छत्तीसगढ़ विधान सभा सचिवालय
रायपुर, गुरूवार, दिनांक 26 मार्च, 2020 (चैत्र 6, 1942)
क्रमांक-5051/वि.स./विधान/2019. ― छत्तीसगढ़ विधान सभा की प्रक्रिया तथा कार्य संचालन संबंधी नियमावली के नियम 64 के उपबंधों के पालन में छत्तीसगढ़ विष्वविद्यालय (संषोधन) विधेयक, 2020 (क्रमांक 11 सन् 2020) जो गुरूवार, दिनांक 26 मार्च, 2020 को पुरःस्थापित हुआ है, को जनसाधारण की सूचना के लिये प्रकाषित किया जाता है।
हस्ता./-
(चन्द्र शेखर गंगराड़े) प्रमुख सचिव.
छत्तीसगढ़ विधेयक
(क्र. 11 सन् 2020)
छत्तीसगढ़ विष्वविद्यालय (संशोधन) विधेयक, 2020
छत्तीसगढ़ विष्वविद्यालय अधिनियम, 1973 (क्र. 22 सन् 1973) को और संशोधित करने हेतु विधेयक।
भारत गणराज्य के इकहत्तरवें वर्ष में छत्तीसगढ़ विधान मण्डल द्वारा निम्नलिखित रूप में यह अधिनियमित हो :-
1. (1) यह अधिनियम छत्तीसगढ़ विष्वविद्यालय (संशोधन) अधिनियम, 2020 कहलायेगा । संक्षिप्त नाम, विस्तार तथा प्रारंभ.
(2) इसका विस्तार सम्पूर्ण छत्तीसगढ़ राज्य में होगा ।
(3) यह राजपत्र में इसके प्रकाशन की तारीख से प्रवृत्त होगा।
2. छत्तीसगढ़ विश्वविद्यालय अधिनियम, 1973 (क्र. 22 सन् 1973) (जो इसमें इसके पश्चात् धारा 13 का संशोधन.
मूल अधिनियम के रूप में निर्दिष्ट है), धारा 13 में,-
(क) उप-धारा (1) में, शब्द ''कुलाधिपति द्वारा'' के पश्चात्, शब्द ''मंत्रि-परिषद् के
निर्णय के अनुसार'' अन्तःस्थापित किया जाये; और
(ख) उप-धारा (2) के स्थान पर, निम्नलिखित प्रतिस्थापित किया जाये, अर्थात् :-
''(2) कुलाधिपति एक समिति गठित करेगा, जिसमें निम्नलिखित व्यक्ति शामिल
होंगे, अर्थात् :-
(एक) कार्य परिषद् द्वारा अनुशंसित एक व्यक्ति;
(दो) राज्य सरकार द्वारा अनुशंसित राज्य के किसी भी अन्य
विश्वविद्यालय के कुलपति; और
(तीन) राज्य सरकार द्वारा नामनिर्देशित एक व्यक्ति,
कुलाधिपति, उपरोक्त तीन व्यक्तियों में से एक को समिति के अध्यक्ष के रुप में नियुक्त करेगा ।''
3. मूल अधिनियम में, धारा 14 में,-
धारा 14 का
संशोधन.
(1) उप-धारा (3) के स्थान पर, निम्नलिखित प्रतिस्थापित किया जाये, अर्थात्ः-
''(3) इस अधिनियम में अंतर्विष्ट किसी बात के होते हुए भी,-
(एक) कुलपति अपने पद पर तब तक बना रहेगा, जब तक मंत्रि-परिषद्
उसकी सेवा लेना उचित समझे;
(दो) मंत्रि-परिषद् के निर्णय के अनुसार कुलाधिपति, कुलपति को किसी
भी समय उसके पद से तत्काल प्रभाव से हटा देवेंगे;
(तीन) मंत्रि-परिषद्, कुलपति की नियुक्ति की प्रक्रिया को किसी भी
समय निरस्त कर सकती है।''
(2) उप-धारा (4) का लोप किया जाये।
(3) उप-धारा (5) के स्थान पर, निम्नलिखित प्रतिस्थापित किया जाये, अर्थात् :-
''(5) उप-धारा (3) के अधीन आदेश में विनिर्दिष्ट की गई तारीख से कुलपति
का पद रिक्त हो जायेगा।''
द्वितीय अनुसूची के
भाग-एक
(पुनरीक्षित) का
संशोधन.
4. मूल अधिनियम की द्वितीय अनुसूची के भाग-एक (पुनरीक्षित) में, सरल क्रमांक 1 के कॉलम (4) की प्रविष्टियाें में, शब्द "रायपुर, महासमुंद, धमतरी, गरियाबंद एवं बलौदा-बाजार'' के स्थान पर, शब्द "रायपुर, महासमुंद, धमतरी, गरियाबंद एवं बलौदाबाजार-भाटापारा'' प्रतिस्थापित किया जाये। 5. मूल अधिनियम की द्वितीय अनुसूची के भाग-दो (पुनरीक्षित) में,-
द्वितीय अनुसूची के
भाग-दो (पुनरीक्षित)
का संशोधन.
(1) सरल क्रमांक 1 के कॉलम (4) की प्रविष्टियाें में, शब्द "कांकेर, बस्तर, दन्तेवाड़ा, नारायणपुर एवं बीजापुर'' के स्थान पर, शब्द "कांकेर, बस्तर, दन्तेवाड़ा, नारायणपुर, बीजापुर, कोण्डागांव एवं सुकमा'' प्रतिस्थापित किया जाये;
(2) सरल क्रमांक 2 के कॉलम (4) की प्रविष्टियाें में, शब्द "सरगुजा, जशपुर एवं कोरिया'' के स्थान पर, शब्द "सरगुजा, जशपुर, कोरिया, सूरजपुर एवं बलरामपुर-रामानुजगंज'' प्रतिस्थापित किया जाये; और
(3) सरल क्रमांक 3 के कॉलम (4) की प्रविष्टियाें में, शब्द "बिलासपुर एवं कोरबा'' के स्थान पर, शब्द "बिलासपुर, कोरबा, मुंगेली एवं गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही'' प्रतिस्थापित किया जाये।''
उद्देष्य और कारणों का कथन
यतः, छत्तीसगढ़ विश्वविद्यालय अधिनियम, 1973 (क्र. 22 सन् 1973) के प्रावधानों में, राज्य में शिक्षा की गुणवत्ता सुनिश्चित करने और विश्वविद्यालयों के प्रशासन के लिये बेहतर प्रावधानों तथा उसके कार्यों को सुगम बनाने एवं एकरुपता लाने हेतु उपबंध करने के प्रयोजन के लिये, संशोधन किया जा रहा है।
और यतः, शासन द्वारा समय-समय पर नवीन जिलों का गठन किया गया है। इन नवीन राजस्व जिलों की सीमाओं के भीतर, विश्वविद्यालय का प्रादेशिक अधिकारिता निर्धारित किया जाना है।
अतएव, उपरोक्त उद्देश्यों की प्राप्ति की दृष्टि से तथा छत्तीसगढ़ राज्य के विश्वविद्यालयों के प्रशासन के लिये वर्तमान आवश्यकताओं पर विचार करते हुये, राज्य सरकार ने छत्तीसगढ़ विश्वविद्यालय अधिनियम, 1973 (क्र. 22 सन् 1973) मेंं संशोधन करने का विनिश्चय किया है।
अतः यह विधेयक प्रस्तुत है।
रायपुर दिनांक 25-03-2020
उमेष पटेल उच्च षिक्षा मंत्री (भारसाधक सदस्य)
उपाबंध
छत्तीसगढ़ विश्वविद्यालय अधिनियम 1973, (क्र. 22 सन् 1973) की धारा-13 की उपधारा (1) का सुसंगत उद्धरण :-
(1) कुलपति ''कुलपति की नियुक्ति उपधारा (2) या उपधारा (6)के अधीन गठित समिति द्वारा सिफारिश किये गये कम से कम तीन व्यक्तियों की तालिका (पेनल) में से कुलाधिपति द्वारा की जायेगी :
परंतु यदि समिति द्वारा सिफारिश किये गये व्यक्तियों में से कुलाधिपति द्वारा अनुमोदित कोई व्यक्ति या व्यक्तिगण प्रतिग्रहीत करने के लिये रजामन्द न हों/हो, तो कुलाधिपति ऐसी समिति से नई सिफारिशें मंगा सकेगा :
(2) छत्तीसगढ़ विश्वविद्यालय अधिनियम 1973 (क्रं. 22 सन् 1973) की धारा-13 की उपधारा (2) का सुसंगत उद्धरण :-
(2) कुलाधिपति एक समिति नियुक्त करेगा जिसमें निम्नलिखित व्यक्ति होगें अर्थात् :-
(दो) विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के अध्यक्ष द्वारा नाम निर्देशित किया गया एक व्यक्ति छत्तीसगढ़ विश्वविद्यालय अधिनियम, 1973 (क्रमांक 22 सन् 1973) की द्वितीय अनुसूची के भाग-दो (पुनरीक्षित) का सुसंगत उद्धरण :-
द्वितीय अनुसूची
भाग-एक(पुनरीक्षित)
[धारा 2 (दो) देखिए ]
| स. क्र. (1) | विश्वविद्यालय का नाम (2) | मुख्यालय (3) | क्षेत्राधिकार (4) |
| 1. | रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय, | रायपुर | रायपुर, महासमुंद, धमतरी, गरियाबंद एवं बलौदाबाजार |
द्वितीय अनुसूची
भाग-दो(पुनरीक्षित)
[धारा 4(सत्रह) देखिए ]
| स. क्र. (1) | विश्वविद्यालय का नाम (2) | मुख्यालय (3) | क्षेत्राधिकार (4) |
| 1. | बस्तर विश्वविद्यालय, जगदलपुर | जदगलपुर | कांकेर, बस्तर, दंतेवाड़ा, नारायणपुर, एवं बीजापुर राजस्व जिलों की सीमाओं के भीतर समाविष्ट क्षेत्र |
| 2. | संत गहिरा गुरू विश्वविद्यालय, सरगुजा, अंबिकापुर | अंबिकापुर | सरगुजा, जशपुर, कोरिया, राजस्व जिलों की सीमाओं के भीतर समाविष्ट क्षेत्र |
| 3. | अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय, बिलासपुर | बिलासपुर | बिलासपुर, कोरबा, जांजगीर-चांपा एवं रायगढ़ राजस्व जिलों की सीमाओं के भीतर समाविष्ट क्षेत्र |
| 4. | हेमचंद यादव विश्वविद्यालय, दुर्ग | दुर्ग | दुर्ग, बालोद, बेमेतरा, राजनांदगांव एवं कबीरधाम राजस्व जिलों की सीमाओं के भीतर समाविष्ट क्षेत्र |
चन्द्र शेखर गंगराड़े प्रमुख सचिव छत्तीसगढ़ विधान सभा.