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छत्तीसगढ शासन
पंजीयन क्रमांक "छत्तीसगढ़/दुर्ग/ 09 / 2013-2015 . "
सत्यमेव जयते
"बिजनेस पोस्ट के अन्तर्गत डाक शुल्क के नगद भुगतान (बिना डाक टिकट ) के प्रेषण हेतु अनुमत. क्रमांक जी.2-22- छत्तीसगढ़ गजट / 38 सि. से. भिलाई. दिनांक 30-05-2001 ."
छत्तीसगढ़ राजपत्र
(असाधारण)
प्राधिकार से प्रकाशित
क्रमांक 374 ]
रायपुर , बुधवार, दिनांक 26 अगस्त 2020- -भाद्रपद 4, शक 1942
छत्तीसगढ़ विधान सभा सचिवालय
रायपुर, बुधवार , दिनांक 26 अगस्त 2020 (भाद्रपद 4, 1942)
क्रमांक-9644 / वि.स./विधान/ 2020. छत्तीसगढ़ विधान सभा की प्रक्रिया तथा कार्य संचालन संबंधी नियमावली के नियम 64 के उपबंधों के पालन में छत्तीसगढ़ राज्य अनुसूचित जनजाति आयोग (संशोधन) विधेयक, 2020 (क्रमांक 25 सन् 2020) जो बुधवार, दिनांक 26 अगस्त, 2020 को पुरःस्थापित हुआ है, को जनसाधारण की सूचना के लिये प्रकाशित किया जाता है ।
हस्ता./- (चन्द्र शेखर गंगराड़े ) प्रमुख सचिव.
747 748
छत्तीसगढ़ राजपत्र, दिनांक 26 अगस्त 2020
छत्तीसगढ़ विधेयक
(क्रमांक 24 सन् 2020)
छत्तीसगढ़ राज्य अनुसूचित जाति आयोग (संशोधन) विधेयक, 2020
छत्तीसगढ़ राज्य अनुसूचित जाति आयोग अधिनियम, 1995 (क्र. 25 सन् 1995) में और संशोधन करने हेतु विधेयक ।
भारत गणराज्य के इकहत्तरवें वर्ष में छत्तीसगढ़ विधान मण्डल द्वारा निम्नलिखित रूप में यह अधिनियमित हो:-
1.
संक्षिप्त नाम, विस्तार तथा प्रारंभ.
(1) यह अधिनियम छत्तीसगढ़ राज्य अनुसूचित जाति आयोग (संशोधन) अधिनियम, 2020 कहलायेगा ।
(2) इसका विस्तार सम्पूर्ण छत्तीसगढ़ राज्य पर होगा ।
(3) यह राजपत्र में इसके प्रकाशन की तारीख से प्रवृत्त होगा ।
धारा 3 का संशोधन.
छत्तीसगढ़ राज्य अनुसूचित जाति आयोग अधिनियम, 1995 (क्र. 25 सन् 1995) , (जो इसमें इसके पश्चात् मूल अधिनियम के रूप में निर्दिष्ट है) , की धारा 3 की उप - धारा (2) के खण्ड (क) के स्थान पर , निम्नलिखित प्रतिस्थापित किया जाये, अर्थात्: -
"(क) छः अशासकीय सदस्य , जो अनुसूचित जातियों से संबंधित मामलों में विशेष ज्ञान. रखते हों , जिनमें से एक अध्यक्ष (चेयरपर्सन) होगा तथा एक उपाध्यक्ष छत्तीसगढ़ राजपत्र, दिनांक 26 अगस्त 2020
748 (1) (वाईस चेयरपर्सन ) होगा , जिन्हें राज्य सरकार द्वारा नियुक्त किया जायेगा :
(चेयरपर्सन) , परन्तु अध्यक्ष उपाध्यक्ष (वाईस चेयरपर्सन) सहित कम से कम चार सदस्य अनुसूचित जातियों में से होंगे । "
धारा 4 का संशोधन.
3. मूल अधिनियम की धारा 4 की उप - धारा (1 ) के स्थान पर, निम्नलिखित प्रतिस्थापित किया जाये, अर्थात्ः-
" (1 ) अध्यक्ष, उपाध्यक्ष तथा प्रत्येक सदस्य, उस तारीख से, जिस पर वह अपना पद ग्रहण करता है, राज्य सरकार के प्रसाद पर्यन्त पद धारण करेगा । "
उद्देश्य और कारणों का कथन
राज्य की अनुसूचित जाति की जनसंख्या को दृष्टिगत रखते हुए तथा उक्त अधिनियम के उद्देश्य की पूर्ति के लिये , आयोग के अशासकीय सदस्यों की संख्या में वृद्धि करना आवश्यक है तथा राज्य सरकार की राय में, अध्यक्ष तथा प्रत्येक सदस्य , उस तारीख से, जिस पर वह अपना पद ग्रहण करता है , राज्य सरकार के प्रसाद पर्यन्त पद धारण करना चाहिये ।
अतएव , उपरोक्त उद्देश्य की प्राप्ति को दृष्टिगत रखते हुए , छत्तीसगढ़ राज्य अनुसूचित जाति आयोग अधिनियम , 1995 (क्र . 25 सन् 1995 ) की धारा 3 एवं 4 में संशोधन करना आवश्यक है ।
अतः यह विधेयक प्रस्तुत है ।
रायपुर,
दिनांक 22 अगस्त, 2020
डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम आदिम जाति विकास मंत्री, (भारसाधक सदस्य) छत्तीसगढ़ राजपत्र, दिनांक 26 अगस्त 2020
748 (2)
उपाबंध
छत्तीसगढ़ राज्य अनुसूचित जाति आयोग , अधिनियम, 1995 (क्रमांक 25 सन् 1995) की धारा- 3 (2) (क) एवं 4 (1 ) का सुसंगत उद्धहरण :-
धारा- 3 (2) (क) – आयोग के निम्नलिखित सदस्य हों
(क)तीन अशासकीय सदस्य जो अनुसूचित जातियो से संबंधित मामलों में विशेष ज्ञान रखते हो , जिनमें से एक अध्यक्ष (चेयरपर्सन) होगा, जिन्हें राज्य सरकार द्वारा नियुक्त किया जाएगा ।
परन्तु कम से कम दो सदस्य अनुसूचित जातियों में से होंगे ।
धारा- 4 (1 ) अध्यक्ष तथा सदस्यों की पदावधि और सेवाशर्ते
(1) आयोग का प्रत्येक अशासकीय सदस्य , उस तारीख से, जिसको कि वह अपना पद ग्रहण करता है, तीन वर्ष की अवधि के लिए पद धारण करेगा ।
चन्द्र शेखर गंगराड़े प्रमुख सचिव छत्तीसगढ़ विधान सभा संचालक, मुद्रण तथा लेखन सामग्री , छत्तीसगढ़ द्वारा शासकीय मुद्रणालय , रायपुर से मुद्रित तथा प्रकाशित - 2020 .