चिकित्सा शिक्षा विभाग मंत्रालय, महानदी भवन, नवा रायपुर अटल नगर
अटल नगर, दिनांक 9 दिसम्बर 2021
अधिसूचना
क्रमांक एफ 21-01/2018/नौ/55-4.⸺ छत्तीसगढ़ चिकित्सा महाविद्यालय के स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम में प्रवेश अधिनियम, 2002 (क्रं 28 सन् 2002) की धारा 3 सहपठित धारा 4 द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुये, राज्य सरकार एतद्द्वारा, छत्तीसगढ़ राज्य के चिकित्सा महाविद्यालयों के स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों में प्रवेश हेतु निम्नलिखित नियम बनाती है, अर्थात् :-
नियम
1. संक्षिप्त नाम, विस्तार एवं प्रारंभ :-
(एक) ये नियम छत्तीसगढ़ चिकित्सा स्नातकोत्तर प्रवेश नियम, 2021 कहलायेंगे ।
(दो) ये नियम राजपत्र में प्रकाशन दिनांक से प्रवृत होंगे।
(तीन) यह नियम अल्पसंख्यक चिकित्सा महाविद्यालय को छोड़कर छत्तीसगढ़ राज्य के अन्य सभी चिकित्सा महाविद्यालय में लागू होंगे।
2. परिभाषायें - इन नियमों में, जब तक कि संदर्भ से अन्यथा अपेक्षित न हो :-
(क) ''परीक्षा एजेंसी'' अथवा ''एजेंसी'' से अभिप्रेत है केन्द्र सरकार द्वारा प्रवेश परीक्षा आयोजित करने हेतु अधिकृत एजेंसी (अभिकरण),
(ख) ''वास्तविक निवासी'' से अभिप्रेत है ऐसा अभ्यर्थी जो छत्तीसगढ़ शासन द्वारा समय-समय पर बनाये गये नियमों के अनुसार छत्तीसगढ़ राज्य का वास्तविक निवासी हो।
(ग) ''श्रेणी'' से अभिप्रेत है अनुसूचित जाति श्रेणी, अनुसूचित जनजाति श्रेणी, अन्य पिछड़ा वर्ग (गैर-क्रीमीलेयर) श्रेणी तथा अनारक्षित श्रेणी।
(घ) ''संवर्ग'' से अभिप्रेत है महिला संवर्ग या निःशक्तजन संवर्ग।
(ड.) ''महाविद्यालय'' से अभिप्रेत है छत्तीसगढ़ राज्य में स्थित चिकित्सा महाविद्यालय । (च) ''परिषद'' से अभिप्रेत है राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग, नई दिल्ली।
(छ) "पाठ्यक्रम" से अभिप्रेत है स्नातकोत्तर उपाधि/पत्रोपाधि।
(ज) ''संचालक'' से अभिप्रेत है संचालक, चिकित्सा शिक्षा, छत्तीसगढ़ शासन।
(झ) "संचालनालय" से अभिप्रेत है संचालनालय चिकित्सा शिक्षा, छत्तीसगढ़ शासन।
(ञ) ''प्रवेश परीक्षा'' से अभिप्रेत है एजेंसी द्वारा आयोजित प्रवेश परीक्षा।
(ट) सेवारत अभ्यर्थी" से अभिप्रेत है छत्तीसगढ़ राज्य शासन के अधीन सेवारत ऐसे कर्मचारी जिन्होने परीक्षा वर्ष की 31 जनवरी को नियमित सेवा अथवा तदर्थ सेवा अथवा संविदा सेवा के तीन वर्ष पूर्ण कर लिया हो।
(ठ) ''बिना संवर्ग'' से अभिप्रेत है ऐसा अभ्यर्थी जो नियम-2 के उप-नियम (घ) में परिभाषित किसी भी संवर्ग के अंतर्गत नहीं आता हो।
(ड) ''नि:शक्तजन'' से अभिप्रेत है ऐसा नि:शक्तजन/दिव्यांगजन जैसा कि दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम 2016 एवं भारतीय चिकित्सा परिषद के तत्समय लागू स्नातकोत्तर चिकित्सा शिक्षा विनियम (पोस्ट ग्रेज्युएट मेडिकल एज्युकेशन रेगुलेशन) के अनुसार दिव्यांगजन/निःशक्तजन के रूप में आरक्षण का पात्र हो।
(ढ) ''राज्य शासन'' से अभिप्रेत है छत्तीसगढ़ शासन।
(ण) "विश्वविद्यालय" से अभिप्रेत है छत्तीसगढ़ आयुष एवं स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय, छत्तीसगढ़। (त) "अभ्यर्थी'' से अभिप्रेत है ऐसा व्यक्ति जिसने इन नियमों के अन्तर्गत छत्तीसगढ़ के चिकित्सा महाविद्यालय में प्रवेश हेतु आवेदन किया हो।
(थ) "दस्तावेज'' से अभिप्रेत है मूल दस्तावेज।
(द) "अंतिम प्रवेश प्रक्रिया" से अभिप्रेत है अंतिम चरण की काउंसिलिंग उपरांत प्रवेश हेतु निर्धारित अंतिम तिथि पश्चात रिक्त रह गई सीटों को माननीय सर्वोच्च न्यायालय के द्वारा सत्र हेतु प्रवेश की निर्धारित अंतिम तिथि को अथवा उसके पूर्व की गई प्रक्रिया, जिसमें अभ्यर्थी द्वारा आबंटन स्थल पर ही प्रवेश प्रक्रिया पूर्ण की जायेगी।
(ध) ''अप्रवासी भारतीय (एन.आर.आई.)'' से अभिप्रेत है, जैसा कि केन्द्र सरकार द्वारा जारी विधियों/नियमों/ अधिसूचनाओं/आदेशों में परिभाषित/घोषित किया गया हो।
(न) ''अप्रवासी भारतीय (एन.आर.आई.) नियतांश'' से अभिप्रेत है, निजी चिकित्सा महाविद्यालयों में अप्रवासी भारतीयों के प्रवेश हेतु निर्धारित 15 प्रतिशत सीटें।
(प) आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के अभ्यर्थी से अभिप्रेत है, ऐसा अभ्यर्थी जो छत्तीसगढ़ शासन सामान्य प्रशासन विभाग के पत्र क्रमांक एफ-13-5/2019/आ.प्र./1-3 अटल नगर, रायपुर दिनांक 29/05/2019 के अनुसार आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए प्रवेश वर्ष के 31 मार्च के आय गणना के पश्चात् जारी आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए आय एवं सम्पत्ति प्रमाणपत्र धारित करता हो।
3. प्रवेश हेतु पात्रता :-
(क) भारत का नागरिक हो।
(ख) भारतीय आयुर्विज्ञान परिषद अथवा राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग से अनुमति प्राप्त चिकित्सा महाविद्यालय से एम.बी.बी.एस. की डिग्री प्राप्त हो या ऐसा अभ्यर्थी, जिन्होंने विदेश से चिकित्सा स्नातक की डिग्री प्राप्त की हो तथा स्क्रीनिंग टेस्ट रेगुलेशन, 2002 परीक्षा विदेश स्नातक परीक्षा में पात्र हो। (ग) केन्द्र सरकार द्वारा समय-समय पर जारी आदेशों के अनुसार प्रवेश वर्ष के दिनांक तक इंटर्नशीप पूर्ण की हो।
(घ) राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग/भारतीय आयुर्विज्ञान परिषद या राज्य आयुर्विज्ञान परिषद में पंजीकृत हो। (ड़) प्रवेश परीक्षा में भारतीय आयुर्विज्ञान परिषद अथवा राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग अथवा केन्द्र सरकार द्वारा निर्धारित न्यूनतम अर्हकारी अंक प्राप्त किये हो। 4. अप्रवासी भारतीय नियतांश हेतु पात्रता की अतिरिक्त शर्तें :-
(क) अभ्यर्थी स्वयं अप्रवासी भारतीय हो अथवा अभ्यर्थी की पीढ़ी अथवा दो पीढ़ी पहले तक के रक्त संबंध रखने वाले अप्रवासी भारतीय द्वारा प्रायोजित किया जाये।
स्पष्टीकरण :- अप्रवासी भारतीय प्रायोजक अभ्यर्थी की पीढ़ी अथवा अथवा दो पीढ़ी पहले तक के रक्त संबंध रखने वाले पिता, माता, भाई, बहन, भाई बहन की संतान, चाचा, चाचा की संतान, मामा, मामा की संतान, मौसी, मौसी की संतान, बुआ, बुआ की संतान, नाना, नानी, दादा, दादी से रिश्ता। इस हेतु वंशावली वृक्ष प्रमाणपत्र जो कि तहसीलदार अथवा तहसीलदार से वरिष्ठ राजस्व अधिकारी द्वारा जारी किया गया हो, प्रस्तुत करना होगा।
(ख) अप्रवासी भारतीय अभ्यर्थी को स्वयं का अथवा अप्रवासी भारतीय प्रायोजक का वर्तमान से लेकर कम से कम 181 दिन पूर्व तक का विदेश निवास का प्रमाण प्रस्तुत करना होगा।
(ग) अप्रवासी भारतीय अभ्यर्थी को स्वयं का अथवा अप्रवासी भारतीय प्रायोजक का एन.आर. ई. बैक खाता या विवरण प्रस्तुत करना होगा।
5. प्रवेश हेतु अपात्रता :-
(एक) ऐसे अभ्यर्थी, जिन्हाेंने पूर्व में अखिल भारतीय/राज्य कोटे से प्रवेश उपरान्त सीट का परित्याग किया हो या अभ्यर्थी को निष्कासित किया गया हो तो, ऐसे अभ्यर्थी परित्याग/निष्कासन की तिथि से डिग्री हेतु आगामी 03 वर्ष तक तथा डिप्लोमा हेतु आगामी 02 वर्ष तक स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम में प्रवेश हेतु अपात्र होंगे।
(दो) ऐसे अभ्यर्थी, जिन्होंने स्नातकोत्तर डिग्री/डिप्लोमा पाठयक्रम पूर्ण कर लिया है, उन्हे उनके द्वारा पूर्ण किये गये पाठयक्रम के पश्चात् पाठयक्रम पूर्ण करने की दिनांक से डिग्री हेतु आगामी 03 वर्ष तक तथा डिप्लोमा हेतु आगामी 02 वर्ष तक स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम में प्रवेश हेतु अपात्र होंगे।
(तीन) ऐसे अभ्यर्थी, जिन्हाेंने अखिल भारतीय कोटे से राज्य के स्नातकोत्तर पाठयक्रम मे प्रवेश लिया है, वे राज्य कोटे की सीटों हेतु अपात्र होंगे।
(चार) छत्तीसगढ़ राज्य अंतर्गत एम.बी.बी.एस. पाठयक्रम पूर्ण करने के पश्चात अनिवार्य शासकीय सेवा हेतु निष्पादित बंधपत्र में उल्लेखित अवधि पूर्ण होने का छत्तीसगढ शासन के लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के आयुक्त का अनापत्ति प्रमाण पत्र प्रस्तुत नहीं करने वाले अभ्यर्थी स्नातकोत्तर पाठयक्रम में प्रवेश हेतु अपात्र होंगे।
6. सीटों का आरक्षण :
(एक) अनुसूचित जनजाति श्रेणी के लिये 30%, विशेष पिछडी अनुसूचित जनजाति श्रेणी हेतु 02%, अनुसूचित जाति श्रेणी के लिये 12% तथा अन्य पिछड़ा वर्ग गैर-क्रीमीलेयर श्रेणी के लिये 14% आरक्षण होगा। इस हेतु अभ्यर्थी को छत्तीसगढ़ राज्य का स्थायी जाति प्रमाणपत्र प्रस्तुत करना होगा। (दो) प्रत्येक श्रेणी में महिला सवंर्ग हेतु 30% क्षैतिज आरक्षण होगा।
(तीन) प्रत्येक श्रेणी में निःशक्तजन संवर्ग हेतु 5% क्षैतिज आरक्षण होगा। इस हेतु अभ्यर्थी को छत्तीसगढ़ राज्य चिकित्सा मंडल द्वारा प्रवेश वर्ष में जारी दिव्यांग/निःशक्तता प्रमाणपत्र प्रस्तुत करना होगा। (चार) यदि आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों हेतु राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग अथवा भारतीय आयुर्विज्ञान परिषद द्वारा अतिरिक्त सीटे सृजित की जाती है तो कुल सीटों में संस्थावार आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए 10% आरक्षण होगा।
(पांच) प्रवेश वर्ष में उपलब्ध सीटों को उपरोक्तानुसार आरक्षण के आधार पर महाविद्यालय एवं विषयवार आबंटित किया जायेगा।
7. आरक्षित श्रेणी की रिक्त रह गई सीटों का अन्य् श्रेणी में परिवर्तन :-
(एक) विशेष पिछड़ी अनुसूचित जनजाति हेतु आरक्षित सीटों के लिए पर्याप्त संख्या में पात्र अभ्यर्थी नहीं मिलने पर उन सीटों पर अनुसूचित जनजाति के अभ्यर्थियों को प्रवेश दिया जा सकेगा। (दो) किसी भी आरक्षित श्रेणी की शेष रह गई सीटों के लिये उस श्रेणी के अभ्यर्थी की अनुपलब्धता की दशा में, छत्तीसगढ शैक्षणिक संस्था (प्रवेश में आरक्षण) अधिनियम, 2012 (क्रं.9 सन् 2012) के प्रावधानों के अनुसार श्रेणी परिवर्तन किया जायेगा।
8. आरक्षित श्रेणी के संवर्ग की रिक्त सीटों का परिवर्तन :- आरक्षित संवर्ग की रिक्त सीटों को उसी श्रेणी के बिना संवर्ग में परिवर्तित किया जायेगा। 9. सेवारत अभ्यर्थी को निम्नानुसार बोनस अंक दिये जायेंगे :-
(क) छत्तीसगढ़ शासन द्वारा निर्धारित दुर्गम अनुसूचित क्षेत्र में सेवा के प्रत्येक पूर्ण वर्ष के लिए प्रवेश परीक्षा में प्राप्तांक के 10 प्रतिशत अंक होगा।
(ख) छत्तीसगढ़ शासन द्वारा निर्धारित सामान्य अनुसूचित क्षेत्र में सेवा के प्रत्येक पूर्ण वर्ष हेतु प्रवेश परीक्षा में प्राप्तांक के 03 प्रतिशत अंक होगा।
(ग) प्रवेश परीक्षा में प्राप्तांक के अधिकतम 30 प्रतिशत अंक हाेंगे।
(घ) किसी वर्ष की सेवा उपरोक्त (क) एवं (ख) में चिन्हित क्षेत्रों में संयुक्त रूप से पूर्ण होने की दशा में उस वर्ष को सामान्य अनुसूचित क्षेत्र में सेवा का वर्ष मानकर बोनस अंक की गणना की जायेगी। 10. प्रावीण्य सूची :- प्रवेश परीक्षा के प्राप्तांकों में नियम (9) के अन्तर्गत प्राप्त बोनस अंकों को जोड़कर प्रावीण्य सूची बनायी जायेगी।
11. प्रवेश में वरियता :-
(क) राज्य कोटे में उपलब्ध सीटों पर सर्वप्रथम उन अभ्यर्थियों को प्रवेश दिया जायेगा, जिन्होंने या तो छत्तीसगढ़ राज्य में स्थित चिकित्सा महाविद्यालय से एम.बी.बी.एस. डिग्री प्राप्त की हो, अथवा जो सेवारत अभ्यर्थी हो।
(ख) उपरोक्त उप-नियम (क) में उल्लेखित सभी पात्र अभ्यर्थियों को प्रवेश दिये जाने के उपरान्त यदि सीटें रिक्त रह जाती है तो, इन रिक्त सीटों पर, ऐसे अभ्यर्थियों को प्रवेश दिया जायेगा, जिन्होंने छत्तीसगढ़ राज्य के बाहर स्थित चिकित्सा महाविद्यालय से एम.बी.बी.एस. डिग्री की हो, परन्तु वे छत्तीसगढ़ राज्य के मूल निवासी हो।
(ग) उपरोक्त उप-नियम (क) एवं (ख) में उल्लेखित सभी पात्र अभ्यर्थियों को प्रवेश दिये जाने के उपरान्त यदि सीटें रिक्त रह जाती है तो, इन रिक्त सीटों पर, शेष सभी पात्र अभ्यर्थियों को प्रवेश दिया जायेगा।
12. छत्तीसगढ़ राज्य के विभिन्न चिकित्सा महाविद्यालय में उपलब्ध सीटों पर प्रवेश छत्तीसगढ़ राज्य शासन
द्वारा निर्धारित काउंसिलिंग प्रक्रिया के माध्यम से दिया जायेगा।
13. शुल्क :- नियम (12) के तहत् काउंसिलिंग प्रक्रिया में केवल वे अभ्यर्थी भाग ले सकेंगे, जिन्होंने छत्तीसगढ़ शासन के द्वारा निर्धारित शुल्क का भुगतान किया हो।
14. प्रवेश :-
(क) काउंसिलिंग प्रक्रिया के प्रत्येक चरण में अभ्यर्थियों को यह विकल्प होगा कि वे उन्हें आबंटित सीट को स्वीकार करे अथवा आबंटित सीट को अस्वीकार कर, काउंसिलिंग के अगले चरण में सम्मिलित हो। (ख) उपरोक्त उप-नियम (क) के अंतर्गत यदि अभ्यर्थी द्वारा उसे आबंटित सीट स्वीकार की जाती है तो, अभ्यर्थी को प्रवेश के लिए निर्धारित तिथि तक संबंधित चिकित्सा महाविद्यालय में प्रवेश लेना आवश्यक होगा। यदि अभ्यर्थी निर्धारित तिथि तक प्रवेश नहीं लेता है तो, प्रवेश परीक्षा वर्ष में प्रवेश हेतु अपात्र हो जायेगा।
(ग) प्रवेश के पूर्व अभ्यर्थी को संबंधित चिकित्सा महाविद्यालय में प्रवेश पात्रता से संबंधित समस्त मूल दस्तावेजों की छानबीन (स्क्रूटनी) करानी होगी। छानबीन नहीं कराने की स्थिति अथवा छानबीन में अपात्र होने पर अथवा निर्धारित तिथि तक फीस जमा कर प्रवेश नहीं लेने पर, अभ्यर्थी प्रवेश परीक्षा वर्ष में प्रवेश हेतु अपात्र हो जायेगा।
15. छत्तीसगढ़ राज्य के अन्तर्गत सेवा की अनिवार्यता : एम.डी./एम.एस./डिप्लोमा सीटों के अन्तर्गत राज्य कोटे से अथवा अखिल भारतीय कोटे से शासकीय चिकित्सा महाविद्यालयों में प्रवेश लेने वाले अभ्यर्थियों के लिए अनिवार्य होगा, कि वह स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम सफलतापूर्वक पूर्ण करने के पश्चात, दो वर्षों की कालावधि तक छत्तीसगढ़ शासन के अधीन कार्य करेगा। इस हेतु अनारक्षित अभ्यर्थियों को रू. 50 लाख एवं आरक्षित अभ्यर्थियों को रू. 40 लाख का बंध पत्र निष्पादित करना होगा।
16. मिथ्या जानकारी देना अथवा मिथ्या दस्तावेज प्रस्तुत करना :- यदि यह पाया जाता है कि अभ्यर्थी ने किसी महाविद्यालय में मिथ्या जानकारी या दस्तावेज प्रस्तुत कर प्रवेश लिया है, तो संबंधित महाविद्यालय के अधिष्ठाता द्वारा उसके अध्ययन काल के दौरान किसी भी समय बिना किसी सूचना के उसका प्रवेश रद्द किया जा सकेगा एवं उसके विरूद्ध मिथ्या जानकारी देने अथवा मिथ्या दस्तावेज देने संबंधित विधिक कार्यवाही भी की जा सकेगी। 17. प्रावीण्य सूची की समाप्ति एवं रिक्त सीटों का कालातीत होना : केन्द्र शासन या भारतीय आयुर्विज्ञान परिषद या राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग या माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा जारी प्रवेश हेतु समय-सारणी अनुसार प्रवेश की अंतिम तिथि उपरान्त, प्रावीण्यता सूची समाप्त हो जायेगी एवं रिक्त सीटें कालातीत हो जायेगी।
18. प्रवेश प्रक्रिया में उद्भूत किसी भी विवाद या संदेह की स्थिति में संचालक चिकित्सा शिक्षा का निर्णय बंधनकारी होगा।
19. निरसन एवं व्यविृत्ति ः छत्तीसगढ़ चिकित्सा स्नातकोत्तर प्रवेश परीक्षा संबंधी पूर्व के समस्त नियम, एतद्द्वारा निरसित किये जाते है।
छत्तीसगढ़ के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, सी. आर. प्रसन्ना, विशेष सचिव.