महिला एवं बाल विकास विभाग मंत्रालय, महानदी भवन, नवा रायपुर अटल नगर
अटल नगर, दिनांक 07 मार्च 2022
संशोधित अधिसूचना
क्रमांक एफ 11-2/2020/346/मबावि/50.⸺ राज्य शासन एतद्द्वारा अधिसूचना क्रमांक एफ 11-2/2020/942/मबावि/50 दिनांक 07-06-2021 में संशोधन करते हुए निम्नलिखित संस्था को किशोर न्याय (बालको की देखरेख एवं संरक्षण) अधिनियम 2015 की धारा 41 के प्रावधानों के तहत् जिला प्रशासन द्वारा संचालन की स्थिति में छः माह हेतु प्रावधिक पंजीयन प्रदान करता हैः-
| क्र. | जिला | बाल देखरेख संस्था का नाम | पता | क्षमता |
| 1. | सरगुजा | शासकीय विशेष गृह (बालक) | बाल सम्प्रेक्षण गृह (बालक) के प्रथम तल में, कन्या परिसर रोड़ ग ंगापुर, अम्बिकापुर, जिला-सरगुजा (छ.ग.) | 25 |
1. यह पंजीयन, अधिसूचना जारी होने की तिथि से 06 माह के लिए वैद्य होगा.
2. संस्था का निरीक्षण राज्य/जिला स्तर पर नामांकित अधिकारियों/प्रतिनिधियों/समितियों द्वारा अनिवार्यतः किया जायेगा. संस्था निरीक्षण में सहयोग करेगी तथा निरीक्षण/परीक्षण/अवलोकन के लिए सभी दस्तावेज उपलब्ध करायेगी. संस्था के अंतिम लेखे व सुसंगत व्यय की जानकारी सभी निरीक्षणकर्ताओं के अवलोकन हेतु उपलब्ध कराना होगा भले ही संस्था शासकीय अनुदान प्राप्त न करती हो.
3. संस्था द्वारा, किशोर न्याय (बालको की देखरेख एवं संरक्षण) अधिनियम 2015 एवं किशोर न्याय (बालको की देखरेख एवं संरक्षण) नियम 2016 तथा बच्चों की सुरक्षा, देखरेख एवं संरक्षण के लिए विद्यमान सभी कानूनों/वैधानिक प्रावधानों का पालन अनिवार्य होगा.
4. संस्था के संचालन/बच्चों की देखरेख व संरक्षण/अन्य प्रशासकीय कार्यवाहियों के लिए केन्द्र सरकार/राज्य सरकार/जिला प्रशासन द्वारा समय-समय पर प्रसारित निर्देशों का पालन अनिवार्य होगा.
6. तद्नुसार उक्त बाल देखरेख संस्था प्रावधिक पंजीकृत मानी जायेगी. प्रावधिक पंजीयन प्रमाण पत्र जिला कलेक्टर के हस्ताक्षर से जारी किये जायेंगे इस हेतु किशोर न्याय (बालको की देखरेख एवं संरक्षण) नियम 2016 का प्रारूप 28 संलग्न है.
7. स्थायी पंजीकरण अथवा निरंतरता का निर्णय संबंधित जिले की निरीक्षण समिति के प्रतिवेदन एवं कलेक्टर की अनुशंसा के आधार पर किया जायेगा. (संस्था के निरीक्षण हेतु किशोर न्याय (बालको की देखरेख एवं संरक्षण) नियम 2016 का प्रारूप 46 संलग्न है.) इस हेतु पत्र जारी होने के एक माह के भीतर संस्था के नियमित पंजीयन का प्रस्ताव निर्धारित प्रारूप 46 में निरीक्षण प्रतिवेदन मय सत्यापित दस्तावेज एवं जिला कलेक्टर की स्पष्ट अनुशंसा सहित जिला कार्यक्रम अधिकारी/जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी/जिला बाल संरक्षण अधिकारी के हस्ताक्षर से प्रस्तुत किया जाना होगा.
8. उपरोक्त समयावधि में नियमित पंजीयन का प्रस्ताव प्रस्तुत न किये जाने की दशा में अधिनियम की धारा 41(5) के प्रावधानों के अनुसार संबंधित अधिकारी/कर्मचारी के विरूद्ध नियमानुसार कार्यवाही प्रस्तावित की जायेगी.
9. कृपया उपरोक्तानुसार कृत कार्यवाही का प्रतिवेदन एक माह के भीतर प्रेषित करने का कष्ट करेंगे.
2. अधिसूचना जारी होने की तिथि से प्रभावशील होगा.
छत्तीसगढ़ के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार,
पी.एस.धु्रव, संयुक्त सचिव.