आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग मंत्रालय, महानदी भवन, नवा रायपुर अटल नगर
अटल नगर, दिनांक 16 जुलाई 2021
अधिसूचना
क्रमांक एफ 19-04/2021/25-1. - राज्य शासन एतदद्वारा आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग के अंतर्गत "छत्तीसगढ़ तेलघानी विकास बोर्ड" का गठन निम्नानुसार करता है :-
बोर्ड के उद्देश्य :
राज्य में तेलघानी योजनाओं के माध्यम से स्व-रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना, उन्नत प्रशिक्षण एवं उन्नत उपकरण प्रदान करना, तेलघानी को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने में सहयोग करना, स्वरोजगार स्थापित करने के लिए बैंको से ऋणग्रस्त तेलघानी को राज्य शासन के योजना अंतर्गत आवश्यक मदद करना तथा छ.ग. में तेलघानी को बढ़ावा देना तथा तेलघानी से संबंधित गतिविधियों में संलग्न व्यक्तियों के रूचि को प्रोत्साहन देना.
बोर्ड का संचालक मंडल :
1. शासन द्वारा नामित व्यक्ति अध्यक्ष
2. अशासकीय सदस्य (चार) शासन द्वारा नामांकित
टीपः- बोर्ड के संचालक मंडल में आवश्यकतानुसार अन्य संबंधित विषय विशेषज्ञों को अशासकीय सदस्य के रूप में आमंत्रित किया जा सकेगा.
बोर्ड के प्रबंध संचालक :- बोर्ड के प्रबंध संचालक राज्य शासन के द्वारा नामांकित अधिकारी होंगे.
बोर्ड का मुख्यालय :- बोर्ड का मुख्यालय रायपुर में होगा.
बोर्ड का कार्यकाल :- तेलघानी विकास बोर्ड की कार्य अवधि तीन वर्ष होगी। बोर्ड की तीन वर्ष की कार्य अवधि के पश्चात् स्वमेव समाप्त माने जावेंगे.
बोर्ड के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष एवं सदस्यों को देय सुविधायें :- वित्त विभाग के प्रचलित नियम/निर्देशों के अनुसार देय होगी.
बोर्ड के कार्य :
3. तेलघानी विकास एवं इससे सबंद्ध कार्यक्षेत्रों में आर्थिक निवेश बढ़ाने हेतु ऋण/साख की वर्तमान व्यवस्था एवं सरल बनाने के लिए सुझाव देना.
4. तेलघानी की गतिविधियों एवं संरक्षण के लिए उपाय सुझाना तथा ऐसे क्षेत्रों में लागू विभिन्न विकास मूलक कार्यक्रमों को समेकित कर, ग्रामीण क्षेत्रों में तेलघानी के रोजगार के पर्याप्त अवसर उपलब्ध कराने के संबंध में सुझाव देना.
5. पलायन से निरंतर प्रभावित होने वाले क्षेत्रों की समस्या का निवारण हेतु सुझाव देना.
6. तेलघानी के भंडारण एवं मूल्य संवर्धन तथा वर्तमान विपणन व्यवस्था एवं विपणन अधोसंरचना के विस्तार आदि का विकासोन्मुखी (प्रोग्रिसिव) बनाने के लिए सुझाव देना। तथा आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल हेतु प्रोत्साहित करना.
7. तेलघानी में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी को प्रोत्साहन देने एवं ज्ञान, कौशल उन्नयन, प्रौद्योगिकीय एवं विपणन सशक्तीकरण के लिए उपायों की अनुशंसाएं देना.
8. शिक्षित युवाओं को आकर्षित करने के लिए उपाय सुझाना.
9. स्थानीय समस्याओं/आवश्यकताओं के निराकरण हेतु अनुसंधान प्रारंभ करने तेलघानी, प्रसार कार्यकर्ताओं के मध्य बेहत्तर सामंजस्य के उपाय सुझाना.
10. तेलघानी एवं अन्य संबंधित कार्यों में गुणवत्ता, वृद्वि एवं नियंत्रण हेतु सुझाव देना.
11. ग्रामीण अर्थव्यवस्था के सुढृढ़ीकरण में तेलघानी की उपयोगिता एवं आने वाली समस्या के निराकरण के उपाय सुझाना एवं तिलहन फसलों का उत्पादन हेतु —षको को प्रोत्साहित करना.
12. तेलघानी के अंतर्गत आवश्यक कार्यों पर तेलघानी के उपयोग पर सुझाव देना.
13. वंशानुगत रूप से लगे तेलघानी के एवं उनके सर्वांगीण विकास एवं उनकी समस्याओं के निराकरण हेतु सुझाव देना.
14. तेलघानी विकास बोर्ड स्वप्रेरणा से या अन्य प्रकार से समस्याओं का संज्ञान लेते हुए उनके निराकरण हेतु सुझाव देना.
15. राज्य शासन द्वारा समय-समय पर निर्देशित कार्यों का निर्वहन करना.
बोर्ड के अधीन अमला :- राज्य शासन द्वारा स्वी—त पदों के अनुसार अमला रहेगा।
बजट, वित्त, लेखा एवं आडिट :
1. राज्य शासन द्वारा बोर्ड के सदस्यों एवं कर्मचारियों के वेतन भत्तें व अन्य सुविधाओं एवं बोर्ड के संचालन हेतु अनुदान उपलब्ध कराया.
2. बोर्ड द्वारा किसी सामान्य या विशेष अधिकार के तहत बोर्ड के समस्त कार्यकलापों का सुचारू रूप से निर्वहन के लिये जहां भी ठीक समझे अन्य स्रोतों से धनराशि प्राप्त कर सकेगा.
3. बोर्ड प्रत्येक वित्तीय वर्ष में निर्धारित प्रारूप एवं समयावधि में आगामी वित्तीय वर्ष के लिये अपना बजट संभावित प्राप्ति एवं व्ययों का आकलन दर्शाते हुए तैयार करेगा तथा स्वी—ति के लिये राज्य शासन की ओर अग्रेषित करेगा.
4. बोर्ड प्रत्येक वर्ष में निर्धारित समयावधि के अनुसार अपना वार्षिक प्रतिवेदन विगत वर्ष के गतिविधियों का पूर्ण विवरण देते हुए तैयार करेगा तथा उसकी एक प्रति शासन को प्रस्तुत करेगा.
5. बोर्ड की प्र—ति विकासात्मक होगी तथा हितग्राहियों के विकास एवं आर्थिक उन्नति के लिए होगी.
6. बोर्ड प्रतिवर्ष उपयुक्त ढंग से अपने नियमों का संधारण करेगा.
7. बोर्ड प्रतिवर्ष वार्षिक लेखा प्रपत्र तैयार करेगा तथा नियुक्त अंकेक्षण द्वारा अंकेक्षण करवायेगा। 8. प्रारंभिक अवस्था में बोर्ड के सफल संचालन हेतु वांछित धनराशि शासन द्वारा आकस्मिकता निधि से उपलब्ध करायी जायेगी.
विविध :
1. राज्य शासन सार्वजनिक हित को –ष्टिगत रखते हुए बोर्ड को अधिक्रमित कर सकेगा.
2. बोर्ड के सभी सदस्य बोर्ड के अधिक्रमित होने की स्थिति में अपने पद को छोड़ देगें.
3. बोर्ड के पुनर्गठन होने तक बोर्ड की सभी व नियंत्रित संपत्तियां राज्य शासन के अधीन रहेगी.
4. राज्य शासन को बोर्ड/संचालक मंडल को भंग करने, उसमें नियुक्त अध्यक्ष, एवं सदस्यों को बदलने आदि का अधिकार होगा.
5. बोर्ड तेलघानी का सर्वांगीण विकास, घानी से तेल निकालने वालों का विकास एवं आजीविका में सुधार, रोजगार के पर्याप्त अवसर सृजित करने हेतु सुझाव एवं अनुशंसा दे सकेगा.
6. बोर्ड को किराये का भवन लेने और कार्यालय उपस्करों में व्यय करने का अधिकार होगा.
7. बोर्ड इस संकल्प के पारित होने/छत्तीसगढ़ राजपत्र में प्रकाशन की तिथि से संकल्प अनुसार कार्य प्रारंभ कर देगा.
8. बोर्ड का पंजीयन उपरोक्तानुसार प्रावधानों को सम्मिलित करते हुए छत्तीसगढ़ सोसायटी अधिनियम के अंतर्गत अथवा जैसा संचालक मंडल चाहे अन्य अधिनियमों के अंतर्गत किया जा सकेगा.
9. यह अधिसूचना राजपत्र में प्रकाशन की तिथि से प्रभावशील होगा.
छत्तीसगढ़ के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार,
डी.डी. सिंह, सचिव.