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छत्तीसगढ शासन
पंजीयन क्रमांक "छत्तीसगढ़/दुर्ग/ 09 / 2013-2015. "
सत्यमेव जयते
"बिजनेस पोस्ट के अन्तर्गत डाक शुल्क के नगद भुगतान (बिना डाक टिकट) के प्रेषण हेतु अनुमत. क्रमांक जी.2-22- छत्तीसगढ़ गजट / 38 सि. से. भिलाई. दिनांक 30-05-2001 . "
छत्तीसगढ़ राजपत्र
(असाधारण)
प्राधिकार से प्रकाशित
आषाढ़ 31 , शक 1944
क्रमांक 465]
रायपुर, शुक्रवार , दिनांक 22 जुलाई 2022-
छत्तीसगढ़ विधान सभा सचिवालय
रायपुर, शुक्रवार, दिनांक 22 जुलाई, 2022 (आषाढ़ 31 , 1944)
क्रमांक 8209/वि.स. /विधान / 2022. छत्तीसगढ़ विधान सभा की प्रक्रिया तथा कार्य संचालन संबंधी नियमावली के नियम 64 के उपबंधों के पालन में छत्तीसगढ़ उपकर (संशोधन) विधेयक, 2022 (क्रमांक 15 सन् 2022 ) जो शुक्रवार, दिनांक 22 जुलाई, 2022 को पुरःस्थापित हुआ है, को जनसाधारण की सूचना के लिये प्रकाशित किया जाता है.
हस्ता./- (दिनेश शर्मा) सचिव.
929 930
छत्तीसगढ़ राजपत्र , दिनांक 22 जुलाई 2022
छत्तीसगढ़ विधेयक
(क्रमांक 15 सन् 2022)
छत्तीसगढ़ उपकर (संशोधन) विधेयक , 2022
छत्तीसगढ़ उपकर अधिनियम, 1981 (क्र. 1 सन् 1981 ) को और संशोधित करने हेतु विधेयक ।
भारत गणराज्य के तिहत्तरवें वर्ष में छत्तीसगढ़ विधान मण्डल द्वारा निम्नलिखित रुप में यह अधिनियमित होः-
1.
संक्षिप्त नाम तथा प्रारंभ.
(1 ) यह अधिनियम छत्तीसगढ़ उपकर (संशोधन ) विधेयक, 2022 कहलायेगा ।
(2) यह राजपत्र में इसके प्रकाशन की तारीख से प्रवृत्त होगा ।
2.
भाग-3 का संशोधन..
छत्तीसगढ़ उपकर अधिनियम, 1981 (क्र. 1 सन् 1981 ) (जो इसमें इसके पश्चात् मूल अधिनियम के रुप में निर्दिष्ट है ) के भाग-3 के स्थान पर , निम्नलिखित प्रतिस्थापित किया जाये, अर्थात्ः-
"भाग-3 स्थावर संपत्ति के अंतरण पर उपकर
8. इस भाग में शब्द " स्थावर संपत्ति" का वही अर्थ होगा , जो संपत्ति अंतरण अधिनियम , 1882 (क्र. 4 सन् 1882) में उसके लिए समनुदेशित किया गया है ।
9. (1 ) विक्रय, दान, भोग बंधक या तीस वर्ष या अधिक कालावधि के पट्टे के माध्यम से स्थावर संपत्ति के अंतरण पर इस अधिनियम के साथ संलग्न अनुसूची के अनुसार उपकर प्रभारित किया जाएगा, उद्गृहीत किया जाएगा तथा संदत्त किया जाएगाः 930(1)
छत्तीसगढ़ राजपत्र, दिनांक 22 जुलाई 2022
परन्तु भारतीय स्टाम्प अधिनियम , 1899 (1899 का सं. 2) के परिवर्तन सहित , इस अधिनियम के अधीन उपकर के अधीन छूट, यथावश्यक संबंध में उसी सीमा तक लागू होंगी , जिस सीमा तक कि वे , उस अधिनियम के अधीन प्रभार्य शुल्क को इस प्रकार लागू होती हो, मानो कि उपकर, उस अधिनियम के अधीन प्रभार्य शुल्क हो ।
(2 ) उप-धारा (1 ) के अधीन प्रभारित और उद्गृहीत उपकर, स्थावर संपत्ति के अंतरण की लिखत के रजिस्ट्रीकरण के साथ चुकाया जाएगा और वसूल किया जाएगा । उपकर के भुगतान को, अंतरण के विलेख पर, भारतीय स्टाम्प अधिनियम, 1899 (1899 का.सं. 2) के अधीन जारी किये गये स्टाम्प चिपकाकर दर्शाया जायेगा ।
(3) उपकर, उस व्यक्ति के द्वारा देय होगा , जिसके द्वारा भारतीय स्टाम्प अधिनियम, 1899 (1899 का सं. 2) के अधीन स्टाम्प शुल्क देय है ।
(4) रजिस्ट्रीकरण अधिनियम, 1908 ( 1908 का सं. 16) में अंतर्विष्ट किसी बात के होते हुए भी, उसके अधीन कोई अधिकारी , किसी दस्तोवज को रजिस्ट्रीकरण के लिए तब तक ग्रहण नही करेगा , जब तक कि उप - धारा (1 ) के अधीन प्रभारित और उद्गृहीत उपकर पूर्णतः चुका न दिया गया हो ।
(5) भारतीय स्टाम्प अधिनियम, 1899 (1899 का सं. 2) की धारा 48 के उपबंध , इस भाग के अधीन उपकर की वसूली पर उसी प्रकार लागू होंगे , जिस प्रकार कि वे, इस अधिनियम के अधीन शुल्क एवं शास्तियों की वसूली पर लागू होते हैं । 930(2)
छत्तीसगढ़ राजपत्र, दिनांक 22 जुलाई 2022
(6) उपकर के आगम, ग्रामीण विकास निधि एवं छत्तीसगढ़ रोजगार मिशन तथा राजीव मितान क्लब योजना से संबंधित प्रयोजन के लिए उपयोजित किये जायेंगे ।
उपकर से प्राप्त राजस्व का विभाजन विहित रीति से किया जायेगा । "
3.
अनुसूची का जोड़ा जाना.
मूल अधिनियम की धारा 11 के पश्चात्, निम्नलिखित अनुसूची जोड़ा जाये, अर्थात्:-
"अनुसूची लिखतों पर उपकर (धारा 9 (1 ) देखिये)
स.क्र .
उपकर
लिखतों का विवरण
संपत्तिका विवरण
(1)
(4)
(3)
1.
स्थावर संपत्ति के अंतरंण पर
(2) विक्रय, दान भोग बंधक या तीस वर्ष या अधिक की कालावधि के लिए पट्टा
स्टाम्प शुल्क की उस रकम के, जिससे कि ऐसे अंतरण की लिखत भारतीय स्टाम्प अधिनियम, 1899 (1899 का सं. 2) की अनुसूची 1 -क के सुसंगत अनुच्छेद के अनुसार प्रभार्य है, 12 प्रतिशत की दर से ।" 930(3)
छत्तीसगढ़ राजपत्र , दिनांक 22 जुलाई 2022
उद्देश्यों और कारणों का कथन
यतः, छत्तीसगढ़ राज्य में रोजगार के नये अवसर तैयार किये जाने हेतु छत्तीसगढ़ रोजगार मिशन योजना तथा राजीव मितान क्लब योजना को कियान्वित किया जाना है । छत्तीसगढ़ शासन ने दस्तावेजों के पंजीयन पर अतिरिक्त उपकर अधिरोपित करते हुये इन योजनाओ का वित्तीय पोषण करने का निर्णय लिया है ।
और यतः, उपरोक्त उल्लिखित योजनाओं के वित्तीय पोषण हेतु लगभग 100 करोड़ की अनुमानित राशि उपकर के रुप में संग्रहित किये जाने के उद्देश्य से स्टाम्प शुल्क की राशि पर कुल 12 प्रतिशत की दर से उपकर अधिरोपित किया जाना प्रस्तावित है ।
और यतः, छत्तीसगढ़ उपकर अधिनियम , 1981 के भाग -3 में " स्थावर संपत्ति के अंतरण पर उपकर " का प्रावधान है । वर्तमान में, रिक्त भूमि तथा कृषि भूमि के विलेख पर स्टाम्प शुल्क का 5 प्रतिशत उपकर प्रभारित किया जाता है, जिसको विक्रय , दान, भोग बंधक या तीस वर्ष या अधिक कालावधि के पट्टे के माध्यम से स्थावर संपत्ति के अंतरण पर देय स्टाम्प शुल्क का कुल 12 प्रतिशत उपकर प्रभारित किया जाना प्रस्तावित है ।
अतएव, छत्तीसगढ़ उपकर अधिनियम , 1981 के भाग-3 में संशोधन किया जाना आवश्यक है ।
अतः यह विधेयक प्रस्तुत है ।
जयसिंह अग्रवाल
रायपुर,
वाणिज्यिक कर (पंजीयन) , मंत्री, दिनांक 20 जुलाई , 2022
(भारसाधक सदस्य)
"संविधान के अनुच्छेद 207 (1 ) के अधीन राज्यपाल द्वारा अनुशंसित " 930(4)
छत्तीसगढ़ राजपत्र , दिनांक 22 जुलाई 2022
उपाबंध
छत्तीसगढ़ उपकर अधिनियम , 1981 (क्र. 1 सन् 1981 ) के भाग -3 का उद्धरण भाग-3 रिक्त भूमि और कृषि के प्रयोजन के लिए उपयोग में लाई जाने वाली भूमि के अन्तरण पर उपकर
धारा 8. इस भाग में -
(क) "रिक्त भूमि" से अभिप्रेत है ऐसी खुली भूमि जो मुख्यतः कृषि प्रयोजन के लिए उपयोग में नही लाई जा रही हो,
(ख ) अभिव्यक्ति "कृषि" तथा " भूमि" के वही अर्थ होंगे जो छत्तीसगढ लैंड रेवेन्यू कोड 1959 में इन अभिव्यक्तियों के लिए दिये गये हैं ।
धारा 9. (1 ) (क) रिक्त भूमि के तथा कृषि के प्रयोजन के लिए उपयोग में लाई जाने वाली भूमि के ऐसे अंतरण पर जो विक्रय , दान के रूप में या तीस वर्ष या उससे अधिक कालावधि के पट्टे के रूप में या भोग बंधक के रूप में किया जाये, उपकर उस स्टाम्प शुल्क की रकम के जो ऐसे अंतरण की लिखत पर भारतीय स्टाम्प अधिनियम, 1899 (1899 का सं. 2) की अनुसूची 1 - क के सुसंगत अनुच्छेद के अनुसार प्रभार्य है , पांच प्रतिशत की दर से] प्रभारित किया जाएगा उग्रहित किया जायेगा और संदत्त किया जायेगा:
परन्तु भारतीय स्टाम्प अधिनियम, 1899 (1899 का संख्यांक 2) के अधीन की छूट, यथावश्यक परिवर्तन सहित, इस अधिनियम के अधीन के उपकर के संबंध में उसी सीमा तक लागू होंगी जिस सीमा तक कि वे उस अधिनियम के अधीन प्रभार्य शुल्क को लागू होती जिस सीमा तक कि वह उस अधिनियम के अधीन प्रभार्य शुल्कों को लागू होती है मानो कि उपकर उस अधिनियम के अधीन प्रभार्य शुल्क हो ।
(2) उपधारा (1 ) के अधीन प्रभारित और उद्ग्रहीत उपकर, का भुगतान तथा वसूली रिक्त भूमि के तथा कृषि के प्रयोजन के लिए उपयोग में लाई जाने वाली भूमि के अंतरण की लिखतों के पंजीयन के साथ की जायेगी। [ उपकर के संदाय को, अंतरण की लिखत पर उन स्टाम्पों द्वारा प्रदर्शित किया जायेगा जो भारतीय स्टाम्प अधिनियम, 1899 (1899 का संख्यांक 2) के अधीन जारी किये गये हों। (3 ) उपकर उस व्यक्ति के द्वारा देय होगा जिसके द्वारा भारतीय स्टाम्प अधिनियम, 1899 (1899 का संख्यांक 2 ) के अधीन स्टाम्प शुल्क देय है ।
(4) भारतीय रजिस्ट्रीकरण अधिनियम , 1908 (1908 का सं. 16) में अंतर्विष्ट किसी बात के होते हुए भी, उसके अधीन कोई अधिकारी किसी दस्तोवज को रजिस्ट्रीकरण के लिए तब तक ग्रहण नही करेगा, जब तक कि उपधारा (1 ) के अधीन प्रभारित और उद्ग्रहीत उपकर पूर्णतः न चुका दिया गया हो ।
(4-क) भारतीय स्टाम्प अधिनियम, 1899 ( 1899 का संख्यांक 2) की धारा 48 के उपबंध इस भाग के अधीन उपकर की वसूली को ऐसे ही लागू होंगे जैसे कि उस अधिनियम के अधीन शुल्कं एवं शास्ति की वसूली को लागू होते हैं ।
(5) उपकर के आगम, ग्रामीण विकास विशेषतः ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार की व्यवस्था के लिए उपायोजित किये जायेंगे ।
दिनेश शर्मा
सचिव
छत्तीसगढ़ विधान सभा संचालक , मुद्रण तथा लेखन सामग्री , छत्तीसगढ़ द्वारा शासकीय मुद्रणालय , रायपुर से मुद्रित तथा प्रकाशित - 2022.