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Chattisgarh Gazette - Extraordinary · Government of Chattisgarh

छत्तीसगढ़ नगर तथा ग्राम निवेश नियम, 2019 संबंधी

Published 26 March 2020

Department
आवास एवं पर्यावरण विभाग
Type
Extraordinary
Gazette no.
173
Notification no.
एफ 7-24/2018/32
Identifier
in.gazette.chhattisgarh.eo.2020-03-26.173
Languages
English, Hindi

छत्तीसगढ़ शासन

पंजीयन क्रमांक "छत्तीसगढ़/दुर्ग/ 09 / 2013-2015. "

B

सत्यमेव जयते

"बिजनेस पोस्ट के अन्तर्गत डाक शुल्क के नगद भुगतान (बिना डाक टिकट) के प्रेषण हेतु अनुमत. क्रमांक जी. 2-22- छत्तीसगढ़ गजट / 38 सि. से. भिलाई. दिनांक 30-05-2001 .

छत्तीसगढ़ राजपत्र

(असाधारण)

प्राधिकार से प्रकाशित

क्रमांक 173 ]

रायपुर , गुरुवार, दिनांक 26 मार्च 2020 -चैत्र6, शक 1942

आवास एवं पर्यावरण विभाग मंत्रालय , महानदी भवन, नवा रायपुर अटल नगर

अटल नगर , दिनांक 25 मार्च 2020

अधिसूचना

क्रमांक एफ 7-24/ 2018/32 . छत्तीसगढ़ नगर तथा ग्राम निवेश नियम, 2019 का निम्नलिखित प्रारूप , जिसे राज्य सरकार, छत्तीसगढ़ नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम, 1973 (क्र. 23 सन् 1973 ) की धारा 85 की उप - धारा (1 ) सहपठित धारा 24 की उप-धारा (3 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए बनाना प्रस्तावित करती है, उक्त अधिनियम की धारा 85 की उप - धारा (1 ) द्वारा अपेक्षित किये गये अनुसार, उन समस्त व्यक्तियों , जिनके कि इससे प्रभावित होने की संभावना है, की जानकारी के लिये एतद्वारा प्रकाशित किया जाता है तथा एतद्वारा सूचित किया जाता है कि उक्त प्रारूप पर इस सूचना के राजपत्र में प्रकाशन की तारीख से तीस दिवस के अवसान के पश्चात् विचार किया जायेगा ।

कोई आपत्ति या सुझाव, जो उक्त प्रारूप के संबंध में किसी व्यक्ति से विनिर्दिष्ट कालावधि के पूर्व, सचिव , छत्तीसगढ़ शासन, आवास एवं पर्यावरण विभाग , कक्ष क्र. एस-2 / 23 , मंत्रालय , महानदी भवन, कैपिटल कॉम्पलेक्स, नवा रायपुर अटल नगर, रायपुर के कार्यालय में, कार्यालयीन समय में प्राप्त हो, पर छत्तीसगढ़ शासन द्वारा विचार किया जायेगा ।

नियम प्रारूप

अध्याय-एक

प्रारंभिक

1. संक्षिप्त नाम.- (1 ) ये नियम छत्तीसगढ़ नगर तथा ग्राम निवेश नियम, 2019 कहलायेंगे । (2) इसका विस्तार सम्पूर्ण छत्तीसगढ़ राज्य में होगा ।

(3) ये राजपत्र में इनके प्रकाशन की तारीख से प्रवृत्त होंगे ।

2. परिभाषाएं. इन नियमों में, जब तक कि संदर्भ से अन्यथा अपेक्षित न हो, -

(क) "अधिनियम" से अभिप्रेत है छत्तीसगढ़ नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम, 1973 (क्र. 23 सन् 1973 ); (ख) "संयोजक" से अभिप्रेत है अधिनियम की धारा 17 - क की उप - धारा (1 ) के खण्ड (झ ) के अधीन नियुक्त अधिकारी;

345 छत्तीसगढ़ राजपत्र, दिनांक 26 मार्च 2020

346

(ग) "प्ररूप " से अभिप्रेत है इन नियमों से संलग्न प्ररूप;

(घ ) " जनसंख्या " से अभिप्रेत है नवीनतम प्रकाशित जनगणना प्रतिवेदन के अनुसार जनसंख्या;

(ङ) "धारा" से अभिप्रेत है छत्तीसगढ़ नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम, 1973 (क्र. 23 सन् 1973) की धारा ।

3. नियमों का लागू होना.- ये नियम यथास्थिति , धारा 4 या 13 या 64 के अधीन गठित प्रादेशिक क्षेत्रों, निवेश क्षेत्रों, विशेष क्षेत्रों को क्रमशः लागू होंगे ।

अध्याय-दो

अधिकारियों के संवर्ग

4. संचालक की सहायता हेतु अधिकारी . - राज्य सरकार , जैसा कि वह उचित समझे , संचालक , नगर तथा ग्राम निवेश की सहायता के लिए समय - समय पर निम्नलिखित अधिकारियों को नियुक्त कर सकेगी-

(क) सहायक संचालक

(ख) उप संचालक

(ग) संयुक्त संचालक

(घ) अपर संचालक और ऐसे अन्य अधिकारी ।

अध्याय -तीन

प्रादेशिक योजना

5. प्रारूप प्रादेशिक योजना के प्रकाशन के लिए सूचना का प्ररूप.- धारा 8 की उप- धारा (1 ) के अधीन तैयार किये गये प्रारूप प्रादेशिक योजना के संबंध में सूचना, प्ररूप - एक में प्रकाशित की जायेगी ।

6. प्रारूप प्रादेशित योजना की सूचना के प्रकाशन की रीति.- इसमें इसके ऊपर नियम 5 के अधीन सूचना निम्नलिखित में प्रकाशित की जायेगी,-

(क) छत्तीसगढ़ राजपत्र; और

(ख) कम से कम ऐसे दो हिन्दी समाचार - पत्रों में , जिनका व्यापक परिचालन उस प्रादेशिक क्षेत्र में हो ।

ऐसी सूचना, नगर तथा ग्राम निवेश , संबंधित संभागीय आयुक्तों एवं कलेक्टर कार्यालयों के सूचना पटल पर, प्रस्तावित प्रारूप प्रादेशित योजना के संबंध में किन्हीं व्यक्तियों से आपत्तियां / सुझाव आमंत्रित करने के लिए भी चस्पा की जायेगी ।

7. सुनवाई का अवसर. - संचालक, विनिर्दिष्ट कालावधि के भीतर प्राप्त समस्त आपत्तियों और सुझावों पर विचार करेगा और सभी हितबद्ध व्यक्तियों को सुनवाई का युक्तियुक्त अवसर देगा । उसके पश्चात्, ऐसे उपांतरणों के साथ , जैसा कि वह आवश्यक समझे , प्रादेशिक योजना तैयार की जायेगी और राज्य सरकार को अनुमोदन हेतु प्रस्तुत की जायेगी । 346(1)

छत्तीसगढ़ राजपत्र , दिनांक 26 मार्च 2020

8. प्रादेशिक योजना के अनुमोदन के लिए सूचना के प्रकाशन की रीति. - धारा 9 की उप- धारा (2 ) के अधीन सूचना प्ररूप - दो में होगी और निम्नलिखित में प्रकाशित की जायेगी, -

(क) छत्तीसगढ़ राजपत्र में; और

(ख) कम से कम ऐसे दो हिन्दी समाचार- पत्रों में, जिनका व्यापक परिचालन उस प्रादेशिक क्षेत्र में हो । ऐसी सूचना , संबंधित नगर तथा ग्राम निवेश विभाग , संभागीय आयुक्तों एवं कलेक्टर कार्यालयों के सूचना पटल पर भी चस्पा की जायेगी ।

9. प्रारूप प्रादेशिक योजना में उपान्तरणों के लिए सूचना. धारा 9 की उप- धारा (2 ) के परन्तुक के अधीन प्रादेशिक योजना प्रारूप में अपेक्षित उपांतरण की सूचना प्ररूप- तीन में राजपत्र में और कम से कम ऐसे दो हिन्दी समाचार- पत्रों में, जिनका व्यापक परिचालन उस प्रादेशिक क्षेत्र में हो, प्रकाशित की जायेगी ।

अध्याय- चार

निवेश क्षेत्र और विकास योजनायें

10. विद्यमान भू- उपयोग नक्शे पर आपत्तियां आमंत्रित करने के लिए सूचना के प्रकाशन की रीति. - धारा 15 की उप - धारा (1 ) के अधीन विद्यमान भू- उपयोग के नक्शे, प्रकाशन की तारीख से 30 दिन की कालावधि के भीतर, आपत्तियों और सुझावों को आमंत्रित करते हुए , प्ररूप - चार में, छत्तीसगढ़ राजपत्र में तथा कम से कम ऐसे दो हिन्दी समाचार- पत्रों में , जिनका व्यापक परिचालन संबंधित क्षेत्र में हो, प्रकाशित किये जायेंगे । विद्यमान भू- उपयोग नक्शे, संबंधित संभागीय आयुक्त/ जिला कलेक्टर , नगर तथा ग्राम निवेश तथा नगरीय स्थानीय प्राधिकारियों के कार्यालय में कार्यालयीन समय के दौरान जन सामान्य के निरीक्षण हेतु उपलब्ध कराये जायेंगे ।

11. विद्यमान भू- उपयोग नक्शों को स्वीकार करने तथा अंतिम प्रकाशन की रीति. धारा 15 की उप-धारा (3 ) के अधीन प्ररूप- पांच में, एक सार्वजनिक सूचना,-

(क) छत्तीसगढ़ राजपत्र में; और

(ख) कम से कम ऐसे दो हिन्दी समाचार पत्रों में, जिनका व्यापक परिचालन निवेश क्षेत्र में हो , प्रकाशित की जायेगी जिसमें सूचित किया जायेगा कि विद्यमान भू- उपयोग नक्शे को संचालक द्वारा स्वीकार कर लिया गया है और वह संबंधित संभागीय आयुक्त, जिला कलेक्टर , नगर तथा ग्राम निवेश एवं नगरीय स्थानीय प्राधिकारियों के कार्यालय में कार्यालयीन समय के दौरान निरीक्षण हेतु उपलब्ध रहेगी ।

12. प्रारूप विकास योजना में जिला योजना समिति अधिनियम, 1995 (क्र.19 सन् 1995 ) के अधीन गठित समिति के साथ समन्वय.- (1 ) संचालक द्वारा अधिनियम की धारा 14 के अधीन विद्यमान भू- उपयोग के नक्शे के स्वीकार किये जाने के पश्चात्, इन नियमों के प्ररूप - छः में जिला योजना समिति अधिनियम, 1995 (क्र. 19 सन् 1995 ) के अधीन गठित समिति को प्रारूप योजना में , यदि उनकी कोई योजना हो तो, सम्मिलित करने हेतु उपलब्ध कराने के लिए, स्वीकृत किये गये वर्तमान भू- उपयोग नक्शे की प्रति समिति के संयोजक द्वारा प्रेषित किया जायेगा । छत्तीसगढ़ राजपत्र , दिनांक 26 मार्च 2020

346(2)

13. धारा 17 - क के अधीन गठित समिति के कृत्य (1 ) राज्य सरकार, धारा 17 -क की उप - धारा ( 1 ) के अधीन एक समिति का गठन करेगी , जो संचालक द्वारा धारा 14 के अधीन तैयार की गई प्रारूप विकास योजना पर विचार करेगी और उसमें उपांतरणों और परिवर्तनों का सुझाव देगी तथा प्रकाशित प्रारूप विकास योजना के संबंध में प्राप्त आपत्तियों / सुझावों पर सुनवाई करेगी ।

(2) समिति का संयोजक, समिति की अनुशंसा के साथ , सम्यक् परिवर्तन सहित धारा 17 -क के अनुसार उपांतरणों एवं परिवर्तनों को अभिलिखित कर संचालक को प्रस्तुत करेगा तथा संचालक, प्रारूप विकास योजना का प्रकाशन करेगा ।

(3) प्राप्त आपत्तियां अभिलिखित करने एवं समिति के सम्मिलिनों का संचालन करने तथा प्रारूप योजना में उपांतरणों या परिवर्तनों के संबंध में समिति की अनुशंसा प्राप्त करने की रीति निम्नानुसार होगीः-

(क) समिति का संयोजक, प्रारूप योजना के छत्तीसगढ़ राजपत्र में प्रकाशन के 30 दिवस के भीतर, प्राप्त समस्त आपत्तियों तथा सुझावों को , विहित प्ररूप - सात में संकलित करेगा । ऐसी आपत्तियां या सुझाव, जो एक समान प्रकृति के हो , यथासंभव एक ही समूह में अभिलिखित किये जायेंगे ;

(ख) संयोजक, ऐसे व्यक्तियों के नाम अभिलिखित करेगा , जिनके द्वारा प्ररूप - सात में प्रारूप योजना के प्रकाशन के 30 दिवस के भीतर अपनी आपत्तियां प्रस्तुत की गई हैं तथा संयोजक, प्रस्तुत आपत्तियों का संक्षिप्त विवरण भी तैयार करेगा;

(ग ) उपर्युक्त खण्ड ( क) में उल्लिखित प्ररूप - सात में तैयार किये गये अभिलेख , प्रारूप विकास योजना के प्रकाशन होने की तारीख से 30 दिवस की कालावधि के अवसान होने से पन्द्रह दिन के भीतर संकलित किये जायेंगे;

(घ) संयोजक, प्रकाशित प्रारूप विकास योजना का संक्षिप्त विवरण तथा प्राप्त और अभिलिखित की गई आपत्तियों तथा सुझावों को प्रस्तुत करेगा । वह प्रारूप विकास योजना के नक्शे पर आपत्तियों तथा सुझावों के स्थान को दर्शित करेगा;

(ङ) संयोजक, समिति के सम्मिलन में उपस्थित सदस्यों से परामर्श पश्चात् सम्मिलन के दौरान प्रत्येक आपत्ति / सुझाव पर समिति का मत अंकित करेगा । समिति का संयोजक यह सुनिश्चित करेगा कि प्रारूप योजना के प्रकाशन के दिनांक से 90 दिवस के भीतर सुनवाई पूरी हो जाये;

(च) समिति के सदस्य को सम्मिलन में, उसकी ओर से उपस्थित होने के लिए प्रतिनिधि नामनिर्देशित करने के लिए अनुज्ञात नहीं किया जायेगा । सदस्य से भिन्न किसी व्यक्ति को सम्मिलन की कार्यवाही में उपस्थित होने के लिये अनुज्ञात नहीं किया जायेगा । तथापि संयोजक, ऐसे अन्य पदाधिकारियों को उपस्थित बने रहने की अनुमति दे सकेगा जिन्हें कि वह अपनी सहायता के लिए आवश्यक समझे;

(छ) ऐसे प्रत्येक व्यक्ति को, जिसका नाम प्ररूप - सात में तैयार की गई अभिलेख में सम्मिलित किया गया है, संयोजक द्वारा प्ररूप - आठ में ऐसी सुनवाई हेतु 346(3)

छत्तीसगढ़ राजपत्र, दिनांक 26 मार्च 2020

निर्धारित दिनांक से कम से कम 7 दिवस पूर्व, लिखित में सूचना जारी की जायेगी;

(ज) संयोजक, सुनवाई में उपस्थित सदस्यों के हस्ताक्षर अभिप्राप्त करेगा । सदस्य द्वारा हस्ताक्षर नहीं करने की दशा में, संयोजक, रजिस्टर में इस बात की प्रविष्टि करेगा;

(झ) समिति की कार्यवाही , उसके सम्मिलन के लिए नियत समय पर शुरू होगी और उसके लिए कोई गणपूर्ति अपेक्षित नहीं होगी । उन व्यक्तियों को, जिन्हें समिति के समक्ष उपस्थित होने के लिए सूचना जारी की गई है, पृथक- पृथक या समूह में, जैसा कि संयोजक द्वारा विनिश्चित किया जाये , बुलाया जा सकेगा;

(ञ) किसी व्यक्ति से, जो समिति के समक्ष सुनवाई के लिए उपसंजात होता है, उपस्थिति रजिस्टर पर हस्ताक्षर करने की अपेक्षा की जायेगी और यदि वह ऐसा करने से इंकार करता है तो संयोजक इस प्रकार इंकार किये जाने को रजिस्टर में अभिलिखित करेगा । ऐसा व्यक्ति स्वयं या उसके द्वारा लिखित में प्राधिकृत प्रतिनिधि के माध्यम से उपसंजात हो सकेगा;

(ट) संयोजक , किसी नये तथ्य का, जो सुनवाई के दौरान उठाया जायें, संक्षिप्त विवरण तैयार करेगा । सुनवाई के दौरान प्रस्तुत दस्तावेज, यदि कोई हो, को भी अभिलिखित किया जायेगा । ये अभिलेख प्ररूप - नौ में तैयार किये जायेंगे ;

(ठ) समिति , प्राप्त आपत्तियों पर अनुशंसायें देने के अतिरिक्त, प्रारूप विकास योजना के संबंध में उपांतरणों या परिवर्तनों के संबंध में अपने स्वयं के सुझाव भी दे सकेगी । केवल ऐसे सुझावों को अभिलिखित किया जायेगा, जिसे उपस्थित सदस्यों के बहुमत तथा वोटिंग द्वारा अनुमोदित किया जाये; और

(ड) संयोजक , आपत्तियों और / या सुझावों की अवस्थिति को दर्शित करते हुए नक्शों की सॉफ्ट प्रतियों सहित, समिति की अनुशंसाओं को सम्यक् रूप से हस्ताक्षरित प्रतिवेदन सहित , तीन प्रतियों में, संचालक को इस प्रकार प्रस्तुत करेगा, ताकि वे प्रारूप विकास योजना के प्रकाशन की तारीख से छः माह (180 दिवस) के भीतर उस तक पहुंच जाये ।

14. प्रारूप विकास योजना के प्रकाशन की रीति.- (1 ) धारा 18 की उप- धारा (1 ) के अधीन प्रारूप विकास योजना , प्ररूप - दस में एक सूचना के साथ , उक्त प्रारूप योजना पर आपत्तियां और सुझाव आमंत्रित करते हुए , ऐसी सूचना के प्रकाशन की तारीख से 30 दिवस के भीतर, -

(क) छत्तीसगढ़ राजपत्र में; और

(ख) संबंधित क्षेत्र में व्यापक परिचालन वाले कम से कम दो हिन्दी समाचार पत्रों में,

यह कथन करते हुए कि प्रारूप विकास योजना धारा 14 के अधीन तैयार की गई है और वह संबंधित संभागीय आयुक्त, जिला कलेक्टर, नगर तथा ग्राम निवेश तथा नगरीय स्थानीय प्राधिकारियों के कार्यालयों में कार्यालयीन समय के दौरान जनसामान्य के निरीक्षण हेतु उपलब्ध है । छत्तीसगढ़ राजपत्र, दिनांक 26 मार्च 2020

346(4)

(2) समिति से प्रारूप विकास योजना तथा अन्य दस्तावेजों की प्राप्ति के पश्चात्, संचालक , समस्त दस्तावेजों एवं नक्शों को 90 दिवस की कालावधि के भीतर अपनी अनुशंसाओं सहित राज्य सरकार को प्रस्तुत करेगा ।

15. अनुमोदित विकास योजना के प्रकाशन की रीति. - धारा 19 की उप - धारा (4 ) के अधीन , प्ररूप - ग्यारह में , एक सार्वजनिक सूचना, -

(क) छत्तीसगढ़ राजपत्र में; और

(ख) योजना क्षेत्र में व्यापक परिचालन वाले कम से कम दो हिन्दी समाचार पत्रों में , यह सूचित करते हुए कि विकास योजना , राज्य सरकार द्वारा अनुमोदित कर दी गई है और वह संबंधित संभागीय आयुक्त, जिला कलेक्टर , नगर तथा ग्राम निवेश तथा नगरीय स्थानीय प्राधिकारियों के कार्यालयों में कार्यालयीन समय के दौरान जनसामान्य के निरीक्षण हेतु उपलब्ध रहेगी ।

16. विकास योजना में उपांतरण. - (1 ) धारा 23 - क की उप - धारा (1 ) के खण्ड (ख ) के अधीन विकास योजना में उपांतरण हेतु आवेदन, प्ररूप - बारह में, राज्य सरकार को किया जायेगा । ऐसा आवेदन केवल भू- स्वामी द्वारा किया जायेगा । जहां आवेदित भूमि संयुक्त रूप से धारित हो , वहां आवेदन किसी एक भू- स्वामी द्वारा प्रस्तुत किया जा सकेगा और साथ ही आवेदक को अधिकृत करने वाले सभी अन्य सह - भूस्वामियों के शपथ - पत्र, संलग्न किये जायेंगे ।

(2) उपर्युक्त उप - नियम (1 ) के अधीन प्रस्तुत किये गये प्रत्येक आवेदन को प्ररूप - बारह में उल्लिखित दस्तावेजों की तीन प्रतियों के साथ संलग्न किया जायेगा तथा रूपये 5,000 / - प्रति हेक्टेयर भूमि या उसके भाग का आवेदन शुल्क भी नगर तथा ग्राम निवेश के नगरीय विकास योजना के मुख्य शीर्ष 0217 में चालान के साथ जमा किया जायेगा तथा इसकी मूल प्रति या प्रमाणित प्रति, जिसमें उपांतरण हेतु आवेदन किया गया है , संलग्न किया जायेगा ।

(3 ) राज्य सरकार , इस प्रकार प्राप्त आवेदन को संचालक को भेज सकेगी ।

(4) (क) संचालक, उप - नियम (3 ) के अधीन राज्य सरकार से प्राप्त आवेदन को नगर तथा ग्राम निवेश के संबंधित क्षेत्रीय कार्यालय को विस्तृत तथ्यात्मक प्रतिवेदन प्रस्तुत करने हेतु भेजेगा । आवेदक को, आवेदन और उसमें के दस्तावेजों की उतनी मृदु (साफ्ट) प्रतियां , जितनी कि संचालक द्वारा अपेक्षित की जाये , प्रस्तुत करनी होगी । (ख) नगर तथा ग्राम निवेश का क्षेत्रीय कार्यालय , दस्तावेजों एवं इसके तथ्यात्मक प्रतिवेदन सहित आवेदन की एक प्रति को संचालक, नगर तथा ग्राम निवेश को भेजेगा ।

(ग) संचालक प्रस्तावित भू- उपयोग परिवर्तन पर संबंधित शासकीय विभागों / एजेंसियों से टिप्पणी मांग सकेगा । यदि संबंधित शासकीय विभाग / एजेंसी , 21 दिवस की कालावधि के भीतर अपनी टिप्पणियों को संसूचित करने में असफल रहता है , तो उसकी सहमति की उपधारणा की जायेगी ।

(5) निम्नलिखित अधिकारियों से मिलकर बनने वाली समिति, संचालक द्वारा भेजी गई तथ्यात्मक प्रतिवेदन , उप - नियम (4 ) के खण्ड (ख) के अधीन जिला कार्यालय की 346(5)

छत्तीसगढ़ राजपत्र , दिनांक 26 मार्च 2020

टिप्पणी एवं नियम 16 के उप - नियम (4 ) के खण्ड (ग ) के अधीन प्राप्त प्रतिक्रियाओं का परीक्षण करेगी , अर्थात्ः-

1.

अध्यक्ष संचालक, नगर तथा ग्राम निवेश

2.

सदस्य संबंधित संयुक्त संचालक / उप संचालक / सहायक संचालक

3.

सदस्य आयुक्त / संबंधित स्थानीय नगरीय प्राधिकरण का नगरपालिका अधिकारी अथवा उसका नामिती

सदस्य 4. जिला पंचायत का मुख्य कार्यपालन अधिकारी (क्षेत्र के पूर्णतः या अंशतः ग्रामीण क्षेत्र में आने की दशा में) अथवा उसका नामिती

सदस्य 5. संबंधित नगर विकास प्राधिकरण का मुख्य कार्यपालन अधिकारी अथवा उसका नामिती

सदस्य 6.

संचालक द्वारा नामांकित नगर योजनाकार / नगरीय योजनाकार

7. संयुक्त संचालक , संचालनालय नगर तथा ग्राम निवेश

सदस्य सचिव (6 ) आवेदक को समिति के समक्ष अपना प्रकरण प्रस्तुत करने के लिए एक अवसर दिया जायेगा । संचालक, यदि इस प्रकार अपेक्षित हो, आवेदक को, ऐसी अतिरिक्त जानकारी , जैसा कि आवश्यक समझा जाये, देने के लिए निर्देशित कर सकेगा । (7) समिति, उपांतरणों के उक्त आवेदन पर विकास योजना में दर्शित भू- उपयोग मार्ग एवं अमोद - प्रमोद को छोड़कर शेष अन्य भू- उपयोग पर उपांतरण हेतु लिए निर्णय के अनुसार अपनी अनुशंसायें राज्य सरकार को प्रस्तुत करने हेतु प्रतिवेदन संचालक को प्रस्तुत करेगा । संचालक, प्राप्त प्रतिवेदन राज्य सरकार को भेजेगा ।

(8 ) राज्य सरकार , उप - नियम (7 ) के अधीन समिति से अनुशंसायें प्राप्त होने पर , प्ररूप - तेरह में, एक सार्वजनिक सूचना प्रकाशित कर सकेगी । ऐसी सूचना कम से कम एक हिन्दी एवं एक अंग्रेजी समाचार पत्र में , जिनका संबंधित नगर में व्यापक परिचालन हो , प्रकाशित की जायेगी । प्रस्तावित उपांतरण के ब्यौरे, आम जनता को निरीक्षण हेतु जिले के भारसाधक संयुक्त संचालक / उप संचालक / सहायक संचालक के कार्यालय में उपलब्ध कराये जायेंगे तथा उन्हें विभाग की वेबसाइट पर भी प्रदर्शित किया जायेगा । सूचना की प्रति, संबंधित जिला कलेक्टर , स्थानीय नगरीय प्राधिकारी एवं जिला पंचायत को उनके सूचना पटल पर चस्पा करने हेतु भी भेजी जायेगी । (9 ) राज्य सरकार , उस व्यक्ति को, जिसने प्रस्तावित उपांतरण के संबंध में अपनी आपत्तियां या सुझाव नियत समय पर प्रस्तुत कर दिये हों , सुनवाई का युक्तियुक्त अवसर प्रदान करेगी ।

(10 ) राज्य सरकार , आपत्तियों / सुझावों तथा समिति की अनुशंसाओं पर विचार करने के पश्चात्, ऐसी रीति में , जैसा कि वह समुचित समझे , योजना में उपांतरण कर सकेगी । सूचना को छत्तीसगढ़ राजपत्र में प्रकाशित करायी जायेगी । इस प्रकार किये गये उपांतरण , विकास योजना का एकीकृत भाग होगा । छत्तीसगढ़ राजपत्र , दिनांक 26 मार्च 2020

346 ( 6)

(11 ) राज्य सरकार, उपरोक्त उप - नियम ( 10) के अधीन योजना को उपांतरित करते समय ऐसी शर्तें अधिरोपित कर सकेगी , जैसा कि वह उचित समझे ।

(12) (क) उस दशा में , जहां कि उपांतरित भू- उपयोग , नीचे दी गई सारणी के कॉलम (2 ) में उल्लिखित किये गये अनुसार है वहां आवेदक को कॉलम (3) या (4) जैसा भी स्थिति हो , में उल्लिखित किये गये अनुसार संगणित लेव्ही (कर) का भुगतान करना होगा ।

उपांतरित भू- उपयोग

लेव्ही (कर) (भूमि के बाजार मूल्य के प्रतिशत के रूप में)

निवेश क्षेत्र की जनसंख्या 5

लाख से कम

निवेश क्षेत्र की जनसंख्या 5 लाख से अधिक

(1)

(2)

(3)

(4)

1. आवासीय

5.50

7.00

2.

6.00

8.00

वाणिज्यिक / मिश्रित

3.

3.00

सार्वजनिक -अर्द्ध

3.50

सार्वजनिक /औद्योगिक

(ख) भूमि का बाजार मूल्य, जहां कि उपांतरित भू- उपयोग उपरोक्त कॉलम (2) में उल्लिखित किये गये अनुसार हो, निम्नानुसार संगणित किया जायेगाः-

भूमि का कुल क्षेत्रफल (वर्गमीटर में) × (क) × विकसित आवासीय भू- खण्ड के लिए उस क्षेत्र में, जहां कि भूमि स्थित है, प्रचलित कलेक्टर गाईड लाईन दर प्रति वर्गमीटर , उस क्षेत्र के लिए , जहां कि भूमि स्थित है और जहां उस क्षेत्र, जिसमें प्रश्नगत भूमि स्थित है , के लिये विकसित आवासीय भूखण्डों के लिए गाईड लाईन की दरें उपलब्ध नहीं हैं, वहां निकटतम आवासीय क्षेत्र की गाईड लाईन दरें ली जायेंगी । निकटतम आवासीय क्षेत्र ऐसा होगा , जैसा कि संचालक द्वारा विनिश्चित किया जाये । उपरोक्तानुसार बाजार मूल्य की संगणना करने के प्रयोजन के लिए , उस आवासीय क्षेत्र पर विचार किया जायेगा , जिसमें तल क्षेत्र अनुपात (एफएआर) कम से कम 1 हो ।

(13) (क) उस दशा में, जहां कि उपांतरित भू- उपयोग , नीचे दी गई सारणी के कॉलम (2) में उल्लिखित किये गये अनुसार प्रस्तावित है वहां धारा 23 - क की उप- धारा (1 ) के खण्ड (ख ) के अधीन उपांतरण के लिये केवल आवेदन विचार किये जाने के लिए तभी स्वीकार किया जायेगा जब उस भूमि का कुल क्षेत्रफल, जिसके लिए भू- उपयोग में उपांतरण चाहा गया है, नीचे दी गई कॉलम (3) या (4), जैसी भी स्थिति हो , में उल्लिखित किये गये क्षेत्रफल से कम न हो- छत्तीसगढ़ राजपत्र, दिनांक 26 मार्च 2020

346(7) स. क्र.

निवेश क्षेत्र की जनसंख्या के लिए

उपांतरित भू- उपयोग

5 लाख से कम

(क्षेत्रफल हेक्टेयर में)

5 लाख और उससे अधिक (क्षेत्रफल हेक्टेयर में) (1)

(2)

(3)

(4)

1.

2.00

4.00

आवासीय अथवा मिश्रित

2.

0.50

वाणिज्यिक

1.00

3.

औद्योगिक

5.00

7.50

(ख ) उन मामलों में, जहां कि उपांतरण के पश्चात् उपांतरित भू- उपयोग आवासीय मिश्रित , वाणिज्यिक या औद्योगिक के अलावा , धारा 23 - क की उप - धारा (1 ) के खण्ड (ख) के अधीन आवेदन प्रस्तुत करने के लिए न्यूनतम क्षेत्रफल की कोई शर्त नहीं होगी । भू- उपयोग उपांतरण हेतु आवेदित भूमि सामान्यतः एक खण्ड में होगी ।

(ग) उपरोक्त सारणी में उल्लिखित भूमि के क्षेत्रफल की गणना के प्रयोजन हेतु केवल ऐसी भूमि ली जायेगी, जो कि आवेदक के स्वामित्व में उसके अपने नाम की हो या आवेदकों के उनके अपने नामों से सह स्वामित्व की हो ।

टीपः किसी भी प्रकार के संदेह के समाधान के प्रयोजन के लिये यहां यह स्पष्ट किया जाता है कि दो या अधिक भूमि के अलग - अलग हिस्सों के भूस्वामी को इस उप -नियम में उल्लिखित आवश्यक न्यूनतम भूमि के क्षेत्रफल की पूर्ति के प्रयोजन से संयुक्त आवेदन प्रस्तुत करने की अनुमति नहीं होगी ।

अध्याय-पांच

भूमि के विकास तथा उसके उपयोग पर नियंत्रण

17. संघ या राज्य सरकार की ओर से हाथ में लिये गये विकास कार्य का आशय.- जहां संघ या राज्य सरकार का आशय किसी भूमि का विकास करने का हो , वहां संबंधित सरकार का प्राधिकृत अधिकारी , अपने ऐसे आशय की सूचना संचालक को लिखित में प्रस्तावित विकास हाथ में लेने के पूर्व, इन नियमों के प्ररूप - चौदह में, अधिनियम की धारा 27 की उप - धारा (1 ) के अधीन कम से कम 30 दिवस के पूर्व देगा । ऐसी जानकारी निम्नलिखित दस्तावेजों तथा विशिष्टियों के साथ होंगी , अर्थात्ः-

(1 ) भूमि का विवरण (उस सड़क / उन सड़कों के नाम सहित अवस्थिति, जिस पर कि भूमि स्थित है तथा इसकी सीमायें ) ।

(2 ) प्रश्नगत भूमि के खसरा नम्बर तथा साथ ही भूमि की बाहरी सीमाओं से 200 मीटर के भीतर आने वाले आसपास के खसरा नम्बर दर्शाने वाली खसरा रेखांक (330 बराबर एक इंच के मान में) , प्रश्नगत भूमि खसरा नक्शे में लाल स्याही से दर्शायी जायेगी ।

(3) प्रश्नगत भूमि का, मुख्य पहुंच मार्ग पर तथा आसपास के अन्य महत्वपूर्ण भवनों को दर्शाने वाला स्थिति रेखांक (लोकेशन प्लान) 1 : 1000 मान में । छत्तीसगढ़ राजपत्र, दिनांक 26 मार्च 2020

346 (8)

(4) 1: 1000 के मान में एक सर्वेक्षण रेखांक (सर्वे प्लान ) दिया जायेगा, जिसमें रेखांक प्रश्नगत भूमि की सीमायें तथा प्रश्नगत भूमि की सीमाओं से 200 मीटर की दूरी के भीतर स्थित भौतिक विशिष्टितायें जैसे- नाला, जलाशय , वृक्ष ढलान समोच्च रेखांक , यदि भूमि असमतल हो , उच्च वोल्टता लाईन (हाईटेन्शन लाइन) , मार्ग का अधिकार (राईट ऑफ वे) दर्शाने वाले विद्यमान मार्ग , रेलवे लाइनें तथा रेल्वे सीमायें , विद्युत तथा टेलिफोन के खम्भों की स्थिति और अन्य ऐसी समस्त विशेषतायें एवं विकास की स्थिति, जिनका कि प्रश्नगत भूमि एवं समीपस्थ क्षेत्रों से समन्वय किये जाने की आवश्यकता हो , दर्शायेगा ।

(5) प्रश्नगत भूमि के बारे में सामान्य रिपोर्ट सहित समस्त विकास प्रस्तावों को दर्शाने वाला एक रेखांक दिया जायेगा , जिससे कि योजना स्वतः स्पष्ट हो जाये ।

(6 ) ऐसे रेखांक में विभिन्न उपयोगिताओं तथा सेवाओं जैसे जल आपूर्ति, जल निकास , विद्युत तथा मलवहन प्रणाली की जानकारी अनिवार्य रूप से देनी होगी ।

(7) अन्य वास्तुविदीय विवरण , जैसा कि संचालक द्वारा अपेक्षित किया जाये ।

(8 ) प्रस्तावित विकास के प्रकार अर्थात् आवासीय , वाणिज्यिक, औद्योगिक या कोई अन्य संबंधित विषय को दर्शाने वाला एक टिप्पणी ।

(9) संलग्न किये गये पंजीकृत योजनाकार / वास्तुविद् / अभियंता का नाम तथा पता । 18. अन्य व्यक्तियों द्वारा भूमि विकास करने हेतु अनुज्ञा के लिए आवेदन का प्ररूप.-

(1 ) छत्तीसगढ़ नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम , 1973 (क्र. 23 सन् 1973 ) की धारा 16 की उप -धारा (3 ) एवं धारा 29 की उप - धारा (1 ) के अन्तर्गत संघ , राज्य सरकार , स्थानीय प्राधिकारी या विशेष क्षेत्र प्राधिकारी से भिन्न कोई व्यक्ति, अधिनियम की धारा 16 के अधीन स्थिरीकृत विद्यमान भू- उपयोग क्षेत्र की भूमि के विकास की अनुमति हेतु तथा अधिनियम की धारा 19 के अधीन अंगीकृत विकास योजना क्षेत्र में भूमि का विकास करने के लिए संलग्न अनुसूची (शेड्यूल) तथा विशेष विवरण पत्र सहित , इन नियमों के प्ररूप - पन्द्रह में , आवेदन करेगा । (2) केन्द्र सरकार , राज्य सरकार, स्थानीय प्राधिकारी या विशेष क्षेत्र प्राधिकारी से भिन्न कोई व्यक्ति, एकल खिड़की प्रणाली के अन्तर्गत आवासीय कॉलोनी का विकास करने हेतु अनुज्ञा के लिये, इन नियमों के प्ररूप- सोलह में, इलेक्ट्रॉनिक पद्धति में ( आनलाईन) , आवेदन प्रस्तुत करेगा ।

(3) फीस- अधिनियम की धारा 16 की उप -धारा (3 ) एवं धारा 29 की उप- धारा (2) के अधीन प्रस्तुत किये गये आवेदन - पत्र के साथ छत्तीसगढ़ भूमि विकास नियम , 1984 के नियम 21 के अधीन विहित फीस का भुगतान नगर तथा ग्राम निवेश के नगरीय विकास योजना के मुख्य शीर्ष 0217 में चालान के साथ जमा किया जायेगा तथा ऐसे भुगतान की पावती की चालान की मूल या प्रमाणित प्रति को आवेदन के साथ संलग्न किया जायेगा । 346 (9)

छत्तीसगढ़ राजपत्र , दिनांक 26 मार्च 2020

19. अनुज्ञा का प्ररूप.-(क) भूमि का विकास करने हेतु अनुज्ञा धारा 30 की उप - धारा (3 ) के अधीन प्ररूप - सोलह में दी जायेगी तथा संबंधित व्यक्ति को संसूचित की जायेगी और अनुमोदित रेखांक की प्रति सहित, उसकी प्रतियां , सम्बन्धित नगरपालिक निगम , नगरपालिका परिषद , नगर तथा ग्राम विकास प्राधिकारी तथा सम्बन्धित विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण और ऐसे किसी अन्य कार्यालयों , जो कि विकास कार्यों से सम्बन्धित हो , को भेजी जायेंगी । रेखांक, संचालक द्वारा अनुमोदित तथा हस्ताक्षरित किया जायेगा । उपान्तरण , यदि कोई हो , लाल रेखाओं द्वारा दर्शाये जायेंगे तथा अनुमोदित रेखांक की दो प्रतियां आवेदक को भी भेजी जायेंगी । उस मामले में जहां उपान्तरण अत्यधिक हों, वहां संचालक द्वारा संसूचित समस्त उपान्तरणों को दर्शाने वाले पुनरीक्षित रेखांक को, समाविष्ट करते हुए, एक नये रेखांक की मांग की जायेगी । (ख ) अनुज्ञा रद्द किये जाने के आधारों सहित , संसूचना प्ररूप- सत्रह में दी जायेगी और वह आवेदक को यदि वह उपस्थित हो , सौंप दी जायेगी तथा उसकी अभिस्वीकृति प्राप्त की जायेगी । उस स्थिति में , जब वह उपस्थित न हो , तो उसे ऐसा उत्तर सम्यक् अभिस्वीकृति सहित पंजीकृत डाक द्वारा भेजा जायेगा ।

(ग) कोई भी आवेदक , अनुमोदित अभिन्यास योजना में संशोधन के लिए , प्ररूप - अठ्ठारह में एक आवेदन , अधिनियम की धारा 30 - क के प्रावधानों के अधीन शपथ- पत्र के साथ संचालक को प्रस्तुत कर सकेगा ।

20. विलय तथा विभाजन.- (क) भूखण्ड का विलय (1 ) किसी भूखण्ड के अन्य भूखण्ड अथवा भूमि के साथ विलय के लिए कोई आवेदन , यथास्थिति, ऐसे भूखण्ड अथवा भूमि के स्वामियों द्वारा प्राधिकृत स्वामियों अथवा व्यक्ति द्वारा प्ररूप - उन्नीस में, संचालक को किया जायेगा । आवेदन के साथ प्ररुप में उल्लिखित दस्तावेज भी प्रस्तुत किये जायेंगे । आवेदन शुल्क रु . 5000 / - होगा तथा ऐसे शुल्क के भुगतान की रसीद की एक प्रति आवेदन के साथ प्रस्तुत की जायेगी । विलय आवेदन को अनुज्ञा दिये जाने की दशा में ऐसी अनुज्ञा के प्रदान किये जाने के समय आवेदक को रु. 25000 / -के समतुल्य, अनुज्ञा शुल्क देना होगा ।

(2) (1 ) उस दशा में , जहां कि परिसर का भू- उपयोग आवासीय है , भूखण्डों का विलय निम्नलिखित शर्तों के अध्यधीन रहते हुए अनुज्ञात किया जायेगा- (क) आर्थिक रुप से कमजोर वर्गों तथा निम्न आय वर्गो के भूखण्डों का विलय नहीं किया जायेगा;

(ख ) केवल समीपस्थ भूखण्डों का विलय किया जायेगा तथा ऐसे विलय किये गये भूखण्डों का आकार 500 वर्ग मी. से अधिक नहीं होगा;

(ग) विलय के पश्चात् गठित भूखण्ड में अनुज्ञेय निवास इकाईयों की संख्या, उन भूखण्डों के, जिनका कि विलय किया गया था, अनुज्ञेय निवास इकाईयों के योग से अधिक नहीं होगी;

(2) किसी आवासीय भूखण्ड का भूमि के साथ विलय निषिद्ध है ।

(3) ( 1 ) वाणिज्यिक भू उपयोग वाले परिसर से लगे हुए भूखण्डों का विलय किया जा सकेगा ।

(2 ) किसी वाणिज्यिक भूखण्ड का भूमि के साथ विलय निषिद्ध है । छत्तीसगढ़ राजपत्र, दिनांक 26 मार्च 2020

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(4 ) सार्वजनिक तथा अर्ध- सार्वजनिक भू उपयोग वाले परिसरों से लगे हुए भूखण्डों का विलय किया जा सकेगा । ऐसे भूखण्ड का सदृश भू उपयोग वाली लगी हुई भूमि के साथ भी विलय किया जा सकेगा ।

( 5) औद्योगिक भू उपयोग वाले परिसरों से लगे हुए भूखण्डों का विलय किया जा सकेगा । ऐसे भूखण्ड का सदृश भू उपयोग वाली लगी हुई भूमि के साथ भी विलय किया जा सकेगा ।

(6) विलय के लिए आवेदन की प्राप्ति पर, संचालक , ऐसे विलय से प्रभावित होने वाले व्यक्तियों से , यदि कोई हो , आपत्तियां तथा सुझाव आमंत्रित करते हुए प्ररूप - बीस में एक सार्वजनिक सूचना जारी करेगा । विलय किये जा रहे संलग्न भूखण्डों के स्वामियों अथवा अधिभोगियों पर नोटिस , स्पीड पोस्ट के माध्यम से भी तामिल की जायेगी । ऐसे व्यक्तियों को सुनवाई का युक्तियुक्त अवसर दिया जायेगा तथा उन्हें सुनवाई के लिये नियत तिथि के कम से कम 7 दिवस पूर्व सूचित किया जायेगा । आपत्तियां प्राप्त करने के लिये नियत अंतिम दिवस के पश्चात् संचालक, प्राप्त आपत्तियां , यदि कोई हो , का परीक्षण करने हेतु अग्रसर होगा । संचालक , आवेदक अथवा आपत्तिकर्ता अथवा किसी लोक प्राधिकारी से ऐसी अतिरिक्त जानकारी मंगा सकेगा, जैसा कि वह आवश्यक समझे ।

(7) (एक) आपत्तियों तथा सुझावों पर विचार करने के पश्चात् तथा हितबद्ध व्यक्तियों, यदि कोई हों, को सुनने के पश्चात् संचालक, या तो, -

(क) आवेदन को स्वींकार कर सकेगा; अथवा

(ख) आवेदन को खारिज कर सकेगा; अथवा

(ग) आवेदन को ऐसी शर्तों के साथ स्वीकार कर सकेगा , जैसा कि समुचित समझे ।

(दो) तथापि, विलय का कोई आवेदन स्वीकार नहीं किया जायेगा, यदि ऐसा विलय-

(क) किसी व्यक्ति के पहुंच के अधिकार को किसी भी रीति में प्रतिकूलतः प्रभावित करता हो ।

(ख) लागू विकास रेखांक में विहित मानदण्डों अथवा अधिनियम अथवा इन नियमों के उपबंधों का उल्लंघन करता हो ।

(8) मिश्रित उपयोग वाले भूखण्ड अथवा भूमि की दशा में विलय के किसी आवेदन पर विचार नहीं किया जायेगा ।

(9) जहां कि भूखण्ड, किसी राज्य शासन की एजेंसी जैसे गृह मण्डल, विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण, नगर तथा ग्राम विकास प्राधिकरण द्वारा विकसित किसी योजना के किसी अभिन्यास का भाग है, वहां विलय तभी अनुज्ञेय की जा सकेगी , जब आवेदक संबंधित एजेंसी का अनापत्ति प्रमाण पत्र प्रस्तुत करे । छत्तीसगढ़ राजपत्र, दिनांक 26 मार्च 2020

346(11) (ख) भूखण्ड का विभाजन-

(1 ) किसी भूखण्ड के विभाजन के लिए आवेदन प्ररूप - इक्कीस में संचालक को किया जायेगा । आवेदन के साथ प्ररुप में उल्लिखित दस्तावेजों को भी प्रस्तुत किये जायेंगे ।

(2) आवेदन शुल्क रु. 5000 / - होगा तथा ऐसे शुल्क के भुगतान की रसीद आवेदन के साथ प्रस्तुत की जायेगी । उस स्थिति में, जहां कि विभाजन का आवेदन अनुज्ञेय कर दिया जाता है, आवेदक को, ऐसी अनुज्ञा प्रदान किये जाने के समय रु. 25000/- के अनुज्ञा शुल्क का भुगतान करना होगा ।

(3) केवल सार्वजनिक तथा अर्द्ध सार्वजनिक अथवा औद्योगिक उपयोग के परिसरों वाले भूखण्डों का विभाजन अनुज्ञेय होगा । मिश्रित उपयोग अथवा किसी अन्य उपयोग वाले भूखण्ड की दशा में , विभाजन के किसी आवेदन पर विचार नहीं किया जायेगा ।

(4) विभाजन के लिए आवेदन की प्राप्ति पर , संचालक, आवेदित विभाजन से प्रभावित होने वाले व्यक्तियों से आपत्तियों / सुझावों को आमंत्रित करते हुए प्ररूप - बाईस में एक सार्वजनिक सूचना जारी करेगा । विभाजन किये जा रहे संलग्न भूखण्डों के स्वामियों अथवा अधिभोगियों पर नोटिस , स्पीड पोस्ट के माध्यम से भी तामिल की जायेगी । ऐसे व्यक्तियों को सुनवाई का युक्तियुक्त अवसर दिया जायेगा तथा उन्हें सुनवाई के लिये नियत तिथि के कम से कम 7 दिवस पूर्व सूचित किया जायेगा । आपत्तियां / सुझाव प्राप्त करने के लिये नियत अंतिम दिवस के पश्चात् संचालक, प्राप्त आपत्तियां, यदि कोई हो, का परीक्षण करने हेतु अग्रसर होगा । संचालक , आवेदक अथवा आपत्तिकर्ता अथवा किसी लोक प्राधिकारी से ऐसी अतिरिक्त जानकारी मंगा सकेगा जैसा कि वह आवश्यक समझे ।

(5) (एक) आपत्तियों तथा सुझावों पर विचार करने के पश्चात् तथा हितबद्ध व्यक्तियों, यदि कोई हो, की सुनवाई करने के पश्चात् संचालक, या तो- (क) आवेदन को स्वीकार कर सकेगा; अथवा

(ख) आवेदन को खारिज कर सकेगा; अथवा

(ग ) आवेदन को ऐसी शर्तों के साथ स्वीकार कर सकेगा, जैसा कि समुचित समझे ।

(दो) तथापि, भूखण्ड के विभाजन का कोई आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा , यदि ऐसा विभाजन-

(क) किसी व्यक्ति के पहुंच के अधिकार को किसी भी रीति में प्रतिकूलतः प्रभावित करता हो । छत्तीसगढ़ राजपत्र , दिनांक 26 मार्च 2020

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(ख) लागू विकास रेखांक में विहित मानदण्डों अथवा अधिनियम अथवा इन नियमों के उपबंधों का उल्लंघन करता हो ।.

(6) जहां कि भूखण्ड, किसी राज्य शासन की एजेंसी जैसे गृह मण्डल, विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण , नगर तथा ग्राम विकास प्राधिकारी द्वारा विकसित किसी योजना के किसी अभिन्यास का भाग है, वहां विभाजन तभी अनुज्ञेय की जा सकेगी, जब आवेदक संबंधित एजेंसी का अनापत्ति प्रमाण पत्र प्रस्तुत करे ।

21. अपील.- अधिनियम की धारा 31 की उप - धारा (1 ) के अधीन प्रस्तुत की गई अपील में निम्नलिखित अंतर्विष्ट होंगे, -

(क) उस आदेश की एक प्रति, जिसके विरूद्ध अपील दर्ज की गई है;

(ख) उन तथ्यों तथा आधारों का स्पष्ट विवरण , जिन पर अपील प्रस्तुत की गई है;

(ग ) वह सहायता , जिसके लिए प्रार्थना की गई है; और

(घ) नगर तथा ग्राम निवेश के नगरीय विकास योजना के मुख्य शीर्ष 0217 में चालान के साथ जमा किये गये रू. 1000/- के शुल्क के भुगतान का प्रमाण तथा मूल या प्रमाणित प्रति संलग्न की जाये ।

22. पुनरीक्षण.- अधिनियम की धारा 32 की उप - धारा (1 ) के अधीन प्रस्तुत किये गये पुनरीक्षण में निम्नलिखित अंतर्विष्ट होंगे , -

(क) उस आदेश की एक प्रति , जिसके विरूद्ध पुनरीक्षण दर्ज की गई है;

(ख) उन तथ्यों तथा आधारों का स्पष्ट विवरण , जिन पर पुनरीक्षण प्रस्तुत की गई है; और

(ग) वह सहायता , जिसके लिए प्रार्थना की गई है ।

(घ) नगर तथा ग्राम निवेश के नगरीय विकास योजना के मुख्य शीर्ष 0217 में चालान के साथ जमा किये गये रू . 2000/- के शुल्क के भुगतान का प्रमाण तथा मूल या प्रमाणित प्रति संलग्न की जाये ।

23. भूमि में हित का क्रय करने के लिए स्वामी द्वारा सूचना. धारा 34 की उप -धारा (1 ) के अधीन सूचना, जो प्ररूप - तेईस में होगी , राज्य सरकार पर इस प्रकार से तामील की जायेगी , जिससे कि वह स्वामित्व के संबंध में दस्तावेजी सबूत, स्थिति रेखांक तथा स्थल रेखांक सहित , प्रकाशन तथा अनिवार्य अर्जन के अध्यधीन रहने के रूप में भूमि को अभिहित किये जाने की तारीख से 30 दिवस की कालावधि के भीतर राज्य सरकार के पास पहुंच जाये ।

24. भूमि प्रतिधारित करने हेतु अनुज्ञा.- ( 1 ) व्यथित व्यक्ति, सूचना की प्राप्ति की तिथि से 15 दिवस की कालावधि के भीतर , प्रतिधारण के लिये अथवा किसी भू- उपयोग जिससे कि धारा 37 की उप - धारा (1 ) के अन्तर्गत दी गई सूचना संबंधित हो, जो कि कारणों सहित हो , के आगे निरंतर बने रहने हेतु अनुज्ञा के लिये संचालक को आवेदन करेगा तथा ऐसा आवेदन , प्ररूप - चौबीस में किया जायेगा । छत्तीसगढ़ राजपत्र, दिनांक 26 मार्च 2020

346(13) (2) कोई विकासकर्ता जिसे अधिनियम की धारा 37 (1 ) के अधीन अनाधिकृत विकास को हटाने के लिए सूचना जारी किया गया है, छत्तीसगढ़ नगर तथा ग्राम निवेश नियम, 1975 के नियम 24 के अधीन, भूमि पर किसी ऐसे भवन या संकर्मों के प्रतिधारण के लिए अथवा भूमि के किसी ऐसे उपयोग को जिनसे कि सूचना संबंधित है, निरंतर बनाये रखने के लिए अनुमति हेतु आवेदन करता है, तो संचालक ऐसी जांच के पश्चात्, जैसा कि वह उचित समझे, इस निष्कर्ष पर पहुंचता है कि ऐसे भवन या संकर्मों के प्रतिधारण की अथवा भूमि के उपयोग को निरंतर बनाये रखने की अनुमति दी जा सकती है तो ऐसी अनुमति, उक्त विकासकर्ता द्वारा निम्नानुसार निर्धारित दरों पर शमन शुल्क भुगतान करने पर ही दी जायेगी : -

स.क्र . अनाधिकृत विकास का प्रकार निर्धारित शमन शुल्क (प्रत्येक 0.25 हेक्टेयर या उसके भाग के लिए ) (राशि रूपये में)

1.

आवासीय

25,000.00

2.

वाणिज्यिक

1,25,000.00

औद्योगिक

2 (क)

25,000.00

3.

25,000.00

सार्वजनिक एवं अर्द्ध सार्वजनिक (धार्मिक एवं शैक्षणिक)

4.

अन्य

परन्तु यह कि यदि केन्द्र सरकार या राज्य सरकार के किसी विभाग / स्थानीय प्राधिकरण या उक्त अधिनियम के अधीन गठित किसी प्राधिकरण या केन्द्र सरकार / राज्य सरकार द्वारा किसी सार्वजनिक प्रयोजन की शासकीय योजना के अधीन स्थापित किसी सार्वजनिक क्षेत्र, उपक्रम निगम, बोर्ड या किसी संस्था द्वारा , उक्त अधिनियम के उपबंधों के उल्लंघन में कोई विकास / निर्माण किया जाता है और धारा 37 की उप - धारा (3) के अधीन ऐसे अनाधिकृत विकास / निर्माण के नियमितिकरण हेतु आवेदन प्रस्तुत किया जाता है, तो राज्य सरकार द्वारा उक्त अधिनियम की धारा 37 की उप- धारा (5) के अधीन विहित अनुसार शमन शुल्क में छूट दी जा सकेगीः

परन्तु यह भी कि यदि विकास / निर्माण, उक्त अधिनियम तथा इसके अधीन बनाये गये नियम के उपबंधों तथा विकास योजना के अनुसार नहीं पाया जाता है, तो संबंधित विभाग / संस्था द्वारा विकास / निर्माण के ऐसे भाग को, जो नियमितिकरण हेतु दायी नहीं है, हटा लेने के पश्चात्, शेष भाग को नियमित किया जायेगा तथा संबंधित विभाग / संस्था के प्राधिकृत अधिकारी के विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही की जा सकेगी । 346( 14)

छत्तीसगढ़ राजपत्र, दिनांक 26 मार्च 2020

नगर तथा ग्राम विकास प्राधिकारी

25. अध्यक्ष, उपाध्यक्ष तथा अन्य सदस्यों की पदावधि. - अध्यक्ष , उपाध्यक्ष तथा अन्य सदस्यों की पदावधि सामान्यतः तीन वर्षों की होगी । राज्य सरकार द्वारा किसी भी समय, बिना कारण बताये , ऐसे पद से , कार्यकाल पूर्ण करने के पूर्व , अध्यक्ष या अन्य सदस्यों को हटाये जा सकेंगे ।

26. धारा 49 (3 ) (ङ) के अधीन सामाजिक सुविधायें प्रदान करने हेतु नियम.- (क) धारा 49 (3 ) (ट) (क) ( दो) में यथा उल्लिखित उपयोग हेतु अधिकतम 10 प्रतिशत तक भूमि का आरक्षण कर विकसित की जा सकेगी ।

(एक) धारा 49 (3 ) (ट) (क) (तीन) के अनुसार , सामाजिक अधोसंरचना जैसे विद्यालय / औषधालय / नर्सिंग होम / अग्निशमन / सार्वजनिक सुविधा क्षेत्र / पुलिस स्टेशन / पोस्ट ऑफिस / विद्युत उप- केन्द्रों इत्यादि हेतु अधिकतम 5 प्रतिशत तक भूमि आरक्षित की जा सकेगी ।

(दो) जब विद्यालय / औषधालय / नर्सिंग होम हेतु भूमि आरक्षित की जा रही हो तब यह ध्यान में रखना चाहिये कि नगर विकास योजना के आस - पास किस तरह की सुविधायें उपलब्ध हैं तथा किस प्रकार की सुविधाओं की आवश्यकता है ।

(तीन) विद्यालय / औषधालय / नर्सिंग होम / सार्वजनिक सुविधा क्षेत्र हेतु आरक्षित भूमि का नगर विकास योजना में प्रस्ताव अनुसार व्ययन किया जा सकेगा एवं व्ययन से प्राप्त धनराशि का उपयोग अधोसंरचना सुविधायें उपलब्ध कराने एवं उसके रखरखाव के प्रयोजन हेतु किया जायेगा ।

27. नगर विकास योजनाओं का तैयार किया जाना. - (1 ) नगर तथा ग्राम विकास प्राधिकारी , धारा 50 की उप - धारा (2 ) के अधीन तैयार कर , नगर विकास योजना बनाने की आशय की सूचना, प्ररूप- पच्चीस में , राजपत्र में तथा विज्ञापन के माध्यम से एक या अधिक स्थानीय हिन्दी समाचार पत्रों में प्रकाशित करेगा । निरीक्षण के लिए उसकी (योजना की) प्रतियां , नगर तथा ग्राम विकास प्राधिकारी के कार्यालय में और सम्बन्धित नगर तथा ग्राम निवेश विभाग के प्रादेशिक कार्यालय में उपलब्ध रहेगी । (2) उप- नियम (1 ) में निर्दिष्ट सूचना के प्ररूप में घोषणा के प्रकाशन की तारीख , जो दो वर्ष से अनधिक हो , से नगर तथा ग्राम विकास प्राधिकारी , धारा 50 की उप -धारा (3) के अधीन एक सार्वजनिक सूचना प्ररूप - छब्बीस में यह प्रज्ञापित करते हुए , "छत्तीसगढ़ राजपत्र " में तथा एक या अधिक स्थानीय हिन्दी समाचार पत्रों में सम्यक् प्रसार हेतु प्रकाशित करेगा कि प्रारूप नगर विकास योजना तैयार कर ली गई है और ऐसी सूचना की प्रकाशन की तारीख से तीस दिवस की कालावधि के भीतर, उक्त प्रारूप के संबंध में आपत्तियां तथा सुझाव आमंत्रित करने हेतु वह नगर तथा ग्राम विकास प्राधिकारी के कार्यालय में और संबंधित नगर तथा ग्राम निवेश विभाग के प्रादेशिक कार्यालय में कार्यालयीन समय के दौरान निरीक्षण के लिए उपलब्ध है । छत्तीसगढ़ राजपत्र, दिनांक 26 मार्च 2020

346(15) (3) धारा 50 की उप- धारा (5) के अधीन गठित समिति में, जिस प्राधिकारी द्वारा नगर विकास योजना तैयार की गई है , उसका कोई भी अधिकारी सदस्य नहीं रहेगा ।

(4) छत्तीसगढ़ नगर तथा ग्राम निवेश (संशोधन एवं विधिमान्यकरण ) अधिनियम, 2017 की धारा 50 की उप- धारा (6) के अधीन राज्य सरकार , एक सूचना, प्ररुप - सत्ताईस में, सम्यक् रूप से प्रसारित करते हुए कि नगर विकास योजना अनुमोदित किया गया है, प्रकाशित करेगा तथा उसकी प्रतियां, नगर तथा ग्राम विकास प्राधिकरण तथा नगर तथा ग्राम निवेश विभाग के संबंधित कार्यालयों में कार्यालयीन समय के दौरान निरीक्षण हेतु उपलब्ध है ।

कोई आपत्ति या सुझाव, जो छत्तीसगढ़ राजपत्र में इनके प्रकाशन की तारीख से 30 दिवस के पूर्व प्राप्त हो , प्रभावित व्यक्ति, यदि कोई हो, को छत्तीसगढ़ शासन द्वारा सुनवाई का अवसर दिया जायेगा ।

(5) धारा 50 की उप - धारा (7 ) के अधीन रीति एवं प्रक्रिया, जिसके माध्यम से मुआवजे का भुगतान किया जायेगाः-

(1) मुआवजे के भुगतान हेतु अधिनियम की धारा 50 की उप- धारा (2 ) के अधीन योजना बनाने के आशय की घोषणा के दिनांक को आधार माना जायेगा । भू- स्वामी द्वारा अपनी संपत्ति की क्षति के फलस्वरुप मुआवजा की मांग करने हेतु आवेदन धारा 50 की उप - धारा (3) के अधीन प्रारुप योजना के प्रकाशन के एक माह के भीतर ऐसे दस्तावेजों के साथ यह प्रमाणित करने हेतु प्रस्तुत करना होगा कि उनके द्वारा धारित सम्पत्ति जैसे कि भवन , चाहरदिवारी , नलकूप , ऐसे योजना के प्ररुप में प्रकाशन के दिनांक के पूर्व से , निर्मित है ।

(2) मुआवजे के मुल्यांकन के लिये , संबंधित नगर तथा ग्राम विकास प्राधिकारी का मुख्य कार्यपालन अधिकारी , एक पंजीकृत मूल्यांकनकर्ता की नियुक्ति करेगा , जो उभयपक्षों की उपस्थिति में, सम्पत्ति का मूल्यांकन कर , अपनी रिपोर्ट नगर तथा ग्राम निवेश विकास प्राधिकारी के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को प्रस्तुत करेगा । (3) यदि कोई स्वामी इस मूल्यांकन से संतुष्ट नहीं है, तो वह योजना के क्रियान्वयन की तिथि से तथा अंतिम नगर विकास योजना के छत्तीसगढ़ राजपत्र में इसके प्रकाशन से अथवा मुआवजे की सूचना की प्राप्ति की तिथि से 30 दिवस के भीतर अधिनियम की धारा 51 के अधीन मूल्यांकन के आदेश के विरूद्ध अपील कर सकेगा ।

(6) धारा 50 की उप-धारा (7 ) के खण्ड- दो के अधीन अंतिम नगर विकास योजना की प्राप्ति के पश्चात्, राज्य सरकार, धारा 50 की उप- धारा (8 ) के खण्ड (2 ) के अनुसार, प्ररूप - अट्ठाईस में, अंतिम नगर विकास योजना को छत्तीसगढ़ राजपत्र में और दो स्थानीय समाचार पत्रों, जिसमें एक हिन्दी का होगा एवं एक अंग्रेजी का होगा , में प्रकाशित करवायेगा ।

(7) धारा 50 - ग के अधीन व्यक्ति को बेदखल करने की प्रक्रिया (1 ) अंतिम नगर विकास योजना के लागू करने के उपरान्त भी, यदि कोई व्यक्ति योजना की भूमि पर कब्जा बनाये रखता है , तो नगर तथा ग्राम विकास प्राधिकारी के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अथवा उसके द्वारा अधिकृत अधिकारी , नोटिस जारी करेगा , जिसके अनुसार व्यक्ति को 15 दिवस के भीतर अपना कब्जा हटाना होगा । छत्तीसगढ़ राजपत्र , दिनांक 26 मार्च 2020

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(2) यदि संबंधित व्यक्ति नोटिस प्राप्त होने के पश्चात् विहित अवधि में अपना कब्जा नहीं हटाता है तो नगर तथा ग्राम विकास प्राधिकारी का मुख्य कार्यपालन अधिकारी अथवा उनके द्वारा प्राधिकृत अधिकारी उसे एक नोटिस जारी करेगा । जिसके अनुसार उस व्यक्ति को 7 दिवस के भीतर कब्जा हटाना होगा ।

(3) यदि संबंधित व्यक्ति द्वितीय नोटिस के पश्चात् भी अपना कब्जा नहीं हटाता है तो नगर तथा ग्राम विकास प्राधिकारी का मुख्य कार्यपालन अधिकारी अथवा उनके द्वारा प्राधिकृत अधिकारी , तीसरी एवं अंतिम नोटिस जारी करेगा , जिसके अनुसार संबंधित व्यक्ति को 48 घंटे के अंदर अपना कब्जा हटाना होगा एवं अवधि बीत जाने के उपरान्त भी यदि कब्जा नहीं हटाया जाता है तो उस स्थिति में नगर तथा ग्राम विकास प्राधिकारी के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को यह अधिकार होगा कि वह उस व्यक्ति को उस संपत्ति से तुरन्त बेदखल करे एवं उक्त प्रयोजन हेतु, यथाशीघ्र संभव, पुलिस बल का प्रयोग किया जा सकेगा ।

28. स्वामी द्वारा आपत्ति.- यदि धारा 50 की उप - धारा (3 ) के खण्ड (ङ) के अधीन नगर विकास योजना के कारण किसी संपत्ति या अधिकार बुरी तरह प्रभावित हुआ हो, तो स्वामी, अधिनियम की धारा 50 की उप - धारा (3 ) में प्रारुप योजना के प्रकाशन के 30 दिवस की कालावधि के भीतर आपत्ति प्रस्तुत करेगा ।

29. अपीलीय प्राधिकारी की सहायता हेतु व्यक्तियों की नियुक्ति. - अपीलीय प्राधिकारी की सहायता हेतु राज्य सरकार , ऐसे व्यक्ति, जो प्राधिकरण का ऐसा सेवानिवृत्त अधिकारी हो, जो कार्यपालन अभियंता से निम्न श्रेणी का न हो तथा जिसकी तकनीकी योग्यता बी.ई. (सिविल) हो एवं उसे नगर विकास योजनाओं की प्लानिंग का अनुभव हो और नगर तथा ग्राम निवेश विभाग का सेवानिवृत्त अधिकारी , जो संयुक्त संचालक (योजना) से निम्न स्तर का न हो , की नियुक्ति करेगा ।

30. स्वामी द्वारा अतिरिक्त राशि का भुगतान.- धारा 58 -छ की उप - धारा (2 ) के अधीन स्वामी द्वारा अतिरिक्त राशि, यदि कोई हो, का भुगतान राज्य सरकार द्वारा धारा 50- छ के अधीन अंतिम विकास योजना के राजपत्र में प्रकाशन की तिथि से त्रैमासिक किस्तों में करेगा । ऐसी पहली किस्त, जिस माह में राजपत्र में प्रकाशन हुआ है, के अगले माह के 10 तारीख के पूर्व देय होगी ।

31. उद्ग्रहण की रीति.- (1 ) नगर तथा ग्राम विकास प्राधिकारी, अधिनियम की धारा 60 की उप-धारा (1 ) के अधीन एक सूचना , प्ररूप - उन्तीस में , " छत्तीसगढ़ राजपत्र " में तथा एक या अधिक हिन्दी समाचार पत्रों में, उसके सम्यक् प्रसार हेतु घोषणा करते हुए प्रकाशित करेगा कि नगर विकास योजना पूर्ण कर दी गई है और प्राधिकारी , योजना में समाविष्ट क्षेत्र में विहित दर से विकास प्रभार, उदग्रहित करने का आशय रखती है तथा विकास प्रभारों का भुगतान करने के दायित्वाधीन भू- स्वामी से ऐसी सूचना के प्रकाशन की तारीख से तीस दिन की अन्यून कालावधि के भीतर आपत्तियां , यदि कोई हो , आमंत्रित करता है । सूचना की प्रतियों को नगर तथा ग्राम विकास प्राधिकारी तथा नगर तथा ग्राम योजना विभाग के संबंधित कार्यालयों में भी चस्पा किये जायेंगे । 346 ( 17)

छत्तीसगढ़ राजपत्र, दिनांक 26 मार्च 2020

(2) नगर तथा ग्राम विकास प्राधिकारी , उप - नियम (1 ) में यथा विनिर्दिष्ट सूचना के प्रकाशन के पश्चात्, जो 3 माह से अधिक न हो , एक सूचना, उक्त सूचना में विनिर्दिष्ट किये गये अनुसार , उसे शोध्य विकास प्रभार के निर्धारण के प्रयोजन हेतु संबंधित व्यक्ति पर प्ररूप - तीस में या तो व्यक्तिशः या सम्यक् अभिस्वीकृति के लिये रजिस्ट्रीकृत डाक द्वारा तामील करते हुए , जारी करेगा ।

32. धन उधार लेने की शक्ति. - ( 1 ) नगर तथा ग्राम विकास प्राधिकारी, अधिनियम की धारा 63 के अधीन राज्य सरकार की पूर्व स्वीकृति से , अधिनियम के प्रयोजनों के लिए डिबेन्चर जारी करके धन उधार ले सकेगा ।

(2) राज्य सरकार-

(क) ऐसे डिबेन्चर जारी करके उधार ली जाने वाली धनराशि , उनके निर्गम मूल्य , मूल्य वर्ग , निबंधन और परिपक्वता तथा ब्याज की दर ;

(ख) वह रीति, जिसमें डिबेन्चरों के उन्मोचन के लिए निक्षेप निधि गठित की जायेगी , इस हेतु असफल होने की दशा में, की गई रिपोर्ट , डिबेन्चरों में किया जाने वाला अभिदाय , वह अन्तराल , जिस पर कि डिबेन्चरों पर ब्याज का भुगतान किया जायेगा , वे डिबेन्चर , जो क्षतिग्रस्त होने के कारण प्रचलन योग्य न रह गए हों , बदले जायेंगे , खो गये अथवा नष्ट हुए डिबेन्चरों को बदलने के लिए जारी नये डिबेन्चर तथा वह दर , जिस पर कि दलाली तथा बीमा कराने के कमीशन का भुगतान किया जा सकेगा, निर्धारित करेगी ।

(3 ) डिबेन्चर, राज्य सरकार द्वारा मूलधन के पुनर्भुगतान तथा ब्याज के भुगतान के बारे में गारंटी लिये जाने को छोड़कर, जारी नहीं किये जायेंगे ।

(4) प्राधिकारी , राज्य सरकार की स्वीकृति से, किसी विशिष्ट व्यक्ति अथवा संस्था को जारी किये जाने के लिये डिबेन्चर या बंधपत्र आरक्षित रख सकेगा या हस्ताक्षरित कर सकेगा ।

33. निबंधन तथा शर्ते, जिनके अध्यधीन रहते हुए विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण द्वारा ऋण लिये जा सकेंगे. - (1 ) विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण , अधिनियम के प्रयोजन के लिए , इस प्रयोजन हेतु आयोजित विशेष सम्मिलन में पारित किये गये संकल्प के अनुसरण में , धारा 70 की उप - धारा (2) के अधीन उधार ले सकेगाः

ली जायेगीः परन्तु यह कि कोई भी ऋण , राज्य सरकार की पूर्व स्वीकृति के बिना , नहीं परन्तु यह और कि वे निबंधन , जिन पर वह कालावधि, जिसके भीतर तथा वह रीति , जिसके द्वारा ऋण लिये जायेंगे और उनका पुनर्भुगतान किया जायेगा , इन नियमों के तथा राज्य सरकार के अनुमोदन के अध्यधीन होंगे । 346 (18)

छत्तीसगढ़ राजपत्र, दिनांक 26 मार्च 2020

(2) विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण , उप - नियम (1 ) के अधीन लिये गये ऋणों का पुनर्भुगतान करने के लिए एक निक्षेप निधि संधारित करेगा तथा निक्षेप निधि में प्रतिवर्ष ऐसी राशि जमा करेगा , जैसा कि राज्य सरकार द्वारा निर्देशित किया जाये ।

(3) निक्षेप निधि अथवा उसके किसी भाग का, जब तक कि ऐसे ऋण का पूर्ण रूप से उन्मोचन न हो जाये , किसी अन्य प्रयोजन के लिए उपयोग नहीं किया जायेगा ।

34. निरसन तथा व्यावृति. - छत्तीसगढ़ नगर तथा ग्राम निवेश नियम , 1975 तथा समय समय पर , इसमें किये गये संशोधन को, एतद्वारा , निरसित किये जाते हैं:

परन्तु यह कि,ः

(क) ऐसे निरसन का, उक्त नियमों के पूर्व प्रवर्तन पर अथवा उनके अधीन की गई किसी बात या की गई किसी कार्यवाही पर , कोई प्रभाव नहीं होगा;

(ख ) इन नियमों के प्रारंभ होने के समय लंबित निरसित नियमों के अधीन प्रस्तुत किया गया कोई आवेदन जारी रहेगा और इन नियमों के उपबंधों के अनुसार निराकृत किया जायेगा;

(ग) इन नियमों में दी गई किसी भी बात का यह अर्थ नहीं लगाया जायेगा कि वह किसी ऐसे व्यक्ति को, जिसे कि ये नियम लागू होते हों , अपील करने के अधिकार से , जो कि उसे इस प्रकार निरसित किये गये नियमों के अधीन प्रोद्भूत हुए हों, वंचित करती है ।

छत्तीसगढ़ के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, भोसकर विलास संदिपान, संयुक्त सचिव.

346(19)

छत्तीसगढ़ राजपत्र , दिनांक 26 मार्च 2020

प्ररूप - एक

(नियम 5 देखिये)

प्रारूप प्रादेशिक योजना के प्रकाशन की सूचना

एतद्वारा यह सूचना दी जाती है कि (क्षेत्र ) के लिए प्ररूप प्रादेशिक योजना छत्तीसगढ़ नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम, 1973 (क्र. 23 सन् 1973) के तीसरे अध्याय में अन्तर्विष्ट उपबन्धों के अनुसरण में तैयार की गई है और उसकी एक प्रति मेरे कार्यालय में तथा (स्थान) में कार्यालय समय के दौरान निरीक्षण के लिए उपलब्ध है ।

उक्त प्रारूप योजना की प्रविष्टयां नीचे दी गई अनुसूची में विनिर्दिष्ट की गई हैं, यदि प्रारूप योजना के सम्बन्ध में कोई आपत्ति या सुझाव हो तो वह छत्तीसगढ़ राजपत्र में इस सूचना के प्रकाशन की तारीख से साठ दिन समाप्त होने के पूर्व संचालक, नगर तथा ग्राम निवेश छत्तीसगढ़ , रायपुर को भेजा जाना चाहिए ।

ऐसी किसी भी आपत्तियों तथा सुझावों पर , जो किसी व्यक्ति से उपर विनिर्दिष्ट कालावधि समाप्त होने के पूर्व लिखित में प्राप्त हों, संचालक द्वारा विचार किया जाएगा ।

अनुसूची

(क) भूमि के वर्तमान उपयोग सम्बन्धी मानचित्र तथा वृत्तात्मक रिपोर्ट..

(ख) प्ररूप योजना के उपबन्धों को स्पष्ट करने वाले मानचित्रों तथा चार्टों द्वारा प्रमाणित की गई वृत्तात्मक रिपोर्ट,..

(ग) प्ररूप योजना में सम्मिलित किये गये कार्यों के लिए समनुदेशित की गई पूर्विकताओं तथा विकास के कार्यक्रम के प्रवर्तन को दर्शित करने वाली टीप

(घ) प्ररूप योजना के प्रवर्तन तथा कार्यान्वयन के संबंध में शासन के विभागों तथा प्राधिकारियों को समनुदेशित किये जाने वाले कार्य..

स्थान

संचालक तारीख

नगर तथा ग्राम निवेश छत्तीसगढ़ , रायपुर छत्तीसगढ़ राजपत्र, दिनांक 26 मार्च 2020

346 ( 20)

प्ररूप-दो

(नियम 8 देखिये)

प्रादेशिक योजना के अनुमोदन की सूचना

एतद्वारा यह सूचना दी जाती है कि छत्तीसगढ़ नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम, 1973 (क्र. 23 सन् 1973) की धारा 9 की उप - धारा ( 1 ) के अधीन राज्य सरकार द्वारा प्रादेशिक योजना प्रदेश के लिए अनुमोदित की गई है तथा उक्त योजना की प्रति का निरीक्षण संबंधित नगर तथा ग्राम निवेश , संभागीय आयुक्तों और कलेक्टर कार्यालयों में किया जा सकेगा , अर्थात्-

(1 ) .

(2).

(3)

2. उक्त प्रादेशिक योजना ..से प्रवर्तित होगी ।

सचिव /विशेष सचिव / संयुक्त सचिव / उप सचिव छत्तीसगढ़ शासन, आवास एवं पर्यावरण विभाग छत्तीसगढ़ राजपत्र, दिनांक 26 मार्च 2020

346( 21)

प्ररूप-तीन

(नियम 9 देखिये )

प्रादेशिक योजना में उपांतरण की सूचना

छत्तीसगढ़ नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम , 1973 (क्र. 23 सन् 1973) की धारा 9 की उपधारा (2) के परन्तुक के अधीन सर्वसाधारण की जानकारी के लिए एतद्वारा यह सूचित किया जाता है कि राज्य सरकार, छत्तीसगढ़ राजपत्र , दिनांक में प्रकाशित प्रदेश के लिए प्रारूप प्रदेशिक योजना, नीचे दी गई अनुसूची में यथा विनिर्दिष्ट उपान्तरणों के साथ अनुमोदित करना प्रस्तावित करती है ।

उक्त उपान्तरण के सम्बन्ध में कोई आपत्ति तथा सुझाव, इस सूचना के छत्तीसगढ़ राजपत्र में प्रकाशन की तारीख से तीस दिन की कालावधि के भीतर किसी भी व्यक्ति द्वारा लिखित में सचिव , आवास एवं पर्यावरण विभाग , छत्तीसगढ़ को प्रस्तुत किये जा सकेंगे , जिन पर राज्य सरकार द्वारा विचार किया जायेगा ।

अनुसूची

सचिव / विशेष सचिव / संयुक्त सचिव / उप सचिव छत्तीसगढ़ शासन,

आवास एवं पर्यावरण विभाग छत्तीसगढ़ राजपत्र, दिनांक 26 मार्च 2020

346( 22)

प्ररूप-चार

(नियम 10 देखिये)

वर्तमान भू- उपयोग नक्शे से संबंधित आपत्तियां आमंत्रित करने हेतु सूचना

एतद्वारा यह सूचना दी जाती है कि... निवेश क्षेत्र के लिए भूमि के वर्तमान उपयोग सम्बन्धी मानचित्र छत्तीसगढ़ नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम , 1973 (क्र. 23 सन् 1973) की धारा 15 की उपधारा (1 ) के अधीन तैयार किया गया है और उसकी एक प्रति, -

1. संभागीय आयुक्त

2. जिला कलेक्टर

3. नगर तथा ग्राम निवेश, क्षेत्रीय कार्यालय (छ०ग०)

4. नगरीय स्थानीय प्राधिकरणों..... .(छ० ग०)

के कार्यालय में कार्यालयीन समय के दौरान जन सामान्य के निरीक्षण हेतु उपलब्ध है । (संबंधित नगर तथा ग्राम निवेश , संभागीय आयुक्त, जिला कलेक्टर एवं नगरीय स्थानीय प्राधिकरण के कार्यालयों के नामों का उल्लेख करें , जहाँ पर प्रतियाँ उपलब्ध कराई गई है । )

यदि कोई आपत्ति या सुझाव, इस प्रकार तैयार किये गये वर्तमान भूमि उपयोग सम्बन्धी मानचित्र से संबंधित हो , उसे लिखित में नगर तथा ग्राम निवेश के संबंधित जिला कार्यालय में छत्तीसगढ़ राजपत्र में इस सूचना के प्रकाशित होने की तारीख से 30 (तीस) दिन की अवधि के अवसान के भीतर प्रस्तुत करें ।

स्थान

संचालक

तारीख

नगर तथा ग्राम निवेश छत्तीसगढ़, रायपुर छत्तीसगढ़ राजपत्र, दिनांक 26 मार्च 2020

346 ( 23)

प्ररूप-पांच

(नियम 11 देखिये)

वर्तमान भू- उपयोग नक्शे के अंतिम प्रकाशन का प्ररूप

(निवेश क्षेत्र का नाम ) , के लिये वर्तमान भू- उपयोग हेतु मानचित्र को छत्तीसगढ़ , नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम , 1973 (क्र. 23 सन् 1973) की धारा 15 की उप - धारा (1) के अधीन राजपत्र दिनांक में प्रकाशित किया गया था एवं उक्त धारा की उप-धारा (2 ) के उपबंधों के अधीन जनता से आपत्तियां एवं सुझाव आमंत्रित किये गये. समस्त ऐसे व्यक्तियों को, जिन्होंने आपत्ति या सुझाव, उपांतरण प्रस्तुत किए है, अपेक्षित विचारण उसमें किया गया है.

अब, उपरोक्त योजना क्षेत्र के लिए वर्तमान भू- उपयोग हेतु मानचित्र, उक्त अधिनियम की धारा 15 की उप-धारा (3 ) के अधीन एतद्वारा , अंगीकृत किया जाता है और उसकी प्रति दिनांक

से दिनांक तक कार्यालयीन समय के दौरान निरीक्षण हेतु कार्यालय में उपलग्ध रहेगी : -

1. संभागीय आयुक्त

2. जिला कलेक्टर

3. नगर तथा ग्राम निवेश, क्षेत्रीय कार्यालय

(छ०ग०)

4. नगरीय स्थानीय प्राधिकरणों..

..(छ ० ग०)

(संभागीय आयुक्त, संबंधित जिला कलेक्टर , नगर तथा ग्राम निवेश एवं नगरीय स्थानीय प्राधिकारियों के कार्यालयों के नाम वर्णित करें , जहाँ पर प्रतियां उपलब्ध कराई गई है । )

स्थान

संचालक

तारीख

नगर तथा ग्राम निवेश

छत्तीसगढ़, रायपुर 346 ( 24)

छत्तीसगढ़ राजपत्र, दिनांक 26 मार्च 2020

प्ररूप-छः

(नियम 12 देखिये)

विकास योजना प्रारूप हेतु जिला योजना समिति का सुझाव

प्रति,

सदस्य सचिव

जिला योजना समिति

विषय- छत्तीसगढ़ जिला योजना समिति , 1995 (क्र 0 19 सन् 1995) के अनुसार क्षेत्र की विकास योजना प्रारूप पर समिति की योजना सम्मिलित करने बाबत् सुझाव । निवेश नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम , 1973 (क्र. 23 सन् 1973) की धारा -14 के अनुसार निवेश क्षेत्र की विकास योजना तैयार किया जाना प्रस्तावित है । अतः निवेश क्षेत्र की वर्तमान भूमि उपयोग की मानचित्र की प्रति संलग्न कर लेख है , कि छत्तीसगढ़ जिला योजना समिति अधिनियम , 1995 (क्र. 19 सन् 1995) के तहत् तैयार जिला आंशिक योजना तथा किन्हीं पाँच वर्षों के प्ररूप हों , तो निम्नानुसार प्रपत्र में उपलब्ध करावे ताकि इसे में शामिल किया जा सके ।

प्रपत्र

क्रमांक

ग्राम के नाम जिसमें योजना प्रस्तावित है ।

योजना का नाम

(1)

(2)

(3)

संलग्न:- वर्तमान भूमि उपयोग मानचित्र ।

संचालक

स्थान

तारीख

नगर तथा ग्राम निवेश छत्तीसगढ़, रायपुर छत्तीसगढ़ राजपत्र, दिनांक 26 मार्च 2020

346( 25)

प्ररूप - सात

(नियम 13 (3 ) (क) देखिये )

(नगर का नाम) प्रारूप विकास योजना पर प्राप्त आपत्तियां तथा सुझाव एवं समिति की अनुशंसाओं को संकलित करने का प्ररूप

1. सुनवाई का स्थान

2. दिनांक जिन पर सुनवाईयाँ हुई हों

टिप्पणियां अनु. क.

आपत्ति क्रमांक

समिति की अनुशंसायें

आपत्ति प्राप्तिका दिनांक

व्यक्ति का नाम एवं पता

संचालक की अनुशंसा

सुझावों / आपत्तियों का संक्षिप्त विवरण (ग्राम/ खसरा / क्षेत्र के ब्यौरे सम्मिलित करते हुए प्रावधान जिसके संबंध में सुझाव/ आपत्तियां की गई हैं)

आवेदक द्वारा वांछित भू- उपयोग

प्रारूप विकास योजना में दर्शित भू- उपयोग

ग्राम ख.क. रकबा आपत्ति का

संक्षिप्त

विवरण

(1) (2)

(3)

(4)

(9)

(7)

(5) (6)

(8)

(10) (11) (12) (13) संयोजक एवं सदस्यों के नाम , पदनाम एवं हस्ताक्षर,

टीप.- 1. कॉलम क्रमांक (1 ) से (4) को प्रारंभ में नियम 13 में उपबंधित अनुसार तैयार किया जायेगा । 2. कॉलम क्रमांक (6) की पूर्ति समिति द्वारा सुनवाई के पूर्व बैठक के दौरान की जायेगी.

4. संयोजक द्वारा नियम 13 (2) (ज ) के अन्तर्गत अनुशंसाये पृथक से हस्ताक्षरित कर दी जायेंगी .

स्थान

तारीख

समिति का संयोजक नगर तथा ग्राम निवेश छत्तीसगढ़ राजपत्र, दिनांक 26 मार्च 2020

346 ( 26)

प्ररूप-आठ

(नियम 13 (3 ) (छ) देखिये )

समिति के समक्ष सुनवाई हेतु उपस्थित होने की सूचना

प्रति,

श्री / श्रीमती / सुश्री

पता

विषय . - समिति के समक्ष (नगर) के प्रारूप विकास योजना पर आपकी आपत्ति के संबंध में सुनवाई.

संदर्भ. आपकी आपत्ति दिनांक अनुक्रमांक पर पंजीकृत.

श्रीमान / महोदया,

नगर तथा ग्राम निवेश द्वारा प्रकाशित (नगर) की प्रारूप विकास योजना पर आपकी आपत्ति के संबंध में अनुरोध है कि नीचे वर्णित स्थान एवं समय पर अधिनियम की धारा 17 - क के अधीन राज्य सरकार द्वारा गठित समिति के समक्ष व्यक्तिशः या अपने अधिकृत प्रतिनिधि के माध्यम से सुनवाई हेतु उपस्थित होने का कष्ट करें.

स्थान

दिनांक

समय

सकेंगे. अन्य अतिरिक्त जानकारी / दस्तावेज जो आपकी आपत्ति के समर्थन में हो , उसी दिन प्रस्तुत किये जा

समिति के संयोजक का नाम एवं पदनाम 346( 27)

छत्तीसगढ़ राजपत्र , दिनांक 26 मार्च 2020

प्ररूप-नौ

(नियम 13 (3) (ट) देखिये )

समिति के समक्ष सुनवाई के दौरान (नगर का नाम) की प्रारूप विकास योजना में अतिरिक्त जानकारी सूचीबद्ध करने का प्ररूप

अनुक्रमांक

सुनवाई का दिनांक

आपत्ति का क्रमांक

व्यक्ति का नाम एवं पता

अतिरिक्त जानकारी के ब्यौरे

प्रस्तुत किए गए अतिरिक्त दस्तावेज (1)

(2)

(3)

(4)

(5)

(6)

समिति के संयोजक के हस्ताक्षर

नाम एवं पदनाम 346( 28)

छत्तीसगढ़ राजपत्र , दिनांक 26 मार्च 2020

प्ररूप- दस

(नियम 14(1 ) देखिये)

प्रारूप विकास योजना के प्रकाशन की सूचना

एतद्वारा यह सूचना दी जाती है कि..

(निवेश क्षेत्र का नाम ) के लिए विकास योजना का प्रारूप छत्तीसगढ़ नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम , 1973 (क्र. 23 सन् 1973 ) की धारा 18 की उप - धारा (1 ) के उपबन्धों के अनुसार प्रकाशित किया गया है, और उसकी एक प्रति निम्नांकित कार्यालयों में कार्यालयीन समय के दौरान निरीक्षण के लिए उपलब्ध है, -

1.

2.

3.

(संबंधित संभागीय आयुक्त एवं संबंधित जिला कलेक्टर , नगर तथा ग्राम निवेश के जिला कार्यालयों के नामों को उल्लेखित करें जहां पर प्रारुप की प्रतियां कार्यालयीन समय के दौरान निरीक्षण के लिए उपलब्ध हैं) . यदि कोई आपत्ति या सुझाव प्रारुप योजना के संबंध में हो , उसे लिखित मे नगर तथा ग्राम निवेश के उपरोक्त वर्णित किसी जिला कार्यालय में छत्तीसगढ़ राजपत्र में इस सूचना के प्रकाशित होने के 30 दिन की अवधि का अवसान होने के पूर्व, प्रस्तुत किया जा सकता है ।

स्थान....

संचालक

तारीख

नगर तथा ग्राम निवेश विभाग छत्तीसगढ़, रायपुर छत्तीसगढ़ राजपत्र , दिनांक 26 मार्च 2020

346 ( 29)

प्ररूप -ग्यारह

(नियम 15 देखिये)

विकास योजना के अनुमोदन की सूचना

एतद्वारा यह सूचना दी जाती है कि छत्तीसगढ़ नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम , 1973 (क्र. 23 सन् 1973) की धारा 19 की उप - धारा (4 ) के अधीन राज्य सरकार द्वारा (निवेश क्षेत्र) के लिए विकास योजना अनुमोदित की गई है तथा उक्त योजना की प्रति का निम्नलिखित कार्यालयों में कार्यालय समय के दौरान निरीक्षण किया जा सकेगा, अर्थात्-

1.

2.

3.

(संभागीय आयुक्त, जिला कलेक्टर, नगर तथा ग्राम निवेश तथा नगरी स्थानीय प्राधिकारियों के कार्यालयों के नाम वर्णित करें जहाँ पर प्रतियां उपलब्ध कराई गई है । )

उक्त विकास योजना, इसके राजपत्र में प्रकाशित होने की दिनांक से प्रवृत होगी ।

सचिव /विशेष सचिव / संयुक्त सचिव / उप सचिव छत्तीसगढ़ शासन, आवास एवं पर्यावरण विभाग छत्तीसगढ़ राजपत्र, दिनांक 26 मार्च 2020

346 (30)

प्ररूप-बारह

(नियम 16 (1 ) देखिये)

धारा 23 - क की उप - धारा (1 ) के खण्ड ( ख) के अधीन विकास योजना में उपांतरण हेतु आवेदन प्ररूप प्रति,

सचिव,

छत्तीसगढ़ शासन, आवास एवं पर्यावरण विभाग , मंत्रालय, महानदी भवन, अटल नगर, रायपुर (छत्तीसगढ़ ) मैं / हम जो निम्नलिखित वर्णित भूमि के अधिकारिक भू- स्वामी / संयुक्त स्वामी हैं, धारा 23 -क की उपधारा (1 ) के खण्ड (ख ) के अधीन विकास योजना में उपांतरण हेतु आवेदन प्रस्तुत करता हूँ/ करते हैं: -

उपांतरण हेतु आवेदित भूमि का विवरण :- 1.

(क) जिला

(ख) तहसील :

(ग) ग्राम :

:

(घ) खसरा नम्बर एवं प्रत्येक का रकबा

:

(ङ) सम्पूर्ण क्षेत्र हेक्टेयर में

2. भू- स्वामी (यों) का विवरण : -

(क) भू- स्वामी (यों) का नाम

(ख) डाक का पता

(ग) ई-मेल का पता

(घ) दूरभाष नम्बर

(ङ) मोबाईल नंबर

(च) फैक्स नंबर

3. वर्तमान प्रावधान / विकास योजना में भूमि उपयोग :

:

4. चाहा गया उपांतरण / भूमि उपयोग

5. दस्तावेज तीन प्रतियों में (स्वप्रमाणित ) परिशिष्ट में सूचीबद्ध अनुसार संलग्न है.

6. मै / हम नियम 16 के उप- नियम (12) के अन्तर्गत उद्ग्रहण की राशि कर जमा कराने तथा उपांतरण के संबंध में रोपित की जाने वाली शर्तों का पालन करने हेतु तैयार हैं.

संलग्न: उपरोक्तानुसार

भू- स्वामी (यों) के हस्ताक्षर दिनांक

नाम

पता 346 ( 31)

छत्तीसगढ़ राजपत्र , दिनांक 26 मार्च 2020

परिशिष्ट

दस्तावेजों की सूची

[धारा 23- क की उप- धारा (1 ) के खण्ड (ख) के अधीन आवेदन प्ररूप के साथ संलग्न करने हेतु ] निम्नलिखित दस्तावेज आवेदन प्ररूप के साथ संलग्न होंगे :-

1. भूमि स्वामित्व के दस्तावेज

अद्यतन खसरा पांचसाला पी- II प्ररूप (प्रमाणित) (क)

(ख ) जहाँ आवेदित भूमि संयुक्त रूप से धारित हो वहाँ आवेदन किसी एक भू- स्वामी द्वारा प्रस्तुत किया जायेगा , जिसमें भू उपयोग में परिवर्तन हेतु वर्तमान भू- स्वामी की सहमति हो ।

(ग) यदि परियोजना प्रस्तावक संगठन / संकाय / संयुक्त उद्यम जोखिम में है , तो इसके लिये आवश्यक विधिक दस्तावेज संलग्न किये जायें ।

2. नगर तथा ग्राम निवेश द्वारा जारी किया गया भूमि उपयोग प्रमाणपत्र ।

3. भूमि का विवरण-

(क) प्रश्नगत भूमि का सर्वेक्षण क्रमांक दर्शाते हुये खसरा योजना और सभी तरफ की ओर भूमि की बाहरी सीमा से 200 मीटर के भीतर आने वाले लगे हुए खसरा नम्बर भी [(प्रश्नगत भूमि लाल रंग से दर्शाई ( जानी चाहिये) ] ;

( ख) प्रश्नगत भूमि, मुख्य पहुंच मार्ग ( विद्यमान एवं प्रस्तावित ) , महत्वपूर्ण सार्वजनिक भवन, जल निकाय तथा भूमि के आसपास विद्यमान उपयोग को उपदर्शित करते हुए रेखांक;

(ग) सर्वेक्षण योजना का मापमान 1: 500 से 1: 2000;

(घ) सर्वेक्षण योजना प्रश्नाधीन भूमि की सीमा , स्वाभाविक लक्षण जैसे नाला, कुण्ड, वृक्ष एवं उतार, दो मीटर के अंतराल पर कंटूर योजना, बिजली की लाईन एवं बिजली / दूरभाष के खम्बों की जगह एवं ऐसे अन्य लक्षण , जिनका समन्वय किया जाना आवश्यक हो, दर्शाये जाए ।

4. सामान्य परियोजना प्रतिवेदन. भूमि स्वामित्व , अवस्थिति / स्थल योजना , विकास प्रस्ताव / अभिन्यास (शहरी योजना / यातायात योजना / पर्यावरण योजना) प्रस्तावित इमारतों के रेखाचित्र, अधोसंरचनात्मक योजना-जैसे जल प्रदाय , मल वहन, विद्युतीकरण , जल निकास , अग्नि सुरक्षा , रेन वाटर हार्वेस्टिंग , कचरे का निपटारा , उपचार संयंत्र (जल / मलवहन / कचरा) खराब पानी का पुनः चक्रण ।

5. प्रस्तावित विकास के पर्यावरण पर पड़ने वाले प्रभाव का अध्ययन एवं उसके प्रतिकूल प्रभाव को कम करने के उपाय.

6. प्रस्तावित विकास के फलस्वरूप रोजगार सृजन, लोक सुविधाओं में वृद्धि, क्षेत्र की पर्यावरण गुणवत्ता में वृद्धि तथा प्रस्तावित उपयोग से हितग्राहियों के जीवन स्तर में सुधार को दर्शित करने वाला प्रतिवेदन ।

7. परियोजना लागत का प्राक्कलन ।

8. विद्यमान बाह्य अधोसंरचना जैसे सड़क, जल प्रदाय , मलवहन आदि के संदर्भ में उन्नयन की लागत, विद्यमान बाह्य अधोसंरचना के उन्नयन एवं सुधार का जो कार्य आवेदक द्वारा कराया जावेगा उसे स्पष्टतः दर्शाया जावे. आवेदक को यह भी दर्शाना होगा कि उसके द्वारा प्रस्तावित विकास प्रस्ताव किन मानकों एवं मापदण्डों पर आधारित है उदाहरण स्वरूप मार्ग निर्माण हेतु इंडियन रोड कांग्रेस के मानक आदि ।

9. वित्तीय प्रबंधन एवं निवेश की योजना एवं परियोजना के पूर्ण होने का समयबद्ध कार्यक्रम ।

10. क्रियान्वयन के चरण । छत्तीसगढ़ राजपत्र, दिनांक 26 मार्च 2020

346 ( 32)

11. भूमि स्वामी का इस आशय का शपथ - पत्र कि उसे अन्य सह भू- स्वामियों द्वारा प्रस्तावित उपांतरण आवेदन प्रस्तुत करने हेतु सम्यक् रूप से प्राधिकृत किया गया है एवं इस आवेदन के साथ प्रस्तुत समस्त विवरण तथा दस्तावेज सत्य हैं ।

12. विहित शुल्क मुख्य शीर्ष 0217 नगरीय विकास योजना, नगर तथा ग्राम निवेश में चालान से जमा कर उसकी मूल प्रति अथवा अभिप्रमाणित प्रति संलग्न किया जायेगा ।

भू- स्वामी (यों) के हस्ताक्षर

नाम

दिनांक

पता छत्तीसगढ़ राजपत्र , दिनांक 26 मार्च 2020

346( 33)

प्ररूप-तेरह (नियम 16 (8 ) देखिये) विकास योजना में उपांतरण हेतु सूचना

छत्तीसगढ़ नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम 1973 (क्र. 23 सन् 1973 ) की धारा 23 - क की उप -धारा ( 1 ) के खण्ड (ख) के अधीन एतद्वारा सार्वजनिक जानकारी हेतु यह अधिसूचित किया जाता है कि राज्य सरकार नीचे दी गई अनुसूची में यथानिर्दिष्ट का नाम) विकास योजना के प्रावधानों में उपांतरण प्रस्तावित करती है. (स्थान उक्त उपांतरण के संबंध में यदि किसी व्यक्ति के कोई आपत्ति/ सुझाव हों तो, वह सचिव, छत्तीसगढ़ शासन आवास एवं पर्यावरण विभाग , को समाचार पत्रों में इस सूचना के प्रकाशन होने की दिनांक से 15 दिन के भीतर लिखित में प्रस्तुत कर सकेगा एवं ऐसी आपत्तियां या सुझाव, जो उपर विनिर्दिष्ट अवधि के अवसान होने से पूर्व प्राप्त हों, राज्य सरकार द्वारा विचार किया जायेगा.

अनुसूची

प्रस्तावित उपांतरण के ब्यौरे दीजिये.

सचिव /विशेष सचिव / संयुक्त सचिव / उप सचिव छत्तीसगढ़ शासन, आवास एवं पर्यावरण विभाग छत्तीसगढ़ राजपत्र , दिनांक 26 मार्च 2020

346( 34)

प्ररूप-चौदह

(नियम 17 देखिये)

भूमि के विकास के लिए धारा 27 की उप - धारा (1 ) अधीन अनुज्ञा हेतु आवेदन पत्र का प्ररूप प्रेषक

प्रति,

संचालक

नगर तथा ग्राम निवेश , छत्तीसगढ़ ।

महोदय,

मैं / हम नीचे वर्णित भूमि के विकास को हाथ में लेने / कार्यान्वित करने की अनुज्ञा के लिए आवेदन करता हूँ/ करते हैं-

(एक ) (क) भूमि का वर्णन (उन मार्गों के जिन पर / जिसमें कुछ फासले पर , उस सम्पत्ति का छोर है , नाम तथा सीमाएं बतलाते हुए स्थिति) ।

..वर्ग मीटर

(ख) क्षेत्रफल

हेक्टेयर में

2. मैं / हम एतद्वारा , निम्नलिखित दस्तावेज तीन प्रतियों में संलग्न करता हूं/ करते हैं, अर्थात (एक) भूमि का वर्णन (उन मार्गों के, जिन पर / जिसमें कुछ फासले पर उस सम्पत्ति की छोर हो, नाम तथा सीमाएं बतलाते हुए स्थिति) ।

(दो) प्रश्नगत भूमि का क्रमांक दर्शाते हुए खसरा योजना और भूमि की बाहरी सीमा से 200 मीटर के भीतर पड़ने वाले निकटवर्ती खसरा , आवेदित भूमि खसरा मानचित्र में ' लाल' रंग से दर्शाई गई है ।

(तीन) प्रश्नगत भूमि, मख्य पहुंच मार्ग, महत्वपूर्ण सार्वजनिक भवनों के जैसे चिकित्सालाय , विद्याालय या सिनेमा , पेट्रोल पम्प तथा भूमि के इर्दगिर्द वर्तमान उपयोगों को उपदर्शित करते हुए रेखांक ।

(चार) भूमि का वर्तमान उपयोग (आवासीय) , वाणिज्यिक, औद्योगिक / लोक प्रयोजन / खुले स्थान / रिक्त भूमि के रूप में है ।

(पांच) 1:500/1: 1000 के मान से एक सर्वेक्षण रेखांक दिया जायेगा । रेखांक प्रश्नगत भूमि की सीमाएं प्राकृतिक विशिष्टताएं, जैसे नाला , जलाशय , वृक्ष ढलान समोच्च रेखांक 5 अथवा 10 के अन्तर से 200 मीटर तक की दूरी तक भूकम्प की समीपस्थ भूमि से होकर जाने वाली उच्च वोल्टता लाईन (हाईटेंशन लाईन) मार्ग अधिकार दर्शाने वाले विद्यमान मार्ग तथा रेलवे लाईनें उनके विशेष विवरण तथा सीमाओं सहित विद्युत तथा दूरभाष खंभों की स्थिति और अन्य ऐसी समस्त बातें, जिनका कि समीपस्थ क्षेत्रों से समन्वय किये जाने की आवश्यकता हो, दर्शायेगा ।

(छः ) प्रश्नगत भूमि के संबंध में समस्त विकास प्रस्थापनाओं को दर्शाते हुए एक रिपोर्ट ।

(सात) उपयोगी कार्यों तथा सेवाओं जैसे जल प्रदाय , जल निकास और विद्युत प्रदाय और मलाशय (सेप्टिक टैंक ) के ब्यौरे दर्शाते हुए रेखांक में दर्शाते उपबन्ध किया गया है और उसके साथ मोरी के बीच में जल के निवर्तन को भी दर्शाया गया है ।

(आठ) वस्तुविद् सम्बन्धी अन्य ब्यौरे ।

(नौ) प्रस्थापित विकास कार्य का प्रकार अर्थात् आवास विषयक, वाणिज्यिक या औद्योगिक उपदर्शित करने वाली एक टिप्प्णी । 346( 35)

छत्तीसगढ़ राजपत्र, दिनांक 26 मार्च 2020

3. रेखांक ..(रजिस्ट्रीकृत योजनानुसार वास्तुविद / सर्वेक्षक का नाम) द्वारा तैयार किये गये

.पता हैं । रजिस्ट्रीकरण क्रमांक

4. मैने विहित किये गये मान के अनुसार शुल्क मुख्य शीर्ष 0217 नगरी विकास योजना नगर तथा ग्राम निवेश में चालान से जमा कर उसकी मूल प्रति अथवा अभिप्रमाणित प्रति संलग्न कर दी है ।

भवदीय

आवेदक के हस्ताक्षर पता...

छत्तीसगढ़ राजपत्र , दिनांक 26 मार्च 2020

346 (36)

प्ररूप - पन्द्रह

(नियम 18 (1 ) देखिये)

भूमि के विकास के लिए धारा -16 की उप - धारा (1 ) एवं धारा -29 की उपधारा (1 ) के अधीन अनुज्ञा

आवेदन पत्र का प्ररूप

प्रेषक

प्रति,

संचालक ,

नगर तथा ग्राम निवेश , छत्तीसगढ़

महोदय ,

मैं/ हम उस भूमि के, जिस पर मैं / हम आवश्यक स्वामित्व अधिकार रखता हूँ/ रखते हैं, जो सड़क / मार्ग वार्ड क्रमांक स्थित स्कीम का नाम ( यदि कोई हो) ...खण्ड क्रमांक ..भू- खण्ड क्रमांक ..पर ..वर्ग मीटर माप के भू- भाग पर भवन बनाने / पुनः बनाने , उसमें या / और परिवर्तन करने / उसकी मरम्मत कराने हेतु अनुज्ञा के लिए आवेदन करता हूँ/ करते हैं ।

1. मैं / हम निम्नलिखित की प्रतियां प्रस्तुत करता हूँ / करते हैं -

(क) संलग्न अनुसूची में कथित किये गये अनुसार रेखांकों, उन्नतांशों तथा अनुभागों बाबत् पत्रक ।

(ख) प्रस्तावित भवन का विहित प्रारूप में विशेष विवरण ।

2. रेखांक क्रमांक .पता ..रजिस्ट्रीकृत वास्तुविद / सर्वेक्षक का नाम रजिस्ट्रीकरण ......द्वारा तैयार किये गये हैं ।

3. मैने अधिनियम की धारा -16 की उपधारा (3) एवं धारा -29 की उपधारा (2 ) के अधीन बनाये गये नियम में विहित किये गये मान के अनुसार शुल्क मुख्य शीर्ष 0217 नगरीय विकास योजना, नगर तथा ग्राम निवेश में चालान से जमा कर उसकी मूल प्रति अथवा अभिप्रमाणित प्रति संलग्न कर दी है ।

भवदीय,

आवेदक के हस्ताक्षर

(पता) छत्तीसगढ़ राजपत्र , दिनांक 26 मार्च 2020

346(37)

विशेष विवरण - पत्रक

प्रस्तावित भवन का विशेष विवरण

1. भू-खण्ड का कुल क्षेत्रफल वर्ग मीटर

2. कुल निर्मित क्षेत्र

विद्यमान भू- तल

वर्ग मीटर / प्रस्तावित वर्ग मीटर

विद्यमान प्रथम मंजिल वर्ग मीटर / प्रस्तावित वर्ग मीटर

विद्यमान द्वितीय मंजिल वर्ग मीटर / प्रस्तावित वर्ग मीटर

3. वह प्रयोजन जिसके कि लिये ...भवन का उपयोग आशयित है । 4. विशेष विवरण , जो निम्नलिखित के निर्माण के उपयोग में लाया जायेगा-

(एक) नींव

(दो) दीवालें

(तीन) फर्श

(चार) छत

5. भवन में अन्तर्विष्ट होने वाली मंजिलों की संख्या

6. ऐसे व्यक्तियों की लगभग संख्या, जिन्हें कि वास स्थान दिया जाना प्रस्तावित है ।

7 उन शौचालयों की संख्या , जिनकी व्यवस्था की उप- धारा ।

8 क्या स्थल पर पूर्व में ही निर्माण हुआ है, यदि ऐसा हुआ हो, तो पूर्ववर्ती भवन रहने के लिए कब से उपयुक्त नहीं रहा

9. भवन निर्माण के प्रयोजनों के लिए उपयोग किये जाने वाले जल स्त्रोत ।

आवेदक के हस्ताक्षर

अनुसूची

रेखांक :

1. समस्त जल निकास पंक्तियाँ , मल संयोजनों या मलाशय की स्थिति सोकता (सोक पिट) और गृह जल निकास दर्शाते हुए 1 :200 के बराबर मान में स्थल रेखांक ।

2. निम्नलिखित को दर्शाते हुए 1: 100 के मान में एक भवन रेखांक ।

(एक) भू- तल रेखांक

नक्शे नियमित अनुमान के प्रारूप में होने चाहिए (दो) अन्य तल रेखांक

जिनमें कमरों के समस्त आयाम (डायमेन्शन्स)

(तीन) विशिष्ट अनुप्रच्छेद

खुले भाग, दीवाल छत फर्श , नीव , आर्द्रता

(टिपिकल कास सेक्शन )

निरोधक परत की मोटाई दर्शाई गई हो ।

(चार) अन्वायामाच्छेद

(लांगीट्यूडीनल सेक्शन)

(पांच) दो उन्नतांश

3. क्षेत्रों की सूची-

निर्मित क्षेत्र वर्ग फुट / वर्ग मीटर

खुला क्षेत्र

भूखण्ड का कुल क्षेत्र

4. खुले स्थानों की अनुसूची

अग्र मोड (फन्ट सेट बैक)

बाजू का मोड ( साईड सेट बैक)

पार्श्व का मोड (रीअर सेट बैक)

आवेदक के हस्ताक्षर 346( 38)

छत्तीसगढ़ राजपत्र, दिनांक 26 मार्च 2020

प्ररूप-सोलह

(नियम 18 (2) देखिये)

नगर तथा ग्राम निवेश विभाग, छत्तीसगढ़

आवेदन पत्र

1

TextBox and Fileupload

आवेदक का पूरा नाम (व्यक्ति / फर्म / सहकारी सोसायटी/ सोसायटी/ कंपनी या कोई अन्य वर्ग की है इसका उल्लेख करें एवं पार्टनरशिप डीड पीडीएफ फार्मेट में अपलोड करें)

2 कालोनाईजर रजिस्ट्रीकरण प्रमाण पत्र ( जारी करने वाला सक्षम प्राधिकारी / नगरीय निकाय का नाम क्रमांक एवं दिनांक छायाप्रति संलग्न करें । )

जारी करने वाला सक्षम प्राधिकारी / नगरीय निकाय का नाम

Dropdown List

क्रमांक

TextBox

दिनांक

TextBox

छायाप्रति संलग्न /अपलोड ( मार्डल फार्मेट पीडीएफ में अपलोड़)

Fileupload

3 वर्तमान पता

मकान नं.

Textbox

मोहल्ला/कॉलोनी

Textbox

शहर

Dropdown List

राज्य

Dropdown List

4 सर्वे क्रमांक सहित उस भूमि के ब्यौरे जिसका विकास करना अपेक्षित है ।

सर्व क्रमांक

Textbox

क्षेत्रफल

Textbox

ग्राम

Dropdown List

मोहल्ला/कॉलोनी

Textbox

शहर

Dropdown List

राज्य

Dropdown List

5 क्या आवेदक ने यह आवेदन - पत्र प्रस्तुत करने के पूर्व कोई भूमि विकसित की है यदि हाँ तो उसके ब्यौरे दीजिए । नाम (भूमि विकसित)

Textbox

ग्राम

Dropdown List

मोहल्ला/कॉलोनी

Textbox

शहर

Dropdown List

राज्य

Dropdown List

6

Fileupload

कॉलोनी की स्थापना हेतु वित्तीय संसाधनों के ब्यौरे ( शुद्ध मालीयत (नेट वर्थ) का उल्लेख करें (मॉडल फार्मेट पीडीएफ में अपलोड)

7

Fileupload

क्या आवेदक को कभी किसी अपराध के लिए दोषसिद्ध ठहराया गया है ? यदि हां तो ब्यौरे दीजिए ( यदि हां तो मॉडल फार्मेट पीडीएफ में अपलोड) छत्तीसगढ़ राजपत्र, दिनांक 26 मार्च 2020

346( 39) 8 किस उपयोग हेतु अनुज्ञा चाही गई है ।

Dropdown List

9 भूमि के अधिकार का त्यजन

Y/N

10 आवेदक यदि फर्म है तो टीन नंबर

Textbox

11 मोबाईल नंबर

Textbox

12 ईमेल

Textbox

13 आवेदक का हक आदि का सबूत, भूमि या भूखंड ( प्लाट ) का अधिकार , हक, सहित की साक्ष्य के निम्नलिखित सबूत संलग्न होंगे

Fileupload and Hyperlinkfrom Registraroffice

(क) मूल विक्रय विलेख , पट्टा विलेख या ऐसा कोई अन्य दस्तावेज जिसके अधीन भूमि या भूखण्ड (प्लाट) में अधिकार, हक व हित दावा किया गया है , की अभिप्रमाणित प्रति ।

(ख ) यदि वसियतनामा है तो नामांतरण की प्रति एवं खसरा संविलियन की प्रति अपलोड करें ।

Flleupload and Hyperlinkfrom Revenueoffice

Hyperlink from bhuiyan

(ग) खसरा नक्शे तथा खतोनी अभिलेख की अभिप्रमाणित प्रतिलिपि (खसरा- बी-1 , पी ।।)

(घ) प्राधिकारी को स्वीकार्य अन्य दस्तावेज ।

14 निम्नलिखित जानकारी मेरे / हमारे द्वारा नगर तथा ग्राम निवेश विभाग से मानचित्र स्वीकृत कराने हेतु तथा भूमि के व्यपवर्तन कराने हेतु सक्षम प्राधिकारी को प्रस्तुत किये जायेंगे जो कि निम्नानुसार है:-

(क) प्रस्तावित विकास मानचित्र ( खसरा सुपरइंपोज सहित)

Fileupload

(ख ) आर्थिक रूप से समाज के कमजोर वर्ग ( ई. डब्ल्यू.एस .) के लिए हस्तांतरण हेतु रेखांकित 15 प्रतिशत भूमि का ब्यौरा: -

1. यदि प्रस्तावित अभिन्यास एक एकड़ से कम हो तो:-

(Check Box) भुगतान (Check Box) भूखण्ड़

(चेक बाक्स) भुगतान

प्रस्तावित अभिन्यासी क्षेत्र में कलेक्टर गाईड लाईन दर

Rs

प्रस्तावित अभिन्यासी क्षेत्र की कुल भूमि का 15 प्रतिशत ई.डब्ल्यू.एस . का रकबा

Rs

15 प्रतिशत ई.डब्ल्यू.एस. भूमि के एवज में कलेक्टर गाईड लाईन दर अनुसार कुल राशि

(चेक बाक्स) भूखण्ड़

प्रस्तावित अभिन्यासी क्षेत्र के बाहर

(Check Box)

प्रस्तावित अभिन्यासी क्षेत्र की त्रिज्या के 01 किलोमीटर (ग्राम पंचायत क्षेत्र में) अथवा 03 किलोमीटर (स्थानीय नगरीय निकाय क्षेत्र में) की त्रिज्या के भीतर

प्रस्तावित अभिन्यासी क्षेत्र में कलेक्टर गाईड लाईन दर 346( 40)

छत्तीसगढ़ राजपत्र, दिनांक 26 मार्च 2020

प्रस्तावित ई.डब्ल्यू.एस . क्षेत्र में कलेक्टर गाईड लाईन दर

प्रस्तावित अभिन्यासी क्षेत्र में ई.डब्ल्यू.एस. भूमि का रकबा

प्रस्तावित ई.डब्ल्यू.एस . भूमि का रकबा

Rs

15 प्रतिशत ई.डब्ल्यू.एस. भूमि के एवज में कलेक्टर गाईड लाईन दर अनुसार कुल राशि

2. यदि प्रस्तावित अभिन्यास एक एकड़ से अधिक हो तो :-

प्रस्तावित अभिन्यासी क्षेत्र के बाहर

(Check Box)

(Check Box )

प्रस्तावित अभिन्यासी क्षेत्र की त्रिज्या के 01 किलोमीटर (ग्राम पंचायत क्षेत्र में ) अथवा 03 किलोमीटर ( स्थानीय नगरीय निकाय क्षेत्र में) की त्रिज्या के भीतर

प्रस्तावित अभिन्यासी क्षेत्र में कलेक्टर गाईड लाईन दर

Rs

Rs

प्रस्तावित ई.डब्ल्यू.एस . क्षेत्र में कलेक्टर लाईन दर

प्रस्तावित अभिन्यासी क्षेत्र में 15 प्रतिशत ई.डब्ल्यू.एस . भूमि का रकबा

प्रस्तावित ई.डब्ल्यू.एस. भूमि का रकबा

Rs

15 प्रतिशत ई.डब्ल्यू.एस. भूमि के एवज में कलेक्टर गाईड लाईन दर अनुसार कुल राशि

Textbox

(ग) प्रस्तावित ई.डब्ल्यू.एस . क्षेत्र के कॉर्डिनेट (अक्षांश - देशांतर)

15

Y/N

खसरे का एकीकरण किया जा चुका है ।

16 विभिन्न विभागों से अनापत्ति ।

Fileupload

आवेदक का नाम

पता 346(41)

छत्तीसगढ़ राजपत्र, दिनांक 26 मार्च 2020

प्ररूप-सत्रह

(नियम 19 (क) देखिये)

नगर तथा ग्राम निवेश विभाग, छत्तीसगढ़

आदेश

क्रमांक

दिनांक

प्रति,

श्री

विषय

विकास के लिए अनुज्ञा हेतु आवेदन पत्र ।

सन्दर्भ

आपका आवेदन पत्र क्रमांक

दिनांक

संदर्भित आपके आवेदन पत्र में यथावर्णित विकास कार्यों को कार्यान्वित करते हुए आपको एतद्वारा , छत्तीसगढ़ नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम, 1973 (क्र. 23 सन् 1973) की धारा 30 की उप- धारा (3) के अधीन अनुज्ञा निम्नालिखित शर्तों के अध्यधीन रहते हुए, दी जाती है , अर्थात्- (1 ) विकास प्रारम्भ करने के पहले भवन निर्माण की अनुज्ञा नगर निगम / नगर पालिका, ग्राम पंचायत से प्राप्त की जाये ।

(2)

...अनुमोदित योजना की प्रति संलग्न है ।

संचालक

नगर तथा ग्राम निवेश विभाग ,

छत्तीसगढ़ , रायपुर

क्रमांक

दिनांक

प्रतिलिपि-

1. आयुक्त नगर पालिका निगम सूचनार्थ अग्रेषित । की ओर अनुमोदित रेखांक की प्रति सहित 2. मुख्य कार्यपालन अधिकारी , नगर तथा ग्राम विकास प्राधिकरण की ओर अनुमोदित रेखांक की प्रति सहित सूचनार्थ अग्रेषित ।

3. मुख्य नगर पालिका अधिकारी , नगर पालिका सरपंच , ग्राम पंचायत ओर अनुमोदित रेखांक की प्रति सहित सूचनार्थ अग्रेषित । की

संचालक

नगर तथा ग्राम निवेश विभाग ,

छत्तीसगढ़ , रायपुर छत्तीसगढ़ राजपत्र, दिनांक 26 मार्च 2020

346(42)

प्ररूप -अठ्ठारह

(नियम 19(ख) देखिये)

नगर तथा ग्राम निवेश विभाग, छत्तीसगढ़

आदेश

क्रमांक

दिनांक

प्रति,

श्री

विषय

विकास के लिए अनुज्ञा हेतु आवेदन पत्र ।

सन्दर्भ

तारीख

आपका आवेदन पत्र क्रमांक

आपको एतद्वारा , यह सूचित किया जाता है कि संदर्भ अंतर्गत आपके आवेदन पत्र , यथावर्णित विकास कार्य कार्यान्वित करने की अनुमति देने से छत्तीसगढ़ नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम, 1973 (क्र. 23 सन् 1973) की धारा 30 (1 ) (ग ) के अधीन नीचे दिये गये आधारों पर इन्कार किया जाता हैं-

1. 2.

3.

संचालक

नगर तथा ग्राम निवेश विभाग , छत्तीसगढ़ , रायपुर छत्तीसगढ़ राजपत्र, दिनांक 26 मार्च 2020

346 (43)

प्ररूप-उन्नीस

(नियम 19 (ग) देखिये)

अनुमोदित अभिन्यास में संशोधन के लिये आवेदन पत्र का प्ररूप

प्रति,

संचालक,

नगर तथा ग्राम निवेश, अटल नगर, रायपुर (छत्तीसगढ़ )

महोदय,

छत्तीसगढ़ नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम की धारा 30 - क में अंतर्विष्ट प्रावधानों के अनुसार मैं / हम, संयुक्त संचालक / उप संचालक/ सहायक संचालक, ..द्वारा प्रदान की गई अनुज्ञा में उक्त अधिनियम की धारा 30 के अंतर्गत संशोधन करने के लिये आवेदन करता हूँ/ करते हैं ।

अनुमोदित अभिन्यास के अंतर्गत आने वाली भूमि का विवरण निम्नानुसार दिया गया हैः-

1. ग्राम का नाम

तहसील का नाम

..जिला

प.ह.नं. ..राजस्व वृत्त क्र. ..खसरा क्र.

2. मैं / हम अनुमोदित अभिन्यास के संबंध में निम्नलिखित जानकारी प्रस्तुत करते हैं : -

(क) क्र.

...दिनांक .(अनुमोदित अभिन्यास की प्रति संलग्न करें)

(ख) भूमि के व्यपवर्तन प्रकरण का क्र.

दिनांक (आदेश की प्रति संलग्न करें)

(ग) सक्षम प्राधिकारी से प्राप्त की गई भवन निर्माण अनुज्ञा का पत्र क.

दिनांक (अनुमोदन का प्रमाणपत्र संलग्न करें)

3. अनुमोदित अभिन्यास स्थल पर किये गये विकास की अद्यतन स्थिति: -

(एक) निर्माण की गई संरचनाओं का विवरण:

(दो) विक्रय किये गये भूखण्ड / आवास / प्रकोष्ठ का विवरण

(तीन) बंधक रखे गये भूखंडों / आवासों का विवरण :

4. रजिस्ट्रीकृत वास्तुविद / नगर नियोजक / इंजीनियर / संरचना इंजीनियर / पर्यवेक्षक का नाम व पता

पंजीकरण क्र.

5. (एक) अनुमोदित अभिन्यास में प्रस्तावित संशोधन का विवरण:

(1)

(2)

(3)

(प्रस्तावित संशोधन को पीले रंग से दर्शित किया जायेगा)

(दो) आर्किटेक्ट/ इंजीनियर द्वारा हस्ताक्षरित संशोधित अभिन्यास की रेखांक की प्रति संलग्न करें, जिसके साथ निम्नानुसार रेखांक / जानकारी भी प्रस्तुत की जाये;

(क) समस्त जल निकास पंक्तियां, मल संयोजनों या मलाशय की स्थिति, सॉक पिट और गृह जल निकास दर्शाते हुए 1:200 के अनुपात में स्थल रेखांक ।

(ख) निम्नलिखित को दर्शाते हुए 1: 100 के अनुपात में भवन रेखांक ।

(एक) भू- तल रेखांक छत्तीसगढ़ राजपत्र, दिनांक 26 मार्च 2020

346(44)

(दो) अन्य तल रेखांक

(तीन) विशिष्ट अनुप्रच्छेद (टिपिकल कास सेक्सन)

(चार) अन्वायामाच्छेद ( लांगीट्यूडीनल सेक्शन)

(ग) क्षेत्रों की सूची

(एक) निर्मित क्षेत्र वर्गमीटर

(दो) खुला क्षेत्र वर्गमीटर

(तीन) भूखण्ड का कुल क्षेत्र वर्गमीटर

(घ) खुले स्थानों की अनुसूची

(एक) अग्र खुला क्षेत्र (फन्ट सेट बैक)

(दो) पार्श्व खुला क्षेत्र (साईड सेट बैक)

(तीन) पृष्ठ खुला क्षेत्र (रीअर सेट बैक)

(ड. ) भूमि के स्वामित्व के दस्तावेजों जैसे खसरा पांचसाला , बी -1 तथा भूमि के मजमूली नक्शे की पटवारी द्वारा प्रमाणित प्रति संलग्न की जाये ।

6. यदि पूर्व में अनुमोदित अभिन्यास से हटकर या उसके विपरीत कोई विकास कार्य / निर्माण कार्य किया गया हो , तो उसका विवरण.

7. मैने नियम में विहित किये गये शुल्क मुख्य शीर्ष -0217 नगरीय विकास योजना , नगर तथा ग्राम निवेश में चालान से जमा कर उसकी मूल प्रति अथवा अभिप्रमाणित प्रति संलग्न कर दी है ।

8. संलग्न प्रपत्र- एक में शपथ-पत्र.

आवेदक के हस्ताक्षर

नाम

पिता का नाम

डाक का पता

ई- मेल एड्रेस ( यदि कोई हो )

दूरभाष नं.

मोबाइल नं.

छत्तीसगढ़ राजपत्र, दिनांक 26 मार्च 2020

346 ( 45)

शपथ-पत्र

..पुत्र / पुत्री / पति

उम्र

...निवासी मोहल्ला / ग्राम

मैं तहसील

जिला ..(छत्तीसगढ़) शपथपूर्वक कथन करता हूं कि -

(1) मेरेद्वारा मेरी / हमारी ग्राम

खसरा नंबर

..तहसील

..जिला

प.ह.नं. .स्थित भूमि के अनुमोदित अभिन्यास में संशोधन के लिये छत्तीसगढ़ नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम, 1973 की धारा 30- क के अंतर्गत संशोधित अभिन्यास आवेदन प्रस्तुत किया गया है । (2) आवेदन में मेरे द्वारा पैरा से में सही है । पैरा तक दी गई जानकारी सत्य है एवं मेरे ज्ञान (3 ) उपरोक्त उल्लिखित भूमि मेरे / हमारी कम्पनी / सोसायटी के आधिपत्य में हैं. तथा उक्त भूमि के स्वामित्व के संबंध में कोई विवाद नहीं है ।

(4) इस भूमि पर विकास अथवा निर्माण के संबंध में कोई न्यायालयीन वाद लंबित नहीं है तथा किसी न्यायालय द्वारा इस संबंध में कोई निषेधाज्ञा जारी नहीं की गई है ।

(5) मेरे/ कम्पनी / सोसायटी द्वारा किसी शासकीय भूमि, जिसमें नहर या आम रास्ते की भूमि सम्मिलित है, पर किसी प्रकार का अतिक्रमण नहीं किया गया है.

(6) मेरी कम्पनी / सोसायटी के स्वामित्व तथा आधिपत्य में अभिन्यास में दर्शित भूमि में, अन्य अभिन्यास योजना से संबंधित भूमि को सम्मिलित नहीं किया गया है ।

(7) मैं / कम्पनी / सोसायटी द्वारा अभिन्यास में किसी तथ्य एवं संबंधित जानकारी को छुपाया नहीं गया है । मैं / हम भूमि के संबंध में किसी भी त्रुटिपूर्ण जानकारी के लिये पूर्ण रूप से जिम्मेदार रहूंगा / रहेंगे ।

शपथकर्ता

सत्यापन

मैं ...सत्य निष्ठा के साथ सत्यापित करता हूँ/ करती हूँ कि उपरोक्त कंडिका 01 से 07 में दी गई जानकारी एवं कथन मेरे सर्वोत्तम ज्ञान के अनुसार सत्य एवं सही है. वर्ष

..माह की

..तारीख को सत्यापित एवं हस्ताक्षरित. के छत्तीसगढ़ राजपत्र, दिनांक 26 मार्च 2020

346( 46)

प्ररुप-बीस

(नियम 20 (क)(1 ) देखिये)

धारा 30ख के अधीन भू- खण्डों के विलियन हेतु सार्वजनिक सूचना

जनसामान्य की जानकारी हेतु एतद्वारा , यह अधिसूचित किया श्री/ श्रीमती / मेसर्स . जो नगर / ग्राम........ ..हेतु आदेश क्रमांक.. अभिन्यास में स्थित.. ...प्रयोजन के भू- खण्ड क्रमांक.. जाता है कि ..के खसरा क्रमांक....... ..द्वारा स्वीकृत दिनांक . ...के स्वामी है , और श्री / श्रीमती / मेसर्स.. खसरा क्रमांक. स्वीकृत अभिन्यास में स्थित.. खसरा क्रमांक . रकबा . जो नगर... ..में स्थित भूमि के हेतु आदेश क्रमांक.. ग्राम. के दिनांक. .द्वारा ..प्रयोजन के भू- खण्ड अथवा नगर / ग्राम... भूमि जिसका भूमि उयोग द्वारा उपरोक्त भू- खण्ड / भू- खण्ड एवं भूमियों के वर्गीकरण हेतु आवेदन प्रस्तुत किया है । ..है , के स्वामी हैं कोई भी हितबद्ध व्यक्ति उक्त मर्जर के बारे में अपनी आपत्ति या सुझाव इस सूचना के प्रकाशन के पंन्द्रह दिन के भीतर, अधोहस्ताक्षरकर्ता के कार्यालय में प्रस्तुत कर सकेगा । पूर्व स्वीकृत अनुज्ञा के ब्यौरे तथा मर्जर की जा रही भूमि/ भू- खण्ड का हितबद्ध व्यक्तियों द्वारा निरीक्षण उपरोक्त कार्यालय में कार्यालयीन समय के दौरान किया जा सकता है ।

संचालक नगर तथा ग्राम निवेश छत्तीसगढ़ 346(47)

छत्तीसगढ़ राजपत्र , दिनांक 26 मार्च 2020

प्ररुप- इक्कीस

(नियम 20 (क) (6) देखिये)

धारा 30ख के अधीन भू- खण्ड के विभाजन हेतु सार्वजनिक सूचना

जनसामान्य की जानकारी हेतु एतद्वारा , यह अधिसूचित किया श्री/ श्रीमती / मेसर्स.. क्रमांक.. स्वीकृत अभिन्यास में स्थित... ने , जो नगर / ग्राम... ..हेतु आदेश क्रमांक.. दिनांक.. ..प्रयोजन के भू- खण्ड क्रमांक.. द्वारा उक्त भू- खण्ड के विभाजन हेतु आवेदन प्रस्तुत किया है । जाता है कि ..के भू- खण्ड ..द्वारा ..के स्वामी है, कोई भी हितबद्ध व्यक्ति उक्त विभाजन के बारे में अपनी आपत्ति या सुझाव इस सूचना के प्रकाशन होने की तारीख से पन्द्रह दिन के भीतर , अधोहस्ताक्षरकर्ता को प्रस्तुत कर सकेगा । पूर्व अनुज्ञा के ब्यौरे तथा विभाजित किये जाने वाले भू- खण्ड का हितबद्ध व्यक्तियों द्वारा निरीक्षण मेरे कार्यालय में कार्यालयीन समय के दौरान किया जा सकता है ।

संचालक नगर तथा ग्राम निवेश इन्द्रावती भवन, नवा रायपुर, अटल नगर, रायपुर छ ०ग० छत्तीसगढ़ राजपत्र, दिनांक 26 मार्च 2020

346(48)

प्ररुप-बाईस

(नियम 20 (ख ) (1 )देखिये)

भू-खण्डों के विभाजन हेतु आवेदन प्ररुप

प्रति,

महोदय ,

पर मैं / हम , शहर / कालोनी /ग्राम भूमि के विकास आदेश क्रमांक की खसरा क्रमांक.. दिनांक.. ..द्वारा पूर्व में स्वीकृत प्लान में स्थित परिसर के उपयोग हेतु भू- खण्ड ..के स्वामी हूँ/ हैं । मैं स्वयं के सम्यक हस्ताक्षर द्वारा तथा.. ..(स्पष्ट अक्षरों में नाम) वास्तुविद् / संरचना इंजिनियर / इंजिनियर / सुपरवाईजर / नगर निवेशक , जिनकी अनुज्ञप्ति क्रमांक.. है निम्नलिखित दस्तावेज प्रस्तुत करता हूँ/ करते है: -

1. स्वीकृत प्लान की एक प्रति ।

2. साईट प्लान।

3. भू- खण्डों के विभाजन के पश्चात् प्रस्तावित अभिन्यास प्लान ।

4. भूमि स्वामित्व / हक संबंधी दस्तावेज ।

5. गृह निर्माण मंण्डल , विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण , नगर विकास प्राधिकरण का अनापत्ति प्रमाण पत्र (यदि अपेक्षित हो) ।

6. भुगतान की रसीद की प्रति ।

7. आशय , कब्जे की स्थिति तथा भूमि किसी भी न्यायालय में विवादित नहीं है, का स्पष्ट कथन करते हुए शपथ पत्र ।

8. संलग्न भू- खण्ड के स्वामियों की सूची ।

मैं / हम अनुरोध करता हूँ/ करते है कि.. भू- खण्ड का विभाजन अनुमोदित किया जाए ।

भू- स्वामी के हस्ताक्षर...

भू- स्वामी का नाम तथा पता..

संपर्क( दूरभाष / मोबाईल) क्रमांक..

ई- मेल आई.डी..

दिनांक..

346 (49)

छत्तीसगढ़ राजपत्र, दिनांक 26 मार्च 2020

प्ररुप-तेईस

(नियम 20(ख) (4)देखिये)

भू- खण्डों के विलय हेतु आवेदन प्ररुप

प्रति,

महोदय,

मैं / हम निम्नलिखित विलियन हेतु अनुज्ञा के लिए आवेदन करते है: -

परिसर का उपयोग भू- खण्ड क्रमांक दिनांक जो कि ..स्थित है , द्वारा स्वीकृत अभिन्यास का भाग है एवं आदेश क्रमांक. जिसका स्वामी है ।

या

अवस्थित भू- खण्ड के खसरा क्रमांक.......... ./जिसका भूमि उपयोग .(ग्राम) .(क्षेत्र). ..शहर. वर्गीकरण है । (जो लागू न हो उसे काट दें) मैं एतद्वारा स्वयं के द्वारा सम्यक् रुप से हस्ताक्षरित निम्नलिखित दस्तावेज प्रस्तुत करता हूँ तथा (स्पष्ट अक्षरों में नाम) वास्तुविद् / संरचना इंजिनियर / इंजिनियर / सुपरवाईजर / नगर निवेशक जिनका अनुज्ञप्ति क्रमांक.. है ।

1. स्वीकृत अभिन्यास की एक प्रति।

2. साईट प्लान ।

3. विकास योजना में दर्शाये अनुसार भूमि उपयोग ।

4. भूमि का प्रमाणित खसरा अक्स (आसपास की भूमि एवं उनकी सीमायें दर्शाते हुए)

5. मर्जर भू- खण्ड ( संयुक्तिकृत भू- खण्ड) दर्शाते हुए प्रस्तावित अभिन्यास प्लान (अथवा भूमि के साथ विलीन भू- खण्ड)

6. समस्त भू- खण्ड/ अंतर्वलित भूमि के स्वामित्व संबंधी दस्तावेज

7. संबंधित अभिकरण जैसे गृह निर्माण मंण्डल, विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण , नगर विकास प्राधिकरण का अनापत्ति प्रमाण पत्र , यदि उसके द्वारा योजना (प्लान ) विकसित किये गये थे । 8. शपथ पत्र (आशय , कब्जे की स्थिति तथा भू- खण्ड / भूमि न्यायालय में विवाद का विषय नहीं है , का स्पष्ट कथन करते हुए )

9. शुल्क के भुगतान की रसीद की प्रति ।

10. संलग्न भू- खण्ड के स्वामियों की सूची ।

मैं / हम अनुरोध करता हूँ/ करते है कि मर्जर (विलीन) को अनुमोदित किया जाए ।

भू-स्वामियों के हस्ताक्षर..

भू-स्वामियों का नाम तथा पता..

संपर्क (दूरभाष / मोबाईल) कमांक..

ई- मेल आई.डी..

दिनांक..

346 (50)

छत्तीसगढ़ राजपत्र , दिनांक 26 मार्च 2020

प्ररूप-चौबीस

(नियम 23 देखिये)

सूचना

प्रेषक

प्रति,

सचिव,

छत्तीसगढ़ शासन, आवास एवं पर्यावरण विभाग , छत्तीसगढ़

महोदय,

तारीख मैं / यह निवेदन करते हैं कि मैं / हम उस भूमि ( के, जो सूचना क्रमांक द्वारा प्रकाशित विकास योजना में है, का / के स्वामी हूं/ हैं । ...रूप में अभिहित की गई 1. भूमि अपनी वर्तमान स्थिति में युक्तियुक्त रूप से फायदाप्रद उपयोग के लिए अयोग्य हो गई है या अनुज्ञात विकास की अनुज्ञा के अनुसार कार्यान्वित करके भूमि को युक्तियुक्त रूप से फायदाप्रद उपयोग के योग्य नहीं बनाया जा सकता ।

2. विक्रय मूल्य निम्नलिखित कारणों से कम हो गया है:-

मैं/ हम यह प्रार्थना करता हूँ करते हैं कि सरकार छत्तीसगढ़ नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम , 1973 की धारा 34 (5) के उपबन्दों के अनुसरण में भूमि सम्बन्धी आवश्यक हित अर्जित करें । संलग्न-

आवेदक के हस्ताक्षर 346 ( 51 )

छत्तीसगढ़ राजपत्र , दिनांक 26 मार्च 2020

प्ररूप- पच्चीस

(नियम 24 देखिये)

(भूमि प्रतिधारित करने हेतु अनुज्ञा )

प्रेषक-

प्रति,

संचालक,

नगर तथा ग्राम निवेश

नवा रायपुर , अटल नगर, रायपुर, (छत्तीसगढ )

विषय

..तारीख

सन्दर्भ - आपकी सूचना क्रमांक

महोदय,

उपर्युक्त निर्दिष्ट आपकी सूचना के संदर्भ में मै / हम निवेदन करता हूँ/ करते हैं कि मुझे / हमें भूमि पर ..प्रयोजन, हेतु भवन या संकर्मों को बना रहने दिया जाने के लिए या उस भूमि के किसी उपयोग को चालू रखने के लिए छत्तीसगढ़ नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम , 1973 (क्रमांक 23 सन् 1973 ) की धारा 37 की उपधारा (3) के अधीन अनुमति देने की कृपा करें ।

भूमि पर बने रहने के लिए कारण निम्नानुसार है

भवदीय

स्थान

तारीख

(आवेदक) छत्तीसगढ़ राजपत्र , दिनांक 26 मार्च 2020

346 ( 52)

प्ररूप-छब्बीस

(नियम 27 देखिये)

नगर विकास योजना तैयार करने के आशय की सूचना

छत्तीसगढ़ नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम, 1973 की धारा 50 की उप- धारा (2) के अधीन सर्वसाधारण की जानकारी के लिए एतद्वारा यह घोषित किया जाता है तथा प्रकाशित किया जाता है कि स्कीम तैयार करने का आशय रखता है । ..नगर तथा ग्राम निवेश प्राधिकारी ...के सम्बन्ध में नगर विकास

नगर तथा ग्राम विकास प्राधिकारी 346(53)

छत्तीसगढ़ राजपत्र , दिनांक 26 मार्च 2020

प्ररूप- सत्ताईस

(नियम 27 (2 ) देखिये )

नगर विकास योजना के प्ररूप के प्रकाशन की सूचना

एतद्वारा यह सूचना दी जाती है कि छत्तीसगढ़ नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम , 1973 (क्र. 23 सन् 1973) की धारा 50 की उप- धारा (3) के अधीन ..क्षेत्र के लिए नगर विकास स्कीम का प्रारूप तैयार किया गया है तथा उसकी एक प्रति निम्नलिखित कार्यालयों में कार्यालय समय के दौरान निरीक्षण के लिए उपलब्ध है -

(1)

(2)

किसी भी ऐसी आपत्ति या सुझाव पर , जो उस स्कीम से प्रभावित किसी व्यक्ति से इस सूचना के छत्तीसगढ़ राजपत्र में प्रकाशित होने की तारीख से तीस दिन के भीतर लिखित में प्राप्त हो , उस पर नगर तथा ग्राम विकास प्राधिकारी द्वारा विचार किया जायेगा ।

नगर तथा ग्राम विकास प्राधिकारी 346( 54)

छत्तीसगढ़ राजपत्र, दिनांक 26 मार्च 2020

प्ररूप-अट्ठाईस

(नियम 27 (4) देखिये) नगर विकास योजना के प्रारूप स्वीकृति के प्रकाशन की सूचना

एतद्वारा यह सूचना दी जाती है कि छत्तीसगढ़ नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम, 1973 (क्र. 23 सन् 1973) की धारा 50 की उप- धारा (6) के अधीन ..क्षेत्र के लिए नगर विकास योजना का प्रारूप स्वीकृत किया जाता है तथा उसकी एक प्रति निम्नलिखित कार्यालयों में कार्यालय समय के दौरान निरीक्षण के लिए उपलब्ध है

(1)

(2)

किसी भी ऐसी आपत्ति या सुझाव पर, जो उस योजना से प्रभावित किसी व्यक्ति से इस सूचना के छत्तीसगढ़ राजपत्र में प्रकाशित होने की तारीख से तीस दिन के भीतर लिखित में प्राप्त हो, उस व्यक्ति को व्यक्तिशः सुनवाई का अवसर देने के पश्चात्, यदि ऐसी वांछा करें छत्तीसगढ़ शासन द्वारा विचार किया जायेगा ।

सचिव /विशेष सचिव / संयुक्त सचिव/ उप सचिव छत्तीसगढ़ शासन , आवास एवं पर्यावरण विभाग छत्तीसगढ़ राजपत्र , दिनांक 26 मार्च 2020

346( 55)

प्ररूप- उन्तीस

(नियम 27 (6) देखिये) अंतिम नगर विकास योजना अनुमोदन की सूचना

छत्तीसगढ़ नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम, 1973 (क्र. 23 सन् 1973) की धारा 50 की उप -धारा ( 8) के अधीन निवेश क्षेत्र के लिए यथा अनुमोदित नगर विकास योजना को सर्वसाधारण की जानकारी के लिए एतद्वारा प्रकाशित किया जाता है और उक्त योजना की प्रतियां निम्नलिखित कार्यालयों में कार्यालय समय के दौरान निरीक्षण के लिए उपलब्ध है, अर्थात-

(1)

(2)

उक्त नगर विकास योजना ..तारीख से प्रवर्तित होगी ।

सचिव /विशेष सचिव/ संयुक्त सचिव/ उप सचिव छत्तीसगढ़ शासन , आवास एवं पर्यावरण विभाग छत्तीसगढ़ राजपत्र , दिनांक 26 मार्च 2020

346 ( 56)

प्ररूप-तीस

(नियम 31 ( 1 ) देखिये) नगर तथा ग्राम विकास प्राधिकारी

..के लिए ग्राम विकास योजना पूर्ण हो गई है । छत्तीसगढ़ नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम, 1973 (क्र. 23 सन् 1973) की धारा 60 (1 ) के अधीन सूचना । सर्वसाधारण की जानकारी के लिए एतद्वारा यह अधिसूचित तथा घोषित किया जाता है कि

2. नगर तथा ग्राम विकास प्राधिकारी, योजना से प्रभावित विकास प्रभार (नीचे दी गई अनुसूची में दर्शाये गये अनुसार ) उद्ग्रहीत करने का आशय रखता है । ..क्षेत्र में, जो उसके समीपस्थ है , 3. उपर्युक्त क्षेत्र के भीतर आने वाली भूमि के स्वामी ऊपर पैरा 2 में विनिर्दिष्ट किये गये विकास प्रभारों का भुगतान करने के दायित्वधीन है ।

4. इस संबंध में आपत्तियां ( यदि कोई हों, तारीख.. तक (जो इस सूचना के प्रकाशन की तारीख से तीस दिन से कम नहीं होगी ) अधोहस्ताक्षरी द्वारा आमंत्रित की जाती है ।

अनुसूची

स्वामी का नाम

टिप्पणी

प्लाट मूल्य

मूल क्षेत्रफल

स. क्रमांक

मूल्योंमें अन्तर कालम (5-4)

वर्धित प्लाट स्वामियों द्वारा विकास प्रभार के रूप में संदेय रकम

योजना के कार्यान्वयन के कारण वर्धित मूल्य

(3)

(1)

(2)

(4)

(5)

(6)

(7)

(8)

नगर तथा ग्राम विकास प्राधिकारी 346( 57)

छत्तीसगढ़ राजपत्र , दिनांक 26 मार्च 2020

प्ररूप- इकतीस

(नियम 31 (2) देखिये)

नगर तथा ग्राम विकास प्राधिकारी

प्रति,

श्री खसरा क्रमांक आत्मज श्री ग्राम/ नगर से सम्पत्ति क्रमांक वाली आपकी भू- संपत्ति इस प्राधिकारी की नगर विकास योजना ..द्वारा प्रभावित हुई है , छत्तीसगढ़ नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम , 1973 (क्र. 23 सन् 1973) की धारा 60 की उप - धारा (4) के अधीन आपको एतद्वारा , यह सूचना दी जाती है कि आप पर शोध्य रूप में रूपये विकास प्रभार निर्धारित किये गये हैं आपसे एतद्वारा यह अपेक्षा की जाती है कि इस सूचना की प्राप्ति की तारीख से तीस दिन के भीतर नगर तथा ग्राम विकास प्राधिकारी के पास उपर वर्णित किये गये विकास प्रभारों का निक्षेप करें ।

मुख्य कार्यपालन अधिकारी नगर तथा ग्राम विकास प्राधिकारी

अटल नगर, दिनांक 25 मार्च 2020

क्रमांक एफ7-24/ 2018/32. भारत के संविधान के अनुच्छेद 348 के खण्ड (3) के अनुसरण में इस विभाग की समसंख्यक अधिसूचना दिनांक 25-03-2020 का अंग्रेजी अनुवाद राज्यपाल के प्राधिकार से एतद्वारा प्रकाशित किया जाता है ।

छत्तीसगढ़ के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार , भोसकर विलास संदिपान , संयुक्त सचिव.

Cite this issue. Chattisgarh Gazette - Extraordinary, Government of Chattisgarh, 26 March 2020. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gazette.chhattisgarh.eo.2020-03-26.173/. Archive identifier in.gazette.chhattisgarh.eo.2020-03-26.173.