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Chattisgarh Gazette - Extraordinary · Government of Chattisgarh

डॉ. सी.व्ही. रमन विश्वविद्यालय, करगी रोड, कोटा, बिलासपुर के अनुगामी अध्यादेश क्रमांक 112 से 117, 119 तथा पुनरीक्षित अध्यादेश क्रमांक 15, 17, 18, 29, 30 एवं 32 तथा पत्र क्रमांक 585/पी.यू./एस.एण्ड.ओ./2007/11439, दिनांक 26-12-2019 द्वारा अनुगामी अध्यादेश क्रमांक 124 से 127 तक का अनुमोदन संबंधी

Published 06 July 2020

Department
उच्च शिक्षा विभाग
Type
Extraordinary
Gazette no.
313
Notification no.
क्रमांक एफ 3-1/2018/38-2
Identifier
in.gazette.chhattisgarh.eo.2020-07-06.313
Languages
English, Hindi

छत्तीसगढ़शासन

पंजीयन क्रमांक "छत्तीसगढ़/दुर्ग/09 / 2013-2015. " "बिजनेस पोस्ट के अन्तर्गत डाक शुल्क के नगद भुगतान ( बिना डाक टिकट) के प्रेषण हेतु अनुमत. क्रमांक जी.2-22- छत्तीसगढ़ गजट / 38 सि. से. भिलाई . दिनांक 30-05-2001. "

सत्यमेव जयते

छत्तीसगढ़ राजपत्र

(असाधारण)

प्राधिकार से प्रकाशित

क्रमांक 313 ]

रायपुर, सोमवार, दिनांक 6 जुलाई 2020- -आषाढ़ 15 , शक 1942

उच्च शिक्षा विभाग

मंत्रालय, महानदी भवन, नवा रायपुर अटल नगर

अटल नगर , दिनांक 1 जुलाई 2020

अधिसूचना

क्रमांक एफ 3-1 / 2018/38-2. - छ.ग. निजी विश्वविद्यालय विनियामक आयोग, रायपुर के पत्र क्रमांक 585 / पी.यू. / एस.एण्ड ओ./ 2007 /11437, दिनांक 26-12-2019 द्वारा डॉ. सी.व्ही. रमन विश्वविद्यालय, करगी रोड, कोटा, बिलासपुर के अनुगामी अध्यादेश क्रमांक 112 से 117, 119 तथा पुनरीक्षित अध्यादेश क्रमांक 15 ,17 , 18, 29, 30 एवं 32 तथा पत्र क्रमांक 585/ पी.यू./ एस.एण्ड.ओ./ 2007 /11439, दिनांक 26-12-2019 द्वारा अनुगामी अध्यादेश क्रमांक 124 से 127 तक का अनुमोदन छत्तीसगढ़ निजी विश्वविद्यालय (स्थापना एवं संचालन) अधिनियम, 2005 की धारा 29(2) के तहत् किया गया है ।

2. राज्य शासन, एतद्वारा , उपरोक्त अध्यादेशों को राजपत्र में अधिसूचित किये जाने की स्वीकृति प्रदान की जाती है ।

3. उपरोक्त अध्यादेश राजपत्र में प्रकाशन की तिथि से प्रभावशील होंगे ।

छत्तीसगढ़ के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, अलरमेलमंगई डी. , सचिव.

625 626

छत्तीसगढ़ राजपत्र , दिनांक 6 जुलाई 2020

डॉ. सी. वी. रामन् विश्वविद्यालय अध्यादेश क्रमांक 112 अभियांत्रिकी में पत्रोपाधि

डॉ. सी. वी. रामन विश्वविद्यालय , कोटा, बिलासपुर (छ.ग.) , अभियांत्रिकी/ प्रौद्योगिकी पर आधारति एवं अन्य अनुशासनों (संकायों) में प्रथम डिप्लोमा प्रदान करता है, जैसा कि अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद् ( ए आई सी टी ई) , नई दिल्ली द्वारा अनुमोदित हो, तीन वर्षीय (छः सेमेस्टर) अवधि, जो इसमें इसके पश्चात् 3 वर्षीय डिप्लोमा कार्यक्रम के रूप में ज्ञात है, संबंधित अनुशासन में डिप्लोमा के रूप में अभिहित किया जायेगा ।

1.0 तीन वर्षीय डिप्लोमा कार्यकमः

1.1 यह डिप्लोमा विश्वविद्यालय में विद्यमान समस्त शाखाओं को सम्मिलित करेगा । 1.2 इस डिप्लोमा कार्यक्रम का अध्ययन और परीक्षा , सेमेस्टर पद्धति पर आधारित होगा । 2.0 प्रवेश हेतु नियमः

2.1 विश्वविद्यालय में विद्यमान समस्त शाखाओं में डिप्लोमा कार्यक्रम के प्रथम सेमेस्टर में प्रवेश हेतु न्यूनतम अर्हता दसवीं कक्षा उत्तीर्ण या (10+2 ) परीक्षा योजना के अधीन विज्ञान (भौतिकी और रसायन) सहित उच्चतर परीक्षा तथा छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मण्डल द्वारा संचालित मुख्य विषय के रूप में गणित अथवा किसी मान्यता प्राप्त मण्डल / विश्वविद्यालय से समकक्ष परीक्षा उत्तीर्ण होना होगा ।.

2.2 अभ्यर्थी, जो मान्यता प्राप्त तकनीकी शिक्षा मण्डल / विश्वविद्यालय के गणित सहित अथवा व्यवसायिक / तकनीकी विषय सहित 12 वीं कक्षा उत्तीर्ण हुये हों, पार्श्व प्रविष्टि मोड पर अभियांत्रिकी में डिप्लोमा कार्यक्रम के तृतीय सेमेस्टर में प्रवेश के लिये पात्र होंगे ।

2.3 अभ्यर्थी जो किसी मान्यता प्राप्त मण्डल / एन.सी.व्ही.टी. / एस.सी.व्ही.टी. से 10 वीं कक्षा एवं दो वर्षीय पाठ्यक्रम का आई.टी.आई. (समुचित तकनीकी व्यवसाय 626(1)

छत्तीसगढ़ राजपत्र, दिनांक 6 जुलाई 2020

सहित) उत्तीर्ण किया हो , पार्श्व प्रविष्टि मोड पर अभियांत्रिकी कार्यक्रम में डिप्लोमा के तृतीय सेमेस्टर में प्रवेश के लिये भी पात्र होगा ।

2.4 उपरोक्त खण्ड 2.1 , 2.2 एवं 2.3 में यथा विनिर्दिष्ट पात्र अभ्यर्थी, अभियांत्रिकी में प्रवेश हेतु, सी.जी. पी.ई.टी के मेरिट सूची में स्थान अर्जित करना चाहिए । सामान्यतः अभियांत्रिकी में डिप्लोमा पाठयक्रम में प्रवेश के लिये , छत्तीसगढ़ राज्य शासन के तकनीकी शिक्षा संचालनालय या कोई अन्य समकक्ष प्राधिकारी द्वारा बनाये गये नियमों द्वारा शासित होंगे । विश्वविद्यालय अभियांत्रिकी पाठ्यक्रम में प्रवेश हेतु अपना प्रवेश परीक्षा भी आयोजित कर सकेगा ।

2.5 सीटेंः बुनियादी इकाई 60 सीटों की होगी । इस इकाई के एकाधिक इकाई भी स्थापित किये जा सकेंगे ।

2.6 शुल्कः पाठ्यक्रम शुल्क, विश्वविद्यालय के प्रबंध मण्डल द्वारा विनिश्चित किये जायेंगे (अथवा फीस निर्धारण समिति छत्तीसगढ़ शासन के (समय- समय पर) अनुशंसा अनुसार होंगे ) ।

2.7 माध्यमः शिक्षण एवं परीक्षा का माध्यम , हिन्दी या अंग्रेजी होगा । विषय, नियमित प्रणाली से पढ़ाये / सिखाये जायेंगे । नियमित सैद्धांतिक एवं प्रायोगिक पाठ्यक्रम संचालित किये जायेंगे जिसमें 75 प्रतिशत उपस्थिति अनिवार्य होगी ।

2.8 स्थानांतरित अभ्यर्थीः किसी अन्य विश्वविद्यालय / संस्था से स्थानांतरित अभ्यर्थी, डिप्लोमा पाठ्यक्रम में प्रवेश हेतु पात्र होंगे परन्तु सम्बन्धित संकाय के अध्ययन मण्डल का अनुमोदन हो ।

3.0 शिक्षण सत्रः

सामान्यतः एक, तीन, एवं पाँच (विषम) सेमेस्टर का शिक्षण सत्र, प्रत्येक वर्ष जुलाई से दिसम्बर के दौरान समानांतर रूप से संचालित होंगी तथा दो, चार एवं छः (सम) सेमेस्टर का शिक्षण सत्र, प्रत्येक वर्ष जनवरी से जून के दौरान समानांतर रूप से संचालित होंगी ।

3.1 पाठयक्रम की अवधिः अभियांत्रिकी में डिप्लोमा पाठ्यक्रम की न्यूनतम /अधिकतम अवधि 3/5 वर्ष होगी । 626(2)

छत्तीसगढ़ राजपत्र, दिनांक 6 जुलाई 2020

3.2 शिक्षण योजनाः विभिन्न सेमेस्टर और पाठ्यक्रम के लिये शिक्षण एवं परीक्षा योजना का अनुपालन अभियांत्रिकी में डिप्लोमा के विभिन्न संकाय के लिये डॉ. सी. वी. रामन विश्वविद्यालय द्वारा अधिसूचित अनुसार किया जायेगा । 3.3 उपस्थितिः किसी सेमेस्टर परीक्षा के लिये नियमित विद्यार्थी के रूप में उपस्थित होने वाले अभ्यर्थी से, अध्ययन पाठ्यक्रम के प्रत्येक विषय में पृथक- पृथक आयोजित व्याख्यान एवं प्रायोगिक एवं अनुशिक्षण (ट्यूटोरियल ) कक्षा में न्यूनतम 75 प्रतिशत उपस्थिति की अनिवार्य होगी , पाँच प्रतिशत तक की कमी को डॉ. सी. वी. रमन विश्वविद्यालय के कुलपति के द्वारा संतोषपूर्ण कारण होने पर माफ किया जा सकेगा ।

3.4 असाधारण लंबी अनुपस्थितीः यदि विद्यार्थी दो वर्ष से अनाधिक अवधि हेतु इस विश्वविद्यालय के अभियांत्रिकी के संकाय के शैक्षिक गतिविधियों में भाग नहीं लेता है तो उसे न तो किसी पश्चात्वर्ती परीक्षा में उपस्थित होने की अनुमति दी जायेगी न ही किसी सेमेस्टर में प्रवेश या पदोन्नत किया जायेगा तथा वह अभियांत्रिकी डिप्लोमा पाठ्यक्रम के साथ - साथ इस विश्वविद्यालय का विद्यार्थी नहीं रहेगा । यहा , शैक्षिक गतिविधि में भाग लेने से अभिप्रेत है व्याख्यान , अनुशिक्षण , प्रायोगिक में उपस्थिति, नियमित विद्यार्थी के रूप में मुख्य या अनुपूरक परीक्षाओं में उपस्थिति । चिकित्सा आधार पर कैंपस से अनुपस्थिति के लिये , तीन माह से अनाधिक के अंतराल में प्रस्तुत अवकाश आवेदनों के साथ समर्थित होना आवश्यक है ।

परीक्षायेंः

4.0

4.1 प्रत्येक सेमेस्टर के अंत में विश्वविद्यालय की परीक्षा होगी ।

4.2 ये परीक्षा, समस्त शाखाओं के लिये है, जो निम्नानुसार होंगेः-

(क) प्रथम वर्ष

प्रथम सेमेस्टर डिप्लोमा परीक्षा (संकाय वार)

द्वितीय सेमेस्टर डिप्लोमा परीक्षा (संकाय वार)

626(3)

छत्तीसगढ़ राजपत्र, दिनांक 6 जुलाई 2020

(ख) द्वितीय वर्ष

तृतीय सेमेस्टर डिप्लोमा परीक्षा (संकाय वार)

चतुर्थ सेमेस्टर डिप्लोमा परीक्षा (संकाय वार)

(ग) तृतीय वर्ष

पंचम सेमेस्टर डिप्लोमा परीक्षा (संकाय वार )

-षष्ठम् सेमेस्टर डिप्लोमा परीक्षा (संकाय वार)

4.3 सेमेस्टर परीक्षा प्रत्येक वर्ष में सामान्यतः नवम्बर- दिसम्बर तथा अप्रैल - मई में होगी ।

4.4 समस्त सेमेस्टर के सैद्धांतिक पेपर एवं प्रयोगशाला प्रायोगिक को मिलाकर प्रत्येक सेमेस्टर के अंत में संपूर्ण परीक्षा होगी ।

4.5 डिप्लोमा कार्य के पाठ्यचर्या में परिवर्तन होने की दशा में , विश्वविद्यालय पूर्ववर्ती पाठ्यचर्या में न्यूनतम दो परीक्षायें आयोजित करेगा तथा उसके पश्चात् (यदि जरूरत हो) विद्यार्थी नये एवं पुनरीक्षित पाठ्यचर्या के समतुल्य पाठ्यक्रम में उपस्थित होगा तथापि विश्वविद्यालय पूर्ववर्ती पाठ्यचर्या के उन पाठ्यक्रमों में परीक्षा आयोजित करायेगा जिसमें पुनरीक्षित पाठ्यचर्या में समतुल्य परीक्षा नहीं होता है ।

5.0 उच्च सेमेस्टर / कक्षाओं में उन्नयन

5.1 किसी भी अभ्यर्थी के अगले सेमेस्टर में जाने के लिए यह आवष्यक है कि उसे विगत सेमेस्टर की परीक्षा में सम्मिलित होने की अनुमति प्रदान की गयी हो । 6.0 उत्तीर्ण परीक्षा

6.1 अंको का आधार

6.1.1 प्रत्येक सैद्धांतिक पेपर के लिये कक्षा परीक्षा एवं सेमेस्टरांत परीक्षा तथा शिक्षक मूल्यांकन होगा तथा प्रत्येक प्रायोगिक के लिये ई.एस.ई एवं टी.ए .. वितरण और उत्तीर्ण मानक निम्नानुसार होगा । 626 (4)

छत्तीसगढ़ राजपत्र , दिनांक 6 जलाई 2020

परीक्षा का नाम

न्यूनतम उत्तीर्ण अंक

60:

1

सैद्धांतिक एवं प्रायोगिक (संस्थागत स्तर)

निरंक

2

कक्षा परीक्षा सैद्धांतिक (संस्थागत स्तर)

3

सेमेस्टरांत परीक्षा

35 :

सैद्धांतिक (विश्वविद्यालय स्तर)

प्रायोगिक (विश्वविद्यालय स्तर) 50 :

4

सेमेस्टर परीक्षा कक्षा परीक्षा एवं शिक्षक मूल्यांकन का सकल अंक

35:

सैद्धांतिक

50:

प्रायोगिक

50:

5

समग्र योग

6.1.2 प्रायोगिक में सेमेस्टरांत परीक्षा के मूल्यांकन के लिये , एक बाह्य परीक्षा महाविद्यालय / संस्थान के बाहर से होगा एवं एक आंतरिक महाविद्यालय / संस्थान से होगा ।

6.1.3 सेमेस्टर में प्रत्येक सैद्धांतिक विषय में कम से कम दो कक्षा परीक्षा होगी । प्रत्येक सैद्धांतिक एवं/अथवा प्रयोगिक में शिक्षक मूल्यांकन गृह एसाइनमेंट क्वीज, लिये गये गृह परीक्षा , मौखिकी पर निर्भर होगी ।

6.2 क्रेडिट का आधार

6.2.1 व्याख्यान (एल) में संपर्क का एक पीरियेड और ट्यूटोरियल (टी) या प्रायोगिक (पी) में संपर्क का दो पिरियेड एक क्रेडिट के समान होगा, इस प्रकार क्रेडिट = {एल+(टी+ पी) /2 } । 626( 5)

छत्तीसगढ़ राजपत्र , दिनांक 6 जुलाई 2020

6.2.2 कोई अभ्यर्थी केवल सेमेस्टर में आबंटित समस्त क्रेडिट को अर्जित करेगा जब वह उक्त सेमेस्टर में उत्तीर्ण होगा ।

7.0 मेरिट सूचीः

7.1 अभ्यर्थी, जो प्रथम प्रयत्न में उत्तीर्ण हुये हों, के बीच से प्रत्येक संकाय में प्रत्येक सेमेस्टर के अंत में मेरिट के कम में 10 टॉप अभ्यर्थियों की मेरिट सूची की घोषणा की जायेगी ।

7.2 संपूर्ण तीन वर्ष के एकीकृत प्रदर्शन के आधार पर अभियांत्रिकी में पत्रोपाधि एवं अन्य संकाय के लिये केवल षष्ठम मुख्य परीक्षा एवं अंतिम सेमेस्टर के पश्चात् विश्वविद्यालय द्वारा शाखावार अंतिम मेरिट सूची घोषित की जायेगी ।

8.0 मूल्यांकन एवं ग्रेडिंगः

8.1 निर्धारण एवं मूल्यांकन की रीतिः

निरंतर मूल्यांकन प्रणाली का अनुपालन , तीनों घटकों जैसे कक्षा परीक्षा (सीटी) , शिक्षक मूल्यांकन (टीए ) एवं सेमेस्टरांत परीक्षा (ईएसई) के अनुसार किया जायेगा । टीए को और अधिक निष्पक्ष बनाने हेतु यह, उपस्थिति, गृह असाइनमेन्ट , गृह टेस्ट, बंद एवं खुले पुस्तिका टेस्ट, समुह असाइनमेन्ट, कक्षा में प्रदर्शन , मौखिकी, क्वीज आदि पर आधारित होगा । इसी तरह, प्रत्येक सेमेस्टर में प्रत्येक सैद्धांतिक विषय के कम से कम एक कक्षा परीक्षा होगा , जिसका परिणाम कक्षा में विद्यार्थी को परीक्षा उत्तरपुस्तिका सहित दिखाया जायेगा । तथापि , ईसीई , संबंद्ध विश्वविद्यालय के माध्यम से महाविद्यालय / संस्थान द्वारा संचालित किया जायेगा । सीटी, टीए एवं ईसीई का अधिभार, परीक्षा योजना में दिये गये अनुसार होगा । 8.2 ग्रेडिंग प्रणालीः

पूर्ण ग्रेडिंग प्रणाली का अनुपालन किया जायेगा प्रत्येक विषय में, अभ्यर्थी को सभी विषयों जैसे कि टीए , सीटी, एवं ईएसई के एक संयुक्त प्रदर्शन पर आधारित लेटर ग्रेड प्रदान किया जायेगा । ये ग्रेड, नीचे दी गई " ग्रेड पॉइंट " (जीपी) के रूप में ज्ञाता समकक्ष संख्या के माध्यम से अभ्यर्थी के प्रदर्शन के 626 ( 6)

छत्तीसगढ़ राजपत्र, दिनांक 6 जुलाई 2020

गुणात्मक निर्धारण दर्शित करने वाले लेटर (अक्षर) द्वारा वर्णित होंगे । पाठ्यक्रम सफलतापूर्वक पूर्ण किया जाता है अथवा क्रेडिट, पाठ्यक्रम के लिये अर्जित किया जाता है तब लेटर ग्रेड सी या उससे अच्छा , पाठ्यक्रम में प्रदान किया जाता है ।

F

B+ BC + C

लेटर ग्रेड (एल जी): A+ A

9 8 7 6 5 0

ग्रेड पॉइंट (जी पी): 10

विशिष्ट विषय में अभ्यर्थी द्वारा प्राप्त अंको पर विचार करते हुए प्रत्येक विषय के लिये ग्रेड प्रदान किया जायेगा । यह, नीचे वर्णित किये गये पूर्ण ग्रेडिंग प्रणाली के आधार पर दिया जायेगा ।

8.3 पूर्ण ग्रेडिंग प्रणालीः

नीचे स्पष्ट किये गये पूर्ण ग्रेडिंग प्रणाली के प्रकार को सैद्धांतिक और प्रायोगिक विषय के लिये अंगीकृत किये जायेंगे-

ग्रेड

सैद्धांतिक

प्रायोगिक

85

90

A+

< Marks ≤ 100 % ,

< Marks ≤ 100 % , 75

82

A

< Marks < 85 % ,

< Marks < 90 % , 65

74

B+

< Marks < 75 % ,

< Marks < 82 % , 55

66

< Marks < 65%

B

< Marks < 74 % , 45

58

< Marks < 55

C+

< Marks < 66 % , 35

50

< Marks < 45

C

< Marks < 58 % , 0

0

F

< Marks < 35 % ,

< Marks < 50 % , अतएव लेटर ग्रेड A + , A , B+ , B , C + , C , वं F तत्स्थानी ग्रेड पॉइंट परीक्षक द्वारा मूल्यांकित प्रत्येक विषय हेतु उपलब्ध होंगे । 626( 7)

छत्तीसगढ़ राजपत्र , दिनांक 6 जुलाई 2020

8.4 अनुत्तीर्ण ग्रेड " F"

इसके अतिरिक्त, F के और वर्गीकरण , निम्नानुसार है-

FF : F ग्रेड सैद्धांतिक / प्रायोगिक / दोनों में अनुत्तीर्ण ।

FI : बीमारी के कारण ईएलई एवं / या ईपीई में उपस्थित होने में अनुत्तीर्ण अथवा किन्तु अन्यथा संतोषजनक प्रदर्शन होने पर अतएव उस विषय में पुनः परीक्षा के लिये पात्र ।

FS : सत्रीय अर्थात् इस प्रकार आवृत्ति सेमेस्टर TA में, अनुत्तीर्ण । FX: उपस्थिति में कमी के कारण अनुत्तीर्ण इसलिये स्तर को दुबारा करना WW: विभिन्न कारणों से राके गये परिणाम ।

FA: कुल (समग्र) अंक जिसमें शैक्षिक भाग एवं कौशल भाग दोनों के अंक 50 प्रतिशत से कम अंक हो , के कारण अनुत्तीर्ण , इसलिए किसी विकल्प के एक या दो विषय (सैद्धांतिक / प्रायोगिक) में उपस्थित होने हेतु पात्रता ।

8.5 न्यूनतम अर्हकारी अंकों की कमी

लेटर ग्रेड A + से C अर्जित करने के लिये अभ्यर्थी को पात्र होना होगा-

ई.एस.ई. में उपस्थित होने के लिये किसी अभ्यर्थी को प्रत्येक सैद्धांतिक एवं / अथवा प्रायोगिक में पृथक रूप से टी.ए. में न्यूनतम 60 प्रतिशत स्कोर करना होगा , इसमें अनुत्तीर्ण होने पर वह सेमेस्टर को दोहरायेगा ।

- सी.टी. में न्यूनतम अंक आवश्यक / निर्धारित नहीं है ।

प्रत्येक सैद्धांतिक पेपर में न्यूनतम 35 प्रतिशत अर्जित करना होगा ।

प्रत्येक प्रायोगिक परीक्षा में न्यूनतम 50 प्रतिशत अर्जित करना होगा ।

कुल अंक को मिलाकर 50 प्रतिशत अर्जित करना होगा । 626( 8)

छत्तीसगढ़ राजपत्र , दिनांक 6 जुलाई 2020

8.6 सेमेस्टर प्रदर्शन सूचकांक (एस पी आई):

प्रथम (प) सेमेस्टर में विद्यार्थी का प्रदर्शन एस पी आई द्वारा अभिव्यक्त किया जाता है जो सेमेस्टर में विद्यार्थी द्वारा अभिप्राप्त पाठ्यक्रम ग्रेड पॉइन्ट का अधिभार औसत है तथा जो निम्नलिखित द्वारा अभिव्यक्त है-

[SPI ] = [ C1G1 + C2G2 + ...... ] i [ CG ] i Ni [C1 + C2 + ....... ] i [EC] Di

जहां 6 एवं ळ क्रमशः क्रेडिट और ग्रेड के लिए है, सीपीआई , पूर्णांक के बिना, अंक को दो स्थान तक संगणित किया जायेगा । सीपीआई तभी संगणित किया जायेगा जब विद्यार्थी, किसी विषय, सैद्धांतिक या प्रायोगिक में असफल हुए बिना, सेमेस्टर उत्तीर्ण करता है ।

8.7 संचित प्रदर्शन सूचकांक (सी पी आई):

डिप्लोमा कार्यक्रम में उसके प्रवेश के समय सभी पाठ्यक्रम के लिए विद्यार्थी द्वारा विद्यार्थी द्वारा अभिप्राप्त पाठ्यक्रम ग्रेड पॉइन्ट का अधिभार औसत है, सेमेस्टर एक एवं दो का 50 प्रतिशत अधिभार, तथा शेष सेमेस्टर के लिए 100 प्रतिशत अधिभार सहित होगा । अतएव दो से अधिक " प्रथम (प) " सहित सेमेस्टर प्रथम (प) मे सीपीआई, निम्नानुसार .संगणित की जायेगी

[ CPI ] = i≥3 0.5 ( N₁ + 2 ) + ΣΝ 0.5 ( D1 + D2 ) + Σ

यदि विद्यार्थी पाठ्यक्रम को आवृत्ति करता है या किसी विषय में अनुत्तीर्ण घोषित होता है तो ही नवीनतम (आगामी) प्रयास में अभिप्राप्त ग्रेड पॉइन्ट, सीपीआई के निकटस्थ संगणित किया जायेग । सीपीआई , एसपी आई सहित प्रत्येक सेमेस्टर में संगणित किया 626( 9)

छत्तीसगढ़ राजपत्र, दिनांक 6 जुलाई 2020

जायेगा ताकि विद्यार्थी को ज्ञात हो कि उसका सीपीआई कैसे परिवर्तित हो रहा है । तथापि, सीपीआई , 4 एवं 10 के बीच होगा ।

8.8 कक्षा या डिवीजन प्रदान करना :

8.8.1 अभियांत्रिकी में डिप्लोमा एवं अन्य संकाय के साथ विद्यार्थी को प्रदान किया जाने वाला कक्षा /डिविजन , निम्न सारणी के अनुसार विद्यार्थी के वर्तमान सीपीआई से विनिश्चित की जायेगी-

रु 75% ≤ Marks ≤100 %

> विशिष्टता या आनर्स

रु 65% < Marks < 75%

> प्रथम श्रेणी

रु 50% < Marks < 65%

> द्वितीय श्रेणी

8.8.2 सभी तीन वर्ष के लिए अभ्यर्थी के समेकित प्रदर्शन के आधार पर, अंतिम सेमेस्टर के पश्चात ही डिविजन प्रदान किया जायेगा ।

9.0 अनुलिपीः

पाठ्यक्रम के पूर्ण होने के पश्चात् विद्यार्थी को जारी अनुलिपी में विद्यार्थी द्वारा लिये गये सभी पाठ्यक्रमों के समेकित अभिलेख , अभिप्राप्त ग्रेड एवं अंतिम सी पी आई , अभिप्राप्त कक्षा या डिवीजन के साथ अंतर्विष्ट होंगे ।

9.0 अग्रनयनः

उससे केवल उन विषयों में आगामी ईसीई उत्तीर्ण करना अपेक्षित होगा जिसमें वह या थया थ ग्रेड अवार्ड पाया था ।

10.0 अंकों में कमी को माफ करने हेतु नियमः परीक्षा में मध्यम विशिष्ट प्रकरणों को ध्यान में रखते हुये , निम्नलिखित नियम देखे जायेंगेः

10.1 अभ्यर्थी, जो एक अंक से प्रथम श्रेणी में अनुत्तीर्ण/ विशिष्टता से चूक /विशिष्टता से वंचित हो रहे हों, डिप्लोमा परीक्षा में कुलपति की ओर से एक कृपोत्तीर्ण अंक दिये जायेंगे । 626(10)

छत्तीसगढ़ राजपत्र , दिनांक 6 जुलाई 2020

11.0 पुनर्मूल्यांकन / पुनर्गणना अंको के लिए नियम

11.1 कोई नियमित अभ्यर्थी , नियमित परीक्षा के परिणाम के घोषणा से 15 दिवस के भीतर विहित प्रपत्र में अपने उत्तर पुस्तिका के पुनर्मूल्याकंन के लिए कुलसचिव को आवेदन कर सकेगा । बैकलॉग पेपर के लिए उत्तर पुस्तिका का पुनर्मूल्याकंन लागू नही होगा ।

किसी भी अभ्यर्थी को दो से अधिक पेपर में पुनर्मूल्याकंन करवाने की सुविधा प्राप्त करने की अनुमति नहीं होगी ।

परंतु यह भी कि प्रायोगिक आलेख , क्षेत्र कार्य , सत्रीय कार्य परीक्षा एवं परीक्षा में पेपर के बदले में शोध पत्र जमा करने की स्थिति में , पुनर्मूल्याकंन की अनुमति नहीं होगी ।

11.2 प्रत्येक पेपर के पुनर्मूल्याकंन एवं प्रत्येक पेपर के पुर्नगणना हेतु ऐसे समस्त आवेदनों को , विहित शुल्क भुगतान कर, जमा करना होगा ।

11.3 कोई अभ्यर्थी शुल्क वापसी का तब तक हकदार नहीं होगा, जब तक कि जांच के फलस्वरूप, उसके परीक्षा परिणाम को प्रभावित करने वाली चूक , सार्वजनिक नही होता है एवं पता नही चलता है । यदि अभ्यर्थी अधिक शुल्क जमा करता है तो उसे लौटाया नहीं जायेगा ।

11.4 अभ्यर्थी को एक परीक्षा में पुनर्मूल्यांकित दो से अधिक विषयों की उत्तर पुस्तिकाओं को प्राप्त करने की अनुमति नहीं दी जायेगी । यदि अभ्यर्थी अपने आवेदन में दो से अधिक विषय का उल्लेख करता है तो केवल प्रथम दो पाठ्यक्रम (विषय ) का पुनर्मुल्याकंन किया जायेगा और शेष पाठ्यक्रमों (विषय) पर कोई कार्यवाही नहीं की जायेगी ।

11.5 प्रायोगिक , शिक्षक मूल्यांकन कार्य एवं प्रगति परीक्षा की स्थिति में पुर्नमूल्याकंन की अनुमति नहीं दी जायेगी ।

11.6 यदि, पुनर्गणना एवं पुनर्मूल्यांकन पर, परिणाम मूलतः प्रकाशित होने की त्रुटि होती है, पूरक सूची में आवश्यक सुधार कर प्रकाशित की जायेगी । अन्य समस्त 626(11)

छत्तीसगढ़ राजपत्र, दिनांक 6 जुलाई 2020

मामलों में पुनर्गणना के परिणाम, अधिकारी जिसने उसके आवेदन को अग्रेषित किया है, के माध्यम से , यथासंभव शीघ्र, अभ्यर्थी को सूचित की जायेगी ।

11.7 पुनर्गणना का कार्य पुनर्परीक्षा के उत्तर पुस्तिका में सम्मिलित नहीं होता है । यह, इस दृष्टि के साथ किया जाता है कि क्या वैयक्तिक प्रश्नों में प्राप्त अंको की गणना में कोई त्रुटि हुई है या किसी प्रश्न में प्राप्त अंको में से विलुप्ति हुई है । टीप : इस अध्यादेश में वर्णित किसी बात के होते हुए भी , किसी अनपेक्षित उद्भूत मामलों के लिए और अध्यादेश द्वारा आच्छादित न होने या निर्वचन में भिन्नता होने की स्थिति में , कुलपति निर्णय ले सकेगा और निर्णय , समस्त संबंधितों पर बाध्यकारी होगा । 626( 12)

छत्तीसगढ़ राजपत्र, दिनांक 6 जुलाई 2020

डॉ. सी. वी. रामन विश्वविद्यालय

अध्यादेश क्रमांक 113

अभियांत्रिकी/ प्रौद्योगिकी में स्नातक (बी.ई / बी.टेक ) में पूर्व स्नातक पाठयक्रम सहित प्रौद्योगिकी प्रबंधन में स्नातक (एमटीएम) (एकीकृत पाठ्यक्रम)

1.0 सामान्यः यह पाठ्यक्रम , अभियांत्रिकी (बीई) पाठ्यक्रम 4 वर्षीय (8 सेमेस्टर ) के सफलतापूर्वक पूरा करने के पश्चात प्रबंध (संबंधित संकाय मे) में स्नातकोत्तर डिग्री को अग्रसरित करने वाली अभियांत्रिकी में साढ़े पांच वर्ष का एकीकृत पाठ्यक्रम है । प्रौद्योगिकी प्रबंधन स्नातक (एमटीएम) , अभियांत्रिकी (संबंधित संकाय मे) में स्नातक के पूरा होने पर प्रदान किया जायेगा ।

2.0 प्रवेश अर्हता / पात्रताः

प्रवेश स्तरीय अर्हता , वही होगी जैसा कि विश्वविद्यालय में अभियांत्रिकी में स्नातक डिग्री पाठ्यक्रम में प्रवेश के लिए विहित है ।

3.0 सीटें / प्रवेशः दिये गये पाठ्यक्रम में पूर्व स्नातक पाठ्यक्रम के लिये कुल स्वीकृत संख्या से 60 विद्यार्थी चयनित किये जा सकेगे । अभियांत्रिकी के लिये पाठ्यक्रम के तृतीय सेमेस्टर में वाणिज्य प्रबंधन में अतिरिक्त विषय के रूप में होगा । 60 सीटों के विभाग में , उस विशिष्ट वर्ष में संस्थान में विद्यमान प्रत्येक शाखा से विद्यार्थी की बराबर संख्या होगी । प्रत्येक शैक्षणिक वर्ष के लिये एकीकृत पाठ्यक्रम के लिये विद्यार्थियों का चयन संबंधित संकाय के प्रथम वर्ष के परिणाम के शाखावार मेरिट आधारित तृतीय सेमेस्टर के प्रारंभ में किया जायेगा ।

4.0 फीसः पाठ्यक्रम फीस, विश्वविद्यालय के प्रबंध मण्डल द्वारा विनिश्चित किये जायेंगे (अथवा फीस निर्धारण समिति छत्तीसगढ़ शासन के समय - समय पर अनुशंसा अनुसार होंगे) । 626(13)

छत्तीसगढ़ राजपत्र, दिनांक 6 जुलाई 2020

5.0 पाठ्यक्रम की अवधिः पाठ्यक्रम की कुल अवधि 5 वर्ष 6माह की होगी जिसमें 10 सेमेस्टर सहित एक औद्यौगिक इंटर्नशिप सेमेस्टर शामिल होगा ।

6.0 पाठ्यचर्याः

6.1 पूर्व स्नातक डिग्री के क्रेडिट के परे, विद्यार्थी को, तृतीय सेमेस्टर से आठवे सेमेस्टर के दौरान 24 क्रेडिट के 6 अतिरिक्त विषय (1 प्रति सेमेस्टर ) अध्ययन करना आवश्यक है ।

6.2 इन क्रेडिट की पूर्ण करना एम.टी.एम. पाठ्यक्रम के लिये पांचवे वर्ष में प्रवेश के लिये आवश्यक है ।

6.3 प्रत्येक नौवे एवं दसवे सेमेस्टर के लिये 32 क्रेडिट आबंटित किया जायेगा, जिसमें शोध जो दसवे सेमेस्टर के पूरा होने के पश्चात् किया जायेगा, सम्मिलित है ।

7.0 उपस्थितिः किसी सेमेस्टर परीक्षा के लिये नियमित विद्यार्थी के रूप में उपस्थित होने वाले अभ्यर्थी से , अध्ययन पाठ्यक्रम के प्रत्येक विषय में पृथक- पृथक आयोजित व्याख्यान एवं प्रायोगिक एवं अनुशिक्षण (ट्यूटोरियल) कक्षा में न्यूनतम 75 प्रतिशत उपस्थिति की अपेक्षा होगी , पाँच प्रतिशत तक की कमी को डॉ. सी. वी. रमन विश्वविद्यालय के कुलपति के द्वारा संतोषपूर्ण कारण होने पर माफ किया जा सकेगा । 8.0 असाधारण लंबी अनुपस्थितीः यदि विद्यार्थी दो वर्ष से अनाधिक अवधि हेतु इस विश्वविद्यालय के अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी के संकाय के शैक्षिक गतिविधियों में भाग नहीं लेता है तो उसे न तो किसी पश्चात्वर्ती परीक्षा में उपस्थित होने की अनुमति दी जायेगी न ही किसी सेमेस्टर में प्रवेश या पदोन्नत किया जायेगा तथा वह बी.ई. / बी. टेक / एम.टी.एम. पाठ्यक्रम के साथ - साथ इस विश्वविद्यालय का विद्यार्थी नहीं रहेगा । यहा , शैक्षिक गतिविधि में भाग लेने से अभिप्रेत है व्याख्यान, अनुशिक्षण, प्रायोगिक में उपस्थिति, नियमित विद्यार्थी के रूप में मुख्य या अनुपूरक परीक्षाओं में उपस्थिति। चिकित्सा आधार पर कैंपस से अनुपस्थिति के लिये , तीन माह से अनाधिक के अंतराल में प्रस्तुत नियमित अवकाश आवेदनों के अभिस्वीकृति पत्र द्वारा समर्थित होना आवश्यक है । 626( 14)

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9.0परीक्षाः

9.1 सी.वी.आर.यू. द्वारा संचालित प्रत्येक सेमेस्टर के अंत में एक सेमेस्टरांत (ईएसई) परीक्षा होगी । परीक्षा में, उस सेमेस्टर की परीक्षा योजना के अनुसार सैद्धांतिक प्रश्नपत्र, प्रायोगिक एवं मौखिकी सम्मिलित होगी । सेमेस्टर परीक्षा सामान्यतः प्रत्येक वर्ष नवम्बर - दिसम्बर एवं अप्रैल - मई के माह मे आयोजित होगी ।

9.2 सभी सेमेस्टर के सैद्धांतिक प्रश्नपत्र एवं प्रायोगिक सहित प्रत्येक सेमेस्टर के अंत में पूर्ण परीक्षा होगी ।

9.3 परीक्षा कालावधि, 25 कार्य दिवस से अधिक नहीं होनी चाहिए ।

9.4 विशिष्ट सेमेस्टर में उपस्थिति की कमी के कारण रोके गये अभ्यर्थी, नियमित अभ्यर्थी के रूप में उसी सेमेंस्टर, जो वर्ष के पश्चात् प्रारंभ होगा, को दुबारा करेंगे ।

9.5 अन्यत्र उल्लिखित किसी बात के होते हुये भी, अभ्यर्थी को अधिकतम चार समानांतर सेमेस्टरांत परीक्षा (मुख्य / अनुपूरक) में उपस्थित होने के अनुमति दी जायेगी ।

9.6 सेमेस्टरांत परीक्षा का टाईम टेबल परीक्षा के प्रारंभ के 15 दिवस पूर्व घोषित किया जाना चाहिये ।

9.7 तैयारी अवकाशः प्रत्येक सेमेस्टर के मुख्य परीक्षा में 10 दिन का ही तैयारी अवकाश, अग्रसरित होगा ।

10.0 उत्तीर्ण परीक्षाः

10.1 अंको का आधारः

10.1.1 प्रत्येक सेमेस्टर में अभ्यर्थी का प्रदर्शन , विषयवार मूल्यांकित किया जायेगा , प्रत्येक सैद्धांतिक प्रश्नपत्र हेतु कक्षा परीक्षा (सीटी) एवं सेमेस्टरांत परीक्षा 626 ( 15)

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(ईसीई) एवं शिक्षक मूल्यांकन (टीए) तथा प्रत्येक प्रायोगिक हेतु ईसीई एवं टीए , निम्नलिखित विभाजन एवं उत्तीर्ण मानक सहित होगा-

परीक्षा का नाम

न्यूनतम उत्तीर्ण अंक

60 प्रतिशत

(

एक) सैद्धांतिक एवं प्रायोगिक के शिक्षक मूल्यांकन (टीए)

निरंक

कक्षा परीक्षा (सीटी)

(दो)

(तीन) सेमेस्टरांत परीक्षा (ईसीई) सैद्धांतिक

35 प्रतिशत (पूर्व स्नातक स्तर)

40 प्रतिशत ( पूर्व स्नातकोत्तर

स्तर)

प्रायोगिक

50 प्रतिशत

(चार) ई सी ई , सी टी एवं टी ए का कुल योग

सैद्धांतिक

35 प्रतिशत ( पूर्व स्नातक स्तर)

40 प्रतिशत ( पूर्व स्नातकोत्तर स्तर)

प्रायोगिक

50 प्रतिशत

50 प्रतिशत

(पाँच) सभी का कुल योग

सत्रीय चार्ट , प्राचार्य द्वारा पुनर्विलोकित एवं जांच की जायेगी तथा गोपनीय शाखा को अग्रेषित की जायेगी ।

10.1.2 प्रायोगिक में सेमेस्टरांत परीक्षा के मूल्यांकन के लिये , एक बाह्य परीक्षा संस्थान / सी. वी . आर. यू. के बाहर से होगा एवं एक आंतरिक संस्थान / सी. वी. आर. यू. से होगा । 626(16)

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10.1.3 यदि अभ्यर्थी सेमेस्टर परीक्षा पूर्णरूपेण उत्तीर्ण किया हो तो उसे डिवीजन / अंको में सुधार हेतु उसी परीक्षा में पुनः उपस्थित होने की अनुमति नहीं होगी ।

11.0 क्रेडिट का आधारः

11.1 क्रेडिट = [ L + (T + P ) / 2 ] जहां L = व्याख्यान प्रति सप्ताह , T = अनुशिक्षण (ट्यूटोरियल ) प्रति सप्ताह, P = प्रायोगिक प्रति सप्ताह है । विषय में क्रेडिट , पूर्णांक में होगा न कि भिन्नात्मक अंक में । यदि विषय में क्रेडिट , भिन्नात्मक में परिवर्तित हो जाता है तो उसे आगामी पूर्णांक संख्या के रूप में लिया जायेगा । 11.2 अभ्यर्थी, सेमेस्टर में आबंटित सभी क्रेडिट तब ही अर्जित करेगा जब वह उक्त सेमेस्टर में उत्तीर्ण होता हो ।

12.0 उच्च सेमेस्टर में पदोन्नयनः

12.1 अभ्यर्थी सेमेस्टर की परीक्षा, जिसमें वह उपस्थित हुआ था , के पूर्ण होने के पश्चात् उच्च सेमेस्टर कक्षा में अपना अध्ययन अनंतिम रूप से जारी रख सकेगा । 13.0 निर्धारण एवं ग्रेडिंगः

13.1 निर्धारण एवं मूल्यांकन की प्रणालीः

निरंतर मूल्यांकन प्रणाली का अंनुपालन, तीनों घटकों जैसे कक्षा परीक्षा (सीटी) , शिक्षक का निर्धारण (टीए ) एवं सेमेस्टरांत परीक्षा (ईएसई) के अनुसार किया जायेगा । टीए को और अधिक निष्पक्ष बनाने हेतु यह, उपस्थिति, गृह असाइनमेन्ट, गृह टेस्ट, बंद एवं खुले पुस्तिका टेस्ट, समुह असाइनमेन्ट, कक्षा में प्रदर्शन, मौखिकी , क्वीज आदि पर आधारित होगा । इसी तरह , प्रत्येक सेमेस्टर में प्रत्येक सैद्धांतिक विषय के कम से कम एक कक्षा परीक्षा होगा , जिसका परिणाम कक्षा में विद्यार्थी को परीक्षा उत्तरपुस्तिका सहित दिखाया जायेगा । 626(17)

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13.2 ग्रेडिंग प्रणालीः

प्रतिशत के साथ - साथ पूर्ण ग्रेडिंग प्रणाली का अनुपालन किया जायेगा प्रत्येक विषय , सैद्धांतिक या प्रायोगिक में, अभ्यर्थी को सभी विषयों जैसे कि टीए , सीटी, एवं ईएसई के एक संयुक्त प्रदर्शन पर आधारित लेटर ग्रेड प्रदान किया जायेगा । ये ग्रेड, नीचे दी गई " ग्रेड पॉइंट " (जीपी) के रूप में ज्ञाता समकक्ष संख्या के माध्यम से अभ्यर्थी के प्रदर्शन के गुणात्मक निर्धारण दर्शित करने वाले लेटर (अक्षर ) द्वारा वर्णित होंगे । पाठ्यक्रम सफलतापूर्वक पूर्ण किया जाता है अथवा क्रेडिट , पाठ्यक्रम के लिये अर्जित किया जाता है तब लेटर ग्रेड सी या उससे अच्छा, पाठ्यक्रम में प्रदान किया जाता है ।

B + BC + C F

A+ A

लेटर ग्रेड (एल जी):

ग्रेड पॉइंट (जी पी): 10 9 8 7 6 5 0

प्रत्येक विषय , सैद्धांतिक एवं प्रायोगिक के लिये पृथक- पृथक ग्रेड प्रदान किया जायेगा । यह नीचे वर्णित अनुसार दिया जायेगा ।

13.3 पूर्ण ग्रेडिंग प्रणालीः

नीचे स्पष्ट किये गये पूर्ण ग्रेडिंग प्रणाली के प्रकार को सैद्धांतिक और प्रायोगिक विषय के लिये अंगीकृत किये जायेंगे-

ग्रेड

सैद्धांतिक

प्रायोगिक

A + 85 ≤ Marks ≤ 100 % , 90 ≤ Marks ≤ 100 % ,

A 75 Marks < 85 % , 82 ≤ Marks < 90 % ,

B + 65 ≤ Marks < 75 % , 74 ≤ Marks < 82 % ,

B 55 Marks < 65 % 66 ≤ Marks < 74 % ,

C + 45 ≤ Marks < 55 58 Marks < 66 % , 626( 18)

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C 35≤ Marks < 45

50 ≤ Marks < 58 % ,

F

0 < Marks < 50 % ,

0 ≤ Marks < 35 % , (पूर्व स्नातक स्तर)

0 ≤ Marks < 40 % , ( स्नातकोत्तर स्तर)

अतएव लेटर ग्रेड A + , A, B + , B , C + , C एवं F तत्स्थानी ग्रेड पॉइंट परीक्षक द्वारा मूल्यांकित प्रत्येक विषय हेतु उपलब्ध होंगे ।

13.4 अनुत्तीर्ण ग्रेड " F "

इसके अतिरिक्त, F के और वर्गीकरण, निम्नानुसार है-

FF : किसी सैद्धांतिक / प्रायोगिक विषय में अनुत्तीर्ण ।

FS : सत्रीय अर्थात् इस प्रकार आवृत्ति सेमेस्टर TA में , अनुत्तीर्ण ।

WH: विभिन्न कारणों से राके गये परिणाम ।

FA: कुल (एग्रीगेट) अंक जिसमें अंक 50 प्रतिशत से कम अंक हो, के कारण अनुत्तीर्ण , इसलिए किसी विकल्प के एक या दो विषय (सैद्धांतिक / प्रायोगिक) में उपस्थित होने हेतु पात्रता ।

13.5 सेमेस्टर प्रदर्शन सूचकांक (एस पी आई):

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किसी सेमेस्टर में विद्यार्थी का प्रदर्शन एस पी आई द्वारा अभिव्यक्त किया जाता है जो सेमेस्टर में विद्यार्थी द्वारा अभिप्राप्त पाठ्यक्रम ग्रेड पॉइन्ट का अधिभार औसत है तथा जो निम्नलिखित द्वारा अभिव्यक्त है-

[ SPI ] = = [ C1G1 + C2G2 + ....... ] i [ CG ] i_Ni [C1 + C2 + ....... ] i [EC] Di =

जहां C एवं G कमशः केडिट और ग्रेड के लिए है , सीपीआई , पूर्णांक के बिना , अंक को दो स्थान तक संगणित किया जायेगा । सीपीआई तभी संगणित किया जायेगा जब विद्यार्थी, किसी विषय , सैद्धांतिक या प्रायोगिक में असफल हुए बिना, सेमेस्टर उत्तीर्ण करता है ।

Ni is [ CG ] i & Diis [ C] ;

13.6 संचित प्रदर्शन सूचकांक (सी पी आई):

डिग्री कार्यक्रम में उसके प्रवेश के समय सभी पाठ्यक्रम के लिए विद्यार्थी द्वारा सभी पाठ्यक्रमों के लिए विद्यार्थी द्वारा अभिप्राप्त पाठ्यक्रम ग्रेड पॉइन्ट का अधिभार औसत है, सेमेस्टर एक एवं दो का 10 प्रतिशत अधिभार , सेमेस्टर अंक तीन एवं चार का 20 प्रतिशत अधिभार, सेमेस्टर अंक पांच एवं छः का 30 प्रतिशत अधिभार एवं सेमेस्टर अंक सात , आठ , नव एवं दस का 100 प्रतिशत अधिभार सहित होगा । अतएव दो से अधिक किसी सेमेस्टर मे सीपीआई , निम्नानुसार संगणित की जायेगी जहां i दो से अधिक है- [ CPI] = 0.1 (N₁ + N2 ) + 0.2 (N3 + N4 ) +0.3 (N5 + N6 ) + ( N7 + Ng ) + ( Ng + N10 ) + (N11 ) 0.1 (D1 + D2 ) +0.2 (D3 + D4 ) +0.3 (D5 + D6 ) + (D7 + Dg ) + (D9 + D10 ) + (D11 ) यदि विद्यार्थी पाठ्यक्रम को आवृत्ति करता है या किसी विषय में अनुत्तीर्ण घोषित होता है तो ही नवीनतम (आगामी) प्रयास में अभिप्राप्त ग्रेड पॉइन्ट, सीपीआई के निकटस्थ 626( 20)

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संगणित किया जायेग । सीपीआई , एसपी आई सहित प्रत्येक सेमेस्टर में संगणित किया जायेगा ताकि विद्यार्थी को ज्ञात हो कि उसका सीपीआई कैसे परिवर्तित हो रहा है । 13.7 कक्षा या डिवीजन प्रदान करना :

13.7.1 बीई / बी टेक डिग्री के साथ विद्यार्थी को प्रदान किया जाने वाला कक्षा / डिविजन , निम्न सारणी के अनुसार विद्यार्थी के अंको के प्रतिशत से विनिश्चित की जायेगी- > प्रावीण्य या आनर्स : 75% Marks ≤100 %

: 65% ≤ Marks < 75%

> प्रथम श्रेणी

: 50% ≤ Marks < 65 %

> द्वितीय श्रेणी

13.7.2 स्नातक डिग्री के लिये समस्त चार वर्ष के लिए एवं स्नातकोत्तर डिग्री के लिये पांच वर्ष के लिये अभ्यर्थी के समेकित प्रदर्शन के आधार पर, अंतिम सेमेस्टर के पश्चात ही डिविजन प्रदान किया जायेगा ।

13.7.3 अभ्यर्थी को बीई अंतिम में उत्तीर्ण तब तक घोषित नही किया जायेगा जब तक कि उसने आठवे सेमेस्टर के सभी पूर्व परीक्षा पूरी तरह उत्तीर्ण न किया हो । उन अभ्यर्थियों , जिसने किसी पूर्व सेमेस्टर परीक्षा उत्तीर्ण न किया हो, के आठवें एवं अंतिम सेमेस्टर का परिणाम , रोक दिया जायेगा । तथापि, उन्हें कमी के बारे में सूचित किया जायेगा । उसके द्वारा , वर्ष, जिसमें उसने सभी आठ सेमेस्टर की सभी परीक्षाएं उत्तीर्ण करता हो, में अंतिम बीई परीक्षा उत्तीर्ण किय गया समझा जायेगा ।

13.7.4 समेकित प्रदर्शन का मूल्यांकन, नीचे दिये गये अनुसार अभ्यर्थी के कुल स्कोर में जोड़े गये अधिभार अंकों के योजना के आधार पर किया जायेगा-

10 प्रतिशत प्रथम वर्ष अंक .

एक वर्ष

एक एवं दो सेमेस्टर

दो वर्ष

20 प्रतिशत द्वितीय वर्ष अंक .

तृतीय एवं चतुर्थ सेमेस्टर

तीन वर्ष

पंचम एवं षष्ठम सेमेस्टर

30 प्रतिशत तृतीय वर्ष अंक .

626( 21)

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चार वर्ष

सप्तम एवं अष्ठम सेमेस्टर

100 प्रतिशत चतुर्थ वर्ष अंक.

पांच वर्ष

नवम एवं दशम सेमेस्टर

100 प्रतिशत पांच वर्ष अंक .

100 प्रतिशत छः माह अंक.

छः माह

ग्यारह सेमेस्टर (इंटर्नशीप)

13.8 अनुलिपीः

पाठ्यक्रम के पूर्ण होने के पश्चात् विद्यार्थी को जारी अनुलिपी में विद्यार्थी द्वारा लिये गये सभी पाठ्यक्रमों के समेकित अभिलेख , अभिप्राप्त ग्रेड एवं अंतिम सी पी आई, अभिप्राप्त कक्षा या डिवीजन के साथ अंतर्विष्ट होंगे ।

14.0 अंको की पुनर्गणना एवं पुनर्मुल्यांकनः

14.1 पुनर्गणनाः

14.1.1 कोई अभ्यर्थी, जिसने विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित परीक्षा में उपस्थित हुआ हो , किसी एक या दो सैद्धांतिक प्रश्नपत्र हेतु अंको की पुनर्गणना के लिए सी वी रमन विश्वविद्यालय को आवेदन कर सकेगा ।

14.1.2 ऐसा आवेदन , विहित प्ररूप में , अपेक्षित फीस सहित , संबंधित संस्थान जिसमें वह अध्ययनरत है, के प्राचार्य को परिणाम की घोषणा की तिथि से 15 दिवस के भीतर करना आवश्यक है ।

14.1.3 पुनर्गणना का कार्य अर्थात् पुनर्गणना में प्रश्नपत्र की पुनः परीक्षा सम्मिलित नहीं है । यह, यह देखने के लिए किया जायेगा कि क्या विशिष्ट उत्तरों में दी गई अंकों की गणना में कोई त्रुटि या किसी उत्तर में दी गई अंको में कोई लोप की गई है । 626( 22)

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14.2.1 अभ्यर्थी, अधिकतम दो सैद्धांतिक प्रश्नपत्रों के लिये ही मुख्य परीक्षा में अपने उत्तर पुस्तिका के पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन कर सकते है ।

14.2.2 ऐसा आवेदन, विहित प्ररूप में , अपेक्षित फीस सहित, परिणाम की घोषणा की तिथि से 15 दिवस के भीतर करना आवश्यक है ।

14.2.3 विश्वविद्यालय द्वारा प्रायोगिक, शिक्षक मूल्यांकन एवं कक्षा परीक्षा के मामले में पुनर्गणना या पुनर्मूल्यांकन अनुज्ञाात नही किया जायेगा ।

14.3 विश्वविद्यालय द्वारा प्रायोगिक, शिक्षक मूल्यांकन एवं कक्षा परीक्षा की दशा में पुनर्गणना या पुनर्मूल्यांकन की अनुमति नही होगी ।

15.0 मेरिट सूचीः

15.1 मेरिट के आदेश में प्रथम 10 अभ्यर्थी की मेरिट सूची, अभ्यर्थी, जिन्हे प्रथम प्रयास में उत्तीर्ण घोषित किया गया हो, के बीच से प्रत्येक शाखा में प्रत्येक सेमेस्टर के अंत में घोषित की जायेगी ।

15.2 शाखावार अंतिम मेरिट सूची, एमटीएम के लिए समस्त पांच वर्ष के समेकित प्रदर्शन के आधार पर, एमटीएम के दसवें सेमेस्टर के मुख्य परीक्षा के पश्चात ही विश्वविद्यालय द्वारा घोषित किया जायेगा । मेरिट सूची में कम से कम प्रथम डिविजन अर्जित करने वाले तथा एमटीएम के लिए समस्त दसवे सेमेस्टर में एकल प्रयास में सभी सेमेस्टर उत्तीर्ण करने वाले प्रथम 10 अभ्यर्थी सम्मिलित होंगे ।

15.3 मेरिट सूची , पुनर्मूल्यांकन परीणाम , यदि कोई हो, की घोषणा के पश्चात घोषित किया जायेगा ।

16.0 अभ्यर्थी के मामले मे , विश्वविद्यालय के विद्या परिषद की अनुशंसा द्वारा अपना स्नातक डिग्री (बीई) पूर्ण करने के स्तर में एकीकृत पाठ्यक्रम एमटीएम से (विशेष परिस्थितियों में) निर्गत हो । 626( 23)

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17.0 निर्वचन : इस अध्यादेश के निर्वचन के विषयों में कोई संदेह, विवाद या अस्पटता की दशा में , कुलपति का विनिश्चय , अंतिम होगा और विद्यार्थियों / अभ्यर्थियों / संबंधित पक्षकारों पर बंधनकारी होगा । 626 ( 24)

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डॉ. सी. वी. रामन विश्वविद्यालय

अध्यादेश क्रमांक 114

प्रबंधन में स्नातक (बीएम) अथवा अनुप्रयुक्त प्रबंधन में स्नातक (बीएएम) सहित अनुप्रयुक्त प्रबंधन में स्नातकोत्तर (एमएएम) (ड्यूल डिग्री पाठ्यकम)

1. सामान्यः यह पांच वर्ष सफलतापूर्वक पूर्ण करने के पश्चात प्रबंधन में तीन वर्षीय स्नातक डिग्री (बीएम) या अनुप्रयुक्त प्रबंधन में चार वर्षीय स्नातक डिग्री (बीएएम) और अनुप्रयुक्त प्रबंधन में स्नातकोत्तर डिग्री (एमएएम) प्रदान करने हेतु अग्रसरित प्रबंधन में पांच वर्षीय ड्यूल डिग्री पाठ्यक्रम है ।

2. प्रवेश /पात्रताः

2.1 इस पाठ्यक्रम में प्रवेश हेतु, विद्यार्थी, 12 कक्षा (या समकक्ष) परीक्षा उत्तीर्ण होना चाहिए तथा सामान्य विद्यार्थी के लिए कम से कम 45 प्रतिशत अंक (आरक्षित वर्ग के लिए 40 प्रतिशत अंक) अभिप्राप्त करना चाहिए तथा इस प्रयोजन हेतु विश्वविद्यालय द्वारा संचालित सामान्य प्रवेश परीक्षा ( सीएटी) उत्तीर्ण होना चाहिए ।

2.2 प्रथम वर्ष में लिया गया प्रवेश , पांच वर्षीय ड्यूल डिग्री पाठ्यक्रम में प्रवेश होगा तथा उससे पाठयक्रम के किसी भी प्रक्रम में पुनःप्रवेश लिया जाना तब तक अपेक्षित नही होगा जब तक कि वह तृतीय या चतुर्थ वर्ष के पश्चात पाठयक्रम अनिरंतर नही कर देता है ।

2.3 पाठयक्रम संरचना कार्य निम्नानुसार अतिरिक्त प्रवेश बिन्दु उपबंधित करता है , अभ्यर्थी, जिसने बीएम डिग्री प्राप्त करने पर अपना अध्ययन अनिरंतर किया हो, एमएएम पूर्ण करने हेतु चौथे एवं पांचवे पाठयक्रम के लिए अंतिम तिथि में प्रवेश (ज्वाइन ) कर सकता है । तथापि , ऐसे विद्यार्थी को चौथे वर्ष के अंत में 626( 25)

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बीएएम डिग्री प्रदान नही किया जायेगा यदि वह चौथे वर्ष में भी अध्ययन को अनिरंतर करता हो ।

अभ्यर्थी , जिसने बीएम डिग्री प्राप्त करने पर अपना अध्ययन अनिरंतर किया हो, एमएएम पूर्ण करने हेतु पांचवे पाठयक्रम के लिए अंतिम तिथि में प्रवेश (ज्वाइन) कर सकता है ।

2.4 विज्ञान , वाणिज्य एवं कला के संकाय से विद्यार्थी , इस ड्यूल डिग्री पाठ्यक्रम में प्रवेश हेतु पात्र है ।

3. सीटेंः बुनियादी इकाई 60 सीटों की होगी । इस इकाई के एकाधिक इकाई भी स्थापित किये जा सकेंगे ।

4. फीसः पाठ्यक्रम फीस , विश्वविद्यालय के प्रबंध मण्डल द्वारा विनिश्चित किये जायेंगे (अथवा फीस निर्धारण समिति छत्तीसगढ़ शासन के (समय - समय पर) अनुशंसा अनुसार होंगे) ।

5. पाठयक्रम की अवधिः पाठयक्रम के लिए सेमेस्टर पैटर्न का अनुपालन किया जायेगा तथा सोलह सप्ताह का 10 सेमेस्टर होगा एवं पांचवें वर्ष में , जिसमें विषय सूची एवं प्रतिपादन में अन्तर आनुशासनिक दृष्टिकोण रखते हुए , उद्योग आधारित प्रोजेक्ट होगा ।

6. उपस्थितिः किसी सेमेस्टर परीक्षा के लिये नियमित विद्यार्थी के रूप में उपस्थित होने वाले अभ्यर्थी से, अध्ययन पाठ्यक्रम के प्रत्येक विषय में पृथक - पृथक आयोजित व्याख्यान एवं प्रायोगिक एवं अनुशिक्षण (ट्यूटोरियल ) कक्षा में न्यूनतम 75 प्रतिशत उपस्थिति की अपेक्षा होगी। पाँच प्रतिशत तक की कमी को डॉ. सी. वी . रमन विश्वविद्यालय के कुलपति के द्वारा संतोषपूर्ण कारण होने पर माफ किया जा सकेगा । 7. असाधारण लंबी अनुपस्थितीः यदि विद्यार्थी दो वर्ष से अनाधिक अवधि हेतु इस विश्वविद्यालय के प्रबंधन संकाय की शैक्षिक गतिविधियों में भाग नहीं लेता है तो उसे न तो किसी पश्चात्वर्ती परीक्षा में उपस्थित होने की अनुमति दी जायेगी न ही किसी सेमेस्टर में प्रवेश या पदोन्नत किया जायेगा तथा वह बीएएम / एमएएम पाठ्यक्रम के साथ - साथ इस विश्वविद्यालय का विद्यार्थी नहीं रहेगा । यहां , शैक्षिक गतिविधि में भाग 626(26)

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लेने से अभिप्रेत है व्याख्यान , अनुशिक्षण , प्रायोगिक में उपस्थिति, नियमित विद्यार्थी के रूप में मुख्य या अनुपूरक परीक्षाओं में उपस्थिति । चिकित्सा आधार पर कैंपस से अनुपस्थिति के लिये , तीन माह से अनाधिक के अंतराल में प्रस्तुत नियमित अवकाश आवेदनों की अभिस्वीकृति पत्र द्वारा समर्थित होना आवश्यक है ।

8. परीक्षाः

8.1 सी.वी.आर.यू. द्वारा संचालित प्रत्येक सेमेस्टर में सेमेस्टरांत परीक्षा (ईएसई) होगी । परीक्षा में, उस सेमेस्टर की परीक्षा योजना के अनुसार सैद्धांतिक प्रश्नपत्र , प्रायोगिक एवं मौखिकी सम्मिलित होगी । सेमेस्टर परीक्षा सामान्यतः प्रत्येक वर्ष नवम्बर- दिसम्बर एवं अप्रैल - मई के माह मे आयोजित होगी ।

8.2 सभी सेमेस्टर के सैद्धांतिक प्रश्नपत्र सहित प्रत्येक सेमेस्टर के अंत में पूर्ण परीक्षा होगी ।

8.3 परीक्षा कालावधि, 25 कार्य दिवस से अधिक नहीं होनी चाहिए ।

8.4 विशिष्ट सेमेस्टर में उपस्थिति की कमी के कारण रोके गये अभ्यर्थी, नियमित अभ्यर्थी के रूप में, जो एक वर्ष के पश्चात प्रारंभ करेंगे , उसी सेमेस्टर को दुबारा करेंगे ।

8.5 अन्यत्र उल्लिखित किसी बात के होते हुये भी, अभ्यर्थी को अधिकतम चार समानांतर सेमेस्टरांत परीक्षा (मुख्य / अनुपूरक) में उपस्थित होने के अनुमति दी जायेगी ।

8.6 सेमेस्टरांत परीक्षा का टाईम टेबल परीक्षा के प्रारंभ के 15 दिवस पूर्व घोषित किया जाना चाहिये ।

8.7 तैयारी अवकाशः प्रत्येक सेमेस्टर के मुख्य परीक्षा में 10 दिन का ही तैयारी अवकाश , अग्रसरित होगा ।

9. उत्तीर्ण परीक्षाः

9.1 अंको का आधारः 626( 27)

छत्तीसगढ़ राजपत्र , दिनांक 6 जलाई 2020

प्रत्येक सेमेस्टर में अभ्यर्थी का प्रदर्शन , विषयवार मूल्यांकित किया जायेगा , प्रत्येक सैद्धांतिक प्रश्नपत्र हेतु आंतरिक असाइनमेंट एवं सेमेस्टरांत परीक्षा (ईसीई) , निम्नलिखित विभाजन एवं उत्तीर्ण मानक सहित होगा-

परीक्षा का नाम

(एक) सेमेस्टरांत परीक्षा (ईसीई) सैद्धांतिक

न्यूनतम उत्तीर्ण अंक 35 प्रतिशत ( पूर्व स्नातक स्तर हेतु) 40 प्रतिशत ( पूर्व स्नातक स्तर हेतु)

35 प्रतिशत

(दो) आंतरिक असाइनमेंट

10. यदि अभ्यर्थी सेमेस्टर परीक्षा पूर्णरूपेण उत्तीर्ण किया हो तो उसे डिवीजन / अंको में सुधार हेतु उसी परीक्षा में पुनः उपस्थित होने की अनुमति नहीं होगी ।

11. क्रेडिट का आधारः

11.1 क्रेडिट = [ L + ( T + P) / 2 ] जहां L = व्याख्यान प्रति सप्ताह, T = अनुशिक्षण ( ट्यूटोरियल) प्रति सप्ताह, P = प्रायोगिक प्रति सप्ताह है । विषय में क्रेडिट , पूर्णांक में होगा न कि भिन्नात्मक अंक में । यदि विषय में क्रेडिट, भिन्नात्मक में परिवर्तित हो जाता है तो उसे आगामी पूर्णांक संख्या के रूप में लिया जायेगा ।

11.2 अभ्यर्थी, सेमेस्टर में आबंटित सभी क्रेडिट तब ही अर्जित करेगा जब वह उक्त सेमेस्टर में उत्तीर्ण होता हो ।

उच्च सेमेस्टर में पदोन्नयनः

12.

12.1 अभ्यर्थी सेमेस्टर की परीक्षा, जिसमें वह उपस्थित हुआ था, के पूर्ण होने के पश्चात् उच्च सेमेस्टर कक्षा में अपना अध्ययन अनंतिम रूप से जारी रख सकेगा । 626(28)

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13. निर्धारण एवं ग्रेडिंगः

13.1 निर्धारण एवं मूल्यांकन की रीतिः

निरंतर मूल्यांकन प्रणाली का अनुपालन, तीनों घटकों जैसे कक्षा परीक्षा , असाइनमेंटएवं सेमेस्टरांत परीक्षा के अनुसार किया जायेगा ।

13.2 ग्रेडिंग प्रणालीः

प्रतिशत के साथ - साथ पूर्ण ग्रेडिंग प्रणाली का अनुपालन किया जायेगा । प्रत्येक विषय, सैद्धांतिक में , अभ्यर्थी को सभी विषयों के एक संयुक्त प्रदर्शन पर आधारित लेटर ग्रेड प्रदान किया जायेगा । ये ग्रेड, नीचे दी गई " ग्रेड पॉइंट " (जीपी) के रूप में ज्ञाता समकक्ष संख्या के माध्यम से अभ्यर्थी के प्रदर्शन के गुणात्मक निर्धारण दर्शित करने वाले लेटर (अक्षर) द्वारा वर्णित होंगे । पाठ्यक्रम सफलतापूर्वक पूर्ण किया जाता है अथवा क्रेडिट , पाठ्यक्रम के लिये अर्जित किया जाता है तब लेटर ग्रेड सी या उससे अच्छा, पाठ्यक्रम में प्रदान किया जाता है । लेटर ग्रेड (एल जी): A+ A B + B C + C F

ग्रेड पॉइंट (जी पी): 10 9 8 7 6 5 0

प्रत्येक विषय , सैद्धांतिक एवं प्रायोगिक के लिये पृथक - पृथक ग्रेड प्रदान किया जायेगा । यह नीचे वर्णित अनुसार दिया जायेगा ।

13.3 पूर्ण ग्रेडिंग प्रणालीः

नीचे स्पष्ट किये गये पूर्ण ग्रेडिंग प्रणाली के प्रकार को सैद्धांतिक और प्रायोगिक विषय के लिये अंगीकृत किये जायेंगे - -

ग्रेड

सैद्धांतिक

प्रायोगिक

A+ 85. Marks ≤ 100 % , 90 < Marks ≤ 100 % , 75

A

82

< Marks < 85 % ,

< Marks < 90 % , 626( 29)

छत्तीसगढ़ राजपत्र, दिनांक 6 जुलाई 2020

B+ 65 < Marks < 75 % , 74 < Marks < 82 % , B

55 < Marks < 65 % 66 < Marks < 74 % , C+ 45 < Marks < 55 % 58 < Marks < 66 % , C

50 < Marks < 58 % , 35 Marks < 45 % 0 ≤ Marks < 35 % ,

F

0 ≤ Marks < 50 % ,

(स्नातक स्तर हेतु) 0 ≤ Marks < 40 % , (स्नातकोत्तर स्तर हेतु)

अतएव लेटर ग्रेड A + , A, B + , B, C + , C एवं F तत्स्थानी ग्रेड पॉइंट परीक्षक द्वारा मूल्यांकित प्रत्येक विषय हेतु उपलब्ध होंगे ।

13.4 अनुत्तीर्ण ग्रेड " F"

इसके अतिरिक्त, F के और वर्गीकरण , निम्नानुसार है-

FF : किसी सैद्धांतिक / प्रायोगिक विषय में अनुत्तीर्ण ।

FS : सत्रीय अर्थात् इस प्रकार आवृत्ति सेमेस्टर टीए में, अनुत्तीर्ण । WH: विभिन्न कारणों से राके गये परिणाम ।

FA: कुल (एग्रीगेट) अंक जिसमें अंक 50 प्रतिशत से कम अंक हो, के कारण अनुत्तीर्ण, इसलिए किसी विकल्प के एक या दो विषय (सैद्धांतिक / प्रायोगिक) में उपस्थित होने हेतु पात्रता । 626(30)

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13.5 सेमेस्टर प्रदर्शन सूचकांक (एस पी आई):

प्रथम (i ) सेमेस्टर में विद्यार्थी का प्रदर्शन सी पी आई द्वारा अभिव्यक्त किया जाता है जो सेमेस्टर में विद्यार्थी द्वारा अभिप्राप्त पाठ्यक्रम ग्रेड पॉइन्ट का अधिभार औसत है तथा जो निम्नलिखित द्वारा अभिव्यक्त है-

[SPI] = [C1G1 + C2G2 + ...... ] [ CG ] Ni [C1 + C2 + ....... ] [EC] Di

जहां C एवं G क्रमशः क्रेडिट और ग्रेड के लिए है, सीपीआई , पूर्णांक के बिना, अंक को दो स्थान तक संगणित किया जायेगा । सीपीआई तभी संगणित किया जायेगा जब विद्यार्थी , किसी विषय , सैद्धांतिक या प्रायोगिक में असफल हुए बिना, सेमेस्टर उत्तीर्ण करता है ।

Ni is [ CG ] i & Diis [ EC] ;

13.6 संचित प्रदर्शन सूचकांक (सी पी आई):

डिग्री कार्यक्रम में उसके प्रवेश के समय सभी पाठ्यक्रम के लिए विद्यार्थी द्वारा सभी पाठ्यक्रमों के लिए विद्यार्थी द्वारा अभिप्राप्त पाठ्यकम ग्रेड पॉइन्ट का अधिभार औसत है , सेमेस्टर एक एवं दो का 10 प्रतिशत अधिभार, सेमेस्टर अंक तीन एवं चार का 20 प्रतिशत अधिभार, सेमेस्टर अंक पांच एवं छः का 30 प्रतिशत अधिभार एवं सेमेस्टर अंक सात, आठ, नौ एवं दस का 100 प्रतिशत अधिभार सहित होगा । अतएव दो से अधिक "प्रथम (i ) " सहित सेमेस्टर प्रथम (i) मे सीपीआई , निम्नानुसार संगणित की जायेगी

[ CPI ] = 0.1 (N₁ + N2 ) +0.2 ( N3 + N₁ ) + 0.3 (N5 + N6 ) + (N7 + Ng ) + (N9 + N10) 0.1 (D1 + D2 ) +0.2 (D3 + D4 ) +0.3 (D5 + D6 ) + ( D7 + Dg ) + (D9 + D10 ) 626(31)

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यदि विद्यार्थी पाठ्यक्रम को आवृत्ति करता है या किसी विषय में अनुत्तीर्ण घोषित होता है तो ही नवीनतम (आगामी) प्रयास में अभिप्राप्त ग्रेड पॉइन्ट, सीपीआई के निकटस्थ संगणित किया जायेग । सीपीआई, एसपी आई सहित प्रत्येक सेमेस्टर में संगणित किया जायेगा ताकि विद्यार्थी को ज्ञात हो कि उसका सीपीआई कैसे परिवर्तित हो रहा है ।

13.7 कक्षा या डिवीजन प्रदान करना:

13.7.1 बीएम / बीएएम / एमएएम डिग्री के साथ विद्यार्थी को प्रदान किया जाने वाला कक्षा /डिविजन, निम्न सारणी के अनुसार विद्यार्थी के अंको के प्रतिशत से विनिश्चित की जायेगी-

: 75% ≤ Marks ≤100 %

> प्रावीण्य या आनर्स

: 60% ≤ Marks < 75 %

> प्रथम श्रेणी

: 45% ≤ Marks < 60 %

> द्वितीय श्रेणी

: 35% ≤ Marks < 45 % केवल स्नातक स्तर > तृतीय श्रेणी

13.7.2 सभी पांच वर्ष के लिए अभ्यर्थी के समेकित प्रदर्शन के आधार पर, अंतिम सेमेस्टर के पश्चात ही डिविजन प्रदान किया जायेगा ।

13.7.3 अभ्यर्थी को एमएएम अंतिम में उत्तीर्ण तब तक घोषित नही किया जायेगा जब तक कि उसने दसवें सेमेस्टर के सभी पूर्व परीक्षा पूरी तरह उत्तीर्ण न किया हो ।

13.7.4 समेकित प्रदर्शन का मूल्यांकन , नीचे दिये गये अनुसार अभ्यर्थी के कुल स्कोर में जोड़े गये अधिभार अंकों के योजना के आधार पर किया जायेगा-

10 प्रतिशत प्रथम वर्ष अंक .

एक वर्ष

एक एवं दो सेमेस्टर

दो वर्ष

20 प्रतिशत द्वितीय वर्ष अंक .

तृतीय एवं चतुर्थ सेमेस्टर

तीन वर्ष

पंचम एवं षष्ठम सेमेस्टर

30 प्रतिशत तृतीय वर्ष अंक .

626( 32)

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चार वर्ष

सप्तम एवं अष्ठम सेमेस्टर

100 प्रतिशत चतुर्थ वर्ष अंक .

पांच वर्ष

100 प्रतिशत पांच वर्ष अंक .

नवम एवं दशम सेमेस्टर

13.8 अनुलिपीः

पाठ्यक्रम के पूर्ण होने के पश्चात् विद्यार्थी को जारी अनुलिपी में विद्यार्थी द्वारा लिये गये सभी पाठ्यक्रमों के समेकित अभिलेख , अभिप्राप्त ग्रेड एवं अंतिम सी पी आई , अभिप्राप्त कक्षा या डिवीजन के साथ अंतर्विष्ट होंगे ।

14. अंको की पुनर्गणना एवं पुनर्मुल्यांकनः

14.1 पुनर्गणनाः

14.1.1 कोई अभ्यर्थी, जिसने विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित परीक्षा में उपस्थित हुआ हो, किसी एक या दो सैद्धांतिक प्रश्नपत्र हेतु अंको की पुनर्गणना के लिए सी वी रमन विश्वविद्यालय को आवेदन कर सकेगा ।

14.1.2 ऐसा आवेदन, विहित प्ररूप में, अपेक्षित फीस सहित, संबंधित संस्थान जिसमें वह अध्ययनरत है, के प्राचार्य को परिणाम की घोषणा की तिथि से 15 दिवस के भीतर करना आवश्यक है ।

14.1.3 पुनर्गणना का कार्य अर्थात् पुनर्गणना में प्रश्नपत्र की पुनः परीक्षा सम्मिलित नहीं है । यह, यह देखने के लिए किया जायेगा कि क्या विशिष्ट उत्तरों में दी गई अंकों की गणना में कोई त्रुटि या किसी उत्तर में दी गई अंको में कोई लोप की गई है ।

14.2 पुनर्मूल्यांकन

14.2.1 अभ्यर्थी , अधिकतम दो सैद्धांतिक प्रश्नपत्रों के लिये ही मुख्य परीक्षा में अपने उत्तर पुस्तिका के पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन कर सकते है । 626(33)

छत्तीसगढ़ राजपत्र, दिनांक 6 जुलाई 2020

14.2.2 ऐसा आवेदन, विहित प्ररूप में , अपेक्षित फीस सहित, परिणाम की घोषणा की तिथि से 15 दिवस के भीतर करना आवश्यक है ।

14.2.3 यदि , मूल रूप से प्रकाशित परिणाम में पुनर्मूल्यांकन में कोई त्रुटि पाया जाता है तो विश्वविद्यालय द्वारा आवश्यक सुधार अधिसूचित किया जायेगा । अन्य सभी मामलों में , परिणाम की संसूचना अभ्यर्थी को दी जायेगी ।

15. मेरिट सूचीः

15.1 मेरिट के आदेश में प्रथम 10 अभ्यर्थी की मेरिट सूची, अभ्यर्थी, जिन्हे प्रथम प्रयास में उत्तीर्ण घोषित किया गया हो, के बीच से प्रत्येक शाखा में प्रत्येक सेमेस्टर के अंत में घोषित की जायेगी ।

15.2 मेरिट सूची , पुनर्मूल्यांकन परीणाम, यदि कोई हो , की घोषणा के पश्चात घोषित किया जायेगा ।

16. निर्वचन : इस अध्यादेश के निर्वचन के विषयों में कोई संदेह, विवाद या अस्पटता की दशा में , कुलपति का विनिश्चय , अंतिम होगा और विद्यार्थियों / अभ्यर्थियों / संबंधित पक्षकारों पर बंधनकारी होगा । 626( 34)

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डॉ. सी. वी. रामन् विश्वविद्यालय अध्यादेश क्रमांक 115 विज्ञान में स्नातक (बी.एससी.) ऑनर्स

यह अध्यादेश, विज्ञान में स्नातक अग्रसरित कार्यक्रम के लिए लागू होगा ।

1.0 सामान्य:

यह त्रिवर्षीय (छःसेमेस्टर ) डिग्री पाठ्यक्रम है । प्रत्येक सेमेस्टर लगभग छः माह की अवधि का होगा जिसमें (अवकाश, उपक्रमात्मक अवकाश , परीक्षा , औद्योगिक प्रशिक्षण आदि) सम्मिलित है ।

2.0 प्रवेश :

विश्वविद्यालय केवल ऐसे पाठ्यक्रम में प्रवेश की अनुमति एवं बी.एससी. (ऑनर्स) की डिग्री प्रदान करेगा जो विश्वविद्यालय के शैक्षणिक परिषद द्वारा सम्यक रूप से अनुमोदित हो । बीएससी प्रथम सेमेस्टर में प्रवेश विश्वविद्यालय के विद्या परिषद द्वारा विहित नियमों के अनुसार दिया जायेगा ।

3.0 प्रवेश हेतु पात्रता:

विज्ञान संकाय में सामान्य हेतु 45 प्रतिशत (एस.सी. /एस.टी./ ओ.बी.सी. हेतु 40 प्रतिशत) अंकों के साथ 10+ 2 परीक्षा उत्तीर्ण ।

4.0 कार्यक्रम विषय वस्तु एवं अवधि :

(क) स्नातक (ऑनर्स) डिग्री कार्यक्रम में शिक्षण एवं परीक्षा योजना तथा संबंधित कार्यक्रम के पाठ्यक्रम में यथा विनिर्दिष्ट पाठ्यक्रम एवं / या अन्य विषयवस्तु की संख्या समाविष्ट होंगे, जैसा कि विद्या परिषद द्वारा अनुमोदित हो ।

(ख) कार्यक्रम को पूरा करने के लिए अपेक्षित न्यूनतम अवधि में शिक्षण एवं परीक्षा योजना एवं संबधित कार्यक्रम के लिए पाठ्यक्रम में यथा विनिर्दिष्ट कार्यक्रम अवधि होंगे ।

(ग) कार्यक्रम , जिसके लिए विहित कार्यक्रम अवधि एन सेमेस्टर है , को पूरा करने के लिए अधिकतम अनुज्ञेय अवधि (एन+4) सेमेस्टर होगी । समस्त कार्यक्रम को 626(35)

छत्तीसगढ़ राजपत्र, दिनांक 6 जुलाई 2020

(एन +4) सेमेस्टर में पूर्ण करना आवश्यक होगा । अत्यधिक विशेष परिस्थितियों के अधीन कुलपति के अनुमोदन के साथ सकल कालावधि की अवधि में 2 सेमेस्टर और बढाया जा सकेगा ।

(घ ) तीन वर्षीय पाठ्यक्रम 6 सेमेस्टर में विभक्त होगा और व्याख्यान , ट्यूटोरिल, सेमिनार एवं प्रोजेक्ट आदि सम्मिलित होंगे , जैसा की समय - समय पर विश्वविद्यालय द्वारा परिभाषित हो ।

5.0 सेमेस्टर अवधि:

(क) शैक्षणिक वर्ष दो सेमेस्टर में होंगे , प्रत्येक सेमेस्टर 20 सप्ताह की होगी । उसे शीतकालीन सेमेस्टर के पश्चात् 3 से 5 सप्ताह एवं ग्रीष्मकालीन सेमेस्टर के पश्चात् 6 से 10 सप्ताह का अंतराल दिया जायेगा ।

(ख) सेमेस्टर का शैक्षणिक अंतराल नीचे दिये अनुसार होगा-

सैद्धांतिक एवं प्रायोगिक कक्षाएं (कला परीक्षा सम्मिलित) 16-18 सप्ताह । सेमेस्टरांत परीक्षा 2-4 सप्ताह की प्रायोगिक सहित ।

6.0 प्रयोज्य शुल्क:

(क) समस्त ऐसे शुल्क , जिसमें पाठ्यक्रम एवं परीक्षा शुल्क सम्मिलित है, जैसा कि समय - समय पर विश्वविद्यालय सुनिश्चित करें, प्रत्येक सेमेस्टर के प्रारंभ में विद्यार्थियों द्वारा भुगतान किया जायेगा, ।

(ख) एक बार जमा किया गया शुल्क, अवधान राशि को छोड़कर किसी भी स्थिति में वापसी योग्य नहीं होगी ।

(ग ) समस्त विद्यार्थियों को कक्षायें प्रारंभ होने के पूर्व विहित शुल्क का भुगतान करना आवश्यक होगा । वास्तवितक कठिनाई की कतिपय दशाओं में , कुलपति अपने विशेषाधिकार से शुल्क भुगतान की अंतिम तिथि में विस्तार कर सकेंगे । (घ ) किसी भी विद्यार्थियों को सेमेस्टरांत परीक्षा में तब तक उपस्थित होने की अनुमति नहीं दी जायेगी जब तक वह विश्वविद्यालय के समस्त देयकों का भुगतान न कर दें । 626 ( 36)

छत्तीसगढ़ राजपत्र , दिनांक 6 जुलाई 2020

7.0 उपस्थिति : समस्त विद्यार्थियों से प्रत्येक विषय (व्याख्यान , ट्युटोरियल एवं प्रायोगिक) में सामान्य तौर पर 100 प्रतिशत उपस्थिति की अपेक्षा होगी । वास्तविक कारणों के लिए 25 प्रतिशत तक उपस्थिति माफ की जा सकती है । तथापि किसी भी परिस्थिति में, विद्यार्थी को विषय में 75 प्रतिशत से कम उपस्थिति के साथ विषय के सेमेस्टरांत परीक्षा में उपस्थित होने की अनुमति नही होगी । परंतु यह कि किसी पाठ्यक्रम के प्रथम सेमेस्टर में अंतिम तिथि के बाद प्रवेश लिए विद्यार्थीयों को, उनके प्रवेश की तिथि से कम से कम 75 प्रतिशत उपस्थिति (चिकित्सा एवं अन्य कारणों सहित) रखना होगा । यदि विद्यार्थी जिसे संस्थान द्वारा वास्तव में निरूद्ध किया गया है, व्यतिक्रम द्वारा परीक्षा में उपस्थित होता है तो उसका परिणाम बातिल और शून्य माना जायेगा । ।

8.0 मूल्यांकन:

सेमेस्टर में विद्यार्थी का प्रदर्शन सतत कक्षा मूल्यांकन एवं सेमेस्टरांत परीक्षा के माध्यम से मूल्यांकित किया जायेगा ।

(क) मूल्यांकन के विविध घटकों के लिए वितरण को अधिभार दिया जायेगा जैसा कि शिक्षण एवं परीक्षा योजना में परिभाषित है ।

(ख ) सेमेस्टरांत सैद्धांतिक पेपर, प्रायोगिक परीक्षा ( यदि लागू हो) एवं सत्रीय कार्य में आबंटित अंको को मिलाकर विषय में अंक प्राप्त होंगे ।

(ग) प्रत्येक विषय (सैद्धांतिक एवं सत्रीय कार्य ) में न्यूनतम उत्तीर्ण अंक शिक्षण एवं परीक्षा योजना में विहित होगा ।

(घ ) अभ्यर्थी को उत्तीर्ण होने के क्रम में विशेष सेमेस्टर में कुल मिलाकर 50 प्रतिशत अंक अर्जित करना होगा ।

9.0 प्रोन्नति:

खण्ड 9 के अधीन समस्त अपेक्षाओं की पूर्ति करने पर अभ्यर्थी को अध्ययन के अगले शैक्षणिक वर्ष में प्रोन्नत किया जायेगा ।

(क) अभ्यर्थी अध्ययन के अगले शैक्षणिक वर्ष में अनंतिम प्रोन्नति हेतु पात्र होगा यदि वह वर्ष में (दो सेमेस्टर के अंत में ) 6 विषयों (सैद्धांतिक एवं प्रायोगिक वो सम्मिलित करते हुए ) से अधिक में अनुत्तीर्ण न हों । 626( 37)

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(ख) अभ्यर्थी जो समस्त विषयों में प्राप्त अंक को मिलाकर अनुत्तीर्ण है , अग्रनयन (कैरीओव्हर) के साथ अंनतिम प्रोन्नति हेतु पात्र होगा वह उस विशेष शैक्षणिक सेमेस्टर के अधिकतम कोई दो सैद्धांतिक पेपर तक विकल्प ले सकेगा तथा सेमेस्टरांत परीक्षा में उपस्थित तथा सकल अंकों की कमी की पूर्ति कर सकेगा । श्रेणी या डिवीजन का अवार्डः

10.0

बी.एस.सी. (ऑनर्स) डिग्री विद्यार्थी को क्लास / डिवीजन अवार्ड करने का विनिश्चय विद्यार्थियों के अंको के प्रतिशत द्वारा नीचे दिये गये सारणी के अनुसार किया जावेगा :

75% ≤ अंक < 100% प्रथम श्रेणी (प्रावीण्य)

60% ≤ अंक < 75% प्रथम श्रेणी (फस्ट डिवीजन)

50% ≤ अंक 60% द्वितीय श्रेणी (सेकेंड डिवीजन)

<50%

सकल अंको में अनुत्तीर्ण

संपूर्ण तीन वर्षो के लिए अभ्यर्थी के एकीकृत प्रदर्शन पर आधारित केवल छठवें एवं अंतिम सेमेस्टर परीक्षा के पश्चात् डिवीजन अवार्ड किया जायेगा ।

विद्यार्थी शिकायत समिति :

11.0

विश्वविद्यालय के पाठ्यक्रम समन्वयक एवं निदेशक के विशिष्ट अनुशंसा के साथ प्रश्न पत्र समन्वयन के संबंध में परीक्षा पूर्ण होने के पश्चात् सात दिवस के भीतर विद्यार्थियों से कोई लिखित अभ्यावेदन / शिकायत प्राप्त होने की दशा में, कुलपति द्वारा गठित विद्यार्थी शिकायत समिति द्वारा विचार किया जावेगा ।

12.0 जांच एवं पुनर्मुल्यांकन :

विद्यार्थी , शैक्षणिक परिषद द्वारा समय- समय पर नियत किये गए शुल्क का भुगतान करने पर सेमेस्टरांत परीक्षा में प्राप्त अंको की जांच हेतु परीक्षा नियंत्रक को आवेदन कर सकेगा । वह शैक्षणिक परिषद द्वारा समय - समय पर नियत किये गये शुल्क का भुगतान करने पर अपने उत्तर पुस्तिका के पुर्नमुल्यांकन के लिए भी आवेदन कर सकेगा ।

13.0 डिग्री का अवार्ड :

626 ( 38)

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किसी विद्यार्थी को डिग्री अवार्ड किया जायेगा यदि-

(क) अध्ययन के पाठ्यक्रम के साथ वह स्वयं को पंजीकृत करता है / करती है, निर्धारित समय के भीतर उसके / उसकी कार्यक्रम की पाठ्यचर्चा में विनिर्दिष्ट प्रोजेक्ट रिपोर्ट / शोधप्रबंध को पूर्ण करता है और संबंधित डिग्री के अवार्ड हेतु विहित न्यूनतम क्रेडिट अर्जित करता है ।

(ख) विश्वविद्यालय के संस्था में उसका / उसकी नाम से कोई बकाया देय राशि नहीं है ।

(ग ) उसका/ उसकी विरूद्ध कोई अनुशासनात्मक कार्यवाही लंबित नहीं है ।

14.0 अधिनियम, परिनियम एवं अध्यादेशों के प्रावधानों के अध्यधीन होते हुए , ऐसे प्रशासकीय मुद्दों जैसे परीक्षा में नियम विरूद्ध संचालन, अन्य कदाचार, परीक्षा प्रपत्र के जमा करने की तिथि, डुप्लीकेट डिग्री का जारी किया जाना, परीक्षकों, अधीक्षकों, पर्यवक्षकों को निर्देश , उनके परिश्रमिक एवं परीक्षा संचालन के साथ जुड़े कोई अन्य मामले को शैक्षणिक परिषद द्वारा इस प्रयोजन हेतु अनुमोदित दिशा निर्देशों के अनुसार निराकृत किया जायेगा ।

15.0 इस अध्यादेश में निर्दिष्ट किसी बात के होते हुए भी, या निर्वचन में भिन्नता होने की स्थिति में, किसी या सभी विभागों के प्रमुख से गठित समिति के मत / सलाह, यदि आवश्यक हो , प्राप्त होने के पश्चात् कुलपति निर्णय ले सकेगा । कुलपति का निर्णय अंतिम होगा । 626( 39 )

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डॉ. सी. वी . रामन् विश्वविद्यालय अध्यादेश क्रमांक 116 वाणिज्य में स्नातक (बी.कॉम . ) ऑनर्स

यह अध्यादेश , वाणिज्य में स्नातक अग्रसरित कार्यक्रम के लिए लागू होगा ।

1.0 सामान्य:

यह त्रिवर्षीय (छःसेमेस्टर) डिग्री पाठ्यक्रम है । प्रत्येक सेमेस्टर लगभग छः माह की अवधि का होगा जिसमें (अवकाश, उपक्रमात्मक अवकाश , परीक्षा , औद्योगिक प्रशिक्षण आदि) सम्मिलित है ।

2.0 प्रवेश:

विश्वविद्यालय केवल ऐसे पाठ्यक्रम में प्रवेश की अनुमति एवं बी. कॉम. (ऑनर्स) की डिग्री प्रदान करेगा जो विश्वविद्यालय के शैक्षणिक परिषद द्वारा सम्यक रूप से अनुमोदित हो । बी कॉम प्रथम सेमेस्टर में प्रवेश विश्वविद्यालय के विद्या परिषद द्वारा विहित नियमों के अनुसार दिया जायेगा ।

3.0 प्रवेश हेतु पात्रता :

वाणिज्य संकाय में सामान्य हेतु 45 प्रतिशत (एस.सी. / एस.टी. / ओ.बी.सी. हेतु 40 प्रतिशत) अंकों के साथ 10 + 2 परीक्षा उत्तीर्ण ।

4.0 कार्यक्रम विषय वस्तु एवं अवधि:

(क) स्नातक (ऑनर्स) डिग्री कार्यक्रम में शिक्षण एवं परीक्षा योजना तथा संबंधित कार्यक्रम के पाठ्यक्रम में यथा विनिर्दिष्ट पाठ्यक्रम एवं / या अन्य विषयवस्तु की संख्या समाविष्ट होंगे , जैसा कि विद्या परिषद द्वारा अनुमोदित हो ।

(ख) कार्यक्रम को पूरा करने के लिए अपेक्षित न्यूनतम अवधि में शिक्षण एवं परीक्षा योजना एवं संबधित कार्यक्रम के लिए पाठ्यक्रम में यथा विनिर्दिष्ट कार्यक्रम अवधि होंगे ।

(ग) कार्यक्रम , जिसके लिए विहित कार्यक्रम अवधि एन सेमेस्टर है, को पूरा करने के लिए अधिकतम अनुज्ञेय अवधि (एन+4) सेमेस्टर होगी । समस्त कार्यक्रम को 626(40)

छत्तीसगढ़ राजपत्र, दिनांक 6 जुलाई 2020

(एन+4) सेमेस्टर में पूर्ण करना आवश्यक होगा । अत्यधिक विशेष परिस्थितियों के अधीन कुलपति के अनुमोदन के साथ सकल कालावधि की अवधि में 2 सेमेस्टर और बढाया जा सकेगा ।

(घ) तीन वर्षीय पाठ्यक्रम 6 सेमेस्टर में विभक्त होगा और व्याख्यान, ट्यूटोरिल , सेमिनार एवं प्रोजेक्ट आदि सम्मिलित होंगे , जैसा की समय - समय पर विश्वविद्यालय द्वारा परिभाषित हो ।

5.0 सेमेस्टर अवधि:

(क) शैक्षणिक वर्ष दो सेमेस्टर में होंगे , प्रत्येक सेमेस्टर 20 सप्ताह की होगी । उसे शीतकालीन सेमेस्टर के पश्चात् 3 से 5 सप्ताह एवं ग्रीष्मकालीन सेमेस्टर के पश्चात् 6 से 10 सप्ताह का अंतराल दिया जायेगा ।

(ख ) सेमेस्टर का शैक्षणिक अंतराल नीचे दिये अनुसार होगा-

सैद्धांतिक एवं प्रायोगिक कक्षाएं (कला परीक्षा सम्मिलित) 16-18 सप्ताह । सेमेस्टरांत परीक्षा 2-4 सप्ताह की प्रायोगिक सहित ।

6.0 प्रयोज्य शुल्क:

(क) समस्त ऐसे शुल्क, जिसमें पाठ्यक्रम एवं परीक्षा शुल्क सम्मिलित है , जैसा कि समय- समय पर विश्वविद्यालय सुनिश्चित करें, प्रत्येक सेमेस्टर के प्रारंभ में विद्यार्थियों द्वारा भुगतान किया जायेगा, ।

(ख) एक बार जमा किया गया शुल्क, अवधान राशि को छोड़कर किसी भी स्थिति में वापसी योग्य नहीं होगी ।

(ग) समस्त विद्यार्थियों को कक्षायें प्रारंभ होने के पूर्व विहित शुल्क का भुगतान करना आवश्यक होगा । वास्तवितक कठिनाई की कतिपय दशाओं में , कुलपति अपने विशेषाधिकार से शुल्क भुगतान की अंतिम तिथि में विस्तार कर सकेंगे । (घ) किसी भी विद्यार्थियों को सेमेस्टरांत परीक्षा में तब तक उपस्थित होने की अनुमति नहीं दी जायेगी जब तक वह विश्वविद्यालय के समस्त देयकों का भुगतान न कर दें । 626(41)

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7.0 उपस्थिति : समस्त विद्यार्थियों से प्रत्येक विषय (व्याख्यान , ट्युटोरियल एवं प्रायोगिक) में सामान्य तौर पर 100 प्रतिशत उपस्थिति की अपेक्षा होगी । वास्तविक कारणों के लिए 25 प्रतिशत तक उपस्थिति माफ की जा सकती है । तथापि किसी भी परिस्थिति में, विद्यार्थी को विषय में 75 प्रतिशत से कम उपस्थिति के साथ विषय के सेमेस्टरांत परीक्षा में उपस्थित होने की अनुमति नही होगी । परंतु यह कि किसी पाठ्यक्रम के प्रथम सेमेस्टर में अंतिम तिथि के बाद प्रवेश लिए विद्यार्थीयों को, उनके प्रवेश की तिथि से कम से कम 75 प्रतिशत उपस्थिति (चिकित्सा एवं अन्य कारणों सहित) रखना होगा । यदि विद्यार्थी जिसे संस्थान द्वारा वास्तव में निरूद्ध किया गया है, व्यतिक्रम द्वारा परीक्षा में उपस्थित होता है तो उसका परिणाम बातिल और शून्य माना जायेगा । ।

8.0 मूल्यांकन :

सेमेस्टर में विद्यार्थी का प्रदर्शन सतत कक्षा मूल्यांकन एवं सेमेस्टरांत परीक्षा के माध्यम से मूल्यांकित किया जायेगा ।

(क) मूल्यांकन के विविध घटकों के लिए वितरण को अधिभार दिया जायेगा जैसा कि शिक्षण एवं परीक्षा योजना में परिभाषित है ।

(ख ) सेमेस्टरांत सैद्धांतिक पेपर, प्रायोगिक परीक्षा (यदि लागू हो) एवं सत्रीय कार्य में आबंटित अंको को मिलाकर विषय में अंक प्राप्त होंगे ।

(ग ) प्रत्येक विषय (सैद्धांतिक एवं सत्रीय कार्य ) में न्यूनतम उत्तीर्ण अंक शिक्षण एवं परीक्षा योजना में विहित होगा ।

(घ) अभ्यर्थी को उत्तीर्ण होने के क्रम में विशेष सेमेस्टर में कुल मिलाकर 50 प्रतिशत अंक अर्जित करना होगा ।

9.0 प्रोन्नति:

खण्ड 9 के अधीन समस्त अपेक्षाओं की पूर्ति करने पर अभ्यर्थी को अध्ययन के अगले शैक्षणिक वर्ष में प्रोन्नत किया जायेगा ।

(क) अभ्यर्थी अध्ययन के अगले शैक्षणिक वर्ष में अनंतिम प्रोन्नति हेतु पात्र होगा यदि वह वर्ष में (दो सेमेस्टर के अंत में ) 6 विषयों (सैद्धांतिक एवं प्रायोगिक को सम्मिलित करते हुए ) से अधिक में अनुत्तीर्ण न हों । 626( 42)

छत्तीसगढ़ राजपत्र, दिनांक 6 जुलाई 2020

(ख) अभ्यर्थी जो समस्त विषयों में प्राप्त अंक को मिलाकर अनुत्तीर्ण है, अग्रनयन (कैरीओव्हर) के साथ अंनतिम प्रोन्नति हेतु पात्र होगा वह उस विशेष शैक्षणिक सेमेस्टर के अधिकतम कोई दो सैद्धांतिक पेपर तक विकल्प ले सकेगा तथा सेमेस्टरांत परीक्षा में उपस्थित तथा सकल अंकों की कमी की पूर्ति कर सकेगा । 10.0 श्रेणी या डिवीजन का अवार्डः

बी.कॉम . (ऑनर्स) डिग्री विद्यार्थी को क्लास / डिवीजन अवार्ड करने का विनिश्चय विद्यार्थियों के अंको के प्रतिशत द्वारा नीचे दिये गये सारणी के अनुसार किया जावेगा :

75% ≤ अंक ≤ 100% प्रथम श्रेणी (प्रावीण्य)

60% ≤ अंक < 75 % प्रथम श्रेणी (फस्ट डिवीजन)

50% ≤ अंक 60% द्वितीय श्रेणी (सेकेंड डिवीजन)

< 50%

सकल अंको में अनुत्तीर्ण

संपूर्ण तीन वर्षो के लिए अभ्यर्थी के एकीकृत प्रदर्शन पर आधारित केवल छठवें एवं अंतिम सेमेस्टर परीक्षा के पश्चात् डिवीजन अवार्ड किया जायेगा ।

11.0 विद्यार्थी शिकायत समिति :

विश्वविद्यालय के पाठ्यक्रम समन्वयक एवं निदेशक के विशिष्ट अनुशंसा के साथ प्रश्न पत्र समन्वयन के संबंध में परीक्षा पूर्ण होने के पश्चात् सात दिवस के भीतर विद्यार्थियों से कोई लिखित अभ्यावेदन / शिकायत प्राप्त होने की दशा में, कुलपति द्वारा गठित विद्यार्थी शिकायत समिति द्वारा विचार किया जावेगा ।.

12.0 जांच एवं पुनर्मुल्यांकन:

विद्यार्थी , शैक्षणिक परिषद द्वारा समय- समय पर नियत किये गए शुल्क का भुगतान करने पर सेमेस्टरांत परीक्षा में प्राप्त अंको की जांच हेतु परीक्षा नियंत्रक को आवेदन कर सकेगा । वह शैक्षणिक परिषद द्वारा समय - समय पर नियत किये गये शुल्क का भुगतान करने पर अपने उत्तर पुस्तिका के पुनर्मुल्यांकन के लिए भी आवेदन कर सकेगा ।

13.0 डिग्री का अवार्ड :

626(43)

छत्तीसगढ़ राजपत्र, दिनांक 6 जुलाई 2020

किसी विद्यार्थी को डिग्री अवार्ड किया जायेगा यदि-

(क) अध्ययन के पाठ्यक्रम के साथ वह स्वयं को पंजीकृत करता है / करती है, निर्धारित समय के भीतर उसके / उसकी कार्यक्रम की पाठ्यचर्चा में विनिर्दिष्ट प्रोजेक्ट रिपोर्ट / शोधप्रबंध को पूर्ण करता है और संबंधित डिग्री के अवार्ड हेतु विहित न्यूनतम क्रेडिट अर्जित करता है ।

(ख ) विश्वविद्यालय के संस्था में उसका / उसकी नाम से कोई बकाया देय राशि नहीं है ।

(ग) उसका/ उसकी विरूद्ध कोई अनुशासनात्मक कार्यवाही लंबित नहीं है ।

14.0 अधिनियम , परिनियम एवं अध्यादेशों के प्रावधानों के अध्यधीन होते हुए , ऐसे प्रशासकीय मुद्दों जैसे परीक्षा में नियम विरूद्ध संचालन, अन्य कदाचार, परीक्षा प्रपत्र के जमा करने की तिथि, डुप्लीकेट डिग्री का जारी किया जाना, परीक्षकों, अधीक्षकों, पर्यवक्षकों को निर्देश , उनके परिश्रमिक एवं परीक्षा संचालन के साथ जुड़े कोई अन्य मामले को शैक्षणिक परिषद द्वारा इस प्रयोजन हेतु अनुमोदित दिशा निर्देशों के अनुसार निराकृत किया जायेगा ।

15.0 इस अध्यादेश में निर्दिष्ट किसी बात के होते हुए भी, या निर्वचन में भिन्नता होने की स्थिति में, किसी या सभी विभागों के प्रमुख से गठित समिति के मत / सलाह, यदि आवश्यक हो , प्राप्त होने के पश्चात् कुलपति निर्णय ले सकेगा । कुलपति का निर्णय अंतिम होगा । 626 (44)

छत्तीसगढ़ राजपत्र , दिनांक 6 जुलाई 2020

डॉ. सी. वी. रामन् विश्वविद्यालय अध्यादेश क्रमांक 117 कला में स्नातक (बी.ए. ) ऑनर्स

यह अध्यादेश , कला में स्नातक अग्रसरित कार्यक्रम के लिए लागू होगा ।

1.0 सामान्य:

यह त्रिवर्षीय (छःसेमेस्टर) डिग्री पाठ्यक्रम है । प्रत्येक सेमेस्टर लगभग छः माह की अवधि का होगा जिसमें (अवकाश, उपक्रमात्मक अवकाश, परीक्षा , औद्योगिक प्रशिक्षण आदि) सम्मिलित है ।

2.0 प्रवेश:

विश्वविद्यालय केवल ऐसे पाठ्यक्रम में प्रवेश की अनुमति एवं बी.ए. (ऑनर्स) की डिग्री प्रदान करेगा जो विश्वविद्यालय के शैक्षणिक परिषद द्वारा सम्यक रूप से अनुमोदित हो । बीए प्रथम सेमेस्टर में प्रवेश विश्वविद्यालय के विद्या परिषद द्वारा विहित नियमों के अनुसार दिया जायेगा ।

3.0 प्रवेश हेतु पात्रता:

कला संकाय में सामान्य हेतु 45 प्रतिशत (एस.सी. /एस.टी./ ओ.बी.सी. हेतु 40 प्रतिशत) अंकों के साथ 10+ 2 परीक्षा उत्तीर्ण ।

4.0 कार्यक्रम विषय वस्तु एवं अवधि:

(क) स्नातक (ऑनर्स) डिग्री कार्यक्रम में शिक्षण एवं परीक्षा योजना तथा संबंधित कार्यक्रम के पाठ्यक्रम में यथा विनिर्दिष्ट पाठ्यक्रम एवं / या अन्य विषयवस्तु की संख्या समाविष्ट होंगे , जैसा कि विद्या परिषद द्वारा अनुमोदित हो ।

(ख) कार्यक्रम को पूरा करने के लिए अपेक्षित न्यूनतम अवधि में शिक्षण एवं परीक्षा योजना एवं संबधित कार्यक्रम के लिए पाठ्यक्रम में यथा विनिर्दिष्ट कार्यक्रम अवधि होंगे ।

(ग) कार्यक्रम , जिसके लिए विहित कार्यक्रम अवधि एन सेमेस्टर है , को पूरा करने के लिए अधिकतम अनुज्ञेय अवधि (एन+4) सेमेस्टर होगी । समस्त कार्यक्रम को 626(45)

छत्तीसगढ़ राजपत्र , दिनांक 6 जुलाई 2020

(एन +4) सेमेस्टर में पूर्ण करना आवश्यक होगा । अत्यधिक विशेष परिस्थितियों के अधीन कुलपति के अनुमोदन के साथ सकल कालावधि की अवधि में 2 सेमेस्टर और बढाया जा सकेगा ।

(घ) तीन वर्षीय पाठ्यक्रम 6 सेमेस्टर में विभक्त होगा और व्याख्यान , ट्यूटोरिल, सेमिनार एवं प्रोजेक्ट आदि सम्मिलित होंगे , जैसा की समय - समय पर विश्वविद्यालय द्वारा परिभाषित हो ।

5.0 सेमेस्टर अवधि:

(क) शैक्षणिक वर्ष दो सेमेस्टर में होंगे , प्रत्येक सेमेस्टर 20 सप्ताह की होगी । उसे शीतकालीन सेमेस्टर के पश्चात् 3 से 5 सप्ताह एवं ग्रीष्मकालीन सेमेस्टर के पश्चात् 6 से 10 सप्ताह का अंतराल दिया जायेगा ।

(ख ) सेमेस्टर का शैक्षणिक अंतराल नीचे दिये अनुसार होगा-

सैद्धांतिक एवं प्रायोगिक कक्षाएं (कला परीक्षा सम्मिलित) 16-18 सप्ताह । सेमेस्टरांत परीक्षा 2-4 सप्ताह की प्रायोगिक सहित ।

6.0 प्रयोज्य शुल्क :

(क) समस्त ऐसे शुल्क, जिसमें पाठ्यक्रम एवं परीक्षा शुल्क सम्मिलित है , जैसा कि समय - समय पर विश्वविद्यालय सुनिश्चित करें , प्रत्येक सेमेस्टर के प्रारंभ में विद्यार्थियों द्वारा भुगतान किया जायेगा, ।

(ख ) एक बार जमा किया गया शुल्क, अवधान राशि को छोड़कर किसी भी स्थिति में वापसी योग्य नहीं होगी ।

(ग) समस्त विद्यार्थियों को कक्षायें प्रारंभ होने के पूर्व विहित शुल्क का भुगतान करना आवश्यक होगा । वास्तवितक कठिनाई की कतिपय दशाओं में, कुलपति अपने विशेषाधिकार से शुल्क भुगतान की अंतिम तिथि में विस्तार कर सकेंगे ।

(घ) किसी भी विद्यार्थियों को सेमेस्टरांत परीक्षा में तब तक उपस्थित होने की अनुमति नहीं दी जायेगी जब तक वह विश्वविद्यालय के समस्त देयकों का भुगतान न कर दें । 626 ( 46)

छत्तीसगढ़ राजपत्र, दिनांक 6 जुलाई 2020

7.0 उपस्थिति : समस्त विद्यार्थियों से प्रत्येक विषय (व्याख्यान, ट्युटोरियल एवं प्रायोगिक) में सामान्य तौर पर 100 प्रतिशत उपस्थिति की अपेक्षा होगी । वास्तविक कारणों के लिए 25 प्रतिशत तक उपस्थिति माफ की जा सकती है । तथापि किसी भी परिस्थिति में , विद्यार्थी को विषय में 75 प्रतिशत से कम उपस्थिति के साथ विषय के सेमेस्टरांत परीक्षा में उपस्थित होने की अनुमति नही होगी । परंतु यह कि किसी पाठ्यक्रम के प्रथम सेमेस्टर में अंतिम तिथि के बाद प्रवेश लिए विद्यार्थीयों को, उनके प्रवेश की तिथि से कम से कम 75 प्रतिशत उपस्थिति ( चिकित्सा एवं अन्य कारणों सहित) रखना होगा । यदि विद्यार्थी जिसे संस्थान द्वारा वास्तव में निरूद्ध किया गया है, व्यतिकम द्वारा परीक्षा में उपस्थित होता है तो उसका परिणाम बातिल और शून्य माना जायेगा । ।

8.0 मूल्यांकन :

सेमेस्टर में विद्यार्थी का प्रदर्शन सतत कक्षा मूल्यांकन एवं सेमेस्टरांत परीक्षा के माध्यम से मूल्यांकित किया जायेगा ।

(क) मूल्यांकन के विविध घटकों के लिए वितरण को अधिभार दिया जायेगा जैसा कि शिक्षण एवं परीक्षा योजना में परिभाषित है ।

(ख ) सेमेस्टरांत सैद्धांतिक पेपर, प्रायोगिक परीक्षा (यदि लागू हो) एवं सत्रीय कार्य में आबंटित अंको को मिलाकर विषय में अंक प्राप्त होंगे ।

(ग) प्रत्येक विषय (सैद्धांतिक एवं सत्रीय कार्य ) में न्यूनतम उत्तीर्ण अंक शिक्षण एवं परीक्षा योजना में विहित होगा ।

(घ) अभ्यर्थी को उत्तीर्ण होने के क्रम में विशेष सेमेस्टर में कुल मिलाकर 50 प्रतिशत अंक अर्जित करना होगा ।

प्रोन्नति:

9.0

खण्ड 9 के अधीन समस्त अपेक्षाओं की पूर्ति करने पर अभ्यर्थी को अध्ययन के अगले शैक्षणिक वर्ष में प्रोन्नत किया जायेगा ।

(क) अभ्यर्थी अध्ययन के अगले शैक्षणिक वर्ष में अनंतिम प्रोन्नति हेतु पात्र होगा यदि वह वर्ष में (दो सेमेस्टर के अंत में) 6 विषयों (सैद्धांतिक एवं प्रायोगिक को सम्मिलित करते हुए ) से अधिक में अनुत्तीर्ण न हों । 626(47)

छत्तीसगढ़ राजपत्र, दिनांक 6 जुलाई 2020

(ख ) अभ्यर्थी जो समस्त विषयों में प्राप्त अंक को मिलाकर अनुत्तीर्ण है, कैरीओव्हर के साथ अंनतिम प्रोन्नति हेतु पात्र होगा वह उस विशेष शैक्षणिक सेमेस्टर के अधिकतम कोई दो सैद्धांतिक पेपर तक विकल्प ले सकेगा तथा सेमेस्टरांत परीक्षा में उपस्थित तथा सकल अंकों की कमी की पूर्ति कर सकेगा ।

श्रेणी या डिवीजन का अवार्डः

10.0

बी.ए. (ऑनर्स) डिग्री विद्यार्थी को क्लास / डिवीजन अवार्ड करने का विनिश्चय विद्यार्थियों के अंको के प्रतिशत द्वारा नीचे दिये गये सारणी के अनुसार किया जावेगा:

75% ≤ अंक ≤ 100% प्रथम श्रेणी (प्रावीण्य)

60 % ≤ अंक < 75% प्रथम श्रेणी (फस्ट डिवीजन)

50% ≤ अंक 60% द्वितीय श्रेणी (सेकेंड डिवीजन)

< 50%

सकल अंको में अनुत्तीर्ण

संपूर्ण तीन वर्षो के लिए अभ्यर्थी के एकीकृत प्रदर्शन पर आधारित केवल छठवें एवं अंतिम सेमेस्टर परीक्षा के पश्चात् डिवीजन अवार्ड किया जायेगा ।

विद्यार्थी शिकायत समिति:

11.0

विश्वविद्यालय के पाठ्यक्रम समन्वयक एवं निदेशक के विशिष्ट अनुशंसा के साथ प्रश्न पत्र समन्वयन के संबंध में परीक्षा पूर्ण होने के पश्चात् सात दिवस के भीतर विद्यार्थियों से कोई लिखित अभ्यावेदन / शिकायत प्राप्त होने की दशा में, कुलपति द्वारा गठित विद्यार्थी शिकायत समिति द्वारा विचार किया जावेगा ।

12.0 जांच एवं पुनर्मुल्यांकन:

विद्यार्थी , शैक्षणिक परिषद द्वारा समय - समय पर नियत किये गए शुल्क का भुगतान करने पर सेमेस्टरांत परीक्षा में प्राप्त अंको की जांच हेतु परीक्षा नियंत्रक को आवेदन कर सकेगा । वह शैक्षणिक परिषद द्वारा समय - समय पर नियत किये गये शुल्क का भुगतान करने पर अपने उत्तर पुस्तिका के पुनर्मुल्यांकन के लिए भी आवेदन कर सकेगा ।

13.0 डिग्री का अवार्ड :

626( 48)

छत्तीसगढ़ राजपत्र , दिनांक 6 जुलाई 2020

किसी विद्यार्थी को डिग्री अवार्ड किया जायेगा यदि-

(क) अध्ययन के पाठ्यक्रम के साथ वह स्वयं को पंजीकृत करता है / करती है , निर्धारित समय के भीतर उसके / उसकी कार्यक्रम की पाठ्यचर्चा में विनिर्दिष्ट प्रोजेक्ट रिपोर्ट / शोधप्रबंध को पूर्ण करता है और संबंधित डिग्री के अवार्ड हेतु विहित न्यूनतम क्रेडिट अर्जित करता है ।

(ख) विश्वविद्यालय के संस्था में उसका/ उसकी नाम से कोई बकाया देय राशि नहीं है ।

(ग) उसका/ उसकी विरूद्ध कोई अनुशासनात्मक कार्यवाही लंबित नहीं है ।

14.0 अधिनियम , परिनियम एवं अध्यादेशों के प्रावधानों के अध्यधीन होते हुए , ऐसे प्रशासकीय मुद्दों जैसे परीक्षा में नियम विरूद्ध संचालन, अन्य कदाचार, परीक्षा प्रपत्र के जमा करने की तिथि, डुप्लीकेट डिग्री का जारी किया जाना, परीक्षकों, अधीक्षकों, पर्यवक्षकों को निर्देश , उनके परिश्रमिक एवं परीक्षा संचालन के साथ जुड़े कोई अन्य मामले को शैक्षणिक परिषद द्वारा इस प्रयोजन हेतु अनुमोदित दिशा निर्देशों के अनुसार निराकृत किया जायेगा ।

15.0 इस अध्यादेश में निर्दिष्ट किसी बात के होते हुए भी, या निर्वचन में भिन्नता होने की स्थिति में , किसी या सभी विभागों के प्रमुख से गठित समिति के मत / सलाह, यदि आवश्यक हो , प्राप्त होने के पश्चात् कुलपति निर्णय ले सकेगा । कुलपति का निर्णय अंतिम होगा । 626( 49)

छत्तीसगढ़ राजपत्र, दिनांक 6 जुलाई 2020

डॉ. सी. वी . रमन विश्वविद्यालय

अध्यादेश क्रमांक 119

राष्ट्रीय कौशल अर्हता फ्रेम वर्क (एनएसक्यूएफ) के अंतर्गत व्यावसायिक शिक्षा पाठ्यक्रम (पाठयक्रमों) तथा कौशल ज्ञान प्रदाता (एसकेपी) डा. सी.वी.रमन विश्वविद्यालय , कोटा बिलासपुर (छ.ग.) , तृतीय से सप्तम तक व्यावसायिक प्रमाणपत्र स्तर, व्यावसायिक शिक्षा कार्यक्रम के विशिष्ट विशेषज्ञता क्षेत्र पर आधारित संकाय पर डिप्लोमा (व्यावसायिक) , एडवांस डिप्लोमा (व्यावसायिक) या व्यावसायिक डिग्री प्रदान करता है ।

1. व्यावसायिक शिक्षा कार्यक्रमः

1.1 विशिष्ट विशेषज्ञता क्षेत्र पर आधारित संकाय पर प्रमाणपत्र स्तर, डिप्लोमा, एडवांस डिप्लोमा या व्यावसायिक डिग्री आधारित होगी ।

1.2 प्रत्येक प्रमाणपत्र स्तर में प्रतिवर्ष 1000 घंटे शिक्षण एवं प्रशिक्षण देना अपेक्षित है डिग्री या डिप्लोमा या एडवांस डिप्लोमा अग्रसरित व्यावसायिक संकाय हेतु, इसके घंटे में दो घटक होंगे - व्यावसायिक (कौशल) एवं व्यावसायिक । व्यावसायिक घटक को प्रमाणपत्र संवर्धन स्तर के रूप में संवर्धित किया जायेगा । 1.3 प्रमाणपत्र स्तर पर कौशल माड्यूलर या व्यावसायिक विषय सूची, विहित घंटों के एकल कौशल या कौशल समूह हो सकेंगे ।

2. प्रवेशः

2.1 सामान्य संकाय से व्यावसायिक संकाय में प्रवेश करने वाले विद्यार्थी, कतिपय स्तर पर प्रवेश कर सकता है परंतु उस स्तर में अपेक्षित कौशल, पंजीकृत एसकेपी से अर्जित होने चाहिए ।

2.2 विद्यार्थी जिसने कार्य अनुभव के द्वारा कौशल अर्जित किया है , समुचित स्तर में व्यवसायिक संकाय में भी प्रवेश कर सकता है परन्तु वह पंजीकृत एसकेपी से अर्जित कौशल हेतु निर्धारित होने चाहिए । 626 (50 )

छत्तीसगढ राजपत्र , दिनांक 6 जुलाई 2020

2.3 विद्यार्थी, विशिष्ट औद्योगिक क्षेत्र में एनएसक्यूएफ प्रमाण पत्र स्तर पूर्व में ही अर्जित किया हो तथा कार्य स्वरूप जिसके लिये वह पूर्व में प्रमाणित था के साथ उसी ट्रेड में बी.वोक. डिग्री पाठ्यक्रम में प्रवेश का चुनाव किया हो । 2.4 विद्यार्थी , स्नातक स्तर में जाने हेतु व्यवसायिक संकाय या परंपरागत संकाय का चुनाव करने हेतु स्वतन्त्र होगा । इसके अतिरिक्त, अभ्यर्थी को विभिन्न प्रक्रम में वर्तमान औपचारिक उच्च शिक्षा संकाय या विपरीत (वाईस वरसा) हेतु व्यसायिक संकाय से हटने हेतु स्वतन्त्र होगा ।

2.5 अर्हता संरचना कार्य निम्नानुसार दर्शित है : -

2.5.1 राष्टीय कौशल अर्हता संरचना कार्य ( एनएसक्यूएफ) अवधि एवं प्रवेश स्तरीय अर्हताएँ

समकक्ष सामान्य अर्हता

प्रमाणित निकाय

व्यवसायिक अर्हता

प्रमाण पत्र स्तर

स. क.

1

3 हायर सेकेण्डरी स्कूल ग्रेड ग्यारह

डिप्लोमा

विश्वविद्यालय 2

4

(व्यावसायिक)

हायर सेकेण्डरी स्कूल ग्रेड बारह

5

3

प्रथम वर्ष स्नातक

6

4

द्वितीय वर्ष स्नातक

विश्वविद्यालय

एडवांस डिप्लोमा (व्यावसायिक)

7

5

विश्वविद्यालय

तृतीय वर्ष स्नातक

डिग्री (व्यावसायिक)

2.6 उपरोक्त किसी बात के होते हुए भी , व्यवसायिक पाठ्यक्रम में प्रवेश , डॉ सी.व्ही . रमन विश्वविद्यालय कोटा बिलासपुर छ.ग. द्वारा बनाये गये नियमों से शासित होंगे ।

परीक्षा:

3

3.1 प्रत्येक सेमेस्टर के अंत में विश्वविद्यालयीन परीक्षा होगी । 626( 51)

छत्तीसगढ़ राजपत्र, दिनांक 6 जुलाई 2020

3.2 व्यवसायिक पाठ्यक्रम के शैक्षिणिक भाग हेतु कक्षा परीक्षा ( सीटी) , अध्यापक का निर्धारण (टीए ) तथा सेमेस्टरान्त परीक्षा (ईएसई) एवं सेमेस्टरान्त प्रायोगिक परीक्षा (ईपीई) होगी ।

3.3 व्यवसायिक पाठ्यक्रम के कौशल भाग हेतु अध्यापक का निर्धारण (टीए) तथा सेमेस्टरान्त प्रायोगिक परीक्षा (ईपीई) होगी ।

3.4 शैक्षिक भाग के प्रत्येक घटक हेतु तथा कौशल भाग के प्रत्येक घटक हेतु प्रतिशत में न्यूनतम उत्तीर्ण अंक निम्नानुसार होंगे ।

(एक) संस्थान में शैक्षिक भाग

परीक्षा का नाम

प्रतिशत में न्यूनतम उत्तीर्ण अंक

निरंक

कक्षा परीक्षा (सीटी)

60 प्रतिशत

अध्यापक का निर्धारण (टीए )

35 प्रतिशत

सेमेस्टरान्त परीक्षा (ईएसई)

35प्रतिशत

सभी घटक (साथ - साथ)

(दो) संस्थान में एसकेपी में कौशल भाग एवं शैक्षिक भाग के प्रायोगिक विषय

परीक्षा का नाम

प्रतिशत में न्यूनतम उत्तीर्ण अंक

60 प्रतिशत

अध्यापक का निर्धारण (टीए)

50प्रतिशत

स्तरान्त प्रायोगिक परीक्षा (ईपीई)

50 प्रतिशत

सभी घटक ( साथ- साथ )

3.5 कौशल भाग में स्तरान्त प्रायोगिक परीक्षा के मूलयांकन हेतु, एक बाह्य परीक्षक, सदैव एसकेपी (कौशल ज्ञान प्रदाता) के बाहर से होगा तथा एक आंतरिक परीक्षक एसकेपी से होगा । इसी तरह शैक्षिक भाग में विषयों के प्रायोगिक परीक्षा के संचालन हेतु, एक आंतरिक परीक्षक संस्था से तथा एक बाह्य परीक्षक संस्था के बाहर से नियुक्त किया जायेगा । - 626 ( 52)

छत्तीसगढ़ राजपत्र, दिनांक 6 जुलाई 2020

3.6 व्यवसायिक पाठ्यक्रम के शैक्षिक भाग के प्रत्येक विषय में कम से कम दो कक्षा परीक्षा होगा । शैक्षिक भाग के सैद्धांतिक और / या प्रायोगिक के प्रत्येक विषय में शिक्षक मूल्यांकन , सौंपे गये गृह कार्य , क्वीज, गृह टेस्ट लेकर तथा मौखिकी आदि पर आधारित होगा । यतः व्यवसायिक कौशल परीक्षा, वास्तविक जॉब कार्य एवं कौशल प्रदर्शन पर किया जायेगा ।

4. क्रेडिट संगणना का आधार

4.1 क्रेडिट घंटों में समय के रूपान्तरण के लिये निम्नलिखित फार्मूला उपयोग किया जाता है

4.1.1 एक क्रेडिट से अभिप्राय होगा प्रत्येक 60 मिनट का अर्थात् सैद्धांतिक , कार्यशाला / प्रयोगशाला एवं अनुशिक्षण का 15 समतुल्य पीरिएड;

4.1.2 समतुल्य घंटों के लिये क्रेडिट अधिभार इंटर्नशीप / क्षेत्रीय कार्य हेतु, व्याख्यान / कार्यशाला के लिये उसका 50 प्रतिशत होगा; (7.5 घंटे-1 क्रेडिट)

4.1.3 ई - सामग्री आधारित स्व - शिक्षण हेतु या अन्यथा, अध्ययन के समतुल्य घंटों के लिये क्रेडिट अधिभार आयु, व्याख्यान / कार्यशाला के लिये उसका 50 प्रतिशत होगा; (7.5 घंटे 1 क्रेडिट)

4.2 प्रत्येक वर्ष के लिये सुझाये गये क्रेडिट निम्नानुसार होगें

स्तर प्रवेश अर्हता

सामान्य शिक्षा क्रेडिट

कौशल घटक क्रेडिट

36

24

ग्यारह

तृतीय

36

24

बारह

चतुर्थ

पंचम

36

24

1 वर्ष

षष्टम 2 वर्ष 36

24 निकास बिन्दु/ अवार्ड

प्रमाणित निकाय सामान्य कैलेण्डर अवधि

एक वर्ष

एक वर्ष

एक वर्ष

सीव्हीआरयू डिप्लोमा (व्यवसायिक)

एक वर्ष एडवांस सीव्हीआरयू 626( 53)

छत्तीसगढ़ राजपत्र, दिनांक 6 जुलाई 2020

डिप्लोमा (व्यवसायिक)

36

24

सप्तम 3 वर्ष

एक वर्ष बी.वोक. डिग्री सीव्हीआरयू 4.3 प्रवेश हेतु पात्रताः

विश्वविद्यालय स्तर में व्यवसायिक कार्यक्रम में प्रवेश के लिये पात्रता शर्ते, निम्नानुसार होगाः-

4.3.1 अभ्यर्थी, जिसके व्यवसायिक / शैक्षिक संकाय में हायर सेकेण्डरी उत्तीर्ण किया हो ।

4.3.2 अभ्यर्थी, जिसने मुक्त एवं दूरस्थ शिक्षण (ओडीएल) के माध्यम से उदाहरण के लिये राष्ट्रीय मुक्त विद्यालय संस्थान (एन आई ओ एस) राज्य मुक्त विद्यालय (एस ओ एस) से हायर सेकेण्डरी में या समकक्ष में व्यवसायिक कार्यक्रम उत्तीर्ण किया हो ।

4.3.3 हायर सेकेण्डरी के समकक्ष अर्हता के लिये पॉलीटेक्निक के लिये अर्हित अभ्यर्थी ।

टीप: - कौशल स्तर एक, दो तीन एवं चार का ज्ञान, डिग्री कार्यक्रम में प्रवेश हेतु आवश्यक है तथा एक एवं दो स्तर, डिप्लोमा कार्यक्रम के लिए आवश्यक है । 4.4 फीसः- पाठ्यक्रम फीस, सीजीपीयूआरसी के पूर्व अनुमोदन से , विश्वविद्यालय के प्रबंध मण्डल द्वारा विनिश्चित किये जायेंगे ।

5. उच्च प्रमाण - पत्र स्तर (मात्र प्रमाणपत्र स्तर तीन से सात को लागू) में प्रोन्नति हेतु नियम। आगामी उच्च प्रमाण पत्र स्तर से प्रोन्नत होने के पूर्व अभ्यर्थी से, पूर्ववर्ती प्रमाण पत्र स्तर में अपेक्षित क्रेडिट अर्जित करना आवश्यक है । तथापि, बहु - स्तरीय प्रवेश एवं विकास प्रणाली किसी भी स्तर के पश्चात् नियोजन चाहने हेतु अभ्यर्थी को अनुज्ञात करेगा एवं 626 ( 54 )

छत्तीसगढ़ राजपत्र, दिनांक 6 जुलाई 2020

जब एवं जैसा संभव हो, अर्हता के उन्नयन / कौशल सक्षमता हेतु शिक्षा को पुनः ग्रहण करेगा ।

6. उपस्थितिः किसी स्तर परीक्षा के लिये उपस्थित होने वाले अभ्यर्थी से, व्यवसायिक पाठयक्रम के शैक्षिक भाग एवं कौशल भाग के विषय में पृथक- पृथक 75 प्रतिशत उपस्थिति की अपेक्षा होगी , 10 प्रतिशत और अधिक तक की कमी को विश्वविद्यालय के विभागाध्यक्ष एवं कुलपति के द्वारा संतोषपूर्ण कारण होने पर माफ किया जा सकेगा । 7. यदि अभ्यर्थी ने स्तर परीक्षा डिप्लोमा / एडवांस डिप्लोमा पूर्णरूपेण उत्तीर्ण किया हो तो उसे डिविजन / अंक सुधार के लिए या किसी अन्य प्रयोजन हेतु परीक्षा में पुनः उपस्थित होने की अनुमति नहीं दी जायेगी ।

8. प्रमाण- पत्र, डिप्लोमा, एडवांस डिप्लोमा तथा डिग्री आधारित प्रदर्शन ।

व्यवसायिक शिक्षा कार्यक्रम

अवार्ड का नाम

स.क.

आधार

प्रमाणपत्र स्तर 3

1000 शिक्षण घंटे एक

प्रमाणपत्र स्तर 4

1000 शिक्षण घंटे दो

प्रमाणपत्र स्तर 5

तीन

1000 शिक्षण घंटे

प्रमाणपत्र स्तर 6

चार

1000 शिक्षण घंटे

प्रमाणपत्र स्तर 7

1000 शिक्षण घंटे पांच

छः

स्तर 3,4 एवं 5 का संचयी डिप्लोमा (व्यवसायिक)

प्रदर्शन

सात

स्तर 6 एवं 7 का संचयी एडवांस डिप्लोमा (व्यवसायिक)

प्रदर्शन

आठ

स्तर 5,6 एवं 7 का संचयी डिग्री (व्यवसायिक)

प्रदर्शन

9. निर्धारण एवं ग्रेडिंगः 626 ( 55)

छत्तीसगढ़ राजपत्र , दिनांक 6 जुलाई 2020

9.1 ग्रेडिंग प्रणालीः

पूर्ण ग्रेडिंग प्रणाली का अनुपालन किया जायेगा । शैक्षिक भाग के प्रत्येक विषय में, अभ्यर्थी को सभी विषयों जैसे कि टीए , सीटी, एवं ईएलई के एक संयुक्त प्रदर्शन पर आधारित लेटर ग्रेड प्रदान किया जायेगा । इसी तरह व्यवसायिक पाठयक्रम के शैक्षिक भाग के प्रत्येक प्रायोगिक विषय में, अभ्यर्थी को सभी घटक अर्थात् टी.ए. एवं ई.पी.ई. के एक संयुक्त प्रदर्शन पर लेटर ग्रेड प्रदान किया जायेगा । ये ग्रेड , नीचे दी गई " ग्रेड पॉइंट " (जीपी) के रूप में ज्ञाता समकक्ष संख्या के माध्यम से अभ्यर्थी के प्रदर्शन के गुणात्मक निर्धारण दर्शित करने वाले लेटर (अक्षर) द्वारा वर्णित होंगे । पाठ्यक्रम सफलतापूर्वक पूर्ण किया जाता है अथवा क्रेडिट , पाठ्यक्रम के लिये अर्जित किया जाता है तब लेटर ग्रेड सी या उससे अच्छा , पाठ्यक्रम में प्रदान किया जाता है ।

लेटर ग्रेड (एल जी): A+ A B + BC + C F ग्रेड पॉइंट (जी पी): 10 9 8 7 6 5 0

9.2 पूर्ण ग्रेडिंग प्रणालीः

विशिष्ट विषय में विद्यार्थी द्वारा प्राप्त अंकों पर विचार करते हुए प्रत्येक विषय के लिये ग्रेड अवार्ड किया जायेगा । यह पूर्ण ग्रेडिंग प्रणाली के आधार पर होगा । यथा अंगीकृत पूर्ण ग्रेडिंग प्रणाली नीचे स्पष्ट किये गये अनुसार है-

प्रायोगिक

ग्रेड

सैद्धांतिक

85

A+

< Marks ≤ 100 % , 90 < Marks ≤ 100 % ,

82

75

A

< Marks < 85 % ,

< Marks < 90 % ,

74

65

B +

< Marks < 75 % ,

< Marks < 82 % ,

66

< Marks < 65 %

55

B

< Marks < 74 % ,

58

45 < Marks < 55

C+

< Marks < 66 % , 626 ( 56 )

छत्तीसगढ़ राजपत्र, दिनांक 6 जुलाई 2020

50

35 Marks < 45

C

< Marks < 58 % ,

0

F

< Marks < 50 % , 0 ≤ Marks < 35 % ,

9.3 सेमेस्टर प्रदर्शन सूचकांक (एस पी आई):

प्रथम (i ) सेमेस्टर (जहाँ प्रथम (i) विशिष्ट सेमेस्टर की संख्या उपदर्शित करता है ) में विद्यार्थी का प्रदर्शन सी पी आई द्वारा अभिव्यक्त किया जाता है जो सेमेस्टर में विद्यार्थी द्वारा अभिप्राप्त पाठ्यकम ग्रेड पॉइन्ट का अधिभार औसत है तथा जो निम्नलिखित द्वारा अभिव्यक्त है-

[SPI] = [C1G1 + C2G2 + ....... ] [ CG ] Ni [ C1 + C2 + ....... ] i [EC] Di =

जहां C एवं G क्रमशः क्रेडिट और ग्रेड के लिए है , सीपीआई, पूर्णांक के बिना, अंक को दो स्थान तक संगणित किया जायेगा । सीपीआई तभी संगणित किया जायेगा जब विद्यार्थी , किसी विषय , सैद्धांतिक या प्रायोगिक में असफल हुए बिना, सेमेस्टर उत्तीर्ण करता है ।

9.4 संचित प्रदर्शन सूचकांक (सी पी आई):

100 प्रतिशत अधिभार सहित डिग्री कार्यक्रम में उसके प्रवेश के समय सभी पाठ्यक्रम के लिए विद्यार्थी द्वारा सभी पाठ्यक्रमों के लिए विद्यार्थी द्वारा अभिप्राप्त पाठ्यकम ग्रेड पॉईन्ट का अधिभार औसत है, सेमेस्टर प्रथम (i ) मे सीपीआई , निम्नानुसार संगणित की जायेगी [ CPI ] = ΣΕΝ i≥1

यदि विद्यार्थी पाठ्यक्रम को आवृत्ति करता है या किसी विषय में अनुत्तीर्ण घोषित होता है तो ही नवीनतम (आगामी) प्रयास में अभिप्राप्त ग्रेड पॉइन्ट, सीपीआई के निकटस्थ संगणित किया जायेग । सीपीआई , एसपी आई सहित प्रत्येक सेमेस्टर में 626( 57)

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संगणित किया जायेगा ताकि विद्यार्थी को ज्ञात हो कि उसका सीपीआई कैसे परिवर्तित हो रहा है ।

9.5 अनुत्तीर्ण ग्रेड " F"

इसके अतिरिक्त, F के और वर्गीकरण , निम्नानुसार है-

FI: बीमारी के कारण ईएलई एवं / या ईपीई में उपस्थित होने में अनुत्तीर्ण अथवा किन्तु अन्यथा संतोषजनक प्रदर्शन होने पर अतएव उस विषय में पुनः परीक्षा के लिये पात्र ।

सत्रीय अर्थात् इस प्रकार आवृत्ति सेमेस्टर TA में, अनुत्तीर्ण ।

FS :

उपस्थिति में कमी के कारण अनुत्तीर्ण इसलिये स्तर को दुबारा करना

FS :

विभिन्न कारणों से राके गये परिणाम ।

WW:

FA: कुल (एग्रीगेट) अंक जिसमें शैक्षिक भाग एवं कौशल भाग दोनों के अंक 50 प्रतिशत से कम अंक हो , के कारण अनुत्तीर्ण , इसलिए किसी विकल्प के एक या दो शैक्षिक भाग के विषय में उपस्थित होने हेतु पात्रता ।

9.6 कक्षा या डिवीजन प्रदान करना :

विद्यार्थी को प्रदान किया जाने वाला कक्षा / डिवीजन निम्नानुसार है:-

: 75% ≤ Marks ≤100 %

> प्रावीण्य या आनर्स

: 65% ≤ Marks < 75 %

> प्रथम श्रेणी

: 50% ≤ Marks < 65%

> द्वितीय श्रेणी

10. अभ्यर्थी, जो न्यूनतम 70 प्रतिशत उपस्थिति अर्जित करने में विफल रहता है, स्तर परीक्षा देने से, यथास्थिति, कुलपति या विभागाध्यक्ष / प्राचार्य के सामान्य या विशेष आदेश द्वारा रोके जाने (उपरोक्त खण्ड 5 में दर्शित रियायत सहित) का दायी होगा तथा जब कभी 626(58 )

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भी पाठ्यक्रम का स्तर प्रारंभ हो उसी स्तर पाठ्यक्रम में पुनः प्रवेश लेने हेतु अपेक्षित किया जायेगा ।

11. अंकों में कमी की माफीः परीक्षा में मध्यम कठिन प्रकरणों को ध्यान में रखते हुये निम्नलिखित नियम देखे जायेंगेः

11.1 परीक्षा में उत्तीर्ण होने के लिये अभ्यर्थी को सर्वश्रेष्ठ लाभ 5 अंकों तक की कमी को माफ करके की जा सकेगी , परंतु यह कि अभ्यर्थी , अधिकतम दो सैद्धांतिक पेपर या एक सैद्धांतिक एवं एक प्रायोगिक या दो प्रायोगिक में अनुत्तीर्ण रहता हो । यह सुविधा, केवल उन अभ्यर्थियों को उपलब्ध होगी जो पूर्ण रूप से विशिष्ट स्तर के परीक्षा को पास किये हों (अर्थात् सैद्धांतिक प्रायोगिक और सत्रीय के लिये 5 कृपोत्तीर्ण अंक उपलब्ध ) ।

11.2 जब अभ्यर्थी का परिणाम घोषित हो रहा हो , उपर्युक्त कमी की माफी हेतु कुल अंक से अंक न ही जोड़े जायेंगे और न घटाये जायेंगे । तथापि कमी की माफी पश्चात् खण्ड 12.1 के माध्यम से पाठ्यकम ( विषय) को वह उत्तीर्ण करेगा । अभ्यर्थी के परिणाम को डिवीजन में घोषित किया जायेगा जिसके लिये वह कुल अंक प्राप्त करने का अधिकारी है ।

11.3 अभ्यर्थी, जो एक अंक से प्रथम श्रेणी में अनुत्तीर्ण / विशिष्टता के लक्ष्य /विशिष्टता से वंचित हो रहे हों, कुलपति की ओर से एक कृपोत्तीर्ण अंक दिये जायेंगे । तथापि यह सुविधा खण्ड 12.1 के अधीन लाभ प्राप्त कर रहे अभ्यर्थी को उपलब्ध नहीं होगी ।

12. अंको की पुनर्गणना एवं पुनर्मुल्यांकनः

12.1 पुनर्गणनाः

12.1.1 कोई अभ्यर्थी, जिसने विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित परीक्षा में उपस्थित हुआ हो, किसी एक या दो सैद्धांतिक प्रश्नपत्र हेतु अंको की पुनर्गणना के लिए सी वी रमन विश्वविद्यालय को आवेदन कर सकेगा ।

12.1.2 ऐसा आवेदन , विहित प्ररूप में, अपेक्षित फीस सहित, संबंधित संस्थान जिसमें वह अध्ययनरत है , के प्राचार्य को परिणाम की घोषणा की तिथि से 15 दिवस के भीतर करना आवश्यक है । 626(59)

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12.1.3 पुनर्गणना का कार्य अर्थात् पुनर्गणना में प्रश्नपत्र की पुनः परीक्षा सम्मिलित नहीं है । यह, यह देखने के लिए किया जायेगा कि क्या विशिष्ट उत्तरों में दी गई अंकों की गणना में कोई त्रुटि या किसी उत्तर में दी गई अंको में कोई लोप की गई है ।

12.2 पुनर्मूल्यांकनः

12.2.1 अभ्यर्थी, नियमित परीक्षा के परिणाम की घोषणा से 15 दिवस के भीतर विहित प्ररूप में अपने उत्तर पुस्तिका के पुनर्मूल्यांकन के लिये कुल सचिव को आवेदन कर सकेगा । परंतु अभ्यर्थी को दो से अधिक प्रश्न पत्र में पुनर्मूल्यांकन की सुविधा हेतु अनुमति नहीं होगी । परंतु यह भी की पुनर्मूल्यांकन, प्रायोगिक आलेख , फील्ड / कौशल कार्य / सत्रीय कार्य परीक्षा एवं परीक्षा में प्रश्न पत्र के बदले में प्रस्तुत थीसिस के मामले में अनुज्ञात नहीं किया जायेगा ।

12.2.2 यदि, मूल रूप से प्रकाशित परिणाम में पुनर्मूल्यांकन में कोई त्रुटि पाया जाता है तो विश्वविद्यालय द्वारा आवश्यक सुधार अधिसूचित किया जायेगा । अन्य सभी मामलों में , परिणाम की संसूचना संबंधित संस्थान के माध्यम से यथाशीघ्र संभव अभ्यर्थी को दी जायेगी ।

12.2.3 पुनर्गणना या पुनर्मूल्यांकन विश्वविद्यालय द्वारा प्रयोगिक , कौशल परीक्षा , शिक्षक मूल्यांकन एवं कक्षा परीक्षा की स्थिति में अनुज्ञात नहीं किया जायेगा ।

13. स्थाननः

13.1 डॉ. सी.वी. रमन विश्वविद्यालय औद्योगिक एवं अन्य सेवा प्रदाताओं से समुचित सहबद्धता स्थापित करेगा ताकि उनके परिणाम , उनके समुचित स्थानन के लिये स्वीकार किया जा सके । 626( 60)

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13.2 विश्वविद्यालय विभाग , उनके व्यवसायिक / कौशल उत्तीर्णकर्ताओं के लिये भारत सरकार के प्रशिक्षु कार्य के अंतर्गत प्रशिक्षण के लिये प्रयास करेगा । 626( 61)

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डॉ. सी.वी.रामन विश्वविद्यालय

अध्यादेश क्रमांक 15 (पुनरीक्षित) विज्ञान में स्नातकोत्तर (एम.एससी. )

1.0 सामान्यः यह डॉ सी.वी.रमन विश्वविद्यालय के विज्ञान में स्नातकोत्तर (एम.एस.सी) उपाधि प्रदान करने को शासित करने वाला अध्यादेश है । यह अध्यादेश विज्ञान संकाय के भीतर समस्त विषयों के लिए लागू होंगे ।

2.0 पाठ्यक्रम : पाठ्यक्रम जिस पर अध्यादेश लागू होंगे वे है- भौतिक, रसायन , गणित, औद्योगिक रसायन, बॉटनी , जूलॉजी , पर्यावरण रसायन , सूक्ष्मजीव विज्ञान , जैव प्रौद्योगिकी या कोई अन्य विषय / पाठ्यक्रम, जैसा कि नये विभागों की स्थापना के उद्देश्य से विश्वविद्यालय के अध्ययन मण्डल / शैक्षणिक परिषद द्वारा निश्चित किया जाये ।

3.0 पाठ्यक्रम संरचना : प्रत्येक विभाग की पाठ्यक्रम संरचना, संबंधित अध्ययन मण्डल एवं विद्या परिषद द्वारा अनुमोदित अनुसार होगी तथा संबंधित विषयों में संबंधित क्षेत्रों में हुये वर्तमान विकास के आधार पर संशोधन अथवा उपांतरण करने की होगी नम्यता होगी ।

4.0 पाठ्यक्रम अवधि : विज्ञान में स्नातकोत्तर उपाधि कार्यक्रम , दो शैक्षणिक वर्षो अर्थात चार सेमेस्टर में परिव्याप्त होगी । अभ्यर्थी के अवार्ड प्राप्त करने हेतु अयोग्य होने पर पाठ्यक्रम पूर्ण करने हेतु अधिकतम अवधि चार वर्ष होगी ।

5.0 सेमेस्टर : शैक्षणिक वर्ष दो सेमेस्टरों से मिलकर बनेगी , प्रत्येक में कम से कम 90 कार्य दिवस होंगे । सेमेस्टर की अवधि निम्नानुसार होगीः-

विषम सेमेस्टर : जुलाई / अगस्त से अक्टूबर / नवंबर ।

सम सेमेस्टर : दिसंबर / जनवरी से अप्रैल मई तक ।

6.0 अर्हता एवं प्रवेश : किसी विद्यार्थी को किसी ऐसे विज्ञान में स्नातकोत्तर कार्यक्रम में प्रवेश दी जा सकेगी परंतु वह न्यूनतम अर्हता रखता / रखती है । विज्ञान में स्नातकोत्तर कार्यक्रम में प्रवेश हेतु सामान्य अर्हता शर्ते, यू.जी.सी. विनियमन के अनुसार 626 ( 62)

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होगा । कोई विद्यार्थी , किसी विभाग में स्नातकोत्तर उपाधि के किसी कार्यक्रम में प्रवेश हेतु तब तक पात्र नहीं होगा जब तक कि वह भारत में किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से ( यूजीसी से) या विदेश के विश्वविद्यालय से संबंधित / संबद्ध संकाय में स्नातक उपाधि कार्यक्रम अथवा समकक्ष पूर्ण न किया हो , जो कुल मिलाकर अनुसूचित जाति / अनुसूचित जनजाति / अन्य पिछड़ा वर्ग के लिये 45 प्रतिशत एवं सामान्य संवर्ग के लिये 50 प्रतिशत से कम अर्जित न करता हो ।

7.0 पाठ्यक्रम में सीटों की संख्या : विज्ञान में प्रत्येक स्नातकोत्तर कार्यक्रम में सीटों की संख्या तीस (30 ) अथवा विष्वविद्यालय के प्रबंध मण्डल / संवैधानिक निकायों द्वारा अनुमोदित अनुसार होगी ।

8.0 शुल्क : विद्यार्थी द्वारा भुगतान योग्य शुल्क ऐसी होगी , जैसा कि छत्तीसगढ़ शासन / यू.जी.सी. के इस संबंध में जारी किसी निर्देश के अध्यधीन रहते हुए , विश्वविद्यालय द्वारा समय - समय पर नियत किया जाये ।

9.0 उपस्थिति : अभ्यर्थी , जिसकी उपस्थिति 75 प्रतिशत से कम है , पाठ्यक्रम के सेमेस्टरांत परीक्षा , जिसमें कमी विद्यमान है , में उपस्थित होने के लिए अनुज्ञात नहीं किया जायेगा, तथापि वैद्य कारणों से विहित 75 प्रतिशत उपस्थिति में न्यूनतम 10 प्रतिशत कमी को कुलपति माफ करने हेतु स्वतंत्र होगा ।

10.0 परीक्षा एवं मूल्यांकनः

10.1 किसी विद्यार्थी का, पाठ्यक्रम में उसके / उसकी शैक्षणिक प्रदर्शन हेतु टूयूटोरियल , प्रायोगिक, सौंपे गये कार्य , सेमीनार एवं सेमेस्टरांत परीक्षा , जैसा कि संबंधित पाठ्यक्रम की परीक्षा योजना मे विहित है , के माध्यम से सतत् मूल्यांकन किया जायेगा ।

10.2 कार्य प्रशिक्षण / परियोजना शोध प्रबंध (जहां कही लागू हो ) का मूल्यांकन सामान्यतः किये गये कार्य, प्रस्तुत रिपोर्ट एवं मौखिकी / सेमिनार प्रस्तुतिकरण के माध्यम से किया जायेगा । 626(63)

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10.3 शोध कार्य का मूल्यांकन कुलपति द्वारा गठित समिति द्वारा तथा विभाग प्रमुख की अध्यक्षता में एवं अनुमादित पैनल से बाहर के संबंधित विषय / पाठ्यक्रम में एक बाह्य विशेषज्ञ द्वारा द्वारा किया जायेगा ।

10.4 सेमेस्टरांत परीक्षा सफलतापूर्वक पूर्ण करने हेतु विद्यार्थी को कम से कम निम्नानुसार अंक अर्जित करना होगा:

(क) प्रत्येक सैद्धांतिक प्रश्नपत्र, प्रायोगिक, परियोजना कार्य , शोध प्रबंध एवं सौपे गये कार्य में 36 प्रतिशत अंक

(ख ) प्रत्येक विषय में कुल मिलाकर 40 प्रतिशत अंक होगा ।

11.0 श्रेणी अथवा डिवीजन का अवार्ड : समस्त सेमेस्टर परीक्षा हेतु अभ्यर्थी के एकीकृत प्रदर्शन पर आधारित अंतिम सेमेस्टर परीक्षा में श्रेणी अथवा डिवीजन निम्नलिखित रीति से अवार्ड की जायेगी :

(क) प्रथम श्रेणी (फस्ट डिवीजन) ऑनर्स सहित अंक ≥ 75%

60% ≤ अंक > 75% (ख) प्रथम श्रेणी (फस्ट डिवीजन)

(ग) द्वितीय श्रेणी (सेकेन्ड डिवीजन) 45% ≤ अंक > 60%

45% ≤ अंक > 45% (घ) तृतीय श्रेणी ( थर्ड डिवीजन )

12.0 पुनर्मूल्यांकन एवं कृपोतीर्ण अंकों का अवार्ड :

12.1 अभ्यर्थी नियमित परीक्षा के परिणाम के घोषणा से 15 दिवस के भीतर विहित प्रपत्र में अपने उत्तर पुस्तिका के पुनर्मूल्यांकन हेतु कुलसचिव को आवेदन कर सकेगा । बैकलॉग पेपर के लिए उत्तर पुस्तिका का पुनर्मूल्याकंन लागू नहीं होगा । परंतु यह कि अभ्यर्थी को दो से अधिक प्रश्नपत्र में पुनर्मूल्यांकन की सुविधा उपलब्ध कराने की अनुमति नहीं दी जायेगी । परंतु यह भी कि प्रायोगिक आलेख , क्षेत्र कार्य , सत्रीय कार्य परीक्षा एवं परीक्षा पेपर के बदले में प्रस्तुत किये गये शोध पत्र जमा करने की दशा में पुनर्मूल्यांकन की अनुमति नही दी जायेगी । 626(64)

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12.2 कुलपति, ऐसे अभ्यर्थी को एक कृपोत्तीर्ण अंक अवार्ड करेगा जो एक अंक से डिविजन हेतु असफल या चूक गया हो । तथापि , यह अन्यत्र जोड़ा नही जायेगा । टीप : इस अध्यादेश में वर्णित किसी बात के होते हुए भी, किसी अनपेक्षित उद्भूत मामलों के लिए और अध्यादेश द्वारा आच्छादित न होने या निर्वचन में भिन्नता होने की स्थिति में , कुलपति निर्णय ले सकेगा और निर्णय , समस्त संबंधितों पर बाध्यकारी होगा ।

-000-- 626 ( 65)

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डॉ. सी.वी.रामन विश्वविद्यालय

करगीरोड, कोटा, बिलासपुर (छ.ग. )

अध्यादेश क्रमांक 17 (पुनरीक्षित)

शिक्षा में स्नातकोत्तर ( एम.एड.)

1.0 सामान्य : शिक्षा में स्नातकोत्तर (एम.एड.) शिक्षक शिक्षा के क्षेत्र में दो वर्षीय व्यवसायिक कार्यक्रम है, जिसका उद्देश्य शिक्षक शिक्षा विशारद एवं अन्य शिक्षा व्यवसायियों, जिसमें पाठ्यचर्चा विकसित करने वाले , शैक्षिक नीतियों के विश्लेषक, योजनाकार, प्रशासक, निरीक्षकों विद्यालय प्राचार्यो तथा शोधकर्ताओं सम्मिलित है, को तैयार करना है । शिक्षा मे स्नातकोत्तर (बी.एड. ) कार्यक्रम विद्यार्थियों को उनके ज्ञान की गहराई के साथ - साथ विस्तार के लिए और शिक्षा की समझ , चयनित क्षेत्रों मे विशेषज्ञता एवं क्रियात्मक शोध क्षमता का विकास करना भी है । कार्यक्रम का उद्देश्य मानव आत्म एवं व्यक्तित्व का संपूर्ण एकीकृत समझ, ज्ञान के पुनर्निर्माण हेतु लोगों के बीच भाई - चारे की रचनात्मक विचार , संवाद कौशल का विकास तथा क्रियात्मक शोध एवं नवोन्मेषी अभ्यास के लिए उन्हे सक्षम बनाना है ।

2.0 शीर्षक :शिक्षा में स्नातक (एम.एड. )

3.0 संकाय : शिक्षा संकाय

4.0 अवधि, कार्य दिवस एवं उपस्थिति:

4.1 अवधि : एम.एड. पाठ्यक्रम चार सेमेस्टर सहित दो शैक्षणिक वर्ष का होगा जिसमें प्रथम वर्ष में 4 सप्ताह के लिए एवं पाठ्यक्रम के द्वितीय वर्ष में 16 सप्ताह के लिए विद्यालयीन इटर्नशीप सम्मिलित है । विद्यार्थियों को प्रवेश की तिथि से अधिकतम 3 वर्ष की कालावधि सहित 2 वर्ष में, समय - समय पर एन. सी.टी.ई के मानदण्ड के अनुसार, पाठ्यक्रम अपेक्षाओं को पूर्ण करने की अनुमति दी जायेगी । 626 ( 66)

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4.2 कार्य दिवस : प्रवेश की कालावधि को छोड़कर एवं कक्षा संव्यवहार (गतिविधियों) , प्रायोगिक, क्षेत्र अध्ययन और परीक्षा संचालन को सम्मिलित करते हुए , कम से कम दो सौ कार्य दिवस होंगे ।

4.3 उपस्थिति : किसी सेमेस्टरांत परीक्षा के लिए नियमित विद्यार्थी के रूप मे उपस्थित होने वाले अभ्यर्थियों से, सैद्धांतिक प्रश्नपत्र हेतु न्यूनतम 80 प्रतिशत एवं प्रायोगिक हेतु अध्ययन के पाठ्यक्रम के प्रत्येक विषय में पृथकतः 90 प्रतिशत उपस्थिति अपेक्षित होगी । 5 प्रतिशत तक की कमी को डॉ सी.वी.रमन विश्वविद्यालय के कुलपति द्वारा संतुष्टजनक कारण होने पर माफ किया जा सकेगा ।

5.0 प्रवेश, अर्हता , चयन प्रक्रिया एवं शुल्कः

5.1 प्रवेशः पाठयक्रम के लिए बुनियादी इकाई 50 का होगा । इस इकाई के एकाधिक इकाई भी स्थापित किये जा सकेंगे ।

पात्रताः

5.2

→ एम.एड. पाठ्यक्रम में प्रवेश की इच्छा रखने वाले अभ्यर्थियों को, बीएड, बीए बीएड, बीएससी बीएड, बी ईआई ईएड में या एन.सी.टी.ई. द्वारा समय - समय पर निर्णित अर्हता मानदण्ड अनुसार कम से कम 50 प्रतिशत अंक प्राप्त करने या समकक्ष होने चाहिए ।

> अभ्यर्थी, जिसका परीक्षा परिणाम प्रतीक्षाधीन है वो भी आवेदन कर सकेंगे । ऐसे अभ्यर्थियों को प्रवेश के समय मार्कशीट / डिग्री प्रमाणपत्र अवश्य प्रस्तुत करना होगा ।

> परंतु यह और कि चल रहे एम.एड. पाठ्यक्रम के लिए शासन द्वारा प्रायोजित विद्यालय में नियोजित शिक्षक , विश्वविद्यालय द्वारा विनिर्दिष्ट संख्या से अधिक हो सकेंगे । 626(67)

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एस.सी. / एस.टी. / ओ.बी.सी. / पी.डब्लू.डी एवं अन्य योग्य श्रेणी हेतु आरक्षण एवं छूट हेतु केन्द्र / राज्य शासन जो भी लागू हो, के नियमों के अनुसार होंगे ।

5.3 प्रवेश प्रक्रिया : अर्हकारी परीक्षा में प्राप्त अंको के आधार पर मेरिट पर, और राज्य शासन / केन्द्र शासन / विश्वविद्यालय की नीति के अनुसार कोई अन्य चयन प्रक्रिया पर प्रवेश परीक्षा में, प्रवेश दिया जायेगा ।

5.4 शुल्क : पाठ्यक्रम शुल्क , विश्वविद्यालय के प्रबंध मण्डल या छत्तीसगढ़ सरकार की शुल्क विनियामक समिति द्वारा समय - समय पर की जाने वाली अनुशंसा के अनुसार विनिश्चित किया जायेगा ।

6.0 माध्यम : शिक्षण एवं परीक्षा का माध्यम, या तो हिन्दी या अंग्रेजी होगा ।

7.0 शिक्षण सत्र : सामान्यतः प्रथम एवं तृतीय सेमेस्टर का शिक्षण सत्र, समानान्तर रूप से जुलाई से दिसंबर की कालावधि तक संचालित होगा और द्वितीय एवं चतुर्थ सेमेस्टर प्रत्येक वर्ष जनवरी से जून की कालावधि में संचालित होगा ।

8.0 शिक्षण एवं परीक्षा की योजना : पाठ्यक्रम सहित विभिन्न सेमेस्टरों के लिए शिक्षण एवं परीक्षा योजना शिक्षा के लिए स्नातकोत्ती (एम.एड. ) हेतु डॉ सी.वी. रमन विश्वविद्यालय द्वारा अधिसूचित अनुसार पालन किया जायेगा ।

9.0 परीक्षा एवं मूल्याकंन

9.1 सी.वी.आर.यू द्वारा प्रत्येक सेमेस्टर में सेमेस्टरांत परीक्षा (ईएसई) संचालित किया जायेगा । सेमेस्टर की परीक्षा योजना के अनुसार परीक्षा में सैद्धांतिक प्रश्नपत्र , प्रायोगिक एवं मौखिकी होंगे ।

9.2 प्रत्येक सेमेस्टर के अंत में संपूर्ण सेमेस्टरों के सैद्धांतिक एवं प्रयोगशाला प्रायोगिक को मिलाकर पूर्ण परीक्षा होगी ।

9.3 परीक्षा की अवधि 25 कार्य दिवसों से अधिक नहीं होगी ।

9.4 विशेष सेमेस्टर में कम उपस्थिति के कारण रोके गए किसी अभ्यर्थी को नियमित अभ्यर्थी के रूप में उसी सेमेस्टर को दुबारा करना होगा । 626( 68)

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9.5 अन्यत्र उल्लिखित किसी बात के होते हुए भी, किसी अभ्यर्थी को समवर्ती सेमेस्टरांत परीक्षा ( मुख्य / पूरक) में अधिकतम चार बार लगातार, उपस्थित होने की अनुमति दी जायेगी ।

9.6 सेमेस्टरांत परीक्षा की समय सारणी, परीक्षा के प्रारंभ होने के 15 दिवस के पूर्व घोषित की जायेगी ।

9.7 तैयारी अवकाश : केवल लगभग 10 दिवस की तैयारी अवकाश, प्रत्येक सेमेस्टर के मुख्य परीक्षा हेतु अग्रसरित होगी ।

9.8 अग्रनयन : किसी अभ्यर्थी को उच्च सेमेस्टर में संपूर्ण विषयों अर्थात सेमेस्टर के सैद्धांतिक एवं प्रायोगिक के अग्रनयन करने की अनुमति दी जायेगी , किन्तु उससे , उन विषयों (सैद्धांतिक / प्रायोगिक ) जिसमें उसे डब्लू एच या एफ एफ ग्रेड अवार्ड दिया गया है , अगले ई एस ई को उत्तीर्ण करना अपेक्षित होगा । 10 पाठ्यक्रम, क्रेडिट, निर्धारण एवं ग्रेडिंग

10.1 पाठ्यक्रमः कार्यक्रम में पाठ्यक्रम का समावेश है । कोई 'पाठ्यक्रम ' कार्यक्रम का घटक (एक प्रश्नपत्र) है । विश्वविद्यालय द्वारा प्रस्तावित प्रत्येक पाठ्यक्रम को यूनिक कोर्स कोड द्वारा पहचानी जाती है । पाठ्यक्रम को, व्याख्यान / ट्यूटोरियल्स / प्रयोगशाला कार्य / सेमिनार / परियोजना कार्य / प्रायोगिक प्रशिक्षण / रिपोर्ट लेखन / मौखिकी आदि को सम्मिलित करने हेतु अथवा इनके संयोजन से शिक्षण एवं अधिगम की जरूरत को प्रभावी ढ़ग से पूरा करने हेतु, रूपांकित किया जा सकेगा तथा क्रेडिट को उचित रूप से दिये जा सकेंगे ।

10.2 क्रेडिटः- क्रेडिट , पाठ्यक्रम के लिये विषय वस्तु के भाग / विहित पाठ्यक्रम परिभाषित करता है तथा प्रति सप्ताह अपेक्षित अनुदेश के घंटों की संख्या का निर्धारण करता है ।

1 क्रेडिट = प्रति सप्ताह व्याख्यान के 1 घंटे (1 क्रेडिट पाठ्यक्रम = प्रति सेमेस्टर व्याख्यान के 15 घंटे) 626( 69)

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> 3 क्रेडिट = प्रति सप्ताह व्याख्यान के 3 घंटे (3 क्रेडिट पाठ्यक्रम = प्रति सेमेस्टर व्याख्यान के 45 घंटे)

संस्थान व्याख्यान / ट्यूटोरियल / प्रयोगशाला कार्य / फील्ड वर्क या अन्य के रूप में पाठ्यकम कर सकता है । प्रयोगशाला / फील्डवर्क सम्मिलित पाठ्यक्रम के लिये अपेक्षित किये गये , संस्थान के घंटे की संख्या निर्धारित करते हुए , प्रयोगशाला / फील्डवर्क के 2 घंटे सामान्यतः व्याख्यान के 1 घंटे के समतुल्य समझा जाता है ।

10.3 निर्धारण एवं मूल्यांकन:

निरंतर मूल्यांकन प्रणाली का अनुपालन, दोनों घटकों जैसे आंतरिक असाइनमेंट (आईए ) एवं सेमेस्टरांत परीक्षा (ईएसई) के अनुसार किया जायेगा । ग्रेडिंग प्रणालीः

प्रतिशत के साथ- साथ पूर्ण ग्रेडिंग प्रणाली का अनुपालन किया जायेगा प्रत्येक विषय, सैद्धांतिक या प्रायोगिक में, अभ्यर्थी को सभी विषयों जैसे कि आईए एवं ईएसई के एक संयुक्त प्रदर्शन पर आधारित लेटर ग्रेड प्रदान किया जायेगा । ये ग्रेड, नीचे दी गई " ग्रेड पॉइंट " (जीपी) के रूप में ज्ञात समकक्ष संख्या के माध्यम से अभ्यर्थी के प्रदर्शन के गुणात्मक निर्धारण दर्शित करने वाले लेटर (अक्षर) द्वारा वर्णित होंगे । पाठ्यक्रम सफलतापूर्वक पूर्ण किया जाता है अथवा क्रेडिट, पाठ्यक्रम के लिये अर्जित किया जाता है तब लेटर ग्रेड सी या उससे अच्छा , पाठ्यक्रम में प्रदान किया जाता है ।

लेटर ग्रेड (एल जी): A+ A B + BC + C F

ग्रेड पॉइंट (जी पी): 10 9 8 7 6 5 0

प्रत्येक विषय , सैद्धांतिक एवं प्रायोगिक के लिये पृथक- पृथक ग्रेड प्रदान किया जायेगा । 626( 70)

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10.4 पूर्ण ग्रेडिंग प्रणालीः

नीचे स्पष्ट किये गये पूर्ण ग्रेडिंग प्रणाली के प्रकार को सैद्धांतिक और प्रायोगिक विषय के लिये अंगीकृत किये जायेंगे-

प्रायोगिक

सैद्धांतिक

ग्रेड

≤Marks ≤ 100 % , 90 < Marks ≤ 100 % , 85

A+

75

< Marks < 90 % ,

82

< Marks < 85 % ,

A

65

74 < Marks < 82 % , B+

< Marks < 75 % ,

66

< Marks < 65 %

55

< Marks < 74 % , B

58

45 < Marks < 55 %

< Marks < 66 % , C+

50

Marks < 45 %

40

< Marks < 58 % , C

0

< Marks < 50 % , F

< Marks < 40 % , 0

अतएव लेटर ग्रेड A + , A, B + , B , C + , C एवं F तत्स्थानी ग्रेड पॉईंट परीक्षक द्वारा मूल्यांकित प्रत्येक विषय हेतु उपलब्ध होंगे ।

10.5 सेमेस्टर प्रदर्शन सूचकांक (एस पी आई):

प्रथम (i ) सेमेस्टर (जहां (i) विशेष सेमेस्टर की संख्या दर्शित करता है) में विद्यार्थी का प्रदर्शन सी पी आई द्वारा अभिव्यंक्त किया जाता है जो सेमेस्टर में विद्यार्थी द्वारा अभिप्राप्त पाठ्यकम ग्रेड पॉइन्ट का अधिभार औसत है तथा जो निम्नलिखित द्वारा अभिव्यक्त है-

[SPI ] = = = [C₁G₁ + CG + ... ] [ CG ] N [C₁₂ + C₂ + ... ] [2C] D 626(71)

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जहां C एवं G क्रमशः क्रेडिट और ग्रेड के लिए है, सीपीआई , पूर्णांक के बिना, अंक को दो स्थान तक संगणित किया जायेगा । सीपीआई तभी संगणित किया जायेगा जब विद्यार्थी, किसी विषय , सैद्धांतिक या प्रायोगिक में असफल हुए बिना, सेमेस्टर उत्तीर्ण करता है ।

संचित प्रदर्शन सूचकांक (सी पी आई):

100 प्रतिशत अधिभार सहित डिग्री कार्यक्रम में उसके प्रवेश के समय सभी पाठ्यक्रम के लिए विद्यार्थी द्वारा सभी पाठ्यक्रमों के लिए विद्यार्थी द्वारा अभिप्राप्त पाठ्यक्रम ग्रेड पॉईन्ट का अधिभार औसत है, सेमेस्टर प्रथम (i ) मे सीपीआई, निम्नानुसार संगणित की जायेगी [CPI ] = ΣΙΝ Σ

यदि विद्यार्थी पाठ्यकम को आवृत्ति करता है या किसी विषय में अनुत्तीर्ण घोषित होता है तो ही नवीनतम (आगामी) प्रयास में अभिप्राप्त ग्रेड पॉइन्ट, सीपीआई के निकटस्थ संगणित किया जायेग । सीपीआई, एसपी आई सहित प्रत्येक सेमेस्टर में संगणित किया जायेगा ताकि विद्यार्थी को ज्ञात हो कि उसका सीपीआई कैसे परिवर्तित हो रहा है ।

11.0 डिवीजन प्रदान करना:

डिविजन का वर्गीकरण निम्नानुसार होगा-

प्रथम् श्रेणी 60 प्रतिशत एवं अधिक

द्वितीय श्रेणी 40 प्रतिशत एवं अधिक किन्तु 60 प्रतिशत से कम

40 प्रतिशत से कम , अनुत्तीर्ण होगा ।

प्रत्येक सैद्धांतिक प्रश्नपत्र और प्रायोगिक / प्रशिक्षण में, अभ्यर्थी द्वारा कम से कम 40 प्रतिशत एवं 50 प्रतिशत अंक क्रमशः अभिप्राप्त करना चाहिए । 626( 72)

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12.0 पुनर्गणनाः

12.1 कोई अभ्यर्थी, जिसने विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित परीक्षा में उपस्थित हुआ हो , किसी एक या दो सैद्धांतिक प्रश्नपत्र हेतु अंको की पुनर्गणना के लिए सी वी रमन विश्वविद्यालय को आवेदन कर सकेगा ।

12.2 ऐसा आवेदन, विहित प्ररूप में, अपेक्षित फीस सहित, संबंधित संस्थान जिसमें वह अध्ययनरत है , के प्राचार्य को परिणाम की घोषणा की तिथि से 15 दिवस के भीतर करना आवश्यक है ।

12.3 पुनर्गणना का कार्य अर्थात् पुनर्गणना में प्रश्नपत्र की पुनः परीक्षा सम्मिलित नहीं है । यह, यह देखने के लिए किया जायेगा कि क्या विशिष्ट उत्तरों में दी गई अंकों की गणना में कोई त्रुटि या किसी उत्तर में दी गई अंको में कोई लोप की गई है ।

13.0 पुनर्मूल्यांकनः

13.1 अभ्यर्थी , अधिकतम दो सैद्धांतिक प्रश्नपत्रों के लिये ही मुख्य परीक्षा में अपने उत्तर पुस्तिका के पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन कर सकते है ।

13.2 ऐसा आवेदन , विहित प्ररूप में , अपेक्षित फीस सहित , परिणाम की घोषणा की तिथि से 15 दिवस के भीतर करना आवश्यक है ।

13.3 यदि, मूल रूप से प्रकाशित परिणाम में पुनर्मूल्यांकन में कोई त्रुटि पाया जाता है तो विश्वविद्यालय द्वारा आवश्यक सुधार अधिसूचित किया जायेगा । अन्य सभी मामलों में , परिणाम की संसूचना अभ्यर्थी को दी जायेगी ।

13.4 पुनर्गणना या पुनर्मूल्यांकन , प्रायोगिक की दशा में अनुज्ञात नही किया जायेगा। 14.0 शोध कार्य के लिये मार्गदर्शनः विद्यार्थी से तृतीय एवं चतुर्थ सेमेस्टर में अपना शोध कार्य पूर्ण करना अपेक्षित है । इस सेमेस्टर के दौरान अभ्यर्थी स्वयं को संस्था / विश्वविद्यालय में 626( 73)

छत्तीसगढ़ राजपत्र , दिनांक 6 जुलाई 2020

संबंधित विभाग के प्रमुख द्वारा सौंपे गये एवं चयनित पाठ्यक्रम से सुसंगत शिक्षा के किसी पक्ष से जुड़े शोध कार्य के लिये समर्पित करेगा । चतुर्थ समेस्टर के अंत में अभ्यर्थी, उसके द्वारा लिखित शोध प्रबंध की तीन टंकित या मुद्रित प्रति संस्था के निदेशक / प्राचार्य के माध्यम से, सुपरवाइजर से इस आशय के प्रमाण पत्र सहित कि यह अभ्यर्थी द्वारा किया गया मौलिक कार्य एवं किसी अन्य उपाधि के अवार्ड के लिये आंशिक या पूर्ण रूप से इस कार्य को पहले प्रस्तुत नहीं किया गया है, विश्वविद्यालय को प्रस्तुत करेगा । शोध कार्य संचालन के लिये, संकाय विद्यार्थियों का अनुपात, मार्गदर्शन एवं सलाह हेतु 1 अनुपात 5 (1: 5 ) होगा ।

15.0 निर्वचन : इस अध्यादेश के निर्वचन के विषयों में कोई संदेह, विवाद या अस्पटता की दशा में , कुलपति का विनिश्चय , अंतिम होगा और विद्यार्थियों / अभ्यर्थियों / संबंधित पक्षकारों पर बंधनकारी होगा ।

विवाद की स्थिति में, मामले का विनिश्चय जिला न्यायालय , बिलासपुर छ.ग. की क्षेत्राधिकारिता के अधीन किया जायेगा । 626( 74)

छत्तीसगढ़ राजपत्र, दिनांक 6 जुलाई 2020

डॉ. सी.वी.रामन विश्वविद्यालय करगीरोड, कोटा, बिलासपुर (छ.ग.) अध्यादेश क्रमांक 18 (पुनरीक्षित) शिक्षा में स्नातक (बी.एड. )

1.0 सामान्य :

शिक्षा में स्नातक कार्यक्रम को सामान्यतः बी.एड. के रूप में जाना जाता है । शिक्षक शिक्षा के क्षेत्र में दो वर्षीय व्यवसायिक कार्यक्रम है जिसका उद्देश्य उच्च प्राथमिक या माध्यमिक स्तर , सेकेण्डरी स्तर एवं सीनियर सेकण्डरी स्तर के लिए शिक्षक तैयार करना है शिक्षा मे स्नातक (बी.एड. ) कार्यक्रम विद्यार्थियों को उनके ज्ञान की गहराई के साथ -साथ विस्तार के लिए और शिक्षा की समझ , चयनित क्षेत्रों मे विशेषज्ञता एवं क्रियात्मक शोध क्षमता का विकास करना भी है । कार्यक्रम का उद्देश्य मानव आत्म एवं व्यक्तित्व का संपूर्ण एकीकृत समझ, ज्ञान के पुनर्निर्माण हेतु लोगों के बीच भाई - चारे की रचनात्मक विचार, संवाद कौशल का विकास तथा क्रियात्मक शोध एवं नवोन्मेषी अभ्यास के लिए उन्हे सक्षम बनाना है । ।

2.0 शीर्षक: शिक्षा में स्नातक (बी.एड. )

संकाय : शिक्षा संकाय

3.0

4.0 अवधि, कार्य दिवस एवं उपस्थिति:

4.1 अवधि : बी.एड. पाठ्यक्रम चार सेमेस्टर सहिंत दो शैक्षणिक वर्ष का होगा जिसमें प्रथम वर्ष में 4 सप्ताह के लिए एवं पाठ्यक्रम के द्वितीय वर्ष में 16 सप्ताह के लिए विद्यालयीन इटर्नशीप सम्मिलित है । विद्यार्थियों को प्रवेश की तिथि से अधिकतम 3 वर्ष की कालावधि सहित 2 वर्ष में, समय - समय पर एन.सी.टी.ई के मानदण्ड के अनुसार , पाठ्यक्रम अपेक्षाओं को पूर्ण करने की अनुमति दी जायेगी 626( 75)

छत्तीसगढ़ राजपत्र, दिनांक 6 जुलाई 2020

4.2 कार्य दिवस : प्रवेश की कालावधि को छोड़कर एवं कक्षा संव्यवहार (गतिविधियों) , प्रायोगिक, क्षेत्र अध्ययन और परीक्षा संचालन को सम्मिलित करते हुए , कम से कम दो सौ कार्य दिवस होंगे ।

4.3 उपस्थिति : किसी सेमेस्टरांत परीक्षा के लिए नियमित विद्यार्थी के रूप मे उपस्थित होने वाले अभ्यर्थियों से, सैद्धांतिक प्रश्नपत्र हेतु न्यूनतम 80 प्रतिशत एवं प्रायोगिक हेतु अध्ययन के पाठ्यक्रम के प्रत्येक विषय में पृथकतः 90 प्रतिशत उपस्थिति अपेक्षित होगी । 5 प्रतिशत तक की कमी को डॉ सी.वी.रमन विश्वविद्यालय के कुलपति द्वारा संतुष्टजनक कारण होने पर माफ किया जा सकेगा ।

5.0 प्रवेश अर्हता चयन प्रक्रिया एवं शुल्कः

5.1 प्रवेशः पाठयक्रम के लिए बुनियादी इकाई 50 का होगा । इस इकाई के एकाधिक इकाई भी स्थापित किये जा सकेंगे ।

पात्रताः

5.2

बी.एड. पाठ्यक्रम में प्रवेश की इच्छा रखने वाले अभ्यर्थियों को, स्नातक डिग्री में और / या विज्ञान / समाज विज्ञान / मानविकी / वाणिज्य में स्नातकोत्तर डिग्री में कम से कम 50 प्रतिशत अंक अभिप्राप्त होने चाहिए , विज्ञान और गणित सहित अंभियांत्रिकी या प्रौद्योगिकी में 55 प्रतिशत अंक या उससे संबंधित समकक्ष कोई अन्य योग्यता होने चाहिए , वह, कार्यक्रम में प्रवेश हेतु पात्र है या एन.सी.टी.ई. द्वारा समय -समय पर निर्णित अर्हता मानदण्ड अनुसार पात्र है ।

अभ्यर्थी, जिसका परीक्षा परिणाम प्रतीक्षाधीन है वो भी आवेदन कर सकेंगे । ऐसे अभ्यर्थियों को प्रवेश के समय मार्कशीट / डिग्री प्रमाणपत्र अवश्य प्रस्तुत करना होगा । 626 ( 76)

छत्तीसगढ़ राजपत्र , दिनांक 6 जुलाई 2020

परंतु यह और कि चल रहे बी.एड. पाठ्यक्रम के लिए शासन द्वारा प्रायोजित विद्यालय में नियोजित शिक्षक , विश्वविद्यालय द्वारा विनिर्दिष्ट संख्या से अधिक हो सकेंगे ।

एस.सी. / एस.टी. / ओ.बी.सी. / पी.डब्लू.डी एवं अन्य योग्य श्रेणी हेतु आरक्षण एवं छूट हेतु केन्द्र / राज्य शासन जो भी लागू हो , के नियमों के अनुसार होंगे ।

5.3 प्रवेश प्रक्रिया : अर्हकारी परीक्षा में प्राप्त अंको के आधार पर मेरिट पर, और राज्य शासन / केन्द्र शासन / विश्वविद्यालय की नीति के अनुसार कोई अन्य चयन प्रक्रिया पर प्रवेश परीक्षा में, प्रवेश दिया जायेगा ।

5.4 शुल्क : पाठ्यक्रम शुल्क, विश्वविद्यालय के प्रबंध मण्डल या छत्तीसगढ़ सरकार की शुल्क विनियामक समिति द्वारा समय - समय पर की जाने वाली अनुशंसा के अनुसार विनिश्चित किया जायेगा ।

6.0 माध्यम : शिक्षण एवं परीक्षा का माध्यम, या तो हिन्दी या अंग्रेजी होगा ।

7.0 शिक्षण सत्र : सामान्यतः प्रथम एवं तृतीय सेमेस्टर का शिक्षण सत्र , समानान्तर रूप से जुलाई से दिसंबर की कालावधि तक संचालित होगा और द्वितीय एवं चतुर्थ सेमेस्टर प्रत्येक वर्ष जनवरी से जून की कालावधि में संचालित होगा ।

8.0 शिक्षण एवं परीक्षा की योजना : पाठ्यक्रम सहित विभिन्न सेमेस्टरों के लिए शिक्षण एवं परीक्षा योजना शिक्षा के लिए स्नातक (बी.एड. ) हेतु डॉ सी.वी.रमन विश्वविद्यालय द्वारा अधिसूचित अनुसार पालन किया जायेगा ।

9.0 परीक्षा एवं मूल्याकंन

9.1 सी.वी.आर.यू द्वारा प्रत्येक सेमेस्टर में सेमेस्टरांत परीक्षा (ईएसई ) संचालित किया जायेगा । सेमेस्टर की परीक्षा योजना के अनुसार परीक्षा में सैद्धांतिक प्रश्नपत्र , प्रायोगिक एवं मौखिकी होंगे ।

9.2 प्रत्येक सेमेस्टर के अंत में संपूर्ण सेमेस्टरों के सैद्धांतिक एवं प्रयोगशाला प्रायोगिक को मिलाकर पूर्ण परीक्षा होगी । 626(77)

छत्तीसगढ़ राजपत्र, दिनांक 6 जलाई 2020

9.3 परीक्षा की अवधि 25 कार्य दिवसों से अधिक नहीं होगी ।

9.4 विशेष सेमेस्टर में कम उपस्थिति के कारण रोके गए किसी अभ्यर्थी को नियमित अभ्यर्थी के रूप में उसी सेमेस्टर को दुबारा करना होगा ।

9.5 अन्यत्र उल्लिखित किसी बात के होते हुए भी, किसी अभ्यर्थी को समवर्ती सेमेस्टरांत परीक्षा (मुख्य / पूरक) में अधिकतम चार बार लगातार , उपस्थित होने की अनुमति दी जायेगी ।

9.6 सेमेस्टरांत परीक्षा की समय सारणी , परीक्षा के प्रारंभ होने के 15 दिवस के पूर्व घोषित की जायेगी ।

9.7 तैयारी अवकाश : केवल लगभग 10 दिवस की तैयारी अवकाश , प्रत्येक सेमेस्टर के मुख्य परीक्षा हेतु अग्रसरित होगी ।

9.8 अग्रनयन : किसी अभ्यर्थी को उच्च सेमेस्टर में संपूर्ण विषयों अर्थात सेमेस्टर के सैद्धांतिक एवं प्रायोगिक के अग्रनयन करने की अनुमति दी जायेगी , किन्तु उससे, उन विषयों (सैद्धांतिक / प्रायोगिक ) जिसमें उसे डब्लू एच या एफ एफ ग्रेड अवार्ड दिया गया है, अगले ईएसई को उत्तीर्ण करना अपेक्षित होगा । 10 पाठ्यक्रम , क्रेडिट , निर्धारण एवं ग्रेडिंग

10.1 पाठ्यक्रमः कार्यक्रम में पाठ्यक्रम का समावेश है । कोई ' पाठ्यक्रम ' कार्यक्रम का घटक (एक प्रश्नपत्र ) है । विश्वविद्यालय द्वारा प्रस्तावित प्रत्येक पाठ्यक्रम को यूनिक कोर्स कोड द्वारा पहचानी जाती है । पाठ्यक्रम को, व्याख्यान / ट्यूटोरियल्स / प्रयोगशाला कार्य / सेमिनार / परियोजना कार्य / प्रायोगिक प्रशिक्षण / रिपोर्ट लेखन / मौखिकी आदि को सम्मिलित करने हेतु अथवा इनके संयोजन से शिक्षण एवं अधिगम की जरूरत को प्रभावी ढ़ग से पूरा करने हेतु, रूपांकित किया जा सकेगा तथा क्रेडिट को उचित रूप से दिये जा सकेंगे ।

10.2 क्रेडिटः- क्रेडिटं, पाठ्यक्रम के लिये विषय वस्तु के भाग / विहित पाठ्यक्रम परिभाषित करता है तथा प्रति सप्ताह अपेक्षित अनुदेश के घंटों की संख्या का निर्धारण करता है । 626 (78)

छत्तीसगढ़ राजपत्र, दिनांक 6 जुलाई 2020

1 क्रेडिट = प्रति सप्ताह व्याख्यान के 1 घंटे (1 क्रेडिट पाठ्यक्रम = प्रति सेमेस्टर व्याख्यान के 15 घंटे)

3 क्रेडिट = प्रति सप्ताह व्याख्यान के 3 घंटे (3 क्रेडिट पाठ्यक्रम = प्रति सेमेस्टर व्याँख्यान के 45 घंटे)

संस्थान व्याख्यान / ट्यूटोरियल / प्रयोगशाला कार्य / फील्ड वर्क या अन्य के रूप में पाठ्यक्रम कर सकता है । प्रयोगशाला / फील्डवर्क सम्मिलित पाठ्यक्रम के लिये अपेक्षित अनुसार संस्थान के घंटे की संख्या निर्धारित करते हुए , प्रयोगशाला / फील्डवर्क के 2 घंटे सामान्यतः व्याख्यान के 1 घंटे के समतुल्य समझा जाता है ।

10.3 निर्धारण एवं मूल्यांकन:

निरंतर मूल्यांकन प्रणाली का अनुपालन , दोनों घटकों जैसे आंतरिक असाइनमेंट (आईए ) एवं सेमेस्टरांत परीक्षा (ईएसई) के अनुसार किया जायेगा ।

ग्रेडिंग प्रणालीः

प्रतिशत के साथ - साथ पूर्ण ग्रेडिंग प्रणाली का अनुपालन किया जायेगा प्रत्येक विषय , सैद्धांतिक या प्रायोगिक में, अभ्यर्थी को सभी विषयों जैसे कि आईए एवं ईएसई के एक संयुक्त प्रदर्शन पर आधारित लेटर ग्रेड प्रदान किया जायेगा । ये ग्रेड, नीचे दी गई " ग्रेड पॉइंट " (जीपी) के रूप में ज्ञात समकक्ष संख्या के माध्यम से अभ्यर्थी के प्रदर्शन के गुणात्मक निर्धारण दर्शित करने वाले लेटर (अक्षर) द्वारा वर्णित होंगे । पाठ्यक्रम सफलतापूर्वक पूर्ण किया जाता है अथवा क्रेडिट, पाठ्यक्रम के लिये अर्जित किया जाता है तब लेटर ग्रेड सी या उससे अच्छा, पाठ्यक्रम में प्रदान किया जाता है ।

B + BC + C F

लेटर ग्रेड ( एल जी): A+ A

8 7 6 5 0

ग्रेड पॉइंट (जी पी): 10 9 626( 79)

छत्तीसगढ़ राजपत्र, दिनांक 6 जुलाई 2020

प्रत्येक विषय , सैद्धांतिक एवं प्रायोगिक के लिये पृथक- पृथक ग्रेड प्रदान किया जायेगा ।

10.4 पूर्ण ग्रेडिंग प्रणालीः

नीचे स्पष्ट किये गये पूर्ण ग्रेडिंग प्रणाली के प्रकार को सैद्धांतिक और प्रायोगिक विषय के लिये अंगीकृत किये जायेंगे-

ग्रेड

सैद्धांतिक

प्रायोगिक A+

85 < Marks ≤ 100 % , 90 < Marks ≤ 100 % , A

75 < Marks < 85 % , 82 < Marks < 90 % , B+

65 < Marks < 75 % , 74 < Marks < 82 % , B

55 < Marks < 65 % 66 < Marks < 74 % , C+

45 < Marks < 55

58 < Marks < 66 % ,

50

C

35≤ Marks < 45

< Marks < 58 % , F

0 ≤ Marks < 35 % , 0 ≤ Marks < 50 % , अतएव लेटर ग्रेड A + , A, B + , B , C + , C एवं F तत्स्थानी ग्रेड पॉइंट परीक्षक द्वारा मूल्यांकित प्रत्येक विषय हेतु उपलब्ध होंगे ।

10.5 सेमेस्टर प्रदर्शन सूचकांक (एस पी आई):

प्रथम (i ) सेमेस्टर ( जहां (i) विशेष सेमेस्टर की संख्या दर्शित करता है) में विद्यार्थी का प्रदर्शन सी पी आई द्वारा अभिव्यक्त किया जाता है जो सेमेस्टर में विद्यार्थी द्वारा अभिप्राप्त पाठ्यक्रम ग्रेड पॉइन्ट का अधिभार औसत है तथा जो निम्नलिखित द्वारा अभिव्यक्त है-

[SPI] = [ G₁G₁CG ] [C₁ + C₂ + ....... ] = [ CG ] Ni [ C] D 626( 80)

छत्तीसगढ़ राजपत्र , दिनांक 6 जुलाई 2020

जहां C एवं G कमशः क्रेडिट और ग्रेड के लिए है , सीपीआई , पूर्णांक के बिना , अंक को दो स्थान तक संगणित किया जायेगा । सीपीआई तभी संगणित किया जायेगा जब विद्यार्थी , किसी विषय , सैद्धांतिक या प्रायोगिक में असफल हुए बिना , सेमेस्टर उत्तीर्ण करता है ।

संचित प्रदर्शन सूचकांक (सी पी आई):

100 प्रतिशत अधिभार सहित डिग्री कार्यक्रम में उसके प्रवेश के समय सभी पाठ्यक्रम के लिए विद्यार्थी द्वारा सभी पाठ्यक्रमों के लिए विद्यार्थी द्वारा अभिप्राप्त पाठ्यक्रम ग्रेड पॉइन्ट का अधिभार औसत है, सेमेस्टर प्रथम (i ) मे सीपीआई , निम्नानुसार संगणित की जायेगी ΣΙΝ [CPI ] = D

यदि विद्यार्थी पाठ्यक्रम को आवृत्ति करता है या किसी विषय में अनुत्तीर्ण घोषित होता है तो ही नवीनतम (आगामी) प्रयास में अभिप्राप्त ग्रेड पॉइन्ट, सीपीआई के निकटस्थ संगणित किया जायेग । सीपीआई, एसपी आई सहित प्रत्येक सेमेस्टर में संगणित किया जायेगा ताकि विद्यार्थी को ज्ञात हो कि उसका सीपीआई कैसे परिवर्तित हो रहा है ।

11.0 डिवीजन प्रदान करना :

डिविजन का वर्गीकरण निम्नानुसार होगा-

प्रथम् श्रेणी 60 प्रतिशत एवं अधिक

द्वितीय श्रेणी 40 प्रतिशत एवं अधिक किन्तु 60 प्रतिशत से कम

तृतीय श्रेणी - 35 प्रतिशत एवं अधिक किन्तु 45 प्रतिशत से कम 35 प्रतिशत से कम, अनुत्तीर्ण होगा । 626(81)

छत्तीसगढ़ राजपत्र, दिनांक 6 जुलाई 2020

प्रत्येक सैद्धांतिक प्रश्नपत्र और प्रायोगिक / प्रशिक्षण में, अभ्यर्थी द्वारा कम से कम 35 प्रतिशत एवं 50 प्रतिशत अंक क्रमशः अभिप्राप्त करना चाहिए ।

12.0 पुनर्गणनाः

12.1 कोई अभ्यर्थी, जिसने विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित परीक्षा में उपस्थित हुआ हो , किसी एक या दो सैद्धांतिक प्रश्नपत्र हेतु अंको की पुनर्गणना के लिए सी वी रमन विश्वविद्यालय को आवेदन कर सकेगा ।

12.2 ऐसा आवेदन , विहित प्ररूप में , अपेक्षित फीस सहित, संबंधित संस्थान जिसमें वह अध्ययनरत है , के प्राचार्य को परिणाम की घोषणा की तिथि से 15 दिवस के भीतर करना आवश्यक है ।

7.3 पुनर्गणना का कार्य अर्थात् पुनर्गणना में प्रश्नपत्र की पुनः परीक्षा सम्मिलित नहीं है । यह, यह देखने के लिए किया जायेगा कि क्या विशिष्ट उत्तरों में दी गई अंकों की गणना में कोई त्रुटि या किसी उत्तर में दी गई अंको में कोई लोप की गई है ।

13.0 पुनर्मूल्यांकनः

13.1 अभ्यर्थी, अधिकतम दो सैद्धांतिक प्रश्नपत्रों के लिये ही मुख्य परीक्षा में अपने उत्तर पुस्तिका के पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन कर सकते है ।

13.2 ऐसा आवेदन, विहित प्ररूप में, अपेक्षित फीस सहित , परिणाम की घोषणा की तिथि से 15 दिवस के भीतर करना आवश्यक है ।

13.3 यदि , मूल रूप से प्रकाशित परिणाम में पुनर्मूल्यांकन में कोई त्रुटि पाया जाता है तो विश्वविद्यालय द्वारा आवश्यक सुधार अधिसूचित किया जायेगा । अन्य सभी मामलों में, परिणाम की संसूचना अभ्यर्थी को दी जायेगी ।

13.4 पुनर्गणना या पुनर्मूल्यांकन , प्रायोगिक की दशा में अनुज्ञात नही किया जायेगा । 626 (82)

छत्तीसगढ़ राजपत्र, दिनांक 6 जुलाई 2020

14.0 विद्यालय इंटर्नशीप के लिये मार्गदर्शनः विद्यालय इंटर्नशिप "क्षेत्र के साथ जुड़ाव " के विस्तृत पाठ्यचर्या क्षेत्र का अंग होगा और परिप्रेक्ष्यों के प्रदर्शन, व्यावसायिक क्षमताओं,, शिक्षक संवेदन शीलता एवं कौशल के विस्तृत विकास करने के लिये रूपांकित किया जायेगा । बी.एड. की पाठ्यचर्या , सीखने वाले एवं विद्यालय (अधिगम से निरंतर एवं बोध संबंधी मूल्यांकन में जुड़ाव को सम्मिलित करते हुये ) अनवरत जुड़ाव हेतु, इसके द्वारा वर्ष भर प्रतिवेश में विद्यालय के साथ तालमेल सृजित करेंगे । विद्यार्थी- शिक्षक, विद्यालय में सीखने वाले की विविध जरूरतों को पूरा करने आनंद की सामग्री उपलब्ध करायेंगे । विद्यार्थियों को पाठ्यक्रम के प्रथम वर्ष में 4 सप्ताह एवं अंतिम वर्ष में 16 सप्ताह के लिये सक्रिय रूप से जोड़ा जायेगा । विद्यार्थियों में इंटर्नशिप दो वर्षीय पाठ्यक्रम के लिये न्यूनतम अवधि 20 सप्ताह का होगा । इसमें अभ्यास शिक्षण की तुलना में, प्रारंभिक चरण में नियमित के साथ नियमित कक्षा, कक्ष अवलोकन के लिये एक सप्ताह की सम्मिलित होगा तथा अभ्यास सबक के सहकर्मी अवलोकन , शिक्षक अवलोकन एवं संकाय अवलोकन भी सम्मिलित होंगे ।

15.0 निर्वचन : इस अध्यादेश के निर्वचन के विषयों में कोई संदेह, विवाद या अस्पटता की दशा में , कुलपति का विनिश्चय , अंतिम होगा और विद्यार्थियों / अभ्यर्थियों / संबंधित पक्षकारों पर बंधनकारी होगा ।

विवाद की स्थिति में , मामले का विनिश्चय जिला न्यायालय , बिलासपुर छ.ग. की क्षेत्राधिकारिता के अधीन किया जायेगा ।

-00000 626( 83)

छत्तीसगढ़ राजपत्र , दिनांक 6 जुलाई 2020

डॉ. सी. वी . रामन विश्वविद्यालय अध्यादेश क्रमांक 29 (पुनरीक्षित) अभियांत्रिकी/ प्रौद्योगिकी में स्नातक (बी.ई / बी.टेक)

1.0 सामान्यः चार वर्षीय (आठ सेमेस्टर) पाठ्यक्रम के अभियांत्रिकी/ प्रौद्योगिकी में प्रथम डिग्री , जो इसमें इसके पश्चात् चार वर्षीय डिग्री पाठ्यक्रम कहा जाएगा, सम्बन्धित संकाय में 'अभियांत्रिकी में स्नातक / प्रौद्योगिकी में स्नातक' के रूप में अभिहित होगा । इस बी.ई / बी.टेक डिग्री में सी.वी.रमन विश्वविद्यालय विज्ञान और प्रौद्योगिकी संस्थान में प्रचलित अभियांत्रिकी/ प्रौद्योगिकी का संकाय सम्मिलित होगा । बी.ई / बी.टेक पाठ्यक्रम का परीक्षा परिणाम, प्रतिशत और क्रेडिट प्रणाली के आधार पर होगा । प्रवेशः 2.0

2.1 बी.ई/ बी.टेक प्रथम वर्ष में प्रवेश के लिये न्यूनतम अर्हता, छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मण्डल द्वारा संचालित उच्चतर माध्यमिक स्कूल प्रमाण पत्र परीक्षा (10+2) प्रणाली , भौतिकी , रसायन एवं गणित विषय सहित उत्तीर्ण या किसी मान्यता प्राप्त मण्डल या विश्वविद्यालय से कोई अन्य समतुल्य परीक्षा उत्तीर्ण होना होगा ।

2.2 अभ्यर्थी, जिसने मान्यता प्राप्त तकनीकी शिक्षा मण्डल / विश्वविद्यालय से अभियांत्रिकी के संबंधित संकाय में डिप्लोमा पाठ्यक्रम उत्तीर्ण किया हो, बी.ई. पाठ्यक्रम के प्रथम सेमेस्टर में प्रवेश हेतु पात्र होंगे परन्तु वे छत्तीसगढ़ के मूल निवासी हों ।

2.3 अभ्यर्थी, जिसने अभियांत्रिकी के समुचित संकाय में तकनीकी शिक्षा मण्डल / विश्वविद्यालय से 50 प्रतिशत अंको के साथ डिप्लोमा परीक्षा उत्तीर्ण किया हो , पार्श्व प्रवेश रीति पर तृतीय सेमेस्टर (4 - वाई डी सी का द्वितीय वर्ष) में प्रवेश हेतु पात्र होंगे । 626 ( 84)

छत्तीसगढ़ राजपत्र , दिनांक 6 जुलाई 2020

2.4 अभ्यर्थी , जिसने किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से, संयुक्त रूप से, एक मुख्य विषय गणित हो एवं 50 प्रतिशत अंको के साथ बी.एस.सी. (विज्ञान में स्नातक) उत्तीर्ण किया हो, पार्श्व प्रवेश रीति पर तृतीय सेमेस्टर (वाई डी सी का द्वितीय वर्ष) में प्रवेश हेतु पात्र होंगे ।

2.5 अप्रवासी भारतीय (एन.आर.आई) अभ्यर्थी, छत्तीसगढ़ शासन के निर्देशों के अनुसार बी.ई में प्रवेश हेतु पात्र होंगे परन्तु वे उपरोक्त खण्ड 2.1 के मानदण्ड को पूरा करते हो ।

2.6 उपरोक्त खण्ड 2.1 एवं 2.2 में यथा विनिर्दिष्ट पात्र अभ्यर्थी, बी.ई / बी.टेक में प्रवेश हेतु, सी.जी. पी.ई.टी / ए.आई.ई.ई.ई के मेरिट सूची में स्थान अर्जित करना चाहिए । सामान्यतः बी.ई / बी.टेक में प्रवेश के लिये , छत्तीसगढ़ राज्य शासन के तकनीकी शिक्षा संचालनालय या कोई अन्य समकक्ष प्राधिकारी द्वारा बनाये गये नियमों द्वारा शासित होंगे । विश्वविद्यालय अभियांत्रिकी पाठ्यक्रम में प्रवेश हेतु अपना प्रवेश परीक्षा भी आयोजित कर सकेगा ।

2.7 सीटेंः बुनियादी इकाई 60 सीटों की होगी । इस इकाई के एकाधिक इकाई भी स्थापित किये जा सकेंगे ।

2.8 फीसः पाठ्यक्रम फीस , विश्वविद्यालय के प्रबंध मण्डल द्वारा विनिश्चित किये जायेंगे (अथवा फीस निर्धारण समिति छत्तीसगढ़ शासन के (समय - समय पर) अनुशंसा अनुसार होंगे ) ।

2.9 माध्यमः शिक्षण एवं परीक्षा का माध्यम, हिन्दी या अंग्रेजी होगा । विषय, नियमित रीति से पढ़ाये / सिखाये जायेंगे । नियमित सैद्धांतिक एवं प्रायोगिक पाठ्यक्रम संचालित किये जायेंगे जिसमें 75 प्रतिशत उपस्थिति अनिवार्य होगी ।

2.10 स्थानांतरित अभ्यर्थीः किसी अन्स विश्वविद्यालय / संस्था से स्थानांतरित अभ्यर्थी, बी.ई. पाठ्यक्रम में प्रवेश हेतु पात्र होंगे परन्तु सम्बन्धित संकाय के अध्ययन मण्डल का अनुमोदन हो ।

3.0 शिक्षण सत्रः 626(85)

छत्तीसगढ़ राजपत्र, दिनांक 6 जुलाई 2020

सामान्यतः एक, तीन , पाँच या सात (विषम ) सेमेस्टर का शिक्षण सत्र , प्रत्येक वर्ष जुलाई से दिसम्बर के दौरान समानांतर रूप से संचालित होंगी तथा दो, चार, छः एवं आठ (सम ) सेमेस्टर का शिक्षण सत्र, प्रत्येक वर्ष जनवरी से जून के दौरान समानांतर रूप से संचालित होंगी ।

3.1 मानदण्ड के अनुसार प्रत्येक सेमेस्टर में पढ़ाया जायेगा ।

3.2 अभ्यर्थी, सेमेस्टर की परीक्षा जिसमें वह उपस्थित हुआ था, की समाप्ति के पश्चात् उच्च सेमेस्टर कक्षा में अपना अध्ययन अनंतिम रूप से जारी रखेगा । तथापि , उसके पात्रता का मूल्यांकन खण्ड 4.5 के अनुसार सेमेस्टर के परिणाम जिसमें वह उपस्थित हुआ था उसके परिणाम घोषित किये जान के पश्चात् ही किया जायेगा ।

3.3 अवधिः बी.ई. / बी.टेक. पाठ्यक्रम की न्यूनतम / अधिकतम अवधि 4/7 वर्ष होगी ।

3.4 शिक्षण की इकाई प्रणालीः प्रत्येक विषय का सिलेबस , पाँच इकाई में विभक्त रहेगा । सैद्धांतिक परीक्षा प्रश्नपत्र में प्रत्येक इकाई से प्रश्न अंतर्विष्ट होंगे । 3.5 मानदण्ड इकाईः सभी शिक्षण एवं प्रश्नपत्र की सेटिंग एस.आई इकाई (अंतर्राष्ट्रीय इकाई प्रणाली) में किये जायेंगे ।

3.6 व्यवसायिक प्रायोगिक प्रशिक्षणः प्रत्येक विद्यार्थी के लिये आवश्यक होगा कि व्यवसाय के समय न्यूनतम चार सप्ताह की अवधि (न्यूनतम 2 हिस्सों) की व्यवसायिक प्रायोगिक प्रशिक्षण पूर्ण करें ।

3.7 शिक्षण योजनाः विभिन्न सेमेस्टर और सिलेबस के लिये शिक्षण एवं परीक्षा योजना का अनुपालन अभियांत्रिकी /प्रौद्योगिकी के विभिन्न संकाय के लिये डॉ. सी. वी. रमन विश्वविद्यालय द्वारा अधिसूचित अनुसार किया जायेगा ।

3.8 उपस्थितिः किसी सेमेस्टर परीक्षा के लिये नियमित विद्यार्थी के रूप में उपस्थित होने वाले अभ्यर्थी से, अध्ययन पाठ्यक्रम के प्रत्येक विषय में पृथक- पृथक आयोजित व्याख्यान एवं प्रायोगिक एवं अनुशिक्षण (ट्यूटोरियल) कक्षा में न्यूनतम 626 ( 86 )

छत्तीसगढ़ राजपत्र , दिनांक 6 जुलाई 2020

75% उपस्थिति की अपेक्षा होगी , पाँच प्रतिशत तक की कमी को डॉ. सी. वी. रमन विश्वविद्यालय के कुलपति के द्वारा संतोषपूर्ण कारण होने पर माफ किया जा सकेगा ।

3.9 असाधारण लंबी अनुपस्थितीः यदि विद्यार्थी दो वर्ष से अनाधिक अवधि हेतु इस विश्वविद्यालय के अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी के संकाय के शैक्षिक गतिविधियों में भाग नहीं लेता है तो उसे न तो किसी पश्चात्वर्ती परीक्षा में उपस्थित होने की अनुमति दी जायेगी न ही किसी सेमेस्टर में प्रवेश या पदोन्नत किया जायेगा तथा वह बी.ई. / बी.टेक डिग्री पाठ्यक्रम के साथ- साथ इस विश्वविद्यालय का विद्यार्थी नहीं रहेगा । यहा, शैक्षिक गतिविधि में भाग लेने से अभिप्रेत है व्याख्यान, अनुशिक्षण , प्रायोगिक में उपस्थिति, नियमित विद्यार्थी के रूप में मुख्य या अनुपूरक परीक्षाओं में उपस्थिति । चिकित्सा आधार पर कैंपस से अनुपस्थिति के लिये , तीन माह से अनाधिक के अंतराल में प्रस्तुत अवकाश आवेदनों के साथ समर्थित होना आवश्यक है ।

परीक्षाः

4.0

4.1 सी.वी.आर.यू. द्वारा संचालित प्रत्येक सेमेस्टर में सेमेस्टरांत परीक्षा होगी । परीक्षा में, उस सेमेस्टर की परीक्षा योजना के अनुसार सैद्धांतिक प्रश्नपत्र , प्रायोगिक एवं मौखिकी सम्मिलित होगी । सेमेस्टर परीक्षा सामान्यतः प्रत्येक वर्ष नवम्बर- दिसम्बर एवं अप्रैल - मई के माह मे आयोजित होगी ।

4.2 सभी सेमेस्टर के सैद्धांतिक प्रश्नपत्र एवं प्रायोगिक सहित प्रत्येक सेमेस्टर के अंत में पूर्ण परीक्षा होगी ।

4.3 परीक्षा कालावधि, 25 कार्य दिवस से अधिक नहीं होनी चाहिए ।

4.4 विशिष्ट सेमेस्टर में उपस्थिति की कमी के कारण रोके गये अभ्यर्थी, नियमित अभ्यर्थी के रूप में उसी सेमेस्टर को दुबारा करेंगे । 626(87)

छत्तीसगढ़ राजपत्र, दिनांक 6 जुलाई 2020

4.5 अन्यत्र उल्लिखित किसी बात के होते हुये भी, अभ्यर्थी को अधिकतम चार समानांतर सेमेस्टरांत परीक्षा (मुख्य / अनुपूरक) में उपस्थित होने के अनुमति दी जायेगी ।

4.6 सेमेस्टरांत परीक्षा का टाईम टेबल परीक्षा के प्रारंभ के 15 दिवस पूर्व घोषित किया जाना चाहिये ।

4.7 तैयारी अवकाशः प्रत्येक सेमेस्टर के मुख्य परीक्षा में 10 दिन का ही तैयारी अवकाश , अग्रसरित होगा ।

4.8 अग्रनयनः अभ्यर्थी को उच्च सेमेस्टर में सभी विषयो अर्थात् सेमेस्टर के सैद्धांतिक एवं प्रायोगिक हेतु अग्रनयन अनुज्ञात किया जायेगा , उससे , उन विषयों (सैद्धांतिक / प्रायोगिक ), जिसमें उसे WH या FF ग्रेड प्राप्त हुआ था, में ही आगामी ईएसई को उत्तीर्ण करने की अपेक्षा की जायेगी ।

4.9 यदि अभ्यर्थी किसी एक या अधिक टीए (अध्यापक का निर्धारण) में असफल होता है तो वह ईएसई (सेमेस्टरांत परीक्षा) में उपस्थित होने हेतु पात्र नहीं होगा अतएव सेमेस्टर दुबारा करना होगा ।

उत्तीर्ण परीक्षाः

5.0

5.1 अंको का आधारः

5.1.1 प्रत्येक सेमेस्टर में अभ्यर्थी का प्रदर्शन, विषयवार मूल्यांकित किया जायेगा , प्रत्येक सैद्धांतिक प्रश्नपत्र हेतु कक्षा परीक्षा (सीटी) एवं सेमेस्टरांत परीक्षा (ईएसई) एवं अध्यापक का निर्धारण (टीए) तथा प्रत्येक प्रायोगिक हेतु ईएसई एवं टीए , निम्नलिखित विभाजन एवं उत्तीर्ण मानक अर्थात् सैद्धांतिक एवं सत्रीय सहित होगा-

परीक्षा का नाम

न्यूनतम उत्तीर्ण अंक सैद्धांतिक एवं प्रायोगिक के अध्यापक 60 प्रतिशत

(एक) 626(88 )

छत्तीसगढ़ राजपत्र , दिनांक 6 जुलाई 2020

निर्धारण (टीए )

निरंक

कक्षा परीक्षा (सीटी) सैद्धांतिक

(दो)

सेमेस्टरांत परीक्षा (ईएसई)

(तीन)

35 प्रतिशत

सैद्धांतिक

प्रायोगिक

50 प्रतिशत

(चार) ई एस ई, सी टी एवं टी ए का कुल योग

सैद्धांतिक

35प्रतिशत

प्रायोगिक

50 प्रतिशत

50 प्रतिशत

(पाँच) समग्र योग

सत्रीय चार्ट, प्राचार्य द्वारा पुनर्विलोकित एवं जांच की जायेगी तथा गोपनीय शाखा को अग्रेषित की जायेगी ।

5.1.2 प्रायोगिक में सेमेस्टरांत परीक्षा के मूल्यांकन के लिये, एक बाह्य परीक्षक परीक्षा संस्थान/ सी . वी. आर. यू. के बाहर से होगा एवं एक आंतरिक परीक्षक संस्थान / सी. वी. आर. यू. से होगा ।

5.1.3 यदि अभ्यर्थी सेमेस्टर परीक्षा पूर्णरूपेण उत्तीर्ण किया हो तो उसे डिवीजन / अंको में सुधार हेतु उसी परीक्षा में पुनः उपस्थित होने की अनुमति नहीं होगी ।

5.2 क्रेडिट का आधारः

5.2.1 क्रेडिट = [ L + ( T + P) / 2 ] जहां L = व्याख्यान प्रति सप्ताह, T = अनुशिक्षण (ट्यूटोरियल) प्रति सप्ताह, P = प्रायोगिक प्रति सप्ताह है । विषय में क्रेडिट , पूर्णांक में होगा न कि भिन्नात्मक अंक में । यदि विषय में क्रेडिट, भिन्नात्मक में परिवर्तित हो जाता है तो उसे आगामी पूर्णांक संख्या के रूप में लिया जायेगा । 626( 89)

छत्तीसगढ़ राजपत्र, दिनांक 6 जुलाई 2020

5.2.2 अभ्यर्थी , सेमेस्टर में आबंटित सभी क्रेडिट तब ही अर्जित करेगा जब वह उक्त सेमेस्टर में उत्तीर्ण होता हो ।

5.3 उच्च सेमेस्टर में पदोन्नयनः अभ्यर्थी सेमेस्टर की परीक्षा, जिसमें वह उपस्थित हुआ था, के पूर्ण होने के पश्चात् उच्च सेमेस्टर कक्षा में अपना अध्ययन अनंतिम रूप से जारी रख सकेगा ।

6.0 निर्धारण एवं ग्रेडिंगः

6.1 निर्धारण एवं मूल्यांकन की रीतिः

निरंतर मूल्यांकन प्रणाली का अनुपालन, तीनों घटकों जैसे कक्षा परीक्षा (सीटी) , शिक्षक का निर्धारण (टीए ) एवं सेमेस्टरांत परीक्षा (ईएसई) के अनुसार किया जायेगा । टीए को और अधिक निष्पक्ष बनाने हेतु यह, उपस्थिति, गृह असाइनमेन्ट, गृह टेस्ट, बंद एवं खुले पुस्तिका टेस्ट, समुह असाइनमेन्ट, कक्षा में प्रदर्शन, मौखिकी , क्वीज आदि पर आधारित होगा । इसी तरह , प्रत्येक सेमेस्टर में प्रत्येक सैद्धांतिक विषय के कम से कम एक कक्षा परीक्षा होगा, जिसका परिणाम कक्षा में विद्यार्थी को परीक्षा उत्तरपुस्तिका सहित दिखाया जायेगा ।

6.2 ग्रेडिंग प्रणालीः

प्रतिशत के साथ - साथ पूर्ण ग्रेडिंग प्रणाली का अनुपालन किया जायेगा प्रत्येक विषय , सैद्धांतिक या प्रायोगिक में, अभ्यर्थी को सभी विषयों जैसे कि टीए , सीटी, एवं ईएसई के एक संयुक्त प्रदर्शन पर आधारित लेटर ग्रेड प्रदान किया जायेगा । ये ग्रेड, नीचे दी गई " ग्रेड पॉइंट " (जीपी) के रूप में ज्ञाता समकक्ष संख्या के माध्यम से अभ्यर्थी के प्रदर्शन के गुणात्मक निर्धारण दर्शित करने वाले लेटर (अक्षर) द्वारा वर्णित होंगे । पाठ्यक्रम सफलतापूर्वक पूर्ण किया जाता है अथवा क्रेडिट, पाठ्यक्रम के लिये अर्जित किया जाता है तब लेटर ग्रेड सी या उससे अच्छा , पाठ्यक्रम में प्रदान किया जाता है ।

लेटर ग्रेड ( एल जी): A+ A B + B C + C F 626 (90 )

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ग्रेड पॉइंट (जी पी): 10 9 8 7 6 5 0

प्रत्येक विषय , सैद्धांतिक एवं प्रायोगिक के लिये पृथक - पृथक ग्रेड प्रदान किया जायेगा । यह नीचे वर्णित अनुसार दिया जायेगा ।

6.3 पूर्ण ग्रेडिंग प्रणालीः

नीचे स्पष्ट किये गये पूर्ण ग्रेडिंग प्रणाली के प्रकार को सैद्धांतिक और प्रायोगिक विषय के लिये अंगीकृत किये जायेंगे-

ग्रेड

सैद्धांतिक

प्रायोगिक 85

90

A+

< Marks ≤ 100 % ,

< Marks ≤ 100 % , A

75 < Marks < 85 % , 82 < Marks < 90 % , B+

74

65 < Marks < 75 % ,

< Marks < 82 % ,

66

55 < Marks < 65 %

B

< Marks < 74 % , < Marks < 55

58

C+ 45

< Marks < 66 % ,

50

C

35 < Marks < 45

< Marks < 58 % ,

0

F

0 < Marks < 35 % ,

< Marks < 50 % , अतएव लेटर ग्रेड A + , A, B + , B , C + , C एवं F तत्स्थानी ग्रेड पॉइंट परीक्षक द्वारा मूल्यांकित प्रत्येक विषय हेतु उपलब्ध होंगे ।

6.4 अनुत्तीर्ण ग्रेड "F "

इसके अतिरिक्त , F के और वर्गीकरण , निम्नानुसार है-

FF : किसी सैद्धांतिक / प्रायोगिक विषय में अनुत्तीर्ण ।

FS : सत्रीय अर्थात् इस प्रकार आवृत्ति सेमेस्टर TA में, अनुत्तीर्ण । 626(91)

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WH: विभिन्न कारणों से राके गये परिणाम ।

FA: कुल (एग्रीगेट) अंक जिसमें अंक 50 प्रतिशत से कम अंक हो, के कारण अनुत्तीर्ण , होने पर , किसी विकल्प के एक या दो विषय (सैद्धांतिक / प्रायोगिक) में उपस्थित होने हेतु पात्रता ।

6.5 सेमेस्टर प्रदर्शन सूचकांक (एस पी आई):

प्रथम ( i ) सेमेस्टर में विद्यार्थी का प्रदर्शन एस पी आई द्वारा अभिव्यक्त किया जाता है जो सेमेस्टर में विद्यार्थी द्वारा अभिप्राप्त पाठ्यक्रम ग्रेड पॉइन्ट का अधिभार औसत है तथा जो निम्नलिखित द्वारा अभिव्यक्त है-

[ CG ]

[2C]

=

N

D

[ SPI ] = [C₁G1 + C2G2 + ..... ] [ C1 + C2 + ... ]

जहां C एवं G क्रमशः क्रेडिट और ग्रेड के लिए है , एसपीआई , पूर्णांक के बिना, अंक को दो स्थान तक संगणित किया जायेगा । एसपीआई तभी संगणित किया जायेगा जब विद्यार्थी, किसी विषय , सैद्धांतिक या प्रायोगिक में असफल हुए बिना , सेमेस्टर उत्तीर्ण करता है ।

& Diis [ EC] ;

N₁ is [ CG ]

6.6 संचित प्रदर्शन सूचकांक (सी पी आई):

डिग्री कार्यक्रम में उसके प्रवेश के समय सभी पाठ्यक्रम के लिए विद्यार्थी द्वारा अभिप्राप्त पाठ्यकम ग्रेड पॉइन्ट का अधिभार औसत है, सेमेस्टर एक एवं दो का 10 प्रतिशत अधिभार, सेमेस्टर अंक तीन एवं चार का 20 प्रतिशत अधिभार, सेमेस्टर अंक पांच एवं छः का 30 प्रतिशत अधिभार एवं सेमेस्टर अंक सात एवं आठ का 100 प्रतिशत अधिभार सहित होगा । अतएव दो से अधिक "प्रथम (i ) " सहित सेमेस्टर प्रथम (i ) मे सीपीआई , निम्नानुसार संगणित की जायेगी 626 ( 92 )

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[ CPI ] = 0.1 (N₁ + N₂ ) +0.2 (N3 + 4) +0.3 ( N + N6 ) + (N7 +Ng ) 0.1 (D1 + D2 ) +0.2 (D3 + D₄) +0.3 (D5 + D6 ) + (D7 + D8)

यदि विद्यार्थी पाठ्यक्रम को आवृत्ति करता है या किसी विषय में अनुत्तीर्ण घोषित होता है तो ही नवीनतम (आगामी) प्रयास में अभिप्राप्त ग्रेड पॉइन्ट, सीपीआई के निकटस्थ संगणित किया जायेग । सीपीआई , एसपी आई सहित प्रत्येक सेमेस्टर में संगणित किया जायेगा ताकि विद्यार्थी को ज्ञात हो कि उसका सीपीआई कैसे परिवर्तित हो रहा है । 6.7 कक्षा या डिवीजन प्रदान करना :

6.7.1 बीई / बी टेक डिग्री के साथ विद्यार्थी को प्रदान किया जाने वाला श्रेणी / डिविजन , निम्न सारणी के अनुसार विद्यार्थी के अंको के प्रतिशत से विनिश्चित की जायेगी-

: 75% ≤ Marks ≤100 %

> विशिष्टता या आनर्स

> प्रथम श्रेणी : 65% Marks < 75%

: 50% ≤ Marks < 65 % > द्वितीय श्रेणी

6.7.2 सभी चार वर्ष के लिए अभ्यर्थी के समेकित प्रदर्शन के आधार पर , आठवें एवं अंतिम सेमेस्टर के पश्चात ही डिविजन प्रदान किया जायेगा ।

6.7.3 अभ्यर्थी को बीई अंतिम में उत्तीर्ण तब तक घोषित नही किया जायेगा जब तक कि उसने आठवे सेमेस्टर के सभी पूर्व परीक्षा पूरी तरह उत्तीर्ण न किया हो । उन अभ्यर्थियों, जिसने किसी पूर्व सेमेस्टर परीक्षा उत्तीर्ण न किया हो , के आठवें एवं अंतिम सेमेस्टर का परिणाम , रोक दिया जायेगा । तथापि , उन्हें कमी के बारे में सूचित किया जायेगा । उसके द्वारा , वर्ष, जिसमें उसने सभी आठ सेमेस्टर की सभी परीक्षाएं उत्तीर्ण करता हो , में अंतिम बीई परीक्षा उत्तीर्ण किया गया समझा जायेगा ।

6.7.4 समेकित प्रदर्शन का मूल्यांकन, नीचे दिये गये सारणी के अनुसार अभ्यर्थी के कुल स्कोर में जोड़े गये अधिभार अंकों के योजना के आधार पर किया जायेगा- 626(93)

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एक वर्ष

10 प्रतिशत प्रथम वर्ष अंक .

एक एवं दो सेमेस्टर

दो वर्ष

20 प्रतिशत द्वितीय वर्ष अंक .

तृतीय एवं चतुर्थ सेमेस्टर

तीन वर्ष

पंचम एवं षष्ठम सेमेस्टर

30 प्रतिशत तृतीय वर्ष अंक .

चार वर्ष

सप्तम एवं अष्ठम सेमेस्टर

100 प्रतिशत चतुर्थ वर्ष अंक .

6.7.5 डिप्लोमा / बी एससी धारकों, जिसने तृतीय सेमेस्टर में सीधे प्रवेश प्राप्त किये हो , के लिए समेकित प्रदर्शन का मूल्यांकन, अभ्यर्थी के कुल स्कोर में जोड़े गये अधिभार अंक, नीचे दिये गये अनुसार होंगे-

दो वर्ष

20 प्रतिशत द्वितीय वर्ष अंक .

(एक) तृतीय एवं चतुर्थ सेमेस्टर

तीन वर्ष

(दो) पंचम एवं षष्ठम सेमेस्टर

30 प्रतिशत तृतीय वर्ष अंक.

(तीन) सप्तम एवं अष्ठम सेमेस्टर चार वर्ष

100 प्रतिशत चतुर्थ वर्ष अंक .

6.8 अनुलिपीः

पाठ्यक्रम के पूर्ण होने के पश्चात् विद्यार्थी को जारी अनुलिपी में विद्यार्थी द्वारा लिये गये सभी पाठ्यक्रमों के समेकित अभिलेख , अभिप्राप्त ग्रेड एवं अंतिम सी पी आई, अभिप्राप्त श्रेणी या डिवीजन के साथ अंतर्विष्ट होंगे ।

7.0 अंको की पुनर्गणना एवं पुनर्मुल्यांकनः

7.1 पुनर्गणनाः

7.1.1 कोई अभ्यर्थी , जिसने विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित परीक्षा में उपस्थित हुआ हो , किसी एक या दो सैद्धांतिक प्रश्नपत्र हेतु अंको की पुनर्गणना के लिए सी वी रमन विश्वविद्यालय को आवेदन कर सकेगा । 626( 94)

छत्तीसगढ़ राजपत्र, दिनांक 6 जुलाई 2020

7.1.2 ऐसा आवेदन , विहित प्ररूप में, अपेक्षित फीस सहित , संबंधित संस्थान जिसमें वह अध्ययनरत है , के प्राचार्य को परिणाम की घोषणा की तिथि से 15 दिवस के भीतर करना आवश्यक है ।

7.1.3 पुनर्गणना का कार्य अर्थात् पुनर्गणना में प्रश्नपत्र की पुनः परीक्षा सम्मिलित नहीं है । यह देखने के लिए किया जायेगा कि क्या विशिष्ट उत्तरों में दी गई अंकों की गणना में कोई त्रुटि या किसी उत्तर में दी गई अंको में कोई लोप की गई है ।

7.2 पुनर्मूल्यांकनः

7.2.1 अभ्यर्थी, अधिकतम दो सैद्धांतिक प्रश्नपत्रों के लिये ही मुख्य परीक्षा में अपने उत्तर पुस्तिका के पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन कर सकते है ।

7.2.2 ऐसा आवेदन, विहित प्ररूप में , अपेक्षित फीस सहित , परिणाम की घोषणा की तिथि से 15 दिवस के भीतर करना आवश्यक है ।

7.3 यदि, मूल रूप से प्रकाशित परिणाम में पुनर्मूल्यांकन में कोई त्रुटि पाया जाता है तो विश्वविद्यालय द्वारा आवश्यक सुधार अधिसूचित किया जायेगा । अन्य सभी मामलों में , परिणाम की संसूचना अभ्यर्थी को दी जायेगी ।

8.0 मेरिट सूचीः

8.1 मेरिट के आदेश में प्रथम 5 अभ्यर्थी की मेरिट सूची, अभ्यर्थी, जिन्हे प्रथम प्रयास में उत्तीर्ण घोषित किया गया हो , के बीच से प्रत्येक शाखा में प्रत्येक सेमेस्टर के अंत में घोषित की जायेगी ।

8.2 शाखावार अंतिम मेरिट सूची , समस्त चार वर्ष के समेकित प्रदर्शन के आधार पर, बीई / बी टेक डिग्री के लिए आठ (अंतिम ) सेमेस्टर के मुख्य परीक्षा के पश्चात 626( 95)

छत्तीसगढ़ राजपत्र, दिनांक 6 जुलाई 2020

ही विश्वविद्यालय द्वारा घोषित किया जायेगा । मेरिट सूची में प्रथम प्रयास में प्रथम डिविजन अर्जित करने वाले प्रथम 3 अभ्यर्थी सम्मिलित होंगे ।

8.3 मेरिट सूची , पुनर्मूल्यांकन परीणाम , यदि कोई हो, की घोषणा के पश्चात घोषित किया जायेगा ।

8.4 अभ्यर्थी , जो एक अंक से डिविजन प्राप्त करने में असफल हो गये या चूक गये हो, को कुलपति द्वारा एक कृपोत्तीर्ण अंक प्रदान किया जायेगा । तथापि, यह अन्यत्र जोड़ा नही जायेगा ।

9.0 निर्वचन : इस अध्यादेश के निर्वचन के विषयों में कोई संदेह, विवाद या अस्पटता की दशा में, कुलपति का विनिश्चय , अंतिम होगा और विद्यार्थियों /अभ्यर्थियों / संबंधित पक्षकारों पर बंधनकारी होगा । 626 ( 96)

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डॉ सी.वी.रामन विश्वविद्यालय अध्यादेश क्रमांक 30 (पुनरीक्षित ) अभियांत्रिकी / प्रौद्योगिकी में स्नातकोत्तर (एम.ई. / एम.टेक.) यह अध्यादेश , अभियांत्रिकी / प्रौद्योगिक में स्नातकोत्तर उपाधि हेतु अग्रसरित सभी कार्यक्रमों पर लागू होंगे ।

1. सामान्य : विश्वविद्यालय के अभियांत्रिकी/ प्रौद्योगिक (एम.ई. / एम.टेक .) की स्नातकोत्तर उपाधि हेतु अग्रसरित अभियांत्रिकी / प्रौद्योगिक में स्नातकोत्तर कार्यक्रम के संपूर्ण पाठ्यक्रम को पूर्णकालीन अभ्यार्थियों के मामले में चार सेमेस्टर एवं अंशकालीन अभ्यर्थियों के मामले में छः सेमेस्टर में विभक्त होगा । प्रत्येक सेमेस्टर, लगभग छः माह की अवधि का होगा जिसमें अवकाश / तैयारी अवकाश / परीक्षा / औद्योगिक प्रशिक्षण आदि सम्मिलित होगा ।

2. प्रवेश : एम.ई. / एम.टेक. प्रथम सेमेस्टर में प्रवेश हेतु प्रत्येक आवेदक को-

2.1 बी.ई. / बी.टेक. / एम.सी.ए./एम.एस.सी. या उपयुक्त शाखाकी समकक्ष परीक्षा में कम से कम 55 प्रतिशत अंक प्राप्त किया हो या कुल मिलाकर अंतिम वर्ष परीक्षा का सकल अंक / ग्रेड उसके समकक्ष होना होगा ।

2.2 पूर्णकालीन पाठ्यक्रम के लिये आवेदकों को वैद्य गैट (जी.ए.टी.ई. ) स्कोर रखना अपेक्षित है । अंश कालीन एवं प्रायोजित पूर्णकालीन / अंशकालीन अभ्यार्थियों के लिए गैट (जी.ए.टी.ई. ) अनिवार्य नहीं है

2.3 प्रायोजित अभ्यार्थियों के पास अर्हकारी परीक्षा उत्तीर्ण करने के पश्चात् संबंधित क्षेत्र में कम से कम दो वर्ष का अनुभव अवश्य होना चाहिये ।

2.4 यदि विश्वविद्यालय / संस्थान में एम.ई. / एम.टेक. पाठ्यक्रम में प्रवेश हेतु रिक्त सीटें उपलब्ध है तो उन्हें मेरिट के आधार पर सीधे अभ्यार्थियों से भरा जा सकेगा, जो अन्यथा एम.ई. / एम.टेक. में प्रवेश हेतु विनिर्दिष्ट न्यूनतम अर्हकारी मानदण्डों को पूर्ण करेंगे । 626( 97)

छत्तीसगढ़ राजपत्र , दिनांक 6 जुलाई 2020

3. उपस्थिति:

3.1 किसी सेमेस्टर परीक्षा में नियमित विद्यार्थी के रूप उपस्थित हो रहे अभ्यार्थियों से , प्रत्येक पेपर में , दिये गये व्याख्यान एवं प्रायोगिक में पृथकतः कम से कम 75 प्रतिशत उपस्थिति अपेक्षित होगी परंतु 5 प्रतिशत तक की उपस्थिति में कमी को , संतोषजनक कारण होने पर विश्वविद्यालय के कुलपति द्वारा माफ किया जा सकेगा ।

3.2 नियमित अभ्यार्थियों के मामले में पाठ्यक्रम की अधिकतम अवधि चार वर्षो की एवं अशंकालीन प्रणाली में अभ्यार्थियों के लिए 06 वर्षों की होगी ।

4. परीक्षा एवं मूल्यांकन

4.1 प्रत्येक वर्ष दो विश्वविद्यालयीन परीक्षा होगी । प्रथम सेमेस्टर लगभग दिसंबर / जनवरी एवं द्वितीय मई / जून में होगी । प्रथम , तृतीय एवं पंचम के लिए मुख्य परीक्षा एवं द्वितीय और चतुर्थ सेमेस्टर के लिए पूरक परीक्षा प्रथम दिसंबर / जनवरी में होगी । द्वितीय , चतुर्थ एवं षष्ठम सेमेस्टर के लिए मुख्य परीक्षा तथा प्रथम , तृतीय एवं पंचम सेमेस्टर के लिए पूरक परीक्षा मई / जून में होगी ।

4.2 कोई परीक्षार्थी, जो किसी सेमेस्टर परीक्षा में दो से अधिक सैद्धांतिक पेपर / प्रायोगिक / मौखिकी में न्यूनतम अंक / ग्रेड प्राप्त करने में असफल होता है, को ए.टी.के.टी. ( टर्म जारी रखने हेतु अनुज्ञात) प्राप्त किया घोषित किया जायेगा । ऐसे अभ्यर्थी को अगले उच्चतर सेमेस्टर के लिए अनंतिम प्रवेश दिया जा सकेगा । ए.टी.के.टी. (दो प्रयासो में ) परीक्षा में बैकलॉग को उत्तीर्ण करने में असफल होने की स्थिति में , उसे अनुतीर्ण माना जायेगा ।

4.3 कोई अभ्यर्थी , जो सेमेस्टर परीक्षा में दो से अधिक सैद्धांतिक या प्रायोगिक / मौखिकी में अनुतीर्ण हो रहा है , को अनुतीर्ण माना जायेगा । 626( 98 )

छत्तीसगढ़ राजपत्र, दिनांक 6 जुलाई 2020

4.4 अभ्यर्थी, जो अंतिम (पूर्णकालिक की दशा में चतुर्थ एवं अंशकालिक की दशा में षष्ठम ) सेमेस्टर परीक्षा में अनुतीर्ण हो गया हो, सेमेस्टर में पुनः प्रवेश की प्रार्थना कर सकेगा, तथापि वह विश्वविद्यालय / संस्थान में विभाग के प्रमुख द्वारा सुझाये गये दूसरे टॉपिक पर आवश्यक संशोधन एवं / अथवा लौटाये गये शोध प्रबंध को सुधारने के पश्चात् वह अपना शोध प्रबंध पुनः जमा करेगा । 4.5

> शोध प्रबंध के साथ कम से कम एक (शोध पत्रिका / जर्नल / कॉनफेन्स / सेमीनार) मे प्रकाशित होना आश्यक है यह नियम नियमित एवं अंशकालिक दोनों अभ्यर्थी के लिए मान्य होगा ।

> शोध प्रबंध को बाह्य परीक्षक द्वारा जांच किया जायेगा ।

> ग्रेड, नियमानुसार दिया जायेगा ।

4.6 प्रत्येक सेमेस्टर में प्रत्येक विषय हेतु न्यूनतम उत्तीर्ण अंक, निम्नानुसार होगाः 4.6.1 प्रत्येक सैद्धांतिक प्रश्न - पत्र- उस प्रश्न - पत्र हेतु आबंटित कुल अंक का 40 प्रतिशत

4.6.2 प्रत्येक प्रायोगिक परीक्षा- प्रायोगिक हेतु आबंटित कुल अंक का 50 प्रतिशत 4.6.3 प्रत्येक सत्रीय / टीए- 60 प्रतिशत

4.6.4 कक्षा मूल्यांकन परीक्षा न्यूनतम उत्तीर्ण अंक हेतु निर्बंधन नहीं

4.6.5 सकल अंक 50 प्रतिशत । कुल अंक में कमी की स्थिति में अभ्यर्थी सकल अंक की पूर्ति हेतु एक सैद्धांतिक या प्रायोगिक परीक्षा में उपस्थित होने हेतु स्वतन्त्र है ।

5. डिविजन प्रदान किया जानाः

निम्नलिखित रीति में सभी सेमेस्टर परीक्षा के लिए अभ्यर्थी के एकीकृत प्रदर्शन के आधार पर अंतिम परीक्षा में डिविजन , अवार्ड किया जायेगा

5.1 प्रथम श्रेणी (फस्ट डिवीजन) ऑनर्स सहित अंक > 75% 626( 99 )

छत्तीसगढ़ राजपत्र , दिनांक 6 जुलाई 2020

65% ≤ अंक < 75 %

5.2 प्रथम श्रेणी (फस्ट डिवीजन)

5.2 द्वितीय श्रेणी (सेकेन्ड डिवीजन)

50% ≤ अंक < 65%

6. मूल्यांकन एवं ग्रेडिंग

6.1 मूल्यांकन एवं निर्धारण का प्रकार :

निरंतर मूल्यांकन प्रणाली का अनुपालन, तीनों घटकों जैसे कक्षा परीक्षा (सीटी) शिक्षक मूल्यांकन (टीए ) एवं सेमेस्टरांत परीक्षा ( ईएसई) के अनुसार किया जायेगा । ग्रेडिंग प्रणालीः

पूर्ण ग्रेडिंग प्रणाली का अनुपालन किया जायेगा । प्रत्येक विषय , सैद्धांतिक या प्रायोगिक में, अभ्यर्थी को सभी विषयों जैसे कि टीए , सीटी एवं ईएसई के एक संयुक्त प्रदर्शन पर आधारित लेटर ग्रेड प्रदान किया जायेगा । ये ग्रेड, नीचे दी गई " ग्रेड पॉइंट " (जीपी) के रूप में ज्ञात समकक्ष संख्या के माध्यम से अभ्यर्थी के प्रदर्शन के गुणात्मक निर्धारण दर्शित करने वाले लेटर (अक्षर) द्वारा वर्णित होंगे । पाठ्यक्रम सफलतापूर्वक पूर्ण किया जाता है अथवा क्रेडिट , पाठ्यक्रम के लिये अर्जित किया जाता है तब लेटर ग्रेड सी या उससे अच्छा, पाठ्यक्रम में प्रदान किया जाता है ।

लेटर ग्रेड ( एल जी): A+ A B + B C + C F

9 8 7 65 0

ग्रेड पॉइंट (जी पी): 10

प्रत्येक विषय, सैद्धांतिक एवं प्रायोगिक के लिये पृथक - पृथक ग्रेड प्रदान किया जायेगा ।

6.2 पूर्ण ग्रेडिंग प्रणालीः

नीचे स्पष्ट किये गये पूर्ण ग्रेडिंग प्रणाली के प्रकार को सैद्धांतिक और प्रायोगिक विषय के लिये स्वीकृत किये जायेंगे- 626( 100)

छत्तोसगढ़ राजपत्र, दिनांक 6 जुलाई 2020

प्रायोगिक ग्रेड

सैद्धांतिक

A+

85 ≤Marks ≤ 100 % , 90 < Marks ≤ 100 % , 75

A

< Marks < 90 % ,

< Marks < 85 % , 82

B+

65 < Marks < 75 % , 74 < Marks < 82 % , 55 < Marks < 65 % 66

B

< Marks < 74 % , 45

C+

< Marks < 55 % 58 < Marks < 66 % , C

< Marks < 45 %

40

50 < Marks < 58 % , 0

F

< Marks < 50 % ,

< Marks < 40 % , 0

अतएव लेटर ग्रेड A + , A, B + , B , C + , C एवं F तत्स्थानी ग्रेड पॉईंट परीक्षक द्वारा मूल्यांकित प्रत्येक विषय हेतु उपलब्ध होंगे ।

6.3 सेमेस्टर प्रदर्शन सूचकांक (एस पी आई):

प्रथम (i ) सेमेस्टर ( जहां (i ) विशेष सेमेस्टर की संख्या दर्शित करता है) में विद्यार्थी का प्रदर्शन सी पी आई द्वारा अभिव्यक्त किया जाता है जो सेमेस्टर में विद्यार्थी द्वारा अभिप्राप्त पाठ्यकम ग्रेड पॉइन्ट का अधिभार औसत है तथा जो निम्नलिखित द्वारा अभिव्यक्त है-

[SPI] = [C₁G1 + C2G2 + ... ] [ C₁ + C2 + ... ] = = [ CG] i_Ni [ C] Di

जहां C एवं G क्रमशः क्रेडिट और ग्रेड के लिए है , सीपीआई, की गणना दशमलव के दो स्थान तक बिना पूर्णांकित किये की जायेगी । सीपीआई तभी संगणित किया जायेगा 626(101)

छत्तीसगढ़ राजपत्र, दिनांक 6 जुलाई 2020

जब विद्यार्थी, किसी विषय , सैद्धांतिक या प्रायोगिक में असफल हुए बिना, सेमेस्टर उत्तीर्ण करता है ।

संचित प्रदर्शन सूचकांक (सी पी आई):

किसी भी अभ्यर्थी के प्रवेश से लेकर सभी सेमेस्टर में प्राप्त पाठ्यक्रम ग्रेड पॉईन्ट का 100 प्रतिशत भारित औसत होगा । अतः सी.पी.आई की गणना इस प्रकार होगी [ CPI ] = Σ

यदि विद्यार्थी पाठ्यक्रम को आवृत्ति करता है या किसी विषय में अनुत्तीर्ण घोषित होता है तो ही नवीनतम (आगामी ) प्रयास में अभिप्राप्त ग्रेड पॉइन्ट , सीपीआई के निकटस्थ संगणित किया जायेग । सीपीआई , एसपी आई सहित प्रत्येक सेमेस्टर में संगणित किया जायेगा ताकि विद्यार्थी को ज्ञात हो कि उसका सीपीआई कैसे परिवर्तित हो रहा है ।

7. परियोजना कार्य के लिए मार्गदर्शन

पूर्णकालीन अभ्यर्थियों के लिए चतुर्थ सेमेस्टर तथा अंशकालीन अभ्यार्थियों की दशा में षष्ठम सेमेस्टर, मुख्य शोध कार्य का सेमेस्टर होगा । इस सेमेस्टर के दौरान, अभ्यर्थी स्वयं को, संस्था / विश्वविद्यालय में विभागाध्यक्ष द्वारा उसे सौपें गये एवं चयनित पाठ्यक्रम के सुसंगत प्रौद्योगिकी के किसी पक्ष सहित जुड़े शोध कार्य के लिए समर्पित करेगा । सेमेस्टर के अंत में अभ्यर्थी को उसके द्वारा लिखित मुख्य शोध कार्य की तीन टंकित या मुद्रित प्रति संस्था के निदेशक / प्राचार्य के माध्यम से विश्वविद्यालय को प्रस्तुत करेगा , जो विभागाध्यक्ष एवं सुपरवाइजर के इस आशय के प्रमाणपत्र सहित कि यह अभ्यर्थी द्वारा किया गया कार्य मौलिक है एवं किसी अन्य उपाधि के अवार्ड के लिए आंशिक या पूर्ण रूप से इस कार्य को पहले प्रस्तुत नहीं किया गया है । 626(102)

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8. पाठ्यक्रम को पूर्ण करना

8.1 कोई अभ्यर्थी, जो पूर्णकालीन पाठ्यक्रम के प्रथम तीन सेमेस्टर अथवा अंशकालीन पाठ्यक्रम के प्रथम पांच सेमेस्टर को सफलतापूर्वक पूर्ण करने पर, अभियांत्रिकी में स्नातकोत्तर डिप्लोमा के अवार्ड के लिए पात्र होगा यदि वह पाठ्यक्रम से अलग हो जाता है या पाठ्यक्रम की अधिकतम अवधि के भीतर अपना / अपनी परियोजना रिपोर्ट प्रस्तुत करने में असफल होता है । बिन्दु क्रमांक 5 में निर्धारित पैमाने के अनुसार स्नातकोत्तर डिप्लोमा में डिवीजन समनुदेशित किये जायेंगे । 8.2 कोई अभ्यर्थी , जो विश्वविद्यालय की अभियांत्रिकी में स्नातकोत्तर डिप्लोमा रखता हो, पूर्णकालीन की स्थिति में चतुर्थ सेमेस्टर एवं अंशकालीन की स्थिति में षष्ठम सेमेस्टर में, अभियांत्रिकी / प्रौद्योगिकी में स्नातकोत्तर डिग्री हेतु अग्रसरित , पाठ्यक्रम पूर्ण करने के प्रायोजन हेतु प्रवेश के लिए पात्र होंगे । परंतु यह कि अंतिम सेमेस्टर परीक्षा के परिणाम के घोषणा के तुरंत पश्चात् एवं (एम.ई / एम. टेक. ) डिग्री के प्रारंभ होने के पूर्व अभ्यर्थी, स्नातकोत्तर डिप्लोमा जो वह धारित करता है , को विश्वविद्यालय को समर्पित कर देगा ।

8.3 कोई अभ्यर्थी, जिसने किसी सेमेस्टर के दौरान पाठ्यक्रम को अनिरंतर किया है, संस्था के निदेशक /प्राचार्य की अनुशंसा पर, जहा वह 9.1 के अनुसार स्नातकोत्तर डिप्लोमा प्राप्त किया हो, की स्थिति में, उस वर्ष को छोड़कर, बाद में संबंधित सेमेस्टर के प्रारंभ में पाठ्यक्रम में पुनर्प्रवेश . लेने के लिए अनुज्ञात कर सकेगा ।

9. पुनर्मूल्यांकन / पुनर्गणना / कृपोत्तीर्ण अंकों के लिए नियम

9.1 कोई नियमित अभ्यर्थी, नियमित परीक्षा के परिणाम के घोषणा से 15 दिवस के भीतर विहित प्रपत्र में अपने उत्तर पुस्तिका के पुनर्मूल्याकंन के लिए कुलसचिव को आवेदन कर सकेगा । बैकलॉग पेपर के लिए उत्तर पुस्तिका का पुनर्मूल्याकंन लागू नही होगा । 626(103)

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परंतु यह कि अभ्यर्थी को दो से अधिक पेपर में पुनर्मूल्याकंन करवाने की सुविधा प्राप्त करने की अनुमति नहीं होगी ।

परंतु यह भी कि प्रायोगिक आलेख , क्षेत्र कार्य , सत्रीय कार्य परीक्षा एवं परीक्षा में पेपर के बदले में शोध पत्र जमा करने की स्थिति में, पुर्नमूल्याकंन की अनुमति नहीं होगी ।

9.2 प्रत्येक पेपर के पुनर्मूल्याकंन एवं प्रत्येक पेपर के पुर्नगणना हेतु ऐसे समस्त आवेदनों को, विहित शुल्क भुगतान कर, जमा करना होगा ।

9.3 कोई अभ्यर्थी शुल्क वापसी का तब तक हकदार नहीं होगा , जब तक कि जांच के फलस्वरूप , उसके परीक्षा परिणाम को प्रभावित करने वाली चूक , सार्वजनिक नही होता है एवं पता नही चलता है । यदि अभ्यर्थी अधिक शुल्क जमा करता है तो उसे लौटाया नहीं जायेगा ।

9.4 अभ्यर्थी को एक परीक्षा में पुनर्मूल्यांकित दो से अधिक विषयों की उत्तर पुस्तिकाओं को प्राप्त करने की अनुमति नहीं दी जायेगी । यदि अभ्यर्थी अपने आवेदन में दो से अधिक विषय का उल्लेख करता है तो केवल प्रथम दो पाठ्यक्रम (विषय) का पुनर्मुल्याकंन किया जायेगा और शेष पाठ्यक्रमों (विषय ) पर कोई कार्यवाही नहीं की जायेगी ।

9.5 प्रायोगिक, शिक्षक मूल्यांकन कार्य एवं प्रगति परीक्षा की स्थिति में पुनर्मूल्याकंन की अनुमति नहीं दी जायेगी ।

9.6 यदि, पुनर्गणना एवं पुनर्मूल्यांकन पर, परिणाम मूलतः प्रकाशित होने की त्रुटि होती है, पूरक सूची में आवश्यक सुधार कर प्रकाशित की जायेगी । अन्य समस्त मामलों में पुनर्गणना के परिणाम, अधिकारी जिसने उसके आवेदन को अग्रेषित किया है, के माध्यम से, यथासंभव शीघ्र , अभ्यर्थी को सूचित की जायेगी । 9.7 पुनर्गणना का कार्य पुर्नपरीक्षा के उत्तर पुस्तिका में सम्मिलित नहीं होता है । यह, इस दृष्टि के साथ किया जाता है कि क्या वैयक्तिक प्रश्नों में प्राप्त अंको की गणना में कोई त्रुटि हुई है या किसी प्रश्न में प्राप्त अंको में से विलुप्ति हुई है । 626 (104)

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9.8 कुलपति, अभ्यर्थी , जो एक अंक से असफल हुआ हो या चूक गया हो, को एक कृपोत्तीर्ण अंक अवार्ड करेगा । तथापि इसे कही भी जोड़ा नही जायेगा ।

10. परिणाम की अधिसूचना : एम.ई. / एम.टेक. डिग्री हेतु अंतिम सेमेस्टर परीक्षा के परिणाम अधिसूचना में घोषित करते हुए , प्रत्येक स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम में, मेरिट के क्रम में पांच अभ्यर्थियों के नाम पूर्णकालीन एवं अंशकालीन पाठ्यक्रम हेतु पृथक से विश्वविद्यालय द्वारा अधिसूचित की जायेगी ।

टीप : इस अध्यादेश में वर्णित किसी बात के होते हुए भी , किसी अनपेक्षित उद्भूत मामलों के लिए और अध्यादेश द्वारा आच्छादित न होने या निर्वचन में भिन्नता होने की स्थिति में, कुलपति निर्णय ले सकेगा और निर्णय , समस्त संबंधितों पर बाध्यकारी होगा । 626( 105)

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डॉ. सी.वी.रामन विश्वविद्यालय

अध्यादेश क्रमांक 32 (पुनरीक्षित)

मॉस्टर ऑफ फिलॉसफी (एम.फिल .)

1.0 सामान्य : मॉस्टर ऑफ फिलॉसफी (एम.फिल. ) कार्यक्रम , विद्यार्थी को उस विषय , जिसमें वह पहले से ही स्नातकोत्तर अर्जित कर रखा है, में एडवांस कार्य करने का अवसर 'उपलब्ध करायेगा । यह उसी विषय में पी.एच.डी. कार्यक्रम करने के लिए सेतु पाठयक्रम का भी कार्य करेगा ।

2.0 प्रवेशः अभ्यार्थियों को एम.फिल. कार्यक्रम में प्रवेश दिया जा सकेगा । परंतु वह न्यूनतम अर्हता रखता / रखती हो एवं विश्वविद्यालय द्वारा नियमानुसार संचालित संयुक्त प्रवेश परीक्षा ( सी.ई.टी. ) के आधार पर तैयार मेरिट सूची के अनुसार कार्यक्रम हेतु भी अर्ह हो । 3.0 अर्हता : कम से कम 55 प्रतिशत अंको (एस.सी. /एस.टी. /ओ.बी.सी. अभ्यार्थियों के मामले में 50 प्रतिशत अंक) सहित संबंधित विषय में स्नातकोत्तर उपाधि ।

4.0 सीट: बुनियादी ईकाई 20 सीटों का होगा । इस ईकाई के एकाधिक ईकाई स्थापित किय जा सकेंगे ।

5.0 पाठयक्रम की अवधि :

एम.फिल . कार्यक्रम की अवधि डेढ़ वर्ष (03 सेमेस्टर) अर्थात प्रथम सेमेस्टर कोर्स वर्क , द्वितीय एवं तृतीय सेमेस्टर - शोध प्रबंध कार्य की होगी ।

कार्यक्रम पूर्ण करने के लिए अधिकतम समय अवधि ढाई वर्ष की होगी । 6.0 शुल्क : अभ्यर्थी द्वारा भुगतान योग्य शुल्क, ऐसी होगी जैसा कि छत्तीसगढ़ निजी विश्वविद्यालय विनियामक आयोग के पूर्व अनुमोदन से विश्वविद्यालय के प्रबंध मण्डल द्वारा नियत किया जाये ।

7.0 उपस्थिति : किसी सेमेस्टर परीक्षा में नियमित विद्यार्थी के रूप में उपस्थित हो रहे अभ्यर्थियों से , कम से कम 75 प्रतिशत उपस्थिति अपेक्षित होगा परंतु यह कि 5 प्रतिशत 626( 106)

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तक की उपस्थिति में कमी को, संतुष्ट जनक कारण होने पर विश्वविद्यालय के कुलपति द्वारा माफ किया जा सकेगा ।

8.0 परीक्षा एवं मूल्यांकन:

8.1 प्रत्येक वर्ष दो विश्वविद्यालयीन परीक्षा होगी । प्रथम सेमेस्टर लगभग दिसंबर / जनवरी एवं द्वितीय मई / जून में होगी ।

8.2

कोई अभ्यर्थी, जो सेमेस्टर परीक्षा में सैद्धांतिक या प्रायोगिक दोनों में से किसी में दो से अधिक पाठ्यक्रम (विषय) में अनुतीर्ण हो रहा है, को अनुतीर्ण माना जायेगा ।

8.3 कोई अभ्यर्थी, जो किसी सेमेस्टर परीक्षा में दो से अनधिक सैद्धांतिक पेपर / प्रायोगिक / मौखिकी में न्यूनतम अंक / ग्रेड प्राप्त करने में असफल होता है, को ए.टी.के.टी. ( टर्म जारी रखने हेतु अनुज्ञात) प्राप्त किया घोषित किया जायेगा । ऐसे अभ्यर्थी को अगले उच्चतर सेमेस्टर के लिए अनंतिम प्रवेश दिया जा सकेगा । एस.टी.के.टी. (दो प्रयासो में ) परीक्षा में बैकलॉग को उत्तीर्ण करने में असफल होने की स्थिति में, उसे अनुतीर्ण माना जायेगा ।

8.4 अभ्यर्थी, जो अंतिम (द्वितीय ) सेमेस्टर परीक्षा में अनुतीर्ण हो गया हो , सेमेस्टर में पुनः प्रवेश की प्रार्थना कर सकेगा, तथापि वह विश्वविद्यालय मे विभाग के प्रमुख / सुपरवाईजर द्वारा सुझाये गये दूसरे टॉपिक पर आवश्यक संशोधन एवं / अथवा लौटाये गये शोध प्रबंध को सुधारने के पश्चात् वह अपना शोध प्रबंध जमा करेगा ।

8.5 शोध प्रबंध , कम से कम एक प्रकाशित शोध पत्र (जर्नल / कॉफ्रेंस / सेमिनार आदि) सहित पूर्ण होना चाहिए ।

8.6

शोध प्रबंध को बाह्य परीक्षक द्वारा जांच किया जायेगा ।

8.7 प्रत्येक सेमेस्टर में प्रत्येक विषय हेतु न्यूनतम उत्तीर्ण अंक नीचे दिये अनुसार होगा :

(क) प्रत्येक पाठ्यक्रम (सैद्धांतिक सौपे गये कार्य) 40 प्रतिशत का होगा । 626( 107)

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(ख ) प्रत्येक प्रायोगिक (परीक्षा + मौखिक) 50 प्रतिशत का होगा । (ग) शोध प्रबंध ( शोध प्रबंध + मौखिक ) 50 प्रतिशत का होगा । (घ) प्रत्येक सेमेस्टर में कुल मिलाकर 50 प्रतिशत होगा ।

सकल अंको में कमी होने की स्थिति में, सकल अंक को पूर्ण करने के लिए अभ्यर्थी एक सैद्धांतिक या प्रायोगिक परीक्षा में उपस्थित होने हेतु स्वतंत्र होगा ।

9.0 अभ्यर्थी को श्रेणी अथवा डिवीजन निम्नलिखित श्रेणी अथवा डिवीजन का अवार्ड अनुसार अंको के प्रतिशत द्वारा नियत किया जायेगाः

9.1 विशिष्टता के साथ ऑनर्स

75 % ≤ अंक ≤ 100%

60% ≤ अंक < 75%

9.2 प्रथम श्रेणी (प्रथम डिवीजन)

50% ≤ अंक < 60%

9.3 द्वितीय श्रेणी (द्वितीय डिवीजन)

10.0 पुनर्मूल्यांकन एवं कृपोत्तीर्ण अंकों का अवार्ड :

10.1 अभ्यर्थी नियमित परीक्षा के परिणाम के घोषणा से 15 दिवस के भीतर विहित प्रपत्र में अपने उत्तर पुस्तिका के पुनर्मूल्यांकन हेतु कुलसचिव को आवेदन कर सकेगा । बैकलॉग पेपर के लिए उत्तर पुस्तिका का पुनर्मूल्याकंन लागू नहीं होगा । परंतु यह कि अभ्यर्थी को दो से अधिक प्रश्नपत्र में पुनर्मूल्यांकन की सुविधा उपलब्ध कराने की अनुमति नहीं दी जायेगी । परंतु यह भी कि प्रायोगिक आलेख , क्षेत्र कार्य, सत्रीय कार्य परीक्षा एवं परीक्षा पेपर के बदले में प्रस्तुत किये गये शोध पत्र जमा करने की दशा में पुनर्मूल्यांकन की अनुमति नही दी जायेगी ।

10.2 कुलपति, ऐसे अभ्यर्थी को एक कृपोत्तीर्ण अंक अवार्ड करेगा जो एक अंक से डिविजन हेतु असफल या चूक गया हो । तथापि, यह अन्यत्र जोड़ा नही जायेगा । 11.0 शोध प्रबंध कार्य के लिए मार्गदर्शन : द्वितीय सेमेस्टर शोध प्रबंध कार्य सेमेस्टर है । इस सेमेस्टर के दौरान अभ्यर्थी स्वयं को विश्वविद्यालय में संबंधित सुपरवाइजर द्वारा उसे सौपे 626 ( 108 )

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गये उसके सुसंगत विषय के किसी पक्ष से जुडे शोध कार्य के लिए समर्पित करेगा । सुपरवाइजर के पास , समय के किसी भी बिन्दु पर, पांच से अधिक एम.फिल. स्कालर नहीं होगा । सेमेस्टर के अंत में अभ्यर्थी, अपने द्वारा लिखित शोध प्रबंध की 03 टंकित प्रति विश्वविद्यालय के प्राचार्य / निदेशक/ विभागाध्यक्ष के माध्यम से प्रस्तुत करेगा जो विभागाध्यक्ष एवं सुपरवाइजर के इस आशय के प्रमाणपत्र सहित कि यह मौलिक कार्य का प्रतीक है और अभ्यर्थी द्वारा किया गया है एवं किसी अन्य उपाधि के अवार्ड के लिए आंशिक या पूर्ण रूप से इस कार्य को पहले प्रस्तुत नहीं किया गया है ।

टीप : इस अध्यादेश में वर्णित किसी बात के होते हुए भी, किसी अनपेक्षित उद्भूत मामलों के लिए और अध्यादेश द्वारा आच्छादित न होने या निर्वचन में भिन्नता होने की स्थिति में , कुलपति निर्णय ले सकेगा और निर्णय , समस्त संबंधितों पर बाध्यकारी होगा । 626(109)

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डॉ. सी . वी. रामन विश्वविद्यालय

करगी रोड कोटा, बिलासपुर (छ.ग. )

अध्यादेश क्रमांक-124

विधि स्नातक

(बी.बी.ए.एल.एल.बी./ बी.कॉम.एल.एल.बी. / बी.एस.सी.एल.एल.बी. )

5 वर्षीय एकीकृत पाठ्यक्रम

1.0 सामान्यः

विधि स्नातक एकीकृत पाठ्यक्रम समान्यतः बी.बी.ए.एल.एल.बी. /बी.कॉम.एल.एल.बी. /बी.एस.सी.एल.एल.बी. के नाम से जाना जाता है जो कि पाँच वर्षीय ( 10 सेमेस्टर) पाठ्यक्रम है । जिसका उद्देश्य भारत में कानूनी पेशे के अभ्यास हेतु गुणवत्ता एवं कौशल पूर्ण शिक्षा प्रदान करना है । इस पाठ्यक्रम की स्थापना विधि उपाधि हेतु की गई है । इस पाठ्यक्रम का उद्देश्य आधारभूत तत्वों जैसे सिद्धांत, अभ्यास , संसंगति एवं एकीकरण के बीच सामंजस्य स्थापित करना है । बी.बी.ए.एल.एल.बी. / बी.कॉम.एल.एल.बी. / बी.एस.सी.एल.एल.बी. का पाठ्यक्रम भारत के विधिज्ञ परिषद् के दिशा निर्देशों एवं विनियमों को ध्यान में रखकर बनाया जायेगा है ।

2.0शीर्षक : एकीकृत विधि स्नातक ( बी.बी.ए.एल.एल.बी./ बी.कॉम.एल.एल.बी./ बी.एस.सी.एल.एल.बी .) 3.0संकाय : विधि संकाय

4.0 समयावधि, कार्य दिवस एवं उपस्थितिः

4.1 . समयावधि : बी.बी.ए.एल.एल.बी./बी.कॉम.एल.एल.बी. / बी.एस.सी.एल.एल.बी . पाठ्यक्रम पॉच शैक्षणिक वर्षों के साथ 10 सेमेस्टर का होगा । यह पाठ्यक्रम समय दर समय बी.सी.आई. के मानदंडों के अनुसार संचालित किया जाएगा । बी.सी.आई. के नियमानुसार विद्यार्थी प्रवेश तिथि से अधिकतम 07 वर्षों की समयावधि में पाठ्यक्रम को पूर्ण कर सकता है ।

4.2 कार्य दिवस: कार्य दिवस बी.सी.आई. के द्वारा समय समय पर जारी मानदंडों के अनुसार होंगे । 4.3 उपस्थिति : छात्र की उपस्थिति समय समय पर बी.सी.आई. एवं विश्वविद्यालय के मानदंडों के अनुसार निर्धारित होगी ।

नियमित छात्रों के परीक्षा में शामिल होने के लिए न्यून्तम् 75 प्रतिशत उपस्थिति आवश्यक होगी । 5.0 प्रवेश , पात्रता, प्रवेश प्रक्रिया एवं शुल्क:

5.1 प्रवेश संख्या : यह बी.सी.आई. के अनुमोदन के अनुसार होगी ।

पात्रता:

बी.बी.ए.एल.एल.बी. / बी.कॉम एल.एल.बी में प्रवेश के लिए न्यून्तम् योग्यता हायर सेकेण्डरी सार्टीफिकेट 10+ 2 या समकक्ष परीक्षा होगी तथा कुल अंक बी.सी.आई. द्वारा समय समय पर जारी मानदंडों के अनुसार अंक प्राप्त किया हो ।

बी.एस.सी.एल.एल.बी. में प्रवेश के लिए न्यून्तम् योग्यता हायर सेकेण्डरी सार्टीफिकेट 10+ 2 विज्ञान विषयों के साथ या समकक्ष परीक्षा होगी तथा कुल अंक बी.सी.आई. द्वारा समय समय पर जारी मानदंडों के अनुसार अंक प्राप्त किया हो । 626( 110)

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5.2 प्रवेश प्रक्रिया प्रवेश 10+ 2 या समकक्ष परीक्षा या प्रवेश परीक्षा में प्राप्त अंको की प्रावीणता के आधार प्रदाय किया जावेगा । छत्तीसगढ़ शासन, उच्चशिक्षा विभाग द्वारा जारी मार्गदर्शिका के प्रावधानों का प्रवेश के समय पालन किया जावेगा ।

5.3 शुल्क : पाठ्यक्रम शुल्क का निर्धारण विश्वविद्यालय के प्रबंधन मण्डल द्वारा या छत्तीसगढ़ शासन के अनुमोदन / छत्तीसगढ़ निजी विश्वविद्यालय विनियामक आयोग द्वारा समय समय पर जारी निर्देशों के तहत किया जायेगा ।

6.0 माध्यम: शिक्षण एवं परीक्षा का माध्यम हिन्दी और अंग्रेजी होगा ।

7.0 शैक्षणिक सत्र: समान्यतः शैक्षणिक सत्र का प्रारंभ , सेमेस्टर जुलाई से दिसंबर और सम सेमेस्टर जनवरी से जून प्रत्येक सत्र में होगा ।

8.0 शिक्षण एवं परीक्षा योजना वर्षीय पाठ्यक्रम के लिए शिक्षण एवं परीक्षा योजना सभी सेमेस्टर के लिए डॉ सी.वी. रामन विश्वविद्यालय के द्वारा जारी सूचना के आधार पर होगा । बी.बी.ए.एल.एल.बी. /बी.कॉम.एल.एल.बी. /बी.एस.सी.एल.एल.बी. संपूर्ण पांच 9.0 परीक्षा एवं मूल्याकंन :

9.1 प्रत्येक सेमेस्टर के अंत मे एक अंतिम सेमेस्टर परीक्षा (ई.एस.ई. ) डॉ सी.वी. रामन विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित की जावेगी । इस परीक्षा में सैद्धांतिक प्रायोगिक एवं मौखिक परीक्षा , परीक्षा योजना के तहत समाहित होगी ।

9.2 प्रत्येक उत्तीर्ण परीक्षा के सैद्धांतिक, आंतरिक एवं प्रायोगिक विषयों को मिलाकर 40% एवं 50% क्रमशः और पूर्णाक 50% होना आवश्यक है ।

9.3 परीक्षा की अधिकतम समयावधि 25 कार्य दिवस से अधिक नहीं होगी ।

9.4 अंतिम सेमेस्टर परीक्षा समय- सारणी परीक्षा प्रारंभ की तिथि से 15 दिवस पूर्व प्रसारित की जावेगी ।

9.5 तैयारी हेतु अवकाश- परीक्षा पूर्व तैयारी हेतु अवकाश प्रत्येक सेमेस्टर परीक्षा में लगभग 10 दिवस का अवकाश दिया जावेगा ।

9.6 कैरी ओवर : यदि छात्र किसी सेमेस्टर में किसी भी विषय सैद्धांतिक या प्रायोगिक विषय WH या FF ग्रेड प्राप्त करता है तो उसे अगले सेमेस्टर में जाने की पात्रता होगी एवं सेमेस्टर परीक्षा में उसे केवल उन विषयों की परीक्षा देनी होगी जिनमें उसे WH या FF ग्रेड मिला हो ।

10.0 पाठ्यक्रम , क्रेडिट, मूल्यांकन, ग्रेडिंग:

10.1 पाठ्यक्रम : पाठ्यक्रम कार्यक्रम का एक घटक है । विश्वविद्यालय द्वारा संचालित प्रत्येक पाठयक्रम एक पेपर को एक विशिष्ट पाठ्यक्रम कोड द्वारा पहचाना जाएगा । पाठ्यक्रम की रचना में सैद्धांतिक / टिटोरियल / प्रायोगिक कार्य / सेमीनार / प्रोजेक्ट वर्क / व्यहारिक प्रशिक्षण / रिपोर्ट लेखन / मौखिक परीक्षा, आदि समाहित होगें जो पढ़ने एवं पढ़ाने की प्रक्रिया को प्रभावपूर्ण बनाने में सहायक होगें एवं इसी आधार पर क्रेडिट का निर्धारण किया जावेगा ।

व्यवसायिक प्रशिक्षण

विद्यार्थियों को वैवहारिक प्रशिक्षण हेतु कोर्ट जाना होगा । विद्यार्थियो को वैवहारिक प्रशिक्षण के प्रतिवेदन की तीन प्रति पेश करनी होगी जो उस संस्था द्वारा प्रमाणि हो , जहां उन्हों ने प्रशिक्षण प्रांप्त किया होगा । 626(111)

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10.2 क्रेडिट : क्रेडिट की गणना संपूर्ण पाठयक्रम के आधार पर की जावेगी जिसमें प्रति सप्ताह में घण्टे के अनुसार व्याख्यान का निर्धारण क्रेडिट द्वारा किया जावेगा ।

> 1 क्रेडिट प्रति सप्ताह 1 घण्टे के व्याख्यान ( 1 क्रेडिट पाठयक्रम = 1 सेमेस्टर में 15 घण्टों का व्याख्यान)

> 3 क्रेडिट - प्रति सप्ताह में 3 घण्टे का व्याख्यान (3 क्रेडिट पाठयक्रम = प्रति सेमेस्टर में 45 घण्टों का व्याख्यान)

निर्देश का स्वरूप व्याख्यान / टिटोरियल / प्रायोगिक कार्य/ फील्ड वर्क या अन्य किसी स्वरूप में होगा । प्रायोगिक कार्य या बाह्य कार्य क्षेत्र (ट्रेनिंग ) का निर्धारण कुछ इस प्रकार किया गया है कि यहाँ किया जाने वाला 2 घण्टे का कार्य , 1 घण्टे के व्याख्यान के बराबर होगा ।

10.3 आंकलन और मूल्यांकन

मूल्यांकन प्रणाली निम्न दो घटकों में संपन्न होगी यथा आंतरिक मूल्यांकन एवं अंतिम सेमेस्टर परीक्षा । सभी व्यवहारिक पाठ्यक्रम का मूल्यांकन आंतरिक एवं बाह्य होगा । आंतरिक आंकलन निम्न आधार पर किया जाएगा:

सैद्धांतिक व्यक्तिगत / सामूहिक कार्य , प्रस्तुतिकरण ।

व्यवहारिक जाएगा । व्यक्तिगत एवं सामूहिक रिपोर्ट का अनुसंधान बी.सी.आई. के दिशा निर्देश अनुसार किया आंतरिक मूल्यांकन के संबंध में शिकायतों के समधान हेतु एक प्रावधान होगा एवं किसी प्रकार का पक्षपात न हो ।

ग्रेडिंग प्रणाली

पूर्ण ग्रेडिंग प्रणाली लागू की जावेगी । विद्यार्थी को प्रत्येक विषय सैद्धान्तिक या वैवहारिक आंतरिक मूल्यांकन एवं अंतिम सेमेस्टर परीक्षा के अधार पर उनके प्रदर्शनै के अनुसार " लेटर ग्रेड" दिया जाएगा । इन ग्रेडस का निर्धारण " लेटर ग्रेड" किसी लेटर द्वारा प्रदर्शित होगें । अभ्यार्थी के प्रदर्शन अनुसार उनका संपूर्ण मूल्यांकन अंक संख्या, " ग्रेड पाइंट " के अनुसार होगा । ग्रेड पाईंट का निर्धारण इस प्रकार होगा । A का आशय पूर्ण पाठ्यक्रम की पूर्ण सफलता से है या पाठ्यक्रम से संबंधित क्रेडिट के अर्जन से है जबकि लेटर ग्रेड C या पाठ्यक्रम में सराहनीय अर्जन से है

लेटर ग्रेड (LG): A + A B+ B C+ C F

09 08 07 06

05 0

ग्रेड पाईट (GP): 10

ग्रेड का आकलन सभी सैद्धांतिक एंव प्रायोगिकं विषयों के लिए अलग-अलग किया जावेगा ।

10.4 पूर्ण ग्रेडिंग प्रणाली

सैद्धातिंक एंव प्रायोगिक विषयों के लिए स्वीकृत की गई पूर्ण ग्रेडिंग प्रणाली का विवरण इस प्रकार है- ग्रेड

प्रायोगिक

सैद्धांतिक

A+

85≤ अंक ≤ 100 %

90 अंक ≤ 100 %

A

75 अंक < 85 %

82 अंक < 90 %

B+

65 अंक < 75%

74 अंक < 82 %

B

66 अंक 74 %

55 अंक < 65%

C+

45 अंक < 55%

58 अंक 66%

C

50 अंक < 58%

40 अंक 45%

F

0< अंक < 40%

0≤ अंक < 50%

इस प्रकार यह लेटर ग्रेड A+, A, B+, B , C + , C और F समस्त विषयों के लिए परीक्षक को मूल्यांकन हेतु उपलब्ध होगा । 626( 112)

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10.5 सेमेस्टर प्रदर्शन सूचकांक [ SPI ]

ith सेमेस्टर में छात्र का प्रदर्शन एसपीआई द्वारा इंगित किया गया है जो कि छात्र द्वारा प्राप्त किये गये पाठ्यक्रम के औसत भारित ग्रेड प्वाईंट प्राप्ति से संबंधित है । प्रत्येक सेमेस्टर के छात्रों का प्रदर्शन छात्र द्वारा उस सेमेस्टर में प्राप्त ग्रेड पांइट का औसत होगा जो कि निम्नानुसार है-

[SPI] = [ C1G1 + C2G2 + ] [C1 + C2 + ...... ] = [ CG] [EC] = Ni Di

जहां C एवं G क्रमशः क्रेडिट एवं ग्रेड है ।

SPI की गणना दशमलव के दो स्थानों तक की जावेगी , SPI की गणना केवल तभी की जाएगी जब छात्र ने किसी भी सैद्धांतिक एवं प्रायोगिक परीक्षा में F ग्रेड प्राप्त न किया हो ।

संचयी प्रदर्शन सूचकांक यह किसी भी छात्र के प्रवेश से लेकर सभी सेमेस्टर में प्राप्त ग्रेड पाइंट का 100 % भारित औसत होगा । ith में CPI की गणना निम्नानुसार की जायेगी होगी-

[CPI ] i i = 1 Σ Ν i≥1 Zi=1Σ Di

यदि कोई छात्र पाठ्यक्रम मे पुनः प्रवेश ले या किसी विषय में अनुत्तीर्ण हो गया हो तो पुनः प्रयास में संबंधित विषय में उत्तीर्ण होने के पश्चात् ही ग्रेड पाइंट की गणना CPI में की जावेगी । प्रत्येक सेमेस्टर में प्राप्त SPI की अनुसार CPI की गणना होगी , इस प्रकार SPI के अनुसार CPI परिवर्तित होगा , इसलिए आवश्यक है कि छात्र को SPI एवं CPI की गणना ज्ञात हो ।

11.0 श्रेणी का निर्धारण-

श्रेणी का वर्गीकरण निम्नानुसार होगा-

(!) प्रथम श्रेणी 60% और ऊपर

(ii) द्वितीय श्रेणी 50% से ऊपर किंतु 60 % से कम

प्रत्येक सैद्धांतिक विषय एवं प्रायोगिक/ प्रशिक्षण में कमशः कम से कम 40% एवं 50% अंक प्राप्त करना चाहिए किन्तु कुल प्राप्तांक 50 % प्राप्त करना अनिवार्य है यदि कोई छात्र कुल प्राप्तांक प्राप्त करने में असफल होता है तो उस छात्र को किसी प्रश्न पत्र में बैठने की अनुमति प्रदाय की जावेगी ता कि कुल प्राप्तांक पूर्ण किया जा सके ।

12.0 पुनर्गणना

12.1 कोई भी छात्र जो विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित परीक्षा में बैठा हो, वह किसी भी एक या दो सैद्धातिंक विषय में पुनर्गणना हेतु आवेदन कर सकता है ।

12.2 आवेदक को परिणामों की घोषणा होने के 15 दिन के अंदर ही निर्धारित आवेदन पत्र में निर्धारित शुल्क के साथ आवेदन करना अनिवार्य है । 626(113)

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12.3 उत्तरपुस्तिका की पुनर्गणना की प्रक्रिया में पुनर्मूल्यांकन का प्रावधान नही होगा, यह केवल प्रत्येक उत्तर के लिए मिलें अंकों की पुनर्गणना होगी , यह देखने के लिए कि गणना के समय कोई त्रुटि तो नहीं हुई ।

13.0 पुनर्मूल्यांकन-

13.1 छात्र किसी भी दो सैद्धांतिक विषयों में सिर्फ मुख्य परीक्षा की उत्तरपुस्तिका हेतु पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन कर सकते है ।

13.2 आवेदक को परीक्षा परिणामों की घोषणा होने के 15 दिन के अंदर आवेदन पत्र निर्धारित शुल्क के साथ जमा करना अनिवार्य होगा ।

13.3 यदि पुनर्मूल्यांकन में किसी भी प्रकार की कोई त्रुटि पाई जाती है तो निश्चित सुधार के साथ विश्वविद्यालय द्वारा इसकी सूचना दी जावेगी, अन्य परिस्थितियों में भी विश्वविद्यालय छात्र को पुनर्मुल्यांकन के परिणामों की जानकारी प्रदान करेगा ।

13.4 प्रायोगिक विषयों के लिए पुनर्गणना अथवा पुर्नमुल्यांकन की अनुमति नहीं होगी ।

14.0 व्याख्या-

इस अध्यादेश से संबंधित किसी भी प्रकार के संदेह, विवाद अस्पष्टता पर कुलपति का निर्णय अंतिम होगा एवं यह छात्र / अभ्यर्थी/ संबंधित पक्ष के लिए बाध्यकारी होगा ।

किसी विवाद की स्थिति में माननीय उच्च न्यायालय बिलासपुर (छ.ग.) में मामले का निवारण किया जाएगा । 626 (114)

छत्तीसगढ़ राजपत्र, दिनांक 6 जुलाई 2020

डॉ. सी. वी. रामन विश्वविद्यालय

करगी रोड कोटा, बिलासपुर (छ.ग.)

अध्यादेश क्रमांक-125

फॉर्मेसी में स्नातक (बी. फॉर्मा)

4 वर्षीय पाठ्यक्रम

1. सामान्य

फॉर्मेसी में स्नातक बी. फॉर्मा चार वर्षीय पाठयक्रम है, जिसका उद्देश्य फॉर्मेसी एवं चिकित्सा विज्ञान के क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण एवं कौशल शिक्षा प्रदान करना है । इस पाठ्यक्रम की रचना पी.सी.आई. के दिशानिर्देश एवं विनियमों के तहत की जावेगी ।

2. शीर्षक - फॉर्मेसी में स्नातक (बी. फॉर्मा )

3. संकाय- फॉर्मेसी संकाय

4. समयावधि, कार्य दिवस एवं उपस्थिति

4.1 समयावधि- बी. फॉर्मा पाठ्यक्रम चार वर्षीय (8 सेमेस्टर ) का है । पाठ्यक्रम का संचालन पी.सी. आई. के नियमों के अनुरूप होगा । विद्यार्थी को अपना पाठयक्रम पूर्ण करने के लिए उनके प्रवेश की तिथि से आरंभ होकर अधिकतम समय 6 वर्ष की होगी / पी.सी.आई. के द्वारा समय समय पर जारी मानदंडों के अनुसार ।

4.2 कार्य दिवस- पी.सी.आई. के द्वारा समय समय पर जारी मानदंडों के अनुसार ।

4.3 उपस्थिति छात्र की उपस्थिति पी.सी.आई. एवं विश्वविद्यालय के द्वारा समय समय पर जारी मानदंडों के अनुसार । नियमित विद्यार्थियों को परीक्षा में शामिल होने के लिए न्यूनतम् 75 प्रतिशत उपस्थिति आवश्यक होगी ।

5.0 प्रवेश, पात्रता , प्रवेश प्रक्रिया एवं शुल्क

5.1 प्रवेश संख्या- ए.आई.सी.टी.ई. के नियमानुसार

5.2 पात्रता- बी. फॉर्मेसी के प्रथम सेमेस्टर में प्रवेश हेतु न्यूनतम् योग्यता 10+2 छत्तीसगढ़ बोर्ड ऑफ सेकेन्डरी ऐजूकेशन से उत्तीर्ण या अन्य कोई समकक्ष परीक्षा , भौतिकी, रसायन, गणित अथवा जीव विज्ञान विषयों के साथ या विश्वविद्यालयीन परीक्षा जिसे छत्तीसगढ़ शासन द्वारा समकक्ष मान्यता प्रदान की गयी हो ।

> बी. फॉर्मेसी द्वितीय वर्ष में सीधे प्रवेश हेतु आवश्यक है कि पी.सी.आई. से मान्यता प्राप्त संस्थान से डी. फॉर्मेसी की परीक्षा प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण की गई हो । > अभ्यर्थी जिनका परीक्षा परिणाम रोक दिया गया हो , वह भी प्रवेश हेतु आवेदन कर सकते है , किन्तु प्रवेश के समय तक अंकसूची का होना अनिवार्य है । 626( 115)

छत्तीसगढ़ राजपत्र , दिनांक 6 जुलाई 2020

5.3 प्रवश प्राक्रया- प्रवश, अहकारा पराक्षा म प्राप्त अका का प्रावाण्ता क आधार पर एव राज्य शासन / केन्द्र शासन / विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित किसी अन्य प्रवेश परीक्षा के आधार पर दिया जायेगा । छत्तीसगढ़ शासन उच्च शिक्षा विभाग द्वारा जारी प्रवेश मार्गदर्शिका के प्रावधानों को प्रवेश के समय पालन किया जावेगा ।

5.4 शुल्क- शुल्क का निर्धारण विश्वविद्यालय के प्रबंध मण्डल द्वारा या छत्तीसगढ़ शासन / छत्तीसगढ़ निजी विश्वविद्यालय नियामक आयोग द्वारा समय समय पर किये गये अनुशंसा अनुसार किया जावेगा ।

6.0 माध्यम- शिक्षण एवं परीक्षा का माध्यम अंग्रेजी होगा ।

7.0 शैक्षणिक सत्र- समान्यतः शैक्षणिक सत्र का प्रारंभ , सेमेस्टर जुलाई से दिसंबर और सम सेमेस्टर जनवरी से जून प्रत्येक सत्र में होगा ।

8.0 शिक्षण एवं परीक्षा की योजना- बी. फॉर्मा चार वर्षीय पाठ्यक्रम के लिए शिक्षण एवं परीक्षा योजना सभी सेमेस्टर के लिए डॉ सी.वी. रामन विश्वविद्यालय के द्वारा जारी सूचना के आधार पर होगा ।

परीक्षा एवं मूल्यांकनः 9.0

9.1 प्रत्येक सेमेस्टर के अंत मे एक अंतिम सेमेस्टर परीक्षा (ई.एस.ई. ) डॉ सी.वी. रामन विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित की जावेगी । सेमेस्टर की परीक्षा में सैद्धांतिक, प्रायोगिक एवं मौखिक परीक्षा, परीक्षा योजना के तहत समाहित होगी ।

9.2 प्रत्येक उत्तीर्ण परीक्षा के सैद्धांतिक, आंतरिक एवं प्रायोगिक विषयों को मिलाकर क्रमशः 40 % एवं 50% होगी ।

9.3 परीक्षा की अधिकतम समयावधि 25 कार्य दिवस से अधिक नहीं होगी ।

9.4 अंतिम सेमेस्टर परीक्षा समय- सारणी परीक्षा प्रारंभ की तिथि से 15 दिवस पूर्व प्रसारित की जावेगी ।

9.5 तैयारी हेतु अवकाश परीक्षा पूर्व तैयारी हेतु अवकाश प्रत्येक सेमेस्टर परीक्षा में लगभग 10 दिवस का अवकाश दिया जावेगा ।

9.6 कैरी ओवर यदि छात्र किसी सेमेस्टर में किसी भी विषय सैद्धांतिक या प्रायोगिक विषय WH या FF ग्रेड प्राप्त करता है तो उसे अगले सेमेस्टर में जाने की पात्रता होगी एवं सेमेस्टर परीक्षा में उसे केवल उन विषयों की परीक्षा (सैद्धान्तिक / प्रायोगिक) देनी होगी जिनमें उसे WH या FF ग्रेड मिला हो ।

10.0 पाठयक्रम, क्रेडिट, मूल्यांकन एवं ग्रेडिंग

10.1 पाठयक्रम- " पाठयक्रम " कार्यक्रम का एक घटक है , विश्वविद्यालय में संचालित प्रत्येक पाठ्यक्रम को विश्वविद्यालय द्वारा एक कोड प्रदान किया जाएगा । पाठयक्रम की रचना में सैद्धांतिक/ टिटोरियल / प्रायोगिक / सेमिनार/ परियोजना कार्य / व्यवहारिक प्रशिक्षण / प्रतिवेदन लेखन / मौखिक परीक्षा आदि समाहित होंगे जो पढ़ने एवं पढ़ाने की प्रक्रिया को प्रभावपूर्ण बनाने में सहायक होंगे , एवं इसी आधार पर क्रेडिट का निर्धारण किया जाएगा । 626( 116)

छत्तीसगढ़ राजपत्र, दिनांक 6 जुलाई 2020

शक्षाणक भ्रमण-

बी. फार्मेसी VI सेमेस्टर के विद्यार्थियों को महत्वपूर्ण दवा निर्माता संगठन का शैक्षणिक अध्ययन हेतु भ्रमण करना आवश्यक होगा, एवं भ्रमण पूर्ण होने के पश्चात् विद्यार्थियों को संबंधित रिपोर्ट जमा करना आवश्यक होगा एवं शैक्षणिक भ्रमण के प्रभारी शिक्षक द्वारा अंक प्रदान किया जाएगा । यदि कोई विद्यार्थी शैक्षणिक भ्रमण नही करता है तो उसे उत्तीर्ण होने हेतु कोई न्यूनतम अंक नही दिया जाएगा । इसके लिए उसे शून्य अंक प्राप्त होगा । यद्धि, इसके उर्तीण करने के लिए न्यून्तम अंक नहीं होंगे ।

परियोजना कार्य-

बी. फॉर्मेसी के प्रत्येक विद्यार्थी को एक प्रोजेक्ट करना अनिवार्य होगा । प्रोजेक्ट कार्य फॉर्मेसी के किसी भी क्षेत्र से संबंधित हो सकता है । विद्यार्थी ये प्रोजेक्ट शिक्षकों के मार्गदर्शन में रह कर करेगें । प्रत्येक विद्यार्थी को परियोजना कार्य से संबंधित सेमिनार में पेपर प्रस्तुत करना होगा । हर विद्यार्थी को अपने प्रोजेक्ट कार्य की रिपोर्ट की तीन प्रतियां जमा करनी होगी । प्रोजेक्ट कार्य के अंक प्रोजेक्ट पर्यवेक्षक एवं एक वाह्य परीक्षक द्वारा प्रदाय किय जायेंगे ।

प्रोफेशनल प्रशिक्षण-

VI सेमेस्टर के परीक्षा के उपरांत विद्यार्थियों को कम से कम चार सप्ताह के लिए प्रोफशनल प्रशिक्षण हेतु किसी इंडस्ट्री / हॉस्पिटल फॉर्मेसी / सामुदायिक फॉर्मेसी / फॉर्मेसी आर एण्ड डी यूनिट से करना आवश्यक होगा ।

प्रशिक्षण की रिपोर्ट प्रत्येक विद्यार्थी को तीन प्रतियों में जमा करनी होगी , जो कि संबंधित संगठन जहां से प्रशिक्षण लिया गया है, से प्रमाणित की गई हो ।

औद्योगिक प्रशिक्षण पर आधारित मौखिक परीक्षा हेतु गठित परीक्षा मंण्डल द्वारा ली जायेगी जिसमें निम्न शामिल होंगे

अध्यक्ष- संस्थान प्रमुख /प्राचार्य 1.

बाह्य परीक्षक 2.

3. आंतरिक परीक्षक

मौखिक परीक्षा के अंक परीक्षा मंण्डल द्वारा प्रदाय किये जायेंगे ।

10.2 क्रेडिट : क्रेडिट की गणना संपूर्ण पाठयक्रम के आधार पर की जावेगी जिसमें प्रति सप्ताह में घण्टे के अनुसार व्याख्यान का निर्धारण क्रेडिट द्वारा किया जावेगा ।

> 1 क्रेडिट प्रति सप्ताह 1 घण्टे के व्याख्यान (1 क्रेडिट पाठयक्रम = 1 सेमेस्टर में 15 घण्टों काव्याख्यान)

> 3 क्रेडिट प्रति सप्ताह में 3 घण्टे का व्याख्यान (3 क्रेडिट पाठयक्रम = प्रति सेमेस्टर में 45 घण्टों का व्याख्यान)

निर्देश का स्वरूप व्याख्यान /टिटोरियल / प्रायोगिक कार्य / फील्ड वर्क या अन्य किसी स्वरूप में होगा । प्रायोगिक कार्य या बाह्य कार्य क्षेत्र (ट्रेनिंग ) का निर्धारण इस प्रकार किया गया है कि यहाँ किया जाने वाला 2 घण्टे का कार्य, 1 घण्टे के व्याख्यान के बराबर होगा ।

10.3 आंकलन और मूल्यांकन

मूल्यांकन प्रणाली निम्न दो घटकों में संपन्न होगी यथा आंतरिक मूल्यांकन एवं अंतिम सेमेस्टर परीक्षा । 626( 117)

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सभा व्यवहाारक पाठ्यक्रम का मूल्याकन आतारक एव बाह्य हागा । आतारक आकलन निम्न आधार पर किया जाएगा:

सैद्धांतिक व्यक्तिगत / सामूहिक कार्य , प्रस्तुतिकरण ।

व्यवहारिक जाएगा । व्यक्तिगत एवं सामूहिक रिपोर्ट का अनुसंधान पी.सी.आई. के दिशा निर्देश अनुसार किया आंतरिक मूल्यांकन के संबंध में शिकायतों के समधान हेतु एक प्रावधान होगा एवं किसी प्रकार का पक्षपात न हो ।

ग्रेडिंग प्रणाली -

पूर्ण ग्रेडिंग प्रणाली लागू की जावेगी । विद्यार्थी को प्रत्येक विषय सैद्धान्तिक या वैवहारिक आंतरिक मूल्यांकन एवं अंतिम सेमेस्टर परीक्षा के अधार पर उनके प्रदर्शन के अनुसार " लेटर ग्रेड" दिया जाएगा । इन ग्रेडस का निर्धारण " लेटर ग्रेड" किसी लेटर द्वारा प्रदर्शित होगें । अभ्यार्थी के प्रदर्शन अनुसार उनका संपूर्ण मूल्यांकन अंक संख्या , " ग्रेड पाइंट " के अनुसार होगा । ग्रेड पाईंट का निर्धारण इस प्रकार होगा । A का आशय पूर्ण पाठ्यक्रम की सफलता से है या पाठ्यक्रम से संबंधित क्रेडिट के अर्जन से है जबकि लेटर ग्रेड C या पाठ्यक्रम में सराहनीय अर्जन से है

लेटर ग्रेड ( LG): A+ A B+ B C+ C F

09 08 07

06 05

0

ग्रेड पाईट (GP): 10

ग्रेड का आकलन सभी सैद्धांतिक एंव प्रायोगिक विषयों के लिए अलग -अलग किया जावेगा ।

10.4 पूर्ण ग्रेडिंग प्रणाली

सैद्धातिंक एंव प्रायोगिक विषयों के लिए स्वीकृत की गई पूर्ण ग्रेडिंग प्रणाली का विवरण इस प्रकार है- ग्रेड

सैद्धांतिक

प्रायोगिक

A+

85 अंक ≤ 100 %

90 अंक ≤ 100 %

A

75 अंक 85 %

82 अंक < 90 %

B+

65 अंक < 75%

74 अंक 82%

B

55≤ अंक < 65%

66 अंक 74%

C+

45 अंक < 55%

58 अंक 66%

C

40 अंक <45 %

50 अंक < 58%

F

0≤ अंक < 40%

0< अंक < 50%

इस प्रकार यह लेटर ग्रेड A+ , A, B+, B , C+, C और F समस्त विषयों के लिए परीक्षक को मूल्यांकन हेतु उपलब्ध होगा ।

10.5 सेमेस्टर प्रदर्शन सूचकांक [ SPI ]

ith सेमेस्टर में छात्र का प्रदर्शन एसपीआई द्वारा इंगित किया गया है जो कि छात्र द्वारा प्राप्त किये गये पाठ्यक्रम के औसत भारित ग्रेड प्वाईंट प्राप्ति से संबंधित है । प्रत्येक सेमेस्टर के छात्रों का प्रदर्शन छात्र द्वारा उस सेमेस्टर में प्राप्त ग्रेड पांइट का औसत होगा जो कि निम्नानुसार है-

[SPI] = [ C1G1 + C2G2 + ...... ] [ C1 + C2 + ....... ] = [ CG ] Ni [LC ] Di

जहां C एवं G क्रमशः क्रेडिट एवं ग्रेड है । 626( 118)

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SPI की गणना दशमलव के दो स्थानों तक की जावेगी , SPI की गणना केवल तभी की जाएगी जब छात्र ने किसी भी सैद्धांतिक एवं प्रायोगिक परीक्षा में F ग्रेड प्राप्त न किया हो ।

10.6 संचयी प्रदर्शन सूचकांक

यह किसी भी छात्र के प्रवेश से लेकर सभी सेमेस्टर में प्राप्त ग्रेड पाइंट का 100 % भारित औसत होगा । ith में CPI की गणना निम्नानुसार की जायेगी होगी-

i≥1

Li= 1

Ν

[ CPI ] =

Σ Di

यदि कोई छात्र पाठ्यक्रम मे पुनः प्रवेश ले या किसी विषय में अनुत्तीर्ण हो गया हो तो पुनः प्रयास में संबंधित विषय में उत्तीर्ण होने के पश्चात् ही ग्रेड पाइंट की गणना CPI में की जावेगी । प्रत्येक सेमेस्टर में प्राप्त SPI की अनुसार CPI की गणना होगी, इस प्रकार SPI के अनुसार CPI परिवर्तित होगा , इसलिए आवश्यक है कि छात्र को SPI एवं CPI की गणना ज्ञात हो ।

11. श्रेणी का निर्धारण-

श्रेणी का वर्गीकरण निम्नानुसार होगा ।

60% और ऊपर

(i) प्रथम श्रेणी

(ii) द्वितीय श्रेणी 50% से ऊपर किन्तु 60 % से कम

(iii) तृतीय श्रेणी 40% से ऊपर किन्तु 50 % से कम

40% से कम अनुत्तीर्ण होंगे ।

प्रत्येक सैद्धांतिक विषय में कम से कम 40% एवं प्रायोगिक विषय में 50 % अंक प्राप्त करना अनिवार्य है । 12.0 पुनर्गणना

12.1 कोई भी छात्र जो विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित परीक्षा में बैठा हो, वह किसी भी एक या दो सैद्धातिंक विषय में पुनर्गणना हेतु आवेदन कर सकता है ।

12.2 आवेदक को परिणामों की घोषणा होने के 15 दिन के अंदर ही निर्धारित आवेदन पत्र में निर्धारित शुल्क के साथ आवेदन करना अनिवार्य है ।

12.3 उत्तरपुस्तिका की पुनर्गणना की प्रक्रिया में पुनर्मूल्यांकन का प्रावधान नही होगा, यह केवल प्रत्येक उत्तर के लिए मिलें अंकों की पुनर्गणना होगी, यह देखने के लिए कि गणना के समय कोई त्रुटि तो नहीं हुई । 626( 119)

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13.0 पुनमूल्याकन-

13.1 छात्र किसी भी दो सैद्धांतिक विषयों में सिर्फ मुख्य परीक्षा की उत्तरपुस्तिका हेतु पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन कर सकते है ।

13.2 आवेदक को परीक्षा परिणामों की घोषणा होने के 15 दिन के अंदर आवेदन पत्र निर्धारित शुल्क के साथ जमा करना अनिवार्य होगा ।

13.3 यदि पुनर्मूल्यांकन में किसी भी प्रकार की कोई त्रुटि पाई जाती है तो निश्चित सुधार के साथ विश्वविद्यालय द्वारा इसकी सूचना दी जावेगी , अन्य परिस्थितियों में भी विश्वविद्यालय छात्र को पुनर्मुल्यांकन के परिणामों की जानकारी प्रदान करेगा ।

13.4 प्रायोगिक के लिए पुनर्गणना अथवा पुर्नमुल्यांकन की अनुमति नहीं होगी ।

14.0 व्याख्या-

इस अध्यादेश से संबंधित किसी भी प्रकार के संदेह, विवाद अस्पष्टता पर कुलपति का निर्णय अंतिम होगा एवं यह छात्र / अभ्यर्थी / संबंधित पक्षों के लिए बाध्यकारी होगा ।

किसी विवाद की स्थिति में माननीय उच्च न्यायालय बिलासपुर (छ.ग.) में मामले का निवारण किया जाएगा । 626( 120)

छत्तीसगढ़ राजपत्र, दिनांक 6 जुलाई 2020

डॉ. सी. वी . रामन विश्वविद्यालय

करगी रोड कोटा, बिलासपुर (छ.ग. )

अध्यादेश क्रमांक-126

फॉर्मेसी में डिप्लोमा (डी. फार्मेसी)

2 वर्षीय पाठ्यक्रम

1.0 सामान्य-

फॉर्मेसी में स्नातक डी. फॉर्मा दो वर्षीय पाठयक्रम है, जिसका उद्देश्य फॉर्मेसी एवं चिकित्सा विज्ञान के क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण एवं कौशल शिक्षा प्रदान करना है । इस पाठ्यक्रम की रचना पी.सी.आई. के दिशानिर्देश एवं विनियमों के तहत की जावेगी ।

2.0 शीर्षक - फॉर्मेसी में डिप्लोमा (डी.फॉर्मा)

3.0 संकाय - फॉर्मेसी संकाय

4.0 समयावधि, कार्यदिवस एवं उपस्थिति

4.1 समयावधि- डी. फॉर्मा पाठ्यक्रम दो वर्षीय (4 सेमेस्टर ) का है । पाठ्यक्रम का संचालन पी.सी.आई. के नियमों के अनुरूप होगा । विद्यार्थी को अपना पाठयक्रम पूर्ण करने के लिए उनके प्रवेश की तिथि से आरंभ होकर अधिकतम समय 3 वर्ष की होगी / पी.सी.आई. के द्वारा समय समय पर जारी मानदंडों के अनुसार ।

4.2 कार्य दिवस- पी.सी.आई. के द्वारा समय समय पर जारी मानदंडों के अनुसार ।

उपस्थिति छात्र की उपस्थिति पी.सी.आई. एवं विश्वविद्यालय के द्वारा समय समय पर जारी मानदंडों के अनुसार। नियमित विद्यार्थियों को परीक्षा में शामिल होने के लिए न्यूनतम् 75 प्रतिशत उपस्थिति आवश्यक होगी ।

5.0 प्रवेश, पात्रता, प्रवेश प्रक्रिया एवं शुल्क

5.1 प्रवेश संख्या- ए.आई.सी.टी.ई. के नियमानुसार

पात्रता डी.फॉर्मा के 2 वर्षीय पाठ्यक्रम में प्रवेश हेतु न्यूनतम् योग्यता विज्ञान में इंटरमीडिएट परीक्षा अथवा विज्ञान के किसी त्रिवर्षीय पाठ्यक्रम के प्रथम वर्ष में उत्तीर्ण अथवा अन्य कोई समकक्ष परीक्षा भौतिकी, रसायन अथवा जीव विज्ञान विषयों के साथ विश्वविद्यालयीन परीक्षा जिसे शासन द्वारा समकक्ष मान्यता प्रदान की गयी हो या विज्ञान में 10+ 2 माध्यमिक शिक्षा मण्डल से उत्तीर्ण या फार्मेसी कांउसिल ऑफ इन्डिया द्वारा अनुमोदित किसी समकक्ष परीक्षा में उत्तीर्ण । > अभ्यर्थी जिनका परीक्षा परिणाम रोक दिया गया हो , वह भी प्रवेश हेतु आवेदन कर सकते है, किन्तु प्रवेश के समय तक अंकसूची का होना अनिवार्य है ।

5.2 प्रवेश प्रक्रिया- प्रवेश , अर्हकारी परीक्षा में प्राप्त अंकों की प्रावीण्ता के आधार पर एवं राज्य शासन / केन्द्र शासन / विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित किसी अन्य प्रवेश परीक्षा के आधार पर दिया जायेगा । छत्तीसगढ़ शासन उच्च शिक्षा विभाग द्वारा जारी प्रवेश मार्गदर्शिका के प्रावधानों को प्रवेश के समय पालन किया जावेगा । 626(121)

छत्तीसगढ़ राजपत्र , दिनांक 6 जुलाई 2020

5.4 शुल्क- शुल्क का निर्धारण विश्वविद्यालय के प्रबंध मण्डल द्वारा या छत्तीसगढ़ शासन / छत्तीसगढ़ निजी विश्वविद्यालय विनयामक आयोग द्वारा समय समय पर किये गये अनुशंसा अनुसार किया जावेगा ।

6.0 माध्यम- शिक्षण एवं परीक्षा का माध्यम अंग्रेजी होगा ।

7.0 शैक्षणिक सत्र- समान्यतः शैक्षणिक सत्र का प्रारंभ , सेमेस्टर जुलाई से दिसंबर और सम सेमेस्टर जनवरी से जून प्रत्येक सत्र में होगा ।

8.0 शिक्षण एवं परीक्षा की योजना- डी. फॉर्मा दो वर्षीय कार्यक्रम के विभिन्न सेमेस्टरों के लिए शिक्षण एवं परीक्षा योजना पाठ्यक्रम के साथ डॉ सी.वी. रामन विश्वविद्यालय के द्वारा जारी सूचना के आधार पर होगा । 9.0 परीक्षा एवं मूल्यांकन ।

9.1 प्रत्येक सेमेस्टर के अंत मे एक अंतिम सेमेस्टर परीक्षा (ई.एस.ई. ) डॉ सी.वी. रामन विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित की जावेगी । सेमेस्टर की परीक्षा में सैद्धांतिक, प्रायोगिक एवं मौखिक परीक्षा, परीक्षा योजना के तहत समाहित होगी ।

9.2 प्रत्येक उत्तीर्ण परीक्षा के सैद्धांतिक, आंतरिक एवं प्रायोगिक विषयों को मिलाकर कमशः 40 % एवं 50% होगी ।

9.3 परीक्षा की अधिकतम समयावधि 25 कार्य दिवस से अधिक नहीं होगी ।

9.4 अंतिम सेमेस्टर परीक्षा समय- सारणी परीक्षा प्रारंभ की तिथि से 15 दिवस पूर्व प्रसारित की जावेगी ।

9.5 तैयारी हेतु अवकाश- परीक्षा पूर्व तैयारी हेतु अवकाश प्रत्येक सेमेस्टर परीक्षा में लगभग 10 दिवस का अवकाश दिया जावेगा ।

9.6 कैरी ओवर: यदि छात्र किसी सेमेस्टर में किसी भी विषय सैद्धांतिक या प्रायोगिक विषय WH या FF ग्रेड प्राप्त करता है तो उसे अगले सेमेस्टर में जाने की पात्रता होगी एवं सेमेस्टर परीक्षा में उसे केवल उन विषयों की परीक्षा (सैद्धान्तिक / प्रायोगिक ) देनी होगी जिनमें उसे WH या FF ग्रेड मिला हो ।

10.0 पाठयक्रम , क्रेडिट, मूल्यांकन एवं ग्रेडिंग

10.1 पाठयक्रम- " पाठयक्रम " कार्यक्रम का एक घटक है , विश्वविद्यालय में संचालित प्रत्येक पाठयक्रम को विश्वविद्यालय द्वारा एक कोड प्रदान किया जाएगा । पाठ्यक्रम की रचना में सैद्धांतिक / टिटोरियल / प्रायोगिक / सेमिनार / परियोजना कार्य / व्यवहारिक प्रशिक्षण / प्रतिवेदन लेखन / मौखिक परीक्षा आदि समाहित होंगे जो पढ़ने एवं पढ़ाने की प्रक्रिया को प्रभावपूर्ण बनाने में सहायक होंगे , एवं इसी आधार पर क्रेडिट का निर्धारण किया जाएगा ।

शैक्षणिक भ्रमण-

डी.फार्मेसी IV सेमेस्टर के विद्यार्थियों को महत्वपूर्ण दवा निर्माता संगठन का शैक्षणिक अध्ययन हेतु भ्रमण करना आवश्यक होगा, एवं भ्रमण पूर्ण होने के पश्चात् विद्यार्थियों को संबंधित रिपोर्ट जमा करना आवश्यक 626( 122)

छत्तीसगढ़ राजपत्र , दिनांक 6 जुलाई 2020

होगा एवं शैक्षणिक भ्रमण के प्रभारी शिक्षक द्वारा अंक प्रदान किया जाएगा । यदि कोई विद्यार्थी शैक्षणिक भ्रमण नही करता है तो उसे उत्तीर्ण होने हेतु कोई न्यूनतम अंक नही दिया जाएगा । इसके लिए उसे शून्य अंक प्राप्त होगा । यद्धि, इसके उर्तीण करने के लिए न्यून्तम अंक नहीं होंगे ।

परियोजना कार्य-

डी. फॉर्मा के प्रत्येक विद्यार्थी को एक प्रोजेक्ट करना अनिवार्य होगा । प्रोजेक्ट कार्य फॉर्मेसी के किसी भी क्षेत्र से संबंधित हो सकता है । विद्यार्थी ये प्रोजेक्ट शिक्षकों के मार्गदर्शन में रह कर करेगें । प्रत्येक विद्यार्थी को परियोजना कार्य से संबंधित सेमीनार में पेपर प्रस्तुत करना होगा । हर विद्यार्थी को अपने प्रोजेक्ट कार्य की रिपोर्ट की तीन प्रतियां जमा करनी होगी । प्रोजेक्ट कार्य के अंक प्रोजेक्ट पर्यवेक्षक एवं एक वाह्य परीक्षक द्वारा प्रदाय किय जायेंगे ।

प्रोफेशनल प्रशिक्षण-

II सेमेस्टर के परीक्षा के उपरांत विद्यार्थियों को कम से कम चार सप्ताह के लिए प्रोफशनल प्रशिक्षण हेतु किसी इंडस्ट्री / हॉस्पिटल फॉर्मेसी / सामुदायिक फॉर्मेसी / फॉर्मेसी आर एण्ड डी यूनिट से करना आवश्यक होगा।

परीक्षा के उपरांत विद्यार्थियों को कम से कम चार सप्ताह के लिए प्रोफशनल प्रशिक्षण हेतु किसी इंडस्ट्री / हॉस्पिटल फॉर्मेसी / सामुदायिक फॉर्मेसी / फॉर्मेसी आर एण्ड डी यूनिट से करना आवश्यक होगा । प्रशिक्षण की रिपोर्ट प्रत्येक विद्यार्थी को तीन प्रतियों में जमा करनी होगी , जो कि संबंधित संगठन जहां से प्रशिक्षण लिया गया है, से प्रमाणित की गई हो ।

औद्योगिक प्रशिक्षण पर आधारित मौखिक परीक्षा हेतु गठित परीक्षा मंण्डल द्वारा ली जायेगी जिसमें निम्न शामिल होंगे

1. अध्यक्ष- संस्थान प्रमुख /प्राचार्य

2. बाह्य परीक्षक

3. आंतरिक परीक्षक

मौखिक परीक्षा के अंक परीक्षा मंण्डल द्वारा प्रदाय किये जायेंगे ।

10.2 क्रेडिट : क्रेडिट की गणना संपूर्ण पाठयक्रम के आधार पर की जावेगी जिसमें प्रति सप्ताह में घण्टे के अनुसार व्याख्यान का निर्धारण क्रेडिट द्वारा किया जावेगा ।

> 1 क्रेडिट प्रति सप्ताह 1 घण्टे के व्याख्यान ( 1 क्रेडिट पाठयक्रम = 1 सेमेस्टर में 15 घण्टों का व्याख्यान)

> 3 क्रेडिट - प्रति सप्ताह में 3 घण्टे का व्याख्यान (3 क्रेडिट पाठयक्रम = प्रति सेमेस्टर में 45 घण्टों का व्याख्यान)

निर्देश का स्वरूप व्याख्यान / टिटोरियल / प्रायोगिक कार्य / फील्ड वर्क या अन्य किसी स्वरूप में होगा । प्रायोगिक कार्य या बाह्य कार्य क्षेत्र (ट्रेनिंग ) का निर्धारण इस प्रकार किया गया है कि यहाँ किया जाने वाला 2 घण्टे का कार्य , 1 घण्टे के व्याख्यान के बराबर होगा । 626(123)

छत्तीसगढ़ राजपत्र, दिनांक 6 जुलाई 2020

10.3 आंकलन और मूल्यांकन

मूल्यांकन प्रणाली निम्न दो घटकों में संपन्न होगी यथा आंतरिक मूल्यांकन एवं अंतिम सेमेस्टर परीक्षा । सभी व्यवहारिक पाठ्यक्रम का मूल्यांकन आंतरिक एवं बाह्य होगा । आंतरिक आंकलन निम्न आधार पर किया जाएगा:

सैद्धांतिक

व्यक्तिगत / सामूहिक कार्य , प्रस्तुतिकरण ।

व्यवहारिक

जाएगा । व्यक्तिगत एवं सामूहिक रिपोर्ट का अनुसंधान पी.सी.आई. के दिशा निर्देश अनुसार किया आंतरिक मूल्यांकन के संबंध में शिकायतों के समधान हेतु एक प्रावधान होगा एवं किसी प्रकार का पक्षपात न हो ।

ग्रेडिंग प्रणाली -

पूर्ण ग्रेडिंग प्रणाली लागू की जावेगी । विद्यार्थी को प्रत्येक विषय सैद्धान्तिक या वैवहारिक आंतरिक मूल्यांकन एवं अंतिम सेमेस्टर परीक्षा के अधार पर उनके प्रदर्शन के अनुसार " लेटर ग्रेड" दिया जाएगा । इन ग्रेडस का निर्धारण " लेटर ग्रेड" किसी लेटर द्वारा प्रदर्शित होगें । अभ्यार्थी के प्रदर्शन अनुसार उनका संपूर्ण मूल्यांकन अंक संख्या, " ग्रेड पाइंट " के अनुसार होगा । ग्रेड पाईंट का निर्धारण इस प्रकार होगा । A का आशय पूर्ण पाठ्यक्रम की सफलता से है या पाठ्यक्रम से संबंधित क्रेडिट के अर्जन से है जबकि लेटर ग्रेड C या पाठ्यक्रम में सराहनीय अर्जन से है

B+ B

A

C+ C F

लेटर ग्रेड (LG): A+

09 08 07

06 05 0

ग्रेड पाईट ( GP): 10

ग्रेड का आकलन सभी सैद्धांतिक एंव प्रायोगिक विषयों के लिए अलग - अलग किया जावेगा ।

10.4 पूर्ण ग्रेडिंग प्रणाली

सैद्धातिंक एंव प्रायोगिक विषयों के लिए स्वीकृत की गई पूर्ण ग्रेडिंग प्रणाली का विवरण इस प्रकार है- ग्रेड

सैद्धांतिक

प्रायोगिक

A+

90

90 < Marks < 100 % ,

A

80 < Marks < 90 % ,

82< Marks < 90 % ,

B+

70

74< Marks < 82 % ,

B

60 < Marks < 70 % ,

66

C+

50 < Marks < 60 % ,

58 < Marks < 66 % ,

C

40

50 < Marks < 58 % ,

F

0

0 < Marks < 50 % ,

इस प्रकार यह लेटर ग्रेड A+ , A, B+, B , C+ , C और F समस्त विषयों के लिए परीक्षक को मूल्यांकन हेतु उपलब्ध होगा । 626( 124)

छत्तीसगढ़ राजपत्र , दिनांक 6 जुलाई 2020

10.5 सेमेस्टर प्रदर्शन सूचकांक [ SPI ]

ith सेमेस्टर में छात्र का प्रदर्शन एसपीआई द्वारा इंगित किया गया है जो कि छात्र द्वारा प्राप्त किये गये पाठ्यक्रम के औसत भारित ग्रेड प्वाईंट प्राप्ति से संबंधित है । प्रत्येक सेमेस्टर के छात्रों का प्रदर्शन छात्र द्वारा उस सेमेस्टर में प्राप्त ग्रेड पांइट का औसत होगा जो कि निम्नानुसार है-

[SPI ] = [ C1G1 + C2G2 + ....... ] [ CG ] Ni [C1 + C2 + ...... ] [EC] Di =

जहां C एवं G क्रमशः क्रेडिट एवं ग्रेड है ।

SPI की गणना दशमलव के दो स्थानों तक की जावेगी , SPI की गणना केवल तभी की जाएगी जब छात्र ने किसी भी सैद्धांतिक एवं प्रायोगिक परीक्षा में F ग्रेड प्राप्त न किया हो ।

10.6 संचयी प्रदर्शन सूचकांक

यह किसी भी छात्र के प्रवेश से लेकर सभी सेमेस्टर में प्राप्त ग्रेड पाइंट का 100 % भारित औसत होगा । ith में CPI की गणना निम्नानुसार की जायेगी होगी-

Σ Ν [ CPI ] = i = 1 i≥1 i = 1

यदि कोई छात्र पाठ्यक्रम मे पुनः प्रवेश ले या किसी विषय में अनुत्तीर्ण हो गया हो तो पुनः प्रयास में संबंधित विषय में उत्तीर्ण होने के पश्चात् ही ग्रेड पाइंट की गणना CPI में की जावेगी । प्रत्येक सेमेस्टर में प्राप्त SPI की अनुसार CPI की गणना होगी , इस प्रकार SPI के अनुसार CPI परिवर्तित होगा , इसलिए आवश्यक है कि छात्र को SPI एवं CPI की गणना ज्ञात हो ।

11. श्रेणी का निर्धारण-

श्रेणी का वर्गीकरण निम्नानुसार होगा ।

60% और ऊपर

प्रथम श्रेणी

(i)

(ii) द्वितीय श्रेणी

50% से ऊपर किन्तु 60 % से कम

(iii) तृतीय श्रेणी

40% से ऊपर किन्तु 50 % से कम

40% से कम अनुत्तीर्ण होंगे ।

प्रत्येक सैद्धांतिक विषय में कम से कम 40% एवं प्रायोगिक विषय में 50 % अंक प्राप्त करना अनिवार्य है । 626(125)

छत्तीसगढ़ राजपत्र, दिनांक 6 जुलाई 2020

12.0 पुनर्गणना

12.1 कोई भी छात्र जो विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित परीक्षा में बैठा हो, वह किसी भी एक या दो सैद्धातिंक विषय में पुनर्गणना हेतु आवेदन कर सकता है ।

12.2 आवेदक को परिणामों की घोषणा होने के 15 दिन के अंदर ही निर्धारित आवेदन पत्र में निर्धारित शुल्क के साथ आवेदन करना अनिवार्य है ।

12.3 उत्तरपुस्तिका की पुनर्गणना की प्रक्रिया में पुनर्मूल्यांकन का प्रावधान नही होगा , यह केवल प्रत्येक उत्तर के लिए मिलें अंकों की पुनर्गणना होगी , यह देखने के लिए कि गणना के समय कोई त्रुटि तो नहीं हुई ।

13.0 पुनर्मूल्यांकन-

13.1 छात्र किसी भी दो सैद्धांतिक विषयों में सिर्फ मुख्य परीक्षा की उत्तरपुस्तिका हेतु पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन कर सकते है ।

13.2 आवेदक को परीक्षा परिणामों की घोषणा होने के 15 दिन के अंदर आवेदन पत्र निर्धारित शुल्क के साथ जमा करना अनिवार्य होगा ।

13.3 यदि पुनर्मूल्यांकन में किसी भी प्रकार की कोई त्रुटि पाई जाती है तो निश्चित सुधार के साथ विश्वविद्यालय द्वारा इसकी सूचना दी जावेगी , अन्य परिस्थितियों में भी विश्वविद्यालय छात्र को पुनर्मुल्यांकन के परिणामों की जानकारी प्रदान करेगा ।

13.4 प्रायोगिक के लिए पुनर्गणना अथवा पुर्नमुल्यांकन की अनुमति नहीं होगी ।

14.0 व्याख्या-

इस अध्यादेश से संबंधित किसी भी प्रकार के संदेह, विवाद अस्पष्टता पर कुलपति का निर्णय अंतिम होगा एवं यह छात्र / अभ्यर्थी / संबंधित पक्षों के लिए बाध्यकारी होगा ।

किसी विवाद की स्थिति में माननीय उच्च न्यायालय बिलासपुर (छ.ग. ) में मामले का निवारण किया जाएगा । 626 ( 126)

छत्तीसगढ़ राजपत्र, दिनांक 6 जुलाई 2020

डॉ. सी. वी. रामन विश्वविद्यालय

करगी रोड कोटा, बिलासपुर (छ.ग.)

अध्यादेश क्रमांक-127

दो वर्षीय स्नातकोत्तर फॉर्मेसी (एम.फॉर्मा)

पाठ्यक्रम 2 वर्षीय पाठ्यक्रम

1.0 सामान्य

फॉर्मेसी में स्नातकोत्तर एम. फॉर्मा दो वर्षीय पाठयक्रम है , जिसका उद्देश्य फॉर्मेसी एवं चिकित्सा विज्ञान के क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण एवं कौशल शिक्षा प्रदान करना है । इस पाठ्यक्रम की रचना पी.सी.आई. के दिशानिर्देश एवं विनियमों के तहत की जावेगी ।

2.0 शीर्षक - फॉर्मेसी में स्नातकोत्तर (एम. फॉर्मा )

3.0 संकाय- फॉर्मेसी संकाय

4.0 समयावधि, कार्य दिवस एवं उपस्थिति

4.1 समयावधि- एम. फॉर्मा पाठ्यक्रम दो वर्षीय (4 सेमेस्टर ) का है । पाठ्यक्रम का संचालन पी.सी. आई. के नियमों के अनुरूप होगा । विद्यार्थी को अपना पाठयक्रम पूर्ण करने के लिए उनके प्रवेश की तिथि से आरंभ होकर अधिकतम समय 3 वर्ष की होगी / पी.सी.आई. के द्वारा समय समय पर जारी मानदंडों के अनुसार ।

4.2 कार्य दिवस- पी.सी.आई. के द्वारा समय समय पर जारी मानदंडों के अनुसार ।

4.3 उपस्थिति छात्र की उपस्थिति पी.सी.आई. एवं विश्वविद्यालय के द्वारा समय समय पर जारी मानदंडों के अनुसार । नियमित विद्यार्थियों को परीक्षा में शामिल होने के लिए न्यूनतम् 75 प्रतिशत उपस्थिति आवश्यक होगी ।

5.0 प्रवेश, पात्रता, प्रवेश प्रक्रिया एवं शुल्क

5.1 प्रवेश संख्या- ए.आई.सी.टी.ई. के नियमानुसार

पात्रता-

> एम.फॉर्मा के प्रथम सेमेस्टर में प्रवेश हेतु न्यूनतम् योग्यता विधि द्वारा स्थापित एवं पी.सी.आई. से मान्यता प्राप्त किसी भी मारतीय संस्थान द्वारा बी. फॉर्मेसी में न्यूनतम 55% अंकों के साथ उपाधि प्राप्त की हों । (बी . फॉर्मा के चार वर्षीय पाठ्यक्रम में पूर्ण प्राप्तांक का प्रतिशत )

> प्रत्येक एम . फॉर्मेसी के विद्यार्थी जो पी.सी.आई. द्वारा मान्यता प्राप्त संस्थान के लिए चयनित हुआ है, के पास प्रवेश के समय तक प्रवेश के एक महिने के अंदर प्रथम सेमेस्टर की परीक्षा तक राज्य 626(127)

छत्तीसगढ़ राजपत्र, दिनांक 6 जुलाई 2020

फामसा पारषद् का नामाकन हाना आनवाय ह , याद छात्र नामाकन जमा करन म असमथ हाता ह तो उसका प्रवेश निरस्त कर दिया जाएगा ।

> आवेदनकर्ता को संबंधित संस्थान जहां से उसने बी. फॉर्मेसी की उपाधि प्राप्त की है, से प्राप्त प्रवजन प्रमाण पत्र जमा करना अनिवार्य है । आवेदन कर्ता जिनका परीक्षा परिणाम रोक दिया गया हो , वह भी आवेदन कर सकेंगें , किन्तु प्रवेश के समय तक अंकसूची का होना अनिवार्य है । 5.2 प्रवेश प्रक्रिया- प्रवेश , अर्हकारी परीक्षा में प्राप्त अंकों की प्रावीण्ता के आधार पर एवं राज्य शासन / केन्द्र शासन / विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित किसी अन्य प्रवेश परीक्षा के आधार पर दिया जायेगा । छत्तीसगढ़ शासन उच्च शिक्षा विभाग द्वारा जारी प्रवेश मार्गदर्शिका के प्रावधानों को प्रवेश के समय पालन किया जावेगा ।

5.4 शुल्क- शुल्क का निर्धारण विश्वविद्यालय के प्रबंध मण्डल द्वारा या छत्तीसगढ़ शासन / छत्तीसगढ़ निजी विश्वविद्यालय नियामक आयोग द्वारा समय समय पर किये गये अनुशंसा अनुसार किया जावेगा ।

6.0 माध्यम- शिक्षण एवं परीक्षा का माध्यम अंग्रेजी होगा ।

7.0 शैक्षणिक सत्र- समान्यतः शैक्षणिक सत्र का प्रारंभ , सेमेस्टर जुलाई से दिसंबर और सम सेमेस्टर जनवरी से जून प्रत्येक सत्र में होगा ।

8.0 शिक्षण एवं परीक्षा की योजना- एम. फॉर्मा दो वर्षीय पाठ्यक्रम के लिए शिक्षण एवं परीक्षा योजना सभी सेमेस्टर के लिए डॉ सी.वी. रामन विश्वविद्यालय के द्वारा जारी सूचना के आधार पर होगा ।

9.0 परीक्षा एवं मूल्यांकनः

9.1 प्रत्येक सेमेस्टर के अंत मे एक अंतिम सेमेस्टर परीक्षा (ई.एस.ई. ) डॉ सी.वी. रामन विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित की जावेगी । सेमेस्टर की परीक्षा में सैद्धांतिक, प्रायोगिक एवं मौखिक परीक्षा, परीक्षा योजना के तहत समाहित होगी ।

9.2 प्रत्येक उत्तीर्ण परीक्षा के सैद्धांतिक, आंतरिक एवं प्रायोगिक विषयों को मिलाकर क्रमशः 40% एवं 50% होगी ।

9.3 परीक्षा की अधिकतम समयावधि 25 कार्य दिवस से अधिक नहीं होगी ।

9.4 अंतिम सेमेस्टर परीक्षा समय- सारणी परीक्षा प्रारंभ की तिथि से 15 दिवस पूर्व प्रसारित की जावेगी ।

9.5 तैयारी हेतु अवकाश- परीक्षा पूर्व तैयारी हेतु अवकाश प्रत्येक सेमेस्टर परीक्षा में लगभग 10 दिवस का अवकाश दिया जावेगा ।

9.6 कैरी ओवर: यदि छात्र किसी सेमेस्टर में किसी भी विषय सैद्धांतिक या प्रायोगिक विषय WH या FF ग्रेड प्राप्त करता है तो उसे अगले सेमेस्टर में जाने की पात्रता होगी एवं सेमेस्टर परीक्षा में उसे केवल उन विषयों की परीक्षा (सैद्धान्तिक / प्रायोगिक) देनी होगी जिनमें उसे WH या FF ग्रेड मिला हो । 626( 128)

छत्तीसगढ़ राजपत्र , दिनांक 6 जुलाई 2020

10.0 पाठयक्रम , क्राडट , मूल्याकन एव ग्राडग

10.1 पाठयक्रम- " पाठयक्रम " कार्यक्रम का एक घटक है, विश्वविद्यालय में संचालित प्रत्येक पाठयक्रम को विश्वविद्यालय द्वारा एक कोड प्रदान किया जाएगा । पाठयक्रम की रचना में सैद्धांतिक / टिटोरियल / प्रायोगिक / सेमिनार / परियोजना कार्य / व्यवहारिक प्रशिक्षण/ प्रतिवेदन लेखन / मौखिक परीक्षा आदि समाहित होंगे जो पढ़ने एवं पढ़ाने की प्रक्रिया को प्रभावपूर्ण बनाने में सहायक होंगे , एवं इसी आधार पर क्रेडिट का निर्धारण किया जाएगा ।

शैक्षणिक भ्रमण-

एम.फॉर्मा IV सेमेस्टर के विद्यार्थियों को महत्वपूर्ण दवा निर्माता संगठन का शैक्षणिक अध्ययन हेतु भ्रमण करना आवश्यक होगा , एवं भ्रमण पूर्ण होने के पश्चात् विद्यार्थियों को संबंधित रिपोर्ट जमा करना आवश्यक होगा एवं शैक्षणिक भ्रमण के प्रभारी शिक्षक द्वारा अंक प्रदान किया जाएगा । यदि कोई विद्यार्थी शैक्षणिक भ्रमण नही करता है तो उसे उत्तीर्ण होने हेतु कोई न्यूनतम अंक नही दिया जाएगा । इसके लिए उसे शून्य अंक प्राप्त होगा । यद्धि, इसके उर्तीण करने के लिए न्यून्तम अंक नहीं होंगे ।

परियोजना कार्य-

एम. फॉर्मा के प्रत्येक विद्यार्थी को एक प्रोजेक्ट करना अनिवार्य होगा । प्रोजेक्ट कार्य फॉर्मेसी के किसी भी क्षेत्र से संबंधित हो सकता है । विद्यार्थी ये प्रोजेक्ट शिक्षकों के मार्गदर्शन में रह कर करेगें । प्रत्येक विद्यार्थी को परियोजना कार्य से संबंधित सेमीनार में पेपर प्रस्तुत करना होगा । हर विद्यार्थी को अपने प्रोजेक्ट कार्य की रिपोर्ट की तीन प्रतियां जमा करनी होगी । प्रोजेक्ट कार्य के अंक प्रोजेक्ट पर्यवेक्षक एवं एक वाह्य परीक्षक द्वारा प्रदाय किय जायेंगे ।

प्रोफेशनल प्रशिक्षण-

II सेमेस्टर के परीक्षा के उपरांत विद्यार्थियों को कम से कम चार सप्ताह के लिए प्रोफशनल प्रशिक्षण हेतु किसी इंडस्ट्री / हॉस्पिटल फॉर्मेसी / सामुदायिक फॉर्मेसी / फॉर्मेसी आर एण्ड डी यूनिट से करना आवश्यक होगा ।

प्रशिक्षण की रिपोर्ट प्रत्येक विद्यार्थी को तीन प्रतियों में जमा करनी होगी , जो कि संबंधित संगठन जहां से प्रशिक्षण लिया गया है , से प्रमाणित की गई हो ।

औद्योगिक प्रशिक्षण पर आधारित मौखिक परीक्षा हेतु गठित परीक्षा मंण्डल द्वारा ली जायेगी जिसमें निम्न शामिल होंगे -

अध्यक्ष- संस्थान प्रमुख /प्राचार्य 1.

बाह्य परीक्षक 2.

3. आंतरिक परीक्षक

मौखिक परीक्षा के अंक परीक्षा मंण्डल द्वारा प्रदाय किये जायेंगे ।

10.2 क्रेडिट : क्रेडिट की गणना संपूर्ण पाठयक्रम के आधार पर की जावेगी जिसमें प्रति सप्ताह में घण्टे के अनुसार व्याख्यान का निर्धारण क्रेडिट द्वारा किया जावेगा ।

> 1 क्रेडिट- प्रति सप्ताह 1 घण्टे के व्याख्यान ( 1 क्रेडिट पाठयक्रम = 1 सेमेस्टर में 15 घण्टों का व्याख्यान)

> 3 क्रेडिट - प्रति सप्ताह में 3 घण्टे का व्याख्यान (3 क्रेडिट पाठयक्रम = प्रति सेमेस्टर में 45 घण्टों का व्याख्यान) 626(129 )

छत्तीसगढ़ राजपत्र, दिनांक 6 जुलाई 2020

निदश का स्वरूप व्याख्यान /टिटयारयल/ प्रायागिक काय / फाल्ड वक या अन्य किसा स्वरूप म हागा । प्रायोगिक कार्य या बाह्य कार्य क्षेत्र (ट्रेनिंग ) का निर्धारण इस प्रकार किया गया है कि यहाँ किया जाने वाला 2 घण्टे का कार्य , 1 घण्टे के व्याख्यान के बराबर होगा ।

10.3 आंकलन और मूल्यांकन

मूल्यांकन प्रणाली निम्न दो घटकों में संपन्न होगी यथा आंतरिक मूल्यांकन एवं अंतिम सेमेस्टर परीक्षा । सभी व्यवहारिक पाठ्यक्रम का मूल्यांकन आंतरिक एवं बाह्य होगा । आंतरिक आंकलन निम्न आधार पर किया जाएगा:

सैद्धांतिक व्यक्तिगत / सामूहिक कार्य , प्रस्तुतिकरण ।

व्यवहारिक जाएगा । व्यक्तिगत एवं सामूहिक रिपोर्ट का अनुसंधान पी.सी.आई. के दिशा निर्देश अनुसार किया आंतरिक मूल्यांकन के संबंध में शिकायतों के समधान हेतु एक प्रावधान होगा एवं किसी प्रकार का पक्षपात न हो ।

ग्रेडिंग प्रणाली

पूर्ण ग्रेडिंग प्रणाली लागू की जावेगी । विद्यार्थी को प्रत्येक विषय सैद्धान्तिक या वैवहारिक आंतरिक मूल्यांकन एवं अंतिम सेमेस्टर परीक्षा के अधार पर उनके प्रदर्शन के अनुसार " लेटर ग्रेड" दिया जाएगा। इन ग्रेडस का निर्धारण " लेटर ग्रेड" किसी लेटर द्वारा प्रदर्शित होगें । अभ्यार्थी के प्रदर्शन अनुसार उनका संपूर्ण मूल्यांकन अंक संख्या , " ग्रेड पाइंट " के अनुसार होगा । ग्रेड पाईंट का निर्धारण इस प्रकार होगा । A का आशय पूर्ण पाठ्यक्रम की सफलता से है या पाठ्यक्रम से संबंधित क्रेडिट के अर्जन से है जबकि लेटर ग्रेड C या पाठ्यक्रम में सराहनीय अर्जन से है

A B+ B

C+ C

F

लेटर ग्रेड (LG): A+

ग्रेड पाईट (GP): 10 09 08 07 06 05 0

ग्रेड का आकलन सभी सैद्धांतिक एंव प्रायोगिक विषयों के लिए अलग -अलग किया जावेगा ।

10.4 पूर्ण ग्रेडिंग प्रणाली

सैद्धातिंक एंव प्रायोगिक विषयों के लिए स्वीकृत की गई पूर्ण ग्रेडिंग प्रणाली का विवरण इस प्रकार है- ग्रेड

सैद्धांतिक

प्रायोगिक

A+

90≤ अंक ≤ 100%

90≤ अंक ≤ 100%

A

82 अंक < 90%

80 अंक < 90%

B+

70< अंक < 80 %

74 अंक 82%

B

60< अंक < 70 %

66 अंक 74%

C+

50< अंक < 60%

58 अंक 66%

C

40 अंक < 50%

50 अंक < 58 %

F

0≤ अंक < 40%

0≤ अंक < 50% 626( 130)

छत्तीसगढ़ राजपत्र, दिनांक 6 जुलाई 2020

इस प्रकार यह लटर ग्रड A +, A , B+, B , C+, C आर F समस्त विषया क लिए पराक्षक का मूल्याकन हतु उपलब्ध होगा ।

10.5 सेमेस्टर प्रदर्शन सूचकांक [ SPI ]

ith सेमेस्टर में छात्र का प्रदर्शन एसपीआई द्वारा इंगित किया गया है जो कि छात्र द्वारा प्राप्त किये गये पाठ्यक्रम के औसत भारित ग्रेड प्वाईंट प्राप्ति से संबंधित है । प्रत्येक सेमेस्टर के छात्रों का प्रदर्शन छात्र द्वारा उस सेमेस्टर में प्राप्त ग्रेड पांइट का औसत होगा जो कि निम्नानुसार है- [SPI ] = [G₁G1 + C2G2 + ...... ] [C1 + C2 + ..... = [ CG] _ Ν₁ [ΣC ] ; Di =

जहां C एवं G क्रमशः क्रेडिट एवं ग्रेड है । SPI की गणना दशमलव के दो स्थानों तक की जावेगी , SPI की गणना केवल तभी की जाएगी जब छात्र ने किसी भी सैद्धांतिक एवं प्रायोगिक परीक्षा में F ग्रेड प्राप्त न किया हो ।

संचयी प्रदर्शन सूचकांक (CPI) –

यह किसी भी छात्र के प्रवेश से लेकर सभी सेमेस्टर में प्राप्त ग्रेड पाइंट का 100% भारित औसत होगा । ith में CPI की गणना निम्नानुसार की जायेगी होगी-

Li= 1 [CPI ] = Σ

यदि कोई छात्र पाठ्यक्रम मे पुनः प्रवेश ले या किसी विषय में अनुत्तीर्ण हो गया हो तो पुनः प्रयास में संबंधित विषय में उत्तीर्ण होने के पश्चात् ही ग्रेड पाइंट की गणना CPI में की जावेगी । प्रत्येक सेमेस्टर में प्राप्त SPI की अनुसार CPI की गणना होगी , इस प्रकार SPI के अनुसार CPI परिवर्तित होगा , इसलिए आवश्यक है कि छात्र को SPI एवं CPI की गणना ज्ञात हो ।

11. श्रेणी का निर्धारण-

श्रेणी का वर्गीकरण निम्नानुसार होगा ।

(i) प्रथम श्रेणी 60% और ऊपर

(ii) द्वितीय श्रेणी 50% से ऊपर किन्तु 60 % से कम

(iii) तृतीय श्रेणी 40% से ऊपर किन्तु 50 % से कम

40% से कम अनुत्तीर्ण होंगे ।

प्रत्येक सैद्धांतिक विषय में कम से कम 40% एवं प्रायोगिक विषय में 50 % अंक प्राप्त करना अनिवार्य है । 626(131)

छत्तीसगढ़ राजपत्र , दिनांक 6 जुलाई 2020

12.0 पुनर्गणना -

12.1 कोई भी छात्र जो विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित परीक्षा में बैठा हो , वह किसी भी एक या दो सैद्धातिंक विषय में पुनर्गणना हेतु आवेदन कर सकता है ।

12.2 आवेदक को परिणामों की घोषणा होने के 15 दिन के अंदर ही निर्धारित आवेदन पत्र में निर्धारित शुल्क के साथ आवेदन करना अनिवार्य है ।

12.3 उत्तरपुस्तिका की पुनर्गणना की प्रक्रिया में पुनर्मूल्यांकन का प्रावधान नही होगा , यह केवल प्रत्येक उत्तर के लिए मिलें अंकों की पुनर्गणना होगी , यह देखने के लिए कि गणना के समय कोई त्रुटि तो नहीं हुई ।

पुनर्मूल्यांकन-

13.0

13.1 छात्र किसी भी दो सैद्धांतिक विषयों में सिर्फ मुख्य परीक्षा की उत्तरपुस्तिका हेतु पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन कर सकते है ।

13.2 आवेदक को परीक्षा परिणामों की घोषणा होने के 15 दिन के अंदर आवेदन पत्र निर्धारित शुल्क के साथ जमा करना अनिवार्य होगा ।

13.3 यदि पुनर्मूल्यांकन में किसी भी प्रकार की कोई त्रुटि पाई जाती है तो निश्चित सुधार के साथ विश्वविद्यालय द्वारा इसकी सूचना दी जावेगी , अन्य परिस्थितियों में भी विश्वविद्यालय छात्र को पुनर्मुल्यांकन के परिणामों की जानकारी प्रदान करेगा ।

13.4 प्रायोगिक के लिए पुनर्गणना अथवा पुर्नमुल्यांकन की अनुमति नहीं होगी ।

14.0 व्याख्या-

इस अध्यादेश से संबंधित किसी भी प्रकार के संदेह, विवाद अस्पष्टता पर कुलपति का निर्णय अंतिम होगा एवं यह छात्र / अभ्यर्थी / संबंधित पक्षों के लिए बाध्यकारी होगा ।

किसी विवाद की स्थिति में माननीय उच्च न्यायालय बिलासपुर (छ.ग. ) में मामले का निवारण किया जाएगा ।

Cite this issue. Chattisgarh Gazette - Extraordinary, Government of Chattisgarh, 06 July 2020. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gazette.chhattisgarh.eo.2020-07-06.313/. Archive identifier in.gazette.chhattisgarh.eo.2020-07-06.313.