman Thoudam Sunil Singh displayed dauntless courage , valour in face of hostile fire and extreme devotion to duty leading to elimination of two hardcore terrorists.
2. SHRI PRITAM LAL, CONDUCTOR, DELHI TRANSPORT CORPORATION ( POSTHUMOUS)
[Effective date of the award : 04 February , 2008 ] On 4th February 2008, Shri Pritam Lal, Conductor , DTC Bus was on duty on a Delhi - Meerut bus along with driver Shri Somvir Singh . When the bus was passing near Gang - Nahar , Murad Nagar , an armed man got up from his seat , walked to the driver and asked him to stop the bus . When the driver resisted, he took out a pistol and pointed it on his head.
Shri Pritam Lal, who was sitting on the front seat inimediately got up and grappled with the gun-toung person . Due to this commotion , the buliet fired by the 397 THE GAZETTE OF INDIA, MARCH 21 , 2009 (PHALGUNA 30 , 1930)
PART I- SEC . 1 ]
miscreant went through the right side of the front window without hitting the driver . However, another bullet fired by the miscreant hit Shri Pritam Lal on his forehead and he collapsed on the floor. A police constable travelling in the bus tried to overpower the miscreant but he too was fired at by an accomplice of the robber. The robbers snatched a money bag from a passenger and ran away in a car following the bus. Shri Pritam Lal was taken to the hospital where he was declared brought dead .
Shri Pritam Lal showed exemplary courage in confronting the miscreants , unmindful of his personal safety and laid down his life in the process .
3. 4579259 SEPOY RAVINDER SHARMA, 12 MAHAR REGIMENT
[Effective date of the award: 22 February, 2008 ] On 22 February 2008, based on intelligence inputs ambushes were laid ahead of snow submerged Line of Control Fence under extreme cold and snow blizzard conditions to eliminate terrorists . At 0305 hours , ambush party opened fire , when instinctively Sepoy Ravinder Sharma pushed aside his buddy and engaged the terrorist, killing him . He then charge after the fleeing second terrorist down steep avalanche prone Nala, using excellent field craft while dodging a lobbed grenade and AK-47 fire by the terrorist. He displayed extreme courage , presence of mind and killed the second terrorist at close range .
Sepoy Ravinder Sharma displayed exemplary courage and devotion to duty in fighting with the terrorists
4.
IC -60439 MAJOR CHIRAG SINGH BARAK MECHANISED INFANTRY / 24 ASSAM RIFLES
[Effective date of the award : 23 February, 2008 ] In a short span of just over seven months, Major Chirag Singh Barak with his undaunted determination, quick planning and resolute execution, while leading his men from the front has been instrumental in elimination of nine hardcore terrorists , apprehension of twenty terrorists , capturing of fourteen weapons and a large quantity of war like stores .
Major Barak was tasked to lay an ambush on the Indo- Myanmar border for the infiltrating terrorists . After a prolonged wait, at 0430 hours on 23 February 2008 in the General Area Boundary Pillar , Major CS Barak detected movement of terrorists crossing over the International Border from Myanmar to India through the 398
THE GAZETTE OF INDIA , MARCH 21 , 2009 ( PHALGUNA 30. 19301
[PARTI SEC. 1 Hand Held Thermal Imaging Sight . Displaying exceptional decisiveness and initiative he rushed with his men to block the infiltrating terrorists . As the column was closing in , the terrorists opened fire and started running back towards Myanmar in a bid to escape.
Undaunted by the sustained and accurate hostile fire , he engaged the terrorists in a close quarter battle . In an act of extreme boldness and exemplary courage he single handedly shot dead three terrorists at point blank range . A total of six terrorists were killed and a large quantity of arms and ammunition was recovered in this operation.
Major Chirag Singh Barak displayed undaunting courage and professional acumen in fighting the terrorists .
5.
IC -60843 MAJOR SRINIVASAN VIKRAM CHERIAN GARHWAL RIFLES / 14 RASHTRIYA RIFLES
[Effective date of the award : 02 April , 2008 ] On 02 April 2008 , Maj Srinivasan Vikram Cherian acquired intelligence report about movement of two foreign terrorists in Erin Bowl of Bandipur . He immediately activated Long Range Recce and Observation System to monitor their movement and launched four small teams from different directions to trap the terrorists. After four hours of continuous tracking and tactful pursuit he observed terrorists entering a house in Dardpura Village, Jammu & Kashmir. Maintaining surprise and stealth, the officer cordoned the target house . The terrorist opened indiscriminate fire and lobbed hand grenades . The officer deployed his party and closed on to the terrorists with utter disregard to his personal safety. Major Cherian led search party from front to clear the house . In a rare display of quick reflexes and raw courage the officer brought down effective fire and shot dead two terrorists at close range . During the ensuing firefight his buddy was badly injured . The officer crawled close to the injured soldier and rescued him to safety thus saving his life .
Major Srinivasan Vikram Cherian displayed conspicuous bravery and courage, professional acumen in fighting the terrorists.
6. IC- 55535 MAJOR RAJESH SINGH, SENA MEDAL RAJPUTANA RIFLES / 18 RASHTRIYA RIFLES
[Effective date of the award : 19 April , 2008 ] Major Rajesh Singh , Company Commander trained the company into an effective counter terrorist team and established intelligence cum surveillance grid 399 THE GAZETTE OF INDIA, MARCH 21 , 2009 ( PHALGUNA 30 , 1930 )
PART I-SEC . 1 ]
covering 20 square kilometers area of responsibility. On intelligence provided by his informants , Major Rajesh planned search and destroy operation in general area Amri Baihk at an altitude of 8,000 feet. He ensured security of movement to target area employing strict battle drills .
On scout's observation of terrorist footmarks , Major Rajesh stealthily manoeuvred platoons cutting off escape. On detecting first terrorist he chased the terrorist with buddy and killed the terrorist. On resuming search, Maj Rajesh came face to face with another terrorist engaging Rifleman Waqeel . He pushed Rfn Waqeel to ground and killed the terrorist. Maj Rajesh's buddy Rfn Rizwan observed another terrorist aiming weapon at Maj Rajesh. Rfn Rizwan warned Major Rajesh for taking evasive actions , manoeuvred under covering fire by Major Rajesh and killed the terrorist. In the encounter the Company killed four terrorists without suffering casualties .
Major Rajesh Singh displayed bravery, an exceptional leadership and organizational skills in fighting terrorists.
7. 13753884 LANCE HAVILDAR AZIZ MOHD 20 JAMMU AND KASHMIR RIFLES (POSTHUMOUS )
[Effective date of the award: 11 May, 2008 ] At 0700 hour on 11 May 2008, on information of terrorists having taken civilian hostages at Kali Mandi , Samba (J & K) , 20 JAK RIF sprung into action to neutralise them . Lance Havildar Aziz Mohd was part of the columns detailed.
The Battalion established close cordon . In efforts to rescue the hostages Lance Havildar Aziz Mohd played lead role under heavy terrorists fire and rescued five ladies, three children and one male safely. When terrorists tried to escape, one terrorist came face to face . Lance Havildar Aziz Mohd killed him on the spot when he too got badly injured. In the meantime the second terrorist charged on him . With utter disregard to his personal safety and injury suffered, he fired and killed the second terrorist too . However, he succumbed to injuries and made the supreme sacrifice fighting gallantly.
Lance Havildar Aziz Mohd displayed steadfastness and raw courage under extreme odds and made supreme sacrifice in fighting the terrorists .
22-501 GI /08 400
THE GAZETTE OF INDIA , MARCH 21 , 2009 ( PHALGUNA 30 , 1930 )
[PARI 1- SEC . 1 8.
IC - 61732 MAJOR RAMAN YADAV MECHANISED INFANTRY / 42 RASHTRIYA RIFLES
[Effective date of the award: 17 May, 2008 ] On 17 May 2008 , at 0650 hours at a village in general atea Lurao Jagir in the Northern Sector after breaking contact with the CRPF, six hardcore terrorists escaped and took cover in wainut orchard . At 0800 hours fierce encounter ensued with the terrorists . Major Raman Yadav in an audacious offensive action entered the orchard . Displaying skilfui battle and field craft, the officer crawled fifty metes, closed in and eliminated a hardcore foreign terrorist in the face of heavy grenade lobbing. On seeing another terrorist firing fiercely on own troops , the officer , advanced ahead braving heavy automatic fire and killed another terrorist, at point blank range with absolute disregard to personal security. The officer further assisted in elimination of one more terrorist by Capt Vinay Kumar Sharma by giving unremitting covering fire and outflanking the terrorist.
Major Raman Yadav displayed unflinching selfless devotion to duty, gutsy offensive action and exceptional mental mobility for success of the operation .
9. GS - 174436P DRIVER MECHANICAL TRANSPORT GRADE- II SURINDER PAL, BORDER ROADS ORGANISATION ( POSTHUMOUS)
[Effective date of the award: 26 May , 2008 ] On 26 May 2008 , Driver Mechanical Transport Surinder Pai collected rations from 529 Stores Supply and Transport Company (GREF) and moved for 64 RCC. Some BRO personnel were also travelling in the same vehicle. These units are located in Meghalaya which is infested with the various out fits of terrorists and insurgents.
At 1440 hrs near Kilometer 31.00 on National Highway -62, a Red Tata Sumo which was driven by militants was waiting . They managed to stop and over powered the driver of BKO vehicle . In the process of over powering militants opened fire and a bullet hit DVR MT Surinder Pal in the chest. This caused seriously injuries . Despite being injured , DVR MT Surinder Pal showed his presence of mind and changed the gear to Neutral , applied brakes and stopped the vehicle . Immediately after this he collapsesi on the steering wheel of vehicle and succumbed to injuries.
DVR MT Surinder Pal exhibited conspicuous bravery and presence of mind which not only saved the lives of fellow colleagues but also prevented the loss of Govt stores and vehicle , which other wise would have fallen in the valley.
401 THE GAZETTE OF INDIA, MARCH 21 , 2009 (PHALGUNA 30, 1930)
PART I-SEC . 1 ]
Driver Mechanical Transport Grade-II Surinder Pal , thus , made supreme sacrifice in the course of discharging of his duties.
10. GROUP CAPTAIN SURYAKANT CHINTAMAN CHAFEKAR ( 17013 ) FLYING (PILOT)
[Effective date of the award: 31 May, 2008] On 31 May 08, Group Captain Suryakant Chintaman Chafekar was detailed to undertake the first ever trial landing to Daulat Beg Oldie (DBO ) Advance Landing Ground (ALG) by an An-32 aircraft.
DBO ALG is located at an altitude of 16,200 feet above mean sea level in a bowl in the Himalayas and is the highest airstrip in the world. Since induction of An-32 aircraft, different specialist groups of Indian Air Force and Indian Army were tasked to study the feasibility of landing at DBO by An- 32 aircraft. Without exception , all these groups opined that landing at DBO by An-32 is not feasible for various reasons. Group Captain SC Chafekar, after a ground reccee of the strip, took initiative to propose a landing by An- 32 aircraft to showcase the Indian Air Force, generate confidence among the aircrew and most of all as a morale booster for the ground forces in Aksai Chin area. He readily volunteered to undertake the arduous task of operating the aircraft beyond the flight envelope envisaged by the manufacturer despite several adversities like inclement weather , inhospitable terrain and proximity to line of actual control. The mission with negligible margin for errors was executed in the most professional and commendable manner which speaks volumes of his unflinching courage . He displayed indefatigable spirit and single minded purpose in motivating the squadron aircrew to undertake this 'seemingly impossible task.
Group Captain Suryakant Chintaman Chafekar displayed conspicuous courage in one of the most challenging missions ever undertaken by An-32 aircraft, which will further enhance the operational capability of Indian Air Force in years to come .
11. IC-65357 MAJOR VIJAYANAT CHAUHAN, SENA MEDAL ARMY SERVICE CORPS / 57 RASHTRIYA RIFLES
[Effective date of the award: 02 June, 2008] On 02 June 2008, based on hard intelligence about presence of two hardcore foreign terrorists in a village in Jammu and Kashmir , Major Vijayanat Chauhan laid a cordon with lightning speed around the suspected house. During the search of the house a hideout was located in wall. When the second buddy pair removed the planks at entry to hideout he saw one terrorist ready to lob a grenade on search party.
402
THE GAZETTE OL INDIA, MARCH 21 , 2009 ( PHALGUNA 30 , 1930 )
[PART I-SEC. 1 The officer shot the terrorist before he could lob the grenade thereby preventing casualty to own troops . The second terrorist started firing on the search party. The officer without caring for his personal safety closed in to the terrorist and killed him too .
In an act beyond the call of duty , exhibiting rare courage , the officer set a personal example of daring act by killing two hardcore foreign terrorists in a daring act of bravery. In this operation officer has displayed tact for generating sound intelligence and professional execution of mission .
Major Vijyanat Chauhan displayed indomitable courage and outstanding leadership in fighting the terrorists .
12.
SHRI DEV KUMAR, CONSTABLE , GENERAL DUTY CT/GD , INDO - TIBET BORDER POLICE ( POSTHUMOUS)
[Effective date of the award: 05 June , 2008 ] On 5th June 2008, Shri Dev Kumar was deployed as escort for providing security to the convoy of BRO personnel working in the Project Zaranj at Gurguri , Afghanistan engaged in road construction work in war torn Afghanistan .
Shri Dev Kumar came out of his escort vehicle when the convoy of BRO was about to reach the main road with a view to control the traffic for the safe movement of the convoy. Suddenly , he observed a Corolla car approaching speedily towards the convoy. He signalled the vehicle to stop but it did not stop . He fired 3 rounds on the vehicle . The driver of the vehicle (a suicide bomber) got confused by this unexpected act of Shri Dev Kumar and detonated the explosive filled vehicle prematurely before reaching the main convoy . Shri Dev Kumar thus managed to save the convoy which comprised 23 personnel . However, he himself got severely injured by the explosion and succumbed to his injuries on the spot.
Shri Dev Kumar displayed exemplary dedication and extraordinary bravery in saving the lives of several BRO/ ITBP personnel and made the supreme sacrifice.
13.
SC -00137 MAJOR RAJINDER KUMAR SHARMA GRENADIERS / 32 ASSAM RIFLES
[Effective date of the award: 07 June , 2008 ] Major Rajinder Kumar Sharma with his dare devil actions has become a legend amongst his troops and in Manipur . He fearlessly leads from the front and epitomizes courage under hostile fire upholding the true traditions of Indian Army.
403 THE GAZETTE OF INDIA , MARCH 21 , 2009 (PHALGUNA 30, 1930)
PART I----SEC . 1 ]
He has created a vivacious intelligence network . On 07 June 2008 he received explicit intelligence that armed terrorists would be coming in a vehicle for extortion. The officer moved with his team and with ingenuity laid an ambush .
On 07 June 2008 at 1930 hours , Maj RK Sharma saw a silver coloured van and he immediately came onto the road and signalled the vehicle to stop . However, terrorists in vehicle tried to overrun him . He came in front of the vehicle, fired and prevented them from escaping.
The terrorists dismounted while firing with automatic weapons and he miraculously missed certain death, but charged onto them and personally gunned down one terrorist who was firing with a carbine . The remaining terrorist escaped while firing with their AK and pistols into the thick undergrowth .
Maj RK Sharma immediately ordered his sub teams to redeploy and cordoned off the area. The terrorists in an attempt to escape fired overwhelmingly on the team and threw grenades to deter the brave warriors.
Maj RK Sharma alongwith Havildar Vinay and SI Achouba formed a sub team and entered the thick undergrowth to search the area but were immediately pinned down by accurate firing by the terrorists .
Showing courage beyond call of duty, Major RK Sharma directed his sub team to give him covering fire . He unhesitatingly got up and though facing certain death , single handedly charged onto the well entrenched terrorist and from close quarters shot dead two more terrorists in a hail of bullet.
Major Rajinder Kumar Sharma displayed inspirational leadership , establishment of vibrant intelligence network, raw courage in eliminating three hardcore terrorists .
14.
IC-59235 MAJOR AMIT SLATHIA
11 BRIGADE OF THE GUARDS
[Effective date of the award: 10 June , 2008 ] Major Amit Slathia systematically and relentlessly developed intelligence network around hardcore terrorists who were involved in brutal killings of Hindi speaking people and Police personnel, sabotage and extortion in Upper Assam..
On 10 June 2008 reliable information was received regarding presence of a hardcore terrorist alongwith 3-4 armed cadres in a village in District Dibrugarh (Assam) . The source refused to accompany for fear of being detected . The officer 23-501 GI /08 404
THE GAZETTE OF INDIA, MARCH 21 , 2009 ( PHALGUNA 30 1930 )
[PART1 SEC. 1 with intimate knowledge of terrain planned a meticulous operation and approached target area concealed in tea garden vehicle . As strike team reached suspected house terrorists opened indiscriminate fire on him at close range . Undeterred , displaying nerves of steel and indomitabie courage the officer retaliated with effective fire , closed on the terrorists amidst volley of bullets and single handedly shot dead the dreaded terrorist in a fierce encounter .
At 1750 hours Subedar Sawar's party engaged terrorists from North, on being trapped terrorists tried to break contact. Major Amit and buddy Havildar Surender Nath Pandey with utter disregard to their personal safety moved to support other party under effective fire . Taking advantage of darkness a terrorist started to flee , the officer with his buddy displaying rare courage and determination chased him for 300 meters, adapting to darkness and engaging terrorist by aiming at the flash of barrel of terrorist's gun . He closed and shot dead a Self Styled Corporal . The operation resulted in elimination of three top leaders and recovery of three AK 47/56 Rifles and huge haul of arms and ammunition .
Major Amit Slathia displayed raw courage , andaunted bravery beyond the call of duty and decimating terrorist leadership in Upper Assam .
15. GO-3423Y ASSISTANT EXECUTIVE ENGINEER ( CIVIL ) , SANTOSH KUMAR SINGH , BORDER ROADS ORGANISATION ( POSTHUMOUS)
[Effective date of the award : 13 June , 2008] Assistant Executive Engineer ( Civil ) Santosh Kumar Singh who was an IIT graduate, was the Officer-In- Charge of 170 Formation Cutting Platoon under 118 Road Construction Company. He was member of the team responsible for the road Construction from Kishtwar - Sinthan Pass to National Highway 1A. This is also alternate axis to connect the Kashmir Valley from the rest of the country as at present only one axis NHIÀ connects the Kashmir Valley . Time bound completion of the road would also facilitate the Defence preparedness and economic development of the state.
Despite all the dangers of the high intensity insurgency , the brave and bold personnel of Border Road Organization operate in these difficult areas and are constructing the road infrastructures unarmed and without any protection. On 13 Jun 2008 AEE ( Civ) Santosh Kumar Singh accompanied LA Col Ajay Varma the Officer Commanding 118 RCC to the Sinthan Top on road Kishtwar - Sinthan- Arantnag, for the inspection of works and deployment of resources.
405 THE GAZETTE OF INDIA , MARCH 21 , 2009 ( PHALGUNA 30, 1930)
PART I-SEC. 1 ]
On completion of road inspection duty, while returning back he was ambushed at Km 59.00 by the militants who opened indiscriminate firing on him and injuring him grievously. The officer succumbed to his injuries later on .
Assistant Executive Engineer (Civil) Satnosh Kumar Singh displayed very high degree of courage , devotion dedication and technical skill while carrying out his duties in the insurgency area and made a supreme sacrifice for the nation .
16 GS-168545L DRIVER MECHANICAL TRANSPORT GRADE- IL, JAIKRIT SINGH RAWAT, BORDER ROADS ORGANISATION (POSTHUMOUS)
[Effective date of the award: 13 June, 2008] Driver Mechanical Transport Gde II Jaikrit Singh Rawat was deployed as Driver Mechanical Transport in 118 Road Construction Company sector . This Road Construction Company is responsible for the prestigious project of construction of Road Kishtwar - Sinthan Pass to National Highway double lane specification. Being an alternate axis to connect the Kashmir Valley, the road assumes greater significance as presently only one axis NH1A connects the Kashmir Valley with the rest of the country . The time bound completion of the road will facilitate the Defence preparedness and economic development of the state.
On 13 Jun 2008, Dvr MT Gde II Jaikrit Singh Rawat accompanied the Lt Col Ajay Verma, Officer Commanding 118 RCC to Sinthan Top on road Kishtwa Sinthan-Anantnag (KSA), for the road inspection of work and deployment of resources. After completion of road inspection, while returning back, their vehicle was ambushed at Km 59 by the militants who opened indiscriminate firing on him and injured him grievously . MT DVR Gde II Jaikrit Singh Rawat succumbed to injuries later. Dvr MT Gde II Jaikrit Singh Rawat was a willing and skilled driver who drove vehicles at odds hours in difficult mountainous terrain in the intensive insurgency prone area without any fear.
Driver Mechanical Transport Grade- II Jaikrit Singh Rawat displayed courage , determination and remarkable devotion to duty in difficult mountainous terrain highly infested with the terrorists and made the supreme sacrifice .
17.
IC-67186 CAPTAIN ANIL DHIMAN REGIMENT OF ARTILLERY / 268 FIELD REGIMENT
[Effective date of the award: 15 June , 2008 ] On 15 June 2008, Captain Anil Dhiman, received information of terrorists presence in a village in Sibsagar District (Assam). Leading from the front, he homed 406
THE GAZETTE OF INDIA , MARCH 21 , 2009 ( PHALGUNA 30. 1930 )
[PART1 -SEC. 1 on to the target location using guile in tactical operations , wading through nala in spate and crawling through thick undergrowth , surprised the terrorists and prevented their get away .
While establishing close cordon , his troops came under heavy fire . Undeterred, the officer closed on to the target house and readjusted the stops to block escape routes . Displaying indomitable courage , the officer crawled to the house entrance even as two terrorists rushed out firing indiscriminately. Seeing them fleeing, the officer fired and killed one terrorist on the spot, while the second terrorist ran towards grove firing from AK- 56 rifle . With utter disregard to personal safety , the officer chased the terrorist amidst volley of fire and shot him dead.
Operation resulted in elimination of four hardcore terrorists and huge recovery of arms and ammunition . Captain Anil Dhiman displayed inspiring leadership , dogged determination and sound intelligence collection acumen in fighting the terrorists.
18.
JC - 520181 SUBEDAR DHIAN SINGH DOGRA REGIMENT / 20 RASHTRIYA RIFLES ( POSTHUMOUS )
[Effective date of the award: 29 June, 2008] On 29 June 2008 at 1715 hours , on detecting an infiltrating terrorist group , Subedar Dhian Singh alongwith three jawans rushed to occupy a crucial position to block their escape. At 0100 hours on 30 June, in extremely hostile weather and dense fog he maneuvered forward to challenge a group of six escaping terrorists . The terrorists responded with a heavy volume of automatic fire. Despite grave threat to personal life , he broke cover to close in and kill one terrorist during an intense exchange of fire during which he received a bullet injury and fell down a steep slope . Inspite of profuse bleeding and grievous wounds, he continued to engage the terrorists at very close range for over an hour in total darkness and crawled forward to kill a second terrorist before succumbing to his injuries . His courageous and selfless action caused the terrorists to panic and prevented their escape . This resulted in subsequent elimination of the entire group of 12 terrorists .
Subedar Dhian Singh displayed conspicuous bravery and unparalleled valour and made the supreme sacrifice while fighting the terrorists .
407 PART I--SEC . 1 ]
THE GAZETTE OF INDIA , MARCH 21 , 2009 ( PHALGUNA 30, 1930)
19. GS- 172264M SUPERINTENDENT BUILDING & ROAD GRADE- I M SUNDARAM , BORDER ROADS ORGANISATION (POSTHUMOUS)
[Effective date of the award: 02 July, 2008) On 2nd July 2008 a very heavy land slide had occurred on Tawaghat Ghatiabagarh Road resulting in 20 meter of a near vertical & unstable wall with mud and large boulder sliding down .
Supdt BR - I M Sundaram was detailed to clear and open the road . Supervisor started the road opening operation which was a daunting task along with his team and machinery. After some time a fresh slide started again and stone also started falling from hill side . However undeterred by land slide and boulders supervisor and party continued road clearance operation. How ever after some time intensity of shooting stones increased . Supervisor M Sundaram with his presence of mind and without caring for his personal safety, alerted and warned his men and got them out of the danger zone . As he was to leave last in the process , one shooting stone hit the Supdt BR- 1 Sundaram on the head , by which he lost his balance and fall in a valley side 60 meters deep , where he died instantaneously.
Supdt BR- I M Sundaram displayed extraordinary courage and valour in adverse circumstances and made the supreme sacrifice while trying to save the lives offellow workers.
20.
2998941 LANCE NAIK BANAI SINGH GURJAR
22 RAJPUT REGIMENT
[Effective date of the award: 28 July, 2008] On 28 July 2008, Lance Naik Banai Singh Gurjar was deployed at the observation post of Atma Company of 22 RAJPUT, when he observed enemy personnel walking across the Line of Control (LoC) into own territory with a white flag and later deceitfully attempting to shoot at and overpower our patrol located close to the LoC . Lance Naik Banai Singh moved swiftly from the observation post to occupy a firing position and came under intense fire as the enemy targeted our patrol and killed one jawan. Crawling forward, he changed position and brought accurate automatic fire from his light machine gun on to the enemy killing two enemy soldiers including an officer, which broke the spirit of the enemy party. Holding his position, he caused further casualties as the enemy dispersed.
Under intense fire, he then proceeded to assist in extrication of the body of the deceased colleague and helping the Company Commander to move his men to safety.
24-501 G1/08 408
THE GAZE EYE OF INDIA , MARCH 21 , 2009 ( PHALGUNA 30. 1930 )
[PAR: I-SEC . 1 Lance Naik Banai Singh Gurjar displayed valour exceptional tactical sense and commitment to comrades in fighting the terrorists .
21 .
3189649 NAIK SUKHVIR
JAT REGIMENT / 45 RASHTRIYA RIFLES
(Effective date of the award : 22 August, 2008 ] On 22 August 2008 at 0330 hours Naik Sukhvir accompanied his Company Commander , on being informed about the presence of terrorists in the Nao Nar in Kupwara District of Jammu and Kashmir . In a swift move on a harsh and rocky terrain, the team reached the site and divided itself in two groups including the one under Naik Sukhvir to cut off the escape routes .
Naik Sukhvir spotted four terorists taking cover inside a cave . Displaying extraordinary tactical acumen and skilful use of ground he moved closer to the hideout and prevented the escape of terrorist by covering the hideout by fire.
Next morning, two of the four holed up terrorists tried to escape while firing at the team of Naik Sukhvir. Displaying maturity, leadership and tactical acumen Naik Sukhvir killed both the terrorists at an extremely close range . Other two terrorists were neutralised by the troops of 56 RR later .
Naik Sukhvir displayed exceptional courage , determination and leadership in eliminating the terrorists .
22.
3199037 SEPOY SANNY TOMAR
JAT REGIMENT/ 45 RASHTRIYA RIFLES
[Effective date of the award : 22 August , 2008 ] On 22 August 2008 at 0330 hours , Sepoy Sanny Tomar moved with the Quick Reaction Team, on being informed of an encounter with the terrorists in Kupwara district of Jammu and Kashmir. Sepoy Sanny Tomar was the leading man when the team came in contact at 0630 hours. In the ensuing close combat the Commanding Officer lost his life while killing three terrorists .
Throughout the day, one terrorist who had taken up an impregnable cover in a cave, prevented any further move or evacuation of the fatal casualties despite all efforts . On 23 August, 2008 at 0500 hours , Sepoy Sanny Tomar having moved himself through the jagged rocks to a spot just above the holed up terrorist, eliminated him .
409 THE GAZETTE OF INDIA , MARCH 21 , 2009 (PHALGUNA 30, 1930)
PART I-SEC . 1 ]
The physical manoeuvre of Sepoy Sanny Tomar brought him in sight of another terrorist at a distance of about 75 meters above him. Though alone , undeterred , he moved up and eliminated the second terrorist single handedly in a close quarter combat.
Sepoy Sanny Tomar displayed exceptional courage professional acumen and extraordinary commitment in eliminating two foreign terrorists .
23. IC-67664 CAPTAIN RAVINDER SINGH, 11 JAT REGIMENT
[Effective date of the award: 03 September, 2008 ] On 03 September 2008, Captain Ravinder Singh on hearing about the contact with terrorists by Tony Hut, rushed with the team through a known mine field and established a stop in deep nala to prevent terrorists escape towards line of control. On 04 Sep 2008 he was fired upon indiscriminately by a terrorist from an entrenched and advantageous position . Completely disregarding his personal safety he crawled to a flank in treacherous nala in water under heavy fire and charged at the terrorist. In close quarter battle Captain Ravinder Singh shot dead the terrorist. On 05 September 2008, he now out in operation for 72 hrs . In rain and extreme cold weather, he spotted one more terrorist trying to escape. He crawled under covering fire from his party and showing a dare devil's heart and putting his own life at risk eliminated another terrorist at a close range .
Captain Ravinder Singh displayed conspicuous bravery and valour in the face of heavy odds in fighting against the terrorists.
24. IC-67443 CAPTAIN R BALAKARTHIK, 10TH BATTALION THE PARACHUTE REGIMENT ( SPECIAL FORCES)
[Effective date of the award: 25 September , 2008 ] On 25 September 2008 , Captain R Balakarthik was tasked to intercept a group of terrorist at an altitude of 14000 feet in rugged mountainous terrain in General Area LAWANZ .
At approximate 1815 hours , Captain Balakarthik observed a group of terrorist moving. Exploiting the opportunity, he with mere three soldiers rushed towards the terrorists and firefight ensued, in which three terrorists were killed. However, some terrorists using twilight conditions hid behind the boulders . Inspite of being heavily outnumbered on a moonless night in hostile terrain with sub zero temperature , he located one terrorist and killed him .
410
THI. GAZETTE OF INDIA , MARCH 21 , 2009 ( PHALGUNA 30 , 1930 )
PARTI SEC . 1 On 26 September 2008 at approximate 1130 hours , while approaching towards suspected terrorist location, he and his buddy came under fire from behind a boulder . In a lightening reaction , unmindful of his personnel safety displaying bold audacity he pushed his buddy behind a boulder and rushed towards the terrorist killing him at dangerously close range .
Captain R Balakarthik displayed conspicuous bravery, inspiring leadership in difficult rugged high altitude terrain and tactical acumen in fighting the terrorists .
25. IC -65706 CAPTAIN KULDEEP RAJ , 21 JAT REGIMENT
Effective date of the award: 26 September , 2008 ] On 25 September 2008 , Captain Kuldeep Raj received information regarding infiltration of terrorists from Bangladesh , suspected to be moving during night. After quick appreciation and analysis of the received input, he carried out detailed and meticulous planning for laying multiple ambushes on the likely infiltration route .
At around 0315 hours , scouts noticed the movement of a group of people and alerted the ambush parties . On being challenged, the terrorists lobbed a grenade on ambush party and started firing indiscriminately in an attempt to escape towards nearby down slope . Captain Kuldeep Raj , immediately ordered for retaliatory fire to pin down the fleeing terrorists . During the ensuing firefight, Captain Kuldeep Raj received a bullet shot at his chest but remained unscathed due to his bulletproof jacket. With utter disregard to own personal safety, he dashed ahead and killed two terrorists single handedly in a close fire fight . He then saw a terrorist fleeing through the paddy fields . He immediately rushed down slope and chased the fleeing terrorist in the waterlogged paddy fields , the terrorist lobbed a grenade but Captain Kuldeep Raj with his tactical skills fired and injured the fleeing terrorist. He took control of the situation and carried out quick appreciation to coordinate detailed search of the area. During the search seven dead bodies of terrorists were recovered alongwith huge quantity of arms , ammunition , explosives, warlike stores and other documents .
Captain Kuldeep Raj displayed conspicuous gallantry , meticulous planning , methodical execution and inspirational leadership of the highest order in eliminating terrorists.
411 PART I -SEC. 1 ]
THE GAZETTE OF INDIA, MARCH 21 , 2009 ( PHALGUNA 30, 1930)
26.
SS-42418 LIEUTENANT PRASHANT SIWACH 10TH BATTALION THE PARACHUTE REGIMENT ( SPECIAL FORCES)
[Effective date of the award: 26 September , 2008 ] .
Lieutenant Prashant Siwach was the Troop Commander on 26 September 2008 when he was tasked to reinforce another troop which was deployed to contain the terrorist in a boulder ridden mountainous cave, at an altitude of 14000 feet.
Displaying mental strength Lieutenant Siwach directly climbed this altitude without any acclimatization to support his comrades . Quickly judging the situation he alongwith his buddy rushed towards the location of hiding terrorist from where the terrorists were firing intermittently. Unmindful of his own safety, he located and approached the terrorist with stealth and shot dead one terrorist at close range . However, on hearing his comrade being shot , the other terrorist hiding nearby threw a grenade towards Lieutenant Siwach and his buddy and started firing.
Notwithstanding the danger to his own life, in a display of bravery and dynamic leadership shouted towards his buddy to take cover, simultaneously firing at second terrorist killing him .
Lieutenant Prashant Siwach displayed conspicuous bravery, camaraderie, outstanding leadership under fire and harsh climatic and terrain condition while fighting against the terrorists .
27.
4184821 HAVILDAR TRIBHAWAN SINGH 10TH BATTALION THE PARACHUTE REGIMENT ( SPECIAL FORCES)
[Effective date of the award: 29 September , 2008 ] | Havildar Tribhawan Singh played pivotal role in locating telltale marks and led as scout, right through the move and reached high altitude terrain to establish contact with a terrorist group .
On 29 September 2008 , one of the terrorist's was firing hidden somewhere in boulders, hampering the advance of own troops towards cave . Havildar Tribhawan volunteered for this dangerous mission to clear the route . Displaying excellent field craft and firing skills he closed on with the terrorist. Displaying camaraderie of exception order , attracted attention of terrorist towards himself simultaneously firing and killing him.
However after this, Havildar Tribhawan came under heavy fire from the cave area. Undeterred, acting with steel nerve, he retaliated, firing at them killing one more terrorist near the cave .
25-501 GI/08 412
[PART I -SEC . 1 THE GAZE ITL OF INDIA, MARCH 21 , 2009 ( PHALGUNA 30. 1930)
Havildar Tribhawan Singh displayed conspicuous gallantry , unmindful of personal safety , robust determination under dangerously hazardous conditions in fighting the terrorists .
28.
IC-63425 CAPTAIN AMITENDRA KUMAR SINGH REGIMENT OF ARTILLERY / 51 SPECIAL ACTION GROUP
Effective date of the award: 27 November , 2008 ] On 27 November 2008, Captain Amitendra Kumar Singh , was tasked to locate and eliminate terrorists from Hotel Oberoi, Mumbai , where terrorists had already killed approximately 34 civilians .
The officer led his team , which rescued 39 foreign and Indian nationals, in the hour of total darkness . While carrying out Intervention in the suspected rooms , his team drew fierce fire from the terrorists. With utter disregard to personal safety , he kept moving towards the entrance of the target room.
He immediately deployed his team to plug all the escape routes and started closing in with the terrorists . Seeing him advance towards them, the terrorists lobbed grenades and kept firing at his team. Undeterred the officer kept moving forward using fire and move tactics till he was hit by a splinter of the grenade , injuring his left eye . Despite the grievous injury, the officer continued to bring down effective fire on the terrorists and led his team till he became unconscious .
Captain Amitendra Kumar Singh displayed exceptional leadership , indomitable spirit, conspicuous bravery and dedication towards duty in fighting the terrorists.
29.
2601184 ΝΑIK MANESH PV MADRAS REGIMENT / 51 SPECIAL ACTION GROUP
[Effective date of the award: 27 November , 2008 ] On 27 November 2008 , Naik PV Manesh , was part of the team , tasked to locate and eliminate terrorists from Hotel Oberoi , Mumbai where terrorists had already killed approximately 34 civilians .
Naik Manesh voluntarily led his team which rescued 39 foreign and Indian nationals . He conducted the entire rescue operation in total darkness . While carrying out Intervention Operation in the suspected room, his team drew fierce fire from the terrorists, undeterred and with utter disregard to personal safety he kept firing towards the entrance of the target room .
413 THEGAZETTE OF INDIA, MARCH 21 , 2009 (PHALGUNA 30 , 1930)
PART I-SEC . 1 ]
Immediately, he led and guided his Squad to plug the escape routes and started closing in with the door under cover fire. The terrorists opened fire and lobbed grenades at the Squad in which Nk Manesh got splinter injury in his skull and started bleeding profusely . He refused to be evacuated, kept engaging the terrorists and stormed inside the target room. During the fierce fire fight Naik Manesh killed one of the terrorists a close range, before losing consciousness due to loss ofblood.
Naik PV Manesh displayed exemplary bravery, undaunted valour , resolute determination and dedication towards the mission beyond the call of duty in fighting the terrorists .
PRAVEEN KUMAR, SEA I CD II, (132949 -H)
30.
[Effective date of the award: 27 November, 2008 ] Praveen Kumar , a MARCOS sailor was part of the team which carried out counter terrorist operation at Hotel Taj on 27 November 2008.
At around 0230 hours on 27 November 2008, the MARCOS quick reaction team was involved in counter terrorist operation at Hotel Taj at Colaba. Praveen Kumar being the point man of the team tactically led the group towards the holed up terrorist who were engaged in a killing spree .
On the basis of an input from hotel staff, the MARCOS team quickly reached the chamber hall wherein approximately 150 hostages had taken refuge . Praveen Kumar quickly appreciated the gravity of the situation wherein any delay towards neutralizing the terrorist would have endangered the lives of the hostages . Praveen Kumar made an entry into the adjoining room which was unlit. The terrorist hiding inside the room resorted to firing of automatic weapons . In the ensuing firefight Praveen Kumar displayed extreme alertness and nerves of steel and despite being injured with gun shot wounds continued firing at the terrorists. Praveen's smart reflexes and effective fire unnerved the terrorists who ran way from an exit to a room on the upper floor leaving behind their rucksack containing varied ordnance items . The exit of the terrorists essentially prevented them from entering the adjoining hall where around 150 hotel guests were held up who were then conducted to safety by the MARCOS team.
Praveen Kumar displayed exceptional courage and initiative in the face of great danger in fighting the terrorists .
BARUN MITRA JointSecy.
414
THE GAZETTE OF INDIA. MARCH 21 , 2009 ( PHALGUNA 30 , 1930 )
[PART I-SEC. 1
Representative of Voluntary Hindi Organisation.
MINISTRY OF PERSONNEL, PUBLIK GRIEVANCES & PENSIONS
Member
7. Sh . Radhavallabh Sharma ,
( DEPARTMENT OF ADMINISTRATIVE RELIORMS & PUBLICGRIEVANCES
New Delhi , the 4th March 20
Akhil Bhartiya Hindi Sanstha Sangh , House No. 41 296 , Road No. 11 , Rajinder Nagar , Patna - 800016 ( Bihar ) .
RESOLUTION
Representative of Kendriya Sachivalaya Hindi Parishad
Member
8. Dr. Mahesh ChandraGupt.
House No. 316 , SectorA. Pocket- C , Vasant Kunj . New Delhi - 110070 .
No. K - 11022 26-2007 - AR The President is pleased to extend the term of the second Administrative Reforms Commission ( ARC ) by one month upte 30.4.2009 for submission of its Reportsto the Government .
Non- Official Members nominatedby the Ministry of Agriculture
DHRUV VIDATSINGH Additional Secretary
9. Sh . Ravinder Kalia .
Member MINISTRY OF AGRICULTURE
( DEPARTMENT OF AGRICULTURE & COOPERATION )
Direcotor, Bhartiya Gyanpeeth . 18A , Institutional Area . Lodhi Road , New Delhi -110003 .
New Deini , the 27th February 2009
RESOLUTION
Member
10. Ms. Vandana Mishra . 8/2, Daali Bagh Colony. Lucknow- 226001
Member
11. Sh . Akhilesh, 18/201 , Indira Nagar, Lucknow.
Member No. 2-6.2008 Hindi Neeti In supersession of the Department of Agriculture & Cooperation . Resolution No. 2- 36/2003 -Hindi Neeti dated 6th May . 2005 , it has beendecided to reconstitute the Joint Hindi Salahkar Samiti of the Department of Agriculture and Cooperation . Department of Agricultural Research and Education and the Department of animal Husbandary. Dairying and Fisheries under the Ministry ofAgriculture:
12. Dr. Shribhagwan Singh , 164, Hanumanpath Tilkamanjhi , Bhagalpur- 812001
The composition of the Samiti will be as forlows-
Non-Official Members nominated by the Department of Official Language . Ministry of HomeAffairs.
Union Minister of Agriculture .
Churman
Member
Vice-Chairman
Minister of State for Agriculture .
Members of Parliament nominated by the Ministry of Parliamentary Affairs
13. Prof. Ramdev Bhandari . Vill . P.O. Jhanjhaarpur . Distt. -Madhubani - 847404 Bihar.
Member
Member 1. Sh . Munshiram . Member of Parliament ( Lok Sabha ) .
Member
2. Sh . Ramjilal Suman, Member of Parliament ( Lok Sabha ) .
14. Dr. Dilip Kumar Choudhary . Vill. P.O. Basaith. P.S. Benipatti Distt. -Madhubani Bihar.
Member
Member 3. Sh . V. K. Hariprasad . Member of Parliament ( Rajya Sabha) .
Member
4. Sh . Narayan Singh Manaklao . Member of Parliament ( Rajya Sabhai
15. Dr. Shakti Kumari . W/ o Dr. Umesh Kumar , Maharajganj . Ward No. 13 Madhubani - 847211 Bihar.
Official Members
Members of Parliament nominated by the tommittee of Parliament or Official Language
Member
Member
16. Secretary Department of Agriculture & Cooperation 5. Sh. Santosh Gangwar. Member ofParliament Lok Sabhai .
Member
Member
6. Sh. Anil Basu . Member of Parliament ( Lok Sabhay .
17. Secretary Department ofAgricultural Research & Education.
PART I-SEC . 1
Member 18. Secretary Department ofAnimal Husbandary, Dairying & Fisheries .
Member 19. Secretary Department ofOfficial Language .
Member 20. Additional Secretary Department ofAgriculture & Cooperation .
1
Member 21. Additional Secretary Department of Agriculture & Cooperation.
Member 22. Additional Secretary Department ofAgriculture & Cooperation.
Member 23. Additional Secretary Department ofAgriculture & Cooperation .
Member 24. Additional Secretary & Financial Adviser , Department ofAgriculture & Cooperation.
Member 25. Agriculture Commissioner, Department ofAgriculture & Cooperation .
Member 26. Horticulture Commissioner, Department ofAgriculture & Cooperation.
Member 27. Joint Secretary (Admn . ) , Department ofAgricultural Research & Education.
Member 28. Joint Secretary (Admn .) , Department ofAnimal Husbandry, Dairying& Fisheries .
Member 29. Joint Secretary, Department of Official Language .
Member 30. Managing Director , National Cooperative Development Corporation, New Delhi .
Member 31. Managing Director, National Seeds Corporation of India, NewDelhi .
Member 32. Managing Director, State Farms Corporation of India, NewDelhi .
Member 33. Joint Secretary (Admn . ) Department ofAgriculture & Cooperation . Secretary Functions of the Samiti:
The function of the Samiti is to render advice in regard to the implementation of policies laid down by the Department ofOfficial Language , Ministry of Home Affairs relating to the use of Hindi for Official purposes and also in regard to the progressive use of Hindi in the Ministry of Agriculture .
TA & DA to Non -Official members :
The Non -Official Members of the Samiti shall be paid Travelling Allowance and Daily Allowance in accordance with
415
THE GAZETTE OF INDIA , MARCH 21 , 2009 ( PHALGUNA 30 , 1930)
the guidelines contained in the Department of Official Language O.M. No. 11/20034/4/86-O.L . ( A-2) dated 22.1.1987 and at the rates prescribed by the Government of India under the rules and as amended from time to time.
Tenure:
The term of the Samiti will be three years from the date of its constitution provided that :-
(a) a member who is a Member of Parliament ceases to be a member of the Samiti as soon as he ceases to be a Member ofParliament .
(b) Ex - officio members of the Samiti shall continue as members as long as they hold the office by virtue of which they are members ofthe Samiti.
(c) If a vacancy arises on the Samiti due to resignation , death etc. ofa member, the member appointed against thatvacancy shall hold office for the residual term out ofthree years.
The headquarters of the Samiti shall be at New Delhi .
ORDER
Ordered that a copy of this Resolution be communicated to the PrimeMinister's Office , Cabinet Secretariat , Ministry of Parliamentary Affairs , Lok Sabha Secretariat , Rajya Sabha Secretariat , Planning Commission , President's Secretariat, Vice- President'sSecretariat, Comptroller & Auditor General of India, Union Public Service Commission , Principal Pay & Accounts Office, Ministry ofAgriculture , all Attached & subrodinate offices and Public Sector Undertakings etc. of the Ministry of Agriculture and all Ministries & Departments of the Government of India .
Ordered also that the resolution be published in the Gazette ofIndia for general information .
UMA GOEL JointSecretary MINISTRY OF URBAN EMPLOYMENT & POVERTY ALLEVIATION
New Delhi , the 27th February 2009
No. N- 11013 /9/2007 -BSUP /IHSDP.- The President is pleased to re - constitute the Central Sanctioning Committee (CSC) in the Ministry of Housing and Urban Poverty Alleviation for the Integrated Housing and Slum Development Programme( IHSDP ) under Jawaharlal Nehru National Urban Renewal Mission ( JNNURM ) for sanctioning of projects submitted by State Governments /UTs , as follows :--
Chairman 1. Secretary, Ministry of Housing and Urban Poverty Alleviation .
2. Secretary, Ministry of Urban Development Member
Member 3. Secretary, Ministry of Finance (Department ofExpenditure) .
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THE GAZETTE OF INDIA , MARCH 21 , 2009 ( PHALGUNA 30 , 1930 )
[PART 1 SEC. 1 ]
Member
Member 4. Principal Adviser (HCD ) . Planning Commission .
10. Chief Planner , Town and Country Planning Organization . Ministry of UD .
Member
Member 5. Secretary , Ministry of Environment and Forests.
11. Adviser, CPHEEO , Ministry of Urban Development .
Member
Member 6. Secretary , Ministry of Social Justice and Empowerment .
12. CMD , Housing and Urban Development Corporation Ltd.
Member
7. Secretary . Ministry of Health and Family Welfare.
Member
Secretary
Member
13. Joint Secretary ( JNNURM ) & Mission Director, Ministry of Housing and Urban PovertyAlleviation .
8. Secretary. Department of School Education & Literacy , Ministry of HRD.
Member
9. Joint Secretary and Financial Adviser . Ministry of UD HUPA ,
VIVEK NANGIA Deputy Secretary
6007
प्रबन्धक भारत सरकार मुद्रणालय , फरीदाबाद द्वारा मुद्रित प्रकाशनयंत्रक दिल्ली द्वारा प्रकाशित, एव
EXINILLERNMENT OF INDIA PRESS , FARIDARAL AND PUBLISHEDPERULLER OF PUBLICATIONS , Dогаллы . 2009