सामान्य प्रशासन विभाग मंत्रालय, महानदी भवन, नवा रायपुर अटल नगर
अटल नगर, दिनांक 22 मई 2021
अधिसूचना
क्रमांक एफ 7-6/2021/एक/6.⸺ राज्य शासन एतद्द्वारा छत्तीसगढ़ राज्य में कोविड-19 (करोनो) महामारी से मृत व्यक्तियों के बेसहारा/अनाथ बच्चों को निःशुल्क स्कूली शिक्षा उपलब्ध कराने हेतु ''छत्तीसगढ़ महतारी दुलार योजना-2021'' लागू किया जाता है।
1. योजना का नाम -
इस योजना का नाम ''छत्तीसगढ़ महतारी दुलार योजना-2021'' है।
2. उद्देश्य -
कोरोना महामारी से मृत व्यक्तियों के बेसहारा/अनाथ बच्चों को निःशुल्क स्कूली शिक्षा की उपलब्धता सुनिश्चित करना है।
3. विस्तार -
इसका विस्तार सम्पूर्ण छत्तीसगढ राज्य में होगा। यह योजना शैक्षणिक सत्र 2021-22 से लागू होगा। 4. पात्रता की शर्तें -
i. छत्तीसगढ़ का निवासी हो।
ii. ऐसे बच्चे जिनके परिवार से कमाने वाले माता या पिता या दोनों की मृत्यु कोविड-19 से हुई हो। iii. ऐसे बच्चे जो स्कूली शिक्षा प्राप्त करने हेतु आयु संबंधी पात्रता रखता हो।
iv. जिनके घर में कमाने वाले वयस्क सदस्य न रहने के कारण भरण-पोषण की समस्या हो गई हो। 5. शैक्षणिक सुविधा -
i. ऐसे पात्र बच्चों को प्रदेश के शासकीय शालाओं में निःशुल्क शिक्षा उपलब्ध करायी जावेगी। iii. जिनके माता पिता दोनों की करोना से मृत्यु हो गयी है, उनके शिक्षा का सम्पूर्ण व्यय शासन वहन करेगा। साथ ही छात्रवृति दी जावेगी। iv. जिनके कमाने वाला माता अथवा पिता की मृत्यु हो गयी है उन्हें निःशुल्क शिक्षा दिया जावेगा। v. पात्र छात्रों को स्कूल शिक्षा के पश्चात् उच्च शिक्षा हेतु प्रोत्साहन दिया जावेगा।
vi. प्रतिभावान छात्रों को व्यावसायिक पाठ्यक्रम में प्रवेश हेतु प्रशिक्षण/कोचिंग की सुविधा उपलब्ध कराया जावेगा।
6. छात्रवृत्ति -
ऐसे पात्र स्कूलों में प्रवेशित छात्रों को जिनका छात्रवृत्ति देय होगा :-
i. कक्षा 1 से 8 तक - रूपये 500/- प्रतिमाह
ii. कक्षा 9 से 12 तक - रूपये 1000/- प्रतिमाह
7. योजना का क्रियान्वयन -
इस योजना का क्रियान्वयन स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा किया जाएगा -
i. किसी भी स्त्रोत से कलेक्टर को जानकारी प्राप्त होने पर, कलेक्टर जिला शिक्षा अधिकारी को उपलब्ध करायेंगे।
ii. छात्र स्वयं या अभिभावक द्वारा जिला शिक्षा अधिकारी को सीधे आवेदन कर सकेगा।
iii. प्राप्त आवेदन पत्रों का परीक्षण हेतु जिला शिक्षा अधिकारी की अध्यक्षता में समिति गठित होगी, जिसमें स्वास्थ्य विभाग एवं समाज कल्याण विभाग का एक-एक अधिकारी नामांकित होंगे।
iv. समिति की अनुशंसा पर जिला कलेक्टर द्वारा स्वीकृति दी जावेगी।
v. अभिलेखों के रख-रखाव हेतु पंजी का संधारण जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा किया जावेगा। vi. योजना की समीक्षा जिला कलेक्टर द्वारा समय-समय पर की जावेगी।
vii. स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा इस योजना के क्रियान्वयन हेतु मार्गदर्शी निर्देश जारी कर सकेगी। 8. वित्तीय प्रबंधन -
सामान्य प्रशासन विभाग प्रति वर्ष छात्रों के मान से स्कूल शिक्षा विभाग को वांछित राशि उपलब्ध कराया जाएगा।
9. शिथिलिकरण -
सामान्य प्रशासन विभाग आवश्यकतानुसार योजना के क्रियान्वयन हेतु शर्तों में शिथिल कर सकेगा। 10. विवाद की स्थिति में -
इस योजना के क्रियान्वयन में किसी प्रकार के विवाद की स्थिति में सामान्य प्रशासन विभाग का निर्णय अंतिम होगा।
छत्तीसगढ़ के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, रोक्तिमा यादव, उप-सचिव.