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छत्तीसगढ शासन
पंजीयन क्रमांक "छत्तीसगढ़/दुर्ग/ 09 / 2013-2015. "
सत्यमेव जयते
"बिजनेस पोस्ट के अन्तर्गत डाक शुल्क के नगद भुगतान (बिना डाक टिकट) के प्रेषण हेतु अनुमत. क्रमांक जी.2-22- छत्तीसगढ़ गजट / 38 सि. से. भिलाई. दिनांक 30-05-2001 . "
छत्तीसगढ़ राजपत्र
(असाधारण)
प्राधिकार से प्रकाशित
क्रमांक 465-अ]
रायपुर, सोमवार , दिनांक 25 जुलाई 2022 श्रावण 3 , शक 1944
छत्तीसगढ़ विधान सभा सचिवालय
रायपुर, सोमवार , दिनांक 25 जुलाई , 2022 (श्रावण 3 , 1944)
क्रमांक 8322/वि.स./ विधान / 2022. छत्तीसगढ़ विधान सभा की प्रक्रिया तथा कार्य संचालन संबंधी नियमावली के नियम 64 के उपबंधों के पालन में छत्तीसगढ़ सहकारी सोसाइटी (संशोधन) विधेयक , 2022 (क्रमांक 17 सन् 2022) को पुरःस्थापित हुआ है, को जनसाधारण की सूचना के लिये प्रकाशित किया जाता है.
हस्ता./- (दिनेश शर्मा) सचिव.
930(5) 930( 6)
छत्तीसगढ़ राजपत्र , दिनांक 25 जुलाई 2022
छत्तीसगढ़ विधेयक
(क्रमांक 17 सन् 2022)
छत्तीसगढ़ सहकारी सोसाइटी (संशोधन) विधेयक, 2022
छत्तीसगढ़ सहकारी सोसाइटी अधिनियम , 1960 (क्र. 17 सन् 1961 ) को और संशोधित करने हेतु विधेयक ।
भारत गणराज्य के तिहत्तरवें वर्ष में छत्तीसगढ़ विधानमण्डल द्वारा निम्नलिखित रूप से यह अधिनियमित हो:-
1. (1 ) यह अधिनियम छत्तीसगढ़ सहकारी सोसाइटी (संशोधन)
अधिनियम , 2022 कहलायेगा ।
संक्षिप्त नाम , विस्तार तथा प्रारंभ.
(2) इसका विस्तार सम्पूर्ण छत्तीसगढ़ राज्य में होगा ।
(3 ) यह राजपत्र में इसके प्रकाशन की तारीख को प्रवृत्त होगा । धारा 49 का संशोधन.
2 . छत्तीसगढ़ सहकारी सोसाइटी अधिनियम , 1960 (क्र 17 सन् 1961 ) (जो इसमें इसके पश्चात् मूल अधिनियम के रूप में निर्दिष्ट है) की धारा 49 में,-
(1) उप - धारा (7 - क ) के खण्ड ( दो) के स्थान पर, निम्नलिखित खण्ड प्रतिस्थापित किया जाए , अर्थात्ः-
" (दो) सोसाइटी की बोर्ड द्वारा निर्वाचित अन्य सोसाइटियों के प्रतिनिधि का कार्यकाल, सोसाइटी की बोर्ड के कार्यकाल की समाप्ति के साथ समाप्त होगाः
परन्तु यह कि यदि ऐसा प्रतिनिधि किसी अन्य सोसाइटी के बोर्ड के सदस्य के रूप में निर्वाचित हो जाता है, तो वह ऐसी सोसाइटी, जिसके लिए वह निर्वाचित हुआ है, के बोर्ड के कार्यकाल के अवसान तक उस सोसाइटी के बोर्ड के सदस्य के रूप में निरंतर अपने पद पर बना रहेगा । " 930(7)
छत्तीसगढ़ राजपत्र , दिनांक 25 जुलाई 2022
(2) उप - धारा (8 ) में, शब्द "और राज्य सहकारी निर्वाचन आयोग , छः मास के भीतर तथा सहकारी बैंक के मामले में बारह मास के भीतर निर्वाचन करवाएगा " का लोप किया जाये ।
(3) उप- धारा (9 ) के खण्ड (ख) के स्थान पर , निम्नलिखित खण्ड प्रतिस्थापित किया जाए , अर्थात्:-
" (ख) ऐसा कार्यवृत्त, सम्मिलन में आमंत्रित समस्त व्यक्तियों जिसमें रजिस्ट्रार भी सम्मिलित है, को सम्मिलन की समाप्ति के तीस दिन के भीतर परिचालित किया जाएगा । "
3.
धारा 50-ख का संशोधन.
मूल अधिनियम की धारा 50 - ख की उप - धारा (8 ) के खण्ड (ख) के स्थान पर, निम्नलिखित खण्ड प्रतिस्थापित किया जाये , अर्थात्ः-
" (ख) आयोग , इस अधिनियम के अधीन रजिस्ट्रीकृत सभी सहकारी सोसाइटियों के निर्वाचन का संचालन , ऐसी रीति से करेगा, जैसा कि . विहित किया जायेः
परन्तु यह कि ऐसे उच्चतर स्तर की सोसाइटियों के निदेशक मण्डल का निर्वाचन तब ही कराया जायेगा, जब निचले स्तर की सहकारी सोसाइटियां , जो उससे संबद्ध है , के कम से कम तीन- चौथाई सोसाइटियों का निर्वाचन करां लिया गया हो । "
4.
मूल अधिनियम की धारा 53 में,-
धारा 53 का संशोधन.
(1) उप- धारा ( 1 ) के खण्ड (घ) के पश्चात्, वाक्यांश "तो रजिस्ट्रार , लिखित आदेश द्वारा , संचालक मंडल को हटा सकेगा और सोसाइटी के कार्यकलापों के प्रबंधन हेतु, ऐसे विनिर्दिष्ट कालावधि के लिए , जो छः माह और किसी सहकारी बैंक के मामले में एक वर्ष से अधिक नहीं होगा, प्रशासक नियुक्त कर सकेगाः " के स्थान पर , निम्नलिखित प्रतिस्थापित किया जाये , अर्थात्ः- 930(8)
छत्तीसगढ़ राजपत्र, दिनांक 25 जुलाई 2022
"तो रजिस्ट्रार , लिखित आदेश द्वारा, संचालक मंडल को हटा सकेगा और सोसाइटी के क्रियाकलापों के प्रबंधन हेतु, आदेश में विनिर्दिष्ट कालावधि के लिए , प्रशासक नियुक्त कर सकेगा ।
पूर्वोक्त कालावधि को निर्वाचित बोर्ड के गठन तक रजिस्ट्रार द्वारा समय - समय पर बढ़ाया जा सकेगा । "
(2) उप-धारा (3 ) का लोप किया जाए ।
5.
धारा 79 का संशोधन.
मूल अधिनियम की धारा 79 में, जहाँ कहीं भी शब्द "अपील या पुनर्विलोकन " आये हो के स्थान पर, कमशः शब्द " अपील, पुनरीक्षण या पुनर्विलोकन " प्रतिस्थापित किया जाए । " 930 (9)
छत्तीसगढ़ राजपत्र, दिनांक 25 जुलाई 2022
उद्देश्यों और कारणों का कथन
अन्य सोसाइटियों को भेजे जाने वाले प्रतिनिधियों के कार्यकाल से सम्बंधित प्रावधानों को स्पष्ट करने , त्रिस्तरीय ढाँचे अंतर्गत प्राथमिक, केन्द्रीय एवं शीर्ष स्तर की सोसाइटियों का निर्वाचन व्यवस्थित रूप से कराने तथा प्रकरणों के पुनरीक्षण सम्बंधी प्रावधानों को अधिनियम की अन्य सुसंगत धाराओं में जोड़ने के प्रयोजन से, राज्य सरकार ने छत्तीसगढ़ सहकारी सोसाइटी अधिनियम 1960 (क्र. 17 सन 1961 ) की धारा 49 , 50-ख , 53 तथा 79 में संशोधन करने का निर्णय लिया है ।
अतः यह विधेयक प्रस्तुत है ।
रायपुर,
दिनांक 22 जुलाई, 2022
डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम सहकारिता मंत्री, (भारसाधक सदस्य) 930( 10)
छत्तीसगढ़ राजपत्र , दिनांक 25 जुलाई 2022
उपाबंध
छत्तीसगढ़ सहकारी सोसाइटी अधिनियम , 1960 की धारा 49 (7 -क) , 49(8 ), 49(9 )( ख ) , 50 - ख (8 ) (ख ) , 53 (1 ) (घ), 53 (3) एवं 79 का सुसंगत उद्धरण.
*
***
धारा 49. वार्षिक साधारण सम्मिलन
उप -धारा
(7 -क)
खण्ड (दो)
सोसाइटी की बोर्ड द्वारा निर्वाचित प्रतिनिधि का कार्यकाल उस सोसाइटी के, जिसके लिए ऐसा प्रतिनिधि निर्वाचित किया गया है, कार्यकाल की समाप्ति के साथ समाप्त होगा:
परन्तु यह कि , बोर्ड का प्रतिनिधि उस बोर्ड की जिसका कि वह सदस्य है अवधि समाप्त होने तक अपने पद पर बना रहेगा ।
उप-धारा (8) इस अधिनियम या इसके अधीन बनाये गये नियमों में अंतर्विष्ट किसी बात के होते हुए भी , बोर्ड के कार्यकाल के अवसान के पूर्व बोर्ड का निर्वाचन कराया जायेगा । यदि बोर्ड के कार्यकाल के अवसान के पूर्व निर्वाचन नहीं कराये जाते हैं, या सहकारी सोसाइटी का बोर्ड किसी न्यायालय के आदेश के कारण या अन्यथा कार्य करने से परिविरत हो जाए , तो बोर्ड के सभी सदस्यों द्वारा अपने पद रिक्त किये गये समझे जाएंगे और बोर्ड की शक्तियां रजिस्ट्रार में निहित समझी जाएंगी और राज्य सहकारी निर्वाचन आयोग , छः मास के भीतर तथा सहकारी बैंक के मामले में बारह मास के भीतर निर्वाचन करवायेगा :
परंतु यह कि रजिस्ट्रार, किसी अधिकारी अथवा किसी व्यक्ति अथवा व्यक्तियों की समिति को इस उप - धारा के अधीन उसमें निहित बोर्ड / समिति की शक्तियों का प्रयोग करने के लिए प्राधिकृत कर सकेगा तथा ऐसा प्राधिकृत अधिकारी अथवा व्यक्ति अथवा व्यक्तियों की समिति ऐसे प्राधिकृत किये जाने की तारीख से रजिस्ट्रार द्वारा विनिर्दिष्ट कालावधि के लिए अथवा राज्य सहकारी निर्वाचन आयोग द्वारा निर्वाचन कराये जाने तक, इनमें से जो भी पहले हो , ऐसी शक्तिका प्रयोग करेंगेः
परंतु यह और कि व्यक्तियों की समिति की दशा में, रजिस्ट्रार समिति में सम्मिलित एक व्यक्ति को अध्यक्ष तथा एक व्यक्ति को उपाध्यक्ष नामांकित कर सकेगा और ऐसे व्यक्ति, संबंधित समिति के सदस्यों में से नामांकित किये जा सकेंगेः
परंतु यह और भी कि अशासकीय व्यक्ति अथवा व्यक्तियों की दशा में, उनकी अर्हताएं ऐसी होगी जैसा कि विहित की जाए । 930(11)
छत्तीसगढ़ राजपत्र, दिनांक 25 जुलाई 2022
उप-धारा (9)
खण्ड (ख )
ऐसा कार्यवृत्त सम्मिलन में आमंत्रित समस्त व्यक्तियों को सम्मिलन की समाप्ति के 30 दिन के भीतर परिचालित किया जाएगा.
* धारा 50- ख . राज्य सहकारी निर्वाचन आयोग
उप-धारा (8)
खण्ड (ख) आयोग, अधिनियम के अधीन रजिस्ट्रीकृत समस्त सहकारी सोसाइटियों का निर्वाचन ऐसी रीति में संचालित करेगा, जैसा कि विहित किया जाए ।
* धारा 53. बोर्ड का अतिष्ठान
उप-धारा (1 )
खण्ड (घ) इस अधिनियम या इसके अधीन बनाये गये नियमों या सोसाइटी की उपविधियों के उपबंधों का उल्लंघन करता है ;
तो, रजिस्ट्रार , लिखित आदेश द्वारा , संचालक मण्डल को हटा सकेगा और सोसाइटी के कार्यकलापों के प्रबंधन हेतु, ऐसी विनिर्दिष्ट कालावधि के लिए , जो छः माह और किसी सहकारी बैंक के मामले में एक वर्ष से अधिक नहीं होगा , प्रशासक नियुक्त कर सकेगाः
परन्तु यह कि किसी ऐसी सोसाइटी के संचालक मण्डल को अधिक्रमित नहीं किया जाएगा या निलम्बन के अधीन नहीं रखा जाएगा , जहां शासन की अंशधारिता या ऋण या वित्तीय सहायता या शासन द्वारा कोई प्रत्याभूति नहीं दी गई होः
परन्तु यह और कि किसी सहकारी बैंक के मामले में, रिजर्व बैंक के पूर्व परामर्श के बिना अतिष्ठान का आदेश पारित नहीं किया जाएगाः
परन्तु यह और भी कि यदि कोई ऐसी संसूचना , जिसमें कि प्रस्तावित कार्यवाही के संबंध में रिजर्व बैंक के विचार अंतर्विष्ट हो , उस निवेदन के, जिसमें कि परामर्श चाहा गया हो , उस बैंक द्वारा प्राप्त किये जाने के 30 दिवस के भीतर प्राप्त न हो, तो यह उपधारणा की जाएगी कि रिजर्व बैंक , प्रस्तावित कार्यवाही से सहमत है तथा रजिस्ट्रार, ऐसा आदेश , जैसा कि उचित समझे, पारित करने के लिए स्वतंत्र होगा ।
उप - धारा (3 ) परन्तु ऐसा आदेश छः मास से अधिक के लिए तथा सहकारी बैंक के मामले में एक वर्ष से अधिक के लिए प्रवृत्त नहीं रहेगा ।
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** 930 ( 12)
छत्तीसगढ़ राजपत्र , दिनांक 25 जुलाई 2022
धारा 79. कतिपय मामलों में कोई अपील या पुनर्विलोकन न होना –
इस अधिनियम में अंतर्विष्ट किसी प्रतिकूल बात के होते हुए भी, जहाँ भारतीय रिजर्व बैंक की लिखित पूर्व स्वीकृति से या उसकी अध्यपेक्षा प्राप्त होने पर, - (एक) किसी सहकारी बैंक के परिसमापन के लिए आदेश किया गया हो; या (दो) समझौता या ठहराव की अथवा पुनर्निर्माण या पुनर्गठन या संविलियन की कोई योजना बनाई गई हो; या
(तीन) किसी सहकारी बैंक की बोर्ड के, चाहे वह किसी भी नाम से जानी जाती हो, के अतिष्ठान या निलम्बन के लिए आदेश किया गया हो तथा इसके लिए प्रभारी अधिकारी की नियुक्ति की गई हो ,
वहां उसके विरूद्ध कोई अपील या पुनर्विलोकन नहीं होगा या अनुज्ञेय नहीं होगा और भारतीय रिजर्व बैंक का ऐसा आदेश या स्वीकृति या अध्यपेक्षा प्रश्नगत किये जाने के दायित्वाधीन नहीं होगी जहां ऐसा आदेश , योजना समझौता, प्रबंध, निर्माण , पुनर्निर्माण या संविलियन के लिए पारित किया गया हो या बनाया गया हो ।
दिनेश शर्मा सचिव छत्तीसगढ़ विधानसभा संचालक, मुद्रण तथा लेखन सामग्री, छत्तीसगढ़ द्वारा शासकीय मुद्रणालय , रायपुर से मुद्रित तथा प्रकाशित- 2022 .