महिला एवं बाल विकास विभाग मंत्रालय, महानदी भवन, नवा रायपुर अटल नगर
अटल नगर, दिनांक 14 नवम्बर 2022
अधिसूचना
क्रमांक एफ 12-2/2020/2104/मबावि/50.⸺ राज्य शासन एतद्द्वारा किशोर न्याय (बालकों की देखरेख और संरक्षण) संशोधित अधिनियम 2021 की धारा 54 तथा किशोर न्याय (बालकों की देखरेख और संरक्षण) संशोधित नियम 2022 के नियम 41 के प्रावधानों के तहत राज्य स्तरीय निरीक्षण समिति का निम्नानुसार गठन करता हैः- 1. आयुक्त/संचालक महिला एवं विकास विभाग एवं पदेन सचिव - अध्यक्ष राज्य बाल संरक्षण समिति
2. अध्यक्ष मानव अधिकार आयोग द्वारा नामांकित सदस्य - सदस्य 3. अध्यक्ष राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग द्वारा नामांकित सदस्य - सदस्य 4. आयुक्त/संचालक स्वास्थ्य द्वारा नामांकित चिकित्सा अधिकारी/ - सदस्य मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ
5. बच्चों के अधिकार व संरक्षण के क्षेत्र में कार्यरत एक सामाजिक - सदस्य कार्यकर्ता एवं स्वैच्छक संगठन का प्रतिनिधि- 1. श्रीमती अकदा ठाकुर
2. श्री जगदीश वर्मा
6. संबंधित जिले के अध्यक्ष/सदस्य बाल कल्याण समिति - सदस्य 7. कार्यक्रम प्रबंधक दत्तक ग्रहण - सदस्य 1. यह अधिसूचना जारी होने के दिनांक से प्रभावशील होगा तथा इसका कार्यकाल अधिसूचना जारी होने की तिथि से 3 वर्ष के लिए रहेगा.
3. यह समिति, तीन सदस्यों से अन्यून के एक दल में, जिसमें कम से कम एक महिला होगी और एक चिकित्सा अधिकारी होगा, आबंटित क्षेत्रों मे तीन मास में कम से कम एक बार बालक रखने वाले सुविधा तंत्रों का आज्ञापक रूप से निरीक्षण करेंगी और उनके निरीक्षण के एक सप्ताह के भीतर ऐसे निरीक्षण के निष्कर्षों की रिपोर्ट अग्रिम कार्रवाई के लिए, यथास्थिति, जिला बाल संरक्षण ईकाई या राज्य सरकार को प्रस्तुत करेंगी.
4. राज्य निरीक्षण समिति किशोर न्याय (बालकों की देखरेख और संरक्षण) संशोधित अधिनियम 2021 की धारा 2 की उपधारा (21) में यथापरिभाषित बाल देखरेख संस्थाओं का प्रारूप 46 में निरीक्षण करेगी.
5 राज्य निरीक्षण समिति यह तय करने के लिए कि संस्था देखभाल और संरक्षण के जरूरतमंद बालकों के लिए है, संस्था में रहने वाले बालकों का यादृच्छिक निरीक्षण करेगी.
6. बालकों का कल्याण सुनिश्चित करने तथा उनकी प्रतिक्रिया प्राप्त करने के लिए संस्थाओं के भ्रमण के दौरान राज्य निरीक्षण समिति उनसे बातचीत करेगी.
7. राज्य निरीक्षण समिति अधिनियम के कार्यान्वयन के लिए विभाग के सचिव को रिपोर्ट भेजेगी.
8. राज्य निरीक्षण समिति अधिनियम के उपबंधों तथा इसके अधीन बनाए गए, नियमों के अनुसार बाल देखरेख संस्थाओं में सुधार और विकास के लिए अनुशंसाएं करेगी तथा इसे उपयुक्त कार्यवाही के लिए राज्य बाल संरक्षण समिति अथवा जिला बाल संरक्षण इकाई को भेजेगी.
छत्तीसगढ़ के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार,
पोषण चन्द्राकर, विशेष सचिव.