छत्तीसगढ़ विधान सभा सचिवालय
रायपुर, गुरूवार, दिनांक 26 मार्च, 2020 (चैत्र 6, 1942)
क्रमांक-5055/वि.स./विधान/2019. ― छत्तीसगढ़ विधान सभा की प्रक्रिया तथा कार्य संचालन संबंधी नियमावली के नियम 64 के उपबंधों के पालन में कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय (संशोधन) विधेयक, 2020 (क्रमांक 13 सन् 2020) जो गुरूवार, दिनांक 26 मार्च, 2020 को पुरःस्थापित हुआ है, को जनसाधारण की सूचना के लिये प्रकाषित किया जाता है।
हस्ता./-
(चन्द्र शेखर गंगराड़े) प्रमुख सचिव.
छत्तीसगढ़ विधेयक
(क्र. 13 सन् 2020)
छत्तीसगढ़ कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय (संशोधन) विधेयक, 2020
छत्तीसगढ़ कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय अधिनियम, 2004 (क्र. 24 सन् 2004) को और संशोधित करने हेतु विधेयक।
भारत गणराज्य के इकहत्तरवें वर्ष में छत्तीसगढ़ विधान मण्डल द्वारा निम्नलिखित रूप में यह अधिनियमित हो :-
1. (1) यह अधिनियम कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय (संशोधन) संक्षिप्त नाम, विस्तार तथा प्रारंभ.
अधिनियम, 2020 कहलायेगा।
(2) इसका विस्तार सम्पूर्ण छत्तीसगढ़ राज्य में होगा ।
(3) यह राजपत्र में इसके प्रकाशन की तारीख से प्रवृत्त होगा।
2. छत्तीसगढ़ कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय अधिनियम, 2004 मूल अधिनियम का संशोधन.
(क्र. 24 सन् 2004) (जो इसमें इसके पश्चात् मूल अधिनियम के रूप में निर्दिष्ट है) में,- (एक) प्रस्तावना में, शब्द ''कुशाभाऊ ठाकरे'' के स्थान पर, शब्द ''चंदूलाल चंद्राकर''
प्रतिस्थापित किया जाये;
(दो) धारा 1 में, उप-धारा (1) के स्थान पर, निम्नलिखित प्रतिस्थापित किया जाये,
अर्थात् :-
''(1) यह अधिनियम छत्तीसगढ़ चंदूलाल चंद्राकर पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय अधिनियम, 2004 (क्र. 24 सन् 2004) कहलायेगा।'' (तीन) शब्द ''कुशाभाऊ ठाकरे'' जहाँ कहीं भी आया हो के स्थान पर, शब्द ''चंदूलाल
चंद्राकर'' प्रतिस्थापित किया जाए ।
3. मूल अधिनियम में, धारा 11 में, -
धारा 11 का
संशोधन.
(क) उप-धारा (1) में, शब्द ''तालिका (पेनल) में से'' के पश्चात्, शब्द ''राज्य सरकार के परामर्श पर'' के स्थान पर्, शब्द ''मंत्रि-परिषद् के निर्णय के अनुसार'' प्रतिस्थापित किया जाये; और
(ख) उप-धारा (2) के स्थान पर, निम्नलिखित प्रतिस्थापित किया जाये, अर्थात्ः-
''(2) कुलाधिपति एक खोज समिति गठित करेगा, जिसमें निम्नलिखित व्यक्ति
शामिल होंगे, अर्थात् :-
(एक) कार्य परिषद् द्वारा अनुशंसित एक व्यक्ति;
(दो) राज्य सरकार द्वारा अनुशंसित राज्य के किसी भी अन्य विश्वविद्यालय
के कुलपति; और
(तीन) राज्य सरकार द्वारा नामनिर्देशित एक व्यक्ति,
कुलाधिपति, उपरोक्त तीन व्यक्तियों में से एक को समिति के अध्यक्ष के रुप में नियुक्त करेगा ।'' धारा 12 का संशोधन 4. मूल अधिनियम में, धारा 12 में,-
(1) उप-धारा (3) के स्थान पर, निम्नलिखित प्रतिस्थापित किया जाये, अर्थात् :-
''(3) इस अधिनियम में अंतर्विष्ट किसी बात के होते हुए भी,-
(एक) कुलपति अपने पद पर तब तक बना रहेगा, जब तक
मंत्रि-परिषद् उसकी सेवा लेना उचित समझे;
(दो) मंत्रि-परिषद् के निर्णय के अनुसार कुलाधिपति, कुलपति को
किसी भी समय उसके पद से तत्काल प्रभाव से हटा देवेंगे;
(तीन) मंत्रि-परिषद, कुलपति की नियुक्ति की प्रक्रिया को किसी भी
समय निरस्त कर सकती है।''
(2) उप-धारा (4) का लोप किया जाये।
(3) उप-धारा (5) के स्थान पर, निम्नलिखित प्रतिस्थापित किया जाये, अर्थात् :-
''(5) उप-धारा (3) के अधीन आदेश में विनिर्दिष्ट की गई तारीख से
कुलपति का पद रिक्त हो जायेगा।''
उद्देष्य और कारणों का कथन
यतः, छत्तीसगढ़ कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय अधिनियम, 2004 (क्र. 24 सन् 2004) के प्रावधानों में, विश्वविद्यालय के प्रशासन के लिये बेहतर प्रावधानों का उपबंध करने के प्रयोजन हेतु, संशोधन किया जा रहा है।
और यतः, राज्य सरकार ने विश्वविद्यालय के कार्यों को सुगम बनाने एवं एकरुपता लाने को दृष्टिगत रखते हुये, छत्तीसगढ़ कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय अधिनियम, 2004 (क्र. 24 सन् 2004) में संशोधन करने का निर्णय लिया है।
अतएव, उपरोक्त उद्देश्यों की प्राप्ति की दृष्टिगत रखते हुये, छत्तीसगढ़ कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय अधिनियम, 2004 (क्र. 24 सन् 2004) मेंं संशोधन करना आवश्यक है ।
अतः यह विधेयक प्रस्तुत है ।
रायपुर दिनांक- 25-03-2020
उमेष पटेल उच्च षिक्षा मंत्री (भारसाधक सदस्य) उपाबंध
(1) छत्तीसगढ़ कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय अधिनियम, 2004 (क्र. 24 सन् 2004) की धारा 11 के उप-धारा (8) का सुसंगत उद्धरण :-
राज्य शासन एक पत्रकारिता के क्षेत्र के विद्वान की नियुक्ति नवगठित विश्वविद्यालय के कुलपति के पद पर करेगा जो दो वर्ष से अधिक अवधि की नहीं होगी तथा ऐसा नियुक्त व्यक्ति विश्वविद्यालय की स्थापना की तारीख के छः माह के भीतर, कार्यपरिषद्, विद्यापरिषद् तथा विश्वविद्यालय के अन्य प्राधिकारियों का गठन करें और उक्त प्राधिकारियों का गठन होने तक कुलपति, यथास्थिति, कार्यपरिषद्, विद्यापरिषद् या ऐसा अन्य प्राधिकारी समझा जाएगा और इस अधिनियम द्वारा या उसके अधीन ऐसे प्राधिकारियों को प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग तथा उन पर अधिरोपित कर्तव्यों का पालन करेगा।
(2) छत्तीसगढ़ कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय अधिनियम, 2004 (क्र. 24 सन् 2004) की धारा 12 के उप-धारा (6) का सुसंगत उद्धरण :-
कुलपति की मृत्यु के कारण, उसके पद त्याग के कारण, छुट्टी रूग्णता या अन्यथा उसका पद रिक्त हो जाने की दशा में, जिसमें अस्थायी रिक्ति भी सम्मिलित है, कुलाधिसचिव और यदि कोई कुलाधिसचिव नियुक्त नहीं किया गया है या यदि कुलाधिसचिव उपलब्ध नहीं है तो राज्य सरकार द्वारा उस प्रयोजन के लिये नाम निर्देशित किया गया किसी संकाय का संकायाध्यक्ष या विश्वविद्यालय अध्यापन विभाग का वरिष्ठतम आचार्य कुलपति के रूप में उस तारीख तक कार्य करेगा जिसको कि कोई कुलपति जो ऐसी रिक्ति भरने के लिए धारा 11 की उपधारा (1) या उपधारा (7) के अधीन नियुक्त किया गया हो, यथास्थिति अपना पदग्रहण या पुनः ग्रहण नहीं कर लेता हैः
परन्तु इस उपधारा के अधीन अनुध्यात किया गया इंतजाम छः मास से अधिक कालावधि तक चालू नहीं रहेगा।
चन्द्र शेखर गंगराड़े प्रमुख सचिव छत्तीसगढ़ विधान सभा.