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छत्तीसगढ शासन
पंजीयन क्रमांक "छत्तीसगढ़ /दुर्ग/ 09 / 2013-2015 . " "बिजनेस पोस्ट के अन्तर्गत डाक शुल्क के नगद भुगतान (बिना डाक टिकट) के प्रेषण हेतु अनुमत . क्रमांक जी.2-22- छत्तीसगढ़ गजट / 38 सि. से. भिलाई. दिनांक 30-05-2001 ."
सत्यमेव जयते
छत्तीसगढ़ राजपत्र
(असाधारण)
प्राधिकार से प्रकाशित
क्रमांक 457 ]
आषाढ़ 31 , शक 1944
रायपुर, शुक्रवार, दिनांक 22 जुलाई 2022-
छत्तीसगढ़ विधान सभा सचिवालय
रायपुर, शुक्रवार , दिनांक 22 जुलाई , 2022 (आषाढ़ 31 , 1944)
क्रमांक- 8176/ वि.स./विधान/ 2022.- छत्तीसगढ़ विधान सभा की प्रक्रिया तथा कार्य संचालन संबंधी नियमावली के नियम 64 के उपबंधों के पालन में छत्तीसगढ़ भू- राजस्व संहिता (संशोधन ) विधेयक, 2022 (क्रमांक 5 सन् 2022) जो शुक्रवार, दिनांक 22 जुलाई, 2022 को पुरःस्थापित हुआ है, को जनसाधारण की सूचना के लिये प्रकाशित किया जाता है .
हस्ता./- (दिनेश शर्मा) सचिव.
913 914
छत्तीसगढ़ राजपत्र, दिनांक 22 जुलाई 2022
छत्तीसगढ़ विधेयक
(क्रमांक 5 सन् 2022 )
छत्तीसगढ़ भू- राजस्व संहिता (संशोधन ) विधेयक , 2022 छत्तीसगढ़ भू- राजस्व संहिता, 1959 (क्र. 20 सन् 1959 ) को और संशोधित करने हेतु विधेयक ।
भारत गणराज्य के तिहत्तरवें वर्ष में छत्तीसगढ़ विधानमण्डल द्वारा निम्नलिखित रूप में यह अधिनियमित हो:-
1.
संक्षिप्त नाम,
तथा प्रारंभ.
(1 ) यह अधिनियम छत्तीसगढ़ भू- राजस्व संहिता (संशोधन) अधिनियम , 2022 कहलायेगा ।
(2) यह राजपत्र में इसके प्रकाशन की तारीख से प्रवृत्त होगा ।
धारा 158
का संशोधन.
2. छत्तीसगढ़ भू- राजस्व संहिता , 1959 (क्र . 20 सन् 1959) (जो इसमें इसके पश्चात् मूल अधिनियम के रूप में निर्दिष्ट है) की धारा 158 की उप - धारा (3 ) के पश्चात्, निम्नलिखित जोड़ा जाये , अर्थात्: -
"(4) प्रत्येक व्यक्ति, जो राज्य सरकार या कलेक्टर या आबंटन अधिकारी व्दारा उसे मंजूर किए गये किसी पट्टे के आधार पर भूमि धारण किया हुआ है, ऐसे आबंटन तारीख से 20 वर्ष पूर्ण होने की तारीख पर, ऐसी भूमि के संबंध में भूमिस्वामी समझा जाएगा और उन समस्त अधिकारों तथा दायित्वों के अध्यधीन होगा, जो इस संहिता व्दारा या उसके अधीन किसी भूमिस्वामी को प्रदत्त और उस पर अधिरोपित किये गये हैं । " 914(1)
छत्तीसगढ़ राजपत्र , दिनांक 22 जुलाई 2022
उद्देश्यों एवं कारणों का कथन
शासकीय पट्टे पर प्रदत्त भूमि धारकों को भूमिस्वामी अधिकार दिये जाने से भूमि एवं भूमि पर निर्मित परिसंपत्तियों के आधार पर उन्हें बैंकों से ऋण एवं अन्य वित्तीय लाभ प्राप्त हो सकेगा तथा भूमि का निर्वाध अंतरण किया जा सकेगा । उक्त उद्देश्यों की पूर्ति किए जाने हेतु, छत्तीसगढ़ भू- राजस्व संहिता, 1959 (क. 20 सन् 1959) की धारा 158 में संशोधन करना आवश्यक है ।
अतः यह विधेयक प्रस्तुत है ।
रायपुर,
दिनांक 05 जुलाई , 2022
जयसिंह अग्रवाल , राजस्व मंत्री , (भारसाधक सदस्य) 914(2)
छत्तीसगढ़ राजपत्र, दिनांक 22 जुलाई 2022
उपाबंध
छत्तीसगढ़ भू- राजस्व संहिता , 1959 की धारा 158 की उप - धारा ( 3 ) का उद्धरण धारा. 158 . भूमिस्वामी- ( 1 )
(2 ).
(3) प्रत्येक व्यक्ति
(एक) जो राज्य सरकार या कलेक्टर या आबंटन अधिकारी व्दारा उसे छत्तीसगढ़ भू- राजस्व संहिता (संशोधन) अधिनियम , 1992 के प्रारंभ पर या उसके पूर्व मंजूर किए गए किसी पट्टे के आधार पर भूमिस्वामी अधिकारों में भूमि धारण किए हैं , ऐसे प्रारंभ की तारीख से , और
(दो) जिसे राज्य सरकार या कलेक्टर या आबंटन अधिकारी व्दारा भूमि का आबंटन भूमिस्वामी अधिकार में, छत्तीसगढ़ भू- राजस्व संहिता ( संशोधन) अधिनियम, 1992 के प्रारंभ के पश्चात किया गया है, ऐसे आबंटन की तारीख से ,
ऐसी भूमि के संबंध में भूमिस्वामी समझा जाएगा और उन समस्त अधिकारों तथा दायित्वों के अध्यधीन होगा जो इस संहिता व्दारा या उसके अधीन किसी भूमिस्वामी को प्रदत्त और उस पर अधिरोपित किए गए हैं :
परन्तु ऐसा कोई भी व्यक्ति पट्टे या आबंटन की तारीख से 10 वर्ष की कालावधि के भीतर ऐसी भूमि को अंतरित नहीं करेगा ।
दिनेश शर्मा सचिव छत्तीसगढ़ विधान सभा संचालक, मुद्रण तथा लेखन सामग्री , छत्तीसगढ़ द्वारा शासकीय मुद्रणालय , रायपुर से मुद्रित तथा प्रकाशित- 2022.