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Chattisgarh Gazette - Extraordinary · Government of Chattisgarh

छत्तीसगढ़ प्लास्टिक और अन्य जैव अनाशित सामग्री (उपयोग और निस्तारण का विनियमन) विधेयक, 2020 (क्रमांक 2 सन् 2020)

Published 31 March 2020

Department
छ.ग. विधान सभा सचिवालय
Type
Extraordinary
Gazette no.
180
Notification no.
क्रमांक-5035/वि.स./विधान/2019
Identifier
in.gazette.chhattisgarh.eo.2020-03-31.180
Languages
English, Hindi

00000000000

छत्तीसगढ शासन

पंजीयन क्रमांक "छत्तीसगढ़/दुर्ग/ 09 / 2013-2015 . "

सत्यमेव जयते

"बिजनेस पोस्ट के अन्तर्गत डाक शुल्क के नगद भुगतान (बिना डाक टिकट) के प्रेषण हेतु अनुमत. क्रमांक जी.2-22- छत्तीसगढ़ गजट / 38 सि. से. भिलाई. दिनांक 30-05-2001 . "

छत्तीसगढ़ राजपत्र

(असाधारण)

प्राधिकार से प्रकाशित

-चैत्र 11 , शक 1942

क्रमांक 180 ]

रायपुर, मंगलवार, दिनांक 31 मार्च 2020-

छत्तीसगढ़ विधान सभा सचिवालय

रायपुर, गुरूवार, दिनांक 26 मार्च, 2020 (चैत्र 6, 1942)

क्रमांक-5035 / वि.स./विधान /2019. छत्तीसगढ़ विधान सभा की प्रक्रिया तथा कार्य संचालन संबंधी नियमावली के नियम 64 के उपबंधों के पालन में छत्तीसगढ़ प्लास्टिक और अन्य जैव अनाशित सामग्री (उपयोग और निस्तारण का विनियमन) विधेयक, 2020 (क्रमांक 2 सन् 2020 ) जो गुरूवार, दिनांक 26 मार्च, 2020 को पुरःस्थापित हुआ है, को जनसाधारण की सूचना के लिये प्रकाशित किया जाता है ।

हस्ता./- (चन्द्र शेखर गंगराड़े ) प्रमुख सचिव.

359 360

छत्तीसगढ़ राजपत्र , दिनांक 31 मार्च 2020

छत्तीसगढ़ विधेयक

(क्रमांक 2 सन् 2020)

छत्तीसगढ़ प्लास्टिक और अन्य जैव अनाशित सामग्री (उपयोग और निस्तारण का विनियमन) विधेयक , 2020

अनुक्रमणिका

खण्ड

विवरण

अध्याय -एक

प्रारम्भिक

1. संक्षिप्त नाम , विस्तार और प्रारम्भ.

2. परिभाषाएं .

अध्याय

दो

जैव अनाशित सामग्री के प्रयोग पर प्रतिबन्ध अथवा प्रतिषेध

3. जैव अनाशित सामग्री से विनिर्मित कतिपय वस्तुओं पर प्रतिबंध या प्रतिषेध

4. जैव नाशित एवं जैव अनाशित सामग्री को खुले में फेंकने पर प्रतिबंध

5. जैव अनाशित कूड़ा - कचरा जलाने पर प्रतिबंध

अध्याय - तीन

जैव अनाशित कूड़ा- कचरे का प्रबन्ध

6. कूड़ादान रखने की व्यवस्था करना.

7. जैव अनाशित कूड़ा - कचरा को संग्रहित और जमा करने का स्वामियों और अधिभोगियों का कर्तव्य.

8. स्थानीय प्राधिकारी अथवा सक्षम प्राधिकारी की शक्ति एवं दायित्व.

9. प्रवेश एवं निरीक्षण की शक्ति.

अध्याय

चार

शास्तिऔर दण्ड

10. शास्तियां.

11. कम्पनियों द्वारा अपराध.

12. अपराधों का संक्षिप्त विचारण.

13. अपराधों का प्रशमन.

छत्तीसगढ़ राजपत्र, दिनांक 31 मार्च 2020

360(1)

अध्याय

पांच

प्रकीर्ण

14. प्राधिकरण गठित करने , अधिकारियों की नियुक्ति करने एवं निर्देश जारी करने की राज्य शासन की शक्ति.

15. संशोधन करने की शक्ति.

16. प्रत्यायोजन की शक्ति.

17. स‌द्भावपूर्वक की गई कार्यवाही का संरक्षण.

18. व्यावृत्ति.

19. नियम बनाने की शक्ति.

अनुसूची 360 (2)

छत्तीसगढ़ राजपत्र , दिनांक 31 मार्च 2020

छत्तीसगढ़ विधेयक

(क्रमांक 2 सन् 2020)

छत्तीसगढ़ प्लास्टिक और अन्य जैव अनाशित सामग्री (उपयोग और निस्तारण का विनियमन ) विधेयक, 2020

यतः, संविधान का अनुच्छेद 48 क, पर्यावरण की संरक्षण एवं सुधार हेतु प्रयास करने के लिये राज्य को आदिष्ट करता है ;

और यतः भारत के संविधान का अनुच्छेद 51 क, भारत के प्रत्येक नागरिक पर प्राकृतिक पर्यावरण के संरक्षण और संवर्धन करने का कर्तव्य अधिरोपित करता है ।

और यतः, भारत के संविधान के अनुच्छेद 246 का खण्ड (3 ), लोक स्वास्थ्य एवं स्वच्छता से संबंधित विषयों के संबंध में विधि निर्मित करने हेतु राज्य शासन को सशक्त करता है ;

और यतः, यह महसूस किया गया है कि छत्तीसगढ़ राज्य में जैव अनाशित सामग्री की उपस्थिति के कारण होने वाले प्रदूषण को नियंत्रण करने एवं निवारण में विद्यमान विधान , पर्याप्त नहीं है;

और यतः, छत्तीसगढ़ राज्य में सार्वजनिक नालियों, सड़कों एवं सार्वजनिक स्थानों में जैव अनाशित सामग्री / कूडा- कचरा को फेंके जाने अथवा एकत्र किये जाने को नियंत्रित करना तथा रोकना, और उससे संबंधित एवं उसके आनुषंगिक विषयों को विनियमित करना , आवश्यक प्रतीत होता है;

अतएव, उक्त प्रयोजन के लिये विधान के निर्माण के संबंध में तत्काल कार्यवाही करना समीचीन है;

भारत गणराज्य के इकहत्तरवें वर्ष में छत्तीसगढ़ विधानमण्डल द्वारा निम्नलिखित रूप में यह अधिनियमितहोः-

अध्याय-एक प्रारम्भिक

संक्षिप्त नाम, विस्तार तथा प्रारंभ. 1. (1 ) यह अधिनियम छत्तीसगढ़ प्लास्टिक और अन्य जैव अनाशित सामग्री (उपयोग और निस्तारण का विनियमन) अधिनियम, 2020 कहलायेगा ।

(2) इसका विस्तारं सम्पूर्ण छत्तीसगढ़ राज्य में होगा ।

(3 ) यह इसके राजपत्र में प्रकाशन की तारीख से प्रवृत्त होगा । छत्तीसगढ़ राजपत्र , दिनांक 31 मार्च 2020

360 ( 3 ) 2.

परिभाषाएं .

(1 ) इस अधिनियम में, जब तक कि संदर्भ से अन्यथा अपेक्षित न हो,-

(क) "जैवनाशित सामग्री" से अभिप्रेत है कोई ऐसी कार्बनिक सामग्री, जिसे सूक्ष्म जैवों द्वारा सरलतर टिकाऊ सम्मिश्रण में नष्ट किया जा सकता हो;

(ख) "सक्षम प्राधिकारी " से अभिप्रेत है कोई प्राधिकारी , अधिकारी या व्यक्ति, जिसे इस अधिनियम के किन्हीं प्रावधानों के प्रवर्तन के लिये, राज्य शासन द्वारा , अधिसूचना द्वारा , नियुक्त किया गया हो;

(ग) " घरेलू परिसंकटमय अपशिष्ट" से अभिप्रेत है घरेलू स्तर में उत्पन्न कोई सामग्री, जो बड़े पैमाने पर जनता को प्रतिकूल रूप से प्रभावित करेगा या खतरनाक किसी भी बीमारी के संक्रमण का प्रसार करेगा और इसमें शामिल हैं पेंट के ड्रम, कीटनाशक के डिब्बे , सीएफएल बल्ब , ट्यूब लाइटें , अवधि समाप्त औषधियां, टूटे हुये पारा वाले थर्मामीटर, प्रयुक्त बैटरियां, प्रयुक्त सुईयां एवं सिरिन्ज तथा संदूषित पट्टियां आदि;

(घ) "पर्यावरण" से अभिप्रेत है वह जो कि पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम, 1986 ( 1986 का 29) में उपबंधित है;

(ड.) "स्थापना " से अभिप्रेत है दुकान, वाणिज्यिक स्थापना, आवासीय होटल , माल , रेस्टोरेंट, भोजनालय , निजी संगठन का कार्यालय एवं परिसर, विवाह एवं सामाजिक स्थल , थियेटर या सार्वजनिक अमोद- प्रमोद एवं मनोरंजन का अन्य स्थल तथा इसमें शामिल है इसी प्रकार की ऐसी अन्य स्थापना तथा कोई अन्य स्थापना, जो कि शासन विहित करे;

(च ) "गृह-पथ" से अभिप्रेत है ऐसा पथ अथवा भूमि की ऐसी पंट्टी, जो नालों के रूप में उपयोग में लाये जाने अथवा किसी शौचालय , मूत्रालय , मलकूप अथवा गलीज या अन्य दूषित पदार्थ के किसी पात्र से अभिगम के लिये निर्मित की गई हो, अलग कर दी गई हो अथवा उपयोग में लायी जाती हो;

(छ) "स्थानीय प्रांधिकारी " या " स्थानीय निकाय" से अभिप्रेत है तथा इसमें सम्मिलित है म्युनिसिपल कार्पोरेशन , नगर निगम, म्युनिसिपल कौंसिल , नगरपालिका, नगरपालिका परिषद्, म्युनिसिपल बोर्ड, नगर पंचायत , केन्टोनमेन्ट बोर्ड, जिला परिषद / जिला पंचायत, ग्राम पंचायत, टाउन पंचायत, सेंन्सस टाउन, अधिसूचित क्षेत्र तथा औद्योगिक नगर, चाहे उसे किसी भी नाम से राज्य में जाना जाता हो;

360( 4)

छत्तीसगढ़ राजपत्र , दिनांक 31 मार्च 2020

(ज ) " विनिर्माता " से अभिप्रेत है और इसमें सम्मिलित है जैव अनाशित सामग्री के उत्पादन अथवा जैव अनाशित सामग्री से निर्मित वस्तुओं के उत्पादन, जिसमें जैव अनाशित सामग्री का उपयोग करते हुये वस्तुओं/ खाद्य सामग्री का पैकेजिंग / री - पैकेजिंग या लेबलिंग / री - लेबलिंग करना भी शामिल है , में संलग्न व्यक्ति या इकाई या एजेंसी;

(झ ) "बाजार " के अन्तर्गत ऐसा कोई स्थान शामिल है , जहां केता और विक्रेता के लिए कोई सामान्य विनियमन न होते हुए भी, चाहे स्थान के मालिक अथवा किसी अन्य व्यक्ति के व्यापार में अधिकारिता पर नियंत्रण हो अथवा नहीं, लोग मानव उपयोग या उपभोग के लिए मांस , मछली , फल, सब्जी, खाद्य या अन्य कोई वस्तु का कय / विक्रय या वस्तु विनिमय करने के लिए ऐसे स्थान के स्वामी की सहमति अथवा बिना सहमति के एकत्र होते हैं;

(ञ) "जैव अनाशित कूड़ा- कचरा ' से अभिप्रेत है जैव अनाशित पदार्थ का अपशिष्ट या कूड़ा- कचरा ;

(ट) "जैव अनाशित सामग्री" से अभिप्रेत है कोई भी ऐसी सामग्री , जिसे सूक्ष्म जैवों , सूर्य का प्रकाश या अन्य प्राकृतिक अनुयोजन के द्वारा समाप्त या कम नहीं किया जा सकता हो तथा इसमें पॉलीथीन, नायलोन या अन्य प्लास्टिक पदार्थों जैसे पोलीविनाइल क्लोराईड ( पीवीसी) , पोलीप्रोपीलीन एवं पोलीस्टायरिन , टेरेफेथलेट, पोलीयूरेथेन, पोलीकार्बोनेट आदि से बनी या निर्मित वस्तुएं एवं अन्य जैव अनाशित सामग्री, जैसा कि इस अधिनियम की संलग्न अनुसूची में विनिर्दिष्ट है, सम्मिलित है ;

(ठ) "अधिभोगी" से अभिप्रेत है और इसमें सम्मिलित है :-

(एक) कोई व्यक्ति, जिसका किसी भूमि या भवन पर वास्तविक भौतिक कब्जा हो अथवा प्रलक्षित कब्जा हो ,

(दो) कोई व्यक्ति, जो स्वामी को, तत्समय उस भूमि या भवन का किराया या किसी अंश का भुगतान कर रहा है या भुगतान करने का दायी है, जिसके संबंध में ऐसे किराये का भुगतान किया जाता है या देय है;

(तीन) कोई स्वामी, जो अपनी भूमि या भवन का अधिभोगी हो या उसका अन्यथा उपयोग कर रहा हो;

(चार) किसी भूमि या भवन का किराया मुक्त किरायेदार; और

(पांच) ऐसा कोई व्यक्ति जो किसी भूमि या भवन के उपयोग या अधिभोग के लिए उसके स्वामी को क्षतिपूर्ति का भुगतान करने का दायी हो;

छत्तीसगढ़ राजपत्र, दिनांक 31 मार्च 2020

360 ( 5) (ड) "स्वामी " में शामिल है :

(एक) कोई व्यक्ति जो किसी भूमि या भवन पर स्वामित्व रखता है,

(दो)कोई व्यक्ति, जो कि तत्समय किसी भूमि अथवा भवन का किराया प्राप्त कर रहा है या प्राप्त करने के लिए अर्ह है, चाहे वह स्वयं के लेखे में अथवा किसी अन्य के लेखे में अथवा अभिकर्ता, न्यासी , अभिभावक अथवा रिसिवर अथवा जो इस प्रकार किराया प्राप्त कर रहा हो अथवा उसे प्राप्त करने के लिए अर्ह हो , मानों भूमि अथवा भवन अथवा उसका कोई भाग किरायेदार को किराये में दिया गया हो;

(तीन ) किसी वाणिज्यिक, शासकीय या औद्योगिक स्थानों, जिसमें रेस्तराँ , होटल , मॉल , कॉम्प्लेक्स, कारखाना , कार्यालय एवं निजी संगठन का परिसर, शादी एवं सामाजिक स्थानों आदि का स्वामी; और

(चार) भारतीय रेलवे एवं खदानें;

(ढ) "स्थान" से अभिप्रेत है कोई भूमि, भवन या औद्योगिक स्थान या भवन का भाग और इसमें सम्मिलित है भवन या भवन के भाग से अनुलग्न बगीचा, मैदान एवं बाह्य- गृह, यदि कोई हो;

(ण) "विहित" से अभिप्रेत है इस अधिनियम के अधीन बनाये गए नियमों द्वारा विहित;

(त) "सार्वजनिक स्थान" से अभिप्रेत है (एक) कोई स्थान, जो लोगों के मनोरंजन के उपयोग के लिए हो और इसमें सम्मिलित है सड़क, गली, बाजार, घरेलू मार्ग , या रास्ते चाहे वास्तव में उपयोग किया जाता हो या न हो; (दो) अवतरण स्थान , जिसमें जनता को पहुंच प्रदान की जाती है या आश्रय का अधिकार हो या जिस पर उनको आने- जाने का अधिकार हो; तथा (तीन) कोई निर्जन / बंजर खुला स्थान (निजी या 'शासकीय भूमि) ;

(थ) " पृथक्करण" से अभिप्रेत है ठोस अपशिष्ट के विभिन्न घटकों अर्थात जैव नाशित अपशिष्ट, जिसके अन्तर्गत कृषि एवं दुग्ध अपशिष्ट सम्मिलित है, तथा जैव अनाशित अपशिष्ट जिसके अन्तर्गत पुनःचक्रण योग्य अपशिष्ट, गैर-पुनः चक्रण योग्य ज्वलनशील अपशिष्ट, सैनेटरी वेस्ट और गैर- पुनः चक्रण योग्य निष्क्रिय अपशिष्ट, घरेलू परिसंकटमय अपशिष्ट तथा संनिर्माण और विध्वंस अपशिष्ट भी सम्मिलित है, की छंटाई और पृथक भण्डारण;

(द) "दुकान " से अभिप्रेत है कोई परिसर, जहाँ वस्तुओं का, चाहे वह खुदरा हो अथवा थोक हो अथवा दोनों हो, विक्रय किया जाता है अथवा जहाँ ग्राहकों को सेवायें दी जाती हैं, और इसमें सम्मिलित है कार्यालय , भण्डार गृह (स्टोर रूम) , 360( 6)

छत्तीसगढ़ राजपत्र , दिनांक 31 मार्च 2020

गोडाऊन , वेयर हॉऊस अथवा कार्य स्थल , चाहे वह ऐसे व्यापार या कारोबार जिसमें राज्य में सेवायें देने वाली कोई भी ई- कॉमर्स कंपनी भी शामिल है , के संबंध में प्रयुक्त इसी प्रकार का परिसर हो या अन्यथा हो ,

(ध) "मानक" से अभिप्रेत है इस अधिनियम के अन्तर्गत नियम एवं अधिसूचना के माध्यम से , शासन द्वारा विनिर्दिष्ट मानक अथवा पर्यावरण (संरक्षण ) अधिनियम, 1986 ( 1986 का 29 ) या इसके अधीन जारी नियम एवं अधिसूचना के अन्तर्गत विहित मानक;

(न) "राज्य शासन " से अभिप्रेत है छत्तीसगढ़ शासन;

(प) "पथ विक्रेता (स्ट्रीट वेंडर) " से अभिप्रेत है ऐसे व्यक्ति, जो किसी पथ , गली, पार्श्व मार्ग , पैदल पथ , सड़क की पट्टी , सार्वजनिक पार्क या कोई अन्य सार्वजनिक स्थल अथवा निजी क्षेत्र में, किसी अस्थायी निर्मित संरचना से या एक स्थान से दूसरे स्थान पर घूमकर , प्रतिदिन के उपयोग की वस्तुयें, माल, सामान, खाद्य प्रदार्थ या सौदा बेचने अथवा जनसाधारण को सेवायें प्रदान करने में संलग्न हो और इसमें फेरी लगाने वाले , खोमचे वाला, बैठकर बेचने वाला और ऐसे अन्य सभी समानार्थक शब्द शामिल है, जो किसी स्थान या क्षेत्र विशेष के आपेक्षिक है;

(फ) "परिवहन" से अभिप्रेत है ठोस अपशिष्ट का, जिसमें जैव अनाशित सामग्री चाहे वह उपचारित , आंशिक रूप से उपचारित या अनुपचारित हो शामिल हैं, पर्यावरणीय रूप से युक्तियुक्त रीति में विशिष्ट रूप से अभिहित और आच्छादित परिवहन प्रणाली के माध्यम से एक स्थान से दूसरे स्थान पर प्रवहन जिससे दुर्गंध , कूड़ा- कचरा और घृणित दशा को रोका जा सके;

(ब) "वाहन" का वही अर्थ होगा जो मोटरयान अधिनियम, 1988 के अंतर्गत परिभाषित है ,

(भ) "आर्द्रभूमि" से अभिप्रेत है कच्छ भूमि, पंक भूमि, पीटलैंड या जल का क्षेत्र, चाहे वह प्राकृतिक या कृत्रिम, स्थायी या अस्थायी हो, चाहे वह स्थिर या बहने वाले पानी के साथ हो, ताजा, खारा या नमकीन हो, समुद्री जल क्षेत्रों सहित , जिसकी गहराई कम ज्वार पर छः मीटर से अधिक न हो किन्तु इसमें नदी प्रवाह, धान के खेत, मानव निर्मित जल निकाय / टैंक , जो विशेषकर पीने योग्य जल के प्रयोजन हेतु निर्मित हो एवं संरचना, जो विशेषकर जलीय कृषि, नमक उत्पाद, मनोविनोद गतिविधियों और सिंचाई प्रयोजन के लिए निर्मित हो;

(2) शब्द और अभिव्यक्तियां, जो इसमें प्रयुक्त है किन्तु परिभाषित नहीं है , उनके वही अर्थ होंगे जो पर्यावरण (संरक्षण) छत्तीसगढ़ राजपत्र, दिनांक 31 मार्च 2020

360 ( 7) अधिनियम, 1986 ( 1986 का 29 ) तथा इसके अधीन जारी नियम एवं अधिसूचनाओं के अन्तर्गत उनके लिये क्रमशः समनुदेशित है ।

अध्याय-दो

जैव अनाशित सामग्री के प्रयोग पर प्रतिबन्ध

अथवा प्रतिषेध

3. (1 ) राज्य शासन , राजपत्र में अधिसूचना द्वारा , राज्य के भीतर जैव अनाशित सामग्री के उपयोग , विनिर्माण , विक्रय , क्रय , भण्डारण , वितरण पर प्रतिबंध , प्रतिषेध , विनियमन या प्रबंधन कर सकेगा ।

जैव अनाशित सामग्री से विनिर्मित कतिपय वस्तुओं पर प्रतिबंध या प्रतिषेध.

(2) राज्य शासन , साधारण या विशेष आदेश द्वारा , विनिर्माता, वितरक एवं अन्य व्यक्ति, जो जैव अनाशित सामग्री का उत्पादन या प्रबंधन करते हैं , पर इसके विनिर्माण , उपयोग एवं निस्तार , जिसमें सामग्री विनष्ट क्षमता एवं पुनःचकण मानक या मानदण्ड सम्मिलित है , के संबध में प्रकार , आकार, भार, मोटाई, लेबल एवं पैकेजिंग घटक के संबंध में, शर्तें अधिरोपित कर सकेगा ।

4.

जैव नाशित एवं जैव अनाशित सामग्री को खुले में फेंकने पर प्रतिषेध.

(1 ) कोई भी व्यक्ति, स्वयं या किसी अन्य के द्वारा , जानबूझकर या अन्यथा , किसी नाली , वेन्टीलेशन शाफ्ट, पाइप फिटिंग , जो सार्वजनिक जल निकासी संकियाओं, नहर, तालाब, नाले जल निकाय , नदी , आर्द्र भूमि से संबद्ध हो, में कोई भी जैव अनाशित सामग्री अथवा जैव नाशित सामग्री किसी जैव अनाशित बैग या कन्टेनर में रखकर नहीं फेंकेगा या नहीं फेंकवायेगा ।

(2) कोई भी व्यक्ति, सिवाय विहित प्रक्रिया के, जानबूझकर या अन्यथा , किसी जैव नाशित या जैव अनाशित कूड़ा कचरा या घरेलू परिसंकटमय अपशिष्ट कों किसी सार्वजनिक स्थान में निस्तारित नहीं करेगा जब तक कि-

(क) सामग्री को, पृथक रूप में अर्थात् जैव अनाशित, जैव नाशित एवं घरेलू परिसंकटमय अपशिष्ट को बंद कूड़ेदान में रखा जाता हो; या

(ख ) सामग्री को , इसके निस्तारण के लिए उस क्षेत्र पर अधिकारिता रखने वाले स्थानीय प्राधिकारी द्वारा निर्दिष्ट स्थान में एकत्र किया जाता हो । छत्तीसगढ़ राजपत्र, दिनांक 31 मार्च 2020

360 (8)

5. कोई भी व्यक्ति, जैव अनाशित कूड़ा - कचरा नही जलायेगा । जैव अनाशित कूड़ा- कचरा जलाने पर प्रतिबंध .

अध्याय-तीन

जैव अनाशित कूड़ा- कचरे / सामग्री का प्रबन्ध

6.

कूड़ादान रखने की व्यवस्था करना.

स्थानीय प्राधिकारी या उसके द्वारा नामांकित किसी अधिकारी का यह कर्तव्य होगा कि वह-

(क) उचित और सुविधाजनक स्थान पर सार्वजनिक कूड़ेदान रखेगा या व्यवस्था करेगा या जैव अनाशित कूड़े- कचरे के अस्थाई जमाव या संग्रहण के लिए स्थान की व्यवस्था करेगा;

(ख) जैव नाशित कूड़े - कचरे के लिए रखे और अनुरक्षित कचरा पेटियों के अलावा जैव अनाशित, जैव नाशित एवं घरेलू परिसंकटमय अपशिष्ट को अस्थाई एवं पृथक रूप से जमा करने के लिए सार्वजनिक स्थान में अलग कचरा पेटियों की व्यवस्था करेगा;

(ग) इस धारा मे खण्ड (क) के अन्तर्गत सभी स्थानों पर कूड़ेदानों, ढेर और संग्रह स्थानों की अन्तर्वस्तु को हटाने की व्यवस्था करेगा;

(घ) इस अधिनियम के अर्न्तगत संग्रहित जैव अनाशित सामग्री / कूड़े - कचरे के पुनः चकण एवं पर्यावरणीय सुरक्षा के साथ वैज्ञानिक निस्तारण का प्रबन्ध करेगा;

(ड. ) ऐसे समस्त कूड़ेदानों में सभी भागों से बन्द होने की सुविधा होगी ।

7. सभी भूमि और भवनों के स्वामियों और अधिभोगियों का यह कर्तव्य होगा कि:-

जैव अनाशित कूड़ा-कचरा को संग्रहित और जमा करने का स्वामियों और अधिभोगियों का कर्तव्य.

(क) उनकी संबंधित भूमि और भवनों से जैव अनाशित कूड़ा - कचरा एकत्रित करना या करवाना और स्थानीय प्राधिकारों द्वारा क्षेत्र में जैव अनाशित कूड़ा - कचरा एकत्रित करने या अस्थाई तौर पर जमा कराने हेतु उपलब्ध कराये गये सार्वजिनक कूड़ेदानों या स्थानों में जमा करना या करवाना;

(ख ) ऐसी भूमि या भवनों से सभी जैव अनाशित कूड़ा - कचरे के संग्रहण के लिए किसी सक्षम स्थानीय प्राधिकारी द्वारा विहित प्रकार के और रीति में (सिवाय जैव नाशित कूड़े - कचरे को जमा करने के लिए रखी गयी और अनुरक्षित) अलग - अलग छत्तीसगढ़ राजपत्र, दिनांक 31 मार्च 2020

360( 9) कूड़ेदानों या कचरा पेटियों की व्यवस्था करना और ऐसे कूड़ेदानों और कचरा पेटियों को अच्छी स्थिति में रखना और उसकी मरमम्त करना ।

8.

स्थानीय प्राधिकारी अथवा सक्षम प्राधिकारी की शक्ति एवं दायित्व.

स्थानीय प्राधिकारी अथवा सक्षम प्राधिकारी , किसी ऐसी भूमि , भवन या वाहन के, जो जैव अनाशित अथवा जैव नाशित पदार्थ का अनाधिकृत ढेर लगाने या जमा करने का स्थान बन गया हो और जिससे किसी बाधा का कारण बनने की सम्भावना हो या जल निकास या मल वाहन प्रणाली के अवरूद्ध होने की या जीवन या स्वास्थ के लिए खतरनाक होने की सम्भावना हो , के स्वामी या अधिभोगी को लिखित नोटिस देने के पश्चात, ऐसे ढेर लगाए गए या एकत्र किए गए सामग्री या कूड़े - कचरे को हटा या हटवा सकेगा या ऐसे कदम उठा सकेगा, जैसा वह आवश्यक समझे तथा इस अधिनियम के अधीन बनाए गए नियमो में उपबन्धित रीति से ऐसे व्यक्ति के खर्चे पर उक्त कूड़े - कचरे या सामग्री का व्ययन कर सकेगा ।

9.

प्रवेश और निरीक्षण की शक्ति.

(1 ) इस धारा के उपबन्धों के अध्यधीन रहते हुए , राज्य सरकार द्वारा , राजपत्र में अधिसूचना द्वारा सशक्त कोई व्यक्ति, किसी स्थान पर, जैसा वह आवश्यक समझे, ऐसे सहयोगियों सहित सभी समुचित समयों पर निम्नलिखित प्रयोजन हेतु प्रवेश का अधिकार रखेगाः-

(क) राज्य सरकार द्वारा उसे दिए गए कृत्यों के पालन के लिए; या

(ख) यह निर्धारित करना कि, यदि ऐसा है तो, ऐसे किसी भी कार्य को किस तरीके से किया जाना है या इस अधिनियम के किसी भी प्रावधान या उसके अंतर्गत बनाए गए नियमों या इस अधिनियम के अंतर्गत तामील , बनाए गये या दिए गए किसी नोटिस, आदेश या निर्देश का अनुपालन हुआ है या हो रहा है ।

(ग) किसी अभिलेख , पंजी, दस्तावेज या कोई अन्य सामग्री के परीक्षण करने या किसी भवन या वाहन की, जहाँ इस अधिनियम या इसके अर्न्तगत बनाये गए नियमों के अधीन किसी अपराध के कारित हो चुके, हो' रहे अथवा होने की सम्भावना का विश्वास करने का उसके पास कारण हो, तलाशी लेने और ऐसे समस्त अभिलेख , पंजी , दस्तावेज या कोई अन्य सामग्री अभिग्रहित करने के लिए यदि उसके पास विश्वास करने का कारण है कि इससे इस अधिनियम या इसके अंतर्गत बनाए गए नियमो के अधीन छत्तीसगढ़ राजपत्र, दिनांक 31 मार्च 2020

360(10)

कारित किसी दण्डनीय अपराध के लिए साक्ष्य उपलब्ध हो सकेगा ।

(2) जैव अनाशित पदार्थ को प्रबंधन करने वाला प्रत्येक व्यक्ति, उप-धारा (1 ) के अर्न्तगत कृत्यों के निर्वहन के लिए उक्त उप -धारा में सशक्त व्यक्ति को सभी सहायता देगा और किसी युक्तियुक्त कारण के बिना , ऐसा करने में विफल रहने की दशा में , वह इस अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार दण्डित किये जाने का दायी होगा ।

(3) दण्ड प्रक्रिया संहिता, 1973 के उपबन्ध, इस धारा के अधीन तलाशी लेने और अधिग्रहण करने हेतु वहां तक लागू होगा,जहां तक कि उक्त संहिता की धारा 94 (1 ) के अधीन जारी वारण्ट के प्राधिकार के अधीन तलाशी लेने और अभिग्रहण करने के लिये लागू होता है ।

(4) इस धारा के प्रावधानों के अधीन अभिग्रहित किये गये किसी जैव अनाशित पदार्थ अथवा जैव अनाशित कूड़ा - कचरे का निस्तारण विहित रीति से, किया जायेगा ।

अध्याय चार

शास्तियां और दण्ड

10.

शास्तियां.

(1 ) जो कोई इस अधिनियम की धारा 3 , 4, 5, 6, 7, 8 और 9 (3) या इसके अधीन बनाये गये किन्हीं नियमों, अधिसूचना या आदेश का उल्लंघन करता है, उस पर निम्नलिखित रीति में दण्ड अधिरोपित किया जायेगाः-

शास्ति

उल्लंघन

जमानतीय / अजमानतीय एवं संज्ञेय / असंज्ञेय

शास्ति के व्यतिक्रम में दण्डादेश

प्रथम

जमानतीय एवं असंज्ञेय.

अपराध

अधिकतम 3 माह का साधारण कारावास

(क) व्यक्तियों एवं पथ विक्रेताओं की दशा में, पांच सौ रूपये (500 रूपये) का जुर्माना.

(ख) दुकानों एवं

स्थापनाओं

छत्तीसगढ़ राजपत्र, दिनांक 31 मार्च 2020

360( 11)

की दशा में, पच्चीस हजार रूपये (25,000 रूपये ) तक का जुर्माना; तथा

(ग) विनिर्माताओं की दशा में, एक रूपये लाख (1,00,000 रूपये) तक का जुर्माना ।

द्वितीय अपराध

जमानतीय एवं असंज्ञेय.

(क) व्यक्तियों एवं पथ विक्रेताओं की दशा में, एक हजार रूपये (1000 रूपये) का जुर्माना या तीन माह तक का साधारण कारावास;

(ख) दुकानों एवं स्थापनाओं की दशा में, पचास हजार रूपये (50,000 रूपये) तक का जुर्माना या तीन माह तक साधारण कारावास; का छत्तीसगढ़ राजपत्र , दिनांक 31 मार्च 2020

360(12)

(ग ) विनिर्माताओं की दशा में, दो लाख रूपये (2,00,000 रूपये ) तक का जुर्माना या छः माह तक का साधारण कारावास ।

पश्चातवर्ती अपराध

अजमानतीय एवं संज्ञेय.

जो कोई इस अधिनियम के अधीन न्यायालय द्वारा , पश्चातवर्ती अपराध (द्वितीय अपराध के पश्चात) के लिए दोषसिद्ध हो , वह पूर्व में दोषसिद्धि के समय उग्रहित जुर्माने के दुगुने जुर्माने और 3 वर्ष तक के कठोर कारावास , जो 3 माह से कम नहीं होगा, से दण्डित किया जायेगा ।

(2) जो कोई, इस अधिनियम के अधीन अपराध में किसी भी रीति में अपराध कारित करने में सहायता करता है, दुष्प्रेरण करता है या सहायक होता है, इस धारा की उप - धारा (1 ) के अधीन उपबंधित अनुसार दण्डित किया जायेगा ।

11.

कंपनियों द्वारा अपराध.

(1 ) यदि इस अधिनियम के प्रावधानों का उल्लंघन करने वाला व्यक्ति कोई कंपनी है तो प्रत्येक व्यक्ति, जो ऐसे अपराध किये जाने के समय कंपनी के कारोबार के संचालन के लिये भारसाधक था और उसके प्रति उत्तरदायी था , के साथ साथ छत्तीसगढ़ राजपत्र , दिनांक 31 मार्च 2020

360 ( 13) कंपनी भी इस अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार दण्डित किये जाने के लिये दायी होंगेः

परन्तु यह कि यदि ऐसा व्यक्ति यह सिद्ध कर दे कि ऐसा कृत्य उसकी जानकारी में नहीं हुआ था या उसने ऐसे कृत्य को रोकने के लिये सभी प्रकार की यथोचित सावधानी बरती थी तो इस अधिनियम में अन्तर्विष्ट किसी भी बात से ऐसा व्यक्ति, दण्ड हेतु दायी नहीं होगा ।

(2) इस अधिनियम की धारा 11 (1 ) के प्रावधानों के अध्ययीन रहते हुए , जहां कोई कंपनी इस अधिनियम के प्रावधानों का उल्लंघन करती है, तो यह माना जाएगा कि ऐसा उल्लंघन कंपनी के किसी निदेशक, प्रबंधक , सचिव या अन्य अधिकारी की सहमति या मौनानुकूलता या घोर उपेक्षा के कारण हुआ है, और ऐसा निदेशक , प्रबंधक, सचिव या अन्य अधिकारी भी दण्डित किये जाने हेतु दायी होंगे ।

(3 ) जहाँ कोई कंपनी अभियुक्त है , वहाँ दण्ड प्रक्रिया संहिता , 1973 (1974 का 2 ) की धारा 305 का प्रावधान लागू होगा ।

स्पष्टीकरण - इस धारा के प्रयोजनों के लिये

(क) " कंपनी " से अभिप्रेत है , कोई "निगमित निकाय " और इसके अंतर्गत फर्म या व्यक्तियों का अन्य संगम, संगठन आदि शामिल है; और

(ख) फर्म के संबंध में " निदेशक " से अभिप्रेत है उस फर्म का भागीदार ।

अपराधों का संक्षिप्त विचारण .

12. दण्ड प्रक्रिया संहिता, 1973 (1974 का सं. 2 ) में अन्तर्विष्ट विपरीत बात के होते हुए भी, इस अधिनियम के अंतर्गत सभी अपराधों का संक्षिप्त विचारण ऐसे न्यायालय द्वारा किया जायेगा, जो कि न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम वर्ग से निम्न का न हो तथा उक्त संहिता की धारा 262 से 265 (दोनों सहित) के उपबंध, जहां तक हो सके, ऐसे विचारण पर लागू होंगे । यदि कोई भी व्यक्ति इस धारा के अधीन न्यायालय के किसी आदेश से व्यथित हो, तो दण्ड प्रक्रिया संहिता, 1973 ( 1974 का सं. 2) के अनुसार अपील संबंधी प्रावधान लागू होंगे ।

13.

अपराधों का प्रशमन.

(1 ) राज्य शासन या स्थानीय प्राधिकरण का कोई अधिकारी या यथास्थिति , राज्य शासन या स्थानीय प्राधिकरण द्वारा इस निमित्त प्राधिकृत कोई अधिकारी , ऐसे किसी व्यक्ति, जो इस अधिनियम के अधीन प्रथम या द्वितीय अपराध कारित किया हो , से नीचे दी गई तालिका में यथा विनिर्दिष्ट अपराध के प्रशमन के लिये धनराशि स्वीकार कर सकेगाः

अपराध/ धारा अपराध के शमन के लिए स्वीकार की जाने वाली राशि

प्रथम अपराध ( क) व्यक्तियों एवं पथ विक्रेताओं की दशा में, 360( 14)

छत्तीसगढ़ राजपत्र, दिनांक 31 मार्च 2020

(धारा 10)

पांच सौ रूपये ( 500 रूपये ) की राशि,

(ख ) दुकानों एवं स्थापनाओं की दशा में , पच्चीस हजार रूपये ( 25,000 रूपये ) की राशि; तथा

(ग) विनिर्माताओं की दशा में, एक लाख रूपये ( 1,00,000 रूपये) की राशि ।

(क) व्यक्तियों एवं पथ विक्रेताओं की दशा में , एक हजार रूपये (1000 रूपये) की राशि;

द्वितीय अपराध (धारा 10)

(ख) दुकानों एवं स्थापनाओं की दशा में, पचास हजार रूपये (50,000 रूपये ) की राशिः तथा

(ग) निर्माताओं की दशा में, दो लाख रूपये (2,00,000 रूपये) की राशि।

अशमनीय

प्रत्येक पश्चातवर्ती अपराध

(2) ऐसे प्रशमन राशि का भुगतान करने पर, ऐसे अपराध के संबंध में अभिरक्षा में रखा गया कोई व्यक्ति, तत्काल मुक्त कर दिया जायेगा और ऐसे व्यक्ति के विरूद्ध किसी दण्ड न्यायालय में कोई कार्यवाही संस्थित या जारी नहीं रहेगी ।

(3) जहां किसी अपराध का उपरोक्त उप - धारा (1 ) के अंतर्गत प्रशमन किया जा चुका हो , वहां अभियुक्त, दण्ड प्रक्रिया संहिता, 1973 (1974 का 2) की धारा 300 के अधीन दोषमुक्त समझा जायेगा ।

अध्याय-पांच

प्रकीर्ण

4. (1 ) राज्य शासन , राजपत्र में आदेश प्रकाशित कर ऐसे नाम या नामों से प्राधिकरण या प्राधिकरणों का गठन कर सकेगा, जैसा कि इस अधिनियम के अधीन राज्य शासन की शक्त्तियों के प्रयोग एवं कृत्यों के निर्वहन के प्रयोजन के लिए आदेश में विनिर्दिष्ट किया जाये और जैसा कि आदेश में उल्लिखित किया जाये ।

प्राधिकरण गठित करने, अधिकारियों की नियुक्ति करने एवं निर्देश जारी करने की राज्य शासन की शक्ति.

(2) राज्य शासन, इस अधिनियम के अधीन अपने शक्तियों का प्रयोग एवं अपने कृत्यों का निर्वहन करते हुए , किसी अधिकारी या प्राधिकारी को लिखित में निर्देश जारी कर सकेगा तथा ऐसे अधिकारी या प्राधिकारी पर ऐसे निर्देशों का छत्तीसगढ़ राजपत्र, दिनांक 31 मार्च 2020

360 ( 15) अनुपालन करना बाध्यकारी होगा ।

(3 ) उप - धारा ( 1 ) के प्रावधानों पर प्रतिकूल प्रभाव डाले बिना,

राज्य शासन , राजपत्र में सामान्य या विशेष आदेश प्रकाशित कर , ऐसे पदनाम सहित अधिकारियों की नियुक्ति कर सकेगा, जैसा कि इस अधिनियम के प्रयोजन के लिये उचित समझे तथा उन्हें इस अधिनियम के अधीन ऐसी शक्तियों एवं कृत्यों को सौंप सकेगा , जैसा कि वह उचित समझे ।

15.

संशोधन करने की शक्ति.

(1 ) जहां ऐसा करना आवश्यक समझा जाये , राज्य सरकार , राजपत्र में अधिसूचना द्वारा , अनुसूची में किसी ऐसी प्रविष्टि को जोड़ अथवा हटा सकती है और उसके पश्चात, तदनुसार अनुसूची संशोधित समझी जायेगी ।

(2) उप- धारा (1 ) के अधीन जारी प्रत्येक अधिसूचना , इसे जारी किये जाने के पश्चात्, यथाशीघ्र, राज्य विधानसभा के समक्ष रखी जायेगी ।

प्रत्यायोजन की शक्ति.

16. राज्य सरकार, राजपत्र में आदेश प्रकाशित कर, यह निर्देश दे सकेगी कि इस अधिनियम के अंतर्गत उसके द्वारा प्रयोग की जाने वाली किसी भी शक्ति (धारा 19 में नियम बनाने की शक्ति को छोड़कर) को ऐसे मामलों में, जैसा कि आदेश में विनिर्दिष्ट किया जाये , इसमें यथा विनिर्दिष्ट अधिकारी अथवा प्राधिकारी द्वारा भी प्रयोग किया जा सकेगा ।

सद्भावनापूर्वक की गई कार्यवाही का संरक्षण.

17. राज्य शासन या स्थानीय प्राधिकरण अथवा राज्य शासन या स्थानीय प्राधिकरण के किसी अधिकारी या अन्य कर्मचारी या राज्य शासन द्वारा प्राधिकृत किसी अन्य व्यक्ति के विरूद्ध किसी भी ऐसे कार्य , जो इस अधिनियम या इसके अधीन बनाये गये किन्हीं भी नियमों या दिये गए निदेश के अनुसरण में, सद्भावनापूर्वक किया गया हो या किया जाना आशयित हो, के लिये कोई भी वाद , अभियोजन या अन्य विधिक कार्यवाही नहीं होगी ।

व्यावृत्ति.

18. इस अधिनियम के प्रावधान, तत्समय प्रवृत्त किसी अन्य विधि के प्रावधानों के अतिरिक्त होंगे , उसके अल्पीकरण में नहीं ।

19. राज्य शासन , इस अधिनियम के सभी या किन्ही प्रावधानों को क्रियान्वित करने के प्रयोजन के लिए नियम बना सकेगा ।

नियम बनाने की शक्ति.

छत्तीसगढ़ राजपत्र , दिनांक 31 मार्च 2020

360 ( 16)

अनुसूची

(धारा 2 (ट) देखिये)

जैव अनाशित सामग्री / कूड़ा कचरा (किसी आकार एवं मोटाई का विचार किए बिना)

एक. एसिटील (Acetyl . )

दो. ऐक्रेलिक(Acrylic)

तीन. सेल्यूलोस एसीटेट ( Cellulose Acetate )

चार. सेल्यूलोस एसीटेट बटरेट ( Cellulose Acetate Butyrate )

पांच. इलेक्ट्रॉनिक अपशिष्ट ( Electronic Waste)

छः हाई इम्पैक्ट पोलिसट्रिन (हिप्स) ( High Impact Polystyrene ( HIPS ) )

सात. नायलोन ( Nylon )

आठ. पैकेजिंग के लिये प्रयुक्त प्लास्टिक पट्टी ( Plastic strips usedfor packaging) नौ. पॉलीकार्बोनेट ( Polycarbonate)

दस . पॉलीएथिलिन ( Polyethylene )

ग्यारह . पॉलीएथिलिन टेरेफथलेट (पीईटी ) ( Polyethylene terephthalate ( PET) . )

बारह. पॉलीप्रोपेलिन ( Polypropylene )

तेरह . पॉलीयीस्ट्रीन (थर्माकोल) ( Polystyrene (Thermocol ) )

चौदह. पॉली विनाइल क्लोराइड (पीव्हीसी) ( Poly - Vinyl -- Chloride ( PVC) )

पन्द्रह. हाई डेनसिटी पॉलीएथिलिन (एचडीपीई) ( High Density Polyethylene ( HDPE ) ) सोलह. लो डेनसिटी पॉलीएथिलिन (एलडीपीई) ( Low Density Polyethylene ( LDPE ) ) सत्रह. एक्रीलोनीट्राइल ब्यूटाडाइन सट्रिन (एबीएस)(Acrylonitrile Butadiene Styrene (ABS) )

अट्ठारह. पॉलीफेनीलीन ऑक्साइड (पीपीओ) ( Polyphenylene Oxide ( PPO) )

उन्नीस . पॉलीब्यूटीलीन टेरेफथलेट (पीबीटी) ( Polybutylene Terephthalate ( PBT) ) बीस. पॉलीयूरेथेन (Polyurethane )

इक्कीस . विनाइल (Vinyl )

बाइस . पोलिसट्रिन रेजिन्स ( Polystyrene Resins)

तेईस. काँच(Glass) 360(17)

छत्तीसगढ़ राजपत्र , दिनांक 31 मार्च 2020

उद्देश्य और कारणों का कथन

यतः , संविधान के अनुच्छेद 48 क, पर्यावरण की संरक्षण एवं सुधार हेतु प्रयास करने के लिये राज्य को आदिष्ट करता है ;

और यतः भारत के संविधान का अनुच्छेद 51 क , भारत के प्रत्येक नागरिक पर प्राकृतिक पर्यावरण के संरक्षण और संवर्धन करने का कर्तव्य निर्धारित करता है । और यतः, भारत के संविधान के अनुच्छेद 246 का खण्ड (3 ), लोक स्वास्थ्य एवं स्वच्छता से संबंधित विषयों के संबंध में विधि निर्मित करने हेतु राज्य शासन को सशक्त करता है ;

और यतः , यह महसूस किया गया है कि छत्तीसगढ़ राज्य में जैव अनाशित सामग्री की उपस्थिति के कारण होने वाले प्रदूषण को नियंत्रित करने एवं रोकने में विद्यमान विधान , पर्याप्त नहीं है ;

और यतः, छत्तीसगढ़ राज्य में सार्वजनिक नालियों, सड़कों एवं सार्वजनिक स्थानों में जैव अनाशित प्लास्टिक को फेंके जाने अथवा एकत्र किये जाने को नियंत्रित करना तथा रोकना, और उससे संबंधित एवं उसके आनुषंगिक विषयों को विनियमित करना , आवश्यक प्रतीत होता है;

और यतः, उपरोक्त प्रयोजन हेतु विधि निर्मित करने के संबंध में तत्काल कार्यवाही करना समीचीन है;

अतएव, उपरोक्त उद्देश्यों को दृष्टिगत रखते हुए , राज्य शासन ने जैव अनाशित तथा जैव अनाशित कूड़े - कचरे और सामग्रियों के निपटारे को विनियमित करने के हेतु विधि निर्मित करने का निर्णय लिया है ।

अतः यह विधेयक प्रस्तुत है ।

मोहम्मद अकबर रायपुर,

आवास एवं पर्यावरण मंत्री

(भारसाधक सदस्य) दिनांक 3 मार्च , 2020 छत्तीसगढ़ राजपत्र, दिनांक 31 मार्च 2020

360( 18)

वित्तीय ज्ञापन

छत्तीसगढ़ प्लास्टिक और अन्य जीव अनाशित सामग्री (उपयोग और निस्तारण का विनियमन) विधेयक, 2020 के अध्याय पांच की धारा 14 (1 ) में प्राधिकरण गठन का प्रावधान है, जिस पर राज्य शासन पर प्रतिवर्ष अनुमानित व्यय रूपये 2,00,00,000.00 शब्दों में (रूपये दो करोड़) आवर्ती / अनावर्ती वित्तीय भार आयेगा ।

"संविधान के अनुच्छेद 207 के अधीन राज्यपाल द्वारा अनुशंसित " प्रत्यायोजित विधि निर्माण के संबंध में ज्ञापन

प्रस्तावित छत्तीसगढ़ प्लास्टिक और अन्य जीव अनाशित सामग्री (उपयोग और निस्तारण का विनियमन) विधेयक , 2020 के अध्याय दो की धारा 3 (1 ), (2), अध्याय तीन की धारा 9 (1 ) अध्याय चार की धारा 13 (1 ) , अध्याय पांच की 14 (1), (2), (3 ), धारा 15 (1 ), (2) धारा 16 एवं 19 में प्राधिकरण गठित करने , अधिकारियों की नियुक्ति करने एवं निर्देश जारी करने, संशोधन प्रत्यायोजन , स‌द्भावनापूर्वक की गई कार्यवाही कर संरक्षण, व्यावृति, नियम बनाने की शक्तियां एवं कृत्य का निर्धारण शासन द्वारा किया जाना है, वे सामान्य स्वरूप के होंगे ।

चन्द्र शेखर गंगराड़े प्रमुख सचिव छत्तीसगढ़ विधान सभा.

संचालक, मुद्रण तथा लेखन सामग्री, छत्तीसगढ़ द्वारा शासकीय मुद्रणालय, रायपुर से मुद्रित तथा प्रकाशित - 2020.

Cite this issue. Chattisgarh Gazette - Extraordinary, Government of Chattisgarh, 31 March 2020. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gazette.chhattisgarh.eo.2020-03-31.180/. Archive identifier in.gazette.chhattisgarh.eo.2020-03-31.180.