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छत्तीसगढ शासन
पंजीयन क्रमांक "छत्तीसगढ़/दुर्ग/ 09 / 2013-2015 . "
सत्यमेव जयते
"बिजनेस पोस्ट के अन्तर्गत डाक शुल्क के नगद भुगतान ( बिना डाक टिकट) के प्रेषण हेतु अनुमत . क्रमांक जी.2-22-छत्तीसगढ़ गजट / 38 सि. से. भिलाई . दिनांक 30-05-2001 . وو
छत्तीसगढ़ राजपत्र
(असाधारण)
प्राधिकार से प्रकाशित
क्रमांक 293 ]
रायपुर, शनिवार , दिनांक 27 जून 2020- -आषाढ़ 6 , शक 1942
आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग मंत्रालय , महानदी भवन, नवा रायपुर अटल नगर
अटल नगर, दिनांक 3 जून 2020
अधिसूचना
कमांक / एफ-16-49/ 2019/25/ 2. मध्यप्रदेश शासन , पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण विभाग , मंत्रालय , वल्लभ भवन, भोपाल की अधिसूचना क्रमांक एफ. 23-4-97 - चौव्वन -1 दिनांक 02 अप्रैल 1997 जो मध्यप्रदेश राजपत्र भाग 1 में 05 अप्रैल 1997 को प्रकाशित हुई है , द्वारा जारी सूची में मध्यप्रदेश की जातियों के नागरिकों के वर्ग को सामाजिक तथा शिक्षात्मक दृष्टि से पिछड़ा वर्ग घोषित किया गया है । इस सूची में 87 जाति समूह / जाति सम्मिलित है । मध्यप्रदेश राज्य से पृथक होकर दिनांक 01-11-2000 से नवगठित राज्य छत्तीसगढ़ में यह सूची अनुकूलित की गई है । 2/ उक्त अधिसूचना प्रकाशन के बाद अनेकों जातियाँ इस सूची में सम्मिलित की गई है । कतिपय जातियों के नाम में संशोधन किया गया है , कामा (,) तथा कोष्ठक भी हटाए गए हैं , जो निम्नानुसार है&
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छत्तीसगढ़ राजपत्र, दिनांक 27 जून 2020
1 / छत्तीसगढ़ शासन, आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग की अधिसूचना क्रमांक डी-4111 / 3131 /3662 / 2002 / आजावि, दिनांक 09 अगस्त 2002 जो छ.ग. राजपत्र में दिनांक 07 मार्च 2014 को प्रकाशित हुई है , द्वारा अनुसूची के सरल क्रमांक 01 में सम्मिलित राउत , गोवारी के पश्चात् रावत को शामिल किया गया है । छत्तीसगढ़ शासन, आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग की अधिसूचना क्रमांक / एफ -19-54 / 25-2 / 10 / आजावि. दिनांक 14 सितम्बर 2010 जो छ.ग. राजपत्र में दिनांक 01 अक्टूबर 2010 को प्रकाशित हुई है , द्वारा अनुसूची के सरल क्रमांक 01 में सम्मिलित " अहीर , ब्रजवासी , गवली, गोली, जादव (यादव) बरगाही, बरगाह, ठेठवार , राउत , गोवारी (ग्वारी) , गोवरा , गवारी , ग्वारा , गोवारी , महाकुल (राउत) महकुल , गोप , गवाली , लिंगायत के पश्चात् "गोपाल " को स्थापित किया गया है । छत्तीसगढ़ शासन , आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग की अधिसूचना क्रमांक / एफ - 10-4 / 2012 / 25-2 दिनांक 28 अप्रैल 2012 जो छ.ग. राजपत्र में दिनांक 01 जून 2012 में प्रकाशित हुआ है, द्वारा अनसूची के सरल क्रमांक 01 में सम्मिलित जाति " अहीर , ब्रजवासी , गवली , गोली , जादव (यादव) बरगाही , बरगाह, ठेठवार, राउत, गोवारी (ग्वारी) , गोवरा , गवारी , ग्वारा , गोवारी, महाकुल (राउत) महकुल, गोप , गवाली, लिंगायत के बाद यादव, राऊत एवं ग्वाला को सम्मिलित किया गया है । छत्तीसगढ़ शासन, आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग की अधिसूचना क्रमांक / एफ-19-16 / 2014 / 25-2 दिनांक 13 अक्टूबर 2014 जो छ.ग. राजपत्र में दिनांक 09 दिसम्बर 2016 में प्रकाशित हुआ है, द्वारा अनुसूची के सरल क्रमांक 01 में सम्मिलित जाति " अहीर , ब्रजवासी , गवली, गोली , जादव (यादव) बरगाही , बरगाह, ठेठवार , राउत, गोवारी ( ग्वारी ) , गोवरा , गवारी , ग्वारा , गोवारी , महाकुल (राउत) महकुल , गोप , गवाली , लिंगायत रावत के आगे गहिरा , गौली को सम्मिलित किया गया है ।
2 / छत्तीसगढ़ शासन , आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग की अधिसूचना क्रमांक / एफ -19-22 / 25-2 / 2013 / आजावि दिनांक 18 सितम्बर 2013 जो छ.ग. राजपत्र में दिनांक 07 मार्च 2014 में प्रकाशित हुआ है , द्वारा अनुसूची के सरल क्रमांक 01 में सम्मिलित अहीर , ब्रजवासी, गवली गोली , जादव ( यादव) , बरगाही, बरगाह , ठेठवार, राउत , गोवारी (ग्वारी ) , गोवारा , गवारी , ग्वारा , गोवारी , महाकुल , ( राउत ) , महकुल , गोप , ग्वाली , लिंगायत , रावत के स्थान पर " अहीर , ब्रजवासी , गवली , गोली, जादव , यादव , बरगाही बरगाह, ठेठवार , राउत , गोवारी, ग्वारी , गोवारा , गवारी , ग्वारा , गोवारी , महाकुल , राउत , महकुल , गोप , ग्वाली , लिंगायत , रावत " प्रतिस्थापित किया गया है ।
3 / छत्तीसगढ़ शासन , आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग की अधिसूचना क्रमांक / एफ-19-22 / 25-2/ 2013 / आजावि. दिनांक 18 सितम्बर 2013 जो छ.ग. राजपत्र में दिनांक 07 मार्च 2014 में प्रकाशित हुआ है , द्वारा अनुसूची के सरल क्रमांक 03 में सम्मिलित जाति बैरागी (वैष्णव) स्थान पर " बैरागी. वैष्णव ' प्रतिस्थापित किया गया है । छत्तीसगढ़ शासन , आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग की अधिसूचना क्रमांक / एफ -19-22 / 25-2 / 2013 / आजावि. दिनांक 18 सितम्बर 2013 जो छ.ग. राजपत्र में दिनांक 07 मार्च 2014 में प्रकाशित हुआ है , द्वारा अनुसूची के सरल क्रमांक 03 में सम्मिलित जाति बैरागी , वैष्णव के पश्चात् थनापति को सम्मिलित किया गया है । 586( 1)
छत्तीसगढ़ राजपत्र , दिनांक 27 जून 2020
4/ छत्तीसगढ़ शासन , आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग की अधिसूचना क्रमांक / एफ-19-22/25-2/ 2013 / आजावि दिनांक 18 सितम्बर 2013 जो छ.ग. राजपत्र में दिनांक 07 मार्च 2014 में प्रकाशित हुआ है, द्वारा अनुसूची के सरल क्रमांक 05 में सम्मिलित बरई, तमोली, तम्बोली, कुमावट , कुमावत, वारई, बरई (चौरसिया) के स्थान पर " बरई , तमोली , तम्बोली, कुमावट, कुमावत , वारई , बरई, चौरसिया ' प्रतिस्थापित किया गया है ।
5/
छत्तीसगढ़ शासन , आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग की अधिसूचना क्रमांक / एफ-19-33/ 25-2 / 2012 / आजावि रायपुर, दिनांक 07 सितम्बर 2012 जो छ.ग. राजपत्र में 07 मार्च 2014 को प्रकाशित हुआ है, द्वारा अनुसूची के सरल क्रमांक 12 में अंकित जातियों ढीमर, भोई , कहार , कहरा , धीवर / मल्लाह, नावड़ा / तुरहा , केवट के पश्चात् " केंवट " स्थापित किया गया है । छत्तीसगढ़ शासन, आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग की अधिसूचना क्रमांक / एफ-19-22/ 25-2 / 2013 / आजावि दिनांक 18 सितम्बर 2013 जो छ.ग. राजपत्र में दिनांक 07 मार्च 2014 में प्रकाशित हुआ है, द्वारा अनुसूची के सरल क्रमांक 12 में सम्मिलित ढीमर, भोई , कहार, कहरा , धीवर / मल्लाह , नावड़ा / तुरहा , केवट (कश्यप , निषाद, रायकवार, बाथम) , केंवट कीर , ब्रितिया, (वित्तिया), सिंगरहा , जालारी (जालारनलु बस्तर जिले में ) सोधिंया के स्थान पर " ढीमर, भोई, कहार , कहरा , धीवर/ मल्लाह , नावड़ा / तुरहा, केवट, कश्यप, निषाद, रायकवार, बाथम , केंवट , कीर, ब्रितिया, वित्तिया , सिंगरहा , जालारी , जालारनलु (बस्तर जिले में) , सोधिंया " प्रतिस्थापित किया गया है । छत्तीसगढ़ शासन , आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग की अधिसूचना क्रमांक /एफ-16-34/ 2016 / 25 / 2 नवा रायपुर अटल नगर, दिनांक 25 नवम्बर 2019 द्वारा अनुसूची के सरल क्रमांक 12 में अंकित " जालारनलु " (बस्तर जिलें में) के स्थान पर जालारनलु (बस्तर, दक्षिण बस्तर दंतेवाड़ा, उत्तर बस्तर कांकेर, बीजापुर, नारायणपुर, कोण्डागांव एवं सुकमा जिलों में) प्रतिस्थापित किया गया है ।
6/
छत्तीसगढ़ शासन , आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग की अधिसूचना क्रमांक / एफ-19-33/ 25-2 / 2012 रायपुर दिनांक 07 सितम्बर 2012 जो छ.ग. राजपत्र में 07 मार्च 2014 को प्रकाशित हुआ है , द्वारा अनुसूची के सरल क्रमांक 14 में अंकित जातियों भुर्तिया एवं भुतिया के आगे भोरथिया, भोरतिया को स्थापित किया गया है ।
7/ छत्तीसगढ़ शासन , आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग की अधिसूचना क्रमांक / एफ-19-22 / 25-2 / 2013 / आजावि. दिनांक 18 सितम्बर 2013 जो छ.ग. राजपत्र में दिनांक 07 मार्च 2014 में प्रकाशित हुआ है, द्वारा अनुसूची के सरल क्रमांक 16 में अंकित जाति भटियारा के पश्चात् हलवाई, गुरिया को सम्मिलित किया गया है । छत्तीसगढ़ शासन, आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग की अधिसूचना क्रमांक / एफ-19-16/ 2014 /25-2 दिनांक 09 सितम्बर 2014 जो छ.ग. राजपत्र में दिनांक 09 सितम्बर 2014 को प्रकाशित हुआ है, द्वारा अनुसूची के सरल क्रमांक 16 में अंकित जाति भटियारा हलवाई , गुरिया के पश्चात् गुड़िया, गुडीया सम्मिलित किया गया है ।
8/ छत्तीसगढ़ शासन , आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग , मंत्रालय , महानदी भवन, नवा रायपुर, अटल नगर, की अधिसूचना क्रमांक / एफ-16-34 / 2016 / 25-2 दिनांक 25.11.2019 द्वारा अनुसूची के सरल क्रमांक 20 में अंकित जाति धोबी के बाद कोष्ठक में अंकित भोपाल, रायसेन कोष्ठक के भीतर अंकित प्रविष्ठि " भोपाल , रायसेन , सीहोर जिलों को छोड़कर" को कोष्ठक सहित विलोपित किया गया है । छत्तीसगढ़ शासन , आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग , मंत्रालय , महानदी भवन , रायपुर की अधिसूचना क्रमांक / एफ-10-14 /25-2/ 10 / आजावि दिनांक 27 अगस्त 2010 जो छत्तीसगढ़ राजपत्र में दिनांक 24 सितम्बर 2010 को प्रकाशित हुआ है, द्वारा अनुसूची के सरल क्रमांक 20 में सम्मिलित " धोबी, बटठी, बरेठा, रजक " के पश्चात् " बरेठ " को स्थापित किया गया है ।
9/ छत्तीसगढ़ शासन, आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग, मंत्रालय, महानदी भवन , नवा रायपुर, अटल नगर, की अधिसूचना क्रमांक / एफ-16-34/2013/ 25-2 दिनांक 25.11.2019 द्वारा अनुसूची के सरल क्रमांक 21 में अंकित जाति मीणा (विदिशा जिले की सिरोंज एवं लटेरी तहसील को छोड़कर) जाति मीणा के बाद कोष्ठक में अंकित " विदिशा जिले की सिरोंज एवं लटेरी तहसील को छोड़कर " , को कोष्ठक सहित विलोपित किया गया है । 586( 2)
छत्तीसगढ़ राजपत्र , दिनांक 27 जून 2020
10/
छत्तीसगढ़ शासन, आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग , मंत्रालय , महानदी भवन , रायपुर, की अधिसूचना क्रमांक / एफ -10-3 / 25-3 / 2009 / आजावि दिनांक 07 सितम्बर 2009 जो छ.ग. राजपत्र में दिनांक 18 सितम्बर 2009 में प्रकाशित हुआ है, द्वारा अनुसूची के सरल क्रमांक 23 में अंकित जाति गडरिया, धनगर, कुरमार, हटगर , हटकर, हाटकार , गाड़ी, धारिया, धोषी , गड़रिया , गारी , गायरी , ( पाल बघेले ) के पश्चात् " गड़ेरी " को स्थापित किया गया है । छत्तीसगढ़ शासन, आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग की अधिसूचना क्रमांक / एफ-19-22 / 2013 / आजावि रायपुर दिनांक 18 सितम्बर 2013 जो छ.ग. राजपत्र में दिनांक 07 मार्च 2014 में प्रकाशित हुआ है, द्वारा अनुसूची के सरल क्रमांक 23 में अंकित गडरिया , धनगर, कुरमार , हटगर , हटकर, हाटकर , गाड़ी, धारिया, धोषी (गड़रिया ) गारी , गायरी , गड़रिया ( पाल , बघेले) के स्थान पर गडरिया , धनगर, कुरमार , हटगर, हटकर, हाटकर, गाड़री , धोषी , गड़रिया, गारी, गायरी , पाल , बघेले प्रतिस्थापित किया गया है ।
11/
छत्तीसगढ़ शासन , आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग की अधिसूचना क्रमांक / एफ-19-22/ 25-2/ 2013 / आजावि दिनांक 18 सितम्बर 2013 जो छ.ग. राजपत्र में दिनांक 07 मार्च 2014 में प्रकाशित हुआ है, द्वारा अनुसूची के सरल क्रमांक 25 में सम्मिलित कोष्टा, कोष्टी ( देवांगन ) , कोष्टा, माला, पद्मशाली , साली, सुतसाली , सलेवार , सालवी , देवांग , जन्द्रा, कोस्काटी, कोश्काटी (लिंगायत) , गढ़वाल, गढ़ेवाल, गरेवार, गरावर, डुकर, कोल्हाटी के स्थान पर कोष्टा, कोष्टी , देवांगन, माला, पद्मशाली, साली, सुतसाली, सलेवार, सालवी , देवांग , जन्द्रा, कोस्काटी, कोश्काटी, लिंगायत , गढ़वाल , गढ़ेवाल , गरेवार, गरावर, डुकर, कोल्हाटी प्रतिस्थापित किया गया है । 12/ छत्तीसगढ़ शासन , आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग , मंत्रालय , महानदी भवन, रायपुर, की अधिसूचना क्रमांक / एफ - 19-53 / 25-2/ 2010/ एफ-19-53 /25-2 / 2 / आजावि, दिनांक 14 सितम्बर 2010 जो छ.ग. राजपत्र दिनांक 01 अक्टूबर 2010 में प्रकाशित हुआ है , द्वारा अनुसूची के सरल क्रमांक 27 में अंकित जाति गुसाई, गोस्वामी के पश्चात् " गोसाई " को स्थापित किया गया है । 13/ छत्तीसगढ़ शासन , आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग , मंत्रालय , महानदी भवन, रायपुर, की अधिसूचना क्रमांक / एफ-19-53/25-2/2010 / आजावि, दिनांक 26. 05.2010 जो छ.ग. राजपत्र में 02 जुलाई 2010 में प्रकाशित हुआ है, द्वारा अनुसूची के सरल क्रमांक 30 में अंकित जाति गारपगारी , नाथ - जोगी , जोगीनाथ , हरिदास के पश्चात् " नाथयोगी " को स्थापित किया गया है । छत्तीसगढ़ शासन, आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग , मंत्रालय , महानदी भवन, रायपुर, की अधिसूचना क्रमांक / एफ -19-16 / 2014 / 25-2 / आजावि, दिनांक 09 सितम्बर 2016 जो छ.ग. राजपत्र में दिनांक 09 सितम्बर 2016 में प्रकाशित हुआ है, द्वारा अनुसूची के सरल क्रमांक 30 में अंकित जाति गारपगारी, नाथ- जोगी , जोगीनाथ , हरिदास, नाथयोगी , जोगी , नाथजोगी के पश्चात् " जोगी , नाथजोगी " को सम्मिलित किया गया है ।
14/
छत्तीसगढ़ शासन , आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग की अधिसूचना क्रमांक/ एफ-19-22/25-2 /2013 / आजावि दिनांक 18 सितम्बर 2013 जो छ.ग. राजपत्र में दिनांक 07 मार्च 2014 में प्रकाशित हुआ है, द्वारा अनुसूची के सरल क्रमांक 32 में सम्मिलित सोनार, सुनार, झाणी , झाड़ी, (स्वर्णकार ) , अवधिया, औधिया, सोनी (स्वर्णकार) के स्थान पर " सोनार , सुनार , झाणी , झाड़ी, स्वर्णकार, अवधिया, औधिया , सोनी " प्रतिस्थापित किया गया है ।
15/ छत्तीसगढ़ शासन , आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग , मंत्रालय , महानदी भवन, रायपुर, की अधिसूचना क्रमांक डी-5972 / 3136 /25-2 / 2004 / आजावि दिनांक 08 सितम्बर 2004 जो छ.ग. राजपत्र में 15 अक्टूबर 2004 में प्रकाशित हुआ है, द्वारा अनुसूची के सरल क्रमांक 33 में अंकित जाति काछी ( कुशवाहा, शाक्य, मौर्य) कोयरी या कोइरी (कुशवाहा ) पनारा, मुराई , सोनकर के आगे " कोईर " को स्थापित किया गया है । छत्तीसगढ़ शासन , आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग की अधिसूचना क्रमांक / एफ -19-22 / 25-2 / 2013 / आजावि दिनांक 18 सितम्बर 2013 जो छ.ग. राजपत्र में दिनांक 07 मार्च 2014 में प्रकाशित हुआ है, द्वारा अनुसूची के सरल क्रमांक 33 (अ) में सम्मिलित काछी (कुशवाहा , शाक्य , मौर्य) , कोयरी या कोइरी (कुशवाहा) , पनारा , मुराई , सोनकर, कोईर , के स्थान पर " काछी , कुशवाहा , शाक्य, मौर्य, कोयरी या कोइरी, पनारा , मुराई , सोनकर, कोईर " प्रतिस्थापित किया गया है । छत्तीसगढ़ शासन, आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग, मंत्रालय , महानदी भवन, रायपुर , की अधिसूचना क्रमांक डी-4111 / 3136 /3662 / 2002 / आजावि दिनांक 09 अगस्त 2002 जो छ.ग. राजपत्र में 07 मार्च 2014 में प्रकाशित हुआ है, द्वारा अनुसूची के सरल क्रमांक 33 (ब) में माली (सैनी ) मरार के पश्चात् " पटैल ( हरदिहा मरार) शामिल किया गया है । छत्तीसगढ़ शासन , आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति 586( 3)
छत्तीसगढ़ राजपत्र, दिनांक 27 जून 2020
विकास विभाग , मंत्रालय, महानदी भवन , रायपुर, की अधिसूचना क्रमांक एफ-19-22/ 25-2 /2013/ आजावि दिनांक 18 सितम्बर 2013 जो छ.ग. राजपत्र में 07 मार्च 2014 में प्रकाशित हुआ है, द्वारा अनुसूची के सरल क्रमांक 33 (ब) में अंकित जाति माली (सैनी) मरार , पटैल (हरदिहा मरार ) के स्थान पर " माली, सैनी , मरार, पटैल , हरदिहा, मरार प्रतिस्थापित किया गया है ।
16/ छत्तीसगढ़ शासन, आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग , मंत्रालय , महानदी भवन , रायपुर, की अधिसूचना क्रमांक एफ-19-22 / 25-2 / 2013 / आजावि दिनांक 18 सितम्बर 2013 जो छ.ग. राजपत्र में 07 मार्च 2014 में प्रकाशित हुआ है, द्वारा अनुसूची के सरल क्रमांक 34 में अंकित जाति जोशी ( भड्डारी ) डकोचा, डकोता के स्थान पर जोशी , भड्डारी , डकोचा , डकोता प्रतिस्थापित किया गया है । छत्तीसगढ़ शासन, आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग , मंत्रालय , महानदी भवन, रायपुर, की अधिसूचना क्रमांक एफ-19-16 / 2014/ 25-2 दिनांक 13 अक्टूबर 2014 जो छ.ग. राजपत्र में 09 दिसम्बर 2016 में प्रकाशित हुआ है, द्वारा अनुसूची के सरल क्रमांक 34 में अंकित जोशी , भड्डारी , डकोचा, डकोता के आगे भटरी , भडरी, भठरी सम्मिलित किया गया है ।
17/
छत्तीसगढ़ शासन , आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग , मंत्रालय , महानदी भवन, रायपुर, की अधिसूचना क्रमांक एफ-10-3 / 25-3 / 2009 / आजावि दिनांक 08 जुलाई 2009 जो छ.ग. राजपत्र में 07 मार्च 2014 में प्रकाशित हुआ है , द्वारा अनुसूची के सरल क्रमांक 36 में अंकित जाति " ठठेरा , कसार , कसेरा , तमेरा , तम्बटकर, ओटारी , ताम्रकार , तमेर, घड़वा , झारिया " के पश्चात् " कसेर " को स्थापित किया गया है ।
18/ छत्तीसगढ़ शासन, आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग , मंत्रालय, महानदी भवन, रायपुर, की अधिसूचना क्रमांक एफ-10-17 / 25-3/ 2009 / आजावि, रायपुर दिनांक 03जुलाई 2010 जो छ.ग. राजपत्र में 23 जुलाई 2010 में प्रकाशित हुआ है , द्वारा अनुसूची के सरल क्रमांक 39 में अंकित जाति " कुरमी , कुरमार , कुनबी, कुर्मी, पाटीदार (कुलमी , कुल्मी , कुलम्बी) , कुर्मवंशी, चन्द्राकर, चंद्रनाहू, कुंभी, गवैल (गमैल) सिरवी" के पश्चात् " कुन्बी " को स्थापित किया गया है । छत्तीसगढ़ शासन, आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग , मंत्रालय, महानदी भवन, रायपुर, की अधिसूचना क्रमांक एफ-10-13/ 25-2 /10 / आजावि, दिनांक 14 सितम्बर 2010 जो छ.ग. राजपत्र में 01 अक्टूबर 2010 में प्रकाशित हुआ है, द्वारा अनुसूची के सरल क्रमांक 39 में अंकित जाति " कुरमी , कुरमार , कुनबी, कुर्मी, पाटीदार (कुलमी , कुल्मी, कुलम्बी) , कुर्मवंशी, चन्द्राकर, चंद्रनाहू, कुंभी, गवैल (गमैल ) सिरवी " के पश्चात् " चंदनाहू, चन्नाहू" को स्थापित किया गया है । छत्तीसगढ़ शासन , आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग , मंत्रालय, महानदी भवन, रायपुर, की अधिसूचना क्रमांक एफ-19-22 /25-2 / 2013 / आजावि , दिनांक 18 सितम्बर 2013 जो छ.ग. राजपत्र में 07 मार्च 2014 में प्रकाशित हुआ है, द्वारा अनुसूची के सरल क्रमांक 39 में अंकित जाति " कुरमी , कुरमार, कुनबी, कुर्मी, पाटीदार ( कुलमी, कुल्मी, कुलम्बी) , कुर्मवंशी, चन्द्राकर, चंद्रनाहू, कुंभी, गंवैल (गमैल) सिरवी " के स्थान पर " कुरमी , कुरमार, कुनबी, कुर्मी, पाटीदार, कुलमी, कुल्मी, कुलम्बी, कुर्मवंशी , चन्द्राकर, चन्दनाहू, कुंभी, गवैल, गमैल , सिरवी प्रतिस्थापित किया गया है । छत्तीसगढ़ शासन , आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग , मंत्रालय , महानदी भवन, रायपुर, की अधिसूचना क्रमांक एफ-19-22/25-2 / 2013 / आजावि, दिनांक 18 सितम्बर 2013 जो छ.ग. राजपत्र में 07 मार्च 2014 में प्रकाशित हुआ है, द्वारा अनुसूची के सरल क्रमांक 39 में अंकित जाति " कुरमी, कुरमार , कुनबी, कुर्मी, पाटीदार ( कुलमी , कुल्मी, कुलम्बी) , कुर्मवंशी, चन्द्राकर, चंद्रनाहू, चंदनाहू, चन्नाहू कुंभी, गवैल , गमैल सिरवी " के पश्चात् ' गबेल " को सम्मिलित किया गया है । छत्तीसगढ़ शासन , आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग , मंत्रालय, महानदी भवन, रायपुर , की अधिसूचना क्रमांक एफ-19-16 / 2014/ 25-2 / आजावि, दिनांक 13 अक्टूबर 2014 जो छ.ग. राजपत्र में 09 दिसम्बर 2016 में प्रकाशित हुआ है, द्वारा अनुसूची के सरल क्रमांक 39 में अंकित जाति कुरमी , कुरमार, कुनबी, कुर्मी, पाटीदार, कुलमी, कुल्मी, कुलम्बी, कुर्मवंशी , चन्द्राकर, चंद्रनाहू, कुंभी, गवैल, गमैल , सिरवी के पश्चात् " कुन्वी, कुनवी " को प्रतिस्थापित किया गया है । छत्तीसगढ़ शासन, आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग , मंत्रालय , महानदी भवन, रायपुर, की अधिसूचना क्रमांक एफ-19-16 / 2014 / 25-2/ आजावि, दिनांक 09 सितम्बर 2016 जो छ.ग. राजपत्र में 09 सितम्बर 2016 में प्रकाशित हुआ है, द्वारा अनुसूची के सरल क्रमांक 39 में अंकित 586(4)
छत्तीसगढ़ राजपत्र , दिनांक 27 जून 2020
जाति कुरमी , कुरमार , कुनबी , कुन्बी, कुर्मी , पाटीदार, कुलमी , कुल्मी, कुलम्बी, कुर्मवंशी, चन्द्राकर , चन्द्रनाहू, चंदनाहू, चन्नाहू, कुंभी, गवैल , गमैल, सिरवी, गबेल, कुन्वी, कुनवी के पश्चात् " गवेल और गभेल" सम्मिलित किया गया है ।
19/
छत्तीसगढ़ शासन, आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग की अधिसूचना क्रमांक / एफ-19-22/25-2/ 2013 / आजावि दिनांक 18 सितम्बर 2013 जो छ.ग. राजपत्र में दिनांक 07 मार्च 2014 में प्रकाशित हुआ है, द्वारा अनुसूची के सरल क्रमांक 42 में सम्मिलित कलार (जायसवाल) , कलाल , डडसेना के स्थान पर " कलार, जायसवाल , कलाल , डडसेना " प्रतिस्थापित किया गया है । छत्तीसगढ़ शासन, आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग, मंत्रालय, महानदी भवन, रायपुर, की अधिसूचना क्रमांक एफ-19-16 / 2014/25-2 / आजावि, दिनांक 13 अक्टूबर 2014 जो छ.ग. राजपत्र में 09 दिसम्बर 2016 में प्रकाशित हुआ है , द्वारा अनुसूची के सरल क्रमांक 42 में अंकित जाति कलार, जायसवाल , कलाल , डडसेना के आगे " कलवार " को सम्मिलित किया गया है ।
20/
छत्तीसगढ़ शासन , आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग , मंत्रालय , महानदी भवन , रायपुर, की अधिसूचना क्रमांक एफ-19-16 / 2014/25-2 / आजावि, दिनांक 22 सितम्बर 2010 जो छ.ग. राजपत्र में दिनांक 09 सितम्बर 2016 को प्रकाशित हुआ है, द्वारा अनुसूची के सरल क्रमांक 44 में अंकित जाति लोनिया, लुनिया, औड़, ओड़े ओड़िया, नौनिया, मुरहा, मुराहा, मुड़हा, मुड़ाहा, के पश्चात् " नुनिया, नोनिया " को स्थापित किया गया है ।
21/
छत्तीसगढ़ शासन, आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग की अधिसूचना क्रमांक / एफ-19-22/ 25-2 /2013 / आजावि दिनांक 18 सितम्बर 2013 जो छ.ग. राजपत्र में दिनांक 07 मार्च 2014 में प्रकाशित हुआ है, द्वारा अनुसूची के सरल क्रमांक 45 में सम्मिलित नाई (सेन, सविता , उसरेटे , श्रीवास ) , म्हाली , नाव्ही , उसरेटे के स्थान पर " नाई, सेन, सविता, उसरेटे , श्रीवास , म्हाली, नाव्ही , उसरेटे " प्रतिस्थापित किया गया है ।
22/
छत्तीसगढ़ शासन , आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग, मंत्रालय , महानदी भवन, नवा रायपुर, अटल नगर, की अधिसूचना क्रमांक /एफ-16-34/ 2016 / 25-2 दिनांक 25.11.2019 द्वारा अनुसूची के सरल क्रमांक 47 में अंकित जाति पनिका के बाद कोष्ठक में अंकित प्रविष्टि ( छतरपुर, पन्ना, दतिया, टीकमगढ़ , सतना, रींवा, सीधी, शहडोल जिलों को छोड़कर) को कोष्ठक सहित विलोपित किया गया है ।
23/
छत्तीसगढ़ शासन , आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग की अधिसूचना क्रमांक / एफ-19-22/25-2 / 2013 / आजावि दिनांक 18 सितम्बर 2013 जो छ.ग. राजपत्र में दिनांक 07 मार्च 2014 में प्रकाशित हुआ है , द्वारा अनुसूची के सरल क्रमांक 51 में सम्मिलित तेली (ठाठ, साहू, राठौर ) के स्थान पर " तेली , ठाठा, साहू, राठौर " प्रतिस्थापित किया गया है ।
24/
मध्यप्रदेश शासन, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण विभाग की अधिसूचना क्रमांक /एफ-23-14/98/ 54-1 भोपाल दिनांक , 21.09.1998 द्वारा अनुसूची के सरल क्रमांक 53 पर अंकित " तवायफ " जाति को विलोपित किया गया है ।
25/
छत्तीसगढ़ शासन , आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग , मंत्रालय, महानदी भवन , नवा रायपुर, अटल नगर , की अधिसूचना क्रमांक / एफ-16-34 / 2016/ 25-2 दिनांक 25.11.2019 द्वारा अनुसूची के सरल क्रमांक 57 में अंकित जाति कोटवाल के बाद कोष्ठक में अंकित प्रविष्टि ( भिण्ड, धार, देवास , गुना, ग्वालियर, इन्दौर, झाबुआ, खरगौन, मंदसौर , मुरैना, राजगढ़ , रतलाम , शाजापुर, शिवपुरी, उज्जैन एवं विदिशा जिलों को छोड़कर) को कोष्ठक सहित विलोपित किया गया है ।
26/
छत्तीसगढ़ शासन, आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग की अधिसूचना क्रमांक / एफ-19-22/25-2/ 2013 / आजावि दिनांक 18 सितम्बर 2013 जो छ.ग. राजपत्र में दिनांक 07 मार्च 2014 में प्रकाशित हुआ है, द्वारा अनुसूची के सरल क्रमांक 59 में सम्मिलित लोढा (तंवर) के स्थान पर " लोढा, तंवर " प्रतिस्थापित किया गया है । 586 ( 5)
छत्तीसगढ़ राजपत्र , दिनांक 27 जून 2020
27/ छत्तीसगढ़ शासन , आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग , मंत्रालय , महानदी भवन , रायपुर, की अधिसूचना क्रमांक एफ-10-2 / 25-2 /09 / आजावि, दिनांक 27 अगस्त 2010 जो छ.ग. राजपत्र में दिनांक 24 सितम्बर 2010 को प्रकाशित हुआ है, द्वारा अनुसूची के सरल क्रमांक 60 में अंकित जाति " मोवार " के पश्चात् " मौवार " को स्थापित किया गया है ।
28/ छत्तीसगढ़ शासन , आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग , मंत्रालय, महानदी भवन , रायपुर , की अधिसूचना क्रमांक एफ-10-3 / 2013 / 25-2 / नवा रायपुर दिनांक 10 अगस्त 2017 जो छ.ग. राजपत्र में दिनांक 10 नवम्बर 2017 को प्रकाशित हुआ है, द्वारा अनुसूची के सरल क्रमांक 65 में अंकित सुत सारथी - सईस / सहीस जातियों को विलोपित किया गया है ।
29/ छत्तीसगढ़ शासन , आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग , मंत्रालय , महानदी भवन, रायपुर, की अधिसूचना क्रमांक एफ-10-11/ 25-2 /10 / आजावि. दिनांक 14 सितम्बर 2010 जो छ.ग. राजपत्र में दिनांक 01 अक्टूबर 2010 को प्रकाशित हुआ है, द्वारा अनुसूची के सरल क्रमांक 68 में अंकित " रजभर " के पश्चात् " राजभर " को स्थापित किया गया है ।
30/ छत्तीसगढ़ शासन , आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग , मंत्रालय, महानदी भवन, रायपुर, की अधिसूचना क्रमांक एफ 19-33 / 25-2 / 2012 / आजावि दिनांक 07 सितम्बर 2012 जो छ.ग. राजपत्र में दिनांक 07 मार्च 2014 को प्रकाशित हुआ है, द्वारा अनुसूची के सरल क्रमांक 78 में अंकित बया महरा / कौशल, वया के आगे " बया " को स्थापित किया गया है । 31/ मध्यप्रदेश शासन , पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण विभाग की अधिसूचना क्रमांक / एफ-23-14/98/ 54-1 भोपाल दिनांक, 21.09.1998 द्वारा अनुसूची के सरल क्रमांक 81 पर अंकित " अथवा बौद्ध धर्म (नवबौद्ध) " को विलोपित किया गया है ।
32/
मध्यप्रदेश शासन, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण विभाग , मंत्रालय की संशोधन आदेश क्रमांक / एफ- 9-10 / 2000 / 54-1 भोपाल दिनांक, 26.07.2000 द्वारा अनुसूची के सरल क्रमांक 83 में अंकित धोरिया के स्थान पर " थोरिया " पढ़े जाने का संशोधन जारी किया गया है । छत्तीसगढ़ शासन, आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग , मंत्रालय, महानदी भवन, रायपुर, की अधिसूचना क्रमांक एफ 19-16/ 2014/ 25-2 दिनांक 09 सितम्बर 2016 जो छ.ग. राजपत्र में दिनांक 09 सितम्बर 2016 को प्रकाशित हुआ है, द्वारा अनुसूची के सरल क्रमांक 83 में अंकित थोरिया के आगे " थुरिया , थुड़िया " को सम्मिलित किया गया है ।
33/ छत्तीसगढ़ शासन , आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग , मंत्रालय , महानदी भवन , रायपुर, की अधिसूचना क्रमांक एफ19-22 / 25-2 मार्च 2014 को प्रकाशित हुआ है, द्वारा अनुसूची के सरल क्रमांक 87 (10 ) में अंकित मनिहार के आगे " चुड़िहार " को सम्मिलित किया गया है ।
34/ छत्तीसगढ़ शासन, आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग , मंत्रालय , महानदी भवन , रायपुर, की अधिसूचना क्रमांक डी-4221 / 944 / 2002 / आजावि दिनांक 16 अगस्त 2002 जो छ.ग. राजपत्र में दिनांक 16 अगस्त 2002 को प्रकाशित हुआ है, द्वारा अनुसूची के सरल क्रमांक 89 में शौण्डिक, सुण्डी, सूड़ी एवं सोढ़ी जाति को सम्मिलित किया गया है ।
35/ छत्तीसगढ़ शासन , आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग , मंत्रालय, महानदी भवन, रायपुर, की अधिसूचना क्रमांक डी-3588 / 1109 / 2003 / आजावि दिनांक 31 जुलाई 2003 जो छ.ग. राजपत्र में दिनांक 09 दिसम्बर 2016 को प्रकाशित हुआ है, द्वारा अनुसूची के सरल क्रमांक 90 में भूलिया- भोलिया को सम्मिलित किया गया है । छत्तीसगढ़ शासन, आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग , मंत्रालय , महानदी भवन, रायपुर, की अधिसूचना क्रमांक एफ 19-16/ 2014/ 25-2 दिनांक 13 अक्टूबर 2014 जो छ.ग. राजपत्र में दिनांक 09 दिसम्बर 2016 को प्रकाशित हुआ है, द्वारा अनुसूची के सरल क्रमांक 90 में सम्मिलित भूलिया - भोलिया के आगे " भुलिया " को सम्मिलित किया गया है । 586( 6 )
छत्तीसगढ़ राजपत्र, दिनांक 27 जून 2020
36/ छत्तीसगढ़ शासन , आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग , मंत्रालय , महानदी भवन, रायपुर, की अधिसूचना क्रमांक डी-3599 /1109 / 2003 आजावि दिनांक 31 जुलाई 2003 जो छ.ग. राजपत्र में दिनांक 07 मार्च 2014 को प्रकाशित हुआ है, द्वारा अनुसूची के सरल क्रमांक 91 में पोबिया जाति को सम्मिलित किया गया है ।
37/ छत्तीसगढ़ शासन , आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग , मंत्रालय , महानदी भवन, रायपुर, की अधिसूचना क्रमांक एफ-19-33 / 25-2/ 2012 / आजावि दिनांक 07 सितम्बर 2012 द्वारा जो छ.ग. राजपत्र में दिनांक 07 मार्च 2014 को प्रकाशित हुआ है , द्वारा अनुसूची के सरल क्रमांक 92 में " खर्रा , खडरा , खोडरा " को सम्मिलित किया गया है ।
38/ छत्तीसगढ़ शासन , आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग , मंत्रालय, महानदी भवन , रायपुर, की अधिसूचना क्रमांक एफ-19-33 / 25-2 / 2012 / आजावि दिनांक 07 सितम्बर 2012 जो छ.ग. राजपत्र में दिनांक 07 मार्च 2014 को प्रकाशित हुआ है , द्वारा अनुसूची के सरल क्रमांक 93 में " रौनियार" को सम्मिलित किया गया है । छत्तीसगढ़ शासन , आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग , मंत्रालय, महानदी भवन , रायपुर, की अधिसूचना क्रमांक एफ-19-16/2014 / 25-2 दिनांक 13 अक्टूबर 2014 जो छ.ग. राजपत्र में दिनांक 09 दिसम्बर 2016 को प्रकाशित हुआ है , द्वारा अनुसूची के सरल क्रमांक 93 में अंकित " रौनियार " के आगे "कमलापुरी " को सम्मिलित किया गया है ।
39/ छत्तीसगढ़ शासन , आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग , मंत्रालय, महानदी भवन , रायपुर, की अधिसूचना क्रमांक एफ-19-22/25-2/ 2013 / आजावि दिनांक 18 सितम्बर 2013 जो छ.ग. राजपत्र में दिनांक 07 मार्च 2014 को प्रकाशित हुआ है, द्वारा अनुसूची के सरल क्रमांक 94 में " बिंद, बींद , बिन्द, बीन्द " जातियों को सम्मिलित किया गया है ।
40/
छत्तीसगढ़ शासन , आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग , मंत्रालय , महानदी भवन, रायपुर, की अधिसूचना क्रमांक एफ-19-22 / 25-2/ 2013 / आजावि दिनांक 18 सितम्बर 2013 जो छ.ग. राजपत्र में दिनांक 07 मार्च 2014 को प्रकाशित हुआ है , द्वारा अनुसूची के सरल क्रमांक 95 में " झोरा " जाति को सम्मिलित किया गया है ।
3- अधिसूचना दिनांक 02 अप्रैल 1997 द्वारा जारी पिछड़ा वर्ग की सूची के कॉलम 04 (कैफियत) में सरल कमांक 12 , 20, 21 (आंशिक ) 38 , 47 , 57 , 76 एवं 81 में अंकित प्रविष्टियाँ छ.ग. राज्य से सम्बन्धित न होने एवं अप्रासंगित होने से विलोपित की जाती है । इसी तरह सूची के सरल कमांक 87 (21 ) में प्रतिबंधित शब्द अंकित होने से कैफियत कॉलम में अंकित प्रविष्टि विलोपित की जाती है ।
अतः समय- समय पर किए गए संशोधन , परिवर्धन, विलोपन को समावेशित करते हुए राज्य शासन एतद् द्वारा छत्तीसगढ़ राज्य के लिये पिछड़ा वर्ग के जातियों की निम्नानुसार एकजाई सूची अधिसूचित करता है-
परम्परागत व्यवसाय
कैफियत
क्र. नाम जाति / उपजाति / वर्ग समूह
3
2
4
1
1
पशुपालन व दूध विक्रेताका व्यवसाय , जज्मानी प्रथा के अंतर्गत गाय, बैल, भैंस आदि पशु चराना
अहीर , ब्रजवासी , गवली , गोली , जादव, यादव, बरगाही , बरगाह, ठेठवार, राउत , गोवारी , ग्वारी , रावत, गोवरा, गवारी , ग्वारा , गोवारी , महाकुल , राउत , महकुल , गोप, ग्वाली , लिंगायत , गोपाल , यादव, राऊत , ग्वाला , गहिरा , गौली
" यादव " , अहीर जाति की उपजाति के रूप में शामिल की गई है . अधिकांश अहीर व उसकी उपजातियां अपने को यादव कहती हैं व लिखती हैं. यादव राजपूत इसमें शामिल नहीं हैं । राऊत , ग्वाला एवं रावत में ब्राह्मण राऊत /ग्वाला / रावत एवं राजपूत राऊत / ग्वाला / रावत शामिल नहीं हैं ।
2 असारा , असाड़ा
कृषि कार्य 586 ( 7)
छत्तीसगढ़ राजपत्र, दिनांक 27 जून 2020
क्र. नाम जाति / उपजाति / वर्ग समूह
2
1
3 बैरागी , वैष्णव , थनापति
कैफियत
परम्परागत व्यवसाय
4
3
धार्मिक भिक्षावृत्ति
करने वाली जाति
4
वैष्णव को बैरागी की उपजाति के रूप में शामिल किया गया है. ब्राह्मण जाति के बैरागी शामिल नहीं किये गये हैं.
घुमक्कड़ बैलों को
हांककर व्यवसाय
करने वाली जाति
बंजारा , बंजारी , मथुरा , नायक, नायकड़ा , धरिया, लभाना , लबाना लामने.
5 बरई , तमोली , तम्बोली , कुमावट, कुमावत, वारई , बरई , चौरसिया.
6 बढ़ई , सुतार , दवेज, कुन्देर (विश्वकर्मा).
7 बारी
नायक को बंजारा जाति की उपजाति के रूप में सम्मिलित किया है. नायक ब्राह्मण शामिल नहीं हैं.
बरई तथा तमोली जाति के लोग अपने को चौरसिया कहते हैं.
पान उत्पादक व विक्रेता.
विश्वकर्मा को बढ़ई की उपजाति के रूप में सम्मिलित किया गया है.
कृषि कार्य हेतु लकड़ी के औजार बनाना , लकड़ी का फर्नीचर तैयार करना
पत्तों से पत्तल
बनाने वाली जाति
8 वसुदेव, वसुदेवा , वासुदेव वासुदेवा, हरबोला, कापड़िया कापड़ी, गोंधली, थारवार.
9 भड़भूजा, भुजवा , भुर्जी , धुरी , या धूरी 10 भाट , चारण , सुतिया , सालवी , राव , जनमालोंधी, जसोंधी, मरूसोनिया.
इस क्रमांक में वसुदेव जाति की सभी उपजातियों को शामिल किया गया है .
विरुदावली गाना एवं बैल भैंसों का व्यापार करना व धार्मिक भिक्षावृत्ति
इसमें वैश्य जाति से अपने को संबद्ध करने वाली जाति शामिल नहीं है.
चना , लाई , ज्वार , इत्यादि खाद्यान्न का भाड़ में भूजना.
राजा के सम्मान में प्रशंसात्मक कविता पाठ व विरुदावली का गायन
कंपड़ों में छपाई व
रंगाई
11 छीपा , भावसार , नीलगर , जीनगर, निराली , रंगारी , मनधाव.
12 ढीमर , भोई, कहार, कहरा ,
धीवर / मल्लाह, नावड़ा/ तुरहा, केवट, केंवट, कश्यप , निषाद, रायकवार, बाथम, कीर , ब्रितिया, वित्तिया, सिंगरहा , जालारी, जालारनलु (बस्तर , दक्षिण बस्तर दंतेवाड़ा, उत्तर बस्तर कांकेर, बीजापुर , नारायणपुर, कोण्डागांव एवं सुकमा जिलों में) सोधिंया.
13 पंवार, पोवार, भोयर , भोयार
मछली पकड़ना, पालकी ढोना, घरेलू नौकरी करना, सिंघाड़ा व कमल गट्टा उगाना, पानी भरना , नाव चलाना
इसमें पंवार / पवार राजपूत शमिल नहीं हैं.
कृषि एवं कृषि
मजदूरी
14 भुर्तिया , भुतिया , भोरथिया , भोरतिया पशुपालन व दुग्ध व्यवसाय
15 भोपा , मानभाव
धार्मिक भिक्षावृत्ति
इस जाति का वह समुदाय जो गैर ब्राह्मण है. सूची में शामिल किया गया है.
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छत्तीसगढ़ राजपत्र , दिनांक 27 जून 2020
क्र.
परम्परागत व्यवसाय
कैफियत
नाम जाति / उपजाति / वर्ग समूह
2
3
4
1
16 भटियारा , हलवाई , गुरिया, गुड़िया, गुडीया
भट्टी लगाकर सार्वजनिक उपयोग के खाद्य पदार्थ तैयार करना है .
चुनकर, चुनगर, कुलवंधया, राजगीर
17
चूना , गारा का कार्य करने व भवन निर्माण इत्यादि में कारीगरी का कार्य करना.
चितारी
18
दीवालों पर
चित्रकारी करना
कपड़ा सिलाई
करना
19 दर्जी, छीपी , छिपी, शिपी, मावी, (नामदेव)
20 धोबी , बट्ठी , बरेठा , रजक, बरेठ कपड़ा साफ करना
कृषक
रावत मीना जाति की उपजाति है जो ब्राह्मण नहीं है.
21 मीना ( रावत ) देशवाली , मेवाती , मीणा
22 किरार , किराड़, धाकड़
राजपूत इसमें शामिल नहीं हैं.
कृषक
भेड़ बकरी पालना
23 गडरिया, धनगर, कुरमार , हटगर , हटकर , हाटकार , गाड़ी , धारिया, धोषी, गड़रिया , गारी , गायरी , पाल, बघेले, गड़ेरी
गड़रिया जाति व उसकी उपजातियां अपने को पाल व बघेले भी कहते हैं . पाल व बघेले गड़रिया जाति की उपजाति के रूप में शामिल किये गये हैं. बघेल राजपूत पिछड़ी जाति में शामिल नहीं हैं.
24 कड़ेरे , धुनकर , धुनिया, धनका, कोडार
कपास की रूई धुनकने का कार्य करना. कड़ेरे आतिशबाजी बनाने का कार्य भी करते हैं
25
बुनकर
इस समूह में सम्मिलित डुकर कोल्हाटी कर्तव्य व कसरत का प्रदर्शन करते हैं.
कोष्टा, कोष्टी , देवांगन , कोष्टा , माला , पद्मशाली , साली , सुतसाली, सलेवार, सालवी , देवांग , जन्द्रा , कोस्काटी, कोश्काटी, लिंगायत, गढ़वाल , गढ़ेवाल , गरेवार, गरावर, डुकर, कोल्हाटी .
26
इस समूह में ब्राह्मण समूह शामिल नहीं है.
धोली / डफाली / डफली / ढोली , दमामी, गुरव
गांव पुरोहित का कार्य शिवमंदिरों में पूजा व उपजातियां ढोल बजाने का कार्य करती है.
गुसाई , गोस्वामी, गोसाई
27
धार्मिक भिक्षावृत्ति,
मंदिरों में महंती
ब्राह्मण जाति से संबंधित कहने वाले लोग इस समूह में सम्मिलित नहीं हैं.
गूजर ( गुर्जर )
28
कृषक, पशुपालन
राजपूत व क्षत्रिय कहलाने वाले सम्मिलित नहीं हैं.
586( 9)
छत्तीसगढ़ राजपत्र , दिनांक 27 जून 2020
क्र.
परम्परागत व्यवसाय
कैफियत
नाम जाति / उपजाति / वर्ग समूह
2
1
3
4
29
विश्वकर्मा में ब्राह्मण वर्ग सम्मिलित नहीं हैं .
लोहे के औजार
बनाने का कार्य
करना
लोहार, लुहार , लोहपीटा , गड़ोले , हुंगा लोहार, लोहपटा, गड़ोला, लोहार (विश्वकर्मा) .
30 गारपगारी , नाथ - जोगी , जोगीनाथ , जोगी, हरिदास , नाथजोगी नाथयोगी,
" जोगी " धार्मिक भिक्षावृत्ति करते हैं लेकिन इस समूह में जो ब्राह्मण हैं, वे शामिल नहीं हैं.
गारपगारी ओलावृष्टि की रोक करके फसल की रक्षा का कार्य करते हैं. जोगी व इस समूह की अन्य जातियां धार्मिक भिक्षावृत्ति का व्यवसाय करते हैं.
31 घोषी
इसमें राजपूत क्षत्रिय शामिल नहीं हैं.
भैंस पालक व
पशुपालक
32 सोनार , सुनार , झाणी , झाड़ी, स्वर्णकार, अवधिया, औधिया, सोनी.
इस समूह में सोना - चांदी के व्यापारी वर्ग या ज्वेलर्स सम्मिलित नहीं हैं.
स्वर्ण एवं चांदी के आभूषण उगढ़ने व बनाने का कार्य करना.
33 (अ) काछी , कुशवाहा , शाक्य , मौर्य , कोयरी या कोइरी , पनारा , मुराई, सोनकर , कोईर.
" कुशवाहा " काछी कोयरी व कोइरी जाति की उपजाति है. काछी जाति की शाक्य व मौर्य भी उपजातियां हैं. कुशवाह राजपूत इसमें शामिल नहीं हैं।
शाक- सब्जी उत्पादन व साग - सब्जी तथा फूल उत्पादन व बागवानी.
(ब) माली, सैनी , मरार , पटैल , " हरदिहा, मरार
हरदिहा , मरार में गांव के मुखिया पटेल पद तथा अघरिया, धाकड़ आदि अन्य जाति जो पटेल उपनाम लिखते हैं , शामिल नहीं हैं ।
34 जोशी , भड्डारी , डकोचा , डकोता, भटरी, भडरी, भठरी
ज्योतिष
का
व्यवसाय व शनि का
दान लेना
शनिदेव के नाम पर भिक्षावृत्ति व मृत्यु दान लेना, जोशी जाति के लोग करते हैं. जोशी ब्राह्मण इसमें शामिल नहीं हैं.
35 लखेरा , लखेर, कचेरा , कचेर
लाख का कार्य करना कांच की चूड़ियां बेचना.
36
तांबा , पीतल व कांसा के बर्तन बनाना.
ठठेरा , घड़वा, झारिया , कसेर कसार, कसेरा , तमेरा , तम्बटकर, ओटारी , ताम्रकार, तमेर ,
37 खातिया , खाटिया, खाती
कृषक
कुम्हार, प्रजापति, कुंभार.
38
मिट्टी के बर्तन
बनाना
39
कृषक , कृषि मजदूरी
कुरमी , कुरमार, कुनबी , कुर्मी, पाटीदार, कुलमी , कुल्मी, कुलम्बी , कुर्मवंशी , चन्द्राकर, चंद्रनाहू, कुंभी, गवैल , गमैल , सिरवी, कुन्बी, चंदनाहू, चन्नाहू, गबेल , कुन्वी, कुनवी, गवेल, गभेल 586(10)
छत्तीसगढ़ राजपत्र , दिनांक 27 जून 2020
परम्परागत व्यवसाय
कैफियत
क्र. नाम जाति / उपजाति / वर्ग समूह
3
4
2
1
40 कमरिया
पशुपालक व दुग्ध
विक्रेता
कौरव , कांवरे
41
कृषक
42
मदिरा (शराब)
बेचना
कलार, डडसेना, कलवार जायसवाल , कलाल,
43 कलौता, कलौटा, कोलता, कोलटा कृषक
44
नमक बनाना
व
साफ करना , मिट्टी
खोदना
लोनिया , लुनिया, ओड़, ओड़े ओड़िया, नौनिया , मुरहा, मुराहा , मुड़हा, मुड़ाहा , नुनिया, नोनिया
45 नाई , सेन , सविता, उसरेटे , श्रीवास, म्हाली , नाव्ही, उसरेटे.
बाल बनाना , विवाह
शादी में संस्कार
सम्पन्न कराना
सेन , सविता , श्रीवास, उसरेटे नाई की उपजातियों के रूप में सम्मिलित की गई हैं.
46 नायटा, नायड़ा
लघु कृषक, कृषि
मजदूरी
47 पनका, पनिका
मजदूरी करना गांव की चौकीदारी करना, बुनकर .
जैन धर्म के लोगों को छोड़कर 48 पटका, पटकी , पटवा
सिल्क के धागे
कपड़े व सूत बनाना
49 लोधी , लोधा, लोध
कृषक
50 सिकलीगर
शस्त्र सफाई लोहे के औजारों की धार तेज करना.
तेली , ठाठ , साहू, राठौर
51
तेल पेरना व बेचने
का व्यवसाय करना
तेली जाति के लोग अपने को " साहू" व " राठौर " कहते हैं. राठौर को तेली की उपजाति में सम्मिलित किया गया है . राठौर राजपूत इमसें शामिल नहीं हैं.
तुरहा , तिरवाली , बड्डर
52
मिट्टी खोदने का
काम करना , पत्थर
तरासना
किसडी, कसडी
53
नाच-गाकर
मनोरंजन करने वाले
54 विलोपित
55 रोतिया, रौतिया
सरगुजा तथा जशपुर क्षेत्र में पाई जाती हैं.
जो कृषि कार्य करती हैं. पूर्व में सैनिक वृत्ति करती थीं.
मानकर , नहाल
56
जंगली जनजाति
मजदूरी करना
मानकर की उपजाति " निहाल " अनुसूचित जनजाति में शामिल है.
ग्राम चौकीदारी
कोटवार, कोटवाल
57
कत्था बनाना
58 खैरुवा
"खैरुवा " , खैरवार की उपजाति है. " खैरवार " अनुसूचित जनजाति में शामिल है.
लोढ़ा , तंवर
59
कृषक,
मजदूरी ,
लकड़ी
बेचकर
जीवन-यापन करना
586(11)
छत्तीसगढ़ राजपत्र, दिनांक 27 जून 2020
कैफियत
क्र.
परम्परागत व्यवसाय
नाम जाति / उपजाति / वर्ग समूह
2
3
4
1
एक अघोषित आदिम जनजाति 60 मोवार, मौवार
जंगली जानवरों का
शिकार व मजदूरी
61 रजवार
कृषक एवं कृषि
मजदूरी
62
अघरिया
कृषक , कृषि मजदूरी
यह जाति अगरिया जनजाति से भिन्न जाति है.
63 तिऊर, तूरी
मछली पकड़ना व उसका व्यवसाय करना नाविक बांस एवं बेंत का सामान बनाने का कार्य करना.
भारूड़
64
मुगलकाल में फौज की रसद ढोने का कार्य भी करते थे.
पशुओं की पीठ पर लदान द्वारा माल ढोना.
65 (विलोपित दिनांक 10.08.2017 ) घोड़ों की देखरेख , घोडागाडी हांकना
तेलंगा, तिलगा
66
कृषि श्रमिक
जंगली आदिम जाति जो तेलुगू भाषी है. विशेषकर बस्तर जिले में पाई जाती है.
67 राघवी
कृषि कार्य करना
68 रजभर, राजभर
कृषि मजदूरी
69
खारोल
कृषि मजदूरी
ढोल बजाना
70 सरगरा
71 गोलान, गवलान , गौलान
गाय भैंस पालना
और दूध का
व्यवसाय
72 रज्जड़ रजझड़
कृषि मजदूरी
73 जादम
कृषि मजदूरी
74 दांगी
कृषक
" दांगी " राजपूतों को सूची में सम्मिलित नहीं किया गया है 75 गयार / परधनिया
रायगढ़ जिले में अधिकतर पाये जाते हैं.
कृषि मजदूर एवं
पालतू
पक्षी
पकड़कर बेचने वाले
76 कुड़मी
कृषक
विलोपित
77
78 बया महरा / कौशल , वया, बया बुनकर
अधिकांशतः दुर्ग जिले में निवास करते हैं.
79 पिंजारा (हिन्दू)
विलोपित
80
81 अनुसूचित जातियां जिन्होंने ईसाई धर्म स्वीकार कर लिया है.
पेशा वही है जो धर्म परिवर्तन के पूर्व करते आ रहे हैं
82
आंजना
83 | थोरिया , थुरिया , थुड़िया 586(12)
छत्तीसगढ़ राजपत्र, दिनांक 27 जून 2020
क्र. नाम जाति / उपजाति / वर्ग समूह 1
2
84 गेहलोत मेवाड़ा
रेवारी
85
86 रूआला / रूहेला
कैफियत
परम्परागत व्यवसाय
3
4
मुस्लिम धर्मावलम्बी वर्ग / समूह
कपड़ों की रंगाई
(1) रंगरेज
87
भिश्ती
(2)
हिन्दू छीपा जाति के समान व्यवसाय
पानी भरने का काम
छीपा
(3)
हिन्दुओं की कहार जाति के समान धंधा
हिन्दू छीपा जाति के समान व्यवसाय
कपड़ों में छपाई
करना
हेला
(4)
हिन्दू मेहतर जाति की तरह कार्य
मलमूत्र सफाई का
कार्य
भटियारा
(5)
भोजन बनाने का
कार्य
(9)
धोबी
कपडा धोने
कार्य
मेवाती
(7)
का हिन्दुओं की धोबी जाति के समान व्यवसाय
हिन्दू मेवाती जाति के समान कार्य
कृषि,
पशुपालन
कार्य के समान कार्य
हिन्दुओं की कड़ेरा जाति के समान
रूई धुनाई का कार्य
(8) पिंजारा , नदाफ, फकीर, बेहना, धुनिया, धुनकर.
कुंजड़ा, राईन
(9)
हिन्दुओं की काछी जाति के समान साग - सब्जी का कार्य.
साग-सब्जी
इत्यादि बेचना
फल
(10) मनिहार, चुड़िहार
(11 ) कसाई, कस्साव
हिन्दुओं की कचेर जाति के समान धंधा
कांच की चूड़िया व बिसात खाने का समान बेचना.
हिन्दू खटिक जाति के समान धंधा
पशुओं का वध एवं
उनका मांस/ गोश्त
बेचने का कार्य
(12) मिरासी
हिन्दू भाट जाति की तरह पेशा
विरुदावली,
यशोगान का वर्णन
करना
चौकीदारी / रखवाली
(13) मिरधा
हिन्दुओं की मिरधा की तरह व्यवसाय 586( 13)
छत्तीसगढ़ राजपत्र, दिनांक 27 जून 2020
परम्परागत व्यवसाय
कैफियत
क्र. नाम जाति / उपजाति / वर्ग समूह
3
2
4
1
(14) बढ़ई ( कारपेन्टर)
हिन्दू बढ़ई जाति के समान पेशा.
लकड़ी का समान एवं फर्नीचर बनाने काकाम.
बाल बनाने का कार्य
हज्जाम (बारबर )
(15)
हिन्दुओं की नाई जाति के समान पेशा करने वाले
हम्माल
(16)
वजन
ढोना व
पल्लेदारी करना
(17
हिन्दू कोस्टी / कोष्टा जाति के समान पेशा
कपड़ा बुनाई का
कार्य
) मोमिन जुलाहा (वे जुलाहे जो मोमिन हैं).
लुहार, नागौरी
(18)
लोहे के औजार व
अन्य सामान बनाना
हिन्दुओं के लुहार / लोहार जाति की तरह पेशा करने वाले तड़वी
कृषि कार्य
(19)
(20) बंजारा
हिन्दुओं में बंजारा जाति के समान व्यवसाय
घुमक्कड़ जाति/ समूह बैल गाड़ी से सामान ढोना तथा पशुओं को बेचने का व्यवसाय
(21) मोची
चमड़े के जूते चप्पल
आदि बनाना
हिन्दू तेली जाति के समान पेशा करने वाले
(22) तेली, नायता, पिंडारी (पिंडारा) कांकर.
कोल्हू से पेरकर तेल निकालना व बेचना.
पेमदी
(23)
पेड़ पौधों की कलम
लगाने का धंधा
कलईगर
(24)
बर्तनों में अन्य
सामान में कलई
करना
नालबन्द
(25)
बैलों व घोड़ों के पैरों में नाल बांधने का काम.
शीशगर
(26) 586(14)
छत्तीसगढ़ राजपत्र , दिनांक 27 जून 2020
क्र. नाम जाति / उपजाति / वर्ग समूह
2
1
88 रिक्त
शौण्डिक, सुण्डी, सूड़ी एवं सोढ़ी 89
कैफियत
परम्परागत व्यवसाय
3
4
मदिरा बनाना एवं
बेचना
भूलिया - भोलिया, भुलिया
90
91 पोबिया
यह जाति मुख्यतः रायपुर, बस्तर, कांकेर, धमतरी , बिलासपुर , सरगुजा, कोरिया, जशपुर, रायगढ़ जिलों में पायी जाती है.
सूती कपड़ा बुनना
खेती, मजूदरी
92 खर्रा , खडरा , खोडरा
यह जाति रायगढ़ जिले में निवास करती है ।
बर्तन मरम्मत करना
एवं फेरी लगाकर
बर्तन बेचना
93 रौनियार , कमलापुरी
94 बिंद , बींद, बिन्द, बीन्द
झोरा
95
इस समूह में वैश्य शामिल नहीं है
कृषि, पशुपालन, बैल/ घोड़े पर समान लादकर घूम- घूमकर बेचना एवं मजदूरी
कुँआ, तालाब , बावली खोदना, खेतों में गड्ढा खोदना एवं मछली पकड़ना.
जांजगीर- चांपा जिले के बलौदा विकासखण्ड के नगपुरा , झपेली, बरभाठा, इमली भाठा, रामपुर एवं शनिचरा ग्राम तथा मध्यप्रदेश राज्य से लगे हुए क्षेत्र में मुख्य रूप से निवास करते है.
मुख्य रूप से जशपुर जिले में निवास करते हैं. कुछ जनसंख्या रायगढ़ जिले में भी निवासरत हैं.
मिट्टी को धोकर
सोना निकालना,
कृषि, मजदूरी ,
मछली पकड़ना
छत्तीसगढ़ के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार,
एम.एम. मिंज, संयुक्त सचिव.
संचालक , मुद्रण तथा लेखन सामग्री , छत्तीसगढ़ द्वारा शासकीय मुद्रणालय , नया रायपुर से मुद्रित तथा प्रकाशित - 2020.